LATEST NEWS

महिला दिवस पर मंत्री का बड़ा ऐलान,डी-मार्ट की तर्ज पर प्रदेश में खुलेंगे ट्राइबल मार्ट, महिलाएं करेंगी संचालन

Minister’s big announcement on Women’s Day, Tribal Marts will open in the state on the lines of D-Mart, women will operate them MP News: मध्य प्रदेश में महिला दिवस के अवसर पर एक बड़ा ऐलान किया गया है. डी-मार्ट की तर्ज पर ट्राइबल मार्ट खोले जाएंगे, जिनका संचालन आदिवासी महिलाएं करेंगी. यह परियोजना आदिवासी महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमिता के अवसर प्रदान करने के लिए शुरू की गई है. MP Tribal Mart: मध्य प्रदेश के खंडवा में महिला दिवस पर मंत्री विजय शाह ने बड़ी घोषणा  की है. उन्होंने कहा कि डी मार्ट की तरह आदिवासी ब्लॉकों में ट्राईबल मार्ट खोले जाएंगे. फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खंडवा के आदिवासी ब्लॉक खालवा, मंडला और शहडोल में इसकी शुरुआत की जाएगी. करोड़ों की कीमत के खुलने वाले इस ट्राइबल मार्ट काआदिवासी महिलाएं ही  संचालन करेंगी.  खंडवा में महिला दिवस के मौके पर आज कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कहा कि शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खंडवा के आदिवासी ब्लॉक खालवा,मंडला और शहडोल में इसकी शुरुआत की जाएगी, जिसके के लिए एक एकड़ जमीन पर करीब एक करोड़ रुपए की लगत से ये ट्राईबल मार्ट बनाया जाएगा. इसमें दो करोड़ रुपए का लोन महिलाएं को दिया जाएगा जिससे वह अपना रोजगार चला सके. मंत्री विजय शाह ने कहा कि महिला दिवस के मौके पर इतनी बड़ी सौगात बहनों को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दी जा रही है. मैं समझता हूं कि महिला दिवस के मौके पर इससे बड़ी सौगात हमारी बहनों के लिए हो ही नहीं सकती आदिवासी समाज की होगी तरक्की  अगर यह प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा हो जाता है तो, पूरे प्रदेश में इस तरह के ट्राइबल मार्ट खोले जाएंगे. इससे न सिर्फ महिला सशक्तिकरण बल्कि आदिवासी समाज को भी मुख्य धारा से जोड़कर तरक्की की राह पर अग्रसर किया जा सकेगा. बता दें कि प्रदेश की मोहन सरकार सहित केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भी आदिवासी समाज के लिए नित नए कदम उठा रही है. डी मार्ट की तर्ज पर ट्राइबल मार्ट की घोषणा भी उन्हीं कदमों में से इसे एक कदम माना जा रहा है.अब देखना यह है कि मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री की इस घोषणा पर कितनी जल्दी और कितना अमल होता है

31 मार्च तक बनवाएं किसान आईडी, नहीं तो अटक जाएंगे फसल बीमा और सम्मान निधि के पैसे!

Get your farmer ID made by March 31, otherwise your crop insurance and Samman Nidhi money will get stuck! भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए जरूरी खबर! अगर आपने 31 मार्च 2025 तक किसान आईडी (Farmer ID) नहीं बनवाई, तो आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं। एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों की डिजिटल पहचान के लिए 11 अंकों की यूनिक आईडी अनिवार्य की गई है। क्यों जरूरी है किसान आईडी? राज्य सरकार ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों के माध्यम से किसानों का पंजीकरण करा रही है। यह यूनिक आईडी किसानों की डिजिटल पहचान होगी, जिसके बिना न तो फसल बीमा का क्लेम मिलेगा, न ही किसान सम्मान निधि की राशि, और न ही बिना दस्तावेज़ों के कृषि ऋण उपलब्ध होगा। मध्यप्रदेश के कृषि विभाग के अनुसार, 31 मार्च के बाद यह पंजीकरण फ्री नहीं रहेगा, यानी इसके लिए किसानों को शुल्क देना होगा। जिन पंचायतों में पहले ही शिविर लग चुके हैं, वहां के किसान अपने पटवारी से संपर्क कर पंजीकरण करवा सकते हैं। बिना किसान आईडी नहीं मिलेगा इन योजनाओं का लाभ अगर आपने अभी तक अपनी किसान आईडी नहीं बनवाई, तो आप कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से वंचित हो सकते हैं— ✔ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि – सालाना ₹6,000 की सहायता राशि नहीं मिलेगी। ✔ फसल बीमा योजना – केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा, जिनकी पहचान सरकारी रिकॉर्ड में होगी। ✔ कृषि ऋण व किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) – किसान बिना ज्यादा दस्तावेज़ों के लोन नहीं ले पाएंगे। ✔ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) – अपनी फसल सरकारी मंडियों में बेचने के लिए भी यह आईडी अनिवार्य होगी। ✔ फसल सर्वे व स्वामित्व हस्तांतरण – सरकारी रिकॉर्ड में जमीन संबंधी कार्यों के लिए यह आईडी आवश्यक होगी। रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज़ किसान आईडी बनवाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ अनिवार्य हैं— जल्दी करें, वरना देना होगा अतिरिक्त शुल्क! जो किसान 31 मार्च तक अपना पंजीकरण नहीं करवाते, उन्हें इसके बाद शुल्क देकर किसान आईडी बनवानी होगी। इसलिए समय रहते नजदीकी पंचायत या शिविर में जाकर पंजीकरण कराएं और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं।

930 रुपए किलो का गुग्गल 1700 रूपये में खरीदने के मामले की नहीं हो पा रही है जांच

The case of buying guggal worth 930 rupees per kg for 1700 rupees is not being investigated भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभास ठाकुर के निर्देश एमएफपी पार्क बरखेड़ा पठानी में बेअसर साबित हो रहें है। इसका सबसे बड़ा उदाहरणएमएफपी पार्क में हुई रॉ मटेरियल खरीदी में गड़बड़झाला की जांच एक साल से एमडी ठाकुर जांच नहीं करवा पा रहें हैं। इस बीच खबर है कि पार्क की सीईओ गीतांजलि गुग्गल खरीदी में विवादों की सुर्खियों में रहीं प्रभारी सुनीता अहिरवार को पुनः प्रबंधक बनने की प्रक्रिया तेज कर दी है। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक विभाष ठाकुर ने 31 जनवरी 25 को एमएफपी पार्क की सीईओ गीतांजलि को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि गुग्गल की खरीदी 930 रूपये की जगह 1700 रुपए की दर से खरीदने की जांच सात दिन में बिंदुवार प्रतिवेदन दें। 1 महीने से अधिक का समय बीत गया है पर पार्क की सीईओ ने एमडी के पत्र पर जांच शुरू नहीं की। दिलचस्प पहलु यह है कि गुग्गल खरीदी की जांच को लेकर फेडरेशन के एमडी ठाकुर ने पूर्व के सीईओ को भी दो से अधिक पत्र लिख चुके हैं पर एमएफपी पार्क में उनके पत्रों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि एमडी ने पिछले दिनों पर के दोनों डॉक्टरों को कारण बताओं नोटिस जारी किया था। इनमें से किसी ने भी अब तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इसके पहले लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने भंडारण की जांच के लिए एसीएफ मणि शंकर मिश्र को 7 दिन में जांच का रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे किंतु अभी तक जांच शुरू नहीं हुई। चिंताजनक पहलू यह है कि एसीएफ मिश्रा जांच के भंडारण से संबंधित दस्तावेज मांगने के लिए एमडी ठाकुर से लगातार चिट्ठीयां लिखना शुरू किया तो उन्हें ही वहां से हटा दिया गया। क्या है मामलाएमएसपी पार्क की तत्कालीन प्रबंधक अहिरवार ने गूग्गल सहित प्रष्टपर्णी, काली मिर्च, हींग, पुनर्नवा आदि रॉ मैटेरियल की खरीदी के लिए टेंडर किया था। टेंडर में गुग्गल के लिए हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार का रेट 930 रूपये प्रति किलोग्राम था। एसपी पार्क के कर्ताधर्ता ने हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार से खरीदी न करके आर्यन फार्मेसी से ₹1700 की कीमत पर 4000 किलो खरीदी की। हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार फर्म से न तो वर्क आर्डर दिया गया और न किसी प्रकार का पत्राचार किया गया। आर्यन से खरीदी से संघ को 30 लाख 80000 रुपए का अधिक भुगतान करना पड़ा है। प्रभारी एसडीओ एवं उत्पादन प्रबंधक ⁠सुनीता अहीरवार के कार्यकाल में 6 करोड़ों की govt सप्लाई में 3 करोड़ से अधिक की रॉ -मटेरियल ख़रीदी के भुगतान किये गये है, जिसमें 2 करोड़ के बिल तो आर्यन फ़ार्मेसी के थे। इसके अलावा 30-35 लाख के मरम्मत के भुगतान किये जा चुके है।

सीएम यादव बोले- प्रदेश में नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

CM Yadav said- Naxalites will be completely eradicated from the state, gave necessary instructions to the officials मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को प्रदेश में नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर, पुलिस मुख्यालय और राज्य शासन के स्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने के संकल्प की पूर्ति के लिए मध्य प्रदेश की सक्रिय भूमिका की बात की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, दूरसंचार साधनों का विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सलियों पर नियंत्रण पाने में सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्य निरंतर जारी रखें और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयासों को तेज किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के पैर किसी भी कीमत पर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को हर 15 दिन में नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए। चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाईमुख्यमंत्री ने बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की कार्रवाई की प्रशंसा की और पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश

एमपी गजब : बीईओ-क्लर्क ने मिल कर शिक्षा विभाग को लगाया 5 करोड़ का चुना: शिक्षकों का वेतन रिश्तेदारों के खातों में डाला, प्राचार्यों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा

MP Amazing: BEO-Clerk together defrauded the Education Department of Rs 5 crore: Teachers’ salaries were transferred to the accounts of relatives, fraud was committed in connivance with the principals भोपाल (कमलेश)। मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग के कर्मचारी भ्रष्टाचार करने के लिए पत्नियों और रिश्तेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका खुलासा शिक्षा विभाग की ही जांच में हुआ है। पिछले महीने रायसेन के सिलवानी बीईओ दफ्तर में 1 करोड़ के गबन के मामले में 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इनमें शिक्षा विभाग के कर्मचारी, प्राचार्य और रिटायर्ड प्राचार्य शामिल हैं। इनके अलावा जिन 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, वो इन कर्मचारियों की पत्नियां और रिश्तेदार हैं। ये एकलौता मामला नहीं है। 5 अन्य जिलों में भी गबन के ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जिनमें पत्नियों और रिश्तेदारों के अकाउंट में भ्रष्टाचार की करीब 5 करोड़ की रकम ट्रांसफर की गई। 10 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में भी ये मामला उठ सकता है। आखिर किस तरह पत्नी और रिश्तेदारों के खातों से किया गया भ्रष्टाचार और इन मामलों में क्या एक्शन लिया गया, पढ़िए रिपोर्ट… अब जानिए, कैसे किया एक करोड़ का गबन रायसेन के जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक के मुताबिक, ये पूरा हेरफेर साल 2018 से 2022 के बीच किया गया। सिलवानी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ क्लर्क चंदन अहिरवार इस गबन का मास्टरमाइंड है। चंदन के पास विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हर स्कूल के शिक्षक की बैंक अकाउंट डिटेल होती थी। रजक बताते हैं कि 2022 तक शिक्षक और अतिथि शिक्षकों की सैलरी का भुगतान वेंडर के जरिए होता था। तब ऑफलाइन ट्रांजेक्शन भी हो जाता था। इसी का फायदा आरोपियों ने उठाया है। चंदन शिक्षक और अतिथि शिक्षकों के नाम के आगे अपने रिश्तेदार या पत्नी का बैंक अकाउंट दर्ज कर वेतन और मानदेय की राशि ट्रांसफर करता था। उसने पत्नी सुमन अहिरवार के बैंक अकाउंट में 37 लाख रुपए जमा कराए। इसी तरह इस गबन में शामिल बाकी लोगों ने भी करीब 58 लाख रुपए की रकम पत्नियों और रिश्तेदारों के अकाउंट में जमा कराई। प्राचार्यों की भी मिलीभगत, 3 रिटायर हो चुकेजिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक बताते हैं कि सरकार ने पहले स्कूल के प्राचार्यों को ही डीडीओ (आहरण एवं संवितरण) के अधिकार दिए थे। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि शिक्षकों को सैलरी के लिए संकुल कार्यालय पहुंचना पड़ता था। मगर, शिक्षा विभाग के कर्मचारी और प्राचार्यों ने मिलीभगत कर इस व्यवस्था को पलीता लगाया। रजक के मुताबिक, इस दौरान पांच स्कूलों के प्राचार्यों को डीडीओ की जिम्मेदारी दी गई थी। इनके साइन से ही रिश्तेदारों के खातों में ये राशि पहुंचाई गई। इसमें इनकी बराबर की भागीदारी है। गड़बड़ी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई तो इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब जानिए, कैसे किया पूरा गबन पासवर्ड बांट दिया: नियमों के मुताबिक, डीडीओ अपना पासवर्ड किसी को साझा नहीं कर सकता। जांच में पाया गया कि डीडीओ ने अपना पासवर्ड कर्मचारियों को दे दिया। इसका इस्तेमाल कर कोषालय से पैसा निकाला गया। महीने की समीक्षा नहीं हुई: नियमानुसार हर महीने भुगतान की समीक्षा करना जरूरी है, ताकि गड़बड़ियों का पता लगाया जा सके। सिलवानी बीईओ दफ्तर में ये प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। इससे ये पता नहीं चला कि सही व्यक्ति के खाते में पैसा पहुंचा या नहीं। ई-भुगतान का सत्यापन नहीं: हर महीने ये जांच होना चाहिए कि जो भी ऑनलाइन भुगतान किए हैं, वो सही बैंक अकाउंट में पहुंचे या नहीं। यहां इस प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। असली दावेदारों का नाम गायब किया: जब किसी व्यक्ति को भुगतान किया जाता है, तो उसका नाम और बैंक खाता सरकारी डेटाबेस में दर्ज करना जरूरी होता है। जांच में पाया गया कि इस प्रक्रिया को भी नहीं अपनाया गया। बिल तैयार करने में लापरवाही: कोषालय संहिता 2020 के नियमों के अनुसार, बिल (देयक) बनाने की जिम्मेदारी क्रिएटर की होती है। उसे सॉफ्टवेयर में अपने पासवर्ड से लॉगिन कर भुगतान लेने वाले व्यक्ति का नाम, बैंक खाता नंबर दर्ज करना होता है। अप्रूवर इस बिल की जांच कर कोषालय में जमा करता है। जांच में पाया गया कि इस प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। स्वीकृति आदेश में अनियमितता: जब किसी भुगतान को स्वीकृत किया जाता है, तो उसके साथ स्वीकृति आदेश (Approval Order) संलग्न किया जाता है। लेकिन जांच में पाया गया कि कई मामलों में अलग-अलग भुगतान के लिए एक ही स्वीकृति आदेश का उपयोग किया गया। इसके अलावा, कई अधूरे स्वीकृति आदेश भी जारी किए गए और कुछ मामलों में आदेश अटैच ही नहीं किए गए। ऐसे पांच और मामलों की जांच की जा रही है रायसेन का ये अकेला मामला नहीं है। पिछले दो साल में गबन के ऐसे 5 और मामले हैं, जिनकी विभागीय जांच की जा रही है। इनमें भी विभागीय अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारियों की मिलीभगत पाई गई है। छिंदवाड़ा: रिश्तेदार-पत्नी और बहन के खातों में 1 करोड़ 32 लाख ट्रांसफर छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 1.32 करोड़ रुपए के गबन का खुलासा जुलाई 2024 में हुआ था। जबलपुर वित्त विभाग की टीम ने सात दिन की जांच के बाद यह फर्जीवाड़ा पकड़ा। इस मामले में पूर्व बीईओ एमआई खान और चौरई संकुल के बाबू तौसिफ खान की मिलीभगत पाई गई। आरोपियों ने कोरोना में मृत कर्मचारियों की सहायता राशि भी हड़प ली और सरकारी धन को अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया गया। वित्त विभाग की टीम को जुन्नारदेव में तकरीबन 1 करोड़ 44 लाख के घोटाले की आशंका थी। इसमें से 1 करोड़ 32 लाख की पुष्टि हो चुकी है। क्या हुआ: जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल ने बताया कि आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। सभी को निलंबित कर दिया है। उनसे राशि वसूल करने की प्रक्रिया जारी है। ग्वालियर: अलग-अलग खातों में 47 लाख ट्रांसफर ग्वालियर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय डबरा में 2024 में 47 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया था। इस गड़बड़ी को भोपाल की ऑडिट टीम ने पकड़ा था। यह राशि सात अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई, जिनमें तत्कालीन … Read more

बजट सत्र से पहले कांग्रेस बना रही रणनीति, बेरोजगारी महंगाई जैसे मुद्दों पर घेरेंगे, 9 मार्च को बैठक

congress is making strategy before the budget session will surround on issues like unemployment मध्यप्रदेश में 10 मार्च से बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मोबाइल नंबर जारी कर लोगों से अपील की है कि यदि अपराधों और भ्रष्टाचार के मामले में उनके पास कोई सबूत है तो वह भेजें, ताकि इसे विधानसभा के पटल पर उठाए जा सके। जानकारी के लिए बतादें कि यह सत्र 14 दिनों का होगा, जिसमे कुल 9 बैठकें होगी। तो वहीं कांग्रेस ने बजट सत्र से पहले 9 मार्च को बैठक बुलाई है। जिसमे पार्टी के सभी दिग्गज नेता शामिल होगें। यह बैठक भोपाल के अशोका होटल में होगी, जहां पर कांग्रेस के दिग्गज विधानसभा का घेराव करने की रणनीति तैयार करेंगे। साथी अलग-अलग रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इन मुद्दों पर घेरने की तैयारीहोने वाली बैठक में एमपी कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी भी शमिल होंगे और विधानसभा में रखे जाने वाले मुद्दों को लेकर चर्चा करेंगे। बजट से पहले होने वाली यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 9 दिन तक होनी वाली इस बैठक में कांग्रेस किसानों , रोजगार, महंगाई, कर्ज, करप्शन, लाड़ली बहना सहित अन्य मुद्दों को उठाएगी। इसके साथ ही संभावना जताई जा रही है कि मध्य प्रदेश का बजट 11 से 13 मार्च के बीच पेश किया जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने लोगों से की अपीलबजट सत्र को लेकर विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास भ्रष्टाचार के संबंध में कोई सबूत है तो वे मोबाइल नंबर 8269889419 पर संपर्क कर भेज सकते हैं। उमंग सिंघार ने कहा है कि मध्य प्रदेश में घोटाले, अपराध, दलितों पर अत्याचार, माफिया राज से जुड़े कोई भी सबूत लोगों के पास हो तो वे कांग्रेस को उपलब्ध कराए ताकि विधानसभा में इन मुद्दों को उठाए जा सके। कांग्रेस ने कहा है कि विधानसभा सत्र में सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने के लिए लोग फोटो, वीडियो, कॉल रिकॉर्डिंग, दस्तावेज या अन्य कोई भी प्रमाण सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें उपलब्ध करा सकते हैं ताकि अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाए जा सके।

उमंग सिंघार को मंत्री गोविंद राजपूत ने भेजा 20 करोड़ का मानहानि का नोटिस, नेता प्रतिपक्ष बोले-डरेंगे नहीं

minister govind rajput sent defamation notice of rs 20 crore to umang singhar case related to saurab मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने नेता प्रतिपक्ष को मानहानि का नोटिस भेजा है। बता दें नेता प्रतिपक्ष ने गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन मंत्री रहने के दौरान भ्रष्टाचार करने और करीब 1500 करोड़ रुपए की जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने उमंग सिंघार केपर उनकी छवि धूमिल करने का आरोप लगा कर जवाब देने 15 दिन का समय दिया है। वहीं, नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी प्रतिक्रिया दी है। न डरें है न डरेंगे, नोटिस का जवाब देंगे वहीं, नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि नोटिस का जवाब भी देंगे और कोर्ट भी जाएंगे। न डरे हैं, न डरेंगे। बता दें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने फरवरी माह में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन विभाग के घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे, उन्होंने कहा कि इस घोटाले से हर माह राजपूत को 150 करोड़ रुपए पहुंचे। उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए गोविंद राजपूत पर अपने परिचितों और रिश्तेदारों के नाम से भ्रष्टाचार के पैसों से जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि परिवहन विभाग के घोटाले में एक पूरा रैकेट काम कर रहा था। उन्होंने 1500 करोड़ रुपए का लेखा जोखा होने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मंत्री ने परिवहन मंत्री रहते मध्य प्रदेश समेत के कई शहरों समेत दिल्ली के पॉश इलाके में बिल्डिंग में थर्ड फ्लोर और टैरिस अपने परिचितों के नाम से खरीदने का आरोप लगाया था। आरटीओ आरक्षक सौरभ से जुड़ा है पूरा मामला मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों से करोड़ों रुपए की नगदी, सोना-चांदी और संपत्ति के दस्तावेज मिले है। शर्मा के करीबी के नाम पर रजिस्टर्ड एक कार में 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नगद मिले थे। इस दौरान आरोप है कि सौरभ परिवहन विभाग की चौकियां से वसूली करता था, जिसको मंत्री गोविंद सिंह के इशारे पर किया जा रहा था। इस मामले में लोकायुक्त, ईडी से लेकर आयकर विभाग की टीमें जांच कर रही है। फिलहाल उनको कोई खास जानकारी नहीं मिलने की बात कहीं जा रही है। सौरभ शर्मा और उसके करीबी चेतन सिंह गौर और शरद जयसवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

ऊर्जा मंत्री नहीं पहनेंगे प्रेस किए कपड़े, क्यों लिया प्रण? कांग्रेस बोली- ये नौटंकी वेब सीरीज का भाग

Energy Minister will not wear ironed clothes, why did he take the vow? Congress said- this drama is part of a web series मध्य प्रदेश में अपने अनोखे बयानों और अंदाज के लिए सुर्खियों में रहने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इस बार उन्होंने ऐसा अनोखा प्रण लिया है, जिसकी चर्चा हर कोई कर रहा है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रण लिया है कि वे 1 साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे। उनके इस बयान को लेकर अब सियासत गरमा गई है। कांग्रेस इसे मंत्री की नौटंकी वेब सीरीज का अगला भाग बताया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि वे एक साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे, जिससे रोज आधा यूनिट बिजली बचेगी। उन्होंने कहा कि अब वे बेटी की शादी के दिन ही प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को पीठ पर सिलेंडर न लादना पड़े, इसलिए यह निर्णय लिया। कांग्रेस ने बताया नौटंकीऊर्जा मंत्री के इस बयान पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे मंत्री की नौटंकी करार दिया है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा कि ऊर्जा मंत्री हमेशा सुर्खियों में रहने के लिए नौटंकी करते हैं और यह उनकी वेब सीरीज का अगला पार्ट है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर मंत्री जी को बिजली बचाने की इतनी चिंता है, तो वे अपनी 10-10 गाड़ियों को छोड़कर साइकिल से चलना शुरू करें, जिससे वायु प्रदूषण भी कम होगा। क्या वास्तव में बिजली बचेगी?ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के इस फैसले से मध्य प्रदेश में कितनी बिजली बचेगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन फिलहाल यह बयान उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ले आया है।

सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता की कैबिनेट बैठक आज, कई अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा

Cabinet meeting chaired by CM Dr. Mohan Yadav today, many important proposals will be discussed मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक होगी। इस बैठक में कई अहम प्रस्ताव पर चर्चा होगी। बैठक में नई लोक परिवहन नीति के प्रस्ताव पर भी विचार हो सकता है। किसानों को दूध खरीदी पर प्रोत्साहन देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, जनजातीय देवलोक के जीर्णोद्धार को लेकर प्रस्ताव और नगर एवं ग्राम निवेश की धारा 66 में बदलाव का प्रस्ताव भी आ सकता है। विशेष क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को लेकर कुछ मैदानी अड़चनों को दूर करने के लिए प्रमुख नियमों में बदलाव की चर्चा की जाएगी, ताकि इन क्षेत्रों का तेजी से विकास हो सके। इसके अलावा बैठक में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) से प्राप्त निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और मौजूदा उद्योगों को सहयोग प्रदान करने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा। साथ ही बैठक में आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों और राज्य के बजट पर विस्तृत चर्चा की संभावना है। प्रदेश का द्वितीय अनुपूरक बजट लगभग चार से पांच हजार करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। इसके अलावा, विभिन्न विभागों द्वारा विधानसभा में पेश किए जाने वाले विधेयकों पर भी मंथन किया जाएगा।

नौकरशाही में सुलेमान पर चर्चा : क्या वीआरएस या ‘वी फोर्स्ड रिटायरमेंट’?

Debate on Suleman in bureaucracy: Is it VRS or ‘We are Forced Retirement’? भोपाल। मध्यप्रदेश की नौकरशाही में इन दिनों सुगबुगाहट तेज है। आईएएस मोहम्मद सुलेमान ने अपने सेवा जीवन के आखिरी मोड़ पर ऐसा मोड़ लिया कि सरकारी गलियारों में कानाफूसी शुरू हो गई। सुलेमान, जिन्हें नौकरशाही के ‘चाणक्य’ का दर्जा प्राप्त था, ने अपनी सेवानिवृत्ति से महज पांच माह पहले ही वीआरएस ले लिया। अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि एक ‘पावरफुल’ अधिकारी को समय से पहले ही ‘विश्राम’ लेना पड़ा?कहने को तो इसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कहा जा रहा है, लेकिन सरकार के गलियारों में इसे ‘स्वैच्छिक से अधिक विवश सेवानिवृत्ति’ कहा जा रहा है। शिवराज सरकार में सुलेमान का दबदबा ऐसा था कि विभागों के सचिव भी उनके आगे ब्रीफकेस उठाने को तैयार रहते थे। 15 साल तक सत्ता के गलियारों में उनकी गूंज थी, लेकिन जैसे ही सत्ता बदली, उनकी गूंज कम और उनके ट्रांसफर ज्यादा होने लगे। पहले उन्हें अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य से हटाकर कृषि विभाग भेजा गया, फिर कर्मचारी चयन मंडल की कुर्सी थमा दी गई। यह संकेत काफी था कि ‘अब आपको अपना भविष्य खुद देखना होगा’। मुख्य सचिव की कुर्सी से दूरी बनी ‘दूरी’ का कारण? मोहम्मद सुलेमान की नजर प्रदेश के मुख्य सचिव की कुर्सी पर थी, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही तय कर रखा था। उनके बैचमेट अनुराग जैन को मुख्य सचिव बना दिया गया और सुलेमान को किनारे कर दिया गया। बस, यहीं से शुरू हुआ सुलेमान का ‘प्लान बी’। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव की रेस में पिछड़ने के बाद उन्होंने ही सोचा कि अब सरकारी सेवा में समय बर्बाद करने से अच्छा है कि कुछ नया किया जाए। अब नौकरशाही से ‘फ्री’, लेकिन जिंदगी में ‘बिजी’! सुलेमान ने वीआरएस के बाद की योजना भी बना रखी है। वे दिल्ली स्थित ‘द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट’ से पीएचडी करने जा रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि इतने वर्षों तक सरकारी फाइलों में मग्न रहने के बाद अचानक ‘अकादमिक’ दुनिया में जाने का ख्याल क्यों आया? दरअसल, यह भी ‘ट्रांजिशन प्लान’ का हिस्सा हो सकता है। जैसे ही सरकारी कूलिंग-ऑफ पीरियड खत्म होगा, सुलेमान किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी में मोटे पैकेज पर नज़र आ सकते हैं। ‘पावर’ में थे, पर ‘पावर’ चला गया! शिवराज सरकार में सुलेमान की पावर का आलम यह था कि बड़े-बड़े मंत्री भी उनकी ‘कृपा’ के लिए लाइन लगाए खड़े रहते थे। लेकिन सत्ता परिवर्तन होते ही उनकी यह ‘कृपा’ कम होने लगी। मोहन यादव सरकार के आते ही उनका मंत्रालय से बाहर होना यह साफ संकेत था कि अब वे ‘विशेषाधिकारी’ नहीं, बल्कि ‘सामान्य अधिकारी’ रह गए हैं। शायद यही बात उन्हें सबसे ज्यादा चुभ गई और उन्होंने फाइलों के ढेर से निकलकर ‘स्वतंत्रता’ का रास्ता चुना। वीआरएस: एक ट्रेंड या मजबूरी? मध्यप्रदेश की नौकरशाही में यह पहला मामला नहीं है, जब किसी वरिष्ठ अधिकारी ने समय से पहले वीआरएस लिया हो। पहले भी कई बड़े अधिकारी जब ‘दरबार’ से दूर कर दिए गए, तो उन्होंने समय से पहले ही ‘दरवाजे’ से बाहर निकलना बेहतर समझा। मोहम्मद सुलेमान का मामला भी कुछ ऐसा ही है।अब देखना यह होगा कि सुलेमान की यह ‘नई पारी’ कितनी लंबी चलती है और वे किस बहुराष्ट्रीय कंपनी में अपनी सेवाएं देते हैं। फिलहाल, नौकरशाही में यह चर्चा जोरों पर है कि ‘जो कल तक सरकार के ‘रणनीतिकार’ थे, आज वे नई रणनीति बनाने में जुट गए हैं!’

भोपाल कलेक्टर ने हाईकोर्ट के आदेश का नहीं किया पालन: हाईकोर्ट ने कहा- याचिका पर 10 दिन में जवाब दें, नहीं तो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों

Bhopal Collector did not follow the order of the High Court: High Court said- respond to the petition in 10 days, otherwise appear in person जबलपुर ! भोपाल कलेक्टर ने रेरा से जुड़े मामले में समय पर आरआरसी का निष्पादन नहीं किया, जिसके चलते मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अगर 10 दिनों में यह कार्य पूरा नहीं होता है तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होगा। यह दूसरी बार है जब भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है।जस्टिस ए.के. सिंह की अदालत में भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई अब 12 मार्च को होगी। दो अलग-अलग मामलों में अवमानना याचिकाएं दरअसल, एक बिल्डर के खिलाफ दो लोगों ने भोपाल कलेक्टर को शिकायत दी थी, जो रेरा से संबंधित थी। इस मामले में रेरा ने 2020 में भोपाल कलेक्टर को आदेश दिया था कि वह आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाण पत्र) के तहत इस केस का जल्द से जल्द निष्पादन करें, लेकिन कलेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस देरी के चलते शिकायतकर्ता अरविंद वर्मा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 60 दिनों में आरआरसी निष्पादित करने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसी तरह, भोपाल निवासी भानु प्रताप ने भी बिल्डर के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें भोपाल कलेक्टर को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था, परंतु यहां भी कोई कदम नहीं उठाया गया। कलेक्टर ने की कोर्ट की अवमानना याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कपिल दुग्गल ने बताया कि बिल्डर हिमांशु इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज करवाई गई थीं। अरविंद वर्मा और भानु प्रताप ने शिकायत में बताया कि बिल्डर के पास उनका लगभग 50 लाख रुपये फंसा हुआ है। रेरा ने इस शिकायत पर भोपाल कलेक्टर को आरआरसी के माध्यम से निष्पादन करने का आदेश दिया था। जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को समय पर मामला निपटाने का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया। कोर्ट ने दिया 10 दिन का समय जब कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बिल्डर के खिलाफ समय पर कोई कार्रवाई नहीं की, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी। पहली याचिका भानु प्रताप सिंह की थी, जिस पर 25 फरवरी को सुनवाई हुई। इसमें पाया गया कि भोपाल कलेक्टर ने कोर्ट के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं की थी, जिससे नाराज होकर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया और 12 मार्च को उपस्थित होने का आदेश दिया।दूसरी याचिका अरविंद वर्मा की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 10 दिन के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा।

वन विहार के वाइल्ड कैफ़े के विवादित टेंडर पर डायरेक्टर अवधेश मीना पर गाज गिरने की संभावना

Director Awadhesh Meena is likely to face action over the controversial tender of Wild Cafe of Van Vihar भोपाल। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के डायरेक्टर अवधेश मीना अपनी पहली ही पोस्टिंग में विवादों से घिर गए हैं। यही नहीं, अब उन पर कार्यवाही की गाज भी गिरने की संभावना है। पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ शुभरंजन सेन ने वन विहार राष्ट्रीय उद्यान डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए फाइल पीसीसीएफ प्रशासन-एक के विवेक जैन को भेज दी है। जैन के यहां फाइल लंबित है। वैसे वाइल्डलाइफ कैफे के संचालन से संबंधित विवाद हाईकोर्ट भी पहुंच गया है। हाई कोर्ट ने पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ कार्यालय से 7 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।  वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वाइल्ड कैफे चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित करने के लिए एक विज्ञापन जारी किया गया था। शीर्ष अधिकारियों के दबाव में वन विहार डायरेक्टर मीना ने  विज्ञापन में एक शर्त ऐसी जोड़ी थी कि जिसमें उल्लेख था कि मौजूदा वाइल्ड कैफे संचालक यदि एल-1 फर्म के बराबर बोली की रकम अदा करता है, तो उसे पुनः संचालन का अधिकार दिया जा सकता है। कैफे के लिए जारी विज्ञापन में वर्तमान वाइल्ड कैफे के संचालक अश्वनी कुमार रिछारिया  समेत चार फर्म मैसर्स प्रज्ञा एसोसिएट्स छतरपुर, दौलत राम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ओबेदुल्लागंज और श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल ने हिस्सा लिया। निविदा समिति ने दो फर्म मैसर्स प्रज्ञा एसोसिएट्स छतरपुर और दौलत राम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ओबेदुल्लागंज को दस्तावेज में कमी बताते हुए दौड़ से बाहर कर दिया। श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल ने वाइल्ड कैफे के संचालन के लिए सबसे अधिक बोली 21 लाख एक रूपये की लगाई। यानि एल-1 श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल को कैफे के संचालन के वर्क ऑर्डर भी वन विहार डायरेक्टर अवधेश मीना ने जारी कर दिए। श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल को कैफे के संचालन कि सच के अनुसार 21 लाख ₹1 का बैंक ड्राफ्ट भी जमा कर दिया। इस दौरान शीर्ष अधिकारियों के दबाव में डायरेक्टर मीना ने एल -1 का टेंडर निरस्त करते हुए वर्तमान में संचालित कर रहे फर्म को ही कैफे संचालक के आदेश जारी कर दिए। बस यहीं से विवाद शुरू हो गया।  दोनों ही पार्टी पहुंची हाई कोर्ट  संचालन को लेकर दो पार्टियों में जंग शुरू हो गई। पहले एल-1 फर्म शक्ति दाल मिल हाई कोर्ट में वन विहार डायरेक्टर पर अनुबंध तोड़ने का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की। याचिकाकर्ता श्रुति जैन की ओर से अधिवक्ता ने तर्क रखा कि भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वाइल्ड कैफे चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित करने के लिए एक विज्ञापन जारी किया गया था। याचिकाकर्ता ने भाग लिया और सफल घोषित किया गया। सभी अधिकार और अधिकार वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक में निहित हैं, लेकिन मनमाने ढंग से प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के कार्यालय ने मनमाने ढंग से और अवैध तरीके से निविदा को रद्द दिया। याचिका की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ कार्यालय 7 दिनों के भीतर जवाब दाखिल कर सकता है। शीर्ष अफसर कर रहें है प्रताड़ित  श्रुति जैन, शिव शक्ति दाल मिल ने मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखकर वन विभाग के एसीएस अशोक वर्णवाल और कुछ सरकारी अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न और अधिकार के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मुख्य सचिव को लिखिए पत्र में उल्लेख है कि 28 जनवरी 25 को हमने वन विहार के साथ पांच वर्षों के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए और उस पर वन विहार के निदेशक द्वारा मुहर और हस्ताक्षर किए गए। 31 जनवरी को हमें पता चला कि वन विहार के निदेशक पर इस टेंडर को रद्द करने का दबाव डाला है। इस मामले में एसीएस वर्णवाल सहित फारेस्ट के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं, जो इस टेंडर को रद्द करने पर जोर दे रहे हैं ताकि किसी अन्य पार्टी को फायदा पहुंचाया जा सके। सत्ता का दुरुपयोग न केवल पीड़ितों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि प्रशासन और कानून के शासन में जनता का विश्वास भी कम करता है। इनका कहना  वाइल्डलाइफ कैफे के संचालन को लेकर विवाद हाईकोर्ट में लंबित है। मैं मानता हूं कि डायरेक्टर ने गलत शर्त जोड़ी है। इस वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और मैंने प्रस्ताव पीसीसीएफ प्रशासन-एक विवेक जैन को भेज दिया है।   शुभ रंजन सेन, पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ

41 साल की सेवा के बाद एसडीओ पुरिया सेवानिवृत्त

SDO Puria retired after 41 years of service भोपाल। पर्यावरण वानिकी वन मंडल में सहायक वन संरक्षक के पद पर कार्यरत दिलीप सिंह पुरिय 41 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर वन मंडल कार्यालय में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुरिया के कार्यकाल के दौरान वन संरक्षण और पर्यावरण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की गई। साथी कर्मचारियों ने उनके साथ के अनुभवों को साझा किया और उनके सेवानिवृत्त जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। पुरिया ने भी अपने कार्यकाल के यादगार पलों को साझा किया और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

एक्सप्रेस ई कनेक्ट और MANIT भोपाल ने नवाचार और अनुसंधान में सहयोग के लिए समझौता किया

Express E Connect and MANIT Bhopal sign MoU for collaboration in innovation and research भोपाल ! नवाचार और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक्सप्रेस ई कनेक्ट और मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) भोपाल ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी स्वास्थ्य, कृषि, जैव-ऊर्जा, नैनो टेक्नोलॉजी और सूक्ष्मजीवों जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती है। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, उदित नारायण द्वारा स्थापित एक्सप्रेस ई कनेक्ट ने मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) भोपाल के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।उदित नारायण और मैनिट भोपाल में संस्थागत विकास और अंतर्राष्ट्रीय संबंध के डीन डॉ. एस.पी.एस. राजपूत ने स्वास्थ्य, कृषि, जैव ऊर्जा, नैनो प्रौद्योगिकी और सूक्ष्मजीवों में प्रमुख चुनौतियों को हल करने के लिए संयुक्त रूप से काम करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।इस रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत बीएसबीई विभाग की छात्रा शिवालिका दुबे ने मैनिट में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृषाली पांडे के नेतृत्व में एक्सप्रेस ई कनेक्ट के संस्थापक उदित नारायण के औद्योगिक दौरे के दौरान की।जिसमें एलसीबी फर्टिलाइजर्स के सीईओ अक्षय श्रीवास्तव और एलसीबी फर्टिलाइजर्स के सीएमओ मुकेश सिंह भी शामिल थे। एक्सप्रेस ई कनेक्ट का पहले से ही एलसीबी फर्टिलाइजर्स के साथ एक स्थापित सहयोग है, जो आईआईटी कानपुर से जुड़ा एक संगठन है, जो स्थिरता और उन्नत प्रौद्योगिकी समाधानों पर ध्यान केंद्रित करता है। इस नए समझौता ज्ञापन के साथ, एक्सप्रेस ई कनेक्ट और मैनिट भोपाल का लक्ष्य प्रभावशाली अनुसंधान और तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाना है। मध्य प्रदेश में एक अच्छी तरह से जुड़े और प्रभावशाली व्यक्ति उदित नारायण नवाचार और स्थायी समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। दूसरी ओर, प्रतिष्ठित केंद्रीय सरकारी संस्थान मैनिट भोपाल के पास अनुसंधान और विकास में उत्कृष्टता की एक मजबूत विरासत है। इस सहयोग से विभिन्न क्षेत्रों में सफल समाधानों में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे उद्योगों और समाज को बड़े पैमाने पर लाभ होगा।है, जिससे न केवल उद्योगों को बल्कि समाज को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंचीं बागेश्वर धाम, 251 बेटियों के विवाह समारोह में हुईं शामिल

President Draupadi Murmu reached Bageshwar Dham, attended the marriage ceremony of 251 daughters छतरपुर। बागेश्वर धाम पर आयोजित होने वाले कन्या विवाह समारोह की घड़ी आ गई है। आज महाशिवरात्रि पर्व पर 251 बेटियां परिणय सूत्र में बंधेंगी और उनको आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंचीं। समूचा बागेश्वर धाम आज जनकपुर जैसा लग रहा है। बागेश्वर धाम में राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय परंपरा में संतों ने सदियों से अपने कर्म और वाणी से जनमानस को राह दिखाई है। उन्होंने समाज में फैले अंधविश्वासों के बारे में लोगों को जागरूक किया है, छुआ-छूत और ऊंच-नीच के भेद-भाव को दूर करने की सीख दी है। आज जब हमारा देश वूमन डेवलपमेंट से वूमन लीड डेवलपमेंट की ओर अग्रसर है तब समाज के सभी लोगों का कर्तव्य बनता है कि वे बेटियों और बहनों को सबल और सक्षम बनाने में अपना योगदान दें। बेटियों के विवाह की खुशियां फैलीचारों तरफ बेटियों के विवाह की खुशियां फैली हैं। बागेश्वर धाम सज धज कर अपने 251 दूल्हों के स्वागत के लिए आतुर है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने सभी जमाइयों को घोड़े पर बैठाकर उनकी बरात निकलवाएंगे। महाराज श्री का संकल्प है कि किसी के बीच जाति पांति और ऊंच नीच का भेदभाव न हो। मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के मंत्री सतेन्द्र सिंह राठौर ने आकर महाराजश्री का आशीर्वाद लिया। फाइट कराकर ग्रेट खली ने दिया नशा न करने का संदेशअमेरिका की सुख सुविधा त्याग कर ग्रेट खली अपने देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। ग्रेट खली का कहना है कि यदि युवा नशा त्यागेंगे और खेलों की ओर आकर्षित होंगे तो न केवल देश का मान बढ़ेगा बल्कि देश खेलों में सशक्त होगा। ग्रेट खली ने बीती रात अपने शागिर्दों से जो खलबली मचाई वह देखने लायक थी। बागेश्वर धाम के लिए यह एक अनोखा प्रदर्शन रहा। महिला पहलवानों में रुचिका,दया कौर, तानिया सहित सभी 6 महिलाए जालंधर पंजाब एकेडमी की स्टूडेंट हैं। वहीं पुरुष वर्ग में जेटी बाबा, माजा,सहित 14 पहलवानों ने अपने दांवपेच दिखाए। राष्ट्र चेतना के उत्थान में आगे बढ़ें : ऋतंभरा22 फरवरी से 25 फरवरी तक बागेश्वर धाम में साध्वी ऋतंभरा दीदी मां के मंगल प्रवचन सुनने का लोगों को अवसर मिला। यहां आए लाखों लोगों को दीदी मां ने संदेश दिया कि राष्ट्र चेतना के उत्थान में हम सब अपना योगदान दें। दीदी मां ने कहा कि जब राष्ट्र का उत्थान होगा तभी हिन्दू राष्ट्र बनेगा। बीते दो दिनों से बागेश्वर धाम में देश के प्रख्यात संतों का आगमन जारी है। विगत रोज जगतगुरू स्वामी रामानंदाचार्य महाराज के अलावा अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक चिन्मयानंद बापू जी, राज राजेश्वरानंद महाराज लंदन, डॉ. हनुमान ददरूआ सरकार, इंद्रेश उपाध्याय, राजूदास महाराज हनुमानगढ़ी अयोध्या, गीता मनीषी जी शामिल हैं। धाम के कार्यक्रमों को देखकर अभिभूत हूं : विष्णुदेव सायछत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को बागेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने बालाजी के दर्शन करने के बाद बागेश्वर महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत पावन और पुनीत अवसर है कि हमें भी यहां आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने बताया कि उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अन्य साथी रामप्रताप सिंह व उनके पुत्र दर्शन करने आए हैं।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet