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दिव्यांग दिवस पर अजय को मिली मोटराईज्ड ट्राईसिकिल -सफलता की कहानी

 सिंगरौली दिव्यांग जनों को चलने फिरने में किसी भी तरह की असुविधा का सामना नही करना पड़े, इस उद्देश्य से दिव्यांग जनों को सामाजिक न्याय विभाग व्दारा मोटराईज्ड ट्रायसिकिल वितरित की जाती है । विश्व दिव्यांग जन दिवस के अवसर पर राजमाता चूनकुमारी स्टेडियम बैढ़न में आयोजित कार्यक्रम में अजय कुमार को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती राधा सिंह सहित अन्य जन प्रतिनिधियों के द्वारा दिव्यांग जनो को ट्राईसायकल का वितरण किया गया। इस अवसर पर दिव्यांग अजय ने बताया कि  पहले मुझे अपने काम करने में  काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था । अब  मोटराईज्ड ट्रायसिकिल मिल जाने पर मुझे आने  जाने में होने वाली असुविधा से मुक्ति मिल जाएगी । मोटराईज्ड ट्राईसिकिल के साथ हेलमेट भी प्रदान किया गया । जिसका उपयोग ट्रायसिकिल चलाते समय करेंगे । इसके लिए मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव तथा जिला प्रशासन सिंगरौली को धन्यवाद ज्ञापित करता हूं।

बिजली चोरी में एक आरोपी को दो वर्ष कारावास सहित 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माना

बिजली चोरी के पॉंच मामलों में अर्थदंड की सजा  बिजली चोरी के मामलों में दोष सिद्ध होने पर पॉंच आरोपियों को अर्थदंड सहित एक आरोपी को 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माना की सजा सुनाई बिजली चोरी में एक आरोपी को दो वर्ष कारावास सहित 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माना भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के दतिया, बैतूल एवं सबलगढ़ में विशेष न्‍यायाधीश विद्युत अधिनियम एवं जिला न्‍यायालय द्वारा बिजली चोरी के मामलों में दोष सिद्ध होने पर पॉंच आरोपियों को अर्थदंड सहित एक आरोपी को 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माना की सजा सुनाई है। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा दतिया वृत्‍त अंतर्गत चेकिंग के दौरान दिनेश साहू आत्‍मज सुरेश साहू द्वारा उनकी राइस मिल में स्‍थापित कनेक्‍शन के मीटर को बायपास कर विद्युत चोरी पकड़ते हुए माननीय न्‍यायायल के समक्ष परिवाद दायर किया गया था। इस पर विशेष न्‍यायाधीश विद्युत अधिनियम दतिया सुदीप कुमार श्रीवास्‍तव द्वारा दोष सिद्ध पाए जाने पर आरोपी दिनेश साहू को दो वर्ष की सजा एवं 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। बैतूल वृत्‍त के मुलताई ग्रामीण वितरण केन्‍द्र अंतर्गत विनोदीलाल कवड़े द्वारा अपने परिसर में स्‍थापित घरेलू कनेक्‍शन के मीटर को बायपास कर विद्युत चोरी के मामले में विशेष न्‍यायाधीश विद्युत अधिनियम मुलताई जिला बैतूल पंकज चतुर्वेदी द्वारा आरोपी विेनादीलाल कवड़े के विरूद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत दोष सिद्ध पाए जाने पर वित्‍तीय लाभ का तीन गुना 22 हजार 071 रूपये का जुर्माना तथा अदायगी नहीं करने पर चार माह की सजा सुनाई है। इसी तरह सबलगढ़ अंतर्गत बिजली चोरी के मामलों में माननीय न्‍यायालय द्वितीय अति सत्र न्‍यायाधीश उपेन्‍द्र देशवाल द्वारा तीन आरोपियों को तीन गुना जुर्माना तथा अदायगी नहीं करने पर चार माह की सजा सुनाई है। इन तीन मामलों के आरोपियों में सोनू कुशवाह को 6 हजार 848 रूपये, वीरेन्‍द्र कुशवाह को 7 हजार 188 रूपये एवं राजेश कुशवाह को 7 हजार 698 रूपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में सभी आम लोगों से आग्रह किया गया है कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। अनधिकृत या अवैध रूप से बिजली चोरी दण्डनीय अपराध है तथा इसमें जुर्माना और कारावास का भी प्रावधान है।  

रेत कंपनी अनूपपुर ने बांटे दीन दुखियों को कंबल

अनूपपुर नगर के प्रतिष्ठित ओम प्रकाश सोनी जी ने जारी प्रेस नोट पर बताया कि रेत कंपनी ऐसोसियेटेड कॉमर्स अनूपपुर के द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में जगह-जगह पहुंचकर दीनदुखियों को कंबल-वितरित किया गया। साथ ही इसके पूर्व स्कूलों में पहुंचकर बैग,सिलेक्ट,बत्ती व किताबें असहाय दीन दुखियों लोगों को प्रदाय किया गया।कंपनी द्वारा एक बहुत अच्छा और सराहनी पल रहा।जो दीन दुखियों को अच्छी क्वालिटी का कंबल वितरित किया गया।इसके पूर्व भी इन्होंने बच्चों को बैग सहित किताबें को स्कूलों में जाकर वितरित किया गया था,जिसकी चर्चा क्षेत्र में जन चर्चा का विषय बनाया और समाज में एक जागरूकता संदेश दिया।कंपनी को भी इस कार्य के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है।इसी तरह दीन दुखियों के लिए आगे बढ़कर कार्य करेगी।ऐसी आशा के साथ धन्यवाद किया

