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धान खरीदी को लेकर बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ में 2 दिन और बढ़ी तारीख

रायपुर राज्य सरकार ने धान खरीदी की समय अवधि दो दिन बढ़ा दी है। अब चार और पांच फरवरी को भी धान खरीदी की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि समीक्षा में जानकारी मिली कि कुछ किसानों के टोकन नहीं कट पाए हैं, कुछ पंजीयन नहीं कर पाए। इसलिए समय अवधि बढ़ाई जा रही है। राज्य के ऐसे किसान जो पंजीकृत है और जिनका टोकन कट चुके है, उन किसानों का धान खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने धान खरीदी के दिवस में बढ़ोतरी की  ने अपनी पड़ताल के बाद खबर प्रकाशित कर सरकार को चेताया था कि टोकन कट जाने के बाद भी प्रदेश के लगभग ढाई लाख किसानों का धान नहीं बिक पाया है। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले को संज्ञान में लिया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी जिलों से जानकारी मांगी थी और इसके बाद मुख्यमंत्री ने धान खरीदी के दिवस में बढ़ोतरी कर दी। अब तक 140 लाख टन धान की खरीदी 15 नवंबर 2025 से शुरू धान खरीदी का महाभियान के तहत 31 जनवरी 2026 तक 25 लाख 11 हजार से अधिक किसानों से लगभग 140 लाख टन धान की खरीदी की गई है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को 33 हजार 149 करोड़ रुपये का भुगतान बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत किया जा चुका है। राज्य में इस वर्ष 27 लाख 43 हजार 145 किसानों ने पंजीयन कराया है। 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया हुई है। शासन की यह व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है कि वास्तविक किसान को ही लाभ मिले और बिचौलियों अथवा फर्जी प्रविष्टियों की कोई गुंजाइश न रहे। यह भी पढ़ें- रायपुर-दुर्ग के बीच सफर होगा और भी आसान, सिरसा गेट और खुर्सीपार में बनेंगे ग्रेड सेपरेटर, ₹77 करोड़ मंजूर ये किसान होंगे धान बेचने के पात्र   ऐसे किसान जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद टोकन के लिए आवेदन तो किया था, लेकिन उनका भौतिक सत्यापन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।  वे किसान जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद आवेदन किया और सत्यापन के दौरान जिनके पास वास्तव में धान का स्टॉक (बचा हुआ धान) पाया गया है।  ऐसे किसान जिन्हें 28, 29 या 30 जनवरी 2026 के लिए टोकन जारी किया गया था, लेकिन वे किसी भी कारणवश निर्धारित तिथि पर अपना धान नहीं बेच पाए थे। हमने धान खरीदी की समीक्षा की है। कुछ किसान जिनका टोकन कट गया था और धान नहीं बेच पाए थे और कुछ किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया था। इसलिए दो दिन और किसानों का धान खरीदेंगे। – विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़    

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न विकास कार्य को दी मंजूरी

जयपुर, प्रदेश की कृषि मंडियों में आधारभूत सुविधाएं सुदृ़ढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार निरन्तर महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हनुमानगढ़ टाउन कृषि उपज मंडी समिति के मंडी यार्ड में विद्युत, मरम्मत एवं नवीन निर्माण कार्यों के लिए 8 करोड़ 47 लाख रूपये से अधिक की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की है। मुख्यमंत्री  शर्मा के इस निर्णय से हनुमानगढ़ टाउन कृषि उपज मंडी समिति के मंडी यार्ड में कृषि जिन्स को बारिश के पानी से बचाने के लिए कवरिंग शेड का निर्माण, फ्लड लाइट्स, सी.सी.टी.वी कैमरे लगाने आदि के कार्य किये जाएंगे। साथ ही, किसान विश्राम गृह एवं मजदूर विश्राम गृह के निर्माण कार्य भी करवाए जाएंगे। इन कार्यों से मंडी प्रागंण में आधारभूत संरचनाएं सुदृढ़ होने के साथ ही, किसानों एवं मजदूरों के लिए सुविधाओं में भी बढ़ोत्तरी होगी।

कौन होगा दिल्ली का नया मुख्यमंत्री? ‘दावेदारों’ के नाम पर चर्चा तेज

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आ चुके हैं, और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) को बड़े अंतर से हराकर 70 में से 48 सीटें जीत ली हैं. आप को केवल 22 सीटों पर संतोष करना पड़ा. अब सवाल यह है कि दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन बनेगा? भाजपा के पास कई विकल्प हैं, और पार्टी के भीतर इसको लेकर चर्चा तेज है. सबसे आगे प्रवेश वर्मा प्रवेश वर्मा, जो पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं, इस चुनाव में अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली विधानसभा सीट से हराकर चर्चा में आए हैं. उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है. प्रवेश ने न केवल केजरीवाल को हराया, बल्कि पार्टी के भीतर भी उनकी पकड़ मजबूत है. अशीष सूद और पवन शर्मा अशीष सूद, जो जनकपुरी सीट से जीते हैं, भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं. उन्हें दक्षिण दिल्ली नगर निगम में प्रशासनिक अनुभव है और वर्तमान में वे गोवा और जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रभारी भी हैं. दूसरी ओर, पवन शर्मा ने उत्तम नगर सीट से 1,03,613 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की है. वे असम इकाई के सह-प्रभारी हैं और मुख्यमंत्री पद के लिए उनका नाम भी चर्चा में है. इन नामों पर भी चर्चा भाजपा के पूर्व दिल्ली अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और सतीश उपाध्याय भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं. गुप्ता ने रोहिणी सीट से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है, जबकि उपाध्याय ने मालवीय नगर सीट से 39,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की. उपाध्याय का आरएसएस के साथ मजबूत रिश्ता है, जो उनकी दावेदारी को और मजबूत करता है. ये महिला उम्मीदवार भी दावेदार भाजपा केंद्रीय नेतृत्व महिला उम्मीदवार को भी मौका दे सकता है. रेखा गुप्ता और शिखा रॉय दो ऐसे नाम हैं जो इस रेस में शामिल हो सकते हैं. शिखा रॉय ने ग्रेटर कैलाश सीट पर आप के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज को 3,188 वोटों के अंतर से हराया है. वहीं, रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग सीट पर आप की बंदना कुमारी को 29,000 से अधिक वोटों के अंतर से पराजित किया. क्या कहते हैं सीनियर लीडर? अगर भाजपा विधायक दल से बाहर किसी को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला करती है, तो पूर्वी दिल्ली के सांसद और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी का नाम भी चर्चा में है. तिवारी पूर्वांचल के प्रमुख चेहरे हैं और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें भी मौका मिल सकता है. हालांकि, भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश के पिछले अनुभवों को देखते हुए मुख्यमंत्री पद के लिए अटकलें लगाना मुश्किल है. पार्टी का फैसला अक्सर आखिरी पल में ही सामने आता है.

‘किसानों को समृद्ध और खुशहाल बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता: भजनलाल’, राजस्थान-मुख्यमंत्री पहुंचे करौली धाम

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मुताबिक देश में चार ही जातियां- किसान, मजदूर, युवा एवं महिला हैं। इन चारों जातियों के उत्थान से ही देश और प्रदेश का उत्थान होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को समृद्ध और खुशहाल बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए हमने सरकार का गठन होते ही कृषि के लिए दो प्रमुख आवश्यकताओं बिजली और पानी पर विशेष ध्यान दिया है। शर्मा ने कहा कि विकास के साथ विरासत का भी संरक्षण करते हुए हम आस्था धामों के विकास के लिए भी कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न मंदिरों के जीर्णोद्धार और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य किया जा रहा हैे। मुख्यमंत्री करौली जिले के कैमरी में आयोजित भगवान जगदीश जी के लक्खी मेले तथा किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा राज्य सरकार 100 करोड़ रुपये की लागत से खाटूश्याम मंदिर में विकास कार्य करवा रही है तथा पूंछरी का लौठा को भी विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृष्ण गमन पथ के तहत जगदीश धाम मंदिर का भी विकास किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कैमरी में बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय खोलने तथा पशु उप स्वास्थ्य केन्द्र को पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने का भी आश्वासन दिया। किसानों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होंगे बिजली-पानी- मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाईयों को कृषि के लिए पानी तथा बिजली उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हम पूर्वी राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण ‘राम जलसेतु लिंक परियोजना’ पर तेजी से काम कर रहे हैं। इससे करौली सहित प्रदेश के 17 जिलों की आबादी को पेयजल एवं सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही शेखावटी क्षेत्र को पानी उपलब्ध कराने के लिए यमुना जल समझौता, उदयपुर संभाग के लिए देवास परियोजना तथा माही डेम परियोजना को आगे बढ़ाने एवं इन्दिरा गांधी नहर को पक्का करने जैसे कदमों से हमारे किसान भाईयों को सिंचाई के लिए पानी की कोई कमी नहीं रहेगी। श्री शर्मा ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णयों से किसानों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्ध हो सकेगी। इससे किसान भाई शाम तक खेतों में कार्य समाप्त कर अपने घर लौट सकेंगे। युवाओं के लिए बड़ी संख्या में सृजित होंगे रोजगार के अवसर- श्री शर्मा ने कहा कि राज्य के युवाओं को बेरोजगारी के दंश से मुक्त कराने के लिए हमने पेपरलीक पर पूरी तरह से लगाम लगाते हुए उन्हें सरकारी नियुक्तियों का तोहफा दिया है। अब तक लगभग 60 हजार युवाओं को नौकरी दी जा चुकी है और अगले कुछ माह में यह संख्या 1 लाख तक पहुंच जाएगी। इस प्रकार 5 साल में 4 लाख नौकरी देने के वादे को पूरा करने की ओर हमारी सरकार अग्रसर है। साथ ही हमने लगभग 81 हजार पदों के लिए भर्ती कैलेण्डर जारी करते हुए परीक्षा के आयोजन और परिणाम की तिथि भी तय कर दी है। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान के माध्यम से निजी कम्पनियों और उद्यमियों के साथ लगभग 35 लाख करोड़ के एमओयू प्रस्ताव किए गए हैं, जिससे निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस प्रकार निजी तथा सरकारी क्षेत्र में कुल मिलाकर 10 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। कार्यक्रम में गोपालन एवं पशुपालन राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के उत्थान के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री रामसेतु जल लिंक परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए दूरगामी सोच के साथ कार्य कर रहे हैं। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने श्री जगदीश धाम मन्दिर पहुंचकर दर्शन किए तथा आरती में शामिल होकर प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की। कार्यक्रम में विधायक श्री दर्शन सिंह गुर्जर, श्री हंसराज मीना एवं श्री प्रताप सिंह सिंघवी सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण, बड़ी संख्या में किसान एवं आमजन उपस्थित रहे।

‘नागरिकों को सशक्त करेगा डिजिटल गवर्नेंस मॉडल’, छत्तीसगढ़-धमतरी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बांटे स्वामित्व कार्ड

धमतरी/रायपुर। हमने छत्तीसगढ़ में नागरिक सुविधाओं  को सुगम एवं सशक्त करने के लिए डिजिटल गवर्नेंस के मॉडल को अपनाया है। सभी विभागों में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों का उपयोग किया जा रहा है जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुगमतापूर्वक योजनाओं की पहुंच आसानी से हो सके। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह में उक्त बात कही। कार्यक्रम में उन्होंने 268 करोड़ रूपए के विकास कार्यो का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामित्व कार्ड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवास करने वाले ग्रामीणों की बड़ी समस्या आज दूर हो रही है। इन लोगों को आबादी भूमि पर स्वामित्व के पक्के दस्तावेज मिल रहे है। दस्तावेज नहीं होने के कारण अक्सर विवाद की स्थिति में मामले न्यायालयों में सालों-साल लंबित रहते थे। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने  इस समस्या को समझा और उसे दूर करने के लिए तकनीक का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत को महाशक्ति बनना है तो भारत को तकनीक दृष्टि से सक्षम होना ही पड़ेगा। छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार ने हर स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपनाया है। रजिस्ट्री में लोगों को आसानी हो, यह पारदर्शी प्रक्रिया से हो, इसके लिए हमने सुगम एप तैयार किया है। दस्तावेजों के डिजिटलीकरण के लिए भी हम काम कर रहे हैं। स्वामित्व योजना के लिए जो ड्रोन सर्वे हमने कराये, इससे आबादी भूमि का अद्यतन नक्शा हमारे पास तैयार हो गया है, इसके कई लाभ हमें मिलेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायत की विकास योजना अर्थात जीपीडीपी बनाने में इससे काफी मदद मिलेगी। इससे शासकीय और सार्वजनिक संपत्ति की देखरेख करने में काफी मदद मिलेगी और अतिक्रमण की संभावना समाप्त होंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पहली बार यह सोचा कि  कमार बसाहटों तक भी सड़क पहुंचनी चाहिए, इनके लिए भी साफ पानी होना चाहिए, बिजली होना चाहिए, बच्चों के लिए स्कूल होना चाहिए। जब ऐसी संवेदनशीलता मन में होती है तभी पीएमजनमन जैसी योजना अस्तित्व में आती है। एक साल के भीतर प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से कमार जनजाति की बसाहटों में विकास का उजाला फैला है। लगभग 47 करोड़ रुपए की लागत से 36 सड़कें हमने बनाई हैं। उन्होंने कहा कि पीएम आवास, सौभाग्य योजना, जलजीवन मिशन, पीएम जनमन योजना सारी योजनाएं नागरिकों के जीवन को आसान करती हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए विकास की राह खोलती हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धमतरी जिले को चित्रोत्पला महानदी का विशेष वरदान प्राप्त है। खेती-किसानी के क्षेत्र में धमतरी जिला हमेशा से अग्रणी रहा है। किसान भाई भरपूर मेहनत कर अच्छी फसल ले रहे हैं। धान के अलावा दलहन-तिलहन की फसल भी ले रहे हैं। इन सबके लिए भरपूर पानी चाहिए, इसके लिए जल संरक्षण बहुत जरूरी है। धमतरी जिले में जल संरक्षण को लेकर व्यापक कार्य हुए हैं। जल की एक-एक बूंद को बचाने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों से किसानों को भरपूर लाभ मिल रहा है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सबसे अच्छा मूल्य किसानों को मिल रहा है। प्रदेश में अब तक 20 लाख से अधिक किसानों से हमने लगभग 106 लाख मीट्रिक टन धान खरीद लिया है। अब तक 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि का भुगतान हम किसान भाइयों को कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि धमतरी जिले के एक लाख 7 हजार किसानों ने 4 लाख 82 हजार मीट्रिक टन धान बेचा है। अब तक इनके खातों में 1 हजार 111 करोड़ रुपए दिये जा चुके हैं। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में  विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी जी की गारंटी और विष्णु के सुशासन में सभी वर्गों को विभिन्न योजनाओं का लाभ बराबर मिल रहा है। श्री साव ने कहा कि शहर से लेकर दूरस्थ ग्रामों तक विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना, आयुष्मान भारत योजना, स्वामित्व योजना इत्यादि का लाभ लोग उठा रहे हैं। प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने स्वामित्व योजना अंतर्गत  जिले में अधिकार अभिलेखों के वितरण पर संबंधित हितग्राहियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश सरकार के एक साल सुशासन में योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी जी की गारंटी के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धमतरी जिले में उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। आने वाले दिनों में इन उद्योगों के क्रियाशील होने और इनसे रोजगार सृजन की बात कही। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार द्वारा एक साल के सुशासन में अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है। कार्यक्रम को सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, श्री भोजराज नाग ने भी संबोधित किया और प्रदेश सरकार के एक वर्ष होने पर बधाई दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

महायज्ञ में होंगे शामिल, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में मुख्यमंत्री आज 338 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की देंगे सौगात

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज पांच जनवरी को गरियाबंद के दौरे पर रहेंगे। वहां पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में 338 करोड़ रुपये के विकास कार्यो की सौगात देंगे। इसके अलावा सीएम साय गांधी मैदान में आयोजित राष्ट्र जागरण 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार पुलिस परेड ग्राउंड रायपुर से सुबह 11:55 बजे रवाना होकर दोपहर 12:25 बजे जिला मुख्यालय गरियाबंद पहुंचेंगे और वहां पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद सीएम साय दोपहर 3:10 बजे गरियाबंद के गांधी मैदान में राष्ट्र जागरण 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बाद वे शाम 4:45 बजे रायपुर लौट आएंगे।

एक हजार करोड़ के निवेश का बनेगा रोडमैप, राजस्थान-निवेश एमओयू के क्रियान्वयन की मुख्यमंत्री करेंगे त्रि-स्तरीय समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतरीन विजन एवं रोडमैप के साथ कार्य कर रही है। इसी दिशा में कार्यकाल के पहले ही वर्ष में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के सफल आयोजन के बाद हस्ताक्षरित हुए एमओयू के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री ने त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था की पहल की है। एमओयू की त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था के अनुसार, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वाले एमओयू की समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर मासिक रूप से की जाएगी। वहीं, 100 करोड़ से लेकर 1 हजार करोड़ रुपये तक की राशि वाले एमओयू की समीक्षा मुख्य सचिव स्तर पर पाक्षिक रूप से की जाएगी। साथ ही, 100 करोड़ रुपये से कम राशि वाले एमओयू की समीक्षा विभागीय सचिव स्तर पर साप्ताहिक रूप से की जाएगी। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत कुल 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए गए थे। जिनमें से लगभग 32 लाख करोड़ रुपये के 261 एमओयू एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वाले हैं। इसी तरह, 100 करोड़ से अधिक एवं 1 हजार करोड़ रुपये से कम की राशि वाले एमओयू की संख्या 1 हजार 678 तथा इनकी कुल राशि 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। साथ ही, 100 करोड़ रुपये तक के एमओयू की संख्या 9 हजार 726 तथा इनकी कुल राशि लगभग 90 हजार करोड़ है। उल्लेखनीय है कि 9 से 11 दिसंबर तक जयपुर में आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में मुख्यमंत्री ने हस्ताक्षरित हुए एमओयू की प्रगति-रिपोर्ट दिसंबर 2025 में प्रदेशवासियों के सामने रखने की घोषणा करते हुए अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी थी। इस दिशा में त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था की पहल कारगर साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने की विक्रमोत्सव-2025 और विक्रम व्यापार मेले के आयोजन की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में स्मार्ट सिटी कार्यालय के सभा कक्ष में आगामी विक्रमोत्सव-2025 और विक्रम व्यापार मेले के आयोजन की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में विक्रम व्यापार मेले का आयोजन एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सम्राट विक्रमादित्य न्याय, दानशीलता, सुशासन, वीरता की अद्वितीय मिसाल है। वे एक महान शासक थे। उन्होंने न केवल विदेशी आक्रमणकारियों को पराजित कर देश से बाहर किया बल्कि सुशासन के सभी क्षेत्रों में उनका विशेष स्थान रहा है। सम्राट विक्रमादित्य के साहस, पराक्रम और पुरूषार्थ, उनकी कथाएं, उनके द्वारा प्रारंभ किया गया विक्रम संवत्, उनके महान इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि उज्जैन को मूर्तिशील्प का केन्द्र बनाए जाने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये। मध्यप्रदेश सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के विभिन्न आयामों को देश और विदेश के सामने लाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ किया है। सम्राट विक्रमादित्य के विक्रम संवत् के प्रवर्तन के अवसर पर उज्जैन में आने वाले दिनों में भव्य आयोजन किया जाएगा। विक्रमादित्य की न्याय परंपरा पर विश्वविद्यालय में सेमीनार का आयोजन किया जाएगा। विक्रम व्यापार मेले में सरकार द्वारा निवेशकों को मंच प्रदान किए जाएंगे। प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं इन्हें और अधिक विकसित किया जाएगा। उज्जैन में धार्मिक पर्यटकों की संख्या में अत्यंत वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विक्रम व्यापार मेले के आयोजन और विक्रमोत्सव के आयोजन की समीक्षा की। कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन से गत वर्ष आयोजित विक्रम व्यापार मेले के बारे में मूलभूत जानकारी दी। बताया गया कि इस वर्ष विक्रम व्यापार मेले के आयोजन के लिए शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर का चयन किया जाना प्रस्तावित है। बैठक में विक्रम व्यापार मेले-2025 के लियिे स्थल के प्रस्तावित ले-आउट, प्रस्तावित दुकानों की जानकारी और आयोजन के संबंध में अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस बार के व्यापार मेले में ऑटो एक्स-पो और धार्मिक पर्यटन को भी विशेष बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले के आयेाजन का उद्देश्य यह है कि सब लोग आपस में मिलें, एक नए जीवन का संकल्प लें और सभी के जीवन में खुशियाँ आएं।  बैठक में सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, श्री सतीश मालवीय, श्री जितेन्द्र पण्ड्या, एडीजी श्री उमेश जोगा, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जयति सिंह, विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक डॉ.श्रीराम तिवारी, डॉ.भगवतीलाल राजपुरोहित, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुँवर, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो.अर्पण भारद्वाज, नगर निगम आयुक्त श्री आशीष पाठक, श्री बहादुर सिंह बोरमुण्डला, एमपीआईडीसी के श्री राजेश राठौर, श्री विशाल राजोरिया एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।  

राजस्थान-मुख्यमंत्री ने जयपुर संभाग के विधायकों की ली बैठक, ‘आमजन से जुड़े मुद्दों पर तुरंत एक्शन लें विधायक’

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेशवासियों को गुड गवर्नेंस देने के लिये संकल्पित है। उन्होंने कहा कि विधायकगण जनता से जुड़े मुद्दों पर तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें राहत पहुंचाने का कार्य करंे। साथ ही, जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए बजटीय घोषणाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। श्री शर्मा ने कहा कि आमजन से जुड़े विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जयपुर संभाग के विधायकों के साथ बजट वर्ष 2024-25 में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पूरी निष्पक्षता के साथ सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में जनता और जनप्रतिनिधियों की मांग अनुरूप बजट घोषणाएं की और उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया। विधायक जिला कलक्टर से संवाद कर इन सभी छोटे-बड़े कार्यों की क्रियान्विति सुनिश्चित करें। 8 करोड़ के परिवार के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस वर्ष जुलाई में प्रस्तुत बजट 2024-25 में विधायकों ने जितना मांगा, उससे ज्यादा दिया। हमारी सरकार आगामी बजट में भी विधायक सहित जनप्रतिनिधियों की मंशा अनुरूप घोषणाएं करते हुए उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश की आठ करोड़ जनता के उत्थान और कल्याण के लिए समर्पित होकर सेवाभाव से निरंतर कार्य कर रहे हैं। जनसेवा के लिए मंत्री-विधायक रहें तत्पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से जनसेवा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा प्रेषित सभी विषयों पर मंत्रीगण तत्परता से कार्य करें। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से ही हम ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ की परिकल्पना को पूर्ण रूप से साकार कर सकेंगे। वन क्षेत्र में रास्तों के प्रकरणों का होगा समुचित समाधान श्री शर्मा ने विधायकों द्वारा दिए गए सुझावों पर संज्ञान लेते हुए वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा को वन क्षेत्र में रास्तों के प्रकरणों पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों का समुचित परीक्षण कर वन विभाग द्वारा समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, जिन प्रकरणों में आवश्यकता है उन्हें मार्गदर्शन के लिए केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को प्रेषित किया जाएगा। अनुपयोगी सामानों से जरूरतमंद का जीवन सुधारें मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद व्यक्तियों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों की शुरूआत की गई है। इन केन्द्रों के माध्यम से कोई भी अनुपयोगी सामान जरूरतमंदों को उपलब्ध करा सकता है जिससे उनके जीवन में सुधार आएगा। उन्होंने विधायकों से आग्रह किया कि वे इस जनसेवा के कार्य में आगे आकर आमजन को प्रोत्साहित करें। इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों का शीघ्र होगा संचालन श्री शर्मा ने कहा कि प्रदूषण मुक्त सुगम यातायात के लिए प्रदेश के प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी बसों के संचालन की कार्ययोजना को जल्द ही पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप वोकल फोर लोकल को प्रोत्साहित करते हुए हमने पंच गौरव कार्यक्रम की शुरूआत की है। इसकेे तहत एक जिला-एक उपज, एक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल और एक खेल का चिन्हीकरण कर जिले की विशेषताओं को नई पहचान दी जा रही है। उन्होंने विधायकों को पंच गौरव कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन सामूहिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने कहा ही राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत हुए निवेश प्रस्ताव का क्रियान्वयन सामूहिक जिम्मेदारी है। विधायक अपने जिला कलक्टर से निरंतर संवाद स्थापित करते हुए छोटे-बड़े सभी निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए संकल्पित होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक माह इन सभी प्रस्तावों के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा कर रहे हैं। निवेश की राशि को श्रेणियों में विभक्त कर जिला कलेक्टर से लेकर मुख्य सचिव तक के स्तर तक अनवरत समीक्षा भी जारी है। राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन अनुकरणीय पहल केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक वर्ष में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर एक मिसाल कायम की है। सरकार गठन के एक वर्ष के भीतर ही राइजिंग राजस्थान जैसी अनुकरणीय पहल कर कई राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। बैठक में जयपुर संभाग की बजट घोषणाओं की वित्तीय स्वीकृति, जमीन आवंटन और प्रगतिरत कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। विधायकों ने जिलों के पुनर्गठन के निर्णय पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा सहित जयपुर संभाग से आने वाले विधायकगण उपस्थित रहे।

विकास कार्यों से क्षेत्र में बदलाव और जनता का बढ़ा विश्वास, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने जोधपुर एवं उदयपुर के विधायकों के साथ की बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन से सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के लिए आधारभूत विकास के साथ ही प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लक्ष्य समाज के अन्तिम व्यक्ति को राहत पहुंचाते हुए उत्थान और कल्याण सुनिश्चित करना है। शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर जोधपुर एवं उदयपुर संभाग के विधायकों के साथ बजट वर्ष 2024-25 में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। इसके लिए जिला प्रशासन के साथ निरन्तर बैठक कर विकास कार्यों की प्रगति का फीडबैक भी लेवें। उन्होंने कहा कि इन घोषणाओं को धरातल पर उतारना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जोधपुर एवं उदयपुर संभाग के विधायकों से बजट घोषणाओं केे विकास कार्यों की वित्तीय स्वीकृति, जमीन आवंटन और प्रगतिरत कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विधायकों से कहा कि आमजन के कल्याण एवं क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप जनहित के विकास कार्यों की सूची बनाकर भेजें ताकि इन्हें आगामी बजट में शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों का करें प्रभावी संचालन— मुख्यमंत्री ने विधायकगणों को मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों के संचालन, अटल ज्ञान केन्द्रों की स्थापना और खेलो इंडिया अभियान की तैयारी के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देंश दिए। साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार के कार्यों, योजनाओं, नीतियों व उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए। श्री शर्मा ने कहा कि विधायकों के कार्यों से ही क्षेत्र में बदलाव आता है और जनता का विश्वास कायम होता है। उन्होंने विधायकों के सुझावों का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत निर्माण कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। निवेश प्रस्तावों के उठाएं आवश्यक कदम— श्री शर्मा ने विधायकों से कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए एमओयू को अपने क्षेत्र में धरातल पर उतारने के लिए जिला कलक्टर के साथ निरन्तर बैठक करें। साथ ही, प्रत्येक जिले में पंच गौरव कार्यक्रम के तहत एक जिला-एक उपज, एक जिला-एक प्रजाति, एक जिला-एक उत्पाद, एक जिला-एक पर्यटन स्थल और एक जिला-एक खेल की नियमित मॉनिटरिंग कर इन्हें बढ़ावा देवें। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जारी 10 नवीन नीतियों का भी प्रचार-प्रसार किया जाए। लखपति दीदी योजना के तहत लाभार्थियों से संवाद स्थापित कर निरन्तर कार्यक्रम की समीक्षा करें। इस अवसर पर जोधपुर व उदयपुर संभाग से आने वाले मंत्रिगण एवं विधायकगण उपस्थित रहे।

‘संविधान हमारे लिए गाइडिंग लाइट’, राजस्थान-मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सुनी प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’

जयपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 117वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सीएमआर पर मंत्रिपरिषद के सदस्य, सांसद एवं विधायकगण के साथ प्रधानमंत्री के सम्बोधन को सुना। मोदी ने कहा कि 2025 में 26 जनवरी को संविधान लागू होने के 75 साल पूरे हो रहे हैं। ये हमारे लिए गर्व की बात हैं। संविधान हमारे लिए गाइडिंग लाइट है, हमारा मार्गदर्शक है। संविधान की वजह से ही आज मैं आपसे बात कर पा रहा हूं। उन्होंने कहा कि इस साल 26 नवंबर को संविधान दिवस से एक साल तक चलने वाली कई एक्टीविटिज शुरू हुई हैं। देश के नागरिकों को संविधान की विरासत से जोड़ने के लिए constitution75.com नाम से एक खास वेबसाइट भी बनाई गई है। इसमें आप संविधान की प्रस्तावना पढ़कर अपना वीडियो अपलोड  कर सकते हैं। हर क्षेत्र, हर वर्ग का हो रहा विकास – मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा— मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ में उद्बोधन सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणादायी होते हैं। उनको सुनकर नवीन ऊर्जा का संचार होता है। देश निरन्तर उपलब्धियां हासिल कर रहा है, उसको जानकर हमें गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के पथ पर तेजी से अग्रसर है। स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, वाणिज्य, रक्षा, तकनीक एवं सांस्कृतिक आदि क्षेत्रों में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति अर्जित की है। श्री शर्मा ने कहा कि श्री मोदी के विजन से विकास का इंजन दोगुनी रफ्तार से दौड़ रहा है, जिससे युवा, महिला, किसान एवं गरीब का उत्थान एवं कल्याण सुनिश्चित हो रहा है। अनेकता में एकता का संदेश देता है महाकुंभ- प्रधानमंत्री ने कहा कि जनवरी की 13 तारीख से प्रयागराज में महाकुंभ शुरू होने जा रहा है। महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता में ही नहीं है बल्कि इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, सैकड़ों संप्रदाय, अनेकों अखाड़े, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बनता है। कहीं कोई भेदभाव नहीं दिखता है, कोई बड़ा और छोटा नहीं होता है। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि जब वे कुंभ में शामिल हों, तो एकता के इस संकल्प को अपने साथ लेकर वापस आयें। श्री मोदी ने बताया कि इस बार प्रयागराज में देश और दुनिया के श्रद्धालु डिजिटल महाकुंभ के भी साक्षी बनेंगे। मलेरिया, कैंसर के विरूद्ध लड़ाई में भारत की बड़ी उपलब्धियां- श्री मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की दो उपलब्धियां आज विश्व का ध्यान आकर्षित कर रही है। पहली उपलब्धि है मलेरिया से लड़ाई में। उन्होंने कहा कि 4 हजार से अधिक वर्षों तक मानवता के लिए मलेरिया बहुत बड़ी स्वास्थ्य चुनौती रहा है। देशवासियों ने इस चुनौती का दृढ़ता से सामना किया है। डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत मंे 2015 से 2023 के बीच मलेरिया के मामलों और मौतों में 80 प्रतिशत की कमी आई है। यह सफलता जन-जन की भागीदारी से प्राप्त हो सकी है। उन्होंने कहा कि हमारी दृढ़शक्ति का दूसरा उदाहरण कैंसर के विरूद्ध लड़ाई है। जनजागृति एवं आयुष्मान भारत योजना से कैंसर के विरूद्ध लड़ाई में अपेक्षित सफलता मिली है। आयुष्मान भारत योजना ने पैसे की परेशानी को काफी हद तक कम किया है और लगभग 90 प्रतिशत मरीज समय पर कैंसर का इलाज शुरू करवा पा रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि कैंसर के मुकाबले के लिए एक ही मंत्र है-अवेयरनेस, एक्शन और एश्योरेंस। छोटी शुरूआत से ही बड़े परिवर्तन संभव- प्रधानमंत्री ने उड़ीसा के कालाहाड़ी का जिक्र करते हुए यहां के किसानों द्वारा स्थापित किए गए एफपीओ (किसान उत्पाद संघ) की सफलता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कम पानी और कम संसाधन होने के बावजूद यहां गोलाकुण्डा ब्लॉक में दस किसान एफपीओ की स्थापना कर ‘सब्जी क्रांति’ लाए। आज इससे 200 किसान जुड़े हुए हैं, जिसमें से 45 महिलाएं हैं। इसका टर्नओवर डेढ़ करोड़ से ज्यादा हो गया है। उन्होंने एफपीओ को प्रोत्साहन देने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी शुरूआत से ही बड़े परिवर्तन संभव है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की सांस्कृतिक विरासत, फिल्म एवं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की क्षमता, फिल्मी जगत की कई हस्तियों के योगदान और बस्तर ओलम्पिक पर भी विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।

मूंग का खरीद लक्ष्य और अवधि बढ़ाएं, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय कृषि मंत्री को लिखा पत्र

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के किसानों के हित में मूंग के खरीद लक्ष्य को बढ़ाने सहित खरीद अवधि को भी 5 फरवरी तक बढ़ाने के संबंध में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर अनुरोध किया है। शर्मा ने राज्य में असमय हुई वर्षा एवं भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मूंग खरीद के लिए गुणवत्ता मापदण्डों में शिथिलता प्रदान करने के लिए भी केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री को पत्र लिखा है। इससे अधिकाधिक किसानों से मूंग की खरीद सुनिश्चित होने के साथ ही उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।

प्रधानमंत्री के ’सुरक्षित महाकुम्भ’ की परिकल्पना के आवश्यक प्रबन्ध करें, उत्तरप्रदेश-मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में की महाकुम्भ-2025 की तैयारियों की समीक्षा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद प्रयागराज मेंजनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ आई0सी0सी0सी0 सभागार में महाकुम्भ-2025की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ से पहले प्रयागराज में चल रहेसभी टैक्सी, ऑटो, ई-रिक्शा चालकों का पुलिस सत्यापन कराया जाए। प्रदेश पुलिस को इण्टेलिजेंस को और बेहतर करने तथा भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियों के साथलगातार संवाद-समन्वय बनाये रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हाल के समयमें प्रयागराज के आस-पास माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई हुई है। महाकुम्भ से पहलेउनके गुर्गों पर आवश्यकतानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ’सुरक्षित महाकुम्भ’ कीपरिकल्पना की है। इसके दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रबन्ध किए जाएं। सुरक्षा बलों कीतैनाती के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि अब तक जिन 20 हजारपुलिसकर्मियों की तैनाती हुई है, उन सभी का प्रशिक्षण जरूर करा लिया जाए। उन्होंनेमहाकुम्भ में फायर सेफ्टी, घाट सुरक्षा तथा चिकित्सा सहायता आदि के सम्बन्ध में की2जा रही व्यवस्थाओं को पुख्ता बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केदृष्टिगत एण्टी ड्रोन सिस्टम की उपलब्धता भी की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए किमेला क्षेत्र में निराश्रित पशुओं का आवागमन न हो। प्रयागराज नगर में ट्रैफिक जाम केसमाधान के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि फुटपेट्रोलिंग बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाकुम्भ में सर्वाधिक श्रद्धालु सड़क मार्ग से आएंगे।अयोध्या, वाराणसी, लखनऊ और मीरजापुर की ओर से बड़ी संख्या में लोगों का आगमनहोगा। इसलिए शीर्ष प्राथमिकता के साथ प्रयागराज आने वाले सभी मार्गों केनवनिर्माण/सुदृढ़ीकरण के कार्यों को पूरा कर लिया जाए। इसमें किसी प्रकार कीकोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि इन मार्गों परयदि कहीं भी अतिक्रमण किया गया हो, तो प्रभावी कार्यवाही करते हुए उसे हटायाजाए। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री जी ने प्रयागराज महाकुम्भ की ओर आने वाले सभी मार्गोंके नवनिर्माण/सुदृढ़ीकरण के कार्यों के लिए 05 जनवरी, 2025 की अंतिम तारीख तयकी है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सेतु निगम के 14 में से 12 सेतुओं का कार्य पूर्ण होगया है। यह संतोषजनक है। शेष दो सेतुओं का कार्य 05 जनवरी, 2025 तक पूरा करलिया जाए। संगम नोज पर ड्रेजिंग के कार्य में और तेजी की अपेक्षा है। 30 दिसम्बर,2024 तक यह कार्य पूरा कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि मेला क्षेत्र मेंजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रत्येक दशा में 30 दिसम्बर, 2024तक पूरा कर लिया जाए। हर सेक्टर में 24×7 शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित कीजाए। सड़कों की मरम्मत एवं डिवाइडर की साज-सज्जा आदि का कार्य इसी माह केअन्त तक पूरा कर लें।मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि जो पाण्टून पुल अभी तक क्रियाशील नहीं हुएहैं, उन्हें प्रत्येक दशा में एक सप्ताह में तैयार करा लिया जाए। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्रीजी के इस एक दिवसीय दौरे के साथ ही प्रयागराज नगर में सूबेदारगंज सेतु पर एक3तरफ से आवागमन प्रारम्भ हो गया। तय समय-सीमा के अनुसार, पुल की एक लेन को31 दिसम्बर, 2024 और दूसरी लेन को मकर संक्रांति से पहले पूरा किया जाना था।लेकिन, यह काम एक सप्ताह पहले ही पूरा कर दिया गया। सूबेदारगंज पुल के निर्माणमें 350 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं।मुख्यमंत्री जी ने अखाड़ों, धार्मिक संस्थाओं और साधु-संतों को भूमि आवंटन कीअद्यतन स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नियमानुसार सभीको आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न राज्यों कीओर से महाकुम्भ में अपने शिविर स्थापित करने के अनुरोध मिल रहे हैं, इस सम्बन्ध मेंयथोचित निर्णय तत्काल ले लिया जाए। नई संस्थाओं को भूमि आवंटन करने से पूर्वउनका सत्यापन भी कराया जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाकुम्भ विश्व को भारतीय सनातन संस्कृति सेसाक्षात्कार कराने का सुअवसर है। यह स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधा का मानक भीहोगा। ’स्वच्छ महाकुम्भ’ की अवधारणा पर बल देते हुए उन्होंने जनप्रतिनिधियों कोप्रयागराज की स्वच्छता के लिए आगे बढ़कर काम करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्रीजी ने निर्देश दिए कि महाकुम्भ के दृष्टिगत 7,000 से अधिक बसें लगाई जाएंगी। यहांडेढ़ लाख से अधिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे। स्वच्छता पर जोर देते हुए उन्होंनेनिर्देश दिए कि 10 हजार कर्मचारियों की तैनाती कर, यहां की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़बनाए रखा जाए।

बजट घोषणाओं को पूर्ण पारदर्शिता से करें क्रियान्वित, राजस्थान-मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में की समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2024-25 की बजट घोषणाओं को आगामी बजट से पूर्व धरातल पर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण पूर्ण जवाबदेही के साथ विकास कार्यों को पारदर्शिता से पूरा करते हुए प्रदेश को विकसित राजस्थान के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाएं। शर्मा मुख्यमंत्री निवास पर वर्ष 2024-25 की चिन्हित बजट घोषणाओं पर आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने 32 विभागों की विभिन्न घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बिजली-पानी उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। इसी क्रम में ब्राह्मणी नदी बांध परियोजना से दक्षिणी से पश्चिमी राजस्थान तक के क्षेत्रों को पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने जल संसाधन विभाग को योजना पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। समर कंटीजेंसी प्लान की तैयारी प्रारम्भ करें श्री शर्मा ने आगामी गर्मी के मौसम में पेयजल सुविधा के बेहतर प्रबंधन के लिए जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को समर कंटीजेंसी प्लान पर कार्य प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में हैंडपम्प एवं ट्यूबवैल पानी की व्यवस्था का माध्यम है, वहां आंकलन कर अतिरिक्त ट्यूबवैल और हैंडपम्प लगाए जाएं। उन्होंने भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए कर्मभूमि से मातृभूमि कार्यक्रम को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के निर्देश भी दिए। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य प्रारम्भ नहीं करने पर लें सख्त निर्णय श्री शर्मा ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों का सघन सर्वेक्षण कराते हुए उन क्षेत्रों के मालिकों को नोटिस देने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने निर्धारित समयावधि में कार्य प्रारम्भ नहीं किया है। उन्होंने ऐसे क्षेत्रों की पुनः नीलामी के लिए भी निर्देशित किया। साथ ही, उन्होंने राजस्थान आवासन मण्डल के अधिकारियों को आवासीय संपत्तियों के निस्तारण के लिए भी निर्देश दिए। आई.टी.आई. संस्थानों का हो नियमित निरीक्षण- मुख्यमंत्री ने ब्यावर, कोटा, जालौर, राजसमंद, सिकन्दरा में स्टोन मंडियों की स्थापना एवं स्टोन क्लस्टर्स के उन्नयन के कार्यों की समीक्षा करते हुए उद्योग विभाग को व्यापारियों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने आई.टी.आई. संस्थानों के नियमित निरीक्षण के लिए भी निर्देशित किया। यातायात नियमों की पालना हो सुनिश्चित- श्री शर्मा ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यातायात नियमों के संबंध में जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को ओवर स्पीडिंग वाहनों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि यात्री वाहनों की स्पीड सीमा को इंगित करती हुई एक दिशा-निर्देशिका बनाई जाए, जिसकी पालना पूर्ण रूप से सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने प्रदेशभर में छोटे एवं बड़े बस स्टैण्ड के लिए एकरूप मॉडल बनाने के निर्देश भी दिए। शर्मा ने दिव्यांगजनों एवं वंचित वर्ग की सुविधाओं के लिए जामडोली में स्वयं सिद्धा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशा मुक्ति केन्द्रों की संख्या बढ़ाने एवं कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल एवं पेइंग गेस्ट की सुविधाओं का विस्तार करने के लिए भी निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समान कार्यों के लिए एक साथ ही टेंडर निकालने के लिए निर्देशित किया, ताकि समय की बचत हो सके और जनसुविधाओं के कार्य जल्द प्रारम्भ हो सके। श्री शर्मा ने जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में प्रदूषित जल को ट्रीट करने वाले प्लांट में देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सहकार मार्ग स्थित इमली फाटक एवं रिद्धी-सिद्धी चौराहा पर प्रस्तावित फ्लाईओवर्स की विस्तृत जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता श्री कुलदीप रांका, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री आलोक गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव उपस्थित रहे, वहीं अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा श्री आलोक वीसी के माध्यम से जुड़े।

‘नीमराना-घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा’, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने जापानी जोन में उद्यमियों के साथ की बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 9 से 11 दिसंबर तक आयोजित हुई राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट प्रदेश की अर्थव्यवस्था और चहुंमुखी विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू हुए हैं। साथ ही, राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने प्रदेशवासियों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी है जिससे राजस्थान के विकास को गति मिलेगी। शर्मा शुक्रवार को नीमराना के जापानी जोन में स्थित डाइकिन कम्पनी के सभागार में औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नीमराना व घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र राजस्थान की अर्थव्यवस्था में ग्रोथ इंजन साबित हो रहे हैं। देश के पहले जापानी जोन नीमराना में 51 जापानी कम्पनियां स्थापित हैं। जिनके माध्यम से करीब 27 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल बिजनेस एक्सपो में 7 जापानी कम्पनियों एवं जेट्रो ने जापान पैवेलियन में हिस्सेदारी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर विशेष जोर है। प्रक्रियाओं और नीतियों को सरल बनाया जा रहा है। हमने 10 नई नीतियां जारी की हैं। 150 करोड़ रूपये के होंगे विकास कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि जापानी कम्पनियों के राजस्थान में निवेश करने के रूझान को देखते हुए दूसरा जापानी जोन घीलोठ में स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि नीमराना और घीलोठ में करीब 150 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य शीघ्र प्रारम्भ किए जा रहे हैं। इसमें साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से केसवाना औद्योगिक क्षेत्र में एनएच-48 से केसवाना औद्योगिक क्षेत्र तक 1620 मीटर सीसी सड़क के निर्माण और 90 लाख रुपये की लागत से औद्योगिक क्षेत्र नीमराना में 4500 लीटर क्षमता के दो अग्निशमन वाहनों की आपूर्ति हेतु कार्यादेश जारी हो चुके हैं। शर्मा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र नीमराना व घीलोठ में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से 132 केवी जीएसएस नीमराना जनरल जोन, 132 केवी जीएसएस जापानी जोन, 220 केवी जीएसएस घीलोठ और कोलिला जोगा में 33 केवी जीएसएस की स्थापना की जाएगी। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र घीलोठ में करीब 19 करोड़ की लागत से एनएच-48 से औद्योगिक क्षेत्र घीलोठ तक लिंक रोड का सुदृढ़ीकरण और स्ट्रीट लाइट के कार्य करवाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के विस्तार हेतु भी प्रदेश में 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं। नीमराना में पानी की समस्या को दूर करने के लिए ईआरसीपी से पानी लाने पर भी विचार किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र को डीएमआईसी नोड बनाने का कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र नीमराना प्रथम, द्वितीय, ईपीआईपी एवं एन.आई.सी. (एम) नीमराना में करीब 11 करोड़ रुपये व्यय कर 48 किलोमीटर लम्बाई में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का कार्य भी शीघ्र शुरू कराया जाएगा। साथ ही, लगभग 9 करोड़ रुपये व्यय कर नीमराना प्रथम, द्वितीय, ईपीआईपी, घीलोठ में बिजली की लाइनों को भूमिगत एवं सुदृढ़ीकरण करने का कार्य और लगभग 2 करोड़ रुपये व्यय कर औद्योगिक क्षेत्र घीलोठ में सड़कों के सुदृढ़ीकरण तथा हाईमास्ट के कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नीमराना में बहुमुखी विकास के साथ खुशखेड़ा, भिवाड़ी, नीमराना औद्योगिक क्षेत्र को डीएमआईसी नोड बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि उद्योगों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बांदीकुई में भी जल्द ही औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 11 सितम्बर को भारतीय दूतावास, टोक्यो एवं जेट्रो के सहयोग से नीमराना दिवस टोक्यो (जापान) में मनाया गया। इसी तरह राज्य सरकार और रीको की भागीदारी से प्रतिवर्ष 11 सितम्बर को नीमराना दिवस मनाया जाएगा।जेट्रो के डायरेक्टर जनरल श्री ताकाशी सुजुकी ने कहा कि नीमराना औद्योगिक क्षेत्र के जापानी जोन में जापानी कम्पनियों का बेहतरीन अनुभव रहा है। भविष्य में जापानी कम्पनियों के द्वारा राज्य में और निवेश किया जाएगा। उन्होंने राइजिंग राजस्थान समिट आयोजन को निवेशकों के लिए अच्छा अवसर बताया। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा, विधायक डॉ. जसवन्त सिंह यादव, श्री देवीसिंह शेखावत, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त श्री रोहित गुप्ता, रीको के प्रबंध निदेशक श्री इन्द्रजीत सिंह, संभागीय आयुक्त श्रीमती रश्मि गुप्ता, जिला कलक्टर कोटपूतली-बहरोड़ श्रीमती कल्पना अग्रवाल, बीड़ा भिवाडी सीईओ श्री अतुल प्रकाश, नीमराना इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन अध्यक्ष श्री कृष्ण गोपाल कौशिक, लघु उद्योग भारती नीमराना अध्यक्ष श्री के.के यादव, घीलोठ मन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन महासचिव श्री राजा सोनी, हीरो मोटोकॉर्प से श्री पराग गोयल, डाइकिन प्लांट हेड श्री संदीप भट्टाचार्य सहित विभिन्न पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

‘बाबा गुरू घासीदास जी ने दिखाया मानवीय गुणों के विकास का रास्ता’, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरू घासीदास जी की 18 दिसम्बर को जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री साय ने कहा है कि बाबा गुरू घासीदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से दुनिया को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना का मार्ग दिखाया। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति को ’मनखे-मनखे एक समान’ का प्रेरक संदेश देकर समानता और मानवता का पाठ पढ़ाया। बाबा जी ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आध्यात्मिक जागरण की आधारशिला रखी। उन्होंने लोगों को मानवीय गुणों के विकास का रास्ता दिखाया और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की। श्री साय ने कहा कि गुरू घासीदास जी का जीवन दर्शन और विचार मूल्य आज भी प्रासंगिक और समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी योजनाओं की सौगात, राजस्थान-सरकार की प्रथम वर्षगांठ पर अंत्योदय सेवा शिविर आयोजित

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल का पहला वर्ष उपलब्धियों भरा रहा है। हमारी सरकार ने पहले साल में ही प्रदेशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सफलता पाई है और आने वाले चार वर्षों में हम प्रदेशवासियों से आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र में किए गए हर वादे को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल अपने काम का हिसाब भी आमजन के बीच रखेगी। शर्मा रविवार को जयपुर की पिंजरापोल गौशाला में आयोजित अंत्योदय सेवा शिविर समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल पहले हमारी सरकार ने राजस्थान की जनता की सेवा करने की शपथ ली थी। जब हमने यह शपथ ली उससे पहले प्रदेश में महिलाओं के लिए असुरक्षा का माहौल था, युवा पेपरलीक की मार झेल रहे थे, जल जीवन मिशन का कार्य ठप्प पड़ा था और गरीब भ्रष्टाचार और शोषण के दलदल में फंसा था। उन्होंने कहा कि हमने पिछले एक साल में प्रदेश की जनता को इन समस्याओं से बाहर निकालने के लिए सार्थक प्रयास किए हैं। युवाओं को रोजगार दिया, महिलाओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की, किसानों को संबल दिया और गरीब को सामाजिक न्याय देकर सशक्त करने का काम किया। इस एक वर्ष में हमारी सरकार ने प्रदेश के विकास को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि अंत्योदय की दिशा में हमारे दृढ़ संकल्प और समाज के जरूरतमंद वर्गों को संबल देने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय का सिद्धांत पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा दिया गया जो हमारी सरकार के विकास कार्यों की प्रेरणा हैं। एक वर्ष में साढ़े पांच लाख से अधिक नए पेंशनर्स को जोड़ा— श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगभग 90 लाख लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। हमारी सरकार ने एक वर्ष के कार्यकाल में साढ़े पांच लाख से अधिक नए पेंशनर्स को जोड़ा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की न्यूनतम पेंशन राशि में बढ़ोत्तरी की है। अब 75 वर्ष से कम उम्र के सभी पेंशनर्स को 1,150 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। पालनहार योजना के तहत विभिन्न श्रेणी के बच्चों को 750 रुपये से लेकर 2 हजार 500 रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 32 हजार से अधिक नए पालनहारों को योजना से जोड़कर लाभान्वित किया है। मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना का हुआ शुभारंभ— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना’ का रिमोट से शुभारंभ किया। इसके तहत राज्य के शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद एवं असहाय परिवार के असंगठित श्रमिकों के साथ भवन निर्माण श्रमिक, हस्तशिल्प श्रमिक, गिग वर्कर, ट्रांसपोर्ट वर्कर, केयर वर्कर, सफाई श्रमिक, घरेलू श्रमिक आदि को विशेष अल्पावधि ऋण उपलब्ध करवाकर आर्थिक संबल दिया जाएगा। इस योजना में लाभार्थी को बैंक द्वारा बिना किसी गारंटी अथवा प्रक्रिया शुल्क के 80 हजार तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 2 लाभार्थियों को 50-50 हजार रुपये की ऋण राशि के चैक प्रदान किए। प्रदेशभर में आज 11 हजार 1 स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण वितरित किया गया। मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना की शुरूआत— श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना का शुभारंभ भी किया। इस योजना में दुर्लभ बीमारी से पीड़ित 18 वर्ष तक के बच्चों को 50 लाख रुपए तक का उपचार उपलब्ध कराया जाएगा और उनकी देखभाल के लिए 5 हजार रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाएगी। पहले चरण में जेके लोन अस्पताल और एम्स जोधपुर को इस योजना में इलाज के लिए अधिकृत किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस योजना के पोर्टल का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना का शुभारंभ— मुख्यमंत्री ने आज मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना की भी शुरूआत की। इसके तहत लाभार्थी अंशदाताओं को मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन के अतिरिक्त 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 3 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। जरूरतमंदों की मदद के लिए बनेंगे मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्र— उन्होंने मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों की स्थापना के कार्याें का भी आज से शुभारंभ किया। इन केन्द्रों पर नागरिक, संस्थान, वाणिज्यिक उद्यम आदि पहले उपयोग हो चुकी वस्तुएं जैसे कपड़े, जूते, किताबें, खिलौने, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि जमा कर सकेंगे। जरूरतमंद व्यक्ति इन केंद्रों से अपनी आवश्यकतानुसार वांछित सामान प्राप्त कर सकेंगे। 31 जनवरी, 2025 तक लगेंगे आयुष्मान आरोग्य शिविर— श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेशभर में आज से प्रारंभ कर 31 जनवरी, 2025 तक मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 813 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 50 जिला चिकित्सालयों में 3 चरणों में ये शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने इस अवसर पर आयुष्मान आरोग्य शिविर की बुकलेट का भी विमोचन किया। लाभार्थियों को सहायता राशि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 2 लाख 15 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के खातों में विभिन्न योजनाओं की 247.76 करोड़ रुपए की राशि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 2 महिलाओं को 30-30 हजार रुपये के प्रतीकात्मक चैक भेंट कर 5,001 परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त जारी की। इस योजना में 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई।

पिता और बेटों संग भरतपुर पहुंचे, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्रीनाथ जी मंदिर में की पूजा-अर्चना

भरतपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को भरतपुर के प्रसिद्ध श्रीनाथ जी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उनके साथ उनके पिता और दोनों बेटे भी मंदिर पहुंचे, जहां पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न हुई। मुख्यमंत्री के इस धार्मिक दौरे में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और डीग-कुम्हेर विधायक डॉक्टर शैलेश सिंह भी उपस्थित रहे। इस दौरान मंदिर प्रबंधन ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और स्थानीय पुजारियों से आशीर्वाद लिया। जनता का उत्साह और स्वागत : मुख्यमंत्री के मंदिर दौरे की खबर से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में एकत्रित हुए और मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने जनता से संवाद करते हुए प्रदेश के विकास और धार्मिक स्थलों के संरक्षण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर : पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों के विकास और उनके सौंदर्यीकरण के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थलों को संरक्षित किया जाए और उन्हें पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री के साथ गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, डीग-कुम्हेर विधायक डॉक्टर शैलेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था से जुड़ा होने के साथ-साथ जनता के बीच विश्वास और संवाद का प्रतीक भी रहा। पूजा-अर्चना के इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि और विकास की कामना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “राईजिंग राजस्थान – ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट” के लिए दी शुभकामनाएं

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सभी राज्य औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए कदम उठा रहे हैं। राजस्थान में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए 9, 10 और 11 दिसम्बर 2024 को जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हो रहा है। राजस्थान और मध्यप्रदेश सगे भाईयों के समान हैं। दोनों राज्यों की अधिकांश जनसंख्या में सांस्कृतिक समानता होने के परिणामस्वरूप संबंधों में प्रगाढ़ता भी है। सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी की गरिमामय उपस्थिति भी इस कार्यक्रम में रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राईजिंग राजस्थान – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सभी राज्यों को समान रूप से अपने प्रयत्नों की आहूति देनी है। मध्यप्रदेश में संभाग स्तर पर आरंभ की गई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रृंखला में अगली कॉन्क्लेव शहडोल में जनवरी-2025 में होगी। इसके बाद फरवरी-2025 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन भोपाल में किया जाएगा। हमारे लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हम भारत की प्रगति में सहभागी होंगे।

मोहासा-बाबई का औद्योगिक क्षेत्र कर्मशील मानव संसाधन औद्योगिक विकास में सहायक बनेगा: मुख्यमंत्री

नर्मदापुरम मध्य प्रदेश में हुई छठी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 31,800 करोड़ के प्रस्ताव मिलने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. उन्होंने नर्मदापुरम को लेकर कहा है कि मोहासा-बाबई का औद्योगिक क्षेत्र कर्मशील मानव संसाधन औद्योगिक विकास में सहायक बनेगा. मोहासा में विद्युत एवं नवकरिणी ऊर्जा उपकरण विनिर्माण पार्क सहित नवीन इकाइयों का मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भूमि पूजन भी किया. नर्मदापुरम इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को सफल मानते हुए सरकार दावा कर रही है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र लाखों लोगों को रोजगार देने वाला बनेगा. नर्मदापुरम इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में अलग-अलग प्रकार के 31,800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नर्मदा पुरम में एमपीआईडीसी का सर्व सुविधा युक्त कार्यालय शुरू होगा. सभी प्रकार की सुविधा होगी प्राप्त इसके माध्यम से उद्योगपतियों को महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी. इतना ही नहीं, सिंगल विंडो पर उन्हें सभी प्रकार की सुविधा प्राप्त होगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशक एवं उद्योग जगत के लोगों से अलग-अलग टेबल पर बातचीत भी की. मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा पुरम में औद्योगिक गतिविधियों में आने वाले समय में तेजी आने वाली है. रीवा की सात उद्यम इकाइयों का शिलान्यास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम में आयोजित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के दौरान रीवा की सात उद्यम इकाइयों का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पर पहले रेल नहीं चलती थी वहां अब हवाई जहाज उड़ान भर रहे हैं. मध्य प्रदेश में आने वाले समय में और भी विकास की प्रबल संभावनाओं पर काम किया जा रहा है. इन उद्योगों पर रहा फोकस नर्मदा पुरम में आयोजित इंडस्ट्री में देश ही नहीं बल्कि विदेशों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया. आयोजन में कनाडा, मेक्सिको, नीदरलैंड, मलेशिया आदि के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. इस इन्वेस्टर कॉन्क्लेव में फूड इंडस्ट्री,  कृषि, डेयरी, पर्यटन, कपड़ा उद्योग आदि पर विशेष फोकस रहा. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि नर्मदा पुरम आने वाले समय 24000 स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि सभी सेक्टर में शुरू होने वाली इंडस्ट्री में 50000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है.

मुख्यमंत्री ने मोहासा में विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण पार्क सहित नवीन इकाइयों का किया भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई समूचे नर्मदापुरम के विकास का केंद्र बनेगा। सतपुड़ा का यह क्षेत्र आज नया इतिहास रचने जा रहा है। औद्योगिक विकास के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से नर्मदापुरम आरआईसी में अपार सफलता प्राप्त हुई है। आरआईसी से मोहासा-बाबई सौर ऊर्जा पार्क की भूमि 227 एकड़ से बढ़कर 884 एकड़ हो गई। आरआईसी में 20 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि आवंटन-पत्र भी वितरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई में आयोजित विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण क्षेत्र में इकाइयों के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। भूमि-पूजन समारोह में लोक निर्माण विभाग एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, विधायक डॉ सीतासरन शर्मा, विधायक सोहागपुर श्री विजयपाल सिंह, विधायक सिवनीमालवा श्री प्रेम शंकर वर्मा तथा प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन विभाग श्री राघवेन्द्र सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि, विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में जनसमूह उपस्थित रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नया इतिहास रचने जा रहा है। इस औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों द्वारा लगभग 2 हजार करोड़ रूपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। इससे सोहागपुर, इटारसी, सिवनीमालवा, पिपरिया, पचमढ़ी के स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा और रोजगार के लिए होने वाला पलायन इन क्षेत्रों से रुकेगा। आरआईसी में किये जा रहे निवेश के कारण महज 2 से 3 वर्षों में ही संपूर्ण नर्मदापुरम क्षेत्र का आर्थिक परिदृश्य बदलेगा। नर्मदापुरम की कर्मशील जनता औद्योगिक विकास में सहायक बनेगी। नर्मदापुरम वन संपदा, भू-संपदा, बेहतर रोड और रेल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं के साथ औद्योगिक विकास के लिए सबसे अनुकूल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए उज्जैन, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर, सागर के बाद अब 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव नर्मदापुरम में हो रही हैं। औद्योगिक विकास के इन प्रयासों में नर्मदापुरम को कम समय में सबसे अधिक सफलता मिली है। निवेशकों को औद्योगिक पार्क मोहासा-बाबई की विशेषता तथा सरकार द्वारा दिए जा रहे वित्तीय अनुदान का सीधा फायदा निवेशकों को देने का हमने निर्णय लिया है। साथ ही अत्यंत कम दरों पर निवेशकों को जमीन उपलब्ध करवाई गई है। नर्मदापुरम औद्योगिक विकास में विश्व पटल पर होगा स्थापित – प्रभारी मंत्री श्री सिंह जिले के प्रभारी एवं लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों एवं दूरदर्शी सोच से नर्मदापुरम का कायाकल्प होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश-विदेश का भ्रमण कर प्रदेश में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के साथ रोजगार सृजन करने का अभूतपूर्व काम किया हैं। नर्मदापुरम में आज हजारों करोड़ रूपये का निवेश होने जा रहा है, जिससे न केवल नर्मदापुरम के युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा बल्कि नर्मदापुरम औद्योगिक विकास के विश्व पटल पर स्थापित होगा।

राइजिंग राजस्थान का सौर ऊर्जा से संचालित होगा उद्घाटन दिवस, राजस्थान-मुख्यमंत्री 10 दिनों तक लेंगे नव संकल्प

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आगामी 9-11 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले राइजिंग राजस्थान समिट के माध्यम से राज्य में औद्योगिक परिदृश्य को एक नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की आर्थिक उन्नति के संकल्प को पूरा करने के लिए जी जान से जुटी हुई हैं। हम राइजिंग राजस्थान के सफल आयोजन के लिए आगामी 10 दिनों तक प्रत्येक दिन एक नया संकल्प लेंगे। शर्मा ने कहा कि इन संकल्पों के माध्यम से अगले 5 वर्षों में प्रदेश को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जाएगा। विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प सिद्धि में राइजिंग राजस्थान का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने समिट के सफल आयोजन में सभी महत्वपूर्ण वर्गों को भागीदार बनने का आह्वान किया। श्री शर्मा ने आज पहला संकल्प लेते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट का उद्घाटन दिवस पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होगा। उन्होंने कहा कि यह समिट सूरज की ताकत से प्रदेश के विकास में नया सवेरा लाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश में निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाए। राज्य सरकार की अनुकूल निवेश नीतियों से राजस्थान अक्षय ऊर्जा में निवेशकों की पसंद बना हुआ है तथा आज राजस्थान भारत में अक्षय ऊर्जा उत्पादन में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश को 2027 तक ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं।

‘हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है प्रदेशवासियों का उत्तम स्वास्थ्य’, राजस्थान-जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि चिकित्सा सेवा का क्षेत्र है तथा सेवा अर्थ से नहीं मन की शांति से जोड़ी जाती है। ऐसे में, चिकित्सकों द्वारा मानवता की सेवा का महती कार्य किया जा रहा है। उन्होंने मेडिकल के विद्यार्थियों से आशा व्यक्त की वे अपने चिकित्सकीय ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की बेहतरी के लिए करेंगे। शर्मा ने कहा कि हमने इस वर्ष के बजट में 27 हजार 660 करोड़ रुपये अर्थात बजट का 8.26 प्रतिशत हिस्सा केवल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को समर्पित किया है। प्रदेशवासियों की सेहत हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शर्मा सोमवार को महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी के 7वें दीक्षांत एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मेडिकल की विभिन्न डिग्री प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा की महात्मा गांधी अस्पताल चिकित्सा सेवा एवं मानव सेवा के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। आज इस अस्पताल में लोकार्पण हुए साइबर नाइफ एस7 और पैट स्कैन मशीन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच के लिए मरीजों को इसका फायदा मिलेगा। साथ ही, नवस्थापित हेमेटोलॉजी टावर में रक्त संबंधी रोगों के मरीजों को इलाज में सहायता मिलेगी। हर नागरिक का स्वास्थ्य रिकॉर्ड ऑनलाइन मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान डिजिटल हैल्थ मिशन के माध्यम से प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत चिकित्सकीय बुनियादी ढ़ांचे को बेहतर बना रही है, जिसमें हैल्थ सेक्टर में 3 वर्ष में 15 हजार करोड़ के कार्य करवाये जायेंगे। साथ ही, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 5 लाख तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से मेडिकल टूरिज्म तेजी से बढ़ा है। ऐसे में, मेडिकल वैल्यू ट्रैवल पॉलिसी के माध्यम से इसको और विस्तार मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को पूर्ण इलाज उपलब्ध करवाने के लिए काम कर रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 57 हजार करोड़ रुपये के निवेश आए श्री शर्मा ने कहा की आगामी 9 से 11 दिसम्बर में आयोजित होने वाली राइजिंग राजस्थान समिट के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र सहित हर क्षेत्र में निवेश लाया जा रहा है। इस समिट के लिए अभी तक 25 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि राजनिवेश पोर्टल पर चिकित्सा से जुड़े 57 हजार करोड़ रुपये से अधिक के 300 निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं, जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 6 लाख लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मेडिकल की विभिन्न डिग्रियों से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं डिग्री प्रदान कर सम्मानित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने नवस्थापित हेमेटोलॉजी टॉवर एवं साइबर नाइफ और पैट स्केन मशीन का फीता काटकर लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइसेंज (एमजीयूएमएसटी) के संस्थापक श्री एम. एल. स्वर्णकार, एमजीयूएमएसटी के चेयरपर्सन डॉ. विकास चन्द्र स्वर्णकार सहित अधिकारीगण, चिकित्सक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

‘शिक्षा के क्षेत्र में राज्य को बनाएंगे मॉडल स्टेट’, राजस्थान-जयपुर में मुख्यमंत्री ने की स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में शिक्षा की अहम भूमिका है, क्योंकि आज के बच्चे ही भविष्य के नागरिक होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए नवीन तकनीकों का उपयोग करने के साथ ही, खाली पदों पर भर्ती तथा स्कूलों में कक्षा-कक्षों का निर्माण कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि हम नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने तथा शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान को मॉडल स्टेट बनाने हेतु विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय बजट घोषणाओं को त्वरित गति से पूरा करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चले इस हेतु सत्र के प्रारंभ में ही विद्यार्थियों को लगभग साढ़े 3 करोड़ पाठ्यपुस्तकों का निःशुल्क वितरण किया गया है तथा कक्षा 1 से 8 के समस्त विद्यार्थियों एवं 9 से 12 तक की बालिकाओं को स्कूल बैग भी दिए जाएंगे। श्री शर्मा ने कहा कि आगामी माह में 1 लाख 25 हजार बालिकाओं को साइकिल वितरित की जाएगी। लगभग साढ़े 20 हजार पदों पर दी गई नियुक्तियां— मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता बेहतरीन करने हेतु सरकार खाली पदों पर भर्ती कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में अब तक लगभग साढ़े 20 हजार पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं तथा लगभग 18 हजार पदों पर पदोन्नति की गई है। प्राध्यापक स्कूल शिक्षा, पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड 2 एवं ग्रेड 3 तथा वरिष्ठ अध्यापक के कुल 5 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। साथ ही, विभिन्न संवर्गों में चयनित 515 अभ्यर्थियों को दिसम्बर माह में नियुक्तियां दे दी जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को रिक्त पदों पर चरणबद्ध रूप से भर्ती करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर विद्यालयों में लगाए जाएं शिक्षक— मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की संख्या का सर्वे करवाकर विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी एवं निजी विद्यालयों के ड्रेस कोड में एकरूपता लाई जाए। मुख्यमंत्री ने स्कूलों में कक्षा कक्षों तथा बालिका विद्यालयों में शौचालयों की स्थिति का भौतिक सत्यापन कर आवश्यकतानुसार उनकी मरम्मत और नव निर्माण करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भौतिक सत्यापन के कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। श्री शर्मा ने विद्यालयों में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने की दृष्टि से चरणबद्ध रूप से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में भामाशाहों का भी सहयोग लिया जाए। बैठक में शासन सचिव स्कूल शिक्षा श्री कृष्ण कुणाल ने मुख्यमंत्री को स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत विभाग को 12 हजार 400 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। हरियालो राजस्थान तथा एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत विभाग द्वारा रिकॉर्ड संख्या में वृक्षारोपण किया गया। साथ ही राज्य के 1.34 करोड़ विद्यार्थियों ने सूर्य नमस्कार कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसके अतिरिक्त, विभाग द्वारा शाला स्वास्थ्य सर्वेक्षण प्रखर राजस्थान रीडिंग कैम्पेन, पीएमश्री विद्यालय, शाला सम्बलन एप, खेल प्रतियोगिता एवं ई-पाठशाला कार्यक्रम सहित अन्य नवाचार भी किए जा रहे हैं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान श्री अविचल चतुर्वेदी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री आशीष मोदी सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कैबिनेट सदस्य और मौजूद रहे अधिकारी, राजस्थान-जयपुर में मुख्यमंत्री से मिला यूके का प्रतिनिधि मंडल

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर यूनाइटेड किंगडम से आए प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल को आगामी 9 से 11 दिसंबर तक जयपुर में आयोजित होने वाली राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में पार्टनर कंट्री बनने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के किले भी यूके के एडिनबर्ग और विंडसर किले के समान ही भव्यता के लिए प्रसिद्ध हैं। राजस्थान में प्रमुखता से पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के पत्थर, गहने इत्यादि के निर्यात में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतिनिधिमण्डल की इस यात्रा से यूके और भारत एवं विशेषकर राजस्थान के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को अधिक मजबूती मिलेगी। यूनाइटेड किंगडम के प्रतिनिधिमण्डल में शेरोन हॉजेसन, शिवानी राजा, हलेना डॉलीमोर, कनिष्क नारायण, साहिल वेद हंसरानी, पुनीत गुप्ता, अतुल झांब, क्षितिज सिंघवी एवं गौरव चक्रवर्ती एवं उमर शामिल थे। इस दौरान उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री श्री के.के. विश्नोई भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री निवास पर रात्रिभोज का हुआ आयोजन सिंगापुर एवं यूनाइटेड किंगडम से राजस्थान दौरे पर आए प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर रात्रिभोज आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों का साफा पहनाकर स्वागत किया गया।    इस अवसर पर सिंगापुर के प्रतिनिधिमण्डल में डिजिटल विकास और सूचना मंत्रालय वरिष्ठ राज्य मंत्री जेनिल पुथुचेरी, प्रधानमंत्री कार्यालय से वरिष्ठ राज्यमंत्री डेसमंड टैन कोक मेंग, शिक्षा और जनशक्ति राज्य मंत्री गेन सियो हुआंग, शिक्षा और वित्त मंत्रालय से वरिष्ठ संसदीय सचिव शॉन हुआंग एवं संसद सदस्य जी याओ क्वान, राचेल ऑग एवं सक्तियादी सुपाट सहित अन्य सदस्य रात्रिभोज में शामिल हुए। साथ ही उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत, जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत, नगरीय विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा, पंचायतीराज राज्य मंत्री श्री ओटाराम देवासी, गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, सांसद श्री मदन राठौड, श्री घनश्याम तिवाड़ी, श्री राव राजेन्द्र सिंह, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत, पूर्व मंत्री श्री अरूण चतुर्वेदी सहित विधायकगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

48 हजार पदों पर प्रक्रियाधीन है भर्ती, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने ली चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता को सस्ती, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हम अन्तिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आमजन से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए स्वास्थ्य से जुड़ी राज्य सरकार की बजटीय घोषणाओं को प्रभावी कार्ययोजना के साथ त्वरित गति से पूरा किया जाए, जिससे ‘आपणो स्वस्थ राजस्थान’ की संकल्पना साकार हो। शर्मा मुख्यमंत्री कार्यालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर भी मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में लगभग 48 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया मिशन मोड़ पर चल रही है तथा अब तक लगभग 8 हजार पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग में खाली पड़े पदों पर आवश्यकतानुसार चरणबद्ध रूप से भर्ती की जाए तथा न्यायालय में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करवाकर नियुक्तियां दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे शहरों और कस्बों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेशभर में आयुष्मान मॉडल सीएचसी बनाने का निर्णय लिया है। इससे न केवल निचले स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी बल्कि बड़े अस्पतालों पर भार भी कम होगा। उन्होंने अधिकारियों को इन मॉडल सीएचसी का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का करें व्यापक प्रचार-प्रसार — मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत आमजन को निःशुल्क इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। हमने इस योजना के तहत पीडियाट्रिक पैकिज शामिल करने, कुछ पैकेज की दरों को तर्कसंगत बनाने तथा पोर्टिबिलिटी सुविधाओं को शामिल करने का निर्णय लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना में जो नए प्रावधान जोड़े गए हैं, उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत चिकित्सा के आधारभूत ढ़ांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित सभी आयुष्मान आरोग्य मन्दिरों में प्रमुख 12 सेवाएं मिलना सुनिश्चित किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान डिजीटल हैल्थ मिशन के तहत प्रदेशवासियों का स्वास्थ्य रेकार्ड डिजिटल रूप से संधारित करने के लिए अभियान चलाकर प्रदेश के हर व्यक्ति की आभा आई डी बनाई जाए। मिलावटखोरों पर हो सख्त कार्रवाई — मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि मिलावटखोरों द्वारा राज्य की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अभियान में तेजी लाते हुए मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि चिकित्सा विभाग के अधीन संचालित राजस्थान मेडिकल कॉन्सिल, पैरा मैडिकल कॉन्सिल सहित अन्य सभी संस्थाओं के कामकाज की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी तरह की अनियमितता पाई जाने पर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए तकनीकी नवाचार अपनाने पर भी जोर दिया। स्वास्थ्य के कई मानकों में राजस्थान देश में बेहतर — बैठक में प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री ए. राठौड़ ने चिकित्सा विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों एवं नवाचारों की प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य के कई मानकों में राजस्थान राष्ट्रीय औसत एवं कई बड़े राज्यों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। राज्य में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में विभाग के प्रयासों से उल्लेखनीय गिरावट आई है। संस्थागत प्रसव के मामले में राजस्थान देश में अग्रणी है। राष्ट्रीय सिकल सैल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत स्क्रीनिंग में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। निःशुल्क दवा योजना में भी दवाओं एवं सूचर्स की संख्या में वृद्धि की गई है। बैठक में केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग, मौसमी बीमारियों की रोकथाम सहित कई विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) श्री आलोक गुप्ता, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री अम्बरीश कुमार, मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. भारती दीक्षित, सीईओ स्टेट हेल्थ एश्योरेंस ऐजेंसी श्रीमती प्रियंका गोस्वामी, प्रबंध निदेशक आरएमएससी श्रीमती नेहा गिरी, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री इकबाल खान, निदेशक आईईसी श्री शाहीन अली खान, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर, सहित वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

गोविंद गुरू के साथ आदिवासी वीरों ने अंग्रेजों की गुलामी से लड़ा, राजस्थान-बांसवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार वागड़ क्षेत्र के विकास के लिए कृतसंकल्पित है। हमारी सरकार हमेशा जनजातीय समाज की प्रगति एवं गौरव को बढ़ाने का काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्ग के उत्थान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्यकाल में जितने काम हुए हैं, उतने काम कभी नहीं हुए। श्री शर्मा शुक्रवार को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर बांसवाड़ा जिले के गोविन्द गुरू महाविद्यालय मैदान में आयोजित नवादि युगधारा प्रणेता समागम कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस मना रहे हैं। भगवान बिरसा मुंडा ने अपना जीवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम, विरासत और संस्कृति को समर्पित कर दिया था। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में योगदान मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस देशवासियों के लिए भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समुदायों के योगदान को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के आदिवासी वीर योद्धा महाराणा प्रताप के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़े और अपनी जन्म-भूमि के गौरव के लिए मर-मिटे थे। वागड़ अंचल में गोविंद गुरु के नेतृत्व में आदिवासी वीरों ने अंग्रेजों की गुलामी से लड़ने का काम किया। वागड़ की धरती पर मानगढ़ धाम 1500 से अधिक आदिवासी वीरों के बलिदान का साक्षी है। करोड़ों आदिवासी परिवारों का जीवन हुआ आसान श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की जनकल्याणकारी योजनाओं से देश के करोड़ों आदिवासी परिवारों का जीवन आसान हुआ है। प्रधानमंत्री जी ने पीएम-जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान- जनमन की शुरूआत की है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से देशभर में 63 हजार आदिवासी गांवों में 5 करोड़ से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत राज्य के 40 जिलों के 208 पंचायत समितियों के 6019 गांवों में सामाजिक, आर्थिक एवं आधारभूत विकास कार्य करवाकर इन गांवों को विकसित किया जाएगा। प्रदेश में आदिवासी क्षेत्र का विकास हो रहा सुनिश्चित मुख्यमंत्री ने कहा कि डूंगरपुर में डूंगर बरंडा और बांसवाड़ा में बांसिया चारपोटा जनजातीय नायकों के स्मारकों का निर्माण, उदयपुर में वीर बालिका कालीबाई संग्रहालय का निर्माण करेंगे। अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए टीएसपी फंड की राशि 1 हजार करोड़ से बढ़ाकर एक हजार 500 करोड़ रुपये कर दी है। खेल अकादमियों में छात्र-छात्राओं की मेस भत्ता राशि को बढ़ाकर 4 हजार रूपये प्रतिमाह किया है। उन्होंने कहा कि शाहबाद-बारां में सहरिया जनजाति के लिए तीरंदाजी व एथलेटिक्स खेल अकादमी की स्थापना करेंगे। साथ ही, 7 नवीन आश्रम छात्रावास, 1 नवीन खेल अकादमी, 3 नवीन आवासीय विद्यालय एवं 250 नवीन मां-बाडी केन्द्र स्वीकृत किये हैं। गोविन्द गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना का शुभारंभ श्री शर्मा ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम के तहत वन क्षेत्रों में निवास करने वाले आदिवासियों व परम्परागत वन निवासियों के कल्याण के लिए गोविन्द गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना की घोषणा की गई थी, जिसका शुभारंभ आज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 15 नवम्बर से 26 नवम्बर तक प्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़ा मनाया जा रहा है। वागड़ क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वागड़ क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यहां रेलवे, हाईवे, विद्यालय जैसे कार्यों से विकास को बढ़ाया जा रहा है। महाराणा प्रताप सर्किट एवं धार्मिक सर्किट भी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीतामाता अभयारण्य, त्रिपुरा सुंदरी, बेणेश्वर धाम और मानगढ़ धाम को जोड़ते हुए पर्यटन सर्किट बनाने एवं इस क्षेत्र को औद्योगिक रूप से बढ़ावा देकर यहां के युवाओं को रोजगार देने का काम हमारी सरकारी करेगी। श्री शर्मा ने समारोह में दो राजसखियों को 114 करोड़ रुपये का चैक प्रदान किया। उन्होंने आदिवासी जनजातीय क्षेत्र में उन्नत किसान, महिला उद्यमी, शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाली पांच-पांच प्रतिभाओं सहित नवाचार करने वाले दो व्यक्तियों को पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने मेला मैदान में लगाई स्टॉल्स एवं प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री को आदिवासी अंचल की पहचान मांडना चित्र और तीर कमान भेंट किया गया। श्री शर्मा ने इस अवसर पर गोविन्द गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना की पुस्तिका का भी विमोचन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री एवं बड़ी संख्या में मौजूद आमजन ने जनजातीय गौरव दिवस पर बिहार के जमुई में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सम्बोधन को सुना। कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी, विधायक कैलाशचन्द्र मीणा एवं श्री शंकरलाल डेचा, सचिव जनजाति क्षेत्रीय विकास श्री भानू प्रकाश एटूरू सहित बड़ी संख्या में आदिवासी अंचल के आमजन मौजूद रहे।

3 EME सेंटर में भूतपूर्व सैनिक सम्मान कार्यक्रम को CM मोहन ने किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना का मनोबल बढ़ा है। सेना को नवीन तकनीक का नवीनतम हथियार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विदेशी हथियारों पर भारतीय सेना की निर्भरता कम करते हुए स्वदेशी लड़ाकू विमान और हथियार निर्माण पर विशेष ध्यान दिया है। अब हम सिर्फ युद्ध का जवाब ही नहीं देते बल्कि घर में घुसकर मारते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3ईएमई सेंटर में भूतपूर्व सैनिक सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों की देश भक्ति और समर्पण में वर्तमान सेना की नींव रखी है। जब भी मौका पड़ा आप सभी ने वीरता और शौर्य का परिचय देकर भारतीय लोकतंत्र की रक्षा की है। भारत के साथ और भी देश आजाद हुए थे। लेकिन वर्तमान समय में विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र यदि जीवित है तो यह भारतीय सेना के कारण ही संभव हुआ है। सेना ने देश की सीमाओं रक्षा कर लोकतंत्र को जीवित रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सेना के भूतपूर्व सैनिकों के अविस्मरणीय योगदान के लिए प्रदेश की जनता की ओर से अभिनंदन किया। मध्य प्रदेश सैनिक कल्याण में सदैव अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सैनिक कल्याण में सदैव अग्रणी रहा है। मध्यप्रदेश में सेवारत एवं सेवानिवृत्तण सैनिकों के लिये विभिन्न कल्यााणकारी योजनाओं का सफल संचालन हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेना और उनके परिवारों के लिए कल्याणकारी निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि युद्ध एवं सैनिक कार्रवाई में शहीद होने वाले सेना/केन्द्री य सशस्त्रय पुलिस बल के शहीदों के आश्रितों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि और एक आश्रित को शासकीय सेवा में विशेष नियुक्तिस दी जाएगी। सहायता राशि का आधा भाग शहीद की पत्नी को और आधा भाग आश्रित माता पिता को दिया जाएगा। शहीदों के माता पिता को दी जाने वाली मासिक अनुदान की राशि बढ़ाकर 10 हजार रूपये और शहीदों की पुत्रियों एवं बहनों के विवाह पर आशीर्वाद राशि भी बढ़ाकर 51 हजार रुपये की गई है। प्रदेश में निवासरत द्वितीय विश्वि युद्ध के सैनिकों एवं उनकी पत्नियों की पेंशन 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है।  जो कि देश में सर्वाधिक है।  मध्यपप्रदेश निवासी ऐसे माता पिता, जिनकी पुत्री सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष की गई है। प्रदेश शासन द्वारा विभिन्न् शौर्य एवं विशिष्टई सेवा अलंकरणों से सम्मानित सैनिकों एवं उनके आश्रितों को सर्वाधिक सम्मा्न राशि दी जाती है। भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं, विकलांग सैनिकों एवं आश्रितों को विभिन्नि योजनाओं के अंतर्गत आर्थिक सहायता तथा छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। भूतपूर्व सैनिकों को शासकीय नौकरियों में आरक्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में पूर्व सैनिकों के बच्चों् को मेडिकल, इंजीनियरिंग, टेक्निकल एजुकेशन, लॉ समेत विभिन्न कोर्सेस में आरक्षण दिया जाता है। सभी सरकारी विभागों के ग्रुप सी एवं डी पदों पर भूतपूर्व सैनिकों को आरक्षण के साथ जिला सैनिक कल्यािण कार्यालयों में सहायक ग्रेड-3 स्तयर पर कर्मचारियों के पदों में वृद्धि करने का‍ निर्णय लिया गया है।  शासन की योजनाओं के अन्तडर्गत जमीन के लिए सैनिकों को आरक्षण दिया जाता है। मध्यप्रदेश का इतिहास वीरता और साहस का इतिहास – भारतीय नौसेना अध्यकक्ष एडमिरल दिनेश त्रिपाठी भारतीय नौसेना अध्याक्ष एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि मध्यप्रदेश का इतिहास वीरता और साहस का इतिहास है। मध्यप्रदेश ने देश को अब तक 3 अशोक चक्र, 5 महावीर चक्र और 23 वीर चक्र दिए है। पिछले 25 वर्षों में 100 से अधिक सैनिकों ने अपना सर्वस्व भारत मां के चरणों में न्यौछावर कर दिया। यह सम्मान समारोह भूतपूर्व सैनिकों के समर्पण, योग्य नेतृत्व और योगदान को समर्पित है। उन्होंने सभी भूतपूर्व सैनिकों को सेना में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए धन्यवाद दिया। भूतपूर्व सैनिकों का ज्ञान और अनुभव सेवा के जवानों के लिए अत्यंत आवश्यक सुदर्शन चक्र कोर कमांडर लेफ्टीनेन्टं जनरल प्रीतपाल सिंह ने कहा कि जो सेना अपने भूतपूर्व सैनिकों का सम्मान नहीं करती, वह कभी युद्ध नहीं जीत सकती। भूतपूर्व सैनिकों का ज्ञान और अनुभव सेवा के जवानों के लिए अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के व्यक्तित्व के बारे में बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमेशा सकारात्मक मानसिकता, कल्याणकारी कार्य को हमेशा हां और करने को तत्पर रहते है। सैनिक कल्याण बोर्ड की बैठक में जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। द्वितीय विश्वयुद्ध के भूतपूर्व सैनिकों की कल्याणियों और भोपाल के अमर शहीदों की परिजनों का किया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने द्वितीय विश्व युद्ध में वीरता के साथ लड़ने वाले भूतपूर्व सैनिकों की कल्याणियों का सम्मान किया। उन्होंने नं. 561सिपाही स्व. मुशीर अहमद की पत्नि श्रीमती फातमा बी, नं. 2659 सिपाही स्व. मो. सईद खान की पत्नि श्रीमती रईसा बेगम और नं. 451 सिपाही मो. सरीफ की पत्नि श्रीमती नफीसा बी का सम्मान किया और उनका आशीर्वाद भी लिया।  इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल की अमर शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया। सम्मानित हुए परिजनों में कैप्टन स्व. देवाशीष शर्मा, कीर्तिचक्र (मरणोपरान्त) की माताजी श्रीमती निर्मला शर्मा, मेजर स्व. अजय कुमार, सेना मेडल (मरणोपरान्त) के पिताजी श्री आर.एन. प्रसाद, ग्रुप केप्टन स्व. वरुण सिंह, शौर्यचक्र के पिताजी सेवानिवृत्त कर्नल के.पी. सिंह, सीएफएन स्व. रामस्वरूप की पत्नि श्रीमती सविता देवी, सिगनलमेन स्व. रमेश कुमार की पत्नि श्रीमती लक्ष्मी बाई और नायक स्व. दिनेश चंद्र की पत्नि श्रीमती गुनमाला देवी शामिल हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहीद सैनिकों के बलिदान, देश के प्रति सेवा और समर्पण को सदैव स्मरण किया जाएगा।   भारतीय नौसेना अध्य क्ष एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सेना के शौर्य का प्रतीक स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम के दौरान 102 रेजीमेंट इंजीनियर के जवानों ने सिख संप्रदाय की युद्ध शैलियों का प्रदर्शन किया। जवानों के शौर्य और ऊर्जा से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंच से उतरे और जवानों से मिले। उनका उत्साहवर्धन किया और जवानों के साथ ग्रुप फोटो भी ली। इस अवसर पर सेना के अधिकारी, भूतपूर्व सैनिक और परिवारजन मौजूद थे।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनी मंत्रिमंडल समिति की पहली बैठक में घाट निर्माण सहित अन्य कामों के लिए राशि मंजूर

भोपाल साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए उज्जैन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए कई निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में बनी मंत्रिमंडल समिति की पहली बैठक में घाट निर्माण सहित 19 कामों के लिए 5,882 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इस धनराशि से जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति और पुरातत्व विभाग की ओर से विभिन्न कार्य कराए जाएंगे। सिंहस्थ में इस बार दुनियाभर से लगभग 15 करोड़ लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए अभी से तैयारी की जा रही है।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी योजना तैयार की जाए कि क्षिप्रा नदी हर हाल में पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हो और शुद्ध जल का अविरल प्रवाह हो। उज्जैन में ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए 19 करोड़ की लागत से शंकराचार्य चौराहा से दत्त अखाड़ा, भूखीमाता, उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन बड़नगर मार्ग, 18 करोड़ रुपये से खाक-चौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका, भर्तहरीगुफा से रंजीत हनुमान मार्ग एवं क्षिप्रा नदी पर पुल का निर्माण, 40 करोड़ रुपये से सिद्धवरकूट से कैलाश खोह तक सस्पेंशन ब्रिज पहुंच मार्ग और ओंकारेश्वर में कावेरी नदी पर पैदल पुल सहित ओंकारेश्वर घाट से सिद्धवरकूट तक पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इंदौर-उज्जैन मार्ग बनेगा सिक्स लेन 1692 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर-उज्जैन मार्ग को सिक्स लेन, 950 करोड़ रुपये से इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड चार लेन का निर्माण होगा। 75 करोड़ रुपये से महाकाल लोक कारिडोर में फाइबर के स्थान पर पाषाण प्रतिमाओं का निर्माण, कुंभ संग्रहालय, काल गणना शोध केंद्र उज्जैन का विकास कार्य किया जाएगा। 779 करोड़ की लागत से घाट निर्माण होगा 778 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से 29.21 किलोमीटर लंबे घाट का निर्माण किया जाएगा। 1024 करोड़ 95 लाख रुपये का 30.15 किलोमीटर कान्ह नदी का डायवर्सन, 614 करोड़ 53 लाख रुपये से क्षिप्रा नदी में जल निरंतर प्रवाह योजना (सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध), 74 करोड़ 67 लाख रुपये के क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित 14 बैराजों का निर्माण, 43 करोड़ 51 लाख रुपये के कान्ह नदी पर प्रस्तावित 11 बैराजों का निर्माण, 198 करोड़ रुपये से उज्जैन शहर की सीवरेज परियोजना, बिजली सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। इंदौर से उज्जैन तक बिछेगी मेट्रो लाइन नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि अभी तक 18 विभागों के 568 कार्यों को 15 हजार 567 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं। उधर, इंदौर में लव-कुश चौराहे से उज्जैन तक नवीन मेट्रो लाइन बिछाए जाने का सर्वे करने का काम दिल्ली रेल मेट्रो कार्पोरेशन को दिया गया है।

अन्नदाता किसान भाई-बहनों को ‘विश्व खाद्य दिवस’ पर हार्दिक अभिनंदन: मुख्यमंत्री

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ‘विश्व खाद्य दिवस’ पर किसानों का अभिनंदन किया है। डॉ यादव ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘भारतीय संस्कृति में हमारे ऋषियों-पूर्वजों ने प्राणीमात्र को सम्मानपूर्वक भोजन कराने से परमात्मा की सेवा हो जाने की विराट दृष्टि दी है। ‘सबको भोजन’ की सुनिश्चितता हेतु दिन-रात परिश्रम की पराकाष्ठा करने वाले अन्नदाता किसान भाई-बहनों और समाजसेवी बंधुओं का ‘विश्व खाद्य दिवस’ पर हार्दिक अभिनंदन करता हूं।’ उन्होंने कहा कि हम सभी ‘बेहतर जीवन और भविष्य के लिए भोजन का अधिकार’ के मंत्र के साथ भूख व कुपोषण से मुक्त भारत बनाने का प्रण लें।  

विकास कार्यों और धार्मिक स्थलों का किया निरीक्षण, राजस्थान-भरतपुर पहुंचे मुख्यमंत्री

भरतपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दो दिवसीय दौरे पर भरतपुर पहुंचे हैं। दोपहर को झील का बाड़ा स्थित कैला देवी पहुंचे। जहां पत्नी गीता के साथ मां के दर्शन किए और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उसके बाद भरतपुर शहर पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री ने बस में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ आरबीएम जिला अस्पताल के नए भवन के निर्माण कार्य का जायजा लेने पहुंचे। कलेक्टर ने थ्री डी मॉडल के जरिए अस्पताल के नए भवन की संरचना की जानकारी दी और पूर्ण हो चुके निर्माण कार्य के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान अस्पताल के सभी तलों पर बनाए जाने वाले वार्डों और अनुभागों में दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि नए अस्पताल के भवन निर्माण का कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण कर इसे प्रारंभ किया जाए, जिससे कि जिलेवासियों को बेहतर चिकित्सा का लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने भवन निर्माण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। इस दौरान राजकीय आरबीएम चिकित्सकीय अस्पताल भरतपुर के मॉडल के माध्यम से जानकारी दी। शहर में सिटी फ्लड कंट्रोल ड्रेन सीएफसीडी के कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। गिर्राज कैनाल आरएनएफसीएफडी भरतपुर के कार्यों, मास्टर ड्रेनेज परियोजना आदि की जानकारी दी। नई मंडी कुम्हेर गेट से हीरादास प्रस्तावित फ्लाईओवर एवं विकास कार्यों का स्थल का निरीक्षण किया। काली की बगीची से शास्त्री पार्क प्रस्तावित फ्लाईओवर एवं विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। एक्वेरियम और बायोलोजिकल पार्क, केवलादेव एवं शास्त्री पार्क के विकास कार्य तथा नवीन बस स्टैंड के विकास कार्यों का निरीक्षण करने  के साथ ही अन्य विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि शुक्रवार को नवमी थी और इस उपलक्ष में झील का बड़ा केला देवी के दर्शन करने के लिए आया था। इस दिन देवी मां की पूजा अर्चना होती है। भरतपुर में काम की बहुत बड़ी आवश्यकता है। मैंने देखा है और बजट में जो काम मंजूर किए थे उन्हें कैसे आगे बढ़ाया गया है, अधिकारियों ने रोड मैप बनाया और सभी जनप्रतिनिधियों ने भी रोड मैप बनाया है। किस तरह से भरतपुर का विकास किया जा सके।

राज्य की जनता आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ एकजुट होकर प्रगति की राह पर निरंतर अग्रसर है: मुख्यमंत्री

भाेपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के अब तक के सबसे अच्छे प्रदर्शन को लेकर कहा कि राज्य की जनता आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ एकजुट होकर प्रगति की राह पर निरंतर अग्रसर है। डॉ यादव ने कल देर रात एक्स पोस्ट में कहा, ‘आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में सुरक्षा, विकास और समृद्धि के नित नये शिखरों को स्पर्श कर रहे जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। राष्ट्र प्रथम के ध्येय के साथ ‘विकसित और सुरक्षित जम्मू-कश्मीर’ के संकल्प की सिद्धि के लिये दिन-रात कार्य कर रहे सभी भाजपा पदाधिकारियों एवं देवतुल्य कार्यकर्ता बंधुओं का हार्दिक अभिनंदन करता हूं। भाजपा को अब तक के इतिहास में सर्वाधिक सीटों पर अभूतपूर्व विजय का आशीर्वाद देने वाली जम्मू-कश्मीर की जनता-जनार्दन का हृदय से आभार।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के अनुसार जम्मू-कश्मीर की जनता आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ एकजुट होकर प्रगति की राह पर निरंतर अग्रसर है।  

नवा रायपुर में पूजा- अर्चना कर किया गृहप्रवेश, छत्तीसगढ़ के सीएम साय नए आवास पर पहुंचे

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवरात्रि के पावन अवसर पर विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना कर नवा रायपुर में नवनिर्मित नए मुख्यमंत्री निवास में गृहप्रवेश किया। मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ मंत्रोच्चार और शंख ध्वनि के बीच पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपनी माता जसमनी देवी से आशीर्वाद ग्रहण कर गृह प्रवेश किया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका उनकी धर्मपत्नी रानी डेका काकोटी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस सहित अनेक विधायक और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

‘स्कूल जतन’ योजना के कार्याें की जांच शुरू, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कार्रवाई

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में मरम्मत योग्य शालाओं के जीर्णोद्धार एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत कार्याें की जांच शुरू कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने सभी कलेक्टरों को उक्त योजना के तहत स्वीकृत कार्याें के औचित्य, आवश्यकता, पूर्णता तथा निर्माणाधीन कार्याें की स्थिति की विशेषज्ञ समिति से जांच कराकर निर्धारित प्रपत्र में 15 दिवस के भीतर जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने इस संबंध में कलेक्टरों को प्रेषित पत्र में इस बात का उल्लेख किया है कि योजना के तहत स्वीकृत कार्याें के लिए विभाग द्वारा पूर्व में राशि जारी की गई थी। निर्माण कार्याें की गुणवत्ता को लेकर शासन को शिकायतें मिली है। उन्होंने कलेक्टरों को सभी कार्याें की अद्यतन स्थिति की जांच कराने के निर्देश तथा गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधितों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों को निर्धारित प्रारूप में शाला का नाम, स्वीकृत कार्य, स्वीकृत राशि, कार्य की भौतिक स्थिति, लागत, औचित्य एवं आवश्यकता, गुणवत्ता के संबंध में रिपोर्ट देने को कहा है।

हितग्राहियों ने बांस की टोकरी में दिए आम और केले, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर में पीएम जनमन योजना के घरों की सौंपी चाबी

जशपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बगिया प्रवास के दौरान अपने निवास में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में पीएम जनमन योजना के तीन लाभार्थियों को नवनिर्मित घर की चाबी सौंपी। इस दौरान तीनों लाभार्थियों ने बांस से बनी टोकरी में आम, फल्ली और केला भेंटकर मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। आदिवासी समुदाय के आर्थिक-सामाजिक उत्थान के लिए शुरू की गई पीएम जनमन योजना के तहत जिले के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर लोगों को लाभ मिल रहा है। जशपुर जिले के जनपद बगीचा के ग्राम पंचायत सुलेसा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अन्तर्गत 2016-23 तक कुल 90 आवास स्वीकृत किये गये थे। जिसमें 82 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ बनाकर पूर्ण हो गए हैं। शेष 08 आवास का कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2023-24 में पी.एम. जनमन आवास योजना के तहत कुल 07 हितग्राहियों का आवास स्वीकृत किया गया, जिसमें 03 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ बनाकर पूर्ण कर दिया गया है। शेष 04 आवास की ढलाई का कार्य पूर्ण हो गया है। प्लास्टर कार्य प्रगति पर है। आगामी वर्ष में पीडब्ल्यूएल सूची के बचे सभी शेष हितग्राहियों को आवास प्रदान कर पक्का मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पहाड़ी कोरवा लाभार्थियों को चाबी सौंप साझा की खुशियां लाभार्थी आलू राम पहाड़ी पिता कोटेंग ने आवास बनने पर कहा कि हर एक नागरिक का सपना होता है कि उसका अपना एक पक्का मकान हो, जिसमें वह अपने परिवारजनों के साथ सुकून से जीवन यापन कर सके। लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण हर किसी का यह सपना साकार नही हो पाता। गरीब असहाय के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना वरदान साबित हो रही है। जिसके लिये हम परिवार सहित माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। इसी तरह बगीचा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत सुलेसा (महुआपानी) निवासी लाभार्थी बैशाखू राम पिता झिंगो राम जिसकी उम्र 50 वर्ष हो चुकी है, उसके पास अपना पुश्तैनी कच्चा आवास था। जिसमें वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मुश्किल से जीवन यापन कर रहा था और बरसात के मौसम में उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में पक्का आवास बनाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। शासन से अनुदान में मिली राशि से अपना पक्का मकान बना कर अब वह अपने परिवार  के साथ पक्के मकान में रहते हैं। बैसाखू राम ने बताया कि मेरा कच्ची दीवार वाला पुराना घर था, जिसके ऊपर पन्नी तान कर गुजर-बसर चल रहा था बरसात के दिनों में जब मूसलाधार बारिश होती थी तो मेरे घर के चारों तरफ पानी ही पानी भर जाता था। आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण घर बनवाने की दूर-दूर तक कोई उम्मीद नहीं दिख रही थी। एक दिन ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक मेरे घर आये और उन्होंने मेरा आधार कार्ड और बैंक पास बुक मांगा और मेरा मोबाईल पर पंजीयन कराया। कुछ दिनों बाद मुझे मेरा आवास स्वीकृत होने की सूचना मिली। पहली बार में मुझे यकीन नहीं हुआ लेकिन मैंने बैंक जाकर पता किया तो मेरे खाते में पैसे आ गये थे। मैने अपना घर बनवाना शुरू कर दिया। आवास की धन राशि तथा मनरेगा की मजदूरी मिलाकर मिले पैसों से अपना आवास बनवाया। मैं सरकार का शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने घर बनवाने के लिये धनराशि उपलब्ध कराकर मेरी अंधेरी जिन्दगी में रोशनी लाने का काम किया। इसी तरह पीएम जनमन योजना के तहत योजना सुलेसा निवासी सोंगलत राम पिता लब्जी राम को भी पक्का आवास मिला है। सोंगलत बताते हैं कि गरीबी के कारण कच्चे मकान में रहना एक मजबूरी बन गयी थी। जब बरसात होती थी तो पानी टपकने से रात भर बच्चों सहित जागकर रात बितानी होती थी। परन्तु अब प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अन्तर्गत वर्ष 2023-24 में मेरा आवास स्वीकृत हुआ और आज हमारा पक्का मकान बन कर तैयार है। हम आभारी है माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के जिन्होंने गरीबों को उनके सपने पूरे करने का अवसर दिया।

विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, विष्णुदेव साय व राज्यपाल हरिचंदन बिलासपुर पहुंचे

बिलासपुर/रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बिलासपुर पहुंचने पर हेलीपैड पर आत्मीय स्वागत किया गया। साय यहां पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन विश्व विद्यालय के छठें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। हेलीपैड पर प्रमुख रूप से केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कुलपति वंशगोपाल सिंह, एबीएन बाजपेई सहित विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह, सुशांत शुक्ला और आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह ने स्वागत किया। राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन का बिलासपुर पहुंचने पर हेलीपैड पर आत्मीय स्वागत किया गया। हरिचंदन यहां पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन विश्व विद्यालय के छठें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। हेलीपैड पर प्रमुख रूप से केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कुलपति वंशगोपाल सिंह, कुलपति एबीएन बाजपेई सहित विधायक अमर अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक धरमजीत सिंह, विधायक सुशांत शुक्ला और आईजी संजीव शुक्ला ,कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह ने स्वागत किया।

खेती किसानी से जुड़े अपनें अनुभव साझा करते हुए उत्पादकता बढ़ाने दिए आवश्यक निर्देश

मैराथन बैठकों के पहले ही दिन मुख्यमंत्री साय ने कहा – पारदर्शिता और तत्परता अनिवार्य खेती किसानी से जुड़े अपनें अनुभव साझा करते हुए उत्पादकता बढ़ाने दिए आवश्यक निर्देश वर्षा काल में पशुधन को बिमारियों से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण करने कहा गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी संभागों में बनेगा एक एक गौ अभ्यारण्य देवभोग के दुग्ध उत्पादों की बिक्री बढ़ाने अच्छी ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर: आईआईएम अध्ययन कर देगा सलाह केज कल्चर, बॉयोफ्लाक जैसे नवाचारों से मछली पालन को मिलेगा बढ़ावा रायपुर आचार सहिंता की अवधि समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के विकास की गति तेज करने के लिए आज से विभिन्न विभागों की मैराथन समीक्षा बैठकें लेनी शुरू कर दी। आज उन्होंने कृषि से संबंधित विभागों से इसकी शुरूआत करते हुए अधिकरियों से उनकी तैयारियों के संबंध में जानकारी ली और खेती किसानी से जुड़े स्वयं के व्यवहारिक अनुभवों को भी साझा किया। साय स्वयं भी कृषक है और उनका परिवार अपनी आजीविका के लिए मुख्य रूप से खेती किसानी पर ही निर्भर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे परिणाम के लिए पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ काम किया जाना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हमें इस तरह के कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जो किसानों को उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रेरित करें। परंपरागत खेती में हर आवश्यक सहायता उन तक तत्परता से पहुंचाने के साथ-साथ आधुनिक खेती और देश भर में हो रहे नवाचारों से भी उन्हें अवगत कराने की आवश्यकता है। राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि किसानों, पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की आय में बढ़ोत्तरी हो।  अधिकारियों को अपने अनुभव बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा काल में पशुओं को होने वाली बिमारियों की रोकथाम के लिए मुस्तैदी के साथ काम किया जाना आवश्यक है। साय ने पशुधन विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ और मछली पालन विभाग के कार्यो की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पशुपालन, मछली पालन एवं दुग्ध उत्पादन जैसे व्यवसाय किसानों और पशुपालकों के आय का बड़ा स्त्रोत हैं, इनसे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से निश्चित रूप से किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। मुख्यमंत्री साय ने पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान के कहा कि प्रदेश में गौवंश की रक्षा और संवर्धन के लिए सभी संभागों के एक-एक जिले में गौ अभ्यारण्य की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों से प्रदेश में पशुधनों की संख्या और वार्षिक दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन एवं उपलब्धता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रति वर्ष प्रति व्यक्ति अंडा, दुग्ध और मांस की आवश्यकता को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वर्षा काल में पशुओं को संक्रामक बिमारियों से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के नस्ल सुधार के लिए चलाई जा रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया। साथ ही पशुधन विभाग की राज्य और केन्द्र के प्रवर्तित योजनाओं का लाभ भी अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाने को कहा। पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने विभाग की आगामी कार्ययोजना और लक्ष्यों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के कार्यो की समीक्षा करते हुए कहा कि दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री एवं दूध उत्पादन करने वाले किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए समुचित उपाए किए जाएं। उन्होंने दुग्ध महासंघ के ब्रांड देवभोग की बिक्री और आमदनी बढ़ाने के लिए आउटलेट की संख्या में वृद्धि और अन्य विकल्पों के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान से विस्तृत अध्ययन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए अच्छी मार्केटिंग और ब्रांडिंग जैसी व्यवसायिक पद्धतियों का सहारा भी लिया जाए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रोसेस फ्लो चार्ट के माध्यम से दुग्ध संकलन से लेकर उपभोक्ता तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मछलीपालन विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यो एवं योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और ग्रामीण इलाकों में किसानों को जानकारी एवं प्रशिक्षण देें। साय ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तालाबों का निर्माण कराया जाता है और गर्मियों में तालाब सूखने के कारण अनुपयोगी हो जाते हैं। ऐसे किसानों को चिन्हित कर इन तालाबों में पानी की आपूर्ति के लिए सोलर पंप की व्यवस्था की जाए ताकि सभी मौसमों में मछली पालन किया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने मछली उत्पादन के लिए केज कल्चर जैसे बॉयोफ्लाक जैसे नवाचारों का बढ़ावा देने और किसानों को प्रशिक्षित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, डॉ. बसव राजु एस और राहुल भगत, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला, सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहें।

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