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कश्मीर में सर्दी का सितम, अगले तीन दिनों तक कई स्थानों पर शीतलहर जारी रहने के आसार

श्रीनगर कश्मीर में रात के तापमान में गिरावट आने से शीतलहर जारी है और सभी स्थानों का तापमान हिमांक बिंदु से काफी नीचे दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) के अनुसार, अगले तीन दिनों तक कई स्थानों पर शीतलहर जारी रहने के आसार हैं। श्रीनगर में रात का न्यूनतम तापमान शून्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो इस समय के सामान्य तापमान से शून्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस कम है। मध्य कश्मीर के गंदेरबल जिले में पर्यटन स्थल सोनमर्ग में रात का न्यूनतम तापमान शून्य से 9.6 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। उत्तरी कश्मीर के स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में तापमान गिरकर शून्य से 7.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम है। दक्षिण कश्मीर में स्थित पर्यटन स्थल पहलगाम में रात का न्यूनतम तापमान शून्य से 8.4 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बताया कि कुपवाड़ा के सीमावर्ती क्षेत्र में शून्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस कम तापमान दर्ज किया गया, जबकि दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड और कोकरनाग में क्रमशः शून्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस कम और शून्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस कम तापमान दर्ज किया गया। जम्मू संभाग में गर्मी रही, लेकिन रात के तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। जम्मू शहर में 3.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस कम है, जबकि बनिहाल में 4.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।  

लोकतंत्र केवल प्रणालियों पर ही नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति और संवाद के संतुलन पर केंद्रित मूल्यों पर भी पनपता है : धनखड़

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को कहा कि लोकतंत्र केवल प्रणालियों पर ही नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति और संवाद के संतुलन पर केंद्रित मूल मूल्यों पर भी पनपता है।श्री धनखड़ ने यहां भारतीय डाक एवं दूर संचार लेखा और वित्त सेवा के 50वें स्थापना संबोधित करते हुए कहा कि आज की संस्थागत चुनौतियाँ भीतर और बाहर से अक्सर सार्थक संवाद और प्रामाणिक अभिव्यक्ति के क्षरण से उत्पन्न होती हैं। विचार की अभिव्यक्ति और सार्थक संवाद दोनों ही लोकतंत्र के अनमोल रत्न हैं। अभिव्यक्ति और संचार एक दूसरे के पूरक हैं। दोनों के बीच सामंजस्य ही सफलता की कुंजी है। इस अवसर पर संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, डिजिटल संचार आयोग के वित्त सदस्य मनीष सिन्हा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। श्री धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र केवल व्यवस्थाओं पर नहीं, बल्कि मूल मूल्यों पर पनपता है। इसे अभिव्यक्ति और संवाद के नाजुक संतुलन पर केंद्रित होना चाहिए। अभिव्यक्ति और संवाद, ये जुड़वां ताकतें लोकतांत्रिक जीवन शक्ति को आकार देती हैं। उनकी प्रगति को व्यक्तिगत पदों से नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक लाभ से मापा जाता है। उन्होंने कहा किभारत की लोकतांत्रिक यात्रा इस बात का उदाहरण है कि विविधता और विशाल जनसांख्यिकीय क्षमता राष्ट्रीय प्रगति को बढ़ावा दे सकती है। लोकतांत्रिक स्वास्थ्य और आर्थिक उत्पादकता राष्ट्रीय विकास में बराबर भागीदार हैं। स्व-लेखा परीक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए श्री धनखड़ ने कहा, “सेल्फ ऑडिट बहुत ज़रूरी है। किसी व्यक्ति या संस्था को गिराने का सबसे पक्का तरीका है, उसे या सज्जन या सज्जन महिला को जांच से दूर रखना। आप जांच से परे, आपका पतन निश्चित है। और इसलिए, आत्म-लेखा परीक्षा, स्वयं से परे एक लेखा परीक्षा, आवश्यक है”।विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और तालमेल पर जोर देते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा, “एक दूसरे से जुड़ी दुनिया में विभागों के बीच सहयोग बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। हमें एक दूसरे के साथ तालमेल में रहना चाहिए, हमें एक दूसरे के साथ तालमेल बिठाना चाहिए। मैंने अक्सर सभी को यह समझाया है कि शक्तियों के पृथक्करण का सिद्धांत कुछ और नहीं बल्कि तीन संस्थाओं, न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका, को एक साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्हें सामंजस्य के साथ काम करना चाहिए।”  

इजरायल ने बंगलादेश में हिंदुओं के साथ एकजुटता व्यक्त की, होने वाले उत्पीड़न और हिंसा की कड़ी निंदा की

