LATEST NEWS

वंदे भारत एक्सप्रेस का ऐतिहासिक पल, इस ट्रेन में लोको पायलट से लेकर कैटरिंग स्टाफ तक महिलाएं

नई दिल्ली  8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मध्य रेलवे ने एक अनोखा कदम उठाया है। वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22223) को पूरी तरह से महिला कर्मचारियों की ओर से संचालित किया गया। यह हाई-स्पीड ट्रेन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से शिरडी तक जाती है। पहली बार इस ट्रेन के लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, टिकट चेकर और कैटरिंग स्टाफ, सभी महिलाएं थीं। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) स्वप्निल नीला ने इस मौके को गर्व भरा बताया। उन्होंने कहा, ‘इंडियन रेलवे ने महिलाओं के लिए अवसर पैदा करने की दिशा में हमेशा काम किया है। महिलाओं को सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हमें CSMT-शिरडी वंदे भारत एक्सप्रेस को पूरी तरह से महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित करने पर गर्व है।’ उन्होंने कहा कि यह पहल सिर्फ पैसेंजर ट्रेनों तक ही सीमित नहीं है। हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि हमारी मालगाड़ियां भी महिलाओं की ओर संचालित की जाएं। रेलवे ने बताया ऐतिहासिक क्षण मध्य रेलवे ने इस उपलब्धि पर अपना गर्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शेयर किया। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया जो भारतीय रेलवे में महिलाओं की ताकत, समर्पण और नेतृत्व का जश्न मनाता है। रेलवे ने अपनी पोस्ट में लिखा है, ‘ऐतिहासिक पल! पहली बार एक वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह से एक महिला कर्मचारी दल द्वारा संचालित की जा रही है, जो इस #अंतर्राष्ट्रीयमहिलादिवस पर CSMT से प्रस्थान कर रही है! भारतीय रेलवे में महिलाओं की ताकत, समर्पण और नेतृत्व का जश्न मनाने वाला एक गौरवपूर्ण क्षण!’ पीएम मोदी ने की है पहल यह कदम विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान को पहचानने और प्रोत्साहित करने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अपने संदेश में ‘नारी शक्ति’ को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने बताया कि उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं द्वारा संभाला जाएगा और उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों को स्वीकार किया जाएगा।

सीरिया में असद समर्थकों और सरकार के बीच संघर्ष, दो दिन में 200 से ज्यादा की मौत, बढ़ी चिंता

दमिश्क सीरिया (Syria) की नई सरकार के पक्ष में खड़े लड़ाकों ने देश के बॉर्डर पर कई गांवों पर हमला किया, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई है. यह हमला अपदस्थ राष्ट्रपति बशर असद के वफादारों द्वारा सरकारी सुरक्षा बलों पर हाल ही में किए गए हमलों के जवाब में किया गया. गांवों पर हमले गुरुवार को शुरू हुए और शुक्रवार को भी जारी रहे. दोनों पक्षों के बीच चल रही झड़पें दिसंबर की शुरुआत में इस्लामी ग्रुप हयात तहरीर अल-शाम के नेतृत्व वाले विद्रोही समूहों द्वारा असद की सरकार को गिराए जाने के बाद से सबसे खराब हिंसा है. नई सरकार ने 14 साल के गृहयुद्ध के बाद सीरिया को एकजुट करने का संकल्प लिया है. कैसे शुरू हुईं हालिया झड़पें? ब्रिटेन स्थित Syrian Observatory for Human Rights के मुताबिक, लड़ाई शुरू होने के बाद से 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. गांवों में बदले की भावना से किए गए हमलों में मारे गए करीब 140 लोगों के अलावा, मृतकों में सीरिया के सरकारी बलों के करीब 50 सदस्य और असद के प्रति वफ़ादार 45 लड़ाके शामिल हैं. मार्च 2011 से सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध में पांच लाख से ज्यादा लोग मारे गए हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं. ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, सबसे हालिया झड़पें तब शुरू हुईं जब सरकारी बलों ने गुरुवार को तटीय शहर जबलेह के पास एक वॉन्टेड शख्स को हिरासत में लेने की कोशिश की और असद के वफ़ादारों ने उन पर घात लगाकर हमला कर दिया. महिलाओं-बच्चों के भी मरने की आशंका AP के मुताबिक, ऑब्जर्व करने वाली एजेंसी के मुताबिक, गुरुवार और शुक्रवार को नई सरकार के प्रति वफादार बंदूकधारियों ने बॉर्डर के पास शीर, मुख्तारियाह और हफ्फाह गांवों पर हमला किया, जिसमें 69 पुरुषों की मौत हो गई, लेकिन किसी महिला को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. Syrian Observatory for Human Rights के प्रमुख रामी अब्दुर्रहमान ने कहा, “उन्होंने हर उस आदमी को मार डाला, जिससे उनका सामना हुआ.” बेरूत स्थित Al-Mayadeen TV ने भी तीन गांवों पर हुए हमलों की खबर दी, जिसमें कहा गया कि अकेले मुख्तारियाह गांव में 30 से ज्यादा पुरुष मारे गए. ऑबजर्वेट्री ने कहा कि बनियास शहर में 60 अन्य लोग मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. सीरियाई अधिकारियों ने मृतकों की संख्या प्रकाशित नहीं की, लेकिन सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी SANA ने एक अज्ञात सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा कि सरकारी सुरक्षा बलों पर हाल ही में हुए हमलों का बदला लेने के लिए कई लोग तट पर गए थे. अधिकारी ने कहा कि इन कार्रवाइयों के कारण “कुछ व्यक्तिगत उल्लंघन हुए और हम उन्हें रोकने के लिए काम कर रहे हैं.” अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने एक वीडियो बयान में पूर्व सरकार से जुड़े सशस्त्र समूहों से अपने हथियार सौंपने और नई सरकार के प्रति वफादार लोगों से नागरिकों पर हमला करने या कैदियों के साथ दुर्व्यवहार करने से बचने का आह्वान किया.  

