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मानसिक रोगियों को बिजली के झटके देना बंद, विद्युत झटकों की बजाय अब इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स के माध्यम से इलाज

इंदौर बाणगंगा स्थित मानसिक चिकित्सालय में अब मानसिक रोगियों का इलाज पारंपरिक तरीकों की जगह आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा पद्धति से किया जा रहा है। यहां विद्युत झटकों की बजाय अब इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स के माध्यम से इलाज किया जाता है। इसके साथ ही म्यूजिक थेरेपी, डांस, गायन और रचनात्मक गतिविधियों के जरिये मरीजों का मानसिक उपचार किया जा रहा है। गेम्स खिलाकर भी रोगियों की मानसिक स्थिति का आकलन किया जाता है। इन उन्नत तकनीकों और पद्धतियों की वजह से यह संस्थान एक मॉडल मानसिक चिकित्सालय के रूप में उभर कर सामने आया है, जहां अत्याधुनिक मशीनें भी उपलब्ध हैं। डीन ने किया चिकित्सालय का निरीक्षण   मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद यंघोरिया ने मानसिक चिकित्सालय का दौरा किया और यहां की सुविधाओं का जायजा लिया। प्रभारी डॉक्टर वी.एस. पाल ने जानकारी दी कि पहले गंभीर मानसिक रोगियों का इलाज बिजली के झटकों से किया जाता था, जिसमें मरीज को कुर्सी से बांधकर इलाज किया जाता था। लेकिन अब इस पुरानी पद्धति को छोड़ते हुए इलेक्ट्रो-कन्वल्सिव थेरेपी (ईसीटी) की आधुनिक तकनीक अपनाई गई है, जो विद्युत चुम्बकीय तरंगों के माध्यम से होती है और अधिक सुरक्षित व प्रभावी मानी जाती है। टेली मानस सेवा से चौबीसों घंटे मुफ्त परामर्श   मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के लिए इंदौर के बाणगंगा स्थित मानसिक चिकित्सालय में टेली मानस सेवा भी उपलब्ध है, जो 24 घंटे निशुल्क परामर्श प्रदान करती है। मरीज या उनके परिजन टोल फ्री नंबर 14416 या 1800-891-4416 पर कॉल कर इस सेवा का लाभ ले सकते हैं। अस्पताल के ऑक्यूपेशनल थेरेपी कक्ष में मरीजों को कागज से फूल, दीये और ग्रीटिंग कार्ड जैसे रचनात्मक आइटम बनाने को प्रोत्साहित किया जाता है। इन गतिविधियों से रोगियों में रचनात्मकता के साथ-साथ मानसिक सुधार भी तेजी से होता है। म्यूजिक और गेम्स से मिल रहा मानसिक संतुलन चिकित्सालय में म्यूजिक थैरेपी के माध्यम से भी रोगियों का इलाज किया जा रहा है। गायन और नृत्य के दौरान मरीजों की शारीरिक भाषा और चेहरे के भावों से उनकी मानसिक स्थिति को समझा जाता है। डॉक्टर पाल के अनुसार, म्यूजिक थैरेपी के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसके साथ ही, स्टाफ की निगरानी में मरीजों को विभिन्न गेम्स भी खिलाए जाते हैं, जिससे उनकी मानसिक एकाग्रता और स्थिरता में सुधार होता है। ये नवाचार मरीजों को न सिर्फ उपचार देते हैं, बल्कि उन्हें जीवन की ओर भी वापस लाते हैं।  

रामबन में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, तीन की मौत, 100 से अधिक लोगों को बचाया

जम्मू उधमपुर से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर बताया कि बीती रात रामबन क्षेत्र में भारी ओलों की बारिश, तेज हवाएं और कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ था। इस प्राकृतिक आपदा से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है और दुर्भाग्यवश तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि कुछ परिवारों को संपत्ति का नुकसान हुआ है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वे रामबन के उपायुक्त बसीर-उल-हक चौधरी से संपर्क में हैं और जिला प्रशासन की तत्परता और सराहनीय कार्रवाई की प्रशंसा की, जिसने कई जानें बचाईं। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को सभी प्रकार की सहायता दी जा रही है, चाहे वह आर्थिक हो या कुछ भी हो। यदि जरूरत पड़ी तो सांसद निधि से व्यक्तिगत रूप से भी सहायता प्रदान की जाएगी। जितेंद्र सिंह ने लोगों को डरने की बजाय धैर्य रखने और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर इस आपदा से पार पाएंगे।   जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में रविवार भारी बारिश से धर्म कुंड गांव सबसे अधिक प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने बताया कि 100 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित बचा लिया गया है। नाशरी से बनिहाल तक जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और कीचड़ धंसने (मडस्लाइड) की घटनाएं हुईं, जिससे यातायात दोनों ओर बंद हो गया है। धर्म कुंड गांव में बाढ़ ने लगभग 40 घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। बादल और बारिश के बावजूद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया और फंसे लोगों को बाहर निकाला। यातायात विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि बारिश अभी भी जारी है, इसलिए यात्रियों से अपील की गई है कि वे रास्ता साफ होने और मौसम सुधरने तक इस मार्ग पर यात्रा न करें। स्थिति पर प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी कर रहे हैं और राहत कार्य जारी है।

प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से अफसरशाही में फेरबदल, 41 आईएएस बदले

रायपुर सुशासन तिहार के बीच प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से अफसरशाही में फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने 41 आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करते हुए उन्हें नई पदस्थापना दी है। 11 जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, जिनमें से कई अफसरों को पहली बार कलेक्टर बनने का मौका मिला है।सूची के अनुसार कुणाल दुदावत को दंतेवाड़ा का नया कलेक्टर बनाया गया है। मयंक चतुर्वेदी को रायगढ़ जिले की जिम्मेदारी दी गई है। संजय कन्नौजे को सारंगढ़-बिलाईगढ़ का कलेक्टर बनाया है। नूपुर राशि पन्ना को कोंडागांव का कलेक्टर नियुक्त किया गया है।   संजय अग्रवाल बिलासपुर कलेक्टर बनाए गए कुंदन कुमार को मुंगेली का कलेक्टर बनाया गया है। इंद्रजीत चंद्रावल को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले का जिम्मा सौंपा है। संजय अग्रवाल बिलासपुर के नए कलेक्टर बनाए गए हैं। दिव्या उमेश मिश्रा को बालोद का कलेक्टर बनाया है। जन्मेजय महोबे जांजगीर-चांपा जिले की जिम्मेदारी संभालेंगे। सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे को राजनांदगांव का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। बड़े अधिकारियों को नई जिम्मेदारी कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को नई प्रशासनिक भूमिकाएं सौंपी गई हैं। इनमें पूर्व बिलासपुर कलेक्टर अवनीश कुमार शरण को गृह निर्माण मंडल का आयुक्त बनाया गया है। रायगढ़ के पूर्व कलेक्टर कार्तिकेय गोयल को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का संचालक नियुक्त किया गया है। धर्मेश साहू, पूर्व सारंगढ़ कलेक्टर अब पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में विशेष सचिव होंगे। गरियाबंद के पूर्व कलेक्टर दीपक अग्रवाल को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग का नियंत्रक बनाया गया है। इसके अतिरिक्त 2005 बैच के आईएएस अधिकारी टोपेश्वर वर्मा को राजस्व मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि 2011 बैच के जितेंद्र कुमार शुक्ला को केंद्र सरकार की प्रमुख योजना जल जीवन मिशन का मिशन संचालक नियुक्त किया गया है। सरकार के इस प्रशासनिक कदम को सुशासन तिहार के दौरान प्रभावी शासन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।   आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना टोपेश्वर वर्मा – अध्यक्ष, राजस्व मंडल बिलासपुर जनक प्रसाद पाठक – विशेष सचिव, वन विभाग शिखा राजपूत तिवारी – आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा व आयुष का अतिरिक्त प्रभार डॉ. प्रियंका शुक्ला – संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन किरण कौशल – प्रबंध संचालक, मार्कफेड व नागरिक आपूर्ति निगम अवनीश कुमार शरण – आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश व गृह निर्माण मंडल सुनील कुमार जैन – आयुक्त, बिलासपुर संभाग केडी कुंजाम – सदस्य, राजस्व मंडल, बिलासपुर कार्तिकेय गोयल – संचालक, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम व उपभोक्ता संरक्षण वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन     सारांश मित्तर – आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग     पदुम सिंह एल्मा – संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग     रमेश कुमार शर्मा – विशेष सचिव, गृह विभाग     धर्मेश कुमार साहू – विशेष सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग     जीतेंद्र कुमार शुक्ला – मिशन संचालक, जल जीवन मिशन     रिमिजियुस एक्का – संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास     रजत बंसल – संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म विभाग, संच तारण प्रकाश सिन्हा – आयुक्त मनरेगा व संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण इफ्फत आरा – अपर संभागीय आयुक्त, रायपुर व दुर्ग संभाग जगदीश सोनकर – प्रबंध संचालक, अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम व संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान डॉ. संतोष कुमार देवांगन – आयुक्त, उच्च शिक्षा व प्रबंध संचालक रूसा ऋतुराज रघुवंशी – संचालक, लोक शिक्षण, एससीईआरटी व राज्य साक्षरता मिशन विजय दयाराम के. – संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण, सीईओ, राज्य कौशल विकास अभिकरण राहुल देव – संचालक, कृषि एवं संयुक्त सचिव, कृषि विभाग दीपक कुमार अग्रवाल – नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग अरविंद कुमार एक्का – संयुक्त सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, संचालक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री संतन देवी जांगड़े – संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सुखनाथ अहिरवार – सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग व संयुक्त सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग आकाश छिकारा – उप सचिव, पर्यावरण एवं आवास विभाग, सीईओ, आरडीए चंद्रकांत वर्मा – संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं व सीईओ, राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी अजय कुमार अग्रवाल – प्रबंध संचालक, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम का अतिरिक्त प्रभार  

देश के 26 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश के साथ होगी ओलावृष्टि, कहीं ऑरेंज तो कहीं यलो अलर्ट जारी

 नई दिल्ली राजस्थान और मध्य प्रदेश को छोड़कर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत पश्चिम हिमालयी क्षेत्र समेत देशभर में अधिकांश क्षेत्रों में शनिवार को आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई और ओले गिरे। उत्तर पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हुई। मौसम के मिजाज में आए इस बदलाव से यातायात संबंधी कुछ दुश्वारियां तो बढ़ीं, लेकिन ठंडी हवाओं ने भीषण और उमसभरी गर्मी से बड़ी राहत दिलाई। मौसम विभाग ने रविवार को भी उत्तराखंड समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंधड़, गरज, बिजली गिरने और कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को रेड अलर्ट की बीच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मूसलाधार बारिश हुई। कुछ जगह हिमपात भी हुआ। कश्मीर घाटी के गुरेज में भारी बर्फबारी के चलते 8वीं तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगा के तटवर्ती इलाकों में ऑरेंज अलर्ट के बीच तेज हवाएं चलीं और अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि और गरज के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, कोंकण और गोवा और महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र को छोड़कर देश के छत्तीसगढ़ से लेकर कर्नाटक और केरल एवं पूर्वोत्तर के सभी सातों राज्यों में बारिश रिकॉर्ड की गई। पश्चिमी विक्षोभ से बिगड़ेगा मौसम उत्तर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिम झारखंड एवं उत्तर बांग्लादेश और आसपास के इलाकों पर ऊपरी और निचले क्षोभमंडल स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्र से उत्तर बांग्लादेश तक एक ट्रफ रेखा भी बनी हुई है। मौसम संबंधी इन प्रणालियों के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल और पूर्वोत्तर के सभी सातों राज्यों के साथ 20 राज्यों में रविवार को आंधी-तूफान, भारी बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और झारखंड के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कश्मीर घाटी में बर्फबारी, कई रास्ते बंद कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हुई है। सिंथन टॉप में बर्फबारी के कारण अनंतनाग-किश्तवाड़ मार्ग दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। राजदान पास में भी ताजा बर्फबारी के कारण बांदीपोरा-गुरेज मार्ग और गांदरबल जिले के जोजिला पास पर भी यातायात रोक दिया गया है। अफरवट, मच्छिल, पहलगाम के पहाड़ी क्षेत्र, पीर पंजाल की पहाड़ियों और अमरनाथ गुफा के आसपास के इलाके में भी बर्फबारी हुई है। पंजाब में आंधी-बारिश से सैंकड़ों पेड़ गिरे पंजाब के कैथल समेत विभिन्न जिलों में शुक्रवार की रात आंधी और बारिश के चलते सैकड़ों पेड़ गिर गए, लगभग 130 बिजली के खंभे उखड़ गए और गेहूं की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। कैथल से पाटियाला, सिरटा रोड, करनाल रोड व सौंगल से हरसौला ग्रामीण रुट पर कई स्थानों पर पेड़ भी गिरे, जिससे आवागमन बाधित हुआ। दो डिग्री तापमान बढ़ा तो 52 फीसदी खेतों में घटेगी फसलों की विविधता जलवायु परिवर्तन अब हमारी दैनिक जिंदगी से लेकर वैश्विक खाद्य प्रणाली तक को गहराई से प्रभावित कर रहा है। इसका सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। एक अंतरराष्ट्रीय शोध में यह चेतावनी दी गई है कि यदि वैश्विक तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होती है, तो दुनिया की 52 फीसदी कृषि योग्य भूमि पर फसलों की विविधता में भारी गिरावट आएगी। यह शोध नेचर फूड नामक प्रतिष्ठित जर्नल में प्रकाशित हुआ है। फिनलैंड की आल्टो यूनिवर्सिटी, जर्मनी की गोएटिंगन यूनिवर्सिटी और स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने मिलकर इस शोध को अंजाम दिया है। इसमें वैश्विक तापमान में 1.5 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी के चार परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए 30 प्रमुख फसलों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में यह बात सामने आई है कि यदि तापमान 3 डिग्री तक बढ़ता है तो कृषि भूमि का 56 फीसदी हिस्सा फसलों की विविधता खो सकता है। यह गिरावट मुख्यतः भूमध्यरेखा के आसपास स्थित क्षेत्रों में देखने को मिलेगी। विशेष रूप से उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया में, जहां वर्तमान कृषि भूमि का 70 फीसदी से अधिक हिस्सा प्रभावित हो सकता है। 

दिल्ली बीजेपी कार्यालय में बीजेपी की वन नेशन-वन इलेक्शन पर अहम बैठक आज

नई दिल्ली ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ यानी एक देश-एक चुनाव को लेकर बीजेपी आज अहम बैठक करने जा रही है। ये बैठक दिल्ली बीजेपी कार्यालय में रविवार दोपहर 3:30 बजे होगी। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल करेंगे। इस अहम मीटिंग में दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी मौजूद रहेंगे। ठक में राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल दिल्ली के विधायकों से ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर चर्चा करेंगे। सुनील बंसल उस हाईपावर कमेटी का हिस्सा हैं, जो ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर पब्लिक ओपिनियन के लिए बनाई गई है। सूत्रों की मानें तो इससे पहले भी कई राज्यों में ऐसी बैठकों में उन्होंने हिस्सा लिया है और दिल्ली में उनकी मौजूदगी उसी श्रृंखला का हिस्सा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो यह बैठक बहुत अहम है, और ये उन मीटिंग्स का हिस्सा है जो देशभर में ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ को लेकर हर राज्य में की जा रही हैं। ‘एक देश एक चुनाव’ का विचार पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने से है। इसका मतलब यह है कि पूरे भारत में लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होंगे। यानी मतदान एक ही समय के आसपास होगा.वर्तमान में, राज्य विधानसभाओं और लोकसभा के चुनाव अलग-अलग होते हैं। 17 दिसबंर 2024 को सदन में पेश हुआ था विधेयक बता दें कि संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र एक-देश एक चुनाव से संबंधित विधेयक को 17 दिसंबर को पेश किया गया था। सदन में मत विभाजन के बाद 129वें संविधान संशोधन विधेयक 2024 को फिर से स्थापित किया गया था। विधेयक को पेश किए जाने के पक्ष में 263 वोट, जबकि विरोध में 198 वोट पड़े थे. इस संसोधन पर विपक्षी दलों ने विरोध जताया था और इसे जेपीसी में भेजने की मांग की थी। पीएम मोदी ने भी इस बिल को जेपीसी में भेजने पर सहमति जताई थी। सदन में चर्चा के बाद इस विधेयक पर जेपीसी का गठन किया गया है। बिल पर JPC गठित, समिति में अनुराग-प्रियंका समेत 39 सांसद, राज्यसभा से 12 MP  वन नेशन-वन इलेक्शन को लेकर एक राय बनाने जेपीसी का गठन किया गया है। संसद की संयुक्त समिति में 12 राज्यसभा सासंद सहित सहित 39 सासंदो को शामिल किया गया है। संयुक्त समिति में बीजेपी से 16 और कांग्रेस के 5 सांसद शामिल है। समिति में राज्यसभा सांसद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घनश्याम तिवाड़ी, भुनेश्वर कलिता, के लक्ष्मण, कविता पाटीदार, जनता दल (यूनाइटेड) के संजय झा, कांग्रेस से रणदीप सिंह सुरजेवाला, और मुकुल वासनिक, तृणमूल कांग्रेस के साकेत गोखले, द्रविड़ मुनेत्र कषगम के पी विल्सन, आप के संजय सिंह, बीजू जनता दल से मानस रंजन मंगराज और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी से वी विजय साई रेड्डी हैं। समिति में लोकसभा से 27 सदस्य वन नेशन-वन नेशन इलेक्शन बिल पर बनी संयुक्त समिति कांग्रेस से प्रियंका गांधी वाड्रा , मनीष तिवारी और सुखदेव भगत को शामिल किया है. समाजवादी पार्टी से धर्मेंद्र यादव और छोटेलाल, तृणमूल कांग्रेस से कल्याण बनर्जी, द्रमुक से टी एम सेल्वागणपति, तेलुगु देशम पार्टी से हरीश बालयोगी, शिवसेना (उबाठा) से अनिल देसाई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) से सुप्रिया सुले, शिवसेना से श्रीकांत शिंदे, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से शांभवी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के के शामिल हैं। राधाकृष्णन, राष्ट्रीय लोक दल के चंदन चौहान और जन सेना पार्टी के बालाशौरी वल्लभनेनी को इस समिति का हिस्सा होंगे. वहीं भारतीय जनता पार्टी से पीपी चौधरी, सीएम रमेश, बांसुरी स्वराज, पुरुषोत्तम रुपाला, अनुराग ठाकुर, विष्णु दयाल शर्मा, भर्तृहरि महताब, संबित पात्रा, अनिल बलूनी, विष्णु दत्त शर्मा, बैयजंत पांडा और संजय जायसवाल शामिल हैं।

आज चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई की टीम होगी आमने- सामने, एल क्लासिको में क्या दिखेगी फिर पुरानी जैसी चमक?

नई दिल्ली चेन्नई सुपर किंग्स की खराब फॉर्म इंडियन प्रीमियर लीग के ‘एल क्लासिको’ (सबसे ज्यादा प्रतिद्वंद्विता वाला मैच) की चमक को कम कर सकती है, लेकिन मुंबई इंडियंस के लिए रविवार को यहां अपनी जीत की लय बरकरार रखने के लिए रणनीति बदलने की चुनौती होगी। मुंबई ने शुरुआती मैचों की निराशा को पीछे छोड़ते हुए अपने पिछले दो मैचों में दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद को मात देकर अच्छी वापसी की है। हार्दिक पंड्या की अगुवाई वाली टीम पॉइंट्स टेबल में सातवें पायदान पर है और वह मौजूदा सत्र में जीत की हैट्रिक लगाने के साथ सत्र के अपने पहले मैच में इस टीम से मिली हार का बदला चुकता करना चाहेगी। मुंबई इंडियंस ने अपने पिछले मैच में शानदार गेंदबाजी से सनराइजर्स हैदराबाद की आक्रामक बल्लेबाजी को बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका नहीं दिया। टीम ने इसके बाद आसानी से जीत के लिए मिले 163 रन के लक्ष्य को छह विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया था। उस मैच में पिच से स्पिनरों को काफी मदद मिली थी। लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ स्पिनरों की मददगार पिच पर खेलना टीम के लिए जोखिम भरा हो सकता है। चेन्नई के पास शानदार लय मेंचल रहे खब्बू स्पिनर नूर अहमद के अलावा अनुभवी रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन का भी विकल्प है। नूर ने सात मैचों में 12 विकेट लिये है, जिसमें मुंबई के खिलाफ शुरुआती मैच में तीन सफलता शामिल है। चेन्नई के खिलाफ सत्र का पहला मैच गंवाने के बावजूद मौजूद फॉर्म के आधार पर मुंबई का पलड़ा भारी है। रोहित शर्मा ने अभी तक बड़ा स्कोर नहीं बनाया है, लेकिन सनराइजर्स के खिलाफ उनकी तेज शुरुआत ने टीम को बिना किसी दबाव के लक्ष्य का पीछा करने की आजादी दी। तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी दिखी है लेकिन रयान रिकेल्टन ने शीर्ष क्रम में अच्छा योगदान दिया है। विल जैक्स के हरफनमौला खेल ने सनराइजर्स की जीत में अहम भूमिका अदा की थी। अनुभवी जसप्रीत बुमराह की वापसी से मुंबई की गेंदबाजी मजबूत हुई है। ट्रेंट बोल्ट भी अपने पुराने अंदाज में दिख रहे है। उन्होंने सनराइजर्स के खिलाफ शानदार यॉर्कर गेंदें डाली। हार्दिक ने गेंदबाज और बल्लेबाज के रूप में अपनी भूमिका अच्छी तरह निभाई है, लेकिन आखिरी ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी के लिए वह नमन धीर पर निर्भर रहेंगे। कर्ण शर्मा को पिछले मैच में क्षेत्ररक्षण के दौरान उंगली में चोट लग गई थी और उनका चोटिल होना चिंता का विषय हैं। चेन्नई ने पिछले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ पांच विकेट की जीत के साथ लगातार पांच हार के सिलसिले को खत्म किया लेकिन बल्लेबाजी उनकी कमजोर कड़ी बनी हुई है। नियमित कप्तान रुतुराज गायकवाड़ के चोट के कारण बाहर होने से महेंद्र सिंह धोनी की कप्तान के तौर पर वापसी हुई है और वानखेड़े मैदान पर उनकी कई खास यादें जुड़ी हुई है। इसमें 2011 में एकदिवसीय विश्व कप में विजयी छक्का लगाने से लेकर आईपीएल के पिछले सत्र में चार गेंद में 20 रन की नाबाद पारी के दौरान हार्दिक के खिलाफ तीन छक्के जड़ना शामिल है। धोनी की कप्तान की टीम की गेंदबाजी अच्छी हुई है। टीम ने बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस और मुंबई के युवा खिलाड़ी आयुष महात्रे को अपने साथ जोड़ा है। रविवार को होने वाले मैच में हालांकि इन दोनों के खेलने की संभावना काफी कम है। मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, रॉबिन मिंज, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), श्रीजीत कृष्णन (विकेटकीपर), बेवोन जैकब्स, तिलक वर्मा, नमन धीर, विल जैक्स, मिचेल सेंटनर, राज अंगद बावा, विग्नेश पुथुर, कॉर्बिन बॉश, ट्रेंट बोल्ट, कर्ण शर्मा, दीपक चाहर, अश्विनी कुमार, रीस टॉपले, वीएस पेनमेत्सा, अर्जुन तेंदुलकर, मुजीब उर रहमान, जसप्रीत बुमराह। चेन्नई सुपर किंग्स: महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान और विकेटकीपर), डेवाल्ड ब्रेविस, डेवोन कॉनवे, राहुल त्रिपाठी, शेख रशीद, वंश बेदी, आंद्रे सिद्धार्थ, आयुष म्हात्रे, रचिन रवींद्र, रविचंद्रन अश्विन, विजय शंकर, सैम कुरेन, अंशुल कंबोज, दीपक हुडा, जेमी ओवरटन, कमलेश नागरकोटी, रामकृष्ण घोष, रविंद्र जडेजा, शिवम दुबे, खलील अहमद, नूर अहमद, मुकेश चौधरी, नाथन एलिस, श्रेयस गोपाल, मथीश पथिराना। यह मैच शाम 07:30 बजे से खेला जायेगा।

पंजाब किंग्स के खिलाफ आरसीबी आज फिर आपस में भिड़ेगी

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (आरसीबी) को अगर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपना अभियान वापस पटरी पर लाना है और पंजाब किंग्स से दो दिन के भीतर ही बदला लेना है तो आज अपना दमदार खेल दिखाना होगा। पंजाब किंग्स के खिलाफ आरसीबी को रविवार को न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर में होने वाले मैच में उसके बल्लेबाजों को बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद होगी। पंजाब के खिलाफ शुक्रवार को बेंगलुरू में खेले गए मैच में टिम डेविड को छोड़कर आरसीबी का कोई भी बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया और टीम को पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा। आरसीबी के पास फिल साल्ट, विराट कोहली, कप्तान रजत पाटीदार और लियाम लिविंगस्टोन जैसे धाकड़ बल्लेबाज हैं, लेकिन उनके पास वापसी करने का बहुत कम समय है। पाटीदार ने बेंगलुरू में पंजाब के हाथों पराजय के लिए बल्लेबाजों की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा, ‘‘विकेट शुरू में बल्लेबाजी के लिए बहुत अनुकूल नहीं था, लेकिन हम एक बल्लेबाजी इकाई के तौर पर अच्छा प्रदर्शन कर सके। साझेदारी निभाना महत्वपूर्ण था लेकिन हमने नियमित अंतराल में विकेट गंवाए। यह हमारे लिए बहुत बड़ा सबक है।’’ आरसीबी अभी अंक तालिका में चौथे स्थान पर है और अगर उसे शीर्ष चार में जगह बनाए रखनी है तो उसके बल्लेबाजों को जल्द से जल्द अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। आरसीबी विस्फोटक शुरुआत प्रदान करने के लिए साल्ट और कोहली पर भरोसा करेगी और मध्य क्रम में स्थिरता प्रदान करने के लिए पाटीदार, लिविंगस्टोन, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या और डेविड पर जिम्मेदारी होगी। गेंदबाजी के मोर्चे पर, जोश हेज़लवुड और भुवनेश्वर कुमार आक्रमण की अगुवाई करेंगे, लेकिन उन्हें यश दयाल, क्रुणाल और सुयश शर्मा जैसे गेंदबाजों से अधिक सहयोग की जरूरत पड़ेगी। जहां तक पंजाब किंग्स का सवाल है तो श्रेयस अय्यर की अगवाई में उनकी टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। उसने सात में से पांच मैच में जीत हासिल की है और वह अंक तालिका में दिल्ली कैपिटल्स के बाद दूसरे स्थान पर है। पंजाब के गेंदबाजों ने अभी तक बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट और मार्को यानसन तेज गेंदबाजी के मोर्चे पर शानदार रहे हैं, जबकि लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने बीच के ओवरों में महत्वपूर्ण विकेट लेकर खुद को फिर से साबित कर दिया है। अय्यर ने भी पंजाब की जीत में चहल के योगदान की सराहना की। अय्यर ने कहा, ‘‘मैंने निजी तौर पर चहल से बात की। मैंने उनसे कहा कि आप मैच विजेता हैं और आपको जितना संभव हो हमारे लिए विकेट हासिल करने हैं। आपको रक्षात्मक रवैया अपनाने की जरूरत नहीं है और आप वापसी करने की क्षमता रखते हो। हम एक लेग स्पिनर के तौर पर उनकी इसी बात के लिए प्रशंसा करते हैं। वह आईपीएल में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से एक है, शायद आईपीएल में अब तक का सबसे अच्छा गेंदबाज है। आपको हर समय उसका समर्थन करना होगा।’’ जहां तक पंजाबी बल्लेबाजी का सवाल है तो पहले ही शतक लगा चुके युवा प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह से टीम को अच्छी शुरुआत की उम्मीद रहेगी। उसके पास मध्य क्रम में अय्यर, जोश इंगलिस, नेहल वढेरा, शशांक सिंह और मार्कस स्टोइनिस के रूप में कुशल बल्लेबाज हैं। ये मुकाबला रविवार की दोपहर को साढ़े 3 बजे से खेला जाएगा। ऐसे में आरसीबी के पास 48 घंटे से भी कम समय में बदला लेना का मौका होगा। टीमें इस प्रकार हैं: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, यश दयाल, जोश हेजलवुड, फिल साल्ट, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), लियाम लिविंगस्टोन, रसिख सलाम, सुयश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, स्वप्निल सिंह, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, नुवान तुषारा, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, देवदत्त पडिक्कल, स्वास्तिक छिकारा, लुंगी एनगिडी, अभिनंदन सिंह, मोहित राठी। पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), नेहल वढेरा, शशांक सिंह, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसन, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर, सूर्यांश शेडगे, प्रवीण दुबे, विजयकुमार विशक, हरप्रीत बराड़, अजमतुल्लाह उमरजई, जोश इंग्लिस, जेवियर बार्टलेट, विष्णु विनोद, आरोन हार्डी, कुलदीप सेन। हरनूर सिंह, मुशीर खान, प्याला अविनाश।

बोत्सवाना से मध्य प्रदेश में लाए जाएंगे आठ और चीते, मई महीने में आएंगे चार

भोपाल दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से आठ चीतों को दो चरणों में मध्य प्रदेश में लाया जाएगा। मई 2025 तक बोत्सवाना से चार चीतों को भारत लाने की योजना है। इसके बाद चार और चीतों को लाया जाएगा। प्रोजेक्ट चीता के तहत चीतों को अब गांधी सागर अभयारण्य में भी चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित किया जाएगा।   जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को भोपाल में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में चीता परियोजना की समीक्षा बैठक हुई। एनटीसीए अधिकारियों ने बताया कि अब तक देशभर में चीता परियोजना पर 112 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, जिसमें से 67 प्रतिशत व्यय मध्य प्रदेश में चीता पुनर्वास पर खर्च किया गया है। चीता प्रोजेक्ट पर अब तक खर्च हो चुके 112 करोड़ भारत और केन्या के बीच भी अनुबंध पर सहमति बनाई जा रही है। देश में चीता प्रोजेक्ट पर अब तक 112 करोड़ रुपये से अधिक राशि व्यय की जा चुकी है। प्रोजेक्ट चीता के तहत ही अब गांधी सागर अभयारण्य में भी चीते चरणबद्ध रूप से विस्थापित किए जाएंगे। भूपेंद्र यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में चल रहे वन्य प्राणियों की पुनर्वास परियोजनाओं की देखरेख के लिए वन, पर्यटन, पशु चिकित्सा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य एवं परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक टास्क फोर्स बनाया जाए। श्योपुर के 80 गांवों के 400 चीता मित्रों को प्रशिक्षित करने का अनुबंध कर सकते हैं। चीतों को गांधी सागर अभयारण्य में लाया जाएगा प्रोजेक्ट चीता के तहत राजस्थान की सीमा से सटे गांधी सागर अभयारण्य में चरणबद्ध तरीके से चीतों को बसाया जाएगा। अत: मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच अंतरराज्यीय चीता संरक्षण क्षेत्र स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक सहमति बन गई है। कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों के बारे में जानकारी देते हुए वन अधिकारियों ने बताया कि वहां 26 चीते हैं, जिनमें से 16 खुले जंगल में और 10 पुनर्वास केंद्र (बाड़ों) में हैं। अधिकारी ने बताया कि चीतों पर निगरानी रखने के लिए सैटेलाइट कॉलर आईडी का उपयोग करके 24 घंटे ट्रैकिंग की जाती है। चीतों की जा रही है निगरानी अधिकारियों ने कहा कि चीतों की निगरानी के लिए ‘सैटेलाइट कॉलर आईडी’ का उपयोग करके 24 घंटे निगरानी की जा रही है।  अधिकारियों ने बताया कि मादा चीता ज्वाला, आशा, गामिनी और वीरा ने शावकों को जन्म दिया है। इतना ही नहीं, केएनपी में पर्यटकों की संख्या दो साल में दोगुनी हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक पांच मादा और तीन नर सहित आठ नामीबियाई चीतों को 17 सितंबर, 2022 को केएनपी में छोड़ा गया था। उनके मुताबिक फरवरी 2023 में, 12 और चीतों को दक्षिण अफ्रीका से केएनपी में स्थानांतरित किया गया। वर्तमान में, केएनपी में 26 चीते हैं, जिनमें भारत में जन्मे 14 शावक शामिल हैं। चीतों के कदम पड़ते ही बदल जाएगी गांधीसागर की रंगत इस बीच मंदसौर से खबर है कि गांधीसागर अभयारण्य को भारत में चीता पुनर्स्थापन योजना के तहत चीतों का दूसरा घर बनने में अब महज एक दिन शेष है। कूनो नेशनल पार्क से दो नर चीते यहां छोड़े जा रहे हैं। चीतों के यहां आने के बाद निश्चित ही गांधीसागर व आस-पास के क्षेत्र की रंगत बदल जाएगी। यहां पर्यटकों की आमद भी बढ़ेगी और निश्चित ही गांधीसागर, रामपुरा, भानपुरा की अर्थव्यवस्था भी बदलेगी। वहीं अभयारण्य के लिहाज से देखे तो यहां की जैव विविधता भी समृद्ध होगी। चीते के आने से इसमें भी सितारे जड़ जाएंगे। गांधीसागर अभयारण्य में अभी तो चीते बाड़ों में ही रखे जाएंगे। कुछ माह बाद इन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। इसके बाद गांधीसागर व आस-पास के नगरीय क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति में भी परिवर्तन आएगा।

मध्यप्रदेश में जल्द ही तबादलों पर लगा बैन हट सकता, ट्रांसफर पॉलिसी 2025 बनाकर तैयार

भोपाल  मध्यप्रदेश में लंबे समय से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए एक जरूरी खबर है। मध्यप्रदेश में जल्द ही तबादलों पर लगा बैन हट सकता है। सामान्य प्रशासन विभाग ने ट्रांसफर पॉलिसी 2025 तैयार कर ली है और सीएम मोहन यादव की सलाह पर इसमें कुछ आंशिक बदलाव कर इसे अप्रैल के ही महीने में कैबिनेट में लाने की तैयारी है। बता दें कि मध्यप्रदेश में बीते 3 साल से तबादलों पर बैन लगा हुआ है। इसी महीने हट सकता है बैन ! जानकारी के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादला नीति 2025 तैयार कर ली है। इसे इस माह के अंत तक राज्य शासन की मंजूरी के लिए कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही प्रदेश में तबादलों पर लगा बैन हटाया जा सकता है। पॉलिसी के अनुसार करीब 15 दिन से एक महीने तक तबादलों से प्रतिबंध हटाया जा सकता है। बता दें कि आखिरी बार तबादला नीति 2021-22 में लागू की गई थी। किनके लिए होगी फायदेमंद? यह नई नीति खासतौर पर उन सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आएगी, जो दो साल से ज्यादा समय से ट्रांसफर बैन के चलते एक ही जगह अटके हुए थे. अब वे स्वेच्छा से ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे और विशेष परिस्थितियों में मनचाही जगह पोस्टिंग भी मिल सकती है. शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों में तबादलों की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की जाएगी, जिससे व्यवस्था पारदर्शी होगी और कर्मचारियों को आसानी मिलेगी. किसके लिए बनेगी परेशानी? नई पॉलिसी उन अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मुश्किल बन सकती है, जो पिछले 3 साल या उससे ज्यादा समय से एक ही पद पर जमे हुए हैं. सरकार का इरादा है कि ऐसे सभी अधिकारियों का ट्रांसफर किया जाए और जरूरत पड़ी तो उन्हें दूसरे जिलों में भी भेजा जाएगा. साथ ही, किसी भी विभाग में कुल कर्मचारियों के सिर्फ 10% का ही तबादला किया जा सकेगा. इसका मतलब ये है कि सबको ट्रांसफर नहीं मिलेगा, सिर्फ उन्हीं को मौका मिलेगा जो इस श्रेणी में आते हैं. क्या मिलेगा ट्रांसफर पर भत्ता? आपको बताते चलें कि नई नीति में ये भी तय किया गया है कि स्वेच्छा से ट्रांसफर लेने वाले कर्मचारियों को कोई भत्ता नहीं दिया जाएगा. लेकिन जिनका ट्रांसफर प्रशासनिक वजहों से किया जाएगा, उन्हें सरकार की ओर से भत्ते की सुविधा दी जाएगी. वहीं, ट्रांसफर की प्रक्रिया में मंत्रियों की भूमिका अहम होगी. अपने विभाग के कर्मचारियों का ट्रांसफर मंत्री कर सकेंगे. गजेटेड अधिकारियों ( उच्च स्तर के प्रशासनिक या प्रबंधकीय पदों पर होते हैं) के ट्रांसफर के लिए मुख्यमंत्री की सहमति जरूरी होगी. तबादला नीति में ये बिंदू हो सकते हैं शामिल     तबादला नीति में इस बात का प्रावधान रहेगा कि 3 साल से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारी-कर्मचारियों को हटाया जाए। ऐसे अधिकारियों को दूसरे जिलों में भी भेजा जाएगा।     माना जा रहा है कि किसी भी विभाग में अधिकतम 10 फीसदी कर्मचारियों के तबादले ही हो सकेंगे।     जो अधिकारी-कर्मचारी स्वयं के व्यव पर ट्रांसफर करवाएंगे, उन्हें किसी भी प्रकार का भत्ता नहीं दिया जाएगा।     प्रशासनिक आधार पर होने वाले तबादले में सरकार भत्ता प्रदान करेगी।     मंत्रियों को उनके विभाग के कर्मचारियों के तबादले को लेकर अधिकार प्रदान किए जाएंगे।     जिले के अंदर ट्रांसफर करने का अधिकार प्रभारी मंत्री को दिया जाएगा। प्रभारी मंत्री की अनुशंसा के आधार पर जिला कलेक्टर जिले के अंदर ट्रांसफर कर सकेंगे।     जिले के बाहर तबादला विभागीय मंत्रियों की अनुशंसा पर होंगे, लेकिन राजपत्रित अधिकारियों का तबादला करने के लिए मुख्यमंत्री समन्वय की प्रक्रिया अपनाना होगी।     स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग से जुड़े तबादलों में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।     विशेष परिस्थितियों में कर्मचारियों को मांगी गई लोकेशन पर ट्रांसफर दिया जाएगा।    मंत्रियों को उनके विभाग के कर्मचारियों के तबादले के अधिकार होंगे। जिले के अंदर ट्रांसफर करने का अधिकार प्रभारी मंत्री को दिया जाएगा। जिले के बाहर ट्रांसफर विभागीय मंत्रियों की अनुशंसा पर होंगे  राजपत्रित अधिकारियों का तबादला करने के लिए सीएम समन्वय की प्रक्रिया अपनानी होगी। 3 साल से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारी-कर्मचारियों का ट्रांसफर किया जाएगा उन्हें दूसरे जिले में भी भेजा जाएगा।  किसी भी विभाग में अधिकतम 10 फीसदी कर्मचारियों के तबादले ही हो सकेंगे।  स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग से जुड़े तबादलों में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

प्रदेश का पहला सम्भागीय किसान मेला उज्जैन में 3 मई से आयोजित किया जायेगा

 भोपाल मध्य प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के आयोजन के बाद अब सरकार संभागीय स्तर पर किसान मेलों का आयोजन करने जा रही है, शुरुआत 3 मई को उज्जैन संभाग से की जाएगी यानि पहला सम्भागीय किसान मेला उज्जैन में आयोजित किया जायेगा,  संभाग में मेलों के आयोजन के बाद अक्टूबर में राज्य स्तरीय किसान मेला आयोजित किया जायेगा। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी संभागों में किसान मेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। उज्जैन संभाग में 3 मई को मंदसौर में पहला किसान मेला आयोजित किया जाएगा।  इन मेलों में किसानों को कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित नवीनतम जानकारी दी जायेगी। साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी के साथ किसानों की समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा। मेले में प्रदर्शनी के माध्यम से भी किसानों को कृषि तकनीकों और कृषि उपकरणों की जानकारी दी जायेगी। एक साल में 10 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य मंत्री कंषाना ने बताया कि अक्टूबर में एक राज्य स्तरीय किसान मेला भी आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार ने एक साल में 10 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे किसानों को ऊर्जादाता बनने में मदद मिलेगी। सरकार ने इसके लिए अभियान शुरू कर किसानों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। मध्य प्रदेश कृषक कल्याण मिशन को मिली है सैद्धांतिक स्वीकृति कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के विजन के अनुरूप राज्य सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी कल्याण के लिए मिशन शुरू कर दिया है। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्य प्रदेश कृषक कल्याण मिशन को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है। किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास में एमपी सरकार ‘मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन’ के तहत अब कृषि से सम्बद्ध विभागों की योजनाएं एक मंच पर समन्वित रूप से क्रियान्वित होंगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश कृषि आधारित राज्य है और इस क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आय, कृषि उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन में वृद्धि के साथ खाद्य प्र-संस्करण और कृषि से उत्पादित कच्चे माल पर आधारित औद्योगिक इकाई स्थापित करने जैसे हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं।  

अप्रैल के आखिर तक भाजपा जेपी नड्डा के विकल्प के तौर पर नए नेता के नाम का ऐलान करेगी

नई दिल्ली भाजपा के नए अध्यक्ष का ऐलान कभी भी हो सकता है। चर्चा है कि अप्रैल के आखिर तक भाजपा की ओर से जेपी नड्डा के विकल्प के तौर पर किसी नए नेता के नाम का ऐलान हो सकता है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का नाम भी अध्यक्ष की रेस में है। इसके अलावा मोदी सरकार में ही मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव के नामों की भी चर्चा जोरों पर है। कहा जा रहा है कि इन तीन नेताओं में से किसी एक को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है। अध्यक्ष पर फैसला लेने से पहले आरएसएस की सलाह भी ली जाएगी। वहीं उससे पहले यूपी, बंगाल, आंध्र प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में अध्यक्ष का फैसला भी लिया जाएगा। तभी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा 25 अप्रैल तक यूपी समेत कई राज्यों में अध्यक्षों का ऐलान कर सकती है। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिल किया जाएगा और किसी एक नेता का नाम सर्वसम्मति से तय किया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मनोहर लाल खट्टर को लेकर सहमति बनने की संभावना अधिक है। इसकी वजह है कि वह पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी हैं और उनकी पहली पसंद भी हैं। लंबे समय तक आरएसएस प्रचारक के तौर पर काम करने वाले मनोहर लाल खट्टर को संगठन की अच्छी समझ है। इसके अलावा आरएसएस को भी उनके नाम पर आपत्ति नहीं होगी, जो मानता है उसकी वैचारिक पृष्ठभूमि के नेता के हाथ में ही पार्टी की कमान होनी चाहिए। इसके अलावा धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि मनोहर लाल खट्टर सबसे आगे माने जा रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और मनोहर लाल खट्टर के दशकों पुराने रिश्ते हैं। ऐसे में संगठन की कमान भी उनके भरोसेमंद व्यक्ति के पास होगी और आरएसएस भी इसे लेकर सहमत होगा। यही नहीं भाजपा में महासचिव के तौर पर भी राज्यों से कई नेताओं को शामिल किया जा सकता है। ये वे नेता होंगे, जो पूर्व मंत्री या सीएम जैसे पदों पर रह चुके हैं, लेकिन इन दिनों उनके पास कोई बड़ा दायित्व नहीं है। वहीं अभी संगठन में काम करने वाले कुछ लोगों को कैबिनेट में भी एंट्री दी जा सकती है। दरअसल एनडीए सरकार में सहयोगी दलों की डिमांड है कि कैबिनेट का विस्तार किया जाए और उनके नेताओं को एंट्री मिले। इस बीच बिहार में चुनाव है और उससे पहले उपेंद्र कुशवाहा को मंत्री पद दिया जा सकता है। वहीं एकनाथ शिंदे की पार्टी को भी मौका मिल सकता है, जो डिप्टी सीएम तो हैं, लेकिन बीच-बीच में उनकी नाराजगी की खबरें आती रहती हैं। चर्चाएं यह भी हैं कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने के मौके पर भी कैबिनेट विस्तार हो सकता है।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में कचरे के बाद अब पुराने अनुपयोगी कपड़ों की प्रोसेसिंग होगी, कपड़ों से सीमेंट सहित अन्य कई उत्पाद तैयार हो सकेंगे

इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में कचरे के बाद अब पुराने अनुपयोगी कपड़ों की प्रोसेसिंग हो सकेगी. लिहाजा कचरे में पाए जाने वाले कपड़ों के टुकड़ों से सीमेंट सहित अन्य कई उत्पाद तैयार हो सकेंगे. अपनी तरह के इस प्लांट से प्रतिदिन 50 टन कपड़ों की प्रोसेसिंग हो सकेगी. इससे नगर निगम की आय में भी इजाफा होगा. पुराने कपड़ों से बनेंगे उत्पाद दरअसल, इंदौर शहर में प्रतिदिन जो कचरा निकलता है, उसकी प्रोसेसिंग नेप्रा नामक एजेंसी द्वारा की जाती है. फिलहाल इस एजेंसी के पास भी कपड़ों की प्रोसेसिंग सुविधा नहीं है. यही वजह है कि शहर भर से इकट्ठा होने वाले कपड़ों के टुकड़ों को प्रोसेसिंग के लिए अलग-अलग एजेंसी को भेजना पड़ता है. इसके अलावा कचरे के निष्पादन की एजेंसियों के स्तर पर भी कपड़े के उचित प्रबंधन करने की मांग नगर निगम प्रशासन से की जा रही थी. जिसके फल स्वरुप नगर निगम प्रशासन ने अब गीले और सूखे कचरे के निस्तारण की तरह ही कपड़े से सीमेंट और अन्य कई उत्पाद बनाने के लिए एक अलग से प्लांट बनाने की तैयारी कर ली है. इंदौर नगर निगम का नया प्लान नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा के मुताबिक, ”प्लांट बनाने के लिए टेंडर के जरिए एजेंसी तय करने के बाद कपड़े के निस्तारण की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी को दी जएगी. इस कार्य को लेकर 20 साल की समय अवधि भी दी जाएगी. कपड़े के निस्तारण से जो राशि प्राप्त होगी उसकी एक निश्चित हिस्सेदारी नगर निगम की होगी. इस प्लांट की क्षमता के मुताबिक 50 टन तक कपड़े को प्रोसेस किया जा सकेगा. मलवे से तैयार हो रहे हैं कई उत्पाद इंदौर नगर निगम द्वारा न सिर्फ गीले और सूखे कचरे से तरह-तरह के उत्पाद मीथेन और सीएनजी गैस के अलावा प्राकृतिक खाद बनाई जा रही है, बल्कि इससे नगर निगम को हर साल करोड़ों रुपए की आय भी होती है. अब नगर निगम की कोशिश है कि जो कपड़ा कचरे में पाया जाता है उसके निस्तारण के लिए भी प्लांट की स्थापना करके रॉयल्टी और आय का नया संसाधन स्थापित किया जा सके. महापौर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि, ”हमने तय किया है कि हम सफाई को नेक्स्ट लेवल पर लेकर जाएंगे. जो घरों से, फैक्ट्रियों या अन्य स्थानों से निकलने वाला कपड़ा है. उसे कलेक्ट करके रेवेन्यू जनरेट करने का प्रपोजल तैयार किया है.”

चीतों को मिल गया नया घर, कूनो जंगल के बाद गांधी सागर में शिफ्ट होंगे , गांधी सागर अभ्यारण में सारी तैयारी पूरी

भोपाल चीतों का दूसरा घर मंदसौर जिले का गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य(Gandhi Sagar Sanctuary) होगा। यहां दक्षिण अफ्रीका से चीते लाने में देरी के बीच अब कूनो नेशनल पार्क(Kuno National Park) से ही आज 20 अप्रेल को 2 चीते भेजेंगे। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव व सीएम डॉ. मोहन यादव ने सीएम निवास पर हुई चीता प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक में इसे हरी झंडी दी। 18 फरवरी 2023 को जो 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से लाए गए, उनमें से पावक और प्रभाष को गांधी सागर में छोड़ा जाएगा। 5 साल के पावक और साढ़े पांच साल के प्रभाष को खेमला वन क्षेत्र में बने 15.04 वर्ग किमी बाडे़ में छोड़ा जाएगा। दोनों भाई हैं, अभी बाडे़ में हैं। देश के अंदर चीतों की इस पहली शिफ्टिंग की शुरुआत शनिवार रात से होगी, रविवार अपराह्न तीन बजे खत्म होगी। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और सीएम डॉ. मोहन यादव अपराह्न 3 बजे दोनों को गांधीसागर में छोड़ेंगे। सीएम बोले- कूनो में रोड टू एयर कनेक्टिविटी सीएम डॉ. यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा, ग्वालियर से कूनो तक पक्की सड़क बनेगी। टेंट सिटी बनेगी। युवाओं-महिलाओं को वन्य पर्यटन से जोड़ेंगे, चीता मित्र, महिला स्व-सहायता समूह को टूरिस्ट गाइड बनाएंगे। दीदी कैफे से रोजगार मिलेगा। 10 किंग कोबरा लाने पर विचार हो रहा है। सीएम ने चंबल से घड़ियाल व कछुओं को 4 बड़ी नदियों में छोड़ने के निर्देश दिए। गुजरात भी शिफ्ट किए जाएंगे चीते केंद्रीय मंत्री यादव ने कहा कि आज सुबह NTCA की बैठक हुई। बैठक में, NTCA ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक के दौरान लिए गए निर्णय पर एक व्यापक योजना पर चर्चा करने का फैसला किया। भविष्य में गुजरात के बन्नी घास के मैदानों और मध्य प्रदेश के गांधीसागर अभयारण्य में चीतों को पेश करने की कार्य योजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। सीएम हाउस में विस्तार से होगी समीक्षा उन्होंने यह भी बताया कि चीता परियोजना से संबंधित एक विस्तृत समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री आवास पर होगी। इस बैठक में चीतों को शिफ्ट करने पर बात होगी। देश में हैं 58 टाइगर रिजर्व केंद्रीय मंत्री यादव ने आगे कहा कि अब हमारे देश में 58 टाइगर रिजर्व हैं। 58वें टाइगर रिजर्व का श्रेय मध्य प्रदेश को जाता है। यह वास्तव में एक टाइगर स्टेट है और यहां माधव टाइगर रिजर्व बनाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि मध्य प्रदेश देश में एक विशेष राज्य है, जो वन, इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक विरासत पर ध्यान केंद्रित करता है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर्यटन, वन और आदिवासी लोगों के विकास के लिए काम कर रहे हैं। गांधी सागर में सारी तैयारी पूरी इस बीच, मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कहा कि गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं। विजय शाह उस समय राज्य के वन मंत्री थे जब चीतों को पहली बार लाया गया था। उन्होंने कहा कि लोगों को जल्द ही चीतों को वहां शिफ्ट करने की खुशखबरी मिलेगी। कूनो नेशनल पार्क में चीतों को बसाने के बाद, अब गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य को चुना गया है। यह अभयारण्य चीतों के लिए एक नया घर होगा। सरकार चीतों की सुरक्षा और उनके विकास के लिए पूरी तरह से तैयार है। मई में बोत्सवाना से आएंगे 4 चीते इस शिफ्टिंग के साथ ही दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और केन्या से चीते लाने की प्रक्रिया भी जारी रहेगी। अगले एक साल में 8 और चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। बैठक में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने बताया, 4 चीते मई 2025 तक बोत्सवाना से लाए जाने हैं। भारत और केन्या के बीच अनुबंध पर सहमति प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 4 चीते गांधी सागर अभयारण्य में रखे जाने हैं, बाकी कूनो में ही छोड़े जाएंगे। अपने यहां सबसे ज्यादा सर्वाइवल रेट अफसरों ने बताया, देश में जन्मे चीता शावकों का सर्वाइवल रेट विश्व में सबसे अधिक है। अन्य देशों में जलवायु अनुकूलन के अभाव में आसानी से सर्वाइव नहीं कर पाते। गांधीसागर अनुकूल है, इसलिए यहां चीते छोड़ने का फैसला लिया गया। आइआइएफएम की मदद से ट्रेनिंग केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, श्योपुर के 80 गांवों के 400 चीता मित्रों को प्रशिक्षित करने के लिए आइआइएफएम भोपाल की मदद लेंगे। सैटेलाइट कॉलर आइडी से निगरानी होगी। चीता सफारी शुरू करने की प्रक्रिया तेज होगी। कूनो (Kuno National Park)और गांधी सागर से जुड़े रिजर्व व दूसरे प्रदेशों के पार्कों के बीच वन्यप्राणी कॉरिडोर के साथ पर्यटन कॉरिडोर बनाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियों की समीक्षा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में चल रहे तीन माह अवधि के जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों की स्वच्छता, संरक्षण और उनकी देखरेख के कार्यों में नागरिकों की भागीदारी और जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर अच्छे परिणाम सामने लाएं। शासन स्तर पर अभियान की निरंतर समीक्षा की जा रही है और डैश बोर्ड पर ग्राम एवं नगर स्तर के कार्यों को दर्ज करने का कार्य भी किया जा रहा है। श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में अभियान की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1.06 लाख जल दूत तैयार किए गए हैं, जो जल स्रोतों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 30 मार्च से प्रारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून तक चलना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिलों में देखेंगे कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास विभागों सहित मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के स्तर पर अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए। जिला कलेक्टर्स भी बैठक से वर्चुअल रूप से जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्य देखने विभिन्न जिलों में जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्थापत्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण जल संरचनाओं की सूची तैयार की जाए। पुरातत्व और पर्यटन महत्व की ऐसी धरोहर को सहेजने की दृष्टि से संरक्षण गतिविधियों से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि भोपाल के साथ ही जबलपुर, सागर, उज्जैन नगरों में अनेक प्राचीन बावड़ियां विद्यमान हैं, वहां स्वच्छता के कार्य संचालित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विभागवार अभियान के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। संस्कृति और शिक्षा विभाग पर्व त्योहारों पर करें आयोजन मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को जलस्रोतों और जल संरक्षण के महत्व की जानकारी प्रार्थना सभाओं के अवसर पर दी जाए। शिक्षा विभाग संस्कृति विभाग के साथ मिलकर विभिन्न पर्व और त्योहारों पर पानी के महत्व पर निबंध और भाषण स्पर्धाएं आयोजित करे। गंगा दशहरा और आखातीज जैसे अवसरों पर ऐसे कार्यक्रम किए जाएं। खेत तालाब योजना में बालाघाट अव्वल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में सर्वाधिक 561 खेत तालाब बनाए जाने पर अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में बताया गया कि जीआईएस आधारित प्रणाली में प्रदेश में निर्मित 76 हजार खेत तालाब की संख्या एक उपलब्धि है। प्रदेश में अनूपपुर जिला 275 खेत तालाब बनाकर दूसरे क्रम और अलीराजपुर जिला 216 खेत तालाब बनाकर तीसरे क्रम पर है। अमृत सरोवर निर्माण के लिए सिवनी जिले में सबसे अच्छा कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने इन जिलों के कलेक्टर्स और अधिकारियों की टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की जिलों के कार्या पर चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स से अभियान के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। भोपाल जिले में कलियासोत से कार्य प्रारंभ किया गया है। साथ ही बैरसिया में प्राचीन जल स्रोतों को स्वच्छ बनाया जा रहा है। रायसेन कलेक्टर ने बताया कि भोपाल शहर के नजदीक स्थित बेतवा नदी के उद्गम स्थल ग्राम झिरी में बोरी बंधान निर्माण के कार्य हो रहे हैं। टीकमगढ़ कलेक्टर ने बताया कि 70 प्राचीन तालाबों और 10 बावड़ियों के निकट क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें स्वच्छ और सुंदर बनाने का कार्य हो रहा है। शहडोल में तातापानी से गर्म जल की उपलब्धता के नाते यह विशेष स्थान माना जाता है। ऐसे स्रोतों को सहेजने का कार्य हो रहा है। सागर में पुरानी संरचनाओं को राजस्व रिकार्ड में लिया गया है। नदियों को पुनर्जीवित करने के कार्य भी किए जा रहे हैं। ग्वालियर में व्यापारी संघ ने सार्वजनिक प्याऊ के लिए मटकों और चील्ड कूलर की व्यवस्था की है। उपार्जन केंद्रों पर पानी के साथ शरबत और छांछ की व्यवस्था की जा रही है। राजगढ़ में मोहनपुरा क्षेत्र में इजराइल पद्धति से पानी के उपयोग और उज्जैन में गयाकोठा, बावनकुंड के साथ ही पंचक्रोशी यात्रा के मार्ग में अभियान के तहत हो रहे कार्यों की जानकारी दी गई। बैठक में विभिन्न जिलों में पौधरोपण गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में नवाचार करने वाले और सक्रियता से कार्य करने वाले जिलों की प्रशंसा की। पेयजल प्रबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल प्रबंध कार्यों की जानकारी विस्तार से प्राप्त की। उन्होंने हर जिले में प्रत्येक बसाहट में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिए। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।       

दीपावली तक 17.5 किमी रूट पर दौड़ने लगेगी मेट्रो रेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रायोरिटी कारिडोर का निरीक्षण किया

इंदौर इंदौर में 5.9 किमी लंबे सुपर प्रायोरिटी कारिडोर पर सीएमआरएस से मेट्रो रेल चलाने की अनुमति मिल चुकी है। अब कमर्शियल रन की तैयारी की जा रही है। इसी के तहत शनिवार को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रायोरिटी कारिडोर का निरीक्षण किया। उन्होंने सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ मेट्रो का सफर किया। अधिकारियों ने सभी यात्री सुविधाओं से अवगत कराया। निरीक्षण के बाद विजयवर्गीय ने कहा कि जल्द ही मेट्रो रेल की सुविधा मिलेगी। दीपावली तक 17.5 किमी मार्ग पर रेल दौड़ने लगेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। गांधीनगर स्टेशन से लेकर सुपर कारिडोर स्टेशन-3 तक मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारी अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। मंत्री विजयवर्गीय ने गांधी नगर स्टेशन की टिकट खिड़की से मेट्रो का पहला टिकट लिया। स्वचालित डोर टिकट के माध्यम से ऊपर पहुंचे। लगेज चेकिंग मशीन और अन्य सुविधाओं का अवलोकन किया। एस्केलेटर से ऊपर पहुंचकर मेट्रो में सवार हुए। गांधीनगर स्टेशन से मेट्रो 11:45 पर रवाना हुई। करीब पांच किमी की दूरी तय कर 11.58 बजे सुपर कारिडोर स्टेशन-3 पहुंची। मंत्री विजयवर्गीय चालक कक्ष में भी पहुंचे। यहां चालक गणेश देशमुख से मेट्रो के संचालन की जानकारी ली और अनाउंसमेंट व अन्य सुविधाओं को समझा। इस दौरान नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, मेट्रो के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य, निदेशक सिस्टम शोभित टंडन, निदेशक प्रोजेक्ट अजय गुप्ता मौजूद रहे। इंदौरियों के लिए बनेगी आकर्षण मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मेट्रो का उद्घाटन होने के साथ संचालन शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआत में प्रायोरिटी कारिडोर पर ही मेट्रो का संचालन होगा, लेकिन यह इंदौरियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। शुरू में लोग मेट्रो में सफर से अधिक इसे देखने और अनुभव करने के लिए आएंगे। यह मेट्रो शहरवासियों को यातायात की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगी। 17.5 किमी मार्ग पर परीक्षण की तैयारी मंत्री विजयवर्गीय ने निरीक्षण के बाद बताया कि मेट्रो का कार्य तेज गति से जारी है। दीपावली तक पहले चरण के 17.5 किमी रूट पर मेट्रो का संचालन शुरू कर देंगे। इस रूट पर ट्रायल की तैयारी की जा रही है। दूसरे चरण में भूमिगत लाइन करने को लेकर सर्वे किया जा रहा है। एमजी रोड से पहले कहीं मेट्रो रेल को भूमिगत किया जाएगा। मेट्रो स्टेशन से जोड़ेंगे सिटी बसें कमर्शियल रन से पहले मेट्रो स्टेशन से सिटी बसों की कनेक्टिविटी की योजना भी बनाई जा रही है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव इस बात की कोशिश कर रहे हैं कि शहर की बसों को मेट्रो से अच्छी तरह जोड़ा जाए। सिटी बसों के अलावा जरूरत पड़ने पर ई-रिक्शा को भी मेट्रो स्टेशन तक पहुंच दी जाएगी। मेट्रो स्टेशन के आसपास पार्किंग बनाने की योजना पर भी काम हो रहा है।  

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