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आईफोन 15 प्रो को डिस्काउंट पर खरीदें: ऑनलाइन ऑर्डर फ्लिपकार्ट

iPhone खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो यह सबसे सही समय है क्योंकि इसकी सेल की शुरुआत हो चुकी है। सेल में आपको ये फोन 65 हजार रुपए तक सस्ता मिल सकता है। अगर आप भी इसे खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो यह सबसे अच्छा समय साबित हो सकता है। तो चलिए इस फोन पर चल रहे डिस्काउंट ऑफर्स के बारे में आपको बताते हैं- iPhone 15 Pro की MRP 1,44,900 रुपए है और आप इसे 10% की छूट के बाद 1,29,900 रुपए में खरीद सकते हैं। साथ ही कई बैंक ऑफर्स भी मिल रहे हैं। फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक कार्ड से पेमेंट करने पर अलग से डिस्काउंट मिल सकता है। इसके अलावा आपको सबसे भारी छूट एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला है। iPhone 15 Pro में आपको पुराना फोन वापस करने पर अलग से छूट मिल सकती है। पुराने फोन देने पर 50 हजार रुपए की छूट मिल सकती है। अगर ये डिस्काउंट आपको मिल जाता है तो फोन 65 हजार रुपए सस्ता मिल सकता है। ऐसे में आपके लिए ये डील काफी दिलचस्प साबित हो सकती है। आप भी इसे आज ही ऑर्डर कर सकते हैं। खासकर ऐसे ऐप्स जो बेहतरीन कैमरे वाले स्मार्टफोन सर्च कर रहे हैं। उनके लिए यह फोन काफी अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। आप भी इसे अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा दिया गया है और डिजाइन पर भी कंपनी ने काफी काम किया है।

अमला: विटामिन सी से भरपूर फल के 10 अद्भुत फायदे

आंवला सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। विटामिन सी का समृद्ध स्रोत होने के अलावा यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है। इसके सेवन से शरीर में संक्रमण और कई तरह की बीमारियों से बचाव रहता है। स्वाद में खट्टा आंवला एक ऐसा फल है, जो खाने से सेहत तो ठीक रहता ही है, बाल और त्वचा संबंधी समस्याओं से भी छुटकारा दिलाता है। ‘कपिल त्यागी आयुर्वेद क्लिनिक’ के संचालक कपिल त्यागी के अनुसार, इसे भारतीय करौंदा भी कहा जाता है। इसके औषधीय गुणों को आयुर्वेद में सदियों से इस्तेमाल करते हुए कई बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जा रहा है। नियमित रूप से सेवन करने से इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने से लेकर हर तरह के रोगों से बचने, कोलेस्ट्रॉल कम करने, दिल को स्वस्थ रखने, बीपी और ब्लड शुगर मैनेज करने आदि में फायदे मिलते हैं। इम्यूनिटी बूस्ट करे आंवला विटामिन सी का पावर हाउस है। यही बात यह एक बेहतर इम्यूनिटी बूस्टर है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को बाहर निकालते हैं, जिससे शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है। क्रोनिक डिजीज का जोखिम कम करे शोध में यह बात सामने आई है कि आंवले के नियमित सेवन से न केवल इम्यूनिटी बूस्ट होती है, बल्कि यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से जुड़ी क्रोनिक डिजीज के खतरे को भी कम करता है। कोलेस्ट्रॉल कम करे यह एलडीएल स्तर और ट्राइग्लिसराइड्स को कम कर सकता है। इतना ही नहीं एचडीएल प्रोफाइल को बढ़ाने के अलावा यह लिपिड प्रोफाइल को बनाए रखने में भी सक्षम है। आप रोजाना आंवला खाने से एथेरोस्क्लेरोसिस से बच सकते हैं। कब्ज़ से राहत दिलाए आंवला एक डाइजेस्टिव टॉनिक है। नियमित रूप से इसके सेवन से गैस की समस्या दूर होती है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज और सूजन से राहत के लिए मल त्याग को आसान बनाता है। बालों को बढ़ने दे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण इसका उपयोग त्वचा और बालों से जुड़ी समस्याओं के लिए भी होता है। यह आपके आहार में शामिल करने से न केवल बालों को पूरा करता है, बल्कि ये समय से पहले सफेद होने से भी बच जाते हैं। आंवले का पानी पीने के कई फायदे हैं डायबिटीज में सहायक डायबिटीज के लिए आंवले का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। उत्साहित, इसमें क्रोमियम की उपस्थिति ब्लड शुगर में हो रही प्रतिक्रिया-दर-नियंत्रण करती है। इतना ही नहीं आंवला में मौजूदा पॉलीफेनॉल्स संगीत को मैनेज करना आसान बना देते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर: पहले लक्षण और बचाव के उपाय