मुंबई इजरायल ने बंगलादेश में रहने वाले हिन्दू समुदाय के लोगों के साथ गहरी एकजुटता व्यक्त की है तथा उनके साथ होने वाले उत्पीड़न और हिंसा की कड़ी निंदा की है। मुंबई स्थित इजरायल के महावाणिज्यदूत कोब्बी शोशनी ने शनिवार को सुबह विश्व हिंदू आर्थिक मंच (डब्ल्यूएचईएफ) 2024 के पूर्ण सत्र के दौरान अपने संबोधन में बंगलादेश में हिंदू समुदाय के साथ गहरी एकजुटता व्यक्त की और उनके साथ होने वाली हिंसा और उत्पीड़न की निंदा की। इज़रायली राजनयिक की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब बंगलादेशी हिंदुओं की दुर्दशा ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान और चिंता आकर्षित की है। श्री शोशनी ने कहा, “वहां जो हो रहा है वह अस्वीकार्य है।” उन्होंने इस अल्पसंख्यक समुदाय के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यहूदियों के ऐतिहासिक अनुभवों का हवाला देते हुए पीड़ा की साझा समझ को व्यक्त किया, जो बिना किसी डर या उत्पीड़न के भारत में रहते आए हैं। उन्होंने कहा, “हम समझते हैं कि बेटियों और बच्चों की हत्या और अपराधियों द्वारा उनका कत्ल किया जाना कैसा होता है।” उन्होंने हाल ही में दोनों समुदायों को प्रभावित करने वाली त्रासदियों का संदर्भ दिया। श्री शोशनी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार को इजरायल और बंगलादेशी हिंदुओं के प्रति उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने आतंकवाद से निपटने में एकजुटता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “07 अक्टूबर, 2023 को हमारे साथ जो हुआ, उसे हम कभी नहीं भूलेंगे।” इज़रायली महावाणिज्यदूत ने कहा कि सुरक्षा और उग्रवाद से जुड़ी चुनौतियों में इज़रायल और भारत दोनों की ही समानताएं हैं। उन्होंने दूरसंचार और चिकित्सा प्रौद्योगिकी में प्रगति का हवाला देते हुए यह भी बताया कि संकटों से नवाचार को बढ़ावा मिल सकता है। श्री शोशनी ने दोनों देशों के लिए मजबूत सैन्य और आर्थिक नींव के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “कमजोर सेना के साथ मजबूत अर्थव्यवस्था नहीं हो सकती।” उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्थिक स्थिरता के लिए सैन्य ताकत जरूरी है। उन्होंने भारत को एशिया में इजरायल का सबसे बड़ा दोस्त बताया और दोनों देशों के बीच निरंतर सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने भारत की जीवंत संस्कृति और वैश्विक समाज में इसके महत्वपूर्ण योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “हम भारत को इसलिए प्यार करते हैं क्योंकि हमारे पारिवारिक मूल्य, परंपराएं, रीति-रिवाज, सामाजिक संरचना और आतंकवाद के खिलाफ हमारी साझा लड़ाई है।” श्री शोशानी को 26/11 के आतंकी हमलों के तुरंत बाद इज़रायल के विदेश मंत्रालय ने मुंबई भेजा था। उन्होंने अपने संबोधन का यह कहते हुए समापन किया कि जब भी वह इज़रायल लौटेंगे, “मेरे दिल का कुछ हिस्सा हमेशा पीछे रह जाएगा।” श्री शोशनी के संबोधन से पहले, भारतीय-यहूदी समुदाय के सदस्य एडवोकेट आरोन सोलोमन ने डब्ल्यूएचईएफ 2024 के दूसरे दिन भारत-इज़रायल सहयोग के अवसरों पर सत्र की शुरुआत की और भारत और इज़राइल के बीच अनूठे संबंधों पर विचार किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश आपसी सम्मान और ज़रूरत के कारण एक-दूसरे के और करीब आए हैं। सोलोमन ने कहा, “भारत ने हमें शरण दी है। यह एकमात्र ऐसी जगह है जहाँ हम यहूदियों को कभी भी यहूदी-विरोधी भावना का सामना नहीं करना पड़ा।” उन्होंने भारत में यहूदियों की ऐतिहासिक उपस्थिति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वज लगभग 2000 साल पहले कोंकण तट पर आए थे। श्री सोलोमन ने उल्लेख किया कि जब वह किशोर थे, तब 50,000 से अधिक भारतीय यहूदी थे, लेकिन आज केवल 4,000 ही बचे हैं, जिन्होंने मूल भारतीय संस्कृति के साथ अनुकूलन और आत्मसात किया है। कई भारतीय यहूदी इज़रायल में बस गए हैं, लेकिन भारत की विकास यात्रा में योगदान देना जारी रखे हैं और मधुर यादें संजोये हुए हैं।  

300 सांसदों में से 204 ने राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग के पक्ष में वोट दिया, राष्ट्रपति की छिन जाएगी कुर्सी?

दक्षिण कोरिया दक्षिण कोरिया के सांसदों ने शनिवार को राष्ट्रपति यूं सुक योल के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह महाभियोग प्रस्ताव राष्ट्रपति द्वारा पिछले सप्ताह मार्शल लॉ लागू करने के प्रयास में विफलता के बाद लाया गया था। 300 सांसदों में से 204 ने राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग के पक्ष में वोट दिया, जबकि 85 ने इसका विरोध किया। तीन सांसदों ने मतदान से परहेज किया। इस दौरान आठ वोट अमान्य घोषित कर दिए गए। महाभियोग के आरोपों में राष्ट्रपति पर विद्रोह और संवैधानिक कर्तव्यों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। इस घटनाक्रम ने दक्षिण कोरिया की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह महाभियोग प्रस्ताव राष्ट्रपति के खिलाफ पहली बड़ी कानूनी कार्रवाई के रूप में उभरा है। राष्ट्रपति यूं सुक योल के खिलाफ यह महाभियोग प्रस्ताव उनके प्रशासन की कथित शक्ति का दुरुपयोग और नागरिक स्वतंत्रता के उल्लंघन को लेकर उठाए गए सवालों के कारण आया है। मार्शल लॉ लगाने का प्रयास को लेकर विपक्षी दलों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा था। उनका कहना था कि इससे देश में तानाशाही की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी। अब यह मामला अदालत में जाएगा, जहां पर महाभियोग के फैसले के लिए अंतिम निर्णय लिया जाएगा। दक्षिण कोरिया की राजनीति में यह एक बड़ा मोड़ हो सकता है।

अपोलो अस्पताल ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन, लाल कृष्ण आडवाणी को ICU में किया गया शिफ्ट

नई दिल्ली भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी की नीव रखने वाले लाल कृष्ण आडवाणी को देर रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी तबीयत बीते कुछ हफ्तों से नाजुक बनी हुई है। आज अपोलो अस्पताल की तरफ से उनके स्वास्थ्य की ताजा जानकारी दी गई है। एएनआई के मुताबिक, आडवाणी को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। अपोलो अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। इससे पहले इसी साल 4 जुलाई को भी आडवाणी को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उससे कुछ दिन पहले उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) उपचार के लिए ले जाया गया था। उन्हें एम्स में उपचार के बाद अगले दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी थी। इसके बाद 6 अगस्त को भी उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। हालांकि उनकी बेटी प्रतिभा आडवाणी ने बताया था कि उन्हें रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल ले गए थे। आपको बता दें कि आडवाणी का जन्म कराची (अब पाकिस्तान में) में 1927 में हुआ था। वह 2002 से 2004 तक अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में उपप्रधानमंत्री थे। आडवाणी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक के रूप में की थी। 2015 में आडवाणी को भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया था। 2024 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

रास महोत्सव के दौरान दुर्गा मंदिर के परिसर में लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार, 8 युवक गिरफ्तार

असम असम की राजधानी गुवाहाटी के एक मंदिर में एक लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को एक अधिकारी ने बताया कि लड़की की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पुलिस के अनुसार, 17 नवंबर को रास महोत्सव के दौरान दुर्गा मंदिर के परिसर में लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था। आरोपियों की उम्र 18 से 23 वर्ष के बीच है। अपराधियों ने कथित तौर पर इस रेपकांड को मोबाइल में फिल्माया और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे वायरल कर दिया। वीडियो लगभग तीन सप्ताह बाद सामने आया। गुवाहाटी पश्चिम के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पद्मनाभ बरुआ ने कहा, “नौ आरोपियों में से आठ रॉबिन दास, कुलदीप नाथ (23), बिजॉय राभा (22), पिंकू दास (18), गगन दास (21), सौरव बोरो (20), मृणाल राभा (19) और दीपांकर मुखिया (21) को गिरफ्तार कर लिया गया है। सर्च अभियान जारी है। हमने अभी तक पीड़िता का पता नहीं लगाया है। हमारे सूत्रों के अनुसार उसे एक सप्ताह पहले एक सार्वजनिक स्थान पर देखा गया था।” उन्होंने कहा कि हमले में शामिल नौवें व्यक्ति को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। गुवाहाटी के गोरचुक पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी धर्मेंद्र कलिता को शुक्रवार को लगभग 2.30 बजे एक व्हाट्सएप पर वीडियो मिला। डीसीपी ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में गुवाहाटी के बोरागांव इलाके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उन्होंने इस कांड में शामिल दूसरे आरोपियों के भी नाम बताए। उन्होंने कहा, “पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर हमारे अधिकारियों ने नूनमाटी और जालुकबारी जैसे इलाकों में छापेमारी की। सुबह तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और दो फरार थे। शाम तक एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।” पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 17 नवंबर की शाम को लड़की एक आरोपी के साथ रास महोत्सव के लिए मंदिर आई थी। डीसीपी ने कहा, “नशे में धुत नौ आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और इसे कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया।” उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की कि अगर उन्हें किसी भी सोर्स से वीडियो मिले तो उसे किसी को न भेजें। उन्होंने कहा, “इस वीडियो को शेयर करना एक आपराधिक कृत्य है और हम इसे शेयर करने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।” बोरागांव इलाके के स्थानीय लोगों ने कहा कि मंदिर और उसके आसपास का इलाका शराब और नशीली दवाओं के सेवन का अड्डा बन गया है। कुछ महिलाओं ने दावा किया कि उन्हें पहले भी ऐसे लोगों ने निशाना बनाया है। एक महिला ने कहा, “नशे में धुत युवक अक्सर मंदिर में आने वाली महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं। बुजुर्ग महिलाओं को भी इसका सामना करना पड़ता है। हमने कई बार पुलिस को इसकी शिकायत की। अगर पहले कार्रवाई की गई होती तो इस घटना को रोका जा सकता था।”

कैबिनेट की मुहर के बाद अब 16 दिसंबर को एक देश-एक चुनाव बिल के साथ इन अहम बिलों को सदन में किया जाएगा पेश…

नई दिल्ली मोदी कैबिनिट की मुहर लगने के बाद सोमवार 16 दिसंबर को एक देश एक चुनाव बिल को संसद में पेश किया जाएगा। केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इस बिल को लोकसभा में पेश करेंगे। यह एक सौ उनतीसवां संशोधन विधेयक होगा। बता दें कि एक देश एक चुना के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को समिति का चेयरमैन बनाया गया था। उनकी सिफारिशों के बाद अब इसे कैबिनेट से भी पास कर दिया गया है। दो दिन पहले ही कैबिनेट ने दी थी हरी झंडी रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी समिति ने मोदी कैबिनेट को सिफारिश भेजी थी जिसके बाद इसपर मुहर लगा दी गई। अब केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इस बिल को संसद में पेश करेंगे। इससे पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रैली में भी इसकी जरूरत को बताया था। र्व राष्ट्रपति कोविंद ने इस पहल को भारत के लोकतंत्र के लिए “गेम-चेंजर” बताया था। मेघवाल संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पेश करेंगे। इन मसौदा कानूनों का उद्देश्य देश भर में एक साथ चुनाव कराना है। विपक्ष इस बिल के खिलाफ एनडीए के घटक दल इसके समर्थन में हैं तो वहीं कांग्रेस, आप और तृणमूल कांग्रेस सहित भारत गुट के तहत विपक्षी दलों ने क्षेत्रीय स्वायत्तता और चुनावी निष्पक्षता पर एक साथ चुनावों के प्रभाव के बारे में चिंता जताई है। उनका तर्क है कि यह कदम सत्ता को केंद्रीकृत कर सकता है और संघीय सिद्धांतों को कमजोर कर सकता है। कोविंद के नेतृत्व वाले पैनल ने जर्मनी,इंडोनेशिया और जापान जैसे देशों में चुनावी प्रणालियों की समीक्षा की थी। उनका कहा था कि एक साथ चुनाव प्रशासनिक स्थिरता ला सकते हैं,मतदाताओं की भागीदारी को प्रोत्साहित कर सकते हैं और संभावित रूप से जीडीपी को 1.5% तक बढ़ा सकते हैं। देश में एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का 2 सितंबर 2023 को गठन किया गया था. इसका मकसद एक साथ चुनाव कराने के लिए सिफारिशें करना. कोविंद समिति ने 14 मार्च 2024 को राष्ट्रपति को अपनी सिफारिशें सौंपी थी, जिसमें लोकसभा और सभी विधायिकाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की गई थी. कोविंद कमिटी ने पहले चरण में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव कराने की सिफारिश थी. उसके 100 दिनों के भीतर स्थानीय निकाय के चुनाव कराने की सिफारिश की थी. इस समिति में रामनाथ कोविंद समेत आठ सदस्य थे.

शोमैन राज कपूर की 100वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अर्पित की श्रद्धांजलि

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सिनेमा के शोमैन राज कपूर को उनकी 100वीं जयंती के मौके पर शनिवार को उन्हें नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की1 श्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “आज हम महान फिल्मकार, दूरदर्शी फिल्मकार, अभिनेता और सदाबहार शोमैन राज कपूर की 100वीं जयंती मना रहे हैं! उनकी प्रतिभा ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया और भारतीय और वैश्विक सिनेमा पर अपनी अमिट छाप छोड़ी।” उन्होंने लिखा, “राज कपूर का सिनेमा के प्रति जुनून कम उम्र में ही शुरू हो गया और उन्होंने एक उम्दा कहानीकार के रूप में उभरने के लिए कड़ी मेहनत की। उनकी फिल्में कलात्मकता, भावना और यहां तक कि सामाजिक टिप्पणियों का मिश्रण थीं। उन्होंने आम नागरिकों की आकांक्षाओं और संघर्षों को आम जतना तक पहुंचाया। प्रधानमंत्री ने लिखा, “राज कपूर केवल एक फिल्म मेकर नहीं थे, बल्कि वे एक सांस्कृतिक राजदूत की भूमिका में थे। उन्होंने इस भूमिका में रहते हुए भारतीय सिनेमा को पूरी दुनिया में पहुंचाने का काम किया है।” उन्होंने कहा कि आज के फिल्ममेकर उनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं, जो आगे की पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। मैं एक बार फिर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और रचनात्मक दुनिया में उनके योगदान को याद करता हूं। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “आज राज कपूर के गाने पूरी और उनके किरदार पूरी दुनिया में पसंद किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि लोग उनके सहज काम काम को याद करते हैं। उनकी फिल्में के कुछ किरदार जिन्हें लोग भूल नहीं पाते हैं।” उल्लेखनीय है कि कपूर परिवार ने हाल ही में श्री मोदी से मुलाकात की थी और राज कपूर की 100वीं जयंती पर आयोजित समारोह के लिए उन्हें निमंत्रण दिया था। इस मुलाकात के दौरान श्री मोदी ने राज कपूर के योगदान का जिक्र किया था और कहा था कि राज कपूर अपने समय से बहुत आगे थे। उन्होंने अपनी कहानियों के जरिए दुनिया भर के लोगों के बीच भारत को ‘सॉफ्ट पावर’ के रूप में स्थापित किया।  

मंदिर में सामूहिक बलात्कार के वीडियो के कारण असम में गिरफ्तारियां हुईं

गुवाहाटी असम की राजधानी गुवाहाटी के एक मंदिर में एक लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को एक अधिकारी ने बताया कि लड़की की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पुलिस के अनुसार, 17 नवंबर को रास महोत्सव के दौरान दुर्गा मंदिर के परिसर में लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था। आरोपियों की उम्र 18 से 23 वर्ष के बीच है। अपराधियों ने कथित तौर पर इस रेपकांड को मोबाइल में फिल्माया और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे वायरल कर दिया। वीडियो लगभग तीन सप्ताह बाद सामने आया। गुवाहाटी पश्चिम के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पद्मनाभ बरुआ ने कहा, “नौ आरोपियों में से आठ रॉबिन दास, कुलदीप नाथ (23), बिजॉय राभा (22), पिंकू दास (18), गगन दास (21), सौरव बोरो (20), मृणाल राभा (19) और दीपांकर मुखिया (21) को गिरफ्तार कर लिया गया है। सर्च अभियान जारी है। हमने अभी तक पीड़िता का पता नहीं लगाया है। हमारे सूत्रों के अनुसार उसे एक सप्ताह पहले एक सार्वजनिक स्थान पर देखा गया था।” उन्होंने कहा कि हमले में शामिल नौवें व्यक्ति को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। गुवाहाटी के गोरचुक पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी धर्मेंद्र कलिता को शुक्रवार को लगभग 2.30 बजे एक व्हाट्सएप पर वीडियो मिला। डीसीपी ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में गुवाहाटी के बोरागांव इलाके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उन्होंने इस कांड में शामिल दूसरे आरोपियों के भी नाम बताए। उन्होंने कहा, “पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर हमारे अधिकारियों ने नूनमाटी और जालुकबारी जैसे इलाकों में छापेमारी की। सुबह तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और दो फरार थे। शाम तक एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।” पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 17 नवंबर की शाम को लड़की एक आरोपी के साथ रास महोत्सव के लिए मंदिर आई थी। डीसीपी ने कहा, “नशे में धुत नौ आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और इसे कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया।” उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की कि अगर उन्हें किसी भी सोर्स से वीडियो मिले तो उसे किसी को न भेजें। उन्होंने कहा, “इस वीडियो को शेयर करना एक आपराधिक कृत्य है और हम इसे शेयर करने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।” बोरागांव इलाके के स्थानीय लोगों ने कहा कि मंदिर और उसके आसपास का इलाका शराब और नशीली दवाओं के सेवन का अड्डा बन गया है। कुछ महिलाओं ने दावा किया कि उन्हें पहले भी ऐसे लोगों ने निशाना बनाया है। एक महिला ने कहा, “नशे में धुत युवक अक्सर मंदिर में आने वाली महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं। बुजुर्ग महिलाओं को भी इसका सामना करना पड़ता है। हमने कई बार पुलिस को इसकी शिकायत की। अगर पहले कार्रवाई की गई होती तो इस घटना को रोका जा सकता था।”

स्विट्जरलैंड ने भारत को दिया बड़ा झटका, होगा बड़ा नुकसान, जानिए MFN स्टेटस छिनने से क्या होगा असर?

नईदिल्ली स्विज सरकार ने भारत की कंपनियों के लिए बड़ा झटका दिया है. स्विट्जरलैंड ने भारत से मोस्‍ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा वापस ले लिया है. स्विज सरकार के इस फैसले के बाद वहां काम करने वाली भारतीय कंपनियों को 1 जनवरी 2025 से ज्‍यादा टैक्‍स चुकाना होगा. स्विट्जरलैंड ने डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट (DTAA) के तहत भारत को एमएनएफ राष्‍ट्र का दर्जा दिया था, जिसे अब वापस ले लिया है. स्विट्जरलैंड की तरफ से शुक्रवार को ही बयान आया था कि भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले की वजह से उसे यह कदम उठाना पड़ा है. दरअसल, पिछले साल नेस्‍ले से संबंधित एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि DTAA तब तक लागू नहीं किया जा सकता जब तक कि इसे इनकम टैक्स एक्ट के तहत नोटिफाई न किया जाए. इसके बाद ही अब स्विज सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है. MFN दर्जे के वापस लेने के बाद स्विट्जरलैंड 1 जनवरी, 2025 से उन भारतीय टैक्‍स निवासियों को डिविडेंड पर 10 प्रतिशत टैक्‍स लगाएगा, जो स्विस विदहोल्डिंग टैक्स के लिए रिफंड का दावा करते हैं और उन स्विस टैक्‍स सीटिजन के लिए जो विदेशी टैक्‍स क्रेडिट का दावा करते हैं. बयान में आगे कहा गया कि स्विस वित्त विभाग ने इनकम पर टैक्‍स के संबंध में दोहरे टैक्‍सेशन से बचने के लिए स्विस और भारत के बीच समझौते के प्रोटोकॉल के MFN के आवेदन को निलंबित करने की घोषणा की. स्विट्जरलैंड ने MFN दर्जा वापस लेने के अपने फैसले के लिए नेस्ले से संबंधित एक मामले में भारतीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2023 के फैसले का हवाला दिया. इसका मतलब है कि स्विट्जरलैंड 1 जनवरी, 2025 से उस देश में भारतीय संस्थाओं पर 10 प्रतिशत टैक्‍स लगाएगा. सु्प्रीम कोर्ट ने पलटा था HC का फैसला बयान के अनुसार, 2021 में, नेस्ले मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दोहरे टैक्‍स से बचाव समझौते में MFN खंड को ध्यान में रखते हुए टैक्‍स को बरकरार रखा था. हालांकि, भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने 19 अक्टूबर, 2023 के एक फैसले में लोअर कोर्ट के फैसले को पलट दिया और निष्कर्ष निकाला कि, एमएफएन खंड की प्रयोज्यता “आयकर अधिनियम की धारा 90 के अनुसार ‘अधिसूचना’ के अभाव में सीधे लागू नहीं थी”. स्विस प्राधिकरण के फैसले पर टिप्पणी करते हुए, नांगिया एंडरसन एमएंडए टैक्स पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि भारत के साथ अपनी टैक्‍स समझौते के तहत एमएफएन खंड के आवेदन का एकतरफा निलंबन द्विपक्षीय संधि की गतिशीलता में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि इस निलंबन से स्विट्जरलैंड में काम करने वाली भारतीय संस्थाओं के लिए टैक्‍स देनदारियों में वृद्धि हो सकती है, जो एक उभरते वैश्विक परिदृश्य में अंतर्राष्ट्रीय टैक्‍स समझौता को नेविगेट करने की जटिलताओं को उजागर करता है.” क्या होता है MFN? UNO (संयुक्त राष्ट्र संघ) की एक संस्था वर्ल्ड ट्रे़ड ऑर्गनाइजेशन (WTO) है. 164 देश इसके सदस्य हैं और इसके तहत आने वाले सभी देश एक दूसरे को मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा देते हैं. यह दर्जा दिए जाने के बाद बिना किसी भेदभाव के सभी देश एक दूसरे के साथ आसनी से बिजनेस कर सकते हैं.  

सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क की मजबूती से देश में न केवल आर्थिक विकास की रफ्तार में तेजी आई : पंकज चौधरी

नई दिल्ली वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने वर्ष 2029 तक देश के राजमार्गों पर चिह्नित सभी 13 हजार ब्लैक स्पॉट को भरने या समाप्त करने की घोषणा करते हुए कहा कि बीते 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने सड़क से लेकर हवाई यातायात नेटवर्क का बड़े पैमाने पर विस्तार किया है, जिससे लोगों का सफर करना सुगम और सुविधाजनक हो गया है। चौधरी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क की मजबूती से देश में न केवल आर्थिक विकास की रफ्तार में तेजी आई है, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी बुनियादी सुविधाएं बेहतर हुई हैं और इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर चिह्नित किए गए सभी ब्लैक स्पॉट को भरने या समाप्त करने की व्यवस्था की गई है, ताकि इन राजमार्गों को दुर्घटना मुक्त बनाया जा सके। ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटना होने की संभावना बहुत अधिक होती है। चौधरी ने मोदी सरकार में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में हुए क्रांतिकारी बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि 10 वर्षों में यातायात बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इससे आर्थिक प्रगति के द्वार खुले हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में 1.6 गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2014 में 91,287 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग थे, जो नवंबर 2024 तक बढ़कर 1,46,195 किलोमीटर हो गए हैं। भारतमाला परियोजना के तहत, प्रथम चरण में 34,800 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कराया जाना है। इसमें से 26,425 किलोमीटर के काम का देखा दिया जा चुका है, जबकि 18714 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर (एचएससी) की लंबाई 2014 में 93 किलोमीटर थी जो 2024 में बढ़कर 2,474 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2014 में चार या अधिक लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 18,300 किलोमीटर थे, जो अब बढ़कर करीब 45,900 किलोमीटर हो गए हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में इसमें ढाई गुना की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। निर्बाध माल ढुलाई और किफायती परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 35 स्थानों की पहचान की गई है, जिसमें छह मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। तीन अन्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। चौधरी ने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भारत को विमानन क्षेत्र में एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने, आम लोगों को जोड़ने और विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया है। देश में चालू हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। 2014 में 74 हवाई अड्डों से उड़ानें संचालित होती थीं जबकि 2024 में देश के 158 हवाई अड्डों से हवाई सेवाएं संचालित हो रही हैं। उड़ान योजना के तहत 613 मार्गों पर सफलतापूर्वक हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। 87 हवाई अड्डों को जोड़ा गया है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया गया है। डिजीयात्रा पहल के तहत, संपर्क रहित और निर्बाध यात्रा एक वास्तविकता बन गई है, जिसमें 24 हवाई अड्डों पर चेहरे की पहचान प्रौद्योगिकी (एफआरटी) लागू की गई है। भारत वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बनकर उभरा है। वित्त राज्यमंत्री ने रेलवे की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रेल मंत्रालय ने विद्युतीकरण, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर यात्री सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए बड़े पैमाने पर बदलाव किया है। उन्होंने बताया कि 97 प्रतिशत रेल मार्गों का विद्युतीकरण किया गया है, जिससे स्थिरता और दक्षता को बढ़ावा मिला है। अमृत ​​भारत योजना के तहत, देश भर में 1,337 स्टेशनों का विश्व स्तरीय मानकों के अनुसार पुनर्विकास किया जा रहा है। यह पूरे विश्व में अपने आप में अनूठा रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम है। 68 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों, दो अमृत भारत ट्रेनों और एक नमो भारत रैपिड रेल की शुरूआत ने रेल यातायात में क्रांति ला दी है, जिससे रफ्तार के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा में भी वृद्धि हुई है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना का 96 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) का काम पूर्ण हो चुका है जबकि वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) का काम अंतिम चरण में है। चौधरी ने बताया कि यातायात नेटवर्क के मामले में पिछले दस वर्षों की उपलब्धियां भारत को कनेक्टिविटी, दक्षता और प्रगति का केंद्र बनाने के मोदी सरकार के गंभीर प्रयासों को रेखांकित करती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में कोई कसर बाकी नहीं रख रही है।

अथोस सैलोम ने बड़ी भविष्यवाणी की उन्होंने कहा है कि तीसरा विश्व युद्ध करीब है और जल्द ही शुरू होगा

ब्रासीलिया  ब्राजील के अथोस सैलोम ने तीसरे विश्व युद्ध के बारे में बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि तीसरा विश्व युद्ध करीब है और जल्द ही शुरू सकता है। ‘जीवित नास्त्रेदमस’ कहे जाने वाले अथोस सैलोम ने ये दावा भी किया है कि तीसरा विश्व युद्ध पारंपरिक जंग की शक्ल में नहीं होगा। यह पहले और दूसरे विश्व युद्ध के उलट तकनीक के दम पर लड़ा जाएगा। तीसरा विश्व युद्ध एक तरह का साइबर युद्ध होगा, जिसमें पूरी दुनिया शामिल होगी। ये बड़े नुकसान की वजह बनेगा और इससे वैश्विक व्‍यवस्‍था तबाह हो जाएगी। ब्राजील के 36 साल के सैलोम एक पैरासाइकॉलोजिस्ट हैं। दावा किया जाता है कि उन्होंने कोविड महामारी के आने, एलोन मस्क के ट्विटर खरीदने और महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मौत के बारे में पहले ही बता दिया था और उनकी भविष्यवाणी स ही साबित हुई थी। डेली स्टार के अनुसार, अब अपने नए दावे में सैलोम ने कहा है, ‘तीसरा विश्व युद्ध मैदान पर ना होकर तकनीकी होगा। ऐसा लगता है कि यह ऑनलाइन लड़ा जाएगा।’ ‘ये मशीनों का युद्ध होगा’ सैलोम का मानना है कि आने वाले विश्व युद्ध सिर्फ इंसानों का युद्ध नहीं बल्कि मशीनों का युद्ध होगा। अथोस सैलोम ने एक विशाल उल्कापिंड के खतरे, पश्चिम एशिया और रूस में चल रहे संघर्षों में पश्चिमी देशों की भागीदारी पर को लेकर भी चिंता जताई है। रूस ने यूक्रेन के खिलाफ आक्रामकता के नए स्तर छू लिए हैं। ये लड़ाई के बढ़ने का एक संकेत है। इससे आने वाले समय में दुनिया को एक नए खतरे का सामना करना पड़ सकता है। एथोस सैलोम ने आगे कहा, ‘रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव कह रहे हैं कि रूस किसी भी उपाय से अपनी रक्षा के लिए तैयार है। इस तरह के बयान और युद्ध में उच्च तकनीक वाले उपकरणों का इस्तेमाल संघर्ष के बढ़ने का संकेत देते हैं। संघर्ष में उच्च तकनीकी उपकरणों का आना भी युद्ध को भीषण होने के संकेत देते हैं।’ युद्ध या किसी भी संबंध में किसी भविष्यवाणी का सच होना एक इत्तेफाक ही माना जाता है लेकिन ऐसे दावे सावधान करने के लिए काफी हैं। खासतौर से आज के वक्त में ये अहम हैं क्योंकि दुनियाभर में तनाव बढ़ रहा है। सैलोम के बारे में तो ये भी दावा है कि पूर्व में कुछ मौकों पर उनकी भविष्यवाणियां सच साबित हुई हैं, जिससे उनको लोकप्रियता मिली।

राकेश टिकैत ने कहा, हमने पांच सदस्यों की एक समिति बनाई है, यही समिति किसान समूहों के साथ संवाद करेगी

नई दिल्ली किसान नेता राकेश टिकैत शुक्रवार को पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर पहुंचे। वहां उन्होंने आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात की। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, “हमने पांच सदस्यों की एक समिति बनाई है। यही समिति किसान समूहों के साथ संवाद करेगी और आगे की रणनीति तैयार करेगी।” उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में भारत सरकार ने कई संगठन बनाए हैं जो सरकार के एजेंडे का समर्थन करते हैं। कई लोगों ने इसका विरोध किया है। अब आगे क्या करना है, इसकी रणनीति बनाई जाएगी। अगर किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो दिल्ली को केएमपी एक्सप्रेसवे से घेरने की रणनीति अपनानी होगी। इसके लिए चार लाख से अधिक ट्रैक्टरों की जरूरत होगी। दिल्ली के बाहर के 11 प्वाइंटों को घेरा जाएगा। खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल की सेहत बिगड़ती जा रही है, उसकी हम लोगों को चिंता है। राकेश टिकैत ने हमला बोलते हुए कहा कि आज के राजा प्रजा पर दया करने वाले नहीं हैं। मेरा मानना है कि किसान एकजुट होकर ही आगे कोई कदम उठा सकते हैं। हम सरकार से लड़कर अपना हक लेने आए हैं। ऐसे में हमें अपनी तैयारियां पूरी रखनी होंगी। दिल्ली को जब किसानों ने घेरा था तब 25 लाख लोग और चार लाख ट्रैक्टर थे। आज भी सरकार का व्यवहार वैसा ही है जैसा पहले था। हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन पर कहा कि उनकी हालत खराब हो गई है। सरकार तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करे और समाधान करे। जो स्थिति बनी हुई है, वह गंभीर है और सरकार को किसानों से बातचीत करके जल्द समाधान निकालना चाहिए।

‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ विधेयक का विरोध, अखिलेश यादव ने इसे भाजपा की जुगाड़ योजना बताया

नई दिल्ली केंद्रीय कैबिनेट ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दे दी। अब इसे संसद में पेश किया जाएगा। इस विधेयक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस विधेयक को “भाजपा का जुगाड़” बताया। विपक्षी पार्टियां इस विधेयक का विरोध कर रही हैं। वे इस बिल को सरकार का शिगूफा बता रही हैं। लोकसभा में संविधान के 75 साल पूरे होने के मौके पर जारी चर्चा के बीच अखिलेश यादव ने संसद भवन परिसर में आईएएनएस से कहा, “संविधान मजबूत हो। अगर संविधान मजबूत होगा, तो हमारा लोकतंत्र मजबूत होगा।” ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ के बारे में उन्होंने कहा, ” ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ भारतीय जनता पार्टी की जुगाड़ योजना है।” सपा के लोकसभा सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ को लेकर कहा, “यह केवल शिगूफा है। सरकार को पहले विपक्ष को बताना चाहिए देश के संविधान के तहत प्रदेशों को जो अधिकार दिए गए हैं, उनका क्या होगा? सरकार इस पर स्थिति स्पष्ट किए बिना विधेयक को सदन से पास कराने का प्रयास करेगी, तो यह संभव नहीं है।” संविधान पर चर्चा को लेकर उन्होंने कहा कि संविधान देश का गौरव है। सभी संविधान दिवस को बहुत उत्साह के साथ मनाएंगे। लेकिन साथ ही साथ सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाएंगे। जिन मूल्यों और सिद्धांतों को लेकर देश का संविधान बना था उसका उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को उनका अधिकार देना था, उन अधिकारों का क्या हुआ और अब तक कितना न्याय मिल सका। हम संविधान में दिए अधिकारों का कितना पालन कर सके हैं, सरकार उसका जवाब दे। कांग्रेस के लोकसभा सांसद मनीष तिवारी ने संविधान पर चर्चा को लेकर कहा, “संविधान को किसने बनाया है, यह पूरी दुनिया जानती है। हमें किसी से प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।”

रणधीर जायसवाल ने कहा- कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है

नई दिल्ली कनाडा में पिछले सप्ताह तीन भारतीय छात्रों की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद ओटावा स्थित भारतीय उच्चायोग ने कनाडा के अधिकारियों के समक्ष भारतीयों की सुरक्षा का मामला उठाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘पिछले एक सप्ताह में हमारे यहां दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदियां हुई हैं। तीन भारतीय छात्रों की हत्या कर दी गई है। कनाडा में हमारे नागरिकों के साथ हुई इन भयानक त्रासदियों से हम दुखी हैं।’ ‘मदद के प्रयास में जुटा है उच्चायोग’ उन्होंने कहा, ‘हम शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। टोरंटो और वैंकूवर में हमारे उच्चायोग और वाणिज्य दूतावास इस मामले में हर संभव मदद कर रहे हैं।’ जायसवाल ने कहा कि उस देश में भारतीय मिशन घटनाओं की गहन जांच के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।  उन्होंने कहा, ‘उनके, खास तौर पर भारतीय छात्रों के सामने आने वाले मुद्दों को हमारे उच्चायोग और वाणिज्य दूतावासों द्वारा नियमित आधार पर संबंधित कनाडाई अधिकारियों के समक्ष उठाया जाता है। हमने अपने नागरिकों और भारतीय छात्रों को अत्यधिक सावधानी बरतने और कनाडा में सुरक्षा माहौल के बिगड़ने के मद्देनजर सतर्क रहने के लिए एक सलाह भी जारी की है, क्योंकि घृणा अपराधों और आपराधिक हिंसा की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।’ ‘भारत को बदनाम करने का प्रयास’ आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कनाडा में 400,000 से अधिक भारतीय छात्र अध्ययन कर रहे हैं। कनाडा में भारतीय उच्चायोग द्वारा वीजा न दिए जाने की घटनाओं की रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर, जायसवाल ने इसे गलत सूचना अभियान बताया। उन्होंने कहा, ‘हमने उक्त मीडिया रिपोर्ट देखी है। यह भारत को बदनाम करने के लिए कनाडाई मीडिया द्वारा गलत सूचना देने का एक और उदाहरण है।’ उन्होंने कहा, ‘भारतीयों को वीजा देना हमारा संप्रभु कार्य है और हमें उन लोगों को वीजा देने से इनकार करने का वैध अधिकार है, जो हमारी क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करते हैं।’ जायसवाल ने कहा, ‘इस मामले पर कनाडाई मीडिया में जो टिप्पणी हम देख रहे हैं, वह भारत के संप्रभु मामलों में विदेशी हस्तक्षेप के समान है।’

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