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निर्वाचन आयोग के पास शिकायत लेकर पहुंचा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल

रायपुर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने शासकीय आंगन बाड़ी कार्यकतार्ओं के द्वारा रायपुर दक्षिण विधानसभा चुनाव के मतदाता पर्ची में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुनील सोनी के नाम से मतदाता पर्ची को संलग्न कर वितरण किये जाने की शिकायत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से किया। शिकायत में कहा गया है कि वर्तमान समय में रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू है ऐसे स्थिति में निर्वाचन आयोग के द्वारा मतदाता पर्ची जो मतदाताओं को दिया जाना है उक्त मतदाता पर्ची शासकीय आंगनबाड़ी कार्यकतार्ओं के माध्यम से रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में वितरित किया जा रहा है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुनील सोनी के नाम के मतदाता पर्ची को भी संलग्न किया गया है, जो कि आदर्श आचार संहिता का घोर उल्लंघन है।अत: निवेदन है कि निर्वाचन आयोग के द्वारा मतदाता पर्ची जिसे शासकीय आंगनबाड़ी कार्यकतार्ओं के माध्यम से रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में वितरण किया जा रहा है। उसमें भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के फोटो और नाम वाले पर्ची को तत्काल हटाते हुये वितरण किया जाये। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में डॉ. देवा देवांगन, कु. शमीम रहमान, राम सोनकर, सादिक अली, इन्द्रजीत सिंह ठाकुर, ज्ञानेश्वर यदु उपस्थित थे।

सौम्या चौरसिया अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार,10 दिन की मिली रिमांड

रायपुर पिछले 21 महीने से कोल घोटाले में जेल में बंद पूर्व अधिकारी सौम्या चौरसिया को एसीबी ने एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया है। इस बार आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया गया। एसीबी ने सौम्या को आज विशेष न्यायालय में पेश किया। जहां से सौम्या को 10 दिन की रिमांड पर ब्यूरो को सौंप दिया गया। बीते जुलाई में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर सौम्या और उनके परिजनों के नाम की 50 से अधिक अचल संपत्तियां अटैच की थी। सौम्या की चार से अधिक जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है।

पूर्व मंत्री चौबे बोले – ब्राह्मण समाज को अपने अस्तित्व की रक्षा और शोषण की लड़ाई के लिए एक होना आवश्यक

रायपुर वैसे तो विप्र सांस्कृतिक भवन में छत्तीसगढ़ी ब्राम्हण समाज का दीपावली मिलन समारोह हर साल होता है पर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के बीच हुए मिलन समारोह पर सबकी नजर थी, क्योकि जहां वोट का जुगाड़ दिखता हो तो वहां कांग्रेस व भाजपा नेताओं का पहुंचना आम बात है जैसे कि शहर में आयोजित अन्य दीपावली मिलन समारोह में हो रहा है। यहां की खास बात ये रही कि अधिकांश कांग्रेस नेता मौजूद रहे, भाजपा नेताओं में सिवाय पार्षद मृत्युंजय दुबे के अन्य नहीं दिखे। ये अलग बात कि बाद में जाकर किसी ने उपस्थिति दिखा दी होगी। जहां सामाजिक एकता की बात मंच से आई वह यहीं पर नहीं दिख रहा था। इसकी चर्चा कार्यक्रम के बाद शहर में होते रही। दीपावली मिलन समारोह  के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि दीपावली किसानों का त्यौहार है और लगभग सभी ब्राह्मण किसान परिवार से हैं।  यहां की धरती, मिट्टी से जुड़े हम लोग अगर छत्तीसगढिया नहीं तो और कौन हो सकता है। आज ब्राह्मण समाज को अपने अस्तित्व की रक्षा और शोषण की लड़ाई के लिए एक होना आवश्यक हैं। इस अवसर पर कल्याण कृषक परिषद के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने सामाजिक चुनौतियां का सामना करने के लिए ब्राह्मण समाज की एकता को आवश्यक बताया। अरुण शुक्ला, प्रदीप शर्मा, कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी, पूर्व महापौर एवं वर्तमान में रायपुर नगर निगम पालिक के सभापति प्रमोद दुबे,शैलेशनितिन द्विेदी ने भी दीपावली मिलन समारोह को संबोधित किया और बधाई दी। योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने भी संबोधित किया। सर्व ब्राह्मण समाज को जोडने  वाले प्रमुख सूत्रधार अविनाश शुक्ला ने  सबके प्रति आभार प्रकट किया। अंत में आभार प्रदर्शन विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति के अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी ने किया । इस अवसर पर विभिन्न ब्राह्मण सामाजिक संगठन के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या युवा व महिलाएं उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के घाटों पर उमड़े श्रद्धालु, उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ महापर्व का समापन

रायपुर उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ का समापन हो गया। पारण के साथ ही 36 घंटे का निर्जला उपवास खत्म हो गया। छत्तीसगढ़ के घाटों पर तड़के से छठ व्रतियां पहुंचने लगीं थीं। व्रतियों ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। राजधानी के विभिन्न घाटों में सुबह से परिवार सहित लोग पूजन के लिए पहुंचे हुए थे।  बता दें कि कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि नहाय खाय से लेकर सप्तमी तिथि उगते सूर्य को अर्घ्य देने तक छठ पर्व मनाया जाता है। इस दौरान भगवान भास्कर और छठी मैया की पूजा अर्चना की जाती है। छठ पूजा खास तौर पर संतान की कामना और लंबी उम्र के लिए की जाती है। छठी मैया सूर्यदेव की बहन हैं और इस पर्व पर इन दोनों की ही पूजा अर्चना की जाती है। चार दिन तक चलने वाले इस पर्व में सात्विक भोजन किया जाता है। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को सौंपी घर की चाबी

बलौदाबाजार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में कई विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बलौदाबाजार जिले में बीएड महाविद्यालय खोलने और ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की महत्वपूर्ण घोषणा की। साथ ही, मुख्यमंत्री ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के लिए 60 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से 48 विकास कार्यों का शुभारंभ किया। इनमें से 16 कार्यों का भूमिपूजन 32 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से हुआ, जबकि 32 कार्यों का लोकार्पण 27 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से हुआ प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को सौंपी घर की चाबी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2100 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र और 51 हितग्राहियों को उनके नए घर की चाबी सौंपकर खुशी का इजहार किया। इसके अलावा, “हम होंगे कामयाब अभियान” के अंतर्गत 51 युवाओं को सम्मान पत्र प्रदान किए गए, जिन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में अहम कदम उठाए। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री को धान से भरे टुकनी और पर्रा भेंट कर उनकी कड़ी मेहनत और किसानों के हित में किए गए कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। प्रत्येक आवास के लिए दी जा रही 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक आवास के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, साथ ही मनरेगा से 90 दिन की मजदूरी के 21,870 रुपये और स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत कुल 32 करोड़ 31 लाख रुपये का भूमिपूजन किया गया, जिससे बलौदाबाजार में 2100 नए आवासों का निर्माण होगा। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद कमलेश जांगड़े और विधायक गुरू श्री खुशवंत साहेब भी मौजूद थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाया।

डॉ तारा शर्मा बरपाली कॉलेज में प्राचार्य पदस्थ

कोरबा प्रदेश सरकार ने निर्णय लेते हुए सरकारी कॉलेजों में कार्यरत 131प्राध्यापकों को पदोन्नत कर प्राचार्य बनाकर तबादला किया है। मिनीमाता गल्र्स कॉलेज की समाज शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. तारा शर्मा को पदोन्नत कर बरपाली कॉलेज का प्राचार्य नियुक्त किया गया है। श्रीमती शर्मा मिनीमाता कन्यामहाविद्यालय में कोरबा में प्रभारी प्राचार्य के पद पर तीन वर्षो तक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे चुकी है। उनके प्राचार्य कार्यकाल के दौरान कन्या महाविद्यालय में कई उत्कृष्ट कार्य हुए। जिसमें समाज शास्त्र विभाग का उन्नयन हो या फिर अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का विकास हो, श्रीमती शर्मा के कार्यकाल में हुए। उनका प्रभारी प्राचार्य कार्यकाल के दौरान मिनीमाता कन्या महाविद्यालय का रखरखाव,शैक्षणिक गतिविधियां एवं उत्कृष्ट अनुशासन के नाम पर महाविद्यालय की एक अलग पहचान बनी थी। डॉ. तारा शर्मा बिलासपुर संभाग ही नहीं प्रदेश एवं मध्यप्रदेश में समाजशास्त्रीयों के बीच एक अच्छे शिक्षाविद के रूप में जाना पहचाना नाम है। डॉ. तारा शर्मा ने दो पुस्तकें लिखी है। जिसमें से एक पुस्तक मध्यप्रदेश के हाईस्कूल के समाजशास्त्र कोर्स में शामिल है। वहीं डॉ. तारा शर्मा के दिशा निर्देशन में 8 से अधिक छात्रों को विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा पीएचडी की उपाधी प्रदान की गई है। अब उनके बरपाली कॉलेज में तबादले के साथ बरपाली महाविद्यालय में उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों के संपादित किए जाने की उम्मीद है। महाविद्यालय को उनके दीर्घ अनुभव का लाभ प्राप्त होगा। डॉ. शर्मा ने आज बरपाली महाविद्यालय में पदभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर बरपाली महाविद्यालय के प्रध्यापकों एवं कर्मचारियों ने कार्यभार ग्रहण करने महाविद्यालय पहुंंचने पर डॉ. तारा शर्मा का स्वागत करते हुए हर्ष जाहिर किया है। डॉ. तारा शर्मा ने पदभार ग्रहण करने के पश्चात कहा कि महाविद्यालय में पदस्थ प्रध्यापकों एवं कर्मचारियों के सहयोग से पूर्व से बेहतर वातावरण निर्मित कर शैक्षणिक गतिविधियों का उत्कृष्ट संचालन करने का प्रयास किया जाएगा।

रायपुर में जीएसटी की बड़ी कार्रवाई, बिना ई-वे बिल के दो ट्रक सामान जब्त, व्यापारियों से पूछताछ जारी

रायपुर स्टेट जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. आज जीएसटी विभाग ने राजधानी रायपुर में बिना ई-वे बिल के पहुंचे समान पर कार्रवाई करते हुए दो ट्रक सामान जब्त किया है. जानकारी के अनुसार, नागपुर से बिना ई-वे बिल के दो ट्रकों में रायपुर लाए गए सामान में मोबाइल एसेसरी, स्पीकर, स्मार्टवॉच और कपड़े की खेप पकड़ी गई है. करीब दो दर्जन कारोबारियों ने यह सामान मंगवाया था, लेकिन जीएसटी नियमों के उल्लंघन के कारण स्टेट जीएसटी विभाग की टीम ने दोनों ट्रकों को जब्त कर लिया और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है.

विधायक रिकेश सेन प्रकरण पर कांग्रेस विधायक निषाद बोले – इन्हें जनता और विकास से कोई मतलब नहीं

रायपुर भिलाई वैशाली नगर के विधायक रितेश सेन ने तालाब के नामकरण को लेकर विरोध जता रहे युवक का जबड़ा पकड़ लिया था. इस घटनाक्रम पर कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब से बीजेपी की सरकार छत्तीसगढ़ में आई है, सत्ता के नशे में चूर है. सभी अहंकार में डूबे हुए हैं. इन्हें जनता और विकास से कोई मतलब नहीं है. गुंडरदेही से कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने मीडिया से चर्चा में कहा कि तालाब के नाम बदलना उनकी कुंठित मानसिकता का प्रतीक है. किसी दूसरे के धार्मिक मान्यताओं पर ऐसा करना सही नहीं है. वो छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सभ्यता को नहीं बदल सकते हैं. इसके पहले विधायक रिकेश सेन ने घटना पर अपनी सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि तालाब पहले से ही स्व. देवदास बंजारे के नाम पर था. इसके साथ उन्होंने मुद्दे को भिलाई नगर निगम के एमआईसी में ले जाने की बात कही. वहीं भाजपा नेता राजीव चक्रवर्ती ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश कर दुष्प्रचार कर रही है, जबकि घटना के बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति से बैठकर बात कर चुके हैं. सोशल मीडिया में मचा बवाल इस मामले में सोशल मीडिया में भी बवाल मचा हुआ है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटना का वीडियो एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जो युवक का धमका रहा है वह भाजपा विधायक रिकेश सेन है, और जिनसे बात हो रही है वह छत्तीसगढ़ की जनता है. यही है भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा. इसके साथ बहुत से दूसरे यूजर ने भी पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया दी है. पीसीसी चीफ ने सरकार को घेरा वहीं विधायक रिकेश सेन के वायरल वीडियो पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार को घेरते हुए कहा कि इस सरकार के विधायक सत्ता के नशे में चूर हो गये हैं. देश-प्रदेश की राजनीति में बीजेपी विफल होती है, तो दूसरों को दोष देती है. अपने विधायकों को नहीं रोक पा रही सरकार. अपराध क्या रोकेगी. बैज ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि के पास जनता जाती है, तो गला पकड़कर दादागिरी की जाती है. ईश्वर साहू के बेटे ने भी मारपीट की, स्वास्थ्य मंत्री पत्रकार को धमका रहे हैं. इस हरकत से साफ़ है कि विधायक सत्ता के नशे में चूर हो चुके हैं. कांग्रेस अध्यक्ष के नाते घटना की निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता देख रही है. कांग्रेस मानसिक रूप से दिवालिया कांग्रेस के बयान पर पलटवार बीजेपी प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा देश के अंदर व्यवस्था है, कानून है, संविधान है. आम नागरिक को अपनी राय रखने का अधिकार है. इस मामले पर सवाल होने चाहिए, सही-गलत पर चर्चा होनी चाहिए. मैंने भी वीडियो देखा, किसी भी तरह का आपत्तिजनक विषय नहीं है. भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि विधायक, सांसद या जनप्रतिनिधि भी मानव हैं. कांग्रेस मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी है, इसलिए छोटे-छोटे मुद्दों पर विवाद कर रही है. कांग्रेस पहले जवाब दे कि अपराधिक घटनाओं में उनके लोग क्यों शामिल हैं? नाराज ग्रामवासियों ने जताया था विरोध बता दें कि कुरूद के नकटा तालाब (स्व. देवादास बंजारे) का नामकरण बिहार की लोक गायिका शारदा सिन्हा के नाम पर करने से नाराज ग्रामवासी अपना विरोध दर्ज कराने गुरुवार को विधायक रिकेश सेन के कार्यालय में पहुंचे थे. चर्चा के दौरान विधायक रिकेश सेन ने एक युवक का जबड़ा पकड़ लिया था, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है.

मतदान से एक दिन पहले और मतदान दिवस के दिन प्रकाशित होने वाले राजनैतिक विज्ञापनों का प्रमाणन जरूरी

रायपुर सभी राजनैतिक दलों, रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के लिए उप निर्वाचन लडने वाले सभी प्रत्याशियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देश अनुसार मतदान दिवस एवं मतदान से एक दिन पूर्व मीडिया में प्रकाशित होने वाले राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों के विज्ञापनों का प्रमाणन मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) से अनिवार्य रूप से कराना होगा। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने जरूरी निर्देश भी जारी किए है। रायपुर दक्षिण विधानसभा उप निर्वाचन में 13 नवम्बर बुधवार को वोट डाले जाएंगे, इसे देखते हुए 12 व 13 नवम्बर को प्रिंट मीडिया में प्रकाशित किए जाने वाले ऐसे तमाम राजनीतिक विज्ञापनों को राज्य स्तर या जिला पर गठित प्रमाणन व मीडिया निगरानी समिति (एमसीएमसी) से पूर्व-प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए है। इन दोनों दिन राजनीतिक लाभ लेने व मतयाचना के लिए राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों द्वारा समाचार-पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराया जाता है। भारत निर्वाचन आयोग के निदेर्शानुसार राज्य स्तर पर एक राज्य स्तरीय एमसीएमसी कमेटी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा गठित की गई है, राज्य स्तरीय कमेटी में राजनीतिक दलों द्वारा प्रकाशित कराये जाने वाले राजनीतिक विज्ञापनों का प्रमाणीकरण कराया जा सकता है, इसके साथ ही हर जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जिला स्तर पर एमसीएमसी कमेटी गठित है। विधानसभा उप निर्वाचन लडने वाले प्रत्याशी अपने राजनीतिक विज्ञापनों को जिला स्तरीय समिति से प्रमाणीकरण करा सकते हैं। इसके लिए प्रत्याशियों को विज्ञापन प्रकाशन की प्रस्तावित तिथि से 3 दिन पहले तक विज्ञापन के प्रारूप की तीन प्रतियों के साथ निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत करना होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मीडिया प्रमाणन का मूल आधार आदर्श आचार संहिता के पालन से जुड़ा है। मीडिया में ऐसा कोई विज्ञापन नहीं दिया जाएगा जो सामाजिक समरसता को बिगाडने अथवा तनाव को बढ़ाने, शांति भंग करने, संविधान और कानून के विपरीत, नैतिकता, सदाचार के विपरीत हो। किसी की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाले विज्ञापनों के प्रकाशन पर भी रोक रहेगी। कलेक्टर ने बताया कि मतदान के दिन और मतदान से एक दिन पहले मीडिया में प्रकाशित होने वाले राजनैतिक विज्ञापन का समिति द्वारा प्रमाणन कराया जाना आवश्यक है। इन विज्ञापनों में प्रिंट मीडिया, टीवी चैनल, केबल टीवी चैनल, रेडियो (निजी एफएम सहित), सिनेमा घर, ई-समाचार पत्र, बल्क एवं वाईस एसएमएस एवं सार्वजनिक स्थलों पर दृश्य-श्रव्य माध्यम शामिल है।

थुलथुली मुठभेड़ में अत्याधुनिक हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद, 11 हथियारों की पहचान

दंतेवाड़ा अबूझमाड़ (नारायणपुर) के थुलथुली में महीने भर पहले हुई अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़ में मिले अत्याधुनिक हथियारों में से 11 हथियारों की पहचान हो गई है, जो नक्सलियों ने दो दशक में विभिन्न अलग-अलग मुठभेड़ों में फोर्स से लूटा था। इस मुठभेड़ में डीकेएसजेडसी मेंबर स्तर की नक्सली नीति उर्फ उर्मिला समेत 38 नक्सली मारे गए थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बरामद हथियारों में से एक इंसास नक्सलियों ने 2009 में राजनांदगांव के मदनवाड़ा मुठ मुठभेड़ में लूटा था, जिसमें एसपी विनोद चौबे समेत 29 जवान बलिदान हुए थे। अबुझमाड़ के थुलथुली नेंदुर में बरामद दो दर्जन से अधिक हथियारों की पहचान की कोशिश में पुलिस जुटी हुई थी। ज्यादातर एके-47, इंसास, एसएलआर, इंसास एलएमजी, यूबीजीएल, 2 इंची मोर्टार जैसे हथियार पुलिस व अर्धसैनिक बलों से लूटे हुए हैं, लिहाजा इसमें दर्ज सीरियल नंबर और आबंटित कोड से हथियारों की पहचान की जाती है। अन्य हथियार नक्सलियों के कारखाने द्वारा निर्मित स्वदेशी बंदूकें और जुगाड़ वाली होते हैं। इन मुठभेड़ों में 127 जवान बलिदान थुलथुली मुठभेड़ में बरामद हथियार सात मुठभेड़ों से लूटे गए हैं, उन मुठभेड़ों में फोर्स के कुल 126 जवान बलिदान हुए थे। इन मुठभेड़ों में 24 अप्रैल 2017 को सुकमा के बुरकापाल में हुई मुठभेड़ में 25 जवानों को बलिदान कर लूटी गई एलएमजी, नारायणपुर के झारा कैंप से निकले जवानों पर 9 जून 2011 को हमला कर लूटी गई एक एके 47, 24 जनवरी 2018 को नारायणपुर इरपानार में चार जवानों को बलिदान कर लूटी गई एके 47 मिली है। नारायणपुर के नटुमपारा में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में तीन जवान को शहीद कर लूटी गई एक इंसास राइफल, तीन अप्रैल 2021 को बीजापुर के टेकुलगुड़ेम में 23 जवानों को बलिदान कर लूटे गए हथियारों में से 1 एके-47, 11 मार्च 2014 को सुकमा के टहाकवाड़ा में 11 सीआरपीएफ और जिला बल के चार जवानों के बलिदान के बाद लूटे गए हथियारों में से एक इंसास मिली है। इसी तरह 18 मई 2016 को बीजापुर के बासागुड़ा थाने में पकड़कर रखा गया नक्सली वहां से यूबीजीएल छीनकर ले गया था। वह भी बरामद हुई है। 13 मई 2003 को दंतेवाड़ा के गीदम थाना को लूटकर ले जाए गए हथियारों में से एक एसएलआर, 10 मई 2003 को धमतरी के मांदागिरी में 11 जवानों की हत्या कर लूटे गए हथियारों में से एक एसएलआर मिली, एनएमडीसी माइनिंग पर 9 फरवरी 2006 को आठ सीआइएसएफ जवान की हत्या कर लूटे गए हथियारों में से एक एसएलआर और सुकमा-बीजापुर के टेकलगुड़ेम मुठभेड़ में 23 जवानों को शहीद कर लूटे गए हथियारों में से एक एके 47 मिली है। इंप्रोवाइज कर स्नाइपर रायफल में बदला थुलथुली मुठभेड़ में अत्याधुनिक स्नाइपर रायफल भी मिले थे। मुठभेड़ स्थल में नक्सलियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद हुआ, जिनमें एक इंसासा एलएमजी, चार एके-47, छह एसएलआर, तीन इंसास, दो 303 रायफल और नक्सलियाें द्वारा निर्मित स्वदेशी हथियार व गोला-बारूद शामिल हैं। सबसे खास बात यह रही कि इनमें से तीन एके-47 को नक्सलियों ने स्नाइपर रायफल के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि हुई। इन अत्याधुनिक हथियारों में अलग से उपकरण लगाए गए थे।

ईपीएफओ ने नए निकासी नियम लागू: रिटायरमेंट से 1 साल पहले निकाल सकते हैं 90% राशि

रायपुर यदि किसी कर्मचारी की नौकरी सेवानिवृत्ति से पहले ही चली जाती है, तो वह कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से अपनी कुल जमा राशि का 75 प्रतिशत एक माह बाद ही निकाल सकता है। अगर दो महीने तक बेरोजगारी बनी रहती है, तो वह अपनी पूरी राशि निकाल सकता है। नई नौकरी मिलने पर शेष फंड को नए ईपीएफओ खाते में ट्रांसफर किया जा सकता है। ईपीएफओ ने इस संबंध में पैसे निकालने के नियमों में बदलाव किए हैं, जिससे निकासी प्रक्रिया अधिक सरल हो गई है। ईपीएफओ में फंड जमा और निकासी की प्रक्रिया नौकरीपेशा व्यक्ति अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा ईपीएफओ में जमा करता है, जो सेवानिवृत्ति के बाद मैच्योर होती है। हालांकि, आवश्यकता पड़ने पर इसमें से आंशिक राशि समय-समय पर निकाली जा सकती है। अ ब नए नियमों के तहत, कोई भी सदस्य अपनी जमा राशि के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। शिक्षा, घर खरीदने या निर्माण, शादी, या चिकित्सा खर्चों के लिए फंड निकासी का प्रावधान है। सेवानिवृत्ति से एक वर्ष पहले तक 90% निकासी की सुविधा नए नियमों के अनुसार, कोई भी कर्मचारी सेवानिवृत्ति से एक साल पहले तक अपनी कुल जमा राशि का 90 प्रतिशत तक निकाल सकता है। इसके लिए सदस्य की न्यूनतम आयु 54 वर्ष होनी चाहिए। यह प्रावधान उन लोगों के लिए लाभकारी है, जो सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच रहे हैं और उन्हें तत्काल धन की आवश्यकता होती है। टैक्स लाभ का प्रावधान यदि कोई कर्मचारी पांच साल तक ईपीएफ में योगदान करता है, तो निकासी के समय उसे टैक्स में छूट का लाभ मिल सकता है। मैच्योरिटी पर टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) भी लागू होगा। हालांकि, यदि निकासी 50,000 रुपये से कम की है, तो टीडीएस नहीं कटेगा। पैन कार्ड जमा होने पर 10 प्रतिशत टीडीएस काटा जाएगा, जबकि पैन कार्ड न होने पर यह कटौती 30 प्रतिशत होगी। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया ईपीएफओ सदस्य अपने फंड की निकासी के लिए ईपीएफ पोर्टल या उमंग एप का उपयोग कर सकते हैं। आवेदन जमा करने के बाद, नियोक्ता से मंजूरी मिलने पर राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाती है। इसके साथ ही सदस्य अपने आवेदन का स्टेटस भी ऑनलाइन चेक कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी बनी रहती है।

आमाखोखरा बांध से 21 गांव के 7 हजार किसान सिंचाई सुविधा से होंगे लाभांवित

कोरबा आमाखोखरा में 11 साल पहले बना जलाशय का पानी अब तक खेतों में नहीं पहुंच सका है। मुआवजा वितरण विवाद और कोरोना काल की वजह से नहर निर्माण में देरी हुई। जिस नहर का निर्माण 52 करोड़ में पूरा होना था, उसकी लागत दोगुना यानी 104 करोड़ रुपये हो गई है। जल संसाधन विभाग ने फिर से बजट की मांग शासन से की थी। बढ़ी हुई लागत 52 करोड़ रुपये शासन ने स्वीकृत कर दी है। मुआवजा के लंबित प्रकरणों के निराकरण के साथ निर्माण कार्य शुरू होगा। 23.10 किलोमीटर नहर निर्माण का काम पूरा होने से 21 गांव के सात हजार किसान सिंचाई सुविधा से लाभांवित होंगे। प्रक्रिया धीमी होने कारण काम लंबित होता चला गया जलसंसाधन कटघोरा अनुविभाग ने 13 साल पहले वर्ष 2011 में आमाखोखरा गांव में जलाशय निर्माण के लिए काम शुरू किया। 2013 में अहिरन नदी पर 18. 50 करोड़ की लागत से बांध का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ। जलाशय के लिए तो पर्याप्त जमीन मिल गई पर नहर के लिए निजी जमीन का अधिग्रहण नहीं हो सका। प्रक्रिया धीमी होने कारण काम लंबित होता चला गया। जमीन का मूल्य समय के बढ़ने के कारण नहर निर्माण का लागत भी बढ़ गया। किसान सहयोग के लिए तैयार निर्मित हो चुके बांध से केवल कटघोरा नहीं बल्कि पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के खेतों तक पानी पहुंचाना है। सिंचाई सुविधा बढ़ने की आस लेकर किसान सहयोग के लिए तैयार हैं, कुल खेती 46 फीसदी रकबा ही सिंचित है। अधिकांश किसान छोटे जलाशयों पर निर्भर हैं, लेकिन नहर विस्तार नहीं होने से सिंचित रकबा में बढ़ोतरी नहीं हो रही। अधूरे छोटे जलाशय का निर्माण और पूर्ण हो चुके जलाशयों के नहर का विस्तार किया जाए तो किसानाें को वर्षा आश्रित खेती से मुक्ति मिल सकती है। आठ सहायक नहरों का भी होगा निर्माण आमाखोखरा बांध से 21 गांवों में पानी पहुंचाने के लिए 23.10 किलोमीटर नहर बनाया जाना है। मुख्य नहर के दाएं व बाएं छोर में आठ शाखा नहर बनाने की योजना हैं, जिसकी लंबाई 9.93 किलोमीटर है। इन नहरों से पानी खेतों तक पहुंचने से किसानाें को न केवल खरीफ बल्कि रबी फसल में भी सुविधा होगी। नहर बनाने के लिए प्रति हेक्टेयर दो लाख 81 हजार रुपये खर्च आएगा। नगर पंचायत में हो रही जलापूर्ति इस जलाशय के पानी का उपयोग भले ही सिंचाई के लिए नहीं हो रहा हो लेकिन पेयजल आपूर्ति के काम आ रहा रहा है। नगर पंचायत कटघोरा के 13 हजार आबादी में जलापूर्ति करने पाइप लाइन बिछाया है। जलाशय निर्माण के समय नगर पंचायत ने जल संसाधन से जलापूर्ति का अनुबंध किया था। प्रति दिन 1.32 मिलियन घन मीटर पेयजल के रूप में प्रदाय किया जा रहा। जलाशय निर्माण का मुख्य उद्देश्य सिंचाई सुविधा देना है। पुन: राशि स्वीकृति होने से निर्माण पूरा होने की उम्मीद एक बार फिर बंध गई है। इन गांवों तक पहुंचाना है पानी आमाखोखरा डायर्वन से जिन गांवों तक पानी पहुंचना है उनमें जुराली, कसनिया, कापूबहरा, लखनपुर, विजयपुर, अभयपुर, सिंघाली, भेजीनारा, शुक्लाखार, रोहिना, पुरैना, मड़वाढोढ़ा, मोंगरा, कोरई, बांकी, अरदा, हर्राभांठा, जमनीमुड़ा, घनाकछार, जमनीमुड़ा, ढपढप, कसरेंगा, ढेलवाडीह शामिल है। सिंचाई के लिए चिन्हांकित गांवों में अधिकांश कालरी प्रभावित हैं जहां खदान के कारण वर्षा खेतों में अधिक समय नहीं ठहरता।

मां अंगारमोती परिसर में हुआ जहां 54 गांवों के देवी-देवता निसंतान दंपत्तियों को मिला आशीर्वाद

धमतरी मां अंगारमोती शक्तिपीठ गंगरेल में आज भी सदियों की आस्था लोगों में जागृत है। दीपावली के बाद पहले शुक्रवार को गंगरेल मड़ई का आयोजन मां अंगारमोती परिसर में हुआ जहां 54 गांवों के देवी-देवता निसंतान दंपत्तियों को आशीर्वाद देने के लिए पहुंचे। मां अंगारमोती की पूजा-अर्चना कर निसंतान महिलाओं ने संतान प्राप्ति की कामना की। मड़ई में क्षेत्र के सैकड़ों लोग तो शामिल हुए है साथ ही आसपास के जिलों के लोग भी संतान प्राप्ति के लिए पहुंचे हुए थे। मड़ई में पहुंचे बैगाओं ने त्रिशूल, कासल, सांकल आदि हाथ में रख संस्कृति का प्रदर्शन किया। युवक डांग लेकर उनकी अगुवाई करते रहे। जगह-जगह इनकी पूजा-अर्चना भी की गई। इस दौरान आंगादेव पारंपरिक बाजे की थाप पर जमकर थिरकते रहे। गंगरेल मड़ई देखने शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों लोग पहुंचे। मां अंगारमोती देवी के दर्शन कर उन्होंने अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना भी की। नि:संतान महिलाओं ने मां अंगारमोती के दरबार में जल चढ़ाकर संतान प्राप्ति की कामना की। मान्यता के अनुसार दिवाली के बाद आने वाले पहले शुक्रवार को यहां मड़ई का आयोजन किया जाता है। इसके बाद ही अंचल के अन्य गांवों में मड़ई मेले के आयोजन का सिलसिला शुरू होता है। साल की पहली मड़ई होने के कारण यहां शहर समेत गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। मड़ई का मुख्य आकर्षण 54 गांवों से पहुंचने वाले देवी-देवता रहते हैं, जिन्हें विधि-विधान के साथ मां अंगारमोती के दरबार में आमंत्रित किया जाता है। इन देवी-देवताओं के साथ आंगा देवता भी आते हैं।

मरीज के परिजन से अस्पताल में सफाई कराने का मामला, अस्पताल की स्टाफ नर्स और वार्ड आया निलंबित

रायपुर बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर सिविल अस्पताल में एक मरीज के परिजनों से सफाई कराने के मामले को स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गंभीरता से लिया है। मामले की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग बलरामपुर को इसकी जांच करने के निर्देश दिए गए थे। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने अपनी आरंभिक जांच में ड्यूटी पर उपस्थित स्टाफ नर्स और वार्ड आया को इसके लिए जिम्मेदार माना है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट पर बलरामपुर जिले के कलेक्टर ने स्टाफ नर्स अमिता मिंज और वार्ड आया अनीता सिंह को उनके पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही , अनुशासनहीन और अकर्मण्य मानते हुए निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय जिला अस्पताल बलरामपुर रामानुजगंज किया गया है।

पुलिस को नशे के खिलाफ मिली बड़ी सफलता, 52 किलोग्राम गांजा सहित 3 तस्कर गिरफ्तार

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस को नशे के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है. जिले की दो अलग-अलग थाना क्षेत्र में पुलिस ने गाड़ियों की चेकिंग के दौरान कुल 52 किलोग्राम गांजा बरामद कर 2 अंतर्राज्यीय तस्करों समेत 3 तस्करों को गिरफ्तार किया है. बता दें, जिले की देवभोग पुलिस खुटगांव चेक पोस्ट के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान एक यूपी पासिंग वैगनआर कार को रोका और तलाशी तो कार से 34 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ. पुलिस ने गांजा जब्त कर कार में सवार 2 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है. देवभोग थाना प्रभारी गौतम गावड़े ने बताया कि तस्कर ओडिशा से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में खपाने जा रहे थे. गांजा तस्करी के आरोपियों के नाम- शैलेन्द्र कुमार और हरिओम है. यह दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है. बाईक से 18 किलो गांजा जब्त वहीं गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस की दूसरी कार्रवाई जिले के छुरा थाना क्षेत्र में की गई. पुलिस ने एक बाइक से तस्करी करने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है. मुखबिर से सूचना के आधार पर बाईक की तलाशी ली जिसमें 18 किलो गांजा बरामद हुआ. पुलिस ने गांजा जब्त कर अभनपुर निवासी आरोपी योगेश साहू को गिरफ्तार कर लिया है.

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