भारत में युवा पुरुषों में उच्च रक्तचाप एक व्यापक लेकिन अक्सर होने वाली समस्या है जिस पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। यह एक साइलेंट बीमारी है, लेकिन अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। यह स्टोर उच्च रक्तचाप के प्रारंभिक पता लगाने और नियंत्रण के महत्व पर बल देता है ताकि युवा पुरुषों के लिए इष्टतम भविष्य सुनिश्चित किया जा सके। उच्च रक्तचाप एक ऐसी स्थिति है जो समय के साथ हृदय, नसों, गुर्दे और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। डॉक्टर इसे अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहते हैं क्योंकि तब तक कोई खास लक्षण सामने नहीं आते, जब तक कि शरीर को काफी नुकसान नहीं पहुंच जाता। आजकल तनाव और व्यस्त जीवनशैली को देखते हुए, युवा पुरुषों में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ रहा है। आंकड़ों की कहानी रूबी हॉल क्लिनिक (पुणे) में कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील साठे ने बताया कि भारत में उच्च रक्तचाप खासकर युवा पुरुषों के लिए एक बढ़ती हुई सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है। 2019-2021 के एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण अध्ययन में 1.7 मिलियन (17 मिलियन) लोगों को शामिल किया गया था। अध्ययन में पाया गया कि 28.1% लोगों को उच्च रक्तचाप था, जिनमें से केवल 36.9% को ही इसका पता चला। जिन लोगों को इसका पता चला उनमें से 44.7% ने दवा ली (उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों का 17.7%) और इलाज कराने वालों में से केवल 52.5% (कुल उच्च रक्तचाप वालों का 8.5%) ही अपने रक्तचाप नियंत्रण में रखा वल. एक हालिया अध्ययन के अनुसार, 35% भारतीयों का रक्तचाप उच्च है। प्रारंभिक पता लगाने का महत्व उच्च रक्तचाप का प्रारंभिक पता लगाना बहुत जरूरी है। भले ही लक्षण न हों, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से रक्तचाप के उच्च स्तर का शीघ्र पता लगाया जा सकता है। खासकर युवा पुरुषों को अपने रक्तचाप की निगरानी के प्रति सतर्क रहना चाहिए। प्रारंभिक उपचार उच्च रक्तचाप को बढ़ने से रोक सकता है और दिल की बीमारी, स्ट्रोक और गुर्दे खराब होने जैसी समस्याओं के खतरे को कम कर सकता है। अगर उच्च रक्तचाप को नजरअंदाज किया जाए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। लंबे समय तक उच्च रक्तचाप के कारण न तो सख्त और न ही मोटा हो सकता है, जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस नामक स्थिति पैदा हो सकती है। इससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। यह गुर्दे को भी नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे क्रोनिक किडनी रोग हो सकता है और आंखों को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे संभावित रूप से दृष्टि समस्या या अंधापन हो सकता है। इसके अलावा, अनुपचारित उच्च रक्तचाप समय के साथ मस्तिष्क क्षीणता (ब्रेन एट्रोफी) और मनोभ्रंश (डिमेटिया) में भी योगदान कर सकता है।

एंड्रॉयड फोन में Noise Cancellation

स्मार्टफोन के नीचे मौजूद छोटा सा छेद, जिसे अक्सर लोग माइक्रोफोन समझ लेते हैं, प्रेरित “माइक्रोफोन ग्रिल” होता है। यह छेद “नॉइज़ कैंसिलेशन माइक्रोफोन” को ढकता है, जो कॉल के दौरान आस-पास के शोर को कम करने में मदद करता है। यह मुख्य माइक्रोफोन (जो आमतौर पर फोन के सामने या ऊपर होता है) के साथ मिलकर काम करता है। जब आप कॉल करते हैं, तो न्यूज़ीलैंड चैनलाइज़ेशन माइक्रोफोन को आस-पास के शोर को खोलता है, और फिर मुख्य माइक्रोफोन द्वारा लिए गए भाषण से इसे अलग करने के लिए विशेष सुविधाओं का उपयोग किया जाता है। यह तकनीक आपको स्पष्ट और शोर-मुक्त कॉल करने में मदद करती है, खासकर व्यस्त या शोरगुल वाली जगह पर। यदि आप नॉरिज़ कैंसिलेशन माइक्रोफोन ग्रिल को हटा देते हैं, तो आपके कॉल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। आसपास के शोर कॉल में अधिक स्पष्ट रूप से उत्तर दिया जाएगा, जिससे बातचीत करना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, कुछ मामलों में, नॉइज़ कैंसिलेशन माइक्रोफोन को फोन से हटाने के अन्य कार्य, जैसे कि वॉयस असिस्टेंट का उपयोग करने में भी समस्या हो सकती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सभी स्मार्टफोन में नॉरिज़ कैशनमोबाइल नहीं होता है। यदि आप सुनिश्चित नहीं हैं कि आपके फोन में यह है या नहीं, तो आप अपने फोन के मैनुअल या निर्माता की वेबसाइट की जांच कर सकते हैं। संक्षेप में: स्मार्टफोन के नीचे का छोटा सा छेद नॉइज़ कैंसिलेशन माइक्रोफोन को ढलता है। यह माइक्रोफोन कॉल के दौरान आस-पास के शोर को कम करने में मदद करता है। यदि आप इसे हटा देते हैं, तो आपके कॉल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। सभी स्मार्टफोन में नॉरिज़ कैंसिलेशनफ़ोन नहीं होता है.

