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मध्य प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अब फ्लैट में भी फैक्ट्रियां खोली जाएंगी, 16 फरवरी को भूमिपूजन

भोपाल  मध्य प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अब फ्लैट में भी फैक्ट्रियां खोली जाएंगी. मध्य प्रदेश में इस तरह का पहला प्रयोग राजधानी भोपाल से सटे मंडीदीप में किया जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 16 फरवरी को इसका भूमिपूजन करने जा रहे हैं. इस प्लान के तहत एक छह मंजिला बिल्डिंग बनाई जा रही है, जिसमें छोटे उद्योगों को फ्लैट जैसी जगह उपलब्ध कराई जाएगी. इसका फायदा उन उद्योगों को मिलेगा जिन्हें इंडस्ट्रियल एरिया में बड़ी जगह की जरूरत नहीं होती और छोटे स्थान पर ही अपनी इंडस्ट्री चला सकेंगे. बिल्डिंग ऐसी कि छोटे वाहन ऊपर तक पहुंचेंगे मध्य प्रदेश सरकार उद्योगों को बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा निवेश लाने की कोशिश में जुटी हुई है. इसके लिए 24 और 25 फरवरी को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट भी आयोजित की जा रही है. निवेश की राह आसान बनाने के लिए सरकार उद्योगों से जुड़ी नीतियों को भी फ्रेंडली बना रही है. बड़े उद्योगों के अलावा छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार मल्टीस्टोरी इंडस्ट्री एरिया का कंसेप्ट लेकर आई है. इसमें भोपाल के नजदीक मंडीदीप इंडस्टिल एरिया सहित दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाई जाएगी. मंडीदीप में 30 एकड़ से ज्यादा भूमि पर निर्माण मोहन यादव सरकार के मल्टीस्टोरी इंडस्ट्री एरिया कंसेप्ट के लिए मंडीदीप इंडस्ट्रियल एरिया में 30.89 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है. यहां बनाई जा रही 6 मंजिला बिल्डिंग में हर मंजिल पर 128 यूनिट के लिए जगह उपलब्ध होगी. इस तरह एक भवन में 768 छोटे उद्योग चल सकेंगे. बिल्डिंग को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि छोटे वाहन ऊपर तक माल या अन्य सप्लाई लेकर पहुंच जाएं. इसके लिए इसमें हैवी लिफ्ट भी लगाई जाएगी. मंडीदीप एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल कहते हैं, ” इस योजना से इंडस्ट्रियल एरिया में छोटे उद्योगों को जगह मिलेगी. सरकार का यह अच्छा कदम है. कुछ राज्यों में इस कंसेप्ट पर काम किया गया, जिसके अच्छे नतीजे रहे हैं. फ्लैट में फैक्ट्रियां खोलने का क्या फायदा? फ्लैट में फैक्ट्रियां खोलने के लिए बनाई जाने वाली बिल्डिंग में एक इंडस्ट्री को 1178 वर्ग फीट की जगह उपलब्ध कराई जाएगी. इस मल्टी में इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने, आईटी और इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े छोटे उद्योग संचालित हो सकेंगे. इसके अलावा बड़े उद्योगों के सपोर्ट में बनने वाले छोटे इक्युपमेंट का निर्माण भी यहां हो सकेगा. इस तरह छोटे उद्योगों के लिए इंडस्ट्रियल एरिया में जगह उपलब्ध कराना भी आसान हो जाएगा.

‘112 इंडिया’ एप को डायल100 से एकीकृत किया जाएगा, एप में आपातकालीन सेवाओं की 12 सुविधाएं उपलब्ध

भोपाल  प्रदेश के लोगों को अब पुलिस व अन्य विभागों से जुड़ी वे सभी आपातकालीन सुविधाएं मिल सकेंगी, जो ‘112 इंडिया’ एप में उपलब्ध हैं। उदाहरण के रूप में एप के माध्यम से कोई व्यक्ति पैनिक बटन को क्लिक करता है, तो इसकी सूचना उस क्षेत्र के 112 कंट्रोल रूम में मिल जाएगी। पुलिस मुख्यालय इस एप को डायल-100 के साथ एकीकृत करने जा रहा है। इसके लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया चल रही है। अभी हेल्पलाइन नंबर 112 पर कोई काल करता है, तो प्रदेश में डायल-100 के कंट्रोल रूम से कॉल जुड़ जाती है, पर इस एप के माध्यम से सुविधा नहीं मिल पा रही थी। आमजन की सुरक्षा का रखा है पूरा ध्यान एप में आमजन की सुरक्षा से जुड़े 12 तरह के फीचर हैं। चिकित्सा और आपातकालीन सेवाएं, एंबुलेंस, फयर ब्रिगेड जैसी सुविधाएं इस एप से प्राप्त की जा सकती हैं। इसमें आपातकालीन सेवा प्राप्त करने के लिए फोटो और वीडियो अपलोड करने की सुविधा भी है। आपातकाली हेल्पलाइन नंबरों को 112 से जोड़ा     बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों को एकीकृत कर 112 से जोड़ दिया है। एप से भी सभी सुविधाएं प्राप्त की जा सकती हैं।     रेडियो दूरसंचार मुख्यालय ने एप को डायल-100 सेवा से एकीकृत करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। एजेंसी चयन होने में लगभग दो माह लगेंगे। इसके बाद एक माह दोनों सेवाओं को एकीकृत करने में लगेंगे। एप में ज्यादा सुविधाएं..     बता दें कि कॉल करने की तुलना में एप में ज्यादा सुविधाएं हैं। सबसे बड़ा लाभ यह कि सहायता मांगने वाले की लोकेशन भी एप के माध्यम से नियंत्रण कक्ष तक पहुंच जाती है। इसी तरह ट्रेन में यात्रा करते समय कोई समस्या आती है, तो उसके लिए भी एप के माध्यम से सहायता ली जा सकती है।     अधिकारियों ने बताया कि सहायता के लिए 100 या 112 नंबर डायल करने सबसे पहले सूचना डायल-100 के नियंत्रण कक्ष में आती है। इसके बाद उस कॉल को संबंधित काल सेंटर से जोड़ा जाता है, जैसे रेलवे में सुरक्षा संबंधी सहायता मांगने पर उसे आरपीएफ व जीआरपी के कंट्रोल रूम से तत्काल जोड़ दिया जाता है।  

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आधुनिक ड्रोन और सीसीटीवी से बिल्डिंग से लेकर सड़कों के चप्पे चप्पे पर नजर रखी जाएगी

भोपाल मप्र की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) का आयोजन 24 और 25 फरवरी को होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी सुबह दस बजे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में जीआईएस का शुभारंभ करेंगे। पीएम मोदी के साथ करीब दो दर्जन देशों के राजनयिक और दर्जन भर से अधिक देशों के उद्योगपति भी भोपाल आने वाले हैं। भारत के लगभग सभी बड़े उद्योगपतियों या उनके प्रमुख पदाधिकारी जीआईएस में शामिल होने भोपाल आ रहे हैं। इनकी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आधुनिक एक दर्जन ड्रोन और सीसीटीवी से बिल्डिंग से लेकर सड़कों के चप्पे चप्पे पर नजर रखी जाएगी। इसमें वीवीआईपी और वीआईपी मेहमानों के लिए तय रूट को चिन्हित किया गया है। जिन पर पुलिसकर्मी के साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जीआईएस में बिना पास के किसी को भी एंट्री नहीं मिलेगी। अंदर प्रवेश करने के लिए हर व्यक्ति को हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर और डिजिटल मल्टी-फंक्शन डिटेक्टर से होकर जाना होगा। तीन हजार पुलिस कर्मी रहेगे तैनात भोपाल के राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में दो दिन जीआईएस का आयोजन होगा। इसके अलावा शहर की 50 होटलों में मेहमानों के ठहरने के इंतजाम किए गए हैं। 100 तंबुओं की टेंट सिटी भी बनाई जा रही है। इन सभी जगह पुलिसकर्मी तैनात होंगे। करीब तीन हजार पुलिस कर्मी पूरी व्यवस्था में लगेंगे। साथ ही रिजर्व में भी पुलिस बल रखा जाएगा। सख्त सुरक्षा के लिए आसपास के जिलों से भी पुलिस बल को बुलाया गया है। ट्रैफिक रूट पर भी होगी निगरानी जीआईएस के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने आठ अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए हैं। इन मार्गों पर वीवीआई और वीआईपी मेहमानों का आना जाना होगा। ऐसे में इन रूट के अलावा उनकी पार्किग पर भी पुलिस विशेष निगरानी रखेगी। पुलिस ने संवेदनशील और निर्माणाधीन जगहों पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी है। तीसरी आंख से रहेगी हर गतिविधि पर नजर जीआईएस में शामिल होने वाले वीवीआईपी की सुरक्षा के पुख्ता इंतजार किए गए हैं। जीआईएस से लेकर चिन्हित मार्गों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। होटल, रेस्टारेंट और वीवीआई-वीआईपी मूवमेंट वाले स्थानों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। वीवीआईपी थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था के घेरे में रहेंगे।   एसपीजी के साथ होगी अधिकारियों की बैठक प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के अधिकारियों की एक राउंड की बैठक मध्यप्रदेश पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हो चुकी है। संभवत: 16 या 17 फरवरी को एसपीजी की एक टीम भोपाल पहुंचने वाली है जो प्रधानमंत्री के भोपाल स्टेट हैंगर पर उतरने के साथ ठहरने, कार्यक्रम स्थल तक आने-जाने वाले पूरे मार्ग का निरीक्षण करेगी। इसके बाद मप्र पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर खाका तैयार कर रणनीति बनाई जाएगी। थ्री लेयर सिक्योरिटी की तैयारी की जा रही भोपाल पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि थ्री लेयर सिक्योरिटी की तैयारी की जा रही है। कुछ दिनों में पुलिस मुख्यालय और प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक होने जा रही है। इसके साथ ही एसपीजी के साथ बैठक कर सुरक्षा का पूरा खाकर तैयार किया जाएगा, इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि सुरक्षा में कितना बल लगाया जाएगा।  

राजधानी भोपाल में इन लोकेशन्स पर आसमान छूएंगे प्रॉपर्टी के दाम, नई कलेक्टर गाइडलाइन के लिए शेड्यूल जारी

भोपाल  शहर में डेढ़ हजार से अधिक स्थानों पर बढ़ीं हुई दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इन पर प्रापर्टी के दाम बढ़ाए जा सकते हैं। दरअसल पंजीयन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा एआई की मदद से सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे के आधार पर ही कलेक्टर गाइडलाइन 2025-26 के प्रस्ताव को तैयार किया जाएगा। पंजीयन विभाग के सूत्रों के अनुसार,वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो हजार से अधिक स्थानों पर सर्वाधिक रजिस्ट्रियां हुई हैं। इनमें से शहरी क्षेत्र में एक हजार 500 और ग्रामीण क्षेत्र करीब 500 स्थान शामिल हैं। बता दें कि पिछले साल दूसरी बार प्रापर्टी के दाम बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था लेकिन बिल्डर और जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए विरोध के चलते इस पर रोक लग गई थी लेकिन अब नये सिरे से गाइडलाइन तैयार की जा रही है। नगर निगम क्षेत्र में बढ़ेंगे सबसे अधिक रेट राजस्व अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर भोपाल जिले का 3 हिस्सों में सर्वे किया जा रहा है. इसमें नगर निगम क्षेत्र, प्लानिंग एरिया और नान प्लानिंग एरिया शामिल हैं. इनमें सबसे अधिक रेट नगर निगम सीमा में आने वाली जमीनों के बढ़ेंगे. इसके साथ प्लानिंग और नान प्लानिंग एरिया की करीब 100 लोकेशन को नगर निगम में भी शामिल किया जाएगा. जमीनों के दो आधार पर बढ़ेंगे रेट कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि “अभी कई लोकेशन ऐसी हैं, जहां कलेक्टर गाइड लाइन से अधिक दामों पर रजिस्ट्रियां हो रही हैं. ऐसे स्थानों को राजस्व अधिकारी चिंहित कर रहे हैं. इसके बाद इन क्षेत्रों में प्रापर्टी के रेट बढ़ेंगे. कलेक्टर सिंह ने बताया कि दूसरे ऐसे क्षेत्र, जहां अधिक मात्रा में रजिस्ट्रियां हो रही हैं. इनमें भी नई कलेक्टर गाइड लाइन में जमीनों के दाम बढ़ेंगे.” एआई और संपदा साफ्टवेयर से हो रहा सर्वे अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1443 स्थानों पर कलेक्टर गाइड लाइन के रेट बढ़ाए गए थे. इस बार 2 हजार से अधिक लोकेशन में दाम बढ़ सकते हैं. जिन इलाकों में कलेक्टर गाइड लाइन में दरें बढ़नी हैं, उनका सर्वे संपदा 2.0 साफ्टवेयर और एआई के माध्यम से किया जा रहा है. इसके साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारी ग्राहक बनकर भी किसान और बिलडरों से जमीनों के रेट की जानकारी ले रहे हैं. अधिकारियों ने ग्राहक बनकर किया निरीक्षण इन इलाकों में रेट बढ़ने के पीछे मुख्य कारण ये है कि यहां रजिस्ट्री बहुत ज्यादा दरों पर हुई हैं। दूसरा ऐसे इलाके, जहां बहुत ज्यादा रजिस्ट्री हुई हैं। अधिकारियों ने इन दोनों इलाकों का ग्राहक बनकर निरीक्षण किया और रेट के बारे में जानकारी जुटाई। इसके अलावा, सोशल मीडिया और ब्रोशर के विज्ञापनों का भी अध्ययन किया गया। अधिकारियों के अनुसार कई इलाकों में कलेक्टर गाइडलाइन के आसपास लेकिन रजिस्ट्री ज्यादा संख्या में हुईं। यहां गाइडलाइन से मार्केट रेट काफी ज्यादा है, इसलिए इन्हें शामिल किया। इन स्थानों पर बढ़ सकते हैं जमीनों के रेट बागली, सेवनिया गौंड, रापड़िया, नीलबड़, झागरिया, बर्रई, बावड़िया कल्याण, मिसरोद, कटारा, लांबाखेड़ा, बागमुगालिया, रायसेन रोड, होशंगाबाद रोड, मुबारकपुर, बिशनखेड़ी, रतनपुर, अयोध्या बायपास, बैरागढ़ चीचली, दामखेड़ा, छापड़िया, अरवलिया, एयरपोर्ट रोड, लाउखेड़ी, परवलिया, गोलखेड़ी, देवलखेड़ी, लहारपुर, तारासेवनिया, रातीबड़ और चांदपुर समेत अन्य लोकेशन पर जमीनों के दाम बढ़ने की संभावना है.

पीएम मोदी ने एस्टोनियाई राष्ट्रपति से एआई समिट में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में चल रहे द्विपक्षीय सहयोग पर की चर्चा

पेरिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस ने मंगलवार को पेरिस में एआई एक्शन समिट के दौरान मुलाकात की। दोनों नेताओं ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में चल रहे द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। अपनी पहली बैठक में दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और एस्टोनिया के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध लोकतंत्र, स्वतंत्रता, बहुलवाद के मूल्यों के प्रति दोनों देशों की साझी प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, आईटी, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने एस्टोनियाई सरकार और कंपनियों को ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। बयान में विस्तार से बताया गया, “दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय, वैश्विक मुद्दों और संयुक्त राष्ट्र में सहयोग पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।” प्रधानमंत्री मोदी और एस्टोनिया के राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक और लोगों के बीच रिश्तों पर संतोष व्यक्त किया। पीएमओ ने कहा, “इस संबंध में प्रधानमंत्री ने एस्टोनिया में योग की लोकप्रियता की सराहना की।” इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एआई एक्शन समिट’ के दौरान अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत सी चीजों को बेहतर बना कर लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है। पेरिस के ग्रैंड पैलेस में आयोजित सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, “शासन का मतलब सभी के लिए पहुंच सुनिश्चित करना भी है, खास तौर पर ग्लोबल साउथ में। एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत सी चीजों को बेहतर करके लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एआई एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकता है जिसमें विकास लक्ष्यों की यात्रा आसान और तेज हो जाए। ऐसा करने के लिए, हमें संसाधनों और प्रतिभाओं को एक साथ लाना होगा। हमें ओपन-सोर्स सिस्टम विकसित करना होगा जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए। हमें पूर्वाग्रहों से मुक्त गुणवत्तापूर्ण डाटा सेट बनाना होगा…” प्रधानमंत्री मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की।

जम्मू-कश्मीर में एलओसी के पास IED ब्लास्ट के दौरान 3 जवान घायल, दो के इलाज के दौरान मौत

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में एलओसी के पास IED ब्लास्ट में जो जवान शहीद हो गए, जबकि 1 गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जारी है. जानकारी के मुताबिक मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे जम्मू जिले के खौर थाने के अंतर्गत केरी बट्टल क्षेत्र में LoC के पास आईईडी ब्लास्ट हुआ. इसमें 3 जवान घायल हो गए, जिन्हें सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इनमें से 2 की इलाज के दौरान मौत हो गई, वहीं एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा के करीब सेना का दल गश्त कर रहा था. इसी दौरान आतंकवादियों ने आईईडी ब्लास्ट किया. इसकी चपेट में तीन सैनिक आ गए. सूचना मिलते ही मौके पर अतिरिक्त सेना बल पहुंचा और घायल सैनिकों को अस्पताल पहुंचाकर आतंकियों के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया. प्रारंभिक जानकारी से पता चला है कि विस्फोट एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के विस्फोट के कारण हुआ, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसे संदिग्ध आतंकवादियों ने लगाया था. अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है. जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सड़क हादसे में 2 की मौत, एक घायल बता दें कि इससे एक दिन पहले ही सोमवार को राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलीबारी में सेना का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया. जवान नौशेरा सेक्टर के कलाल इलाके में अग्रिम चौकी पर तैनात था, तभी उसे गोली लग गई और उसे तुरंत सैन्य अस्पताल ले जाया गया. प्रारंभिक जानकारी से पता चला कि गोलीबारी दोपहर करीब 2.40 बजे नियंत्रण रेखा के पार से आई थी. इससे पहले 8 फरवरी को केरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पार एक जंगल से सेना के गश्ती दल पर आतंकवादियों ने गोलीबारी की थी, जो इस तरफ घुसने के मौके की तलाश में थे. भारतीय सैनिकों ने भी जवाबी कार्रवाई में कुछ राउंड फायरिंग की थी और इसके बाद इलाके में कड़ी निगरानी रखने के लिए घुसपैठ रोधी ग्रिड को मजबूत किया गया था. LoC के पास मिला था हथियारों का जखीरा कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा के पास करनाह इलाके में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने सोमवार को हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया. अधिकारियों ने बताया कि सेना और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने इलाके में हथियार और गोला-बारूद की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद करनाह तहसील के बड़ी मोहल्ला अमरोही में तलाशी अभियान चलाया. तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक एके 47 राइफल, एक एके मैगजीन, एक सैगा एमके राइफल, एक सैगा एमके मैगजीन और 12 राउंड बरामद किए.

इंदौर सहित अन्य शहर भी बन रहे टेक इनोवेशन और निवेश के नए हॉटस्पॉट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है किआईटी और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में सबसे तेजी से आगे बढ़ता हुआ राज्य बनने की ओर अग्रसर है, जिसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से नई ऊर्जा मिलेगी। इस सेक्टर के लिए समिट में अलग से सत्र आयोजित होगा। मध्यप्रेदश में 15 से अधिक आईटी पार्क और 5 आईटी एसईजेड हैं, जिनमें इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क और इंफोसिस जैसे प्रमुख सेंटर शामिल हैं। ये पार्क विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर से युक्त हैं, जो टीसीएस, इंफोसिस और एक्सेंचर जैसी प्रमुख कंपनियों को आकर्षित करते हैं। नॉलेज सिटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 जैसी आगामी परियोजनाएं, इस इको सिस्टम को और मजबूत करने के लिए तैयार हैं। परिवर्तन के दौर से गुजर रहे देश के तकनीकी इको सिस्टम के विकास के अगले केन्द्र टीयर-2 शहर हैं, जो टेक इनोवेशन और निवेश के नए हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं। इसकी वजह है यहां कम परिचालन लागत, उच्च जीवन स्तर और कुशल प्रतिभा पूल की उपलब्धता। टीयर-2 शहर अब तकनीकी कंपनियों की पसंद बनते जा रहे हैं। खास बात है कि मध्यप्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर, टेलेंट और लागत-दक्षता प्रदान करने वाला अग्रणी राज्य है। मध्यप्रदेश का व्यापक आईटी, आईटीईएस और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। विश्व स्तरीय आईटी पार्क, नॉलेज और सॉफ्टवेयर हब के साथ सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने से निश्चित रूप से मध्यप्रदेश तकनीकी क्रांति की अगली लहर का नेतृत्व करेगा। 300 से अधिक तकनीकी शिक्षा संस्थान मध्यप्रदेश की विशेषता है कि 300 से अधिक तकनीकी शिक्षा संस्थान सालाना 50 हजार से अधिक तकनीकी स्नातक तैयार करते हैं। आईआईटी इंदौर, आईआईएम इंदौर और आईआईआईटी ग्वालियर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान अत्यधिक कुशल युवाओं को गढ़ते हैं। भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क उद्योग के लिए कौशल संपन्न पेशेवर तैयार करता है। प्रगतिशील नीतियां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की प्रगतिशील नीतियां और इनोवेशन को बढ़ावा देने और तकनीक के क्षेत्र में विश्वस्तरीय दिग्गज कंपनियों को आकर्षित करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। मध्यप्रदेश का मजबूत पॉलिसी-स्ट्रक्चर प्रौद्योगिकी संचालित विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश संवर्धन नीति 2023, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पॉलिसी 2025, एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी 2025, ड्रोन संवर्धन और उपयोग नीति 2025 और सेमीकंडक्टर नीति 2025 शामिल हैं। ये नीतियां टेक इंफ्रास्ट्रक्चर के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए कई तरह के प्रोत्साहन और सहायता प्रदान करती हैं। टेलेंट और इनोवेशन को बढ़ावा प्रदेश सरकार के फोकस में उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ टेलेंट और इनोवेशन को बढ़ाते हुए आईटी पार्क, सॉफ्टवेयर हब और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में महत्वपूर्ण निवेश हैं। अग्रणी तकनीकी हब बनने की दृष्टि के साथ मध्यप्रदेश डिजिटल भविष्य को शक्ति प्रदान करने के रास्ते पर अग्रसर है। आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश संवर्धन नीति 2023 इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर केंद्रित है, जो कैपेक्स, भूमि, ब्याज छूट, मार्केटिंग और पेटेंट सहायता आदि प्रदान करती है। दूसरी ओर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पॉलिसी 2025 वैश्विक तकनीकी केंद्रों को आकर्षित करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जो कैपेक्स, पेरोल और अपस्किलिंग के लिए सब्सिडी, आरएंडडी को सपोर्ट करती है। इसी तरह एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी-2025 एवीजीसी सेक्टर को सपोर्ट करते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, उत्पादन संबंधी वित्तीय सहायता, उद्योग सहयोग और एवीजीसी-एक्सआर लैब की स्थापना आदि के लिए सहयोगी है। इसके अलावा ड्रोन संवर्धन और उपयोग नीति 2025 ड्रोन निर्माताओं और सेवा प्रदाताओं के लिए कैपेक्स सहायता, ड्रोन पाठ्यक्रमों के लिए प्रोत्साहन और अनुसंधान एवं विकास में सहयोग के साथ ड्रोन अपनाने को बढ़ावा देती है। इसके बाद सेमीकंडक्टर नीति 2025 महत्वपूर्ण है, जो कैपेक्स प्रोत्साहन और सीओई, पेरोल और कौशल विकास आदि के लिए सहयोग के साथ सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करती है। परिवर्तनकारी निवेशों की लहर मध्यप्रदेश ने परिवर्तनकारी निवेशों की एक लहर देखी है, जो भारत के अगले बड़े तकनीकी केन्द्र के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करता है। इंदौर में एलटीआई माइंडट्री का 870 करोड़ रुपये का तकनीकी परिसर 10 हजार से ज्यादा नौकरियां प्रदान करेगा, जो आईटी सेवाओं और डिजिटल परिवर्तन परियोजनाओं में मध्यप्रदेश की भूमिका को मजबूत करेगा। रैकबैंक का डेटा सेंटर विस्तार में 644 करोड़ रुपये का निवेश मध्यप्रदेश के डिजिटल बुनियादी ढांचे और क्लाउड सेवाओं को मजबूत कर रहा है। हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज और कॉग्निजेंट क्रमशः 50 करोड़ रुपये और 80 करोड़ रुपये के निवेश के साथ अपनी उपस्थिति का और विस्तार कर रहे हैं। ये परियोजनाएं साल 2024 में हासिल किए गए 2,500 करोड़ रुपये के प्रौद्योगिकी निवेश के साथ मध्यप्रदेश को पारंपरिक आईटी केंद्रों के समक्ष एक बेहतर और सक्षम विकल्प बनाती हैं। देश की डिजिटल क्रांति के साथ तालमेल मध्यप्रदेश न केवल देश की डिजिटल क्रांति के साथ तालमेल बना रहा है, बल्कि यह इसका नेतृत्व भी कर रहा है। एआई, साइबर सुरक्षा, एवीजीसी-एक्सआर और ड्रोन में राज्य का विजन इनोवेशन और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता की अगली लहर के लिए आधार तैयार कर रहा है। एआई और साइबर सुरक्षा में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की स्थापना, आगामी एवीजीसी, मीडिया पार्क और इनक्यूबेशन हब के साथ, अत्याधुनिक अनुसंधान और उद्योग सहयोग के लिए मध्यप्रदेश प्रतिबद्ध है। प्रगतिशील नीति ढांचे, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और प्रचुर प्रतिभा पूल के साथ मध्यप्रदेश भारत का अगला प्रमुख टेक पॉवरहाउस बनने के रास्ते पर अग्रसर है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में दिये निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में विभिन्न विभागों की विभागीय कार्ययोजना एवं उससे जुड़े वित्तीय प्रावधानों के संदर्भ में समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय कार्य योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष में विभागों को जारी किए गए बजट में वित्तीय अनुशासन का पालन करते हुए शत-प्रतिशत बजट का उपयोग सुनिश्चित करें। नये वित्तीय वर्ष के बजट में योजनाओं के लक्ष्य के अनुरूप वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं। सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में पूरा करें, जिससे विकास कार्यों को सुचारू रूप से सम्पन्न कराया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा को निर्देश दिए कि वे आयुष्मान निरामयम योजना की नियमित रूप से मानीटरिंग करें। सभी जरूरतमंद व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के प्रकरणों में तत्परता और सजगता से कार्रवाई की जाये। सभी पात्र व्यक्तियों के तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाये जायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी की जाए। जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे, इसके लिए विभागों को बेहतर तालमेल और उच्च कोटि का समन्वय बनाकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूंजीगत परियोजनाओं की स्वीकृति समय पर हो तथा इनका क्रियान्वयन भी समय सीमा में ही पूरा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के आर्थिक संसाधनों के न्यायसंगत वितरण पर जोर दिया और कहा कि वित्तीय नियमावली का पालन करते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों से रिजल्ट ओरिएंटेड कार्यशैली अपनाने और योजनाओं के समयबद्ध निष्पादन के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को राज्य के समग्र और तीव्र विकास के लिए नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रिया में और तेजी लाने तथा वित्तीय संसाधनों के प्रभावी व अधिकतम उपयोग पर बल दिया। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अपनी विभागीय कार्य योजनाओं की जानकारी दी और आगामी वित्त वर्ष के लिए तय किये गये लक्ष्यों की रूपरेखा पर चर्चा की। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डा. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन सहित लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा व नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव तथा स्कूल शिक्षा व तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के सचिव उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ होंगी वन-टू-वन मीटिंग और इंटरैक्टिव राउंडटेबल

इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में देश-विदेश के निवेशकों को म.प्र में निवेश के लिये करेंगे आमंत्रित मुख्यमंत्री यादव निवेशकों के साथ इंटरैक्टिव राउंडटेबल कर आगामी ग्लोबल समिट के नवाचारों से अवगत करायेंगे होटल ताजमहल में आयोजित होगा जीआईएस कर्टेन रेज़र कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ होंगी वन-टू-वन मीटिंग और इंटरैक्टिव राउंडटेबल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 फरवरी को नई दिल्ली के ताजमहल होटल में इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम में देश-विदेश के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग और इंटरैक्टिव राउंडटेबल कर आगामी ग्लोबल समिट के नवाचारों से अवगत करायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ रू-ब-रू होकर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं और सरकार की औद्योगिक नीतियों एवं प्रतिबद्धता से अवगत करायेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत माधवकृष्ण सिंघानिया चेयरमैन सीआईआई नॉर्दर्न रीजन एवं डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ जेके सीमेंट के स्वागत संबोधन से होगी। इसके बाद इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 पर विशेष कर्टेन रेज़र वीडियो की प्रस्तुति दी जाएगी, जो ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की प्रमुख झलकियों को दर्शाएगा। कार्यक्रम में दो महत्वपूर्ण इंटरैक्टिव राउंडटेबल भी आयोजित की जाएंगी। पहली राउंडटेबल मीटिंग में टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधि और दूसरी राउंडटेबल मीटिंग में विभिन्न देशों के राजदूत शामिल होंगे। इसमें निवेश और साझेदारी की नई संभावनाओं पर चर्चा होगी। मुख्य सचिव अनुराग जैन और प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह द्वारा राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और निवेश के अवसरों की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में शामिल होने वाले उद्योग जगत के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। प्रबंध निदेशक एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन चंद्रमौली शुक्ला निवेशकों का स्वागत एवं आभार प्रकट करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 24 फरवरी को भोपाल में करेंगे जीआईएस का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 फरवरी को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का शुभारंभ करेंगे। समिट के दूसरे दिन समापन कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। राज्य शासन द्वारा आयोजन की तैयारियों के साथ देश-विदेश के निवेशकों से निरंतर सम्पर्क एवं संवाद किया जा रहा है। इसी कड़ी में 12 फरवरी को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आत्थिय में इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है।  

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में पहली बार मेहमानों के लिये अत्याधुनिक लग्जरी टेंट्स की विशेष पहल की जा रही

भोपाल भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 राज्य की मेहमाननवाजी, सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर बनने जा रही है। देश-विदेश से आने वाले मेहमानों के लिये भव्य स्वागत, उच्च स्तरीय ठहरने की व्यवस्था, पारंपरिक और अंतर्राष्ट्रीय व्यंजनों का खास अनुभव, औद्योगिक भ्रमण और पर्यटन स्थलों का आकर्षण इस समिट को खास बनायेगा। पहली बार मेहमानों के लिये अत्याधुनिक लग्जरी टेंट्स की विशेष पहल की जा रही है, जिससे वे प्राकृतिक सौंदर्य के बीच मध्यप्रदेश की समृद्ध आतिथ्य परंपरा का अनुभव कर सकें। इस समिट से राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। मेहमानों के ठहरने की विशेष व्यवस्था ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 के लिये देश-विदेश से आने वाले मेहमानों के स्वागत और ठहरने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। राजधानी में ताज लेक फ्रंट, कोर्टयार्ड बाय मेरियट और रेडिसन सहित अन्य प्रतिष्ठित होटलों में मेहमानों के लिये उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पहली बार जीआईएस में एक अनूठी पहल की जा रही है। भोपाल की प्राकृतिक सुन्दरता के बीच मेहमानों को 5 सितारा सुविधाओं का अनुभव कराने के लिये 100 से अधिक अत्याधुनिक लग्जरी टेंट्स तैयार किये जा रहे हैं। यह अभिनव पहल देश के और विदेशी मेहमानों को मध्यप्रदेश की समृद्ध आतिथ्य परंपरा से परिचित कराएगी। पर्यटन और औद्योगिक भ्रमण की विशेष योजना जीआईएस में आने वाले मेहमानों को भोपाल और आस-पास के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने की विशेष योजना बनाई गई है।मेहमानों को भोपाल की रमणीय झीलों, प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर वन विहार और राज्य की जीवंत जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले ट्राइबल म्यूजियम का भ्रमण कराया जायेगा। इसके अलावा इन्हें भोपाल के आस-पास के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कराया जायेगा। मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास से रू-ब-रू कराने के लिये मंडीदीप और पीथमपुर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा भी कराया जायेगा, जहां वे राज्य की औद्योगिक क्षमताओं और निवेश के अवसरों से अवगत होंगे। पारंपरिक और अंतर्राष्ट्रीय व्यंजनों का मिलेगा स्वाद समिट में शामिल मेहमानों के लिये मध्यप्रदेश की समृद्ध खान-पान परंपरा को विशेष महत्व दिया गया है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से चुने गये पारंपरिक व्यंजन मेन्यू में शामिल किये गये हैं। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कॉन्टीनेन्टल, चाइनीज और मेडिटरेनियन व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है। विश्व प्रसिद्ध शेफस् की टीम इन व्यंजनों की तैयारियों में जुटी है। नाश्ता, भोजन और रात्रिभोज की विशेष व्यवस्था ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आये मेहमानों के लिये कार्य स्थल पर चाय-कॉफी और लंच की सुविधा उपलब्ध होगी। नाश्ता और रात्रि भोजन उनके निर्धारित होटलों में प्रदान किया जायेगा। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य मेहमानों को आरामदायक, यादगार और समृद्ध आतिथ्य का अनुभव देना है, जिससे वे मध्यप्रदेश की संस्कृति, पर्यटन और निवेश अवसरों से परिचित हों। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को सफल बनाने के लिये सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। यह आयोजन राज्य की आर्थिक प्रगति और वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा।  

MP के एक ही जिले में 54 गांवों के बदलेंगे नाम, CM मोहन यादव का ऐलान, मुरादपुर होगा ‘मुरलीपुर’

 देवास मध्य प्रदेश के देवास जिले के 54 गांवों के नाम बदलने की तैयारी है। यह मांग बीजेपी नेताओं ने की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पर सहमति जताई है। नाम बदलने की वजह इन गांवों के उर्दू नाम हैं। सरकार का कहना है कि यह भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना के लिए ज़रूरी है। यह खुलासा सोनकच्छ में लाडली बहना योजना के कार्यक्रम में हुआ। 54 गांवों के बदलेंगे नाम देवास जिले में 54 गांवों के नाम बदलने की चर्चा जोरों पर है। ये नाम ज़्यादातर उर्दू मूल के हैं। बीजेपी नेताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से इन नामों को बदलने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह योजना सरकार के विचाराधीन है और जल्द ही इन गांवों के नए नाम लागू कर दिए जायेंगे। यह मामला मध्य प्रदेश में उर्दू नाम वाले गांवों के नाम बदलने के चल रहे विवाद का हिस्सा है। बीजेपी जिलाध्यक्ष ने रखी थी मांग देवास बीजेपी जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने 54 गांवों के नाम बदलने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि ऐसा करना भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना की दिशा में एक अहम कदम होगा। मुख्यमंत्री ने इस मांग पर तुरंत सहमति जताई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उर्दू शब्द वाले गांव के नाम बदलने की योजना सरकार के सामने प्रस्तावित है। इन गांवों के नाम जल्द बदल दिए जाएंगे। इन गांवों के बदलेंगे नाम प्रस्तावित नाम परिवर्तनों में मुरादपुर को मुरलीपुरा, हैदरपुर को हीरापुर, शमशाबाद को श्यामपुर, आमला ताज को आमला सिरमौर, हाजीपुर को हर्षपुर, रांडीपुरा को रानीपुर, इस्माइल खेड़ी को ईश्वर खेड़ी, जलालखेड़ी को शिवगढ़, मोची खेड़ी को मोहनपुर, इस्लामनगर को ईश्वर नगर, घटिया गयासुर को देवधाम घटिया, पीर पाडल्या को पवन पाडल्या, चांदगढ़ को चंद्रगढ़, खोन पूर पिपलिया को फॉर्म पिपलिया, मोहम्मदपुर को मोहनपुर, अजीज खेड़ा को अजीत खेड़ा, आजमपुर को अवधपुरी, अलीपुर को रामपुर और बापचा नायता को वापचा पुरा करने जैसे बदलाव शामिल हैं। मिर्जापुर कहलाएगा मीरपुर इसके अलावा, नबीपुर को नयापुरा, मिर्जापुर को मीरपुर, अकबरपुर को अंबिकापुर, सालम खेड़ी को सावन खेड़ी, निजामडी को नीमखेड़ी, फतेहपुर खेड़ा को विजयपुर खेड़ा, फतेहपुर को विजयपुर, कल्लू खेड़ी को कालू खेड़ी, मोहम्मद खेड़ा को मोहन खेड़ा, निपानिया हूर को निपानिया हर, मोहम्मदपुर को गंगानगर, मिर्जापुर को मीरा नगर, नसीराबाद को द्वारकापुरी, रसूलपुर को रामपुर करने का प्रस्ताव भी है। हालांकि, एक नज़र में देखा जाए ज़्यादातर ऐसे गांवों के नाम बदले गए हैं, जिनके नाम उर्दू-अरबी में हैं या कोई इस्लामिक नाम हैं. देवास में ही जिन 54 गांवों के नाम बदलने  का अनुरोध जिलाध्यक्ष ने किया था, उनका नाम मुरादपुर, हैदरपुर, शमशाबाद और इस्लाम नगर है.  मुख्यमंत्री को जिलाध्यक्ष ने वर्तमान नाम के साथ प्रस्तावित नाम भी लिख कर दिए. जैसे कि मुरादपुर का मुरलीपुर, हैदरपुर का हीरापुर, शमशाबाद का श्यामपुर, इस्माइल खेड़ी का ईश्वरपुर, अलीपुर का रामपुर, नबीपुर का नयापुरा और मिर्ज़ापुर का मीरापुर.   BJP जिलाध्यक्ष ने CM के निर्णय को गुलामी के प्रतीकों को समाप्त करने और गौरवमय भारतीय संस्कृति को पुनः स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया.  कुछ और प्रस्तावित नाम परिवर्तन इस प्रकार हैं: इस्लाम खेड़ी को ईश्वरपुर, पिपलिया जान को खेड़ा पिपलिया, मौला को मोहनपुर, मिर्जापुर को मीरापुर, संदलपुर को चंदनपुर, सलामतपुर को श्रीरामपुर, सिकंदर खेड़ी को शिव खेड़ी, दावत को देवनगर, और कांटा फोड़ को कांता फोड़। यह बदलाव भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। पीपलरावां में कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने देवास जिले के 54 गांवों की लिस्ट प्रस्तुत करते हुए उनके नाम बदलने का आग्रह किया। उनके प्रस्ताव को सीएम ने स्वीकार कर लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में राजस्व मंत्री और कलेक्टर को जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश भी दे दिए। भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने बताया कि देवास जिले के इन गांवोें की पहचान बदलने के लिए सालों से मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनभावना का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार एमपी के सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा के लिए संकल्पबद्ध है। बीजेपी जिलाध्यक्ष ने सीएम के निर्णय को गुलामी के प्रतीकों को समाप्त करने और गौरवमयी भारतीय संस्कृति को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया।

प्रमाणित बीजों से प्रदेश में फसलों की उत्पादकता बढ़ाई जा रही : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि बीज प्रमाणीकरण संस्था का गठन भारत सरकार द्वारा अधिसूचित बीज अधिनियम 1966 की धारा 8 के अन्तर्गत किया गया है। संस्था का मुख्य कार्य निर्धारित मानक के अनुरूप गुणवत्ता के बीजों का प्रमाणीकरण करना है। प्रमाणित बीजों से प्रदेश में फसलों की उत्पादकता बढ़ाई जा रही है। बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा विगत् एक वर्ष की अवधि में बीज प्रमाणीकरण का महत्वपूर्ण कार्य किया गया। खरीफ-2024 में 1.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बीज प्रमाणीकरण के लिए पंजीकृत हुआ और 15 लाख क्विंटल बीज प्रमाणित किया गया। रबी सीजन में 1.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बीज प्रमाणीकरण के लिए पंजीकृत हुआ और 21.86 लाख क्विंटल बीज प्रमाणित किया गया। ग्रीष्म-2024 में 9021 हेक्टेयर क्षेत्र बीज प्रमाणीकरण के लिए पंजीकृत हुआ और 85 हजार क्विंटल बीज प्रमाणित किया गया। बीज प्रमाणीकरण संस्था के टैग्स पर 2डी क्यूआर कोड का उपयोग किया जा रहा है। किसी भी एन्ड्रॉयड फोन से इसे स्कैन किया जा सकता है। स्कैन करने पर प्रमाणित बीज लॉट के लिए जारी प्रमाण-पत्र खुल जायेगा, जिसमें बीज लॉट की समस्त जानकारी उपलब्ध है। फसल, किस्म, लॉट क्रमांक, टैगों की सीरीज, कुल कितने टैग जारी किये गये, पैकिंग साइज, पैकिंग मात्रा, बीज परीक्षण परिणाम, अंकुरण, भौतिक शुद्धता, अन्य फसलों, अन्य पहचान योग्य बीज, खरपतवार, नमी, किस कृषक एवं संस्था द्वारा बीज का उत्पादन किया गया और किस सहायक बीज प्रमाणीकरण अधिकारी द्वारा पैकिंग एवं टैगिंग की गई, समस्त जानकारी स्कैन के माध्यम से देखी जा सकती है। केन्द्र सरकार द्वारा तैयार किये गये साथी पोर्टल पर बीजोत्पादन कार्यक्रम और बीज का ट्रेसेबिलिटी ऑथेन्टिकेशन की जानकारी ली जा सकती है। साथी पोर्टल की वेबसाईट https://seedtrace.gov.in/ है।  

बाबा बागेश्वर महाशिवरात्रि पर 251 गरीब कन्याओं का विवाह कराएंगे, नौ राज्यों की बेटियां होंगी शामिल

छतरपुर करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र बागेश्वर धाम में गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर देश की गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह होगा. 26 फरवरी को आयोजित होने वाले इस महोत्सव में 251 बेटियां परिणय सूत्र में बंधेंगी. जिन बेटियों को विवाह के लिए चयनित किया गया है. उनकी सूची बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया के समक्ष जारी की है. आदिवासी समाज से 108 बेटियां चयनित इस सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने वाली 108 बेटियां आदिवासी समाज से हैं, तो 143 बेटियां अन्य सभी समाजों से हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “इन चयनित बेटियों को धर्मपीठ, राजपीठ सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग सुखी जीवन का आशीर्वाद देंगे.” आगे उन्होंने कहा कि “मंदिरों में लाखों-करोड़ों रुपए का दान हिंदू देते हैं, इसलिए मिलने वाला दान हिंदू बेटियों के घर बसाने में उपयोग किया जाना चाहिए. इसके अलावा बागेश्वर सरकार ने मंदिरों को सरकार के अधिग्रहण से बाहर निकलने की मांग की.” महाराज ने अपने चुटीले अंदाज में कहा कि जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनकी “ठठरी बांध देंगे” यानी उनकी परवाह नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वे खुद वृंदावन जाकर प्रेमानंद महाराज से मिलेंगे और उन्हें फिर से यात्रा शुरू करने के लिए कहेंगे। हिंदू बेटियों के लिए बड़ा आयोजन बागेश्वर धाम में इस साल भी महाशिवरात्रि पर कन्या विवाह महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस बार 251 गरीब और जरूरतमंद बेटियों का विवाह धूमधाम से होगा। महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खुद इस सूची को जारी किया। इसमें 108 बेटियां आदिवासी समाज से हैं, जबकि 143 बेटियां अन्य समाजों से चुनी गई हैं। महाराज का कहना है कि मंदिरों में करोड़ों रुपये का दान हिंदू समाज देता है, तो यह पैसा हिंदू बेटियों के घर बसाने में भी लगना चाहिए। उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से बाहर निकाला जाए, ताकि यह पैसा सही जगह इस्तेमाल हो सके। कैसे चुनी गईं 251 बेटियां इस आयोजन के लिए 1000 से ज्यादा आवेदन आए थे। इसके बाद एक टीम ने देशभर में 22 से 24 हजार किलोमीटर की यात्रा कर 251 बेटियों को चुना। 60 लोगों की टीम ने एक महीने तक इन परिवारों की जांच की। गांवों, पड़ोसियों और स्थानीय लोगों से बात कर यह तय किया कि कौन सी बेटियां इस मदद के लिए योग्य हैं। इन 251 बेटियों में 54 अनाथ हैं, 94 बेटियों के सिर से पिता का साया उठ चुका है, 12 बेटियां मात्रहीन हैं और 87 बेटियां अत्यंत गरीब परिवार से आती हैं। इनमें से कई बेटियों के माता-पिता गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। एक बेटी के पिता कैंसर पीड़ित हैं और उनका सपना था कि बेटी का विवाह बागेश्वर धाम से हो। महाराज ने इस बेटी को भी इस पवित्र आयोजन में शामिल किया है। नौ राज्यों की बेटियां होंगी शामिल इन बेटियों का चयन सिर्फ मध्यप्रदेश से ही नहीं, बल्कि नौ अलग-अलग राज्यों से किया गया है। सबसे ज्यादा 209 बेटियां मध्यप्रदेश से हैं, जबकि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और दिल्ली से भी बेटियों का चयन किया गया है। दिव्यांग 4, अनाथ 54, पितृहीन 94 बेटियां विवाह के लिए चयनित कन्याओं में से 4 ऐसी बेटियां हैं जो दिव्यांग है. वहीं 54 बेटियों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है. इनमें से 94 बेटियों के पिता नहीं है और 12 बेटियों की माता नहीं है. 87 बेटियां अत्यंत गरीब परिवार से आती हैं, इनमें से कई बेटियों के माता-पिता या तो गंभीर बीमारी से पीड़ित है या फिर वह कुछ करने में सक्षम नहीं है. 24 फरवरी को ग्रेट खली की एंट्री इस विवाह समारोह को खास बनाने के लिए मशहूर रेसलर द ग्रेट खली भी बागेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने महाराज का आशीर्वाद लिया और बताया कि 24 फरवरी को धाम में जबरदस्त कुश्ती प्रतियोगिता होगी। यह आयोजन युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के लिए किया जा रहा है। खली ने कहा कि महाराज ने जिस तरह युवाओं को नशे से दूर रखा है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जब युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो वे देश की प्रगति में योगदान देंगे। बागेश्वर धाम में इस बार महाशिवरात्रि पर कन्या विवाह महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का सपना है कि कोई भी बेटी खुद को अनाथ और असहाय महसूस न करे। वहीं, वृंदावन में प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा पर उठे विवाद को लेकर भी उन्होंने दो टूक जवाब दिया है

मोहन कैबिनेट की बैठक में 7 प्रस्तावों पर लगी मुहर, नई इमारतों में पाइप लाइन से मिलेगी गैस

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज मंगलवार को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई ।बैठक मेंकई नई नीतियों, पॉलिसी को मंजूरी दी गई।इसके अलावा प्रयागराज महाकुंभ 2025 में जा रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े फैसले लिए है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और समापन कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के आने की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी 23 फरवरी को छतरपुर में कैंसर अस्पताल का भूमि-पूजन करेंगे। अगले दिन 24 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का शुभारंभ करेंगे। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की तैयारी जारी हैं। कैबिनेट बैठक में सात नीतियों को मंजूरी दी गई। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि नीतियों के कारण लगभग 20 लाख मध्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा। अधिकतम आर्थिक सहायता ढाई सौ करोड़ रुपए की होगी। उद्योग संवर्धन नीति सहित अन्य नीतियों में यह प्रावधान दिया गया है कि निवेशकों को विभिन्न अनुमतियां एक स्थान से बिना किसी कठिनाई के मिल जाए, इसके लिए व्यवस्था बनाई जाएगी। सिंगल विंडो सिस्टम प्रभावित तरीके से क्रियान्वित किया जाएगा। फिल्म और पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नीति में संशोधन किए गए हैं। पढ़िए मोहन कैबिनेट बैठक के अहम फैसले      प्रधानमंत्री मोदी 23 फरवरी को छतरपुर में कैंसर अस्पताल का भूमि-पूजन करेंगे। अगले दिन 24 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का शुभारंभ करेंगे। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की तैयारी जारी हैं। समिट में विदेशों से आने वाले उद्योग और व्यापार समूहों तथा विभिन्न देशों के वाणिज्यिक दूतावासों से बेहतर तालमेल और समन्वय के लिए 12 फरवरी को नई दिल्ली में विशेष बैठक होने जा रही है।     मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी अधिक है। रीवा की ओर से प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रीवा सहित मैहर, सतना, मऊगंज और सीधी में ठहरने, भोजन और छोटे बच्चों के लिए दूध-बिस्किट सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। शासकीय एजेंसियां, स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से व्यवस्था में लगी हैं। चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए एंबुलेंस और डॉक्टर आदि की भी व्यवस्था है।     महाराष्ट्र सीमा पर श्रद्धालुओं और वाहनों के आवागमन का प्रबंधन किया जा रहा है। प्रयागराज कुंभ जा रहे श्रद्धालुओं से भीड़ और आवागमन की स्थिति का गूगल सहित अन्य स्रोतों से जानकारी के आधार पर कार्यक्रम बनाने के आहवान किया जा रहा है।सभी अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनके रुकने ठहरने के लिए इंतजाम करने के निर्देश दिए है।     24-25 फरवरी को भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर एक समूह का गठन भी किया गया है। दो डिप्टी सीएम और भोपाल के प्रभारी मंत्री को भी शामिल किया गया है। स्थाई विधायक और मेयर भी शामिल हैं।     सभी विभागों को निर्देश दिए हैं इस ऑफ डूइंग के तहत सरकार काम कर रही है। लॉजिस्टिक क्षमता को बढ़ाना, इसके लिए हमने लॉजिस्टिक पॉलिसी बनाई है।ट्रांसपोर्टेशन में भी पॉलिसी को ध्यान में रखा है।। मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी     कैबिनेट बैठक में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी को मंजूरी ।     मप्र फिल्म पर्यटन नीति, पर्यटन नीति और उद्योग समेत अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी।     MP में निवेशकों को 200 करोड़ तक की मदद     कैबिनेट की बैठक में उद्योग संवर्धन नीति को मिली मंजूरी     नई उद्योग नीति के तहत 10 नीतियों को मंजूरी     पांच साल में 13 हजार 179 करोड़ खर्च किए जाएंगे     प्रदेश में 20 लाख नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे     कैबिनेट में न्यू एक्सपोर्ट पॉलिसी को भी मंजूरी     पंप स्टोरेज नीति को मिली मंजूरी     सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी को मंजूरी। शिवपुरी में एयरपोर्ट बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी शिवपुरी में एयरपोर्ट बनाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने दी मंजूरी। इसका अनुबंध पहले ही हो चुका है। कलेक्टर को भूमि अधिग्रहण सहित अन्य कार्यों के लिए अधिकृत किया गया। नई इमारतों में पाइप लाइन से मिलेगी गैस शहरी गैस वितरण नीति को कैबिनेट मंजूरी दी इसमें पाइप के माध्यम से घरों में सीधे रसोई गैस की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए नगर तथा ग्राम निवेश के नियमों में प्रावधान किया गया है। जो भी नई मल्टी स्टोरी बनेगी उसमें पाइप के माध्यम से रसोई गैस की आपूर्ति की व्यवस्था करनी होगी। पंप स्टोरेज पॉलिसी को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसमें जब जल विद्युत की आवश्यकता होगी तब पंप से स्टोर किए गए पानी का उपयोग किया जाएगा। इस क्षेत्र में डेढ़ लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है।

एआई पहले से ही हमारी अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और यहां तक ​​कि हमारे समाज को नया रूप दे रहा है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस के ग्रैंड पैलेस में एआई एक्शन समिट को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने और मुझे इसकी सह-अध्यक्षता करने के लिए आमंत्रित करने के लिए अपने मित्र राष्ट्रपति मैक्रोन का आभारी हूं। एआई पहले से ही हमारी अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और यहां तक ​​कि हमारे समाज को नया रूप दे रहा है। एआई इस सदी में मानवता के लिए कोड लिख रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई से करोड़ों लोगों की बदल सकती है जिंदगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “एआई अभूतपूर्व पैमाने और गति से विकसित हो रहा है और इसे और भी तेजी से अपनाया और लागू किया जा रहा है। सीमाओं के पार भी गहरी निर्भरता है। इसलिए, शासन और मानकों को स्थापित करने के लिए सामूहिक वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता है जो हमारे साझा मूल्यों को अपलोड करते हैं, जोखिमों को संबोधित करते हैं और विश्वास का निर्माण करते हैं। लेकिन शासन केवल दरार और प्रतिद्वंद्विता को प्रबंधित करने के बारे में नहीं है। यह नवाचार को बढ़ावा देने और वैश्विक भलाई के लिए इसे लागू करने के बारे में भी है। इसलिए हमें नवाचार और शासन के बारे में गहराई से सोचना चाहिए और खुलकर चर्चा करनी चाहिए।”   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं एक सरल प्रयोग से शुरुआत करता हूं। यदि आप अपनी मेडिकल रिपोर्ट एआई ऐप पर अपलोड करते हैं, तो यह सरल भाषा में, बिना किसी शब्दजाल के, आपके स्वास्थ्य के लिए इसका क्या मतलब है, समझा सकता है। लेकिन यदि आप उसी ऐप से किसी व्यक्ति का बाएं हाथ से लिखते हुए चित्र बनाने को कहते हैं, तो ऐप सबसे अधिक संभावना किसी व्यक्ति को उसके दाएं हाथ से लिखते हुए दिखाएगा।” पेरिस में AI एक्शन समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “शासन का मतलब सभी के लिए पहुंच सुनिश्चित करना भी है, खास तौर पर ग्लोबल साउथ में। यह वह जगह है जहां क्षमताओं की सबसे ज़्यादा कमी है, चाहे वह शक्ति हो, प्रतिभा हो या वित्तीय संसाधनों के लिए डेटा। एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत कुछ बेहतर करके लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है। यह एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकता है जिसमें सतत विकास लक्ष्यों की यात्रा आसान और तेज़ हो जाए। ऐसा करने के लिए, हमें संसाधनों और प्रतिभाओं को एक साथ लाना होगा। हमें ओपन-सोर्स सिस्टम विकसित करना होगा जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए। हमें पूर्वाग्रहों से मुक्त गुणवत्तापूर्ण डेटा सेट बनाना होगा।”

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