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इंदौर से बैंकॉक के लिए जल्द शुरू होगी सीधी उड़ान, एयर इंडिया और इंडिगो तलाश रही संभावनाएं

  इंदौर अगर आप भी न्यू ईयर पर बैंकॉक जाने का प्लान बना रहे है, तो इसके लिए आपको अब मुंबई-दिल्ली जाकर फ्लाइट लेने की जरूरत नहीं, अब आप इंदौर से सीधे बैंकॉक की उड़ान भर सकते है। जी हां… इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जल्द ही एक और इंटरनेशनल फ्लाइटl शुरू होने जा रही है। यह उड़ान इंदौर से सीधे बैंकॉक के लिए होगा। माना जा रहा है कि इंदौर सहित आसपास के क्षेत्रों से थाईलैंड जाने वाले पर्यटकों को नए साल में सीधी उड़ान का तोहफा मिल सकता है। इसके लिए एयर इंडिया एयरलाइंस कंपनी ने प्रस्ताव बनाकर दिया है। जो जल्द ही मंजूर हो सकता है। एयरपोर्ट सलाहकार समिति के अध्यक्ष और सांसद शंकर लालवानी ने जानकारी देते हुए कहा कि हमने बैंकॉक और सिंगापुर के लिए प्रस्ताव भेजा था। यह दोनों ऐसी जगह हैं जहां टूरिज्म और यूरोपियन कंट्री में जाने के लिए काफी डिमांड है। जिसे लेकर एयरलाइंस ने विचार किया है और उनकी योजना है कि इंदौर से बैंकॉक फ्लाइट शुरू हो सकती है। बता दें कि इंदौर से सिंगापुर और बैंकॉक के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की मांग लंबे समय से सामने आती रही है। फिलहाल इंदौर से एयर इंडिया द्वारा दुबई और शारजाह के लिए सीधी उड़ान का संचालन किया जा रहा है, जो प्रदेश की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय उड़ाने हैं और दोनों ही उड़ानों को यात्रियों का काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। इंदौर एयरपोर्ट से जल्द ही एक और इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू होने की संभावना है। इंडिगो एयरलाइंस इंदौर से बैंकॉक के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने की योजना बना रही है। इंदौर से बैंकॉक फ्लाइट शुरू करने के लिए एयर इंडिया भी काफी समय से प्लानिंग कर रही है। एयर इंडिया सिंगापुर के लिए भी कर सकती है इंदौर से फ्लाइट का संचालन इंदौर एयरपोर्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एयर इंडिया इंदौर से सिंगापुर के लिए भी सीधी उड़ान शुरू करने पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि कंपनी ने इस फ्लाइट को शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन जब कंपनी ने ट्रैवल एजेंट्स से चर्चा की तो एजेंट्स ने यह फ्लाइट शुरू करने से मना कर दिया। वहीं इस फ्लाइट को लेकर टीके जोश का कहना है कि एयर इंडिया के अधिकारी इंदौर से सिंगापुर के लिए उड़ान शुरू करने की योजना बना रहे हैं, इसके लिए उन्होंने हमसे चर्चा भी की थी। लेकिन हमने कंपनी को सिंगापुर की जगह बैंकॉक की फ्लाइट शुरू करने की सलाह दी है। दरअसल, हमने एयरलाइंस के अधिकारियों को बताया है कि इंदौर से सिंगापुर के लिए अधिक पैसेंजर लोड नहीं मिलेगा। एयरक्राफ्ट की कमी के कारण शुरू नहीं हो पा रही इंदौर-बैंकॉक फ्लाइट ट्रेवल एजेंट्स का कहना है कि दोनों ही एयरलाइंस कंपनियां इंदौर-बैंकॉक फ्लाइट शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रही हैं। लेकिन एयरक्राफ्ट की कमी के कारण यह फ्लाइट शुरू नहीं हो पा रही है। पिछले दिनों इंदौर-बैंकॉक फ्लाइट को लेकर सांसद शंकर लालवानी ने भी कहा था की एयरलाइंस को नए एयरक्राफ्ट की डिलीवरी मिलना थी, जो इंजन की समस्या के कारण प्रभावित हुई है। एयरलाइंस का कहना है कि नए एयरक्राफ्ट मिलते ही हम प्रायोरिटी पर इंदौर से बैंकॉक की फ्लाइट शुरू करेंगे। वहीं, इंदौर से अंतरराष्ट्रीय पर्यटन की बात करें तो बड़ी संख्या में लोग थाईलैंड और सिंगापुर भी जाते हैं। अगर इंदौर से बैंकॉक की फ्लाइट शुरू होती है तो इंदौर के आस-पास के यात्रियों को ज्यादा सुविधा होगी। यूक्रेन वॉर के कारण अटकी इंदौर-बैंकॉक फ्लाइट सांसद शंकर लालवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि एयरलाइंस का प्रस्ताव है और वह गंभीरता से इस बारे में विचार कर रहे हैं। लेकिन यूक्रेन वॉर के कारण इंजन की समस्या आ रही है। इस वजह से फ्लाइट शुरू करने में देरी हो रही है। दरअसल, एयरलाइंस को नए क्राफ्ट की डिलेवरी मिलना थी जो इंजन की समस्या होने से इफेक्टेड हुई है। एयरलाइंस का कहना है कि जैसे ही हमें ऑर्डर मिल जाएंगे हम पहली प्रायोरिटी में इंदौर से बैंकॉक की फ्लाइट शुरू करेंगे। थाईलैंड-बैंकॉक जाने के लिए भारत में यहां से मिलती है फ्लाइट भारत के कई प्रमुख शहर जैसे नई दिल्ली, बैंगलोर, कलकत्ता, चेन्नई, मुंबई, वाराणसी से थाईलैंड के लिए फ्लाइट ले सकते हैं। थाईलैंड में आप कुछ प्रमुख एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट ले सकते हैं, यहाँ से आप तीन घंटे के भीतर बैंकॉक पहुँच सकते हैं। वहीं जानकारों की माने तो इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से दुबई और शारजाह के लिए सीधी उड़ान से यात्रियों द्वारा कंपनी को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है, इन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बाद इंदौर से थाईलैंड-बैंकॉक तक सुविधा देने के लिए जल्द ही फ्लाइट शुरू की जा रही है। इंदौर हवाई अड्डे पर अब ई-वीजा भी होगा स्वीकार वहीं, देवी अहिल्याबाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अब ई-वीजा भी स्वीकार किया जाएगा। पहले सिर्फ कागजी वीजा ही लिया जाता था, लेकिन अब ई-वीजा की सुविधा भी शुरू हो रही है। सरकार ने मध्य भारत के इस व्यस्त हवाई अड्डे पर ई-वीजा स्वीकार किए जाने की यात्रियों की चार साल पुरानी मांग मंजूर कर लिया है। इसकी जानकारी देते हुए इंदौर के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि मुझे यह सूचित करते हुए प्रसन्नता है कि देवी अहिल्याबाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ई-वीजा स्वीकार किए जाने को मंजूरी मिल गई है। पहले स्थानीय हवाई अड्डे पर ई-वीजा को स्वीकार किए जाने की व्यवस्था नहीं होने से विदेश से आने वाले यात्रियों को हवाई अड्डे से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी।  

मुख्यमंत्री इंदौर सिम्बायोसिस स्किल यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज किताबी ज्ञान भले ही पूरा हुआ हो परंतु दीक्षांत के बाद स्वाध्याय, मनन और चिंतन सतत् जारी रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मंत्र दिया कि “यही समय है – सही समय है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर में सिबायोसिस स्किल यूनिवर्सिटी के छठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में भारत में बहुत से उल्लेखनीय काम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। हमारी नई पीढ़ी तकनीकी रूप से दक्ष बने और देश के विकास और समग्र मानव समाज के कल्याण में अपना योगदान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इज़राइल का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीकी ज्ञान के बल पर ही इज़राइल ने अनेक चुनौतियों से पार पाया है। हमें भी अपनी क्षमता और तकनीकी दक्षता को शिखर तक ले जाना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नैतिकता सदा ही सर्वोपरि है। शिक्षा के साथ संस्कारों की दीक्षा भी ज़रूरी है। मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और जीवन में आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शिखर हैं किन्तु सिम्बायोसिस समूह जिन्होंने तकनीकी दक्षता और तकनीकी क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापित किया है, यह और भी महत्वपूर्ण योगदान हो जाता है। उन्होंने प्रो. चांसलर डॉ. स्वाति मजूमदार की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका को छोड़कर भारत में शिक्षा को अपना जीवन समर्पित किया है। प्रारंभ में सिम्बायोसिस तकनीकी विश्वविद्यालय की प्रो. चांसलर डॉ. मजूमदार ने स्वागत भाषण दिया और कुलगुरु डॉ. विनीत नायर ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।  दीक्षांत समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, डॉ. भारत शरण सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।  

दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए आप ‘पार्टी’ ने पहली सूची में 11 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी ने पहली सूची में 11 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है। खास बात है कि पार्टी ने पहली ही सूची में तीन मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। पार्टी ने हाल ही में भाजपा और कांग्रेस छोड़कर शामिल हुए नेताओं पर भी दांव लगाया है। इस लिस्ट में 6 ऐसे उम्मीदवारों के नाम हैं, जो हाल ही में कांग्रेस या बीजेपी छोड़कर AAP में शामिल हुए हैं. बता दें कि दूसरी पार्टियों से AAP में शामिल हुए जिन 6 नेताओं को टिकट मिला है, उन्हें खुद अरविंद केजरीवाल ने पार्टी में शामिल कराया था. इनमें 2 ऐसे नेता भी शामिल हैं, जो BJP से विधायक रह चुके हैं. छतरपुर से ब्रह्मा सिंह तंवर चुनाव लड़ेंगे किराड़ी से अनिल झा AAP उम्मीदवार होंगे विश्वास नगर से दीपक सिंघला चुनाव लड़ेंगे रोहतास नगर से सरिता सिंह AAP उम्मीदवार होंगी लक्ष्मी नगर से BB त्यागी AAP उम्मीदवार होंगे बदरपुर से राम सिंह नेता जी उम्मीदवार होंगे सीलमपुर से जुबैर चौधरी AAP उम्मीदवार होंगे सीमापुरी से वीर सिंह धींगान चुनाव लड़ेंगे घोंडा से गौरव शर्मा चुनाव लड़ेंगे करावल नगर से मनोज त्यागी AAP प्रत्याशी होंगे मटियाला से सोमेश शौकीन AAP के उम्मीदवार होंगे   किसे कहां से टिकट? 1. छतरपुर से ब्रह्मा सिंह तंवर चुनाव लड़ेंगे. > बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के सीनियर लीडर रहे और तीन बार के विधायक ब्रह्म सिंह तंवर ने हाल ही में 31 अक्तूबर को AAP का दामन थाम लिया था. तंवर ने ठीक दिपावली के दिन दिल्ली के पूर्व सीएम और APP चीफ अरविंद केजरीवाल की उपस्थिति में AAP जॉइन की थी. 2. किराड़ी से अनिल झा AAP उम्मीदवार होंगे. > 17 नवंबर को बीजेपी के दिग्गज नेता रहे और किराड़ी से दो बार के विधायक रहे अनिल झा ने AAP की सदस्यता ले ली थी. इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने अनिल झा को पूर्वांचल का सबसे बड़ा नेता बताते हुए उनका पार्टी में स्वागत किया था. 3. विश्वास नगर से दीपक सिंघला चुनाव लड़ेंगे. 4. रोहतास नगर से सरिता सिंह AAP उम्मीदवार होंगी. 5. लक्ष्मी नगर से BB त्यागी AAP उम्मीदवार होंगे. > बीजेपी को दिल्ली में एक बड़ा झटका 4 नवंबर को लगा था, जब बीजेपी नेता रहे और दो बार के पार्षद बीबी त्यागी आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे. त्यागी ने मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में AAP का दामन थामा था. 6. बदरपुर से राम सिंह (नेता जी) उम्मीदवार होंगे. 7. सीलमपुर से जुबैर चौधरी AAP उम्मीदवार होंगे. > सिर्फ बीजेपी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस से AAP में आने वाले नेताओं को भी टिकट मिला है. कांग्रेस से 5 बार विधायक रहे मतीन अहमद के बेटे चौधरी जुबैर अहमद ने अपनी पत्नी और कांग्रेस पार्षद शगुफ्ता चौधरी के साथ 29 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी जॉइन कर ली थी. 8. सीमापुरी से वीर सिंह धींगान चुनाव लड़ेंगे. 9. घोंडा से गौरव शर्मा चुनाव लड़ेंगे. 10. करावल नगर से मनोज त्यागी AAP प्रत्याशी होंगे. 11. मटियाला से सुमेश शौकीन AAP के उम्मीदवार होंगे.  

भोपाल में मनाया गया एनसीसी का 76वां स्थापना दिवस

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि भारत को शक्तिशाली राष्ट्र बनाने में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। एनसीसी संगठन स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों और युवाओं को अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनाने का लगातार काम कर रहा है। एनसीसी ने विद्यार्थियों के मन में राष्ट्रीय एकता, अखण्डता, साम्प्रदायिक सौहार्द, समाज सेवा, अनुशासन के साथ देशभक्ति के संस्कार विकसित किये हैं। मंत्री सिंह आज भोपाल के शौर्य स्मारक में एनसीसी के 76वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि देश में उच्च पदों पर अनेक विभूतियां हैं, जो देश निर्माण में अपना योगदान दे रही हैं। इन सबका संबंध अपने युवा काल में एनसीसी से रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्कूल शिक्षा के दौरान एनसीसी से जुड़े रहे। एनसीसी के आयोजन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने में अहम कार्य कर रही है। एनसीसी से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़कर हम प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को पूरा कर सकते हैं। एनसीसी के अपर महानिदेशक मेजर जनरल विक्रांत एम दुमने ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि भारत में एनसीसी का गठन 1948 में हो गया था। एनसीसी हमारे देश की वह संस्था है, जो समाज को एक सकारात्मक दिशा देने में भरपूर योगदान कर रही है। एनसीसी विद्यार्थियों में नेतृत्व की क्षमता विकसित करने और सामाजिक सेवा की भावना को मजबूत करने का भी लगातार काम कर रही है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की हुई प्रस्तुतियां एनसीसी के स्थापना दिवस पर कैडेटस् ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ अंचल की जनजातीय लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां दी। भोपाल के कॉर्मेल कान्वेन्ट की छात्राओं ने अनुशासित तरीके से ब्रास बैण्ड पर मधुर ध्वनि प्रस्तुत की। इसी के साथ कैडेटस् ने एनसीसी गान और राष्ट्रगान भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के समापन पर डिप्टी डायरेक्टर जनरल मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ ब्रिगेडियर रजनीश सिंह गौर ने बताया कि प्रदेश में युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिये कैडेट ट्रेनिंग अकादमी की स्थापना प्रस्तावित है। वहां भूमि आवंटित हो गयी है। शीघ्र ही वहां भवन निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा। इसके साथ ही कैडेटस् के स्वल्पाहार भत्ता और कैम्प में शामिल कैडेटस् के आवासीय भत्ते में भी वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में एनसीसी कैडेटस् की संख्या को बढ़ाने के प्रयास लगातार किये जा रहे हैं। इस मौके पर एनसीसी कैडेटस् ने शिविर में रक्तदान किया।  

PM Modi को Dominica के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया

नईदिल्ली पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) डोमिनिका के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजे गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी को कैरेबियाई देश डोमिनिका ने ‘द डोमिनिका अवॉर्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया है। राष्ट्रपति सिल्वेनी बर्टन (Sylvanie Burton) ने पीएम मोदी को इस सम्मान से नवाजा। डोमिनिका ने पीएम मोदी को कोविड काल में किए गए उनके कार्यों के लिए अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया है। अवार्ड मिलने के बाद नरेंद्र मोदी ने कहा, “डोमिनिका द्वारा सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं इसे भारत के 140 करोड़ लोगों को समर्पित करता हूं। कोविड-19 महामारी के दौरान फरवरी 2021 में पीएम ने डोमिनिका को कोरोना वैक्सीन एस्ट्राजेनेका की 70 हजार डोज की आपूर्ति की थी। पीएम की इसी उदारता को देखते हुए डोमिनिका की सरकार ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करने का फैसला किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति बर्टन, आप मुझे यह पुरस्कार देने के लिए व्यक्तिगत रूप से गुयाना आई हैं। मैं इस विशेष भाव के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। भारत और डोमिनिका दो लोकतंत्र हैं। इसके साथ ही, हम पूरी दुनिया के लिए महिला सशक्तिकरण के आदर्श हैं, दोनों देशों में महिला राष्ट्रपति हैं। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय से आने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। इसी तरह, राष्ट्रपति बर्टन भी डोमिनिका की पहली स्वदेशी राष्ट्रपति हैं। उन्होंने आगे कहा कि आप दोनों दुनिया की सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। भारत और डोमिनिका के बीच सदियों पुराने, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। 19वीं शताब्दी में, कई भारतीयों ने डोमिनिका को अपना घर बनाया। उनके द्वारा रखी गई नींव हमारे संबंधों को एक मजबूत आधार प्रदान करती है। प्रधानमंत्री के अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की कुल संख्या 19 पहुंची बता दें कि प्रधानमंत्री को गुयाना और बारबाडोस से भी टॉप अवार्ड मिलेंगे, जिससे उनके अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की कुल संख्या 19 हो जाएगी। गुयाना, प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ देगा, जबकि बारबाडोस उन्हें प्रतिष्ठित ‘ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस’ से सम्मानित करेगा। गुयाना दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी इसके अलावा दो दिवसीय गुयाना यात्रा में PM मोदी ने कैरेबियाई देशों के प्रतिनिधियों के साथ दूसरे इंडिया-कैरिकॉम समिट में भी हिस्सा लिया।समिट के इतर PM ने कैरेबियाई देशों के प्रतिनिधियों से द्विपक्षीय चर्चाएं की। गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान के अलावा PM मोदी ने डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट और सूरीनाम के राष्ट्रपति चान संतोखी से औपचारिक बातचीत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) गुयाना दौरे पर हैं. जॉर्जटाउन पहुंचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें उनके प्रभावशाली नेतृत्व और विकासशील दुनिया में योगदान के लिए ‘नेताओं के बीच चैंपियन’ कहा।

सिंहस्थ के पहले इंदौर-उज्जैन के बीच मिल सकती है मेट्रो की सौगात, 3 साल में पूरा हो जाएगा प्रोजेक्ट

इंदौर/उज्जैन दि सब ठीक रहा और अगले साल मार्च-अप्रैल तक मंजूरी मिल गई तो सिंहस्थ (2028) से पहले इंदौर और उज्जैन के बीच मेट्रो दौड़ने लगेगी। फिलहाल डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाई जा रही है। मेट्रो अफसरों की माने तो दिसंबर तक रिपोर्ट बनकर तैयार हो जाएगी। इंदौर-उज्जैन के बीच प्रस्तावित मेट्रो के लिए दिल्ली मेट्रो डीपीआर बना रहा है। फिजिबिलिटी स्टडी पहले ही हो चुकी है। डीपीआर में ही लागत, स्टेशनों की संख्या तय होगी। इंदौर-उज्जैन के बीच सड़क मार्ग की दूरी करीब 55 Km है। इसके आसपास से ही मेट्रो गुजर सकती है। दिल्ली मेट्रो ने ही की थी फिजिबिलिटी स्टडी इंदौर-उज्जैन के बीच मेट्रो चलाने के लिए साल 2022-23 में फिजिबिलिटी स्टडी दिल्ली मेट्रो ने ही की थी, जो सरकार को सौंपी गई थी। दिल्ली मेट्रो ने यह स्टडी की थी। अब वही डीपीआर भी बना रहा है। डीपीआर में यह बताएंगे इंदौर-उज्जैन के बीच कितनी दूरी, कितने स्टेशन बनेंगे, कितनी संभावित लागत होगी आदि डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में शामिल रहेगा। एक अनुमान के अनुसार, एक से डेढ़ हजार करोड़ रुपए लागत हो सकती है। रैपिड रेल, इसलिए कम लगेगा समय इस प्रोजेक्ट में 2 से 3 मेट्रो स्टेशन ही बनेंगे। इंदौर-उज्जैन के अलावा बीच में एक स्टेशन और बन सकता है। इसलिए रैपिड रेल रहेगी। रैपिड रेल का उद्देश्य ‘इंटर सिटी कनेक्टिविटी’ को बढ़ाना है। स्टेशन कम रहेंगे तो लागत भी कम आएगी भोपाल में प्रायोरिटी कॉरिडोर के सुभाष नगर से एम्स के बीच कुल 8 मेट्रो स्टेशन बन रहे हैं। एक स्टेशन की लागत 50 करोड़ रुपए से अधिक है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन के बीच मेट्रो के कम स्टेशन रहेंगे। इससे राशि बचेगी और लागत भी कम आएगी। 3 साल में पूरा हो जाएगा प्रोजेक्ट मेट्रो से जुड़े एक अफसर की माने तो अगले साल मार्च-अप्रैल तक सारी प्रोसेस पूरी करने पर फोकस है, क्योंकि इसके बाद 3 साल मिलेंगे। सिंहस्थ अप्रैल-मई 2028 में है। यदि समय पर काम शुरू हो गया तो मेट्रो चलाने में कोई अड़चनें नहीं आएगी। सर्वे कर चुका DMRC सरकार ने सिंहस्थ से पहले इंदौर-उज्जैन के बीच मेट्रो चलाने के लिए तैयारी की है। इसके चलते दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) इंदौर के लवकुश चौराहा से उज्जैन महाकाल तक रूट का मौका मुआयना कर चुकी है। टीम ने स्टेशन, डिपो और अन्य सुविधाओं के लिए जगह देखी थी। दोनों शहरों के बीच एलिवेटेड ट्रैक बनाने की योजना है। एक तिहाई रह जाएगा ट्रैफिक इंदौर और उज्जैन का करीब 75 प्रतिशत ट्रैफिक सड़क मार्ग से ही आना-जाना करता है। हजारों लोग इंदौर-उज्जैन में अप-डाउन करते हैं। इससे सड़क पर ट्रैफिक का दबाव बना रहता है। कई बार हादसे भी हो चुके हैं। ऐसे में इंदौर और उज्जैन के बीच मेट्रो बेहतर कनेक्टिविटी का बड़ा विकल्प हो सकता है। दोनों शहरों के बीच मेट्रो चलने के बाद सड़क मार्ग का ट्रैफिक एक तिहाई रह जाएगा। मेट्रो ट्रेन का सेफ्टी ऑडिट पूरा मेट्रो ट्रेन का सेफ्टी ऑडिट पूरा हो गया है। 7 दिन में इसकी रिपोर्ट आएगी। 9 से 17 नवंबर 2024 तक गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर-03 स्टेशन के बीच मुख्य लाइन ट्रैक पर टीम ने टेस्टिंग की। दरअसल, मेट्रो ट्रेन के कॉमर्शियल रन के पहले मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को आरडीएसओ और सीएमआरसी की एनओसी लेना होगी, क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेल मंत्रालय की टीम निरीक्षण के लिए आएगी। हाल ही में रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) ने मेट्रो रोलिंग स्टॉक (ट्रेन) का निरीक्षण किया। ट्रेन की टेस्टिंग की गई। स्पीड, ब्रेक, इमरजेंसी ब्रेक, सॉफ्टवेयर, वायरिंग सहित सारी तकनीकी जांच की गई। अंतिम रिपोर्ट के बाद सीएमआरसी की टीम सिविल वर्क, ट्रेन सहित सभी सेवाओं का मुआयना कर एनओसी जारी करेगी। ऑडिट के दौरान मेट्रो रोलिंग स्टॉक (ट्रेन) के लिए दोलन (ऑसिलेशन) और इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस परीक्षण किया गया। इसके तहत कई महत्वपूर्ण मापदंडों जैसे राइड क्वालिटी, स्थिरता, इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस और सम्पूर्ण रोलिंग स्टॉक का मूल्यांकन रिकॉर्ड किया। यह डेटा इंदौर मेट्रो के वाणिज्यिक संचालन के लिए सुरक्षा प्रमाणन और तकनीकी मंजूरी प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।  

चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा सुविधा के विस्तार में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी राज्यों में शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में शीघ्र ही 50 मेडिकल कॉलेज होंगे। वर्तमान में प्रदेश में 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, 8 निर्माणाधीन हैं और 13 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज विद्यमान हैं। राज्य शासन ने 12 मेडिकल कॉलेज की निविदाएं आमंत्रित की हैं, जो कि पीपीपी मॉडल पर संचालित किए जाएंगे। चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा सुविधा के विस्तार में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को उज्जैन रवाना होने से पहले समत्व भवन में मीडिया को यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चिकित्सा सेवा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में केन्द्र सरकार ने बहुत कार्य किया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेडिसिटी की परिकल्पना दी है। इसके अंतर्गत एक ही कैंपस में स्वास्थ्य और चिकित्सा संबंधी विभिन्न सुविधा और समाधान उपलब्ध कराने की व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रदेश में यह परिकल्पना उज्जैन में साकार हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में ऐसे सभी विकास और जन-कल्याण के कार्य जारी रखेगी।  

‘इंदौर में हटेगा बीआरटीएस…’, CM ने कहा- कोर्ट में रखेंगे पक्ष

 इंदौर भोपाल के बाद इंदौर में बीआरटीएस हटेगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में इसे लेकर गुरुवार (21 नवंबर) को बड़ी घोषणा कर दी है। बीआरटीएस बनने के बाद से ही इसे लेकर लगातार दो धड़े बंटे हुए थे। अधिकारी इसे लगातार चलाए रखने के लिए अडिग थे, तो वहीं जनप्रतिनिधि और समाजसेवी इसके विरोध में रहे। यह बोले सीएम सीएम ने इंदौर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा में कहा कि भोपाल में हम बीआरटीएस हटा चुके हैं, इसके हटने से वहां यातायात में लोगों को बड़े पैमाने पर सुविधा मिली। यहां भी इंदौर की दृष्टि से भी लगातार शिकायतें मिल रही थी। जनप्रतिनिधियों ने बीती दो विकास संबंधी बैठकों में भी इसे लेकर बोला था। कोर्ट के सामने अब जो सरकार का पक्ष बन रहा है सभी का मिलकर कि जो भी तरीका लगेगा, वह हम यहां लगाकर इस हटाएंगे। कोर्ट में भी पक्ष रखेंगे। चौराहों पर ट्रैफिक समस्या आती है, वहां ब्रिज बनाकर समाधान खोजेंगे। जब ब्रिज बनाएंगे तब भी, कॉरिडोर तो हटाना ही होगा। कुल मिलाकर इससे यातायात सुगम हो, लोगों को कष्ट नहीं हो, यह हम सभी की जवाबदारी है। सभी की परेशानी को देखते हुए ही यह फैसला लिया है। 250 करोड़ में बना था कॉरिडोर इंदौर में 250 करोड़ की लागत से 12 साल पहले यह 11.50 किमी लंबा कॉरिडोर राजीव गांधी चौक से निरंजनपुर तक बना था। इसमें हर दिन 80 हजार से एक लाख यात्री सफर करते हैं और इसमें आईबस चलती है। अहमदबाद के बाद इंदौर के प्रोजेक्ट को ही सबसे सफल माना जाता है। लेकिन हाल के समय में एबी रोड पर कॉरिडोर में पहले एलीवेटेड ब्रिज और अब जगह-जगह चौराहों पर फ्लाइओवर ब्रिज बनाए जाने पर सर्वे हो रहा है। बीआरटीएस पर होता है बसों का संचालन बीआरटीएस पर हर दिन यात्री बसों का संचालन किया जाता है। इन बसों में रोजाना 50 हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। लेकिन बीआरटीएस की वजह से अन्य वाहनों को जगह कम मिलती है और इस पूरे रूट पर कई जगह जाम की स्थिति बन जाती है। दो याचिकाएं चल रही हैं इस कॉरिडोर बनने के बाद से ही एबी रोड पर मिक्स लेन (जहां अन्य आम वाहन चलते हैं) तंग होने और जाम होने की समस्या उठती रही है। समाजसेवी किशोर कोडवानी ने साल 2013 व 2015 में इसे लेकर याचिकाएं भी दायर की। इसमें हाल ही में सितंबर 2024 में याचिका में कॉरिडोर की व्यवहारिकता व उपयोगित को लेकर पांच सदस्यीय विशेषज्ञ कमेटी बनाने के आदेश हाईकोर्ट इंदौर ने दिए और इस पर रिपोर्ट मांगी। इस पर 22 नवंबर को सुनवाई होना थी लेकिन इसके पहले यह केस इंदौर हाईकोर्ट ने जबलपुर बैंच में ट्रांसफर कर दिए। 11.5 किमी का है बीआरटीएस इंदौर में राजीव गांधी प्रतिमा से लेकर निंरजनपुर तक करीब 11.5 किमी लंबा बीआरटीएस बना हुआ है। जिसमें केवल बसों का संचालन किया जाता है। इसके साथ ही यहां एंबुलेंस को निकलने की अनुमति है। सीएम के कहने के बाद पक्ष बदलेगा अभी तक शासन, प्रशासन ने हाईकोर्ट में बीआरटीएस के पक्ष में ही बात रखी है। लेकिन अब जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवई होने पर यह पक्ष बदल जाएगा क्योंकि अब खुद सीएम ने ही कोर्ट में इसे हटाने वाली बात रखने का बोल दिया है।

बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने शुरू की हिंदू जोड़ो यात्रा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

 छतरपुर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज, 21 अक्टूबर से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा पर निकल गए हैं। 160 किलोमीटर लंबी उनकी ये यात्रा बागेश्वर धाम से ओरछा तक जाएगी। यात्रा को लेकर मध्य प्रदेश के छतरपुर में बागेश्वर सरकार के हजरों भक्त पहले ही इकट्ठा हो गए हैं। 21 से 29 नवंबर तक चलने वाली उनकी इस यात्रा के दौरान धीरेद्र शास्त्री हिंदुओं को एकजुट करने का प्रयास करेंगे। साथ ही हिंदुओं को एकजुट होने का संदेश भी देंगे। पदयात्रा से एक दिन पहले बुधवार की रात को धीरेंद्र शास्त्री ने यात्रा में शामिल होने आए हजार भक्तों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हिंदुओं पर जो अत्याचार हो रहा है। इसे रोकने के लिए सड़कों पर उतरना जरूरी है। साथ ही हमें एकजुट होकर रहना भी जरूरी है। बाबा बागेश्वर ने आगे कहा कि 2005 तक वक्फ के पास कुछ सौ एकड़ की जमीन थी, लेकिन आज साढ़े 7 लाख एकड़ जमीन है। ये संसद पर भी दावा ठोक रहे हैं तो कल को यहां भी दावा ठोंक देंगे।   सनातन हिंदू एकता पदयात्रा पर निकलें धीरेंद्र शास्त्री वहीं, पदयात्रा में शामिल होने आए हजारों की भीड़ ने अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकार बाबा बागेश्वर को अपना समर्थन दिया। हजारों की भीड़ देखकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ये है हिन्दुत्व की हुंकार है। जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।  जब एक आवाज में हिंदू एक दिन धर्म विरोधियों के खिलाफ सड़कों पर उतर जाएंगे तो उसी दिन इस देश में हिंदुओं पर होने वाला हिंसा भी रूक जाएगा। हमें बजरंगबली की कृपा पर पूरा भरोसा है। छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं- धीरेंद्र शास्त्री पदयात्रा की शुरुआत में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- “हजारों की भीड़ और फ्लैशलाइट आपको क्या बता रही है, बागेश्वर में यह जगे हुए भारत के 2024 के जगे हुए हिंदू हैं। अब वह हिंदू नहीं बचे हैं कि तुम हमें थप्पड़ मारोगे और यह भाग जाएंगे। यह वह हिंदू है जिन्हें छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं। यह हिंदू हिंसा वादी नहीं अहिंसा वादी है क्योंकि उनके हाथ में तलवार नहीं है, विचार की तलवार है। हम इन हिंदुओं के हाथों में सच्चाई की किताब देना चाहते हैं। इन हिंदुओं के हाथों में रामायण और गीता देना चाहते हैं। इन हिंदुओं के हाथों में हम तर्क वादी सोच देना चाहते हैं। इन हिंदुओं के हाथों में हम हक के लिए लड़ने का अधिकार देना चाहते हैं। हम चाहते हैं हिंदू हक की बात बोलें, संविधान की बात बोलें, देश की एकता की बात बोलें। इनको कोई छेड़े तो यह किसी को छोड़े नहीं।” आप कहते हो- करो या मरो की बारी है, भारत पर संकट भारी है? अब इससे बड़ा संकट क्या हो सकता है कि हमारे ही देश में रहकर हमारे ही मंदिरों पर कब्जा हो। राम के राज्य में राम का खाते हैं फिर भी राम के होने का सबूत मांगते हैं। अपने ही राम जिनको मानने के लिए हमारे दादा परदादा को शबरी ने बेर खिलाए, निषाद राज ने मित्रता की, वाल्मीकि ने रामायण लिखी, तुलसीदास ने रामायण लिखी। इतने के बावजूद भी देश में राम मंदिर के लिए हमें 500 सालों तक लड़ना पड़ा। जहां शंकर जी बैठे हैं इनके बाबर आए। बाबर के जमाने में और अकबर के जमाने में इन लोगों ने काशी विश्वनाथ में मंदिर को मस्जिद बता दिया। भगवान कृष्ण जहां प्रकट हुए वहां मस्जिद बना दी। उन्होंने जगह-जगह पर देश पर हक जताया। हिंदू समाज से कह रहे हैं करो या मरो के बारी है, भारत पर संकट भारी है। कल के दिन यह बागेश्वर धाम में मजार बना ले तो हम तो मर ही जाएंगे। इसलिए हम हिंदुओं को एक होने के लिए जात-पात को मिटाने के लिए ये कर रहे हैं। बाबा हिंदुओं को जगा रहे हैं लेकिन विरोधी कह रहे हैं कि बाबा की कौन सी पार्टी है? बाबा की पार्टी है बजरंगबली की पार्टी, उसका निशान है मुगदर, उसका नारा है जो राम का नहीं वह किसी काम का नहीं और उसका सीधा सा खतरनाक शब्द है ठठरी बरे। इस नारे से सारे हिंदुओं की पार्टी बना रहे हैं। हम कोई पार्टी नहीं बना रहे हैं, हमें राजनीति में नहीं जाना है। राजनीति में जाकर हम करेंगे क्या? हनुमान जी के चरणों में प्रण लिया यही जीवन बिताना है हिंदुओं के लिए जीना और हिंदुओं के लिए मरना।  भारत में अब हिंदू जाग गए हैं-धीरेंद्र शास्त्री पदयात्रा की शुरुआत से पहले हुंकार भरते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारत में अब हिंदू जाग गए हैं। अब हिंदू वो हिंदू नहीं है जो कि तुम हमें थप्पड़ मारोगे और हम भाग जाएंगे। यह वो हिंदू है जिन्हें जिन्हें छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं। यह हिंदू हिंसा वादी नहीं है, अहिंसा वादी है क्योंंकि उनके हाथ में तलवार नहीं, विचार की तलवार है। बाबा बागेश्वर ने आगे कहा कि हिंदुओं के हाथों में हम हक के लिए लड़ने का अधिकार देना चाहते हैं। हम चाहते हैं हिंदू हक की बात बोलें, संविधान की बात बोलें, देश की एकता की बात बोलें। इनको कोई छेड़े तो यह किसी को छोड़े नहीं।

अडाणी 2 अरब डॉलर के रिश्वत कांड में फंसे! पिछले हफ्ते ही अमेरिका में इन्वेस्टमेंट करने का किया था ऐलान, वारंट जारी

नई दिल्ली  अडानी ग्रुप के चेयरमैन और देश के दूसरे सबसे अमीर उद्योगपति गौतम अडानी बड़ी मुसीबत में घिरते नजर आ रहे हैं। अडानी और सात अन्य लोगों पर अमेरिका में अरबों डॉलर की रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। इस मामले में अमेरिका की कोर्ट में सुनवाई हुई। अडानी और उनके भतीजे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुए हैं। इस मामले में नाम आने के बाद अडानी ग्रुप ने अमेरिका में 600 मिलियन डॉलर का बॉन्ड रद्द कर दिया। इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार अभियोजकों ने बुधवार को आरोपों की घोषणा की। इसमें आरोप लगाया गया है कि अडानी ग्रुप ने सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत दी थी। अडानी ने बुधवार को ग्रीन एनर्जी में निवेश की घोषणा की थी। यह घोषणा तब की गई जब कंपनी के अध्यक्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप को उनकी चुनावी जीत पर बधाई दी। ट्रंप ने किया था वादा रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि अडानी ने निवेश की घोषणा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप को उनकी चुनावी जीत पर बधाई भी दी। यहां यह ध्यान देने योग्य है कि ट्रंप ने ऊर्जा कंपनियों के लिए नियमों को सरल बनाने का वादा किया है। इससे उनके लिए संघीय भूमि पर ड्रिलिंग करना और पाइपलाइनों का निर्माण करना आसान हो जाएगा। क्या है अडानी का मामला? अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग की ओर से बनाए गए मामले के अनुसार, गौतम अडानी पर कथित रूप से अमेरिकी निवेशकों को धोखा देने और अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप लगाया गया है। अडानी और अन्यों पर आरोप है कि उन्होंने झूठे और भ्रामक बयानों से अमेरिकी निवेशकों और वैश्विक वित्तीय संस्थानों से फंड लिया। इसके बाद उस रकम का इस्तेमाल रिश्वतखोरी में किया। अभियोग में कहा गया है कि अडानी और अन्य ने लगभग 265 मिलियन डॉलर (करीब 2237 करोड़ रुपये) की रिश्वत दी। उन्हें उम्मीद थी कि इन कॉन्ट्रैक्ट से दो दशकों में 2 बिलियन डॉलर (करीब 16882 करोड़ रुपये) का मुनाफा होगा। अभियोक्ताओं का दावा है कि इस योजना में शामिल कुछ लोगों ने गौतम अडानी को संदर्भित करने के लिए ‘न्यूमेरो यूनो’ और ‘द बिग मैन’ जैसे कोड नामों का इस्तेमाल किया। भतीजे पर भी लगा आरोप अभियोग में यह भी आरोप लगाया गया है कि अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और एक अन्य कार्यकारी विनीत जैन ने अडानी ग्रीन एनर्जी के लिए 3 बिलियन डॉलर से अधिक के लोन और बॉन्ड हासिल करने के लिए ऋणदाताओं और निवेशकों से रिश्वत की बात छिपाई। ये आरोप विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम के अंतर्गत आते हैं, जो विदेशी व्यापार सौदों में रिश्वतखोरी के खिलाफ एक अमेरिकी कानून है। जारी हुए गिरफ्तारी वारंट रिपोर्ट में कहा गया है कि गौतम अडानी और सागर अडानी के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग ने दोनों व्यक्तियों और एक अन्य व्यक्ति सिरिल कैबनेस के खिलाफ संबंधित नागरिक आरोप दायर किए हैं। हालांकि अमेरिकी सरकार ने अभी तक अडानी और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ विशिष्ट आरोपों के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी है। अभियोग से कुछ घंटे पहले ही बॉन्ड बेचे अभियोग की खबर से कुछ घंटे पहले ही अडानी ग्रुप की एक इकाई ने 600 मिलियन डॉलर की पेशकश के लिए अमेरिकी कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में प्रवेश किया। इस पेशकश को 3 गुना से अधिक ओवरसब्सक्राइब किया गया। बाद में इन बॉन्ड को बेच भी रद्द भी कर दिया गया। अडानी ने एक महीने पहले भी इसी तरह की पेशकश की थी। हालांकि, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, मूल्य निर्धारण को लेकर निवेशकों के विरोध के बाद उस पेशकश को स्थगित करना पड़ा। प्रतिवादियों के नामों और विवरणों की पूरी सूची अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय (न्यूयॉर्क) के अनुसार, रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के मामले में शामिल लोग हैं: 1. गौतम एस. अदानी उम्र: 62, भारत 2. सागर एस. अडानी उम्र: 30, भारत 3. विनीत एस. जैन उम्र: 53, भारत 4. रंजीत गुप्ता उम्र: 54, भारत 5. सिरिल कैबनेस उम्र: 50, फ्रांस/ऑस्ट्रेलिया 6. सौरभ अग्रवाल उम्र: 48, भारत 7. दीपक मल्होत्रा उम्र: 45, भारत 8. रूपेश अग्रवाल उम्र: 50, भारत

उज्जैन में 127 करोड़ 63 लाख रूपये लागत की इंगोरिया-उन्हेल सड़क मार्ग की स्वीकृति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक बुधवार शाम को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियिम 1951 के अंतर्गत “श्रीकृष्ण पाथेय न्यास” का गठन किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। स्वीकृति अनुसार भगवान श्रीकृष्ण से संबंध क्षेत्रों का साहित्यिक व सांस्कृतिक संरक्षण और संवर्धन किया जायेगा। न्यास द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों एवं संरचनाओं का प्रबंधन, सांदिपनि गुरुकुल की स्थापना के लिए परामर्श, सुझाव, श्रीकृष्ण पाथेय के स्थानों का सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यटन की दृष्टि से विकास, पुस्तकालय, संग्रहालय की स्थापना आदि गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित न्यास में कुल 28 सदस्य होंगे। इसमे 23 पदेन न्यासी सदस्य तथा 5 ख्याति प्राप्त विद्वत सदस्य, अशासकीय न्यासी सदस्य के रूप में नामांकित होंगे। अशासकीय न्यासी सदस्यों का कार्यकाल अधिकतम 3 वर्ष होगा। “श्रीकृष्ण पाथेय न्यास” का मुख्यालय भोपाल होगा। इसके लिये 6 पद सृजित किये जायेंगे। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिये शासन अथवा अन्य स्त्रोतों से अनुदान एवं दान प्राप्त कर सकता है। न्यास के संचालन एवं उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये शोध-सर्वेक्षण एवं विकास कार्य के लिये आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ समितियों का गठन किया जा सकेगा। न्यास के लिए श्रीकृष्ण पाथेय न्यास विलेख तैयार किया जायेगा। विलेख मे न्यास के अधिकार, कार्यकारी समिति, सदस्यों, कार्यकारी समिति के अधिकार, न्यासी सचिव के अधिकार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अधिकार, न्यास के लेखे एवं अंकेक्षण एवं न्यास के कार्यक्षेत्र एवं सीमा से संबंधित विषयों का विस्तारपूर्वक वर्णन होगा। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के उद्देश्यों में मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के चरण जहाँ-जहाँ पड़े उन स्थानों को तीर्थ के रुप में विकसित तथा संरक्षित करना और हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा के महत्व को समझने के लिए सम्बन्धित क्षेत्रों का प्रलेखन (डाक्युमेंटेशन), अभिलेखन (रिकॉर्डिंग), छायांकन, फिल्मांकन तथा चित्राकंन आदि करना शामिल है। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के अंतर्गत अवस्थित भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों एवं उनमें स्थित जल संरचनाओं, वन सम्पदा, उद्यान आदि की सुरक्षा, संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन किया जायेगा। इन धार्मिक तीर्थ स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जायेगा। इसके साथ ही उज्जैन में 64 कलाओं और 14 विद्याओं की विधिवत शिक्षा के लिए सांदीपनि गुरुकुल की स्थापना हेतु परामर्श, सुझाव एवं अन्य कार्यवाही की जायेगी। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की अवधारणा के अनुरुप शिक्षा, संस्कृति, कृषि, गौ एवं पशुधन संवर्धन की विरासत का विकास किया जायेगा। मध्यप्रदेश राज्य की सीमा में आने वाले श्रीकृष्ण पाथेय के चिन्हांकित स्थलों के अवलोकन, पुरान्वेषण तथा धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, इतिहास आदि की दृष्टि से रचनात्मक विकास हेतु परामर्श, सुझाव एवं आवश्यकतानुसार कार्यवाही की जायेगी। युवा पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण की जीवन गाथा और उज्जैन को केन्द्र में रखकर की गई उनकी यात्राओं की महत्ता से अवगत कराते हुए गंतव्य स्थलों के साथ भावनात्मक एवं अनुभवात्मक रूप से जोड़ने की योजनाएँ परिकल्पित करना तथा भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सांस्कृतिक एवं अन्य गतिविधियाँ आयोजित करना इसके उद्देश्यों में शामिल होगा। केन्द्र एवं राज्य शासन के सर्व संबंधित विभागों के समन्वय से श्रीकृष्ण पाथेय के स्थानों का सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यटन की दृष्टि से विकास तथा विभिन्न निर्माण एवं अधोसंरचना का विकास किया जायेगा। साथ ही जन-सामान्य को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक रूप से प्रबुद्ध करते हुए पर्यटकों, शोधार्थियों, युवाओं तथा सभी वर्ग के विद्यार्थियों की जानकारी के लिए पुस्तकालयों, संग्रहालयों तथा सूचना केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा पौराणिक काल से वर्तमान समय तक भगवान श्रीकृष्ण को जगद्गुरु स्वरुप स्थापित करने में अपना योगदान प्रदान करने वाले अनेक-अनेक तेजस्वी नायकों, दार्शनिकों, मंत्रदृष्टा ऋषियों, संतों, मनीषियों, चिंतकों, कवियों, साहित्यकारों, कलाकारों, वैज्ञानिकों के अवदान का रेखाकंन एवं वाणियों का ध्वन्यांकन तथा फिल्मांकन कराया जायेगा। भगवान श्रीकृष्ण की प्रेरक कथाओं और चित्रों का चित्रांकन, उत्कीर्णन एवं शिल्पकला की विधा के माध्यम से प्रस्तुतिकरण किया जायेगा। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भारत सरकार, राज्य सरकार, गैर शासकीय संस्थाओं, संगठनों, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के निकायों तथा व्यक्तियों से समन्वय, सहयोग तथा सम्पर्क स्थापित कर वित्तीय एवं अन्य गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जायेगा। साथ ही साथ श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के अंतर्गत सभागारों, सामुदायिक केन्द्रों (कम्युनिटी सेंटर) और धर्मशालाओं का निर्माण एवं व्यवस्थापन कार्य किया जायेगा। चयनित 209 स्टॉफ नर्सों को नियुक्ति दिये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, भोपाल (वर्तमान में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल) द्वारा 27 जनवरी, 2022 को घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर स्टॉफ नर्स के पद पर चयनित 209 अभ्यार्थियों को विभाग के अधीन संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में वर्तमान में उपलब्ध रिक्त पदों पर नियुक्ति दिये जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गई है। उज्जैन मे 127 करोड़ 63 लाख रूपये लागत की इंगोरिया-उन्हेल सड़क मार्ग की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने उज्जैन जिला अंतर्गत इंगोरिया-उन्हेल (लंबाई 23.71 कि.मी.) 2-लेन मय पेव्हड शोल्डर सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति दी है। यह सड़क 23.71 कि.मी. लंबी होगी एवं 127 करोड़ 63 लाख रूपये की लागत से म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से विकसित की जायेगी।  

प्रदेश में जैविक खेती के लिए तीन हजार से अधिक क्लस्टर बने, एक लाख से अधिक किसानों द्वारा organic farming की जा रही

भोपाल  देश में कुल जैविक उत्पाद का 40 प्रतिशत हिस्सा देने वाला मध्य प्रदेश जैविक खेती के मामले में नए कीर्तिमान की ओर है। इसका रकबा 17 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 20 लाख हेक्टेयर करने की तैयारी चल रही है। जैविक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने प्रति हेक्टेयर पांच-पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। इसमें भारत सरकार से भी मदद मिलेगी। साथ ही जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए बाजारों में स्टाल लगाने के साथ खुदरा व्यापारियों से जोड़ने की पहल भी की जाएगी। बता दें, देश में कुल 65 लाख हेक्टेयर में जैविक खेती होती है। मध्य प्रदेश के मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सिंगरौली सहित अन्य कई जिलों में परंपरागत रूप से जैविक खेती होती है। खेतों में डाले जा रहे रासायनिक उवर्रक और कीटनाशकों के कारण खाद्यान्न और भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। यही कारण है कि जैविक उत्पादों की मांग बढ़ती जा रही है। किसानों के लिए फायदेमंद जैविक खेती किसानों के लिए आर्थिक तौर पर लाभदायक भी है, इसलिए इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए वर्ष 2011 में जैविक खेती नीति बनाई गई। जैविक उत्पाद प्रमाणीकरण के साथ अन्य व्यवस्थाएं बनाई गईं। अब इसे प्राकृतिक खेती से जोड़कर और आगे बढ़ाने की कार्ययोजना बनाई गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में जैविक खेती के लिए तीन हजार से अधिक क्लस्टर बने हैं। अब इसे और विस्तार दिया जाएगा। जैविक उत्पादों का कराया जाएगा प्रमाणीकरण जैविक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने प्रति हेक्टेयर पांच-पांच हजार रुपये तीन वर्ष तक दिए जाएंगे। उन्हें कहीं से भी सामग्री लेने की छूट रहेगी। तीन वर्ष तक किसान द्वारा की जाने वाली खेती का पूरा रिकार्ड रखा जाएगा। जैविक उत्पाद का प्रमाणीकरण भी करवाया जाएगा, ताकि उपज का अच्छा मूल्य मिले। साथ ही उपज विक्रय के लिए अन्य राज्यों के बाजारों में स्टाल लगाने के साथ खुदरा व्यापारियों से किसानों को जोड़ने की पहल की जाएगी। जैविक खाद की आवश्यकता की पूर्ति के लिए सहकारी स्तर पर समिति बनाना भी प्रस्तावित है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें गोपालन से जोड़ने की भी तैयारी है। प्राकृतिक खेती करने पर देसी गाय पालन के लिए 900 रुपये प्रतिमाह देने की योजना बनाई गई है। ये फसलें उगाई जा रहीं प्रदेश में अभी एक लाख से अधिक किसानों द्वारा जैविक खेती की जा रही है। प्रमुख उपज में सोयाबीन, गेहूं, धान, चना, मसूर, अरहद, उड़द, बाजरा, रामतिल, मूंग, कपास, कोदो-कुटकी आदि शामिल हैं। इन जिलों में अधिक जैविक खेती मंडला, डिंडौरी, शहडोल, सिंगरौली, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, कटनी, उमरिया, अनूपपुर, उमरिया, दमोह, सागर, आलीराजपुर, झाबुआ, खंडवा, सीहोर, श्योपुर और भोपाल

दुनिया में होने वाली हर आठ में से एक मौत का कारण वायु प्रदूषण, वायु प्रदूषण तंबाकू से भी ज्यादा खतरनाक होता

नई दिल्ली क्या आपको पता है कि दुनिया में होने वाली हर आठ में से एक मौत का कारण वायु प्रदूषण होता है? एक तरह से वायु प्रदूषण तंबाकू से भी ज्यादा खतरनाक होता है. स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2024 की रिपोर्ट बताती है कि 2021 में दुनियाभर में तंबाकू की वजह से अनुमानित 75 से 76 लाख मौतें हुई होंगीं. जबकि, वायु प्रदूषण के कारण 81 लाख मौतें. यानी, दुनिया में 12% मौतों का कारण जहरीली हवा है. वहीं, दुनियाभर में हर साल एक करोड़ से ज्यादा मौतें हाई ब्लडप्रेशर के कारण होती हैं. ये बातें इसलिए चिंता बढ़ाती हैं, क्योंकि राजधानी दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का स्तर 500 के करीब पहुंच गया है. यानी अब यहां AQI ‘गंभीर’ की श्रेणी में आ गया है. जब ये ‘गंभीर’ की श्रेणी में आ जाता है तो अच्छे-खासे तंदरुस्त लोग भी बीमार पड़ सकते हैं. ये रिपोर्ट बताती है कि सबसे बड़ा रिस्क PM2.5 है. PM2.5 का मतलब है 2.5 माइक्रोन का कण. ये बहुत ही महीन कण होता है. इसे ऐसे समझिए कि ये इंसान के बाल से भी 100 गुना ज्यादा पतला होता है. ये इतना छोटा है कि नाक और मुंह के जरिए हमारे शरीर में घुस जाता है. जैसे ही ये हमारे शरीर में आता है तो दिल और फेफड़ों को प्रभावित करता है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में PM2.5 के कारण 78 लाख मौतें हुई थीं. यानी, वायु प्रदूषण के कारण जितनी मौतें हुई थीं, उनमें से 96 फीसदी से ज्यादा की वजह यही कण था. इतना ही नहीं, वायु प्रदूषण के कारण होने वाली 90 फीसदी से ज्यादा बीमारियों का कारण भी यही छोटा सा कण होता है. सबसे खतरनाक PM2.5 2024 की स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर की रिपोर्ट बताती है कि 2021 में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण जहरीली हवा ही थी. सबसे ज्यादा खतरा साउथ एशियाई और अफ्रीकी देशों पर है. रिपोर्ट से पता चलता है कि 81 लाख मौतों में से 58 फीसदी की वजह वातावरण में मौजूद प्रदूषण रहा. जबकि, 38 फीसदी मौतें घरों के अंदर मौजूद प्रदूषण की वजह से हुई थीं. चिंता बढ़ाने वाली बात ये है कि पांच साल से छोटे बच्चों की मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण भी वायु प्रदूषण ही है. इतने छोटे बच्चों की मौतों की सबसे बड़ी वजह है. जबकि, वायु प्रदूषण के कारण 2021 में पांच साल से छोटे 7 लाख से ज्यादा बच्चों की मौत हुई थी. इतना ही नहीं, साउथ एशिया और अफ्रीकी देशों में जन्म के बाद पहले महीने में होने वाली 30 फीसदी से ज्यादा मौतों का कारण भी जहरीली हवा ही है. भारत के लिए कितना बड़ा खतरा? एक अनुमान के मुताबिक, भारत में हर साल तंबाकू की वजह से 10 लाख के आसपास लोग मारे जाते हैं. जबकि, वायु प्रदूषण के कारण 21 लाख लोग मारे गए थे. यानी, लगभग दोगुना. इस हिसाब से देखा जाए तो भारत में हर महीने औसतन 1.75 लाख और हर दिन 5,753 लोगों की मौत वायु प्रदूषण के कारण हो जाती है. अकेले भारत में ही पांच साल से कम उम्र के 1.69 लाख बच्चों की मौत वायु प्रदूषण के कारण हो गई थी. ये आंकड़ा दुनिया में सबसे ज्यादा था. दूसरे नंबर पर नाइजीरिया था, जहां 1.14 लाख बच्चों की मौत हुई थी. पाकिस्तान में 68 हजार से ज्यादा बच्चे मारे गए थे. रिपोर्ट बताती है कि वायु प्रदूषण के कारण होने वाले अस्थमा 5 से 14 साल की उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है. 15 फरवरी 2013 को लंदन की रहने वालीं 9 साल की एला किस्सी-डेब्रा की मौत अस्थमा अटैक से हो गई थी. वो दुनिया की पहली शख्स हैं, जिनके डेथ सर्टिफिकेट में मौत की वजह ‘वायु प्रदूषण’ दर्ज है. रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में सबसे जहरीली हवा साउथ एशियाई देशों में है. वायु प्रदूषण के कारण दुनिया में जितनी मौतें हुई थीं, उनमें आधी से ज्यादा सिर्फ भारत और चीन में हुई थी. चीन में 23 लाख तो भारत में 21 लाख लोगों की मौत का कारण वायु प्रदूषण था. हवा में मौजूद PM2.5 सबसे बड़ा खतरा है, क्योंकि इससे बेमौत ही लोग मारे जा रहे हैं और हार्ट डिसीज, लंग कैंसर जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं. भारत में हर एक लाख आबादी में से 148 की मौत का कारण वायु प्रदूषण है. ये वैश्विक औसत से कहीं ज्यादा है. PM2.5 में नाइट्रेट और सल्फेट एसिड, केमिकल, मेटल और धूल-मिट्टी के कण होते हैं. ये कण इतने छोटे होते हैं कि फेफड़ों में काफी अंदर तक घुस सकते हैं और गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं. इस कारण दिल और फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों की मौत भी हो सकती है. जबकि, स्वस्थ लोगों को इससे हार्ट अटैक, अस्थमा और फेफड़ों से जुड़ी बीमारी हो सकती है. इसी साल जनवरी में एक स्टडी आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि दुनियाभर में PM2.5 की सबसे ज्यादा मात्रा भारत में है. वहीं, दिल्ली में इसकी मात्रा सबसे ज्यादा है. इस स्टडी में दावा किया गया था कि सर्दी के मौसम में भारत में घर के अंदर की हवा बाहर की हवा से 41% ज्यादा प्रदूषित होती है. हाल ही में साइंस जर्नल लैंसेट में एक स्टडी छपी थी. स्टडी में बताया गया था कि शहरी इलाकों में वायु प्रदूषण नॉन-स्मोकर्स में लंग कैंसर के खतरे को बढ़ा रहा है.

मध्य प्रदेश के नए डीजीपी के लिए ये नाम हुए फाइनल! कौन है रेस में सबसे आगे?

भोपाल  मध्य प्रदेश को नया मुख्य सचिव मिलने के बाद अब प्रदेश में नए पुलिस महानिदेशक (New DGP Appointment) को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं, क्योंकि वर्तमान डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को सेवानिवृत हो रहे हैं. प्रदेश में नए डीजीपी पद पर नियुक्ति के लिए कई दावेदारों के नाम चर्चाओं में हैं, इनमें अरविंद कुमार रेस में सबसे आगे हैं. राज्य के 30वें डीजीपी के तौर पर सुधीर सक्सेना का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हो रहा है. 30 नवबर को सुधीर सक्सेना की विदाई तय है. लगभग ढाई साल से डीजीपी पद पर तैनात रहे सक्सेना के विदा होने के बाद प्रदेश का नया डीजीपी कौन होगा, इसकी चर्चाएं जोरों पर हैं.  रेस में आगे हैं अरविंद कुमार और कैलाश मकवाना गौरतलब है सेवानिवृत हो रहे पुलिस महानिदेशक सक्सेना का स्थान लेने वालों में कई नाम चर्चा में हैं. इनमें सबसे ऊपर होमगार्ड डीजी अरविंद कुमार और हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश मकवाना का नाम है. इसके अलावा ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा और प्रतिनियुक्ति पर गए आलोक रंजन, योगेश मुद्गल और पवन श्रीवास्तव भी रेस में है. 1988 और 1989 बैच के आईपीएस ही बन सकेंगे डीजीपी डीजीपी के रेस में शामिल सभी अधिकारी वर्ष 1988 और 1989 बैच के आईपीएस है. माना जा रहा है कि वरिष्ठता के आधार पर उनमें से कोई एक ही डीजीपी बनेगा, लेकिन शेष के सपने अधूरे रहने की संभावना ज्यादा है, ऐसा इसलिए क्योंकि सभी का सेवाकाल उस अवधि में पूरा हो जाएगा. राज्य को अक्टूबर माह में ही नया मुख्य सचिव मिला है. यह जिम्मेदारी अनुराग जैन के हाथ में है और अब राज्य को नया पुलिस महानिदेशक मिलने वाला है. इस तरह राज्य की सरकारी मशीनरी की कमान नए लोगों के हाथ में रहने वाली है. सक्सेना की विदाई परेड की कमांडर होगी डीजीपी की बेटी मौजूदी डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर होंगे. इस मौके पर होने वाली परेड की कमांडर सक्सेना की पुत्री आईपीएस सोनाक्षी होंगी. संभवत मध्य प्रदेश के पुलिस इतिहास में पहला ऐसा मौका होगा जब डीजीपी को विदाई देने वाली परेड की कमांडर उनकी ही बेटी होगी. इस आयोजन को भव्य रूप दिए जाने की तैयारी जारी है. अक्टूबर महीने में मध्य प्रदेश को मिला नया मुख्य सचिव उल्लेखनीय है राज्य को अक्टूबर माह में ही नया मुख्य सचिव मिला है. यह जिम्मेदारी अनुराग जैन के हाथ में है और अब राज्य को नया पुलिस महानिदेशक मिलने वाला है. इस तरह राज्य की सरकारी मशीनरी की कमान नए लोगों के हाथ में रहने वाली है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एमपी की मोहन सरकार ने केंद्र की भाजपा सरकार को नौ नामों का पैनल भेजा है. इसमें पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन अध्यक्ष से लेकर एडीजी लेवल के अधिकारियों के नाम शामिल हैं. इन नामों में से केंद्र सरकार तीन नामों को फाइनल करेगी. फिर उन तीन नामों में से एक नाम को राज्य सरकार डीजीपी के पद पर नियुक्त करेगी.

करंट से बचने विद्युत कर्मियों को बांटे गए हॉट सूट, बिजली लाइन पर काम करने वाले के लिए मददगार बनेगा

 जबलपुर  अब मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने ऐसा सूट बनाया है जिसे पहनकर बिजली कंपनी चालू लाइन पर भी काम कर लेंगे लेकिन उन्हें करंट नहीं लगेगा। इस सूट को कंपनी ने ‘हॉट सूट’ नाम दिया है। मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश भर के 100 से ज्यादा कर्मचारियों को हॉट सूट पहनकर चालू लाइन में काम करने की ट्रेनिंग दिलाई है। ये कर्मचारी बेंगलुरु से ट्रेनिंग लेकर आए हैं। हॉट सूट को पहनने वाले लाइनमैन को ‘हॉट मैन’ भी कहा जाता है। हाई वोल्टेज करंट में काम करना मुश्किल मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी की लाइनों पर उच्च क्षमता का विद्युत प्रवाह होता है। बिजली उत्पादन इकाई से सीधे ग्रिड के माध्यम से ट्रांसमिशन लाइन पर 400 केव्ही, 220 केव्ही और 132 केव्ही वोल्टेज पर लाइन में करंट दौड़ता है। बिजली कर्मी उच्च दाब क्षमता की लाइनों पर काम कर पाएंगे     कई बार बिजली आपूर्ति बंद होने के बावजूद करंट दौड़ने लगता।     वजह से बिजली कर्मी करंट लगने की हादसे का शिकार हुए थे।     हॉट सूट पहनकर उच्च दाब क्षमता की लाइनों पर काम कर पाएंगे। 132 केवी से लेकन 400 केवी की लाइन पर बिना शटडाउन लिए काम कर सकते हैं बेंगलुरु में 20 दिन तक चली ट्रेनिंग अब तक प्रदेश के करीब 100 बिजली कर्मचारियों को हॉट सूट दिए गए हैं। पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के चीफ इंजीनियर (सीई) संदीप गायकवाड़ के मुताबिक- हॉट सूट पहनकर लाइनमैन 132 केवी से लेकन 400 केवी (किलो वोल्ट) तक की लाइन पर बिना शटडाउन लिए काम कर सकते हैं। बेंगलुरु से आए कर्मचारियों को ट्रेनिंग करीब 20 दिन तक चली अभी जो कर्मचारी बेंगलुरु से आए हैं, उनकी ट्रेनिंग करीब 20 दिन तक चली थी। आगे अब और भी कर्मचारियों को फिर से बेंगलुरु भेजने की तैयारी की जा रही है। हॉट लाइन सूट बना आकर्षण का केंद्र विज्ञान मेला में विशेष तकनीक और मटेरियल से बना इंसूलेटेड सूट के साथ प्रदर्शित एक मॉडल बेहद आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जिसे पहनकर बेयर हैंड तकनीक के द्वारा ट्रांसमिशन लाइनों के 400 के व्ही, 220 के व्ही ,132 के व्ही वोल्टेज लेवल पर चालू लाइन में सुधार कार्य किया जा सकता है। इसके अलावा सब स्टेशन में उपयोग आने वाले विभिन्न उपकरणों के माडल भी प्रदर्शित किए गए हैं ।

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