कई राज्यों में होली के इस विशेष अवसर पर स्कूल और कॉलेज में चार दिन की छुट्टी मिलेगी, 13 से 16 मार्च तक रहेंगी

नई दिल्ली होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है और इसका हर कोई बेसब्री से इंतजार करता है। इस साल होली का पर्व 14 मार्च (शुक्रवार) को मनाया जाएगा, जबकि होलिका दहन 13 मार्च (गुरुवार) को होगा। होली का उत्साह खासकर उत्तर भारत में देखने को मिलता है, जहां लोग हफ्तों पहले ही तैयारियां शुरू कर देते हैं। इस समय रंग, गुलाल, पिचकारी और स्वादिष्ट पकवानों की तैयारियों में सभी जुट जाते हैं। जानिए, होली पर होंगी कितनी छुट्टियां? होली के त्योहार पर कई राज्यों में छुट्टियां होती हैं, और इस साल होली पर एक लॉन्ग वीकेंड भी मिलेगा। कुछ राज्य और संस्थान 4 दिनों की छुट्टी का ऐलान कर चुके हैं। 13 मार्च (गुरुवार) – होलिका दहन (अवकाश) 14 मार्च (शुक्रवार) – रंगों की होली (अवकाश) 15 मार्च (शनिवार) – साप्ताहिक अवकाश (कुछ सरकारी और प्राइवेट संस्थान बंद) 16 मार्च (रविवार) – साप्ताहिक अवकाश कई राज्यों में होली के इस विशेष अवसर पर स्कूल और कॉलेज में चार दिन की छुट्टी मिलेगी। खासकर राजस्थान में होली के दौरान स्कूल 4 दिन बंद रहेंगे। इसके अलावा, बैंक और अन्य सरकारी दफ्तर भी बंद रहेंगे। इसलिए, अगर आप स्टूडेंट्स हैं तो अपने स्कूल या कॉलेज से छुट्टी की जानकारी जरूर ले लें। होली पर मिलने जा रहा लॉन्ग वीकेंड बताया जा रहा हैकि होली पर इस बार एक शानदार लॉन्ग वीकेंड मिलने जा रहा है। दिल्ली और कई अन्य राज्यों में 13 से 16 मार्च तक सार्वजनिक अवकाश रहेगा। दिल्ली में फाइव-डे वर्किंग शेड्यूल होने के कारण सरकारी कर्मचारियों को भी 4 दिन की छुट्टी मिल रही है। प्राइवेट संस्थान भी 4 दिन बंद रहेंगे। इस बार शुक्रवार को होली होने के कारण शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश भी इस लॉन्ग वीकेंड का हिस्सा बनेगा, जिससे लोग इस छुट्टी का पूरा आनंद ले सकेंगे। 15 मार्च को कई घरों में भाई दूज का त्योहार भी मनाया जाएगा, जिससे यह वीकेंड और भी खास हो जाएगा। तो इस साल होली का त्योहार 13 मार्च से लेकर 16 मार्च तक चलने वाला है, और आपको अपनी छुट्टियों की पूरी प्लानिंग पहले से कर लेनी चाहिए।  

‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर फंसे यूट्यूबर-पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया

गुवाहाटी समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर फंसे यूट्यूबर-पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया शुक्रवार को गुवाहाटी में असम पुलिस के सामने पेश हुए। यूट्यूबर-पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया को असम पुलिस पहले भी समन जारी कर चुकी है। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के मंच पर अपनी विवादास्पद टिप्पणियों से संबंधित मामले में इलाहाबादिया को पिछले सप्ताह असम पुलिस के समक्ष पेश होना था, लेकिन वह जांच टीम के सामने उपस्थित नहीं हुए थे। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ मामले को लेकर गुवाहाटी क्राइम ब्रांच ने पिछले सप्ताह एक अन्य यूट्यूबर आशीष चंचलानी से पूछताछ की थी। यूट्यूबर क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे थे, जहां उनसे काफी देर तक पूछताछ हुई। गुवाहाटी के संयुक्त पुलिस आयुक्त अंकुर जैन ने मीडिया को बताया था, “यूट्यूबर आशीष चंचलानी पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच में आए थे। उन्होंने पूछताछ में सहयोग किया है। यदि आवश्यक हुआ तो हम उन्हें फोन करेंगे, फिलहाल हम उन्हें दोबारा नहीं बुला रहे हैं। हमें जांच से जुड़े अन्य लोगों से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उन्हें जल्द ही नए समन भेजे जाएंगे।” सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया को इस शर्त पर अपने पॉडकास्ट को फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है कि वह “शालीनता और नैतिकता के मानकों” को बनाए रखेंगे। रणवीर इलाहाबादिया, आशीष चंचलानी और अपूर्वा मखीजा समेत अन्य कई यूट्यूबर्स समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड के दौरान अश्लील और अभद्र कमेंट्स को लेकर विवाद में फंस गए। जस्टिस सूर्यकांत और एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने पहले की एक शर्त में ढील दी, जिसके तहत इलाहाबादिया या उनके सहयोगियों को अगले आदेश तक यूट्यूब या संचार के किसी अन्य ऑडियो/वीडियो विजुअल मोड पर कोई भी शो प्रसारित करने से रोक दिया गया था। सुनवाई के दौरान, जस्टिस कांत की अगुवाई वाली पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, केंद्र के दूसरे सबसे बड़े कानून अधिकारी से ऑनलाइन मीडिया में कंटेंट को फिर से शुरू करने पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा, “हम कोई ऐसी व्यवस्था नहीं चाहते जिससे सेंसरशिप बढ़े, लेकिन यह सबके लिए स्वतंत्र नहीं हो सकता।” अदालत ने स्पष्ट किया कि इलाहाबादिया के शो में उन कार्यवाहियों पर टिप्पणी नहीं होनी चाहिए जो न्यायालय में विचाराधीन हैं। इससे पहले 18 फरवरी को अदालत ने इलाहाबादिया की गिरफ्तारी पर इस शर्त के साथ रोक लगा दी थी कि वह जांच अधिकारियों द्वारा बुलाए जाने पर जांच में शामिल होंगे।

सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती का कर्नाटक हाईकोर्ट ने ED द्वारा जारी समन को रद्द कर दिया, दी बड़ी राहत

बेंगलुरु कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती और राज्य सरकार में मंत्री भैरती सुरेश को बड़ी राहत दी है. हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी समन को रद्द कर दिया है. इस फैसले को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है. ED ने दोनों को कुछ वित्तीय मामलों में पूछताछ के लिए समन भेजा था, जिसे अब हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. इससे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने ED द्वारा जारी समन पर अंतरिम रोक लगाई थी, लेकिन अब इस समन को रद्द कर दिया है. यह समन मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) भूमि आवंटन घोटाले से जुड़ा है. हाईकोर्ट ने जनवरी के महीने में पूर्व MUDA आयुक्त डीबी नटेश को भेजे गए समन को भी रद्द कर दिया था. जस्टिस हेमंत चंदनगौडर की बेंच ने ED की कार्रवाई को अवैध करार देते हुए कहा था कि 28 और 29 अक्टूबर को नटेश के बयान दर्ज करना नियमों के खिलाफ था. नटेश ने PMLA के तहत की गई तलाशी और समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. 700 करोड़ के भूमि घोटाले में जांच जारी अक्टूबर 2024 में ED ने MUDA भूमि घोटाले की जांच शुरू की थी, जिसमें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनकी पत्नी पार्वती और उनके भाई बीएम मल्लिकार्जुनस्वामी मुख्य आरोपी हैं. ED ने सिद्धारमैया से जुड़ी कई संपत्तियों और करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी. ED ने दिसंबर में लोकायुक्त को पत्र लिखकर 700 करोड़ रुपये से अधिक के भूमि घोटाले में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए थे. ED की जांच में सामने आया कि गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए भूमि के डिनोटिफिकेशन में नियमों को ताक पर रखकर मनमानी की गई और बिना विशेषज्ञ रिपोर्ट और उचित समीक्षा के फैसले लिए गए. राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप इस मामले में सिद्धारमैया ने ED की कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार दिया था. उन्होंने कहा था कि जब लोकायुक्त पहले से ही जांच कर रहा है, तो ED की जांच का कोई औचित्य नहीं है. वहीं, विपक्ष के नेता आर अशोक ने इसे सामान्य कानूनी प्रक्रिया बताया. उन्होंने कहा कि जब येदियुरप्पा मुख्यमंत्री थे, तब भी CBI, ED और लोकायुक्त की ओर से नोटिस आए थे. यह कोई असामान्य बात नहीं है

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लिखा पत्र, दिया परमाणु समझौते पर बातचीत के लिए दिया न्योता

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह ईरान के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत करना चाहते हैं। इसे लेकर उन्होंने गुरुवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनई को एक पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने परमाणु समझौते पर फिर से बातचीत शुरू करने की पहल की है। यह ईरान के लिए बहुत बेहतर होगा- ट्रंप एक समाचार एजेंसी के साथ एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि आप बातचीत करेंगे, क्योंकि यह ईरान के लिए बहुत बेहतर होगा। मुझे लगता है कि वे उस पत्र को पाना चाहते हैं। दूसरा विकल्प यह है कि हमें कुछ करना होगा, क्योंकि आपको एक और परमाणु हथियार नहीं बनने दे सकते हैं। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय की ओर से ट्रंप की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। मैं समझौता करना पसंद करूंगा- डोनाल्ड ट्रंप ट्रंप ने कहा, ‘ईरान से निपटने के दो तरीके हैं: सैन्य तरीके से या फिर आप समझौता कर लें।’ ‘मैं समझौता करना पसंद करूंगा, क्योंकि मैं ईरान को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता। वे अच्छे लोग हैं।’ जनवरी में दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार ग्रहण करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी विदेश नीति में परिवर्तन करते हुए रूस के प्रति अधिक समझौतापूर्ण रुख अपनाया है, जिससे पश्चिमी सहयोगी चिंतित हो गए हैं, क्योंकि वह यूक्रेन में मॉस्को के तीन साल पुराने युद्ध को समाप्त करने के लिए मध्यस्थता करने का प्रयास कर रहे हैं। पहले ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते से खींच लिए थे हाथ इससे पहले ट्रंप ने 2018 में, अपने पहले कार्यकाल के एक वर्ष बाद, ईरान परमाणु समझौते से हाथ खींच लिया था, जो ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए एक बहुराष्ट्रीय समझौता था। उन्होंने फरवरी में कहा था कि वह ईरान के साथ ऐसा समझौता करना चाहेंगे जो उस देश को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकेगा। रूस ने संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है, मामले में एक सूत्र ने बताया कि, जबकि क्रेमलिन ने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर तनाव के शांतिपूर्ण समाधान के लिए हर संभव प्रयास करने की कसम खाई है।

अमेरिका में रह रहे लाखों यूक्रेनी नागरिकों की अस्थायी संरक्षित स्थिति को रद्द किया जाए या नहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कर रहे है विचार