किडनी दान के बाद एक किडनी दाता को अपनाने के लिए 8 महत्वपूर्ण सुझाव

ऑर्गनाइजेशनट्रांसप्लांट बीसवीं सदी का एक चमत्कार है। भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर है, जहां हर साल लगभग 12,000 किडनी ट्रांसप्लांट होते हैं। इनमें से ज्यादातर ट्रांसप्लांट जीवित रहते हैं जो प्यार और स्नेह के कारण किसी अपने को किडनी दान करते हैं। गुर्गा दान करने वाले व्यक्ति की पूरी जांच की जाती है। ताकि यह पता चल सके कि संगठन ट्रांसप्लांट करना सुरक्षित है और इसके बाद कोई जोखिम नहीं है। नॉर्वे में किए गए व्यंजनों से यह पता चला है कि ‘जिन व्यक्तियों ने किडनी दान की है, वे उन व्यक्तियों की तुलना में लंबे और स्वस्थ जीवन जीते हैं जिन्हें किडनी दान के लिए सही नहीं माना गया था।’ इसका मतलब यह नहीं है कि गुड़ दान करने से स्वास्थ्य में सुधार होता है; बल्कि इसका मतलब यह है कि संभावित संगठन डोनर को दान के लिए फिट घोषित करने से पहले बहुत कठिन परीक्षण से गुजरना पड़ता है। किडनी डोनट के बाद दी जाती है सलाह गोवा स्थित मणिपाल अस्पताल के नेफ्रोलॉजी एंड ट्रांसप्लांट फिजिशियन डॉ. अमोल महलदार ने कहा कि इस तरह की सर्जरी के बाद, भविष्य में होने वाली बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए कुछ सलाह दी जाती है। सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह होगी कि किडनी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और इसका मतलब है कि किडनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए निम्नलिखित 8 काम करें। पानी और नमक पर ध्यान रखें पहला खूब पानी पिएं। 2 से 2.5 लीटर पानी पीने से किडनी पर प्रेशर कम होता है। दूसरा नमक और ताला हुआ/फास्ट फूड कम करें। नमक उच्च रक्तचाप का एक प्रमुख कारण है, जबकि वसा हुआ है और फास्ट फूड उच्च कोलेस्ट्रॉल का कारण बनता है, दोनों ही गुर्दे और हृदय स्वास्थ्य को खराब करते हैं। वजन और कसरत तीसरा वजन नियंत्रित रखें। अंग दान के बाद वजन बढ़ना, दिल की बीमारी और हाई बीपी का कारण बन सकता है और स्वास्थ्य को खराब कर सकता है। चमड़े के आवरण करें। रोजाना कम से कम 45 मिनट तक सक्रिय रूप से रहने से दिल के रोग और स्ट्रोक के खतरे को कम किया जा सकता है, साथ ही मेंटल स्वास्थ्य सुधरती है। शराब, धूम्रपान और पेनकिलर दवा से बचें पांचवा, धूम्रपान और शराब से बचें। सिगरेट और शराब, कैंसर, हृदय रोग और अधिकतर बीमारियों के कारण बनते हैं और इनसे बचना सबसे अच्छा है।’ छठा, पेन किलर से बचें। पेन किलर दवाएं गुर्दे को प्रभावित कर सकती हैं और गुर्दे फेलियर के साथ-साथ पेट में अल्सर भी पैदा कर सकती हैं। हाई बीपी, जीपीएस और रेगुलर टेस्ट हाई बीपी और जीपीएस को नियंत्रित करने का सातवां काम। अब मधुमेह और उच्च रक्तचाप वाले व्यक्तियों को संगठन दान करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन बीमारियों से बचने के लिए सख्त आहार और जीवनशैली पर रखा जाता है। आठवां हर छह महीने में ब्लड टेस्ट और यूरिन टेस्ट के साथ किडनी फंक्शन की नियमित जांच कराने की सलाह दी जाती है।

