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छात्रावास की छात्राओं के संबंध में प्रसारित खबर भ्रामक एवं तथ्यहीन

जांच में स्पष्ट हुए तथ्य, विधानसभा में स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया स्पष्टीकरण रायपुर  पोर्टा केबिन हाई स्कूल छात्रावास की तीन छात्राएँ गर्भवती हैं। इस संबंध में शिक्षा विभाग द्वारा मामले की तथ्यात्मक जांच कराई गई, जिसमें उक्त खबर भ्रामक एवं निराधार पाई गई है। उक्त मामले में आज विधानसभा के सदन में सरकार की ओर से स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि मामले में प्रस्तुत तथ्यों की विस्तृत जांच की गई है। मंत्री ने कहा कि जिन तीन छात्राओं का उल्लेख किया जा रहा है, उनमें से दो छात्राएँ पोर्टा केबिन हाई स्कूल छात्रावास की निवासी नहीं हैं। वे स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय, गंगालूर में अध्ययनरत हैं और अपने घर से ही विद्यालय आना-जाना करती हैं। मंत्री ने आगे बताया कि समाचार में उल्लेखित तीसरी छात्रा पूर्व में पोर्टा केबिन हाई स्कूल छात्रावास में अध्ययनरत थी, लेकिन 18 अक्टूबर 2025 को दीपावली अवकाश में घर जाने के बाद से वह छात्रावास वापस नहीं आई। इसके बाद 6 नवंबर 2025 को छात्रा ने छात्रावास में उपस्थित होकर स्वेच्छा से घर से आना-जाना करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। तब से वह छात्रावास में निवास नहीं कर रही है। मंत्री के अनुसार छात्रा को छात्रावास से निष्कासित नहीं किया गया है, बल्कि उसने स्वयं छात्रावास छोड़कर अन्यत्र रहकर पढ़ाई जारी रखने का निर्णय लिया है। सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि संबंधित छात्राओं एवं उनके अभिभावकों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।  

युवा कौशल और रोजगार को बढ़ावा: विभाग का 2026-27 का बजट पास

  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा का विस्तार, जगरगुंडा और ओरछा में नए आईटीआई 145 शासकीय आईटीआई में आधुनिक मशीन और उपकरणों के लिए 25 करोड़ रुपये 35 आईटीआई में भवन निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ का प्रावधान लाईवलीहुड कॉलेज योजना के लिए 33 करोड़, युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण नवा रायपुर में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण को 38 करोड़ का बजट रायपुर,   छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र फरवरी-मार्च 2026 में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विभागीय बजट प्रस्तुत किया। मंत्री ने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास के लिए कृषि, उद्योग, शिक्षा, सेवाएं और प्रौद्योगिकी प्रमुख क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिए कुशल इंजीनियरों और तकनीकी कौशल से युक्त मानव संसाधन का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के समुचित विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। तकनीकी शिक्षा के विस्तार और अधोसंरचना विकास पर जोर   मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में वर्तमान में 4 छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, 2 शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, 1 सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रायपुर, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई) तथा 20 निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालय संचालित हैं। वहीं पॉलीटेक्निक क्षेत्र में 3 सीजीआईटी (पॉलीटेक्निक), 35 शासकीय पॉलीटेक्निक, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग तथा 14 निजी पॉलीटेक्निक संस्थान संचालित हैं। इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में 11 हजार 528 तथा पॉलीटेक्निक संस्थानों में 8,408 सीटें उपलब्ध हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग का बजट वर्ष 2018 में 265.49 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वर्ष 2026-27 में 372.35 करोड़ रुपये हो गया है।          मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि राज्य में विश्वस्तरीय तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से रायगढ़, जगदलपुर, कबीरधाम, जशपुर, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना के लिए 12.02 करोड़ रुपये तथा मशीन और उपकरणों की खरीद के लिए 98 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सीजीआईटी रायगढ़ में अतिरिक्त कक्ष निर्माण और ऑडिटोरियम जीर्णाेद्धार के लिए 2.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।           नया रायपुर स्थित अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए स्थापना अनुदान के रूप में 15 करोड़ रुपये तथा 18 नए पदों के सृजन के लिए 50 लाख  रुपये का प्रावधान किया गया है। गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के अधोसंरचना विकास हेतु 41.90 करोड़ रुपये की परियोजना में से वर्ष 2026-27 में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त मशीन एवं उपकरण क्रय के लिए 10 करोड़ रुपये तथा स्थापना अनुदान के लिए 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। शासकीय पॉलीटेक्निक संस्थान रायपुर (कन्या), दुर्ग, रायगढ़ और धमतरी में मशीन एवं उपकरणों की खरीद के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक रायपुर में 150 सीटर छात्रावास और वाहन स्टैंड निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों के लिए योजनाएं और नवाचार          मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर ब्याज में राहत प्रदान की जाएगी। इसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे छात्रों को स्टार्टअप और नवाचार गतिविधियों में सहायता मिलेगी। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर के स्थापना अनुदान एवं परीक्षा प्रतिपूर्ति के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आईटीआई प्रशिक्षण और रोजगार अवसरों का विस्तार          राज्य में वर्तमान में 201 शासकीय तथा 113 निजी आईटीआई संचालित हैं, जिनमें लगभग 61 हजार प्रशिक्षण सीटें उपलब्ध हैं। वर्ष 2025-26 में आईटीआई में प्रवेश के लिए लगभग 76 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिससे युवाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट होती है। नक्सल प्रभावित ओरछा विकासखंड में नवीन आईटीआई की स्थापना की गई है, जिससे अब राज्य के सभी विकासखंडों में आईटीआई संचालित हो रहे हैं। आईटीआई में मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर टेक्नीशियन तथा ड्रोन टेक्नीशियन जैसे आधुनिक और रोजगारोन्मुख कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।              जगरगुंडा (सुकमा) और ओरछा (नारायणपुर) में एजुकेशन सिटी के अंतर्गत नवीन आईटीआई स्थापना, पद सृजन, छात्रावास एवं भवन निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 145 शासकीय आईटीआई में मशीन, औजार और उपकरणों की व्यवस्था के लिए 25 करोड़ रुपये तथा 35 आईटीआई में भवन निर्माण एवं विशेष मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।             मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में 372 प्लेसमेंट कैम्प आयोजित कर 9 हजार 756 युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। वर्ष 2026-27 में रोजगार मेलों के आयोजन के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कौशल विकास को मिलेगा नया प्रोत्साहन           छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के लिए वर्ष 2026-27 में 38 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक 4 लाख 91 हजार 543 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2 लाख 72 हजार 754 युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। वर्तमान में 366 संस्थाएं कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं, जिनमें 212 लघु अवधि के कोर्स संचालित हैं। युवाओं को आधुनिक क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देने के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा, साइरोनिक्स टेक्नोलॉजी, नांदी फाउंडेशन, द लॉन्ड्री बैग तथा सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ अनुबंध किए गए हैं।          राज्य परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज सोसायटी के लिए वर्ष 2026-27 में 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत अब तक 67 हजार 118 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। नवा रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कौशल प्रशिक्षण संस्थान के रूप में लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए भूमि लीज अनुबंध हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।          मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास … Read more

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब बोले – मनखे-मनखे एक समान के सिद्धांत पर चल रही है हमारी सरकार

अनुसूचित जाति विकास विभाग के लिए 573 करोड़ रूपए की अनुदान मांग पारित अनुसूचित जाति उपयोजना में 12 हजार 970 करोड़ का प्रावधान, छात्रों और आजीविका पर जोर सीजी एसीई, यूपीएससी, सीजीपीएससी सहित बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उड़ान, शिखर और मंजिल’ से मिलेगा युवाओं को विशेष अवसर छात्रावास नहीं मिलने वाले विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना: ढाई करोड़ रूपए का प्रावधान विभिन्न जिलों में छात्रावास भवनों के लिए 25 करोड़ का प्रावधान सतनाम पंथ के तीर्थ स्थलों का होगा विकास, गिरौदपुरी-भण्डारपुरी क्षेत्र में नई सुविधाएं रायपुर अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के विभाग के लिए 12 हजार 970 करोड़ रूपए की अनुदान मांगें विधानसभा में आज पारित कर दी गई है।            मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए अनुसूचित जाति विकास विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि हमारी सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े अनुसूचित जाति वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रातः स्मरणीय, विश्ववंदनीय परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास बाबा जी के मनखे-मनखे एक समान के संदेश पर चल रही है। इसी कड़ी में सरकार अनुसूचित जातियों की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।            मंत्री साहेब  ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण हेतु 7 करोड़ 15 लाख 39 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति उपयोजना हेतु 565 करोड़ 89 लाख 8 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल बजट 573 करोड़ 4 लाख 47 हजार रुपये बजट का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष के मुख्य बजट 531 करोड़ 17 लाख 64 हजार रुपये की तुलना में 7.88 प्रतिशत अधिक है। अनुसूचित जाति उपयोजना में बड़ा प्रावधान            मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने बताया कि राज्य के मुख्य बजट में अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से 12,970 करोड़ 2 लाख 45 हजार रुपए का समेकित बजट प्रावधान किया गया है।  यह राशि विकास और अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जाएगी। नई योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए          गुरु खुशवंत साहेब ने सदन में बताया कि बजट में कई नई योजनाओं के लिए प्रावधान किया गया है। इनमें अनुसूचित जाति विकास संचालनालय की स्थापना के लिए 30 नए पदों के सृजन हेतु 2 करोड़ 26 लाख 4 हजार रुपये का प्रावधान शामिल है। परंपरागत चर्म शिल्प व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका सुधारने के लिए प्रशिक्षण और सामग्री उपलब्ध कराने हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्रावास और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार         मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 342 प्री-मैट्रिक छात्रावास, 92 पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास और 51 आश्रम संचालित हैं, जिनमें कुल 25 हजार 927 सीटें स्वीकृत हैं। उन्होंने बताया कि भवन विहीन संस्थाओं के लिए नए भवनों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, जशपुर और बेमेतरा जिलों में छात्रावास, क्रीड़ा परिसर और आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे। प्रदेश के बड़े शहरों छात्रावासों में प्रवेश नहीं मिल पाने पर विद्यार्थियों को सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही विद्यार्थियों के शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नई योजना के तहत            अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने हेतु सीजी-अस्सिटेंस फॉर कम्पेटीटिव एक्जामिनेशन योजना शुरू किया जाएगा। इसके तीन घटक क्रमशः ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ के लिए कुल 7 करोड़ 47 लाख 70 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेलवे और बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी हमारे युवा प्रतिभागी कर सकेंगे। धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों का विकास          मंत्री साहेब ने बताया कि सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु  घासीदास से जुड़े तीर्थ स्थलों के विकास के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। गिरौदपुरी-भण्डारपुरी क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट, सतनाम मार्ग के विकास और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए राशि का प्रावधान की गई है। इसके लिए कुल 2.50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण को बढ़ी राशि सरकार ने अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों के विकास के लिए गठित प्राधिकरण के बजट में 25 करोड़ रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 75 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है।  मंत्री साहेब  ने कहा कि सामाजिक समरसता के संदेश “मनखे-मनखे एक समान” को आधार बनाकर सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान और विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।    

एक साथ कई जोड़े बने जीवनसाथी, छत्तीसगढ़ का सामूहिक विवाह विश्व रिकॉर्ड में शामिल

6,412 जोड़ों के साथ सामाजिक समरसता के साथ ऐतिहासिक मिसाल रायपुर, छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक एकता और अंत्योदय की भावना का ऐसा प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी देशभर में सराहना हो रही है। 10 फरवरी को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में पूरे प्रदेश से कुल 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें से 1,316 जोड़ों का विवाह रायपुर में प्रत्यक्ष रूप से संपन्न हुआ, जबकि शेष जोड़े प्रदेश के विभिन्न जिलों से वर्चुअल माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़े। सभी विवाह धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुरूप संपन्न कराए गए, जिससे यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर सामाजिक समरसता और सामूहिक खुशियों का विराट उत्सव बन गया। इस ऐतिहासिक आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस समारोह की विशेषता यह भी रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, आपसी सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की भावना का जीवंत प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान, विश्वास और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, लेकिन इस योजना ने उस चिंता को दूर कर हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशियां और विश्वास का संचार किया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी और वर्तमान सरकार इसे और अधिक व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सामाजिक समरसता को और मजबूत बनाया जाए। यह ऐतिहासिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता, जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग के साथ लागू होती हैं, तब वे केवल सरकारी योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन जाती हैं। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती है।

एससीबी मेडिकल कॉलेज कटक की दुर्घटना पर सीएम विष्णु देव साय का शोक संदेश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है। मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।

जगन्नाथ मंदिर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पूजा-अर्चना, लिया भगवान का आशीर्वाद

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  आज राजधानी रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य महाआरती में शामिल हुए और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

TET अनिवार्यता के खिलाफ 4 अप्रैल को दिल्ली में होगा विशाल प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ से 25 हजार शिक्षक होंगे शामिल

रायपुर  टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में देशभर के शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन का निर्णय लिया है। इस क्रम में चार अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ से 25 हजार से अधिक शिक्षक भाग लेंगे। आंदोलन की तैयारियों के लिए रायपुर में शिक्षक संगठनों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षक नेता केदार जैन, मनीष मिश्रा, रविंद्र राठौर और जाकेश साहू सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले हुई बैठक टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के बैनर तले सभी संगठनों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। बैठक में बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुसार सभी शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। यदि कोई शिक्षक दो वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण नहीं करता है, तो उसकी नौकरी पर संकट आ सकता है। इस निर्णय को लेकर देशभर के शिक्षकों में असंतोष है। करीब 82हजार शिक्षक टीईटी पास नहीं बैठक में आंदोलन की तैयारियों को मजबूत करने के लिए 21 मार्च को राज्य के सभी जिलों में और 24 मार्च को सभी 146 विकासखंडों में समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ में करीब 82 हजार शिक्षक ऐसे हैं जो टीईटी क्वालिफाइड नहीं हैं, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति उस समय हुई थी जब टीईटी अनिवार्य नहीं था। नियम वर्ष 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू होगा सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि यह नियम वर्ष 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू होगा। ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति 2010 के बाद हुई है, उन्हें नियुक्ति के दो सालों के भीतर टीईटी पास करना होगा। कोर्ट ने साफ किया है कि संपूर्ण देश के सभी राज्यों को इस आदेश का पालन करना अनिवार्य है। एक याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट, बिलासपुर में भी लंबित उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के समान ही एक याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट, बिलासपुर में भी लंबित है। इसमें शिक्षकों ने टीईटी को पदोन्नति में अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले – स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार

छत्तीसगढ़ को मिली डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट, लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज का लाभ चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बयान: ‘मरीजों की सेहत से समझौता नहीं’ – रायपुर में

रायपुर : मरीजों की सेहत से समझौता नहीं – स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री का मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल में औचक निरीक्षण रायपुर  प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने  शासकीय सिविल अस्पताल मनेन्द्रगढ़ का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों एवं अस्पताल प्रबंधन से आवश्यक जानकारी लेते हुए मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का औपचारिक निरीक्षण किया। रविवार होने के कारण ओपीडी बंद थी, इसके बावजूद उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और साफ-सफाई को लेकर संतोष व्यक्त किया। सीएचएमओ डॉ. खरे ने बताया कि अस्पताल परिसर में अनावश्यक रूप से आने वाले अवांछनीय तत्वों की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। ऐसे लोगों पर निगरानी रखने के लिए अस्पताल में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई है, जो दो शिफ्टों में तैनात रहते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में जब मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होगा, तब सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस दौरान सीएचएमओ डॉ. अविनाश खरे, स्वप्निल तिवारी, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा सहित अस्पताल के चिकित्सक, अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

रायपुर में मुस्लिम वकील की विवादित टिप्पणी, हिंदू संगठनों का थाने घेराव, FIR दर्ज, हिंदू इबादत क्या जानें, ये लोग काफिर लिखा

रायपुर   छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के राजातालाब इलाके में मुस्लिम एडवोकेट ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं और हिंदुत्व को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। स्टेटस सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। विवादित पोस्ट के बाद तनाव का माहौल है। इसके विरोध में हिंदू संगठन के लोगों ने थाने का घेराव कर दिया। कार्यकर्ताओं की शिकायत पर पुलिस ने मुस्लिम एडवोकेट के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में FIR दर्ज कर ली है। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, अंजुम खान राजातालाब का रहने वाला है और पेशे से एडवोकेट है। उसने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर रमजान की शुभकामनाओं के साथ हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की थी। एडवोकेट ने लिखा ये लोग इबादत क्या जानें और हिंदुओं को काफिर बोला। कार्यकर्ताओं की शिकायत पर पुलिस ने मुस्लिम एडवोकेट के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में FIR दर्ज कर ली है। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, अंजुम खान राजातालाब का रहने वाला है और पेशे से एडवोकेट है। उसने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर रमजान की शुभकामनाओं के साथ हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की थी। एडवोकेट ने लिखा ये लोग इबादत क्या जाने और हिंदुओं को काफिर बोला। हिंदू संगठनों ने थाने का किया घेराव राजातालाब निवासी तुलेश यादव ने 14 मार्च को यह पोस्ट देखने के बाद इसका विरोध किया। अगले दिन वे हिंदू संगठन के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ सिविल लाइन थाना पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान थाने के बाहर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप हिंदू संगठनों का आरोप है कि आरोपी ने जानबूझकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से यह टिप्पणी की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी समाज में तनाव पैदा करती है और इस पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है। पुलिस ने दर्ज की FIR, बढ़ाई गश्त मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर पुलिस भी अलर्ट हो गई है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी अंजुम खान के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में FIR दर्ज कर ली है। वहीं इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और आरोपी की तलाश की जा रही है। थाने के बाहर युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग हिंदू संगठन के तुलेश यादव ने 14 मार्च को सोशल मीडिया पर अंजुम खान का आपत्तिजनक पोस्ट देखा। तुलेश ने हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी को लेकर आप​त्ति जताई। दूसरे दिन संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचे। संगठन कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर युवक के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की। हिंदू संगठनों का आरोप है कि आरोपी ने जानबूझकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से यह टिप्पणी की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ‘हिंदुओं के देश में हमारी आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।’ पुलिस अधिकारियों ने अलर्ट रहने के दिए निर्देश हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के थाना पहुंचने की सूचना पर रायपुर पुलिस भी अलर्ट हो गई। सिविल लाइन थाना क्षेत्र और राजातालाब इलाके में पुलिस की गश्ती बढ़ा दी गई। हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में युवक के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। वहीं युवक की तलाश तेज कर दी है।

सशक्त समाज की पहचान हैं जागरूक उपभोक्ता, सशक्त समाज की नींव

एमसीबी 15 मार्च को विश्वभर में विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है। यह दिवस उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को शोषण से बचाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। आज के दौर में जब बाजार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, वैश्वीकरण और डिजिटल तकनीक के कारण खरीद-बिक्री के तरीके नए रूप ले रहे हैं, ऐसे समय में उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उपभोक्ता अधिकार दिवस की पृष्ठभूमि विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाने की प्रेरणा 15 मार्च 1962 को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति श्रवीद  F& Kennedy द्वारा अमेरिकी संसद में दिए गए ऐतिहासिक भाषण से मिली। इस भाषण में उन्होंने पहली बार उपभोक्ताओं के चार मूलभूत अधिकारों सुरक्षा का अधिकार, जानकारी पाने का अधिकार, विकल्प का अधिकार और सुने जाने का अधिकार का उल्लेख किया था। बाद में इन सिद्धांतों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया गया और वर्ष 1983 से 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। भारत में उपभोक्ता संरक्षण की व्यवस्था भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण बाजार वाले देश में उपभोक्ता अधिकारों का महत्व और भी अधिक है। यहां करोड़ों लोग प्रतिदिन विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं का उपयोग करते हैं, इसलिए उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कानून और संस्थागत व्यवस्था आवश्यक है  उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए भारत सरकार ने  Consumer Protection Act, 2019 लागू किया, जिसने पुराने  Consumer Protection Act, 1986 का स्थान लिया। यह कानून उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापनों, घटिया या दोषपूर्ण उत्पादों, सेवा में लापरवाही, अधिक मूल्य वसूली और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं से सुरक्षा प्रदान करता है। इस कानून के तहत जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता आयोगों की स्थापना की गई है, जहां उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कर न्याय प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा उपभोक्ता मामलों के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) जैसी संस्थाएं भी कार्यरत हैं, जो बाजार में अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर निगरानी रखती हैं। उपभोक्ताओं के प्रमुख अधिकार उपभोक्ताओं को कई महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें सुरक्षित और न्यायपूर्ण बाजार व्यवस्था प्रदान करना है। प्रमुख अधिकारों में शामिल हैं- सुरक्षा का अधिकार – जीवन और संपत्ति के लिए हानिकारक वस्तुओं से सुरक्षा पाने का अधिकार। जानकारी पाने का अधिकार – वस्तु या सेवा की गुणवत्ता, मात्रा, मूल्य और उपयोग से जुड़ी सही जानकारी प्राप्त करने का अधिकार। विकल्प का अधिकार – प्रतिस्पर्धी मूल्य पर विभिन्न विकल्पों में से वस्तु या सेवा चुनने का अधिकार। सुने जाने का अधिकार – अपनी शिकायत या सुझाव को उचित मंच पर प्रस्तुत करने का अधिकार। क्षतिपूर्ति का अधिकार – किसी भी प्रकार के नुकसान या शोषण की स्थिति में मुआवजा पाने का अधिकार। उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार – अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अधिकार। स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार – स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में जीवन जीने का अधिकार। डिजिटल युग में नई चुनौतियां आज के डिजिटल युग में ई-कॉमर्स, ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल भुगतान का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इससे उपभोक्ताओं को सुविधा तो मिली है, लेकिन साथ ही कुछ नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। फर्जी वेबसाइट, नकली उत्पाद, साइबर ठगी और डेटा चोरी जैसे मामले उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए सरकार ने कई डिजिटल पहल शुरू की हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए  National Consumer Helpline  proतथा  E&Daakhil Portal जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं। इनके माध्यम से उपभोक्ता घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उसकी स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जागरूकता ही सबसे बड़ी शक्ति भारत में उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने के लिए “जागो ग्राहक जागो” जैसे व्यापक अभियान चलाए गए हैं। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि बाजार में सुरक्षित और समझदारी से व्यवहार करना उनकी जिम्मेदारी भी है। किसी भी वस्तु या सेवा को खरीदते समय बिल अवश्य लेना, एमआरपी देखना, गुणवत्ता की जांच करना और नियम-शर्तों को ध्यान से पढ़ना जैसे छोटे-छोटे कदम उपभोक्ताओं को बड़े नुकसान से बचा सकते हैं। विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस हमें यह संदेश देता है कि जागरूक उपभोक्ता ही सशक्त समाज और मजबूत अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। जब उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति सजग होंगे और किसी भी प्रकार की अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाएंगे, तभी बाजार व्यवस्था पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी बन सकेगी। उपभोक्ता जागरूकता केवल व्यक्तिगत हितों की रक्षा नहीं करती, बल्कि यह समाज में नैतिक व्यापार, पारदर्शिता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत बनाती है। यही कारण है कि आज के समय में जागरूक उपभोक्ता को सशक्त राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है।

ओडिशा के कटक में एससीबी मेडिकल कॉलेज हादसे पर CM साय ने जताई गहरी संवेदना

ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर CM  साय ने जताया गहरा शोक रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है। मुख्यमंत्री  साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री  साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।

CG में LPG संकट, एजेंसियों में लगी लंबी लाइनें, लोग बोले- “तेज धूप में घंटों खड़े हैं”, लकड़ी और कोयले की डिमांड बढ़ी

रायपुर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का सीधा असर अब छत्तीसगढ़ के आम आदमी की रसोई तक पहुंच गया है। एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत गहराने पर तेल कंपनियों ने गैस एजेंसियों को होने वाली आपूर्ति पर 20 से 25 प्रतिशत तक का कोटा निर्धारित कर दिया है।  एजेंसी संचालक बोले- घबराने की जरूरत नहीं एजेंसी संचालक अरविंद अग्रवाल ने बताया कि सिलेंडर की सप्लाई लगातार आ रही है और आज भी एक गाड़ी पहुंची है। उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, जिन उपभोक्ताओं की पर्ची कटी हुई है उन्हें सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि मौजूदा स्थिति को देखते हुए सिलेंडर की मांग बढ़ने की बात भी सामने आ रही है। रायगढ़ में सिलेंडर लेने के लिए कतार में खड़े लोग रायगढ़ में गैस सिलेंडर को लेकर लोगों में अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर पहुंचकर सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर स्टेडियम रोड स्थित परिदर्शी एचपी गैस एजेंसी की है, जहां उपभोक्ता लंबे समय से अपनी बारी का इंतजार करते हुए सिलेंडर लेने के लिए कतार में खड़े हैं। बिलासपुर में लकड़ी और कोयले की डिमांड बढ़ी बिलासपुर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने के बाद अब होटल-ढाबों में लकड़ी और कोयले की डिमांड बढ़ गई है, जिसके चलते लकड़ी और कोयले का दाम भी बढ़ गया है। वहीं, घरेलु सिलेंडर की किल्लत के चलते जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग भी हो रही है। खाद्य विभाग की टीम ने रविवार को छापेमारी कर घरेलु गैस सिलेंडर और रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए हैं। इस दौरान वहां से 6 घरेलु गैस सिलेंडर बरामद हुए। इनमें 3 बड़े और 3 छोटे सिलेंडर शामिल हैं। गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर रविवार को कांग्रेस नेताओं ने नेहरू चौक में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से गैस सिलेंडर को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार के जनविरोधी फैसलों के खिलाफ विरोध जताया गया।  प्रशासनिक सतर्कता और आगामी स्थिति हालांकि राज्य सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां स्थिति को नियंत्रित करने का दावा कर रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत फिलहाल इसके विपरीत नजर आ रही है। सीमित आपूर्ति और बढ़ती मांग के बीच डिस्ट्रीब्यूटर के लिए भंडारण और वितरण का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन गया है। व्यवस्था सामान्य होने में समय लग सकता है जानकारों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता, तब तक आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। सरकार सख्त, 102 स्थानों पर छापा मार 741 सिलेंडर जब्त प्रदेश में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की किल्लत की खबरों के बीच राज्य सरकार ने दावा किया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है। 

छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत के आयोजन में CM साय ने किया ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में हुए शामिल सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक : मुख्यमंत्री  साय रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल हुए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ और साहस का इतिहास है। विभाजन की विभीषिका की पीड़ा सबसे अधिक सिंधी समाज ने झेली। उस कठिन समय में आपके पूर्वजों ने अपनी संपत्ति छोड़ी, अपना घर छोड़ा, लेकिन अपना आत्मसम्मान और परिश्रम करने का स्वभाव कभी नहीं छोड़ा। शून्य से शिखर तक कैसे पहुँचा जाता है, यह सिंधी समाज ने आज पूरी दुनिया को सिखाया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरक्की में सिंधी समाज की प्रमुख भूमिका रही है। चाहे वह चेंबर ऑफ कॉमर्स हो या प्रदेश का छोटा-बड़ा व्यापार, आपकी मेहनत से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। आप केवल व्यापार ही नहीं करते, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं।भविष्य में हमने विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का जो सपना देखा है, उसमें सिंधी समाज का  महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज बी.टी.आई. ग्राउंड में जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह बताता है कि सिंधी समाज अपनी जड़ों से कितना गहराई से जुड़ा हुआ है। ‘सिंधियत जो मेलो’ जैसे आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, खान-पान और सिंधी भाषा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें पवित्र शदाणी दरबार में संतों का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वहाँ जो स्नेह और आत्मीयता उन्हें मिली, वही अपनापन आज यहाँ भी महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी ताकत है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्य मंच से सिंधु दर्शन यात्रा का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष  संजय वास्तव, धमतरी महापौर  रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत अध्यक्ष  अमर गिदवानी, चंद सुंदरानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय  आज राजधानी रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य महाआरती में शामिल हुए और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

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