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कोरोना : नए साल पर मिलेगा वैक्सीन का तोहफा, देशभर में डिस्ट्रीब्यूशन की प्लानिंग पर काम शुरू

नई दिल्ली.. देश के लिए अच्छी खबर है। कोरोना वैक्सीन पर तेजी से काम हो रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मंगलवार को कहा कि उम्मीद है कि जैसे ही नया साल शुरू होगा, देश में कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी, वह भी एक से ज्यादा सोर्स के जरिए। देशभर में इसके डिस्ट्रीब्यूशन की प्लानिंग पर काम शुरू हो गया है। उम्मीद है कि जुलाई 2021 तक हम देश में वैक्सीन के 40-50 करोड़ डोज मुहैया कराकर देश के 20-25 करोड़ लोगों को वैक्सीन दे सकेंगे। इस बीच, देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 71 लाख 73 हजार 565 हो गया है। 710 लोगों ने दम तोड़ा। देश में एक्टिव केस में 21 दिन की सबसे बड़ी गिरावट आई है। 24 घंटे में 25 हजार केस कम हुए हैं। इससे पहले 21 सितंबर को 28 हजार 653 केस कम हुए थे। मोदी बोले- जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा- ‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के मामले में लापरवाही न बरती जाए।’ मोदी ने डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल की बायोग्राफी रिलीज होने के मौके पर यह बात कही। देश में पिछले दो हफ्तों में 10 लाख मामले बढ़े हैं। हालांकि, 24 घंटे में सामने आने वाले संक्रमितों की औसत संख्या अब 72 से 74 हजार के बीच हो गई है। दो हफ्ते पहले हर दिन 90 हजार से ज्यादा मामले सामने आते थे। अब तक 62.24 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 1 लाख 9 हजार 894 मरीजों की मौत हो चुकी है। रिकवरी का आंकड़ा बढ़ने से एक्टिव केस भी कम हो रहे हैं। बीते 24 घंटे में 71 हजार 559 लोग ठीक होने के साथ एक्टिव केस की संख्या घटकर 8.61 लाख हो गई। लगातार चार दिनों से देश में एक्टिव केस की संख्या 9 लाख से नीचे रही। ये आंकड़े covid19india.org के मुताबिक हैं।

हिंदू लड़की को मुस्लिम बहू दिखाने पर तनिष्क का ऐड विवादों में, लव जिहाद के समर्थन का आरोप

नई दिल्ली. टाटा ग्रुप का मशहूर ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क अपने नए विज्ञापन के चलते विवादों में है। ब्रांड को सोशल मीडिया पर बुरी तरह से लोगों के गुस्सा का शिकार होना पड़ रहा है। दरअसल, फेस्टिव सीजन करीब है। ऐसे में तनिष्क ने अपने प्रमोशन के लिए नया विज्ञापन जारी किया है। इस विज्ञापन का प्लॉट इंटरकास्ट मैरिज पर आधारित है। विज्ञापन में एक हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी दिखाई गई है। इसके बाद से ट्विटर पर तनिष्क को ट्रोल करना जारी है। ट्विटर पर #BoycottTanishq के साथ ज्वेलरी ब्रांड का विरोध किया जा रहा है। इस संबंध में भास्कर ने तनिष्क से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई बयान नहीं दिया गया। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद तनिष्क ने वीडियो को यूट्यूब चैनल से हटा दिया है। क्या है इस विज्ञापन में ? तनिष्क के इस प्रमोशनल ऐड में एक हिंदू लड़की को मुस्लिम फैमिली की बहू के रूप में दिखाया गया है। हिंदू लड़की की मुस्लिम के घर में शादी हुई है और उसकी गोदभराई यानी बेबी शावर के फंक्शन को दिखाया गया है। इसमें हिंदू कल्चर को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम फैमिली सभी तरह के रस्मो-रिवाज हिंदू धर्म के हिसाब से करती है। विज्ञापन के अंत में वह प्रेग्नेंट महिला अपनी सास से पूछती है, “मां ये रस्म तो आपके घर में होती भी नहीं है न?” इस पर उसकी सास जवाब देती है, “पर बिटिया को खुश रखने की रस्म तो हर घर में होती है न?” वीडियो में हिंदू-मुस्लिम परिवार को एकजुट दिखाने की कोशिश की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लांच की स्वामित्व योजना, गांवों के लोगों को आधार कार्ड जैसा प्रॉपर्टी कार्ड मिलेगा

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक प्रॉपर्टी कार्ड योजना लांच की। उन्होंने कहा कि यह कार्ड गांवों में प्रॉपर्टी के अधिकारों में स्पष्टता लाएगा। किसान इस कार्ड के जरिये अपनी प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर वित्तीय संस्थानों से कर्ज ले सकेंगे। गांवों की स्थिति बदलने के लिए ऐतहासिक पहल देश के दो-तिहाई लोग गांवों में रहते हैं, जहां कुछ ही लोगों के पास पूरा लैंड रिकॉर्ड रहता है और प्रॉपर्टी को लेकर विवाद होता रहता है। स्वामित्व योजना के तहत प्रॉपर्टी कार्ड वितरण की शुरुआत करते हुए एक वेबकास्ट में उन्होंने कहा कि गांवों की स्थिति बदलने के लिए यह एक ऐतिहासिक पहल है। गांवों के भूखंडों की मैपिंग करने के लिए सरकार ड्रोण टेक्नोलॉजी का उपयोग करना चाहती है। अगले चार साल में सरकार करीब 6,20,000 गांवों में यह काम करना चाहती है। अपना मकान होते हुए भी लोगों को लोन लेने में होती है कठिनाई पीएम ने कहा कि अपना मकान होते हुए भी लोगों को लोन लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अब ये लोग स्वामित्व योजना में दिए गए कार्ड को दिखाकर आसानी से लोन ले सकते हैं। इस महीने छह राज्यों के 750 से ज्यादा गांवों में एक लाख लोगों को डिजिटाइज्ड प्रॉपर्टी कार्ड मिलना शुरू हो जाएगा। आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम आधार कार्ड की तरह हर प्रॉपर्टी कार्ड में एक यूनीक नंबर होगा। मोदी ने सर्वे ऑफ विल्लेज एंड मैपिंग विद इंप्रोवाइज्ड टेक्नोलॉजी इन विल्लेज एरियाज (स्वामित्व) योजना के कई लाभार्थियों से बात भी की। उन्होंने कहा कि देश के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।