प्रक्रिया में तेजी लाने और पारदर्शिता के लिये टेक्नोलॉजी का करें प्रयोग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

छात्रों और स्वास्थ्य सेवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल मध्यप्रदेश फार्मेसी, पैरामेडिकल और नर्सिंग काउंसिल की हुई समीक्षा मान्यता और परीक्षाओं के संचालन की कार्यवाही शीघ्रता से पूर्ण करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल प्रक्रिया में तेजी लाने और पारदर्शिता के लिये टेक्नोलॉजी का करें प्रयोग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश फार्मेसी, पैरामेडिकल और नर्सिंग काउंसिल की समीक्षा की। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण, परिषदों की कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर विस्तार से चर्चा की। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता और गति के साथ पूरी हों, जिससे छात्रों और स्वास्थ्य सेवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके। प्रक्रिया में तेजी लाने के लिये टेक्नोलॉजी का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए पारदर्शिता, गति और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बैठक में परिषदों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सुटेबल कॉलेजों में भर्ती प्रक्रिया के लिए 15 दिसंबर तक पूर्ण करें कार्रवाई नर्सिंग काउंसिल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 468 आवेदक संस्थानों में से 202 मापदण्डों अनुसार सुटेबल हैं जांच पूरी हो चुकी है, जबकि 97 संस्थान डेफिशिएंट हैं। मानकों की कमी के कारण प्रक्रिया लंबित है। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि लंबित संस्थानों की समीक्षा शीघ्र पूरी की जाए। मापदंडों अनुसार सुटेबल पाए गये कॉलेज में नर्सिंग छात्रों की भर्ती प्रक्रिया के  लिए आवश्यक कार्रवाई 15 दिसंबर तक पूर्ण करें। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अस्पतालों में बेड आवंटन और मान्यता प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने के लिए अधिकारियों को तैयार रहने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में नर्सिंग कोर्स के विद्यार्थियों की परीक्षाओं के संचालन कैलेंडर की वृहद् समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के प्रति संवेदनशील है। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश से छूट मिलने के बाद उप मुख्यमंत्री शुक्ल के निर्देशानुसार नर्सिंग के विभिन्न कोर्स के छात्रों की परीक्षाओं के संचालन का कैलेंडर तैयार किया गया है और परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। इससे नर्सिंग के विभिन्न कोर्सेज के 90 हज़ार विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। नर्सिंग के विभिन्न कोर्सेज के 47 हज़ार से अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षाएँ हो चुकी हैं आयोजित उप मुख्यमंत्री शुक्ल के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश नर्सिंग काउंसिल द्वारा विभिन्न नर्सिंग पाठ्यक्रमों की लंबित परीक्षाएँ आयोजित की गयी हैं। जिनमें 47 हज़ार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए हैं। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि शेष लंबित परीक्षाओं को शीघ्र आयोजित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता बनी रहे, ताकि छात्रों का शैक्षणिक कैलेंडर बाधित न हो। मई 2024 में बी.एससी. नर्सिंग प्रथम वर्ष (शैक्षणिक सत्र 2020-21) की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 15,787 छात्र सम्मिलित हुए। इसी अवधि में पी.बी.बी.एससी. नर्सिंग प्रथम वर्ष (2020-21 सत्र) की परीक्षा भी आयोजित की गई थी, जिसमें 4,601 छात्र परीक्षा में सम्मिलित हुए। इसके अतिरिक्त, एम.एससी. नर्सिंग प्रथम वर्ष (2020-21 सत्र) की परीक्षा में 1,612 छात्रों ने भाग लिया। इसी तरह बी.एससी. नर्सिंग तृतीय वर्ष (2019-20 सत्र) की परीक्षा भी मई 2024 में संपन्न हुई, जिसमें 8,793 छात्रों ने परीक्षा दी। सितंबर 2024 में बी.एससी. नर्सिंग प्रथम वर्ष (2021-22 सत्र) की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 13,106 छात्रों ने भाग लिया। इसी सत्र की पी.बी.बी.एससी. नर्सिंग प्रथम वर्ष की परीक्षा में 2,980 छात्र शामिल हुए। एम.एससी. नर्सिंग प्रथम वर्ष (2021-22 सत्र) की परीक्षा भी सितंबर 2024 में आयोजित की गई, जिसमें 1,066 छात्रों ने परीक्षा दी। सत्यापन प्रक्रिया के समयबद्ध निराकरण में शिक्षण संस्थानों की जवाबदेही करें सुनिश्चित फार्मेसी काउंसिल की समीक्षा में बताया गया कि राज्य में वर्तमान में 327 संस्थान फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) से मान्यता प्राप्त हैं। प्रतिवर्ष लगभग 25,000 फार्मासिस्ट (डिप्लोमा और डिग्री) का पंजीकरण किया जाता है। काउंसिल के कार्यों में नए पंजीकरण, पंजीकरण का नवीनीकरण, डुप्लीकेट पंजीकरण जारी करना, अन्य राज्यों में कार्य के लिए एनओसी जारी करना और फार्मासिस्ट डेटा प्रबंधन शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने लंबित पंजीकरणों की स्थिति की समीक्षा की और सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने के लिए ऑनलाइन प्रणाली को सशक्त बनाने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सत्यापन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और व्यक्तिगत हस्तक्षेप को कम करते हुए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल किया जाए। साथ ही सत्यापन प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण हो इसके लिए शिक्षण संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये। पैरामेडिकल काउंसिल की समीक्षा में परीक्षा परिणाम और मान्यता संबंधित प्रक्रियाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि किसी भी प्रकार की देरी छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, इसलिए इन प्रक्रियाओं को शीघ्र और प्रभावी रूप से पूरा किया जाए।  

महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के मामले में समाधान के लिए लोक अधिकार केंद्र, वन स्टॉप सेंटर और ऊर्जा डेस्क के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता : मंत्री सुश्री भूरिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान “हम होंगे क़ामयाब” 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलाया जा रहा है इस अभियान के तहत पूरे प्रदेश में विभिन्न विषयों पर आधारित जनजागरूकता कार्यक्रम हो रहे है। बुधवार को आयोजित कार्यक्रम महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के मामले में समाधान के लिए लोक अधिकार केंद्र, वन स्टॉप सेंटर और ऊर्जा ड्रेस के मध्य समन्वय कार्य विषय पर केन्द्रित रहा। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के मामलों में त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए लोक अधिकार केंद्र ,वन स्टॉप सेंटर और ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क के बीच समन्वय अत्यन्त महत्वपूर्ण है। समन्वित प्रयासों से इन मामलों में अधिक त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित कर सकेंगे। इससे महिलाओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और हिंसा से पीड़ित महिलाओं को तुरंत सहायता मिल सकेगी, जिससे उनकी सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। समन्वित प्रयासों का उद्देश्य लोक अधिकार केंद्रों की कार्यप्रणाली में बदलाव के तहत, एकल केंद्रों को बढ़ाया जाना, जो महिलाओं को हिंसा के मामलों में अस्थायी आश्रय, कानूनी सहायता, चिकित्सा सेवाएं और परामर्श जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं। साथ ही, ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क के सहयोग से महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में तेज़ और संगठित प्रतिक्रिया प्रदान की जाएगी। 1. लोक अधिकार केंद्र से भेजे गए मामलों को महिला एवं बाल विकास विभाग के MIS सिस्टम में जोड़ा जा सकता है, जिससे मामलों का पंजीकरण और ट्रैकिंग आसान हो सकेगा। 2. वन स्टॉप सेंटर तक पहुंच बढ़ाने के लिए ग्रामीण महिलाओं को परिवहन सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। 3. लोक अधिकार केंद्रों में दर्ज मामलों में कानूनी, चिकित्सा और पुलिस सहायता का समन्वय किया जा सकता है। 4. महिलाओं के लिए परामर्श सेवाएं और सुरक्षा योजनाएं तैयार की जाएंगी। 5. दोनों विभाग संयुक्त रूप से महिलाओं के अधिकारों और लैंगिक हिंसा के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएंगे। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि समन्वित प्रयासों से महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में अधिक प्रभावी और त्वरित समाधान की उम्मीद है। इस पहल से महिला सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और हिंसा से पीड़ित महिलाओं को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। लोक अधिकार केंद्र, वन स्टॉप सेंटर और ऊर्जा डेस्क के बीच सहयोग महिलाओं की सुरक्षा और स्वशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

राज्य सरकार का 01 वर्ष – “जनकल्याण पर्व” के रूप में मनाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार का 01 वर्ष – “जनकल्याण पर्व” के रूप में मनाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 11 से 26 दिसंबर तक चलेगा विशेष अभियान महिला, किसान, युवाओं और गरीब कल्याण से जुड़े होंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन के 1 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे प्रदेश में 11 से 26 दिसंबर तक “जन कल्याण पर्व” मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत सभी जिलों में महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण सहित विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कार्यक्रमों के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई हैं। किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को, युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को, गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को और महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया को बनाया गया है। संबंधित मंत्रीगण पूरे प्रदेश में कार्यक्रम के आयोजित के संबंध में विस्तृत रूपरेखा तैयार कर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसंबर को भोपाल एवं सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा।  

संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में चार नए पाठ्यक्रम होंगे प्रारंभ

भोपाल भोपाल में स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क (GSP) में चार नए अत्याधुनिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया है। कौशल विकास और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल के मार्गदर्शन में इस परियोजना को नई दिशा दी जा रही है। इन पाठ्यक्रमों में साइबर एंड नेटवर्क सिक्युरिटी एनीमेशन – मोशन ग्राफिक, गेमिग टेक्नोलॉजी और एआर एंड वीआर शामिल हैं। इन सभी पाठ्यक्रमों के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों से लिया जाएगा। उपरोक्त कोर्सेज के संचालन के लिए कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं एमएसएमई मंत्री चेतन काश्यप की उपस्थिति में अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाएँगे। तकनीकी साझेदारी के लिए आईआईटी दिल्ली और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर को नॉलेज पार्टनर के रूप में चुना गया है। आईआईटी दिल्ली तीन पाठ्यक्रमों (एनीमेशन – मोशन ग्राफिक, टेक्नोलॉजी और एआर एंड वीआर) के लिए मार्गदर्शन देगा, जबकि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, साइबर और नेटवर्क सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि भारत का आईटी क्षेत्र सिंगापुर की तुलना में अधिक उन्नत और विशेषज्ञता से समृद्ध है। इसके अलावा, आईआईटी रोपड़ के साथ एक समझौता किया गया है, जिसके अंतर्गत ड्रोन टेक्नोलॉजी से संबंधित अल्पकालिक पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे। इनमें डीजीसीए सर्टिफाइड ड्रोन पायलट ट्रेनिंग, ड्रोन डाटा प्रोसेसिंग के लिए जीआईएस, ड्रोन एग्रीकल्चर, और ड्रोन निर्माण जैसे कोर्स शामिल होंगे। ये पाठ्यक्रम ग्लोबल स्किल्स पार्क के छात्रों के साथ-साथ बाहरी प्रतिभागियों के लिए भी उपलब्ध होंगे। मंत्री टेटवाल ने कहा कि यह पहल न केवल ग्लोबल स्किल्स पार्क को नई ऊंचाई पर ले जाएगी, बल्कि छात्रों को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी। भारत के आईटी क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय पहचान को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।  

दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना -राज्यपाल

व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट दिव्य शक्तियों का प्रदर्शन- राज्यपाल पटेल  खेल के दौरान दिव्यांग जन की दिव्य शक्तियों को प्रदर्शन का अवसर देना सराहनीय पहल – राज्यपाल पटेल  दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना -राज्यपाल राज्यपाल ने टूर्नामेंट का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि दिव्य शक्तियों के दर्शन और प्रदर्शन का अवसर व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट हैं। खेल के दौरान दिव्यांग जन की दिव्य शक्तियों को प्रदर्शन का अवसर देना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग करते है। बॉलिंग करते है। फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना है।उन लोगों को जो मामूली शारीरिक मानसिक चुनौतियों से निराश हो जाते है। उन्हें नई प्रेरणा और उत्साह मिलेगा। राज्यपाल पटेल उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित अस्थिबाधित महिला एवं पुरुष व्हील चेयर डे एण्ड नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग,सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय श्रीमती सोनाली वायंगणकर पोक्षे, आयुक्त रामाराव भोसले एवं खेल प्रेमी उपस्थित थे। प्रतियोगिता का आयोजन ओल्ड कैंपियन ग्राउंड मे किया गया था। खेलते रहने वाला ही होता है विजेता राज्यपाल पटेल ने कहा कि जीवन की सच्चाई है कि निरंतर प्रयास से ही परिणाम मिलते है। हारना-जीतना उतना मायने नहीं रखता है जितना निरंतर खेलते रहना। निरंतर खेलते रहने वाले ही विजेता होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को उनके उत्साह और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि खेल भावना से खेलते रहना ही विजेता बनने का तरीका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब वर्ष 2000 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। तभी से वे खेल और खिलाड़ियों के उन्नयन के लिए कार्य कर रहें है। देश में खेलों और खिलाड़ियों के प्रति नया वातावरण निर्मित हुआ है। इसी तरह मोदी ने दिव्यांगजन की शक्तियों को उन्नति और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए है। इसी क्रम में जनवरी माह में युवाओं का सम्मेलन हो रहा है, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से चयनित युवा शामिल होंगे। उन्होंने प्रतियोगिताओं के खिलाड़ियों और उपस्थित युवाओं आह्वान किया कि वह इन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर सम्मेलन में शामिल होने का प्रयास करें। राज्यपाल नियत अवधि से कार्यक्रम में आधे घन्टे अधिक रहे राज्यपाल पटेल अस्थिबाधित महिला एवं पुरुष व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में नियत अवधि से आधे घन्टे अधिक समय तक उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच खेले जा रहे क्रिकेट मैच में छत्तीसगढ़ की पुरूष टीम की बैटिंग के नियत 10 ओवरों में से छह ओवर तक के खेल का अवलोकन किया। खिलाड़ियों के मनोबल का उत्साह वर्धन किया। इससे पूर्व राज्यपाल पटेल ने क्रिकेट खेलकर खिलाड़ियों में जोश का संचार किया। प्रत्येक टीम के खिलाड़ियो के पास पहुंचकर उनका परिचय प्राप्त कर उन्हें उत्साहित किया। खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने दिखाया है कि जीतता वही है, जिसमें ज़िद और जज्बा होता। उन्होंने प्रतियोगिता आयोजकों को प्रतिवर्ष प्रतियोगिता में कुछ नया करने के प्रयासों की सराहना की। कहा कि सुखद है कि हर वर्ष जो नया किया जाता है वह भी किसी से कम नहीं होता है। यह बड़ी बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार ज्ञापित किया, जिन्होंने दिव्यांग-जनों के लिए संवेदनशीलता के साथ विकास और उन्नयन के कार्य किए है। साथ ही उनकी मानसिक और शारीरिक दिव्यता को उजागर किया है। उन्होंने प्रदेश के राज्यपाल पटेल के पालक भाव से अभिभूत होने की बात कही। राज्यपाल का सामाजिक सरोकारों में आगे रहने को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि सिकल सेल रोग उन्‍मूलन प्रयासों को आंदोलन का रूप राज्यपाल के प्रयासों से ही मिला है। सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजन कल्याण प्रयासों को व्यापक स्तर पर संचालित कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांग जन के लिए विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताएं ग्वालियर में आयोजित की गई। इससे पूर्व ग्वालियर में ही दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। उन्होंने बताया कि पैरा ओलम्पिक में मेडल विजेता दिव्यांग खिलाड़ियों को भी प्रदेश सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है। उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक श्रीमती दीप्ती पटवा ने प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी दी। बताया कि प्रतियोगिता में आठ राज्यों की दस टीमें शामिल हुई है। प्रतियोगिता में 180 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ी भाग ले रहे है। कार्यक्रम में निर्मला उपाध्याय के संयोजन में दिव्यांग बच्चों ने गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन और मैच की कॉमेन्ट्री विकास ने की।  

प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य के अनुरूप 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा की आपूर्ति नवकरणीय संसाधनों से होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेशवासियों को सस्ती व प्रदूषण मुक्त बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सौर तथा पवन ऊर्जा को प्रदेश में हर संभवन प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य के अनुरूप 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा की आपूर्ति नवकरणीय संसाधनों से होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप प्राथमिकता से लगाए जाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन तथा नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेशवासियों को सस्ती और प्रदूषण मुक्त बिजली उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सौर तथा पवन ऊर्जा सहित नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के सभी स्रोतों को प्रदेश में हर संभव प्रोत्साहन प्रदान किया जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत की आपूर्ति नवकरणीय ऊर्जा संसाधनों से करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में राज्य सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस क्षेत्र में निजी निवेशकों को भी हर संभव सहयोग दिया जाए। प्रधानमंत्री सूर्य घर तथा प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना से अधिक-से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए नगरीय निकायों, रहवासी संघों तथा कृषकों के साथ मिलकर अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में नवीन एवं नवीनकरणीय मंत्री राकेश शुक्ला, सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप , मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मनु श्रीवास्तव तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करना जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य की ऊर्जा का 41 प्रतिशत उपभोग किसानों द्वारा किया जाता है। किसान दिन के समय बिजली का उपभोग कर सकें, इस उद्देश्य से सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करना जरूरी है। उन्होंने सभी शासकीय भवनों पर मिशन मोड में सोलर रूफटॉप स्थापित करने के लिए समय- सीमा निर्धानित करते हुए समन्वित रूप से कार्य योजना लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय,स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग भवनों पर भी सोलर रूफटॉप प्राथमिकता से लगाए जाएं। इससे इन विभागों की इकाइयों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में 14 गुना वृद्धि हुई बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में पिछले बारह वर्षों में 14 गुना वृद्धि हुई है। वर्तमान में सौर ऊर्जा की प्रति उत्पादन दर प्रति यूनिट दो रुपए 50 पैसे लगभग आ रही है, जो कोयला आधारित ऊर्जा से तुलनात्मक रूप से किफायती है। सौर ऊर्जा के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुरैना, आगर, धार, अशोकनगर, शिवपुरी, सागर इत्यादि में सौर पार्क स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। आगर, शाजापुर और नीमच की नवकरणीय सौर ऊर्जा परियोजनाएं तथा ओंकारेश्वर स्थित विश्व की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सौर परियोजना तैयार हो चुकी हैं। मुरैना में हाई ब्रिड वृहद नवकरणीय ऊर्जा परियोजना भी निर्माणाधीन है। इसके प्रथम चरण में सुबह और शाम के पीक समय के दौरान प्रदेश को सुनिश्चित आपूर्ति के लिए 600 मेगावाट सोलर के साथ ही स्टोरेज की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 2027 तक पूर्ण होगी। ऊर्जा भण्डारण के लिए भी जारी है पहल बैठक में कुसुम योजना की प्रगति के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि परियोजना के वित्त पोषण के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है। साथ ही इंडो-जर्मन सोलर एनर्जी पार्टनरशीप-एनोवेटिव सोलर भी निष्पादित किया गया। प्रदेश में उज्जैन, आगर, धार, रतलाम और मंदसौर में पवन ऊर्जा पार्क विकसित करने के लिए भूमि चिन्हित की गई है। नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास में नगरीय विकास एवं आवास, जल संसाधन और मध्यप्रदेश जनरेशन कम्पनी का सहायोग लिया जा रहा है। ऊर्जा भण्डारण परियोजनाओं के लिए भी राज्य सरकार पहल कर रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से परमवीर चक्र विजेता योगेन्द्र सिंह यादव ने भेंट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आज मंत्रालय में परमवीर चक्र विजेता, कारगिल युद्ध में टाइगर हिल के हीरो योगेन्द्र सिंह यादव ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगेन्द्र सिंह यादव को अंगवस्त्रम और सांची की प्रतिमा भेंट कर अभिनंदन किया।  