Jio, Airtel, Vi के रिचार्ज प्लान में महंगाई, BSNL दे रहा सबसे सस्ते प्लान्स

जियो, एयरटेल और VI ने रिचार्ज प्लान की कीमत में बढ़ोतरी कर दी है। लेकिन बीएसएनएल की तरफ से अभी भी सबसे सस्ता प्लान ऑफर किया जा रहा है। कंपनी की तरफ से अभी भी 107, 147 रुपए वाला प्लान दिया जा रहा है और आप इसमें कई शानदार लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ अलग करने की ज़रूरत नहीं होती। बीएसएनएल की तरफ से 107 रुपए वाला प्लान ऑफर किया जा रहा है और ये 35 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है। इसमें 3 जीबी तक डाटा और 200 फ्रीवॉइड कॉलिंग मुफ्त मिनट ऑफर किए जा रहे हैं। जबकि एयरटेल और जियो के प्लान महंगे होने के बाद भी किसी भी प्लान में ये लाभ मिलने वाले नहीं हैं। बीएसएनएल की तरफ से 147 रुपए वाला भी एक प्लान दिया जा रहा है। यह प्लान भी 30 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है। इसमें 10 जीबी तक डेटा और अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग ऑफर की जाती है। कितने महंगे प्लान ? अब बात करें कि जियो, एयरटेल और वोडाफोन ने प्लान की कीमत में कितना इजाफा किया है? तो आपको पहले ही बता दें कि अधिकतम 600 रुपए तक का प्लान महंगा कर दिया गया है। जियो, एयरटेल के प्लान 3 जुलाई से महंगे हो गए थे, लेकिन वोडाफोन के प्लान की कीमत 4 जुलाई से बढ़ गई है। ऐसे में सभी लोगों को योजना के मामले में झटका लगा है। यही वजह है कि बीएसएनएल टीवी की पहली पसंद बनी है।

iOS 18: नई लॉक स्क्रीन और कॉन्टैक्ट पोस्टर्स सहित अतिरिक्त फीचर्स

Navratri festival in Nalkheda: New arrangements for the convenience of devotees!

ऐपल इन दिनों भारतीय स्मार्टफोन मार्केट पर काफी जोर दे रही है। यही वजह है कि ऐपल अपने यूजर्स के लिए खास तरह के फीचर्स ला रहा है, जिसे खासतौर पर भारतीयों के लिए डिजाइन किया गया है। ऐपल की ओर से जल्द iOS 18 अपडेट रोलआउट दिया जाएगा। इस अपडेट के साथ iPhone यूजर्स को नए फीचर्स मिलने वाले है, जिससे फोन चलना काफी सुविधाजनक हो जाता है। इसमें कस्टमाइज ऑप्शन जैसे फोटो ऐप री-डिजाइन, ईमेल इन-बॉक्स ऐप मैसेज मिलेंगे।  कस्टमाइज लॉक स्क्रीन का मिलेगा ऑप्शन अगर भारतीय यूजर्स की बात करें, तो iOS 18 में कई अतिरिक्त फीचर्स दिए जाएंगे। इसमें नए इंडियन फॉन्ट दिए जाएंगे। साथ ही लैंग्वेज और मल्टीलिंगुअल कीबोर्ड इनपुट, इनहैंस लैंग्वेज सर्च, मल्टीलिंगुअल सिरी सपोर्ट जैसे अपडेट शामिल हैं। इसके अलावा कस्टमाइज लॉक स्क्रीन, कॉन्टैक्ट पोस्ट फीचर्स दिए जाएंगे। यूजर अपनी लॉक स्क्रीन को 12 इंडियन लैंग्वेज में कस्टमाइज कर पाएंगे। इसमें अरैबिक, अरैबिक इंडिक, बांग्ला, देवनागरी, गुजराती, गौमुखी, कन्नड़, मलयालम, मैतेई, ओडिया, तेलुगु, Ol Chiki शामिल हैं। इसके अलावा फॉन्ट के कलर को बदला जा सकेगा। मिलेंगे ये अतिरिक फीचर्स  iOS 18 में यूजर्स को लाइव वॉइसमेल ट्रांसक्रिप्शन फीचर दिया जाएगा, जो इसके अलावा स्मार्ट कॉल हिस्ट्री सर्च और नया फोन कीपैड और डायलिंग एक्सपीरिएंस मिलेगा। साथ ही ड्यूल सिम में ज्यादा कंट्रोल मिलेंगे। तमलब एक सिम से दूसरे सिम में आसानी से स्विच किया जा सकेगा।iPhone 12 और उसके बाद के वर्जन में तीन भाषाओं का सपोर्ट मिलेगा। साथ ही आवाज से टाइप करने का ऑप्शन मिलेगा। कीबोर्ड लेआउट iPhone कीबोर्ड में अब 11 भारतीय लैंग्वेज का सपोर्ट मिलेगा। यूजर्स सीधे भारतीय भाषाओं में टाइप कर पाएंगे। इसमें बांग्ला, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू शामिल है। नए अपडेट के साथ लोकल लैंग्वेज में कुछ भी सर्च करना आसान हो जाएगा। यूजर्स के लिए भाषा की गलतियों को सुधारना आसान हो जाएगा। सिरी को 9 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट मिलेगा। सिरी को अलार्म और टाइमर सेट करने, ऐप लॉन्च करने का कमांड दिया जा सकेगा। संगीत चलाने या लोकल भाषा के साथ अंग्रेजी का उपयोग करके मौसम की जांच करने का सपोर्ट मिलेगा

फटी एड़ियां: इस गंभीर बीमारी का संकेत, नजरअंदाज करने से बढ़ सकता है खतरा!

फटी एड़ियां हैं शरीर का इशारा एक रिपोर्ट के अनुसार आपके पैर आपके स्वास्थ्य के बारे में कई राज सोते हैं। जैसे अगर आपके पैरों में लाल-ब्राउन डॉट्स हों तो ये रक्त संचार संबंधी समस्या का ऐसारा है जिसे नजरंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये डॉट्स लीवर की समस्या का संकेत देते हैं। पैरों में दरारें या विशेष तरह के एलर्जी लीवर से जुड़ी समस्या के संकेत दे सकते हैं, लेकिन पूरी तरह से जानने के लिए लीवर से संबंधित सभी परीक्षण करना जरूरी है। पैरों में मौसम परिवर्तन या पैरों में गंदगी जमा होने के कारण हो सकते हैं। लीवर हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसका काम डिटॉक्सिफिकेशन, मेटाबॉलिज्म और सर्कुलेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। जब लीवर सही से फंक्शन नहीं कर पाता है तो शरीर कई तरह के संकेत देता है, जैसे त्वचा का फटना, त्वचा का सूखना और भी कई त्वचा संबंधित परेशानियां हो सकती हैं. अगर आपके पैरों में तेज खुजली होती है तो इसका मतलब है कि आपके लीवर में कोई परेशानी है जिसके कारण से शरीर में एसिड जमा हो रहा है। इसके साथ ही अगर शरीर में सूजन हो और शरीर में पट्टिका जमा हो रहा हो तो इसे एडिमा कहा जाता है। इसमें टखनों में सूजन आ जाती है और रक्त परिसंचरण में सुधार होता है अगर पैरों की त्वचा पीली पड़ रही है तो यह पीलिया का संकेत हो सकता है। वैसे तो आमतौर पर पीलिया के संकेत आंखों में दिखाई देते हैं, लेकिन इस स्थिति में पैरों में भी दिखाई दे सकते हैं। Disclaimer: प्रिय पाठकों, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया। यह खबर केवल आपको लॉगिन करने के मकसद से लिखी गई है। हमने इन लिखित में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. यदि आप कहीं भी कुछ भी पढ़ना चाहते हैं तो उससे पहले एक्सपोर्ट्स की सलाह अवश्य लें। यहां दी गई जानकारी सामान्य परिवर्तनों और जानकारियों पर आधारित है। 

LG ने लॉन्च किए पांच नए साउंडबार: कीमतें और ऑफ़र्स जानें

एलजी की तरफ से साउंडबार की नई रेंज पेश की गई है, जो एलजी टीवी के साथ इंटीग्रेटेड हो जाती हैं। इस टीवी को एलजी टीवी के साथ चलाने पर सिनेमाहाल जैसा साउंड एक्सपीरियंस मिलता है। उत्साहित एलजी ने OLED और QLED टीवी के लिए साउंडबार को डिजाइन किया है। एलजी की ओर से 5 साउंडबार को लॉन्च किया गया है। इस नई 2024 साउंडबार सीरीज में LG SQ75TR, LG SG10Y, LG SQ70TY, LG S77TY और LG S65TR को शामिल किया गया है। साउंडबार शानदार साउंड क्वालिटी, बेहतरीन फीचर्स के लिए जाना जाता है। साउंडबार में मिलेगी शानदार साउंड क्वालिटी नए साउंडबार को WOW सिनर्जी के साथ पेश किया गया है। इसमें ऑर्केस्ट्रा, इंटरफेस, कलाकार जैसे फीचर्स दिए गए हैं। एलजी के नए साउंडबार डॉल्बी एटमॉस सपोर्ट के साथ आते हैं। नए साउंडबार मॉडल्स में WOW जुड़ा हुआ है। एलजी के साउंडबार में ट्रिपल प्लैटिनम स्पैटियल साउंड टेक्नोलॉजी दी गई है। इसके अलावा, एलजी ने इसमें रूम कैलिब्रेशन की सुविधा भी दी है। वर्ष 2024 के लिए नया स्टाइलिश रूम कैलिब्रेशन, नवीनतम सराउंड स्पीकर्स सपोर्ट दिया गया है। शानदार वायरलेस कनेक्टिविटी एलजी SG10TY साउंडबार को एलजी टीवी के साथ वायरलेस कनेक्टिविटी की सुविधा मिलती है। साउंडबार डॉल्बी एटमॉस ऑडियो सपोर्ट के साथ आता है। एलजी S70TY साउंडबार मॉडल में कॉम्पैक्ट डिजाइन के साथ एलजी QNED टीवी दिया गया है। इस मॉडल में इंडस्ट्री लीडिंग सेंटर अप-फायरिंग स्पीकर है, जो शार्पवॉइंड क्लैरिटी से युक्त है। LG S65TR और LG SQ75TR मॉडल 600 वाट आउटपुट के साथ आता है। LG S65TR 5.1 चैनल मॉडल के साथ आता है। LG SQ75TR 5.1.1 चैनल कॉम्पैक्ट, QNED मिलान ब्रेकेट और सेंटर अप-फायरिंग स्पीकर के साथ आता है। कीमत और उपलब्धता एलजी साउंडबार की शुरुआती कीमत 29990 रुपये है। साउंडबार की अलग-अलग मॉडल की खूबियां अलग-अलग हो सकती हैं। साउंडबार को कंपनी की उपहार वेबसाइट से खरीदा जा सकता है।

भारत में 3 बेहतरीन प्रोटीन पाउडर और 3 सबसे खराब प्रोटीन पाउडर

शरीर के विकास और उसे मजबूती देने के लिए प्रोटीन (Protein) की सख्त जरूरत होती है। प्रोटीन मांसपेशियों, हड्डियों, त्वचा, बालों और अंगों को बनाने और मरम्मत करने के लिए जरूरी है। इसके अलावा प्रोटीन शरीर में एंजाइम, हार्मोन और अन्य जरूरी तत्वों को बनाने में भी मदद करते हैं। स्वस्थ वजन बनाए रखना, हड्डियों को ऑस्टियोपोरोसिस से बचाना, इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना, बीपी नियंत्रण रखना और दिमागी कसरत को बढ़ाने के लिए भी प्रोटीन की जरूरत होती है। शरीर में प्रोटीन नहीं बनता इसलिए इसे भोजन से प्राप्त करना होता है। अक्सर देखा गया है कि लोग प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों के अलावा प्रोटीन पाउडर लेना भी पसंद करते हैं, खासकर जिम जाने वाले लोग। बाजार में विभिन्न तरह के ब्रांड मौजूद हैं, जो खुद के प्रोटीन पाउडर के बारे में सर्वश्रेष्ठ होने का दावा करते हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि भारत में सर्वश्रेष्ठ प्रोटीन पाउडर कौन सा है? इस सवाल का जवाब यहाँ है। भारत में प्रोटीन पाउडर की समस्या दुनियाभर में फेमस लीवर के डॉक्टर साइरियक एबी फिलिप्स (एबी फिलिप्स) और उनकी टीम ने भारत में फेमस 36 प्रोटीन पाउडर की जांच की (रेफरी)। इनमें से 25 (लगभग 70%) उत्पादों में बहुत ही कम प्रोटीन पाया गया। कुछ में तो प्रोटीन की मात्रा पहले ही मात्रा थी। इतना ही नहीं, कम से कम 14% प्रोटीन पाउडर में फंगस से पैदा हुए हानिकारक विषाक्त पदार्थ (एफ्लाटॉक्सिन) मिला। 8% उत्पादों में भी गिरावट दर्ज की गई। कुछ वनस्पति पर आधारित प्रोटीन पाउडर में घुलनशील तत्व निकले। भारत में प्रोटीन के सर्वश्रेष्ठ ब्रांड शोध पेस्ट ने भारत में प्रोटीन पाउडर को सख्त नियमों के दायरे में लाने की मांग की है। FSSAI ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। विश्वास के अनुसार, भारत में प्रोटीन के सर्वश्रेष्ठ ब्रांड में शामिल हैं- वन साइंस न्यूट्रिशन: इसे भारत में सबसे अच्छा प्रोटीन पाउडर माना गया। One Science Nutrition: इसे भारत में सबसे अच्छा व्हे प्रोटीन पाउडर माना गया। Nutrabox: इसे किफायती दाम में अच्छा व्हे प्रोटीन पाउडर माना गया। Origin’s: शोधकर्ताओं के अनुसार यह सबसे अच्छा वेजिटेरियन प्रोटीन पाउडर है। भारत में प्रोटीन के सबसे खराब ब्रांड BigMuscles: डॉक्टर फिलिप्स ने इसे सबसे खराब ब्रांड बताया। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह FSSAI-प्रमाणित है। एमवे: शोध में इसके न्यूट्रीलाइट ऑल प्लांट प्रोटीन को सबसे खराब वेजिटेरियन प्रोटीन पाउडर बताया गया, जिसमें फंगस से पैदा हुए विषाक्त पदार्थ मिले। हालांकि कंपनी इनकार करती है। प्रोटीनेक्स, बी-प्रोटीन, और सुनिश्चित करें: शोध में इनके ‘सबसे खराब विज्ञापन वाला अच्छा उत्पाद’ बताया गया।   प्रोटीन क्यों जरूरी है?   प्रोटीन मसल्स बिल्डिंग के लिए: प्रोटीन मसल्स गेन करने और मरम्मत के लिए जरूरी है। अभ्यास करने वाले लोगों को और फिटनेस को इसकी ज्यादा जरूरत होती है। स्वस्थ वजन बनाए रखना: प्रोटीन आपका पेट भरता है जिससे आप कम खा सकते हैं और स्वस्थ वजन बनाए रख सकते हैं। मजबूत हड्डियां: प्रोटीन हड्डियों को मजबूत बनाने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों की बीमारियों को रोकने में मदद करते हैं। स्वस्थ त्वचा, बाल और नाखून: प्रोटीन त्वचा, बाल और नाखूनों के निर्माण खंड होते हैं। वे त्वचा को कोमल और लचीला बनाने, बालों को मजबूत और चमकदार बनाने और बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए: प्रोटीन प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। दिल को स्वस्थ रखने के लिए: प्रोटीन रक्तचाप को कम करने और हृदय रोग के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। प्रोटीन के अच्छे स्रोत (प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत) मांस, मछली और अंडे: ये प्रोटीन के सम्पूर्ण स्रोत हैं, जिसका अर्थ है कि उनमें सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं। दूध और डेरी उत्पाद: ये भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं, साथ ही कैल्शियम और विटामिन डी भी प्रदान करते हैं। दालें, हंसा और तोफू: ये शाकाहारियों और मांसाहारियों दोनों के लिए प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। नट्स और बीज: ये प्रोटीन, स्वस्थ वसा और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। रोजाना कितने प्रोटीन की जरूरत होती है? प्रोटीन की दैनिक जरूरत प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के 0.8 ग्राम है। इसका मतलब है कि 60 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति को प्रतिदिन 48 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। हालांकि, कुछ लोगों को अधिक प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है।

अपने फ़ोन को सही तरीके से चार्जिंग करने का तरीका

आज के समय में प्रोसेसर और ऐप्स की बदौलत स्मार्टफोन की पावर पर बहुत असर होता है। तो ऐसे में स्मार्टफोन के अंदर बैटरी सबसे अहम है। आपको अपने स्मार्टफोन की बैटरी का हमेशा ख्याल रखना चाहिए। वैसे तो स्मार्टफोन की बैटरी का ख्याल कैसे रखें इसको लेकर बहुत सारे मिथक हैं। अगर आप स्मार्टफोन में अधिक ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं तो यहां देखिए कि कौन-सी ऐप्स आपके फोन की बैटरी जल्दी खत्म करती हैं। स्मार्टफोन को रात भर चार्जिंग पर रखना चाहिए या नहीं: आज के समय में स्मार्टफोन में आने वाली स्मार्ट टेक्निक स्मार्टफोन की बैटरी फुल होने के बाद चार्ज होने से रोक देती है। अगर बैटरी प्लग इन होने पर भी फोन की बैटरी कम होने लगती है तो फोन फिर से चार्ज होना शुरू हो जाता है। ऐसे में आप चाहें अपने स्मार्टफोन को रात भर चार्जिंग पर रखें तो उनकी बैटरी सिर्फ तब भी चार्ज होती है जब जरूरत होती है। लो पावर मोड फोन के लिए सही या गलत: वैसे तो अपने स्मार्टफोन को लो पावर मोड पर रखने से सॉफ्टवेयर को कोई नुकसान नहीं होता है। मगर इससे यूजर एक्सपीरियंस खराब हो सकता है। जब भी फोन को लो पावर मोड में बदला जाता है तो उससे काफी गैरजरूरी चीजें काम नहीं करती हैं। इस दौरान लो स्क्रीन लाइट स्क्रीन को देखने में मुश्किल पैदा कर सकती है। क्या फोन पब्लिक चार्जिंग पोर्ट में सुरक्षित है: अगर आप अपने फोन को पब्लिक चार्जिंग पोर्ट से चार्ज करते हैं तो आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उस स्पेसिफिक सॉकेट के अलावा जिस चार्जर को फोन में प्लग किया जा रहा है तो उससे डाटा ट्रांसफर होने का खतरा रहता है। क्या नए फोन को इस्तेमाल करने से पहले फुल चार्ज करना जरूरी है: जब आप कोई नया फोन लाते हैं तो उसमें पहले से ही कुछ पावर रहती है तो उसे अगर चार्ज नहीं भी करेंगे तो आपका काम चल जाएगा। लेकिन आपको नए फोन को फुल चार्ज करके ही इस्तेमाल करना चाहिए। फोन को तब तक न चार्ज करें जब तक वह ऑफ न हो जाए: आपको अपने फोन में लिथियम-आयन बैटरी को जीरो तक पहुंचने से पहले ही उसे चार्ज करना चाहिए। इसलिए फोन को कभी भी अंत में जाकर चार्ज नहीं करना चाहिए। ऐप नहीं खर्च करती हैं बैटरी: आपको बता दें कि सिर्फ एक ऐप आपके स्मार्टफोन की काफी बैटरी खर्च कर सकती है। जैसे कि सोशल मीडिया ऐप फेसबुक इसमें सबसे अहम है। वहीं, इसी प्रकार की अन्य ऐप जो कि बैकग्राउंड में चलती रहती हैं तो वह फोन की बैटरी का इस्तेमाल करती रहती हैं। ऐसे में आपको ऐप को हटाकर और अपने फोन पर वेब ब्राउजर के जरिए फेसबुक अपडेट चेक करने चाहिए। फोन को ऑफ करना सही या गलत: अगर आप अपने स्मार्टफोन को रीसेट करते हैं तो उसके बैटरी बचाव में मदद मिल सकती है। अधिकतर लोग ऐप्स का उपयोग कर लेने के बाद उन्हें बंद नहीं करते हैं। इसकी वजह से वह ऐप बैकग्राउंड में काम करती रहती हैं। अगर आपको ऐप्स बंद करने की आदत है तो उन बैटरी खर्च करने वाली ऐप्स के साथ फोन को भी हफ्ते में एक बार बंद करना चाहिए। आपको मीटिंग या कार में फोन को फुल ऑफ कर देना चाहिए। प्लग इन होने पर फोन का इस्तेमाल सही या नहीं: आप अपने फोन को चार्जिंग के वक्त इस्तेमाल कर सकते हैं, उसमें ऐप ओपन कर सकते हैं और कॉल कर सकते हैं। मगर आपको बता दें कि जब आप अपने फोन को चार्ज कर रहे होते हैं तो पावर आपके सामान्य इस्तेमाल होने वाली बैटरी से अलग होती है। अगर आप फोन को तेजी से चार्ज करना चाहते हैं तो उसे फुल चार्ज करने के लिए बीच में काम नहीं करेंगे तो सही रहेगा।

जवान बने रहें: बढ़ती उम्र से लड़ने के लिए 5 बेहतरीन प्राकृतिक सप्लीमेंट

who have been living for five years, are still waiting for basic facilities despite the Collector's order?

### उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए 5 प्राकृतिक सप्लीमेंट्स उम्र बढ़ना प्राकृतिक है, लेकिन हर एक बढ़ते साल में युवा दिखने की चाहत बढ़ती जाती है। 50 के बाद आपके सफेद बाल, झुर्रियां और लटकती त्वचा इस बात का संकेत हैं कि आप बूढ़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे भीतर जरूरी पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता कम होती चली जाती है और कुपोषण का खतरा बढ़ता है, जिसका असर सीधे हमारी त्वचा पर दिखता है। न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटीशियन शिखा अग्रवाल शर्मा के अनुसार, हम समय की गति को तो नहीं रोक सकते, लेकिन उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए यहां बताए गए सप्लीमेंट्स जरूर ले सकते हैं। इससे उम्र से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है। 1. हल्दी हल्दी का उपयोग लंबे समय से आयुर्वेद चिकित्सा में बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता रहा है। कुछ स्टडीज बताती हैं कि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है, जो उम्र बढ़ने के लक्षणों में से एक है। 2. कोलेजन कोलेजन प्रोटीन का ही एक रूप है। यह शरीर में सबसे ज्यादा पाया जाता है। हालांकि उम्र के साथ कोलेजन का बनना कम हो जाता है, जिससे त्वचा पर झुर्रियां पड़ने लगती हैं। ऐसे में कोलेजन पेप्टाइड त्वचा में कसावट लाता है और बालों और नाखूनों को भी मजबूत बनाता है। 3. विटामिन सी बढ़ती उम्र के साथ यदि आपके चेहरे से बुढ़ापा झलकने लगा है, तो विटामिन सी सप्लीमेंट लेना शुरू कर दें। स्टडीज बताती हैं कि जब शरीर में विटामिन सी अच्छी मात्रा में होता है, तो उम्र बढ़ने के साथ त्वचा में कसावट आती है और चेहरे पर आने वाली सूजन से भी छुटकारा मिलता है। 4. थेनाइन थेनाइन एक मूड बूस्टर है। यह तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है। ये दोनों ही लक्षण आपको समय से पहले बूढ़ा बनाते हैं। इसके अलावा यह दिल को भी स्वस्थ रखता है। 5. रेस्वेराट्रोल रेस्वेराट्रोल एक पॉलीफेनॉल है। स्टडी के अनुसार, यह लोंगेविटी जीन्स को एक्टिवेट करके आपको बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारियों से बचाता है। इससे 50 के बाद भी आपके चेहरे पर पहले जैसी रौनक बनी रहेगी। इस तरह के प्राकृतिक सप्लीमेंट्स का उपयोग करके आप उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं और स्वस्थ एवं युवा बने रह सकते हैं।

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