रेलवे का नया प्लान- मेल और एक्सप्रेस ट्रेन से हटाए जाएंगे स्लीपर कोच, सिर्फ AC बोगी रहेंगी

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे, रेल नेटवर्क को अपग्रेड करने पर विचार कर रही है. स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के तहत लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों से स्लीपर कोच को पूरी तरह खत्म कर दिए जाएगा. यानी इन ट्रेनों में सिर्फ एसी बोगियां ही रहेंगी. इस तरह की ट्रेन की रफ्तार 130/160 किमी प्रति घंटा होंगी. दरअसल मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें के 130 किमी प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार से चलने पर नॉन-एसी कोच तकनीकी समस्याएं पैदा करती हैं. इसलिए इस तरह की सभी ट्रेनों से स्लीपर कोच को खत्म कर दिया जाएगा. लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में फिलहाल 83 एसी कोच लगाने का प्रस्ताव है. हालांकि इस साल के अंत तक कोच की संख्या बढ़ाकर 100 कर दी जाएंगी. वहीं अगले साल कोच की संख्या 200 किए जाने का प्लान है. यानी कि आने वाले समय में यात्रा और ज्यादा आरामदायक और कम समय लेने वाला होगा. अच्छी बात यह है कि इसके बदले में किराया भी सामान्य एसी कोच के मुकाबले कम ही रखे जाने का प्लान है. हालांकि इसका यह मतलब कतई नहीं है कि अब नॉन एसी कोच होंगे ही नहीं. असल में नॉन एसी कोच वाली ट्रेन की रफ्तार एसी कोच वाली ट्रेनों के मुकाबले कम होगी. जानकारी की मुताबिक ऐसी ट्रेन 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई जाएंगी. यह सारा काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, साथ ही नए अनुभवों से सबक लेते हुए ही आगे की योजना बनाई जाएगी. इससे पहले इंडियन रेलवे ने बुधवार को 39 नई पैसेंजर ट्रेनों को चलाने की मंजूरी दी है. ये सभी ट्रेनें स्पेशल ट्रेनों के रूप में चलाई जाएंगी. रेलवे की तरफ से सभी 39 ट्रेनों की लिस्ट जारी कर दी गई है, लेकिन अभी इन्हें कब से चलाया जाएगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है. रेलवे के मुताबिक जल्द ही ये 39 नई स्पेशल ट्रेनें पटरी पर दौड़ती नजर आएंगी. सेंट्रल रेलवे के मुताबिक, 9 अक्टूबर से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और नागपुर, पुणे, गोंदिया और सोलापुर के बीच 10 स्पेशल पैसेंजर ट्रेनों को चलाया जाएगा. इन ट्रेनों में जनरल डिब्बे नहीं होंगे. बल्कि ये पूर्ण रूप से स्पेशल पैसेंजर ट्रेनें होंगी, जिसमें बिना कंफर्म टिकट के यात्रा की इजाजत नहीं होगी. साथ ही इन ट्रेनों में भी वर्तमान में चल रहीं अन्य ट्रेनों की तरह ही इन ट्रेनों में भी कोरोना वायरस से संबंधित सभी नियमों का पालन करना होगा. इसमें सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन, चेहरे पर मास्क आदि शामिल है. 17 अक्टूबर से प्राइवेट तेजस ट्रेनें भी दौड़ने लगेंगी. IRCTC ने बुधवार को इस बात की घोषणा की है. तेजस ट्रेन के लिए टिकट बुकिंग की शुरुआत 8 अक्टूबर से हो गई है. बता दें कि कोरोना काल में तेजस एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन 7 महीने से बंद है. लेकिन अब इसे शुरू किया जा रहा है. कंपनी के मुताबिक 17 अक्टूबर से लखनऊ-नई दिल्ली और अहमदाबाद-मुंबई रूट पर इन ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू होगा.

MP : बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन के साथ कोलकाता में मारपीट

भोपाल। बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव और मध्यप्रदेश के पूर्व संगठन मंत्री अरविंद मेनन के साथ कोलकाता में मारपीट हो गई है। अरविंद मेनन ने तृणमूल कांग्रेस पार्टी पर मारपीट का आरोप लगाया है। बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन को पश्चिम बंगाल में चुनाव की जिम्मेदारी मिली है। इसी सिलसिले में वे कार्यकर्ताओं के साथ कोलकाता में चुनावी रणनीति पर काम कर रहे हैं। वहीं सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन भी किए हैं। जिसके बाद उनके साथ मारपीट हुई हैं। जानकारी के अनुसार अज्ञात हमलावरों ने उसके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया है। बीजेपी नेता ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने मारपीट की घटना से इनकार कर दिया है।

गहरी साजिश : न 11 लाख रुपए लुटे , न क्रॉकरी कारोबारी जिंदा जला, वह जिंदा है, गिरफ्तार

हिसार ( हरियाणा) . राममेहर ने कहा था, ‘जल्दी आ जाओ मेरी जान खतरे में है…दो बाइकों पर सवार लोग मुझे मार डालेंगे…’। ये डायलॉग ड्रामे के निकले। खबर आई है कि मृतक राममेहर जिंदा है…। अगर थोड़ा फ्लैशबैक में जाएं तो हकीकत कुछ और ही दिखाई गई थी। दरअसल, पिछले दो दिन से इस शख्स को 11 लाख रुपए लूटे जाने के बाद लुटेरों द्वारा कार में ही जिंदा जला दिए जाने की बातें सुर्खियों में है। इसी मामले को पुलिस ने 72 घंटे के अंदर सुलझा लिया। उसे छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। अब सवाल उठता है कि उसने यह सारा ड्रामा क्यों रचा, इसका खुलासा भी पुलिस जल्द ही करने वाली है। साथ ही, कार में जो जला हुआ कंकाल मिला था। वह किसका था? बताते चलें कि 6 अक्टूबर की रात को हांसी के बरवाला रोड पर पुलिस को एक कार में किसी व्यक्ति के जिंदा जल रहे होने की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार जल रही थी और उसमें कंडक्टर सीट पर बैठा व्यक्ति पूरी तरह से राख के ढेर में तब्दील हो चुका था। कार की नंबर प्लेट के आधार पर इसमें जिंदा जले व्यक्ति की शिनाख्त गांव डाटा निवासी राममेहर के रूप में हुई थी, जो बरवाला में डिस्पोजल कप-प्लेट की फैक्ट्री चलाता है। परिजनों के मुताबिक, राममेहर बुरी तरह से घबराया हुआ था। उसने रात को अपने भांजे को मदद के लिए फोन भी किया था, जिसकी ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है। शुक्रवार को इस मामले में खुलासा हुआ है कि राममेहर जिंदा है और उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस बारे में हांसी के पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने बताया कि लूट के बाद जिंदा जलाने की थ्योरी पहले दिन से हजम नहीं हो रही थी। पुलिस मानकर चल रही थी कि किसी नजदीकी का इसमें सारा खेल है। पुलिस को उस समय इस केस में लीड मिली, जब व्यापारी के मरने के बाद भी उसका फोन एक्टिव रहा। व्यापारी ने अपने नंबर से एक महिला को दिन में कई बार कॉल किया और घंटों तक बात हुई। इसके बाद कड़ी से कड़ी जुड़ी। वहीं सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि पुलिस ने महिला का नंबर ट्रेस किया और उसकी लोकेशन पर जाकर उसे दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने महिला से पूछताछ की। उसने बताया कि व्यापारी राममेहर जिंदा और वह बिलासपुर में रह रहा है। हांसी पुलिस ने तुरंत बिलासपुर पुलिस से संपर्क किया और व्यापारी के जिंदा होने वाली बात कन्फर्म करवाई। इसके बाद पुलिस ने व्यापारी को हिरासत में ले लिया।

MP : मध्य प्रदेश के वीर सपूत शहीद जवान धीरेंद्र का गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम संस्कार

सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के पड़िया निवासी सीआरपीएफ जवान धीरेंद्र त्रिपाठी का बुधवार को उनके गृह ग्राम में राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान वीर सपूत धीरेंद्र के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ हो गई। इससे पहले शहीद का शव सुबह गांव पहुंचा। यहां लोगों ने शहीद अमर रहे और भारत माता की जय के नारे लगाए। अंतिम विदाई देने सीएम शिवराज सिंह चौहान भी पड़िया गांव पहुंचे। उन्हें देखते ही शहीद की मां उनसे लिपट कर रोने लगी। बोलीं- मेरा बेटा लौटा दो और लिपटकर फफक पड़ीं। जिन्होंने मेरे लाला को मारा है, उन्हें मरवाओ। सीएम शिवराज ने कहा कि उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी और 1 करोड़ की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ गांव में शहीद की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। सीएम चौहान ने कहा कि CRPF के वीर जवान धीरेंद्र त्रिपाठी ने भारत माता की सुरक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसे अमर शहीद के चरणों में मध्यप्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की ओर से मैं श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। उनका परिवार अब हमारा और मध्य प्रदेश का परिवार है। अमर शहीद धीरेंद्र अपना परिवार छोड़कर गए हैं। हम इस परिवार के साथ खड़े हैं। हम धीरेंद्र को तो वापस नहीं ला सकते लेकिन सम्मानस्वरूप उनके परिवार को 1 करोड़ रुपए की श्रद्धा निधि भेंट करेंगे। गांव में उनकी प्रतिमा स्थापित करेंगे और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाएगी। सीएम ने कहा कि भारत माता के सच्चे सपूत पर हम सभी प्रदेशवासियों को गर्व है। अमर शहीद धीरेंद्र हम सभी की स्मृतियों में जीवित रहें, इसके लिए हम चर्चा करके उनके नाम पर एक संस्थान का नाम भी रखेंगे। शहीद धीरेंद्र की पत्नी, मेरी बहन अब सिर्फ पड़िया की बेटी नहीं, पूरे मध्य प्रदेश की बेटी है। धीरेंद्र के नाम पर पड़िया के शासकीय विद्यालय का नामकरण किया जाएगा और उनके परिवार व ग्रामवासियों से चर्चा कर एक सड़क का नामकरण भी उनके नाम पर किया जाएगा। एक बार फिर उनके चरणों में नमन करता हूं। सीएम शिवराज ने अंतिम विदाई देने के बाद पत्नी को सरकारी नौकरी, एक करोड़ की आर्थिक मदद और गांव में शहीद की मूर्ति लगाने का ऐलान किया। सीएम शिवराज ने अंतिम विदाई देने के बाद पत्नी को सरकारी नौकरी, एक करोड़ की आर्थिक मदद और गांव में शहीद की मूर्ति लगाने का ऐलान किया।

बेहद शर्मनाक व दर्दनाक : कारोबारी से 11 लाख रुपये लूटे फिर कार समेत जिंदा जला दिया

हिसार। हरियाणा के हिसार से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां पर बदमाशों ने एक डिस्पोजल व्यापारी से 11 लाख रुपये लूट लिए और उसे गाड़ी समेत जिंदा जाल दिया. यह घटना जिले के हांसी शहर में मंगलवार देर रात की है. बताया जा रहा है कि खतरे का आभास होते ही व्यापारी ने अपने परिजनों को फोन पर बताया कि कार में कुछ लोग उसका पीछे कर रहे हैं. लेकिन इससे पहले कि परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचते कारोबारी कंकाल में तब्दील हो चुका था. इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस के मुताबिक दो बदमाश बाइक पर सवार थे और एक बदमाश गाड़ी से पीछा कर रहा था. पुलिस ने शव के अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भेज दिया है और इस मामले की जांच में जुट गई है. घटना से पहले व्यापारी ने अपने भांजे से बात भी की थी और बताया था कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं. मृतक राममेहर की बरवाला में डिस्पोजल ग्लास की फैक्ट्री है वो मंगलवार देर रात अपनी कार से कहीं जा रहे थे और उनके पास 11 लाख कैश भी था. व्यापारी से 11 लाख लूटे और जिंदा जला दिया परिजनों का कहना है कि राममेहर ने दोपहर 12 बजे 9 लाख 90 हजार रुपये एक्सिस बैंक से निकले थे और 1 लाख रुपये उनके पास पहले थे. वो हिसार से गांव डाटा आ रहे थे. महजत के पास दो बाइक सवारों ने कार को घेर लिया और जबरन रोककर पैसे लूटने के बाद कार को आग लगा दी और मौके से फरार हो गए. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी सदर थाना प्रभारी कश्मीरी लाल ने बताया कि पुलिस को रात 12 बजे जानकारी मिली कि बरवाला रोड पर एक व्यक्ति को कार में जिंदा जला दिया गया. मौके पर पहुंचने के बाद उन्होंने बताया कि राममेहर ने मंगलवार को बैंक से 11 लाख रुपए निकलवाए थे. हिसार से जब गांव डाटा आ रहे थे. महजत के पास दो बाइक सवारों ने कार को घेर लिया और जबरन रोककर पैसे लूटने के बाद कार को आग लगा दी. एसएचओ कश्मीरी लाल ने कहा कि अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी. इस रूट पर सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं.

सुशांत केस : जेल से रिहा हुईं रिया, ड्रग्स केस में 30 दिन बाद जेल से बाह, शर्तों के साथ जमानत

मुंबई . ड्रग्स मामले में गिरफ्तार एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती को बॉम्बे हाईकोर्ट से बुधवार को जमानत मिल गई। इसके बाद रिया शाम करीब साढ़े पांच बजे भायखला जेल से बाहर आईं। इससे पहले, सेशन कोर्ट ने मंगलवार को रिया की ज्यूडिशियल कस्टडी 14 दिन और यानी 20 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी। एक महीने से जेल में बंद रिया ने लोअर कोर्ट से 2 बार अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि रिया ड्रग डीलर्स का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने अपने या किसी और के फायदे के लिए किसी भी तरह से ड्रग्स को आगे नहीं बढ़ाया है। फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण नहीं है, जिसके आधार पर यह माना जाए कि जमानत मिलने के बाद वह कोई अपराध कर सकती हैं। हालांकि, रिया के भाई शोविक चक्रवर्ती और एक अन्य आरोपी अब्दुल बासित को जमानत नहीं दी गई है। फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा। वहीं, सैम्युल मिरांडा और दीपेश सावंत को जमानत मिल गई है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के सिलसिले में सामने आए ड्रग्स कनेक्शन में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 8 सितंबर को रिया को गिरफ्तार किया था। NCB ने दावा किया कि ‘सुशांत सिंह राजपूत की मौत के पूरे मामले को देखने में यह सामने आता है कि रिया यह बात जानती थी कि सुशांत ड्रग्स का सेवन करते थे और इस दौरान न केवल उन्हें ऐसा करने के लिए बढ़ावा दिया गया बल्कि उनसे पूरी बात भी छिपाई गई।’ NCB ने रिया को शातिर अपराधी मानते हुए उसकी जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि उनके खिलाफ ऐसे कई सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि वह ड्रग्स ट्रैफिकिंग में शामिल रही हैं। NCB ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक आपराधिक साजिश के तहत रिया ने ड्रग्स के लेन-देन के लिए अन्य आरोपियों का समर्थन किया, उन्हें ऐसा करने के लिए बढ़ावा दिया और पैसे से भी उनकी मदद कीं। रिया ने माना- मिरांडा और सावंत को ड्रग्स के पैसे दिए NCB के जोनल निदेशक समीर वानखेड़े द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में यह कहा है कि रिया ने एक बयान में कहा है कि उन्होंने सैम्युल मिरांडा और दीपेश सावंत को ड्रग्स के पैसे चुकाए हैं, जो बाद में सुशांत को दी गई। यह साफ है कि जिन ड्रग्स के लिए पैसे चुकाए गए थे, वे निजी उपयोग के लिए नहीं थे बल्कि ऐसा किसी और को इनकी आपूर्ति कराए जाने के लिए गया और यह एनडीपीएस 1985 की धारा 27A के तहत आता है। रिया छूटी तो सबूत नष्ट होंगे: NCB NCB ने एक हलफनामे में यह भी कहा था कि जांच महत्वपूर्ण चरण में है और अगर इस वक्त रिया को जमानत मिल जाती है, तो इससे छानबीन बाधित होगी। NCB ने यह भी कहा कि रिया मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल रही है, यह साबित करने के लिए कई सबूत हैं। वह ड्रग पहुंचाने के काम में न सिर्फ मदद देती थीं बल्कि क्रेडिट कार्ड, नकद और ऐसे ही कई माध्यमों से इनका भुगतान भी करती थीं। रिया के वकील की दलील- सुशांत पहले से ड्रग्स लेते थे वहीं, एक्ट्रेस के वकील सतीश मानशिंदे ने अदालत में कहा था कि रिया के सुशांत की लाइफ में आने से पहले से ही वे ड्रग्स लेते थे। सुशांत को ड्रग्स की लत थी। यह बात 3 एक्ट्रेस कह चुकी हैं। रिया की तरह ही श्रद्धा कपूर और सारा अली खान ने भी कहा है कि सुशांत 2019 से पहले से ड्रग्स लिया करते थे। बेंच ने इन शर्तों पर रिया को जमानत दी। – रिया को जेल से रिहा होने के बाद 10 दिन तक करीबी पुलिस स्टेशन में हर रोज सुबह 11 बजे हाजिरी देनी होगी। – एक लाख रुपए मुचलका देना होगा। – पासपोर्ट जमा करवाना होगा। – कोर्ट की अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगी। – यदि वे ग्रेटर मुंबई से भी बाहर जाती हैं, तो उन्हें जांच अधिकारी को इस बारे में पहले सूचना देनी होगी। – महीने के पहले सोमवार को रिया को एनसीबी के दफ्तर में भी हाजिरी देनी होगी। यह छह महीने तक करना होगा। – इस केस से जुड़े किसी भी गवाह से मिलने की अनुमति नहीं होगी। – अदालत की हर सुनवाई पर रिया को हर हाल में मौजूद रहना होगा। – वे किसी भी तरह से जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगी।

सुशांत केस को नेताओं-मीडिया ने फायदे के लिए बनाया ‘मर्डर’ : स्‍टडी में खुलासा

मुंबई। बॉलिवुड ऐक्टर सुशांत सिंह राजपूत के मामले में ‘मर्डर थ्योरी’ को कुछ नेताओं, पत्रकारों और मीडिया हाउसेस ने अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया हो सकता है। इस बात का खुलासा ट्वीट्स, यूट्यूब वीडियोज और ट्रेंड्स पर बेस्‍ड एक अनूठी अमेरिका स्टडी में हुआ है। एक मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, मिशिगन यूनिवर्सिटी में एक असोसिएट प्रफेसर के नेतृत्व में रिसर्चर्स की एक टीम ने यह स्टडी की है। यह स्टडी दिखाती है कि जो कॉन्‍टेंट बिल्कुल निराधार मर्डर थ्योरीज को प्रमोट कर रहा था, उन्हें सूइसाइड थ्योरी से कहीं ज्यादा ट्रैक्शन मिला। तमाम यूट्यूब वीडियोज और ट्वीट्स का विश्‍लेषण प्री-प्रिंट स्टडी बताती है कि राजनेताओं के अकाउंट्स सुशांत केस में नरेटिव को आत्‍महत्‍या से हत्‍या में बदलने में अहम रहे। रिसर्च टीम ने करीब 7 हजार यूट्यूब वीडियोज और 10 हजार ट्वीट्स का विश्लेषण किया। ये सभी करीब 2 हजार पत्रकारों व मीडिया हाउसेस और 1,200 नेताओं से जुड़े थे। सूइसाइड की जगह मर्डर के तौर पर किया गया पेश स्टडी में इशारा किया गया है कि खासतौर पर राजनेता शुरुआती स्‍टेज में केस को ‘सूइसाइड’ की जगह ‘मर्डर’ के तौर पर पेश कर मामले को अलग मोड़ देने की वजह बने। इसको बाद में मीडिया ने फॉलो किया। स्टडी में भावनात्मक विश्लेषण बताता है कि पॉलिटिकल अकाउंट्स ने जुलाई के मध्य में सीबीआई जांच की मांग को लेकर समन्वित कोशिशें शुरू कीं जबकि पत्रकारों ने अगस्त की शुरुआत में महाराष्ट्र सरकार विरोधी नरेटिव को पूरी ताकत लगाकर आगे बढ़ाया। इन लोगों को बनाया गया निशाना स्टडी में यह भी पाया गया कि रिया चक्रवर्ती, दिशा सालियन और सलमान खान इस पूरे केस में दुष्प्रचार अभियान के सबसे ज्यादा निशाने पर रहे। असोसिएट प्रफेसर जॉयजीत पाल के मुताबिक, इस बात की बहुत कम संभावना थी कि ऑनलाइन एंगेजमेंट ऑर्गेनिक था। पाल ने कहा, ‘पूरे सोशल मीडिया स्पेस को इतने प्रभावी रूप से हथियारबंद किया कि आप किसी भी ऐसे मुद्दे को, जिसमें भावनात्मक पहलू हो, उसे किसी ऐसी बात में बदल सकते हैं जिससे पूरा देश चिपका रहे।’ डेटा को लेकर विसंगतियां पाल ने कहा कि सुशांत केस आज के भारत में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कहानी है जो फिल्‍म इंडस्‍ट्री में आउटसाइडर होने की वजह से पैर जमाने के लिए काफी मेहनत करता है। इस कहानी को बहुत सारा ऑर्गेनिक रिस्पॉन्स भी मिला। पाल कहते हैं, ‘डेटा को लेकर बहुत सी विसंगतियां हैं लेकिन उसके भीतर एक पैटर्न है। आंकड़ों की दृष्टि से खासा अंतर है कि कितना एक पार्टी मर्डर के बारे में बात करती है और कितना दूसरी पार्टी थ्योरी के बारे में। डेटा के इतने स्तर पर इसके आर्गेनिक होने की बहुत कम संभावना है।’ मीडिया चैनल्स को मिला आर्थिक लाभ पाल कहते हैं, ‘जब नेताओं या मीडिया हाउसों ने सुशांत के बारे में बात की तो इसे ज्‍यादा एंगेजमेंट मिला। उसकी तुलना में जब उन्होंने किसी और विषय पर बात की तो वैसा एंगेजमेंट देखने को नहीं मिला। मीडिया चैनल्स जिन्होंने सुशांत की स्टोरी का प्रसार किया, उन्हें आर्थिक लाभ भी मिला।’

MP : हाथरस केस में नया मोड़ …पीड़ित के भाई और आरोपी संदीप के बीच 6 महीने में 104 बार बातचीत

हाथरस। हाथरस में 19 साल की दलित लड़की के साथ कथित गैंगरेप और मौत के बाद आधी रात में जबरन अंतिम संस्कार करने को लेकर देशभर में गुस्सा है। इस बीच मुख्य आरोपी संदीप और युवती के भाई के बीच फोन कॉल्स को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दोनों के बीच 13 अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक 104 बार बातचीत हुई। पूरा कॉल ड्यूरेशन करीब 5 घंटे का है, जबकि दोनों के घर 200 मीटर की दूरी पर ही हैं। 62 कॉल संदीप ने तो 42 कॉल पीड़ित के भाई की तरफ से एक-दूसरे को किए गए। कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) दैनिक भास्कर के पास है। सीडीआर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। हालांकि, इस डिटेल की किसी भी अधिकारी और जांच एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। जांच में लगी टीम के सूत्रों का दावा है कि पीड़ित के भाई का फोन उसकी पत्नी इस्तेमाल करती थी। इसी फोन से पीड़ित और संदीप के बीच बातचीत का दावा किया जा रहा है। सीडीआर में दोनों के बीच बातचीत में करीब 60 कॉल रात के समय का होना पाया गया। फिलहाल, इस केस की जांच कर रही एसआईटी को गृह विभाग ने 10 दिन का समय और दिया है। पीड़ित के घर में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। पहचान उजागर करने पर ट्विटर, वेबसाइट्स पर एफआईआर चंदपा थाने में एक्टीविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर ने पीड़ित की पहचान उजागर करने पर शिकायत की। मामले में ट्विटर और संबंधित वेबसाइट्स पर धारा 228ए आईपीसी, 72 आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। नूतन ने 29 सितंबर को शिकायत भेजी थी। इसमें ट्विटर पर पीड़िता का नाम लिए जाने, उसके नाम से ट्विटर पर विभिन्न हैशटैग चलाए जाने, पीड़ित की फोटो और वीडियो शेयर किए जाने के संबंध में कार्रवाई की मांग की थी। क्या है पूरा मामला? हाथरस में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की दलित युवती से कथित गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई। मामले में चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था। मंगलवार को सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हलफनामे में भी रेप न होने की बात कही गई है। योगी सरकार मामले की जांच SIT से करवा रही है। CBI जांच की सिफारिश भी की है। पीड़ित का शव जल्दबाजी में जलाने और लापरवाही के आरोपों के बीच हाथरस के एसपी समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं।

MP : बस संचालकों की मनमानी : टैक्स माफ हो गया, अब किराया बढ़ाने पर अड़े

भोपाल . पहले साढ़े पांच महीने का टैक्स माफ होने के बाद अब बस ऑपरेटर किराए में बढ़ोत्तरी कराने के लिए अड़ गए हैं। ऐसे में उन यात्रियों को ज्यादा समस्या होगी, जो आसपास के छोटे स्थानों से आवाजाही करते हैैं।किराया न बढ़ने और यात्रियों की कमी के चलते ऑपरेटरों ने भोपाल से इंदौर, जबलपुर, बकतरा, नसरुल्लागंज, होशंगाबाद और सारणी सहित एक दर्जन से ज्यादा विभिन्न रूट पर बसें धीरे-धीरे बंद करना शुरू कर दिया है। आरटीओ भोपाल में विभिन्न रूट पर चल रही बसों के परमिट सरेंडर करने के लिए के-फॉर्म जमा किए गए हैं। इससे आने वाले दिनों में विभिन्न बस स्टेंडों से चलने वाली बसों की संख्या में खासी कमी आ सकती है। एडीशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अरविंद सक्सेना का कहना है कि दोनों ही बस एसोसिएशन के अध्यक्षों व पदाधिकारियों से चर्चा हो रही है। इसके बाद भी यदि ऑपरेटर बसें बंद करते हैं, तो उन पर जुर्माने व परमिट सस्पेंड करने की कार्रवाई की जाएगी। 730 में से 260 बसें ही चलीं मंगलवार को भोपाल से विभिन्न स्थानों के लिए चलने वाली बसों की संख्या 260 तक पहुंच गई। जबकि तीन पहले तक 730 में से 295 तक बसें चलने लगी थीं। लेकिन राज्य सरकार द्वारा किराए में बढ़ोत्तरी न किए जाने और यात्रियों की कमी के चलते ऑपरेटरों ने बसों के परमिट सरेंडर करना शुरू कर दिए हैं। भोपाल आरटीओ में अब तक 145 बसों के परमिट सरेंडर कर के-फॉर्म ऑपरेटरों द्वारा लिए जा चुके हैं। इनमें भोपाल से चलने वाली बसों के अलावा अन्य स्थानों से संचालित होने वाली गाड़ियों की संख्या शामिल है।

प्रॉपर्टी में निवेश बना घाटे का सौदा, बीते 5 साल में दिया 5.5 फीसदी रिटर्न

नई दिल्ली . एक दशक पहले रियल एस्टेट में कीमतें आसमान छू रहीं थीं। हर रोज नई परियोजनाएं पेश की जा रहीं थीं। मोटे रिटर्न के लिए निवेशक भी जमकर इसमें पैसा लगा रहे थे। लेकिन पिछले 10 साल में स्थिति एकदम उलट हो गई है। इस अवधि में 11 फीसदी के करीब रिटर्न मिला है। जबकि पिछले पांच साल में इसमें 5.5 फीसदी का औसत रिटर्न मिला है। वहीं दिल्ली-कोलकाता समेत कुछ बड़े शहरों में रिटर्न 1.5 फीसदी के करीब रहा है। ऐसे में अब रियल एस्टेट में निवेश घाटे का सौदा बन गया है। महंगाई से भी कम रिटर्न मौजूदा समय में खुदरा महंगाई छह फीसदी से ऊपर है। जबकि पिछले पांच साल में रियल एस्टेट में रिटर्न 5.5 फीसदी है। ऐसे में देखा जाए तो रिएल एस्टेट में महंगाई की तुलना में करीब आधा फीसदी का नुकसान है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी विकल्प में निवेश के पहले यह जरूर देखना चाहिए कि महंगाई की तुलना में उसमें कितना रिटर्न मिला है। यदि महंगाई के बराबर रिटर्न है यानी आपको कोई फायदा नहीं हो रहा। जबकि उससे कम रिटर्न का मतलब हुआ कि उस निवेश पर आपकी जेब से पैसा खर्च हो रहा है। 10 साल में लखनऊ में सबसे अधिक रिटर्न जून 2010 से जून 2020 की अवधि में देश के शीर्ष 10 शहरों में औसत रिटर्न 11.6 फीसदी मिला है। इस अवधि में लखनऊ में 16.1 फीसदी का रिटर्न मिला है। इसके बाद कोलकाता में 13.3 फीसदी और दिल्ली में 12.2 फीसदी का रिटर्न मिला है। वहीं मुंबई में 11.2 फीसदी का रिटर्न मिला है। इस सूची में जयपुर सबसे निचले पायदान है जहां रियल एस्टेट में इस अवधि में महज 6.1 फीसदी का रिटर्न मिला है। रिटर्न में दिल्ली सबसे फिसड्डी वर्ष 2015 से 2020 के बीच दिल्ली में रियल एस्टेट में जिन लोगों ने पैसा लगाया है उन्हें झटका लगा है। इस अवधि में 10 शहरों में औसत रिटर्न 5.5 फीसदी रहा है। जबकि इस अवधि में दिल्ली के रियल एस्टेट ने महज 1.5 फीसदी रिटर्न दिया है। अगर महंगाई से इसकी तुलना करें तो निवेशकों को करीब 4.5 फीसदी का नुकसान हुआ है। वहीं कोलकाता में निवेशकों को महज 3.2 फीसदी का रिटर्न मिला है। वर्ष 2011 में मिला बंपर रिटर्न देश के 10 सबसे बड़े शहरों में वर्ष 2011 में सबसे अधिक रिटर्न मिला। जून 2011 तक एक साल की अवधि में 23.1 फीसदी रिटर्न मिला। जबकि दिसंबर 2011 तक निवेशकों को 26.3 फीसदी तक रिटर्न मिला। इसके बाद से लगातार गिरावट आई है। वर्ष 2020 जून तक सालाना रिटर्न घटकर 2.8 फीसदी रह गया जिसकी एक बड़ी वजह कोरोना संकट भी है। छूट के बाद भी खरीदार नहीं दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई शहरों में बिल्डर 20 फीसदी तक छूट की पेशकश कर रहे हैं। साथ ही होम लोन पर ब्याज भी कई दशक के निचले स्तर पर है। इसके बावजूद भी खरीदार नहीं मिल रहे। नरेडको के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी का कहना है कि रियल एस्टेट पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था जिसे कोरोना ने और बड़ा झटका दिया है। उपभोक्ताओं-निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए सरकार, रियल एस्टेट और वित्तीय संस्थान सबको साथ मिलकर काम करना होगा। कितना मिला रिटर्न 11.6 फीसदी औसत रिटर्न 10 साल में 5.5 फीसदी औसत रिटर्न पांच साल में 1.5 से दो फीसदी औसत रिटर्न किराया से भारत में 06 फीसदी से अधिक है खुदरा महंगाई दर

MP : बीजेपी की फायर ब्रांड नेत्री उमाभारती को जवाब देने साध्वी राम सिया भारती कांग्रेस प्रत्याशी घोषित

भोपाल। छतरपुर जिले की बड़ामलहरा सीट से कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती को सीधी चुनौती दी है। कमलनाथ ने इस क्षेत्र में साध्वी राम सिया भारती को कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। बताना जरूरी है कि उमा भारती टीकमगढ़ जिले से आतीं हैं। छतरपुर-टीकमगढ़ जिले में उन्हें निर्विवाद रूप से एकमात्र नेता माना जाता है। मध्यप्रदेश में केवल छतरपुर-टीकमगढ़ जिला ही क्या, आसपास के कई जिलों में उमा भारती को लोधी समाज का सबसे बड़ा नेता माना जाता है। कांग्रेस पार्टी ने साध्वी राम सिया भारती को टिकट देकर लोधी समाज में एक नए नेता का उदय कर दिया है। साध्वी राम सिया भारती भी लोधी समाज से आतीं हैं। पिछले दिनों बड़ामलहरा क्षेत्र में उमा भारती ने एक धार्मिक आयोजन किया था परंतु कार्यक्रम में जनता का उत्साह नजर नहीं आया। कमलनाथ ने अपनी तरफ से कंप्यूटर बाबा को धर्म ध्वजा लेकर भेजा था परंतु वह भी कांग्रेस का झंडा लहराते हुए लौटाए। कुल मिलाकर जनता ने धर्म के नाम पर राजनीति से इनकार कर दिया था, इसके बावजूद कमलनाथ ने साध्वी राम सिया भारती को टिकट दिया है। नतीजा जो भी हो लेकिन चुनावी दंगल में दोनों तरफ भगवा के बीच संघर्ष चर्चा का विषय अवश्य रहेगा।

सुशांत केस : 5 साल में अभिनेता ने कमाए 70 करोड़ रुपए, फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला

मुंबई . बॉलीवुड स्टार सुशांत सिंह राजपूत की मौत को एम्स की फॉरेंसिक टीम ‘आत्महत्या’ का मामला बता चुकी है। वहीं दूसरी ओर उनके बैंक खाते की फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में भी कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। सुशांत के सभी बैंक खातों में पिछले 5 साल के दौरान 70 करोड़ का लेन देने हुआ, जिसमें से सिर्फ 55 लाख रुपए ही रिया चक्रवर्ती से जुड़े पाए गए हैं। इनमें से अधिकांश, यात्रा, स्पा और गिफ्ट खरीदने पर खर्च किए गए थे। सीबीआई अब इन एंगल से मामले की करेगी जांच आत्महत्या का मामला स्पष्ट होने के बाद सीबीआई अब इसके कारणों की पड़ताल करेगी। इसमें रिया चक्रवर्ती और उनके भाई की भूमिका, बॉलीवुड में प्रोफेशनल राइवलरी और भाई-भतीजावाद; नशीली दवाओं के दुरुपयोग और राजपूत के मानसिक स्वास्थ्य का एंगल शामिल है। सुशांत के पिता ने दर्ज करवाया है 17 करोड़ की धोखाधड़ी का केस ड्रग्स केस में मुंबई की भायखला जेल में बंद रिया चक्रवर्ती के खिलाफ 15 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का केस सुशांत के पिता केके सिंह की ओर से पटना में दर्ज करवाया गया था। इसे संज्ञान लेते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लाउंड्रिंग का केस दर्ज किया था और एक्ट्रेस से तीन बार पूछताछ की। हालांकि, ईडी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की है। इसी केस की जांच के दौरान राजपूत के बैंक खाते का फॉरेंसिक ऑडिट किया गया था। सुशांत की जानकारी में खर्च हुए ये पैसे सूत्रों के मुताबिक, यह रिपोर्ट सीबीआई से भी साझा की गई है। इसमें यह कहीं भी साबित नहीं होता कि रिया ने सुशांत के पैसों की निकासी अपने या अपने परिवार के लिए की थी। ज्यादातर पैसे सुशांत की मर्जी से या उनकी जानकारी से ही खर्च किए गए थे। ये पैसे सुशांत की कुल इनकम के मुकाबले बहुत कम हैं। हालांकि, खाते से जुड़ी अन्य जानकारी अभी भी सार्वजनिक होना बाकी है। सीबीआई अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों से कर चुकी है पूछताछ सीबीआई ने इस मामले में दो दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की। इनमें चक्रवर्ती और उनके परिवार के सदस्य, सुशांत राजपूत के परिवार के सदस्य, उनके स्टाफ और हाउस मैनेजर, बैंकों के कर्मचारी जहां वह खाते थे, उनके मनोचिकित्सक और कुछ दोस्त और परिचित शामिल हैं। एजेंसी ने पावना डैम रिसॉर्ट के कर्मचारियों से भी पूछताछ की है, जहां राजपूत छुट्टी मनाने गए थे।

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