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अखिलेश यादव ने की अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात, शंकराचार्य विवाद को लेकर भाजपा पर विपक्ष आक्रामक

लखनऊ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होने संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनके साथ पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद रहे। आपको बता दें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को वाराणसी से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरूआत की थी। जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते हुए 4 दिन में यानी 10 मार्च को लखनऊ पहुंचे थे। यहां बुधवार को गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया था। इस दौरान उन्होने की बड़े ऐलान किए। यूपी की परिक्रमा करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद उन्होने बताया कि वे 52 दिन की यात्रा के बाद 3 मई से 23 जुलाई तक 81 दिन यूपी की परिक्रमा करेंगे। इसका नाम गविष्टि यात्रा होगा। शुरुआत और समापन गोरखपुर से होगा। 24 जुलाई को लखनऊ के इसी मंच पर फिर जुटेंगे। अंत में शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना गठित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गो हत्या रोकने, सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोग आगे आएं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन प्रदेश सरकार पर तीखे बाण छोड़े। 26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति मिली कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंखनाद कार्यक्रम हुआ। पहले काशी के मठ में रोकने की योजना बनी, फिर लखनऊ में न घुसने देने की, फिर कहा अनुमति न दो, मंगलवार को रात 9 बजे 16 शर्तों के साथ साथ अनुमति दी गई। कुछ देर बाद 10 शर्तें और जोड़कर 26 कर दी गईं। फिलहाल वे लखनऊ के कृष्णा नगर में प्रवास कर रह रहे हैं। हम कोई पार्टी नहीं बना रहे- अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम कोई पार्टी नहीं बना रहे हैं। हमें किसी पार्टी से भी गुरेज नहीं और प्यार भी नहीं है। हम जनता के बीच जाएंगे तो यही समझाएंगे कि गाय के लिए जो काम करे, उसे वोट दीजिए। राजा गलत दिशा में जाए तो रास्ता दिखाएं। शंकराचार्य पद सनातन धर्म का सुप्रीम कोर्ट है, महामंडलेश्वर हाईकोर्ट और साधु-संत लोअर कोर्ट हैं। यही हमारी हिन्दू पद्धति है। यह भीड़तंत्र नहीं भिड़नेवाला तंत्र है। गाय हमारी माता है और इसके बगैर अस्तित्व ही नहीं रहेगा। गाय-ब्राह्मण का अपमान करने वाले निशाचर हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि तुमसे हमारा रिश्ता एक ही हो सकता है और वह है युद्ध का। अखाड़ों को लिखेंगे पत्र शंकराचार्य ने कहा कि हमारे साधु समाज में भी विकृति आ गई है। एक लकीर खींच दी गई है। सब अखाड़ों को पत्र लिखकर पूछेंगे कि वह किसके साथ हैं। उनकी सेना में सन्यासी, बैरागी, उदासीन होंगे। और गृहस्थ होंगे। हमारी सेना में आने वाले सभी का पहले पुलिस सत्यापन कराएंगे। हरदम उस पर नजर रखेंगे। यदि उसके ऊपर किसी ने आरोप लगाया है तो उसका केस हम लड़ेंगे। कुछ साधु संत घर (संसार) छोड़कर चले गए। संप्रदायों का वस्त्र धारण करने के बाद प्रोफेसर, सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बन रहे हैं। यह नहीं चलेगा। हमारे गेरुआ वस्त्र उतारकर रख दो। सनातन धर्म जीवन में मनमानी की अनुमति नहीं देता। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, लखनऊ मध्य से विधायक रविदास मेहरोत्रा, पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, संत समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।  

असम में सपा की एंट्री? विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में अखिलेश यादव

लखनऊ लोकसभा चुनाव 2024 में जबरदस्‍त सफलता हासिल करने के बाद समाजवादी पार्टी ने राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लक्ष्‍य पर नजर गड़ा दी है। इस रणनीति के तहत पार्टी पहली बार असम विधानसभा चुनाव में हिस्‍सा लेने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है सपा पांच से 10 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतार सकती है। जल्‍द ही इसका आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। असम में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। बताया जा रहा है कि सपा असम के मुस्लिम बहुल इलाकों में अपने प्रत्‍याशी उतारेगी। सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव भी वहां चुनाव प्रचार करने जा सकते हैं। महाराष्‍ट्र में दो और गुजरात में 1 सपा विधायक यूपी के बाहर की बात करें तो सपा के महाराष्‍ट्र में दो विधायक और गुजरात में एक विधायक हैं। यह राष्‍टीय पार्टी के मानक से काफी कम है। दरअसल, राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए लोकसभा या विधानसभा चुनावों में न्‍यूनतम चार राज्‍यों में कुल वैध वोटों का कम से कम 6 प्रतिशत होना जरूरी है। साथ ही लोकसभा में कम से कम चार सीटें होना चाहिए या लोकसभा चुनावों में कम से कम तीन अलग राज्‍यों से कुल सीटों का 2 प्रतिशत यानी 11 सीटें जीती हों। देखा जाए तो सपा के पास लोकसभा में इससे कहीं ज्‍यादा सीटें हैं पर वह एक ही राज्‍य उत्‍तर प्रदेश में है। इसलिए वह राष्‍ट्रीय पार्टी के मानकों को पूरा नहीं करती। यूपी में सपा के 37 सांसद गौरतलब है कि 2024 में सपा ने लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। सीटों के लिहाज से सपा बीजेपी और कांग्रेस के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। उसके पास 37 सांसद हैं। सपा ने बीजेपी के गढ़ माने जाने वाली कई सीटों पर अपना परचम लहराया था। इसमें अयोध्‍या उल्‍लेखनीय है। असम में इसी साल होने हैं विधानसभा चुनाव राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्‍त करने के लिए समाजवादी पार्टी की नजर असम विधानसभा चुनावों पर है। असम में इसी साल तक चुनाव होने हैं। सपा अपने परंपरागत मुस्लिम वोटों पर नजर गड़ाए हुए हैं। इसी रणनीति के तहत सपा असम के मुस्लिम बहुल इलाकों में ही प्रत्‍याशी खड़ा करने की योजना बनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सपा 5 से 10 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार खड़े कर सकती है।

अखिलेश यादव की मौजूदगी में रोहित पांडेय समेत कई नेता सपा में शामिल, BJP पर तीखा प्रहार

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हर राजनीतिक दल ने अपनी सियासी गोटियां सेट करनी शुरू कर दी हैं। प्रदेश में सियासी हलचलें काफी तेज हो गई हैं। इस बीच शनिवार को संतकबीरनगर सीट से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रोहित कुमार पांडे ने सैकड़ों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में सपा मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रोहित के साथ-साथ पूर्व डीआईजी राम शरद राम, डीएनएनएस यादव, अंकित सिंह और पूर्व पुलिस अधिकारी राजीव गुप्ता को भी पार्टी में शामिल कराया। इस मौके पर उन्होंने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने एलपीजी के बढ़े दामों और भारी टैक्स को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘जब जाएंगे भाजपाई, तभी हटेगी महंगाई।’ सपा मुखिया ने कहा कि सरकार टैक्स लगा कर महंगाई बढाती जा रही है। सिलेंडर पर सीधे 60 रुपये बढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा कि याद रखना होगा कि महंगाई एक बार बढ़ने के बाद कम नहीं होती है। अखिलेश ने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकार है वहां-वहां लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कानपुर की एक घटना का हवाला देते हुए सपा मुखिया ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग के लोग ही अपराधियों को जानकारी लीक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस वालों की कॉल डिटेल निकली तो पता चला कि वे अपराधियों से मिले हुए हैं। गांजे की तस्करी में भी पुलिस की संलिप्तता है। उन्होंने सवाल उठाया किक आखिर भारी मात्रा में पकड़ा जाने वाला गांजा जाता कहां है? उत्तर प्रदेश में 2012 से 2017 तक रही समाजवादी पार्टी की सरकार की उपलब्धियों गिनाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी सरकार में एक्सप्रेसवे, लैपटॉप वितरण, रिवर फ्रंट और थर्मल प्लांट जैसे तमाम बड़े काम हुए। सीएम योगी की विदेश यात्रा पर निशाना साधते हुए अखिलेश याव ने कहा, ‘ये पहले ऐसे सीएम हैं जो अपनी विदाई से पहले घूमने निकल गए।’ उन्होंने भाजपा द्वारा लॉन्च किए गए एक गाने पर आपत्ति जताई और कहा कि हम इस पर एफआईआर करवाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें पता है कि कोई पकड़ा नहीं जाएगा क्योंकि इसमें बीजेपी के लोग ही शामिल हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में बेरोजगार की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में फंसे लोगों को सरकार को जिम्मेदारी से वापस लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आज हमारी विदेश नीति विदेशों में तय होती है। रूस को भारत का पुराना मित्र बताते हुए उन्होंने कहा कि सस्ता मिले तो रूस से और तेल लेना चाहिए। अखिलेश यादव ने फॉम-7 को लेकर चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चुनाव आयोग झूठा है। वो झूठ बोल रहा है कि फार्म-7 नहीं भरवाए गए। कौन हैं रोहित पांडे? रोहित कुमार पांडे पूर्व में लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। सपाइयों का कहना है कि उनके पार्टी ज्वाइन करने से संगठन को जमीनी स्तर पर बड़ी मजबूती मिलेगी।

अखिलेश यादव बोले- CM योगी का रवैया सवालों के घेरे में, शंकराचार्य विवाद पर तीखा प्रहार

लखनऊ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा सीएम योगी को लेकर दिए गए बयान से मैं सहमत हूं। राजधानी लखनऊ में पार्टी ऑफिस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कोई मुख्यमंत्री, जो अपने आप को योगी कह रहे हों, पूजनीय शंकराचार्य को लेकर ऐसा कह सकते हैं क्या? इतना व्यवहार खराब हो सकता है? अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि हम शंकराचार्य से 100 प्रतिशत सहमत हैं। रविवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सिद्दीकी को सपा की सदस्यता ग्रहण कराई। उनके साथ उनकी पत्नी और 7 अन्य नेताओं ने भी रविवार को समाजवादी पार्टी का दामन थामा। नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। मायावती का साथ छोड़ने के बाद उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की थी। पिछले महीने उन्होंने कांग्रेस से भी इस्तीफा दे दिया था। सिद्दीकी ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अलग-अलग दलों में रहते हुए भी हमेशा मुलायम सिंह यादव से प्रभावित रहा। इसी तरह मैंने हमेशा अखिलेश यादव को ही अपना नेता माना। पिछले महीने, नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस्तीफा भेजकर पार्टी छोड़ने का कारण व्यक्तिगत बताया था। अपने लिखित इस्तीफा पत्र में सिद्दीकी ने कहा कि वे ‘अपरिहार्य कारणों’ से अपनी प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों का त्याग कर रहे हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बसपा से की और मायावती सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला।

मतदाता सूची पर घमासान: अखिलेश यादव ने BJP को घेरा, बोले– फार्म-7 जमा हुए सब निरस्त हों

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी एसआईआर को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मांग की कि अब तक जमा किए गए सभी फार्म-7 निरस्त किए जाएं। फार्म-7 पर आयोग का होलोग्राम लगाया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि फार्म-7 को लेकर पूरे प्रदेश से खबर आ रही है। भाजपा बड़े पैमाने पर धांधली कर रही है। समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में एक करोड़ 99 हजार 710 वोट काटने की तैयारी है। मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में सपा मुखिया ने आरोप लगाया कि सबसे पहले सीतापुर में ये खेल हुआ है। वहां जांच में पता चला कि जिसने शिकायत की है वो लिख भी नहीं सकता है। वह अंगूठा लगाता है जबकि शिकायत पर उसके हस्ताक्षर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा से मिलकर लाखों की संख्या में फार्म-7 छपवाए हैं। टारगेट करके पीडीए खासकर मुस्लिम समाज के लोगों के वोट काटे जा रहे हैं। इस आईएएस का नाम बाद में बताऊंगा उन्होंने आरोप लगाया कि आईएएस अफसर सीएम ऑफिस में बैठकर बीएलओ को धमका रहे हैं। उनके नाम की घोषणा मैं बाद में करूंगा। अखिलेश ने कहा कि मुझे लग रहा है कि मुझे लग रहा है कि वन नेशन वन इलेक्शन की तरफ जा रहे हैं और न जानें कहां जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि मतदाता को वोटल लिस्ट नहीं दिखाई जा रही है। मतदाता पूछते हैं तो उन्हें पंचायत चुनाव की लिस्ट दिखा दी जा रही है। इस दौरान पूर्व मंत्री योगेश ने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 6321 वोट काटने की तैयारी है। फार्म भरकर भेज दिए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में फार्म भरकर भेज दिए गए हैं। सुल्तानपुर में तो मुस्लिम महिला बीएलओ का ही नाम काट दिया गया। छपे-छपाए फार्म पर इपिक नंबर और डिटेल भरकर विधानसभावार भेजा जा रहा है। भाजपा हर विधानसभा में 10 हजार वोट कटवाना चाहती है। सदर सुल्तानपुर और कन्नौज में भी इसी तरह वोट काटा जा रहा है। लखनऊ सरोजनीनगर में 100 से अधिक फार्म पर दशरथ ने हस्ताक्षर कर जमा किए हैं। उन्होंने कहा कि नियम कहता है कि कोई गलत फार्म जमा करता है तो लोक अधिनियम के तहत एफआईआर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीडीए प्रहरी से अपील है कि एक भी वोट करने न पाए।  