वाशिंगटन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इस बात पर विचार कर रहे हैं कि युद्ध की वजह से अमेरिका में रह रहे लाखों यूक्रेनी नागरिकों की अस्थायी संरक्षित स्थिति को रद्द किया जाए या नहीं, हालांकि इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।मीडिया के मुताबिक ट्रंप ने ओवल ऑफिस में मीडिया कहा, “हम किसी को चोट पहुंचाना नहीं चाहते, मैं इस पर विचार कर रहा हूं, और कुछ लोग सोचते हैं कि यह उचित है, कुछ लोग नहीं सोचते हैं, और मैं जल्द ही इस पर निर्णय लूंगा।” ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन के लोगों को ‘बहुत कुछ सहना पड़ा है’ अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई जब मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्रंप प्रशासन ने लगभग 2,40,000 यूक्रेन के लोगों की सुरक्षा रद्द करने की योजना बनाई है। ये लोग फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद अमेरिका आ गए थे। अगर यूक्रेनी लोगों की सुरक्षा रद्द की जाती है तो यह कदम उन व्यक्तियों को निर्वासित करने के लिए आधार तैयार करेगा। हालांकि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस रिपोर्ट को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि कोई फैसला नहीं लिया गया है। बाइडेन प्रशासन ने घोषणा की थी कि वह यूक्रेन के लोगों को ‘यूनाइटिंग फॉर यूक्रेन’ के माध्यम से देश में प्रवेश की अनुमति देगा। प्रवासियों को दो साल के लिए देश में पैरोल पर रहने की अनुमति दी जाएगी। बशर्ते वे अमेरिका स्थित प्रायोजक को सुरक्षित करने में सक्षम हों। बाइडेन प्रसाशन की तरफ से अपने कार्यकाल के आखिरी महीने में यह ऐलान भी किया गया कि वह यूक्रेनवासियों के लिए अस्थायी संरक्षित स्थिति (टीपीएस) को अक्टूबर 2026 तक बढ़ा रहा है। ट्रंप प्रशासन ने इसी तरह के अन्य प्रोग्राम को भी निशाना बनाया है जो हैती, क्यूबा, ​​निकारागुआ और वेनेजुएला के नागरिकों को देश में प्रवेश की अनुमति देते हैं। जनवरी में होमलैंड सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने अमेरिका में रहने वाले लगभग 6,00,000 वेनेजुएलावासियों की अस्थायी संरक्षित स्थिति को निलंबित कर दिया था, और उसके बाद लगभग 5,20,000 हैतीवासियों के लिए भी इसी प्रकार का कदम उठाया गया। इन कार्रवाइयों के कारण अनेक मुकदमें दायर किए गए हैं, जिनमें शरणार्थियों के प्रवेश पर रोक और वेनेजुएला के नागरिकों के लिए टीपीएस को रद्द करने को चुनौती देना भी शामिल है।

मौसम विभाग की मानें तो अगले 4 दिन में दिल्ली-NCR, कई शहरों में गर्मी-उमस बढ़ जाएगी, बढ़ा तापमान

नई दिल्ली दिल्ली में तापमान बढ़ने और ज्यादा दिन लू चलने की भविष्यवाणी की है। आने वाले दिनों में पूरा देश लू और उमस की चपेट में होगा। पहाड़ों पर जमी बर्फ पिघलने लगी है। जिसके कारण मैदानी राज्यों में पिछले 5 दिन सर्द हवाएं चल रही थीं। अब हवाएं थमने लगी हैं। इसके साथ ही तापमान बढ़ने लगेगा। इस बार भयंकर गर्मी पड़ने और सामान्य से ज्यादा दिन लू चलने की भविष्यवाणी है। ऐसे में मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में आज से तापमान बढ़ने का अनुमान लगाया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 4 दिन में दिल्ली-NCR, राजस्थान, मुंबई, कोंकण-गोवा, केरल, तटीय कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में गर्मी-उमस बढ़ जाएगी। जिससे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में 9 से 12 मार्च तक बारिश-बर्फबारी हो सकती है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश में भी बादल बरस सकते हैं। दिल्ली-NCR में अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक जाने के आसार हैं। दिल्ली-NCR में मौसम-तापमान कैसा? देश की राजधानी दिल्ली और इससे सटे नोएडा में बीते दिन सर्द हवाएं चलीं, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट आई। बीते दिन अधिकतम तापमान 28.4 और न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। आज 7 मार्च दिन शुक्रवार की सुबह अधिकतम तापमान 26.19 °C रहा। हिमाचल प्रदेश में मौसम कैसा? हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है, जो पिघलने भी लगी है। वहीं हिमाचल प्रदेश में पिछले दिनों हुई बारिश और बर्फबारी के बाद लैंड स्लाइड हुए। जिस के वजह से ब्लॉक हुई सड़कें अभी भी बंद हैं। चंबा जिले में हालात सबसे खराब हैं, इसलिए वहां राहत सामग्री पहुंचाई गई है। उत्तर प्रदेश में चलेंगी ठंडी हवाएं पहाड़ों पर बर्फ पिघलने और 4 मार्च से एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर प्रदेश में ठंडी हवाएं चल रही हैं। सुबह और रात के समय बर्फीली हवाएं चलने से लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़ रहे हैं। आज शुक्रवार को भी ठंडी हवाएं चलीं। 9 मार्च के बाद उत्तर प्रदेश में भी बारिश होने का अलर्ट है। इन राज्यों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, 9 मार्च से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 9 से 12 मार्च के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश में बारिश/बर्फबारी होने की संभावना है। 10 से 12 मार्च के बीच उत्तराखंड में हल्की बारिश/बर्फबारी होने की संभावना है। पूर्वोत्तर असम पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके असर से अरुणाचल प्रदेश, असम नागालैंड में गरज चमक के साथ बारिश/बर्फबारी होने की संभावना है। 8 मार्च को बिहार में गरज, चमक और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे की गति) के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। सिक्किम में भी गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है। इन राज्यों में हीट वेव की संभावना इसके अलावा मुंबई और राजस्थान में भी तापमान बढ़ने लगा है। कोंकण और गोवा, केरल और माहे, तटीय कर्नाटक में मौसम गर्म और आर्द्र रहने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम गुजरात में हीट वेव रहने की भी संभावना है।

कांग्रेस ने 65 सालों तक पूर्वोत्तर के विकास में दिखाई विफलताम जमकर बरसे: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को मिडिया कॉन्क्लेव 2025 में एक सशक्त बयान दिया और कांग्रेस पर पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 65 सालों में कांग्रेस ने इस क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया, जबकि भाजपा ने मात्र 10 सालों में इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकासात्मक बदलाव किए। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने इस क्षेत्र को जिस गति से विकास की ओर बढ़ाया है, वह कांग्रेस के कार्यकाल में संभव नहीं था। रिजिजू ने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के साथ मंच साझा करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का कारण यह है कि लोग प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस क्षेत्र के भविष्य के लिए पेश की जा रही योजनाओं और विकास कार्यों के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। उनका कहना था, “जो काम 65 सालों में नहीं हुआ, वह भाजपा ने 10 सालों में कर दिखाया।” रिजिजू ने भाजपा की कार्यशैली को स्पष्ट करते हुए कहा कि भाजपा किसी भी क्षेत्रीय दल को अपने साथ मिलाकर अपनी विचारधारा से समाहित नहीं करती, बल्कि उन्हें बढ़ने और अपनी पहचान बनाए रखने का पूरा अवसर देती है। उन्होंने कहा, “हम क्षेत्रीय दलों को खत्म करने की बजाय उन्हें बढ़ावा देते हैं।” केंद्रीय मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जब वह सांसद के रूप में निर्वाचित हुए, तब असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भाजपा के बहुत कम विधायक थे। लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा और क्षेत्रीय दलों के गठबंधन, जिसे NEDA (Northeast Democratic Alliance) कहा जाता है, ने इस क्षेत्र में नए राजनीतिक समीकरण स्थापित किए हैं। रिजिजू ने यह सुनिश्चित किया कि भाजपा इस गठबंधन में अग्रणी भूमिका निभाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि क्षेत्रीय दलों की विचारधारा को नकारा जाएगा। भाजपा की कोशिश यह रही है कि हर छोटे और क्षेत्रीय दल को स्वतंत्र रूप से अपनी विचारधारा को आगे बढ़ाने का मौका मिले। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की और कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद सिक्किम में इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व बदलाव आया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल से पहले सिक्किम का राजनीति में एक अलग स्थान था, लेकिन अब यह राज्य एक बड़े विकास मंच के रूप में उभरा है।” तमांग ने यह भी बताया कि सिक्किम में पर्यटन की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, और राज्य को बेहतर कनेक्टिविटी मिल रही है। उन्होंने बताया कि सिक्किम को अब अपना पहला हवाई अड्डा मिला है और 2027 तक एक नई रेल लाइन भी बनेगी, जो सिक्किम को प्रमुख शहरों से सीधे जोड़ सकेगी। तमांग ने कहा, “हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि सिक्किम के पर्यावरण को संरक्षित किया जाए, और राज्य के वन क्षेत्र का विकास हो।” उन्होंने यह भी कहा कि सिक्किम में पर्यटन के साथ-साथ वनों की कटाई की समस्या भी उत्पन्न हो रही है, लेकिन उनकी सरकार इस पर कड़ी निगरानी रखे हुए है और वनों की रक्षा के लिए कई कदम उठा रही है। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने मणिपुर हिंसा पर भी चर्चा की। उन्होंने इसे “दुर्भाग्यपूर्ण घटना” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह राज्य में शांति लाने के लिए तत्पर हैं। रिजिजू ने यह बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह ने मणिपुर में हिंसा को समाप्त करने के लिए पूरी तरह से ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने उदाहरण दिया कि जब मणिपुर में जातीय हिंसा और गृह युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई थी, उस समय के मंत्रियों ने इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया, लेकिन अब गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में चार दिन बिताए और विभिन्न गुटों से हथियार डालने की अपील की। रिजिजू ने कहा, “अब मणिपुर से अच्छी खबर आ रही है। हथियार डाले जा रहे हैं और शांति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।” रिजिजू ने मणिपुर में शांति की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा, “अतीत में भारतीय राज्य के खिलाफ संघर्ष था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी की सक्रियता और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हम शांति और सामान्य स्थिति बहाल करेंगे।” केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार के प्रयासों के अलावा, विकास की प्रक्रिया में लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार एक उत्प्रेरक के रूप में काम करती है, लेकिन जब लोग अपने दायित्वों को समझते हैं और जिम्मेदारी लेते हैं, तो कई समस्याएं हल हो सकती हैं।  

एमके स्टालिन पर बरसे अमित शाह, मेडिकल, इंजीनियरिंग की शिक्षा तमिल में देने की कही बात

तमिलनाडु केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन से राज्य में तमिल में इंजीनियरिंग और मेडिकल की शिक्षा शुरू करने को कहा। भाषा के मुद्दे विशेष रूप से स्टालिन के हिंदी विरोध को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बदलाव किए और अब यह सुनिश्चित किया है कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के उम्मीदवार अपनी-अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा दे सकें। चेन्नई से करीब 70 किलोमीटर दूर रानीपेट में आरटीसी थक्कोलम में सीआईएसएफ के 56वें ​​स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि परीक्षा में उत्तर पुस्तिका तमिल में भी लिखी जा सकेगी।” उन्होंने कहा, ‘‘मैं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से छात्रों के लाभ के लिए राज्य में तमिल में इंजीनियरिंग और मेडिकल शिक्षा शुरू करने की अपील करता हूं।” ‘तमिलनाडु ने हर क्षेत्र में भारतीय संस्कृति को मजबूत किया’ उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की संस्कृति ने भारत की सांस्कृतिक धारा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शाह ने कहा, ‘‘चाहे वह प्रशासनिक सुधार हो, आध्यात्मिक ऊंचाइयों को प्राप्त करना हो, शिक्षा हो या राष्ट्र की एकता और अखंडता हो, तमिलनाडु ने हर क्षेत्र में भारतीय संस्कृति को मजबूत किया है।” इस कार्यक्रम में अर्द्धसैनिक बल के टुकड़ियों का ‘मार्च पास्ट’, योग प्रदर्शन और कमांडो अभियान का प्रदर्शन किया गया।  

केरल: मीलॉर्ड तुरंत माफी मांगें! जस्टिस बदरुद्दीन के खिलाफ वकीलों ने क्यों खोल दिया मोर्चा, बेंच का भी बहिष्कार

तिरुवनंतपुरम केरल हाई कोर्ट में आज तब अजीबोगरीब हालात पैदा हो गए, जब वकीलों के समूह ने जस्टिस ए बदरुद्दीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन से अपने साथी वकील से अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उनसे माफी की मांग की। दरअसल, हाई कोर्ट के वकील इस बात से नाराज हैं कि जस्टिस बदरुद्दीन ने दिवंगत वकील एलेक्स स्कारिया की पत्नी और महिला वकील से अपमानजनक बातें की, जिसने हाल ही में अपने पति को खो दिया था। नाराज वकील आज जस्टिस बदरुद्दीन की कोर्ट में जमा हो गए लेकिन वह वहां नहीं पहुंचे। गुरुवार यानी 6 मार्च को जब महिला वकील ने जस्टिस बदरुद्दीन से वकालतनामा बदलने के लिए कुछ और समय देने का अनुरोध किया, क्योंकि उसके पति का इस साल जनवरी में निधन हो गया था, तब जस्टिस बदरुद्दीन ने असभ्य व्यवहार और तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि कौन है एलेक्स स्कारिया? जज साहब के इस व्यवहार से नाराज वरिष्ठ वकील जॉर्ज पूनथोट्टम और हाई कोर्ट में वकालत करने वाले कई अन्य वकीलों ने बाद में केरल हाई कोर्ट अधिवक्ता संघ (KHCAA) की तत्काल आम सभा की बैठक बुलाने का प्रस्ताव पेश किया। बैठक में प्रस्ताव पास किया गया कि चूंकि जस्टिस बदरुद्दीन ने बेहद अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी की है, और एक दिवंगत साथी का भी अपमान किया है,इसलिए उन्हें माफी मांगने को कहा जाएगा। वकीलों ने बुलाई तत्काल बैठक वकीलों ने तर्क दिया कि इस तरह का आचरण न केवल बेंच के लिए अनुचित है, बल्कि दिवंगत स्कारिया की स्मृति का भी अनादर है, जिसके लिए जस्टिस बदरुद्दीन को माफी मांगनी चाहिए। इसी प्रस्ताव के मुताबिक आज वकीलों का समूह जस्टिस बदरुद्दीन के कोर्ट में जमा हुआ था लेकिन जज वहां नहीं पहुंच सके। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि KHCAA ने आज सुबह 10 बजे एक तत्काल आम सभा की बैठक बुलाई गई, जिसमें वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन की अदालत में सामूहिक रूप से इकट्ठा होकर माफी मांगने की मांग करने का फैसला किया। हालांकि, ऐसी कोई माफी नहीं मांगी गई। कोर्ट नहीं पहुंचे जज साहब हाई कोर्ट रजिस्ट्री की तरफ से बताया गया कि आज दोपहर तक जज बेंच में नहीं बैठेंगे। बाद में उसे बढ़ाकर दिनभर कर दिया गया। बाद में एक प्रस्ताव आया कि जस्टिस बदरुद्दीन खुली अदालत में नहीं बल्कि अपने चैंबर में माफी मांगने को तैयार हो गए हैं लेकिन KHCAA के अध्यक्ष यशवंत शेनॉय सहित वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन की चैंबर में माफी मांगने की पेशकश को ठुकरा दिया। इसके बाद सभी वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन की कोर्ट का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। इस गतिरोध को देखते हुए हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस नितिन जामदार ने हस्तक्षेप करने का भरोसा दिया है और कहा है कि सप्ताहांत तक इस मुद्दे का समाधान कर लिया जाएगा। वैसे यह पहला मौका नहीं है, जब वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन के व्यवहार और आचरण पर आपत्ति जताई है।

अडानी के खिलाफ UAE की कंपनी को झटका- धारावी परियोजना पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

मुंबई सुप्रीम कोर्ट ने धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपी) के निर्माण कार्य पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अडानी ग्रुप के पक्ष में निर्णय दिया। यूएई स्थित सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परियोजना का काम पहले ही शुरू हो चुका है और कुछ रेलवे क्वॉर्टर्स का ध्वस्तीकरण भी किया जा चुका है। अपनी याचिका में सेकलिंक ने महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी पहले की बोली रद्द कर दी गई थी और परियोजना अडानी प्रॉपर्टीज लिमिटेड को सौंप दी गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश दिया कि परियोजना से संबंधित सभी भुगतान सिंगल एस्क्रो खाते से किए जाएं। मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति पीवी संजय कुमार की पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला उचित था, क्योंकि रेलवे लाइन का भी विकास कर परियोजना में शामिल किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और अडानी प्रॉपर्टीज को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 मई की तारीख तय की है। सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज ने दावा किया था कि उसने 2019 में धारावी पुनर्विकास के लिए 7,200 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी, जिसे महाराष्ट्र सरकार ने रद्द कर दिया और 2022 में नई निविदा जारी की, जो अडानी समूह को दी गई। सेक्लिंक ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अपनी बोली को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए तैयार है। कोर्ट ने सेक्लिंक को अपनी संशोधित बोली का विवरण एक हलफनामे में जमा करने का निर्देश दिया। यह परियोजना मुंबई के धारावी क्षेत्र, जो एशिया का सबसे बड़ा स्लम माना जाता है, को आधुनिक शहरी केंद्र में बदलने की योजना है। अडानी समूह की रियल एस्टेट कंपनी, अडानी प्रॉपर्टीज, ने नवंबर 2022 में सबसे ऊंची बोली लगाकर इस परियोजना में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी, जबकि महाराष्ट्र सरकार के पास शेष 20 प्रतिशत हिस्सा है।

मैंने 46 हजार औरतों की मदद की और… बेटे ने पत्नी पर आरोप लगाकर दी जान, मां का पोस्ट रुला देगा

मुंबई बेंगलुरु के अतुल सुभाष की तरह पत्नी पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर जान देने वाले निशांत त्रिपाठी की मां ने इमोशनल पोस्ट लिखा है। मुंबई के विले पारले स्थित सहारा होटल में जाकर निशांत त्रिपाठी ने जान दे दी थी। ऐसा करने से पहले निशांत ने होटल के कमरे के गेट पर ‘Do Not Disturb’ लिख दिया था ताकि कोई आ न सके। कमरे की बुकिंग का समय समाप्त होने पर होटल स्टाफ ने खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। मास्टर की से भी जब लॉक नहीं खुल सका तो फिर दरवाजा तोड़ा गया और अंदर निशांत का शव बरामद हुआ। निशांत ने मौत से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें पत्नी और उसकी मां को अपनी मौत की वजह बताया था। निशांत त्रिपाठी पेशे से एक अभिनेता थे। अब निशांत की मां नीलम चतुर्वेदी ने एक लंबा और इमोशनल पोस्ट लिखा है, जो सोशल मीडिया पर वायरल है। उन्होंने फेसबुक पर लिखे लंबे नोट में कहा कि मैंने सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर 46 हजार महिलाओं की मदद की। उनमें से 37 हजार महिलाओं को न्याय दिलाने में सफलता पाई। मैंने हजारों महिलाओं को ट्रेनिंग दी ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। लेकिन आज मैं खुद टूट चुकी हैं और एक जिंदा लाश जैसी मेरी स्थिति है। नीलम ने लिखा कि मैंने सोचा था कि बेटा मेरा अंतिम संस्कार करेगा, लेकिन क्या हुआ। मेरी बेटी प्राची को अपने बड़े भाई का अंतिम संस्कार करना पड़ा। उन्होंने लिखा कि मैंने जिंदगी में बहुत संघर्ष किए, लेकिन आज टूट गई हूं। ‘आप मुझे जिंदा देख रहे हैं, पर मैं तो मर चुकी हूं’ नीलम चतुर्वेदी लिखती हैं, ‘आप मुझे एक ज़िंदा इंसान के रूप में देख रहे हैं, लेकिन सच यह है कि मैं मर चुकी हूं। आज मैं खुद को एक जिंदा लाश की तरह महसूस कर रही हूं। मैंने 16 साल की उम्र से लेकर 45 सालों तक पूरी शिद्दत और ईमानदारी के साथ महिलाओं के अधिकारों, समाज में लैंगिक समानता लाने और भेदभाव मिटाने के लिए अपना हर एक लम्हा समर्पित किया। 18 साल की उम्र में पहली बार आंदोलन के दौरान गिरफ्तार हुई और फिर यह सिलसिला जारी रहा—अनगिनत संघर्ष, आंदोलन, न्याय के लिए लड़ाई। मैंने सखी केंद्र और अन्य माध्यमों से 46,000 से अधिक पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को दूर करने में उनकी मदद की, 37,000 से अधिक महिलाओं को न्याय दिलाया, और हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें रोजगार और प्रशिक्षण दिलवाया। मैंने कभी कोई लालच नहीं किया। ना बैंक बैलेंस बनाया, ना संपत्ति जुटाई।’ भावुक मां ने लिखा- उसे मेरा अंतिम संस्कार करना था और… इसके आगे वह लिखती हैं, ‘मेरी संपत्ति बस लोगों का प्यार और सम्मान था, जो मुझे देश-विदेश तक मिला। अपने दो बच्चों को अकेले पाला, और इस पर हमेशा गर्व किया। लेकिन मैंने कभी शिकायत नहीं की, बल्कि ईश्वर का भी शुक्रिया अदा करती रही। मैंने कभी भी प्रभु से शिकायत नहीं की मेरा बेटा, निशांत – मेरा सब कुछ मेरे दोनों बच्चे मुझे बहुत प्यार करते थे, लेकिन मेरा बेटा निशांत मेरा दोस्त, हमसफ़र और हमदर्द था। वह मेरी ताकत था, जिसने मुझे जीने और काम करने की ऊर्जा दी। मेरी जिंदगी अब खत्म हो गई है। मेरा बेटा, निशांत मुझे छोड़ कर चला गया। मैं अब एक जिंदा लाश बन गई हूं। उसे मेरा मृत्यु का संस्कार करना था, लेकिन मैंने आज अपने बेटे का दाह संस्कार “ECO-MOKSHA” मुंबई में कर दिया है। मेरी बेटी प्राची ने अपने बड़े भाई का अंतिम संस्कार किया। मुझे व मेरी बेटी प्राची को हिम्मत दो ताकि मैं इतना बड़ा वज्रपात सहन कर सकूं।’

चीनी विदेश मंत्री ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर अपनी राय रखी, एक-दूसरे को निगलने की जगह साथ काम करना जरूरी

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की वजह से वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। इसी बीच चीनी विदेश मंत्री ने वांग यी ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर अपनी राय रखी है। यी का कहना है कि भारत और चीन को हर क्षेत्र में सफलता पाने के लिए साथ में काम करने की जरूरत है। यी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि भारत और चीन के संबंधों में आपसी सम्मान और संवेदनशीलता की जरूरत है। शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए वांग यी ने कहा कि भारत और चीन को विकास और उन्नति के लिए साथ काम करने की जरूरत है। दोनों देशों को एक-दूसरे का समर्थन करना होगा। एक-दूसरे को निगलने की कोशिश करने या एक दूसरे के खिलाफ खड़े होने की जगह हमें करीब से साथ काम करने की जरूरत है। वांग ने इस बात पर भी जोर दिया कि चीन और भारत को साथ मिलकर ग्लोबल साउथ को बढ़ावा देने के लिए एक साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को निर्धारित करने के लिए सीमा विवाद भी एक मात्र कारण नहीं होना चाहिए। सीमा पर आपसी सम्मान और संवेदनशीलता जरूरी- जयशंकर विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा भारत-चीन संबंधों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत चीन के साथ में स्थिर संबंध चाहता है और ऐसे संबंध जिसमें नई दिल्ली के हितों का सम्मान और संवेदनशीलता को भी मान्यता दी जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्दा यह है कि कैसे एक स्थिर संतुलन बनाया जाए। हम एक स्थिर संबंध चाहते हैं जहां हमारे हितों का सम्मान किया जाए, हमारी संवेदनशीलताओं को पहचाना जाए और जहां यह हम दोनों के लिए काम करे। हमारे रिश्ते में यही मुख्य चुनौती है।

सिद्धारमैया के बजट में मुस्लिम ठेकेदारों को टेंडर्स में 4 फीसदी का आरक्षण दिया जा सकता है, जाने क्या-क्या

बेंगलुरु सीएम सिद्धारमैया ने शुक्रवार को कर्नाटक सरकार का बजट पेश किया। इस बजट में उन्होंने 7.5 लाख करोड़ के निवेश के साथ नई औद्योगिक नीति का ऐलान किया तो वहीं 20 लाख नई नौकरियों के सृजन का भी भरोसा दिलाया। इस बजट में उन्होंने अल्पसंख्यकों और खासतौर पर मुस्लिम समुदाय के लिए कई बड़ी योजनाओं का ऐलान किया। इनमें से एक यह है कि मुस्लिम लड़कियों के लिए 15 महिला कॉलेज खोले जाएंगे। इनका निर्माण वक्फ बोर्ड की खाली जमीनों पर ही सरकार की ओर से कराया जाएगा। इसके अलावा 16 अन्य महिला कॉलेज भी खोलने की तैयारी है। वहीं अल्पसंख्यक परिवारों को शादी में 50 हजार रुपये की मदद का भी ऐलान किया गया है। इसके लिए यह शर्त होगी कि शादी सादे समारोह में की जाए। यदि लग्जरी शादी हुई तो ऐसी मदद नहीं मिल पाएगी। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपना 16वां बजट पेश करते हुए इमामों की सैलरी भी बढ़ाकर 6 हजार करने का ऐलान किया। इसके अलावा जैन पुजारी, सिख ग्रंथियों को भी इतनी ही सैलरी मिलेगी। वहीं सहायक ग्रंथी और मस्जिद के मुइज्जिनों को भी 5000 रुपये प्रति माह का मानदेय दिया जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि बेंगलुरु में बने हज भवन का भी विस्तार किया जाएगा। यहां हज यात्रियों और उनके परिजनों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। एक और बड़ा ऐलान उनकी ओर से किया गया कि चीफ मिनिस्टर माइनॉरिटी कॉलोनी डिवेलपमेंट प्रोग्राम लॉन्च किया जाएगा। इसके तहत 1000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित होगा। कर्नाटक में 250 मौलाना आजाद मॉडल इंग्लिश स्कूल खोलने का भी ऐलान हुआ है। इन स्कूलों को सरकारी नीति के तहत खोला जाएगा और इन्हें मॉडल स्कूलों के तौर पर विकसित करने की योजना है। इसके लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये बजट आवंटन का फैसला लिया है। बता दें कि चर्चा थी कि कर्नाटक में मुस्लिम ठेकेदारों को टेंडर्स में 4 फीसदी का आरक्षण दिया जा सकता है। हालांकि अब तक ऐसी किसी नीति को लाने की जानकारी नहीं मिली है। इस तरह इमामों की सैलरी बढ़ाने, अल्पसंख्यक कॉलोनियां बसाने के फैसले का विपक्षी दल भाजपा की ओर से विरोध हो सकता है। अलग से माइनॉरिटी कॉलोनी बसाने के फैसले का तीखा विरोध हो सकता है। एक अहम ऐलान यह भी हुआ है कि बेंगलोर सिटी यूनिवर्सिटी का नाम अब पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर होगा। विश्वविद्यालय का नया नाम डॉ. मनमोहन सिंह बेंगलोर सिटी यूनिवर्सिटी होगा।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet