Court order flouted? Attempt to reclaim government land belonging to the Neelkanth Mahadev Temple
संवाददाता चंदा कुशवाह
नलखेड़ा । नगर के सर्वे क्रमांक 304 एवं 305 स्थित शासकीय माफी छतरी नीलकंठ महादेव मंदिर की भूमि (रकबा 0.857 हेक्टेयर), जिसका प्रबंधन कलेक्टर महोदय के अधीन है, एक बार फिर अतिक्रमण के कारण चर्चा में है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेवाड़ा विश्वकर्मा सामाजिक विभाग एवं सेवा समिति द्वारा मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता की धारा 248 के अंतर्गत तहसील न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की गई थी। सुनवाई उपरांत तहसील न्यायालय ने नलखेड़ा निवासी पवन विश्वकर्मा सहित अन्य व्यक्तियों को मंदिर की शासकीय भूमि से बेदखल करने का आदेश पारित किया था।
न्यायालय ने संबंधित पक्षों पर ₹5000-₹5000 का अर्थदंड भी अधिरोपित किया था तथा पटवारी को अतिक्रमण हटवाकर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
- स्थगन आदेश के बावजूद गतिविधि तेज
वर्तमान में प्रकरण क्रमांक 13/2023 में न्यायालय द्वारा उक्त सर्वे क्रमांक 304 एवं 305 पर स्थगन आदेश प्रभावी है। बताया जाता है कि संबंधित पक्ष द्वारा न्यायालय में अंडरटेकिंग प्रस्तुत की गई थी कि प्रकरण लंबित रहने तक न तो स्वयं निर्माण करेंगे और न ही किसी अन्य से करवाएंगे।

इसके बावजूद विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार बीते सोमवार को पवन, जगदीश, कमल एवं घनश्याम आदि द्वारा पुनः निर्माण की तैयारी एवं गतिविधियाँ प्रारंभ कर दी गईं। आरोप है कि अन्य व्यक्तियों के साथ सांठगांठ कर निर्माण कार्य आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
- श्रद्धालुओं में रोष, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि न्यायालय के आदेश एवं स्थगन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा अवमानना की स्थिति में संबंधितों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
अब पूरे प्रकरण में प्रशासनिक कदमों पर नगरवासियों की निगाहें टिकी हुई हैं। न्यायालय के आदेश और ज़मीनी हकीकत के बीच खिंची यह रेखा कब स्पष्ट होगी, यह आने वाले दिनों में तय होगा।






