Rahul Gandhi raised demand for discussion on NEET in Lok Sabha, ruckus in Rajya Sabha also
18वीं लोकसभा का पहला सत्र जारी है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद अब इस पर चर्चा होना है, लेकिन विपक्ष अड़ा है। इस मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में हंगामा हुआ। सरकार का कहना है कि वह अभिभाषण पर चर्चा के दौरान इस पर भी बात करने के लिए तैयार है।
- राष्ट्रपति के अभिभाषण पर होना है सदन में चर्चा
- विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित
- राज्यसभा में भी उठा पेपर लीक का मुद्दा
नई दिल्ली। नीट परीक्षा में धांधली का मुद्दा संसद पर पहुंच गया है। शुक्रवार को विपक्ष ने इस पर चर्चा की मांग की और हंगामा किया। इस कारण लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करना पड़ी। बता दें, लोकसभा में अभी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा होना है। कार्यवाही शुरू होते ही राहुल गांधी ने बोलना शुरू किया और मांग की कि पेपर लीक पर चर्चा हो। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भी माननीय सदस्य इस मुद्दे पर बोल सकते हैं, लेकिन विपक्ष नहीं माना।
शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि संसद में पेपर लीक पर बात होना चाहिए।
इससे पहले गुरुवार को हुई बैठक में विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए ने फैसला किया है कि नीट परीक्षा धांधली मामले में दोनों सदनों में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया जाए।
नीट पेपर लीक सरकार की विफलता: विपक्ष
राज्यसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में विपक्षी दलों की बैठक हुई। इसमें विपक्ष के सभी नेताओं ने माना कि नीट परीक्षा धांधली मामला बहुत ही गंभीर मुद्दा है, जिससे छात्रों का जीवन खतरे में पड़ गया है। ऐसे में एक मजबूत विपक्ष होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है कि सरकार को कठघरे में खड़ा किया जाए। यह सरकार की विफलता है, इसलिए उसको जवाब देना चाहिए।
विपक्ष केवल नीट के मामले के सहारे सरकार को नहीं घेरेगा। वह बेरोजगारी, महंगाई, राज्यों के वित्तीय अधिकारों पर हमला, सीबीआई, ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का विपक्ष के खिलाफ दुरुपयोग सहित कई मुद्दे उठाएगा। विपक्ष इन मुद्दों के जरिए यह दिखाना चाहता है कि उसके पास सरकार को घेरेने के लिए तरकश में कई तीर हैं।
सरकार की नीट मामले में तय करनी होगी जिम्मेदारी
कांग्रेस अध्यक्ष के सरकारी आवास पर एकजुट हुए विपक्षी नेताओं के बीच लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि नीट मामला बहुत ही गंभीर है। यह हमारे लाखों का छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। ऐसे में सरकार को किसी भी कीमत पर इसकी जिम्मेदारी से भागने नहीं दे सकते हैं। उनकी जिम्मेदारी तय करनी होगी।
राहुल गांधी के विचार से द्रमुक, समाजवादी, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी ने सहमति जताई। सभी विपक्षी नेताओं ने एकजुट से यह निर्णय लिया कि नीट पर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया जाएगा।






