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गोविंद गुरू के साथ आदिवासी वीरों ने अंग्रेजों की गुलामी से लड़ा, राजस्थान-बांसवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार वागड़ क्षेत्र के विकास के लिए कृतसंकल्पित है। हमारी सरकार हमेशा जनजातीय समाज की प्रगति एवं गौरव को बढ़ाने का काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्ग के उत्थान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्यकाल में जितने काम हुए हैं, उतने काम कभी नहीं हुए। श्री शर्मा शुक्रवार को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर बांसवाड़ा जिले के गोविन्द गुरू महाविद्यालय मैदान में आयोजित नवादि युगधारा प्रणेता समागम कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस मना रहे हैं। भगवान बिरसा मुंडा ने अपना जीवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम, विरासत और संस्कृति को समर्पित कर दिया था। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में योगदान मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस देशवासियों के लिए भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समुदायों के योगदान को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के आदिवासी वीर योद्धा महाराणा प्रताप के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़े और अपनी जन्म-भूमि के गौरव के लिए मर-मिटे थे। वागड़ अंचल में गोविंद गुरु के नेतृत्व में आदिवासी वीरों ने अंग्रेजों की गुलामी से लड़ने का काम किया। वागड़ की धरती पर मानगढ़ धाम 1500 से अधिक आदिवासी वीरों के बलिदान का साक्षी है। करोड़ों आदिवासी परिवारों का जीवन हुआ आसान श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की जनकल्याणकारी योजनाओं से देश के करोड़ों आदिवासी परिवारों का जीवन आसान हुआ है। प्रधानमंत्री जी ने पीएम-जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान- जनमन की शुरूआत की है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से देशभर में 63 हजार आदिवासी गांवों में 5 करोड़ से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत राज्य के 40 जिलों के 208 पंचायत समितियों के 6019 गांवों में सामाजिक, आर्थिक एवं आधारभूत विकास कार्य करवाकर इन गांवों को विकसित किया जाएगा। प्रदेश में आदिवासी क्षेत्र का विकास हो रहा सुनिश्चित मुख्यमंत्री ने कहा कि डूंगरपुर में डूंगर बरंडा और बांसवाड़ा में बांसिया चारपोटा जनजातीय नायकों के स्मारकों का निर्माण, उदयपुर में वीर बालिका कालीबाई संग्रहालय का निर्माण करेंगे। अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए टीएसपी फंड की राशि 1 हजार करोड़ से बढ़ाकर एक हजार 500 करोड़ रुपये कर दी है। खेल अकादमियों में छात्र-छात्राओं की मेस भत्ता राशि को बढ़ाकर 4 हजार रूपये प्रतिमाह किया है। उन्होंने कहा कि शाहबाद-बारां में सहरिया जनजाति के लिए तीरंदाजी व एथलेटिक्स खेल अकादमी की स्थापना करेंगे। साथ ही, 7 नवीन आश्रम छात्रावास, 1 नवीन खेल अकादमी, 3 नवीन आवासीय विद्यालय एवं 250 नवीन मां-बाडी केन्द्र स्वीकृत किये हैं। गोविन्द गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना का शुभारंभ श्री शर्मा ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम के तहत वन क्षेत्रों में निवास करने वाले आदिवासियों व परम्परागत वन निवासियों के कल्याण के लिए गोविन्द गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना की घोषणा की गई थी, जिसका शुभारंभ आज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 15 नवम्बर से 26 नवम्बर तक प्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़ा मनाया जा रहा है। वागड़ क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वागड़ क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यहां रेलवे, हाईवे, विद्यालय जैसे कार्यों से विकास को बढ़ाया जा रहा है। महाराणा प्रताप सर्किट एवं धार्मिक सर्किट भी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीतामाता अभयारण्य, त्रिपुरा सुंदरी, बेणेश्वर धाम और मानगढ़ धाम को जोड़ते हुए पर्यटन सर्किट बनाने एवं इस क्षेत्र को औद्योगिक रूप से बढ़ावा देकर यहां के युवाओं को रोजगार देने का काम हमारी सरकारी करेगी। श्री शर्मा ने समारोह में दो राजसखियों को 114 करोड़ रुपये का चैक प्रदान किया। उन्होंने आदिवासी जनजातीय क्षेत्र में उन्नत किसान, महिला उद्यमी, शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाली पांच-पांच प्रतिभाओं सहित नवाचार करने वाले दो व्यक्तियों को पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने मेला मैदान में लगाई स्टॉल्स एवं प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री को आदिवासी अंचल की पहचान मांडना चित्र और तीर कमान भेंट किया गया। श्री शर्मा ने इस अवसर पर गोविन्द गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना की पुस्तिका का भी विमोचन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री एवं बड़ी संख्या में मौजूद आमजन ने जनजातीय गौरव दिवस पर बिहार के जमुई में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सम्बोधन को सुना। कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी, विधायक कैलाशचन्द्र मीणा एवं श्री शंकरलाल डेचा, सचिव जनजाति क्षेत्रीय विकास श्री भानू प्रकाश एटूरू सहित बड़ी संख्या में आदिवासी अंचल के आमजन मौजूद रहे।

3 EME सेंटर में भूतपूर्व सैनिक सम्मान कार्यक्रम को CM मोहन ने किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना का मनोबल बढ़ा है। सेना को नवीन तकनीक का नवीनतम हथियार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विदेशी हथियारों पर भारतीय सेना की निर्भरता कम करते हुए स्वदेशी लड़ाकू विमान और हथियार निर्माण पर विशेष ध्यान दिया है। अब हम सिर्फ युद्ध का जवाब ही नहीं देते बल्कि घर में घुसकर मारते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3ईएमई सेंटर में भूतपूर्व सैनिक सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों की देश भक्ति और समर्पण में वर्तमान सेना की नींव रखी है। जब भी मौका पड़ा आप सभी ने वीरता और शौर्य का परिचय देकर भारतीय लोकतंत्र की रक्षा की है। भारत के साथ और भी देश आजाद हुए थे। लेकिन वर्तमान समय में विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र यदि जीवित है तो यह भारतीय सेना के कारण ही संभव हुआ है। सेना ने देश की सीमाओं रक्षा कर लोकतंत्र को जीवित रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सेना के भूतपूर्व सैनिकों के अविस्मरणीय योगदान के लिए प्रदेश की जनता की ओर से अभिनंदन किया। मध्य प्रदेश सैनिक कल्याण में सदैव अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सैनिक कल्याण में सदैव अग्रणी रहा है। मध्यप्रदेश में सेवारत एवं सेवानिवृत्तण सैनिकों के लिये विभिन्न कल्यााणकारी योजनाओं का सफल संचालन हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेना और उनके परिवारों के लिए कल्याणकारी निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि युद्ध एवं सैनिक कार्रवाई में शहीद होने वाले सेना/केन्द्री य सशस्त्रय पुलिस बल के शहीदों के आश्रितों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि और एक आश्रित को शासकीय सेवा में विशेष नियुक्तिस दी जाएगी। सहायता राशि का आधा भाग शहीद की पत्नी को और आधा भाग आश्रित माता पिता को दिया जाएगा। शहीदों के माता पिता को दी जाने वाली मासिक अनुदान की राशि बढ़ाकर 10 हजार रूपये और शहीदों की पुत्रियों एवं बहनों के विवाह पर आशीर्वाद राशि भी बढ़ाकर 51 हजार रुपये की गई है। प्रदेश में निवासरत द्वितीय विश्वि युद्ध के सैनिकों एवं उनकी पत्नियों की पेंशन 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है।  जो कि देश में सर्वाधिक है।  मध्यपप्रदेश निवासी ऐसे माता पिता, जिनकी पुत्री सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष की गई है। प्रदेश शासन द्वारा विभिन्न् शौर्य एवं विशिष्टई सेवा अलंकरणों से सम्मानित सैनिकों एवं उनके आश्रितों को सर्वाधिक सम्मा्न राशि दी जाती है। भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं, विकलांग सैनिकों एवं आश्रितों को विभिन्नि योजनाओं के अंतर्गत आर्थिक सहायता तथा छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। भूतपूर्व सैनिकों को शासकीय नौकरियों में आरक्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में पूर्व सैनिकों के बच्चों् को मेडिकल, इंजीनियरिंग, टेक्निकल एजुकेशन, लॉ समेत विभिन्न कोर्सेस में आरक्षण दिया जाता है। सभी सरकारी विभागों के ग्रुप सी एवं डी पदों पर भूतपूर्व सैनिकों को आरक्षण के साथ जिला सैनिक कल्यािण कार्यालयों में सहायक ग्रेड-3 स्तयर पर कर्मचारियों के पदों में वृद्धि करने का‍ निर्णय लिया गया है।  शासन की योजनाओं के अन्तडर्गत जमीन के लिए सैनिकों को आरक्षण दिया जाता है। मध्यप्रदेश का इतिहास वीरता और साहस का इतिहास – भारतीय नौसेना अध्यकक्ष एडमिरल दिनेश त्रिपाठी भारतीय नौसेना अध्याक्ष एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि मध्यप्रदेश का इतिहास वीरता और साहस का इतिहास है। मध्यप्रदेश ने देश को अब तक 3 अशोक चक्र, 5 महावीर चक्र और 23 वीर चक्र दिए है। पिछले 25 वर्षों में 100 से अधिक सैनिकों ने अपना सर्वस्व भारत मां के चरणों में न्यौछावर कर दिया। यह सम्मान समारोह भूतपूर्व सैनिकों के समर्पण, योग्य नेतृत्व और योगदान को समर्पित है। उन्होंने सभी भूतपूर्व सैनिकों को सेना में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए धन्यवाद दिया। भूतपूर्व सैनिकों का ज्ञान और अनुभव सेवा के जवानों के लिए अत्यंत आवश्यक सुदर्शन चक्र कोर कमांडर लेफ्टीनेन्टं जनरल प्रीतपाल सिंह ने कहा कि जो सेना अपने भूतपूर्व सैनिकों का सम्मान नहीं करती, वह कभी युद्ध नहीं जीत सकती। भूतपूर्व सैनिकों का ज्ञान और अनुभव सेवा के जवानों के लिए अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के व्यक्तित्व के बारे में बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमेशा सकारात्मक मानसिकता, कल्याणकारी कार्य को हमेशा हां और करने को तत्पर रहते है। सैनिक कल्याण बोर्ड की बैठक में जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। द्वितीय विश्वयुद्ध के भूतपूर्व सैनिकों की कल्याणियों और भोपाल के अमर शहीदों की परिजनों का किया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने द्वितीय विश्व युद्ध में वीरता के साथ लड़ने वाले भूतपूर्व सैनिकों की कल्याणियों का सम्मान किया। उन्होंने नं. 561सिपाही स्व. मुशीर अहमद की पत्नि श्रीमती फातमा बी, नं. 2659 सिपाही स्व. मो. सईद खान की पत्नि श्रीमती रईसा बेगम और नं. 451 सिपाही मो. सरीफ की पत्नि श्रीमती नफीसा बी का सम्मान किया और उनका आशीर्वाद भी लिया।  इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल की अमर शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया। सम्मानित हुए परिजनों में कैप्टन स्व. देवाशीष शर्मा, कीर्तिचक्र (मरणोपरान्त) की माताजी श्रीमती निर्मला शर्मा, मेजर स्व. अजय कुमार, सेना मेडल (मरणोपरान्त) के पिताजी श्री आर.एन. प्रसाद, ग्रुप केप्टन स्व. वरुण सिंह, शौर्यचक्र के पिताजी सेवानिवृत्त कर्नल के.पी. सिंह, सीएफएन स्व. रामस्वरूप की पत्नि श्रीमती सविता देवी, सिगनलमेन स्व. रमेश कुमार की पत्नि श्रीमती लक्ष्मी बाई और नायक स्व. दिनेश चंद्र की पत्नि श्रीमती गुनमाला देवी शामिल हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहीद सैनिकों के बलिदान, देश के प्रति सेवा और समर्पण को सदैव स्मरण किया जाएगा।   भारतीय नौसेना अध्य क्ष एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सेना के शौर्य का प्रतीक स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम के दौरान 102 रेजीमेंट इंजीनियर के जवानों ने सिख संप्रदाय की युद्ध शैलियों का प्रदर्शन किया। जवानों के शौर्य और ऊर्जा से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंच से उतरे और जवानों से मिले। उनका उत्साहवर्धन किया और जवानों के साथ ग्रुप फोटो भी ली। इस अवसर पर सेना के अधिकारी, भूतपूर्व सैनिक और परिवारजन मौजूद थे।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनी मंत्रिमंडल समिति की पहली बैठक में घाट निर्माण सहित अन्य कामों के लिए राशि मंजूर

भोपाल साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए उज्जैन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए कई निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में बनी मंत्रिमंडल समिति की पहली बैठक में घाट निर्माण सहित 19 कामों के लिए 5,882 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इस धनराशि से जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति और पुरातत्व विभाग की ओर से विभिन्न कार्य कराए जाएंगे। सिंहस्थ में इस बार दुनियाभर से लगभग 15 करोड़ लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए अभी से तैयारी की जा रही है।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी योजना तैयार की जाए कि क्षिप्रा नदी हर हाल में पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हो और शुद्ध जल का अविरल प्रवाह हो। उज्जैन में ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए 19 करोड़ की लागत से शंकराचार्य चौराहा से दत्त अखाड़ा, भूखीमाता, उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन बड़नगर मार्ग, 18 करोड़ रुपये से खाक-चौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका, भर्तहरीगुफा से रंजीत हनुमान मार्ग एवं क्षिप्रा नदी पर पुल का निर्माण, 40 करोड़ रुपये से सिद्धवरकूट से कैलाश खोह तक सस्पेंशन ब्रिज पहुंच मार्ग और ओंकारेश्वर में कावेरी नदी पर पैदल पुल सहित ओंकारेश्वर घाट से सिद्धवरकूट तक पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इंदौर-उज्जैन मार्ग बनेगा सिक्स लेन 1692 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर-उज्जैन मार्ग को सिक्स लेन, 950 करोड़ रुपये से इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड चार लेन का निर्माण होगा। 75 करोड़ रुपये से महाकाल लोक कारिडोर में फाइबर के स्थान पर पाषाण प्रतिमाओं का निर्माण, कुंभ संग्रहालय, काल गणना शोध केंद्र उज्जैन का विकास कार्य किया जाएगा। 779 करोड़ की लागत से घाट निर्माण होगा 778 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से 29.21 किलोमीटर लंबे घाट का निर्माण किया जाएगा। 1024 करोड़ 95 लाख रुपये का 30.15 किलोमीटर कान्ह नदी का डायवर्सन, 614 करोड़ 53 लाख रुपये से क्षिप्रा नदी में जल निरंतर प्रवाह योजना (सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध), 74 करोड़ 67 लाख रुपये के क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित 14 बैराजों का निर्माण, 43 करोड़ 51 लाख रुपये के कान्ह नदी पर प्रस्तावित 11 बैराजों का निर्माण, 198 करोड़ रुपये से उज्जैन शहर की सीवरेज परियोजना, बिजली सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। इंदौर से उज्जैन तक बिछेगी मेट्रो लाइन नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि अभी तक 18 विभागों के 568 कार्यों को 15 हजार 567 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं। उधर, इंदौर में लव-कुश चौराहे से उज्जैन तक नवीन मेट्रो लाइन बिछाए जाने का सर्वे करने का काम दिल्ली रेल मेट्रो कार्पोरेशन को दिया गया है।

अन्नदाता किसान भाई-बहनों को ‘विश्व खाद्य दिवस’ पर हार्दिक अभिनंदन: मुख्यमंत्री

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ‘विश्व खाद्य दिवस’ पर किसानों का अभिनंदन किया है। डॉ यादव ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘भारतीय संस्कृति में हमारे ऋषियों-पूर्वजों ने प्राणीमात्र को सम्मानपूर्वक भोजन कराने से परमात्मा की सेवा हो जाने की विराट दृष्टि दी है। ‘सबको भोजन’ की सुनिश्चितता हेतु दिन-रात परिश्रम की पराकाष्ठा करने वाले अन्नदाता किसान भाई-बहनों और समाजसेवी बंधुओं का ‘विश्व खाद्य दिवस’ पर हार्दिक अभिनंदन करता हूं।’ उन्होंने कहा कि हम सभी ‘बेहतर जीवन और भविष्य के लिए भोजन का अधिकार’ के मंत्र के साथ भूख व कुपोषण से मुक्त भारत बनाने का प्रण लें।  

विकास कार्यों और धार्मिक स्थलों का किया निरीक्षण, राजस्थान-भरतपुर पहुंचे मुख्यमंत्री

भरतपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दो दिवसीय दौरे पर भरतपुर पहुंचे हैं। दोपहर को झील का बाड़ा स्थित कैला देवी पहुंचे। जहां पत्नी गीता के साथ मां के दर्शन किए और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उसके बाद भरतपुर शहर पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री ने बस में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ आरबीएम जिला अस्पताल के नए भवन के निर्माण कार्य का जायजा लेने पहुंचे। कलेक्टर ने थ्री डी मॉडल के जरिए अस्पताल के नए भवन की संरचना की जानकारी दी और पूर्ण हो चुके निर्माण कार्य के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान अस्पताल के सभी तलों पर बनाए जाने वाले वार्डों और अनुभागों में दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि नए अस्पताल के भवन निर्माण का कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण कर इसे प्रारंभ किया जाए, जिससे कि जिलेवासियों को बेहतर चिकित्सा का लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने भवन निर्माण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। इस दौरान राजकीय आरबीएम चिकित्सकीय अस्पताल भरतपुर के मॉडल के माध्यम से जानकारी दी। शहर में सिटी फ्लड कंट्रोल ड्रेन सीएफसीडी के कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। गिर्राज कैनाल आरएनएफसीएफडी भरतपुर के कार्यों, मास्टर ड्रेनेज परियोजना आदि की जानकारी दी। नई मंडी कुम्हेर गेट से हीरादास प्रस्तावित फ्लाईओवर एवं विकास कार्यों का स्थल का निरीक्षण किया। काली की बगीची से शास्त्री पार्क प्रस्तावित फ्लाईओवर एवं विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। एक्वेरियम और बायोलोजिकल पार्क, केवलादेव एवं शास्त्री पार्क के विकास कार्य तथा नवीन बस स्टैंड के विकास कार्यों का निरीक्षण करने  के साथ ही अन्य विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि शुक्रवार को नवमी थी और इस उपलक्ष में झील का बड़ा केला देवी के दर्शन करने के लिए आया था। इस दिन देवी मां की पूजा अर्चना होती है। भरतपुर में काम की बहुत बड़ी आवश्यकता है। मैंने देखा है और बजट में जो काम मंजूर किए थे उन्हें कैसे आगे बढ़ाया गया है, अधिकारियों ने रोड मैप बनाया और सभी जनप्रतिनिधियों ने भी रोड मैप बनाया है। किस तरह से भरतपुर का विकास किया जा सके।

राज्य की जनता आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ एकजुट होकर प्रगति की राह पर निरंतर अग्रसर है: मुख्यमंत्री

भाेपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के अब तक के सबसे अच्छे प्रदर्शन को लेकर कहा कि राज्य की जनता आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ एकजुट होकर प्रगति की राह पर निरंतर अग्रसर है। डॉ यादव ने कल देर रात एक्स पोस्ट में कहा, ‘आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में सुरक्षा, विकास और समृद्धि के नित नये शिखरों को स्पर्श कर रहे जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। राष्ट्र प्रथम के ध्येय के साथ ‘विकसित और सुरक्षित जम्मू-कश्मीर’ के संकल्प की सिद्धि के लिये दिन-रात कार्य कर रहे सभी भाजपा पदाधिकारियों एवं देवतुल्य कार्यकर्ता बंधुओं का हार्दिक अभिनंदन करता हूं। भाजपा को अब तक के इतिहास में सर्वाधिक सीटों पर अभूतपूर्व विजय का आशीर्वाद देने वाली जम्मू-कश्मीर की जनता-जनार्दन का हृदय से आभार।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के अनुसार जम्मू-कश्मीर की जनता आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ एकजुट होकर प्रगति की राह पर निरंतर अग्रसर है।  

नवा रायपुर में पूजा- अर्चना कर किया गृहप्रवेश, छत्तीसगढ़ के सीएम साय नए आवास पर पहुंचे

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवरात्रि के पावन अवसर पर विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना कर नवा रायपुर में नवनिर्मित नए मुख्यमंत्री निवास में गृहप्रवेश किया। मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ मंत्रोच्चार और शंख ध्वनि के बीच पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपनी माता जसमनी देवी से आशीर्वाद ग्रहण कर गृह प्रवेश किया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका उनकी धर्मपत्नी रानी डेका काकोटी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस सहित अनेक विधायक और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

‘स्कूल जतन’ योजना के कार्याें की जांच शुरू, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कार्रवाई

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में मरम्मत योग्य शालाओं के जीर्णोद्धार एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत कार्याें की जांच शुरू कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने सभी कलेक्टरों को उक्त योजना के तहत स्वीकृत कार्याें के औचित्य, आवश्यकता, पूर्णता तथा निर्माणाधीन कार्याें की स्थिति की विशेषज्ञ समिति से जांच कराकर निर्धारित प्रपत्र में 15 दिवस के भीतर जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने इस संबंध में कलेक्टरों को प्रेषित पत्र में इस बात का उल्लेख किया है कि योजना के तहत स्वीकृत कार्याें के लिए विभाग द्वारा पूर्व में राशि जारी की गई थी। निर्माण कार्याें की गुणवत्ता को लेकर शासन को शिकायतें मिली है। उन्होंने कलेक्टरों को सभी कार्याें की अद्यतन स्थिति की जांच कराने के निर्देश तथा गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधितों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों को निर्धारित प्रारूप में शाला का नाम, स्वीकृत कार्य, स्वीकृत राशि, कार्य की भौतिक स्थिति, लागत, औचित्य एवं आवश्यकता, गुणवत्ता के संबंध में रिपोर्ट देने को कहा है।

हितग्राहियों ने बांस की टोकरी में दिए आम और केले, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर में पीएम जनमन योजना के घरों की सौंपी चाबी

जशपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बगिया प्रवास के दौरान अपने निवास में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में पीएम जनमन योजना के तीन लाभार्थियों को नवनिर्मित घर की चाबी सौंपी। इस दौरान तीनों लाभार्थियों ने बांस से बनी टोकरी में आम, फल्ली और केला भेंटकर मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। आदिवासी समुदाय के आर्थिक-सामाजिक उत्थान के लिए शुरू की गई पीएम जनमन योजना के तहत जिले के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर लोगों को लाभ मिल रहा है। जशपुर जिले के जनपद बगीचा के ग्राम पंचायत सुलेसा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अन्तर्गत 2016-23 तक कुल 90 आवास स्वीकृत किये गये थे। जिसमें 82 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ बनाकर पूर्ण हो गए हैं। शेष 08 आवास का कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2023-24 में पी.एम. जनमन आवास योजना के तहत कुल 07 हितग्राहियों का आवास स्वीकृत किया गया, जिसमें 03 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ बनाकर पूर्ण कर दिया गया है। शेष 04 आवास की ढलाई का कार्य पूर्ण हो गया है। प्लास्टर कार्य प्रगति पर है। आगामी वर्ष में पीडब्ल्यूएल सूची के बचे सभी शेष हितग्राहियों को आवास प्रदान कर पक्का मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पहाड़ी कोरवा लाभार्थियों को चाबी सौंप साझा की खुशियां लाभार्थी आलू राम पहाड़ी पिता कोटेंग ने आवास बनने पर कहा कि हर एक नागरिक का सपना होता है कि उसका अपना एक पक्का मकान हो, जिसमें वह अपने परिवारजनों के साथ सुकून से जीवन यापन कर सके। लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण हर किसी का यह सपना साकार नही हो पाता। गरीब असहाय के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना वरदान साबित हो रही है। जिसके लिये हम परिवार सहित माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। इसी तरह बगीचा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत सुलेसा (महुआपानी) निवासी लाभार्थी बैशाखू राम पिता झिंगो राम जिसकी उम्र 50 वर्ष हो चुकी है, उसके पास अपना पुश्तैनी कच्चा आवास था। जिसमें वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मुश्किल से जीवन यापन कर रहा था और बरसात के मौसम में उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में पक्का आवास बनाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। शासन से अनुदान में मिली राशि से अपना पक्का मकान बना कर अब वह अपने परिवार  के साथ पक्के मकान में रहते हैं। बैसाखू राम ने बताया कि मेरा कच्ची दीवार वाला पुराना घर था, जिसके ऊपर पन्नी तान कर गुजर-बसर चल रहा था बरसात के दिनों में जब मूसलाधार बारिश होती थी तो मेरे घर के चारों तरफ पानी ही पानी भर जाता था। आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण घर बनवाने की दूर-दूर तक कोई उम्मीद नहीं दिख रही थी। एक दिन ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक मेरे घर आये और उन्होंने मेरा आधार कार्ड और बैंक पास बुक मांगा और मेरा मोबाईल पर पंजीयन कराया। कुछ दिनों बाद मुझे मेरा आवास स्वीकृत होने की सूचना मिली। पहली बार में मुझे यकीन नहीं हुआ लेकिन मैंने बैंक जाकर पता किया तो मेरे खाते में पैसे आ गये थे। मैने अपना घर बनवाना शुरू कर दिया। आवास की धन राशि तथा मनरेगा की मजदूरी मिलाकर मिले पैसों से अपना आवास बनवाया। मैं सरकार का शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने घर बनवाने के लिये धनराशि उपलब्ध कराकर मेरी अंधेरी जिन्दगी में रोशनी लाने का काम किया। इसी तरह पीएम जनमन योजना के तहत योजना सुलेसा निवासी सोंगलत राम पिता लब्जी राम को भी पक्का आवास मिला है। सोंगलत बताते हैं कि गरीबी के कारण कच्चे मकान में रहना एक मजबूरी बन गयी थी। जब बरसात होती थी तो पानी टपकने से रात भर बच्चों सहित जागकर रात बितानी होती थी। परन्तु अब प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अन्तर्गत वर्ष 2023-24 में मेरा आवास स्वीकृत हुआ और आज हमारा पक्का मकान बन कर तैयार है। हम आभारी है माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के जिन्होंने गरीबों को उनके सपने पूरे करने का अवसर दिया।

विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, विष्णुदेव साय व राज्यपाल हरिचंदन बिलासपुर पहुंचे

बिलासपुर/रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बिलासपुर पहुंचने पर हेलीपैड पर आत्मीय स्वागत किया गया। साय यहां पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन विश्व विद्यालय के छठें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। हेलीपैड पर प्रमुख रूप से केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कुलपति वंशगोपाल सिंह, एबीएन बाजपेई सहित विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह, सुशांत शुक्ला और आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह ने स्वागत किया। राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन का बिलासपुर पहुंचने पर हेलीपैड पर आत्मीय स्वागत किया गया। हरिचंदन यहां पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन विश्व विद्यालय के छठें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। हेलीपैड पर प्रमुख रूप से केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कुलपति वंशगोपाल सिंह, कुलपति एबीएन बाजपेई सहित विधायक अमर अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक धरमजीत सिंह, विधायक सुशांत शुक्ला और आईजी संजीव शुक्ला ,कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह ने स्वागत किया।

खेती किसानी से जुड़े अपनें अनुभव साझा करते हुए उत्पादकता बढ़ाने दिए आवश्यक निर्देश

मैराथन बैठकों के पहले ही दिन मुख्यमंत्री साय ने कहा – पारदर्शिता और तत्परता अनिवार्य खेती किसानी से जुड़े अपनें अनुभव साझा करते हुए उत्पादकता बढ़ाने दिए आवश्यक निर्देश वर्षा काल में पशुधन को बिमारियों से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण करने कहा गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी संभागों में बनेगा एक एक गौ अभ्यारण्य देवभोग के दुग्ध उत्पादों की बिक्री बढ़ाने अच्छी ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर: आईआईएम अध्ययन कर देगा सलाह केज कल्चर, बॉयोफ्लाक जैसे नवाचारों से मछली पालन को मिलेगा बढ़ावा रायपुर आचार सहिंता की अवधि समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के विकास की गति तेज करने के लिए आज से विभिन्न विभागों की मैराथन समीक्षा बैठकें लेनी शुरू कर दी। आज उन्होंने कृषि से संबंधित विभागों से इसकी शुरूआत करते हुए अधिकरियों से उनकी तैयारियों के संबंध में जानकारी ली और खेती किसानी से जुड़े स्वयं के व्यवहारिक अनुभवों को भी साझा किया। साय स्वयं भी कृषक है और उनका परिवार अपनी आजीविका के लिए मुख्य रूप से खेती किसानी पर ही निर्भर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे परिणाम के लिए पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ काम किया जाना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हमें इस तरह के कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जो किसानों को उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रेरित करें। परंपरागत खेती में हर आवश्यक सहायता उन तक तत्परता से पहुंचाने के साथ-साथ आधुनिक खेती और देश भर में हो रहे नवाचारों से भी उन्हें अवगत कराने की आवश्यकता है। राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि किसानों, पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की आय में बढ़ोत्तरी हो।  अधिकारियों को अपने अनुभव बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा काल में पशुओं को होने वाली बिमारियों की रोकथाम के लिए मुस्तैदी के साथ काम किया जाना आवश्यक है। साय ने पशुधन विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ और मछली पालन विभाग के कार्यो की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पशुपालन, मछली पालन एवं दुग्ध उत्पादन जैसे व्यवसाय किसानों और पशुपालकों के आय का बड़ा स्त्रोत हैं, इनसे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से निश्चित रूप से किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। मुख्यमंत्री साय ने पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान के कहा कि प्रदेश में गौवंश की रक्षा और संवर्धन के लिए सभी संभागों के एक-एक जिले में गौ अभ्यारण्य की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों से प्रदेश में पशुधनों की संख्या और वार्षिक दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन एवं उपलब्धता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रति वर्ष प्रति व्यक्ति अंडा, दुग्ध और मांस की आवश्यकता को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वर्षा काल में पशुओं को संक्रामक बिमारियों से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के नस्ल सुधार के लिए चलाई जा रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया। साथ ही पशुधन विभाग की राज्य और केन्द्र के प्रवर्तित योजनाओं का लाभ भी अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाने को कहा। पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने विभाग की आगामी कार्ययोजना और लक्ष्यों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के कार्यो की समीक्षा करते हुए कहा कि दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री एवं दूध उत्पादन करने वाले किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए समुचित उपाए किए जाएं। उन्होंने दुग्ध महासंघ के ब्रांड देवभोग की बिक्री और आमदनी बढ़ाने के लिए आउटलेट की संख्या में वृद्धि और अन्य विकल्पों के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान से विस्तृत अध्ययन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए अच्छी मार्केटिंग और ब्रांडिंग जैसी व्यवसायिक पद्धतियों का सहारा भी लिया जाए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रोसेस फ्लो चार्ट के माध्यम से दुग्ध संकलन से लेकर उपभोक्ता तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मछलीपालन विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यो एवं योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और ग्रामीण इलाकों में किसानों को जानकारी एवं प्रशिक्षण देें। साय ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तालाबों का निर्माण कराया जाता है और गर्मियों में तालाब सूखने के कारण अनुपयोगी हो जाते हैं। ऐसे किसानों को चिन्हित कर इन तालाबों में पानी की आपूर्ति के लिए सोलर पंप की व्यवस्था की जाए ताकि सभी मौसमों में मछली पालन किया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने मछली उत्पादन के लिए केज कल्चर जैसे बॉयोफ्लाक जैसे नवाचारों का बढ़ावा देने और किसानों को प्रशिक्षित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, डॉ. बसव राजु एस और राहुल भगत, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला, सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहें।

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