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यात्रियों को 31 मार्च से नवा रायपुर के लिये नियमित रूप से ट्रेन की सुविधा मिलनी शुरू हो जायेगी, PM 30 को दिखाएंगे हरी झंडी

 रायपुर नए कलर लुक में तैयार की गई ये ट्रेन रायपुर से अभनपुर के बीच चलेगी। सिर्फ 10 रुपए की टिकट में ये ट्रेन लोगों को आधे घंटे में रायपुर से नवा रायपुर और अभनपुर पहुंचा देगी। इस ट्रेन को 30 मार्च के दिन PM नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, PM मोदी 30 मार्च की दोपहर रायपुर आएंगे। यहां से बिलासपुर के मोहभाठा में सभा लेंगे। इस कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के लिए 33 हजार 700 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और भूमिपूजन करेंगे, इसी कड़ी में इस रेलवे के प्रोजेक्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा। रायपुर से नवा रायपुर 32 मिनट में इस ट्रेन से रायपुर रेलवे स्टेशन से नवा रायपुर के CBD रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को 32 मिनट लगेगा। आगे ये ट्रेन आगे केंद्री और अभनपुर स्टेशन भी जाएगी। नई रेल सेवा के तहत रायपुर से अभनपुर के बीच ये मेमू ट्रेन चलाई जाएगी, जिसमें रायपुर आरवी ब्लॉक हाट, मंदिर हसौद, उद्योग नगर, सीबीडी, मेला ग्राउंड केंद्री और अभनपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव होगा। ऐसा है नवा रायपुर का रेलवे स्टेशन 75 करोड़ रुपए की लागत से सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट एरिया (CBD) रेलवे स्टेशन बनकर तैयार है। यह छत्तीसगढ़ का पहला रेलवे स्टेशन है, जिसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यानि स्टेशन के ऊपरी हिस्से में बाजार सजेगा और नीचे पटरियों पर ट्रेन दौड़ेगी। स्टेशन का उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कर चुके हैं। बता दें कि नवा रायपुर में CBD के अलावा नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) 4 रेलवे स्टेशन का निर्माण कर रहा है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभनपुर से रायपुर तक निरीक्षण वैन से यात्रा कर रेलवे ट्रैक और अन्य सुविधाओं की पूरी तरह से जांच की। कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लोगों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक (रायपुर) दयानंद ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए अधिनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।   उन्होंने कहा कि इस नई रेल सेवा के शुरू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। एसएसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह ने कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने के लिये पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है। ये हैं ट्रेन का स्टॉपेज नई रेल सेवा के तहत रायपुर से अभनपुर के बीच मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन रायपुर आरवी ब्लॉक हाट से शुरू होकर , मंदिर हसौद, उद्योग नगर, सीबीडी, मेला ग्राउंड केंद्री और अभनपुर रेलवे स्टेशन तक जायेगी। इस सिलसिले में नया रायपुर अटल नगर में तैयार किए गए सीबीडी रेलवे स्टेशन में यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।  स्टेशन के आसपास ये सुविधाएं इस स्टेशन के आस-पास 5.3 किलोमीटर में स्मार्ट सड़क, दूसरे इन्फ्रास्ट्रक्चर 35.25 करोड़ की लागत से तैयार किए गए हैं। इसके अलावा 100 बस, 148 कार, टैक्सी और लगभग 250 दोपहिया गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा 23.12 करोड़ की लागत से डेवलप की गई है। वर्चुअली उद्घाटन करेंगे PM मोदी बिलासपुर से प्रधानमंत्री वर्चुअली रायपुर के रेलवे प्रोजेक्ट लॉन्च करेंगे। जानकारी के मुताबिक करीब 3.30 बजे PM मोदी ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां PM 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली 7 रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। वहीं, 2,690 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे के रेल नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण को भी समर्पित करेंगे। कलेक्टर SSP इंस्पेक्शन ट्रेन में हुए सवार शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और SSP लाल उमेद सिंह ने रेलवे के सीनियर अधिकारियों के साथ अभनपुर से रायपुर तक इंस्पेक्शन वैन से यात्रा की। अफसरों ने स्टेशन पर लोगों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक (रायपुर) दयानंद ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस नई रेल सेवा के शुरू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। रायपुर से नवा रायपुर 32 मिनट में ट्रेन से रायपुर रेलवे स्टेशन से नवा रायपुर के CBD रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को 32 मिनट लगेगा। आगे ये ट्रेन आगे केंद्री और अभनपुर स्टेशन भी जाएगी। नई रेल सेवा के तहत रायपुर से अभनपुर के बीच ये मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। इसमें रायपुर आरवी ब्लॉक हाट, मंदिर हसौद, उद्योग नगर, सीबीडी, मेला ग्राउंड केंद्री और अभनपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव होगा। ऐसा है नवा रायपुर का रेलवे स्टेशन 75 करोड़ रुपए की लागत से सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट एरिया (CBD) रेलवे स्टेशन बनकर तैयार है। यह छत्तीसगढ़ का पहला रेलवे स्टेशन है, जिसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यानी स्टेशन के ऊपरी हिस्से में बाजार सजेगा और नीचे पटरियों पर ट्रेन दौड़ेगी। स्टेशन का उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कर चुके हैं। इसे नवा रायपुर में CBD के अलावा नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) 4 रेलवे स्टेशन का निर्माण कर रहा है। ऐसा होगा ट्रेन का शैड्यूल 30 मार्च को गाड़ी संख्या 08835 अभनपुर – रायपुर इनॉग्रल मेमू पैसेंजर स्पेशल 8 कोच के साथ अभनपुर से 15:30 बजे रवाना होगी। केंद्री, 15:38 बजे, सीबीडी 15:52 बजे, मंदिर हसौद 16:10 बजे, रायपुर 16.55 बजे पहुंचेगी। 31 मार्च से रायपुर अभनपुर रायपुर के बीच सुबह और शाम को 2 मेमो स्पेशल ट्रेनों की सुविधा यात्रियों को मिलेगी। (1) 68760/ 68761 रायपुर अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर गाड़ी संख्या 68760 रायपुर अभनपुर मेमू पैसेंजर रायपुर से 9:00 बजे रवाना होकर 9:18 बजे मंदिर हसोद 9:32 बजे सीबीडी 9:50 बजे केंद्रीय 10:10 बजे अभनपुर पहुंचेगी। यह गाड़ी वापसी में गाड़ी संख्या 68761 अभनपुर रायपुर पैसेंजर अभनपुर से 10:20 बजे रवाना होकर केंद्री 10:28 बजे सीबीडी, 10:42 बजे मंदिर हसौद 11:00 बजे रायपुर 11:45 बजे पहुंचेगी। (2) 68762/68763 रायपुर अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर गाड़ी संख्या 68762 रायपुर अभनपुर मेमू पैसेंजर रायपुर से 16:20 बजे रवाना होकर 16:38 बजे मंदिर हसौद,16.52 बजे सीबीडी, 17:10 बजे केंद्री, 17:30 बजे अभनपुर पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 68763 अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर अभनपुर से 18:10 बजे रवाना होकर 18:18 केंद्री, 18:32 बजे सीबीडी, 18:45 बजे मंदिर हसौद, 19:20 बजे रायपुर पहुंचेगी।

जयपुर : असामाजिक तत्वों ने खंडित की वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति, SP ने प्रदर्शनारियों को दी ये चेतावनी

जयपुर ​जयपुर के सांगानेर क्षेत्र के प्रतापनगर सेक्टर-3 में वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना सामने आई है. इससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके नतीजे में उन्होंने जयपुर-टोंक रोड पर जाम लगाया, बाजार बंद करवाए और टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस घटना की निंदा करते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नर से दोषियों को शीघ्र पकड़कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों द्वारा ऐसी हरकत करना जन-आस्था के साथ खिलवाड़ है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने मार्च 2023 में वीर तेजाजी कल्याण बोर्ड के गठन की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य समाज की स्थिति का जायजा लेना और उनके पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सुझाव देना है. इसके अलावा, अप्रैल 2023 में बाड़मेर जिले के तिलक नगर में वीर तेजाजी महाराज की प्रतिमा हटाने के प्रयास के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए थे. वर्तमान में, जयपुर की घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास कर रहा है. सांसद हनुमान बेनीवाल की सख्त चेतावनी जयपुर में प्रताप नगर के सेक्टर 3 में लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ने की जानकारी संज्ञान में आई, मैंने जयपुर पुलिस कमिश्नर से मूर्ति को तोड़ने वाले बदमाशों का शीघ्रता से पता लगाकर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने के संदर्भ में बात की है, असामाजिक तत्वों द्वारा ऐसी हरकत करना जन -आस्था के साथ खिलवाड़ है, लाखों -करोड़ों लोगों की आस्था तेजाजी में है और आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।     जयपुर में प्रताप नगर के सेक्टर 3 में लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ने की जानकारी संज्ञान में आई,मैने जयपुर पुलिस कमिश्नर से मूर्ति को तोड़ने वाले बदमाशों का शीघ्रता से पता लगाकर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने के संदर्भ में बात की… विश्व हिंदू परिषद ने पुलिस को दिया अल्टीमेटम वहीं, विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री विष्णु शर्मा ने बताया कि यह तेजाजी का मंदिर वर्षों पुराना स्थान है, इसकी आस्था हिंदू समाज के लाखों लोगों में है। यहां हर साल मेला भरता है। उन्होंने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने तेजाजी की मूर्ति को खंडित किया है। इससे लोगों की धार्मिक भावना आहत हुई है, इसलिए विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम किया है। जब तक पुलिस प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता, लोग सड़कों पर रहेंगे। हमने इसके लिए पुलिस प्रशासन को 12 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, वहीं पुलिस ने भी 12 घंटे का समय दिया है। पुलिस खंगाल रही है आसपास के CCTV फुटेज बताते चले कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। जयपुर पुलिस ने कहा कि हम मंदिर में लगे CCTV फुटेज खंगाल रहे हैं और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। एसपी तेजस्विनी गौतम ने धरनास्थल पहुंचकर लोगों से समझाइश की। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी यह कृत्य सोच-समझकर किया है या फिर असमाजिक तत्वों ने ऐसा किया है, उन्हें जल्द ही पकड़ा जाएगा। एसपी ने हंगामा कर रहे लोगों से कहा कि सबसे पहले आप धरनास्थल से हटो, जिससे हम आरोपियों को पकड़ने में पूरा ध्यान फोकस कर सकें। साथ ही लोगों की मांग पर उन्होंने कहा कि जल्द ही तेजाजी की ऐसी ही प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का प्रदर्शन घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और जयपुर-टोंक रोड को जाम कर दिया। लोगों की मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। CCTV फुटेज की कर रही जांच स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिससे आरोपियों की पहचान हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी की जाएगी। 12 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमितोष पारीक ने बताया कि, यह तेजाजी का ऐतिहासिक स्थान है, जहां हर साल मेला लगता है। उन्होंने कहा कि, धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और जब तक प्रशासन ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं देता, तब तक लोग सड़कों पर डटे रहेंगे। पुलिस ने 12 घंटे में कार्रवाई का भरोसा दिया है। सड़क जाम, ट्रैफिक डायवर्ट प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के सामने जयपुर-टोंक रोड को ब्लॉक कर दिया। सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया गया। पिंजरापोल गौशाला के सामने ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। सांगानेरी पुलिया के नीचे से भी यातायात को मोड़ा गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति को जल्द सामान्य किया जा सके। सांसद और विधायकों ने की न्यायिक जांच की मांग इस घटना पर सांसद हनुमान बेनीवाल और विधायक विकास चौधरी व रामनिवास गावाड़िया ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने धार्मिक भावनाओं को आहत करने की साजिश बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। बाजार हुआ बंद घटना के विरोध में सांगानेर क्षेत्र के कई व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। प्रताप नगर सेक्टर-3 के बाजार भी बंद रहे। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। शहर में बढ़ा तनाव, सांगानेर में बाजार बंद घटना के विरोध में सांगानेर क्षेत्र में कई संगठनों ने प्रदर्शन किया और प्रताप नगर सेक्टर-3 के बाजार भी बंद कर दिए गए।  पिंजरापोल गौशाला के … Read more

सीएम साय बोले, ‘क्रूर, निरंकुश नक्सलवाद का अंत निकट, 2026 तक भयमुक्त होगा प्रदेश

रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में आज हुई मुठभेड़ में अब तक 16 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। इस ऑपरेशन में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के दो जवान घायल हुए हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऑपरेशन की सफलता पर जवानों की बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘X’ पर लिखा, नक्सलवाद के नासूर को खत्म करने की दिशा में छत्तीसगढ़ के बढ़ते कदम… सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में सुरक्षाबलों की नक्सलियों के साथ आज जारी मुठभेड़ में अब तक 16 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। मुठभेड़ में डीआरजी के 2 जवान के घायल होने की खबर है। ईश्वर से शीघ्रातिशीघ्र उनके स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ। मानवता विरोधी नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों की मांद में घुसकर उसको जड़ से खत्म करने का काम कर रहे हैं। निश्चित ही जवानों को मिली यह कामयाबी सराहनीय है, उनकी बहादुरी को नमन करता हूं। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के संकल्प के अनुरूप हमारा छत्तीसगढ़ 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  नक्सलियों ने 4 अप्रैल को बंद बुलाया माओवादियों का कहना है कि हजारों सुरक्षाकर्मी उनके मुख्य इलाकों में घुसकर कार्रवाई कर रहे हैं। वेस्ट बस्तर डिवीजन के प्रवक्ता मोहन ने एक प्रेस नोट जारी किया है। उन्होंने कहा है कि माओवादियों ने हालिया अभियानों के विरोध में 4 अप्रैल को ‘बंद’ का आह्वान किया है। आंकड़ों के मुताबिक एक साल में अब तक 410 नक्सली मारे जा चुके हैं। हालात ये हैं कि जंगल में जवानों के बूट की आवाज सुनते ही नक्सली कांपने लगते हैं। जवान भी काल बनकर नक्सलियों के ऊपर मंडरा रहे हैं। मारे गए दर्जनों नक्सली माओवादियों ने अपने बयान में कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारें 31 मार्च, 2026 तक माओवादी आंदोलन को पूरी तरह से खत्म करने का दावा कर रही हैं। इन हमलों को उसी का हिस्सा माना जा रहा है। 20 मार्च को हुई मुठभेड़ में मारे गए 26 नक्सलियों में से 24 के नाम ‘शहीद’ के रूप में उनकी रैंक के साथ जारी किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने 40 ग्रामीणों को नक्सली समर्थक बताकर गिरफ्तार किया है। संयुक्त अभियान पर निकली थी टीम सुकमा पुलिस ने बताया कि केरलापाल क्षेत्र में नक्सलियों की सूचना पर 28 मार्च को डीआरजी और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जवानों ने नक्सलियों को चारों तरफ से घेर लिया। इसी जगह कलेक्टर को बनाया था बंधक केरलापाल वही जगह है जहां नक्सलियों ने पहले कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन को बंधक बना लिया था। उन्हें छुड़ाने के लिए नक्सलियों से बात करनी पड़ी थी। मारा गया था 25 लाख इनामी इससे पहले 25 मार्च को सुरक्षाबलों ने 25 लाख रुपए के इनामी नक्सली सुधीर उर्फ सुधाकर समेत 3 नक्सलियों को मार गिराया था। मारे गए नक्सलियों के पास विस्फोटक बरामद हुआ था। तलाशी में मिली एके-47, इंसास समेत कई हथियार मुठभेड़ स्थल से जवानों को 10 से ज्यादा एके-47, इंसास राइफल और एसएलआर जैसे हथियार मिले हैं। इससे पता चलता है कि वहां नक्सलियों के बड़े नेता मौजूद थे। ऐसे में और भी बड़े नक्सलियों के मारे जाने की आशंका है। अभी पतझड़ का मौसम चल रहा है, जिससे नक्सली इलाकों में तलाशी अभियान चलाना मुश्किल होता है। पत्तों के गिरने से जवानों के आने की खबर नक्सलियों को लग जाती है। 14 महीनों में 333 नक्सली ढेर, ऑपरेशन तेज छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान को और तेज कर दिया है। पिछले 14 महीनों में 63 मुठभेड़ों में 333 नक्सली मारे जा चुके हैं। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों को कई अहम दस्तावेज भी मिले हैं, जो नक्सली संगठनों के खिलाफ रणनीति बनाने में मददगार साबित हो रहे हैं। नक्सलवाद का खात्मा बस्तर के विकास की ओर एक बड़ा कदम गौरतलब है कि नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद बस्तर की जनता को शांति और सुरक्षा का अनुभव होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बस्तर का विकास तेजी से होगा। छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों का यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य पूरी तरह नक्सल मुक्त नहीं हो जाता।

गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुंबई इंडियंस आज होगी भिड़ंत, दोनों टीमें अपनी पहली जीत की तलाश में हैं

अहमदाबाद कप्तान हार्दिक पंड्या की एक मैच के प्रतिबंध के बाद बहुप्रतीक्षित वापसी शनिवार को यहां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टी20 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ होने वाले मैच में मुंबई इंडियंस की टीम को जरूरी संतुलन प्रदान करेगी। दोनों टीमें मौजूदा सत्र में अपनी पहली जीत की तलाश में हैं। चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ मुंबई इंडियंस आईपीएल सत्र के शुरुआती मैच में हारने के अपने लंबे समय से चले आ रहे मिथक को नहीं तोड़ सकी। चेन्नई ने इस मैच को आसानी से चार विकेट से अपने नाम किया। दूसरी तरफ गुजरात टाइटंस ने पंजाब किंग्स के खिलाफ बड़े स्कोर वाला मैच को 11 रन से गंवा दिया। मुंबई इंडियंस ने पहले और दूसरे मैच के बीच लगभग एक सप्ताह के अंतराल के दौरान रिलायंस की जामनगर स्थित सुविधा में कुछ दिन बिताए। टीम ने यहां आराम करने के साथ आपसी समझ बढ़ाने वाली गतिविधियों पर ध्यान दिया। टूर्नामेंट अभी अपने शुरुआती दिनों में ही है लेकिन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के बिना मुंबई की गेंदबाजी इकाई संघर्ष करते हुए दिखी। इस दौरान पहले मैच में नियमित कप्तान पंड्या की गैरमौजूदगी ने टीम के लिए चीजों को और मुश्किल कर दिया। हार्दिक भारतीय क्रिकेट में मौजूदा समय में इकलौते तेज गेंदबाजी हरफनमौला है। वह गेंद और बल्ले दोनों में किसी एक से भी मैच पर बड़ा प्रभाव डालने की क्षमता रखते हैं। उनकी वापसी का मतलब है कि रॉबिन मिंज को शायद बाहर बैठना होगा। मिंज अपने पहले मैच में चेन्नई के खिलाफ चेपॉक मैदान की मुश्किल पिच पर संघर्ष करते दिखे। टीम को हालांकि शनिवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मैच खेलना है जहां परिस्थितियां पूरी तरह से बल्लेबाजी के अनुकूल दिखी है। इस मैदान पर पंजाब किंग्स (243) और गुजरात टाइटंस (232) के बीच खेले गये पिछले मैच में 475 रन बने थे। बल्लेबाजी के लिए आसान पिच पर गुजरात के लिए तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का प्रदर्शन अहम होगा। वह पिछले कुछ समय से लय में नहीं है और पंजाब के खिलाफ उन्होंने 54 रन लुटा दिये। प्रसिद्ध कृष्णा भी इस मैच में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। गुजरात की टीम में भारत के अनुभवी तेज गेंदबाजों की कमी है और मुख्य कोच आशीष नेहरा के लिए यह चिंता की बात होगी। कैगिसो रबाडा और राशिद खान जैसे दिग्गज विदेशी खिलाड़ियों पर रन रोकने के साथ-साथ विकेट लेने का दबाव पर बहुत अधिक है। मुंबई के लिए भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और टेस्ट तथा एकदिवसीय कप्तान रोहित शर्मा की मौजूदा लय चिंता का सबब है। हार्दिक की वापसी से टीम की बल्लेबाजी को गहराई मिलेगी जबकि जरूरत पड़ने पर वह नयी गेंद से गेंदबाजी आक्रमण की शुरुआत भी कर सकते है। मुंबई इंडियंस की एक और समस्या विकेटकीपर बल्लेबाज की है। टीम रयान रिकलेटन पर बहुत अधिक निर्भर है क्योंकि रॉबिन मिंज के पास इस स्तर के क्रिकेट का ज्यादा अनुभव नहीं है। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ स्पिनरों की मददगार पिच पर कलाई के वामहस्त स्पिनर विग्नेश पुथुर ने अपनी प्रतिभा से प्रभावित किया। लेकिन उनकी असली परीक्षा गुजरात टाइटंस के खिलाफ बल्लेबाजी के लिए आसान पिच पर होगी। गुजरात टाइटंस को अच्छी शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी कप्तान शुभमन गिल पर होगी। पिछले मैच में पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज विजयकुमार वैशाख ने जिस तरह से शेरफेन रदरफोर्ड को वाइड यॉर्कर या वाइड लो फुल-टॉस से परेशान किया उसे देखते हुए गुजरात की टीम ग्लेन फिलिप्स को मौका दे सकती है। फिलिप्स आक्रामक बल्लेबाजी के साथ ऑफ-स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं। गिल के लिए गेंदबाजी चिंता का विषय होगी क्योंकि अधिकांश भारतीय गेंदबाज (सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और अनुभवी इशांत शर्मा) एक ही तरह की गेंदबाजी करते है। टीमें : गुजरात टाइटंस : जोस बटलर, शुभमन गिल, साई सुदर्शन, ग्लेन फिलिप्स, शाहरुख खान, वॉशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, राशिद खान, रविश्रीनिवासन साई किशोर, कागिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, इशांत शर्मा, जयंत यादव, महिपाल लोमरोर, करीम जनत, कुलवंत खेजरोलिया, अनुज रावत, गेराल्ड कोएट्जी, शेरफेन रदरफोर्ड, मानव सुथार, कुमार कुशाग्र, अरशद खान, गुरनूर बरार, निशांत सिंधु मुंबई इंडियंस : हार्दिक पंड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, रॉबिन मिंज, रयान रिकेलटन (विकेटकीपर), श्रीजीत कृष्णन (विकेटकीपर), बेवोन जैकब्स, तिलक वर्मा, नमन धीर, विल जैक्स, मिशेल सेंटनर, राज अंगद बावा, विग्नेश पुथुर, कॉर्बिन बॉश, ट्रेंट बोल्ट, कर्ण शर्मा, दीपक चाहर, अश्विनी कुमार, रीस टॉपले, वीएस पेनमेत्सा, अर्जुन तेंदुलकर, मुजीब उर रहमान, जसप्रीत बुमराह समय : शाम 07:30 बजे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 साल के अपने कार्यकाल मे पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय जाएंगे

नागपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 साल के अपने कार्यकाल मे पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय जाएंगे। नागपुर में संघ का मुख्यालय रेशमबाग में स्थित है। पीएम मोदी वैसे तो इन सालों में कई बार नागपुर के दौरे पर पहुंचे हैं लेकिन वह पहली बार रेशमबाग स्थित संघ मुख्यालय जाएंगे। पीएम मोदी के दौरे को लेकर नागपुर में चाकचौबंद तैयारियां की गई है। इस महीने 17 मार्च को नागपुर के महल इलाके में हिंसा और दंगों को देखते हुए पीएम मोदी की सुरक्षा की अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। बतौर प्रधानमंत्री पहली बार संघ मुख्यालय जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं छिड़ी हुई हैं। पीएम मोदी 30 मार्च को नागपुर पहुंचेंगे। पीएम मोदी अक्टूबर, 2001 में सीएम बने थे, लेकिन वह इसके बाद से कभी संघ मुख्यालय नहीं गए हैं। वह 1972 में प्रचारक बने थे। 1987 में वह भाजपा में शामिल हुए। बाद में वरिष्ठ नेताओं की ओर से मोदी को पार्टी में बड़ी जिम्‍मेदारी मिली थी। अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार पीएम मोदी ने संघ मुख्यालय का आखिरी दौरा बतौर प्रचारक ही किया था। जानें क्या है पूरा कार्यक्रम आधिकारिक कार्यक्रम के हिंदू नववर्ष के शुभारम्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिपदा कार्यक्रम के साथ प्रधानमंत्री स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे और आरएसएस के संस्थापकों को श्रद्धांजलि देंगे। वह सुबह करीब 9 बजे स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे, फिर दीक्षाभूमि जाएंगे। सुबह करीब 10 बजे वे नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर का नया विस्तार भवन है। 2014 में स्थापित यह संस्थान नागपुर में स्थित एक प्रमुख सुपर-स्पेशलिटी नेत्र चिकित्सा केंद्र है। संस्थान की स्थापना गुरुजी श्री माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की स्मृति में की गई थी। आगामी परियोजना में 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे, जिसका उद्देश्य लोगों को सस्ती और विश्व स्तरीय नेत्र उपचार सेवाएं प्रदान करना है। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12:30 बजे नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में यूएवी के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन टेस्टिंग रेंज और रनवे सुविधा का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी इसके बाद छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे। 2007 में आए थे बाजपेयी गुढ़ीपाड़वा के मौके पर प्रधानमंत्री के नागपुर आगमन को लेकर काफी ज्यादा अलर्ट है। बीजेपी की तरफ से उनके स्वागत की अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं। पीएम मोदी के एयरपोर्ट पर आगमन से लेकर स्मृति मंदिर रेशिमबाग, दीक्षाभूमि, माधव नेत्रालय कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुढ़ीपाड़वा को महाराष्ट्र में नए साल के तौर पर मनाया जाता है। 2007 में अटल बिहारी बाजपेयी ने डॉ. हेडगेवार स्मारक स्मृति मंदिर का दौरा किया था। तब वे प्रधानमंत्री नहीं थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रचारक के तौर पर रेशिमबाग आ चुके हैं लेकिन बतौर प्रधानमंत्री पहली बार वह संघ मुख्यालय जाएंगे। इसको लेकर राजनीतिक तौर पर अटकलों का बाजार गर्म और कौतूहल है। उनके इस दौरे को काफी ज्यादा अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह पहली बार बतौर पीएम रेशिमबाग में प्रवेश करेंगे। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ संघ का शीष नेतृत्व मौजूद रहेगा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा संभालने वाली एसपीपी ने तमाम प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए तैयारियों को पूरा कर लिया है।

म्‍यांमार और थाइलैंड में विनाशकारी भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा 1000 के पार, भारत ने भेजी राहत सामग्री

नेपीडा  म्यांमार और पड़ोसी देश थाईलैंड में शुक्रवार आए शक्तिशाली भूकंप में मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों को मिलकर 1000 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अमेरिकी भूगर्भ एजेंसी ने 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका जताई है। समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक म्यांमार के अधिकारियों ने बताया है कि विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या शनिवार सुबह बढ़कर 1000 हो गई है, जबकि 2300 लोग घायल हुए हैं। हालांकि बैंकॉक के अधिकारियों ने शुक्रवार को थाईलैंड में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या अब कम कर दी है। थाईलैंड ने मरने वालों की संख्या को लेकर अपडेट रिपोर्ट दी है, जिसमें 6 लोगों की मौत की रिपोर्ट दी गई है। वहीं 22 लोगों को घायल और 101 लोगों को लापता बताया गया है। इससे पहले शुक्रवार को मरने वालों का आंकड़ा 10 था। हालांकि थाईलैंड की राजधानी को आपदा क्षेत्र घोषित किया गया है। जबकि म्यांमार की तानाशाह सेना ने भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल लागू कर दिया है। म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने देश की सरकारी टेलीविजन पर कहा है कि उन्होंने “किसी भी देश” को मदद और दान देने के लिए आमंत्रित किया है। इसके अलावा उन्होंने भी आशंका जताई है की भूकंप की वजह से भारी संख्या में लोगों की जान गई होगी। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने बताया कि भूकंप की गहराई 10 किमी थी। USGS ने आज सुबह अपनी ताजा रिपोर्ट में 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका जताई है। मुश्किल वक्त में भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया है। इसके तहत भारत सरकार ने भीषण भूकंप से प्रभावित म्यांमार के लोगों की सहायता के लिए तुरंत ही कदम उठाए हैं। टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाद्य पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और आवश्यक दवाओं सहित 15 टन राहत सामग्री लेकर हमारा हेलीकॉप्टर यांगून पहुंचा है। 15 टन राहत सामग्री भेजी गई यांगून विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ये जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि भारत से भेजी मदद की पहली खेप यांगून पहुंच गई है। इससे पहले AFS हिंडन से भारतीय वायुसेना का सी 130 जे विमान राहत सामग्री के साथ म्यांमार के लिए उड़ान भरा था। इस विमान में लगभग 15 टन राहत सामग्री म्यांमार भेजी गई। जिसमें टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन, वाटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट, आवश्यक दवाएं (पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, कैनुला, सीरिंज, दस्ताने, कॉटन बैंडेज, मूत्र बैग आदि) शामिल हैं। म्यांमार भूकंप: जुंटा की सूचना टीम के एक बयान में कहा गया है कि शुक्रवार के उथले 7.7 तीव्रता के भूकंप में 1,002 लोगों की मौत हो गई है, और 2,376 घायल हुए हैं। बैंकॉक मेट्रो और लाइट रेल का अधिकांश हिस्सा सामान्य रूप से फिर से शुरू हो गया है। बैंकॉक मेट्रो और लाइट रेल के ऑपरेटरों के अनुसार, शनिवार की सुबह ज़्यादातर मेट्रो और लाइट रेल सेवाएं सामान्य रूप से चलने लगी थीं। हालाँकि, दो लाइट रेल लाइनें अभी भी बंद हैं और उनकी जाँच चल रही है। शुक्रवार को म्यांमार में एक ज़ोरदार भूकंप आया। इससे काफ़ी नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। अभी तक 140 से ज़्यादा लोगों की मौत की खबर है। पड़ोसी देश थाईलैंड में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। बैंकॉक में एक निर्माणाधीन ऊँची इमारत गिर गई थी। म्यांमार में भूकंप से भारी तबाही म्यांमार में शुक्रवार को आए भूकंप ने भयानक तबाही मचाई है। कई जगह पर बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों को नुकसान पहुंचा है। पूरे देश में हालात बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। ऐसे में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए भारत आगे आया है। भारत ने 15 टन से ज्यादा राहत सामग्री यांगून भेज दी है। यह मदद IAF के C-130J विमान से भेजी गई। इस विमान ने एयर फोर्स स्टेशन हिंडन से उड़ान भरा। चश्मदीदों ने भयानक भूकंप को लेकर क्या बताया? भूकंप को लेकर चश्मदीदों ने बताया है कि अचानकर इमारतें जोर-जोर से हिलने लगी और अफरा-तफरी मच गई। हजारों लोग सड़क पर आ गये। सभी लोग बदहवाश थे। बैंकॉक में लोग अपने अपने दफ्तरों, घरों और मॉल से बाहर निकल आए। छतों पर बने पूल से पानी बह रहा था और लोग बुरी तरह से डरे हुए थे। उस वक्त भूकंप के झटके लगातार आ रहे थे। बैंकॉक में एक स्कॉटिश पर्यटक ने कहा कि “अचानक पूरी इमारत हिलने लगी। लोग चीख-चिल्ला रहे थे और इधर-उधर भाग रहे थे।” सोशल मीडिया पर म्यांमार के मांडले से कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें टूटे घर और टूटी इमारतें देखी जा सकती हैं। म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध के कारण मौतों का असली आंकड़ा शायद पूरी तरह से कभी सामने नहीं आ पाए। इसके अलावा गृहयुद्ध ने राहत-बचाव कार्यों को और भी मुश्किल बना दिया है। इसके अलावा बीबीसी की रिपोर्ट में जेल अधिकारियों के एक करीबी सूत्र के बताया है कि म्यांमार की जेल में बंद नेता आंग सान सू पूरी तरह से सुरक्षित हैं। भूकंप का उनपर कोई असर नहीं पड़ा है और वे राजधानी नेपीडा की जेल में ही हैं। आपको बता दें कि 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से आंग सान सू को गिरफ्तार कर लिया गया था और अलग अलग मामलों में उन्हें 50 सालों से ज्यादा की जेल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा चीन ने कहा है कि उसने 37 लोगों की एक आपदा प्रतिक्रिया टीम को म्यांमार में राहत और बचाव कार्य में सहायता करने के लिए म्यांमार में भेज दिया है। चीनी शहर युन्नान से भेजी गई यह टीम भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली, ड्रोन और पोर्टेबल सैटेलाइट सहित आपातकालीन बचाव उपकरणों के 112 सेट लेकर आई है। भारत ने भेजीं ये जरूरी चीजें राहत सामग्री में कई जरूरी चीजें शामिल हैं। टेंट और स्लीपिंग बैग लोगों को रहने के लिए जगह देंगे। कंबल उन्हें ठंड से बचाएंगे। तैयार भोजन और पानी शुद्ध करने वाले उपकरण खाने-पीने की समस्या दूर करेंगे। स्वच्छता किट लोगों को साफ रहने में मदद करेंगे। सोलर लैंप और जेनरेटर सेट रोशनी … Read more

मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र में लोकमाता की जन्मस्थली में कार्यक्रम के दिए निर्देश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के समापन कार्यक्रम 29 से 31 मई तक होंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की प्रतीक देवी अहिल्याबाई के सम्मान में महेश्वर में केबिनेट, चित्र प्रदर्शनियां, नाट्य मंचन के बाद अब होगा लाइट एंड साउंड शो मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र में लोकमाता की जन्मस्थली में कार्यक्रम के दिए निर्देश महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रारंभ करें महेश्वरी साड़ी बिक्री केन्द्र मंत्रालय में हुई लोकमाता की 300वीं जयंती की आयोजन समिति की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई के कार्यों से नई पीढ़ी को अवगत करवाने के लिए विविध आयोजनों के साथ ही सामान्य ज्ञान स्पर्धा भी आयोजित की जाए। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर गत एक वर्ष में महेश्वर में केबिनेट के आयोजन, बटालियन का नामकरण देवी अहिल्या बाई के नाम पर करने, नाट्य मंचन और चित्र प्रदर्शनी जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी अहिल्या बाई की महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित जन्मस्थली में भी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये। स्कूली पाठ्यक्रम में लोकमाता के जीवन का विवरण शामिल किया गया है। विद्यालयों में बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, इंदौर विश्वविद्यालय में देवी अहिल्या शोध पीठ की स्थापना और लोकमाता के अप्रकाशित पत्रों का प्रकाशन भी किया गया है। लोकमाता के जीवन से जुड़े स्थानों महेश्वर, चित्रकूट, ओरछा, इंदौर, जानापाव, उज्जैन, ममलेश्वर, ओंकारेश्वर, गौमुखघाट, अमरकंटक, बड़वानी, मंदसौर, शिवपुरी आदि स्थानों पर लोक गायन, लोक नृत्य और नृत्य नाटिकाएं गत सितम्बर से फरवरी 2025 तक की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार की शाम मंत्रालय में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जयंती के आयोजन के लिए गठित समारोह समिति की बैठक में बताया गया कि आगामी 31 मई को लोकमाता पर केन्द्रित स्मारिका का लोकार्पण प्रस्तावित है। इसके साथ ही 29 से 31 मई तक लोकमाता की 300वीं जयंती के वृहद समापन समारोह के अंतर्गत राजधानी भोपाल सहित विभिन्न स्थानों पर तीन दिवसीय कार्यक्रम होंगे। कई राज्यों में हुए थे लोकमाता के जनकल्याण कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ ही लोकमाता के जनकल्याण के कार्य क्षेत्र में महाराष्ट्र, हरियाणा, उड़ीसा, कर्नाटक, गुजरात, बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और अनेक स्थान रहे हैं। महेश्वरी साड़ी को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर बिक्री केन्द्र प्रारंभ किए जाएं। प्रदेश में महेश्वर साड़ी के निर्माण में महिलाओं को हाथकरघा बुनाई, रंगाई और आकल्पन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। लोकमाता के शासनकाल में महेश्वरी साड़ी की वैश्विक पहचान बनी थी। खरगोन जिले में स्थित ऐतिहासिक महेश्वर किले की दीवारों पर निर्मित कलात्मक आकल्पन को महेश्वरी साड़ियों में उकेरा जाता है। लोकमाता के कृतित्व पर फिल्म का निर्माण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर सुशासन, धर्म स्थलों पर सामुदायिक भवनों और धर्मशालाओं के निर्माण और महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कार्य करने वाली प्रशासिका थीं। उनकी 300वीं जयंती पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा समिति गठित कर गतिविधियों का कैलेंडर बनाया गया है। इसके अनुसार देवी अहिल्याबाई के जीवन और अवदान से संबंधित अनेक गतिविधियां सम्पन्न हुई हैं। संस्कृति विभाग द्वारा लोकमाता के व्यक्तित्व और कृतित्व पर फिल्म का निर्माण भी किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने लोकमाता के सम्मान में आयोजित कीं बहुआयामी गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवस्थलों के प्रबंधन, अन्न क्षेत्रों के संचालन और नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाने जैसे कार्य लोकमाता के जन-जन के लिए समर्पित जीवन का प्रतीक हैं। वे वित्त प्रबंधन, स्वदेशी को महत्व, सैन्य रणनीति, नागरिक अनुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में कार्य करती रहीं। उनके कुशल प्रशासन, समाज सुधार और धार्मिक सहिष्णुता के भाव को मध्यप्रदेश सरकार ने पूरा सम्मान देते हुए बहुआयामी गतिविधियां की हैं। लोकमाता की 300वीं जयंती के उपलक्ष में हुए कार्यक्रम उनके जीवन और भारतीय संस्कृति में दिए गए योगदान को उजागर करते हैं। प्रदेश की महिला उद्यमियों और शिल्पियों को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिति के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सुझावों के अनुरूप लोकमाता के जीवन से जुड़ी विशेषताओं के प्रचार-प्रसार के लिए आगे भी कार्य करेगी। बैठक में प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि देवी अहिल्याबाई द्वारा निर्मित मंदिरों की सूची तैयार की गई है। लोकमाता द्वारा अनेक मंदिरों का जीर्णोद्धार भी कराया गया। ऐसे ज्ञात 118 स्थानों में से 90 स्थानों पर 234 चित्रांकन वॉटर कलर द्वारा तैयार करवाए गए। इस कार्य में देश के लब्ध प्रतिष्ठित चित्रकारों द्वारा योगदान दिया गया। चित्र प्रदर्शनी गत दिसम्बर में बैंगलोर में मध्यप्रदेश दिवस, जनवरी में भोपाल में गीता महोत्सव और लोकरंग के साथ ही जनवरी और फरवरी 2025 में प्रयागराज महाकुंभ में भी संयोजित की गई। आगामी महीनों में लोकमाता से जुड़े स्थानों पर हो रहे आयोजनों में भी यह चित्र प्रदर्शनी जन आकर्षण का केन्द्र रहेगी। विभिन्न आयोजनों में महिला उद्यमियों और शिल्पियों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया है। महिला स्टार्ट-अप पॉलिसी भी बनाई जा रही है। लोकमाता के जीवन ओर कार्यों पर नृत्य नाट्य और लाइट एंड साउंड शो समिति की बैठक में जानकारी दी गई कि विश्व मांगल्य सभा नागपुर से एक नृत्य नाट्य तैयार करवाया गया जो लोकमाता के जीवन की झलक प्रस्तुत करता है। इसकी प्रस्तुति प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर प्रारंभ की गई है। विश्व संवाद केन्द्र न्यास, इंदौर ने नर्मदा साहित्य मंथन अहिल्या पर्व के रूप में मनाया। पर्यटन निगम ने महेश्वर किले पर लोकमाता के जीवन पर लाइट और साउंड शो तैयार करवाया गया है। इसे देवी अहिल्याबाई की पुण्यगाथा के नाम से प्रस्तुत किया जाएगा। धर्मपाल शोधपीठ में मोढ़ी लिपि के प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की है। इस प्राचीन लिपि का कई शताब्दियों तक चलन रहा है। मराठी भाषा लिखने के लिए कभी इसी लिपि का इस्तेमाल होता है। लोकमाता के शासनकाल में भी अनेक पुस्तकों का इस लिपि में प्रकाशन हुआ था, जिनके हिंदी और अंग्रेजी में अनुवाद के लिए मराठी साहित्य अकादमी द्वारा विषय-विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है। नर्मदा परिक्रमा पथ पर लोकमाता की मूर्तियों की स्थापना के लिए भी परीक्षण किया जा रहा है।  

RCB ने 17 साल बाद खत्म किया चेपॉक में जीत का सूखा, चेन्नई को 50 रनों से हराया

चेन्नई  इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के 8वें मैच में आरसीबी ने चेन्नई सुपर किंग्स को 50 रन से हरा दिया। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला चेन्नई के होम ग्राउंड एमए चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। मुकाबले में आरसीबी की टीम ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर के खेल में 196 रन का स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में सीएसके की बल्लेबाजी काफी साधारण रही। लक्ष्य का पीछा करने उतरी सीएसके की टीम जैसे-तैसे 8 विकेट के नुकसान पर 146 रन के स्कोर तक ही पहुंच पाई। सीएसके के खिलाफ जैसे ही आरसीबी को जीत मिली टीम के खिलाड़ी खुशी से उछल पड़े थे। विराट कोहली जश्न में ऐसे डूबे मानो उन्होंने मैच नहीं, आईपीएल की ट्रॉफी जीत ली हो। हालांकि, पिछली बार की तरह आरसीबी का जश्न आक्रामक नहीं था। बता दें कि आईपीएल 2024 में जब बेंगलुरु ने चिन्नास्वामी में सीएसके को हराया था तो धोनी उनके आक्रामक जश्न पर गुस्सा हुए थे। 17 साल बाद RCB को CSK के घर में मिली जीत बता दें कि सीएसके के खिलाफ आरसीबी को मिली ये जीत काफी खास है। आरसीबी ने सीएसके को उसके घर में साल 2008 के बाद अब जाकर हराया है। इन 17 सालों में दोनों टीमें चेपॉक के मैदान पर 8वीं बार एक दूसरे से टकराई थी, जिसमें आरसीबी को दूसरी बार जीत मिली है। इस तरह रजत पाटीदार ने आरसीबी के लिए कप्तानी करते हुए अपने दूसरे ही मैच में कमाल कर दिया। वहीं दोनों टीमों के प्रदर्शन की बात करें तो आरसीबी के लिए कप्तान रजत पाटीदार ने 30 गेंद में अपनी फिफ्टी पूरी की थी। पाटीदार 12 साल बाद कप्तान के तौर आरसीबी के लिए सीएसके के खिलाफ चेपॉक में फिफ्टी लगाने वाले खिलाड़ी बने। इसके अलावा आरसीबी की गेंदबाजी भी दमदार रही। टीम के लिए जोश हेजलवुड ने तीन विकेट हासिल किए। वहीं सीएसके की टीम बॉलिंग और बैटिंग दोनों में साधारण रही। जडेजा के नाम IPL का अनोखा डबल रिकॉर्ड 1. CSK के खिलाफ टॉप स्कोरर बने कोहली RCB के विराट कोहली ने शुक्रवार को 31 रन बनाए। इसी के साथ वे CSK के खिलाफ सबसे ज्यादा IPL रन बनाने वाले प्लेयर बन गए। उनके नाम अब 34 मैचों में 1084 रन हो गए। उन्होंने शिखर धवन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 29 मैचों में 1057 रन बनाए थे। 2. चेपॉक में 17 साल बाद RCB ने CSK को हराया रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 17 साल बाद चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में CSK को हराया। टीम ने इस मैदान पर 2008 में आखिरी बार चेन्नई को 14 रन से हराया था। तब राहुल द्रविड़ की कप्तानी में टीम को जीत मिली थी। इस बीच RCB ने 8 मैच गंवाए और अब जाकर उन्होंने चेपॉक में होम टीम को हराया। 3. जडेजा के 3000 IPL रन पूरे रवींद्र जडेजा ने शुक्रवार को अपने 3000 IPL रन पूरे कर लिए। उन्होंने 242वें मैच में यह कारनामा हासिल किया, उनके नाम 160 विकेट भी हैं। जडेजा IPL में 3000 रन और 150+ विकेट का डबल रिकॉर्ड बनाने वाले इकलौते प्लेयर बने।

भविष्य में कचरे से हाइड्रोजन बनाने जैसी तकनीक भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना सकती है: नितिन गडकरी

नई दिल्ली केंद्रीय सड़क, परिवहन और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक ऐसी जानकारी साझा की, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। उन्होंने बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र नागपुर में टॉयलेट के पानी को रिसाइकिल करके सालाना 300 करोड़ रुपये की कमाई हो रही है। गडकरी ने समिट 2025 में इस अनोखी पहल के बारे में बताया, जिसमें वेस्ट वॉटर रिसाइक्लिंग के जरिए जल को पुनः उपयोग के लायक बनाया जाता है। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक पर्यावरणीय समाधान नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “आप शायद विश्वास न करें, लेकिन हम टॉयलेट का पानी रिसाइकिल करके सालाना 300 करोड़ रुपये कमा रहे हैं।” इसकी सफलता के पीछे गडकरी ने वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट और रिसाइक्लिंग के महत्व को बताया, जो कि एक बेहद सस्टेनेबल और प्रभावी तरीका है। इसके साथ ही उन्होंने अन्य शहरों में भी ऐसे प्रोजेक्ट्स को लागू करने की बात की, जिससे न केवल जल संकट का समाधान हो, बल्कि शहरों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो। इसके अलावा, गडकरी ने यह भी कहा कि भविष्य में कचरे से हाइड्रोजन बनाने जैसी तकनीक भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना सकती है। उन्होंने बताया कि कचरे को रिसाइकिल करके बायोडाइजेस्टर से मिथेन उत्पन्न किया जाएगा, जिसे फिर हाइड्रोजन में बदला जाएगा। यह हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन होगा, और अगर यह सफलतापूर्वक और सस्ती दर पर तैयार किया गया, तो भारत जीवाश्म ईंधन पर खर्च होने वाली बड़ी रकम को बचा सकेगा और एक दिन ऊर्जा का निर्यातक देश बन जाएगा। गडकरी की यह सोच न केवल पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह आर्थिक विकास और सस्टेनेबिलिटी का भी एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करती है।

सुकमा में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में नक्सली लीडर जगदीश को किया ढ़ेर, 16 नक्सलियों को मार गिराया

 सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा और दंतेवाड़ा बॉर्डर एरिया पर नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच लगातार फायरिंग हो रही है. जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ में माओवादियों को भारी नुकसान हुआ है और 16 नक्सली ढेर कर दिए गए हैं. सुरक्षाबलों द्वारा क्षेत्र में मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन जारी है. सुकमा जिले के केरलापाल थानाक्षेत्र के गोगुंडा की पहाड़ी पर नक्सली कमांडर जगदीश के होने की सूचना पर डीआरजी और सीआरपीएफ के जवान रवाना हुए, सुबह मुठभेड़ हुई जिसमें 16 नक्सली मारे गए और दो जवानों घायल हुए हैं। खबर है कि सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में 16 नक्सलियों को मार गिराया है और दो जवानों को मामूली चोटें आई हैं. बता दें कि छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शनिवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई. पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ केरलापाल थाना क्षेत्र के एक जंगल में हुई, जहां सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. DIG कमलोचन कश्यप ने  बताया कि 16 नक्सलियों की डेडबॉडी रिकवर कर ली गई है। जिस तरह से हथियार मिले हैं, उससे यह स्पष्ट है कि मारे गए नक्सलियों में बड़े कैडर्स के भी हैं। अभी मुठभेड़ चल रही है। DIG ने बताया कि ऑपरेशन खत्म होगा, तब सर्चिंग की जाएगी, इसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि नक्सलियों को और कितना नुकसान हुआ है। इंसास, SLR जैसे ऑटोमैटिक वेपंस भी बरामद किए हैं। मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इससे पहले 25 मार्च को सुरक्षाबलों ने 25 लाख रुपए के इनामी नक्सली सुधीर उर्फ ​​सुधाकर समेत 3 नक्सलियों को मार गिराया था। बस्तर रेंज में जवानों ने 2025 में मुठभेड़ में 100 नक्सलियों का एनकाउंटर किया है। खुफिया इनपुट के आधार पर शुरू किया ऑपरेशन एक अधिकारी ने बताया कि जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान इस ऑपरेशन में शामिल हैं. अभियान को शुक्रवार रात उस क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने के बाद शुरू किया गया था. ऑटोमैटिक हथियार बरामद पहाड़ी इलाके में सुबह 6 बजकर 50 मिनट में गोलीबारी शुरू हुई। इसके बाद निलावाया, उप्लल्ली में मुठभेड़ हुई। इसमें 15 नक्सली मारे गए वही दो जवान घायल हुए है। घायल जवानों को हेलीकॉप्टर के जरिए उपचार के लिए रायपुर भेजा जा रहा है। इस पूरी मुठभेड़ को एसपी किरण चव्हाण ने वॉर रूम से मॉनीटिर किया। जवान सर्चिंग करने के बाद कैंप लौटेंगे। मुठभेड़ में ऑटोमैटिक हथियार बरामद हुए हैं। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में 20 मार्च को 2 बड़ी मुठभेड़ हुई। इसमें 30 नक्सली मारे गए हैं। पहली मुठभेड़ बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर और दूसरी कांकेर-नारायणपुर सीमा पर हुई। बस्तर IG सुंदरराज पी. ने बताया कि, बीजापुर में हुई मुठभेड़ में 26 नक्सलियों को मार गिराया। इसी मुठभेड़ में DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) का एक जवान भी शहीद हुआ। वहीं कांकेर इलाके में हुई मुठभेड़ में भी 4 नक्सलियों को ढेर किया गया। इधर, तीसरी नक्सल घटना नारायणपुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर हुई। यहां थुलथुली इलाके में IED ब्लास्ट की चपेट में आने से दो जवान जख्मी हो गए। शाह का दावा- 2026 तक खत्म कर देंगे नक्सलवाद इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगस्त 2024 और दिसंबर 2024 को छत्तीसगढ़ के रायपुर और जगदलपुर आए थे। वे यहां अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मंच से नक्सलियों को चेताते हुए कहा था कि हथियार डाल दें। हिंसा करोगे तो हमारे जवान निपटेंगे। वहीं उन्होंने एक डेडलाइन भी जारी की थी कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। शाह की इस डेडलाइन जारी करने के बाद से बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन काफी तेज हो गए हैं। तीन नक्सलियों को किया था ढेर इससे पहले मंगलवार को दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए थे. इनमें 25 लाख रुपए का इनामी माओवादी सुधीर उर्फ सुधाकर उर्फ मुरली भी शामिल था. इसके साथ ही घटनास्थल से इंसास राइफल, 303 राइफल सहित भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया था. 25 लाख का इनामी नक्सली ढेर पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की सीमा पर स्थित गीदम थाना क्षेत्र के गिरसापारा, नेलगोड़ा, बोड़गा और इकेली के सरहदी क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी सूचना मिली थी. इसके बाद डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की टीम माओवादी विरोधी अभियान पर निकली. सुरक्षा बलों को देखते ही नक्सली गोलीबारी करने लगे. इसके बाद जवाबी फायरिंग के दौरान तीन नक्सली मौके पर ही ढेर हो गए. इनमें एक की पहचान सुधीर उर्फ सुधाकर उर्फ मुरली के रूप में हुई, जिसके सिर पर 25 लाख रुपए का इनाम था.  

MP में औद्योगिक विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू

भोपाल  भोपाल को ग्रेटर केपिटल की तर्ज पर विकसित करने के लिए भोपाल विकास प्राधिकरण को भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन (Bhopal Metropolitan Region)का नोडल एजेंसी बनाया है। इंदौर में भी आइडीए का यह जिमा सौंपा गया है। भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन में भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम व राजगढ़ शामिल हैं। प्रमुख सचिव शहरी आवास एवं विकास संजय शुक्ला के अनुसार बीडीए कंसलटेंट तय कर आगामी प्लानिंग बनाएगा। यह उच्चाधिकारियों की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी। ऐसे होगा काम ● सीहोर- भोपाल की प्लानिंग कर तालाब व कैचमेंट संरक्षण का काम होगा। ● मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र को भोपाल से जोडकऱ काम किया जाएगा। ● अन्य जिलों में स्थित भोपाल के पास की वैश्विक धरोहरें सांची, भीमबैठका और अन्य पर भोपाल से काम तय हो जाएगा। ● मेट्रो का नेटवर्क भी पास के क्षेत्रों तक बढ़ाने की राह खुलेगी। एमपी में 9 शहरों को मिलाकर बनेंगे 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र, 6 संभागों का होगा डेवलपमेंट  मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ नगरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पहला मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र इंदौर-उज्जैन-देवास और धार को मिलाकर और दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भोपाल-सीहोर, रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर विकसित किया जाएगा।  केंद्र के विजन के मुताबिक राज्य के प्रमुख संभाग मुख्यालय ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम और शहडोल को रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। सरकार का यह प्रयास अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ रोजगार, व्यापार और निवेश के नये अवसरों को भी बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। सुविधाओं में होगा सुधार जानकारी के तहत इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर का 100 प्रतिशत क्षेत्र शामिल किया जाएगा, जबकि उज्जैन का 44 प्रतिशत धार और नागदा का भी कुछ हिस्सा इसमें जोड़ा जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक और शहरी विकास को संगठित तरीके से आगे बढ़ाना है, जिससे आधारभूत सुविधाओं में सुधार हो और निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। 5 जिलों की बदल जाएगी सूरत, जानिए कैसे मेगा रोड प्रोजेक्ट से 80 लाख को होगा फायदा  मध्य प्रदेश के पांच जिलों – भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम की सूरत अब जल्द ही बदलने वाली है। राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों में मेगा रोड प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य इन जिलों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना है। इस परियोजना के तहत, आने वाले समय में इन क्षेत्रों के लोग 80 लाख की आबादी तक को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। इन जिलों को भोपाल से बेहतर कनेक्ट करने के लिए सड़क नेटवर्क पर काम तेज कर दिया गया है और कंसल्टेंट तय करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। अगले एक महीने में इन पांच जिलों से जुड़े रोड नेटवर्क का सर्वे भी पूरा कर लिया जाएगा। सीएम का ग्रेटर राजधानी की बात करना हाल ही में भोपाल में आयोजित आंबेडकर ब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वृहद राजधानी के निर्माण की बात की थी। इस घोषणा के बाद से ही इस दिशा में कार्य शुरू हो गया था और अब वृहद राजधानी के रूप में भोपाल और आसपास के इलाकों का विकास एक संगठित तरीके से किया जाएगा। यह परियोजना वृहद और समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। भोपाल का मास्टर प्लान रोका जाएगा ग्रेटर भोपाल के मास्टर प्लान को रोकने की योजना बनाई गई है, ताकि भोपाल और उसके आसपास के पांच जिलों को एक ही क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा सके। टीएंडसीपी (Town and Country Planning Department) के अधिकारियों को शासन की ओर से यह निर्देश दिए गए हैं। अब भोपाल सहित पांच जिलों का समग्र विकास एक ही योजना के तहत किया जाएगा। इन जिलों में सीहोर, भोपाल-नरसिंहगढ़, ब्यावरा-राजगढ़, भोपाल-नर्मदापुरम, भोपाल-विदिशा और भोपाल-रायसेन तक की योजनाएं शामिल की जाएंगी। संरक्षण कार्यों में सुधार वर्तमान में, भोपाल और सीहोर अलग-अलग विकास योजनाओं के तहत काम करते हैं, जबकि दोनों में बड़ा तालाब और उसका कैचमेंट एरिया साझा है। अलग-अलग योजनाएं होने के कारण संरक्षण कार्य आधे-अधूरे होते हैं। अब वृहद राजधानी योजना के तहत दोनों क्षेत्रों को एकजुट करके संरक्षण कार्यों में अधिक प्रभावशीलता लाई जा सकेगी। मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र का विकास मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र भोपाल के पास स्थित है, लेकिन यह रायसेन जिले में आता है। इससे पहले, भोपाल के साथ इसके विकास के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई जा सकती थी। अब इसे वृहद राजधानी में शामिल किया जाएगा, जिससे यह वैश्विक नक्शे पर भी नजर आएगा और इसके विकास की दिशा में योजनाएं बनाई जा सकेंगी। वैश्विक धरोहरों का संरक्षण और विकास भोपाल से सांची और भीम बेटिका जैसी वैश्विक धरोहरों का संरक्षण और विकास पहले संभव नहीं था। इन धरोहरों का संबंध अब भोपाल के विकास से सीधे जुड़ जाएगा, जिससे इनका संरक्षण और प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। भोपाल में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार भोपाल में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार लगातार हो रहा है। फिलहाल, मेट्रो का नेटवर्क मंडीदीप तक बढ़ाया जा रहा है। भविष्य में, बड़े बजट से मेट्रो को भोपाल के 100 किमी दायरे के बाहर भी विस्तार दिया जाएगा, जिससे भोपाल के आसपास के इलाकों में मेट्रो की आवाजाही आसान हो जाएगी और इससे शहर के यातायात में भी सुधार होगा। नई प्लानिंग से बढ़ेगी गति और स्तर सुयश कुलश्रेष्ठ का कहना है कि इस नई योजना में 80 लाख लोगों की आबादी को ध्यान में रखते हुए प्लानिंग का स्तर पहले से कहीं अधिक व्यापक होगा और इस पर काम की गति भी तेज होगी। अब इस वृहद परियोजना का उद्देश्य महानगरीय स्वरूप में नगरों का विकास करना है, ताकि यह योजना और उसके परिणाम पूरी तरह से एक बड़े शहर के विकास के अनुरूप हो। उन्होंने आगे कहा, “अगर पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुधार होगा तो निश्चित रूप से भोपाल शहर में आबादी का दबाव घटेगा। इस दिशा में काम शुरू हो चुका है और अब इसे तेज गति से पूरा किया जाएगा।” समग्र योजना के तहत विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से सर्वे ग्रेटर राजधानी के विकास के लिए टीएंडसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट) के संचालक सह आयुक्त श्रीकांत बनोठ ने भी इस योजना को लेकर बयान दिया। उनका … Read more

1 अप्रैल से आम आदमी को बड़ा झटका, नई दरें लागू , इन रूट्स पर 5 से सीधा 65 रूपए हुआ टोल टैक्स, NHAI ने जारी की लिस्ट

भोपाल प्रदेश में अब आपको अपने वाहन से सफर करना अगले महीने से महंगा पड़ेगा। जी हां अब प्रदेश के चार शहरों के लिए टोल टैक्स महंगा होने जा रहा है। जी हां इंदौर-अहमदाबाद, इंदौर-देवास और देवास-ब्यावरा के बीच सफर महंगा होने वाला है। आपको बता दें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानि एनएचएआई द्वारा 1 अप्रैल से लागू होने वाले टोल रेट जारी कर दिए गए हैं। 29 जनवरी तक कारों के लिए टोल दरें 65 रुपए थी। इसमें अब 35 रुपए का इजाफा हो गया है। इसी तरह टैक्सी, मिनी बस और अन्य हलके माल वाहनों के लिए भी 105 रुपए का टोल जनवरी में देना होता था, जो बढ़कर 160 रुपए हो गया है। इसके अलावा 225 रुपए का रेट बस और ट्रक के लिए था, जो बढ़कर 340 हो गया है। इसमें भी दो बार वृद्धि हो चुकी है। इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर मप्र में 3 जगह लग रहा टोल इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर तीन जगह मध्यप्रदेश में टोल लगता है। इसके बाद गुजरात बॉर्डर लग जाती है। इन तीन स्थानों में बेटमा के पास मेठवाड़ा, धार के आगे दत्तीगांव और नवनिर्मित माछलिया घाट पर टोल रेट 5 से 10 रुपए तक बढ़ाए गए हैं। वहीं आगरा-मुंबई रोड के देवास-ब्यावरा सेक्शन के दो टोल नाकों रोजवास और छापरा पर टोल की दरों में 5 से 15 रुपए तक वृद्धि हुई है। इस मार्ग पर एक टोल एमपीआरडीसी का भी है, जिसकी अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। इसके अलावा खंडवा और मुंबई तरफ के हाईवे के टोल रेट अक्टूबर में बदलते हैं। इन रूट्स पर नहीं कोई बदलाव जानकारी के मुताबिक वैसे तो एचएचएआई द्वारा कुछ टोल्स पर टैक्स बढ़़ाया गया है। लेकिन इंदौर-देवास रूट पर उन कार चालकों को राहत रहेगी। जो एबी रोड पर बने मांगलिया स्थित टोल से गुजरेंगे। आपको बता दें ये राहत केवल कार या जीप से सफर करने वालों के लिए होगी। क्योंकि इन गाड़ियों पर लगने वाले टोल में एक तरफ की ट्रिप के लिए रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बल्कि यहां से बस या ट्रक के लिए 5 रुपए टोल बढ़ाकर सीधा 65 रुपए कर दिया है। आपको बता दे इस लिस्ट के अनुसार इंदौर-देवास बायपास पर बने टोल पर कार चालकों के लिए 65 रुपए तो वहीं बस या ट्रक वालों को 220 रुपए चुकाने होंगे। इंदौर-अहमदाबाद रूट     आपको बता दें नए रूट में इंदौर-अहमदाबाद रूट पर पड़ने वाले मेहतवाड़ा टोल पर पर भी टैक्स में बदलाव किया गया है। यहां पर आपको यदि कार लेकर निकलना है तो इसके लिए आपको 160, तो वहीं ट्रक और बस चालकों के लिए 505 रुपए चुकाने होंगे।     इसके अलावा दत्तीगांव टोल पर कार या जीप के लिए 140 रुपए तो वहीं ट्रक या बस के लिए 445 रुपए लगेंगे।     आपको बता दें यदि आप देवास होते हुए ब्यावरा जाना चाहते हैं तो आपको अब छपरा और रोजवास दोनों टोल पर मिलाकर कार के 235 रुपए का टैक्स चुकाना होगा। 1 अप्रैल से लागू होंगे नए रेट आपको बता दें इसके लिए जो नए रेट जारी किए गए हैं वे 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे। यानि नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2023-24 से आपको अपनी जेब खाली करनी होगी। गौरतलब है जुलाई में इंदौर-खलघाट टोल की दरें बढ़ाई जानी हैं तो इसी के साथ-साथ इसके तीन महीने बाद ही यानि अक्टूबर में इंदौर-उज्जैन दरें बदली जाती हैं।

मध्यप्रदेश में 40 हजार km लंबी नहरें होंगी पक्की, पंचायतें बनाएंगी 1 लाख जलदूत

भोपाल  मध्यप्रदेश को 90 लघु व मध्यम सिंचाई परियोजनाएं मिलेंगी, 50 हजार खेत तालाबों का निर्माण होगा। जबकि पंचायतें 1000 नए तालाबों का निर्माण करेंगी। साथ ही एमपी में 40 हजार किलोमीतर लंबी नहरों को पक्का करने का काम भी जल्द शुरू होगा। प्रदेश(MP News) के सभी 55 जिलों की वाटर बॉडीज का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इससे इनके संरक्षण के प्रयास शुरू हो सकेंगे। इसके लिए हर गांव से दो-तीन महिला-पुरुषों का चयन कर प्रदेश में 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे। प्रदेश को पानीदार बनाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, नगरीय विकास सहित 12 से अधिक विभागों ने मिलकर एक योजना बनाई है, जिसमें ये काम शामिल किए गए है। इन पर 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत काम शुरू होंगे, जो 30 जून तक जारी रहेंगे। धरती और पानी बचाने हर हाथ बनेगा जगन्नाथ सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि “इस अभियान में जागरुकता कार्यक्रम तो चलाए ही जाएंगे, इनके अलावा आम लोगों को जलसंक्षण के प्रति जागरुक करने नदियों और तालाब पर छोटे बांधों का निर्माण और आस पास छोटे फलदार पौधे लगाए जाएंगे. इसके अलावा प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक जन आंदोलन बनाएं.” ऐसा है अभियान जल गंगा संवर्धन अभियान के 90 दिनों में प्रदेश की 90 लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण होगा। नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित करने की संभावनाएं तलाशेंगे। लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे। ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 1000 नए तालाबों का निर्माण करेगा। प्रदेश की 50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य होंगे। नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए गेबियन संरचना, ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम और तालाब निर्माण पर जोर दिया जायेगा। नर्मदा परिक्रमा पथ का चिन्हांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की कार्य योजना तैयार होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल आयोजित होंगी। स्थानीय लोगों को जल संरचनाओं के रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रत्येक गांव से 2 से 3 महिला-पुरुष का चयन कर प्रदेश में 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे। सीवेज का गंदा पानी जल स्त्रोतों में न मिले, इसके लिए सोख पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा। नहरों के संरक्षण, जलाशयों से रिसाव रोकने, तालाबों की पिचिंग, बैराज मरम्मत कार्य होंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग 54 जल संरचनाओं के संवर्धन का कार्य करेगा। नहरों को मार्क कर विलेज-मेप पर ष्शासकीय नहरष् के रूप में अंकित किया जाएगा। बांध तथा नहरों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। करीब 40 हजार किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली के सफाई कार्य। फ्लशबार की मरम्मत कार्य किए जाएंगे। स्लूस-वैल की सफाई कार्य भी इसी अभियान के दौरान होंगे। सदानीरा फिल्म समारोह, जल सम्मेलन, प्रदेश की जल परंपराओं पर आख्यान, चित्र प्रदर्शनी समेत विभिन्न आयोजन किये जायेंगे। कार्ययोजना में इन कार्यों पर भी रहेगा जोर -नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित करने की संभावनाएं तलाशी जाएगी। -ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्रोतों का संरक्षण होगा। -50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के काम होंगे। -नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम के काम भी होंगे। -नर्मदा परिक्रमा पथ का चिह्नांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की तैयारी की जाएगी। -ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल लगेंगी, लोगों को जल संरचनाओं की जिमेदारी सौंपी जाएगी। -सीवेज का गंदा पानी जल स्रोतों में न मिले, इसके लिए सोक पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा। -नगरीय विकास एवं आवास विभाग 54 जल संरचनाओं के संवर्धन के काम भी होंगे। – बांध तथा नहरों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। – सदानीरा फिल्म समारोह, जल समेलन, प्रदेश की जल परंपराओं पर आयान, चित्र प्रदर्शनी समेत विभिन्न आयोजन होंगे।

MP में जल्द एक और बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 32 अफसरों को मिलेगी नई जिम्मेदारी, कलेक्टर भी बदलेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश में आने वाले कुछ महीनों में एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी होना तय है। इसमें करीब 32 आइएएस को सरकार नई जिम्मेदारी देने की तैयारी में है तो प्रभार में टिके मंत्रालय के कई विभागों को स्वतंत्र अफसर भी मिलेंगे। सरकार ने इस फेरबदल में बीते एक साल के दौरान एसीएस, पीएस, सचिव, संभागायुक्त व कलेक्टरों के कामों को आधार बनाने की योजना रखी है।  इसमें ऐसे अफसर जिनके काम के नतीजे अच्छे रहे हैं और सरकार को केंद्र स्तर पर, 16वें वित्त आयोग की प्रजेंटेशन बैठक में व अन्य स्तरों पर सराहना मिली, उनको बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। वहीं किरकिरी कराने वालों की कुर्सी खिसकना तय है। 12 बड़े विभागों का काम प्रभार सूत्रों की मानें तो सरकार प्रदेश को जल्द ही स्वतंत्र कृषि उत्पादन आयुक्त और कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष देने की तैयारी में है। वर्तमान में कृषि उत्पादन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार वन विभाग के एसीएस अशोक बर्णवाल व कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष का अतिरिक्त जिमा सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे के पास है तो पीडब्ल्यूडी जैसे 12 बड़े विभागों का काम भी प्रभार पर चल रहा है। जिले और संभागों में भी बदलाव संभव प्रदेश के कुछ जिलों के कलेक्टर व संभागों के संभागायुक्त भी बदले जाने हैं। इस बदलाव के कई आधार होंगे। जिनमें जिलों में घटित होने वाली बड़ी घटनाओं को नहीं संभाल पाना, प्रशासनिक चूक के कारण घटना होना, नेताओं की वास्तविक नाराजगी का बार-बार सामने आना, खनिज माफिया व अपराधियों की करतूतें उजागर होना, अलग-अलग स्तर पर कमियों के कारण विपक्ष को मुद्दा मिलना, जैसे बिंदू अहम हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने ऐसे कुछ बिंदुओं के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। सूत्रों के मुताबिक सरकार जल्द इन बड़े पदों व विभागों में पदस्थापना को लेकर काम के आधार पर ग्रेडिंग सिस्टम अपनाएगी।

पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक अस्पताल अपनी जरूरत की दवाएं खुद बनाने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा

भोपाल  कलियासोत पहाड़ी स्थित पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक अस्पताल अपनी जरूरत की दवाएं खुद बनाने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। यहां प्रदेश की पहली आधुनिक आयुर्वेदिक फार्मेसी का निर्माण कार्य जारी है, जिसे इस साल के अंत तक शुरू करने की योजना है। यह फार्मेसी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी और इसमें जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण, औषधियों की गुणवत्ता परीक्षण, स्वच्छ भंडारण तथा प्रत्यक्ष वितरण की सुविधा होगी। ऐसे पहुंचेगी दवा आम लोगों तक यह आयुर्वेदिक फार्मेसी अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों को प्रत्यक्ष रूप से औषधियां उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा अस्पताल के माध्यम से प्रदेशभर के सरकारी आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों और दवा वितरण केंद्रों में भी दवाएं भेजी जाएंगी, जिससे अधिक से अधिक मरीजों को लाभ मिल सके। प्रचार-प्रसार की रणनीति अस्पताल प्रशासन आयुर्वेदिक दवाओं के लाभ और उपयोगिता को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाएगा। इसमें निश्शुल्क स्वास्थ्य शिविर, सामाजिक संगठनों के सहयोग से जनसभाएं और इंटरनेट मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्म्स के माध्यम से प्रचार किया जाएगा। इसके अलावा आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक कार्यशालाओं और सेमिनारों का भी आयोजन होगा। दवाओं की कीमत और सुलभता     अस्पताल प्रशासन के अनुसार यहां बनने वाली आयुर्वेदिक दवाएं बाजार दर से काफी सस्ती होंगी। चूंकि दवाएं अस्पताल में ही बनाई जाएंगी, इसलिए मध्यस्थता शुल्क बचेगा, जिससे मरीजों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण औषधियां मिल सकेंगी।     दवा निर्माण की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों की निगरानी में उत्पादन होगा। इसके लिए विदेशी उपकरण मंगाए जाएंगे। इनका कहना है फार्मेसी भवन निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके बाद उपकरणों की स्थापना और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। हमारा लक्ष्य इस साल के अंत तक फार्मेसी शुरू करना है। इस पहल से प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्सा को नया बल मिलेगा, जिससे न केवल मरीजों को शुद्ध और प्रभावी औषधियां मिलेंगी, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सा का अनुसंधान और विकास भी तेज होगा। डॉ उमेश शुक्ला, डीन, शासकीय पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक कॉलेज।

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