कूनो नेशनल पार्क में अब पर्यटकों को हो सकेंगे दीदार, बाड़े से आजाद हुए चीते, अग्नि और वायु को जंगल में छोड़ा

श्योपुर लंबे इंतजार के बाद कूनो नेशनल पार्क के बाड़े में रखे गए चीतों में से दो चीते अग्नि और वायु को बुधवार को जंगल में छोड़ दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर विशेषज्ञों ने जंगल में उनेक विचरण, सुरक्षा, भोजन आदि को लेकर अंतिम चर्चा के बाद यह निर्णय लिया। बाड़े में कुल 12 चीते और 12 शावक हैं, जिसमें से एक मादा शावक मुखी पौने दो साल का होने के साथ पूर्ण वयस्क हो चुकी है। इसके साथ ही जल्दी ही जंगल में और चीते छोड़े जाने की संभावना बढ़ गई है। अगले दो-तीन दिन में दो और चीते छोड़े जा सकते हैं। सिंह परियोजना के निदेशक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान के पारोंद वन क्षेत्र में चीते छोड़े गए हैं। यह क्षेत्र अहेरा पर्यटन क्षेत्र का हिस्सा है। ऐसे में पर्यटकों को सफारी के दौरान चीतों को देखने का अवसर मिल सकता है। पवन ने बार-बार लांघी कूनो की सीमाएं कूनो नेशनल पार्क में 17 सिंतबर 2022 को नामीबिया से लाए जाने के बाद पवन चीता को सबसे पहले 21 मार्च 2023 को जंगल में छोड़ा था। बार-बार कूनो की सीमा लांघकर कभी शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क तो कभी यूपी की सीमा तक जाने के बाद उसे ट्रैंकुलाइज कर वापस लाकर बाड़े में बंद करने पड़ा था। पिछले साल नौ चीतों को जंगल में छोड़ा अग्नि-वायु, गौरव-शौर्य, आशा, वीरा सहित कुल नौ चीतों को जंगल में छोड़ा जा चुका है। पिछले साल जुलाई और अगस्त में कुछ चीतों की मौत व संक्रमण के मामले सामने आने के बाद सभी चीतों को वापस बाड़े में बंद कर दिया था। बरसाती नाले में एक की डूबने से हुई थी मौत छह माह पहले पवन व वीरा चीता का जोड़ा जंगल में छोड़ा था। वीरा के मुरैना व ग्वालियर क्षेत्र तक आकर ग्रामीणों के पशुओं के शिकार करने के बाद वापस बाड़े में ले जाना पड़ा था। पवन की बरसाती नाले में डूबकर मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही सभी चीतों बाड़े में ही बंद थे। अग्नि और वायु उम्र में अधिक बड़े और मजबूत चीतों में से हैं, इसलिए पहले इन्हे छोड़ा है।

महाकाल मंदिर के पुजारी को देवेंद्र फड़नवीस ने खुद भेजा महाराष्ट्र में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण

उज्जैन महाराष्ट्र में कल शाम को 5 बजे नए मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा आज हो सकती है। इन सबके बीच भाजपा के देवेंद्र फड़नवीस का नाम मुख्यमंत्री के लिए तय माना जा रहा है। देवेंद्र फड़नवीस ने महाकाल मंदिर के पुजारी को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। महाकाल मंदिर के पुजारी आशीष शर्मा ने बताया कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने खुद उन्हें महाराष्ट्र में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा है। मुंबई आने-जाने और ठहरने का प्रबंध भी किया है। आशीष पुजारी ने बताया कि वे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आज शाम को मुंबई के लिए रवाना होंगे। वे अपने साथ महाकाल का प्रसाद, दुपट्टा और रुद्राक्ष की माला ले जाएंगे और भावी मुख्यमंत्री को भेंट करेंगे। महाकाल के परम भक्त हैं फडणवीस आशीष पुजारी ने बताया कि देवेंद्र फडणवीस महाकाल के परम भक्त हैं। पिछली बार जब वे मुख्यमंत्री बने थे, तब महाकाल मंदिर के दर्शन करने और आशीर्वाद लेने आए थे। उसके बाद में भी वे लगातार भगवान महाकाल के दर्शन करने आते रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को शाम 5 बजे मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित किया जाएगा। मंत्रिमंडल का गठन बाद में होगा महाराष्ट्र में गुरुवार शाम को 5 बजे नए मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। अभी देवेंद्र फडणीस के साथ ही एकनाथ शिंदे और अजित पवार ही शपथ लेंगे। मंत्रिमंडल का गठन बाद में दिया जाएगा। पहले कहा गया था कि कुछ विधायक भी शपथ ले सके हैं।

IIT Indore की तकनीक फसलों और सब्जियों को लंबे समय तक ताजा और सुरक्षित रखने के लिए गेमचेंजर साबित होगी

 इंदौर आईआईटी इंदौर ने छोटे और मध्यम किसानों की फसल सुरक्षा के लिए एक अनूठी और सस्ती स्मार्ट स्टोरेज तकनीक विकसित की है, जो किसानों को महंगे कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता से मुक्त कर सकती है। यह तकनीक विशेष रूप से उन किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो अपनी फसल को सुरक्षित रखने के लिए बड़े और महंगे कोल्ड स्टोरेज का खर्च नहीं उठा सकते। “चलो गांव की ओर” अभियान के अंतर्गत विकसित यह स्मार्ट स्टोरेज तकनीक किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो सकती है। आईआईटी इंदौर ने दावा किया है कि यह तकनीक फसलों और सब्जियों को लंबे समय तक ताजा और सुरक्षित रखने के लिए गेमचेंजर साबित होगी। इसका उपयोग छोटे किसानों द्वारा घर के एक कमरे में आसानी से किया जा सकता है। इस स्मार्ट स्टोरेज सिस्टम को 10 बाय 10 फीट के छोटे से कमरे में फिट करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे यह तकनीक कम जगह में भी प्रभावी रूप से काम कर सके। यह न केवल फसल और सब्जियों को संरक्षित रखने में मदद करेगा, बल्कि इनकी गुणवत्ता को भी लंबे समय तक बनाए रखेगा। इस तकनीक की खासियत यह है कि यह फोटोडायनामिक इनेक्टिवेशन (PDI) तकनीक पर आधारित है। इसमें 455 और 476 एनएम के प्रभावी वेवलेंथ पर फोटोसेंसिटाइजर और फ्लैश लाइट के साथ विटामिन बी-2 स्प्रे का उपयोग किया गया है। यह संयोजन खाद्य पदार्थों पर मौजूद कीटाणु और रोगाणुओं को पूरी तरह से नष्ट कर देता है, जिससे फसल और सब्जियों को किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाया जा सकता है। आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने इस तकनीक की सराहना करते हुए कहा कि यह कोल्ड स्टोरेज का एक उत्कृष्ट और किफायती विकल्प है। इस तकनीक का आविष्कार प्रोफेसर देबायन सरकार के नेतृत्व में किया गया है, जिसमें छात्र नीलाद्रि शेखर रॉय ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि किसान अपने घर के किसी एक कमरे में ही इसे स्थापित कर सकते हैं। यह स्मार्ट स्टोरेज सिस्टम बड़ी मात्रा में सब्जियों और फलों को संरक्षित रखने में सक्षम है। यह न केवल फसलों को लंबे समय तक ताजा बनाए रखता है, बल्कि साग-सब्जियों की गुणवत्ता को भी बनाए रखने में मदद करता है। इस सिस्टम में लगाए गए कैमरे की मदद से किसान स्टोरेज में रखे उत्पादों पर नजर रख सकते हैं। आईआईटी इंदौर की यह पहल विशेष रूप से देश के छोटे और गरीब किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। अक्सर किसान अपनी फसल को महंगे कोल्ड स्टोरेज में रखने में असमर्थ होते हैं, जिसके कारण उनकी फसल खराब हो जाती है और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। यह नई तकनीक ऐसे किसानों को एक किफायती और प्रभावी समाधान प्रदान करती है। इसके उपयोग से किसान अपनी फसल को सुरक्षित रखकर बेहतर मुनाफा कमा सकेंगे। इस तकनीक की एक और बड़ी विशेषता यह है कि इसे ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यह न केवल छोटे और मध्यम किसानों के लिए मददगार है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर कृषि उत्पादन को भी बेहतर बनाएगी। आईआईटी इंदौर के इस नवाचार से न केवल किसानों का खर्च कम होगा, बल्कि उनकी आय भी बढ़ेगी।    

सतना जिले में जिले में सिंचाई की पानी की आपूर्ति के लिए चार नए बांध बनाने के लिए सर्वे प्रक्रिया का काम जल्द शुरू

सतना सतना जिले में जिले में सिंचाई की पानी की आपूर्ति के लिए चार नए बांध बनाने के लिए सर्वे प्रक्रिया का काम जल्द शुरू होने जा रहा है. नए बांध के जरिए जिले के 3 हजार हेक्टेर कृषि भूमि को सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिले में चार नए बांधों के निर्माण की रुपरेखा तैयार की जा रही है. जल संसाधन विभाग अवर सचिव के निर्देश पर जिले में चार नए बांध के निर्माण के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है. प्राथमिक तौर पर रैगांव विधानसभा क्षेत्र के बालकुंड़ चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के कंदर, नरदहा और गहबर इलाके में बांध निर्माण करने का सर्वे किया जाएगा. चार महीने के अंदर सर्वे पूरा करके पेश करना होगा रिपोर्ट जिले चार नए बांध निर्माण के लिए चार महीने के अंदर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है. इसके बाद बांधों का डीपीआर तैयार किया जाएगा. वहीं, जल संसाधन संभाग सतना को संबंधित योजनाओं का सर्वे करवाए जाने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शिका जारी की गई है.  रैगांव विधानसभा क्षेत्र के बालकुंड में होगा बांधों का निर्माण जानकारी के मुताबिक शासन के स्वीकृत के अनुसार विधानसभा क्षेत्र चित्रकूट के अंतर्गत कंदर, नरदहा और गहबर में जबकि रैगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बालकुंड में बांधों का निर्माण किया जाएगा. इन चारों योजनाओं के निर्माण पर करीब 102 करोड़ रुपए खर्च होने और लगभग 3 हजार हेक्टेयर की सिंचाई होने का लक्ष्य प्रस्तावित है. बालकुंड से लगभग 355 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का खर्च 12.39 करोड़ रुपए होगा.कंदर बांध से 888 हेक्टेयर रकबे के लिए 27.95 करोड़, नरदहा के 1120 हेक्टेयर सिंचाई के लिए 37.10 करोड़ और गहबर से लगभग 724 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए 24.85 करोड़ खर्च आएगा. सतना में चार नए बांध निर्माण के लिए विधायकों ने की थी पहल बताया जा रहा है कि योजनाओं के प्रस्ताव शासन स्तर पर काफी समय से लंबित हैं, जिसके लिए आवश्यक मंजूरी के लिए राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और चित्रकूट क्षेत्र के लिए विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की 3 सिंचाई योजनाओं को शासन से मंजूरी दिलाए जाने की मांग रखी थी. चारों बांध के निर्माण पर आएगा करीब 102 करोड़ रुपए खर्च बालकुंड से लगभग 355 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य है, जिसकाखर्च 1 2.39 करोड़ रुपए होगा. वहीं, कंदर बांध से 888 हेक्टेयर रकबे के लिए निर्माण खर्च 27.95 करोड़, नरदहा के 1120 हेक्टेयर सिंचाई के लिए 37.10 करोड़ और गहबर से लगभग 724 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए बांध निर्माण पर  24.85 करोड़ आएगा.

जैविक खेती के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले नायक राहुल कुमार वसूले, आज एक प्रगतिशील कृषक हैं

भोपाल छिंदवाड़ा जिले के खजरी गांव के राहुल कुमार वसूले आज एक प्रगतिशील कृषक हैं। इसके साथ-साथ वे जैविक खेती के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले नायक भी हैं। कभी 15 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर नौकरी करने वाले राहुल ने इंजीनियरिंग और प्रबंधन की पढ़ाई करने के बाद पावर प्लांट में कार्य किया। लेकिन परिवार के स्वास्थ्य पर रसायनिक खेती के दुष्प्रभावों को देखकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी और जैविक व प्राकृतिक खेती की राह चुनी। बी.टेक और एम.बी.ए. की शिक्षा लेने के बाद राहुल ने लगभग 15 वर्षों तक पॉवर प्लांट में कार्य किया, लेकिन अपने पिता और पुत्र को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में खोने के बाद उन्होंने महसूस किया कि इन समस्याओं की मूल जड़ रासायनिक खेती से पैदा हुआ अनाज और सब्जियां हैं। इस गहरी सोच के बाद उन्होंने वर्ष 2018 में अपनी नौकरी छोड़कर जैविक खेती करने का फैसला किया। जैविक खेती को समझने और इसे प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए राहुल ने राज्य सरकार की मदद से देश के विभिन्न संस्थानों और वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन लिया। उन्होंने जीवामृत, घनजीवामृत, केंचुआ खाद और नीमास्त्र जैसे जैविक उत्पाद तैयार करना सीखा। साथ ही इज़राइल की तकनीक से संरक्षित खेती और मशरूम उत्पादन जैसे आधुनिक तरीके भी अपनाये। राहुल की प्रगतिशीलता से उन्हें 1 से 3 दिसंबर 2024 तक पूसा, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें ‘मिलेनियर फॉर्मर ऑफ इंडिया 2024’ जैसे प्रतिष्ठित नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 2022 में आगरा में उन्हें जैविक इंडिया अवार्ड मिला। वर्ष 2023 में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में गौ आधारित जैविक कृषि अवार्ड में भी राहुल को सम्मानित किया गया। जैविक खेती का मॉडल राहुल के पास 10 एकड़ भूमि है, जहां वे गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, चना, मूंग, और सब्जियों की खेती करते हैं। उन्होंने प्राकृतिक खाद और जैविक तरीकों का उपयोग कर अपनी उपज की गुणवत्ता को बेहतर बनाया। इसके अलावा वे दुग्ध और मशरूम उत्पादन भी कर रहे हैं। राहुल की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है “रसायनमुक्त नवरत्न आटा,” जिसमें ज्वार, बाजरा, रागी, मूंग, काला गेहूं और अन्य अनाज भी शामिल हैं। यह आटा उनके जैविक प्र-संस्करण यूनिट में तैयार होता है, जो ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस यूनिट से क्षेत्र के 50 से अधिक जरूरतमंद लोगों को रोजगार भी मिला है। राहुल पहले 15 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी कर रहे थे, अब खेती करने के बाद उनका का वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है। उनके उत्पाद गुरुग्राम, नोएडा, पुणे, मुंबई जैसे शहरों तक भेजे जा रहे हैं। राहुल ने “श्रीराम जैविक कृषक समूह” की स्थापना की, जिससे 600 से अधिक किसान जुड़े हैं। वे सभी किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करते हैं और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाते हैं। उनकी सफलता ने आसपास के किसानों को भी रसायनमुक्त खेती की ओर मोड़ दिया है। अपनी सफलता से प्रफुल्लित होकर राहुल कहते हैं कि सही सोच और मेहनत से हम न केवल अपनी, बल्कि समाज की दिशा भी बदल सकते हैं। वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुए कहते हैं कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों की वजह से ही वे आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं।  

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