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पिछले 20 साल में देश में करोड़पति सांसदों की संख्या 153 से बढ़कर साल 2024 में 504 पहुंच गई

नई दिल्ली  देश में करोड़पति सांसदों की संख्या बढ़ रही है। पिछले बीस साल के दौरान देश की संसद में करोड़पति सांसदों की संख्या में बंपर इजाफा हुआ है। साल 2004 में जब से एडीआर ने सांसदों की संपत्ति से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण शुरू किया है तब इससे जुड़े आंकड़े सामने आए हैं। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 20 साल में देश में करोड़पति सांसदों की संख्या 153 से बढ़कर साल 2024 में 504 पहुंच गई है। कुल सांसदों में से करीब 93% करोड़पति एडीआर की तरफ से विश्लेषण किए गए आंकड़ों के अनुसार साल 2024 में कुल सांसदों में 92.8 फीसदी सांसद करोड़पति हैं। 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाले 504 सांसद करोड़पति थे। यह संख्या पिछले साल के 479 के मुकाबले 29 अधिक थी। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद करोड़पति सांसदों की संख्या कुल सांसदों का 88.4 फीसदी थी। आंकड़ों को देखें तो 2004 से लेकर 2024 तक संसद में करोड़पति सांसदों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। 2004 में महज 29% सांसद करोड़पति साल 2024 में सांसदों की संपत्ति के विश्लेषण के अनुसार कुल 153 सांसद ही करोड़पति थे। वहीं, इसके बाद 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में करोड़पति सांसदों की संख्या 153 से बढ़कर 312 हो गई। इस तरह करोड़पति सांसदों में 29.8 फीसदी वाली हिस्सेदारी बढ़कर 57 फीसदी तक पहुंच गई। 2014 लोकसभा चुनाव के बाद करोड़पति सांसदों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई। इस चुनाव के बाद करोड़पति सांसदों की हिस्सेदारी 57 से बढ़कर 81.9 फीसदी पहुंच गई। खास बात है कि 2014 में सांसदों को अपनी संपत्ति को मार्केट वैल्यू के आधार पर घोषित करने की बात कही गई थी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- आने वाले समय में सभी विश्वविद्यालय आर्थिक रूप से समर्थ और सक्षम होंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विश्वविद्यालय निरंतर सशक्त बन रहे हैं। आने वाले समय में सभी विश्वविद्यालय आर्थिक रूप से समर्थ और सक्षम होंगे। परंपरागत संकायों के साथ-साथ वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप कोर्सेज संचालित करने के लिए विश्वविद्यालयों को प्रेरित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय अपने-अपने क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज आरंभ करें, राज्य सरकार अस्पतालों को उनके साथ संबद्ध करने की व्यवस्था करेगी। इन अस्पतालों के वेतन-भत्तों का भार राज्य सरकार वहन करेगी, विश्वविद्यालय पठन-पाठन-परीक्षा आदि की व्यवस्था करेंगे और परीक्षा की फीस का उपयोग मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय के संचालक-प्रबंधन और विस्तार में किया जा सकेगा। डेयरी टेक्नोलॉजी, कृषि जैसे व्यावसायिक दक्षता के कोर्सेज सहित सभी संकाय विश्वविद्यालय अपने क्षेत्र में संचालित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश विश्वविद्यालयीन संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के ज्ञान विज्ञान भवन में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय कर्मचारियों एवं पेंशनधारकों के हितों का ध्यान रखते हुए आगे बढ़ रही है। प्रदेश के शासकीय विश्वद्यालयों के कर्मचारी एवं पेंशनर्स भी वेतन एवं भत्तों में वृद्धि से लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब निजी और शासकीय केवल दो श्रेणियों के विश्वविद्यालय हैं। सरकार उच्च शिक्षा को नए आयाम देने के लिए नवाचारों के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए नए-नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और कुशल नेतृत्व में प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए प्रदेशवासी प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन्मदिवस की शुभेच्छाओं एवं अभिनंदन के लिए विश्वविद्यालय के समस्त कर्मचारियों एवं पेंशनधारकों का आभार माना और सभागार में उपस्थित सभी लोगों को वर्ष प्रतिपदा गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शासकीय विश्वविद्यालयों की दो पेंशनर्स समितियों को एक-एक लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मचारियों के कल्याण के लिए राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ सक्रिय है। राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों के हित में कई निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स, अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और इनसे संबंधित सभी संघों ने सामूहिक रूप से सम्मान और अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्यप्रदेश विश्वविद्यालयीन संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा वृहद पुष्पहार, अंगवस्त्रम, स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए। अभिनंदन समारोह में मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक श्री अशोक कड़ैल, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एस.के जैन, कुल सचिव प्रो. मंसूरी, प्रो. कालिका यादव, प्रो. गोपाल शर्मा आदि उपस्थित थे।

चेन्नई को मिला 197 रनों का टारगेट, आरसीबी के कप्तान ने जड़ा अर्धशतक

नई दिल्ली. आईपीएल-2025 के छठवें मैच में आज आरसीबी ने चेन्नई सुपर किंग्स को 197 रनों का टारगेट दिया है। चेन्नई को इस मैच को जीतने के 197 रनों की आवश्यकता है। आरसीबी की तरफ से सबसे ज्यादा रन कप्तान रजत पाटीदार ने बनाए उन्होंने 51 रन की धमाकेदार पारी खेली हालांकि उन्हें कई जीवनदान मिले। उनके अलावा विराट ने 31, साल्ट ने 32, टिम डेविड ने 22 और देवदत्त ने 27 रनों की पारी खेली। चेन्नई की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज नूर अहमद रहे जिन्होंने 3 विकेट झटके उनके अलावा पथिराना ने 2 और अश्विन और खलील को 1-1 विकेट मिला। पथिराना की लाजवब गेंदबाजी 19वें ओवर में बेबी मलिंगा ने मात्र एक रन खर्च कर दो विकेट निकाले, इस ओवर से आरसीबी की 200 रन तक पहुंचने की उम्मीदें लगभग-लगभग खत्म हो गई है। पाटीदार की कप्तानी अर्धशतक रजत पाटीदार ने टीम की कमान संभाली और 30 गेंदों पर शानदार अर्धशतक जड़ा। कप्तान की नजरें अब टीम को 200 पार ले जाने पर होगी। इस बीच जितेश शर्मा के रूप में टीम को पांचवा झटका 172 के स्कोर पर लगा। नूर ने उखाड़ा लिविंगस्टोन का डंडा 16वें ओवर की दूसरी गेंद पर छक्का खाने के बाद नूर अहमद ने अगली गेंद पर लिविंगस्टोन का डंडा उखाड़ा। आरसीबी को 145 के स्कोर पर चौथा झटका लगा है। टीम की नजरें 200 के स्कोर को छूने पर होगी।

रक्षा क्षेत्र में भारत हो रहा मजबूत, केंद्र सरकार ने दी सबसे बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी, मिलेंगे 156 प्रचंड हेलीकॉप्टर

नई दिल्ली रक्षा के क्षेत्र में भारत लगातार मजबूत हो रहा है। इस बीच केंद्र सरकार ने एक और सबसे बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दी है। दरअसल, भारत ने 156 मेड इन इंडिया एलसीएच प्रचंड हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दे दी है। रक्षा अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की आज हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। रक्षा मंत्रालय ने इस वित्त वर्ष में 2.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। HAL को सबसे बड़ा ऑर्डर यहां पर ध्यान देने वाली बात है कि इस रक्षा मंजूरी की स्वीकृति के बाद यह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के लिए अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर होगा और हेलीकॉप्टरों का निर्माण कर्नाटक के बेंगलुरु और तुमकुर स्थित उनके संयंत्रों में किया जाएगा। जानिए प्रचंड हेलिकॉप्टर की खासियत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित एलसीएच ‘प्रचंड’ विभिन्न हथियार प्रणालियों से लैस है। यह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दुश्मन के टैंक, बंकर, ड्रोन को नष्ट करने में सक्षम है। हेलीकॉप्टर में आधुनिक विशेषताएं, मजबूत कवच सुरक्षा और रात्रि में भी हमले की क्षमता है। यह दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन में भी काम करने में पूरी तरह सक्षम है। प्रचंड हवा से जमीन और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को दागने में भी सक्षम है और दुश्मन के हवाई रक्षा अभियानों को नष्ट कर सकता है। सरकार आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत मेक इन इंडिया के माध्यम से रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के इरादे पर जोर दे रही है। पिछले साल हुआ था सेना में शामिल इसका उपयोग धीमी गति से चलने वाले विमानों और दूर से संचालित विमानों (आरपीए) के खिलाफ भी किया जा सकता है। एलसीएच ‘प्रचंड’ को पिछले साल थलसेना और वायुसेना में शामिल किया गया था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलों, नगर निगमों, परिषद और पंचायतों के हितग्राहियों को वर्चुअली किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के अलावा भी ऐसी जरूरतें होती हैं, जिनके लिए धनराशि जरूरी होती है। प्रसूति, बीमारी, दिव्यांगता और किसी अपने को खो देने जैसे मुश्किल समय में कई बार हम स्वयं को असहाय महसूस करते हैं। संबल योजना ऐसे ही मुश्किल वक्त में जरूरतमंद के आंसू पोछती है और उनको सहारा प्रदान करती है। राज्य सरकार प्रदेश के गरीब और श्रमिक वर्ग के कल्याण तथा उनका भाग्य बदलने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की भावना के अनुरूप अंत्योदय के कल्याण के संकल्प को प्रदेश में क्रियान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के अंतर्गत प्रदेश के 23 हजार 162 श्रमिक परिवारों के खातों में 505 करोड़ रूपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करने के बाद परिवारों को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5 हितग्राहियों से वर्चुअली संवाद कर उनके परिजन के निधन पर संवेदनाएं प्रकट की। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल वर्चुअली शामिल हुए। प्रदेश के सभी जिलों, नगर निगमों, नगर परिषद और ग्राम पंचायतों के हितग्राही और जनप्रतिनिधि भी वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के श्रमिक परिवारों का अभिवादन करते हुए कहा कि परिश्रम से अपने और अपने परिवार का जीवन चलाने वाले श्रमिक ही प्रदेश के विकास की नींव हैं। परिश्रम से ही प्रतिभा निखरती है और आने वाली पीढ़ी के सुखद भविष्य का मार्ग भी बनता है। राज्य सरकार ने जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है। पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप देकर प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी प्रदेशवासियों का जीवन बेहतर हो। हर परिवार आनंद और वैभव के साथ सभी जीवन व्यतीत करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शुचिता- पारदर्शिता और दक्षता के साथ जनकल्याण और विकास के लिए कार्य कर रही है। संबल योजना का बैकलॉग भी समाप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि संबल योजना में अब तक 6 लाख 58 हजार से अधिक परिवारों को 5 हजार 927 करोड़ रूपए से अधिक के हितलाभ दिए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक मानते हुए 01 मार्च 2024 से उन्हें संबल योजना में उन्हें शामिल करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में शामिल किया गया है। श्रमिक बहनों को गर्भावस्था के समय काम पर न जाना पड़े और उन्हें पोषण भी मिलता रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने ऐसी बहनों को 16 हजार रूपए देने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में श्रीमती अंजली रैकवार के पति के निधन पर 4 लाख रूपए तथा शेष चार हितग्राहियों को 2-2 रूपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्चुअली संवाद में मंदसौर की श्रीमती अंजली रैकवार ने बताया कि इस सहायता से उन्हें पर्याप्त सहारा मिला और वे अब ब्यूटी पार्लर का कार्य सीख रही हैं। शहडोल की श्रीमती मन्नू ढीमर ने बताया कि वे छोटी किराना दुकान संचालित कर रही हैं। दतिया की श्रीमती कल्लन वाल्मीक, सीहोर की श्रीमती शिव कुमारी और खरगोन की श्रीमती प्रेमलता कर्मा ने बताया कि संबल योजना में मिली सहायता से परिवार के लालन-पालन और बच्चों की पढ़ाई में मदद मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में जुड़े सभी हितग्राहियों से लाड़ली बहना योजना, आयुष्मान योजना, खाद्यान्न पर्ची, उज्जवला योजना जैसी सभी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने का आहवान किया। जरूरत के समय मदद करती है संबल योजना : मंत्री श्री पटेल श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना वर्ष 2018 में प्रारंभ हुई थी। सरकार की यह योजना जरूरतमंदों की मदद करने वाली योजना है। योजना के प्रारंभ से अब तक 5 हजार 927 करोड़ रुपए का लाभ हितग्राहियों को मिल चुका है। उन्होंने कहा कि योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपए की राशि, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपए की राशि दी जाती है। स्थाई अपंगता पर 2 लाख रुपए एवं आंशिक स्थाई अपंगता पर 1 लाख रुपए की राशि श्रमिक परिवारों को दी जाती है। आज के कार्यक्रम में कई जिले ऐसे हैं जहां हितग्राहियों को 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि औसतन प्रति माह 3.5 हजार प्रकरणों का निराकरण संबल योजना के तहत किया जाता है।  

म्यांमार में भूकंप के पहले झटके के 12 मिनट के बाद ही दूसरा झटका आया, भारी तबाही, बैंकॉक और मांडले में आपातकाल

म्यांमार म्यामांर में शुक्रवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. भूकंप की तीव्रता 7.7 थी। भूकंप के झटकों से सैकड़ों मील दूर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में एक निर्माणाधीन मकान गिर गया. इसमें अभी भी 43 मजदूर फंसे हुए हैं। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक़ म्यांमार में भूकंप के पहले झटके के 12 मिनट के बाद ही दूसरा झटका आया. दूसरे भूकंप की तीव्रता 6.4 थी. इस भूकंप का केंद्र सागाइंग से 18 किलोमीटर दक्षिण में था। म्यांमार के दूसरे बड़े शहर मांडले में बचाव दल के एक कर्मचारी ने बीबीसी को बताया कि भूकंप से भारी तबाही हुई है और सैकड़ों लोगों के मरने की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि बैंकॉक में एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत भूकंप के झटकों से भरभराकर ढह गई। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में एक बहुमंजिला इमारत धूल के गुबार के बीच ढहती नजर आ रही है और वहां मौजूद लोग चीखते-चिल्लाते हुए भाग रहे हैं। इमारत के मलबे में 40 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। पुलिस ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि वे बैंकॉक के ‘चटुचक मार्केट’ के पास स्थित घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य कर रहे हैं शुरुआती खबरों के अनुसार, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और जर्मनी के जीएफजेड भूविज्ञान केंद्र ने बताया कि दोपहर को यह भूकंप 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर आया, जिसका केंद्र पड़ोसी देश म्यांमार में था। म्यांमार में भूकंप के प्रभाव की तत्काल कोई खबर नहीं है। ग्रेटर बैंकॉक क्षेत्र की आबादी 1.70 करोड़ से अधिक है जिनमें से कई लोग ऊंची इमारतों वाले अपार्टमेंट में रहते हैं। दोपहर करीब डेढ़ बजे भूकंप आने पर इमारतों में अलार्म बजने लगे और घनी आबादी वाले मध्य बैंकॉक की ऊंची इमारतों एवं होटल से लोगों को बाहर निकाला गया। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि कुछ ऊंची इमारतों के अंदरूनी हिस्सों में ‘स्वीमिंग पूल’ में पानी में लहरें उठती दिखीं।    नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के डायरेक्टर डॉ. ओ.पी. मिश्रा ने शुक्रवार को म्यांमार में आए छह भूकंपों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये भूकंप सबसे लंबी फॉल्ट लाइन, सागांग फॉल्ट पर आए थे। सागांग फॉल्ट लगभग 1200 किलोमीटर तक फैली हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि रिक्टर स्केल पर 7 से ऊपर की तीव्रता का यह पहला भूकंप नहीं था। मीडिया से बात करते हुए मिश्रा ने कहा, “यह म्यांमार के सबसे लंबे फॉल्ट, सागांग फॉल्ट में हुआ। इसकी लंबाई 1200 किलोमीटर है। इस फॉल्ट ने अतीत में 7 से अधिक तीव्रता के कई भूकंप उत्पन्न किए हैं। यह 7 तीव्रता का पहला भूकंप नहीं है।” उन्होंने आगे बताया कि भूकंप की गहराई 20 से 30 किलोमीटर के बीच थी, जो कि उथली श्रेणी में आती है। इसका मतलब है कि भूकंप जमीन के ज्यादा नीचे नहीं था। इससे सतह पर ज्यादा नुकसान होने की आशंका रहती है। भूकंप का केंद्र जमीन के जितना करीब होता है, नुकसान उतना ही ज्यादा होता है। इसलिए, इस भूकंप से भी नुकसान हो सकता है। म्यांमार के नायपीडॉ शहर में शुक्रवार को एक शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप के कारण शहर में तबाही मची हुई थी। नायपीडॉ के सबसे बड़े अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के बाहर घायलों की पंक्तियाँ लगी हुई थीं। कई पीड़ित दर्द से कराह रहे थे, तो कुछ धूल और खून से लथपथ सदमे में बैठे थे। सड़कों के टूटने और तारकोल के उखड़ने के बाद लगातार घायल आ रहे थे। कुछ लोग कारों और पिकअप ट्रकों में आ रहे थे, तो कुछ को स्ट्रेचर पर लाया जा रहा था। अस्पताल के एक अधिकारी ने पत्रकारों को इलाज क्षेत्र से चले जाने के लिए कहते हुए कहा, “यह एक मास कैजुअल्टी एरिया है।” अस्पताल के अधिकारी ने यह बात इसलिए कही क्योंकि वहाँ बहुत सारे घायल लोग थे। 1,000-बेड वाले अस्पताल को भी काफी नुकसान हुआ था। हिंसक झटकों से इमरजेंसी विभाग के कुछ हिस्से ढह गए। प्रवेश द्वार पर गिरी कंक्रीट के नीचे एक कार दब गई।

एक अप्रैल से छत्तीसगढ़ में नई दरों से बिकेगी शराब

रायपुर  छत्तीसगढ़ में शराब की नई दरों की घोषणा की गई है. बीते साल की तुलना में शराब की नई दरों में 10 से 20 फीसदी तक की कटौती की गई है. सस्ते और महंगे रेंज की शराब करीब 10 फीसदी तक और प्रीमियम रेंज की शराब में करीब 20 फीसदी तक गिरावट आई है. राज्य सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर सेस और अतिरिक्त उत्पाद शुल्क में कटौती की वजह से शराब की दरों में भारी कमी देखी जा रही है. राज्य सरकार को इससे करीब एक हजार करोड़ रुपए का नुकसान संभावित है, लेकिन नई आबकारी नीति में सरकार ने 67 नई शराब दुकान खोले जाने की मंजूरी दी है. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार को होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई इससे हो जाए. शराब की नई दरें एक अप्रैल से लागू हो जाएंगी. राज्य में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जिन, वाइन, स्काॅच और प्रीमियम बीयर के नए ब्रांड शराब प्रेमियों को पीने के लिए मिलेंगे. आबकारी विभाग के मुताबिक वैश्विक ब्रांडों में से परनोड रिकार्ड के 23, यूनाइटेड स्पिरिट के 29, बीम ग्लोबल के 12 और बकार्डी के 8 ब्रांडों की बिक्री को अनुमति दी गई है. इसके साथ ही अनुमोदित किए गए शराब के अन्य ब्रांड में इम्पीरियल ब्लू, मैकडाॅवेल नंबर वन, रायल चैलेंज, रायल स्टैग, ब्लेंडर्स प्राइड, एंटीक्विटी से लेकर 100 पाइपर्स, बैलेंटाइंस, टीचर्स, ब्लैक लेबल, ब्लू लेबल, चिवास रिगल शामिल हैं. भारतीय प्रीमियम उत्पाद जैसे इंद्रि, रामपुर, पाॅल जाॅन और जैसलमेल को भी मंजूरी दी गई है. आबकारी विभाग ने Six Field Wheat Beer और Hoegaargen Wit Beer जैसी बियर की नई ब्रांड को राज्य में बिक्री के लिए मंजूरी देने के साथ-साथ प्रीमियर रेंज की Budweiser, Corona, Bira Boom, KF Ultra Max, Heiniken जैसी बियर की बिक्री को मंजूरी दी है. साथ ही इनके दाम में कमी की है. नई दरों में अंतर लेबल का नाम 2025-2026 की नई दर 2024-2025 की पूर्व की दर इम्पीरियल ब्लू 180 एमएल 200 220 रायल चैलेंज 180 एमएल 200 260 रायल स्टैग 180 एमएल 210 250 सिग्नेचर प्रीमियम 750 एमएल 1200 1360 मैजिक मूवमेंट 180 एमएल 220 230 ब्लैंडर्स प्राइड रिजर्व 750 एमएल 1360 1480 एंटीक्विटी 750 एमएल 1280 1440 स्मर्न आरेंज 750 एमएल 1120 1320 वैट 69 750 एमएल 1680 2000 रिम बीम 750 एमएल 1900 2280 टीचर्स हाईलैंड स्कॉच 750 एमएल 1880 2120 बैलेंटाइंस फाइनेस्ट 750 एमएल 2200 2360 100 पाइपर्स 750 एमएल 2000 2160 ब्लैक एंड व्हाइट 750 एमएल 1920 2080 बाम्बे सफायह जिन 750 एमएल 2450 2620 ग्रे गूज वोदका 750 एमएल 3550 3810 पाॅल जान निर्वाना 750 एमएल 2380 2750 अब्स्ल्यूट वोदका 750 एमएल 2270 2430 देवार्स 12 ईयर 750 एमएल 3530 3800 सुनोट्री टोकी व्हिस्की 750 एमएल 4800 6230 चिवास रिगल 12 ईयर 750 एमएल 3910 4200 चिवास रिगल 15 ईयर 750 एमएल 7250 7830 जेमसन 750 एमएल 2610 2800 इंद्रि सिंगल माल्ट 750 एमएल 4240 5530 जाॅनी वाकर ब्लैक लेवल 750 एमएल 4080 5530 जाॅनी वाकर ब्लू लेवल 750 एमएल 21480 24550 जैसलमेर क्राफ्ट इंडियन 750 एमएल 3200 4020 बियर की नई दरें लेबल का नाम 2025-2026 की नई दर 2024-2025 की पूर्व की दर बडवाइजर मैग्नम 650 एमएल 230 250 बडवाइजर प्रीमियम 650 एमएल 220 250 कोरोना 330 एमएल 170 200 बीरा बूम 650 एमएल 200 220 केएफ अल्ट्रा मैक्स 650 एमएल 210 240 हेनिकन 650 एमएल 230 250 केएफ अल्ट्रा लार्जर 650 एमएल 200 260 सिक्स फील्ड वीट बियर 330 एमएल 160 – Hoegaarden Wit Beer 500 एमएल 250 – सस्ते रेंज की शराब लेबल का नाम 2025-2026 की नई दर 2024-2025 की पूर्व की दर गोवा स्पेशल 180 एमएल 120 130 गोल्डन गोवा 180 एमएल 120 130 जम्मू स्पेशल 180 एमएल 120 130 शराब से कमाई का लक्ष्य बीते साल राज्य सरकार ने शराब से होने वाली कमाई का लक्ष्य करीब 11 हजार करोड़ रुपए रखा था, लेकिन सरकार की कमाई करीब नौ हजार करोड़ रुपए हुई. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने करीब 15000 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा है. शराब की दरों में कमी की वजह से सरकार को करीब एक हजार करोड़ रुपए का नुकसान संभावित हैं. सरकार 67 नई शराब दुकान खोल रही है. नई दुकान खुलने और शराब की दरों में होने वाली कमी से अनुमान लगाया जा रहा है कि शराब की बिक्री में इजाफा होगा और सरकार कमाई के अपने लक्ष्य को पूरा कर लेगी.

राजभवन में कर्मयोगी बने कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ

कर्मयोगी भाव, भावनाओं के साथ प्रतिबद्ध प्रयास समय की जरूरत : राज्यपाल पटेल प्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर प्रतिबद्धता के साथ बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजभवन में “कर्मयोगी बने” कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश इतिहास के ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां से साफ दिख रहा है कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। कर्मयोगी भाव, भावनाओं के साथ विकसित भारत के लिए प्रतिबद्ध प्रयास समय की जरूरत है। कर्मयोग दैनिक जीवन में उच्चतर उद्देश्य के लिए आगे बढ़ने का वह रास्ता है जो व्यक्तिगत उन्नति के साथ समाज सुधार और सेवा का प्रभावी साधन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। हमारी विभिन्न भाषाए, बोलियां, मनोभाव और मूकभाव सभी संस्कृति के वह आभूषण है, जिन पर हमें गर्व है। प्रदेश में अन्य भाषाओं तमिल, तेलुगू आदि पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञों को शामिल करते हुए कमेटी बनाई जाएगी। यह बातें राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यशाला के शुभारंभ कार्यक्रम में कही। कार्यशाला का आयोजन राजभवन मध्यप्रदेश द्वारा उच्च शिक्षा विभाग, निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग और यूनाइटेड कॉन्शियसनेस के सहयोग से किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता और अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने छिंदवाड़ा के पारंपरिक बुनकरों द्वारा तैयार उत्तरीय परिधान और पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया। कार्यशाला में उप कुलपति जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रोफेसर शांतिधुलीपुड़ी पंडित, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष भरत शरण सिंह, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े भी मंचासीन थे। कर्मयोगी कार्य संस्कृति को बनायें सशक्त राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज हमारे देश ने ज्ञान, विज्ञान, अर्थव्यवस्था सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। दुनिया में भारत की नई पहचान और साख बनी है। हमारा देश ऐसे मोड़ पर है, जहां से एकजुट और एकमत प्रयासों से राष्ट्र विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि 4-5 दशक पूर्व आज के विकसित राष्ट्रों में भी ऐसे ही मोड़ आए थे। नागरिकों के कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित प्रयासों से राष्ट्र का स्वरूप बदल दिया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि विकसित भारत निर्माण के लिए कर्मयोगी, भावी पीढ़ी का निर्माण शिक्षकों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में कर्मयोगी बनने के लिए काम की प्रकृति चाहें जो भी हो, व्यक्तिगत लाभ की इच्छा, परिणाम, सफलता और असफलता किसी की भी चिंता किए बिना लगातार कार्य करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि कर्मयोग पथ के अभ्यासी को शुरु-शुरु में परिणामों की चिंता, समाज की अपेक्षाएं, मान्यताएं और दैनिक जीवन की व्यस्तताओं में समय की कमी आदि की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ये सभी चुनौतियां सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समय प्रबंधन और कर्तव्य पालन, ध्यान, साधना तथा चिंतन के नियमित आध्यात्मिक अभ्यास से दूर हो जाती है। राज्यपाल पटेल ने शिक्षा के तीर्थ स्थलों के प्रमुखों अपेक्षा की है कि वे कर्मयोग के सिद्धांतों पर शिक्षण, शोध कार्य के साथ ही विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर स्वैच्छिक सेवा गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहित करें। व्यक्तिगत-व्यावसायिक जीवन में स्थिर भाव से कार्य की संस्कृति के द्वारा शैक्षणिक समुदाय के भीतर करुणा, सहानुभूति और पारस्परिक सहयोग को मजबूत बनायें। कर्मयोग के अभ्यास के लिए प्रेरक वातावरण निर्माण के कार्य करे। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि कार्य शाला का चिंतन कर्मयोग के वैचारिक, व्यवहारिक आयामों को प्रकाशित करेंगे। निःस्वार्थ कर्तव्य पालक कर्म योगियों के निर्माण का मंच बनेगा। कार्य शाला कर्मवाद के पुर्नजागरण की पहल: डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मयोगी कार्य शाला का आयोजन अद्भुत है। कार्यक्रम का भाव और भावना अभूतपूर्व है। सौभाग्य की बात है कि 5 हजार वर्ष पूर्व प्रदेश की धरती से शिक्षित कर्मयोगी के कर्मवाद का पुनर्जागरण प्रदेश से ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर्मयोगी ऋषि परंपरा का अक्षरक्ष: प्रतिरूप है। प्रधानमंत्री जी के मनोभावों के आधार पर सुशासन के दृष्टिगत होने वाले सभी सुशासन के प्रयोगों को अंतिम कड़ी तक पहुँचाने का प्रयास मिशन कर्मयोगी है। निष्काम भाव, अहंकार से मुक्त बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय के लिए निरंतर कार्य करना ही कर्मयोग है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की विशालता अद्भुत है, जो अतिरंजित बातों को भी सुन लेती है। सही, अच्छी बातों को सद्भावना के साथ लेकर आगे चलती है। इसी लिए आज दुनिया भारतीय दर्शन से प्रेरणा प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति का दायरा असीमित है, जिसमें सारे ब्रह्मांड के कल्याण का चिंतन है। भारत के तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय जैसे ज्ञान के केंद्र सम्पूर्ण मानवता के लिए कार्य करते थे। भारत ने कभी दूसरे देशों पर आक्रमण नहीं किया। कर्मयोग का चिंतन लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करना : मंत्री परमार उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कर्मयोगी बने कार्य शाला दूरगामी पहल है। कार्य शाला का चिंतन शिक्षा जगत में आमूल चूल परिवर्तन का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि कर्मयोग का चिंतन लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करते रहना है। समय और परंपराओं का अनुपालन मात्र राष्ट्र जीवन के लिए पर्याप्त नहीं है। राष्ट्र की आवश्यकता लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करते रहना है। कर्मयोग का चिंतन इसी अवधारणा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कर्तव्यों का सर्वश्रेष्ठ पालन आवश्यक है। नियमों के चिंतन से भूमिका की चिंता की ओर जाए : बाला सुब्रह्मण्यम मानव संसाधन क्षमता निर्माण आयोग, मिशन कर्मयोगी के सदस्य प्रोफेसर बाला सुब्रह्मण्यम ने कहा कि न्यू इंडिया के लिए टीम इंडिया जरूरी है। टीम इंडिया के लिए कर्मचारियों को कर्मयोगी बनाना होगा। जरूरी है कि कर्मचारी विकसित भारत के भविष्य के लिए तैयार रहे। इसके लिए जीवन की सीख के द्वारा उनकी क्षमता को बढ़ाना होगा। क्षमता वृद्धि के लिए नियमों के चिंतन से भूमिका की चिंता की ओर जाना होगा। इसके लिए विकास का संकल्प, … Read more

एमपी हाईकोर्ट ने दुष्कर्म मामले में आरोपी की मां को मन सह-आरोपी, जाने काया कहा

भोपाल भोपाल रेप के एक मामले पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने इस फैसले में उकसावे की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए कहा कि भले ही कोई महिला रेप की आरोपी नहीं हो सकती लेकिन वह रेप के लिए उकसाने की आरोपी हो सकती है। ऐसे में रेप के लिए उकसाने वाली महिला को आईपीसी की धारा 109 के तहत बलात्कार के लिए उकसाने के अपराध में दोषी ठहराया जा सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि यह पूरा मामला भोपाल के छोला मंदिर इलाके का है। इसमें रेप की वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी के साथ उकसाने के मामले में उसकी मां और भाई के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। वर्ष 2022 में दर्ज करवाया रेप का मामला पीड़िता ने 21 अगस्त 2022 में भोपाल के छोला मंदिर थाने में रेप की शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उसके पड़ोसी ने उसके परिवार में शादी का प्रस्ताव रखा था। उसी पर सहमति देने के लिए वह उनके घर गई थी। युवक की मां और उसके भाई ने उसे जबरन आरोपी के कमरे में भेज दिया, जहां उसने पीड़िता के साथ संबंध बनाए। पीड़िता ने बताया कि सगाई के बाद कई बार आरोपी ने उसके साथ संबंध बनाए और उसके बाद शादी करने से इनकार कर दिया। आरोपी की मां पर रेप के लिए उकसाने का आरोप पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि आरोपी की मां ने कहा था कि शादी से पहले संबंध बनाना आम बात है। पीड़िता के अनुसार, पहली बार आरोपी ने 8 जुलाई 2021 को अपने घर पर पीड़िता का रेप किया था। रेप के लिए उकसावे को बताया अपराध मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में रेप मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल और जस्टिस प्रशांत गुप्ता ने अपने निर्णय में कहा है कि भले ही कोई महिला रेप नहीं कर सकती लेकिन आईपीसी धारा 109 के तहत रेप के लिए उकसाने का अपराध कर सकती है। हाईकोर्ट ने कहा कि आईपीसी धारा 376 एक पुरुष से शुरू होती है। लेकिन अपराध केवल एक पुरुष द्वारा नहीं किया जा सकता। इसलिए आईपीसी की धारा 109 के तहत रेप के लिए उकसाने के लिए महिला को दोषी ठहराया गया है। इसके साथ ही जानबूझकर अपराध में सहायता करने को आईपीसी धारा 107 के तहत परिभाषित करते हुए महिला और पुरुष दोनों रेप के लिए उकसाने का दोषी ठहराया। पीड़िता का आरोप पीड़िता ने 21 अगस्त 2022 को भोपाल के छोला मंदिर थाने में रेप की शिकायत दर्ज करवाई थी. उसने आरोप लगाया था कि आरोपी अभिषेक गुप्ता ने शादी का झांसा देकर उसके साथ रेप किया. इतना ही नहीं, आरोपी की मां और भाई भी इस घटना में शामिल थे. पीड़िता के अनुसार, 8 जुलाई 2021 को पहली बार उसे आरोपी के घर बुलाया गया, जहां उसके साथ रेप किया गया. सगाई के बाद भी आरोपी ने कई बार शारीरिक संबंध बनाए और फिर शादी से मुकर गया. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी की मां ने उसे समझाया था कि शादी से पहले संबंध बनाना आम बात है. MP हाईकोर्ट का रुख हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि रेप के लिए उकसाने वाले भी उतने ही दोषी हैं, जितना कि मुख्य आरोपी. इस आधार पर आरोपी की मां और भाई पर भी कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया और साफ किया कि रेप के मामलों में उकसाने वालों के खिलाफ भी कठोर दंड दिया जाएगा. हाईकोर्ट में आरोपी ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती बता दें कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने धारा 376 (बलात्कार), 376 (2) (एन), 190, 506 और 34 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। निचली अदालत ने आरोपी को दोषी पाया था। सरकारी वकील सीएम तिवारी ने बताया की आरोपी ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिसमें आरोपी के साथ कोर्ट ने परिवार के लोगों भी रेप के लिए उकसाने का दोषी ठहराया है औरयाचिका खारिज कर दी।

मध्यप्रदेश की तीन होनहार लड़कियां संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने विचार रखेंगी

इंदौर मध्यप्रदेश की तीन मेधावी लड़कियां संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने स्पीच देने का अवसर प्राप्त करेंगी। इनका चयन राज्य स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता में हुआ है, जिसे विधानसभा के मानसरोवर सभागार में आयोजित किया गया था। यह प्रतियोगिता ‘विकसित भारत’ थीम पर आधारित थी, जिसमें प्रदेशभर के युवा शामिल हुए थे। प्रतियोगिता में इंदौर की सजल जैन, भिंड की यति सिंह सिसोदिया और राशि त्रिपाठी का चयन हुआ है, जिनको संसद में प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार रखने का मौका मिलेगा।   इंदौर, भिण्ड और सतना की होनहार बेटिया इंदौर की सजल जैन, भिण्ड की यति सिंह सिसोदिया और सतना की राशि त्रिपाठी ने मध्यप्रदेश विधान सभा में जीत का परचम लहराया है। अब ये तीनों दिल्ली स्थित संसद भवन में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी और प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगी। सजल जैन ने अपने भाषण में कही ये बात बता दें कि इंदौर की सजल जैन ने राष्ट्रीय स्त्तर पर प्रथम स्थान किया है। सजल जैन ने अपने भाषण में अधिकार और कर्तव्य के संतुलन पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि, ‘अधिकारों को दौड़ में हम आगे निकल गए है लेकिन कर्तव्य कही पिछे छूट गए है।’ बेटी ने बढ़ाया मान एकेएस यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविका राशि त्रिपाठी का चयन राष्ट्र स्तरीय ’विकसित भारत युवा संसद’ दिल्ली के लिए हुआ है। वहां वह विश्वविद्यालय और प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगी। दिल्ली युवा संसद में स्वयंसेविका के चयन पर जिला संगठक अधिकारी डॉ. क्रांति मिश्रा, अनंत कुमार सोनी, डॉ. हर्षवर्धन श्रीवास्तव, महेंद्र तिवारी ने शुभकामनाएं दी हैं। फर्स्ट आई सजल जैन बोलीं  हजारों किलोमीटर तीर्थ करते हैं 500 मीटर वोट डालने नहीं जाते सजल जैन ने कहा- मैंने जो बात अलग कही थी वे दो बातें थीं। पहली- संशोधन की थी। 75 सालों में संविधान वो संविधान नहीं रहा जो उस समय गढ़ा गया था। वर्तमान का संविधान उस समय से बहुत अलग है। लेकिन, जो हमारी भावनाएं, इच्छाएं हैं। जो हमें आवश्यकताएं हैं उसके अनुरुप उस संविधान में संशोधन होते गए। और आज संविधान हमारे अनुकूल है। मैंने दूसरी बात रखी थी वो मुख्यत: कर्तव्य की थी। कि हम हजारों किलोमीटर पैदल चलकर तीर्थ यात्रा तो कर लेते हैं। लेकिन, वर्तमान में 500 मीटर की दूसरी तय करके मतदान केन्द्र जाकर मतदान नहीं करते तब हमारे अधिकार तो आगे बढ़ जाते हैं लेकिन, हमारे कर्तव्य पीछे रह जाते हैं। यति सिसोदिया बोलीं जिस भिंड की पहचान डाकुओं से थी वो प्रोग्रेस कर रहा सेकेंड रैंक पर सिलेक्ट हुई यति सिंह सिसोदिया पुरस्कार लेकर सभागार से दौड़कर बाहर आईं और मां को फोन किया। यति की आंखों से आंसुओं की धारा बह रही थी। भरे हुए गले से मां को बताया – मैं सेकेंड आई हूं। अब मैं जाऊंगी दिल्ली और वहां कॉम्पटीशन में भाग लूंगी। मोदी जी के सामने जाऊंगी मुझे यकीन नहीं हो रहा। ठीक है बाय। यति सिंह सिसोदिया ने बताया- मैं मप्र के चंबल क्षेत्र हूं, जो बहुत ज्यादा ही फेमस है अपने डाकुओं के लिए। आज मैं पूरे देश को ये संदेश देना चाहती हूं कि वो क्षेत्र जो कभी डकैती के लिए जाना जाता था। आज प्रगति के लिए जाना जा रहा है। इतने छोटे से भिंड शहर से मप्र की विधानसभा में दूसरा स्थान पाकर भिंड शहर की छोटी सी लड़की यहां खड़ी है। राशि बोलीं- पहली बार इतने बडे़ मंच पर बोली, भरोसा नहीं हो रहा तीसरे नंबर पर सिलेक्ट हुई सतना की राशि त्रिपाठी ने बताया- मैं बहुत खुश हूं कि मेरी थर्ड रैंक लग गई। मैंने संविधान की 75 साल की यात्रा के बारे में बताया था। हम किस तरह प्रोग्रेस कर पा रहे हैं जब से हमारा संविधान लागू हुआ तो हम और हमारा देश किस तरह तरक्की कर रहा है। मुझे अभी भरोसा नहीं हो रहा है कि मेरी पोजिशन लग गई है। ये मेरा पहला स्टेट चैंपियनशिप था। इतने बडे़ मंच पर इससे पहले कभी नहीं बोला। मैं दिल्ली के लिए सिलेक्ट हो गई मेरे लिए इससे बड़ी खुशी कोई और नहीं हो सकती। मेरे सिलेक्शन के बाद मुझे ये महसूस हुआ कि मैं बहुत आगे जा सकती हूं।

मार्च खत्म होने से पहले ही मध्य प्रदेश में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया,खजुराहो सबसे गर्म

भोपाल/ खजुराहो मध्य प्रदेश में मार्च महीने में ही गर्मी के तेवर देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश का तापमान 41 डिग्री के पार पहुंच गया है। छतरपुर के खजुराहो में सीजन में पहली बार गुरुवार को पारा 41.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, ग्वालियर और जबलपुर में 40 डिग्री के आसपास रहा। दमोह, गुना, शिवपुरी, सतना और सागर ऐसे शहर रहे, जहां 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार मार्च के आखिरी और अप्रैल में लूं चलने के आसार हैं। 3 दिन में तेजी से बढ़ा प्रदेश का तापमान मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम से आ रही गर्म हवाओं की वजह से पिछले 3 दिन से तापमान में खासी बढ़ोतरी हुई है। निवाड़ी का पृथ्वीपुर और छतरपुर का खजुराहो सबसे गर्म है। शुक्रवार से कुछ शहरों में पारे में मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है, पर अप्रैल की शुरुआत में लू चल सकती है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, गर्म हवा चलने की वजह से गर्मी का असर बढ़ा है। ग्वालियर, उज्जैन और भोपाल संभाग में दिन का तापमान बढ़ा रहा। अभी एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। हालांकि, यह प्रदेश से दूर है, लेकिन इससे हवा की रफ्तार बढ़ जाएगी और आने वाले दिनों में तापमान में मामूली गिरावट रहेगी। इसलिए तेज गर्मी से थोड़ी राहत सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, गर्म हवा चलने की वजह से गर्मी का असर बढ़ा है। ग्वालियर, उज्जैन और भोपाल संभाग में दिन का तापमान बढ़ा रहा। अभी एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। हालांकि, यह प्रदेश से दूर है, लेकिन इससे हवा की रफ्तार बढ़ जाएगी और आने वाले दिनों में तापमान में मामूली गिरावट रहेगी। प्रदेश में खजुराहो रहा सबसे ज्यादा गर्म मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को कई शहरों में गर्मी का असर देखा गया। खजुराहो (छतरपुर) में 41.4 डिग्री, दमोह में 40.5 डिग्री, गुना, सतना-शिवपुरी में 40.2 डिग्री और सागर में पारा 40 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह मंडला-टीकमगढ़ में 39.8 डिग्री, नर्मदापुरम में 39.6 डिग्री, रीवा में 39.4 डिग्री, शाजापुर में 39.3 डिग्री, सिवनी में 38.8 डिग्री, उमरिया में 38.7 डिग्री, मलाजखंड में 38.5 डिग्री, सीधी, धार-खरगोन में 38.4 डिग्री, बैतूल-रतलाम में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, नरसिंहपुर-नौगांव में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 38.7 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, ग्वालियर में 39.5 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और जबलपुर में पारा 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले में हीट वेव की चेतावनी जारी भोपाल इंदौर उज्जैन ग्वालियर में तापमान 38 डिग्री के आसपास रह सकता है जबकि मालवा इंदौर उज्जैन संभाग के जिले में हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है। तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। जिसके साथ इसे सामान्य से चार डिग्री अधिक रिकार्ड किया गया है ।मौसम विभाग द्वारा इस साल 2025 में अतिरिक्त भीषण गर्मी पड़ने का अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम प्रणाली की बात करें तो वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभअफगानिस्तान और उसके आसपास बना हुआ है। मध्य पाकिस्तान में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात निर्मित हुआ है। शुक्रवार को पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ जाने और चक्रवात के समाप्त होने के साथ ही तापमान में कमी दर्ज की गई है। जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि उमस रहने से लोग परेशान रहेंगे। अप्रैल में एक बार फिर से तापमान में बढ़ोतरी होगी और गर्मी का असर देखने को मिलेगा। सोमवार देर रात से आसमान में घिरेंगे बादल कमजोर मौसम प्रणाली के कारण सोमवार देर रात से आसमान में बादल घिरेंगे। मंगलवार को कुछ इलाकों में हल्के से मध्यम बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में गरज चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवा भी चलेगी। तापमान 35 डिग्री से घटकर 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकते हैं। मध्य प्रदेश के छतरपुर के खजुराहो में तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जबकि दमोह गुना शिवपुरी सतना और सागर में तापमान 40 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया हैं। शिवपुरी में हीट वेव का प्रभाव देखने को मिल रहा है। भोपाल में 38.7 डिग्री, इंदौर में 37.5 डिग्री और ग्वालियर में 39.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। पचमढ़ी में रात का तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। प्रदेश में सामान्य से ज्यादा पारा पिछले 3 दिन से प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ा है। दिन में तीखी धूप खिल रही है। इस कारण लोग बचने के तरीके ढूंढते हैं। दूसरी ओर, कई शहरों में पारा सामान्य से 1 डिग्री से 4.5 डिग्री तक अधिक है। पहले मार्च के आखिरी में प्रदेश में लू का असर रहने की संभावना थी, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने से अब अप्रैल में ही लू का असर रह सकता है। मालवा-निमाड़ यानी, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू का असर रहने की संभावना ज्यादा है। जिनमें रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा, धार आदि शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्यतः दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक या सामान्य से 4.6 डिग्री तक अधिक हो तो हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 28 मार्च: दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। 29 मार्च: इस दिन भी पारे में गिरावट रहेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में पारा

‘अमेरिका हमें तोड़ना चाहता हैं, लेकिन ये कभी नहीं होगा!’ – ऑटो टैरिफ पर कनाडा का पलटवार

ओटावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति से कनाडा में हलचल मच गई है. ट्रंप ने ऑटो आयात पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिसे व्हाइट हाउस घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के तौर पर देख रहा है. लेकिन कनाडा को यह फैसला नागवार गुजरा है. प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इसे ‘प्रत्यक्ष हमला’ बताते हुए कहा कि इससे न सिर्फ कनाडा बल्कि खुद अमेरिका को भी नुकसान होगा. कार्नी का कड़ा रुख: ‘हम अपने देश की रक्षा करेंगे’ कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ट्रंप के इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए साफ कहा, “हम अपने कर्मचारियों, कंपनियों और देश की रक्षा करेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि वे ट्रंप के कार्यकारी आदेश का पूरा विवरण देखने के बाद जवाबी कार्रवाई करने पर विचार करेंगे. कनाडाई ऑटो सेक्टर पर खतरा कार्नी ने ट्रंप के फैसले से प्रभावित होने वाले कनाडाई ऑटो सेक्टर को बचाने के लिए 2 बिलियन कनाडाई डॉलर (1.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का ‘रणनीतिक प्रतिक्रिया कोष’ बनाने की घोषणा की है. यह फंड उन कनाडाई ऑटो कर्मचारियों की मदद करेगा, जिनकी नौकरियों पर इस टैरिफ का असर पड़ सकता है. गौरतलब है कि ऑटोमोबाइल कनाडा का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक सेक्टर है. यहां 1.25 लाख से ज्यादा लोग इस क्षेत्र में सीधे काम करते हैं, जबकि 5 लाख लोग इससे जुड़े अन्य उद्योगों में कार्यरत हैं. कार्नी ने साफ कहा, ‘हम अपने ऑटो कर्मचारियों के लिए हमेशा खड़े रहेंगे.’ ट्रंप का दावा – ‘इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा होगा’ ट्रंप ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि यह टैरिफ अमेरिका के ऑटोमोटिव सेक्टर को मजबूत करेगा और घरेलू उत्पादन बढ़ाएगा. उन्होंने कहा, ‘हम प्रभावी रूप से 25% टैरिफ लगाएंगे, यह स्थायी रहेगा.’ हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होगी और वाहन निर्माताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा. अमेरिकी उपभोक्ताओं और कंपनियों को होगा बड़ा नुकसान कार्नी ने ट्रंप के इस फैसले को सिर्फ कनाडा के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिकी उपभोक्ताओं और कंपनियों के लिए भी नुकसानदायक बताया. उन्होंने कहा, “उनका व्यापार युद्ध अमेरिकी श्रमिकों को नुकसान पहुंचा रहा है और इससे और भी नुकसान होगा.” इस बात की पुष्टि एक रिपोर्ट से भी होती है, जिसमें बताया गया है कि मार्च में अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास सूचकांक 7.2 अंक गिरकर 92.9 पर पहुंच गया है, जो जनवरी 2021 के बाद सबसे निचला स्तर है. पहले भी टैरिफ लगा चुके हैं ट्रंप यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने कनाडा पर टैरिफ लगाया है. इससे पहले भी उन्होंने कनाडा के स्टील और एल्युमीनियम पर 25% टैरिफ लगाया था. अब 2 अप्रैल से कनाडा सहित सभी व्यापारिक साझेदारों पर भी टैरिफ लगाने की धमकी दी है. कनाडा का करारा जवाब – ‘हम झुकेंगे नहीं!’ कार्नी ने ट्रंप की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘वह हमें कमजोर करना चाहते हैं ताकि अमेरिका हम पर हावी हो सके. लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा, क्योंकि हम सिर्फ अपने बारे में नहीं सोचते, हम एक-दूसरे के बारे में सोचते हैं.’ अब देखना यह होगा कि क्या कनाडा इस फैसले के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई करता है या बातचीत से हल निकालने की कोशिश करता है. लेकिन एक बात तय है – ट्रंप के इस फैसले से दुनियाभर में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री प्रभावित होगी. किस देश पर कितना पड़ेगा असर? कनाडा और अमेरिका की अर्थव्यवस्थाएं एक दूसरे पर काफी हद तक निर्भर रही हैं. दोनों देश उत्तरी अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते यानी नाफ्टा के तहत व्यापार करते हैं. 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, कनाडा एक तरह से अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार देश है. अमेरिका, कनाडा से लगभग 421 अरब डॉलर का सामान आयात करता है, जिसमें कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और ऑटोमोबाइल पार्ट्स शामिल हैं. कनाडा एक तरह से अमेरिका को 60 फीसदी से अधिक कच्चा तेल और 85 फीसदी से अधिक प्राकृतिक गैस की सप्लाई करता है. इसके बंद होने से अमेरिका में ऊर्जा की कीमतें आसमान छू सकती हैं. वहीं, कनाडा की अर्थव्यवस्था भी अमेरिका पर बहुत अधिक निर्भर है. कनाडा अपने कुल निर्यात का लगभग 75 फीसदी अमेरिका को भेजता है. अगर यह बाजार बंद हो जाए, तो कनाडा की जीडीपी में भारी गिरावट आ सकती . कनाडा के लिए नए व्यापारिक साझेदार ढूंढना आसान नहीं होगा. यूरोप और एशिया के साथ दूरी और लागत के कारण तत्काल विकल्प सीमित हैं. इससे बेरोजगारी और आर्थिक संकट बढ़ सकता है. बता दें कि कनाडा और अमेरिका न सिर्फ पड़ोसी हैं, बल्कि नाटो और NORAD (North American Aerospace Defense Command) जैसे सैन्य गठबंधनों से भी जुड़े हुए हैं. ट्रंप के किस फैसले पर भड़का कनाडा? ट्रंप ने अमेरिका में आयात होने वाली कारों पर 25 फीसदी का टैरिफ लगा दिया है. ट्रंप का यह नया टैरिफ दो अप्रैल से लागू होने जा रहा है. माना जा रहा है कि इस टैरिफ से अमेरिका को तकरीबन 100 अरब डॉलर का फायदा होगा. ट्रंप का यह 25 फीसदी टैरिफ इम्पोर्टेड कार और ऑटो पार्ट्स पर लगेगा. ट्रंप को उम्मीद है कि इससे अमेरिकी ऑटो कंपनियों का रेवेन्यू बढ़ेगा लेकिन दूसरी तरफ इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भी है क्योंकि टैरिफ का बोझ आखिर में ग्राहकों पर पड़ सकता है. इसके अलावा ट्रंप ने 2 अप्रैल से भारत और कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान भी किया है. ट्रंप ने इसी महीने अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत जैसे कई देश बहुत ज्यादा टैरिफ लेते हैं, अब अमेरिका भी ऐसा ही करेगा. माना जा रहा है कि 2 अप्रैल से एक नया ट्रेड वॉर शुरू हो सकता है.

DA Hike पर आज आया बड़ा फैसला, खत्म हुआ केंद्रीय कर्मचारियों-पेंशनर्स का इंतजार, कितनी बढ़ेगी सैलरी?

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है. केंद्रीय कैबिनेट बैठक में सरकार की ओर से यह बड़ा फैसला लिया गया है. इस बढ़ोतरी के साथ ही अब केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनर्स का महंगाई राहत (DR) 53 फीसदी से बढ़कर 55 फीसदी हो जाएगा. आखिरी बार बढ़ोतरी जुलाई 2024 में हुई थी, जब महंगाई भत्ता 50 फीसदी से बढ़ाकर 53 फीसदी कर दिया गया था. अब 2 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 2 फीसदी का और महंगाई भत्ता जोड़ा जाएगा. यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से प्रभावी मानी जाएगी. महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा. कितनी बढ़ जाएगी सैलरी     अगर किसी की बेसिक सैलरी 50 हजार रुपये है तो 53% डीए के हिसाब से उसे ₹26,500 का महंगाई भत्ता मिलता होगा, लेकिन 55 फीसदी के डीए के हिसाब से उसे ₹27,500 का डीए मिलेगा. यानी कर्मचारियों की सैलरी में 1 हजार रुपये का इजाफा होगा.     वहीं 70 हजार रुपये की बेस‍िक सैलरी पर अभी महंगाई भत्ता ₹37,100 मिलता होगा, लेकिन 55 फीसदी डीए के हिसाब से ₹38,500 महंगाई भत्ता मिलेगा. यानी ऐसे कर्मचारियों की सैलरी में ₹1,400 की बढ़ोतरी होगी.     इसी तरह, ₹1,00,000 बेसिक सैलरी वालों को 53 प्रतिशत डीए के हिसाब से ₹53,000    महंगाई भत्ता मिलता होगा, लेकिन अब 55 फीसदी के हिसाब से 55 हजार रुपये का डीए मिलेगा. यानी कर्मचारियों की सैलरी में 2 हजार रुपये मंथली की बढ़ोतरी होगी. कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर असर कर्मचारियों के लिए यह Dearness Allowance (DA) कहलाता है, जबकि पेंशनर्स के लिए इसे Dearness Relief (DR) कहा जाता है। इस बढ़ोतरी का फायदा सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर असर कर्मचारियों के लिए यह Dearness Allowance (DA) कहलाता है, जबकि पेंशनर्स के लिए इसे Dearness Relief (DR) कहा जाता है। इस बढ़ोतरी का फायदा सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। सैलरी पर असर एक एंट्री-लेवल कर्मचारी (Multi Tasking Staff – MTS) जिसकी मूल वेतन ₹18,000 है, उसे इस 2% DA बढ़ोतरी से सीधे फायदा होगा। वर्तमान में 53% DA के तहत इस कर्मचारी को ₹9,540 मिल रहा है। 2% बढ़ोतरी के बाद DA बढ़कर ₹9,900 हो जाएगा, जिससे ₹360 की बढ़ोतरी होगी। अगर DA 3% बढ़ता, तो यह ₹10,080 तक पहुंच जाता और ₹540 की वृद्धि होती। जनवरी 2025 से लागू होगी बढ़ोतरी, एरियर मिलेगा सरकार द्वारा जो भी DA बढ़ोतरी की जाएगी, वह 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगी। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को जनवरी 2025 से मिलने वाले अतिरिक्त पैसे का एरियर भी दिया जाएगा। सरकार ने पिछली बार जुलाई 2024 में 3% महंगाई भत्ते में वृद्धि की थी, जिससे DA 50% से बढ़कर 53% हुआ था। अब एक और बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है, जिससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी।      

रायपुर नगर निगम का 1529 करोड़ का बजट, महापौर मीनल चौबे निखारेगी रायपुर

रायपुर ‘हमने बनाया है हम ही संवारेंगे, रायपुर को स्वर्ग सा निखारेंगे, हर गली हर मोड़ चमकायेंगे, नव निर्माण की लौ जलायेंगे’ की शायरी के साथ महापौर मीनल चौबे ने रायपुर नगर निगम के लिए अपना पहला बजट पेश किया. कुल 1529 करोड़ 53 लाख 28 हजार रुपए के बजट में 1528 करोड़ 73 लाख 83 हजार रुपए का व्यय तो 79 लाख 45 हजार रुपए मुनाफे का अनुमान जताया गया है. महापौर मीनल चौबे ने बजट में रायपुर नगर निगम के आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल अनुमानित आय 1,462 करोड़ 41 लाख 87 हजार रुपए बताया है, जिसमें पूंजीगत आय 856 करोड़ 58 लाख 42 हजार रुपए और डिपॉजिट वर्क आय 46 करोड़ 17 लाख 25 हजार रुपए है. महापौर ने बताया कि लोक कर्म विभाग से संबंधित कार्यों के लिए कुल 97 करोड़ 03 लाख 56 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अंतर्गत मुख्य रूप से बड़े नालों के निर्माण के लिए 05 करोड़, सीमेंट मार्ग निर्माण के लिए 01 करोड़, मार्ग का डामरीकरण के लिए 05 लाख, जोन कार्यालय एवं प्रत्येक वार्ड में कार्यालय भवन के लिए 02 करोड़, फुटपाथ एवं पेवर निर्माण के लिए 50 लाख, चौराहों का पुनर्विकास के लिए 10 करोड़, नाली निर्माण के लिए 05 करोड़, डब्लूबीएम मार्ग के लिए 01 करोड़, महापौर निधि के लिए 02 करोड़ 25 लाख, अध्यक्ष निधि के लिए 01 करोड़ 50 लाख का प्रावधान रखा गया है. वहीं जल कार्य विभाग से संबंधित कुल व्यय का 68 करोड़ 25 लाख 18 हजार रुपए का अनुमान जताया गया है. इसके पेयजल परिवहन कार्य के लिए 01 करोड़ 50 लाख रुपए, पावर पंप क्रय/स्थापना कार्य के लिए 30 लाख रुपए, जल व्यवस्था के लिए 02 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. राजस्व विभाग के लिए 14 करोड़ 52 लाख 63 हजार रुपए के व्यय का प्रस्ताव किया गया है. इसमें अलावा खाद्य, लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के लिए 77 करोड़ 55 लाख 27 हजार रुपए का प्रावधान रखा गया है. इसमें मच्छर उन्मूलन, आवारा कुत्तों के बधियाकरण, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, मशीन क्रय, सफाई मित्र योजना, चिकित्सालयों के लिए दवाइयों एवं उपकरणों की खरीद शामिल है. विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के लिए 73 करोड़ 99 लाख 29 हजार रुपए के व्यय का अनुमान जताया गया है. इसके अंतर्गत मार्ग विद्युतीकरण के लिए 01 करोड़ रुपए, सौर ऊर्जा से संबंधित कार्यों के लिए 50 लाख रुपए, विद्युत सामग्री क्रय के लिए 02 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. गरीबी उन्मूलन एवं सामाजिक कल्याण विभाग के लिए 88 लाख 60 हजार रुपए का व्यय प्रावधानित किया गया है. वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए कुल 42 लाख 56 हजार रुपए का प्रस्ताव किया गया है. इसके अंतर्गत निगम क्षेत्र की निर्धन महिलाओं को कुटीर उद्योगों के माध्यम से स्व-रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा. बजट में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के लिए 07 करोड़ 89 लाख 57 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है. वहीं अनुसूचित जाति एवं जनजाति वार्डों के विकास कार्यों के लिए 06 करोड़ 60 लाख रुपए का प्रावधान है. इसके साथ इस वर्ग के युवाओं एवं महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का विशेष प्रावधान रखा गया है. इसके अलावा खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 02 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसमें खिलाड़ियों के लिए खेल शिविर, खेल प्रशिक्षण एवं वार्षिक समारोह का खर्च शामिल है. पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग के लिए 27 करोड़ 10 लाख 90 हजार रुपए के व्यय का प्रस्ताव रखा गया है. इसमें नवीन उद्यानों की स्थापना के लिए 08 करोड़ 80 लाख रुपए, उद्यानों का संधारण के लिए 03 करोड़ 85 लाख रुपए, खेलकूद सामग्री के लिए 02 करोड़ 20 लाख रुपए, वृक्षारोपण के लिए 02 करोड़ 75 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है. संस्कृति, पर्यटन, मनोरंजन एवं विरासत संरक्षण विभाग के लिए 03 करोड़ 42 लाख 55 हजार रुपये का व्यय प्रस्तावित किया गया है. इसमें छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु संगोष्ठियों का आयोजन एवं प्रोत्साहन, निगम कर्मचारियों एवं जनता के लिए संगीत एवं सांस्कृतिक क्लबों की स्थापना के लिए व्यय शामिल है. इसके साथ जोन व्यय के लिए जोन कार्यालयों के माध्यम से 189 करोड़ 93 लाख 69 हजार रुपए के व्यय का प्रस्ताव रखा गया है. इसमें सफाई ठेका के लिए 58 करोड़ 01 लाख 25 हजार रुपए, गालियों का कांक्रीटीकरण – 17 करोड़ 64 लाख 20 हजार रुपए, मार्ग संधारण के लिए 10 करोड़ 77 लाख 54 हजार रुपए, सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 07 करोड़ 74 लाख 98 हजार रुपए, समस्त भवनों का वार्षिक संधारण के लिए 03 करोड़ 37 लाख 71 हजार रुपए, नालियों का वार्षिक संधारण के लिए 06 करोड़ 95 लाख 38 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा पार्षद निधि के लिए 05 करोड़ 25 लाख 29 हजार रुपए, सार्वजनिक कुओं और तालाबों की सफाई के लिए 02 करोड़ 28 लाख 35 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही पूंजीगत व्यय में कुल 789 करोड़ 89 लाख 50 हजार रुपए के व्यय का अनुमानित प्रस्ताव किया गया है. इसमें सबके लिए आवास योजना के लिए 45 करोड़ रुपए, अमृत मिशन योजना के लिए 05 करोड़ रुपए, खारून नदी में मिलने से पहले नालियों के पानी के शुद्धिकरण के लिए ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 01 करोड़ रुपए, अधोसंरचना मद के लिए 94 करोड़ 70 लाख रुपए, नगर विकास योजना/मार्ग चौड़ीकरण के लिए 120 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. बजट में बीएसयूपी योजना के लिए 01 करोड़ रुपए, आश्रय शुल्क के लिए 50 लाख रुपए, वार्षिक संधारण के लिए 15 करोड़ रुपए, पुष्पवाटिका योजना के लिए 80 लाख रुपए, गोकुल नगर विकास कार्य – 80 लाख रुपए, जिमखाना/व्यायामशाला के लिए 02 करोड़ रुपए, सरोवर धरोहर योजना के लिए 01 करोड़ 50 लाख रुपए, राजीव आवास योजना के लिए 20 लाख रुपए, उन्मुक्त खेल मैदान योजना (पंडरी स्थित प्रगति मैदान सहित) के लिए 80 लाख रुपए, पार्षदों की अनुशंसा पर किए जाने वाले कार्यों के लिए 04 करोड़ 78 लाख रुपए, मुक्तिधाम योजना के लिए 80 लाख रुपए, सार्वजनिक प्रसाधन योजना के लिए 80 लाख रुपए, चौराहों पर जेब्रा क्रॉसिंग के लिए 01 … Read more

म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, 7.7 रही तीव्रता, फ्लाईओवर ढहा, 43 लोग लापता

बैंकॉक  म्यांमार और थाईलैंड में आए खतरनाक भूकंप से भारी तबाही मचने की आशंका है। थाईलैंड से खतरनाक तस्वीरें सामने आ रहे हैं। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बहुमंजिला इमारत को धड़ाम से जमीन पर गिरते हुए देखा गया है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया है कि शुक्रवार को म्यांमार और थाईलैंड में रिक्टर पैमाने पर 7.2 तीव्रता का खतरनाक भूकंप आया है। भूकंप पूरे देश में झटके महसूस किए गए। दिल्ली एनसीआर तक भूकंप के झटके महूसक किए गये हैं। सबसे खतरनाक बात ये है कि भूकंप का केन्द्र जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर अंदर था, जिससे भारी तबाही की आशंका है। म्यांमार में भूकंप से भारी तबाही, कई इमारतें जमींदोज, इमरजेंसी घोषित .म्यांमार-थाईलैंड भूकंप: भारत हर संभव मदद देने के लिए तैयार- पीएम मोदी. कोलकाता, इंफाल में हल्के झटके महसूस किए गए समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बैंकॉक में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने के बाद कोलकाता और इंफाल में हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र मध्य म्यांमार में था, जो मोनीवा शहर से लगभग 50 किलोमीटर पूर्व में है। हालांकि, अभी तक किसी नुकसान की खबर नहीं है। यूएसजीएस ने एक बयान में कहा कि भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:50 बजे के आसपास म्यांमार के सागाइंग शहर के उत्तर-पश्चिम में 16 किलोमीटर की दूरी पर 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। बैंकॉक में भी भूकंप से तबाही की आशंका है। लोग अपने घरों से बाहर भागते हुए देखे गए हैं और कुछ वीडियो में खाना खाते समय लोगों को हिलते हुए दिखाया गया। सबसे खतरनाक वीडियो थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक है, जिसमें एक बहुमंजिला इमारत को ताश के पत्तों की तरह धड़ाम से गिरते हुए देखा गया है। पहला झटका सुबह 11.50 बजे आया 12 मिनट बाद दूसरा झटका महसूस हुआ भूकंप में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा कुछ समाचार एजेंसियों ने रिपोर्ट किया है कि शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 और 6.4 तीव्रता के दो लगातार भूकंप आए। दावा किया जा रहा है कि म्यांमार के मांडले में इरावदी नदी पर बना सुप्रसिद्ध अवा ब्रिज गिर गया है। भूकंप में कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। भूकंप इतना तेज था कि करीब 900 किलोमीटर दूर बैंकॉक में भी इसके झटके महसूस किए गए। बैंकॉक में निर्माणाधीन इमारत ढह गई: पुलिस बैंकॉक पुलिस का कहना है कि दोपहर में थाई राजधानी में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में निर्माणाधीन ऊंची इमारत ढह गई। संभावित हताहतों की संख्या अभी तक पता नहीं चल पाई है। पुलिस के मुताबिक, बैंकॉक के लोकप्रिय चतुचक मार्केट के पास घटना हुई। इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं है कि ढहने के समय साइट पर कितने श्रमिक थे? एक मिनट तक हिलती रही धरती सोशल मीडिया वेबसाइट X पर बैंकॉक में आए भूकंप से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। लोगों ने कहा कि भूकंप के दौरान जमीन करीब एक मिनट तक हिलती रही, जिससे पूरे शहर में अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। भूकंप में पूरी तरह नष्ट हो गया पुल म्यांमार में एतिहासिक शाही महल मांडले पैलेस के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, सागाइंग क्षेत्र के सागाइंग टाउनशिप में एक पुल भूकंप में पूरी तरह नष्ट हो गया। राजधानी नेपीता के अलावा क्यौकसे, प्यिन ऊ ल्विन और श्वेबो में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इन शहरों की आबादी 50 हजार से ज्यादा है। भूकंप से म्यांमार और थाईलैंड में तबाही म्यांमार से भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक तीन मंजिला मकान को धाराशाई देखा जा रहा है। लोगों को भूकंप के बाद अपनी जान बचाने के लिए भागते देखा जा रहा है। बैंकॉक में ऊंची इमारत ढहने पर धूल के बादल से भागते लोग दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा म्यांमार की सीमा से लगे युन्नान और गुआंग्शी प्रांतों में चीनी सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा है कि उन्होंने भूकंप को तीव्रता से महसूस किया। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो के मुताबिक म्यांमार के अवा और सागाइंग क्षेत्रों को जोड़ने वाला एक पुल शुक्रवार को देश के मध्य भाग में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद ढह गया है। फुटेज में देश के उत्तर से दक्षिण तक बहने वाली इरावदी नदी में गिरने के बाद पुराने सागाइंग पुल के कुछ हिस्से दिखाई दे रहे हैं। पहला झटका सुबह 11.50 बजे आया 12 मिनट बाद दूसरा झटका महसूस हुआ भूकंप में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा कुछ समाचार एजेंसियों ने रिपोर्ट किया है कि शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 और 6.4 तीव्रता के दो लगातार भूकंप आए। दावा किया जा रहा है कि म्यांमार के मांडले में इरावदी नदी पर बना सुप्रसिद्ध अवा ब्रिज गिर गया है। भूकंप में कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। भूकंप इतना तेज था कि करीब 900 किलोमीटर दूर बैंकॉक में भी इसके झटके महसूस किए गए। बैंकॉक में निर्माणाधीन इमारत ढह गई: पुलिस बैंकॉक पुलिस का कहना है कि दोपहर में थाई राजधानी में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में निर्माणाधीन ऊंची इमारत ढह गई। संभावित हताहतों की संख्या अभी तक पता नहीं चल पाई है। पुलिस के मुताबिक, बैंकॉक के लोकप्रिय चतुचक मार्केट के पास घटना हुई। इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं है कि ढहने के समय साइट पर कितने श्रमिक थे? भूकंप से जुड़े अपडेट यहां पढ़ें:- – थाईलैंड और म्यांमार के कई शहरों में इमारतें ढह गई हैं. – बैंकॉक में टावर जमींदोज हो गया है जबकि दर्जनों लोग लापता हैं. – USGS का कहना है कि हजारों लोगों के मरने की आशंका है. – मेघालय के गारो हिल्स में भी 4.0 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया. – सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें गगनचुंबी इमारतों को भूकंप के झटकों की वजह से हिलते देखा जा सकता है. कई इमारतें झुक गई हैं. धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं. एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड … Read more

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