LATEST NEWS

लड़कियों का 24 साल का होने से पहले ही उनकी शादी कर दो, वह शादी के बाद भी पढ़ाई कर सकती हैं: पूर्व विधायक जॉर्ज

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के केरल इकाई के नेता पीसी जॉर्ज ने ईसाई माता-पिता को अपनी बेटियों की शादी 24 साल से पहले करने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने ‘लव जिहाद’ को लेकर भी समुदाय को चेतावनी दी है। इससे पहले भी जॉर्ज भड़काऊ भाषण देने के मामले में घिर गए थे। उन्होंने गिरफ्तार तक कर लिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूंजार से पूर्व विधायक जॉर्ज ने ईसाई समुदाय के लोगों से अपनी बेटियों की शादी 24 साल की उम्र होने से पहले करने के लिए कहा है। को पाला में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मीनाचिल तालुक में ही करीब 400 लड़कियां लव जिहाद का शिकार हो गई हैं। उन्होंने कहा, ‘सिर्फ 41 लड़कियां वापस आई हैं।’ उन्होंने कहा, ‘कोट्टायम की मीनाचिल तालुक में ही करीब 400 लड़कियां लव जिहाद में फंस गई हैं। सिर्फ 41 ही उनमें से वापस आई हैं। ऐसा क्यों हो रहा है कि ईसाई लड़कियों के माता-पिता अपनी बेटियों की शादी के लिए 25 साल का होने का इंतजार कर रहे हैं। मैं पैरेंट्स से कहना चाहता हूं कि लड़कियों का 24 साल का होने से पहले ही उनकी शादी कर दो। वह शादी के बाद भी पढ़ाई कर सकती हैं।’ उन्होंने कहा, ‘क्यों ईसाई अपनी बच्चियों की शादी 25 और 30 में नहीं कर रहे हैं। क्यों उन्हें घर में रखा है। 25 साल की एक लड़की कल गायब हो गई। वह रात 9.30 पर गायब हो गई। 25 साल तक शादी नहीं करने पर उसके पिता को जिम्मेदार माना जाना चाहिए। उसने उसकी शादी क्यों नहीं की। यह एक ऐसा मुद्दा है, जिसपर बात की जानी चाहिए।’ जॉर्ज के बयान को लेकर यूथ कांग्रेस मंडलम ने शिकायत दर्ज कराई है। दरअसल, साल 2023 में आई बॉलीवुड फिल्म द केरल स्टोरी महिलाओं के एक समूह की कहानी है, जो धर्म परिवर्तन कर लेती हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि ये महिलाएं आतंकवादी संगठन से जुड़ने के लिए भेज दी जाती हैं। फिल्म को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी खासा विवाद हुआ था। फिल्म के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई थी।

अफगानिस्तान में हम 500 प्रोजेक्ट्स में शामिल, राशन से लेकर दवा तक दी: UNSC में भारत

न्यूयॉर्क भारत ने बीते कुछ सालों में अफगानिस्तान के तालिबान शासन से रिश्तों में सुधार किया है। इसके अलावा अफगानिस्तान के अलग-अलग प्रांतों में भारत सरकार की मदद से 500 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि इस साल की शुरुआत में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दुबई में अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्ताकी से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि भारत ने तालिबान शासन के साथ द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की है। इसके अलावा लोगों से लोगों के ‘विशेष’ संबंध देश के भारत के मौजूदा जुड़ाव का ‘आधार’ रहे हैं। हरीश ने परिषद में कहा, ‘दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। अफगान पक्ष ने अफगानिस्तान के लोगों के साथ जुड़ने और उनका समर्थन करने के लिए भारतीय नेतृत्व की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया।’ उन्होंने कहा, ‘यह निर्णय लिया गया कि भारत, अफगानिस्तान में जारी मानवीय सहायता कार्यक्रमों के अलावा निकट भविष्य में विकास परियोजनाओं में शामिल होने पर विचार करेगा।’ मिस्री और मुत्ताकी के बीच जनवरी में हुई बैठक 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से भारत और तालिबान के बीच अब तक का सबसे उच्च स्तरीय संपर्क था। हरीश ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच रिश्ता सदियों पुराना रहा है और अपने पड़ोसी देश के रूप में भारत और अफगानिस्तान के लोगों के बीच एक विशेष रिश्ता है, जो ‘देश के साथ हमारे वर्तमान जुड़ाव का आधार’ रहा है। हरीश ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और देश में स्थिरता एवं शांति बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। भारतीय दूत ने कहा, ‘हमारा व्यापक दृष्टिकोण अफगानिस्तान के लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करना और अफगानिस्तान में वास्तविक अधिकारियों एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच विभिन्न मुद्दों को हल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के तहत एक अंतरराष्ट्रीय आम सहमति बनाना है।’ उन्होंने कहा कि दोहा, मॉस्को फॉर्मेट और अन्य मंचों में संयुक्त राष्ट्र की बैठकों में भारत की भागीदारी ‘अफगानिस्तान में शांति, स्थिरता और विकास को सुरक्षित करने के हमारे प्रयासों का प्रतिबिंब है।’ भारत ने संयुक्त राष्ट्र संस्था को बताया कि वह स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, खेल और दक्षता विकास के क्षेत्रों में अफगानिस्तान के लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों के साथ काम कर रहा है। वर्ष 2001 से भारत, अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा, ‘हमारी विकास साझेदारी में अफगानिस्तान के सभी प्रांतों में फैली 500 से अधिक परियोजनाएं शामिल हैं।’अगस्त 2021 से अब तक भारत ने देश को 27 टन राहत सामग्री, 50 हजार टन गेहूं, 40 हजार लीटर कीटनाशक और 300 टन से अधिक दवाइयां तथा चिकित्सा उपकरण दिए हैं।

कराची के निवासी रमजान के दौरान भोजन, कपड़े और घरेलू सामान के लिए संघर्ष कर रहे हैं, रमजान में भी न मिली राहत

कराची पड़ोसी देश पाकिस्तान के कई शहरों में पवित्र रमजान के महीने में भी लोगों को भारी महंगाई और मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। आलम ये है कि इफ्तार और सेहरी के लिए जरूरी फल-सब्जी और मेवे जैसे चीजों की कीमतें आसमान छू रही है। इससे मध्यम और निम्न-मध्यम बेहाल हो उठा है और सरकार से बढ़ती महंगाई को काबू में करने का गुहार लगा रहा है। कराची के निवासी रमजान के दौरान भोजन, कपड़े और घरेलू सामान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। TNN स्टोरीज की रिपोर्ट के अनुसार, कराची के निवासी रमजान के शुरू होते ही जरूरी सामानों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से जूझने लगे हैं। इस वजह से माह-ए-रमजान में भी लोगों के लिए बुनियादी जरूरतें जुटा पाना मुश्किल हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पवित्र महीने की शुरुआत होते ही सब्जियों,फलों, तेल, सूखे मेवों, मसालों और कपड़ों की कीमतों में इजाफा हो गया है, जिससे आम जन निराश और बोझिल हो गए हैं। विरोध-प्रदर्शन करने से डर रहे लोग एक बुजुर्ग निवासी अहसान ने अपनी मजबूरी साझा करते हुए कहा, “रमजान से ठीक एक सप्ताह पहले, रोजमर्रे के लिए जरूरी सामानों की कीमतें बहुत कम थीं, लेकिन जैसे ही रोज़ा शुरू हुआ, सारे सामान की कीमतें आसमान छूने लगी है।” उन्होंने कहा कि लोग पुलिस की जवाबी कार्रवाई के डर से रमजान के दौरान सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने से डर रहे हैं। उन्होंने कीमतों में बढ़ोतरी के लिए बड़े बाजारों में जवाबदेही की कमी को जिम्मेदार ठहराया, जहां विक्रेता जनता की लाचारी का फायदा उठा रहे हैं। एक अन्य निवासी हाजी मुहम्मद अली ने इस मुद्दे की अनदेखी के लिए अधिकारियों को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा, “अधिकारी सो रहे हैं, उन्हें मोटी तनख्वाह मिल रही है, जबकि आम लोग इस महंगाई की मार झेल रहे हैं। उन्हें आम आदमी की मुश्किलों की परवाह नहीं है।” उनकी हताशा नागरिकों के बीच व्यापक असंतोष को दर्शाती है, जो सरकार द्वारा अपने हाल पर छोड़ दिए गए जान पड़ते हैं।दूसरी तरफ, स्थानीय दुकानदारों को रमजान के मौके का फायदा उठाने के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। फल-सब्जी, सूखे मेवे की कीमतों में उछाल TNN की रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे कराची में सूखे मेवे, मसाले और क्रॉकरी की कीमतों में अचानक भारी उछाल आ गया है। अचानक से सभी जरूरी सामान महंगे हो गए हैं। एक स्थानीय निवासी के हवाले से कहा गया है कि सामानों की कीमतों में अचानत बढ़ोत्तरी से मध्यम और निम्न वर्ग के परिवार सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। एक अन्य निवासी ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि वे लाचार हैं क्योंकि वहां दूसरा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर वे लोग महंगाई की वजह से उन दुकानदारों का बहिष्कार करते हैं तो उन्हें माह-ए-रमजान में रोजा रखने में मुश्कलें आएंगी। इसलिए वे असहाय हैं। टीएनएन स्टोरीज की रिपोर्ट के अनुसार, रमजान के चलते जनता बाजार नियामकों और अधिकारियों से अधिक जवाबदेही की मांग कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बुनियादी ज़रूरतें लोगों की पहुँच में बनी रहें। बहरहाल, जरूरी सामानों की कीमतों में भारी वृद्धि ने कराची में व्यापक निराशा को जन्म दिया है। कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या अधिकारी इस पवित्र महीने के दौरान आमजनों के इस संघर्ष के लिए कोई कदम नहीं उठाएंगे।

154 साल की महिला ने ऐसे ली 10 साल के बच्चे की जान

इंडियाना अमेरिका से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 150 किलो से ज्यादा वजनी महिला के ऊपर बैठने के कारण 10 साल के बेटे की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। खबर है कि महिला फॉस्टर यानी बच्चे की पालक मां थी। वहीं, महिला ने भी बच्चे के ऊपर बैठने की बात स्वीकार की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 10 साल के बच्चे की पहचान डकोटा लिवाई स्टीवन्स के तौर पर हुई है। वह इंडियाना का रहने वाला था। वहीं, महिला की पहचान 48 साल की जेनिफर ली विल्सन बताई जा रही है, जिसका वजन करीब 154 किलो है। वह कथित तौर पर बच्चे पर यह सोचकर बैठ गई थीं कि वह परेशानी में होने का नाटक कर रहा है। विल्सन को 6 साल की जेल हुई है। घटना 25 अप्रैल 2023 की है। तब पुलिस को विल्सन के घर पर स्टीवन मिला था। तब वह बेहोश था। जांच में अधिकारियों को उसकी गर्दन और सीने पर चोट के निशान मिले। लड़के ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, विल्सन ने जांच अधिकारियों को बताया है कि लड़का घर से भाग कर पड़ोसी के पास पहुंच गया था। उसका दावा है कि जब लड़के को वापस लाया गया, तब भी वह बुरा बर्ताव कर रहा था और घर छोड़ने की कोशिश कर रहा था। महिला ने स्वीकार किया है कि वह लड़के पर करीब 5 मिनट तक बैठी रहीं। उस दौरान उन्हें लगा कि लड़का नाटक कर रहा है, लेकिन जब उसने जवाब नहीं दिया तो महिला ने सीपीआर की कोशिश की और पुलिस को खबर की। महिला ने कोर्ट को बताया है कि वह सिर्फ लड़के को घर छोड़ने से जाने से रोकना चाहती थीं। ऑटोप्सी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि स्टीवन की मौत मैकेनिकल एस्फिक्सिया से हुई है और मौत के तरीके को हत्या माना गया है। उसे फेफड़ों और लिवर पर गंभीर चोटें आई थीं।

दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 भारत में, दिल्ली अब भी मोस्ट पॉलुटेड कैपिटल, देखें लिस्ट

नई दिल्ली दुनिया के सबसे अधिक प्रदूषित शहर भारत में ही हैं. चाहे दुनिया का मोस्ट पॉलुटेड सिटी हो या कैपिटल, दोनों यही हैं. जी हां, दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 भारत में हैं. मेघालय का बर्नीहाट इस लिस्ट में सबसे ऊपर है. दुनिया की सबसे अधिक प्रदूषित राजधानी का शर्मनाक खिताब अब भी दिल्ली के पास ही है. मंगलवार को प्रकाशित एक नई रिपोर्ट में ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ. स्विस एयर क्वालिटी टेक्नोलॉजी कंपनी IQAir की ‘वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2024’ के मुताबिक, दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी हुई है. वहीं, 2024 में भारत दुनिया का पांचवां सबसे प्रदूषित देश रहा. 2023 में भारत इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर था. रिपोर्ट में क्या है रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में भारत में PM2.5 की मात्रा में 7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. 2024 में यह औसतन 50.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रही, जबकि 2023 में यह 54.4 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर थी. फिर भी, दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से छह भारत में हैं. दिल्ली में लगातार प्रदूषण का स्तर ऊंचा दर्ज किया गया. यहां सालाना औसत PM2.5 की मात्रा 91.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रही. जो कि 2023 के 92.7 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के आंकड़े के मुकाबले लगभग अपरिवर्तित है. दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल 13 भारतीय शहर हैं- बर्नीहाट, दिल्ली, मुल्लांपुर (पंजाब), फरीदाबाद, लोनी, नई दिल्ली, गुरुग्राम, गंगानगर, ग्रेटर नोएडा, भिवाड़ी, मुजफ्फरनगर, हनुमानगढ़ और नोएडा. भारत में वायु प्रदूषण गंभीर खतरा कुल मिलाकर, 35 प्रतिशत भारतीय शहरों ने सालाना PM2.5 का स्तर WHO की 5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की सीमा से 10 गुना अधिक दर्ज किया. भारत में वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे अनुमानित जीवन प्रत्याशा 5.2 वर्ष कम हो जाती है. पिछले साल प्रकाशित लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ स्टडी के अनुसार, 2009 से 2019 तक हर साल भारत में लगभग 15 लाख मौतें PM2.5 प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में रहने से हुईं. क्या है पीएम 2.5 PM2.5 हवा में मौजूद 2.5 माइक्रोन से छोटे सूक्ष्म प्रदूषण कणों को कहते हैं. ये कण फेफड़ों और रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ, हृदय रोग और यहां तक कि कैंसर भी हो सकता है. इसके स्रोतों में वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन और लकड़ी या फसल अवशेषों का जलना शामिल है. सौम्या स्वामीनाथन ने क्या सुझाव दिए WHO की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक और स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाहकार सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि भारत ने वायु गुणवत्ता डेटा संग्रह में प्रगति की है. लेकिन यहां इसको लेकर पर्याप्त कार्रवाई का अभाव है. उन्होंने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘हमारे पास डेटा है, अब हमें एक्शन लेने की जरूरत है. कुछ उपाय आसान हैं जैसे बायोमास को एलपीजी से बदलना. भारत के पास इसके लिए पहले से ही एक योजना है, लेकिन हमें अतिरिक्त सिलेंडरों पर सब्सिडी देनी चाहिए. पहला सिलेंडर मुफ्त है, लेकिन सबसे गरीब परिवारों, खासकर महिलाओं को ज्यादा सब्सिडी मिलनी चाहिए. इससे उनके स्वास्थ्य में सुधार होगा और बाहरी वायु प्रदूषण कम होगा.’ आईसीएमआर की पूर्व चीफ का सुझाव उन्होंने कहा कि शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का विस्तार और कुछ खास कारों पर जुर्माना लगाने से मदद मिल सकती है. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि इसके लिए प्रोत्साहन और जुर्माने का मिला-जुला तरीका जरूरी है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की पूर्व महानिदेशक ने कहा कि उत्सर्जन कानूनों का सख्ती से पालन कराना बेहद जरूरी है. उद्योगों और निर्माण स्थलों को नियमों का पालन करना चाहिए और शॉर्टकट अपनाने के बजाय उत्सर्जन में कटौती के लिए उपकरण लगाने चाहिए.  

PM मोदी दो दिवसीय यात्रा पर मॉरीशस पहुंचे, एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

पोर्ट लुइस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को मॉरीशस पहुंचे। पीएम मोदी का मॉरीशस के सर सीवसागर रामगुलाम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। बता दें कि पीएम मोदी मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर हैं और वह राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान कई द्विपक्षीय समझौते भी होने हैं। प्रधानमंत्री मोदी स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे मॉरीशस पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया गया। मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। उनके साथ उप प्रधानमंत्री, मॉरीशस के मुख्य न्यायाधीश, नेशनल असेंबली के स्पीकर, विपक्ष के नेता, विदेश मंत्री, कैबिनेट सचिव, ग्रैंड पोर्ट डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के अध्यक्ष और कई अन्य लोग मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय मॉरीशस दौरे से पहले कहा कि उनकी यात्रा दो देशों की दोस्ती की नींव को और मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को देश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारतीय नौसेना के एक जहाज के साथ भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी भी समारोह में भाग लेगी। पीएम मोदी ने अपनी यात्रा को लेकर सोमवार शाम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “कल से मैं मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर जा रहा हूं, जहां मैं उनके 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लूंगा। मैं अपने मित्र और प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम से मिलने के लिए उत्सुक हूं। मैं वहां भारतीय समुदाय से बातचीत करने के लिए भी उत्सुक हूं।” 10 साल बाद दौरा यात्रा के दौरान पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे, प्रधानमंत्री के साथ बैठक करेंगे और द्वीपीय राष्ट्र के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे। साथ ही वह भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ भी बातचीत करेंगे। पीएम मोदी 10 साल बाद मॉरीशस पहुंचे हैं। इसके पहले उन्होंने 2015 में देश का दौरा किया था। सागर विजन के तहत पीएम मोदी का दौरा मॉरीशस रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने एक बयान में कहा, ‘मैं अपने ‘सागर विजन’ के तहत, अपने लोगों की प्रगति और समृद्धि के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्रे में सुरक्षा और विकास के लिए अपनी स्थायी मित्रता को मजबूत करने तथा अपने सभी पहलुओं में अपनी साझेदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से मॉरीशस नेतृत्व के साथ जुड़ने के अवसर की प्रतीक्षा में हूं।’ ‘सागर’ से आशय ‘सेक्युरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन’ (क्षेत्र में सबके लिए सुरक्षा और विकास) से है। मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस में दिखेगी भारत की ताकत भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत और भारतीय वायु सेना की आकाश गंगा ‘स्काईडाइविंग टीम’ (मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस) समारोह में भाग ले रही हैं। मोदी ने कहा, टहिंद महासागर में मॉरीशस एक करीबी समुद्री पड़ोसी, एक प्रमुख साझेदार और अफ्रीकी महाद्वीप का प्रवेश द्वार है। हम इतिहास, भूगोल और संस्कृति से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गहरा आपसी विश्वास, लोकतंत्र के मूल्यों में साझा विश्वास और अपनी विविधता पर गर्व हमारी ताकत है।ट प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच घनिष्ठ एवं ऐतिहासिक संबंध साझा गौरव का स्रोत हैं। पीएम मोदी ने कहा, “मॉरीशस एक करीबी समुद्री पड़ोसी और हिंद महासागर का एक प्रमुख साझेदार है। हम साझा मूल्यों और गहरे सांस्कृतिक संबंधों से जुड़े हुए हैं। मेरी यात्रा हमारी दोस्ती की नींव को और मजबूत करेगी और भारत-मॉरीशस संबंधों में एक उज्जवल अध्याय जोड़ेगी।” बता दें कि यह प्रधानमंत्री मोदी की 2015 के बाद पहली मॉरीशस यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी की वर्तमान यात्रा से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। पिछले महीने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने देश की संसद को प्रधानमंत्री मोदी की आगामी यात्रा के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने संसद को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे सदन को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मेरे निमंत्रण पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे राष्ट्रीय दिवस समारोह के लिए मुख्य अतिथि बनने पर सहमति व्यक्त की है।” मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “यह वास्तव में हमारे देश के लिए एक विशेष सम्मान की बात है कि हम ऐसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व की मेजबानी कर रहे हैं, जो अपने व्यस्त कार्यक्रम और हाल ही में पेरिस और अमेरिका की यात्रा के बावजूद हमें यह सम्मान दे रहे हैं। वह हमारे विशेष अतिथि के रूप में यहां आने के लिए सहमत हुए हैं। पीएम मोदी की यात्रा हमारे दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों का प्रमाण है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नेता दत्तात्रेय होसबोले बोले, देश का नाम भारत है तो इंडिया क्यों कहा जाए?

नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि अपने देश को इंडिया नहीं, भारत कहना चाहिए। नोएडा में ‘विमर्श भारत का’ पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में सरकार्यवाह ने देश को दो नामों, भारत और इंडिया के नाम से पुकारे जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश को दो नामों से क्यों जाना जा रहा। इसपर प्रश्न उठाना चाहिए। दत्तात्रेय ने कहा कहा, ‘पिछले दिनों सरकार ने जी20 सम्मेलन में राष्ट्रपति आवास पर भोज के लिए निमंत्रण में रिपब्लिक ऑफ भारत लिखा। भारत के नाम को इंडिया नहीं कहना चाहिए, वह इंग्लिश में इंडिया है और भारत के वासियों के लिए भारत है, ऐसा हो सकता है दुनिया में कहीं। कॉन्स्टीट्यूशन ऑफ इंडिया- भारत का संविधान, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया- भारत का रिजर्व बैंक… प्रश्न उठना चाहिए। इसे ठीक करना ही पड़ेगा। भारत है तो भारत ही कहो।’ आरएसएस के सरकार्यवाह ने कहा कि भारत की राष्ट्रीयता के संबंध में कई विचार आए, जो टूट गया क्या वही भारत है? क्या भारत एक जमीन का टुकड़ा है? या संविधान से चलने वाला केवल एक भारत है? केवल ऐसा नहीं है, भारत एक जीवन दर्शन है, आध्यात्मिक प्रतिभूत है। विश्व को संदेश देने वाला विश्वगुरु है। उन्होंने कहा कि भारत के संबंध में बहुत भ्रामक बातें फैलाई गईं। भारत को कहा गया कि भारत केवल एक कृषि प्रधान देश है, यहां किसी भी प्रकार का उद्योग नहीं है, जबकि यह सत्य नहीं है। 1600 ईस्वी में भारत की विश्व व्यापार में लगभग 23 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी तो यह केवल क्या कृषि की थी, ऐसा नहीं है। अगर हम वैश्विक दृष्टि से देखें तो प्राचीन समय से ही हम किसी भी क्षेत्र में कम नहीं थे। हमने अपने स्वाभिमान को खोया। हमारी शिक्षा पद्धति नष्ट हुईं, जो बाहरी आक्रांता आए उन्होंने हमारे देश का दमन किया। दत्तात्रेय ने कहा कि आज भारत स्वतंत्र है, उसका मस्तिष्क स्वतंत्र है। पहले के दशकों में पढ़ाया जाता था कि भारत का गणित और विज्ञान के क्षेत्र में कोई योगदान नहीं है। भारत के इतिहास को तोड़ा और मरोड़ा गया है, जबकि भारत का इतिहास समृद्धि से भरा पड़ा है। आज यह महत्वपूर्ण है कि विश्व के बहुत से लोग भारत के बारे में एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का मूल परिचय संस्कृति का परिचय है। आचरण के महान आदर्श हैं। उन्होने कहा कि भारत में हमारे जो पूर्वज थे, उन्होंने निश्चय कर लिया था कि किसी भी स्थिति में अपनी संस्कृति की रक्षा करनी है और अपने विचार को बचा कर रखना है। काल के प्रवाह में भी इस देश की संस्कृति कभी नष्ट नहीं हुई, हमारे देश के मनीषियों ने इसे अलग-अलग रूप में प्रस्तुत किया है।

औरंगजेब की कब्र और शिवाजी के मंदिर के रखरखाव में हर साल कितने पैसे खर्च करती है सरकार: खुलासा

मुंबई देश में इन दिनों छत्रपति शिवाजी महाराज और औरंगजेब को लेकर मामला गरमाया हुआ है. तमाम राजनीतिक दल इसको लेकर सियासत कर रहे हैं और अब RTI ने जो खुलासा किया है, उसने आग में घी डालने का काम किया. आरटीआई ने कहा है कि औरंगजेब जैसे क्रूर शासक के लिए सरकार सालभर में करीब 2 लाख रुपये खर्च करती है और छत्रपति शिवाजी के मंदिर के लिए सिर्फ 250 रुपये महीना ही दिया जाता है. सरकार पर लगा भेदभाव का आरोप RTI के खुलासे के बाद से हिंदू जनजागृति संगठन तमाम तरह के सवाल उठा रहा है. संगठन का कहना है कि आखिर औरंगजेब के लिए लाखों रुपये और छत्रपति शिवाजी के लिए इतने कम रुपये देकर ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है. हिंदू जनजागरण समिति ने इस सहायता को तुरंत बंद किए जाने की मांग की है और कहा है कि छत्रपति शिवाजी के मंदिर को भरपूर सहयोग किया जाना चाहिए. हिंदू जनजागृति संगठन ने मजार और मंदिर में भेदभाव का आरोप लगाया है. औरंगजेब की कब्र के लिए कितने सरकार ने दिए कितने रुपये हिंदू जनजागृति संगठन की मानें तो औरंजेब की कब्र के लिए हर साल केंद्र सरकार की भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा लाखों रुपये देकर सहायता और देखरेख की जा रही है. जानकारी की मानें तो साल 2021-22 में 2,55,160 रुपये और साल 2022-23 में 2,00,636 रुपये खर्च किए जा चुके हैं. इस तरीके से हिसाब जोड़ा जाए तो अभी तक लगभग 6.50 लाख रुपये का खर्चा आ चुका है. वहीं महाराष्ट्र के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक छत्रपति शिवाजी के मंदिर के लिए सिर्फ 250 रुपये महीने दिए जाते हैं. मंदिर के लिए क्यों दी जा रही इतनी सी रकम हिंदू जनजागृति संगठन का कहना है कि ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्णं है कि जिन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर करके हिंदू धर्म, महाराष्ट्र की संस्कृति और स्वराज की रक्षा के लिए काम किया है और अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, उनके मंदिर के लिए सिर्फ इतनी सी रकम क्यों दी जा रही है. संगठन ने मांग की है कि औरंगजेब की कब्र को दी जाने वाली सहायता तुरंत रोक दी जाए और छत्रपति शिवाजी के मंदिर के लिए भरपूर सहायता की जाए.

राज्य सभा में रेलवे (संशोधन) विधेयक 2025 पारित

प्रधानमंत्री मोदी जी के विजन ‘विकसित भारत’ के लिए तीन गुना मेहनत का संकल्प –  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव विकसित भारत के लिए करनी होगी तीन गुना मेहनत : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव राज्य सभा में रेलवे (संशोधन) विधेयक 2025 पारित नई दिल्ली राज्यसभा ने भारतीय रेल के संचालन को सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया। सदन को संबोधित करते हुए, रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह विधेयक रेलवे क्षेत्र में सशक्तिकरण, दक्षता में वृद्धि और सहकारी संघवाद को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री ने चर्चा में भाग लेने वाले 25 सांसदों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह विधेयक मौजूदा कानूनों को सरल बनाने के लिए लाया गया है, जिससे राज्य सरकारों की शक्तियां कम नहीं होंगी बल्कि विकेंद्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि रेलवे ज़ोन के महाप्रबंधकों को अब ₹1,000 करोड़ तक की परियोजनाओं को स्वीकृत करने की पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है। वैष्णव ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार द्वारा उन राज्यों में भी रेलवे के लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है, जहां सत्ताधारी दल की सरकार नहीं है। केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को पूर्व की सरकारों की तुलना में कई गुना अधिक बजट मिला है। रेलवे क्षेत्र में प्रमुख सुधार और उपलब्धियां: बुनियादी ढांचा विकास •     पिछले 11 वर्षों में 34,000 किलोमीटर नई रेलवे पटरियां बिछाई गईं, जो जर्मनी के कुल रेल नेटवर्क से अधिक है। •     45,000 किलोमीटर रेलवे का विद्युतीकरण पूरा किया गया, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता में कमी आई। •     50,000 किलोमीटर पुरानी पटरियों को नई, उच्च गुणवत्ता वाली पटरियों से बदला गया। सुरक्षा सुधार •    रेलवे सुरक्षा में निवेश बढ़कर ₹1.14 लाख करोड़ हुआ, जो पिछली सरकारों में केवल ₹8,000 करोड़ था। •    रेल फ्रैक्चर की घटनाओं में 91% की कमी आई—2013-14 में 2,548 घटनाएं होती थीं, जो अब न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई हैं। •    ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली लागू की गई, जिसे SIL-4 प्रमाणन प्राप्त है, जो रेलवे संचालन के लिए उच्चतम सुरक्षा स्तर सुनिश्चित करता है। रोजगार और क्षमता निर्माण •    एनडीए सरकार के दौरान 5,02,000 नौकरियां दी गईं, जबकि यूपीए शासन में यह संख्या 4,11,000 थी। •     लाखों अभ्यर्थियों की भागीदारी के साथ रेलवे भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी रूप से आयोजित की गईं। •     आईजीओटी प्लेटफॉर्म पर रेलवे कर्मचारियों के लिए उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए गए। यात्री सुविधाएं और आधुनिकीकरण •    3,10,000 आधुनिक शौचालय रेलवे कोचों में स्थापित किए गए, जिससे स्वच्छता मानकों में जबरदस्त सुधार हुआ। •     लोको पायलटों के लिए 558 रनिंग रूम अब पूरी तरह वातानुकूलित हैं। •     नई पीढ़ी के इंजन अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर कार्य वातावरण के साथ निर्मित किए जा रहे हैं। वैष्णव ने रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन को लेकर उठाई गई चिंताओं पर भी चर्चा की। उन्होंने घोषणा की कि 60 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पूर्ण एक्सेस कंट्रोल लागू किया जाएगा, जिससे केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही प्लेटफॉर्म पर प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा, उच्च भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर यात्रियों की अप्रत्याशित संख्या को समायोजित करने के लिए विशेष ट्रेनों की तैनाती की जाएगी। अपने संबोधन के अंत में, मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के विजन को दोहराया और रेलवे कर्मचारियों और सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे पिछले एक दशक में रखी गई मजबूत नींव पर तीन गुना अधिक मेहनत करें। इस विधेयक का पारित होना भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के सफर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित, कुशल और सुविधाजनक सेवाएं सुनिश्चित करेगा। रेलवे एक्ट 2025 का संक्षिप्त विवरण रेलवे बोर्ड की देखरेख में रेलवे अपने जोन, डिवीजन और उत्पादन इकाइयों आदि के माध्यम से काम करता है। रेलवे बोर्ड रेलवे संचालन के लिए सभी नीतिगत निर्णय भी लेता है। अब रेलवे संशोधन अधिनियम 2025 बिल औपनिवेशिक काल के प्रावधानों की जगह लेगा। अब रेलवे बोर्ड के प्रावधान रेलवे अधिनियम, 1989 में शामिल किए गए हैं। नए अधिनियम बिल से दो अधिनियमों का संदर्भ कम हो जाएगा। अब केवल एक अधिनियम का संदर्भ देने की आवश्यकता होगी। रेलवे बोर्ड, जोन, डिवीजन, उत्पादन इकाइयों आदि की प्रकृति, दायरा और कार्यप्रणाली वही रहेगी।  • 09 अगस्त, 2024 को यानी 18वीं लोकसभा के पहले सत्र के आखिरी दिन लोकसभा में ‘रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024’ पेश करने का प्रस्ताव रखा गया। * ‘रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024’ (2024 का विधेयक संख्या 113-सी) 11.12.2024 को लोकसभा में पारित हुआ। * यह विधेयक 10.03.2025 को राज्य सभा की कार्यसूची में मद संख्या 10 के रूप में आया और ‘रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2025’ के रूप में पारित हुआ।

पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी की टिकट भी पूरी नहीं बिक पाईं और पाकिस्तान को नुकसान हुआ

लाहौर आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 भारत अपने नाम कर चुका है। संडे को दुबई में हुए फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर यह ट्रॉफी अपने नाम की। इस बार इस टूर्नामेंट का आयोजक पाकिस्तान था। पाकिस्तान ने इस टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए पानी की तरह पैसा बहाया था। पाकिस्तान में 29 साल बाद कोई आईसीसी टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था। लेकिन भारत ने पाकिस्तान में खेलने से मना कर दिया था। इसके बाद भारत के सभी मैच दुबई में खेले गए। इससे पाकिस्तान को आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान हुआ। जले पर हार का नमक इस टूर्नामेंट के शुरू में ही भारत ने पाकिस्तान में खेलने से मना कर दिया था। चूंकि भारतीय क्रिकेट टीम के प्रशंसक दुनियाभर में फैले हुए हैं। ऐसे में जिस देश में भारतीय क्रिकेट टीम के मैच होते हैं, ज्यादातर प्रशंसक वहां मैच देखने पहुंच जाते हैं। इससे उस देश की अर्थव्यवस्था में भी तेजी आती है। भारत के न आने से पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पहले से भी खराब होने लगी थी। बाकी कसर पाकिस्तान की क्रिकेट टीम ने खुद कर दी। पाकिस्तान की क्रिकेट टीम लीग मैचों में ही हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। ऐसे में दूसरे देशों की टीम के जो भी मैच पाकिस्तान में हुए, उन्हें देखने काफी कम दर्शक मैदान में पहुंचे। इससे टिकट भी पूरी नहीं बिक पाईं और पाकिस्तान को नुकसान हुआ। हजारों करोड़ रुपये किए खर्च पाकिस्तान में आतंक के साए के चलते मैदानों पर क्रिकेट काफी कम होता है। पिछली बार साल 1996 में आईआईसी टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था। तब से लेकर अब तक पाकिस्तान का पहला वैश्विक आयोजन था। इसके लिए कराची, लाहौर और रावलपिंडी के स्टेडियमों को अपग्रेड किया गया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस पर पाकिस्तान ने 64 मिलियन डॉलर (करीब 558 करोड़ रुपये) खर्च किए। इसके अलावा हॉस्पिटैलिटी और ट्रांसपोर्ट पर करीब 9 मिलियन डॉलर की रकम खर्च की। कितना हुआ नुकसान? पाकिस्तान अपने देश में ही कुल दो मैच खेल पाया। पहले मैच में उसे न्यूजीलैंड से और दूसरे मैच में भारत से हार मिली। इसके बाद ही पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुचंने के रास्ते बंद हो गए। अंतिम लीग मैच बांग्लादेश से होना था जो बारिश के कारण रद्द हो गया था। इसमें पहला मैच कराची में हुआ, जिसमें काफी संख्या में पाकिस्तानी दर्शक कराची पहुंचे। इसके बाद पाकिस्तान के स्टेडियम खाली ही नजर आए। पाकिस्तान को ICC से होस्टिंग फीस के रूप में 6 मिलियन डॉलर (करीब 52 करोड़ रुपये) मिलेंगे। टिकटों की बिक्री से पाकिस्तान को बहुत ज्यादा कमाई नहीं हुई है। साथ ही पाकिस्तान पहुंचने वाले विदेशी दर्शक भी काफी कम रहे। ऐसे में पाकिस्तान को इस टूर्नामेंट से उतनी कमाई नहीं हुई, जितनी रकम उसकी खर्च हो गई।

कमर चीमा ने कहा कि भारत युद्ध लड़कर ही कश्मीर ले सकता है, जयशंकर का पाकिस्तान को POK से दावा छोड़ने का सुझाव

इस्लामाबाद  भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि पाकिस्तान अगर अपने कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर दावा छोड़ देता है तो दोनों देशों के बीच विवाद का सबब बना ये मुद्दा सुलझ जाएगा। जयशंकर ने बीते हफ्ते लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान ये बात कही है। उनके बयान की भारत के साथ-साथ पाकिस्तान में भी चर्चा हो रही है। पाकिस्तान में उनके इस बयान को भारत की पीओके पर हमला करने की धमकी की तरह भी देखा जा रहा है। वहीं कई एक्सपर्ट इसे सिर्फ सियासी जुमला मान रहे हैं। पाकिस्तान की पत्रकार आरजू काजमी ने कमर चीमा से इस मुद्दे पर बात की है। आरजू काजमी ने अपने यूट्यूब चैनल पर कमर चीमा से बात करते हुए कहा कि जयशंकर सीधेतौर पर कह रहे हैं कि पाकिस्तान कश्मीर से हट जाए। आरजू ने चीमा से सवाल किया कि ऐसा नहीं लगता कि अपनी सरकार से इजाजत के बिना कोई विदेश मंत्री ऐसा बयान दे सकता है। इस बयान के बाद क्या ये माना लिया जाए कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने पीओके पर हमले जैसा कोई इशारा दे दिया है। ‘जयशंकर के बयान में गंभीरता नहीं’ आरजू के सवाल का जवाब देते हुए चीमा ने कहा, ‘भारत की आधिकारिक नीति शायद ऐसी नहीं है। मुझे नहीं लगता कि कल पाकिस्तान से भारत की कश्मीर पर कोई बातचीत होगी तो भारत ये कहेगा कि पीओके दे दो और सारा झगड़ा खत्म है। ये सीरियस बात नहीं लगती है लेकिन भारत की सत्ताधारी भाजपा ने इसे राजनीति का मुद्दा जरूर बनाकर रखा है। जयशंकर से पहले राजनाथ सिंह और अमित शाह जैसे मोदी सरकार के सारे बड़े चेहरे भी पीओके पर इसी तरह की बात कर चुके हैं।’ चीना ने आगे कहा, ‘भाजपा ने चुनाव में पीओके का बार-बार इस्तेमाल किया है लेकिन उन्होंने इसे चुनावी घोषणा पत्र में शामिल नहीं किया है। मुझे लगता है कि जयशंकर ने भी कुछ ऐसा ही किया है। उनसे सवाल भी इसी तरह हुआ था कि मैं आपको असहज करके पूछता हूं तो उन्होंने भी सवाल करने वाले बुजुर्ग को ऐसा ही जवाब दे दिया। दरअसल भाजपा चाहती है कि लोगों के बीच ऐसा संदेश जाए कि हम मजबूत सरकार हैं, जो पीओके लेने की बात करते हैं। ये भी इसी कड़ी का हिस्सा है। चीमा का सवाल- क्या भारत युद्ध लड़ेगा? चीमा ने कहा कि भारत युद्ध लड़कर ही कश्मीर ले सकता है। कश्मीर में जिस तरह से पहाड़ और नदिया हैं, वहां जंग भी आसान नहीं है। भारत की फौज बड़ी है लेकिन पाकिस्तान भी बड़ी सैन्य ताकत है। ऐसे में एक बड़े जंग से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि भारत युद्ध में जाना चाहेगा, मुझे ऐसा कतई नहीं लगता है। पाकिस्तानी राजनीतिक टिप्पणीकार चीमा ने आगे कहा कि पाकिस्तान ने भी हजार बार भारत से कश्मीर लेने की कस्में खाई हैं। मैं पूछता हूं कि क्या पाकिस्तान ऐसा कर सकता है। दोनों ओर से ही कश्मीर पर दावें हैं लेकिन ये जुबानी जमाखर्च ही है। मुझे लगता है कि जयशंकर शायद इस तरह की बात ना करते लेकिन उनसे सवाल इसी अंदाज में हुआ तो उन्होंने भी चुटीले अंदाज में जवाब दे दिया।

रिजर्व बैंक ने जनवरी 2025 में 2.83 टन सोना खरीदा, सोना खरीदने में भारत ने अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान को पीछे छोड़ा

नई दिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पिछले कुछ वर्षों से सोना खरीदने में लगा हुआ है। पिछले 5 वर्षों में रिजर्व बैंक ने सोने का अकूत खजाना इकट्ठा कर लिया है। 5 साल में सोना खरीदने में भारत ने अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है। इतने समय में सिर्फ चीन ही भारत से ज्यादा सोना खरीद पाया है। बिजनेस स्टैंडर्ड ने यह जानकारी वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के हवाले से दी है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक रिजर्व बैंक ने साल 2020 से साल 2024 तक पांच वर्षों में 244 टन सोना खरीदा है। इस दौरान चीन ने 336 टन सोना खरीदा। भारत ने सोना खरीदना अभी भी बंद नहीं किया है। वहीं दूसरी ओर कई देश सोना खरीदने की रफ्तार कम कर चुके हैं। यहां चीन को भी छोड़ा पीछे साल 2024 की आखिरी तिमाही में भारत ने सोना खरीदने में चीन को भी पीछे दिया है। भारत ने इस तिमाही में 22.54 टन सोना खरीदा। वहीं चीन ने 15.24 टन सोना खरीदा। सिंगापुर ने अपने सोने के भंडार में 7.65 टन की कमी की। इस तिमाही में सबसे ज्यादा सोना (28.53 टन) पोलैंड ने खरीदा। इस साल भी रिजर्व बैंक की बड़ी खरीदारी साल 2025 में भी रिजर्व बैंक धड़ाधड़ सोना खरीद रहा है। इस साल जनवरी में रिजर्व बैंक ने 2.83 टन सोना खरीदा। इस खरीद के साथ रिजर्व बैंक को गोल्ड रिजर्व बढ़कर करीब 879 टन हो गया है। इसमें फरवरी के आंकड़े शामिल नहीं हैं। सोने में आखिर रुचि क्यों? सोने को हमेशा से संकट मोचक माना जाता है। दूसरे देशों के साथ कारोबार के लिए अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं काफी देश सोने में भी लेन-देन करते हैं। विदेशी मुद्रा का भंडार कम न रहे, इसलिए भारत समेत ज्यादातर देश सोने का इस्तेमाल करते हैं। जानकारों के सोना खरीदने के कई कारण बताए हैं। इस समय सबसे बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियां हैं। इससे ग्लोबल ट्रेड वॉर की आशंका के कारण सोने की मांग बढ़ गई है। आर्थिक और भूराजनीतिक उथल-पुथल के दौरान सोने को एक सेफ इंवेस्टमेंट के रूप में देखा जाता है। रिजर्व बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में रीवैल्यूएशन रिस्क और करेंसी की अस्थिरता को कम करने के लिए भी सोना खरीद रहा है।

टमाटर और LPG की कीमतों में गिरावट से शाकाहारी थाली सस्ती हुई

नई दिल्ली  आम आदमी के लिए थोड़ी राहत की खबर है। फरवरी में घर पर बनने वाली शाकाहारी थाली की कीमत पिछले साल के मुकाबले कम हो गई है। यह जानकारी क्रिसिल (CRISIL) के खाने की थाली की कीमत बताने वाले मासिक संकेतक RRR (रोटी राइस रेट) से मिली है। रिपोर्ट के अनुसार नॉन-वेज थाली की कीमत में करीब 6% की बढ़ोतरी हुई है। इसका कारण चिकन की कीमतों में बढ़ोतरी है। पिछले महीने की तुलना में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह की थालियों की कीमतों में कमी आई है। क्रिसिल घर पर बनने वाली एक औसत थाली की कीमत की गणना भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के दामों को ध्यान में रखकर करता है। मासिक बदलाव रोजमर्रा के घरेलू खर्चों पर पड़ने वाले असर को दर्शाते हैं। इस विश्लेषण में अनाज, दालें, चिकन, सब्जियां, मसाले, खाने का तेल और रसोई गैस जैसी जरूरी चीजों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर नजर रखी जाती है। कितनी सस्ती हुई शाकाहारी थाली? फरवरी में शाकाहारी थाली की कीमत पिछले साल की तुलना में कम हुई, जबकि मांसाहारी थाली की कीमत चिकन की ऊंची कीमतों के कारण बढ़ी। शाकाहारी थाली की कीमत में फरवरी में साल-दर-साल 1% की कमी देखी गई, जबकि मांसाहारी थाली की कीमत में लगभग 6% की वृद्धि दर्ज की गई। शाकाहारी थाली की कीमत में कमी का कारण टमाटर और LPG सिलेंडर की कीमतों में गिरावट है। टमाटर की कीमतें 32 रुपये प्रति किलो से घटकर 23 रुपये प्रति किलो हो गईं, जो साल-दर-साल 28% की कमी दर्शाती है। ऐसा 20% अधिक आपूर्ति के कारण हुआ। LPG की कीमतों में साल-दर-साल 11% की कमी आई (दिल्ली में 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत 903 रुपये से घटकर 803 रुपये हो गई), जिससे अतिरिक्त बचत हुई। क्रिसिल का कहना है कि अगर प्याज (11%), आलू (16%) और खाने के तेल (18%) की कीमतों में साल-दर-साल वृद्धि नहीं होती तो यह गिरावट और भी ज्यादा होती। नॉन वेज थाली क्यों महंगी हुई? मांसाहारी थाली की कीमतों में तेजी मुख्य रूप से चिकन की कीमतों में साल-दर-साल 15% की वृद्धि के कारण हुई। चिकन मांसाहारी थाली की लागत का लगभग 50% हिस्सा होता है। इसकी कीमतों में यह वृद्धि पिछले साल के के मुकाबले इस बार ज्यादा रही। पिछले साल चिकन की अधिक आपूर्ति के कारण इसकी कीमतें गिर गई थीं। इसके अलावा मक्का की कीमतों में साल-दर-साल 6% की वृद्धि हुई। इसके कारण चिकन का चारा महंगा हो गया। लेकिन एक महीने में गिर गई कीमत पिछले महीने की तुलना में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों थालियों की कीमतों में 5% की कमी आई है। यह कमी ताजी आपूर्ति के कारण हुई जिससे प्याज (7%), आलू (17%) और टमाटर (25%) की कीमतों में गिरावट आई। इसके अतिरिक्त दक्षिण भारत में बर्ड फ्लू की चिंताओं के बाद मांग में कमी के कारण चिकन की कीमतों में महीने-दर-महीने अनुमानित 5% की गिरावट आई।  

जनसंख्या बढ़ाओ, इनाम पाओ, राज्य के सांसद ने तीसरे बच्चे पैदा होने पर 50 हजार और गाय के इनाम का ऐलान

नई दिल्ली आंध्र प्रदेश के लोकसभा सांसद केलिसेट्टी अप्पला नायडू ने राज्य के लोगों से आबादी बढ़ाने की अपील की है। यही नहीं उन्होंने विवादित ऑफर देते हुए कहा कि यदि कोई महिला तीसरा बच्चा पैदा करती है तो 50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी। इसके अलावा यदि तीसरी संतान बेटा हुआ तो फिर एक गाय दी जाएगी। उन्होंने अपने इस विवादित ऑफर का बचाव भी किया और कहा कि राज्य की आबादी कम हो रही है। उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी में आंध्र प्रदेश की आबादी कम होने का खतरा है। इसके अलावा पूरे देश में ही आबादी को बढ़ाने की जरूरत है। बता दें कि भारत आबादी के मामले में चीन को भी पीछे छोड़ते हुए सबसे आगे निकल गया है। टीडीपी सांसद के इस बयान को उनकी ही पार्टी के कई लोगों ने क्रांतिकारी बताया है। सांसद का यह बयान उस समय आया है, जब तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश समेत दक्षिण भारत के राज्य परिसीमन को लेकर सवाल उठा रहे हैं। सबसे ज्यादा सवाल तो तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ही उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि नई जनगणना के आंकड़ों के आधार पर लोकसभा सीटों का परिसीमन हुआ तो फिर दक्षिण के राज्यों की हिस्सेदारी का अनुपात घट जाएगा। एमके स्टालिन की पार्टी का कहना है कि फिलहाल तमिलनाडु में 39 लोकसभा सीटें हैं, जो घटकर 31 या 30 ही रह जाएंगी। इसी तरह केरल के खाते में 20 की बजाय 12 सीटें ही रह सकती हैं। चंद्रबाबू नायडू भी कह चुके, सिर्फ यूपी और बिहार हैं फायदे में चंद्रबाबू नायडू भी कह चुके हैं कि आंध्र प्रदेश के लोगों को आबादी बढ़ाने की जरूरत है। उनकी यह मांग भी रही है कि सरकार को परिसीमन को फिलहाल रोक देना चाहिए और 1971 के उस फॉर्मूले को लागू रहने देना चाहिए, जिसके आधार पर फिलहाल राज्यों को सीटों का आवंटन हुआ है। उन्होंने पिछले दिनों कहा था कि दक्षिण भारत के राज्यों में लोग बच्चे पैदा कम कर रहे हैं औऱ इसके चलते बुजुर्ग आबादी बढ़ने का संकट है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और वर्किंग एज वाले लोग कम होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘बढ़ती उम्र के लोगों की अधिक संख्या होने की समस्या दक्षिण भारत में दिखने लगी है। उत्तर भारत में सिर्फ यूपी और बिहार ही इस मामले में बढ़त में हैं। लेकिन हमारे यहां लोग ज्यादा आबादी को कमजोरी मानते हैं। लेकिन आज यह फायदे की चीज हो गई है।’

होली पर भगदड़ रोकने को रेलवे की जबरदस्‍त तैयारी, 1450 स्‍पेशल ट्रेनें, स्‍टेशनों पर अस्‍थाई होल्डिंग एरिया…

नईदिल्ली महाकुंभ के बाद होली के मद्देनजर यात्रियों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए रेलवे कमर कस ली है। इस बीच  रेलवे बोर्ड में सूचना एवं प्रचार के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने होली के त्योहार के मद्देनजर भीड़ प्रबंधन और अतिरिक्त ट्रेनों के बारे में जानकारी दी।   होली के अवसर पर 1450 ट्रेनें चलाने की अधिसूचना दिलीप कुमार ने कहा कि देश में होली का त्योहार बहुत खास है। इस त्योहार पर लोग भारी संख्या में अपने-अपने घर जाते हैं और इसी को ध्यान में रखते हुए हमने तैयारी की है। इस साल होली के अवसर पर हमने 1450 ट्रेनें चलाने की अधिसूचना जारी कर दी है। ये ट्रेनें देश के अलग-अलग हिस्सों से चलेंगी। नई दिल्ली, आनंद विहार, अहमदाबाद जैसी जगहों से भी ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं। पिछले साल हमने देखा कि होली के मौके पर पश्चिम भारत और नई दिल्ली के आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाते हैं। इसी पैटर्न के आधार पर हमने ट्रेनों की योजना बनाई है। दिल्ली, आनंद विहार और पंजाब के विभिन्न स्थानों से बिहार व उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की जरूरतों के अनुसार ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं। 60 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया भीड़ प्रबंधन की तैयारी पर उन्होंने कहा कि 60 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया तैयार करेंगे। होली के अवसर पर अस्थायी होल्डिंग एरिया तैयार किए गए हैं। सभी स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मचारी, रेलवे सुरक्षा बल के जवान और वाणिज्यिक कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसी तरह टिकट खिड़कियों की संख्या आम दिनों से अधिक रखी गई है। 139 हेल्पलाइन नंबर पर पूरी व्यवस्था होली को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त हेल्प डेस्क बनाए जाने के सवाल पर दिलीप कुमार ने कहा कि लोगों की मदद के लिए हमारे 139 हेल्पलाइन नंबर पर पूरी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हमने स्टेशनों पर पूछताछ काउंटर भी बनाए हैं, जहां से विभिन्न ट्रेनों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा हम अपने सोशल मीडिया साइट्स पर भी रोजाना विभिन्न ट्रेनों के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने आगे का कि होली के दौरान हमने सभी महत्वपूर्ण स्थानों से विशेष ट्रेनें चलाने का पूरा प्रयास किया है और अनरिजर्व क्लास में प्रवेश की व्यवस्था की निगरानी के लिए आरपीएफ के अतिरिक्त सदस्यों को तैनात किया गया है। पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से चले, इसमें हम जनता के सहयोग की भी अपेक्षा करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। रेलवे प्रशासन चुस्त-दुरुस्त है और पूरी सजगता के साथ आपकी सेवा में लगा हुआ है। पिछले पैटर्न के आधार पर रूट किए निर्धारित पिछले साल होली के मौके पर पश्चिम भारत और नई दिल्ली के आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश गए थे. इसी पैटर्न के आधार पर ट्रेनों की योजना बनाई है. दिल्ली, आनंद विहार और पंजाब के विभिन्न स्थानों से बिहार व उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की जरूरतों के अनुसार ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं. भीड़ प्रबंधन की तैयारी पर उन्होंने कहा कि 60 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया तैयार करेंगे. होली के अवसर पर अस्थायी होल्डिंग एरिया तैयार किए गए हैं. सभी स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मचारी, रेलवे सुरक्षा बल के जवान और वाणिज्यिक कर्मचारी तैनात किए गए हैं. इसी तरह टिकट खिड़कियों की संख्या आम दिनों से अधिक रखी गई है. अतिरिक्त हेल्प डेस्क बनाए जाने के सवाल पर दिलीप कुमार ने कहा कि लोगों की मदद के लिए हमारे 139 हेल्पलाइन नंबर पर पूरी व्यवस्था की गई है. इसके अलावा हमने स्टेशनों पर पूछताछ काउंटर भी बनाए हैं, जहां से विभिन्न ट्रेनों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है. होली के दौरान सभी महत्वपूर्ण स्थानों से विशेष ट्रेनें चलाने का पूरा प्रयास किया है और अनरिजर्व क्लास में प्रवेश की व्यवस्था की निगरानी के लिए आरपीएफ के अतिरिक्त सदस्यों को तैनात किया गया है. दिलीप कुमार ने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. रेलवे प्रशासन चुस्त-दुरुस्त है और पूरी सजगता के साथ आपकी सेवा में लगा हुआ है.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet