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मूंग का खरीद लक्ष्य और अवधि बढ़ाएं, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय कृषि मंत्री को लिखा पत्र

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के किसानों के हित में मूंग के खरीद लक्ष्य को बढ़ाने सहित खरीद अवधि को भी 5 फरवरी तक बढ़ाने के संबंध में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर अनुरोध किया है। शर्मा ने राज्य में असमय हुई वर्षा एवं भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मूंग खरीद के लिए गुणवत्ता मापदण्डों में शिथिलता प्रदान करने के लिए भी केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री को पत्र लिखा है। इससे अधिकाधिक किसानों से मूंग की खरीद सुनिश्चित होने के साथ ही उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।

प्रधानमंत्री के ’सुरक्षित महाकुम्भ’ की परिकल्पना के आवश्यक प्रबन्ध करें, उत्तरप्रदेश-मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में की महाकुम्भ-2025 की तैयारियों की समीक्षा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद प्रयागराज मेंजनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ आई0सी0सी0सी0 सभागार में महाकुम्भ-2025की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ से पहले प्रयागराज में चल रहेसभी टैक्सी, ऑटो, ई-रिक्शा चालकों का पुलिस सत्यापन कराया जाए। प्रदेश पुलिस को इण्टेलिजेंस को और बेहतर करने तथा भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियों के साथलगातार संवाद-समन्वय बनाये रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हाल के समयमें प्रयागराज के आस-पास माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई हुई है। महाकुम्भ से पहलेउनके गुर्गों पर आवश्यकतानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ’सुरक्षित महाकुम्भ’ कीपरिकल्पना की है। इसके दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रबन्ध किए जाएं। सुरक्षा बलों कीतैनाती के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि अब तक जिन 20 हजारपुलिसकर्मियों की तैनाती हुई है, उन सभी का प्रशिक्षण जरूर करा लिया जाए। उन्होंनेमहाकुम्भ में फायर सेफ्टी, घाट सुरक्षा तथा चिकित्सा सहायता आदि के सम्बन्ध में की2जा रही व्यवस्थाओं को पुख्ता बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केदृष्टिगत एण्टी ड्रोन सिस्टम की उपलब्धता भी की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए किमेला क्षेत्र में निराश्रित पशुओं का आवागमन न हो। प्रयागराज नगर में ट्रैफिक जाम केसमाधान के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि फुटपेट्रोलिंग बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाकुम्भ में सर्वाधिक श्रद्धालु सड़क मार्ग से आएंगे।अयोध्या, वाराणसी, लखनऊ और मीरजापुर की ओर से बड़ी संख्या में लोगों का आगमनहोगा। इसलिए शीर्ष प्राथमिकता के साथ प्रयागराज आने वाले सभी मार्गों केनवनिर्माण/सुदृढ़ीकरण के कार्यों को पूरा कर लिया जाए। इसमें किसी प्रकार कीकोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि इन मार्गों परयदि कहीं भी अतिक्रमण किया गया हो, तो प्रभावी कार्यवाही करते हुए उसे हटायाजाए। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री जी ने प्रयागराज महाकुम्भ की ओर आने वाले सभी मार्गोंके नवनिर्माण/सुदृढ़ीकरण के कार्यों के लिए 05 जनवरी, 2025 की अंतिम तारीख तयकी है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सेतु निगम के 14 में से 12 सेतुओं का कार्य पूर्ण होगया है। यह संतोषजनक है। शेष दो सेतुओं का कार्य 05 जनवरी, 2025 तक पूरा करलिया जाए। संगम नोज पर ड्रेजिंग के कार्य में और तेजी की अपेक्षा है। 30 दिसम्बर,2024 तक यह कार्य पूरा कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि मेला क्षेत्र मेंजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रत्येक दशा में 30 दिसम्बर, 2024तक पूरा कर लिया जाए। हर सेक्टर में 24×7 शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित कीजाए। सड़कों की मरम्मत एवं डिवाइडर की साज-सज्जा आदि का कार्य इसी माह केअन्त तक पूरा कर लें।मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि जो पाण्टून पुल अभी तक क्रियाशील नहीं हुएहैं, उन्हें प्रत्येक दशा में एक सप्ताह में तैयार करा लिया जाए। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्रीजी के इस एक दिवसीय दौरे के साथ ही प्रयागराज नगर में सूबेदारगंज सेतु पर एक3तरफ से आवागमन प्रारम्भ हो गया। तय समय-सीमा के अनुसार, पुल की एक लेन को31 दिसम्बर, 2024 और दूसरी लेन को मकर संक्रांति से पहले पूरा किया जाना था।लेकिन, यह काम एक सप्ताह पहले ही पूरा कर दिया गया। सूबेदारगंज पुल के निर्माणमें 350 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं।मुख्यमंत्री जी ने अखाड़ों, धार्मिक संस्थाओं और साधु-संतों को भूमि आवंटन कीअद्यतन स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नियमानुसार सभीको आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न राज्यों कीओर से महाकुम्भ में अपने शिविर स्थापित करने के अनुरोध मिल रहे हैं, इस सम्बन्ध मेंयथोचित निर्णय तत्काल ले लिया जाए। नई संस्थाओं को भूमि आवंटन करने से पूर्वउनका सत्यापन भी कराया जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाकुम्भ विश्व को भारतीय सनातन संस्कृति सेसाक्षात्कार कराने का सुअवसर है। यह स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधा का मानक भीहोगा। ’स्वच्छ महाकुम्भ’ की अवधारणा पर बल देते हुए उन्होंने जनप्रतिनिधियों कोप्रयागराज की स्वच्छता के लिए आगे बढ़कर काम करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्रीजी ने निर्देश दिए कि महाकुम्भ के दृष्टिगत 7,000 से अधिक बसें लगाई जाएंगी। यहांडेढ़ लाख से अधिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे। स्वच्छता पर जोर देते हुए उन्होंनेनिर्देश दिए कि 10 हजार कर्मचारियों की तैनाती कर, यहां की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़बनाए रखा जाए।

बजट घोषणाओं को पूर्ण पारदर्शिता से करें क्रियान्वित, राजस्थान-मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में की समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2024-25 की बजट घोषणाओं को आगामी बजट से पूर्व धरातल पर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण पूर्ण जवाबदेही के साथ विकास कार्यों को पारदर्शिता से पूरा करते हुए प्रदेश को विकसित राजस्थान के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाएं। शर्मा मुख्यमंत्री निवास पर वर्ष 2024-25 की चिन्हित बजट घोषणाओं पर आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने 32 विभागों की विभिन्न घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बिजली-पानी उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। इसी क्रम में ब्राह्मणी नदी बांध परियोजना से दक्षिणी से पश्चिमी राजस्थान तक के क्षेत्रों को पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने जल संसाधन विभाग को योजना पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। समर कंटीजेंसी प्लान की तैयारी प्रारम्भ करें श्री शर्मा ने आगामी गर्मी के मौसम में पेयजल सुविधा के बेहतर प्रबंधन के लिए जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को समर कंटीजेंसी प्लान पर कार्य प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में हैंडपम्प एवं ट्यूबवैल पानी की व्यवस्था का माध्यम है, वहां आंकलन कर अतिरिक्त ट्यूबवैल और हैंडपम्प लगाए जाएं। उन्होंने भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए कर्मभूमि से मातृभूमि कार्यक्रम को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के निर्देश भी दिए। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य प्रारम्भ नहीं करने पर लें सख्त निर्णय श्री शर्मा ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों का सघन सर्वेक्षण कराते हुए उन क्षेत्रों के मालिकों को नोटिस देने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने निर्धारित समयावधि में कार्य प्रारम्भ नहीं किया है। उन्होंने ऐसे क्षेत्रों की पुनः नीलामी के लिए भी निर्देशित किया। साथ ही, उन्होंने राजस्थान आवासन मण्डल के अधिकारियों को आवासीय संपत्तियों के निस्तारण के लिए भी निर्देश दिए। आई.टी.आई. संस्थानों का हो नियमित निरीक्षण- मुख्यमंत्री ने ब्यावर, कोटा, जालौर, राजसमंद, सिकन्दरा में स्टोन मंडियों की स्थापना एवं स्टोन क्लस्टर्स के उन्नयन के कार्यों की समीक्षा करते हुए उद्योग विभाग को व्यापारियों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने आई.टी.आई. संस्थानों के नियमित निरीक्षण के लिए भी निर्देशित किया। यातायात नियमों की पालना हो सुनिश्चित- श्री शर्मा ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यातायात नियमों के संबंध में जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को ओवर स्पीडिंग वाहनों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि यात्री वाहनों की स्पीड सीमा को इंगित करती हुई एक दिशा-निर्देशिका बनाई जाए, जिसकी पालना पूर्ण रूप से सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने प्रदेशभर में छोटे एवं बड़े बस स्टैण्ड के लिए एकरूप मॉडल बनाने के निर्देश भी दिए। शर्मा ने दिव्यांगजनों एवं वंचित वर्ग की सुविधाओं के लिए जामडोली में स्वयं सिद्धा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशा मुक्ति केन्द्रों की संख्या बढ़ाने एवं कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल एवं पेइंग गेस्ट की सुविधाओं का विस्तार करने के लिए भी निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समान कार्यों के लिए एक साथ ही टेंडर निकालने के लिए निर्देशित किया, ताकि समय की बचत हो सके और जनसुविधाओं के कार्य जल्द प्रारम्भ हो सके। श्री शर्मा ने जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में प्रदूषित जल को ट्रीट करने वाले प्लांट में देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सहकार मार्ग स्थित इमली फाटक एवं रिद्धी-सिद्धी चौराहा पर प्रस्तावित फ्लाईओवर्स की विस्तृत जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता श्री कुलदीप रांका, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री आलोक गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव उपस्थित रहे, वहीं अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा श्री आलोक वीसी के माध्यम से जुड़े।

‘नीमराना-घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा’, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने जापानी जोन में उद्यमियों के साथ की बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 9 से 11 दिसंबर तक आयोजित हुई राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट प्रदेश की अर्थव्यवस्था और चहुंमुखी विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू हुए हैं। साथ ही, राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने प्रदेशवासियों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी है जिससे राजस्थान के विकास को गति मिलेगी। शर्मा शुक्रवार को नीमराना के जापानी जोन में स्थित डाइकिन कम्पनी के सभागार में औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नीमराना व घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र राजस्थान की अर्थव्यवस्था में ग्रोथ इंजन साबित हो रहे हैं। देश के पहले जापानी जोन नीमराना में 51 जापानी कम्पनियां स्थापित हैं। जिनके माध्यम से करीब 27 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल बिजनेस एक्सपो में 7 जापानी कम्पनियों एवं जेट्रो ने जापान पैवेलियन में हिस्सेदारी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर विशेष जोर है। प्रक्रियाओं और नीतियों को सरल बनाया जा रहा है। हमने 10 नई नीतियां जारी की हैं। 150 करोड़ रूपये के होंगे विकास कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि जापानी कम्पनियों के राजस्थान में निवेश करने के रूझान को देखते हुए दूसरा जापानी जोन घीलोठ में स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि नीमराना और घीलोठ में करीब 150 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य शीघ्र प्रारम्भ किए जा रहे हैं। इसमें साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से केसवाना औद्योगिक क्षेत्र में एनएच-48 से केसवाना औद्योगिक क्षेत्र तक 1620 मीटर सीसी सड़क के निर्माण और 90 लाख रुपये की लागत से औद्योगिक क्षेत्र नीमराना में 4500 लीटर क्षमता के दो अग्निशमन वाहनों की आपूर्ति हेतु कार्यादेश जारी हो चुके हैं। शर्मा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र नीमराना व घीलोठ में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से 132 केवी जीएसएस नीमराना जनरल जोन, 132 केवी जीएसएस जापानी जोन, 220 केवी जीएसएस घीलोठ और कोलिला जोगा में 33 केवी जीएसएस की स्थापना की जाएगी। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र घीलोठ में करीब 19 करोड़ की लागत से एनएच-48 से औद्योगिक क्षेत्र घीलोठ तक लिंक रोड का सुदृढ़ीकरण और स्ट्रीट लाइट के कार्य करवाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के विस्तार हेतु भी प्रदेश में 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं। नीमराना में पानी की समस्या को दूर करने के लिए ईआरसीपी से पानी लाने पर भी विचार किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र को डीएमआईसी नोड बनाने का कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र नीमराना प्रथम, द्वितीय, ईपीआईपी एवं एन.आई.सी. (एम) नीमराना में करीब 11 करोड़ रुपये व्यय कर 48 किलोमीटर लम्बाई में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का कार्य भी शीघ्र शुरू कराया जाएगा। साथ ही, लगभग 9 करोड़ रुपये व्यय कर नीमराना प्रथम, द्वितीय, ईपीआईपी, घीलोठ में बिजली की लाइनों को भूमिगत एवं सुदृढ़ीकरण करने का कार्य और लगभग 2 करोड़ रुपये व्यय कर औद्योगिक क्षेत्र घीलोठ में सड़कों के सुदृढ़ीकरण तथा हाईमास्ट के कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नीमराना में बहुमुखी विकास के साथ खुशखेड़ा, भिवाड़ी, नीमराना औद्योगिक क्षेत्र को डीएमआईसी नोड बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि उद्योगों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बांदीकुई में भी जल्द ही औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 11 सितम्बर को भारतीय दूतावास, टोक्यो एवं जेट्रो के सहयोग से नीमराना दिवस टोक्यो (जापान) में मनाया गया। इसी तरह राज्य सरकार और रीको की भागीदारी से प्रतिवर्ष 11 सितम्बर को नीमराना दिवस मनाया जाएगा।जेट्रो के डायरेक्टर जनरल श्री ताकाशी सुजुकी ने कहा कि नीमराना औद्योगिक क्षेत्र के जापानी जोन में जापानी कम्पनियों का बेहतरीन अनुभव रहा है। भविष्य में जापानी कम्पनियों के द्वारा राज्य में और निवेश किया जाएगा। उन्होंने राइजिंग राजस्थान समिट आयोजन को निवेशकों के लिए अच्छा अवसर बताया। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा, विधायक डॉ. जसवन्त सिंह यादव, श्री देवीसिंह शेखावत, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त श्री रोहित गुप्ता, रीको के प्रबंध निदेशक श्री इन्द्रजीत सिंह, संभागीय आयुक्त श्रीमती रश्मि गुप्ता, जिला कलक्टर कोटपूतली-बहरोड़ श्रीमती कल्पना अग्रवाल, बीड़ा भिवाडी सीईओ श्री अतुल प्रकाश, नीमराना इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन अध्यक्ष श्री कृष्ण गोपाल कौशिक, लघु उद्योग भारती नीमराना अध्यक्ष श्री के.के यादव, घीलोठ मन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन महासचिव श्री राजा सोनी, हीरो मोटोकॉर्प से श्री पराग गोयल, डाइकिन प्लांट हेड श्री संदीप भट्टाचार्य सहित विभिन्न पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

‘बाबा गुरू घासीदास जी ने दिखाया मानवीय गुणों के विकास का रास्ता’, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरू घासीदास जी की 18 दिसम्बर को जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री साय ने कहा है कि बाबा गुरू घासीदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से दुनिया को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना का मार्ग दिखाया। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति को ’मनखे-मनखे एक समान’ का प्रेरक संदेश देकर समानता और मानवता का पाठ पढ़ाया। बाबा जी ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आध्यात्मिक जागरण की आधारशिला रखी। उन्होंने लोगों को मानवीय गुणों के विकास का रास्ता दिखाया और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की। श्री साय ने कहा कि गुरू घासीदास जी का जीवन दर्शन और विचार मूल्य आज भी प्रासंगिक और समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी योजनाओं की सौगात, राजस्थान-सरकार की प्रथम वर्षगांठ पर अंत्योदय सेवा शिविर आयोजित

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल का पहला वर्ष उपलब्धियों भरा रहा है। हमारी सरकार ने पहले साल में ही प्रदेशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सफलता पाई है और आने वाले चार वर्षों में हम प्रदेशवासियों से आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र में किए गए हर वादे को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल अपने काम का हिसाब भी आमजन के बीच रखेगी। शर्मा रविवार को जयपुर की पिंजरापोल गौशाला में आयोजित अंत्योदय सेवा शिविर समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल पहले हमारी सरकार ने राजस्थान की जनता की सेवा करने की शपथ ली थी। जब हमने यह शपथ ली उससे पहले प्रदेश में महिलाओं के लिए असुरक्षा का माहौल था, युवा पेपरलीक की मार झेल रहे थे, जल जीवन मिशन का कार्य ठप्प पड़ा था और गरीब भ्रष्टाचार और शोषण के दलदल में फंसा था। उन्होंने कहा कि हमने पिछले एक साल में प्रदेश की जनता को इन समस्याओं से बाहर निकालने के लिए सार्थक प्रयास किए हैं। युवाओं को रोजगार दिया, महिलाओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की, किसानों को संबल दिया और गरीब को सामाजिक न्याय देकर सशक्त करने का काम किया। इस एक वर्ष में हमारी सरकार ने प्रदेश के विकास को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि अंत्योदय की दिशा में हमारे दृढ़ संकल्प और समाज के जरूरतमंद वर्गों को संबल देने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय का सिद्धांत पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा दिया गया जो हमारी सरकार के विकास कार्यों की प्रेरणा हैं। एक वर्ष में साढ़े पांच लाख से अधिक नए पेंशनर्स को जोड़ा— श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगभग 90 लाख लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। हमारी सरकार ने एक वर्ष के कार्यकाल में साढ़े पांच लाख से अधिक नए पेंशनर्स को जोड़ा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की न्यूनतम पेंशन राशि में बढ़ोत्तरी की है। अब 75 वर्ष से कम उम्र के सभी पेंशनर्स को 1,150 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। पालनहार योजना के तहत विभिन्न श्रेणी के बच्चों को 750 रुपये से लेकर 2 हजार 500 रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 32 हजार से अधिक नए पालनहारों को योजना से जोड़कर लाभान्वित किया है। मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना का हुआ शुभारंभ— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना’ का रिमोट से शुभारंभ किया। इसके तहत राज्य के शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद एवं असहाय परिवार के असंगठित श्रमिकों के साथ भवन निर्माण श्रमिक, हस्तशिल्प श्रमिक, गिग वर्कर, ट्रांसपोर्ट वर्कर, केयर वर्कर, सफाई श्रमिक, घरेलू श्रमिक आदि को विशेष अल्पावधि ऋण उपलब्ध करवाकर आर्थिक संबल दिया जाएगा। इस योजना में लाभार्थी को बैंक द्वारा बिना किसी गारंटी अथवा प्रक्रिया शुल्क के 80 हजार तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 2 लाभार्थियों को 50-50 हजार रुपये की ऋण राशि के चैक प्रदान किए। प्रदेशभर में आज 11 हजार 1 स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण वितरित किया गया। मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना की शुरूआत— श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना का शुभारंभ भी किया। इस योजना में दुर्लभ बीमारी से पीड़ित 18 वर्ष तक के बच्चों को 50 लाख रुपए तक का उपचार उपलब्ध कराया जाएगा और उनकी देखभाल के लिए 5 हजार रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाएगी। पहले चरण में जेके लोन अस्पताल और एम्स जोधपुर को इस योजना में इलाज के लिए अधिकृत किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस योजना के पोर्टल का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना का शुभारंभ— मुख्यमंत्री ने आज मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना की भी शुरूआत की। इसके तहत लाभार्थी अंशदाताओं को मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन के अतिरिक्त 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 3 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। जरूरतमंदों की मदद के लिए बनेंगे मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्र— उन्होंने मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों की स्थापना के कार्याें का भी आज से शुभारंभ किया। इन केन्द्रों पर नागरिक, संस्थान, वाणिज्यिक उद्यम आदि पहले उपयोग हो चुकी वस्तुएं जैसे कपड़े, जूते, किताबें, खिलौने, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि जमा कर सकेंगे। जरूरतमंद व्यक्ति इन केंद्रों से अपनी आवश्यकतानुसार वांछित सामान प्राप्त कर सकेंगे। 31 जनवरी, 2025 तक लगेंगे आयुष्मान आरोग्य शिविर— श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेशभर में आज से प्रारंभ कर 31 जनवरी, 2025 तक मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 813 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 50 जिला चिकित्सालयों में 3 चरणों में ये शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने इस अवसर पर आयुष्मान आरोग्य शिविर की बुकलेट का भी विमोचन किया। लाभार्थियों को सहायता राशि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 2 लाख 15 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के खातों में विभिन्न योजनाओं की 247.76 करोड़ रुपए की राशि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 2 महिलाओं को 30-30 हजार रुपये के प्रतीकात्मक चैक भेंट कर 5,001 परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त जारी की। इस योजना में 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई।

पिता और बेटों संग भरतपुर पहुंचे, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्रीनाथ जी मंदिर में की पूजा-अर्चना

भरतपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को भरतपुर के प्रसिद्ध श्रीनाथ जी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उनके साथ उनके पिता और दोनों बेटे भी मंदिर पहुंचे, जहां पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न हुई। मुख्यमंत्री के इस धार्मिक दौरे में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और डीग-कुम्हेर विधायक डॉक्टर शैलेश सिंह भी उपस्थित रहे। इस दौरान मंदिर प्रबंधन ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और स्थानीय पुजारियों से आशीर्वाद लिया। जनता का उत्साह और स्वागत : मुख्यमंत्री के मंदिर दौरे की खबर से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में एकत्रित हुए और मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने जनता से संवाद करते हुए प्रदेश के विकास और धार्मिक स्थलों के संरक्षण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर : पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों के विकास और उनके सौंदर्यीकरण के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थलों को संरक्षित किया जाए और उन्हें पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री के साथ गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, डीग-कुम्हेर विधायक डॉक्टर शैलेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था से जुड़ा होने के साथ-साथ जनता के बीच विश्वास और संवाद का प्रतीक भी रहा। पूजा-अर्चना के इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि और विकास की कामना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “राईजिंग राजस्थान – ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट” के लिए दी शुभकामनाएं

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सभी राज्य औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए कदम उठा रहे हैं। राजस्थान में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए 9, 10 और 11 दिसम्बर 2024 को जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हो रहा है। राजस्थान और मध्यप्रदेश सगे भाईयों के समान हैं। दोनों राज्यों की अधिकांश जनसंख्या में सांस्कृतिक समानता होने के परिणामस्वरूप संबंधों में प्रगाढ़ता भी है। सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी की गरिमामय उपस्थिति भी इस कार्यक्रम में रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राईजिंग राजस्थान – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सभी राज्यों को समान रूप से अपने प्रयत्नों की आहूति देनी है। मध्यप्रदेश में संभाग स्तर पर आरंभ की गई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रृंखला में अगली कॉन्क्लेव शहडोल में जनवरी-2025 में होगी। इसके बाद फरवरी-2025 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन भोपाल में किया जाएगा। हमारे लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हम भारत की प्रगति में सहभागी होंगे।

मोहासा-बाबई का औद्योगिक क्षेत्र कर्मशील मानव संसाधन औद्योगिक विकास में सहायक बनेगा: मुख्यमंत्री

नर्मदापुरम मध्य प्रदेश में हुई छठी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 31,800 करोड़ के प्रस्ताव मिलने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. उन्होंने नर्मदापुरम को लेकर कहा है कि मोहासा-बाबई का औद्योगिक क्षेत्र कर्मशील मानव संसाधन औद्योगिक विकास में सहायक बनेगा. मोहासा में विद्युत एवं नवकरिणी ऊर्जा उपकरण विनिर्माण पार्क सहित नवीन इकाइयों का मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भूमि पूजन भी किया. नर्मदापुरम इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को सफल मानते हुए सरकार दावा कर रही है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र लाखों लोगों को रोजगार देने वाला बनेगा. नर्मदापुरम इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में अलग-अलग प्रकार के 31,800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नर्मदा पुरम में एमपीआईडीसी का सर्व सुविधा युक्त कार्यालय शुरू होगा. सभी प्रकार की सुविधा होगी प्राप्त इसके माध्यम से उद्योगपतियों को महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी. इतना ही नहीं, सिंगल विंडो पर उन्हें सभी प्रकार की सुविधा प्राप्त होगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशक एवं उद्योग जगत के लोगों से अलग-अलग टेबल पर बातचीत भी की. मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा पुरम में औद्योगिक गतिविधियों में आने वाले समय में तेजी आने वाली है. रीवा की सात उद्यम इकाइयों का शिलान्यास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम में आयोजित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के दौरान रीवा की सात उद्यम इकाइयों का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पर पहले रेल नहीं चलती थी वहां अब हवाई जहाज उड़ान भर रहे हैं. मध्य प्रदेश में आने वाले समय में और भी विकास की प्रबल संभावनाओं पर काम किया जा रहा है. इन उद्योगों पर रहा फोकस नर्मदा पुरम में आयोजित इंडस्ट्री में देश ही नहीं बल्कि विदेशों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया. आयोजन में कनाडा, मेक्सिको, नीदरलैंड, मलेशिया आदि के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. इस इन्वेस्टर कॉन्क्लेव में फूड इंडस्ट्री,  कृषि, डेयरी, पर्यटन, कपड़ा उद्योग आदि पर विशेष फोकस रहा. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि नर्मदा पुरम आने वाले समय 24000 स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि सभी सेक्टर में शुरू होने वाली इंडस्ट्री में 50000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है.

मुख्यमंत्री ने मोहासा में विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण पार्क सहित नवीन इकाइयों का किया भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई समूचे नर्मदापुरम के विकास का केंद्र बनेगा। सतपुड़ा का यह क्षेत्र आज नया इतिहास रचने जा रहा है। औद्योगिक विकास के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से नर्मदापुरम आरआईसी में अपार सफलता प्राप्त हुई है। आरआईसी से मोहासा-बाबई सौर ऊर्जा पार्क की भूमि 227 एकड़ से बढ़कर 884 एकड़ हो गई। आरआईसी में 20 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि आवंटन-पत्र भी वितरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई में आयोजित विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण क्षेत्र में इकाइयों के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। भूमि-पूजन समारोह में लोक निर्माण विभाग एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, विधायक डॉ सीतासरन शर्मा, विधायक सोहागपुर श्री विजयपाल सिंह, विधायक सिवनीमालवा श्री प्रेम शंकर वर्मा तथा प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन विभाग श्री राघवेन्द्र सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि, विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में जनसमूह उपस्थित रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नया इतिहास रचने जा रहा है। इस औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों द्वारा लगभग 2 हजार करोड़ रूपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। इससे सोहागपुर, इटारसी, सिवनीमालवा, पिपरिया, पचमढ़ी के स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा और रोजगार के लिए होने वाला पलायन इन क्षेत्रों से रुकेगा। आरआईसी में किये जा रहे निवेश के कारण महज 2 से 3 वर्षों में ही संपूर्ण नर्मदापुरम क्षेत्र का आर्थिक परिदृश्य बदलेगा। नर्मदापुरम की कर्मशील जनता औद्योगिक विकास में सहायक बनेगी। नर्मदापुरम वन संपदा, भू-संपदा, बेहतर रोड और रेल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं के साथ औद्योगिक विकास के लिए सबसे अनुकूल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए उज्जैन, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर, सागर के बाद अब 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव नर्मदापुरम में हो रही हैं। औद्योगिक विकास के इन प्रयासों में नर्मदापुरम को कम समय में सबसे अधिक सफलता मिली है। निवेशकों को औद्योगिक पार्क मोहासा-बाबई की विशेषता तथा सरकार द्वारा दिए जा रहे वित्तीय अनुदान का सीधा फायदा निवेशकों को देने का हमने निर्णय लिया है। साथ ही अत्यंत कम दरों पर निवेशकों को जमीन उपलब्ध करवाई गई है। नर्मदापुरम औद्योगिक विकास में विश्व पटल पर होगा स्थापित – प्रभारी मंत्री श्री सिंह जिले के प्रभारी एवं लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों एवं दूरदर्शी सोच से नर्मदापुरम का कायाकल्प होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश-विदेश का भ्रमण कर प्रदेश में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के साथ रोजगार सृजन करने का अभूतपूर्व काम किया हैं। नर्मदापुरम में आज हजारों करोड़ रूपये का निवेश होने जा रहा है, जिससे न केवल नर्मदापुरम के युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा बल्कि नर्मदापुरम औद्योगिक विकास के विश्व पटल पर स्थापित होगा।

राइजिंग राजस्थान का सौर ऊर्जा से संचालित होगा उद्घाटन दिवस, राजस्थान-मुख्यमंत्री 10 दिनों तक लेंगे नव संकल्प

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आगामी 9-11 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले राइजिंग राजस्थान समिट के माध्यम से राज्य में औद्योगिक परिदृश्य को एक नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की आर्थिक उन्नति के संकल्प को पूरा करने के लिए जी जान से जुटी हुई हैं। हम राइजिंग राजस्थान के सफल आयोजन के लिए आगामी 10 दिनों तक प्रत्येक दिन एक नया संकल्प लेंगे। शर्मा ने कहा कि इन संकल्पों के माध्यम से अगले 5 वर्षों में प्रदेश को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जाएगा। विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प सिद्धि में राइजिंग राजस्थान का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने समिट के सफल आयोजन में सभी महत्वपूर्ण वर्गों को भागीदार बनने का आह्वान किया। श्री शर्मा ने आज पहला संकल्प लेते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट का उद्घाटन दिवस पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होगा। उन्होंने कहा कि यह समिट सूरज की ताकत से प्रदेश के विकास में नया सवेरा लाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश में निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाए। राज्य सरकार की अनुकूल निवेश नीतियों से राजस्थान अक्षय ऊर्जा में निवेशकों की पसंद बना हुआ है तथा आज राजस्थान भारत में अक्षय ऊर्जा उत्पादन में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश को 2027 तक ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं।

‘हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है प्रदेशवासियों का उत्तम स्वास्थ्य’, राजस्थान-जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि चिकित्सा सेवा का क्षेत्र है तथा सेवा अर्थ से नहीं मन की शांति से जोड़ी जाती है। ऐसे में, चिकित्सकों द्वारा मानवता की सेवा का महती कार्य किया जा रहा है। उन्होंने मेडिकल के विद्यार्थियों से आशा व्यक्त की वे अपने चिकित्सकीय ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की बेहतरी के लिए करेंगे। शर्मा ने कहा कि हमने इस वर्ष के बजट में 27 हजार 660 करोड़ रुपये अर्थात बजट का 8.26 प्रतिशत हिस्सा केवल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को समर्पित किया है। प्रदेशवासियों की सेहत हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शर्मा सोमवार को महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी के 7वें दीक्षांत एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मेडिकल की विभिन्न डिग्री प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा की महात्मा गांधी अस्पताल चिकित्सा सेवा एवं मानव सेवा के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। आज इस अस्पताल में लोकार्पण हुए साइबर नाइफ एस7 और पैट स्कैन मशीन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच के लिए मरीजों को इसका फायदा मिलेगा। साथ ही, नवस्थापित हेमेटोलॉजी टावर में रक्त संबंधी रोगों के मरीजों को इलाज में सहायता मिलेगी। हर नागरिक का स्वास्थ्य रिकॉर्ड ऑनलाइन मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान डिजिटल हैल्थ मिशन के माध्यम से प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत चिकित्सकीय बुनियादी ढ़ांचे को बेहतर बना रही है, जिसमें हैल्थ सेक्टर में 3 वर्ष में 15 हजार करोड़ के कार्य करवाये जायेंगे। साथ ही, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 5 लाख तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से मेडिकल टूरिज्म तेजी से बढ़ा है। ऐसे में, मेडिकल वैल्यू ट्रैवल पॉलिसी के माध्यम से इसको और विस्तार मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को पूर्ण इलाज उपलब्ध करवाने के लिए काम कर रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 57 हजार करोड़ रुपये के निवेश आए श्री शर्मा ने कहा की आगामी 9 से 11 दिसम्बर में आयोजित होने वाली राइजिंग राजस्थान समिट के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र सहित हर क्षेत्र में निवेश लाया जा रहा है। इस समिट के लिए अभी तक 25 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि राजनिवेश पोर्टल पर चिकित्सा से जुड़े 57 हजार करोड़ रुपये से अधिक के 300 निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं, जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 6 लाख लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मेडिकल की विभिन्न डिग्रियों से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं डिग्री प्रदान कर सम्मानित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने नवस्थापित हेमेटोलॉजी टॉवर एवं साइबर नाइफ और पैट स्केन मशीन का फीता काटकर लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइसेंज (एमजीयूएमएसटी) के संस्थापक श्री एम. एल. स्वर्णकार, एमजीयूएमएसटी के चेयरपर्सन डॉ. विकास चन्द्र स्वर्णकार सहित अधिकारीगण, चिकित्सक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

‘शिक्षा के क्षेत्र में राज्य को बनाएंगे मॉडल स्टेट’, राजस्थान-जयपुर में मुख्यमंत्री ने की स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में शिक्षा की अहम भूमिका है, क्योंकि आज के बच्चे ही भविष्य के नागरिक होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए नवीन तकनीकों का उपयोग करने के साथ ही, खाली पदों पर भर्ती तथा स्कूलों में कक्षा-कक्षों का निर्माण कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि हम नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने तथा शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान को मॉडल स्टेट बनाने हेतु विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय बजट घोषणाओं को त्वरित गति से पूरा करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चले इस हेतु सत्र के प्रारंभ में ही विद्यार्थियों को लगभग साढ़े 3 करोड़ पाठ्यपुस्तकों का निःशुल्क वितरण किया गया है तथा कक्षा 1 से 8 के समस्त विद्यार्थियों एवं 9 से 12 तक की बालिकाओं को स्कूल बैग भी दिए जाएंगे। श्री शर्मा ने कहा कि आगामी माह में 1 लाख 25 हजार बालिकाओं को साइकिल वितरित की जाएगी। लगभग साढ़े 20 हजार पदों पर दी गई नियुक्तियां— मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता बेहतरीन करने हेतु सरकार खाली पदों पर भर्ती कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में अब तक लगभग साढ़े 20 हजार पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं तथा लगभग 18 हजार पदों पर पदोन्नति की गई है। प्राध्यापक स्कूल शिक्षा, पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड 2 एवं ग्रेड 3 तथा वरिष्ठ अध्यापक के कुल 5 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। साथ ही, विभिन्न संवर्गों में चयनित 515 अभ्यर्थियों को दिसम्बर माह में नियुक्तियां दे दी जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को रिक्त पदों पर चरणबद्ध रूप से भर्ती करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर विद्यालयों में लगाए जाएं शिक्षक— मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की संख्या का सर्वे करवाकर विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी एवं निजी विद्यालयों के ड्रेस कोड में एकरूपता लाई जाए। मुख्यमंत्री ने स्कूलों में कक्षा कक्षों तथा बालिका विद्यालयों में शौचालयों की स्थिति का भौतिक सत्यापन कर आवश्यकतानुसार उनकी मरम्मत और नव निर्माण करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भौतिक सत्यापन के कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। श्री शर्मा ने विद्यालयों में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने की दृष्टि से चरणबद्ध रूप से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में भामाशाहों का भी सहयोग लिया जाए। बैठक में शासन सचिव स्कूल शिक्षा श्री कृष्ण कुणाल ने मुख्यमंत्री को स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत विभाग को 12 हजार 400 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। हरियालो राजस्थान तथा एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत विभाग द्वारा रिकॉर्ड संख्या में वृक्षारोपण किया गया। साथ ही राज्य के 1.34 करोड़ विद्यार्थियों ने सूर्य नमस्कार कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसके अतिरिक्त, विभाग द्वारा शाला स्वास्थ्य सर्वेक्षण प्रखर राजस्थान रीडिंग कैम्पेन, पीएमश्री विद्यालय, शाला सम्बलन एप, खेल प्रतियोगिता एवं ई-पाठशाला कार्यक्रम सहित अन्य नवाचार भी किए जा रहे हैं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान श्री अविचल चतुर्वेदी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री आशीष मोदी सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कैबिनेट सदस्य और मौजूद रहे अधिकारी, राजस्थान-जयपुर में मुख्यमंत्री से मिला यूके का प्रतिनिधि मंडल

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर यूनाइटेड किंगडम से आए प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल को आगामी 9 से 11 दिसंबर तक जयपुर में आयोजित होने वाली राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में पार्टनर कंट्री बनने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के किले भी यूके के एडिनबर्ग और विंडसर किले के समान ही भव्यता के लिए प्रसिद्ध हैं। राजस्थान में प्रमुखता से पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के पत्थर, गहने इत्यादि के निर्यात में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतिनिधिमण्डल की इस यात्रा से यूके और भारत एवं विशेषकर राजस्थान के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को अधिक मजबूती मिलेगी। यूनाइटेड किंगडम के प्रतिनिधिमण्डल में शेरोन हॉजेसन, शिवानी राजा, हलेना डॉलीमोर, कनिष्क नारायण, साहिल वेद हंसरानी, पुनीत गुप्ता, अतुल झांब, क्षितिज सिंघवी एवं गौरव चक्रवर्ती एवं उमर शामिल थे। इस दौरान उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री श्री के.के. विश्नोई भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री निवास पर रात्रिभोज का हुआ आयोजन सिंगापुर एवं यूनाइटेड किंगडम से राजस्थान दौरे पर आए प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर रात्रिभोज आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों का साफा पहनाकर स्वागत किया गया।    इस अवसर पर सिंगापुर के प्रतिनिधिमण्डल में डिजिटल विकास और सूचना मंत्रालय वरिष्ठ राज्य मंत्री जेनिल पुथुचेरी, प्रधानमंत्री कार्यालय से वरिष्ठ राज्यमंत्री डेसमंड टैन कोक मेंग, शिक्षा और जनशक्ति राज्य मंत्री गेन सियो हुआंग, शिक्षा और वित्त मंत्रालय से वरिष्ठ संसदीय सचिव शॉन हुआंग एवं संसद सदस्य जी याओ क्वान, राचेल ऑग एवं सक्तियादी सुपाट सहित अन्य सदस्य रात्रिभोज में शामिल हुए। साथ ही उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत, जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत, नगरीय विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा, पंचायतीराज राज्य मंत्री श्री ओटाराम देवासी, गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, सांसद श्री मदन राठौड, श्री घनश्याम तिवाड़ी, श्री राव राजेन्द्र सिंह, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत, पूर्व मंत्री श्री अरूण चतुर्वेदी सहित विधायकगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

48 हजार पदों पर प्रक्रियाधीन है भर्ती, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने ली चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता को सस्ती, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हम अन्तिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आमजन से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए स्वास्थ्य से जुड़ी राज्य सरकार की बजटीय घोषणाओं को प्रभावी कार्ययोजना के साथ त्वरित गति से पूरा किया जाए, जिससे ‘आपणो स्वस्थ राजस्थान’ की संकल्पना साकार हो। शर्मा मुख्यमंत्री कार्यालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर भी मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में लगभग 48 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया मिशन मोड़ पर चल रही है तथा अब तक लगभग 8 हजार पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग में खाली पड़े पदों पर आवश्यकतानुसार चरणबद्ध रूप से भर्ती की जाए तथा न्यायालय में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करवाकर नियुक्तियां दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे शहरों और कस्बों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेशभर में आयुष्मान मॉडल सीएचसी बनाने का निर्णय लिया है। इससे न केवल निचले स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी बल्कि बड़े अस्पतालों पर भार भी कम होगा। उन्होंने अधिकारियों को इन मॉडल सीएचसी का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का करें व्यापक प्रचार-प्रसार — मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत आमजन को निःशुल्क इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। हमने इस योजना के तहत पीडियाट्रिक पैकिज शामिल करने, कुछ पैकेज की दरों को तर्कसंगत बनाने तथा पोर्टिबिलिटी सुविधाओं को शामिल करने का निर्णय लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना में जो नए प्रावधान जोड़े गए हैं, उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत चिकित्सा के आधारभूत ढ़ांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित सभी आयुष्मान आरोग्य मन्दिरों में प्रमुख 12 सेवाएं मिलना सुनिश्चित किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान डिजीटल हैल्थ मिशन के तहत प्रदेशवासियों का स्वास्थ्य रेकार्ड डिजिटल रूप से संधारित करने के लिए अभियान चलाकर प्रदेश के हर व्यक्ति की आभा आई डी बनाई जाए। मिलावटखोरों पर हो सख्त कार्रवाई — मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि मिलावटखोरों द्वारा राज्य की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अभियान में तेजी लाते हुए मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि चिकित्सा विभाग के अधीन संचालित राजस्थान मेडिकल कॉन्सिल, पैरा मैडिकल कॉन्सिल सहित अन्य सभी संस्थाओं के कामकाज की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी तरह की अनियमितता पाई जाने पर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए तकनीकी नवाचार अपनाने पर भी जोर दिया। स्वास्थ्य के कई मानकों में राजस्थान देश में बेहतर — बैठक में प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री ए. राठौड़ ने चिकित्सा विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों एवं नवाचारों की प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य के कई मानकों में राजस्थान राष्ट्रीय औसत एवं कई बड़े राज्यों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। राज्य में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में विभाग के प्रयासों से उल्लेखनीय गिरावट आई है। संस्थागत प्रसव के मामले में राजस्थान देश में अग्रणी है। राष्ट्रीय सिकल सैल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत स्क्रीनिंग में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। निःशुल्क दवा योजना में भी दवाओं एवं सूचर्स की संख्या में वृद्धि की गई है। बैठक में केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग, मौसमी बीमारियों की रोकथाम सहित कई विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) श्री आलोक गुप्ता, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री अम्बरीश कुमार, मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. भारती दीक्षित, सीईओ स्टेट हेल्थ एश्योरेंस ऐजेंसी श्रीमती प्रियंका गोस्वामी, प्रबंध निदेशक आरएमएससी श्रीमती नेहा गिरी, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री इकबाल खान, निदेशक आईईसी श्री शाहीन अली खान, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर, सहित वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

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