LATEST NEWS

फाइटर विमान उड़ाने में मास्टर… शुभांशु शुक्ला जो स्पेस में रचने जा रहे इतिहास, मिशन कमांडर के रूप में काम करेंगे

 नई दिल्ली Indian Air Force के अनुभवी टेस्ट पायलट और ISRO के गगनयान मिशन के चुने हुए एस्ट्रोनॉट्स ग्रुप कैप्टन शुंभाशु शुक्ला Axiom Mission-4 प्रमुख मिशन पायलट होंगे. यह मिशन SpaceX के फॉल्कन-9 रॉकेट और ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के जरिए पूरा होगा. इनकी लॉन्चिंग फ्लोरिडा से होगी. शुभांशु शुक्ला को हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के गगनयान मिशन के लिए ‘प्राइम’ अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था. वह 1984 के बाद से अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री होंगे. उनकी यात्रा जून 2006 में लड़ाकू विंग में कमीशन के साथ शुरू हुई. एक अनुभवी परीक्षण पायलट के रूप में उन्होंने विभिन्न विमानों में 2000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव प्राप्त किया है. ग्रुप कैप्टन शुक्ला के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में तीन लोग और जा रहे हैं. ये हैं- अमेरिका से कमांडर पेगी व्हिटसन, पोलैंड से ESA की तरफ से मिशन स्पेशलिस्ट स्लावोश उजानस्की और हंगरी से मिशन स्पेशलिस्ट तिबोर कापू. शुक्ला इनके साथ प्राइम मिशन पायलट होंगे. कई विमान उड़ाने का अनुभव 10 अक्टूबर 1085 में लखनऊ में जन्मे शुभांशु की मिलिट्री ट्रेनिंग एनडीए में हुई है. वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में उन्हें 17 जून 2006 में शामिल किया गया. वो एक फाइटर कॉम्बैट लीडर हैं. साथ ही टेस्ट पायलट भी. उनके पास 2000 घंटे के उड़ान का अनुभव है. उन्होंने सुखोई-30एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डॉर्नियर, एन-32 जैसे विमान और फाइटर जेट्स उड़ाए हैं. शुभांशु शुक्ला कौन हैं? 10 अक्टूबर 1985 को शुभांशु का जन्म लखनऊ में हुआ. जून 2006 में लड़ाकू पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना (IAF) में कमीशन प्राप्त किया. इसके बाद मार्च 2024 में ग्रुप कैप्टन का बने. शुभांशु Su-30 MKI, MIG-21, MiG-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और An-32 सहित विभिन्न विमानों पर 2,000 से अधिक उड़ान की है. 2019 में रूस के यूरी गगारिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण लिया. भारत के गगनयान मिशन के लिए इसरो द्वारा चुने गए. ये देश का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है. नासा-एक्सिओम स्पेस सहयोग के तहत आईएसएस की यात्रा करने वाले पहले इसरो अंतरिक्ष यात्री. घर वापस लोगों के लिए फ़ोटो और वीडियो के माध्यम से अपने अंतरिक्ष अनुभव को कैद करने की योजना बना रहे हैं. जब शुक्ला को इसरो से फोन आया एक्स-4 मिशन का नेतृत्व पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन करेंगी, जो Axiom Space की मानव अंतरिक्ष उड़ान की निदेशक हैं. 2019 में शुक्ला को इसरो से एक ऐतिहासिक फोन आया. उन्होंने मॉस्को, रूस में यूरी गगारिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में कठोर प्रशिक्षण पर काम करना शुरू किया. 27 फरवरी 2024 को पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्ला को गगनयान के लिए अंतरिक्षयात्री घोषित किया.  अगस्त 2024 में, शुक्ला को आगामी इंडो-यूएस मिशन के लिए अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए ‘प्राइम’ अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था. मिशन में भारत के अलावा पोलैंड-हंगरी के एस्ट्रोनॉट्स भी कमांडर पैगी व्हिटसन- पैगी ने Ax-2 मिशन की कमांडर के रूप में काम किया है। पैगी ने नासा के एक मिशन में 675 दिन काम किया हैं। वे अमेरिका की सबसे अनुभवी अंतरिक्ष यात्री हैं। पायलट शुभांशु शुक्ला- शुभांशु भारतीय वायुसेना में पायलट हैं। उन्हें इसरो के गगनयान मिशन के लिए चुना गया है। यह भारत का अंतरिक्ष में पहला मैन्ड मिशन है। मिशन स्पेशलिस्ट स्लावोज उज्नान्सकी-विज्निएव्स्की- पोलैंड के स्लावोज CERN के इंजीनियर रह चुके हैं। स्लावोज यूरोपियन स्पेस एजेंसी के एस्ट्रोनॉट रिजर्व क्लास ऑफ 2022 के सदस्य हैं। मिशन स्पेशलिस्ट तिबोर कापू- कापू हंगरी के एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जो स्पेस रेडिएशन प्रोटेक्शन में महारत रखते हैं। 2023 में वे HUNOR (हंगेरियन-टु-ऑर्बिट) के लिए चुने गए थे। शुभांशु बोले- अंतरिक्ष में योग करूंगा, तस्वीरें लाऊंगा नाम के ऐलान के साथ ही एग्जियम मिशन 4 पर नासा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें पायलट शुभांशु ने कहा कि जो मिशन आ रहा है उसमें मैं अपने साथ कुछ इंडियन फूड लेकर जाऊंगा, जो अपने साथियों को भी खिलाऊंगा। अंतरिक्ष में योग भी करूंगा। वहां की तस्वीरें लाऊंगा, ताकि भारतवासियों को गर्व का मौका मिले। 14 दिन ISS पर रिसर्च करेगा AXM-4 ISS का पहला प्राइवेट अंतरिक्ष यात्री मिशन, एग्जियम मिशन 1 अप्रैल 2022 में लॉन्च किया गया था, जो ऑर्बिटिंग लैब में 17 दिनों तक रहा। दूसरा एग्जियम मिशन 2, मई 2023 में भेजा गया था। इस मिशन ने ISS पर आठ दिन बिताए। एग्जियम मिशन 3, जनवरी 2024 में लॉन्च किया गया था। इसने स्टेशन पर 18 दिन बिताए। एग्जियम मिशन 4 के लिए 14 दिन का समय तय किया गया है। अब जानिए पायलट शुभांशु के बारे में… शुभांशु का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। उनकी उम्र 38 साल है। वे एक फाइटर पायलट और कॉम्बेट लीडर हैं।