‘जनविरोधी बजट’ का आरोप: अखिलेश यादव बोले- सिर्फ चुनिंदा लोगों को फायदा

लखनऊ केंद्रीय बजट पेश होने के बाद शेयर माकेर्ट में आई गिरावट को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ‘हमने पहले ही कहा था, सवाल यह नहीं है कि बाज़ार कब खुलेगा, सवाल यह है कि और कितना गिरेगा।’ ‘भाजपाई भ्रष्टाचार की अद्दश्य खाता-बहीः अखिलेश अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने बयान जारी कर कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से जनता को कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से भी क्या अपेक्षा की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का हर बजट ‘1/20 का बजट’ होता है, क्योंकि यह केवल 5 प्रतिशत लोगों के हित में तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट अपने कमीशन और अपने लोगों को सेट करने का दस्तावेज़ है तथा इसे ‘भाजपाई भ्रष्टाचार की अद्दश्य खाता-बही’ बताया। ‘बजट में न आम जनता का जिक्र है और न ही उनकी फिक्र’ सपा अध्यक्ष का कहना है कि इस बजट में न आम जनता का जिक्र है और न ही उनकी फिक्र। महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बेतहाशा बढ़ती कीमतों के बावजूद आम लोगों को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई, जो सीधे तौर पर ‘टैक्स-शोषण’ है। वहीं दूसरी ओर अमीरों के कारोबार और घूमने-फिरने पर कई तरह की छूटें दी गईं, जबकि बेकारी और बेरोज़गारी से जूझ रहे युवाओं व आम नागरिकों की उम्मीदों की थाली खाली रह गई। उन्होंने बजट को ‘निराशाजनक और निंदनीय’ बताते हुए कहा कि यह आम आदमी की ज़रूरतों से पूरी तरह कटा हुआ है।

अखिलेश यादव ने कहा- कांग्रेस ने ही ईडी का गठन किया था, आज वे ईडी के कारण मुश्किल में हैं, खत्म कर देना चाहिए

नई दिल्ली नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दायर होने के बाद जहां देशभर में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक अलग और तीखा रुख अपनाया है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि “ईडी जैसी एजेंसियों को खत्म कर देना चाहिए। नेशनल हेराल्ड मामले पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, “कांग्रेस ने ही ईडी का गठन किया था। आज वे ईडी के कारण मुश्किल में हैं…आर्थिक अपराधों की जांच के लिए कई संस्थाएं हैं…ईडी जैसी एजेंसियों को खत्म कर देना चाहिए। कांग्रेस ने ही ईडी कानून बनाया था। उस समय कई पार्टियों ने इसका विरोध किया था और कांग्रेस से कहा था कि आप ऐसा कानून ला रहे हैं जिससे अंततः आपको ही परेशानी हो सकती है। महाराष्ट्र में भाजपा के खिलाफ कोई भी नेता ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का सामना करता था…मैं इतना समझता हूं कि ईडी जैसे विभाग को खत्म कर देना चाहिए। मैं कांग्रेस से भी यही मांग करने को कहूंगा। ईडी होने का मतलब है कि आप आयकर विभाग या जीएसटी जैसी अपनी संस्थाओं पर भी भरोसा नहीं कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा, “… यूपी का डबल इंजन एक दूसरे के पक्ष में नहीं है। एक दूसरे से टकरा रहे हैं। साथ नहीं चल रहे। आमने सामने टक्कर मार रहे हैं। पहले इंजन टक्कर मार रहे थे, अब डिब्बे भी टक्कर मार रहे हैं

अखिलेश यादव ने दावा किया – आगामी चुनाव में सूखे पत्ते की तरह भाजपा का सफाया हो जाएगा

कन्नौज उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी दो साल दूर है। इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया है कि आगामी चुनाव में सूखे पत्ते की तरह भाजपा का सफाया हो जाएगा। कन्नौज पहुंचे सपा प्रमुख ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश की योगी सरकार पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने गरीब, किसान, महाकुंभ सहित अन्य मुद्दों पर प्रदेश की सरकार को घेरा। अखिलेश ने महाकुंभ को लेकर कहा कि महाकुंभ की जो व्यवस्था खराब की है। उसके जिम्मेदार प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री महाकुंभ की व्यवस्था की निगरानी खुद कर रहे थे। लेकिन, महाकुंभ में हादसा हुआ, कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। लेकिन, सरकार मौत का सही आंकड़ा नहीं पेश कर रही है। क्योंकि, उन्हें डर है कि अगर कहीं मौत का आंकड़ा जारी कर दिया तो उनकी सच्चाई सबके सामने आए जाएगी। अखिलेश ने आगे कहा कि हमने कभी गंगा के पानी पर सवाल नहीं खड़ा किया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा के पानी को खराब बताया। लेकिन, उत्तर प्रदेश का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कह रहा है कि गंगा का पानी साफ है। इससे साफ होता है कि लखनऊ वाले दिल्ली वालों को गाली दे रहे हैं अखिलेश ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों-गरीबों की नहीं है। अगर यह सरकार होती तो किसानों-गरीबों की खुशहाली के लिए कार्यक्रम हो रहे होते। सरकार के पिछले 9 बजट पर गौर करे तो साफ हो जाता है कि प्रदेश की सरकार हमारे किसानों के लिए कुछ नहीं कर रही है। अगर सरकार ने काम किया होता तो गांव की तस्वीर कुछ और होती। प्रदेश की सरकार किसानों को समय पर खाद और बीज मुहैया नहीं करा पा रही है। किसानों को कीटनाशक दवाइयां नहीं मिल रही है। फसल नुकसान होने के दौरान नुकसान की भरपाई भी नहीं हो रही है। प्रदेश की सरकार में बीते 9 साल में युवाओं को रोजगार नहीं मिला। युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। गरीबों को महंगी बिजली दी जा रही है। 24 घंटे बिजली देने का इनका दावा खोखला साबित हुआ है।

सरकार रोजगार नहीं दे पा रही है, सारे नारे असफल होने के बाद वह चोरी-छिपे वक्फ बिल लाए हैं: अखिलेश यादव

वाराणसी समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वक्फ बिल को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बजट की मायूसी को छिपाने के लिए यह बिल चोरी-छिपे लाया गया है। सपा मुखिया अखिलेश यादव शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों पर जमकर हमला बोला है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भारत सरकार का अब तक सबसे बड़ा बजट पेश हुआ है। सरकार का दावा रहा है कि आने वाले समय में दुनिया की पांचवीं अर्थव्यवस्था से नंबर तीन पर पहुंच जाएंगे। नौकरी, रोजगार, किसान की आय, विकसित भारत का रोडमैप तैयार किया है। लेकिन बजट आने के बाद एक मायूसी छाई। जो आंकड़े नजर आए, उनसे न विकसित भारत बनने जा रहा है, न इससे कोई अर्थव्यवस्था बढ़ने जा रही है, न किसान की आय दोगुनी होगी। अखिलेश ने कहा कि सरकार रोजगार नहीं दे पा रही है। सारे नारे असफल होने के बाद वह चोरी-छिपे वक्फ बिल लाए हैं। बिल इसलिए लाए हैं कि बजट से मायूसी है। इनका यही पुराना तरीका है। मुख्यमंत्री योगी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आने वाले समय में हमें पूरे वस्त्र पहनकर स्नान करना पड़ेगा। जिस सरकार ने विकसित भारत बनाएंगे, बनारस को क्यूटो बनाएंगे की बात की थी, वहां महाकुंभ में लोगों की जान गई है। जाम में बड़े लोग परेशान हुए हैं। शहरवासी भी परेशान हुए। सरकार सब कुछ छिपा रही है। जो सरकार अच्छी व्यवस्था का दावा कर रही थी, न जाने कितने लोगों की जान चली गई। भगदड़ में ही नहीं, बल्कि जो यहां श्रद्धालु आए थे, उनकी भी जान गई। सरकार छिपा रही है। उन्होंने आगे कहा कि जो भी भारत की सीमा और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बनता हो, उस पर कार्रवाई हो। उसमें सबको सहयोग करना चाहिए। मुंबई कॉपरेटिव बैंक के बंद होने पर उन्होंने कहा कि कॉपरेटिव यूनिवर्सिटी बनने जा रही है। आपके पैसे की कीमत नहीं बची है। महंगाई कम हो जाती तो सबको लाभ मिल जाता है। कोविड के बाद आप लोगों का वेतन नहीं बढ़ा है। यह कोई नई चीज नहीं है। जिस बजट ने नौकरी न दी हो, जिससे किसानों की आय न बढ़ी हो, जिस बजट से व्यापार न बढ़ा हो, जिस बजट से हमारे देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को कोई लाभ न पहुंचा हो, इस बजट में मायूसी थी। निराश किया। सरकार ने धोखा दिया। जानबूझकर ऐसे बिल लाए हैं। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को लेकर कहा कि यह बहुत पहले कर देना चाहिए था।

कुंभ में लगे ट्रैफिक से प्रयागराज में जो लोग हैं उनकी तकलीफ ज्यादा है. लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे: अखिलेश

प्रयागराज कुंभ में लगे ट्रैफिक के लंबे जाम पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. अखिलेश ने कहा कि सरकार को सारे इंतजाम करने चाहिए थे. अगर ऐसा हुआ होता तो जनता को परेशानी नहीं होती. अखिलेश ने कहा, मुख्यमंत्री ने कहा था कि हमने 100 करोड़ लोगों के आने का इंतजाम किया है. लोग गाड़ियों में हैं, बसों में हैं, जाम में हैं. व्यवस्थाएं जो बनानी चाहिए थी वह इस सरकार ने बिगाड़ दी. मुख्यमंत्री ने खुद बिगाड़ी है, क्योंकि मुख्यमंत्री जी खुद इंजीनियर बन जाते हैं. मुख्यमंत्री खुद पुलिस अफसर बन जाते हैं. खुद डॉक्टर बन जाते हैं. खुद ट्रैफिक ऑफिसर बन जाते हैं. जब जिम्मेदार अधिकारियों को मौका नहीं देंगे तो यही परिस्थितियां होंगी. ‘आंदोलन रोकना हो तो पुलिस फोर्स है’ अखिलेश ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में ना IAS की कमी है, ना IPS की कमी है, ना अच्छे अधिकारियों की कमी है, आखिर वह अधिकारी कर क्या रहे हैं? आपको मस्जिद गिरानी हो, आपको किसी विपक्षी नेता के खिलाफ कार्रवाई करनी हो, विपक्ष के लोगों का आंदोलन रोकना हो इनके पास पुलिस फोर्स है. इन्होंने अभी मिल्कीपुर फोर्स और अधिकारियों के दम पर लूट लिया. अगर इतनी ही बुद्धिमानी आप कुंभ में दिखाएंगे तो जो लोग आए उनको सुविधा मिलेगी. वो स्नान करके पुण्य कमाकर जाएंगे. आज तक खोने वालों की सूची, मरने वालों की सूची, रास्ते में जो लोग मर गए उनकी सूची जारी नहीं की गई. ‘डीजल-पेट्रोल खत्म हो रहा है’ सपा अध्यक्ष ने कहा कि आप डिजिटल की बात कर रहे हैं तो वह डिजिटल कहां है. ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए ड्रोन का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे हैं? वहां ना पानी है, ना खाना है ना सुविधा दे पा रहे हैं. अब तो सुनने में आ रहा है कि डीजल-पेट्रोल खत्म हो रहा है, यह तो आने वालों की तकलीफ है. प्रयागराज में जो लोग हैं उनकी तकलीफ ज्यादा है. लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. हमने कई तरह के कार्यक्रम देखे हैं, लेकिन प्रयागराज के लोग पहली बार ऐसे कार्यक्रम में हाउस अरेस्ट हो रहे हैं. यह सरकार अपने आप को चमका रही है, यह सरकार खुद को चमकाने के चक्कर में सबको डूबाना चाहती है. ‘भारतीय जनता पार्टी लूटती है’ अखिलेश ने मिल्कीपुर चुनाव पर कहा, एक केस स्टडी है, कैसे भारतीय जनता पार्टी लूटती है, कैसे मैनेजमेंट करती है. यह लोकतंत्र के जांबाज लोग हैं, इनको लोकतंत्र के जांबाज का अवार्ड मिलना चाहिए. पुलिस वाले, पीठासीन अधिकारी, शिक्षा विभाग के दो अधिकारी, इनको लोकतंत्र का जांबाज वाला अवार्ड मिलना चाहिए. सरकार उनके अवार्ड की व्यवस्था करें, क्योंकि लोकतंत्र में किसी भी दल के लिए इतना बेहतरीन मैनेजमेंट नहीं किया जा सकता. यह मैनेजमेंट दूसरे दल के लोगों के लिए सीखने का है. दिल्ली के चुनाव नतीजे पर अखिलेश ने कहा कि यह चुनाव में होता है. हार जीत होती है, हमें उम्मीद है आप पार्टी भविष्य में अच्छा करेगी

सपा की हार पर अखिलेश का आया बयान, ‘मिल्कीपुर की जीत पर कई गुना भारी रहेगी लोकसभा में अयोध्या में मिली जीत’

लखनऊ उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में बीजेपी ने 60 हजार वोटों से प्रचंड जीच दर्ज की है। भाजपा प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान ने सपा उम्मीदवार अजीत प्रसाद को करारी शिकस्त दी है। उपचुनाव में समाजवादी पार्टी की हार पर अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज कसा है। उन्होंने सरकार पर धांधली का आरोप लगाते हुए कहा है कि सभी 403 विधानसभाओं में ये ‘चार सौ बीसी’ नहीं चलेगी। ‘403 विधानसभाओं में ये ‘चार सौ बीसी’ नहीं चलेगी’ अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर लिखा- “पीडीए की बढ़ती शक्ति का सामना भाजपा वोट के बल पर नहीं कर सकती है, इसीलिए वो चुनावी तंत्र का दुरुपयोग करके जीतने की कोशिश करती है। ऐसी चुनावी धांधली करने के लिए जिस स्तर पर अधिकारियों की हेराफेरी करनी होती है, वो 1 विधानसभा में तो भले किसी तरह संभव है, लेकिन 403 विधानसभाओं में ये ‘चार सौ बीसी’ नहीं चलेगी। इस बात को भाजपा वाले भी जानते हैं, इसीलिए भाजपाइयों ने मिल्कीपुर का उपचुनाव टाला था।” ये झूठी जीत है – अखिलेश यादव सपा प्रमुश ने आगे लिखा,’पीडीए मतलब 90% जनता ने ख़ुद अपनी आंखों से ये धांधली देखी है। ये झूठी जीत है, जिसका जश्न भाजपाई कभी भी आईने में अपनी आंखों-में-आंखों डालकर नहीं मना पाएंगे। उनका अपराधबोध और भविष्य में हार का डर उनकी नींद उड़ा देगा। अखिलेश ने पुलिस अधिकारियों पर कसा तंज अखिलेश यादव ने पुलिस अधिकारियों पर तंज कसते हुए ‘एक्स’ पर आगे लिखा,”जिन अधिकारियों ने चुनावी घपलेबाजी का अपराध किया है वो आज नहीं तो कल अपने लोकतांत्रिक-अपराध की सज़ा पाएंगे। एक-एक करके सबका सच सामने आएगा। न कुदरत उन्हें बख़्शेगी, न कानून. भाजपाई उनका इस्तेमाल करके छोड़ देंगे, उनकी ढाल नहीं बनेंगे। जब उनकी नौकरी और पेंशन जाएगी तो वो अपने बच्चों, परिवार और समाज के बीच अपमान की ज़िंदगी की सज़ा अकेले भुगतेंगे। लोकसभा चुनावों में अयोध्या में हुई पीडीए की सच्ची जीत, उनके मिल्कीपुर के विधानसभा की झूठी जीत पर कई गुना भारी है और हमेशा रहेगी।”

एजेंसियों के अपने सर्वे होते हैं, अपने हिसाब से एग्जिट पोल के नतीजे जारी किए हैं, रिजल्ट आएगा तब बातचीत करेंगे: अखिलेश

नई दिल्ली उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने शुक्रवार को महाकुंभ में आग लगने की घटना पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान महाकुंभ में आग लगने की घटना पर कहा कि सच्चाई तो यह है कि भारतीय जनता पार्टी ने कुंभ में आग लगा दी। कुंभ की ही आग लगा दी। दिल्ली में चुनाव परिणाम को लेकर सपा सांसद ने कहा कि एजेंसियों के अपने सर्वे होते हैं, उन्होंने अपने हिसाब से एग्जिट पोल के नतीजे जारी किए हैं। शनिवार को जब दिल्ली का रिजल्ट आएगा तब बातचीत करेंगे। बता दें कि महाकुंभ के लिए योगी सरकार द्वारा पहले से ही व्यापक स्तर पर जो तैयारी की गई थी, उसकी मदद से शुक्रवार को बड़ा हादसा टल गया। ओल्ड जीटी रोड स्थित महाकुंभ नगर में शुक्रवार को स्वामी हरिहरानंद और सुखदेवानंद के शिविर में अचानक आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही तत्काल महाकुंभ के फायर ब्रिगेड की 10 से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पा लिया। चीफ फायर ऑफिसर प्रमोद शर्मा के अनुसार, आग इस्कॉन क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिससे 20 से 22 टेंट जल गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। गौरतलब है कि इससे पहले 30 जनवरी को भी प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेला क्षेत्र में आग लग गई थी। यह आग मेला क्षेत्र के झूंसी छतनाग घाट नागेश्वर घाट सेक्टर-22 के पास लगी थी, उस दौरान भी कोई जनहानि नहीं हुई थी।

अखिलेश यादव ने प्रशासन पर सवाल उठाए, मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू

नई दिल्ली उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मिल्कीपुर में उपचुनाव निष्पक्ष नहीं हुआ है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, “अगर चुनाव आयोग सख्त कार्रवाई करता तो मिल्कीपुर में निष्पक्ष चुनाव हुआ होता। ये चुनाव निष्पक्ष नहीं हुआ है, इसलिए मैंने कहा है कि वह (भाजपा) बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का दिया हुआ वोटिंग का अधिकार छीनना चाहते हैं। सभी ने देखा है कि भाजपा के लोगों ने वोट के अधिकार को भी छीन लिया है।” उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा, “अयोध्या के एसएसपी राजकरन नय्यर, मिल्कीपुर के एसडीएम राजीव रतन सिंह, सीओ मिल्कीपुर श्रेयस त्रिपाठी, इनायतनगर थाना के एसओ देवेंद्र पांडेय, थाना कुमारगंज के अमरजीत सिंह, थाना खंडासा के संदीप सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक पवन तिवारी पर काफी दबाव है। इतनी सी बात है कि दबाव बहुत है और कोई भी सच नहीं बोल सकता है।” बता दें कि मिल्कीपुर विधानसभा की जनता ने उपचुनाव में अपना 2022 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहां के मतदाताओं ने साल 2022 में हुए अब तक के सर्वाधिक 60.23 फीसदी मतदान को पीछे छोड़ते हुए उपचुनाव में 65.35 फीसदी मतदान किया है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिलकर मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में धांधली को लेकर ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के पोलिंग एजेंटों को मतदान कक्ष से बाहर निकाला गया, पुलिस अधिकारियों द्वारा मतदाताओं की आईडी चेक की गई और दर्जनों पोलिंग स्टेशनों पर भाजपा द्वारा फर्जी वोटिंग कराया गया। आरोप ये भी है कि भाजपा नेताओं द्वारा चार पहिया वाहनों के काफिले के साथ निर्वाचन क्षेत्र में घूम-घूम कर चुनाव को प्रभावित किया गया है।

मिल्कीपुर उपचुनाव पर भड़के अखिलेश यादव, कहा- ‘चुनाव आयोग मर गया है, सफेद कपड़ा भेंट करना होगा’

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने मिल्‍कीपुर उपचुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। गुरुवार को दिल्‍ली में संसद जाने से पहले मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि यह भाजपा का चुनाव लड़ने का तरीका है। चुनाव आयोग मर गया है, सफेद कपड़ा हमें भेंट करना पड़ेगा। इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा है कि अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा सरकार के इशारे पर लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की धज्जियां उड़ाई गईं। भाजपा और प्रशासन ने कई जगहों पर फर्जी वोटिंग की और जमकर धांधली की। आरोप लगाया कि मुस्लिम महिलाओं का बुर्का हटाकर उनकी पहचान करने के बहाने उन्हें भयभीत और अपमानित किया गया। पुलिस के बड़े अधिकारियों ने भी मतदाताओं का परिचय पत्र चेक किया। अप्रत्यक्ष रूप से मतदाताओं में भय उत्पन्न करके मतदान को प्रभावित करने का लोकतांत्रिक अपराध किया गया है। अखिलेश ने कहा है कि पुलिस-प्रशासन का रवैया अलोकतांत्रिक रहा। दर्जनों बूथों पर समाजवादी पार्टी के बूथ एजेंटों को डराया-धमकाया गया। भाजपा ने मिल्कीपुर में बेईमानी के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए। भाजपा ने मिल्कीपुर उपचुनाव को प्रभावित करने के लिए अराजकता की। पुलिस-प्रशासन का उन्हें खुला संरक्षण मिला। मिल्कीपुर उपचुनाव में कई बूथों पर प्रशासन और बीएलओ ने फर्जी मतदान कराया। भाजपा के सत्ता संरक्षित लोगों ने फर्जी वोटिंग करवाई। बूथ संख्या-158 पर एसडीएम द्वारा खुद बूथ कैप्चरिंग की शिकायत चुनाव आयोग से की गई। अखिलेश ने आयोग से मामले को संज्ञान में लेकर ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। अखिलेश ने कहा कि पुलिस-प्रशासन ने मतदाताओं के बीच डर का माहौल बनाकर मतदान को प्रभावित किया। भाजपा के समर्थकों ने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने फर्जी मतदान किया है। अकेले एक व्यक्ति ने छह वोट डाले। फर्जी मतदान करते हुए कुछ लोगों को समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अजीत प्रसाद ने स्वयं पकड़ा है। मिल्कीपुर उपचुनाव में रायपट्टी अमानीगंज में फर्जी वोट डालने की बात अपने मुंह से कहने वाले ने साफ कर दिया कि भाजपा सरकार में अधिकारी किस तरह से धांधली में लिप्त है। निर्वाचन आयोग को और क्या सबूत चाहिए।

अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा दरार वाली पार्टी है, अधिकारियों का जाति के आधार पर हुआ सस्पेशन

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आज पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस अखिलेश यादव ने पार्टी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा दरार वाली पार्टी है। अधिकारियों का जाति के आधार पर हुआ सस्पेशन – अखिलेश  वहीं संभल में हो रही कार्रवाई को लेकर सपा प्रमुख ने कहा कि जिले में जो कुछ हुआ है इसकी सच्चाई सबके सामने है। इसके लिए हमारे लोगों को पहली बार संभल के लोगों से मिलने के लिए नहीं जाने दिया गया था। सरकार आखिर क्या वहा छुपाना चाहती है। सर्वे को लेकर सरकार को इतनी जल्दी क्या थी। प्लेसेज ऑफ वरशिप एक्ट का क्यों ध्यान नहीं रखा गया। संभल में पार्टी के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। लोगों को पीटा जा रहा है। दबाव बनाया जा रहा है। हमारे लोग जब संभल में गए तो वहां अधिकारियों का जाति के आधार पर सस्पेशन किया गया। भाजपा एक हृदयहीन पार्टी है – अखिलेश सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी को घेरते हुए कहा कि भाजपा दरार वाली पार्टी है। भाजपा का आकलन करे तो वह हृदयहीन पार्टी है। इस सरकार में न्याय मिलना, लोगों की सुनवाई हो, ऐसा होता हुआ नहीं नजर आ रहा है। भाजपा के दो पलड़े हैं, एक पीडिए के खिलाफ अन्याय और दूसरा भ्रष्टाचार। भाजपा में भ्रष्टाचार के आरोप उनके लोग ही लगा रहे है। वहीं मिल्कीपुर उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि मिल्कीपुर चुनाव सबसे फेयर चुनाव होने जा रहा है। ‘सपा के सत्ता में आने पर होगी कानूनी कर्रवाई’ प्रयागराज में होने जा रहे महाकुंभ को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ में संत महात्मा बड़ी संख्या में आए हैं। मैं उन सभी से अनुरोध करना चाहता हूं कि वो जब यहां से जाएं तो कुछ और लोगों को भी अपने साथ ले जाएं। ऋषिमुनियों से मेरा अनुरोध है कि जब यहां से जाएं तो अपने साथियों को अपने साथ लेकर जाएं क्योंकि कुछ लोगों को जो काम नहीं करना चाहिए, जो काम नहीं आता वो काम कर रहे हैं। अपना भ्रष्ट्राचार छुपाने के लिए हत्या हो गई। लखनऊ में ट्रांसफर पोस्टिंग का हर विभाग में रेट तय हो गया है। पूरे स्वास्थ्य विभाग में दवाई से लेकर इलाज तक भ्रष्ट्राचार हो रहा है। जब कभी समाजवादी सत्ता में आएंगे तो इन सबकी जांच करवा कर कानूनी करवाई करेंगे।  

बुलडोजर पर निशाना साधते हुए इस पोस्टर पर लिखा गया है ‘सपा के राज में बुलडोजर जाएगा गैराज में: अखिलेश यादव

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के नेता रंजीत सिंह द्वारा नए साल की शुभकानाएं देने के लिए एक पोस्टर लगाया गया है। यह पोस्टर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आवास के पास लगाया गया है। इस पोस्टर पर अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ-साथ डॉक्टर बी.आर अंबेडकर की तस्वीर भी है। साथ ही बुलडोजर पर निशाना साधते हुए इस पोस्टर पर लिखा गया है ‘सपा के राज में बुलडोजर जाएगा गैराज में।’ बीजेपी के पोस्टर पर सपा का पलटवार नए साल के अवसर पर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच पोस्टर वॉर शुरू हो गई है। नए साल के मौके पर बीजेपी दफ्तर के बाहर एक पोस्टर लगाया गया था। जिसपर लिखा था, ” चरखे से क्रांति आई, बुलडोजर से शांति आई।”  इस पोस्टर के जवाब में अब सपा ने एक पोस्टर जारी कर बुलडोजर पर निशाना साधते  हुए लिखा, “सपा के राज में बुलडोजर जाएगा गैराज में. बुलडोजर में नहीं रह गया कोई दम, साइकिल दिखाएगी 27 में दम।” उपचुनाव से ही जारी है पोस्टर वॉर दोनों पार्टियों के पोस्टर को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। ये पहला मौका नहीं है जब दोनों पार्टियों के बीच पोस्टरबाजी देखने को मिल रही है। गौरतलब हो कि उपचुनाव के समय से ही सपा और भाजपा में पोस्टर वॉर छिड़ी हुई है। पोस्टर की ये सियासी जंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बंटेंगे तो कटेंगे वाले बयान से शुरू हुई थी। जिसके बाद दोनों पार्टियों की सियासत तेज हो गई थी। अब एक बार फिर बुलडोजर को लेकर दोनों में सियासत गरमा रही है।

कुंभ में निमंत्रण नहीं दिया जाता है, कुंभ में लोग अपने आप आस्था से आते हैं: अखिलेश यादव

प्रयागराज समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाकुंभ को लेकर दिए जा रहे निमंत्रण पर बयान दिया है. प्रेस कॉन्फ्रेस में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, “कुंभ में निमंत्रण नहीं दिया जाता है. कुंभ में लोग अपने आप आस्था से आते हैं. मैं किसी के बारे में कुछ कहना नहीं चाहता. हमने अपने धर्म में सीखा और पढ़ा है कि ऐसे आयोजनों में लोग खुद आते हैं. जो करोड़ो लोग आएंगे क्या उन्हें निमंत्रण दिया जाता है? ये सरकार अलग है.” अखिलेश यादव ने कहा कि कुम्भ सही से हो हम सहायता देने के लिये तैयार हैं. मैंने भी हकीकत चेक कराई है, PDA पत्रकार ने कुंभ की हकीकत चेक की और सब उजागर हुआ है. वहीं VHP के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा, मैं तो कहता हूँ कि ये जो रोज खुदाई चल रही है. CM हाउस में भी करें वहाँ शिव मंदिर है, CM के घर में भी खुदाई हो शिवलिंग मिलेगा. अवैध निर्माण राज्यपाल के हाउस में भी हो रहा है. जर्मनी में बैलेट से डाले जाते हैं वोट-अखिलेश यादव वहीं सपा सांसद अखिलेश यादव ने जर्मनी के संसद सदस्य राहुल कंबोज को लेकर उन्होंने कहा कि उनसे लगातार बात हो रही थी. मुझे खुशी है कि हमलोग आज लखनऊ में मिल रहे हैं. आज की पीढी को सबसे ज्यादा पढ़ाई की जरूरत है. वो भी अपने परिवार को खुशहाल बनाना चाहता है. सपा मुखिया ने कहा कि जर्मनी जैसा देश जहां अभी भी बैलट से वोट डाले जाते हैं और हर स्तर पर बैलेट से चुनाव होते हैं. हमें भी अपने वोटिंग प्रक्रिया पर वो भरोसा वापस पैदा करना होगा. हम लोग अपनी संस्थाओं पर भरोसा खो रहे हैं, हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में जनता बदलाव लाने का काम करेगी. अखिलेश यादव ने कहा कि वहां की सु्प्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर आप ईवीएम की मांग करेंगे वोटिंग के लिए तो वो असंवैधानिक होगा. जब जर्मनी जैसा देश ये मान रहा है तो ये एक लंबी बहस है. हम भले हार जाएं लेकिन हमें भरोसा होना चाहिए कि हम हारे हैं. हम हारने के बाद भरोसा नहीं कर पा रहे हैं और जीतने वाला जीतने के बाद भरोसा नहीं कर रहा है. अंतिम चरण पर हैं महाकुंभ की तैयारियां बता दें कि प्रयागराज में अगले साल 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ को लेकर तैयारियां लगभग अंतिम चरण पर हैं. महाकुंभ की तैयारियों को लेकर यूपी सरकार ने युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं. खुद सीएम योगी महाकुंभ की तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

संभल: मंदिर और शिवलिंग होने के दावे किए जा रहे, अब अखिलेश ने कहा-सीएम आवास के नीचे भी शिवलिंग, खुदाई कराएं

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मंदिर खोजने और खुदाई का मामला छाया हुआ है। संभल के बाद से शहर-शहर नए मंदिर मिल रहे हैं और जगह-जगह मंदिर और शिवलिंग होने के दावे किए जा रहे हैं। इन दावों के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक दावा कर दिया है। अखिलेश यादव ने रविवार को दावा किया कि लखनऊ में सीएम योगी जिस मुख्यमंत्री आवास में रहते हैं उसके नीचे भी शिवलिंग है। अखिलेश ने उसकी भी खुदाई की मांग कर दी। अखिलेश यादव सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के नीचे शिवलिंग है। यह हमारी जानकारी है। इसकी भी खुदाई होनी चाहिए। अखिलेश यादव के इस दावे के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अखिलेश इससे पहले भी संभल में हो रही खुदाई को लेकर निशाना साध चुके हैं। अब मुख्यमंत्री आवास की खुदाई कराने की मांग के पीछे की उनकी रणनीति और मंशा को सीधे संभल में चल रही खुदाई से जोड़ा जा रहा है। संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के बाद से प्रशासन मुस्लिम इलाकों में लगातार बिजली चोरी और मंदिर के जीर्णोद्वार कराने में जुटा है। यहां पर कई पुराने कुओं को दोबारा खुदाई कर नया जीवन दिया जा रहा है। जमीन के अंदर चली गईं बावड़ियों पर भी खुदाई चल रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि मैं जब नए घर में जा रहा था तो पीआईएल हुआ थी। भाजपा और कांग्रेस दोनों के पीआईएल करने वालों को मैं जानता हूं। अखिलेश यादव ने अवैध अतिक्रमण बुलडोजर एक्शन को लेकर राजभवन के बाहर हुए कंस्ट्रक्शन का मामला उठाया। पूछा कि उसका नक्शा क्या पास है? वहां बुलडोज़र कब जाएगा? अखिलेश यादव पिछले कुछ दिनों से प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ की तैयारियों को लेकर चल रही अव्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। एक्स पर इसे लेकर कई वीडियो पोस्ट किए हैं। इसे लेकर अखिलेश ने कहा कि अगर हमारे कार्यकर्ताओं पर मुकदमे लगे तो कुम्भ मेले में अव्यवस्था की पूरी पोल खोल देंगे। वहीं सीएम योगी का दिल्ली जाकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित साह समेत तमाम लोगों को कुंभ का न्योता देने पर भी अखिलेश ने सवाल खड़ा किया। अखिलेश ने कहा कि कुंभ मे आने का किसी को आमंत्रण नहीं दिया जाता है। लोग स्वयं कुंभ मे आते है। अखिलेश ने कहा कि सरकार ने गंगा एक्सप्रेस वे कुंभ से पहले शुरू होने की बात कही थी, लेकिन कहां यह चालू हुआ। अखिलेश ने एक बार फिर ईवीएम पर सवाल उठाया और कहा कि यहां ईवीएम के कारण हारने वाले को हार का और जीतने वाले को जीत का विश्वास नहीं होता है। इसलिए हम मांग करते हैं कि बैलेट से ही चुनाव कराया जाए।

भाजपा को हराने वाले दलों से बढ़ाएंगे नजदीकियां, ये लोकतंत्र नहीं, एक तंत्र चाहते हैं: अखिलेश यादव

सहारनपुर अंबाला रोड स्थित पार्टी के गायक शाहनवाज साबरी के शादी समारोह में आज सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समर्थकों के साथ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उन दलों से पार्टी नजदीकियां बढ़ाएंगी, जो भाजपा को हराने के लिए आगे आएंगे। अखिलेश यादव ने संभल की घटना पर सरकार को घेरते हुए कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए घटना कराई गई है। कहा कि कहा कि जब भी जांच होगी। सरकार कटघरे में होगी और दोषी अधिकारियों को सजा मिलेगी। सदन में सीएम की भाषा अच्छी नहीं- अखिलेश इसके अलावा कहा कि सरकार के द्वारा सदन में गलत भाषा का इस्तेमाल होता है। मन विधान से चलने वाले लोग एक तंत्र पसंद करना चाहते है। सरकार की तरफ से गलत भाषा का इस्तेमाल होता है। लोकतंत्र पर हमला करने के लिए, ताकि लोकतंत्र कमजोर हो जाए। मन विधान से चलने वाले लोग एक तंत्र पसंद करना चाहते हैं। ये हालत दिल्ली का है। हमारे मुख्यमंत्री की भाषा सुनने पर गुस्सा आ जाएगा। सदन में उनकी भाषा अच्छी नहीं लगती है। सीएम योगी की भाषा बहुत गलत है- अखिलेश भाषा का ऐसा इस्तेमाल हो, जिसमें सम्मान हो। हमें सम्मान की बात भी करनी चाहिए। डिप्टी सीएम की भाषा भी निंदनीय है। कहा कि बुनियादी सवालों का जवाब उनके पास नहीं है। किसी भी गरीब को इलाज तक नहीं मिल पा रहा है। यह सरकार अस्पताल के साथ-साथ प्राइमरी स्कूलों को बंद करने जा रही है। सरकार में हर स्तर पर लूट देखने को मिलेगी। चाहे वह तहसील स्तर हो। वन नेशन, वन इलेक्शन…लोकतंत्र को कमजोर करने का तरीका है- अखिलेश अखिलेश ने कहा कि देश और समाज को तरक्की पर लाने के लिए नए रास्ते खोजने वाले हैं। वन नेशन, वन इलेक्शन, वन नेशन वन राशन और एक ही इलाज है वोट। लोकतंत्र को कमजोर करने का तरीका है। लोकतंत्र में हमारी पहचान बची रहे, लेकिन सरकार किसी को नहीं सुनना चाहती है। लोकतंत्र नहीं, वह एक तंत्र चाहते हैं। इजराइल में नौकरी पर बोलते हुए कहा कि गरीब बच्चे घर परिवार को छोड़कर इजराइल में मुसीबतों में नौकरी कर रहे हैं। जो सम्मान घर में मिलेगा, वह बाहर नहीं मिल सकता है। सरकार ने अगर नौकरी दी है तो उनकी सूची जारी करे। कोई भी पार्टी मौन नहीं है। ये सरकार बहुत कमजोर है। अखिलेश यादव के कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल सरसावा एयरपोर्ट पर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 3:5 मिनट पर पहुंचे। वहां पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। उसके बाद 3:20 पर वह अंबाला रोड स्थित न्यू सेलिब्रेशन रिसाेर्ट में आयोजित शादी समारोह में पहुंचे। इस दौरान अखिलेश यादव से मिलने के आपाधापी रही। इस दौरान अखिलेश यादव कई बार गिरते बचे। बाद में पुलिस ने व्यवस्था को संभाला। इस दौरान विधायक आसू मलिक, मौहम्मद उम्र अली खान, राष्ट्रीय महासचिव चौघरी रूद्रसैन, गंगोह विधानसभा प्रभारी चौंधरी इंद्रसैन, परीक्षित चौधरी, रागिब, अंजुम आदि मौजूद रहे।

‘संसद में 11 ‘जुमले’ सुनने को मिले’, पीएम मोदी के 11 संकल्पों पर अखिलेश यादव का तंज

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोकसभा में संविधान के 75 साल की गौरवशाली यात्रा पर चर्चा के बाद 106 मिनट के अपने जवाब में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए संवैधानिक मूल्यों की भावना के अनुरूप 11 संकल्प पेश किए। इन 11 संकल्पों को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने “11 जुमले” करार दिया। अखिलेश यादव ने सदन के बाद पत्रकारों से कहा, “प्रधानमंत्री का आज का बहुत लंबा भाषण था। आप लोगों से बेहतर कौन जान सकता है कि ‘जुमले’ से किसको जाना जाता था। आज हम लोगों को 11 जुमलों का संकल्प सुनने को मिला है। 15 लाख रुपये जुमला था। किसानों की आय दोगुनी होगी, वह जुमला था। एक करोड़ नौकरियां मिलेंगी, वह जुमला था। अग्निवीर जैसी नौकरी एक जुमला है। जीएसटी से महंगाई कम होगी यह भी जुमला निकला। उत्तर प्रदेश में आपको याद होगा कि इन्होंने कहा था कि जानवरों से सड़कें खाली हो जाएंगी, सड़कों पर जानवर नहीं दिखेंगे, वह बात भी जुमला निकली।” उन्होंने कहा कि भाजपा की परिवारवाद की बात भी जुमला निकली, क्योंकि इनके दल में ही परिवारवाद भरा पड़ा है। भारतीय जनता पार्टी कह रही है कि हम आरक्षण दे रहे हैं, लेकिन सच तो यह है कि पिछड़े, दलित और आदिवासियों का आरक्षण छीना जा रहा है। जाति जनगणना को लेकर हम लगातार संघर्ष कर रहे हैं। इसे लेकर लगातार हम आगे बढ़ रहे हैं। वह दिन आएगा जब जाति जनगणना भी होगी और आबादी के हिसाब से लोगों को हक और सम्मान भी मिलेगा। उनके अभी तीन जुमले और बचे हैं। जब समय आएगा तो आप खुद देख लेना। यह सरकार लोगों को ऐसे ही भटकाएगी।” उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने “भारतीय संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा” पर सदन में दो दिन की चर्चा का जवाब देते हुए कहा, “देश के भविष्य के लिए संविधान की भावना से प्रेरित होकर मैं आज इस सदन के समक्ष 11 संकल्प प्रस्तुत करना चाहता हूं। यदि प्रत्येक भारतीय अपने मूल कर्तव्यों का पालन करे तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से नहीं रोका जा सकता।”

अखिलेश यादव ने कहा- किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन और दैहिक स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता

नई दिल्ली अखिलेश यादव ने लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान अतीक अहमद के पुलिस सुरक्षा में मारे जाने का सवाल उठाया तो मस्जिद, मंदिर और जाति जनगणना के मुद्दों पर भी बात की। अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन और दैहिक स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता। यह मौलिक अधिकार है, लेकिन उत्तर प्रदेश में तो यही छीना जा रहा है। फर्जी मुठभेड़ों में कत्ल हो रहा है और पुलिस की अभिरक्षा में लोग मारे जा रहे हैं। यूपी में ऐसे हालात पहले कभी नहीं देखे गए। यूपी में हर दिन ऐसा हो रहा है। टीवी पर चलते हुए जान ले ली गई। हमारा प्रदेश हिरासत में मौतों के मामले में सबसे आगे जा रहा है। यूपी के पूर्व सीएम ने कहा कि ईडी का ऐसा कानून है कि बिना किसी नोटिस के ही लोग गिरफ्तार हो रहे हैं। इसके अलावा जाति जनगणना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि जाति जनगणना कराना चाहें तो करा लें। मैं तो कहता हूं कि आप चाहें तो करा लें, वरना हमें जब भी मौका मिलेगा तो हम कराएंगे। आउटसोर्सिंग से नौकरियां दी जा रही हैं। आरक्षण खत्म हो रहा है। कुलपति और प्रोफेसर नियुक्त करने में NFS लिख दिया जाता है यानी कोई उपयुक्त व्यक्ति नहीं मिला। यदि सारे वीसी, प्रोफेसर की सूची जारी कर दी जाए तो बात साफ हो जाएगी कि 10 फीसदी लोगों का ही ख्याल रखा जा रहा है। 90 फीसदी लोगों की कोई चिंता नहीं हो रही है। जाति जनगणना से भेदभाव नहीं बढ़ेगा बल्कि जातियों के बीच दूरियां कम होंगी। ऐसे लोगों को न्याय और सम्मान मिलेगा, जो अब तक इससे वंचित हैं। उन्होंने कहा कि देश में 2014 के बाद से असमानता तेजी से बढ़ी है। 140 करोड़ लोगों में से 82 करोड़ तो सरकारी राशन से जिंदा हैं। सरकार कहती है कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है तो मेरा सवाल है कि कैसे 82 करोड़ सरकारी राशन पर जिंदा हैं और कैसे कुछ लोगों के पास इतनी बड़ी दौलत है। यदि आपकी अर्थव्यवस्था ऊंचाई पर जा रही है तो हमारे जो 60 फीसदी गरीब लोग हैं, उनकी प्रति व्यक्ति क्या है। इसके आंकड़े भी तो सरकार को देने चाहिए। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि 5 फीसदी लोगों के पास कितनी कमाई है। राज्य की निगाह में सभी धर्म समान हैं। हमारा सेकुलरिज्म समानता की बात करता है, लेकिन क्या सरकार इस पर अमल कर रही है। देश के 20 करोड़ से ज्यादा अल्पसंख्यकों और खासतौर पर मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाया जा रहा है। उनके घर तोड़े जा रहे हैं और हत्याएं की जा रही हैं। प्रशासन की मदद से उनके धर्मस्थलों को कब्जा किया जा रहा है। हमने देखा है कि यूपी में इस तरह की घटनाएं जानबूझकर की गईं। मुझे याद है कि जब उत्तर प्रदेश में चुनाव चल रहा था को बहुत से लोगों को वोट के अधिकार से रोका गया। ऐसे इंतजाम किए गए थे कि लोग वोट डालने के लिए बूथ तक न पहुंच जाएं। पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे यूपी में एक अधिकारी पिस्तौल दिखाकर महिलाओं को वोट डालने से रोकता है। क्या यही लोकतांत्रिक गणराज्य है। अखिलेश यादव ने कहा कि हिटलर ने भी तो लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाने के बाद संविधान बदला था और तानाशाही लागू कर दी थी। संविधान की प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक न्याय दिलाने की बात है। लेकिन ऐसा क्या है। आर्थिक न्याय के बिना कुछ भी संभव नहीं है। धन्नासेठों की सरकार बड़े पैमाने पर पैसे खर्च करके सत्ता में आ जाती है। इससे राजनीतिक न्याय भी छिन जा रहा है। आज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ देशद्रोह है। आज उपासना में भी दिक्कत है क्योंकि हर मस्जिद के नीचे मंदिर खोजा जा रहा है। आज एक ही कानून कुछ लोगों के लिए अलग है। यदि सत्ता पक्ष का आदमी गेरूआ गमछा पहनकर गाली दे तो जी हुजूरी। दूसरा व्यक्ति न्याय मांगने जाए तो लाठी मिलती है।

संभल के भाईचारे को गोली मारी दी, लोकसभा में बोले अखिलेश-अफसरों पर दर्ज हो हत्‍या का मुकदमा

संभल समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में संभल हिंसा का मामला उठाया। उन्‍होंने कहा कि अचानक ये जो घटना हुई है। ये सोची समझी साजिश के तहत वहां के भाईचारे को गोली मारने का काम हुआ है। देश के कोने-कोने में भाजपा और उनके शुभचिंतक बार-बार खुदाई की जो बात कर रहे हैं, ये खुदाई, हमारे देश का सौहार्द, भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब को खो देगा। उन्‍होंने कहा कि यूपी में उपचुनाव की तारीख को 13 से बढ़ाकर 20 नवंबर कर दिया गया। अखिलेश जब संभल पर बोल रहे थे तो लोकसभा में भाजपा सदस्‍यों की ओर से लगातार आपत्ति जताई गई। शोर शराबे के बीच अखिलेश ने अपनी बात जारी रखी। उन्‍होंने संभल हिंसा के लिए याचिका दायर करने वालों के साथ पुलिस-प्रशासन को जिम्‍मेदार ठहराते हुए संबंधित अफसरों को सस्‍पेंड करने और उनके खिलाफ हत्‍या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। सपा मुखिया ने कहा कि संभल की शाही जामा मस्जिद के खिलाफ सिविल जज सीनियर डिविजन के यहां एक याचिका डाली। दूसरे पक्ष को सुने बिना कोर्ट ने उसी दिन सर्वे का आदेश दे दिया और अधिकारी उसी दिन दो घंटे बाद पुलिस बल के साथ सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंच भी गए। जामा मस्जिद की कमेटी और अन्‍य लोगों ने पूरा सहयोग दिया। संभल के डीएम और एसपी ने ढाई घंटे सर्वे के बाद कहा कि सर्वे पूरा हो चुका है और रिपोर्ट कोर्ट को भेज दी जाएगी। लेकिन 22 नवंबर को जब लोग जुमे की नमाज के लिए पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। उसके बाद भी लोगों ने संयम बरतते हुए नमाज अदा की और किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं किया। 29 नवंबर की तारीख को कोर्ट में सुनवाई तय थी। मस्जिद पक्ष के लोग कोर्ट में सुनवाई के लिए तैयारी कर रहे थे लेकिन 23 नवंबर की रात पुलिस प्रशासन ने कहा कि अगली सुबह दोबारा सर्वे किया जाएगा। मुस्लिम पक्ष ने कहा कि सर्वे तो पूरा हो चुका है। दोबारा सर्वे कराना ही है तो कोर्ट से आदेश लें लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। तानाशाही दिखाते हुए सुबह के वक्‍त से पहले शाही जामा मस्जिद आ गए। अखिलेश ने कहा कि मुस्लिम कम्‍युनिटी के लोगों ने फिर भी धैर्य रखा और दोबारा सर्वे के लिए अंदर ले गए। सर्वे के दौरान करीब डेढ़ घंटे बाद लोग इक्‍ट्ठा हो गए। लोगों ने सर्वे का कारण जानना चाहा तो सर्किल ऑफिसर ने उनके साथ गाली-गलौज की और लाठीचार्ज करवाकर बुरी तरह घायल कर दिया। इसका विरोध करते हुए चंद लोगों ने पत्‍थर चलाए। इसके बदले में सिपाही से लेकर अधिकारियों तक ने अपने सरकारी और प्राइवेट हथियारों से गोलियां चलाईं, जिसका वीडियो रिर्कार्डिग है। दर्जनों लोग घायल हो गए। पांच लोग जो अपने घर से सामान लेने के लिए निकले थे उनकी मृत्‍यु हो गई। संभल का माहौल बिगाड़ने में याचिका दायर करने वाले लोगों के साथ पुलिस और प्रशासन के लोग जिम्‍मेदार हैं। इनको निलंबित करके हत्‍या का मुकदमा चलाना चाहिए। जिससे लोगों को इंसाफ मिल सके और आने वाले दिनों में कोई इस तरह संविधान के खिलाफ और गैरकानूनी घटना को अंजाम न दे सके। अखिलेश ने कहा कि ये लड़ाई दिल्‍ली और लखनऊ की है। वे दिल्‍ली पहुंचे जिस रास्‍ते, लखनऊ वाले भी उसी रास्‍ते दिल्‍ली पहुंचना चाहते हैं। कमेंट पर भड़के अखिलेश यादव मंगलवार को जब लोकसभा में संभल हिंसा पर बोल रहे थे उसी वक्‍त सत्‍ता पक्ष की ओर से किसी ने कोई कमेंट किया जिस पर वह भड़क गए। अखिलेश ने कहा कि ‘हम बनते तो बहुत कुछ हैं।’ इसके बाद वह फिर मुस्‍कुरा दिए और संभल की घटना पर बोलना शुरू कर दिया। लोकसभा में उनके ठीक पीछे की सीट पर संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बैठे हुए थे। गिरिराज सिंह और पीयूष गोयल ने टोका अखिलेश ने संभल हिंसा पर बोलना शुरू किया तो सत्‍ता पक्ष की ओर से भी टोका-टाकी होने लगी। बेगूसराय से भाजपा सांसद गिर‍िराज सिंह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल उन्‍हें टोकने लगे। अखिलेश ने इस टोका-टाकी पर ज्‍यादा ध्‍यान नहीं दिया और संभल पर अपनी बात रखते रहे।

बवाल शुरू किया और जो पहले पहल फसाद की वजह बने, उनकी तस्वीरें कब लगेंगी?: अखिलेश यादव

लखनऊ उत्तर प्रदेश के संभल की हिंसा के बाद सियासी बयानबाजी और पोस्टरवार भी शुरू है। एक तरफ प्रशासन ने घटना में शामिल उपद्रवियों की तस्वीरें जारी की है। वहीं दूसरी तरफ सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी कर पूछा है जिन्होंने बवाल शुरू किया और जो पहले पहल फसाद की वजह बने, उनकी तस्वीरें कब लगेंगी? सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को संभल हिंसा को लेकर एक तस्वीर जारी की है जिसमें सुप्रीमकोर्ट के अधिवक्ता विष्णु जैन के साथ अन्य लोग भी दिख रहे हैं। उन्होंने लिखा कि जिन्होंने बवाल शुरू किया और जो पहले पहल फसाद की वजह बने, उनकी तस्वीरें कब लगेंगी? दरअसल हिंसा के तीन दिन बाद बुधवार को पुलिस की ओर से जारी किए गए पोस्टरों में अधिकतर उपद्रवी अधिकतर नौजवान दिख रहे हैं। सभी मुंह बांधे हुए हैं। उनके हाथ में ईंट पत्थर भी नजर आ रहे हैं। इसके अलावा कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं जिसमें महिलाएं पत्थर चलाती नजर आ रही है। हालांकि उनके पोस्टर जारी नहीं हुए हैं। बवाल के बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लगातार कार्रवाई को आगे बढ़ा रहे हैं। सांसद जियाउर्रहमान बर्क को भी 168 का नोटिस तामील कराया गया था। वीडियो, सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज से आरोपियों को चिह्नित किया गया। एसपी ने कहा कि किसी भी निर्दोष को डरने की जरूरत नहीं है लेकिन जो लोग उपद्रव में शामिल रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। एसपी ने लोगों से उपद्रवियों की सूचना देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और उन्हें इनाम भी दिया जाएगा। ज्ञात हो कि बीते रविवार को संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा मामले में चार लोगों की मौत हो गई और कई पुलिसवाले घायल हो गए। इसको लेकर पुलिस ने पत्थरबाजी करने वाले की पहचान की है और इस मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया है।  

अखिलेश यादव ने हिंसा के पीड़ित के बयान के साथ लिखा कि न्याय का मान न्यायालय ही सुनिश्चित करेगा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर हुई हिंसा व आगजनी के बाद सियासी बयानबाजी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक कटिंग के माध्यम से संभल हिंसा के पीड़ित के बयान के साथ लिखा कि न्याय का मान न्यायालय ही सुनिश्चित करेगा। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया के माध्यम से संभल हिंसा के पीड़ित के बयान को पोस्ट किया और लिखा कि किसी को धमकाकर कोरे काग़ज़ पर अंगूठा लगवाना भी गुनाह है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय तत्काल संज्ञान ले और दोषी शासन-प्रशासन के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करके, इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी को सजा दे। न्याय का मान न्यायालय ही सुनिश्चित करेगा। इसके पहले सपा मुखिया ने पत्रकारों से बातचीत में संभल हिंसा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि जामा मस्जिद में दोबारा सर्वे का काम क्यों किया? उन्होंने कहा कि मैं भी संभल जाऊंगा। संभल जाने से क्यों रोका जा रहा है। संभल का हाल जानना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि संभल में न्याय नहीं मिल रहा है। हम संविधान का सम्मान करते हैं। हम संविधान का उत्सव कैसे मनाएं? उत्सव ढोंग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान को नहीं मानती है। उधर,संभल में हिंसा के बाद अब हालात सामान्य हो रहे हैं। बाजार खुल गए हैं। स्कूल भी खुले। हिंसाग्रस्त इलाके में पुलिस बल तैनात है। कड़ी निगरानी की जा रही है। पुलिस अब भी संभल बवाल से जुड़े मामलों में सतर्कता बरत रही है। वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।  

महाराष्ट्र के चुनाव के बाद यूपी में छिन जाएगी सीएम योगी की कुर्सी, अखिलेश यादव ने एक बड़ा दावा किया

लखनऊ उत्तर प्रदेश में 9 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के बीच नेताओं की बयानबाजी अब आए दिन तेज होते जा रही है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को करहल में उपचुनाव को लेकर एक जनसभा को संबोधित किया. अखिलेश यादव ने अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ पर सीधे जुबानी हमला बोला तो एक बड़ा दावा भी कर दिया. अखिलेश यादव ने करहल में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘महाराष्ट्र के चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश की कुर्सी भी छिन जाएगी. यह हमारे मुख्यमंत्री जी समाज में अंदर ही अंदर बारूद बिछा रहे हैं लेकिन उनके नीचे सुरंग खुद रही है. यह जो बारूद बिछा रहे हैं वह इसलिए बिछा रहे हैं कि उनकी कुर्सी भी खतरे में है. सभी लोग आप मदद करना.’ सपा प्रमुख ने कहा कि करहल से ऐतिहासिक जीत होगी. बांटने की राजनीति कामयाब नहीं होगी. यहां जनता और किसानों को परेशान किया जा रहा है. नौजवानों को उलझाकर नौकरी नहीं दिया जा रहा है. उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. सभी सीट हार रही BJP- सपा प्रमुख उन्होंने कहा कि बीजेपी सभी 9 सीटों पर हारने जा रही है. बीजेपी के अंदर के लोग, सहयोगी दल भी बटेंगे तो कटेंगे के नारे को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. बुलडोजर को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करता हूं, अधिकारियों को कार्रवाई का सामान करना पड़ेगा. नौजवानों की बातों को मानना चाहिए, जो दावे करते हैं कि हम रिकार्ड परीक्षा करवा सकते हैं तो उनकी मांगों को मानना चाहिए. अखिलेश यादव ने कहा कि डिवाइड एंड रूल यहां की जनता कभी स्वीकार नहीं कर सकती है, यह अंग्रेजों के रास्ते पर चल रहे है इसे देश कभी स्वीकार नहीं कर सकती है. बता दें कि अखिलेश यादव ने बीते 2022 के विधानसभा चुनाव में करहल विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी. उनके इस्तीफा देने के बाद ही इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है. वह अब लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर सांसद बन गए हैं.  

भाजपा सरकार को जब अपनी हार सामने दिखाई दी, तो वो पीछे तो हटी, पर उसका घमंड बीच में आ गया: अखिलेश यादव

लखनऊ उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस और आरओ, एआरओ 2024 परीक्षा एक ही दिन में आयोजित करने का निर्णय लिया है। आयोग के मुताबिक पीसीएस 2024 की परीक्षा की एक ही तारीख को कराई जाएगी। यह फैसला आयोग के बाहर चार दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद छात्रों के युवाओं पर विचार करने के बाद लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ/एआरओ) परीक्षा 2024 के तौर-तरीकों पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। आयोग जल्द ही दोनों परीक्षाओं में बदलाव के संबंध में अलग से नोटिस जारी करेगा। इस फैसले के बाद विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि, “भाजपा सरकार को जब अपनी हार सामने दिखाई दी, तो वो पीछे तो हटी, पर उसका घमंड बीच में आ गया है, इसीलिए वो आधी मांग ही मान रही है। अभ्यर्थियों की जीत होगी। ये आज के समझदार युवा है, सरकार इन्हें झुनझुना नहीं पकड़ा सकती। जब एक परीक्षा हो सकती है, तो दूसरी क्यों नहीं। चुनाव में हार ही भाजपा का असली इलाज है। जब भाजपा जाएगी, तब ‘नौकरी’ आएगी।” वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि, “भाजपा सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मानकीकरण की मांग पर योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने प्रतियोगी छात्रों का सम्मान करते हुए एक-दिन, एक-शिफ्ट में परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। सपाई गुंडों ने माहौल बिगाड़ने और राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की, परंतु खोदा पहाड़ निकली चुहिया। भाजपा सरकार राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और छात्र हित को प्राथमिकता देती है। छात्रों का भविष्य सुरक्षित है और भाजपा सरकार का यह कदम उनके सपनों को मजबूत आधार देगा। मेरी शुभकामनाएं समस्त प्रतियोगी छात्रों के साथ वर्तमान में भी है और भविष्य में भी रहेगी।” दरअसल उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षा एक ही पाली में आयोजित करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने प्रयागराज में आयोग कार्यालय के बाहर लगातार चौथे दिन गुरुवार सुबह भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग कार्यालय के बाहर छात्र नारेबाजी करते देखे गए। इस दौरान मौके पर यूपी पुलिस के जवान और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) मौजूद रहे।

भाजपा घमंड के हिमालय पर चढ़ी हुई है, जो जितनी ऊंचाई पर होता है, उसका पतन भी तेज़ी से होता है: अखिलेश यादव

प्रयागराज उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के ‘पीसीएस प्री’ और ‘आरओ एआरओ’ की परीक्षा दो दिन में संपन्न कराने के निर्णय के विरोध में अभ्यर्थियों के धरना प्रदर्शन का आज चौथा दिन है। आज सुबह प्रतियोगी छात्रों के साथ हुई बर्बरता को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा ”एक दिव्यांग छात्रा की बैसाखी तक पुलिस उठा ले गई। सरकार कितनी निर्दयी और संवेदनहीन है। ऐसी सरकार को बने रहने का कोई हक़ नहीं है।”     ‘दिव्यांग कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!’ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ”इलाहाबाद में एक आंदोलनकारी दिव्यांग छात्रा की बैसाखी पुलिस ले गयी है… ये ख़बर बताती है कि भाजपाई और उनकी सरकार कितनी निर्दयी और संवेदनहीन है। ऐसी सरकार को बने रहने का कोई हक नहीं है। भाजपा घमंड के हिमालय पर चढ़ी हुई है। जो जितनी ऊंचाई पर होता है, उसका पतन भी उतना ही नीचे और तेज़ी से होता है। दिव्यांग कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा! ‘भाजपा दहाई के अंक में सिमट जाएगी…’ एक अन्य पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा, ”भाजपा अगर केवल चुनाव का गणित समझती है तो सुन ले कि PCS/RO/ARO/LOWER SUBORDINATE जैसी अन्य प्रतियोगी छात्रों और उनके परिवार के लोगों को मिला लिया जाए तो ये संख्या लगभग 1 करोड़ होती है। अगर इस ‘महा-संख्या’ को लगभग 400 विधानसभा सीटों से भाग दें तो भाजपा के लगभग 25000 वोट हर विधानसभा सीट पर कम होंगे मतलब भाजपा दहाई के अंक में सिमट जाएगी।” ‘भाजपा हमेशा के लिए ख़त्म होनेवाली है’ इससे आगे अखिलेश यादव ने कहा, ”उम्मीद है, इस गणित को ही समझ कर आज ही भाजपा की हृदयहीन सरकार अत्याचार बंद करेगी और आंदोलनकारी युवाओं की लोकतांत्रिक जायज मांग को पूरा करेगी। भाजपा की एक आदत पड़ गयी है, जनाक्रोश से डरकर आखिरकार बात तो वो मानने पर मजबूर होती है, लेकिन तभी जब उसके सारे हिंसक तरीके नाकाम हो जाते हैं और जब उसकी नौकरी विरोधी नकारात्मक राजनीति पूरी तरह फेल हो जाती है। भाजपा हमेशा के लिए ख़त्म होने वाली है। अभ्यर्थी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!”

कानपुर पहुंचे अखिलेश यादव ने आज GIC ग्राउंड पर रैली की, कुर्सियां खाली

कानपुर उपचुनाव के लिए कानपुर पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आज GIC ग्राउंड पर रैली की है। जिसमें भीड़ देखने को नहीं मिली। सभी कुर्सियां मैदान में खाली दिखाई दे रही थी। वहीं, मंच से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि पुलिस और पीएसी लोगों को सभा में आने से रोक रही है। सपा विधायक ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि साइकिल मार्केट और यतीमखाना चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर लोगों को आने से रोका जा रहा है। पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि या तो बैरिकेडिंग हटा दें, वरना सपा कार्यकर्ता खुद हटा देंगे। बता दें कि सपा प्रमुख ने यहां पर जेल में बंद इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी के समर्थन में वोट की अपील की है। नसीम के पति इरफान सोलंकी को 7 साल की सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता निरस्त कर दी गई। इसके बाद यहां उपचुनाव हो रहा है। अखिलेश के पहुंचने से पहले आज समर्थकों ने नारा लगाया- जेल के ताले टूटेंगे, इरफान सोलंकी छूटेंगे। अखिलेश के समर्थक जनसभा में वेलकम बॉस के पोस्टर लेकर पहुंचे हैं।  

अखिलेश यादव ने आजम खान की पत्नी से की मुलाकात, कहा, ‘अन्याय हुआ है, न्यायालय पर भरोसा’

रामपुर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सोमवार को रामपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के परिवार से मुलाकात की। उनके साथ रामपुर के सांसद मोहिब्बुल्लाह भी मौजूद रहे। अखिलेश यादव ने आजम खान की पत्नी तजीन फात्मा से करीब आधे घंटे तक बातचीत की। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह आजम खान के साथ हैं और आजम खान की लड़ाई लड़ने के लिए वह हमेशा आगे रहेंगे। उन्होंने कहा कि मैं रामपुर आया हूं और रामपुर में पहले भी आता रहा हूं। मैं सबसे पहले यहां की जनता को धन्यवाद देना चाहता हूं। जिन्होंने पीडीए की रणनीति और उसे जीत दिलाई है, जो लड़ाई संविधान को बचाने की थी, वह हमें लगातार जारी रखनी होगी, जब तक भाजपा लखनऊ से नहीं हटती है। अखिलेश यादव ने आजम खान और उनके परिवार के साथ हो रहे अन्याय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आजम खान पर जो भी झूठे केस दर्ज किए गए हैं, सपा सरकार आने पर उन मामलों को खत्म किया जाएगा। उन्होंने न्यायालय से उम्मीद जताई कि आजम खान को जल्द ही इंसाफ मिलेगा। जब आजम खान पर दर्ज कई मामलों में सपा के रवैये पर सवाल किया गया तो अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सपा ने अपनी पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी है। सपा मुखिया ने कहा कि भगवान जानता है, सपा जानती है, कोर्ट जानता है कि हम लोगों ने कितनी मेहनत की है। हम लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर के अब्दुल्ला आजम से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि मैं इसका पता करूंगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार साथी सवाल पूछ रहे हैं कि चुनाव में ही याद क्यों आती है, हमें हर समय याद आती है। उन्होंने कहा कि मैं जनता का धन्यवाद देता हूं। संविधान बचाने की लड़ाई में हमारी पार्टी ने जीतने का काम किया।

अखिलेश यादव ने कहा- भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में नोटबंदी के नाम पर एक पूरा अध्याय सिर्फ काले रंग से ही छापा जाएगा

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नोटबंदी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में नोटबंदी के नाम पर एक पूरा अध्याय सिर्फ काले रंग से ही छापा जाएगा। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में नोटबंदी के नाम पर एक पूरे-का-पूरा अध्याय सिर्फ़ काले रंग से ही छापा जाएगा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को नोटबंदी की 8वीं सालगिरह के ठीक एक दिन पहले ही, कल रुपया डॉलर के मुकाबले सबसे कमजोर स्थिति में आ गया। जनता पूछ रही है क्या ये नोटबंदी की नाकामयाबी की वजह से हुआ या भाजपा की नकारात्मक नीतियों की वजह से। सपा मुखिया ने कहा, “अब क्या भाजपाई फिर ये कहेंगे कि देश के इतिहास में रुपया डॉलर के मुकाबले सबसे निचले स्तर पर पहुंचकर ‘रिकार्डतोड़’ नहीं गिरा है, बल्कि डॉलर ऊपर उठा है। भाजपा ने अर्थव्यवस्था को अनर्थव्यवस्था बना दिया है। रुपया कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा।” ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को पूरे देश में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था। इसके बाद कई हफ़्तों तक देशभर में बैंकों और एटीएम के सामने पुराने नोट बदलकर नए नोट हासिल करने वालों की लंबी कतारें देखी गयी थी। इसका मकसद देश में कालाधन रोकने और डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा बताया गया था।  

‘बंटेंगे तो कटेंगे’ नकारात्मक नारा CM की निराशा और नाकामी का प्रतीक है- अखिलेश यादव

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में चल रहे उपचुनाव के बीच नारों की सियासत काफी गरमाई है। मुख्यमंत्री योगी के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ नारा को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह नकारात्मक नारा उनकी निराशा और नाकामी का प्रतीक है। अखिलेश यादव ने  को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि उनका ‘नकारात्मक-नारा’ उनकी निराशा और नाकामी का प्रतीक है। इस नारे ने साबित कर दिया है कि उनके जो गिनती के 10 फीसद मतदाता बचे हैं, अब वो भी खिसकने के कगार पर हैं, इसलिए ये उनको डराकर एक करने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं। उन्होंने कहा कि ‘नकारात्मक-नारे’ का असर भी होता है। दरअसल, इस ‘निराश-नारे’ के आने के बाद उनके बचे-खुचे समर्थक ये सोचकर और भी निराश हैं कि जिन्हें हम ताकतवर समझ रहे थे, वो तो सत्ता में रहकर भी कमजोरी की ही बातें कर रहे हैं। जिस ‘आदर्श राज्य’ की कल्पना हमारे देश में की जाती है, उसके आधार में ‘अभय’ होता है, ‘भय’ नहीं। ये सच है कि ‘भयभीत’ ही ‘भय’ बेचता है, क्योंकि जिसके पास जो होगा, वो वही तो बेचेगा। अखिलेश यादव ने भाजपा पर बोला हमला सपा मुखिया ने कहा कि देश के इतिहास में ये नारा ‘निकृष्टतम-नारे’ के रूप में दर्ज होगा और उनके राजनीतिक पतन के अंतिम अध्याय के रूप में आखिरी ‘शाब्दिक कील’ साबित होगा। उन्होंने कहा कि देश और समाज के हित में उन्हें अपनी नकारात्मक नजर और नजरिये के साथ अपने सलाहकार भी बदल लेने चाहिए, ये उनके लिए भी हितकर साबित होगा। एक अच्छी सलाह ये है कि ‘पालें तो अच्छे विचार पालें’ और आस्तीनों को खुला रखें, साथ ही बांहों को भी, इसी में उनकी भलाई है। सकारात्मक समाज कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा। पोस्टरवार शुरू हुआ मुख्यमंत्री योगी का नारा ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ काफी चर्चित हो रहा है। इस कारण यूपी से महाराष्ट्र तक की सियासत गरमा गई है। बीते दिनों मुंबई के कई इलाकों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर और ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ संदेश वाले पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टर में ‘बंटेंगे तो कटेंगे और एक रहेंगे तो नेक रहेंगे’, सुरक्षित रहेंगे के संदेश लिखे हैं। योगी ने आगरा में दिया था नारा दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में एक कार्यक्रम में कहा था कि आप देख रहे हैं बांग्लादेश में क्या हो रहा है? वे गलतियां यहां नहीं होनी चाहिए। ‘बटेंगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो नेक रहेंगे, सुरक्षित रहेंगे और समृद्धि की पराकाष्ठा पर पहुंचेंगे। इसके बाद यह नारा काफी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। सबसे पहले अखिलेश यादव के जन्मदिन से पोस्टर वार की शुरुआत हुई थी। इसके बाद से भाजपा और सपा के बीच पोस्टर वार जारी है।

अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, उनका ‘नकारात्मक-नारा’ उनकी निराशा-नाकामी का प्रतीक

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘नकारात्मक-नारा’ उनकी निराशा-नाकामी का प्रतीक है। सपा प्रमुख की यह प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बटेंगे तो कटेंगे’ बयान के जवाब में देखी जा रही है। सीएम योगी कई मंचों पर अपने भाषणों में इस बात का जिक्र करते हुए नजर आए हैं, कि ‘बटेंगे तो कटेंगे’। पहली बार उनका ये बयान पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के बाद हुई हिंसा के बाद आया था। अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए ‘एक्स’ पर लिखा कि “उनका ‘नकारात्मक-नारा’ उनकी निराशा-नाकामी का प्रतीक है। इस नारे ने साबित कर दिया है कि उनके जो गिनती के 10% मतदाता बचे हैं अब वो भी खिसकने के कगार पर हैं, इसलिए ये उनको डराकर एक करने की कोशिश में जुटे हैं लेकिन ऐसा कुछ होने वाला नहीं।” उन्होंने आगे लिखा, “नकारात्मक-नारे का असर भी होता है, दरअसल इस ‘निराश-नारे’ के आने के बाद, उनके बचे-खुचे समर्थक ये सोचकर और भी निराश हैं कि जिन्हें हम ताकतवर समझ रहे थे, वो तो सत्ता में रहकर भी कमजोरी की ही बातें कर रहे हैं। जिस ‘आदर्श राज्य’ की कल्पना हमारे देश में की जाती है, उसके आधार में ‘अभय’ होता है; ‘भय’ नहीं। ये सच है कि ‘भयभीत’ ही ‘भय’ बेचता है क्योंकि जिसके पास जो होगा, वो वही तो बेचेगा।” उन्होंने आगे लिखा, “देश के इतिहास में ये नारा ‘निकृष्टतम-नारे’ के रूप में दर्ज होगा और उनके राजनीतिक पतन के अंतिम अध्याय के रूप में आखिरी ‘शाब्दिक कील-सा’ साबित होगा। देश और समाज के हित में उन्हें अपनी नकारात्मक नज़र और नज़रिये के साथ अपने सलाहकार भी बदल लेने चाहिए, ये उनके लिए भी हितकर साबित होगा। एक अच्छी सलाह ये है कि ‘पालें तो अच्छे विचार पालें’ और आस्तीनों को खुला रखें, साथ ही बांहों को भी, इसी में उनकी भलाई है।”  

अखिलेश यादव ने कहा- भाजपा वाले हवा बहुत बनाते हैं, CM फेस नहीं कर सकते इसलिए असिस्टेंट रखे हैं

मैनपुरी सपा मुखिया अखिलेश यादव अपने सियासी गढ़ मैनपुरी में शुक्रवार को पहुंचे, जहां उन्होंने फूफा और भतीजे के आमने सामने चुनाव लड़ने को लेकर कहा कि जब बीजेपी को लगा कर वह चुनाव हार जाएंगे तो कोई न कोई तिगड़म करो कोई न कोई ऐसा संदेश दो जिसका समाजवादी पार्टी के लोग जवाब ही देते रहे। यह लोग तो परिवार बाद के खिलाफ वाले लोग थे जो लोग परिवार बात के खिलाफ थे आज रिश्तेदार वादी कैसे हो गए और मैं दावे के साथ कह रहा हूं करहल की जनता न कि इस चुनाव में बल्कि 2027 के चुनाव में भी ऐसा परिणाम आएगा और ऐतिहासिक परिणाम तेज प्रताप यादव जी के पक्ष में आने जा रहा है। वहीं हार का ऐतिहासिक परिणाम भाजपा के पक्ष में आएगा। वो खुद फर्जी है। आप मत कहलवाइये उनके बारे में यह उनकी पार्ट आफ स्ट्रेटजी है सर्कस तो आना बंद हो गए लेकिन जब कभी भी आप टीवी चैनल देखते होंगे तो कुछ समय ऐड कहा जाता है। यूट्यूब देखते हम कोई चीज अच्छी आ रही है गाना आप अच्छा सुन रहे है अचानक कोई ऐसी चीज आ गई जिसको आप हटाना चाहते हैं। यह विज्ञापन का समान है क्योंकि सरकार जानती है मुख्यमंत्री जी फेस नहीं कर सकते हैं इसलिए उन्होंने फेस न करना पड़े इसलिए उन्होंने कुछ असिस्टेंट रख रखे है यह फेस तो मुख्यमंत्री जी को करना चाहिए। 2027 के चुनाव में इनको मिलकर हारने का काम करेंगे – अखिलेश केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दिया गया बयान गठबंधन में खटाई में पढ़ चुका है और गठबंधन का जहाज डूबने वाला है जिस पर बोले अखिलेश यादव “समाजवादी और कांग्रेस की जो रणनीति है उसी से पस्त हो गए अगर रणनीति हमारी है तो उनके भी नेताओं के जो गठबंधन है तो उनको टिकट क्यों नहीं मिली कौन-कौन मनाने गया कौन-कौन स्वार्थ और लालच दे रहा है समाजवादी पार्टी और कांग्रेस हम विपक्ष में हैं हम किसी को लाभ नहीं दे सकते हम अपनी बात कह सकते हैं लड़ सकते हैं यह हमारी स्ट्रेटजी का हिस्सा है हम लोगों की रणनीति है हम लोग मिलकर इस तरह से मिल कर चुनाव लड़ रहे है न कि अभी लड़ रहे हैं इंडिया गठबंधन मजबूत करेंगे और 2027 के चुनाव में इनको मिलकर हारने का काम करेंगे।” दो जवान शहीद हुए हैं जिस पर बोले अखिलेश यादव प्रधानमंत्री जी अभी ब्रिक्स की मीटिंग में सभी महत्वपूर्ण नेताओं से मिले और चीन को लेकर के भी खबरें आई थी और इधर हमारी सीमा सुरक्षित नहीं है जब से बीजेपी की सरकार आई है और असुरक्षित हो गई है हमारे सिक्योरिटी फोर्सज के लोग पैरामिलिट्री आर्मी के लोग बड़े पैमाने पर शहीद हो रहे हैं उनकी जाने गई है और अगर हम आंकड़े निकलेंगे सबसे ज्यादा सोल्जर कश्मीर इश्यू पर हमारी बॉर्डर सिक्योरिटी पर इंटरनल सिक्योरिटी पर कोई फेल हुआ है तो वह भारतीय जनता पार्टी है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार इंटरनल सिक्योरिटी में फेल है बॉर्डर सिक्योरिटी में फेल है हमारे जो संबंध दुनिया और देश से थे उनमें फेल है तो यह फ़ाइल सरकार को हटाने से ही हमारी सीमाएं सुरक्षित होंगे तभी हमारे जवानों की जान बचेगी जब यह सरकार देश से हटेगी। ‘कटोगे तो बटोगे’ के नारे पर बोले अखिलेश यह नारा उनकी लैब में तैयार होता है अब हम लोगों को जानकारी करनी पड़ेगी कि वह लैब कहां है जिसमें यह नारे तैयार होते हैं। और यह नारा किस पर सबसे अच्छा लगेगा इस का भी बीजेपी ने रिसर्च किया है और मुख्यमंत्री जी से कहलवाया गया है। बहराइच की घटना को लेकर बोले अखिलेश बहराइच में यह लोग हिंदू मुसलमान कराना चाहते थे वहां पर घटना जरूर हुई लोगों की जान गई और नुकसान हुआ यह सब भारतीय जनता पार्टी ने किया और देखिए भारतीय जनता पार्टी किस स्थिति पर पहुंच गई है उन्हें अपने ही कार्यकर्ता पर FIR लिखानी पड़ी। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के चेहरे पर विनाश दिखाई देता है और उनके हाथ देखोगे तो विनाशकारी रेखाएं उनके हाथों पर दिखेंगे यह विकास नहीं कर सकते यह विनाश कर सकते हैं उनके हाथों में विनाशकारी रेखाएं हैं।  

बीजेपी ने अनुजेश को करहल से उतारकर इस सीट पर मुलायम परिवार के बीच मुकाबला कर दिया

 मैनपुरी यूपी की नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सात सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. मैनपुरी की जिस करहल सीट से सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस्तीफा दिया था, उस सीट पर बीजेपी ने उनके ही जीजा अनुजेश यादव को उतार दिया है. अनुजेश को उतारकर बीजेपी ने इस सीट पर मुलायम परिवार के बीच मुकाबला कर दिया है क्योंकि अखिलेश यादव ने इस सीट पर अपने भतीजे और मैनपुरी के पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव को टिकट दिया है. अनुजेश यादव मुलायम परिवार के दामाद हैं. वह मुलायम सिंह यादव के भाई अभयराम यादव की बेटी संध्या यादव के पति हैं. संध्या यादव, आजमगढ़ से सांसद धर्मेद्र यादव की सगी बहन हैं. संध्या यादव मुलायम परिवार की पहली बेटी हैं, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा था. इतना ही नहीं वो मैनपुरी की जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. संध्या और अनुजेश को समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया था, जिसके बाद दोनों ने बीजेपी ज्वाइन कर ली थी. घिरोर से विधायक रह चुकी हैं अनुजेश की मां उर्मिला अनुजेश यादव का परिवार शुरू से ही राजनीति में है और समाजवादी पार्टी से जुड़ा हुआ है. उनकी मां उर्मिला यादव मैनपुरी की घिरोर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की टिकट पर विधायक रह चुकी हैं.    लोकसभा चुनाव के दौरान ऐसी चर्चाएं थीं कि बीजेपी मुलायम परिवार के ही किसी सदस्य को डिंपल यादव के सामने उतार सकती है. इनमें दो नाम आगे चल रहे थे. पहला नाम था अपर्णा यादव का, जोकि मुलायम परिवार की बहू हैं. वो मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं. जबकि दूसरा नाम था अनुजेश यादव का. अनुजेश ने मैनपुरी में हुए उपचुनाव में भी समाजवादी पार्टी के खिलाफ प्रचार किया था. हालांकि बाद में डिंपल के सामने यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह को उतारा गया था, लेकिन इस सीट पर बीजेपी जीत हासिल नहीं कर पाई थी.   विधानसभा का नंबर विधानसभा का नाम उम्मीदवार का नाम 29 कुंदरकी श्री रामवीर सिंह ठाकुर 56 गाजियाबाद श्री संजीव शर्मा 71 खैर श्री सुरेंद्र दिलेर 110 करहल श्री अनुजेश यादव 256 फूलपुर श्री दीपक पटेल 277 कटेहरी श्री धर्मराज निषाद 397 मझवां श्रीमती सुचिस्मिता मौर्या   बीजेपी ने किन सीटों पर उतारे उम्मीदवार? करहल पर अनुजेश यादव के साथ ही बीजेपी ने गाजियाबाद सदर पर पार्टी के महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा, कुंदरकी से रामवीर सिंह ठाकुर को टिकट दिया है. इसके अलावा खैर (अजा) सीट से सुरेंद्र दिलेर, फूलपुर से दीपक पटेल, कटेहरी से धर्मराज निषाद और मझवां से श्रीमती सुचिस्मिता मौर्या को टिकट दिया गया है.  

हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव में कांग्रेस से सीट न मिलने के बाद भी अखिलेश यादव यूपी में इस गठबंधन के साथ

लखनऊ अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन जारी रहने की बात कही है। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव में कांग्रेस से सीट न मिलने के बाद भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव यूपी में इस गठबंधन के साथ उपचुनाव में खड़े होने के लिए तैयार हैं। अखिलेश यादव ने सैफई में अपने पिता और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा कि यूपी के आने वाले उपचुनाव के बारे में आज बहुत कुछ नहीं बोलना है। उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन के बारे में स्पष्ट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन जारी रहेगा। दरअसल, हाल ही में पूरे हुए हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों से पहले सपा ने कांग्रेस से दोनों राज्यों में सीट की मांग की थी। यूपी में चल रहे गठबंधन के बाद से संभावना थी की कांग्रेस इन राज्यों में सपा को सीट देगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस ने दोनों राज्यों में अकेले चुनाव लड़े। अब यूपी में 10 सीटों पर उपचुनाव की तैयारी है। इनमें से 6 सीटों पर सपा अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। प्रत्याशियों की लिस्ट जारी होने के एक दिन बाद ही अखिलेश ने ये साफ कर दिया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन भी रहेगा। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बची हुई 4 सीटों में से कुछ सीट कांग्रेस को मिल सकती हैं। हालांकि यूपी कांग्रेस का 5 सीटों पर दावा था। पहले कांग्रेस 10 में से उन पांच सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटी थी जो भाजपा के पास थी। इसके लिए कांग्रेस और सपा प्रदेश एवं शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत चल रही थी। मगर इसी बीच सपा ने बुधवार को छह सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए। इन सीटों में करहल से तेज प्रताप यादव, सीसामऊ से नसीम सोलंकी, फूलपुर से मुस्तफा सिद्दीकी, मिल्कीपुर से अजीत प्रसाद, कटेहरी से शोभावती वर्मा, मझवां से डॉ.ज्योति बिंद को सपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस जिन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती थी उनमें मीरापुर, गाजियाबाद, खैर, फूलपुर, मझवां थी। इनमें अभी मीरापुर, गाजियाबाद, खैर सीटें ही बची है। कांग्रेस की प्राथमिकता में शामिल मझवां और फूलपुर पर सपा ने प्रत्याशी उतार दिए। इनके अलावा कुंदरकी सीट पर इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी की घोषणा होनी है। खाली हुई दस सीटों में से पांच सीसामऊ, कटेहरी, करहल, मिल्कीपुर और कुंदरकी सपा के पास थीं। वहीं, फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां और खैर भाजपा के पास थीं। मीरापुर सीट भाजपा के सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के पास थी। करहल सीट सपा प्रमुख अखिलेश यादव के कन्नौज से सांसद चुने जाने के कारण खाली हुई है, जबकि कटेहरी (अंबेडकर नगर) सीट पार्टी के लालजी वर्मा के अंबेडकर नगर लोकसभा सीट से चुने जाने के कारण खाली हुई है।

DNA का फुल फॉर्म तो जान लेते… योगी के आरोप पर अखिलेश यादव ने कसा तंज?

Had you known the full form of DNA… Akhilesh Yadav took a jibe at Yogi's allegation?

Had you known the full form of DNA… Akhilesh Yadav took a jibe at Yogi’s allegation? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मैनपुरी में दिए ‘डीएनए’ वाले बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा है कि आरोप लगाने से पहले फुल फॉर्म तो जान लेते और अगर जानते भी होते तो बोल नहीं पाते. दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को सपा के गढ़ करहल विधानसभा क्षेत्र में बरनाहल स्थित इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा में बोले थे कि गुंडई और अत्याचार सपा के डीएनए में है. कन्नौज का नवाब सिंह यादव इनका चेहरा है. भाजपा की सरकार में प्रदेश निवेश का हब बन रहा है. हम युवाओं को रोजगार दे रहे हैं, 2017 से पहले ऐसा नहीं होता था. सपा प्रमुख ने किया पलटवारइसी बयान पर पलटवार करते हुए सपा प्रमुख ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि आरोप लगाने से पहले फुल फॉर्म तो जान लेते. इसके बाद उन्होंने डीएनए का फुल फॉर्म लिखा. इस पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा है कि अगर मुख्यमंत्री फुल फॉर्म जानते भी होते तो बोल नहीं पाते. इस पोस्ट में सपा प्रमुख ये आरोप भी लगा रहे हैं कि अरबों-करोड़ों में सांसद-विधायक की भर्ती करवाने वाले लोग जितना कम बोलें, उतना ही उनके सम्मान के लिए अच्छा है. समाजवादी पार्टी के मुखिया का यह पलटवार प्रदेश में होने वाले उपचुनाव से भी जोड़ के देखा जा रहा है. ज्ञात हो कि प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव भाजपा और सपा के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव बन गए हैं. अक्सर होती है तीखी बहसअखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ के बीच अक्सर ऐसी तीखी बहस होती रहती है, जिसमें दोनों एक-दूसरे पर व्यक्तिगत हमला करने से भी नहीं चूकते हैं. उत्तर प्रदेश विधानसभा में एक बार ऐसी ही बहस में योगी ने अखिलेश पर आरोप लगाया था कि अखिलेश ने सत्ता के लिए अपने पिता का अपमान किया है.

हार के उपहार के बाद भी तारीफ…सीएम योगी को लेकर बदले केशव मौर्य के सुर तो अखिलेश ने कसा तंज

Praise even after the gift of defeat… When Keshav Maurya's tone changed regarding CM Yogi

Praise even after the gift of defeat… When Keshav Maurya’s tone changed regarding CM Yogi, Akhilesh took a jibe. उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के बीच लोकसभा चुनाव में कम सीटें जीतने के बाद से ही तनाव देखा गया था, जिसके बाद केशव प्रसाद मौर्य के सुर अब बदले हुए नजर आ रहे हैं, उन्होंने हाल ही में कहा, योगी आदित्यनाथ देश के सबसे अच्छे सीएम हैं. मौर्य के इस बयान पर अब अखिलेश यादव ने तीखा तंज किया है. उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में कहा था, देश में भी बीजेपी की सरकार है और राज्य में भी. आप भी यह जानते और मानते हैं कि हमारी डबल इंजन की सरकार स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे अच्छा काम कर रही है, जिस पर अब अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य पर तंज करते हुए कहा, कोई उप डबल हार के उपहार के बाद भी डबल इंजन का प्रशंसा-प्रमाणपत्र बांट रहे हैं. अखिलेश यादव ने किया तीखा तंजयूपी में दो डिप्टी सीएम हैं, एक केशव प्रसाद मौर्य और दूसरे ब्रजेश पाठक, जिस पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने आगे कहा, अगर माननीय सही काम कर रहे होते तो दो उप मुख्यमंत्री की क्या जरूरत पड़ती, इसका मतलब या तो वो सही काम नहीं कर रहे हैं या फिर बाकी दो बेकाम हैं, नाकाम हैं, और उनका काम दरबारी चारण की तरह करना बस स्तुतिगान है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केशव प्रसाध मौर्य पर हमला करते हुए आगे कहा, अगर उप सच में उपयोगी होते हैं, तो दिल्ली के मंडल में भी होने चाहिए थे, परंतु हैं नहीं! इसका जवाब देंगे उप या रहेंगे चुप? केशव प्रसाद मौर्य ने की सीएम योगी की तारीफउत्तर प्रदेश में बहुत जल्द उप चुनाव होने हैं, इसी के चलते रविवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मिर्जापुर के मझवां पहुंचे थे. जहां उन्होंने अपने संबोधन में सीएम योगी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, देश में भी बीजेपी की सरकार है और राज्य में भी. आप भी यह जानते और मानते हैं कि हमारी डबल इंजन की सरकार स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे अच्छा काम कर रही है. उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा, दुनिया में पीएम मोदी जैसा कोई दूसरा नेता है क्या, साथ ही मौर्य ने सीएम योगी की तारीफ करते हुए कहा, देश में योगी आदित्यनाथ जैसा कोई दूसरा मुख्यमंत्री है क्या? डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सीएम योगी के बीच लोकसभा चुनाव के बाद से रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे थे, जिसके बाद अब मौर्य के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं और उन्होंने कहा, दुनिया के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली नेता हमारे पीएम मोदी हैं और देश में जब सभी मुख्यमंत्रियों की तुलना होती है तो सबसे अच्छा काम सीएम योगी की अगुवाई में किया जा रहा.

स्वास्थ्य मंत्री अपना पॉलिटिकल स्वास्थ्य सही करने में लगे हुए हैं तो विभाग कैसे सही होगा: अखिलेश यादव

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में बसपा के पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। उनके साथ बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ताओं ने भी सपा की सदस्यता ली। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सभी को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री अपना पॉलिटिकल स्वास्थ्य सही करने में लगे हुए हैं तो विभाग कैसे सही होगा। इस सरकार में इमरजेंसी में कभी कोई इलाज नहीं मिल पाया है। स्वास्थ्य मंत्री पॉलिटिकल स्वास्थ्य बेहतर करना चाहते हैं, यह सरकार पता नहीं कौन सी पॉलिटिकल विटामिन चाहती है। सपा सरकार में जो मेडिकल कॉलेज चल भी रहे थे, उनको भाजपा ने खत्म कर दिया है। उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था खराब कर दी है। हाथरस में 121 मौतों पर अखिलेश यादव ने कहा कि बड़े पैमाने पर लोगों की जान गई है। इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर उत्तर प्रदेश में होते रहते हैं। पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की है। इस तरह के आयोजन में ज्यादा लोग आते ही हैं। हादसे में सबसे ज्यादा जान महिलाओं की गई है। प्रशासन की कमी की वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ है। इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। हाथरस कोई पहला हादसा नहीं है, इससे पहले भी हुए हादसों में स्वास्थ्य सेवाएं फेल थी। उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा से गठबंधन था। सबसे पहले वोट मांगने सहारनपुर गए थे। इनकी जीत हुई। हालांकि, दूसरे दल ने दूरी बना ली, लेकिन सांसदों से दूरी कभी नहीं रही।

योगी सरकार ने सरकारी नौकरियां निकालनी शुरू कर दी, यह अच्छा हुआ कि सरकार कुछ काम शुरू कर रही: अखिलेश यादव

इटावा समाजवादी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इशारों ही इशारों में योगी सरकार की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने सरकारी नौकरियां निकालनी शुरू कर दी हैं, यह अच्छा हुआ कि सरकार जनता के लिए कुछ काम शुरू कर रही है। अच्छा यह भी होता कि केंद्र सरकार अग्निवीर योजना को समाप्त कर देती। बेरोजगारों को सरकारी नौकरियां देती, नौकरियों में आरक्षण की प्रक्रिया का पारदर्शिता के साथ पालन होता। अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र में एनडीए की सरकार जरूर बन गई है, लेकिन उनके चेहरों पर खुशी दिखाई नहीं दे रही है। जिन लोगों ने शपथ ली, वे भी खुश नहीं हैं। जनता में भी खुशी का अहसास नहीं है। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर आईएनडीआई गठबंधन की सरकार बनती तो जनता को कुछ नया जरूर देखने को मिलता। एनडीए सरकार से कुछ नया मिलने वाला नहीं है। अखिलेश यादव ने आज विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है। इस पर अखिलेश ने कहा कि जैसे अब तक सदन चलते आया है आगे भी बिल्कुल वैसे ही चलेगा। जनता और संविधान के मुद्दे पर हम सरकार को हर मोर्चे पर घेरा जाएगा। लोकसभा चुनाव में मिली जीत का जिक्र करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि जैसे ही सदन चलेगा जनता और संविधान के सवाल पर सरकार को घेरा जाएगा। हमारी बहुत दिनों बाद ऐतिहासिक जीत हुई है। हम तीसरे नंबर की पार्टी बन गए हैं, अब देश में हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।  

अखिलेश यादव ने कन्नौज लोकसभा सीट से नामांकन दाख़िल किया

Akhilesh Yadav filed nomination from Kannauj Lok Sabha seat समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कन्नौज लोकसभा सीट से गुरुवार को नामांकन दाख़िल कर दिया. इस सीट से पहले समाजवादी पार्टी की ओर से तेज प्रताप यादव के नाम की घोषणा की थी लेकिन अब अखिलेश यादव यहां से चुनावी मैदान में हैं. नामांकन दाख़िल करने के बाद अखिलेश यादव ने पत्रकारों से कहा कि ‘कन्नौज के ज़िम्मेदार कार्यकर्ता और लोगों की भावना ये थी कि समाजवादी पार्टी की तरफ़ से मुझे चुनाव लड़ाया जाए. मैं जनता का आभार व्यक्त करता हूं जो उन्होंने कहा कि मुझे कन्नौज से एक बार फिर चुनाव लड़ना चाहिए.’ “मुझे उम्मीद है जनता का आशीर्वाद मुझे मिलेगा. मैं जब राजनीति में पहली बार आया था तब नेताजी ने मुझे यहां पहली बार चुनाव लड़ाने का फ़ैसला लिया था. आज फिर मैं कन्नौज की जनता के बीच में जा रहा हूं. उस समय भी जनता ने मुझे आशीर्वाद दिया था और उम्मीद है कि एक बार फिर मुझे आशीर्वाद देगी.” “मैं कन्नौज के विकास के लिए काम करूंगा. इसकी पहचान और बड़ी बन जाए उसके लिए काम करूंगा. यहां पर दुनिया की बेहतरीन सड़क समाजवादियों ने दी.”

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