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जज बागची बने सुप्रीम कोर्ट में नए जज, सबसे लंबा होगा कार्यकाल, 2031 में बनेंगे CJI

नई दिल्ली: कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस जॉयमाल्या बागची अब सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनेंगे. केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत के जज के तौर पर उनकी नियुक्ति को अधिसूचित कर दिया है. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श के बाद जस्टिस जॉयमाल्या बागची को सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में नियुक्त किया है. 6 मार्च को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस बागची को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने की सिफारिश की थी. जस्टिस बागची 2031 में जस्टिस केवी विश्वनाथन की जगह भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में होंगे. सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किए गए कॉलेजियम के प्रस्ताव में कहा गया कि कॉलेजियम ने 6 मार्च, 2025 को हुई बैठक में सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए पात्र उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ न्यायाधीशों के नामों पर विचार-विमर्श किया. योग्यता, निष्ठा और क्षमता का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करने और कई विचारों को समायोजित करने के बाद जस्टिस जॉयमाल्या बागची (जो वर्तमान में कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश हैं) को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की. 2011 में कलकत्ता हाईकोर्ट के जज बने जस्टिस बागची को 27 जून 2011 को कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था. 4 जनवरी 2021 को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में उनका ट्रांसफर कर दिया गया था. 8 नवंबर 2021 को उन्हें कलकत्ता हाईकोर्ट में वापस भेज दिया गया और तब से वह वहीं कार्यरत हैं. कॉलेजियम ने कहा कि जस्टिस बागची ने 13 वर्षों से अधिक समय तक हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में सेवा दी है. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कानून के विविध क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किया है. CJI बनने की कतार होंगे जस्टिस बागची 18 जुलाई 2013 को भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस अल्तमस कबीर के रिटायर्ड होने के बाद, कलकत्ता हाईकोर्ट से कोई भी जज भारत का मुख्य न्यायाधीश नहीं बना है. 25 मई 2031 को जस्टिस के.वी. विश्वनाथन के रिटायर होने पर जस्टिस जॉयमाल्या बागची भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण करने की कतार में होंगे. जस्टिस बागची का सुप्रीम कोर्ट में छह साल से अधिक का कार्यकाल होगा, वह 02 अक्टूबर 2031 को रिटायर होंगे.

औरंगजेब की कब्र पर चलना चाहिए बुलडोजर, विवाद पर क्या बोले शिवाजी के वंशज

मुंबई महाराष्ट्र के संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कांग्रेस, शिवसेना एमएनएस सभी ने एक सुर में इसका समर्थन किया है.    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि औरंगजेब की कब्र को हटाने की इच्छा हमारी भी है, लेकिन यह संरक्षित स्थल है. कांग्रेस सरकार के समय इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से संरक्षण मिला था. वहीं कांग्रेस ने इसका जवाब देते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. हर बार कांग्रेस पर आरोप लगाना सही नहीं है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार को स्वयं निर्णय लेना चाहिए. हमारे विचार अलग कैसे हो सकते हैं : बीजेपी नेता सुधीर मुंगंटीवार ने कहा, मैंने अफजल  की कब्र से अतिक्रमण हटाया था, तो मेरा इस मुद्दे पर विचार अलग कैसे हो सकता है ? महाविकास अघाड़ी सरकार कब्र बनाए रखना चाहती थी, जबकि हमारी सरकार इसे हटाने के पक्ष में है. औरंगजेब जैसे आक्रमणकारी का महिमामंडन नहीं होना चाहिए. वह रावण के बाद सबसे बड़ा दुष्ट था.शिवसेना नेता शंभूराजे देसाई ने कहा कि हमारी सरकार औरंगजेब की कब्र को हटाने के पक्ष में है. इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री केंद्र सरकार से बातचीत करेंगे. किसी को गलत लगने जैसी कोइ बात ही नहीं : शिवेंद्रराजे भोसले शिवेंद्रराजे भोसले ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया,औरंगजेब की कब्र महाराष्ट्र में नहीं रहनी चाहिए. इसमें किसी को गलत लगने जैसी कोई बात नहीं है. इसके साथ ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता बाला नांदगांवकर ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, शिवाजी महाराज को तकलीफ देने वाले और संभाजी महाराज की हत्या करने वाले औरंगजेब की कब्र की कोई जरूरत नहीं है. इसे जल्द से जल्द हटाया जाना चाहिए.  अबू आजमी के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद : अबू आजमी ने औरंगजेब का बचाव करते हुए बयान दिया था कि मैं 17वीं सदी के मुगल बादशाह औरंगजेब को क्रूर, अत्याचारी या असहिष्णु शासक नहीं मानता. इन दिनों फिल्मों के माध्यम से मुगल बादशाह की विकृत छवि बनाई जा रही है. हालांकि इस बयान के बाद से सियासत गर्माने पर अबू आजमी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मैं शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज के खिलाफ बोलने के बारे में सोच भी नहीं सकता. अबू आजमी ने कहा कि मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है. औरंगजेब के बारे में मैंने वही कहा है जो इतिहासकारों और लेखकों ने कहा है. मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज या अन्य किसी भी महापुरुष के बारे में कोई अपमानजनक टिपण्णी नहीं की है. उन्होंने कहा कि मैं इतना बड़ा नहीं हूं. मैं जो कुछ कहा था, वह असल में किन्हीं इतिहासकारों का व्यक्तव्य था. अगर मेरे इन बयानों की वजह से कोई आहत हुआ तो मैं बिना किसी शर्त के माफी मांगता हूं और अपने बयान को वापस लेता हूं. औरंगजेब पर बयानबाजी को लेकर महाराष्ट्र के ठाणे में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है.    

मार्क कार्नी ने अमेरिका को दिखाया कड़ा रुख, कनाडा की स्वतंत्रता की रक्षा का किया वादा

ओटावा  कनाडा के प्रधानमंत्री बनने जा रहे मार्क कार्नी ने डोनाल्ड ट्रंप को साफ संदेश दिया है कि उनका देश कभी भी अमेरिका का हिस्सा नहीं होगा। लिबरल पार्टी का नेता चुने जाने के तुरंत बाद मार्क ने कहा कि कनाडा किसी भी तरह, किसी भी रूप में अमेरिका का हिस्सा कभी नहीं हो सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल जनवरी में अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद से कई बार ये कहा है कि वह कनाडा को अपने देश में शामिल कर लेंगे। ट्रंप ने कनाडा के निवर्तमान पीएम जस्टिन ट्रूडो को गवर्नर कहकर संबोधित किया है। ट्रंप के बयान पर ट्रूडो भी नाराजगी जता चुके हैं। अब मार्क ने भी ट्रंप को जवाब देने की कोशिश की है। बैंक ऑफ कनाडा और बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर रह चुके 59 वर्षीय कार्नी ने 85 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल करके लिबरल पार्टी के नेता बनने का चुनाव जीता है। इस जीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की इच्छा के जवाब में कार्नी ने कहा, ‘अमेरिका कनाडा नहीं है और ना ही हो सकता है।’ टैरिफ जंग पर भी कार्नी ने सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि जब तक अमेरिकी हमें सम्मान नहीं देंगे, तब तक हम उन पर जवाबी टैरिफ जारी रखेंगे। अमेरिका हमारी जमीन चाहता है: कार्नी कार्नी ने अपने भाषण में कहा, ‘अमेरिकी कनाडा के संसाधन, पानी, जमीन चाहते हैं। अगर वे सफल हुए तो हमारे जीवन जीने के तरीके को नष्ट कर देंगे। हमें इससे किसी भी सूरत में बचना होगा। ट्रंप कनाडा के डेयरी और लकड़ी उत्पादों पर नए पारस्परिक शुल्क लगाने की धमकी दे रहे हैं लेकिन ट्रंप को सफल नहीं होने देंगे। कनाडा को कमजोर ना समझा जाए, कनाडाई मजबूत हैं।’ कार्नी ने कहा कि अमेरिकी हमें सिखाने की कोशिश ना करें। अमेरिका अपनी स्वास्थ्य सेवा को देखे, वहां इलाज भी एक व्यवसाय है। इसके मुकाबले कनाडा की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली देखिए। दूसरी ओर ओटावा में इलाज कराना एक अधिकार है। कार्नी ने कहा कि अमेरिका एक मेल्टिंग पॉट है। ट्रंप के टैरिफ पर कार्नी ने कहा कि कनाडा के जवाबी उपाय तब तक लागू रहेंगे जब तक अमेरिका मुक्त और निष्पक्ष व्यापार पर विश्वसनीय प्रतिबद्धता नहीं दिखाता। ‘अमेरिका पर अब भरोसा नहीं है’ कार्नी ने कहा, ‘अमेरिका को कोई गलती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि व्यापार हो या हॉकी आखिर में कनाडाई ही जीतेंगे। जस्टिन ट्रूडो ने भविष्य के लिए डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिका के खिलाफ व्यापार युद्ध की कसम खाई है तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे।’ उन्होंने अमेरिका को एक ऐसा देश बताया, जिस पर अब भरोसा नहीं किया जा सकता है। कार्नी ने कहा, ‘हम सदमे से उबर रहे हैं लेकिन सबक कभी नहीं भूलेंगे, हमें एक-दूसरे का ख्याल रखना होगा। मार्क कार्नी ने कनाडा के लोगों से वादा करते हुए कहा, ‘हम कर सकते हैं कि हम पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होकर उभरेंगे। हम ऐसा करेंगे क्योंकि कनाडा अपने लोगों की ताकत पर बना है और लड़कर जीतना जानता है।’

न्यूयॉर्क जा रही Air India फ्लाइट को मिली बम की धमकी, रास्ते से लौटी मुंबई

मुंबई मुंबई से न्यूयॉर्क जा रहे एयर इंडिया के एक विमान को सोमवार सुबह बम की धमकी के बाद बीच उड़ान से ही वापस लौटना पड़ा। जरूरी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, विमान स्थानीय समयानुसार सुबह 10:25 बजे सुरक्षित रूप से लैंड किया। इससे यात्रियों के बीच हड़कंप का माहौल बन गया। एयर इंडिया ने कहा कि वर्तमान में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा विमान की अनिवार्य जांच हो रही है और एयरलाइन अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। फ्लाइट को अगले दिन के लिए री-शेड्यूल किया गया है। एयर इंडिया ने अपने एक बयान में कहा, “विमान की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अनिवार्य जांच की जा रही है और एयर इंडिया अधिकारियों को अपना पूरा सहयोग दे रहा है। उड़ान को 11 मार्च 2025 को सुबह 5 बजे संचालित करने के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है और सभी यात्रियों को तब तक होटल में रहने, भोजन और अन्य सहायता की पेशकश की गई है।” यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा प्राथमिकता एयर इंडिया ने आश्वासन दिया कि उसके यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बयान में कहा गया है, “हमारे सहकर्मी इस व्यवधान के कारण यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम से कम करने का प्रयास कर रहे हैं। हमेशा की तरह, एयर इंडिया यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।” एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, “आज 10 मार्च 2025 को मुंबई-न्यूयॉर्क (जेएफके) उड़ान भरने वाले एआई119 में उड़ान के दौरान संभावित सुरक्षा खतरे का पता चला। आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन करने के बाद, विमान में सवार सभी लोगों की सुरक्षा के हित में विमान को वापस मुंबई ले जाया गया। विमान 1025 बजे (स्थानीय समय) सुरक्षित रूप से मुंबई में उतरा। विमान की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अनिवार्य जांच की जा रही है, और एयर इंडिया अधिकारियों को अपना पूरा सहयोग दे रहा है।”

ललित मोदी का वानूआतू का पासपोर्ट रद्द होगा, जयशंकर की वजह से साजिश हुई नाकाम

नई दिल्ली  भारत के भगोड़े और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व संस्थापक ललित मोदी ने अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करने के लिए लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में आवेदन दिया था। कहा जा रहा था कि ललित मोदी ने प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश वानूआतू की नागरिकता हासिल कर ली है। उसने गोल्डन पासपोर्ट हासिल कर लिया था। हालांकि, इसके अगले ही दिन यह खबर आई कि वानूआतू के प्रधानमंत्री जोथम नापत ने नागरिकता आयोग को ललित मोदी के पासपोर्ट को रद्द करने का निर्देश दिया है। ललित मोदी ने 7 मार्च को अपना भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए आवेदन दिया और बाद में विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की थी। जानते हैं कि ललित मोदी का खेल कैसे बिगड़ा? कैसे ललित मोदी का खेल बिगड़ा, जानिए मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड में भारत की उच्चायुक्त नीता भूषण ने कुछ अन्य द्वीपीय देशों के साथ मिलकर ललित मोदी के वानूआतू का पासपोर्ट रद्द कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इन दिनों लंदन दौरे पर थे। ऐसे में यह संभव है कि ललित मोदी का खेल बिगड़ गया हो। क्योंकि, भारत सरकर कतई यह नहीं चाहेगी कि ललित मोदी को किसी ऐसे देश में शरण मिले, जहां से उसे लाना मुश्किल हो। वानूआतू सरकार बोली-ललित मोदी के कारनामे नहीं पता थे दरअसल, वानूआतू सरकार ने ललित मोदी को दिए पासपोर्ट को रद्द करने का आदेश दे दिया है। इसको लेकर वानूआतू के प्रधानमंत्री जोथम नापत ने एक हाई लेवल मीटिंग की। वनुआतू सरकार के मुताबिक, उन्हें ललित मोदी के कारनामे के बारे में पता नहीं था। इस आदेश के बाद ललित मोदी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, वानूआतू के गोल्डन पासपोर्ट कार्यक्रम पर ललित मोदी की वजह से बुरा असर पड़ने की आशंका थी। यूरोप जैसे देश वानूआतू पर एक्शन ले सकते थे। कहां है ये देश, 82 द्वीपों में से 65 पर ही रहती है आबादी वानूआतू दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीप देश है। यह 82 द्वीपों से बना एक द्वीपसमूह है, जिनमें से केवल 65 पर ही आबादी है। ये ऑस्ट्रेलिया के पूर्व और न्यूजीलैंड के उत्तर में या ऑस्ट्रेलिया और फिजी के बीच में स्थित है। इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर पोर्ट विला है, जो इफेट द्वीप पर स्थित है। वीजा इंडेक्स के अनुसार, वानूआतू पासपोर्ट होल्डर 56 देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं। इसका सिटीजनशिप-बाई-इंवेस्टमेंट प्रोग्राम एक अत्यधिक आकर्षक प्लान बन गया है। यह खुशहाल देशों में से एक है। ललित मोदी ने वानुअतु को क्यों चुना? भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने की कोशिश के अलावा एक संभावित कारण वानूआतू का गोल्डन पासपोर्ट कार्यक्रम हो सकता है। देश में निवेश द्वारा नागरिकता (सीबीआई) या गोल्डन पासपोर्ट कार्यक्रम बेहद पॉपुलर है, जो अमीर लोगों को अपना पासपोर्ट खरीदने की अनुमति देता है। वानूआतू ही क्यों, जानिए-इसकी वजह वानूआतू अपने नागरिकों पर कोई व्यक्तिगत कर नहीं लगाता है। इसका मतलब है कि आप जो भी आय कमाते हैं, चाहे वह स्थानीय हो या अंतरराष्ट्रीय वानूआतू सरकार की ओर से टैक्सेशन से पूरी तरह मुक्त है। देश में न तो विरासत कर है और न ही कॉर्पोरेट कर। इसका मतलब यह है कि अगर किसी व्यक्ति का व्यवसाय वानूआजू में रजिस्टर्ड है, लेकिन देश के बाहर से आय अर्जित करता है, तो उसे उन आय पर कॉर्पोरेट करों के अधीन नहीं होना पड़ेगा। विदेश मंत्रालय ने मामले पर क्या कहा था विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, ‘ ललित मोदी ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में अपना पासपोर्ट जमा करने के लिए आवेदन किया है। इसकी जांच मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं को देखते हुए की जाएगी। हमें यह भी जानकारी मिली है कि उसने वानूआतू की नागरिकता हासिल कर ली है। हम कानून के तहत उसके खिलाफ मामला आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।’ ललित मोदी साल 2010 में भारत से भाग गया था और तब से लंदन में रह रहा है। 1 करोड़ में हासिल कर लेते हैं वानूआतू की नागरिकता वानूआतू एक इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम के तहत अपनी नागरिकता बेचता है। लगभग 1 करोड़ रुपए खर्च करके इस देश की नागरिकता हासिल की जा सकती है। इस प्रोग्राम के तहत 1 हफ्ते के अंदर पैसा जमा कराने के बाद आप यहां के नागरिक बन सकते हैं। इसके अलावा यहां दोहरी नागरिकता भी हासिल की जा सकती है। वानूआतू के पासपोर्ट पर इतने देशों में वीजा फ्री जर्नी वानूआतू के पासपोर्ट पर 55 देश वीजा फ्री एक्सेस देते हैं। वहीं 34 देश वीजा ऑन अराइवल की सुविधा देते हैं। इसके अलावा यह देश टैक्स हेवन भी है, जिसके चलते पिछले कुछ समय से यहां की नागरिकता लेने का चलन बढ़ा है। वानूआतू का नागरिक बनने के लिए इस देश में रहना भी जरूरी नहीं है। वानूआतू में पर्यटन मुख्य कारोबार वानुआतू की 60 फीसदी से ज्यादा आबादी खेती-किसानी से जुड़ी है। यहां का मुख्य कारोबार पर्यटन है। जरूरी विदेशी मुद्रा पर्यटन के माध्यम से आती है। वानूआतू को दक्षिण प्रशांत क्षेत्र की प्रवाल भित्तियों की खोज करने के इच्छुक गोताखोरों के लिए छुटियां बिताने वाले प्रमुख डेस्टिनेशन में से एक माना जाता है। देश में पेट्रोलियम का कोई भंडार नहीं है। 4,000 साल से शुरू हुई इंसानों की बसावट वानूआतू पर इंसानों के आने की कहानी 4,000 साल पहले से शुरू होत है। वानूआतू में मेलानेशियाई लोग सबसे पहले आकर बसे थे। यूरोप के लोगों ने 1605 में क्यूरॉस के नेतृत्व में स्पेनिश अभियान के एस्पिरिटू सैंटो में आने पर इन द्वीपों का पता लगाया था। 1880 के दशक में फ्रांस और इंग्लैंड ने देश के कुछ हिस्सों पर अपना दावा किया और 1906 में वे एक ब्रिटिश-फ्रांसीसी सहस्वामित्व के जरिये न्यू हेब्रिड्स के रूप में इस द्वीपसमूह के संयुक्त प्रबंधन के एक ढांचे पर सहमत हुए। 1970 के दशक में एक स्वतंत्रता आंदोलन ने जन्म लिया और 1980 में वानूआतू गणराज्य बनाया गया।

गाजा को इजरायल ने अंधेरे में डुबोया, पूरी तरह से रोक दी बिजली सप्लाई, हमास से सीजफायर पर रखी शर्त

यरुशलम  इजराइल का कहना है कि वह गाजा को बिजली की आपूर्ति बंद कर रहा है। इसका पूरा असर अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस क्षेत्र के वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों को पीने के पानी के उत्पादन के लिए बिजली मिलती है। रविवार को यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब एक सप्ताह पहले इजराइल ने 20 लाख से अधिक लोगों को क्षेत्र में सभी प्रकार की वस्तुओं की आपूर्ति बंद कर दी थी। इसने हमास पर दबाव बनाने की कोशिश की है कि वह अपने संघर्ष विराम के पहले चरण को आगे बढ़ाए। यह चरण पिछले सप्ताहांत समाप्त हो गया। जनरेटर और सौलर पैनल के भरोसे गाजा हमास ने युद्ध विराम के अधिक कठिन दूसरे चरण पर वार्ता शुरू करने पर जोर दिया है। युद्ध के कारण गाजा काफी हद तक तबाह हो चुका है और वहां बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर और सौर पैनलों का उपयोग किया जाता है। इजरायली ऊर्जा मंत्री ने आदेश पर हस्ताक्षर किए रविवार को ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने घोषणा की कि इजरायल गाजा को “तुरंत” बिजली की आपूर्ति बंद कर देगा। उन्होंने कहा, “हम अपने बंधकों को घर वापस लाने और युद्ध के बाद हमास को गाजा में न रहने देने के लिए अपने पास मौजूद हर उपकरण को सक्रिय करेंगे।” कोहेन ने घोषणा के तुरंत बाद गाजा में बिजली के प्रवाह को रोकने के आदेश पर हस्ताक्षर किए। हमास पर दबाव बना रहा है इजरायल शुक्रवार को, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि हमास पर दबाव बनाने के लिए इजरायल की चरण-दर-चरण योजना गाजा में माल और आपूर्ति के प्रवेश को रोकने से शुरू होगी, जिसके अगले चरण में बिजली और पानी को बंद करना होगा। जुलाई में, इजरायल ने गाजा में एक जल सुविधा को इजरायल के इलेक्ट्रिक ग्रिड से जोड़ा ताकि गाजा के लोगों को प्रति दिन 20,000 लीटर तक की दर से मध्यम से लंबी अवधि के आधार पर पानी उपलब्ध कराया जा सके, एक नीति जिसने इजरायल की वैश्विक वैधता को बनाए रखने का काम किया

खुदरा कारोबारियों का संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने कहा- होली में 60 हजार करोड़ का होगा कारोबार

नई दिल्ली खुदरा कारोबारियों का संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज कहा कि इस वर्ष की होली में देश में 60 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होने की संभावना है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने रविवार को बताया कि इस साल होली के मौके पर देशभर में 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक के व्यापार होने की संभावना है, जो पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। पिछले वर्ष यही कारोबार लगभग 50 हज़ार करोड़ रुपये का था। श्री खंडेलवाल ने बताया कि कारोबारियों और ग्राहकों ने इस बार भी चीन में बने उत्पादों का बहिष्कार किया, जिससे भारतीय निर्मित हर्बल रंग, गुलाल, पिचकारी, मिठाइयां, ड्राई फ्रूट्स, परिधान, गिफ्ट आइटम और अन्य उत्पादों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। होली के उत्सव ने छोटे कारोबारियों, खुदरा विक्रेताओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपमक्र (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए बड़े आर्थिक अवसर पैदा किए हैं। दिल्ली में ही आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है, जहां बाजारों में रंग, गुलाल, पिचकारी, मिठाइयों और उपहारों की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ रही है। इस बार के होली सीजन में पारंपरिक भारतीय परिधानों जैसे सफेद कुर्ता-पाजामा, सलवार-सूट और “हैप्पी होली” लिखे टी-शर्ट की भी भारी मांग देखी जा रही है। कैट के अनुसार, देशभर में तीन हजार से अधिक होली मिलन समारोहों का आयोजन हो रहा है, जिससे होटल, बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस और रेस्टोरेंट सेक्टर को भी लाभ मिल रहा है। बाज़ार में हर्बल रंगों और गुलाल की अधिक मांग है, जबकि केमिकल युक्त रंगों की लोकप्रियता घटी है। खासकर स्पाइडर मैन और छोटा भीम थीम वाली पिचकारी, गुलाल स्प्रे और प्रेशर टैंक पिचकारी बच्चों के बीच खूब पसंद की जा रही है। श्री खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली में 13 मार्च को होली जलाई जाएगी जबकि रंगों का पर्व 14 मार्च को मनाया जाएगा। होली के रंग में बाजार भी रंगे हुए नजर आने लगे हैं। बाजार में रंग बिरंगे गुलाल और पिचकारी के अलावा गुजिया के हार और मेवा से दुकानें सजी हुई है।बाजार में खरीददारी के लिए लोगों की प्रतिदिन बड़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि होली पर रिश्तेदारों के यहां फल और मिठाई के साथ में मेवे की माला ले जाने की परंपरा के चलते खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ दुकानों पर लगी रही। इसके चलते बाजार में चहल पहल बनी हुई है। केमिकल युक्त गुलाल एवं रंग की बजाय हर्बल रंग, अबीर और गुलाल की सर्वाधिक मांग बाज़ारों में है वहीं गुब्बारे और पिचकारी की मांग पिछले सालों के मुक़ाबले कुछ ज़्यादा ही है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री ने बताया कि इस बार बाजार में अलग-अलग तरह की पिचकारी गुब्बारे और अन्य आकर्षक आइटम आए हैं। प्रेशर वाली पिचकारी 100 रुपये से 350 रुपये तक की उपलब्ध है। टैंक के रूप में पिचकारी 100 रुपये से लेकर 400 रुपये तक में उपलब्ध है। इसके अलावा फैंसी पाइप की भी बाजार में धूम मची है। बच्चे स्पाइडर मैन, छोटा भीम आदि को बच्चे खूब पसंद कर रहे है वहीं गुलाल के स्प्रे की माँग बेहद हो रही है।

सरकार ने टेक कंपनियों को दिया मोबाइल OS बनाने का चैलेंज, संभव मदद की कही बात

नई दिल्ली भारत में मोबाइल क्रांति आ चुकी है। आज के वक्त में भारत में बड़े पैमाने पर स्मार्टफोन का इस्तेमाल होता है। साथ ही भारत स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा देश हब बन चुका है। लेकिन भारत के पास अपना खुद का मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम मौजूद नहीं है। पिछले लंबे साल से भारत इस सेक्टर में भी लीड लेने की कोशिश में है। यही वजह है कि केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो जैसी टेक कंपनियों को मोबाइल फोन के लिए एक ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित करने की चैलेंज दिया है। सरकार ने हर संभव मदद का दिया भरोसा अश्विनी वैष्णव ने कहा कि टेक कंपनियां मोबाइल के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम बनाए। उन्होंने कहा कि भारत को अब समय आ गया है कि भारत के पास खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम मौजूद हो। उन्होंने टेक कंपनियों से कहा कि वो काम में सरकार की तरफ से हर मदद देने को तैयार हैं। जल्द लॉन्च होगा भारत का पहला एआई चिप केंद्रीय मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI में लीडरशिप बनने और एआई लोकतांत्रिक बनाने के लिए सरकार के प्रयासों पर बातचीत की है। उन्होंने कहा कि पांच यूनिट स्थापित की जा रही है। साथ ही उम्मीद है कि इस साल देश को “पहला मेड इन इंडिया चिप मिल जाएगा। साथ ही मंत्री ने एआई पोर्टल के लॉन्च का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल रिचर्च, स्टार्टअप्स और सरकारी एजेंसियों के लिए उपलब्ध होगा, जिससे वो जीपीयू और एआई काम के लिए खास तौर पर डिजाइन किये गये पावरफुल कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुंच सकें। 12 माह में खुद का एआई मॉडल मंत्री ने कहा कि सरकार ने 14,000 जीपीयू की कम्प्यूट सुविधा शुरू की है। यह 14,000 जीपीयू रिसर्चर, स्टूडेंट और स्टार्टअप्स के लिए मौजूद होंगे, जिससे अपने एआई मॉडल, एल्गोरिदम की टेस्टिंग की जा सके। साथ ही ऐसी ऐप बनाने की जिक्र किया है, जो दुनिया में लीड से सके। मंत्री ने फिर दोहराया कि उनकी तरफ से अगले 12 माह में खुद का एआई मॉडल बना लिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि सरकार ने 2047 के टारगेट को पूरा करने के लिए टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भरोसा जताया है। भारत ने बनाया खुदा का OS IIT मद्रास की तरफ एक मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम BharOS को विकसित किया है। भारत में मौजूदा वक्त में करीब 1 बिलियन मोबाइल फोन हैं। जल्द ही इस सॉफ्टवेयर को कॉमर्शियली स्मार्टफोन के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। BharOS को JandK Operations Private Limited (JandKops) की तरफ से विकसित किया गया है।

आज से हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब का दौरा करेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

नई दिल्ली राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 10 से 12 मार्च, 2025 तक हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब का दौरा करेंगी 10 मार्च को राष्ट्रपति गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के दीक्षांत समारोह की शोभा बढ़ाएंगी। उसी दिन, वह ब्रह्मा कुमारी, हिसार के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर ‘समग्र कल्याण के लिए आध्यात्मिक शिक्षा’ नामक राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ करेंगी। 11 मार्च को, राष्ट्रपति पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय, बठिंडा और एम्स, बठिंडा के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। उसी शाम, राष्ट्रपति मोहाली में पंजाब सरकार उनके सम्मान में आयोजित एक नागरिक स्वागत समारोह में हिस्सा लेंगी। 12 मार्च को राष्ट्रपति चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की शोभा बढ़ाएंगी।

रेलवे ने होली से पहले ही कई ट्रेनें कैंसिल की हैं. सफर पर जाने से पहले चेक कर लें इन ट्रेनों की लिस्ट

नई दिल्ली भारत में रोजाना करोड़ों की संख्या में यात्री ट्रेन के जरिए सफर करते हैं. इन यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से हजारों की संख्या में ट्रेनें चलाई जाती है. रेलवे की ओर से खास मौकों पर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती है. कुछ ही दिनों बाद होली आने वाली है. रेलवे की ओर से होली के मौके पर भी कई स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी. लेकिन रेलवे की ओर कई बार यात्रियों के लिए परेशानियां भी खड़ी कर दी जाती हैं. कई बार अलग-अलग कारणों के चलते रेलवे को कई ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ती हैं. ऐसा ही कुछ इस बार हुआ है. रेलवे ने होली से पहले ही कई ट्रेनें कैंसिल की हैं. सफर पर जाने से पहले चेक कर लें इन ट्रेनों की लिस्ट. इस रूट की ट्रेनें कैंसिल होली पर बहुत से लोग एक शहर से दूसरे शहर जाते हैं. इनमें ज्यादातर यात्री ट्रेनों के जरिए ही सफर करते हैं. अगर आप भी होली के इस मौके पर अपने घर जाने वाले हैं. तो आपको बता दें रेलवे की ओर से कटनी-सिंगरौली रेलखंड पर कटंगी खुर्द स्टेशन पर नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जा रहा है. जिस वजह से कुछ ट्रेनों को कैंसिल किया गया है. तो वहीं कुछ ट्रेनों को डायवर्ट की गई हैं. सफर पर जाने से पहले रेलवे की ओर से कैंसिल की गई ट्रेनों और डायवर्ट ट्रेनों की लिस्ट जरूर देख लें.   इन ट्रेनों को किया डायवर्ट ट्रेन नंबर 03998 नासिक-धनबाद एक्सप्रेस 9 मार्च 2025 को कटनी साउथ, सतना, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, सोन नगर, गढ़वा रोड के रास्ते होकर जाएगी. ट्रेन नंबर 18010 अजमेर-संत्रागाछी एक्सप्रेस 9 मार्च 2025 को कटनी मुड़वारा, सतना, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, सोन नगर, गढ़वा रोड होकर जाएगी. ट्रेन नंबर 19608 मदार जंक्शन-कोलकाता एक्सप्रेस 10 मार्च 2025 को कटनी मुड़वारा, सतना, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, सोन नगर, गढ़वा रोड होकर जाएगी. ट्रेन नंबर 13025 हावड़ा-भोपाल एक्सप्रेस 10 मार्च 2025 गढ़वा रोड, सोन नगर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, प्रयागराज छिवकी, सतना, कटनी मुड़वारा के रास्ते होकर जाएगी.  

महाकुंभ स्नान पर बोले राज ठाकरे, ‘गंगा के गंदे पानी को नहीं छू सकता, गंगाजल कौन पीएगा’

मुंबई महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने गंगा नदी की स्वच्छता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की कोई भी नदी साफ नहीं है। ठाकरे ने मनसे की स्थापना के 19 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की। मनसे प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी के नेता बाला नंदगांवकर महाकुंभ से पवित्र जल लेकर आए थे, लेकिन उन्होंने इसे पीने से इनकार कर दिया। राज ठाकरे ने कहा, ‘मैंने गंगा नदी की स्थिति के बारे में सोशल मीडिया पर कई वीडियो देखे हैं। मैंने कुछ लोगों को नदी में अपना शरीर खुजलाते और स्नान करते भी देखा।’ राज ठाकरे ने दावा किया कि कोई भी नदी साफ नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे तब से ही मैं यह दावा सुनता आ रहा हूं कि गंगा जल्द ही साफ हो जाएगी। अब इस मिथक से बाहर आने का समय आ गया है।’ उन्होंने कहा कि लोगों को अंधविश्वास से बाहर निकलना चाहिए। मैं उस गंगा के गंदे पानी को नहीं छू सकता जहां करोड़ों लोगों ने स्नान किया हो। ठाकरे ने सवाल किया, ‘अगर लोग अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए प्रयागराज गए और गंगा में स्नान किया, तो क्या वे सच में अपने पापों से मुक्त हो सकते हैं?’ उन्होंने कहा कि अब आप विश्वास और अंधविश्वास के बीच का अंतर समझ गए होंगे। देश में कोई भी नदी साफ नहीं, बोले राज ठाकरे राज ठाकरे ने कहा कि यह मुद्दा नदी के पानी की सफाई का है। उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में कोई भी नदी साफ नहीं है, फिर भी हम इन नदियों को माता मानते हैं। विदेशों में नदियां साफ-सुथरी होती हैं, लेकिन वहां नदियों को माता नहीं कहा जाता। हमारे यहां तो लोग नदियों में नहाते हैं, कपड़े धोते हैं और जो चाहें करते हैं। यह कहां तक उचित है।’ मनसे प्रमुख ने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा, ‘अभी-अभी कोविड आया था। 2 साल तक लोग मुंह पर मास्क लगाकर घूम रहे थे। अब वहां जाकर स्नान कर रहे है। कौन उस गंगा में जाकर कूदेगा? श्रद्धा का भी कुछ अर्थ होना चाहिए।’

पुणे में ट्रैफिक सिग्नल पर पेशाब करने वाले आरोपी गौरव आहूजा को पुणे पुलिस ने सतारा से किया गिरफ्तार

पुणे महाराष्ट्र के पुणे में एक ट्रैफिक सिग्नल पर बीएमडब्ल्यू से उतरकर पेशाब करने का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया था। वीडियो में आरोपी युवक के साथ उसका दोस्त भी मौजूद था, जो कार में शराब की बोतल लेकर बैठा था। युवक की इस हरकत के बाद से पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। इस घटना को लेकर पुणे पुलिस ने अब आरोपी गौरव आहूजा को पड़ोसी जिले सतारा से गिरफ्तार कर लिया है। पुणे पुलिस ने आरोपी गौरव आहूजा को कराड से गिरफ्तार किया और बाद में उसे मेडिकल जांच के लिए पुणे पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने इस मामले में मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा 110/112, मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184, 185, बीएनएस की धारा 270, 281, 285 और 79 के तहत आरोप दर्ज किए हैं। गौरव आहूजा के खिलाफ यह कार्रवाई उसके द्वारा की गई अश्लील हरकत के कारण की गई है। गौरव आहूजा ने गिरफ्तारी से पहले अपने कृत्य के लिए माफी मांगते हुए एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में वह हाथ जोड़कर खड़ा दिखाई दे रहा है और उसने कहा, “मैं गौरव आहूजा पुणे में रह रहा हूं। शुक्रवार के अपने कृत्य के लिए मैं बहुत शर्मिंदा हूं। मैं उसके लिए देश, महाराष्ट्र और पुणे के लोगों से माफी मांगता हूं। मुझे माफ कीजिए और आगे के लिए मुझे सुधरने का एक मौका दीजिए।” पुलिस द्वारा आहूजा का इतिहास खंगालने पर पता चला कि 2021 में उसने पुणे एयरपोर्ट के पास चोरी का एक मामला किया था, जिसे उसने अपनी जुए की आदतों को पूरा करने के लिए अंजाम दिया था। आहूजा और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस जांच के बाद ही आगे कुछ कह पाएगी।

8 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार, देश में भर में लोगों ने सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया

ढाका बांग्लादेश में एक आठ वर्ष की बच्ची के साथ रेप की घटना के बाद लोगों को गुस्सा भड़क उठा है। देश में भर में लोगों ने रविवार को सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। रिपोर्ट के अनुसार, यह दुखद घटना बुधवार को तब हुई जब बच्ची मगुरा में अपनी बड़ी बहन के घर गई थी। बहन के ससुर ने इस अपराध को अंजाम दिया। बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची को गंभीर चोटें आईं और उसे पहले ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया, उसके बाद उसे अधिक देखभाल के लिए सीएमएच अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक बहन के पति ने कथित तौर पर अपराध में सहयोग किया। उन्होंने बताया कि बलात्कारी की पत्नी और बड़े बेटे को भी घटना की जानकारी थी और बाद में उन्होंने इसे छुपाने के लिए बच्ची को मारने का भी प्रयास किया। पीड़िता की बहन के ससुर, पति, सास और देवर को आरोपी बनाया गया और पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर चुकी है। घटना के विरोध में ढाका विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने रविवार को परिसर में विरोध रैली निकाली। यूनिवर्सिटी टीचर्स नेटवर्क की ओर से आयोजित यह प्रदर्शन सुबह 11:00 बजे प्रतिष्ठित अपराजियो बांग्ला मूर्ति के नीचे शुरू हुआ और रैली सुबह 11:45 बजे शुरू हुई। राजशाही में, राजशाही यूनिवर्सिटी के सैकड़ों छात्रों ने अपनी कक्षाओं और परीक्षाओं का बहिष्कार किया, ढाका-राजशाही राजमार्ग को लगभग आधे घंटे तक ब्लॉक कर दिया गया। छात्रों ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यौन हिंसा के अपराधियों के लिए त्वरित कार्रवाई और कठोर दंड की मांग की। कुश्तिया में इस्लामिक यूनिवर्सिटी (आईयू) में भी विरोध प्रदर्शन हुए। छात्रों ने यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार के पास खुलना-कुश्तिया राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। देश के प्रमुख दैनिक द ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रदर्शन दोपहर में यूनिवर्सिटी के बोटाटोला क्षेत्र से शुरू हुए विरोध मार्च के बाद हुआ। छात्रों ने ऐसे जघन्य अपराधों के आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की। इस बीच, बांग्लादेश में पिछले पांच दशकों से बाल संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे संगठन ‘सेव द चिल्ड्रन’ ने मगुरा की घटना की निंदा की। ‘सेव द चिल्ड्रन’ ने एक बयान में चिंताजनक आंकड़ों पर प्रकाश डाला, जिसमें बताया गया कि इस साल 2,362 महिलाओं और लड़कियों को हिंसा का सामना करना पड़ा है, जिनमें 1,036 बच्चे शामिल हैं। बांग्लादेश में ‘सेव द चिल्ड्रन’ के कंट्री डायरेक्टर शुमोन सेनगुप्ता ने व्यवस्थागत सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “हम इस भयानक अपराध की पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अपराधियों पर तुरंत मुकदमा चलाया जाए। हिंसा के लगभग 40 प्रतिशत पीड़ित बच्चे हैं, इसलिए उनकी, विशेष रूप से छोटी लड़कियों की सुरक्षा के लिए तत्काल सुधार जरूरी हैं।” मोहम्मदू यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी ने आश्वासन दिया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आरोपियों को सजा मिले। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेही से बचने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

महाकुंभ के दौरान गंगा औ यमुना नदी का पानी नहाने के लिए तय मानकों पर खरा उतरा: सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड

नई दिल्ली सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने अपनी एक ताजा रिपोर्ट में बताया है कि महाकुंभ के दौरान गंगा औ यमुना नदी का पानी नहाने के लिए तय मानकों पर खरा उतरा है। ये रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को पेश की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि डेटा वेरिएबिलिटी के कारण स्टेटिस्टिकल एनालिसिस की दरकार थी। रिपोर्ट में कहा कि स्टेटिस्कल एनालिसिस की जरूरत इसलिए थी क्योंकि अलग-अलग तारीखों में सैंपल जमा किए गए थे और ये सभी सैंपल विभिन्न जगहों से लिए गए थे। सही आकलन में क्या थी दिक्कतें? सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने कहा कि अलग अलग सैंपल की वजह से पूरी नदी के पानी के सही आकलन करना बेहद मुश्किल था। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने कहा है कि उसने महाकुंभ की शुरूआत के बाद से हर सप्ताह दो बार नदी के पानी की जांच और निगरानी की है। रिपोर्ट में कहा गया कि 12 जनवरी से लेकर 28 फरवरी तक गंगा नदी की 5 जगहों और यमुना नदी की दो जगहों पर पानी की निगरानी की गई और इसके लिए विशेषज्ञों की एक कमिटी तैनात थी।   CPCB ने पिछले महीने गंगा की पानी का बताया था गंदा 17 फरवरी को CPCB ने एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की पैनल को बताया था कि महाकुंभ के दौरान कई स्थानों पर नहाने के लिए जल गुणवत्ता प्राथमिक मानकों पूरा नहीं करती है। बोर्ड ने 17 फरवरी की रिपोर्ट में बताया था कि गंगा-यमुना की पानी में उच्च मात्रा में फीकल कोलीफार्म बैक्टीरिया (Fecal Bacteria)मिला है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में बताया गया था कि पानी में फीकल कोलीफॉर्म की मात्रा 100 मिलीलीटर पानी में 2,500 यूनिट से बहुत ज्यादा मिली है।

आज भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला एविएशन मार्केट है: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि आज भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला एविएशन मार्केट है। भारत इस समय दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। पिछले दशक में देश में विमानों की संख्या 400 से बढ़कर 800 से ज्यादा हो गई है, और हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 159 हो गई है। राजनाथ सिंह ने कहा कि एयर एंबुलेंस, कार्गो आदि के क्षेत्र में भी देश में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्थान देश के उच्चतम मेडिकल संस्थानों में से एक है। यह दक्षिण-पूर्व एशिया में एयरोस्पेस मेडिसिन का एकमात्र पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट है। रक्षा मंत्री ने बताया कि इस इंस्टीट्यूट ने एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर से लेकर लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस तक के डिजाइन और डेवलपमेंट में अपना अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई निजी अंतरिक्ष एजेंसियां अब अंतरिक्ष मिशनों को अंजाम दे रही हैं। वैसे तो यह उनके लिए बड़ा अवसर है, लेकिन उनके सामने कई नई चुनौतियां भी आएंगी। ऐसे में उन एस्ट्रोनॉट तक भी एयरोस्पेस मेडिसिन की सुविधाएं पहुंचाने और उनके सामने आने वाली नई चुनौतियों की ओर पर्याप्त ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे पायलट दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पायलटों में से एक हैं। उन्हें अनुकूल वातावरण प्रदान करना हमारी बड़ी जिम्मेदारी है। रक्षा मंत्री ने कहा, “मैं इंडियन एयर फोर्स के हमारे बहादुर योद्धाओं को नमन करता हूं। इंडियन एयर फोर्स का शौर्य और पराक्रम अतुलनीय है। एक सैन्य बल के रूप में इंडियन एयर फोर्स, इंसान और मशीन का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है। वायु सेना के जांबाज सैनिक, अपनी कर्तव्यनिष्ठता से, दिन-रात हमारी सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं। हमारा मानव शरीर एक जटिल मशीन की तरह है, जो मुख्य रूप से पृथ्वी के वातावरण के लिए ही बना है। जब मनुष्य स्पेस में जाता है, तब उसे माइक्रो ग्रेविटी, रेडिएशन और आइसोलेशन जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उस स्थिति में, एयरोस्पेस मेडिसिन ही किसी इंसान के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। कॉकपिट डिजाइन यानी क्रू सीट कैसी होनी चाहिए, क्रू की मेडिकल किट में क्या-क्या होना चाहिए, यहां तक कि क्रू के सामने लगी डिस्प्ले कैसी होनी चाहिए और उस डिस्प्ले में क्या-क्या होना चाहिए जैसी बारीकियों के बारे में भी उन्होंने बात की। उन्होंने कहा कि इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन ने देश के पहले कॉस्मोनॉट राकेश शर्मा को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी निभाई थी। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इसरो के साथ मिलकर हमारे वर्तमान गगनयान एस्ट्रोनॉट का चयन भी, इसी संस्थान में हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन पर आगे बढ़ते हुए, भारत ने स्वयं को 2047 तक, एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को साकार करने में एयरोस्पेस सेक्टर की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है।

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