असम में 17 वर्षीय लड़की ने GBS बीमारी के चलते हुई मौत, पूरे देश में इस बीमारी को लेकर बढ़ी चिंता

असम असम में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) के कारण पहली बार किसी की मौत की खबर सामने आई है। 17 वर्षीय एक लड़की, जो कक्षा 12वीं की छात्रा थी, ने 10 दिन पहले इलाज के दौरान इस दुर्लभ बीमारी के कारण अपनी जान गंवा दी। लड़की की मौत से न केवल असम बल्कि पूरे देश में इस बीमारी को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानिए इस बीमारी के बारे में, इसके लक्षण और इलाज से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी। GBS क्या है? गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) एक दुर्लभ तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारी है, जो अचानक से शरीर के अंगों में कमजोरी और सुन्नपन का कारण बनती है। इसमें शरीर के तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुँचता है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी, चलने-फिरने में समस्या और कभी-कभी श्वसन तंत्र भी प्रभावित हो सकता है। यह बीमारी एक सामान्य जीवाणु संक्रमण के बाद उत्पन्न होती है। हालांकि, यह गंभीर हो सकती है, लेकिन समय पर इलाज से अधिकांश लोग ठीक हो जाते हैं। असम में GBS से पहली मौत यह घटना असम के एक निजी अस्पताल की है, जहां 17 वर्षीय लड़की को 10 दिन पहले भर्ती किया गया था। लड़की की हालत काफी गंभीर थी और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। उसके बाद अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन जीबीएस के गंभीर रूप ने उसकी जान ले ली। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, यह इस मौसम में असम में जीबीएस से होने वाली पहली मौत है। देशभर में GBS के मामले बढ़ रहे हैं हाल ही में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत में भी GBS के मामलों में वृद्धि देखी गई है। अब असम में भी इस बीमारी के मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी देश के विभिन्न हिस्सों में तेजी से फैल रही है, और आने वाले दिनों में और भी मामलों के सामने आने की संभावना है। जीबीएस एक आम जीवाणु रोग है, लेकिन इसके मामले बहुत कम होते हैं। पिछले छह महीनों में असम में इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया था, लेकिन अब इसकी स्थिति बदल रही है। GBS के लक्षण क्या होते हैं? GBS के सामान्य लक्षणों में शरीर के अंगों में कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, श्वसन में परेशानी, और कभी-कभी दस्त की समस्या शामिल होती है। यह बीमारी अचानक शुरू होती है और तेजी से बढ़ती है। शुरुआत में हल्के लक्षण दिख सकते हैं, लेकिन जैसे-जैसे यह गंभीर रूप लेती है, व्यक्ति को वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत भी पड़ सकती है। क्या GBS से डरने की जरूरत है? इस बारे में एक वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ ने बताया कि हर साल राज्य में GBS के कुछ मामले सामने आते हैं। हालांकि, यह बीमारी आमतौर पर गंभीर नहीं होती है। जीबीएस के बाद कई मरीज ठीक हो जाते हैं और अपने दैनिक काम आसानी से कर पाते हैं। हालांकि, कुछ मामलों में मरीजों को लकवा भी हो सकता है, लेकिन समय पर इलाज से वे ठीक हो जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी के बारे में घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन किसी भी संदिग्ध लक्षण पर डॉक्टर से परामर्श जरूर करें। इलाज और बचाव GBS का इलाज समय पर किया जा सकता है और यदि सही उपचार मिले तो अधिकांश लोग पूरी तरह से ठीक हो सकते हैं। इसके उपचार में इम्यूनोग्लोबुलिन थेरेपी और प्लाज्मा एक्सचेंज शामिल होते हैं। यह उपचार तंत्रिका तंत्र को नुकसान से बचाने में मदद करता है। हालांकि, जैसे-जैसे इस बीमारी के मामले बढ़ रहे हैं, डॉक्टरों का कहना है कि हमें इसके बारे में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है, ताकि लोग इसके लक्षणों को पहचान सकें और समय पर इलाज करवाएं।

दिल्ली पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को किया गिरफ्तार, 18 को भेजा वापस, तीन को किया अरेस्ट

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने शनिवार को मध्य दिल्ली जिले में अवैध रूप से रह रहे 18 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस उनके देश भेज दिया है। इसके अलावा तीन को गिरफ्तार भी किया है। मीडिया से बात करते हुए, डीसीपी सेंट्रल एम हर्षवर्धन ने कहा कि सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान में, अब तक अवैध रूप से रह रहे 21 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उनमें से 18 को वापस उनके देश भेज दिया गया है और 3 को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। डीसीपी हर्षवर्धन ने आगे बताया कि उन्होंने हाल ही में तीन बांग्लादेशी नागरिकों,जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है, को गिरफ्तार किया। यह सभी गैरकानूनी तरीके से रह रहे थे। डीसपी हर्षवर्धन ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि नवीनतम एफआईआर धोखाधड़ी और जालसाजी के लिए पहाड़गंज पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। उसमें, दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, और एक नाबालिग को पकड़ा गया। उनके कब्जे से भारतीय पासपोर्ट और अन्य पहचान दस्तावेज, जैसे आधार कार्ड और वोटर आईडी मिले। उनके पास बांग्लादेश के पासपोर्ट भी थे। वे 20 साल पहले भारत में अवैध रूप से घुसे थे। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने पासपोर्ट बनवाने के लिए अवैध दस्तावेज बनाने में शामिल एक बिचौलिये की पहचान कर ली है। हमने एक बिचौलिये की पहचान कर ली है, और उसकी तलाश जारी है। जबकि पासपोर्ट असली प्रतीत होते हैं,उन्हें प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज फर्जी हैं और इसकी आगे जांच चल रही हैं। दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में शहर में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने के लिए एक विशेष अभियान चला रही है। 20 जनवरी को,दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आपराधिक गतिविधियों में अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों की बढ़ती भागीदारी पर चिंता व्यक्त की थी और दिल्ली पुलिस आयुक्त को ऐसे अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें पकड़ने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया था।

यूक्रेन के ऐतिहासिक शहर पर रूस का मिसाइल हमला, नॉर्वे के राजनयिक भी उसी इलाके में मौजूद थे, बाल-बाल बचे

कीव रूस ने यूक्रेन के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर ओडेसा के मुख्य केंद्र पर मिसाइल हमला किया, जिसमें कम से कम सात लोग घायल हो गए हैं। इस हमले में यूनेस्को द्वारा संरक्षित विश्व धरोहर स्थल को गंभीर क्षति पहुंची है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेंलेंस्की ने बताया कि इस हमले के दौरान नॉर्वे के राजनयिक भी उसी इलाके में मौजूद थे। हालांकि नॉर्वे के दूत सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि यह हमला यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को और मजबूत करने की आवश्यकता को दर्शाता है। गौरतलब है कि इस महीने रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन साल पूरे हो जाएंगे और अभी तक इसके समाप्त होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक इस युद्ध में यूक्रेन के 10,000 से अधिक आम नागरिक मारे गए हैं। ऐतिहासिक होटल और कंसर्ट हॉल क्षतिग्रस्त ओडेसा के क्षेत्रीय गवर्नर ओलेह किपर और मेयर हेन्नाडी त्रुखानोव ने जो तस्वीरें साझा कीं, उनमें दिखाया गया कि 19वीं सदी में बने शानदार होटल ब्रिस्टल का लॉबी और अन्य हिस्से मलबे में तब्दील हो गए हैं। इसके अलावा, होटल के सामने स्थित ओडेसा फिलहारमोनिक कॉन्सर्ट हॉल को भी नुकसान पहुंचा है, जिसकी कई खिड़कियां टूट गईं। वहीं, ओपेरा हाउस के पास की सड़कों पर मलबे के टुकड़े बिखरे हुए दिखाई दिए। इस हमले में कई संग्रहालयों को भी क्षति पहुंची है। जेलेंस्की ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “रूसी बलों ने सीधे शहर और आम नागरिकों की इमारतों को निशाना बनाया है।” यूक्रेन युद्ध पर अमेरिका और रूस के बीच ‘गंभीर’ वार्ता इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार रूस के साथ यूक्रेन युद्ध को लेकर “बहुत गंभीर” चर्चा कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि वह और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस मुद्दे पर जल्द ही “महत्वपूर्ण” कार्रवाई कर सकते हैं। ट्रंप ने कहा, “हम बात करेंगे, और मुझे लगता है कि हम शायद कुछ ऐसा करेंगे जो महत्वपूर्ण होगा।” हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने सीधे पुतिन से बातचीत की है, तो उन्होंने जवाब दिया, “मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता।” रूस ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने पूर्वी यूक्रेन के दोनेत्स्क क्षेत्र में एक और गांव पर कब्जा कर लिया है तथा लगभग तीन साल के युद्ध के बाद वह महत्वपूर्ण यूक्रेनी साजो-सामान केंद्र पोक्रोव्स्क के और नजदीक पहुंच गया है। हालांकि, रूस के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है कि उसकी सेना ने नोवोवासिलिव्का पर कब्ज़ा कर लिया है। यूक्रेनी अधिकारियों ने भी तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। रूसी सेना महीनों से पोक्रोव्स्क और पास के चासिव यार जैसे प्रमुख दोनेत्स्क गढ़ों पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं, खेत और जंगलों में अपना रास्ता बना रही हैं तथा छोटी ग्रामीण बस्तियों को अपने कब्जे में ले रही हैं।

रेल मंत्रालय ने जारी किया परीक्षण के लिए ‘स्वरेल ऐप’, अब एक मंच पर मिलेंगी कई सेवाएं

नई दिल्ली रेल मंत्रालय ने शुक्रवार को परीक्षण के लिए गूगल प्ले स्टोर पर स्वरेल नामक एक एप्लीकेशन जारी किया है, जिसमें एक साथ कई सेवाओं की पेशकश की गई है। बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, “केवल 1,000 उपयोगकर्ता इसे डाउनलोड कर सकते हैं। हम प्रतिक्रिया और फीडबैक का आकलन करेंगे। इसके बाद, इसे 10,000 लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।” उन्होंने कहा कि यह ऐप आरक्षित और अनारक्षित टिकट बुकिंग, प्लेटफॉर्म और पार्सल बुकिंग, ट्रेन पूछताछ, पीएनआर पूछताछ आदि सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करता है। रेलवे बोर्ड में सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने कहा, ‘ऐप में मुख्य जोर एक सहज और स्पष्ट यूजर इंटरफेस के माध्यम से उपयोगकर्ताओं के अनुभवों को बेहतर बनाने पर है।” उन्होंने कहा, “रेल मंत्रालय की ओर से रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) ने 31-01-2025 को बीटा परीक्षण के लिए सुपरऐप (स्वरेल) जारी कर दिया है। उपयोगकर्ता ऐप को प्ले स्टोर/ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।’  

महाराष्ट्र में स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए ताजा आंकड़े, लगातार बढ़ते जा रहे हैं जीबीएस के मामले

मुंबई महाराष्ट्र में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे लोगों के बीच में डर और चिंता का माहौल है। अब इसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) से संबंधित एक आंकड़ा जारी किया है। विभाग के अनुसार, अब तक 140 संदिग्ध मरीज पाए गए हैं, जिनमें से 98 मामलों में जीबीएस की पुष्टि हुई है। इस दौरान 4 संदिग्ध मौतें भी हुई हैं। पुणे नगर निगम (एमसी) से 26, पुणे नगर निगम क्षेत्र के नए जोड़े गए गांवों से 78, पिंपरी चिंचवड़ एमसी से 15, पुणे ग्रामीण क्षेत्र से 10 और अन्य जिलों से 11 मरीज हैं। अभी 18 मरीज वेंटिलेटर पर हैं, जिन्हें विशेष देखरेख में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों का इलाज और निगरानी लगातार कर रहा है। इससे पहले 31 जनवरी को महाराष्ट्र के पुणे में भी जीबीएस के कई मामलों की पुष्टि हुई थी। इस संबंध में महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने आंकड़े भी जारी किए थे। महाराष्ट्र राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 30 जनवरी तक गिलियन बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के 130 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है। इनमें से 73 मामलों में जीबीएस की पुष्टि हो चुकी है। 3 मरीजों की मौत हो चुकी है। इन प्रभावित मरीजों में से 25 पुणे नगर निगम क्षेत्र से, 74 नए जोड़े गए गांवों से, 13 पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम से, 9 पुणे ग्रामीण क्षेत्र से और 9 अन्य जिलों से हैं।वर्तमान में 20 मरीजों की हालत गंभीर है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों की देखभाल में जुटा है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इससे पहले 29 जनवरी को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन से मरीजों के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में विशेष व्यवस्था करने को कहा था। कैबिनेट बैठक में जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए प्रेजेंटेशन के दौरान उन्होंने जीबीएस के बारे में मौजूदा जमीनी स्तर की स्थिति की समीक्षा की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा था कि जीबीएस के मरीजों का इलाज किया जा रहा है, लेकिन उन्होंने निर्देश दिया है कि मरीजों को उचित इलाज मिले, इसके लिए सरकारी अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की जाए। इस बीमारी का इलाज राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना में शामिल है। अगर कोई और प्रक्रिया की जरूरत है, तो वह जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा की जानी चाहिए।  

लॉस एंजेलिस में लगी आग पर पाया गया काबू, इस आग ने हजारों घरों को किया नष्ट, 30 जिंदगियां भी थमीं

नई दिल्ली दक्षिण कैलिफोर्निया के शहर में लॉस एंजेलिस में लगी आग पर पूरी तरीके से काबू पा लिया गया है। इस बात की जानकारी राज्य की अग्निशमन एजेंसी कैल फायर ने शुक्रवार को दी। कैल फायर ने शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर आंकड़े अपडेट करते हुए बताया कि दोनों आग पर 100 प्रतिशत नियंत्रण पा लिया गया है, जिसका अर्थ है कि उनकी परिधि पूरी तरह नियंत्रण में है। इतिहास की सबसे विनाशकारी आग पर काबू दरअसल, लॉस एंजेलिस में दो जंगलों में लगी भीषण आग पर शुक्रवार को पूरी तरीके से काबू पा लिया गया। ये आग तीन सप्ताह से अधिक समय तक जलती रही, जिसमें लगभग 30 लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग विस्थापित हो गए।     बता दें कि दक्षिणी कैलिफोर्निया के लॉस एंजिल्स काउंटी में पैलिसेड्स और ईटन की आग अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर के इतिहास में सबसे विनाशकारी थी। इस आग ने 37,000 एकड़ (150 वर्ग किलोमीटर) से अधिक क्षेत्र और 10,000 से अधिक घरों को नष्ट कर दिया। इसमें सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हुआ।     राज्य की अग्निशमन एजेंसी कैल फायर ने शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर आंकड़े अपडेट किए, जिसमें दिखाया गया कि दोनों आग पर 100 प्रतिशत नियंत्रण पा लिया गया है, जिसका मतलब है कि उनकी परिधि पूरी तरह से नियंत्रण में है। पहले ही जारी किए गए ये आदेश बता दें कि आग के कई दिनों तक गंभीर खतरा न होने के कारण, लोगों को निकालने के आदेश पहले ही हटा लिए गए थे। शुक्रवार को राज्य की अग्निशमन एजेंसी कैल फायर ने कहा कि दोनों आग पर 100 प्रतिशत नियंत्रण पा लिया गया है। दोनों आग 7 जनवरी को लगी थीं और उनके सटीक कारण की जांच की जा रही है। आग लगने के करीब 1 हफ्ते बाद शक्तिशाली सांता एना हवा के कारण आग ने भयानक रूप ले लिया।

बजट में इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए हुए बड़े ऐलान, पीएम रिसर्च फेलोशिप योजना के तहत 10,000 फेलोशिप

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को 2025-26 का केंद्रीय बजट पेश किया. यह आठवां मौका है जब निर्मला सीतारमण ने सदन में भारत का बजट रखा. इसमें हर सेक्टर के लिए अलग-अलग सौगातें दी गईं हैं. वैसे देश के आम बजट से हर तबके को उम्मीदें रहती हैं, लेकिन युवा वर्ग सबसे ज्यादा टकटकी लगाए रहते हैं. ऐसे में युवाओं के लिए इस बार बजट में काफी कुछ दिया गया है. तकनीकी शिक्षा पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने बजट में  IIT के लिए काफी कुछ दिया है. इसके तहत आईआईटी के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के साथ, सीटों में बढ़ोतरी और सेंटर की संख्या बढ़ाने की भी घोषणा की गई है. इंफ्रास्ट्रक्चर को किया जाएगा मजबूत इसके अलावा बिहार की राजधानी पटना स्थित आईआईटी को और भी अधिक पोषित किया जाएगा. वित्त मंत्री की घोषणा के अनुसार देश भर के 23 आईआईटी संस्थानों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी. इससे यहां एडमिशन लेने वाले छात्रों की संख्या दोगुनी हो जाएगी. पांच IIT में शिक्षा बनाया जाएगा और भी ज्यादा बेहतर 2023 में आईआईटी सेंटरों की संख्या बढ़ाई गई थी. अब इन सेंटरों की आधारभूत संरचनाओं का बढ़ाया जाएगा. ताकि इन संस्थानों को और इनके कैंपस को ज्यादा से ज्यादा छात्रों के पढ़ाई करने लायक बनाया जाएगा. इसके साथ ही 5 IIT में शिक्षा को बेहतर करने के लिए अलग से राशि दी जाएगी, ताकि इसे इनहांस किया जा सके.  

Union Budget 2025: इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते होंगे, यूनियन बजट में वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली आज संसद में पीएम नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरी पारी का पहल संपूर्ण बजट (Union Budget 2025) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) द्वारा पेश किया गया. इस बार के बजट में किसानों, महिलाओं, शिक्षा, मेडिकल, MSME और स्टार्ट-अप के अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं. जिनमें इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) में इस्तेमाल होने वाले लिथियम आयर बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में मिलने वाली छूट भी शामिल है. इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के सस्ते होने की उम्मीद है. बजट भाषण के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, “कोबाल्ट पाउडर और अपशिष्ट, लिथियम आयन बैटरी (Lithium-Ion Battery) के स्क्रैप, सीसा, जस्ता और 12 अन्य महत्वपूर्ण खनिजों को छूट दी जाएगी. इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लिथियम-आयन बैटरी निर्माण हेतु 35 अतिरिक्त वस्तुओं को सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी.” नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन को मजबूती: इस बार के बजट में किसानों, महिलाओं, शिक्षा, मेडिकल, MSME और स्टार्ट-अप के अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं. सरकार की मेक इन इंडिया योजना को और बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि, नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन (National Manufacturing Mission) को और भी मजबूत किया जाएगा, जिसका लाभ ऑटो सेक्टर को भी मिलेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े ऐलान किए. इस दौरान उन्होनें अपने स्पीच में कहा कि, “हमारी सरकार एक नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन का सेटअप करेगी. जो बड़े, मध्यम और छोटे इंडस्ट्री को कवर करेगा. यह मिशन केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों दोनों के लिए पॉलिसी सपोर्ट, एक्जीक्यूशन रोडमैप के साथ गर्वनेंस और मॉनिटरिंग का फ्रेमवर्क प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि, “ये मिशन पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए क्लाइमेट फ्रेंडली डेवलपमेंट साथ-साथ क्लीन टेक मैन्युफैक्चरिंग को भी बेहतर बनाएगा. इस स्कीम का लक्ष्य डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन को बेहतर बनाना है. जिसके तहत सोलर पीवी सेल्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी, मोटर, कंट्रोलर, इलेक्ट्रोलाइसर्स, विंड टर्बाइन, हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन और ग्रिड स्केल बैटरी की मैन्युफैक्चरिंग को सहयोग देना है.” स्टार्ट-अप के लिए 20 करोड़ का लोन: इस बार के बजट में स्टार्ट-अप को भी एक बड़ा तोहफा मिला है. वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि, “स्टार्ट-अप के लिए लोन अमाउंट सीमा को बढ़ाकर अब 20 करोड़ रुपये कर दिया गया है. जो अब तक 10 करोड़ रुपये तक की सीमित था. ये सपोर्ट स्टार्ट-अप सेक्टर के 27 अलग-अलग एरिया में दिया जाएगा.” जाहिर है कि, इसका बड़ा लाभ देश के ऑटो सेक्टर में भी देखने को मिलेगा. बीते कुछ सालों में देश में कई नए स्टार्ट-अप ने एंट्री की है जो इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और बिक्री से जुड़े हैं. इसके अलावा सरकार द्वारा ईवी बैटरी, कंपोनेंट मैक्न्युफैक्चरिंग और मोटर सेक्टर को दिया जाने वाला सहयोग भी ऑटो इंडस्ट्री को बड़ा बल देगा. बजट 2025 पेश होने के साथ ही टेक दुनिया में हलचल तेज हो गई है और मैन्युफैक्चरर्स से लेकर ग्राहकों तक के लिए यह बजट अच्छी खबरें लेकर आया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि ढेरों डिवाइसेज की मैन्युफैक्चरिंग में लगने वाले पार्ट्स से इंपोर्ट ड्यूटी घटाई जा रही हैं। इसका सीधा फायदा यह होगा कि स्मार्टफोन्स, स्मार्ट टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सस्ते होने वाले हैं। बजट में मोबाइल फोन पर कस्टम ड्यूटी कम करने की घोषणा की गई है। इससे भारत में मैन्युफैक्चर होने वाले मोबाइल फोन्स की लागत कम होगी, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। उन्हें नए स्मार्टफोन खरीदने के लिए कम खर्च करना पड़ेगा। मोबाइल कंपनियों ने सरकार से इंपोर्ट ड्यूटी कम करने की मांग की थी, ताकि ग्राहकों को फायदा हो सके और सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है। स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग का मिलेगा फायदा भारत में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया जा रहा है। लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाले घरेलू निर्माताओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे देश में मोबाइल बैटरी बनाने की लागत कम होगी। मोबाइल फोन के साथ-साथ अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स जैसे LED-LCD टीवी के दाम भी कम किए जाएंगे। इन पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी भी कम कर दी गई है। बता दें, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और स्मार्टफोन्स की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने EV बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले 35 एडिशनल गुड्स और मोबाइल फोन बैटरी प्रोडक्शन में यूज होने वाले 28 एडिशनल गुड्स को छूट पाने वाले कैपिटल गुड्स की लिस्ट में शामिल करने का फैसला लिया है। इस तरह बैटरी मैन्युफैक्चरिंग भी सस्ते में होगी। आसान भाषा में समझें तो इलेक्ट्रॉनिक्स या स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग में लगने वाला खर्च कम हो गया है। ठीक इसी तरह बैटरी की लागत भी कम कर दी गई है। यही वजह है कि अब इन चीजों की कीमतें ग्राहकों के लिए भी घट सकती हैं और ये घोषणाएं सकारात्मक बदलाव दर्शाती हैं।

मोदी सरकार के बजट में क्या-क्या मिला, साड़ी से लेकर घोषणाओं तक चुनावी साल में बिहार के लिए बहार

नई दिल्ली नरेंद्र मोदी सरकार के आम बजट में बिहार पर खास जोर दिया गया है। इसी साल राज्य में चुनाव होने वाले हैं और भाजपा का यहां जेडीयू के साथ गठबंधन है। माना जा रहा है कि जेडीयू को पाले में बनाए रखने और बिहार की जनता को लुभाने के लिए राज्य पर फोकस रखते हुए कई घोषणाओं का ऐलान किया गया है। निर्मला सीतारमण ने अपनी साड़ी से लेकर ऐलानों तक से खास संदेश दिया कि बिहार मोदी सरकार की प्राथमिकता में है। निर्मला सीतारमण अपना 8वां बजट पेश करने के लिए खास मिथिला पेटिंग वाली साड़ी पहनकर पहुंचीं। इसके अलावा उन्होंने मखाना बोर्ड समेत कई ऐसी योजनाओं का ऐलान किया, जिन्हें बिहार में ही स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे बिहार की आर्थिक ग्रोथ में इजाफा होगा और सामाजिक विकास भी होगा। निर्मला सीतारमण ने बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना का ऐलान किया। बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में मखाने की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। वित्त मंत्री ने कहा कि मखाने के उत्पादन को बढ़ाने, गुणवत्ता में सुधार करने और किसानों की आय में इजाफा करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा उन्होंने पटना आईआईटी के विस्तार का ऐलान किया और एक एआईटी की स्थापना करने की भी घोषणा की। इसके अलावा बिहार के ही सीमांचल क्षेत्र के लिए कोसी कनाल का ऐलान किया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि इस नहर से 50 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी। मिथिलांचल में पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी उद्यमशिलता और प्रबंधन संस्थान स्थापित किया जाएगा। इससे पूर्वी क्षेत्र में खाद्य संस्करण कार्यकलापों को बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे। यही नहीं बिहार में एक नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने का भी बजट में ऐलान हुआ है। वित्त मंत्री ने मखाना बोर्ड का ऐलान करते हुए कहा, ‘बिहार में मखाना बोर्ड होगा। इससे बिहार के लोगों को विशेष अवसर मिलेंगे। मखाना के उत्पादन, मार्केटिंग, बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा। गुणवत्ता में भी सुधार किया जाएगा। मखाना के किसानों को जरूरी ट्रेनिंग दी जाएगी और वित्तीय सहायता भी मिलेगी।’ दरअसल बिहार में इसी साल अक्टूबर में चुनाव होने वाले हैं। दिल्ली के बाद बिहार ही ऐसा राज्य है, जहां इस साल चुनाव होंगे। ऐसे में भाजपा सरकार नहीं चाहती कि वह बिहार में किसी भी तरह का नुकसान उठाए। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में 240 सीटें ही हासिल करने वाली भाजपा के लिए नीतीश कुमार भी जरूरी हैं, जिन्होंने 12 सीटें हासिल की थीं। वह भाजपा सरकार को समर्थन दे रहे हैं। इसके अलावा बिहार में भी दोनों दल साथ हैं। आमतौर पर बजट में चुनावी राज्यों पर फोकस करने की परंपरा रही है। इससे सरकार विकास के साथ ही चुनाव को भी साधने की कोशिशें करती रही हैं।

पीएम मोदी ने की सराहना, यह बजट हर भारतीय के सपनों को पूरा करना वाला है, ये जनता जर्नादन का बजट है

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शानदार बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह बजट हर भारतीय के सपनों को पूरा करना वाला है। ये जनता जर्नादन का बजट है। यह नागरिकों की जेब भरने वाला बजट है। बजट ग्रोथ को तेज गति से आगे बढ़ाएगा। बजट हर भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला- पीएम मोदी केंद्रीय बजट 2025 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का बजट है। यह हर भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला बजट है। हमने युवाओं के लिए कई क्षेत्र खोले हैं। आम नागरिक विकसित भारत के मिशन को आगे बढ़ाने जा रहा है।” वित्त मंत्री की पूरी टीम को बधाई देता हूं- पीएम मोदी केंद्रीय बजट 2025 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “यह बजट एक फोर्स मल्टीप्लायर है। यह बजट बचत, निवेश, खपत और विकास को तेजी से बढ़ाएगा। मैं इस जनता जनार्दन के बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं।” बजट में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए- प्रधानमंत्री केंद्रीय बजट 2025 पर पीएम मोदी ने कहा, “आमतौर पर बजट का फोकस इस बात पर होता है कि सरकारी खजाना कैसे भरा जाएगा, लेकिन यह बजट इसके ठीक उलट है। यह बजट देश के नागरिकों की जेब कैसे भरेगा, देश के नागरिकों की बचत कैसे बढ़ेगी और देश के नागरिक विकास में कैसे भागीदार बनेंगे… यह बजट इसके लिए बहुत मजबूत आधारशिला रखता है। सुधारों के लिहाज से इस बजट में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। परमाणु ऊर्जा में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करना ऐतिहासिक है। यह देश के विकास में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी का बड़ा योगदान सुनिश्चित करेगा।” रोजगार के सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “बजट में हर तरह से रोजगार के सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। मैं उन सुधारों की चर्चा करना चाहूंगा जो आने वाले समय में बहुत बड़ा बदलाव लाने वाले हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिए जाने से भारत में बड़े जहाजों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति मिलेगी। हम सभी जानते हैं कि जहाज निर्माण सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला सेक्टर है। इसी तरह देश में पर्यटन की भी बहुत संभावनाएं हैं। 50 महत्वपूर्ण पर्यटन स्टेशनों पर होटल बनाए जाएंगे, पहली बार होटलों को इंफ्रास्ट्रक्चर के दायरे में लाने से पर्यटन को बहुत बढ़ावा मिलेगा। इससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को ऊर्जा मिलेगी, जो रोजगार का बहुत बड़ा सेक्टर है।”   कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति का आधार बनेगा बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस बजट में एक करोड़ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए ‘ज्ञान भारत मिशन’ शुरू किया गया है। भारतीय ज्ञान परंपरा से प्रेरित एक राष्ट्रीय डिजिटल रिपोजिटरी बनाई जाएगी, यानी तकनीक का भरपूर उपयोग किया जाएगा। बजट में किसानों के लिए की गई घोषणा कृषि क्षेत्र और पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक नई क्रांति का आधार बनेगी…’किसान क्रेडिट कार्ड’ की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपए की जाएगी, जिससे उन्हें और मदद मिलेगी।”

सुप्रीम कोर्ट जज का दावा- इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर मांग रहे थे बंद कमरे में माफी, बाहर निकलकर पलटे

नई दिल्ली इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव ने एक कार्यक्रम में मुसलमानों के लिए कठमुल्ला शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा उन्होंने देश में बहुसंख्यकों के हिसाब से व्यवस्था चलने की बात कही थी। उनके इस बयान को लेकर जमकर विवाद हुआ तो सुप्रीम कोर्ट ने भी इसका संज्ञान लिया। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम के सामने जस्टिस यादव व्यक्तिगत तौर पर पेश हुए थे। इस बीच कॉलेजियम के मेंबर रहे जस्टिस ऋषिकेश रॉय ने कई अहम खुलासे किए हैं। उनका कहना है कि जस्टिस शेखर कुमार यादव ने कॉलेजियम के साथ मीटिंग में कहा था कि मैं आप लोगों से माफी मांग लेता हूं। उन्होंने कहा कि मैं आपसे माफी मांगने के लिए तैयार हूं। इस पर चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि बंद कमरे में माफी मांगने का कोई मतलब नहीं है। ऐसा आपको सार्वजनिक तौर पर करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट से 31 जनवरी को रिटायर होने वाले जस्टिस रॉय ने कहा कि जस्टिस शेखर कुमार यादव ने सार्वजनिक माफी की बात को मान लिया था। वह यह कहते हुए मीटिंग से निकले थे, लेकिन आज तक माफी की मांग नहीं की। यही नहीं उन्होंने तो अपने एक जवाब में यहां तक कहा था कि मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा है। जस्टिस रॉय ने कहा कि ऐसा लगता है कि बाद में उनका विचार बदल गया। पहले तो वह सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने के लिए तैयार हो गए थे। जस्टिस ऋषिकेश रॉय ने उनके इस व्यवहार को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘ऐसा एक और वाकया हुआ था, जब एक जज ने ऐसा ही बयान दिया था। तब उन्होंने बाद में माफी मांग ली थी। जस्टिस यादव ने भी पब्लिक में माफी की बात कही, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया है। अब चीफ जस्टिस ने इन-हाउस इन्क्वॉयरी शुरू की है।’ जस्टिस रॉय ने कहा, ‘उन्होंने कॉलेजियम के सभी 5 जजों के सामने कहा था कि मैं आप सभी लोगों से माफी मांगता हूं। वह उस समय तैयार थे। लेकिन चीफ जस्टिस ने जब पब्लिक में माफी की मांग की तो वह तैयार हो गए। वहां से निकले तो फिर ऐसा नहीं किया।’ समान नागरिक संहिता पर एक भाषण देते हुए जस्टिस शेखर कुमार यादव ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि देश का सिस्टम बहुसंख्यकों के हिसाब से चलेगा। उन्होंने कहा था कि परिवार में आखिर जिस बात को ज्यादा लोग मानते हैं, वही होता है। इसके अलावा उन्होंने मुस्लिमों के लिए कठमुल्ला शब्द का इस्तेमाल किया था। इसी मामले पर उन्हें कॉलेजियम ने समन जारी किया था। बता दें कि जस्टिस शेखर यादव ने इश मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को जवाब दिया था। इसमें उन्होंने कहा था कि मैं अब भी अपने बयान पर कायम हूं। उनका कहना था कि मैंने अपना बयान जज के तौर पर नहीं बल्कि एक हिंदू के रूप में दिया था। इसलिए अदालत परिसर से बाहर कही गई कोई बात उनके जज रहने की आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करती। इसके अलावा हाई कोर्ट की मर्यादा को भी इससे कोई नुकसान नहीं पहुंचता।

सर्वे में क्या निकला- भारत ने कई बार चिंता जताई है और जस्टिन ट्रूडो सरकार से ऐक्शन की अपील भी की

ओटावा कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर भारत ने कई बार चिंता जताई है और जस्टिन ट्रूडो सरकार से ऐक्शन की अपील भी की है। इस बीच एक सर्वे भी आया है, जो बताता है कि आखिर कनाडा में लोग खालिस्तानियों के बारे में क्या सोचते हैं। सर्वे में तीन चौथाई यानी 75 फीसदी लोगों ने कहा कि सरकार को ऐसी गतिविधियों को कनाडा की जमीन पर नहीं होने देना चाहिए। किसी दूसरे देश को लेकर कनाडा से एजेंडा चलाना ठीक नहीं है। एजेंसी लेगर की ओर से किए गए सर्वे में कहा गया, ‘सिख अलगाववादी गतिविधियों को 10 फीसदी लोगों ने ही समर्थन किया, जो काफी कम आंकड़ा है। वहीं 54 फीसदी लोगों ने इसका विरोध किया। इसके अलावा 72 फीसदी लोगों ने मांग की है कि दूसरे देश के खिलाफ चलने वाले एजेंडे को रोकने की जरूरत है। यह सर्वे इस बात को जानने के लिए किया गया था कि आखिर कनाडा के मामलों में भारत की ओर से आंतरिक दखल के आरोपों पर लोगों की क्या राय है। इसे लेकर 53 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें इन आरोपों की जानकारी है। वहीं 68 फीसदी लोगों ने कहा कि यह चिंता की बात है। ऐसा नहीं होना चाहिए। वहीं कनाडा के 30 फीसदी लोगों ने कहा कि सिख समुदाय को खालिस्तानी गतिविधियों को चलते गैर-जरूरी जांच से गुजरना पड़ता है। वहीं 33 फीसदी लोगों ने इस बात से इनकार किया तो वहीं 37 फीसदी लोगों ने कहा कि वह इसे लेकर अनिश्चित हैं। दरअसल कनाडा ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि उसकी चुनावी प्रक्रिया में दखल देने वाले देशों में भारत दूसरे नंबर पर हैं। वहीं चीन पहले पायदान पर है। सर्वे में कुछ लोगों ने यह भी कहा कि भारत खालिस्तान को लेकर दो समूहों के बीच अंतर नहीं कर पा रहा है। एक समूह ऐसा है, जो खालिस्तानी विचारधारा का समर्थक है। वहीं दूसरे समूह ऐसा है, जो हिंसक गतिविधियां भी करता है। भारत इन दोनों को मिलाकर देखता है। लेकिन सर्वे से साफ है कि कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों के संचालन को लोगों ने स्वीकार किया है। यही नहीं वे मानते हैं कि जस्टिन ट्रूडो सरकार को इन पर रोक लगानी चाहिए। हालांकि भारत के साथ अच्छे रिश्ते रखने के भी कनाडा के लोग पक्षधर हैं। बता दें कि खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा में तनाव बढ़ा हुआ है। बीते साल कनाडा ने भारत पर निज्जर हत्याकांड में शामिल होने के आरोप लगाए थे, लेकिन वह अब तक साबित नहीं कर सका है।

कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की बीवी जाकिया जाफरी का 86 साल की उम्र में अहमदाबाद में हुआ निधन

अहमदाबाद 2002 के गुजरात दंगों में मारे गए पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जाकिया जाफरी का शनिवार को 86 साल की उम्र में अहमदाबाद में निधन हो गया। एहसान जाफरी उन 69 लोगों में शामिल थे, जो अहमदाबाद के मुस्लिम इलाके गुलबर्ग सोसाइटी के अंदर मारे गए थे। दरअसल, 28 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे जलाए जाने से अयोध्या से लौट रहे 59 कारसेवकों की मौत हो गई थी। इस घटना से पूरे राज्य में भयानक दंगे भड़क उठे थे। जाकिया जाफरी उस वक्त देश भर में सुर्खियों में आ गईं, जब उन्होंने गोधरा ट्रेन जलाने की घटना के बाद हुए दंगों की बड़ी साजिश के लिए शीर्ष राजनीतिक नेताओं को जिम्मेदार ठहराने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी। जाकिया जाफरी के बेटे तनवीर जाफरी ने कहा, “मेरी मां अहमदाबाद में मेरी बहन के घर गई हुई थीं। उन्होंने अपनी दैनिक दिनचर्या पूरी की और अपने परिवार के सदस्यों के साथ सामान्य रूप से बातचीत कर रही थीं। उसी दौरान उन्होंने बेचैनी महसूस होने की शिकायत की। उसके बाद डॉक्टर को बुलाया गया। उन्हें सुबह करीब 11:30 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में जाकिया जाफरी की याचिका में सह-शिकायतकर्ता तीस्ता सातलवाड़ ने एक्स पर लिखा, “मानवाधिकार समुदाय के दयालु नेता जाकिया अप्पा का अभी 30 मिनट पहले निधन हो गया! उनकी दूरदर्शी उपस्थिति को देश, परिवार, मित्र और दुनिया याद करेगी! तनवीर भाई, निशरीन, दुरैयाप्पा, पोते-पोतियां हम आपके साथ हैं! शक्ति और शांति में रहें जकिया अप्पा! 2002 के गुजरात दंगों में जाकिया जाफरी की कानूनी लड़ाई जाकिया जाफरी ने एक याचिका दायर कर गुजरात दंगे की बड़ी साजिश के आरोपों की जांच की मांग की। उन्होंने 2002 के गुजरात दंगों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 63 अन्य को क्लीन चिट देने पर सवाल उठाया। तब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। शीर्ष अदालत ने 2022 में जाफरी की याचिका को अयोग्य बताते हुए खारिज कर दिया।

Budget 2025: वित्त मंत्री ने किया बड़ा एलान, 12 लाख तक की आमदनी तक कोई आयकर नहीं

नईदिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा दिया है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वित्त मंत्री ने प्रत्यक्ष कर पर बजट में कहा कि नए आयकर विधेयक में न्याय की भावना को प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि टीडीएस की सीमा में बदलाव किए जाएंगे ताकि इसमें एकरूपता लाई जा सके। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस में छूट की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाएगा। किराए से होने वाली आमदनी पर टीडीएस में छूट की सीमा को बढ़ाकर छह लाख रुपये किया जाएगा। नॉन-पैन मामलों में उच्च टीडीएस के प्रावधान लागू रहेंगे। अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की सीमा को दो साल से बढ़ाकर चार साल किया जा रहा है। वित्त मंत्री के बजट 2024 के अनुसार पहले किसी करदाता की सालाना आय 7 लाख 75 हजार रुपये तो स्टैंडर्ड डिडक्शन के 75,000 रुपये घटाने के बाद उसकी आमदनी 7 लाख रुपये सालाना हो जाती थी। ऐसे में उसे कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था। इसका मतलब है अगर किसी व्यक्ति का मासिक वेतन 64000 या 64500 रुपये के आसपास थी तो नई कर प्रणाली के तहत उसकी आमदनी टैक्स फ्री थी। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश के मध्यमवर्गीय नागरिकों को आर्थिक मजबूती देना और उनके खर्च को संतुलित करना है। इस छूट से नौकरीपेशा और छोटे व्यवसायियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि टीडीएस की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा. सीनियर सिटिजन्स के लिए टैक्स छूट दोगुनी की जाती है. उनके लिए ब्याज पर छूट 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख की जा रही है. उन्होंने कहा कि TDS-TCS में कमी की जाएगी. मोदी सरकार के बजट में गरीबी, युवाओं, किसानों और गरीबों पर फोकस किया गया. वहीं मिडिल क्लास का जिक्र अपने बजट से शुरुआत में करने के साथ ही वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास से लिए सस्ते-महंगे की लिस्ट तो जारी कर दी, इसके साथ ही उन्होंने सबसे बड़ा ऐलान कर गया, जिसका इतंजार मिडिल क्लास को था . उन्होंने 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया. यानी 12 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.  न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. वहीं स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हजार रुपये है.   बजट में अब तक के सबसे बड़े ऐलान 12 लाख तक की कमाई पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा. वित्त मंत्री ने कहा- न्यू इनकम टैक्स बिल अगले हफ्ते लाया जाएगा. इन डायरेक्ट टैक्स रिफॉर्म को बाद में बताएंगे. कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी, पिछले 4 साल का IT रिटर्न एकसाथ फाइल कर सकेंगे. वरिष्ठ नागरिकों के लिए TDS की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख कर दी गई है. इनकम टैक्स फाइलिंग की सीमा को 2 साल से बढ़ाकर 4 साल कर दिया है. अगले 6 साल मसूर, तुअर जैसी दालों की पैदावार बढ़ाने के लिए फोकस रहेगा. किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख होगी. बिहार में मखाना बोर्ड बनेगा, इससे छोटे किसानों और व्यापारियों को फायदा. छोटे उद्योगों को विशेष क्रेडिट कार्ड, पहले साल 10 लाख कार्ड जारी होंगे. MSME के लिए लोन गारंटी कवर 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़, 1.5 लाख करोड़ तक का कर्ज मिलेगा. स्टार्टअप के लिए लोन 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए किया जाएगा। गारंटी फीस में भी कमी होगी.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet