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वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारत आगे बढ़ रहा है: राज्यमंत्री गौर

भोपाल. भारत सरकार द्वारा 1 फरवरी को संसद में प्रस्तुत बजट 2026-27 को लेकर भोपाल की एल.एन. सिटी यूनिवर्सिटी के आर्यभट्ट ऑडिटोरियम में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजिन किया गया। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा कि यह बजट देश की दिशा और तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि बजट के प्रभाव को समझना आवश्यक है, क्योंकि इससे आने वाले समय में देश की आर्थिक और सामाजिक संरचना पर व्यापक असर पड़ेगा। कार्यक्रम की शुरुआत में सभी ने मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री को बजट प्रस्तुत करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व मंच पर यह साबित कर दिया है कि वह तेज गति से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि अब भारत की विकास यात्रा को कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति को रेखांकित करते हुए कहा गया कि मातृशक्ति की भागीदारी देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उपस्थित महिलाओं ने भी बजट को लेकर सकारात्मक उम्मीदें जताईं और इसे समाज के हर वर्ग के लिए लाभकारी बताया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज नारी शक्ति को केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण से लेकर नेतृत्व तक भागीदार बनाया गया है। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार है जब लगातार 9वीं बार किसी महिला वित्त मंत्री द्वारा देश का बजट प्रस्तुत किया गया है। विकसित भारत बजट 2026–27 को लेकर भोपाल स्थित LNCT कॉलेज के आर्यभट्ट ऑडिटोरियम में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने भी  नारी सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका पर अपने विचार साझा किया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार में भोपाल महापौर  मालती राय, भाजपा मध्य प्रदेश महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष  अश्विनी परांजपे एवं भाजपा भोपाल जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति जी उपस्थित रहे।

ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा ढांचा डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता, विद्यालय संस्कार व कौशल विकास के केंद्र भी बनें

यमकेश्वर/पौड़ी गढ़वाल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उत्तराखंड दौरे पर पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर स्थित इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होता, बल्कि वह केवल आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। वास्तविक और सार्थक विकास वही है, जो अपनी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण करते हुए आगे बढ़े। शिक्षा केंद्रों को इसी सोच के साथ स्वयं को तैयार करना होगा, ताकि विद्यालय केवल पुस्तक ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि संस्कार, कौशल और जीवन निर्माण के केंद्र बनें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय के मेधावी छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा ढांचा सरकार की प्राथमिकता नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य शैक्षणिक भवन अब छात्रों व शिक्षकों को समर्पित हो चुका है। शीघ्र ही यहां आवश्यक फर्नीचर सहित सभी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। डबल इंजन की उत्तराखंड सरकार का स्पष्ट फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में भी अत्याधुनिक शिक्षा व स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर है, ताकि विद्यार्थियों को गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन न करना पड़े और वे अपने क्षेत्र में रहकर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और यह कालखंड केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक व आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छूने का अवसर है। विकास एकांगी नहीं हो सकता, यदि सभ्यता और संस्कृति सुरक्षित नहीं रहेंगी, तो भौतिक प्रगति भी अर्थहीन सिद्ध होगी। प्रगति का मार्ग सकारात्मक सोच से मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि गोत्र व्यवस्था, ऋषि परंपरा के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है। प्राचीन काल के गुरुकुल केवल अध्ययन के केंद्र नहीं थे, बल्कि कृषि, आयुर्वेद, कौशल व जीवन मूल्यों के प्रशिक्षण के समग्र केंद्र थे। वहां से निकला विद्यार्थी जीवन के किसी भी संघर्ष में स्वयं को असहाय नहीं पाता था। कोई कार्य उसके लिए न छोटा होता था, न कठिन। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में वही व्यक्ति सफल होता है, जो सकारात्मक सोच के साथ अपने पुरुषार्थ व परिश्रम से आगे बढ़ता है। नकारात्मकता व्यक्ति को दुर्गति की ओर ले जाती है। मेहनत करने वालों पर बरसती है मां सरस्वती की कृपा उन्होंने कहा कि कुछ लोग विद्यालयों में मां सरस्वती की प्रार्थना पर भी सवाल उठाते हैं। मां सरस्वती किसी जाति, मत या संप्रदाय की नहीं हैं, जो मेहनत करता है और सही दिशा में सोचता है, उस पर उनकी कृपा स्वतः होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इसी सोच को आगे बढ़ाती है कि विद्यालय केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि स्किल डेवलपमेंट और समग्र व्यक्तित्व निर्माण के केंद्र बनें।  आज बेहतर संपर्क व्यवस्था से जुड़ चुका है यमकेश्वर महादेव मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि 1965 में जब यह इंटर कॉलेज स्थापित हुआ था, तब न बिजली थी, न सड़कें और न आधुनिक साधन। आज गांव-गांव में बिजली, पेयजल, सड़कें और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है। यमकेश्वर महादेव मंदिर, जहां पहले पैदल यात्रा ही एकमात्र साधन थी, आज बेहतर संपर्क व्यवस्था से जुड़ चुका है। पहले का विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में था, आज भव्य भवन उपलब्ध है। सरकार ने सुविधाएं दी हैं, अब शिक्षकों का दायित्व है कि शिक्षा की गुणवत्ता को उसी स्तर तक पहुंचाएं और छात्रों का कर्तव्य है कि वे पूरे मनोयोग से अध्ययन करें। विद्यालय केवल शिक्षा के ही नहीं, बल्कि संस्कृति और सभ्यता के भी आधार स्तंभ होने चाहिए। गांवों को फिर से बनाना होगा आत्मनिर्भर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है। यहां का युवा देश की सीमाओं की रक्षा करता है और हर क्षेत्र में अपनी प्रभावी भूमिका निभाता है। हिमालय से निकलने वाला जल पूरे उत्तर भारत की भूमि को उपजाऊ बनाता है और देश की खाद्यान्न सुरक्षा में योगदान देता है। सरकार चाहती है कि हर स्तर पर मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो, लेकिन उसका सही उपयोग समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गांवों को पलायन से बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि गांव हमारी सभ्यता की जड़ हैं। जड़ जितनी मजबूत होगी, समाज उतना ही स्थिर और समृद्ध होगा। गांवों को शिक्षा, नवाचार, शोध और आत्मनिर्भरता के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। पहले गांव आत्मनिर्भर थे, सरकार पर निर्भरता न्यूनतम थी। आज जरूरत है उस आत्मनिर्भरता की भावना को फिर से जीवित करने की। प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में हो विद्यालय भवन का उपयोग मुख्यमंत्री ने आदित्य बिरला समूह के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह विद्यालय भवन समयबद्ध तरीके से बनकर तैयार हुआ। अब लक्ष्य है कि इस भवन का उपयोग प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी, विशेष कक्षाओं और कौशल विकास के लिए भी किया जाए। उन्होंने ‘अभ्युदय कोचिंग’ मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल और फिजिकल दोनों माध्यमों से गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को आईआईटी जेईई, नीट जैसी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा सकता है। उन्होंने विद्यालयों को पर्यटन, बागवानी, कृषि और स्थानीय संसाधनों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि यमकेश्वर क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों और शुद्ध जल जैसी अमूल्य संपदा है, जिसका संरक्षण और सदुपयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी नया और सकारात्मक प्रयास होगा, वही समाज के लिए प्रेरणा बनेगा और इस प्रेरणा का केंद्र हमारे शिक्षण संस्थान होंगे। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धनसिंह रावत, विधायक मीनू बिष्ट, भाजपा के जिला अध्यक्ष राजगौरव नौटियाल उपस्थित रहे।

शिक्षा की राह हुई आसान: स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी विद्यालय एनसीडीसी के 68 छात्रों को साइकिल

रायपुर. उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन ने छात्राओं को बांटी साइकिल स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय एनसीडीसी कोरबा में , छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन ने सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत छात्राओं को  साइकिल वितरित की।     सरस्वती साइकिल वितरण कार्यक्रम में सर्वप्रथम मां सरस्वती जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जलवन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस दौरान मंत्री  देवांगन ने कहा कि सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत आज स्कूल में छात्राओं को साइकिल वितरण किया जा रहा है।  सभी छात्राओं को बधाई व शुभकामनाएं। खूब पढ़े-खूब बढ़े,  बेटियां हैं तो कल है ,सभी बच्चें लगन से पढ़ाई करें और अपने विद्यालय का नाम रोशन करें, हमारे प्रदेश के  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय जी की सोच है कि शिक्षा के क्षेत्र में लगातार विकास करते हुए छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करें। इसी उद्देश्य के साथ कोरबा जिले के सभी जर्जर हो चुके शासकीय स्कूलों के नवीन भवन निर्माण को तेजी से कराया जा रहा है, स्कूलों में निशुल्क नाश्ता का प्रदाय किया जा रहा है। मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष कोचिंग की सुविधा रायपुर भेज कर उपलब्ध कराई जा रही है। हमारी छात्राओं को स्कूल आने में परेशानी ना हो जिसके लिये सरस्वती साइकिल योजना के तहत सरकार द्वारा साइकिल वितरण किया जा रहा है, शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के लिए अच्छा अवसर देना हमारा कर्तव्य है। हमारी सरकार के मंशा के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में आगे की ओर अग्रसर होते हुए प्रदेश में बेहतर शिक्षा देना हमारा कर्तव्य है।       इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष  राजेश राठौर ,पार्षद मती सिमरन कौर, पार्षद  मुकुंद कंवर , पार्षद  लक्ष्मण वास, शाला प्रतिनिधि  यासीन खान ,  मिलाप बरेठ , मती ज्योति वर्मा , धर द्विवेदी , मती अर्चना रूनीझा , मती मंदाकिनी त्रिपाठी जी, प्राचार्य डॉ अलका फिलिप्स सहित अभिभावक गण, छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

केन्द्रीय बजट के आधार पर तय हो रही हैं वैश्विक नीतियां: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर तैयार कर रही है विकास का नया मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा केन्द्रीय बजट के आधार पर तय हो रही हैं वैश्विक नीतियां मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट बना, अब खाद्यान्न उत्पादन में हैं दूसरे स्थान पर उड़द और मसूर का उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध जमीन हो या मशीन हर स्तर पर किसानों और व्यापारियों को सहयोग देने के लिए तत्पर है राज्य सरकार दाल उत्पादक कृषकों, मिल संचालकों, व्यापारियों, निर्यातकों और विशेषज्ञों की भोपाल में होगी कार्यशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के सम्मेलन को किया संबोधित इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट बन चुका है। मध्यप्रदेश को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और दाल उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर विकास का नया मॉडल तैयार कर रही है। राज्य सरकार जमीन हो या मशीन हर स्तर पर किसानों और व्यापारियों को अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार ने तुअर से मंडी टैक्स हटाया है, इससे दाल मिल उद्योग को लाभ मिलेगा। उड़द और मसूर पर भी राहत देने का विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे दैनिक जीवन में दालों का विशेष महत्व है। मूंग और मसूर की दालों पर मुहावरे बन गए। दालों से हमें प्रोटीन मिलता है। यह गर्व का विषय है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक और उपभोक्ता देश है। शाकाहारी संस्कृति में दालें प्रोटीन का सबसे बड़ा स्त्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्दौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोशिएशन के ग्रेन-एक्स इंडिया प्रदर्शनी अंतर्गत कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश में दूध और दलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में मसूर और उड़द उत्पादन को बढ़ाने के लिए शीघ्र ही बोनस देने की योजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों सहित उद्यमियों को भी लाभ होगा, इंदौर में उद्योग-व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव मदद की जाएगी। मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, यहां से रोड, रेल और हवाई हर तरह की बहुत अच्छी कनेक्टिविटी है। प्रदेश में एयरकार्गों के विकास की दिशा में प्रयास जारी हैं, जिससे व्यापार व्यावसाय विस्तार को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दाल मिल से संबंधित उद्यमियों, मशीन निर्माताओं, निर्यातकों, व्यापारियों, कृषकों, आदि के साथ राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की कार्यशाला शीघ्र ही भोपाल में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की एक विशिष्ट छवि बनी है। भारत के बजट के आधार पर दुनिया अपनी नीतियां तय करती है। अब समय बदल चुका है। भारत सरकार पर किसी टैरिफ का असर नहीं पड़ता है। प्रधानमंत्री  मोदी के लिए अन्नदाता किसान सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के हितों के साथ सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 4 श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता (किसान), युवा और नारी में देश को आर्थिक रूप से सशक्त करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान कल्याण के लिए आगामी 5 वर्षों का रोडमैप तैयार किया है। सबको प्रोत्साहन देते हुए 5 साल में राज्य के बजट को 15 प्रतिशत की वृद्धि दर के हिसाब से दोगुना करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करेंगे और राज्य को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश, देश में खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे स्थान पर हैं। कृषि क्षेत्र में राज्य की जीडीपी 39 प्रतिशत है और हमारी कृषि विकास दर 16 प्रतिशत के आस-पास है। गेहूं, चना, मसूर सहित तिलहन फसलों में मध्यप्रदेश अग्रणी स्थान पर है। मध्यप्रदेश आज डेयरी, पशुपालन, मत्स्य उत्पादन, पुष्प उत्पादन, सब्जी, फल सभी क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य राज्यों से कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों से कहा कि आप मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करें। हमारी सरकार जमीन, मशीन और टैक्स कम करने से लेकर सभी प्रकार से सहयोग प्रदान करेगी। प्रदेश की धरती पर सभी निवेशकों का स्वागत है। राज्य सरकार ने लघु-कुटीर उद्योग और एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, दूसरे राज्यों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड शो आयोजित किए। औद्योगिक विकास के लिए नई नीतियां लागू कीं। मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए 5500 करोड़ से अधिक राशि डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए उद्यमियों को भी अंतरित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगपतियों को बिजली, पानी और जमीन उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा रोजगारपरक उद्योग लगाने पर सरकार उद्यमियों को श्रमिकों के वेतन में सहयोग के लिए 10 साल तक प्रति श्रमिक 5000 रुपए महीना की दर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार ने श्रम कानूनों को सरल किया है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों की बकाया राशि उन्हें दिलवाई गई है। राज्य सरकार उद्योगपतियों और श्रमिकों सहित सबके साथ हर कदम पर साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाएगी। इसके लिये प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है। साथ ही जिलों में फूड पार्क और नई अनाज मंडियां शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। उद्योगपतियों को फूड पार्क विकसित करने के लिए भी राज्य सरकार सभी सुविधाएं देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन और लोक कल्याण से देशभर में ख्याति अर्जित की। उन्होंने मुगलकाल में ध्वस्त … Read more

सुव्यवस्था, स्वच्छता, जल प्रबंधन, डिजिटल मैपिंग, भीड़ प्रबंधन में दिखा प्रशासन का कौशल

प्रयागराज. संगम तट आयोजित माघ मेला 2026 ने अब तक के अपने सभी माघ मेलों के आयोजन को पीछे छोड़ दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता और सतत निगरानी के चलते इसे मिनी कुंभ जैसी पहचान ही हासिल नहीं हुई बल्कि संस्कृति,  सुशासन, सामाजिक समरसता और आत्मानुशासन की अभिव्यक्ति का यह अद्भुत समागम बन गया।   भारत की ‘संस्कृति-आधारित सुशासन’ संगम नगरी प्रयागराज में पावन त्रिवेणी के तट पर आयोजित माघ मेला 2026 भारत की संस्कृति पर आधारित गवर्नेंस का ऐसा ब्लू प्रिंट बन रहा है जिसका अन्य कहीं कोई उदाहरण देखने को नहीं मिलता। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज के अनुसार पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ 3 जनवरी से शुरू हुए इस आयोजन के पांच प्रमुख स्नान पर्व सकुशल संपन्न हो जाने के बाद यहां 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पावन गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती में पुण्य की डुबकी लगाकर अपना संकल्प पूरा कर चुके हैं। अभी आखिरी स्नान पर्व महा शिवरात्रि शेष है। मेला प्रशासन 15 फरवरी को इसके सकुशल समापन की तैयारी में लगा है। पूर्ण अनुशासन के साथ आस्था का जन सैलाब यहां आया और सनातन की बयार की झलक दिखाकर आगे बढ़ गया।  सामाजिक समरसता, प्रकृति संतुलन और आत्मानुशासन का पर्याय कल्पवास   कुंभ और महाकुंभ को यदि सनातन के 13 अखाड़ों के वैभव का महा आयोजन माना जाता है तो माघ मेला त्रिवेणी की रेती पर एक महीने तक प्रवास करने वाले कल्पवासियों का समागम। इस बार 5 लाख से अधिक कल्पवासियों ने यहां कल्पवास किया जिन्हें प्रशासन की तरफ से हर तरह की सहूलियत मिली। कल्पवासियों को तीर्थ पुरोहित ही अपने तंबुओं से बने शिविरों में बसाते हैं। पहली बार तीर्थ पुरोहितों के लिए अलग से प्रयागवाल नगर बसाया गया। सभी तरह के जाति,  उप-जाति का भेद भुलाकर मां गंगा के पावन जल में स्नान कर इन कल्पवासियों ने अपने संकल्प पूर्ण किए। भीड़ प्रबंधन में दिखा प्रशासन का कौशल, मेला सेवा ऐप बना सारथी माघ मेले के अब तक के इतिहास में इस बार का माघ मेला सबसे अधिक विस्तारित क्षेत्र में बसाया गया। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज के अनुसार माघ मेले का इस बार 800 हेक्टेयर तक विस्तार किया गया। मेला क्षेत्र में पहली बार सात सेक्टर और 9 पांटून पुल बनवाए गए। आवागमन सुगम बनाने के लिए मेला क्षेत्र में पहली बार गोल्फ कार्ट सेवा की शुरुआत हुई। बसंत पंचमी तक 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने इसकी सेवा ली। इसके अलावा शहर के अलग अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र पहुंचाने के लिए बाइक टैक्सी सेवा शुरू की गई। माघ पूर्णिमा तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने इसकी सेवा ली। श्रद्धालुओं की सहूलियत की लिए पहली बार मेला सेवा ऐप का निर्माण किया गया। भीड़ प्रबंधन के लिए 42 पार्किंग बनाई गई। माघ मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 15 हजार से अधिक पुलिस कर्मी तैनात रहे, मेला क्षेत्र में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के अलावा ड्रोन के जरिए भीड़ की सतत निगरानी होती रही।

इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के समय धमाका, 31 की मौत, 80 से ज्यादा घायल

 इस्लामाबाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित इमाम बारगाह खदीजत-उल-कुबरा में जोरदार धमाका हुआ है. धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, यह ब्लास्ट जुमे की नमाज के दौरान हुआ जिसमें 31   से अधिक लोगों की मौत हो गई और 80 से ज्यादा घायल हो गए. इस्लामाबाद से संवाददाता हमजा आमिर ने बताया कि धमाका शुक्रवार को तब हुआ जब जुमे की नमाज अदा की जा रही थी. इसमें 31  लोगों की मौत हो गई और 80 से ज्यादा घायल हो गए. हालांकि अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है. पूरे शहर में इमरजेंसी घोषित अधिकारियों के मुताबिक, हालात को देखते हुए पूरे शहर में इमरजेंसी लागू कर दी गई है. सुरक्षा एजेंसियों ने इमाम बारगाह और आसपास के इलाके को घेर लिया है और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है. फिलहाल31   से अधिक लोगों के हताहत होने की खबर है. धमाके के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. जांच एजेंसियां मौके से सबूत जुटा रही हैं और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोट कैसे और किन हालात में हुआ. मामले में आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है. धमाके में कई घायल पाकिस्तानी मीडिया डॉन न्यूज के मुताबिक, इस विस्फोट में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है. यह धमाका इस्लामाबाद के शहज़ाद टाउन इलाके में स्थित तरलाई इमामबाड़ा में हुआ. घायलों को तुरंत अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है. इस्लामाबाद के पॉलीक्लिनिक, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और सीडीए अस्पताल में इमरजेंसी घोषित की गई है. PIMS के कार्यकारी निदेशक ने बताया कि मुख्य इमरजेंसी, ऑर्थोपेडिक, बर्न सेंटर और न्यूरोलॉजी विभाग को सक्रिय कर दिया गया है. घायलों को PIMS और पॉलीक्लिनिक अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है.  

योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पूरे प्रदेश में 7500 से ज्यादा गोआश्रय स्थल बनाए गए

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने गोवंश संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। योगी सरकार ने अब तक देश में सबसे अधिक रिकॉर्ड 16.35 लाख निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया है। इससे पहले किसी भी राज्य में गोवंश संरक्षण को लेकर इतनी व्यापक, संगठित और प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक प्रदेशभर में 7500 से अधिक गोआश्रय स्थलों का निर्माण कराया गया। जहां निराश्रित गोवंश के लिए चारा, पानी, इलाज और देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। यही नहीं, सरकार ने हर जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन करते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इसका नोडल अधिकारी बनाया, जिससे निगरानी और जवाबदेही मजबूत हुई। पशुपालकों को मिला सीधा लाभ मुख्यमंत्री सहभागिता योजना और पोषण मिशन के अंतर्गत अब तक 1,13,534 पशुपालकों को 1,81,339 गोवंश उपलब्ध कराए गए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली और पशुपालकों की आय में वृद्धि हुई। गोवंश संरक्षण को आजीविका से जोड़कर योगी सरकार ने इसे आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बनाया है। गो तस्करों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई सीएम योगी के नेतृत्व में गो तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया। बड़े पैमाने पर गो तस्करों की गिरफ्तारी, वाहनों की जब्ती और नेटवर्क तोड़ने की कार्रवाई से प्रदेश में गोतस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ। इससे न केवल गोवंश सुरक्षित हुआ, बल्कि कानून-व्यवस्था भी सुदृढ़ हुई। गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि धरती, कृषि, प्रकृति और मानव जीवन सभी के लिए गोमाता सबसे बड़ा आशीर्वाद हैं। प्रदेश में गोसेवा और संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। उत्तर प्रदेश आज गोवंश संरक्षण का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा योगी सरकार ने गोवंश संरक्षण को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और मानवीय दायित्व के रूप में आगे बढ़ाया। परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज गोवंश संरक्षण का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा है।

आज दंगा-दंगाई दोनों गायब, अब बेटी सुरक्षित और व्यापारी भी

लखनऊ/हरिद्वार  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक समय था, जब विरासत को कोसा जाता था, अपमानित किया जाता था, लांछित किया जाता था। राम भक्तों पर गोलियां चलती थीं, उनका अपमान किया जाता था। लेकिन, यह रामभक्तों का नहीं, भारत की विरासत का अपमान होता था, भारत के आध्यात्मिक मूल्यों का अपमान होता था। इसका परिणाम यह निकला कि उत्तर प्रदेश अराजकता का अड्डा बन गया, लूट का अड्डा बन गया और दंगों की आग में झुलसने लगा। गुंडागर्दी भी चरम पर, ना बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी। हमारी सरकार में विरासत का सम्मान हुआ तो बेटी सुरक्षित हो गई और व्यापारी भी। आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था के रूप में भी आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी शुक्रवार को हरिद्वार में आयोजित स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की श्री विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में न अराजकता है, न फसाद है, न गुंडागर्दी है। न कर्फ्यू है, न दंगा है – यूपी में अब सब चंगा है। दंगा और दंगाई, दोनों गायब हो गए हैं। कर्फ्यू दंगाइयों पर लग गया है। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि नीति स्पष्ट थी, नीयत साफ थी। कोई सोचता था कि  500 वर्षों के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो पाएगा? लेकिन, आज भव्य राम मंदिर बन गया। आश्रम से मिला एमबीए का वास्तविक ज्ञान मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग अक्सर पूछते हैं कि बिना किसी औपचारिक प्रशासनिक अनुभव के आप उत्तर प्रदेश कैसे चला रहे हैं,  तो मेरा उत्तर होता है कि आश्रम व्यवस्था से जुड़ा हूं। प्रशासन कैसे चलाना है, प्रबंधन कैसे करना है, भारत का संन्यासी आश्रम पद्धति से सीखता है। प्रशासन हमारे संस्कारों व जींस का हिस्सा है। एमबीए की वास्तविक शिक्षा तो भारतीय आश्रम पद्धति से ही मिलती है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश आज अराजकता से निकलकर विकास और सुशासन का मॉडल बनकर उभरा है। भारत की प्रशासनिक, आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति की जड़ें, आश्रम व गुरुकुल परंपरा में हैं। जहां कृषि, खगोल विज्ञान, आयुर्वेद, शिल्प व प्रशासन जैसे विषयों का केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है। जीवन से जुड़े हर प्रश्न का उत्तर मिलता है।  माघ मेले में अब तक 21 करोड़ श्रद्धालुओं का स्नान सीएम योगी ने बताया कि माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा चुके हैं। यहां पहले केवल अव्यवस्था देखने को मिलती थी, लेकिन आज अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, हरिद्वार, बदरीनाथ धाम व केदारनाथ धाम केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के केंद्र बने हैं। भारत राष्ट्र यहीं से शक्ति प्राप्त करता है, और जब हमने इन आस्था केंद्रों को सम्मान के साथ आगे बढ़ाया, संरक्षित करने का काम किया, परिणाम भी सामने आया है। लंबे समय तक बीमारू रहा उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर लगातार प्रगति पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा जन्म इसी देवभूमि उत्तराखंड में हुआ है। वर्ष 1982 में भारत माता मंदिर के भव्य लोकार्पण का कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व सर संघचालक बालासाहब देवरस, दोनों की उपस्थिति रही। यह स्पष्ट करता था कि राष्ट्राध्यक्ष के प्रति हमारा सम्मान सदैव रहेगा, लेकिन मूल्यों के साथ कभी कोई समझौता नहीं होगा। जब देश विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहा था, तब पूज्य स्वामी जी महाराज ने भारत माता मंदिर के भव्य निर्माण और उसके लोकार्पण के माध्यम से पूरे देश के सामने आध्यात्मिक नेतृत्व का चिरस्थायी स्मारक समर्पित किया। न जाति का भेद और न धर्म का अंतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड के चार धाम भारत की चेतना के आधार हैं। जब हम लोग बचपन में हरिद्वार आते थे, तो सबके मन में यह भाव रहता था कि हरि की पैड़ी में स्नान करना है और भारत माता मंदिर के दर्शन भी करने हैं। यहां न जाति भेद था और न धर्म का कोई अंतर। भारत माता मंदिर में पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक, पूरे भारत का स्वरूप प्रतिबिंबित किया गया। यह उस समय की सबसे ऊंची (हाई-राइज) इमारत भी थी। मेरा सौभाग्य है कि देश के भीतर पिछले 11 वर्षों में हमने व्यापक परिवर्तन देखा है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज से लेकर केदारपुरी और बदरीनाथ से हरिद्वार तक, विकास की एक लंबी गाथा विरासत को संजोते हुए बढ़ रही है। यह नए भारत निर्माण की वही गाथा है, जिसका सैकड़ों वर्षों से वर्तमान पीढ़ी को इंतजार था। यह पीढ़ी यह सोच रही थी कि क्या हमारी भावनाओं के अनुरूप भारत का निर्माण हो पा रहा है या नहीं। एक प्रकार की असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। उस असमंजस से उबरने का कार्य पिछले 11 वर्षों में हमने स्पष्ट देखा है। भारत ऋषि परंपरा की तपस्या से निर्मित राष्ट्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब हम भारत की बात करते हैं, तो भारत केवल एक भौगोलिक टुकड़ा मात्र नहीं है। भारत ऋषि परंपरा की तपस्या से निर्मित राष्ट्र है। यह किसी सत्ता की उपज नहीं है, बल्कि ऋषि परंपरा की तपस्या से निकली शाश्वत चेतना का केंद्र बिंदु है। भारत का उच्चतम न्यायालय भी इस मंत्र को अंगीकार करता है कि जहां धर्म है, वहीं विजय है। धर्म और विजय का यह शाश्वत स्वरूप हमें यह आभास कराता है कि धर्म कभी कमजोर नहीं होता, बल्कि उसे जानबूझकर कमजोर किया जाता है। इतिहास साक्षी है कि जो राष्ट्र अपनी सभ्यता और संस्कृति की उपेक्षा करता है, वह न तो वर्तमान को सुधार पाता है और न ही भविष्य को सुरक्षित रख पाता है। वैदिक भारत आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक रहा है। आक्रांताओं के आने से पहले भारत कोई अविकसित या उपेक्षित भूभाग नहीं था, बल्कि एक पूर्ण विकसित सभ्यता और समृद्ध संस्कृति था। यह राष्ट्र हमारे ऋषियों की तपस्या, किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से खड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2000 वर्ष पहले, जिसे हम भारत का स्वर्ण युग कहते हैं, उस समय विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत थी। इसी प्रकार आज से करीब 400 वर्ष पहले भी विश्व … Read more

छत्तीसगढ़ में बाल विवाह मुक्त अभियान, CM साय ने रवाना किया ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’

रायपुर   छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने गृह नगर जशपुर से ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस रथ पर बाल विवाह के दुष्परिणामों के बाबत जागरूकता फैलाने वाले संदेशों के साथ ही इसके खिलाफ शपथ लेने के लिए एक शपथ पट भी लगाया गया है। यह रथ 8 मार्च तक पूरे राज्य के गांवों और कस्बों से गुजरेगा। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ भारत सरकार के बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय गहन राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की एक पहल है। बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नागरिक समाज संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है जिसके 250 से भी अधिक सहयोगी संगठन 450 जिलों में 2030 तक बाल विवाह को खत्म करने व बाल संरक्षण तंत्र को मजबूती देने के लिए काम कर रहे हैं।    पोस्टरों व लाउडस्पीकर पर प्रभावशाली संदेशों के साथ ही बाल विवाह के खिलाफ प्रतिज्ञा लेने के लिए एक शपथ पट से लैस ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रा के दौरान यह राज्य के सबसे सुदूर स्थानों व हाशिये के समुदायों तक पहुंच सके। चारपहिया वाहन जहां प्रमुख सड़कों और बेहतर पहुंच वाले मार्गों को कवर करेंगे, वहीं कमजोर संपर्क वाले अत्यंत दूरस्थ गांवों तक राज्यभर में मोटरसाइकिल या साइकिल कारवां के माध्यम से पहुंचा जाएगा। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन जशपुर जिले में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन समर्पित सेंटर फॉर पावर्टी एलिविएशन एंड सोशल रिसर्च ने किया। बाल विवाह के खात्मे के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “राज्य में पहले ही बाल विवाह का चलन काफी हद तक कम हो चुका है और हम बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित कर चुके हैं। सरकार, नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय प्रशासन के सतत प्रयासों से हम छत्तीसगढ़ से बाल विवाह के पूरी तरह खात्मे के प्रति आश्वस्त हैं।” बाल विवाह के खात्मे की देशव्यापी लड़ाई में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका रही है। राज्य का बालोद जिला वर्ष 2025 में देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बना, जबकि सूरजपुर जिले के जिला प्रशासन ने 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित किया है। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़’ का संदेश राज्य के अंतिम छोर और अंतिम गांव तक पहुंचाएगा। बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार के दृढ़ रवैये की सराहना करते हुए चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया के राष्ट्रीय समन्वयक बिधान चंद्र सिंह ने कहा कि मजबूत साझेदारियों, राजनीतिक इच्छाशक्ति और सतत जमीनी कार्रवाइयों से छत्तीसगढ़ पूरे देश में एक मानक बनकर उभरा है। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ की रवानगी के मौके पर हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “बाल विवाह के खात्मे के हमारे दृढ़ संकल्प को आज पूरी दुनिया देख रही है। सभी को साथ लेकर और यह सुनिश्चित कर कि प्रत्येक परिवार इससे जुड़े, हर बच्चे को सुरक्षा मिले और हर गांव बाल विवाह मुक्त होने की ओर अग्रसर हो, यह लड़ाई सफल हो रही है। छत्तीसगढ़ में आज हुआ यह कार्यक्रम इस अपराध के खात्मे के लिए देश की इच्छाशक्ति को दर्शाता है।” चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया देश से 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सबसे प्रमुख अभियान है। पिछले एक साल में ही इस नेटवर्क ने पूरे देश में 198,628 बाल विवाह रोके हैं। इसमें 3988 बाल विवाह अकेले छत्तीसगढ़ में रोके गए।  अपनी यात्रा के दौरान ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ पंचायतों, जिला प्रशासन, बाल विवाह निषेध अधिकारियों (सीएमपीओ) और अन्य सरकारी अधिकारियों को साथ जोड़ते हुए जागरूकता और संकल्प के लिए समुदायों तक पहुंचेगा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संपन्न होने वाली यह यात्रा स्कूलों, ग्राम सभाओं, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक स्थलों को कवर करेगी और नुक्कड़ नाटकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं पीड़ितों/सर्वाइवरों की कहानियों के माध्यम से अपना संदेश फैलाएगी। इसके अतिरिक्त, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के इसी तरह के ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ इस समय देश के 25 राज्यों के 451 जिलों में यात्रा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के छह सहयोगी संगठन जमीन पर कार्य कर रहे हैं। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के अनुसार, जो भी बाल विवाह का आयोजन करता है, उसे बढ़ावा देता है, जानबूझकर उसमें भाग लेता है या बाल विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार की सेवा प्रदान करता है, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चांदी 1.91 लाख रुपये सस्‍ती, सोने के दाम में भी गिरावट – क्या कीमतें फिर रिकॉर्ड हाई पर जाएंगी?

इंदौर  सोना और चांदी के भाव में शुक्रवार को भी गिरावट देखी जा रही है. मल्‍टी कमोडिटी मार्केट में लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी के दाम भरभराकर टूटे हैं. चांदी सुबह 11.30 बजे 5000 रुपये गिरकर 2.38 पर पहुंच गई थी, वहीं सोने के भाव में 1000 रुपये की गिरावट आई थी, जो 1.50 लाख रुपये के ऊपर थे. हालांकि शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमत 12000 रुपये टूट गई थी और सोना 1800 रुपये गिर गया था.  वहीं रिकॉर्ड हाई से देखें तो सोना और चांदी काफी सस्‍ते हो चुके हैं. ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्‍या फिर कभी चांदी और गोल्‍ड वापस उस लेवल पर आएंगे? आइए जानते हैं सोने और चांदी के भाव में इतनी गिरावट क्‍यों आ रही है.  रिकॉर्ड हाई से चांदी 1.91 लाख रुपये सस्‍ती  29 जनवरी को चांदी का भाव 4.20 लाख रुपये पर थी, जो इसका रिकॉर्ड हाई लेवल है और आज चांदी 2.29 लाख रुपये पर आ गई थी. ऐसे में देखा जाए तो चांदी के भाव में 1.91 लाख रुपये तक की गिरावट आई है. इसके अलावा, गोल्‍ड प्राइस में भी बिग फाल हुआ है. सोने की कीमत 29 जनवरी को 1.93 लाख रुपये पर थी, लेकिन शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 1.49 लाख रुपये पर आ गई. इसका  मतलब है कि सोने की कीमत में 44 हजार रुपये की गिरावट आई है.  गोल्‍ड-सिल्‍वर ईटीएफ भी गिरा सोना और चांदी ईटीएफ प्राइस में शुक्रवार को 10 फीसदी तक की गिरावट आई. यह गिरावट ग्‍लोबल स्‍तर पर आईटी और टेक कंपनियों में बिकवाली हावी होने के बाद आई है, क्‍योंकि अमेरिकी इससे अमेरिकी डॉलर में मजबूती आई. एआई घबराहट और अर्निंग को लेकर आईटी और टेक शेयरों में गिरावट आई.   कोटक सिल्वर ETF को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ, यह 10% गिर गया, जबकि HDFC सिल्वर ETF, SBI सिल्वर ETF और एडलवाइस सिल्वर ETF में से हर एक में लगभग 9% की गिरावट आई. बंधन सिल्वर ETF में सबसे कम गिरावट दर्ज की गई, यह लगभग 6% नीचे रहा. गोल्ड ETF में एंजेल वन गोल्ड ETF 8% गिरा, जबकि जेरोधा गोल्ड ETF में 5% की गिरावट आई. क्‍यों आ रही गोल्‍ड सिल्‍वर में गिरावट?  एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि पिछले सप्‍ताह के दौरान सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट आई थी, जिससे अस्थिरता बनी हुई है. यह गिरावट केविन वॉर्श की नियुक्ति के बाद फेडरल रिजर्व की सख्त नीतियों की उम्मीदों, मजबूत अमेरिकी डॉलर और सीएमई द्वारा मार्जिन में की गई भारी बढ़ोतरी के कारण हुई है. इसके अलावा, सोने और चांदी की कीमत के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली आई है, जिससे निवेशक सतर्क बने हुए हैं और सोने-चांदी की कीमतों में तेजी या गिरावट पर ज्‍यादा पार्टिसिपेट नहीं कर रहे हैं. इंटरनेशनल लेवल पर सोने-चांदी का भाव  गुरुवार को इंटरनेशनल लेवल पर सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली. सोना 4 फीसदी गिरा और चांदी के भाव में 9 फीसदी की गिरावट आई. सोना अभी 4,887 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ है और चांदी की कीमत $78 प्रति औंस पर बनी हुई है.  क्‍या वापस रिकॉर्ड हाई पर जाएंगे सोने-चांदी के दाम?  एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अभी ग्‍लोबल अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे में सोने और चांदी की कीमातों में उछाल आ सकता है. Goldman Sachs जैसे बड़े बैंकों का कहना है कि सोने के $4,900 प्रति औंस तक 2026 में पहुंचने की संभावना है. वहीं चांदी के मामले में ब्रोकरेज और विश्लेषक मानते हैं कि इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्‍लोबल अनिश्चितता के कारण चांदी  एक बार फिर रिकॉर्ड हाई के करीब या इससे ऊपर जा सकती है.  Bank of America का कहना है कि चांदी 135 डॉलर के ऊपर भी जा सकती है, लेकिन इसके लिए सप्लाई और मांग बना रहना जरूरी है. ऐसे में अगर जियो -पॉलिटिकल टेंशन, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जारी रहती है तो  सोने और चांदी की कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच सकती हैं. 

राज्यपाल पटेल ने बच्चों के साथ किया “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में भागीदारी

राज्यपाल  पटेल बच्चों के साथ “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में हुए शामिल लोक भवन आए विद्यार्थियों ने कहा- पीएम  मोदी का मार्गदर्शन सरल, रोचक और प्रेरक भोपाल       राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने लोकप्रिय कार्यक्रम “परीक्षा पे चर्चा”  को छात्र-छात्राओं के साथ लोक भवन में देखा। इस अवसर पर लोक भवन के जवाहर खण्ड में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और लोक भवन परिसर में रहने वाले परिवारों के बच्चे उपस्थित थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का यह कार्यक्रम अभूतपूर्व है। देश के प्रधानमंत्री का विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद सार्थक और नवाचारी है, जो विद्यार्थियों को जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देता है। चुनौतियों के समाधान के लिए नई प्रेरणा और आत्मबल प्रदान करता है। परीक्षा काल के दौरान आने वाली चुनौतियों और कठिनाईयों को दूर करने के तरीके और तकनीक बताता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं है। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा से जुड़े तनाव का प्रबंधन सिखाता है। यह जीवन में संतुलन, अनुशासन और आत्मबल विकसित करने का मार्गदर्शन भी देता है। तनाव मुक्त रहना, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना और सोच को सकारात्मक बनाने की प्रेरणा उज्जवल भविष्य निर्माण का रास्ता है। विद्यार्थियों ने कहा : प्रधानमंत्री  मोदी के सरल, रोचक और प्रेरक संदेशों ने बढ़ाया आत्मविश्वास      राज्यपाल  पटेल द्वारा प्रधानमंत्री  मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिये गए आमंत्रण से विद्यार्थी अभिभूत थे। सभी विद्यार्थियों ने इस अवसर को अपने जीवन का एक अद्भुत, प्रेरक और अविस्मरणीय अनुभव बताया। मॉडल स्कूल, टी.टी. नगर, भोपाल की कक्षा 12वीं की छात्रा सु आराध्या शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के सरल, व्यावहारिक और उत्साहवर्धक संदेशों से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। वह अब परीक्षाओं को लेकर अधिक सहज और सकारात्मक महसूस कर रही हैं। केन्द्रीय विद्यालय-2 के कक्षा 8वीं के विद्यार्थी अरिहंत जैन ने कार्यक्रम को व्यवहारिक सीख, चुनौतियों के रणनीतिक समाधान और परीक्षा के तनाव को कम करने में अत्यंत उपयोगी सुझावों का खजाना बताया। केन्द्रीय विद्यालय-1 की कक्षा 9वीं की छात्रा सु महक विमल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम ने हम सब विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया है। उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम को परीक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया है। सभी छात्र-छात्राओं ने राज्यपाल  पटेल और प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।      कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ के सचिव  मालसिंह भयड़िया, लोक भवन के अधिकारी और छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।  

दिल्ली में एमपी बीजेपी के नेताओं की बैठक, पार्टी में बदलाव के संकेत, हेमंत खंडेलवाल होंगे केंद्र में

भोपाल  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने डिनर डिप्लोमेसी का फॉर्मूला अपनाते हुए प्रदेश के सभी सांसदों को सहभोज पर बुलाया। यहां उन्होंने सांसदों से संगठनात्मक विषय व आगामी रणनीति पर वन-टू-वन चर्चा भी की। माना जा रहा है कि यह डिनर केवल आपसी संवाद तक सीमित नहीं था। बल्कि आने वाले समय की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति की नींव रखने की कोशिश भी थी। सांसदों से एमपी बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने किया आग्रह भाजपा के दोनों सदनों के सांसदों से खंडेलवाल ने आग्रह किया कि वे प्रदेश से जुड़े विषयों और विकास आवश्यकताओं के समाधान के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने में सक्रिय सहयोग करें, ताकि केंद्र की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह संवाद आने वाले समय में संगठात्मक निर्णयों और कार्ययोजनाओं में अहम भूमिका निभाएगा। केंद्र के साथ मिलकर काम कर रही है भाजपा की सरकार उन्होंने कहा, भाजपा सरकारमध्यप्रदेश की प्रगति और जन कल्याण के लिए हर स्तर पर केंद्र के साथ मिलकर कार्य कर रही है। इस सहभोज में केंद्रीय राज्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद एम. मुरुगन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद वीडी शर्मा, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, इंदौर शंकर लालवानी सहित प्रदेशभर के सांसद शामिल हुए। इन मुद्दों पर हुई चर्चा सूत्रों के मुताबिक बैठक में चर्चा के दौरान बुनियादी ढ़ांचा, सड़क-रेल कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश, क्षेत्रीय विकास और केंद्र प्रायोजित योजनाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए हैं। ‘डिनर’ से साफ संदेश राजनीतिक जानकारों के मुताबिक दिल्ली में आयोजित यह सहभोज भाजपा के नेतृत्व की ओर से एकजुटता और सक्रियता का बड़ा संदेश देता है। विपक्ष के लिए भी संदेश साफ है कि एमपी प्रदेश संगठन पूरी तरह सक्रिय और समन्वित है। वहीं आने वाली राजनीतिक चुनौतियों को लेकर गंभीर और तैयार है। अब आगे क्या बड़े परिवर्तन की है तैयारी? एक्सपर्ट का मानना है कि दिल्ली दौरे के बाद भाजपा प्रदेश संगठन भोपाल में भी समीक्षा बैठकों का दौर शुरू हो सकता है। इसमें सांसदों से मिले फीडबैक के आधार पर रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है। यानी पार्टी की ये कवायद काफी कुछ बदलने की तैयारी मानी जा सकती है।

फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने खेली 175 रनों की शानदार पारी, तोड़ दी अंग्रेजों की कमर

 हरारे आईसीसी मेन्स अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में आज (6 फरवरी) भारतीय टीम का सामना इंग्लैंड से है. दोनों टीमों के बीच यह खिताबी मुकाबला हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में है. मुकाबले में टॉस भारतीय टीम ने जीता और पहले बैटिंग का फैसला किया. अभिज्ञान कुंडू और आरएस अम्बरीष क्रीज पर हैं. भारतीय टीम लगातार छठा और कुल 10वां फाइनल खेल रही है, जो एक रिकॉर्ड है. पांच बार खिताब जीत चुकी भारतीय टीम की निगाहें खिताबी जीत का सिक्सर लगाने पर हैं. भारतीय टीम 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में खिताब जीता था. दूसरी ओर इंग्लैंड ने सिर्फ 1 बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता है. साल 1998 के फाइनल में उसने न्यूजीलैंड को पराजित किया था. ताजा स्कोर 40 ओवर 320 रन 5 विकेट  हरारे में  ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में इंग्लैंड के ख‍िलाफ आयुष म्हात्रे ने टॉस जीता और पहले पहले बल्लेबाजी चुनी.भारत की तरफ से ओपन‍िंग करने वैभव सूर्यवंशी और आरोन जॉर्ज आए. वैभव और जॉर्ज की जोड़ी ज्यादा कुछ नहीं कर पाई. 20 के स्कोर पर जॉर्ज का विकेट गिरा. वह 9 रन बनाकर लौटे. प्वाइंट पर उनका कैच लपका गया. इसके बाद आयुष म्हात्रे ने वैभव के साथ टिककर बल्लेबाजी शुरू की. भाररतीय टीम ने 8 ओवर में 50 रनों का आंकड़ा पार किया. इसके बाद नौवें ओवर में वैभव ने 18 रन बनाए, जिससे भारतीय टीम का स्कोर 9 ओवर में 71 रन हो गया.  इसी बीच भारतीय टीम के 100 रन 14वें ओवर में पूरे हुए. वैभव ने 17वें ओवर में ग्रेज गेंदबाज फरहान अहमद की जमकर खबर ली और उनके ओवर में 22 रन जड़ द‍िए. दूसरी ओर आयुष म्हात्रे 19वें ओवर में 50 गेंदों पर 53 रन बनाकर एलेक्स ग्रीन की गेंद पर आउट हुए.  आयुष के आउट होने के बाद वैभव ने 55 गेंदों पर 8 छक्के और 8 चौकों की मदद से अपना शतक पूरा किया. इसके बाद वैभव की आंधी जारी रही. 71 गेंदों में 150 (13 छक्के, 13 चौके) रन पूरे किए.  हालांकि इसके बाद वैभव की पारी का अंत 175 रनों पर हो गया.  वैभव ने अपनी पारी में 80 गेंदों का सामना किया और कुल 15 चौके और 15 छक्के जड़े, उनको थॉमस रेव ने मैनी लम्सडेन की गेंद पर कैच पकड़ा.  व‍िहान मल्होत्रा (30) के रूप में टीम का चौथा विकेट गिरा. उन्हें जेम्स मिंटो ने बेन डॉकिन्स के हाथों कैच कराया. 302 के स्कोर पर यह विकेट गिरा. इसके बाद ही 308 के स्कोर पर 5वां विकेट गिरा. वेदांत त्रिवेदी (32) को बेन मेस ने जेम्स मिंटो की गेंद पर कैच कर लिया. 

महाकाल में कोटेश्वर भगवान के पूजन से शुरू शिवनवरात्रि पर्व, 10 दिनी महोत्सव के पहले दिन भगवान का श्रृंगार

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवनवरात्रि का पर्व शुक्रवार से सुबह से शुरू हुआ। कोटेश्वर महादेव के पूजन के साथ विशेष अनुष्ठान की शुरुआत हुई। गर्भगृह में पुजारी घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में 11 ब्राह्मणों ने भगवान महाकाल का पंचामृत पूजन और एकादश-एकादशनी रूद्राभिषेक होगा। इस बार दिन का महाशिवनवरात्रि पर्व महाकाल मंदिर में मनाया जाएगा, मान्यता है कि जिस तरह माता की आराधना के 9 दिनों तक नवरात्री पर्व मनाया जाता है ठीक उसी तरह देश भर में सिर्फ उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में ही महाशिवनवरात्रि पर्व मनाए जाने की परम्परा निभाई जाती है। सुबह कोटेश्वर भगवान का पूजन अर्चन होगा। शाम को भगवान को सर्वप्रथम चंदन का उबटन लगाकर स्नान कराया गया। जलधारी पर हल्दी अर्पित की गई। दोपहर एक बजे भोग आरती के बाद अपराह्न तीन बजे पंचामृत पूजन के पश्चात भगवान का भांग से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भगवान को लाल, गुलाबी और पीले रंग के नए वस्त्र अर्पित कर शृंगारित। मेखला, दुपट्टा, मुकुट, मुंड-माला और छत्र से सजाया जाएगा। ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में 10 दिन तक शिवनवरात्रि महा उत्सव मनाया जायेगा। यह विशेष श्रृंगार 6 फरवरी से 15 फरवरी तक शिवनवरात्रि के सभी नौ दिनों तक चलेगा। प्रतिदिन भक्तों को भगवान महाकाल के दिव्य दर्शन होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।भगवान महाकाल के मंदिर में उत्सव का प्रारंभ कोटेश्वर महादेव के पूजन से होगा। शिवनवरात्रि पर 9 दिन यह शृंगार     6 फरवरी : चंदन, भांग शृंगार।     7 फरवरी :नवीन वस्त्र।     8 फरवरी : शेषनाग शृंगार।     9 फरवरी : घटाटोप शृंगार।     10 फरवरी : छबीना शृंगार।     11 फरवरी: होलकर शृंगार।     12 फरवरी : मनमहेश शृंगार।     13 फरवरी : उमा महेश शृंगार।     14 फरवरी : शिव तांडव शृंगार।     15 फरवरी: सप्तधान का मुखौटा। महाशिवरात्रि पर्व के लिए दर्शन व्यवस्था तय,10 लाख भक्त आएंगे महाशिवरात्रि महापर्व 2026 (15 फरवरी) पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस अवसर पर सामान्य श्रद्धालुओं को लगभग डेढ़ किलोमीटर और 250 रुपए की शीघ्र दर्शन रसीद या पासधारी श्रद्धालुओं को करीब एक किलोमीटर पैदल चलने के बाद भगवान महाकाल के दर्शन होंगे।

जातिगत भावनाएं आहत करने, वैमनस्य फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से प्रसारण का आरोप

‘घूसखोर पंडत’ फिल्म के निर्देशक व टीम के खिलाफ एफआईआर CM की सामाजिक सौहार्द व कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई  जातिगत भावनाएं आहत करने, वैमनस्य फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से प्रसारण का आरोप ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के आपत्तिजनक कंटेंट पर लखनऊ पुलिस की कार्रवाई,  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समाज में सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक/जातिगत भावनाओं को आहत करने वालों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति और ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देशों के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रचारित-प्रसारित की जा रही आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के निर्देशक के खिलाफ राजधानी लखनऊ के थाना हजरतगंज में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई समाज में वैमनस्य फैलाने, धार्मिक एवं जातिगत भावनाओं को आहत करने और शांति व्यवस्था को भंग करने के प्रयास के आरोप में की गई है। प्रथम दृश्टया आपत्तिजनक पाया गया फिल्म का कंटेंट थाना हजरतगंज के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर प्रचारित हो रही उक्त आगामी फिल्म तथा सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इसके कंटेंट पर संज्ञान लिया। उनके अनुसार, ‘घूसखोर पंडत’ नामक आगामी फिल्म का शीर्षक और उसकी प्रचारित सामग्री प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक पाई गई है। एफआईआर में जातिगत अपमान के बिंदु पर स्पष्ट किया गया है कि फिल्म का शीर्षक एक समुदाय/जाति विशेष (ब्राह्मण) को लक्षित कर अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया प्रतीत होता है। इस नामकरण तथा नेटफिल्क्स व सोशल मीडिया पर प्रचारित इसके संवादों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रसारण फिल्म के नाम और उसकी सामग्री को लेकर ब्राह्मण समाज तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों में आक्रोश है। कई संगठनों ने इसके विरोध में उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इससे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल कदम उठाया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम द्वारा समाज में वैमनस्य फैलाने, शांति व्यवस्था भंग करने और सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रचार-प्रसार किया गया। इस तरह की सामग्री से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उपरोक्त तथ्यों और संवेदनशील परिस्थितियों के दृष्टिगत, थाना हजरतगंज पुलिस द्वारा फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई तथा विवेचना प्रचलित है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, प्रचारित-प्रसारित सामग्री और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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