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अब पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में नई बाबरी मस्जिद बनाएंगे: TMC MLA हुमांयू कबीर

कोलकाता अयोध्या में बाबारी मस्जिद विध्वंस विवाद खत्म हो गया। विवादित रहे स्थल पर राम मंदिर का निर्माण हो गया लेकिन राजनीति में बाबरी मस्जिद मुद्दा अब भी जिंदा है। तृणमूल कांग्रेस के विधायक का इसी बीच विवादित बयान सामने आया है। हुमायूं कबीर ने ऐलान किया है कि वह पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में नई बाबरी मस्जिद बनाएंगे। हुमांयू कबीर अपने विवादास्पद बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। भरतपुर के विधायक ने दावा किया है कि वह बाबरी मस्जिद बेलडांगा में बनाएंगे। पश्चिम बंगाल का बेलडांगा इलाका मुस्लिम बाहुल है। मस्जिद बनाने के लिए देंगे एक करोड़ रुपये बेलडांगा में बाबरी मस्जिद बनाने के ऐलान के साथ ही हुमायूं कबीर ने वादा किया है कि वह इस मस्जिद को बनाने के लिए अपने पास से एक करोड़ रुपये देंगे। उन्होंने दावा किया कि बाबारी मस्जिद बनाने के प्रस्ताव पर काम शुरू हो गया है। मस्जिद निर्माण की नींव वह 6 दिसंबर 2025 तक रखेंगे। बाबरी मस्जिद ट्रस्ट भी बनाएंगे हुमायूं कबीर ने कहा कि बंगाल में मुसलमानों की आबादी का लगभग 30 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने मुस्लिम समुदाय की भावनाओं और अधिकारों पर खास ध्यान दिया है। उन्होंने बेलडांगा में बनने जा रही बाबरी मस्जिद के लिए बहरामपुर क्षेत्रों के मदरसा अध्यक्षों और सचिवों सहित 100 से अधिक सदस्यों वाली एक बाबरी मस्जिद ट्रस्ट बनाने का भी ऐलान किया। मुसलमानों से जुटाएंगे धन हुमांयू कबीर ने कहा कि बाबरी मस्जिद ट्रस्ट बेलडांगा में दो एकड़ में बनने जा रही मस्जिद के निर्माण की देखरेख करेगा। उन्होंने कहा कि मस्जिद बनाने के लिए मुस्लिम सपोर्ट करेंगे और धन भी जुटाएंगे। ट्रस्ट दान में आने वाले धन को मैनेज करेगा। कांग्रेस से टीएमसी में आए थे हुमायूं ममता बनर्जी के पहले कार्यकाल में मंत्री रहे हुमायूं कबीर तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं। टीएमसी में आने से पहले वह 2011 में कांग्रेस के टिकट पर रेजिनगर विधानसभा सीट से अपना पहला चुनाव लड़े थे। हुमायूं अकसर ऐसे बयान देते रहते हैं, जिससे टीएमसी को विपक्ष का सामना करना पड़ता है। हाल ही में टीएमसी ने हुमायूं को उनके एक बयान के लिए नोटिस भी दिया था। बाबरी मस्जिद विवाद क्या हुमायूं ने कहा कि मुगल कमांडर मीर बाक़ी ने 1528-29 में बाबरी मस्जिद का निर्माण करवाया था। उनका आरोप है कि 1992 में हिंदू राष्ट्रवादी भीड़ ने मस्जिद के ढांचे को गिरा दिया था, जिसके बाद हिंसा हुई थी। मस्जिद पर लंबे समय तक राजनीति चली और कोर्ट में केस चला। 2019 में, सुप्रीम कोर्ट ने अयोधया की विवादित भूमि को रामजन्मभूमि का हिस्सा बताते हुए मंदिर निर्माण का फैसला सुनाया था।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा सामंजस्य और आपसी सहयोग से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करना संभव

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सामंजस्य और आपसी सहयोग से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करना संभव है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अपोलो सेज हॉस्पिटल परिसर में “ओरल कैंसर डिटेक्शन और डेंटल ट्रीटमेंट वैन” सेवा का शुभारंभ किया। यह मोबाइल वैन अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस है, जो मुंह के कैंसर की शीघ्र पहचान और संपूर्ण दंत चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है। इस पहल को डेनेशिया ग्रुप और रोटरी क्लब के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, यह वैन विशेष रूप से उन नागरिकों की सेवा के लिए समर्पित है जो आर्थिक अथवा भौगोलिक कारणों से चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। इस वैन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों और भोपाल के आस-पास के जिलों कर कैंसर एवं दंत रोगों की पहचान और उपचार की सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने डेनेशिया ग्रुप और रोटरी क्लब के सहयोग की सराहना करते हुए इसे मानवता की सेवा का अनुकरणीय उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विजन में सामूहिक प्रयासों का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि इस वैन के संचालन से न केवल ओरल कैंसर की शीघ्र पहचान और उपचार होगा, बल्कि दंत चिकित्सा सेवाओं से भी हजारों नागरिक लाभान्वित होंगे। यह पहल समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शुक्ल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह वैन लोगों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अपोलो सेज हॉस्पिटल की सुविधाओं का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि वैन में उन्नत तकनीक से लैस ओरल कैंसर डिटेक्शन सिस्टम है, जो कुछ ही मिनटों में कैंसर की पहचान कर सकता है। इसके अतिरिक्त, वैन में एक आधुनिक डेंटल चेयर और अन्य चिकित्सा उपकरण हैं, जो जटिल से जटिल दंत समस्याओं का इलाज कर सकते हैं। वैन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बिजली न होने की स्थिति में भी पेट्रोल जनरेटर की सहायता से निर्बाध रूप से कार्य करती है। यह वैन न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि प्रदेश के हर कोने तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। सेज ग्रुप के चेयरमैन संजीव अग्रवाल, डेनेशिया ग्रुप के चेयरमैन पी के त्रिपाठी सहित रोटरी क्लब के प्रतिनिधि, चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित रहे।  

जयराम रमेश ने कहा- विपक्ष के सांसदों को सदन में बोलने का नहीं मिलता है मौका, इसलिए लाए अविश्वास प्रस्ताव

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष ने पेश किया है। कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सांसदों के हस्ताक्षर वाले इस प्रस्ताव को राज्यसभा के जनरल सेक्रेटरी को सौंप दिया गया है। इस प्रस्ताव को ममता बनर्जी की टीएमसी का भी समर्थन मिल गया है। जयराम रमेश ने कहा कि यह कठिन फैसला है, लेकिन मजबूरी में हमें ऐसा करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सांसदों को तो सदन में बोलने का भी मौका नहीं दिया जाता। उनका माइक तक बंद कर दिया जाता है। यह पक्षपात की स्थिति है और इसलिए हमें अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा है। जयराम रमेश ने लिखा, ‘विपक्षी INDI अलायंस से जुड़े सभी दलों के पास राज्यसभा के चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। वह राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन पक्षपात के साथ कर रहे थे। INDI अलायंस के दलों के लिए यह एक कठिन फैसला है, लेकिन संसदीय लोकतंत्र के हित में है। इसलिए हमें ऐसा कदम उठाना पड़ा है। अविश्वास प्रस्ताव को हमने राज्यसभा के जनरल सेक्रेटरी को सौंप दिया है।’ हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्ताव में विपक्षी दलों के किसी भी नेता सदन के हस्ताक्षर नहीं हैं। यहां तक कि सोनिया गांधी के साइन भी इस प्रस्ताव में नहीं हैं। कहा जा रहा है कि कुल 60 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार के एक वर्ष के कार्यों से कराया अवगत

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को संसद भवन नई दिल्ली में सौजन्य भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी को भोपाल में फरवरी 2025 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमि-पूजन एवं शिलान्यास के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को राज्य सरकार द्वारा एक वर्ष में किये गये कार्यों से अवगत कराकर मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर 11 दिसम्बर 2024 से 2 महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रारंभ कर रही है। पहला कार्यक्रम मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व 11 से 26 दिसम्बर 2024 तक आयोजित होगा। यह प्रदेश के समग्र विकास और जनहित पर आधारित रहेगा। दूसरा कार्यक्रम मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान 11 दिसम्बर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विकास के प्रमुख 4 स्तंभ युवा, नारी, किसान और गरीब के सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए चिन्हित योजनाओं में शत-प्रतिशत सेचुरेशन का लक्ष्य प्राप्त करना है। अभियान में आमजन से जुड़ी 63 शासकीय सेवाओं से संबंधित आवेदकों की समस्याओं का निराकरण भी किया जायेगा।  

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों से पूछा किआखिर फ्री की रेवड़ी कब तक बांटी जाएगी? रोजगार के अवसर बनाने की जरूरत

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने  सरकारों की ओर से फ्री में दी जा रही सुविधाओं को लेकर सवाल उठाया है. कोर्ट ने पूछा कि आखिर फ्री की रेवड़ी कब तक बांटी जाएगी? कोर्ट ने कहा कि कोविड महामारी के बाद से मुफ्त राशन प्राप्त कर रहे प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर बनाने की जरूरत है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने उस वक्त हैरानी जताई जब केंद्र ने अदालत को बताया कि 81 करोड़ लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मुफ्त या सब्सिडी वाला राशन दिया जा रहा है. इसपर बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा, ‘इसका मतलब है कि केवल टैक्सपेयर्स ही बाकी हैं.’ एनजीओ की ओर से दायर एक मामले में पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि उन प्रवासी मजदूरों को मुफ्त राशन  मिलना चाहिए जो “ई-श्रमिक” पोर्टल पर पंजीकृत हैं. इसपर बेंच ने कहा, ‘फ्रीबीज़ कब तक दिए जाएंगे? क्यों न हम इन प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर, रोजगार और क्षमता निर्माण पर काम करें?’ वकील भूषण ने कहा कि अदालत ने समय-समय पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि प्रवासी मजदूरों को राशन कार्ड जारी किया जाए ताकि वे केंद्र द्वारा प्रदान किए गए मुफ्त राशन का लाभ उठा सकें. उन्होंने कहा कि हाल ही में दिए गए आदेश में यह कहा गया है कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं, लेकिन वे “ई-श्रमिक” पोर्टल पर पंजीकृत हैं, उन्हें केंद्र द्वारा मुफ्त राशन दिया जाएगा. कोर्ट ने क्या कहा… जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘यह समस्या है. जैसे ही हम राज्यों को आदेश देंगे कि वे सभी प्रवासी मजदूरों को मुफ्त राशन दें, कोई भी यहां नहीं दिखाई देगा. वे भाग जाएंगे. राज्यों को यह पता है कि यह जिम्मेदारी केंद्र की है, इसीलिए वे राशन कार्ड जारी कर सकते हैं.’ भूषण ने कहा कि यदि 2021 की जनगणना की जाती, तो प्रवासी मजदूरों की संख्या में वृद्धि होती, क्योंकि केंद्र वर्तमान में 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर निर्भर है. इसपर बेंच ने कहा, “हम केंद्र और राज्यों के बीच मतभेद नहीं पैदा करें, क्योंकि ऐसा करने से स्थिति बहुत कठिन हो जाएगी.”  

मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिला, तापमान में गिरावट के चलते ठिठुरन बढ़ गई, जानें अपने शहर का हाल

भोपाल पड़ाहों पर हो रही बर्फबारी से बर्फीली हवाएं चलने लगी है जिससे मध्यप्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों में 16 शहरों में तापमान 12 डिग्री से कम तो राजगढ़ गुना सबसे ठंडे रहे। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3 दिन 11 से 13 दिसंबर तक अशोक नगर, गुना और धार जिले में शीतलहर (कोल्ड वेव) की स्थिति बनी रहेगी और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जाएगी।वर्तमान में उत्तर प्रदेश में एक पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र है।हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पश्चिमी होने से अगले 24 घंटों में प्रदेश के तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट होने की आशंका है। खास करके पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी मौसम बदला रहेगा।  तापमान में गिरावट के चलते ठिठुरन बढ़ गई है। रात के तापमान में पांच डिग्री तक की कमी आई है, जिससे ठंड का असर तेज हो गया है। दिन के तापमान में भी एक डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है. चार दिनों बाद ठंड ने पकड़ी रफ्तार पिछले चार-पांच दिनों से तापमान में बढ़ोतरी और आसमान पर बादलों की मौजूदगी के कारण ठंड का असर कम हो गया था। हालांकि, रविवार से ठंड ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे तीन दिन पहले, शनिवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस रहा था। केवल एक दिन में न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री और अधिकतम तापमान में एक डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे ठंड का असर बढ़ गया है। लोग अब ठंड से राहत पाने के लिए गर्म कपड़े पहनने और अलाव जलाने का सहारा ले रहे हैं। ठंड बढ़ने से जिले के किसानों के चेहरों पर भी खुशी देखी जा रही है। किसानों के लिए फायदेमंद ठंड वर्तमान में किसान रबी सीजन की प्रमुख फसलें, जैसे गेहूं और चने, की बुवाई में व्यस्त हैं। अधिकतर क्षेत्रों में बुवाई पूरी होने के बाद अब सिंचाई की जा रही है। रबी सीजन की फसलों का उत्पादन ठंड पर निर्भर करता है। ठंडक बढ़ने से गेहूं और चने की फसल को फायदा होगा और उत्पादन बेहतर हो सकेगा। मंगलवार सुबह ठंडी हवाओं और ठिठुरन के साथ मौसम ने सर्दी का एहसास कराया। हल्की धुंध छाई रही और खेतों में गेहूं की फसलों पर ओस की बूंदें नजर आईं। 15 दिसंबर के बाद MP के इन जिलों में कड़ाके की ठंड-कोल्ड डे एमपी मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत से आगे बढ़ते ही 15-20 दिसंबर के बाद प्रदेश में कोल्ड डे, घने कोहरे और शीतलहर की स्थिति देखने मिलेगी । दिसंबर अंत और जनवरी में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाओं के साथ घने कोहरा छाया रहेगा।खास करके इस बार सागर संभाग के जिले निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना, रीवा संभाग के मउगंज सीधी और सिंगरौली, जबलपुर संभाग के मंडला और डिंडोरी, इंदौर संभाग के झाबुआ, इंदौर और धार के उत्तरी हिस्से और पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। भोपाल संभाग के राजगढ़ और उज्जैन जिलों के कुछ-कुछ हिस्सों में अच्छी ठंड पड़ेगी। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     प्रदेश में सबसे ठंडा जिला राजगढ़ रहा, जहां रात का पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान पचमढ़ी से भी कम है। पचमढ़ी का पारा 9.0 डिग्री सेल्सियस रहा।     पिपरसमा (शिवपुरी) में 6.8 डिग्री, मरूखेडा (नीमच) में 7.4 डिग्री, राजगढ़ में 7.6 डिग्री, गिरवर (शाजापुर)/गुना में 8.6 डिग्री और सीहोर/पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 9 डिग्री दर्ज न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।     धार में 9.4 डिग्री, पचमढ़ी में 9 डिग्री, खजुराहो में 10.4 डिग्री, रायसेन में 9.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 10.5 डिग्री, नौगांव में 11.2 डिग्री, रीवा में 11.0 डिग्री और उमरिया में 11.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।     इंदौर में अधिकतम तापमान 22.9 डिग्री, भोपाल में 23.4 डिग्री, उज्जैन में 24.5 डिग्री, ग्वालियर में 24.8 डिग्री और जबलपुर में 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया गीता का ज्ञान आज भी अमृत रूप में प्रवाहित हो रहा है :हितानंद शर्मा

गीता जयंती (11 दिसंबर) पर विशेष भोपाल धर्म स्थापना के लिए मानव इतिहास में हुए सबसे भीषण महायुद्ध के बीच भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया गीता का ज्ञान आज भी अमृत रूप में प्रवाहित हो रहा है। श्रीमद्भगवत गीता केवल अर्जुन के लिए नहीं, सनातन समाज के लिए नहीं बल्कि विश्व मानवता के शुभ के लिए ईश्वरीय संदेश है। गीता के माध्यम से व्‍यक्‍त‍ि स्‍वयं को जान सकता है और ईश्वरीय सत्ता का अनुभव भी कर सकता है। गीता जयंती मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी तिथि को मनाई जाती है। यह वही दिन है जब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। गीता के ईश्वरीय संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य ‘गीता प्रेस गोरखपुर’ द्वारा पिछले 102 वर्षो से बिना रुके पूरे श्रद्धाभाव से किया जा रहा है। भारत के घर-घर में श्रीमद्भगवत गीता और रामायण की प्रति पहुंचाने का श्रेय गीता प्रेस को ही जाता है। गीता प्रेस अब तक श्रीमद्भगवत गीता की 16 करोड़ 21 लाख प्रतियां प्रकाशित कर श्रद्धालु पाठकों तक पहुंचा चुका है। अब तक  41 करोड़ 71 लाख पुस्तकें छापकर विश्व का सबसे बड़ा प्रकाशन संस्थान होने के बाद भी आश्चर्य की बात यह है कि गीता प्रेस न तो किसी से चंदा लेता है और न ही अपने प्रकाशनों में विज्ञापन ही स्वीकार करता है। जब वर्ष 2021 में गीता प्रेस को उसके उल्लेखनीय कार्यों के लिए भारत सरकार का गरिमामय ‘महात्मा गांधी शांति पुरस्कार’ प्रदान किया गया तो संस्थान ने पुरस्कार को पूरे सम्मान के साथ ग्रहण किया, पर इसके साथ प्रदान की जाने वाली एक करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि सरकार को वापस लौटा दी थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस संस्थान के दर्शन के लिए आए थे। लागत मूल्य से 50 से लेकर 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर बहुमूल्य  पुस्तकें पाठकों तक पहुंचाने वाला गीता प्रेस वास्तव में सामाजिक-धार्मिक जागरण का एक आंदोलन ही है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की पावन धरा उत्तरप्रदेश का प्रवास तो पूर्व में भी होता ही रहा है किन्तु इसी वर्ष संयोग से संगठन के कार्य से मुझे गोरक्ष प्रांत यानी गोरखपुर सहित आसपास के क्षेत्रों का प्रभार सौंपा गया। ऐसे में गोरखपुर में गोरक्ष पीठ सहित एक महत्वतपूर्ण तीर्थ गीता प्रेस के दर्शन का सौभाग्य भी मिला। प्रकाशन का केंद्रीय कार्यालय गोरखपुर में ही है। हिन्दू  धर्म, अध्यात्म, दर्शन सहित मानव कल्याण के अनेक विषयों पर पुस्तकें प्रकाशित कर चुका गीता प्रेस आधुनिक समय का तीर्थ ही है। राजा भागीरथ के महान तप से पुण्य प्रवाहिनी मां गंगा का धरती पर अवतरण संभव हो सका था। इक्ष्वाकु वंश के राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए गंगा को धरती पर लाने का प्रण पूर्ण किया था। इसी प्रकार गीता प्रेस के संस्थापक, ब्रह्मलीन जयदयालजी गोयंदका के ऐसे ही महान तप का सुफल यह प्रकाशन है। वैसे तप तुलना का विषय नहीं है किन्तु  धर्म, संस्कृति, अध्यात्म, भक्ति एवं मानवता के उद्धार के लिए गोयंदका जी द्वारा स्थापित गीता प्रेस आज भी पुण्य प्रवाहमयी ज्ञान सरिता है। गीता प्रेस के आदि संपादक हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाईजी’ के उल्लेख के बिना गीता प्रेस की चर्चा पूर्ण नहीं होगी।  भाईजी वीर सावरकर के निकट के क्रांतिकारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। अपने मौसेरे भाई जयदयालजी के अगाध गीता प्रेम एवं ज्ञान को देखते हुए भाईजी ने श्रीमद्भगवत गीता को लागत मूल्य से भी कम में जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस संकल्प की पूर्ति के लिए अपने एक प्रकाशन की आवश्यकता थी जो गोरखपुर में प्रारंभ हुआ। प्रचार-प्रसार से दूर एक अकिंचन सेवक और निष्काम कर्मयोगी की तरह भाईजी ने सनातन संस्कृति की मान्यताओं को घर-घर तक पहुँचाने में जो अतुलनीय योगदान दिया है, इतिहास में इसका उदाहरण मिलना कठिन है।   गीता  प्रेस  का मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म के सिद्धांतों को गीता, रामायण, उपनिषद, पुराणों, प्रख्यात संतों के प्रवचन एवं चरित्र-निर्माण की अन्य पुस्तकें-पत्रिकाएं प्रकाशित कर इन्हें लागत मूल्य से भी कम कीमत में समाज में पहुंचाना है। गीता प्रेस मानव जीवन के उत्थायन और सभी की भलाई के लिए प्रयासरत है। इसका उद्देश्य शांति, आनंद और  मानव जाति के अंतिम उत्थान के लिए गीता में प्रतिपादित जीवन जीने की कला को बढ़ावा देना है। संस्थान का संचालन कोलकाता के गोविंद भवन द्वारा किया जाता है। इसका प्रबंधन एक गवर्निंग काउंसिल (ट्रस्ट बोर्ड) करती है। गीता प्रेस में दिन की शुरुआत सुबह की प्रार्थना से होती है। एक व्यक्ति दिनभर घूम-घूम कर प्रत्येक कार्यकर्ता को कई बार भगवान का नाम स्‍मरण कराता है। गीता प्रेस के अभिलेखागार में भगवद् गीता की 100 से अधिक व्याख्याओं सहित 3,500 से अधिक पांडुलिपियां रखी हैं। गीता प्रेस के मासिक पत्रिका ग्रंथ ‘कल्याण’ के नए संस्करण के साथ 3000 से अधिक ऑनलाइन संग्रह उपलब्ध हैं। 4 मई 1923 को गीता प्रेस की स्थापना की गई थी तब पुस्तकें छापने का काम बोस्टन कंपनी की प्रिंटिंग प्रेस से शुरू किया गया था। पैरों से चलाई जाने वाली यह मशीन 500 रुपए में अमेरिका से मंगवाई गई थी। अब संस्थान आधुनिक संसाधनों का सदुपयोग करता है इसीलिए मैनुअल और मशीन दोनों माध्यमो से प्रकाशन का काम होता है। गीता प्रेस इन अर्थों में भी विश्व का अनूठा प्रकाशन है क्योंकि यह अपनी पुस्तकों में मात्रात्मक, व्याकरणिक, शाब्दिक अथवा तथ्यात्मक त्रुटि बताने वाले को पुरस्कृत करता है हालाँकि पुस्तकों में ऐसी त्रुटियां मिलती नहीं हैं। बीते वर्षों में मीडिया में इस प्रकार के समाचार आए थे कि गीता प्रेस आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बंद होने की कगार पर है किन्तु संस्थान के भ्रमण में यह भी जानने मिला कि स्थिति ऐसी नहीं है। समाज के सहयोग से गीता प्रेस 300 करोड़ रुपए वार्षिक टर्न ओवर वाला समृद्ध संस्थान है और प्रति वर्ष 17 भाषाओं में पुस्तकें प्रकाशित कर रहा है। संस्थान ने अपनी पुस्तकें इंटरनेट पर ऑनलाइन भी उपलब्ध कराई हैं जहां से कोई भी इन्हें  डाउनलोड कर सकता है और यह पूरी तरह निशुल्क है। संस्थान का कार्यालय भी दर्शनीय है। इसके भव्य प्रवेश द्वार के स्तंभ एलोरा के प्राचीन गुफा-मंदिर के स्तंभों की शैली में निर्मित हैं। वहीं अर्जुन के रथ के सारथी बन श्रीकृष्ण गीता का उपदेश दे रहे हैं। प्रवेश द्वार का शिखर … Read more

सड़क चौड़ीकरण के कारण अतिक्रमण के दायरे में आ रही नूरी जामा मस्जिद पर चला प्रशासन का बुलडोजर

लखनऊ यूपी की योगी सरकार ने अवैध निर्माण पर ऐक्शन लिया है। सड़क चौड़ीकरण के कारण अतिक्रमण के दायरे में आ रही ललौली स्थित 180 साल पुरानी नूरी जामा मस्जिद पर मंगलवार सुबह प्रशासन बुलडोजर चल गया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच अतिक्रमण के दायरे में आने वाले हिस्से को जमींदोज किया जा रहा है। एएसपी, एडीएम, आरएएफ, पीएसी समेत कई थानो का फोर्स मौके पर मौजूद हैं। बता दें कि बीते 24 सितम्बर को पीडब्ल्यूडी ने सड़क चौड़ीकरण को लेकर अतिक्रमण अभियान चलाया था। उस दौरान मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगो ने स्वयं से अतिक्रमण हटाने के लिए एक माह का समय मांगा था। लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इस बीच मस्जिद कमेटी का पक्ष हाईकोर्ट पहुंचा था। हाईकोर्ट ने 13 दिसंबर को सुनवाई की डेट तय की थी लेकिन इसके पहले ही प्रशासन ने मस्जिद के अतिक्रमण वाले हिस्से को जमीदोंज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। एएसपी विजय शंकर मिश्रा ने बताया कि अतिक्रमण के जद में हिस्से को हटाया जा रहा है। मस्जिद के हिस्से को ध्वस्त करने के लिए दो बुलडोजरों का इस्तेमाल किया गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन पूरी ध्वस्तीकरण प्रक्रिया शांतिपूर्वक चली।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने संबंध तोड़ने की कही थी बात, फिर आज दी सफाई

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण भाई सौरव गर्ग उर्फ शालिग्राम शास्त्री का एक वीडियो सोमवार की रात वायरल हुए था, जिसमें वे धीरेंद्र शास्त्री से अपना रिश्ता तोड़ने की बात कहते हुए नजर आ रहे थे, उन्होंने वीडियो में कहा था कि उनसे संबंधित किसी भी विषय को धीरेंद्र शास्त्री या बागेश्वर धाम से न जोड़ा जाए, उन्होंने इसकी जानकारी कोर्ट में भी दे दी है. लेकिन अब शालिग्राम गर्ग का एक और वीडियो आया है, जिसमें वह धीरेंद्र शास्त्री से संबंध तोड़ने के मुद्दे पर सफाई देते नजर आ रहे हैं. धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने डाला वीडियो मंगलवार को धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने दूसरा वीडियो डाला, जिसमें वह कहते हुए नजर आ रहे हैं ‘उनका कोई उद्देश्य ऐसा नहीं है, हमारा उद्देश्य हमेशा सही करने का रहा है, लेकिन उसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा था. अपनी हरकतो से बागेश्वर धाम और सनातन की छवि खराब न हो इसलिए वह वीडियो जारी किया था. बागेश्वर बालाजी सरकार और बागेश्वर महाराज जी के प्रति आस्था है. इसलिए उन्हें बिल्कुल भी ठेस न पहुंचाए. हमने केवल वह वीडियो माफी और सभी सनातनी हिंदू और साधु संतों से झमा मांगने के लिए जारी किया था. लेकिन उसे गलत तरीके से पेश किया गया है. आप लोग उस वीडियो पर यकीन न कर और न ही उसे फैलाएं. महाराजजी हिंदू एकता के कार्य में लगे हैं.’ शालिग्राम गर्ग ने क्या कहा? शालिग्राम गर्ग ने सोशल मीडिया पर 2 मिनट 6 सेकंड का वीडियो जारी कर कहा, “उनकी ओर से किए जाने वाले कामों से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और बागेश्वर धाम की छवि धूमिल होती है, इसलिए उनका नाम पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जोड़कर नहीं लिया जाए.” उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, “भविष्य में उनकी ओर से किए गए किसी भी कार्य को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री या बागेश्वर धाम से न जोड़ा जाए, उनके सभी संबंध समाप्त हो चुके हैं.” पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग का कई बार मारपीट और अन्य ऐसे मामलों में नाम सामने आ चुका है, जिसमें पुलिस कार्रवाई भी हो चुकी है. इनमें टोल टैक्स पर मारपीट का एक प्रकरण भी शामिल है.  इसके अलावा कई बार अन्य विवादों की वजह से भी शालिग्राम गर्ग सुर्खियां बटोर चुके हैं. इन मामलों की वजह से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की छवि पर प्रभाव पड़ता है. शायद यही वजह है कि उन्होंने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से औपचारिक रूप से नाता तोड़ दिया है. छतरपुर में पर्चियां के माध्यम से लोगों की समस्या का समाधान करने वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के देश-विदेश में लाखों भक्त हैं. उन्होंने हिंदुत्व को आगे बढ़ते हुए भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की भी मांग उठाई. उन्होंने हाल ही में बागेश्वर धाम से ओरछा तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ हिंदू सनातनी एकता यात्रा भी निकाली. इस माध्यम से हिंदुओं को जागरूक करने के साथ-साथ एकजुट करने की कवायद की गई है. बागेश्वर धाम के ऑफिशियल फेसबुक ग्रुप पर भी जारी     बागेश्वर धाम के ऑफिशियल फेसबुक ग्रुप पर भी जारी किया गया है कि सोमवार शाम से एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है कि पूज्य सरकार के अनुज शालिग्राम गर्ग जी ने संबंध विच्छेद कर लिए।     यहां लिखा गया है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। ये उनके भाव थे कि उनकी किसी गलती का जिम्मेदार पूज्य सरकार या बागेश्वर धाम पीठ ना माना जाए। कुछ मीडिया के बंधु इसे लगातार चला रहे हैं। उनसे अनुरोध है ऐसे किसी गलतफहमी से बचें।     इस वीडियो के माध्यम से शालिग्राम ने सभी कुछ स्पष्ट कर दिया है। बता दें शालिग्राम अक्सर मारपीट जैसे मामलों से विवादित रहे हैं। इससे पहले भी कई तरह के आरोप प्रत्यारोपों से घिरे रहे हैं। भागवत कथा के समापन के बाद रविवार की रात्रि को पंडित धीरेन्द्र शास्त्री टीकमगढ कोतवाली टीआई पंकज शर्मा के करैरा स्थित निवास पर पहुंचे। उनके निवास पर पहुंचकर सभी परिवार जनों से शास्त्री जी ने मुलाकात कर सभी को आर्शीवाद प्रदान किया। जैसे ही करैरा वासियों को पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के पंकज शर्मा के निवास पर पहुंचने की जानकारी मिली, तो हजारों श्रद्धालुओं का उनके निवास पर तांता लग गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के सेटअप स्वीकृत की घोषणा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों तक गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच हमारी सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय चिरमिरी में मुख्यमंत्री ने सर्व सुविधायुक्त 100 बेड जिला चिकित्सालय का किया उद्घाटन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के सेटअप स्वीकृत की घोषणा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  भरतपुर में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) के पद की स्वीकृति चिरमिरी, खोंगापानी, झगराखंड में ग्रिड से विद्युत सप्लाई की घोषणा रायपुर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के बड़ा बाजार चिरमिरी में 100 बेड वाले सर्व सुविधायुक्त  जिला चिकित्सालय का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के सेटअप स्वीकृत करने, भरतपुर में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) के पद की स्वीकृति तथा चिरमिरी, खोंगापानी, झगराखंड में ग्रिड से विद्युत सप्लाई की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज, विधायक श्रीमती रेणुका सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे। जिला अस्पताल चिरमिरी को अत्याधुनिक उपकरणों और सुविधाओं से लैस किया गया है। इस अस्पताल में 08 चिकित्सा विशेषज्ञ नियुक्त हैं तथा 80 प्रकार के लैब टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल में 07 ओपीडी सहित 04 ऑपरेशन थिएटर बनाए गए है। जिनमें 01 ऑपरेशन थिएटर चालू है। इसे मॉड्यूल ऑपरेशन थिएटर के रूप में परिवर्तित करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। इसके साथ ही अस्पताल में 08 बिस्तर वाले आईसीयू की सुविधा भी है। इस अस्पताल के बनने से जरूरतमंद लोगों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी ढांचा मजबूत हो इस पर राज्य सरकार का विशेष फोकस है। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना शासन की प्राथमिकता में है ताकि लोगों को आसानी से अच्छी इलाज की सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों, कक्षों तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया, उपस्थित मरीजों से उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली और उन्हें फल भेंट कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सेवा भाव के साथ कार्य करने की सलाह दी। मुख्यमंत्री के हाथों चिरमिरी में जिला अस्पताल के लोकार्पण पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज जिले को 100 बिस्तरीय जिला अस्पताल के रूप में एक बड़ी सौगात मिली है। शासन की प्राथमिकता है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की जनता तक पहुंच आसान हो, चिरमिरी का जिला अस्पताल इस अपेक्षा को पूरा करेगा। उन्होंने आगे कहा की जिलेवासियों को अब एक बेहतर अस्पताल मिल गया है जिससे चिकित्सा के क्षेत्र में लोगों को काफी सहूलियत होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिरमिरी, खोंगापानी, झगराखंड में छत्तीसगढ़ ऊर्जा विभाग के ग्रिड से विद्युत सप्लाई की मांग पर विद्युत आपूर्ति करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरों के अस्पताल के सेटअप की स्वीकृति की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सुविधा की दृष्टिगत रखते हुए भरतपुर में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को  स्वीकृति प्रदान की है।

मध्यप्रदेश में 11 दिसम्बर से मनाया जाएगा “जन कल्याण पर्व” और “मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान”

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को नदी जोड़ो अभियान अंतर्गत 2 बड़ी परियोजनाएं दी है। इसमें बुंदेलखण्ड क्षेत्र की केन-बेतवा वृहद परियोजना और पार्वती- कालीसिंध-चंबल परियोजना है। इन दोनों परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के साथ उत्तरप्रदेश और राजस्थान भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही केन-बेतवा परियोजना का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जायेगा। केन-बेतवा परियोजना से मध्यप्रदेश के बुंदेलखण्ड क्षेत्र में वृहद स्तर पर सिंचाई होगी। साथ ही पेयजल भी उपलब्ध होगा। इससे पूरे क्षेत्र में समृद्धि आयेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत् दो दशकों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का हल निकालकर प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के 10 और राजस्थान के 13 जिलों को अनूठी सौगात दी है। साथ ही भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जोड़ो परियोजना के स्वप्न को साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली में मीडिया प्रतिनिधियों से मध्यप्रदेश में 11 दिसम्बर से शुरू हो रहे मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व में संचालित होने वाली गतिविधियों और राज्य सरकार एक वर्ष के कार्यकाल में हुए जनहित एवं विकास के कार्यों को साझा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों और नवाचारों के माध्यम से नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश में शुरू किये जा रहे जन कल्याण अभियान और पर्व के दौरान नगरों और ग्रामों में 18 हजार करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन, शासकीय योजनाओं से वंचित रहे पात्र नागरिकों को लाभान्वित करने के साथ आमजन से जुड़ी 63 शासकीय सेवाओं से संबंधित समस्याओं का शिविर लगाकर मौके पर निराकरण किया जायेगा। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर संयंत्र एवं आईटी पार्क मध्यप्रदेश की पहचान, समृद्धि के प्रयास तेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट स्थापित किया गया है। यह देश में अनोखा है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अलग पहचान बना रहा है। इसके साथ ही कई आईटी पार्क युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। मध्यप्रदेश की खनिज संपदा, जल संपदा का उपयोग कर समृद्धि की संभावनाएं साकार कर रहा है। हाल ही में संभाग स्तर पर सम्पन्न उद्योग कॉन्क्लेव रोजगार वृद्धि और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दृष्टि से उपयोगी सिद्ध होंगी। प्रदेश के बजट को साढ़े तीन लाख करोड़ से बढ़ाते हुए 4 वर्ष में 7 लाख करोड़ रूपए तक ले जाने का लक्ष्य है। यह प्रयास है कि जीडीपी में वृद्धि हो और मध्यप्रदेश भारत को विश्व की महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्था बनने के संकल्प में सहयोगी हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ाते हुए किसानों और नागरिकों के हित में निरंतर कार्य किया है। कृषि के साथ अब पशुपालन को बढ़ावा दे रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादन पर बोनस प्रदान करेगी। हाल ही में राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ करारनाम हुआ है। प्रदेश का दुग्ध उत्पादन देश के दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत है जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाएगा। इससे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ेगी। प्रदेश में किसानों के हित में सायबर तहसील व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जो देश में अनूठी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में लाड़ली बहनों को 450 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। लाड़ली बहना योजना में प्रतिमाह 1250 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। नारी सशक्तिकरण के अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को विभिन्न पदों पर 35 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय लिया गया है। साहस की प्रतीक वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम से अन्न प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है। वीरांगना की स्मृति में दमोह जिले के सिंग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ है। कई नगरों से भोपाल तक सस्ती हवाई सेवा प्रारंभ की गई है। आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को अनेक सुविधाएं दी जा रही हैं। पीएमएयर एम्बुलेंस भी प्रारंभ की गई हैं जो गंभीर रोगियों को एयर लिफ्ट कर बड़े चिकित्सा संस्थानों में पहुंचाने का कार्य करती हैं। मनुष्य ही नहीं पशुओं के लिए भी पृथक एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यावरण के क्षेत्र में काफी कार्य हो रहा है। “एक पेड़ माँ के नाम अभियान” के अंतर्गत वृहद पौध-रोपण हुआ है। पुराने जल स्रोतों को उपयोगी बनाने और जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नागरिकों की भागीदारी करवाकर जागरूकता बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। सड़कों के निर्माण से लेकर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक स्नान व्यवस्था से जुड़े कार्य हो रहे हैं। क्षिप्रा के लिए गंगा जी की तरह हिमालय के ग्लेशियर नहीं हैं और पूर्व के सिंहस्थ में गंभीर और नदियों से क्षिप्रा में जल लाने के कार्य हुए हैं। पहली बार शिप्रा के जल से ही श्रद्धालु स्नान का पुण्य लाभ ले सकेंगे। इसके लिए अनेक कार्य संचालित हैं, जिनसे सिलार खेड़ी में वर्षा जल संग्रहित होगा। विभिन्न परियोजनाओं से शिप्रा को प्रदूषण से बचाकर स्वच्छ निर्मल जल के प्रवाह वाली नदी बनाने के कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व रहा। उन्होंने कंस को मारने के बाद उज्जैन आकर शिक्षा ग्रहण करने का कार्य किया। भगवान श्रीकृष्ण के संदेश और गीता की शिक्षाओं को नागरिकों तक पहुंचाने के लिए 11 दिसम्बर को प्रदेश स्तर पर गीता जयंती के कार्यक्रम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाचार पत्र प्रतिनिधियों को प्रदेश के सभी जिलों में की गई पुलिस बैंड व्यवस्था, कुलपति पद का नाम कुलगुरू करने, पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के एकीकरण, सुशासन और श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में कपड़ा मिलों में कार्यरत रहे श्रमिकों की बरसों से लंबित बकाया राशि उन्हें दिलवाने, विभिन्न पर्व त्योहार में सरकार की सहभागिता बढ़ाने और विश्व धरोहर स्थल खजुराहो और तानसेन की नगरी ग्वालियर में कलात्मक गतिविधियों के साथ विभिन्न विश्व रिकार्ड बनाने की उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदान की।  

इराक एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा, यूरोप और पश्चिम एशिया के बीच नया परिवहन लिंक बनाएगा

बगदाद इराक एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। यह प्रोजेक्ट यूरोप और पश्चिम एशिया के बीच नया परिवहन लिंक बनाएगा। इस प्रोजेक्ट की लागत 17 बिलियन डॉलर है, जिसके तीन साल में पूरा होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट को ‘विकास का मार्ग’ (Route of Development) नाम दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के मिस्र की स्वेज नहर के रस्ते को टक्कर देने की उम्मीद है। स्वेज नहर का रूट एशिया और यूरोप के बीच बेहद महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग है। द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नया रूट 745 मील लंबा होगा, जो उत्तरी तुर्की सीमा से दक्षिणी फारस की खाड़ी तक फैला होगा। इसमें सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों को शहरों से जोड़ते हुए का एक नेटवर्क बनाया जाएगा। इसका मकसद एशिया और यूरोप के बीच समुद्री यात्रा के समय को कम करना है, ताकि इसे स्वेज नहर रूट के विकल्प के तौर पर दुनिया के सामने लाया जा सके। इराक को होगा बड़ा फायदा? यह नया मार्ग ग्रैंड अल फॉ पोर्ट प्रोजेक्ट पर आधारित होगा, जो कि फारस की खाड़ी पर एक बंदरगाह है। यह इराक को अपने निर्यात को दुनियाभर में बेहतर तरीके से वितरित करने में सक्षम बनाता है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा विकासात्मक प्रयास है। इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल सुदानी इस परियोजना को एक टिकाऊ गैर-तेल अर्थव्यवस्था की आधारशिला के रूप में देखते हैं। वह इसे आर्थिक एकीकरण के प्रयास के रूप में देखते हैं। परियोजना का लक्ष्य बसरा और लंदन के बीच निर्बाध राजमार्ग और रेल गलियारा स्थापित करना है। इराक का कहना है कि रूट ऑफ डेवलपमेंट स्वेज नहर के मुकाबले आर्थिक रूप से अधिक व्यवहार्य विकल्प हो सकता है। इराकी परिवहन मंत्री का कहना है कि यह मिस्र स्थित स्वेज नहर की तुलना में यात्रा के समय में 12 से 15 दिनों की बचत कर सकता है। इस परियोजना को कई प्रभावशाली देशों का समर्थन मिला है। इसमें यूएई और कतर शामिल हैं। दोनों देशों ने इस संबंध में समझौते पर दस्तखत किए हैं। इस परियोजना से बहुत उम्मीदे हैं लेकिन इसके सामने कई चुनौतियां भी हैं। इराकी सरकार का कहना है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद वह इस परियोजना को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। यह परियोजना इराक के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इराकी सरकार को उम्मीद है कि यह परियोजना इराक के लोगों के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आएगी।

महाविद्यालयीन छात्राओं के लिए 50 सीटर नवीन कन्या छात्रावास भवन निर्माण की स्वीकृति

महाविद्यालय शैक्षणिक एवं अकादमिक परिवेश बेहतर बनाए : आयुष मंत्री परमार शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय बुरहानपुर की साधारण सभा की बैठक हुई महाविद्यालयीन छात्राओं के लिए 50 सीटर नवीन कन्या छात्रावास भवन निर्माण की स्वीकृति भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में मंत्रालय में पंडित शिवनाथ शास्त्री शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय बुरहानपुर की साधारण सभा की बैठक हुई। मंत्री परमार ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर, महाविद्यालयीन गतिविधियों की समीक्षा की। महाविद्यालय परिसर में कन्या छात्रावास निर्माण, परिसर तक पहुंच मार्ग निर्माण, विभिन आवश्यक उपकरण क्रय, एनसीआईएसएम के मापदंड अनुसार व्याख्याताओं एवं रीडर पदों की पूर्ति सहित विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा हुई। मंत्री परमार ने कहा कि महाविद्यालय में पदस्थ व्याख्याताओं एवं अधिकारियों के समयमान वेतनमान संबंधी प्रक्रिया नियत समय पर पूर्ण करें। इसके उपरांत उच्च पद प्रभार प्रक्रिया का भी नियत समयावधि पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि महाविद्यालय में वास्तविक रिक्त पदों की स्थिति के अनुरूप पदों की पूर्ति की प्रक्रिया नियत समय पर पूर्ण हो सके। परमार ने महाविद्यालय के लिए विभिन्न विषयों के लिए चयनित नवीन व्याख्याताओं की नियुक्ति सम्बंधी कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। परमार ने कहा कि महाविद्यालय आर्थिक गतिविधियों में पारदर्शिता के लिए नियमित रूप से वित्तीय वर्षों में ऑडिट कराएं। उन्होंने महाविद्यालय की साधारण सभा की बैठक नियमित रूप से करने के निर्देश दिए। आयुष मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हमारी प्राथमिकता है। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय में संसाधनों एवं सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। परमार ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। महाविद्यालय परिसर में छात्राओं के लिए 50 सीटर नवीन कन्या छात्रावास भवन निर्माण के लिए अनुमोदन किया। परमार ने प्रयोगशालाओं एवं पुस्तकालयों को समृद्ध करने और संस्थागत आवश्यक समस्त मरम्मत एवं सुधार कार्यों को निश्चित समयावधि पर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। मंत्री परमार ने महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक समस्त संसाधनों की उपलब्धता, नियत समय अवधि पर सुनिश्चित करने के दिशा निर्देश दिए। महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के समग्र विकास, बेहतर अध्ययन-अध्यापन, शैक्षणिक एवं अकादमिक गुणवत्ता में उत्तरोत्तर सुधार, संस्थान में शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने सहित विविध आवश्यक क्रियान्वयन के लिए दिशा निर्देश भी दिए। परमार ने कहा कि संस्थान अपनी विशेषता और उत्कृष्टता पर व्यापक कार्य करे ताकि विशिष्ट संदर्भ में संस्थान का नाम आलोकित हो और संस्थान की प्रतिष्ठा एवं विश्वसनीयता में उत्तरोत्तर वृद्धि हो। इसके लिए महाविद्यालय के अकादमिक एवं शैक्षणिक परिवेश को उत्तरोत्तर बेहतर बनाने को कहा। बैठक में बुरहानपुर विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस, महापौर नगरपालिका निगम बुरहानपुर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, महाविद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. रश्मि रेखा मिश्रा सहित साधारण सभा के सदस्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज, अब भारी बारिश के आसार

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड का दौर शुरू होने लगा है। राज्य के शिवपुरी जिला के पिपरसमा में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है। यहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश में सर्द हवाएं चलने लगेंगीं, इससे धीरे-धीरे ठंड़ बढ़ने लगेगी और पारा गिरने लगेगा। आइए जानते हैं बीते 24 घंटे में राज्य में मौसम का क्या हाल रहा। भारी बारिश और झोंकेदार हवाओं के आसार आने वाले दिनों में राज्य में वज्रपात के साथ बिजली चमकने, झोंकेदार हवाओं और भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है। इसके लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट का संकेत जारी किया है। 11, 12 और 13 दिसंबर को राज्य के धार, गुना और अशोकनगर में ऐसी स्थिति बन सकती है। जानिए सबसे ठंडीले इलाकों के तापमान मौमस विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में जबलपुर, शहडोल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई है। वहीं बाकी के इलाकों में मौसम शुष्क ही रहा है। भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम संभागों के जिलों में न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट देखने को मिली है। सबसे कम तापमान वाले इलाकों की बात करें तो पिपरसमा के बाद नीमच के मरुखेड़ा में 7.4, राजगढ़ में 7.6, शाजापुर के गिरवर में 8.6 और सीहोर में 9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। इन इलाकों में दर्ज हुआ अधिकतम तापमान वहीं इसके उलट सबसे ज्यादा तापमान खंडवा में दर्ज किया गया। यहां का अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा अन्य चार इलाकों में भी तापमान में अधिकता देखी गई। खरगौन में 30.4, टीकमगढ़ में 29.7, मंडला में 29.6 और तालुन में 29.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। यानी खंडवा और पिपरसमा के तापमान में करीब छह गुना तापमान का अंतर देखने को मिला। राजधानी भोपाल की स्थिति राजधानी भोपाल की बात करें तो कल सुबह शहर में आकाश साफ रहने की संभावना है। वहीं सुबह के समय धुंध भी छाए रहने का अनुमान लगाया गया है। तापमान 27 डिग्री से 8.5 डिग्री रहने का अनुमान लगाया गया है।

प्रयागराज कुंभ में प्रदेश से भेजेंगे 3.50 लाख थाली-थैले,संघ-विहिप के कार्यकर्त्ता श्रद्धालुओं के थैले से निकालेंगे पॉलीथिन

प्रयागराज/ नीमच प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 तक आयोजित होने वाले महा कुंभ को इस बार ग्रीन महा कुंभ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार महा कुंभ को स्वच्छ महा कुंभ, ग्रीन महा कुंभ बनाने के लिए मेला प्राधिकरण ने मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त रखने के प्रयास शुरू कर दिए हैं वहीं नगर निगम प्रयागराज भी पूरे शहर को प्लास्टिक फ्री रखने को लेकर अभियान चला रहा है, इसमें अब मध्य प्रदेश भी भागीदार बन रहा है। प्रयागराज महा कुंभ को प्लास्टिक मुक्त बनाने के संकल्प के लिए मध्य प्रदेश का नीमच जिला भी सहभागी बन रहा है। जिले में सामाजिक संगठनों ने एक थाली, एक थैला अभियान चलाया। इसके अंतर्गत जिले से 4100 स्टील थाली व 4100 थैला संग्रहित किए। इनकी पूजा-अर्चना कर पैकिंग की गई। अब ट्रांसपोर्ट से प्रयागराज पहुंचाया जा रहा है। अभियान में सभी संगठनों का अमूल्य योगदान रहा है। इन सभी ने दिया अहम् योगदान   नीमच के सीए एसोसिएशन संगठन द्वारा 101, भारत विकास परिषद 251, नीमच सिटी जैन मंदिर समाज 50, जैन स्थानक समाज 50, भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा 89, मुक्तिधाम सर्वसमाज नीमच सिटी (रावण रूंडी), सीताराम जाजू कन्या महाविद्यालय 300, विवेकानंद बाल कल्याण समिति (शिशु मंदिर एसएसवीएम) 200 एवं नगर की व्यवसायी शाखा के स्वयंसेवकों द्वारा 150 थाली और थैले जुटाने में अहम् योगदान दिया है। मालवा प्रांत केंद्र से प्रयागराज पहुंचाया जायेगा 4100 थाली 4100 थैले को राम मंदिर जाजू बिल्डिंग में पुजारी जीवन तिवारी ने विधि-विधान से भगवान की आरती कर इनकी पूजा-अर्चना की। इसके बाद नीमच से मालवा प्रांत के केंद्र इंदौर ट्रांसपोर्ट द्वारा पहुंचाई। मालवा प्रांत केंद्र से सभी को प्रयागराज पहुंचाया जायेगा। कार्यक्रम में कई समाजजन ने सहयोग किया। 40 करोड़ श्रद्धालु सम्मिलित होने का अनुमान कार्यक्रम आयोजकों के अनुसार प्रयागराज में जो महा कुंभ होने जा रहा है इसमें 45 दिनों में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालु सम्मिलित होने वाले हैं। हम कल्पना करें कि एक तीर्थ यात्री तीन दिन भी वहां रुकता है, तीन दिन में 6 बार भोजन, दो से तीन बार चाय नाश्ता करेगा। ऐसे में 40 करोड़ तीर्थ यात्रियों के भोजन आदि में कितना पॉलिथिन, डिस्पोजल, कागज लग जाएगा। जो कचरा बनकर तीर्थ नगरी प्रयागराज को प्रदूषित कर सकता है। महाकुंभ में 40 हजार टन कचरा उत्सर्जित होने का अनुमान है। शासन-प्रशासन अपने स्तर पर कचरा निस्तारण की व्यवस्था करेगा। इसलिए पर्यावरण को बचाने के लिए ये पहल की जा रही है। अब तक भेजे जा चुके हैं 40 हजार थैले     मध्यभारत प्रांत में शामिल जिले- मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर (डबरा), भिंड (लहार), शिवपुरी (पिछोर), गुना (राघौगढ़), अशोकनगर, विदिशा (बासौदा), रायसेन (भोजपुर), रायसेन (बरेली), नर्मदापुरम (पिपरिया), हरदा, बैतूल (मुल्ताई) (जिले के साथ लिखे कस्बे को भी संघ की संरचना में जिला माना गया है।     मध्यभारत प्रांत से करीब 1 लाख 25 हजार थैले और थाली एकत्रित कर प्रयागराज भेजने का लक्ष्य है। अब तक करीब 40 हजार भेजे जा चुके हैं।     महाकौशल प्रांत में शामिल जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, अनूपपुर, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, नरसिंहपुर।     महाकौशल प्रांत से करीब सवा लाख थैले और थाली भेजने का टारगेट रखा है।     मालवा प्रांत में शामिल जिले- नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, उज्जैन, शाजापुर, देवास, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर। मालवा प्रांत से करीब एक लाख थैले और थाली एकत्रित कर प्रयागराज कुंभ में भेजे जाएंगे। थाली और थैले का आकार     15 इंच लंबाई और 12 इंच चौड़ाई होना चाहिए, थैला कपड़े का ही होना चाहिए। थैले पर प्रायोजक, दानदाता, संस्था का नाम प्रिंट करवा सकते हैं।     थाली स्टील की होनी चाहिए। थाली का साइज लगभग 11 ⅹ 14 इंच चौकोर या गोल जैसी भी उपलब्ध हो, भेज सकते हैं। अब जानिए क्या है हरित कुंभ अभियान हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी ईकाईयों ने 45 दिन तक चलने वाले प्रयागराज महाकुंभ के लिए हरित कुंभ अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य महाकुंभ को पॉलीथिन मुक्त रखना है। इसी के तहत देशभर में संघ से जुड़े संगठन थाली और थैले एकत्रित कर रहे हैं। इन थाली और थैलों को महाकुंभ के दौरान वितरित किया जाएगा। 75 देशों से 40 करोड़ श्रद्धालु आएंगे प्रयागराज महाकुंभ 2025 में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। 75 देशों से पहुंचने वाले लोगों के लिए यहां टेंट सिटी बनाई जा रही है। जिसमें 2 हजार से अधिक स्विस कॉटेज होंगे। इन कॉटेज में फाइव स्टार जैसी सुविधाएं मिलेंगी। टेंट सिटी 1 जनवरी 2025 से 5 मार्च 2025 तक संचालित होगी। प्रयागराज कुंभ में मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025, मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025, बसंत पंचमी 3 फरवरी 2025, माघी पूर्णिमा 12 फरवरी 2025, महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 को शाही स्नान होंगे। प्रयागराज के बाद 2028 उज्जैन में सिंहस्थ कुम्भ होगा। इससे पहले 2016 में उज्जैन में कुंभ का आयोजन हुआ था। उज्जैन में 2016 में हुए सिंहस्थ कुम्भ में एक महीने के दौरान शहर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 5 करोड़ आंकी गई थी। सिंहस्थ 2016 के प्रतिवेदन की मानें तो सिंहस्थ 2028 में यह आंकड़ा बढ़कर 15 करोड़ होने की संभावना है।

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