LATEST NEWS

गाजा में लंबे समय तक बने रहेंगे इजरायली सैनिक, सेना के नए चीफ ने की आक्रामक तैयारी

तेल अवीव इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने बुधवार को गाजा में सैन्य अभियान के बड़े विस्तार की घोषणा की। इस अभियान के दौरान गाजा के एक बड़े हिस्से पर कब्जा करने की योजना है, ताकि उन्हें इजरायल के सुरक्षा क्षेत्रों में शामिल किया जा सके। बयान में, कैट्ज ने कहा कि अभियान में “युद्ध क्षेत्रों से गाजा की आबादी को बड़े पैमाने पर निकालना” भी शामिल होगा। हालांकि उन्होंने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की। बयान के अनुसार, सैन्य अभियान का विस्तार “आतंकवादियों और आतंकी ढांचे के क्षेत्र को कुचलने और साफ करने के लिए किया जाएगा, जबकि बड़े क्षेत्रों पर कब्जा किया जा सके।” दक्षिणी राफा से लोगों को बाहर निकलने को कहा मंगलवार देर रात अरबी मीडिया के लिए इजरायली सेना के प्रवक्ता ने गाजा के दक्षिणी राफा क्षेत्र के निवासियों को अपने घर छोड़ने और उत्तर की ओर जाने का आदेश दिया। सीएनएन ने पिछले महीने ही बताया था कि इजरायल गाजा में एक बड़े जमीनी हमले की योजना बना रहा है, जिसमें एन्क्लेव के एक बड़े हिस्से को साफ करने और उस पर कब्जा करने के लिए हजारों सैनिकों को युद्ध में भेजना शामिल होगा। गाजा पर जारी है इजरायली बमबारी बुधवार को कैट्ज के बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि गाजा पट्टी के इस विस्तारित अभियान में अतिरिक्त इजरायली सैनिक शामिल होंगे या नहीं। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब इजरायल ने गाजा पट्टी पर हवाई बमबारी जारी रखी है। नासेर अस्पताल और खान यूनिस में यूरोपीय अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी गाजा में रात भर इजरायली हमलों में कम से कम 17 लोग मारे गए, जबकि दर्जनों घायल हुए हैं। अस्पतालों में आ रहे लोगों के शव नासेर अस्पताल के अनुसार, मारे गए लोगों में कम से कम 13 लोग – जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। मरने वाले लोग राफा क्षेत्र से विस्थापित होने के बाद एक आवासीय घर में शरण लिए हुए थे। अल अवदा अस्पताल के अनुसार, दो लोग मध्य गाजा में एक अलग हमले में मारे गए। इजरायल ने दो सप्ताह पहले गाजा पर अपना आक्रमण फिर से शुरू किया, जिससे हमास के साथ दो महीने पुराना युद्धविराम टूट गया। इजरायल ने पहले से ही गाजा में मानवीय सहायता की पूरी नाकाबंदी कर दी थी। गाजा में लंबे समय तक बने रहेंगे इजरायली सैनिक इजरायल ने चेतावनी दी कि उसके सैनिक गाजा के कुछ हिस्सों में तब तक स्थायी रूप से मौजूद रहेंगे जब तक कि शेष 24 बंधकों की रिहाई नहीं हो जाती, जिनके बारे में माना जाता है कि वे अभी भी जीवित हैं। तब से एन्क्लेव में सैकड़ों फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि गाजा पट्टी में खाद्य आपूर्ति समाप्त हो रही है। इजरायली सेना के नए चीफ ने की आक्रामक तैयारी इजरायली सेना के नये चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर के नेतृत्व में इजराइली सेना पिछले कई सप्ताह से गाजा में बड़े पैमाने पर अभियान की योजना बना रही है। इस तरह के निर्णय से इजराइली सेना इस क्षेत्र पर कब्जा कर सकती है और वर्षों तक विद्रोहियों से लड़ सकती है। लेकिन गाजा में लंबे समय तक आक्रमण करने से इजराइली जनता का कड़ा प्रतिरोध भी हो सकता है, जिनमें से अधिकांश लोग युद्ध की वापसी के बजाय बंधकों की रिहाई के लिए समझौते की मांग कर रहे हैं।

प्रदेश के कई जिलों में मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में चौकसी बढ़ी, वक्फ बिल को लेकर UP में पुलिस अलर्ट

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा वक्फ संशोधन बिल पेश किया। इस बिल को लेकर यूपी के कई जिलों में अलर्ट किया गया है। मथुरा, आगरा और लखनऊ में विशेषकर मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में पुलिस बल को अलर्ट कर दिया गया है। इसके प्रदेश के कई जिलों में मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में चौकसी बढ़ी। उधर, डीजीपी के आदेश के बाद सभी पुलिसकर्मियों के अवकाश भी निरस्त कर दिए गए हैं। बताते चलें कि केंद्र सरकार वक्फ बिल में कुछ संशोधन कर उसे लोकसभा में पास करने की तैयारी कर रही है। वक्फ संशोधन बिल को लोकसभा में भाजपा सरकार पास करने को बुधवार को बिल पेश कर रही है। डीआईजी/ एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने पुलिसकर्मियों के अवकाश निरस्त कर वापस बुलाया है। मथुरा में मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस बल तैनात मथुरा जिले भर में पुलिस बल को अलर्ट कर दिया है। विशेषकर मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस बल को तैनात किया गया है। मुस्लिम बहुल इलाकों में पुलिस बल भ्रमण कर रही है। डीग गेट, मटिया गेट, भरतपुर गेट, चौक बाजार, दरेसी रोड पर पुलिस बल भ्रमणशील है। सीओ सिटी भूषण वर्मा, इंस्पेक्टर गोविंदनगर कमलेश सिंह, कोतवाली प्रभारी देव पाल सिंह पुंडीर पुलिस टीम के साथ भ्रमण कर रहे हैं। लखनऊ में बढ़ी चौकसी वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर लखनऊ में पुलिस चौकसी बढ़ा दी गई है।पुलिस ने लखनऊ के 11 संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई।सभी स्थान पुराने लखनऊ के हैं।विधानभवन के आसपास विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए. गाड़ियां लगाई हैं। पुराने लखनऊ में सतखंडा, रूमी गेट, चौक समेत कई स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ी। आरएएफ, एसएसबी, पीएसी ने रूट मार्च किया। आगरा में ड्रोन से निगरानी आगरा में जामा मस्जिद के आसपास पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है। पुलिस ने कई जगह बैरियर लगाए गए हैं। सुबह से कई जगहों पर पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में खास नजर है। ड्रोन से सभी क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। पाबंदी चार लोग से ज्यादा कहीं खड़े होने पर लगाई गई है।पुलिस सोशल मीडिया पर भी खास तौर से नजर रखेगी।

LOC पर पाक की नापाक हरकत, सुरक्षाबलों ने 4-5 घुसपैठिए किए ढेर

जम्मू कश्मीर पाकिस्तानी सेना ने जम्मू कश्मीर के पुंछ जिलें में घुसपैठ करने की कोशिश की है, जिसे सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया. मंगलवार को कृष्णा घाटी इलाके में पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों ने गोलीबारी की, जिसके बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की. सेना की जवाबी फायरिंग में 4-5 घुसपैठिए मारे गए हैं. पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सीमा पर एक बार फिर गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन किया. पूंछ के कृष्णा घाटी में भारतीय सेना ने इस गोलीबारी पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और हालात को नियंत्रित किया. सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पाकिस्तानी सेना द्वारा घुसपैठ की कोशिश की तो भारतीय सेना ने जवाबी गोलीबारी की, जिसमें 4-5 घुसपैठियों को मार गिराया. सेना ने बताया कि पुंछ जिले के कृष्णा घाटी इलाके में घुसपैठ की कोशिश की गई है. भारतीय सेना ने कहा कि हमारी तरफ से जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है. पूरे दिन रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही और भारतीय सेना कृष्णा घाटी क्षेत्र में पूरी तरह अलर्ट मोड में है. जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी साइड को भारी नुकसान हुआ है. हाल के महीनों में यह पहली बार है जब सेना ने पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन की पुष्टि की है. इस साल फरवरी की शुरुआत में कृष्णा घाटी सेक्टर में इसी तरह की क्रॉस-फायरिंग की घटनाएं सामने आई थीं. रक्षा प्रवक्ता ने कहा, 1 अप्रैल को एलओसी के पार पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ के कारण कृष्णा घाटी सेक्टर में एक माइन ब्लास्ट हुआ. इसके बाद पाकिस्तानी सेना द्वारा बिना उकसावे के गोलीबारी की गई और संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया. हमारे सैनिकों ने नियंत्रित और संतुलित तरीके से प्रभावी ढंग से जवाब दिया. स्थिति नियंत्रण में है और इस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

PMMY: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना? इससे कैसे बदल रही है महिलाओं की तकदीर? जानिए

नई दिल्ली प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) में महिलाओं की भागीदारी 52 करोड़ खाताधारकों में से 68 प्रतिशत है। महिलाओं की इस बढ़ती भागीदारी ने पिछले 10 वर्षों में महिला उधारकर्ताओं की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाया है। यह जानकारी बुधवार को एक रिपोर्ट में दी गई। पीएमएमवाई जमीनी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिए प्रभावी भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के इकोनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले नौ वित्त वर्षों वित्त वर्ष 2016 से वित्त वर्ष 2025 में, प्रति महिला पीएमएमवाई वितरण राशि 13 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़कर 62,679 रुपये हो गई, प्रति महिला वृद्धिशील जमा राशि 14 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़कर 95,269 रुपये हो गई, जो दर्शाता है कि पीएमएमवाई जमीनी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिए एक प्रभावी साधन बन गया। उद्यमशीलता से वंचित सामाजिक समूहों को जोड़ने में पीएमएमवाई कारगर रिपोर्ट में कहा गया है कि उद्यमशीलता से वंचित सामाजिक समूहों को जोड़ने में पीएमएमवाई का प्रभाव काबिले-तारीफ रहा है। 52 करोड़ पीएमएमवाई खातों में से लगभग आधे एससी/एसटी और ओबीसी सामाजिक वर्गों के हैं। वहीं, एक कदम आगे बढ़ते हुए, कुल खाताधारकों में से 68 प्रतिशत महिला उद्यमी हैं जबकि 11 प्रतिशत अल्पसंख्यक समूहों से हैं। बिहार में पीएमएमवाई महिला उद्यमियों की संख्या 4.2 करोड़ पहुंचा एसबीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि बिहार में पीएमएमवाई महिला उद्यमियों की संख्या 4.2 करोड़ है, जो कि सबसे अधिक है। इसके बाद 4.0 करोड़ महिला उद्यमियों के साथ तमिलनाडु, 3.7 करोड़ महिला उद्यमियों के साथ पश्चिम बंगाल का स्थान आता है। महाराष्ट्र में कुल महिला खाताधारकों की 79 प्रतिशत सबसे बड़ी हिस्सेदारी है, उसके बाद झारखंड में 75 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 73 प्रतिशत है।” लोन का औसत टिकट साइज लगभग तीन गुना पहुंचा लोन का औसत टिकट साइज लगभग तीन गुना हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 2016 में 38,000 रुपये से वित्त वर्ष 2023 में 72,000 रुपये और वित्त वर्ष 2025 में 1.02 लाख रुपये हो गया। लेटेस्ट सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पीएमएमवाई के तहत, योजना की शुरुआत से लेकर 28 फरवरी, 2025 तक 33.19 लाख करोड़ रुपये के 52.07 करोड़ लोन स्वीकृत किए गए हैं। माइक्रो फाइनेंस संस्थानों द्वारा 20 लाख रुपये तक का कोलेटरल फ्री संस्थागत ऋण प्रदान किया जाए माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंसिंग एजेंसी (एमयूडीआरए) के तहत पीएमएमवाई की स्थापना माइक्रो यूनिट्स से संबंधित विकास और पुनर्वित्त गतिविधियों के लिए की गई थी। पीएमएमवाई यह सुनिश्चित करता है कि सदस्य ऋण देने वाली संस्थाओं (एमएलआई) – अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (एससीबी), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों (एमएफआई) द्वारा 20 लाख रुपये तक का कोलेटरल फ्री संस्थागत ऋण प्रदान किया जाए। एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, शिशु की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2016 में 93 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2025 में 51.7 प्रतिशत हो गई है एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, शिशु की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2016 में 93 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2025 में 51.7 प्रतिशत हो गई है, जबकि किशोर खाते की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2016 में 5.9 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 44.7 प्रतिशत हो गई है।रिपोर्ट में कहा गया है, “इससे साफ पता चलता है कि कुछ शिशु खातों में वृद्धि हुई है और किशोर ऋण की उच्च सीमा का लाभ उठाया गया है। साथ ही एमएसएमई इकाइयां बड़ी हो रही हैं।” क्या है प्रधानमंत्री मुद्रा योजना योजना? प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सशक्त बनाना है। माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंसिंग एजेंसी (MUDRA) के तहत, यह योजना अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (SCB), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों (MFI) के माध्यम से 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी वाला ऋण प्रदान करती है।

पाकिस्तान के नापाक इरादों को भारत ने एक बार फिर किया नाकाम

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर से बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि यहां के पुंछ इलाके में पाकिस्तान सेना ने घुसपैठ करने की कोशिश की है। भारत की ओर से पड़ोसियों के इस दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया गया है। एक अप्रैल को कृष्णा घाटी इलाके में पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ की वजह से एक लैंड माइन में विस्फोट हुआ। इसके बाद पाकिस्तानी सेना की ओर से जबरदस्त गोलीबारी की गई। उनकी ओर से लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया। इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की ओर हालात पर काबू पाया। फिलहाल स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है। रक्षा प्रवक्ता के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन मंगलवार दोपहर 1.10 बजे किया गया। तत्काल ही भारतीय सैनिकों ने नियंत्रित और संतुलित जवाबी कार्रवाई की। हालांकि, भारतीय सेना ने पाकिस्तान की ओर से किसी के हताहत होने का कोई जिक्र नहीं किया। इस बीच कुछ आधिकारिक सूत्रों की मानें तो विस्फोट और दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में दुश्मन के पांच सैनिक घायल हुए हैं। पाकिस्तान सेना ने बिना उकसावे के संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जम्मू स्थित रक्षा जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्तवाल ने एक बयान में बताया कि 1 अप्रैल 2025 को एलओसी पर पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ की वजह से कृष्णा घाटी सेक्टर में एक माइन विस्फोट हुआ। इसके बाद पाकिस्तानी सेना की ओर से बिना उकसावे के गोलीबारी और संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया। डीजीएसएमओ समझौते के सिद्धांतों को याद दिलाया उन्होंने बताया कि हमारे सैनिकों ने नियंत्रित और संतुलित तरीके से प्रभावी ढंग से जवाब दिया। स्थिति नियंत्रण में है और इस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भारतीय सेना नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखने के लिए 2021 के महानिदेशक सैन्य अभियान (DGsMO) की समझ के सिद्धांतों को बनाए रखने की अहमियत को दोहराती है। 25 फरवरी, 2021 को दोनों देशों के बीच समझौते को नया रूप देने के बाद से जम्मू और कश्मीर की सीमाओं पर संघर्ष विराम उल्लंघन दुर्लभ हो गया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास की हालत नाजुक, पूजा के दौरान लगी थी आग, 90 प्रतिशत झुलसीं

अहमदाबाद कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास उदयपुर में सोमवार को गणगौर पूजा के दौरान हादसे का शिकार हो गईं। गिरिजा व्यास हर रोज की तरह अपने आवास पर पूजा कर रही थीं। इस दौरान आरती करते समय उनकी चुन्नी में आग लग गई, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अहमदाबाद के जायड्स अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार गिरिजा व्यास 90 प्रतिशत तक झुलस चुकी हैं और उन्हें ब्रेन हेमरेज होने की भी सूचना मिल रही है। हालांकि ब्रेन हेमरेज की खबर की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उनके परिजनों और समर्थकों में चिंता का माहौल है और सभी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। डॉ. गिरिजा व्यास का राजनीतिक करियर काफी प्रभावशाली रहा है। वे चार बार सांसद रह चुकी हैं और कई अहम पदों पर कार्य कर चुकी हैं, जिनमें केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षता भी शामिल है। राजस्थान की राजनीति में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कैसे हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार, गिरिजा व्यास अपने घर में गणगौर पूजा कर रही थीं। इस दौरान वहां आग लग गई। गिरिजा व्यास की साड़ी में आग लगने के कारण उनका शरीर बुरी तरह से झुलस गया। झुलसने के कारण उनकी हालत गंभीर है। इसके अलावा आग लगने के बाद वो घर में गिर गई थीं, जिस वजह से उनके सिर में भी चोट आई है। अस्पताल के आईसीयू में उनका इलाज चल रहा है। इस घटना की जानकारी देते हुए गिरिजा व्यास के भाई गोपाल शर्मा ने बताया कि सोमवार को पूजा करने के दौरान उनकी साड़ी में आग लगी थी। आग लगने के कारण वो बुरी तरह झुलस गई थीं। इस घटना के बाद उनको उदयपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के बाद अहमदाबाद रेफर कर दिया गया था। यहां उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि आग लगने की घटना के बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने उनके परिवार से संपर्क किया और उनके जल्दी ठीक होने की कामना भी की है। गिरिजा व्यास के स्वास्थ्य पर अपडेट देते हुए अहमदाबाद के जाइडस अस्पताल में ऑपरेशन प्रमुख जैस्मीन शाह ने बताया कि उनकी हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि गिरिजा व्यास का शरीर 89 प्रतिशत तक झुलस गया है। इसके अलावा गिरने के कारण उनके ब्रेन में भी चोट आई है। डॉक्टर ने कहा कि उनका ब्रेन इंफार्क्ट हुआ है। डॉ. गिरिजा व्यास की हालत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चिंता जताई जा रही है। पूरे देश से उनके स्वस्थ होने की कामनाएं की जा रही हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी जायड्स में डॉक्टर्स से बात करते हुए डॉक्टर व्यास के स्वास्थ्य और इलाज के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने इस संदर्भ में गुजरात के सीएम से भी बात की है।

वक्फ बोर्ड बिल आज लोकसभा में पेश होगा, बिल के लिए एनडीए और इंडिया गठबंधन पूरी तरह से तैयार

नई दिल्ली: लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल आज पेश होगा। सदन में 8 घंटे की चर्चा के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू चर्चा का जवाब देंगे। इसके बाद बिल को पास कराने के लिए वोटिंग होगी। सरकार बिल को बुधवार को ही लोकसभा में पास कराने की तैयारी है। सरकार इसे राज्यसभा में पेश कर वहां से भी पास कराने की तैयारी में जुटी है। वहीं विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है। इस बिल के खिलाफ कई जगह मुस्लिमों ने काली पट्टियां बांधकर ईद की नमाज अदा की। आइए जानते हैं वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 में क्या है-     वक्फ बिल लाने का सरकार का उद्देश्य क्या है?     8 अगस्त, 2024 को लोकसभा में दो बिल, वक़्फ़ (संशोधन) बिल, 2024 और मुसलमान वक़्फ़ (निरसन) बिल, 2024 पेश किए गए। इनका मकसद वक्फ बोर्ड के काम को सुव्यवस्थित और वक्फ की प्रॉपर्टीज का बेहतर मैनेजमेंट करना है। वक्फ (संशोधन) बिल, 2024 का मकसद वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करना है, ताकि वक्फ संपत्तियों के रेगुलेशन और मैनेजमेंट में आने वाली समस्याओं और चुनौतियों का समाधान किया जा सके। संशोधन विधेयक का उद्देश्य देश में वक्फ संपत्तियों के मैनेजमेंट में सुधार करना है। इसका मकसद पिछले कानून की खामियों को दूर करना और अधिनियम का नाम बदलने जैसे बदलाव करके वक्फ बोर्डों की कार्यकुशलता को बेहतर करना भी है। साथ ही वक्फ की परिभाषाओं को अपडेट करना, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में सुधार करना, वक्फ रिकॉर्ड के मैनेजटमेंट में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाना भी है।     भारत में वक्फ मैनेजमेंट के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक निकाय कौन से हैं और उनकी भूमिकाएं क्या हैं?     भारत में वक्फ संपत्तियों का प्रशासन फिलहाल वक्फ अधिनियम, 1995 के तहत किया जाता है। वक्फ मैनेजमेंट में शामिल प्रमुख प्रशासनिक निकायों में शामिल हैं: केंद्रीय वक्फ परिषद (सीडब्ल्यूसी)- सरकार और राज्य वक्फ बोर्डों को नीति पर सलाह देती है, लेकिन वक्फ संपत्तियों को सीधे नियंत्रित नहीं करती है। राज्य वक्फ बोर्ड (एसडब्ल्यूबी) – प्रत्येक राज्य में वक्फ संपत्तियों का मैनेजमेंट और सुरक्षा करते हैं। वक्फ ट्रिब्यूनल- विशेष न्यायिक निकाय, जो वक्फ संपत्तियों से संबंधित विवादों को संभालते हैं। यह प्रणाली बेहतर प्रबंधन और मुद्दों के तेज़ समाधान को सुनिश्चित करती है। पिछले कुछ वर्षों में, कानूनी बदलावों ने वक्फ प्रशासन को अधिक पारदर्शी, कुशल और जवाबदेह बना दिया है।     वक्फ बोर्ड से संबंधित मुद्दे क्या हैं?     1. वक्फ संपत्तियों की अपरिवर्तनीयताः ‘एक बार वक्फ, हमेशा वक्फ’ के सिद्धांत ने विवादों को जन्म दिया है। 2. कानूनी विवाद और मिसमैनेजमेंटः वक्फ अधिनियम, 1995 और इसका 2013 का संशोधन प्रभावकारी नहीं रहा है जिसकी वजह से वक्फ भूमि पर अवैध कब्ज़ा, कुप्रबंधन और मालिकाना हक का विवाद, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और सर्वेक्षण में देरी, बड़े पैमाने पर मुकदमे और मंत्रालय को शिकायतें जैसे समस्याएं सामने आ रही हैं। 3. कोई न्यायिक निगरानी नहीं-वक्फ ट्रिब्यूनल्स के फैसलों को हाई कोर्ट्स में चुनौती नहीं दी जा सकती। इससे वक्फ मैनेजमेंट में पारदर्शिता और जवाबदेही कम हो जाती है। 4. वक्फ संपत्तियों का अधूरा सर्वेक्षण-सर्वेक्षण आयुक्त का काम खराब रहा है, जिससे देरी हुई है। गुजरात और उत्तराखंड जैसे राज्यों में अभी तक सर्वेक्षण शुरू नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश में 2014 में आदेशित सर्वेक्षण अभी भी लंबित है। विशेषज्ञता की कमी और राजस्व विभाग के साथ खराब कोर्डिनेशन ने रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को धीमा कर दिया है। 5. वक्फ कानूनों का दुरुपयोग- कुछ राज्य वक्फ बोर्डों ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है, जिसकी वजह से सामुदायिक तनाव पैदा हुआ है। निजी संपत्तियों को वक्फ संपत्ति घोषित करने के लिए वक्फ अधिनियम की धारा 40 का दुरुपयोग किया गया है, जिससे कानूनी लड़ाई और अशांति पैदा हुई है।30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से मिली जानकारी के अनुसार, केवल 8 राज्यों की तरफ से डेटा दिया गया, जहां धारा 40 के तहत 515 संपत्तियों को वक्फ घोषित किया गया है। 6. वक्फ अधिनियम की संवैधानिक वैधता-वक्फ अधिनियम केवल एक धर्म पर लागू होता है, जबकि अन्य के लिए इसके समान कोई कानून मौजूद नहीं है। दिल्ली हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (PIL) में सवाल उठाया गया है कि क्या वक्फ अधिनियम संवैधानिक है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।     बिल पेश करने से पहले मंत्रालय ने क्या कदम उठाए और स्टेकहोल्डर्स से क्या विचार-विमर्श किए?     अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से विचार विमर्श किए, जिसमें सच्चर कमेट की रिपोर्ट, जन प्रतिनिधियों, मीडिया और आम जनता द्वारा कुप्रबंधन, वक्फ अधिनियम की शक्तियों के दुरुपयोग और वक्फ संस्थाओं द्वारा वक्फ संपत्तियों के कम उपयोग के बारे में जाहिर की चिंताएं शामिल हैं। मंत्रालय ने राज्य वक्फ बोर्डों से भी परामर्श किया। मंत्रालय ने वक्फ अधिनियम, 1995 के प्रावधानों की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू की और स्टेकहोल्डर्स के साथ परामर्श किया। दो बैठकों में प्रभावित स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं को सुलझाने के लिए इस अधिनियम में उपयुक्त संशोधन करने के लिए आम सहमति बनी। इनमें शामिल हैं- सीडब्ल्यूसी (केंद्रीय वक्फ परिषद) और एसडब्ल्यूबी (राज्य वक्फ बोर्ड) की संरचना का आधार बढ़ाना, मुतवल्लियों की भूमिका और जिम्मेदारियां, ट्रिब्यूनल का पुनर्गठन, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में सुधार, टाइटल्स की घोषणा, वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण, वक्फ संपत्तियों का म्यूटेशन, मुतवल्लियों द्वारा खातों फाइलिंग, वार्षिक खाता फाइलिंग में सुधार, निष्क्रांत संपत्तियों/परिसीमा अधिनियम से संबंधित प्रावधानों की समीक्षा, वक्फ संपत्तियों का वैज्ञानिक प्रबंधन।     वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को पेश करने की प्रक्रिया क्या थी?     • वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और शासन में कमियों को दूर करने के उद्देश्य से 8 अगस्त, 2024 को पेश किया गया था।• 9 अगस्त, 2024 को संसद के दोनों सदनों ने विधेयक को 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा सदस्यों की एक संयुक्त समिति को जांचने और उस पर रिपोर्ट देने के लिए भेजा।• विधेयक के महत्व और इसके व्यापक निहितार्थों को ध्यान में रखते हुए, समिति ने उक्त विधेयक के प्रावधानों पर आम जनता और विशेष रूप से विशेषज्ञों/हितधारकों और अन्य संबंधित संगठनों से विचार प्राप्त करने के लिए ज्ञापन आमंत्रित करने का निर्णय लिया था।• संयुक्त संसदीय समिति ने छत्तीस बैठकें कीं, जिसमें उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के प्रतिनिधियों के विचार/सुझाव सुने जैसे: अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय, विधि एवं न्याय, रेलवे (रेलवे बोर्ड), आवास … Read more

आ गई खुशखबरी: औरंगाबाद-पटना के बाद एक और NH का होगा निर्माण, इस रूट पर बिछेगी रेल लाइन

औरंगाबाद काराकाट लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे महाबली सिंह ने कहा कि औरंगाबाद-पटना के बाद एनएच-139 का निर्माण होगा। इसके लिए लगातार पहल और प्रयास कर रहे हैं। उनसे यहां सिंचाई विभाग के अतिथि गृह में यह सवाल किया था कि नितिन गडकरी की घोषणा के बावजूद यह सड़क फोरलेन क्यों नहीं बन रही है। इस पर उन्होंने यह जानकारी दी कि वह लगातार प्रयासरत हैं। अनुग्रह नारायण रोड से बिहटा रेलवे लाइन के निर्माण पर जब यह पूछा गया कि आंदोलन इस रेलवे लाइन के लिए हो रहा है और निर्माण की स्वीकृति औरंगाबाद से अनुग्रह नारायण रोड तक के लिए ही दी गई, आगे क्या होगा। लक्ष्य 225 विधानसभा सीट जीतने का है- पूर्व सांसद उन्होंने कहा कि डीपीआर बन गया है। अब इस योजना को रोका नहीं जा सकता। रेलवे लाइन बनेगा ही। विपक्ष द्वारा लगातार हमले किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है।  एनडीए एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। लक्ष्य 225 विधानसभा सीट जीतने का है। यह 226 हो सकता है, इससे कम नहीं होने वाला है। महाबली सिंह के साथ जदयू के प्रखंड अध्यक्ष दीपक पटेल, संजय पटेल, पप्पू गुप्ता, नगर अध्यक्ष छात्र जदयू मंगल चंद्रवंशी, रूपेश कुमार, अमरेश पटेल, आशुतोष पटेल एवं उपस्थित रहे। एनडीए की बैठक से संबंधित वायरल एक फोटो के बारे में सवाल पूछे जाने पर महाबली सिंह ने कहा कि एनडीए के हर दल के नेता की उपस्थिति अनिवार्य थी न कि हर जाति के नेता की उपस्थिति अनिवार्य थी। उन्होंने कहा कि 6,000 से अधिक जातियां हैं, सब की उपस्थिति संभव नहीं है। एनडीए का लक्ष्य है जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदारी। इस पर काम किया जा रहा है और हर जाति को सम्मान देना और उनके विकास के लिए काम करना हमारा काम है। सीटों की संख्या पर क्या बोले महाबली? प्रत्याशियों की सूची या सीटों की संख्या के सवाल पर उन्होंने कहा कि समय पर दलों को कितनी सीट मिली यह भी बता दिया जाएगा और कौन कहां से प्रत्याशी हैं यह भी जानकारी दी जाएगी। फिलहाल धीरज रखें। यह पूछने पर कि नीतीश कुमार के कार्यकाल के तीन बड़े काम बताएं तो वह जंगल राज की याद दिलाने लगे। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले क्या था। सबसे बड़ा काम तो यही है कि गंगा राज से मुक्ति मिली। सड़क, नाली, स्वास्थ्य समेत कई काम उन्होंने गिरना शुरू कर दिया।  

ऐसी सायंकालीन अदालतें सभी कार्य दिवसों में शाम 5 बजे से रात 9 बजे के बीच काम करेंगी, किन मामलों की होगी सुनवाई, जाने

भुवनेश्वर देश भर की जिला अदालतों में लंबित मामलों के भारी बोझ को कम करने के लिए केंद्रीय कानून मंत्रालय देश में 785 सायंकालीन अदालतों के काम करने की योजना बना रहा है। योजना के मुताबिक, मौजूदा अदालत परिसरों में ही शाम के समय ये सायंकालीन अदालतें काम करेंगी। इसके अधीन मामूली आपराध के मामले, मामूली संपत्ति विवाद के मामले और चेक विवाद के मामलों समेत ऐसे संक्षिप्त सुनवाई वाले मामले होंगे जिनमें अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है। इस संबंध में विधि मंत्रालय ने एक कॉन्सेप्ट नोट तैयार किया है, जिसे पिछले महीने सभी राज्यों को भेजा गया था। इस नोट में कहा गया है कि ऐसे सायंकालीन अदालतों में पिछले तीन वर्षों के भीतर रिटायर हुए जिला न्यायाधीशों को अनुबंध के आधार पर नियुक्त करने का प्रस्ताव है। इस काम के बदले उन्हें देय भत्तों के साथ-साथ उनके अंतिम वेतन का 50% राशि बतौर पारिश्रमिक मिलेगी। कब से कब तक काम करेंगी ये अदालतें नोट में यह भी कहा गया है कि ऐसी सायंकालीन अदालतें सभी कार्य दिवसों में शाम 5 बजे से रात 9 बजे के बीच काम करेंगी। इससे पहले के समय में नियमित अदालतें अपना काम सुचारू रूप से करेंगी। बाद में उन्हीं अदालतों की सुविधाओं का इस्तेमाल सायंकालीन अदालतों के लिए किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के तहत, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीशों और सेवानिवृत्त अदालती कर्मचारियों को तीन साल की अवधि के लिए अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया जाएगा और उन्हें उनके अंतिम वेतन का 50% और लागू महंगाई भत्ता मिलेगा। यदि अन्य सेवानिवृत्त कर्मचारी नियुक्त किए जाते हैं, तो उन पर भी यही नियम लागू होंगे। किस-किस तरह के मामलों की होगी सुनवाई प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि प्रस्तावित अदालतें तीन साल से अधिक समय से लंबित वैसे छोटे आपराधिक मामलों की सुनवाई कर सकेंगी, जिसमें तीन साल तक के कारावास के दंड का प्रावधान है। इसके बाद 6 साल तक के कारावास वाले मामले शामिल किए जाएंगे। ओडिशा कानून विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, प्रस्ताव में सीआरपीसी- 1973 की धारा 260, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता- 2024 की धारा 283 के तहत संक्षिप्त सुनवाई और निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट एक्ट के तहत चेक डिजॉनर के मामले, सार्वजनिक उपद्रव के मामले और मामूली संपत्ति विवाद की सुनवाई इन अदालतों में कराए जाने का प्रावधान है। इसके तहत उन मामलों को लक्षित किया जाएगा जिसमें लंबी सुनवाई की जरूरत नहीं है ताकि जल्द से जल्द बोझ खत्म किया जा सके।” सरकार का क्या मकसद अधिकारी ने कहा कि छोटे आपराधिक विवादों पर ध्यान केंद्रित करके, शाम की अदालतों से लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी लाकर सरकार वादियों के बीच निराशा दूर करने और न्यायपालिका में जनता का विश्वास बहाल करने की उम्मीद कर रही है। हिन्दुस्तान टाइम्स ने कॉन्सेप्ट नोट का अध्ययन किया है। यह योजना गुजरात के सफल मॉडल से प्रेरित है, जहां 2006 में सायंकालीनअदालतें शुरू की गईं थीं और बाद में 2014 में इसके तहत सुबह और शाम की पारिवारिक अदालतों को भी शामिल करते इसका विस्तार किया गया है। देश में कितने मामले लंबित बता दें कि देश की अदालतों में लंबित मामलों का अंबार है। राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 21 फरवरी तक कुल 4.60 करोड़ मामले लंबित थे, जिनमें से 1.09 करोड़ सिविल मामले और 3.5 करोड़ आपराधिक मामले थे। इनमें से 44.55% मामले तीन साल से अधिक समय से लंबित हैं। अकेले ओडिशा में, इस वर्ष मार्च के अंत तक जिला न्यायालयों में 14,225 आपराधिक मामले लंबित हैं। इन लंबित मामले का एक प्रमुख कारण न्यायिक अधिकारियों की कमी है।

भारतीय महासागर के मध्य से ही पूरे चीन को भारतीय नौसेना की पहुंच आएगा,म इस कदम से

नईदिल्ली भविष्य में भारतीय नौसेना की नई अरिहंत-क्लास न्यूक्लियर-पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन S-4 में खतरनाक K-5 मिसाइल लगाई जाएगी. Indian Navy में K Series की कई मिसाइलें तैनात हैं. कुछ पनडुब्बियों में तो कुछ युद्धपोतों में. इस मिसाइल से चीन-पाकिस्तान की हालत खराब हो जाएगी. हिंद महासागर से दागी गई तो ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, चीन, रूस, मिडिल ईस्ट, यूरोप सब रेंज में आएंगे. पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली यह मिसाइल 5 से 6 हजार किलोमीटर तक मार कर सकेगी. यानी समंदर में रहकर पूरे देश की सुरक्षा कर पाएगी. अगली मिसाइल जो भारतीय नौसेना की पनडुब्बियों में लग सकती है, वो है K सीरीज की परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल K-5. यह सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) है. इस मिसाइल को देश में ही डेवलप किया गया है. इसमें 2000 kg वजनी वॉरहेड लगा सकते हैं. वह पारंपरिक हो या फिर परमाणु हो. इसकी रेंज फिलहाल 5 से 6 हजार km बताई जा रही है. लेकिन हल्के वॉरहेड के साथ यह 8 से 9 हजार किलोमीटर तक मार कर सकती है. इसे भारतीय रक्षा एवं विकास संगठन बना रहा है. अगर इस मिसाइल को भारतीय समुद्री क्षेत्र (Indian Ocean Region – IOR) में मौजूद पनडुब्बी से लॉन्च किया जाए तो चीन और पाकिस्तान के कई प्रमुख शहर किसी भी मिनट खत्म हो सकते हैं. इसे फिलहाल अरिहंत क्लास सबमरीन और एस-5 क्लास सबमरीन में लगाया गया है. भविष्य में बाकी पनडुब्बियों में भी लगाया जा सकता है. कई टारगेट पर हमला भी कर सकेगी K-5 बैलिस्टिक मिसाइल में राडार को धोखा देने की तकनीक और काउंटरमेजर्स भी लगाए जाने की उम्मीद है, ताकि दुश्मन को यह पता ही न चले कि मिसाइल कब और कहां से आ रही है. इसके अलावा इसमें MIRV तकनीक भी लगाई जा सकती है, ताकि एक ही बार में कई जगहों पर निशाना लगाया जा सके.  फिलहाल K-4 सीरीज की मिसाइलें भारत के पास फिलहाल K-4 सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइलों का जखीरा है. जिनकी रेंज 750 से 3500 km है. लेकिन जब नौसेना नई पनडुब्बियां बना रही है, तो उसे नई मिसाइलों की भी जरूरत होगी. ऐसे में K-5 और K-6 SLBM मिसाइलों की जरूरत है. ताकि ज्यादा रेंज तक हमला किया जा सके. इसके अलावा Agni-5 सीरीज की SLBM इस्तेमाल की जा सकती है. अग्नि-5 मिसाइल की ताकत को पूरी दुनिया जानती है. साथ ही चीन और पाकिस्तान तो खौफ खाते हैं. क्योंकि इसकी रेंज में पूरा पाकिस्तान और आधा चीन आता है. लेकिन के-सीरीज की एडवांस मिसाइलों को शामिल किया जा सकता है. अग्नि-5 SLBM की ताकत यह एक अंतरमहाद्वीपीय परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल है. जिसकी रेंज 7 से 8 हजार किलोमीटर है. इसमें एक साथ कई वॉरहेड लगा सकते हैं. यानी यह MIRV तकनीक से लैस है. एक ही मिसाइल से पांच टारगेट्स को हिट किया जा सकता है. इसमें 400 किलोग्राम वजनी परमाणु या पारंपरिक हथियार लगा सकते हैं. इसकी अधिकतम गति 30 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा से ज्यादा है.   K-6 मिसाइल भी दमदार यह मिसाइल अभी बनाई जा रही है. 39 फीट लंबी इस मिसाइल में 3 हजार किलोग्राम वजनी परमाणु हथियार लगा सकते हैं. इससे कई टारगेट्स पर निशाना लगाया जा सकता है. इसकी रेंज 8 से 12 हजार किलोमीटर होगी. इसे एस-5 सबमरीन में लगाने की योजना है.    

वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में आज पेश होगा, सरकार के सामने विपक्षी दलों ने रख दी ये मांग

 नई दिल्ली  वक्फ संशोधन विधेयक आज बुधवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक दोपहर 12 बजे विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में विधेयक को पेश करने की जानकारी दी गई। विपक्ष ने बिल पर 12 घंटे चर्चा की मांग की। जबकि सरकार ने आठ घंटे का समय दिया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप भी जारी करेगी। पार्टी के सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहना होगा। विपक्ष ने किया बैठक से वॉकआउट सरकार के रुख से नाराज होकर विपक्षी दलों के सदस्यों ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक से वॉकआउट कर दिया था । विपक्ष का आरोप था कि सरकार ने उनके किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं की। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि हमने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी से वॉकआउट किया क्योंकि सरकार अपना अजेंडा थोप रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की बात नहीं सुन रही है। वक्फ बिल पर 8 घंटे चर्चा होगी। जरूरत के मुताबिक समय बढ़ाया जा सकता है। हर पार्टी को अपनी बात रखने अधिकार है। हम बिल पर चर्चा कराना चाहते हैं। हमने इस मुद्दे पर सभी दलों से व्यापक चर्चा की है। वक्फ बिल पर व्यापक चर्चा की मांग विपक्षी दलों के सदस्यों ने कहा कि हमने वक्फ पर व्यापक चर्चा की। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन पर चर्चा की बात कही। वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने को लेकर मुद्दा रखा। हालांकि, सरकार ने किसी भी मुद्दे पर विपक्ष की बात नहीं मानी। विपक्ष का कहना है कि हाउस सरकार की मनमर्जी से चल रहा है। विपक्ष को कोई जगह नहीं दी जा रही है। यह हाउस सिर्फ रूलिंग पार्टी का नहीं जनता का है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि हम लागातर वोटर कार्ड की बात कर रहे हैं। हमारी मांग नहीं मानी। उन्होंने कहा कि दूसरे मुद्दे थे। ये किसी पर भी चर्चा नहीं करने दे रहे। अभी तक नहीं मिलीं विधेयक की प्रतियां: बीजद सांसद बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद सस्मित पात्रा ने कहा, “जहां तक ​​विधेयक की बारीकियों का सवाल है तो इसकी प्रतियां अभी तक वितरित नहीं की गई हैं। इस विधेयक पर बीजद की गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि चिंता यह नहीं है कि जेपीसी की बैठक हुई, बल्कि यह है कि विपक्ष की आवाज पर विचार किया गया है या नहीं। उन्होंने कहा कि अब अगर दो दिन लोकसभा में ही चर्चा होगी तो राज्यसभा के लिए समय बचेगा क्या. किरेन रिजिजू ने कहा कि इतना अच्छा बिल हमलोग लेकर आए हैं, रिकॉर्ड में दर्ज होगा कि किसने समर्थन किया और किसने विरोध. उन्होंने ये भी कहा कि कल ही चर्चा होगी, जवाब होगी और लोकसभा से इसे पारित कराना है. किरेन रिजिजू ने कहा कि हम हाथ जोड़कर विनती करते हैं, बिल पर बोलने के लिए कुछ नहीं है तो बहाना मत बनाइए. खुलकर बोलिए. उन्होंने ये भी कहा कि चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है लेकिन बिल उसी दिन पारित कराना है. किरेन रिजिजू ने कहा कि बहुत से मुस्लिम भी इस बिल के समर्थन में हैं. जेपीसी में इतनी चर्चा हो चुकी है. इस बिल को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है. विपक्ष ने किया बैठक से वॉकआउट विपक्ष ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक से वॉकआउट कर दिया. सरकार की ओर से पहले चार से छह घंटे चर्चा का प्रस्ताव रखा गया था. विपक्षी दलों के नेता वक्फ बिल पर कम से कम 12 घंटे चर्चा की मांग कर रहे थे. सरकार की ओर से दो ही दिन का समय बचा होने की बात कहते हुए दो दिन तक चर्चा जारी रखने में असमर्थता जता दी. इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक से वॉकआउट कर दिया. बाद में आठ घंटे चर्चा की बात पर सहमति बनी और सरकार की ओर से ये भी कहा गया कि चर्चा का समय और बढ़ाया भी जा सकता है. सांसदों को उत्तेजित न होने के निर्देश वक्फ बिल को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही सरकार नहीं चाहती कि कोई भी सदस्य उत्तेजित होकर ऐसा कुछ बोल जाए जिससे विपक्ष को हंगामा करने का कोई अवसर मिले और सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ जााए. इसलिए सभी सदस्यों से कहा गया है कि जिन्हें भी इस बिल पर चर्चा में शामिल होने का मौका मिले, वे अपनी बात मर्यादित तरीके से प्रमुख बिंदुओं पर फोकस करके रखें. बोलते समय उत्तेजित न हों. बीजेपी ने सहयोगी दलों से भी अपने सभी सदस्यों की मौजूदगी सदन में सुनिश्चित करने के लिए कहा है.  

म्यांमार जैसे भूकंप का खतरा भारत में भी नकारा नहीं जा सकता: IIT कानपुर

कानपुर  म्यांमार और बैंकॉक में जबर्दस्त नुकसान पहुंचाने वाले भूकंप की जड़ सगाइन फॉल्ट है। इस फॉल्ट को इंटरनेट पर मैप के जरिए आसानी से देखा जा सकता है। आईआईटी कानपुर के अर्थ साइंसेज विभाग के प्रोफेसर जावेद मलिक ने कहा कि सागइन फॉल्ट बेहद खतरनाक है। सिलिगुड़ी में गंगा-बंगाल फॉल्ट है। इन दोनों फॉल्ट के बीच कई अन्य फॉल्टलाइंस हैं। ऐसे में इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि एक फॉल्ट की सक्रियता किसी दूसरे फॉल्ट को ट्रिगर न कर दे। जिससे भारत को भी खतरा है। लंबे समय से भूकंपों पर शोध कर रहे प्रो. जावेद मलिक के अनुसार, यह फॉल्ट अराकान से अंडमान और सुमात्रा तक फैले शियर जोन का हिस्सा है। इसकी भूकंपीय आवृत्ति 150-200 साल है और इसकी सक्रियता दूसरी फॉल्टलाइनों को ट्रिगर कर सकती है। हमें बड़े भूकंपों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। हिमालय में कई सक्रिय फॉल्टलाइंस हैं। सभी लोगों ने फ्रंटल हिस्सों पर काम किया है। फॉल्टलाइन ऊपर भी हैं। भारत की तरफ भी इशारा प्रो. मलिक ने कहा कि हम सिर्फ प्लेटबाउंड्री के आसपास ही भूकंप न देखें। ऊपर भी सेस्मिक गतिविधियां जारी हैं। पूर्वोत्तर और कश्मीर सेस्मिक जोन-5 में हैं। इस जोन में हमें ज्यादा रिसर्च की जरूरत है। गंगा-बंगाल फॉल्ट बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें भी सगाइन फॉल्ट जैसी हलचल है। शायद म्यांमार का भूकंप भारत के लिए इशारा हैं। गंगा बंगाल और सगाइन फॉल्ट के बीच डॉकी, कोपली, डिबरूचौतांग फॉल्ट जोन भी हैं। गंगा-बंगाल फॉल्ट भी सतह पर दिखता है। पूरा हिस्सा दबाव में प्रो. मलिक ने कहा कि आप ये नहीं कह सकते हैं कि सगाइन और गंगा बंगाल के बीच कुछ नहीं चल रहा। एक पूरा हिस्सा दबाव में है। वहां लगातार ऊर्जा एकत्रित हो रही है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि एक भूकंप दूसरे भूकंप को ट्रिगर नहीं करेगा। इसे ‘ट्रिगर स्ट्रेस’ कहते हैं। यहां ये देखना होगा कि क्या ऐसी गतिविधियां उत्तर से दक्षिण की तरफ बढ़ी हैं। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक ने कहा कि 2004 में सुमात्रा, अंडमान में एक भूकंप आया था। इस क्षेत्र के दक्षिण में 2005 में भूकंप आया था। अब ऊपर की तरफ भूकंप आने लगे हैं। ट्रिगर होने की आशंका हमेशा बनी रहती है।  

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में एलओसी पर विस्फोट, पाकिस्तान ने तोड़ा संघर्ष विराम, सुरक्षाबलों ने की फायरिंग

पुंछ जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में मंगलवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर बारूदी सुरंग विस्फोट हुआ। इसके बाद सुरक्षाबलों ने हल्की गोलीबारी की। सेना के अधिकारियों ने बताया कि आज सुबह कृष्णाघाटी सेक्टर के अग्रिम इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में बारूदी सुरंग विस्फोट हुआ। इसके बाद नियंत्रण रेखा पर तैनात जवानों ने हल्की जवाबी गोलीबारी की। इस घटना में किसी के घायल होने या हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने दावा किया कि पाकिस्तान की ओर से भी गोलीबारी हुई। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

तस्वीर खींचने के बहाने कैब ड्राइवर ने महिला का किया रेप, हैदराबाद के राचकोंडा पुलिस ने आरोपी को किया अरेस्ट

नई दिल्ली हैदराबाद के राचकोंडा पुलिस ने कैब ड्राइवर को गिरफ्तार किया। ड्राइवर पर आरोप है कि उसने जर्मनी की 25 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न किया है। महिला के बयान और अन्य जानकारी के आधार पर संदिग्ध की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार किया गया। राचकोंडा पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे अदालत में पेश किया जाएगा। तस्वीर खींचने के बहाने ड्राइवर ने महिला का किया रेप पुलिस ने जानकारी दी कि महिला अपने दोस्तों के साथ हैदराबाद घूमने आई थी। जब वो एयरपोर्ट जा रही थी, तभी ड्राइवर ने उन्हें शहर दिखाने की पेशकश की। इसके बाद वो महिला और उसके दोस्तों को लेकर यात्रा पर निकल गया। कुछ देर चलने के बाद ड्राइवर ने बाकी लोगों से उतर जाने को कहा। ड्राइवर ने कहा कि वो महिला की तस्वीर निकालना चाहता है, इसके लिए वो उसे आगे ले जाएगा। महिला को थोड़ी दूर ले जाने के बाद ड्राइवर ने उसके साथ रेप किया। वहीं, ड्राइवर ने महिला को धमकाया। कर्नाटक में इजरायली महिलाओं का किया गया था गैंगरेप हाल ही में कर्नाटक में 27 साल की इजरायली पर्यटक समेत दो महिलाओं के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था। ये घटना तब हुई जब वे टेक हब बेंगलुरु से करीब 350 किलोमीटर दूर कोप्पल में रात करीब 11:30 बजे नहर के शांत किनारे टहल रही थी।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का ऐक्शन- 200 करोड़ के खनन घोटाले का पर्दाफाश, बेनामी फ्लैट्स, जमीन की जब्ती

भुवनेश्वर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ओडिशा में अवैध खनन से अर्जित 200 करोड़ रुपये की काली कमाई से खरीदी गई संपत्तियों को जब्त कर लिया है। आईटी विभाग ने भुवनेश्वर में 10 हाई-वैल्यू अपार्टमेंट और कटक जिले के अथागढ़ में 11.2 एकड़ जमीन की अस्थायी रूप से अटैचमेंट की है। ये संपत्तियां दिल्ली में रहने वाले ओडिशा के कारोबारी तपस रंजन पांडा के बेनामी खातों के जरिए खरीदी गई थीं। कैसे हुआ घोटाला? आईटी विभाग की जांच में सामने आया कि तपस रंजन पांडा ने जाजपुर जिले के धर्मशाला तहसील में डंकारी पहाड़ी पर अवैध रूप से पत्थरों का खनन किया। राज्य सरकार ने 2014 के बाद से इस जगह पर किसी को भी खनन की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन इसके बावजूद पांडा ने वहां से निकाले गए पत्थरों को 200 करोड़ रुपये में कई खरीदारों को बेचा। बेनामी संपत्ति का जाल आईटी अधिकारियों के मुताबिक, पांडा ने अपनी अवैध कमाई को छिपाने के लिए दो बेनामी कंपनियों के नाम पर जमीन और फ्लैट खरीदे। इन कंपनियों का नियंत्रण पांडा के रिश्तेदारों और कर्मचारियों के हाथों में था, लेकिन असली मालिक वही था। इस पैसे से पांडा ने भुवनेश्वर, गुरुग्राम और गाजियाबाद में कई फ्लैट्स और कटक और भद्रक में जमीन खरीदी। बाद में, पेचीदा लेनदेन के जरिए इन संपत्तियों को अपनी और अपनी पत्नी के नाम पर ट्रांसफर कर लिया। काले धन को बना रहा था सफेद अधिकारियों के मुताबिक, पांडा ने फर्जी इनकम टैक्स और जीएसटी रिटर्न दाखिल करके अपने अवैध कारोबार को वैध दिखाने की कोशिश की। उसने फर्जी बिलिंग के जरिए अपनी बेनामी संपत्तियों को सफेद धन में बदलने की साजिश रची। आईटी विभाग का शिकंजा बेनामी ट्रांजैक्शंस (प्रोहिबिशन) अमेंडमेंट एक्ट, 2016 के तहत इनकम टैक्स विभाग ने इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से 90 दिनों के लिए जब्त कर लिया है। अगर जांच में इन्हें पूरी तरह बेनामी संपत्ति साबित कर दिया जाता है, तो ये सरकारी संपत्ति में बदल दी जाएंगी। इस कानून के तहत दोषियों को 1 से 7 साल तक की सख्त कैद और संपत्ति के बाजार मूल्य का 25% तक का जुर्माना लग सकता है। ओडिशा में खनन माफिया पर नकेल ओडिशा देश का सबसे बड़ा माइनर मिनरल (ग्रेनाइट, बालू, मुरम, स्टोन, लेटराइट) उत्पादक राज्य है, लेकिन यहां अवैध खनन की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। इसी वजह से राज्य सरकार ने हाल ही में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया, जिसमें 360 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 524 वाहनों को जब्त किया गया। इस कार्रवाई के तहत पूरे राज्य में 456 मामले दर्ज किए गए और खनन माफियाओं पर शिकंजा कसा गया। पुलिस और खान विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कई इलाकों में छापे मारे और अवैध खनन के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet