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अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिले स्विस संसद सदस्य

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में स्विट्जरलैंड की संसद (नेशनल काउंसिल) के सदस्य  निक्लाउस सैमुअल गुगर ने सौजन्य भेंट की।  गुगर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से औद्योगिक विकास, ऊर्जा संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  नीरज मंडलोई, प्रबंध संचालक एमपीआईडीसी  चंद्रमौली शुक्ला सहित औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्विस संसद के सदस्य  गुगर ने स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों, प्रिसिशन मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा दक्षता के लिए डिजिटल समाधान के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगिक ऑटोमेशन और सतत् प्रौद्योगिकी में स्विस विशेषज्ञता का विशेष लाभ उठा सकता है। उन्होंने कहा कि जलवायु शासन, औद्योगिक संक्रमण पर नीति आदान-प्रदान के लिए स्विस संसदीय प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश आमंत्रित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर स्विस संसद सदस्य  गुगर ने मध्यप्रदेश के जलवायु और स्थिरता पहलों में स्विस निजी क्षेत्र की संभावित भागीदारी और यहां के युवाओं के लिए नवीकरणीय ऊर्जा एवं उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) में तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग/समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हरित प्रौद्योगिकी पर शोध के लिए स्विस विश्वविद्यालयों के साथ संयुक्त पहल की संभावनाएं भी तलाशी जा सकती हैं।  गुगर ने कहा कि स्विस नागरिकों के लिए मध्यप्रदेश को एक विरासत एवं इको टूरिज्म गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाए, इससे लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रमों की योजना बनाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने  गुगर के सुझावों की सराहना कर हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस में हुई थी भेंट उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से गत माह दावोस में हुए वर्ल्ड इकॉनामिक फोरम में स्विस संसद सदस्य  गुगर ने सौजन्य भेंट की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से भारत से अपने संबंधों, नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग, पर्यावरण-संरक्षण और जनजातीय कल्याण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की थी। चर्चा के दौरान ग्रामीण ईको पर्यटन, मिलेट्स के प्रमोशन और मध्यप्रदेश-स्विट्जरलैंड के बीच भावी सहयोग की सभी संभावनाओं और अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया गया था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस शिविर एवं परेड में भाग लेने वाले एनसीसी कैडेट्स और कैम्प में

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एनसीसी युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति के संस्कार प्रदान करने वाला एक सशक्त माध्यम है। ‘मुख्यमंत्री बैनर’ जैसे कार्यक्रम युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में एनसीसी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ ‘मुख्यमंत्री बैनर’ कार्यक्रम को संबोधित किया। यह कार्यक्रम युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, संगठनात्मक दक्षता तथा राष्ट्र सेवा की भावना को सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास के लिए हम सबको सक्रिय भागीदारी करनी होगी। इस दिशा में युवाओं को विशेष रूप से आगे आना चाहिये। युवा साथी अपनी असीम ऊर्जा का पूरी जिम्मेदारी और समर्पण भाव से सदुपयोग कर प्रदेश के विकास में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृ्त्व में भारतीय सेना पूरी शक्ति के साथ देश की सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम हैं। भारत ने कभी किसी देश पर आक्रमण नहीं किया। देश में वैश्विक स्तर पर शांति के लिए दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। जब-जब आतंकियों ने दुस्साहस किया, हमारे सैनिकों ने अद्भुत पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए पड़ौसी देश में छिपे आतंकवादियों को तीन-तीन बार घर में घुसकर सबक सिखाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेनाओं में भी नारी सशक्तिकरण पर बल दिया जा रहा है। वर्ष 2026 का गणतंत्र दिवस समारोह नारी सशक्तिकरण को समर्पित रहा। देश में पहली बार परेड समारोह में अर्ध सैनिक बल की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व महिला ऑफिसर कर रही थीं। प्रदेश की 23 बेटियों (एनसीसी कैडेट्स) को गणतंत्र दिवस परेड में मार्च करते हुए देखा तो सीना गर्व से फूल गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने सेनाओं और सशस्त्र बलों में महिलाओं को समान अवसर देने के लिए स्थाई कमीशन देने सहित अनेक कदम उठाए हैं। नौसेना की अग्निपथ योजना में बेटियों को आरक्षण मिल रहा है। सैनिक स्कूलों में भी बेटियों को दाखिला मिलने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में हुए गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) की बेस्ट एनसीसी कैडेट्स प्रतियोगिता में एक स्वर्ण एवं 2 रजत पदक जीतने पर मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय को बधाई दी। इस वर्ष के गणतंत्र दिवस शिविर में देशभर के 17 निदेशालयों के कैडेट्स शामिल हुए और मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए इसमें तीसरा स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने एनसीसी गणतंत्र दिवस टुकड़ी को सम्मानित किया एवं इस उपलब्धि के लिए कैडेट्स, प्रशिक्षक एवं अधिकारियों की निष्ठा, दृढ़ता और सतत प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, जबलपुर को प्रशिक्षण वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का बेस्ट इंटर ग्रुप मुख्यमंत्री बैनर प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित नेशनल कैडेट कोर के कैंप में मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले कैडेट्स को मैडल पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) में प्रतिभागी कैडेट्स को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमश: 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार रूपए के चेक भी सौंपे। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स ने नारी शक्ति समूह गीत एवं एनएसएस की कैड्टेस ने एनएसएस गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पीएम मेडल विजेता सीनियर अंडर ऑफिसर श्री विशाल सिंह ने आरडीसी के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजिटर बुक में स्वयं एनसीसी के लिए शुभकामना संदेश लिखा और सभी पदक विजेताओं को बधाई देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की तरह वे भी अपने स्कूल-कॉलेज के समय एनसीसी और एनएसएस के वर्दीधारी रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी एनसीसी के दौर में सीखे अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा पर गर्व करते हैं। एनसीसी के कैडेट्स जब जैसी आवश्यकता हो, भारतीय लोकतंत्र की भावना और विरासत को हर कालखंड में सशक्त करने से कभी पीछे नहीं हटते हैं। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड में मध्यप्रदेश से राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के 8 कैड्टेस शामिल हुए। प्रदेश में अभी 1 लाख 56 हजार एनएसएस कैडेट हैं, जिन्होंने 1200 से अधिक गांवों को गोद लिया है। राज्य सरकार ने एनएसएस कैडेट्स की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, जिससे प्रदेश के युवाओं में समानता, समाजसेवा और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भाव विकसित हो। अपर महानिदेशक एनसीसी, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय मेजर जनरल श्री जे.पी. सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में हमें एनसीसी की गतिविधियों एवं विस्तार को सुदृढ़ करने में राज्य सरकार के समस्त विभागों, विशेष रूप से उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग एवं राज्य वित्त विभाग से पूर्ण सहयोग मिल रहा है। मध्यप्रदेश के भोपाल, जबलपुर और सागर में एनससी के नए कैंप स्थापित करने के लिए भूमि का आवंटन हो चुका है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कभी कुल 77 हजार कैडेट्स हैं, आगामी वर्षों में इनकी संख्या 1 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मेजर जनरल श्री सिंह ने बताया कि 17 लाख कैडेट्स के साथ एनसीसी दुनिया में अपना अलग स्थान रखती है। गणतंत्र दिवस परेड-2026 के समारोह में एनसीसी के कुल 2200 कैडेट्स शामिल हुए। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय में कुल 1 लाख 5 हजार कैडेट्स हैं, इनमें से 136 कैडेट ने गणतंत्र दिवस शिविर में सहभागिता की। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय ने 2024 में छठा, 2025 में चौथा और इस वर्ष 2026 में तीसरा स्थान हासिल किया है। निदेशालय के 23 कैडेट्स ने कर्तव्य पथ पर परेड में मार्च पास्ट किया। एनसीसी निदेशालय, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में भोपाल, जबलपुर, सागर, इंदौर, ग्वालियर तथा रायपुर में स्थित कुल छह एनसीसी ग्रुप कार्यरत हैं। प्रत्येक ग्रुप में 10 से 15 बटालियन हैं। सभी बटालियन अपने-अपने ग्रुप का प्रतिनिधित्व करते हुए पूरे प्रशिक्षण वर्ष के दौरान विभिन्न गतिविधियों में प्रतिस्पर्धा करती हैं, जिनमें सेवा विषय, फायरिंग, वार्षिक प्रशिक्षण शिविर, सामाजिक सेवा गतिविधियाँ, साहसिक गतिविधियाँ तथा ग्रुप गीत प्रतियोगिताएँ शामिल हैं। उत्कृष्ट समग्र प्रदर्शन के आधार पर एनसीसी ग्रुप मुख्यालय जबलपुर ने प्रशिक्षण वर्ष 2025-26 के लिए चैंपियन ग्रुप के रूप में उभरकर सफलता प्राप्त की। कार्यक्रम के … Read more

उज्जैन का ईको टूरिज्म पार्क वन्य जीव केन्द्र का ही होगा हिस्सा

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है‍ कि मध्यप्रदेश में पर्यटन विशेषकर वन्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार पुरजोर कोशिश कर रही है। प्रदेश में उज्जैन और जबलपुर में वन्य जीव केन्द्र सह रेस्क्यू सेंटर निर्मित किए जा रहे हैं। दोनों ही शहरों में इन सेंटर्स के निर्माण के लिए कंसल्टेंट भी नियुक्त कर दिए गए हैं। बहुत जल्द प्रदेश में 2 नए वन्य जीव केन्द्र बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उज्जैन में वन्य जीव केन्द्र सह रेस्क्यू सेंटर के निर्माण के संबंध में नियुक्त कन्सल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों के साथ बैठक को संबोधित कर रहे थे।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में वन्य जीव केन्द्र के लिए निुयक्त कंसल्टेंट फर्म से कहा कि वे उज्जैन में वनतारा की तर्ज पर इस तरह का जंगल चिड़ियाघर सफारी (वाईल्ड लाईफ सेंटर कम इंडियन जू कम रेस्क्यू सेंटर) तैयार करें, जो यहां आने वाले विजिटर्स को पूरी दुनिया के अलग-अलग जंगलों का एक ही जगह पर फुल एक्सपीरियंस दे। उन्होंने कहा कि इस वाईल्ड लाईफ सेंटर को करीब 500 हैक्टेयर क्षेत्र में तैयार किया जाए। उज्जैन में 50 हैक्टेयर रकबे में पहले से तैयार ईको टूरिज्म पार्क भी इसी वन्य जीव केन्द्र में शामिल कर लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंसल्टेंट से कहा कि यह एक अनोखा वन्य जीव केन्द्र होना चाहिए, जिसमें वन और वन्य प्राणियों की विविधता दूसरे वन्य जीव केन्द्रों से भिन्न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 में इस वन्य जीव केन्द्र के फेज-1 का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाए और जितनी जल्दी हो सके, वन्य जीव केन्द्र तैयार हो जाए, जिससे उज्जैन को एक बेहतरीन फॉरेस्ट टूरिज्म स्पॉट (सफारी एक्सपीरियंस के साथ) के रूप में ख्याति मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के वन्य जीव केन्द्र में देशी और विदेशी सभी प्रजाति के वन्य प्राणी हों। यह केन्द्र इस तरह तैयार किया जाए कि इसमें दिन और रात दोनों वक्त विजिटर्स इसका आनंद ले सकें। बैठक में उज्जैन में इस केन्द्र की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति व्यक्त कर निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं और सेंटर के डिजाइन पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य जीव केन्द्र को टूरिज्म डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक भव्य केन्द्र के रूप में तैयार किया जाए। बैठक में वन्य जीव केन्द्र निर्माण के लिए नियुक्त की गई कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों ने पॉवर पाईंट प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि करीब 500 हैक्टेयर रकबे में विजिटर्स को देश-दुनिया के 11 जंगलों का अनुभव कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में सेंटर फॉरमेशन का पहला चरण प्रारंभ करेंगे। वर्ष 2027 के अंत तक पहला चरण पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वन्य जीव केन्द्र का निर्माण कुल 6 चरणों में किया जाएगा। वन्य जीव केन्द्र में दिखाई नहीं देने वाली बाड़ का खुला जंगल होगा, जिसमें विजिटर्स पैदल, बग्घी, सफारी और सेवा वाहन का उपयोग कर सेंटर का विजिट कर सकेंगे। उन्होंने बताया‍ कि इस केन्द्र में 300 से अधिक देशी-विदेशी प्रजाति के जंगली जानवर होंगे। देशी और विदेशी जानवरों का अनुपात क्रमश: 75 एवं 25 प्रतिशत होगा। केन्द्र में एक रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया‍ कि विश्व में पहली बार विजिटर्स को असली जंगल चिड़ियाघर सफारी का अनुभव उज्जैन के वन्य जीव केन्द्र में कराया जाएगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, पीसीसीएफ वाईल्ड लाईफ  शुभरंजन सेन, सीसीएफ  कृष्णमूर्ति सहित गुजरात के वनतारा जू से आए अधिकारी और कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। 

अंडर-19 विश्वकप फाइनल: भारत की बादशाहत बरकरार, छठा खिताब अपने नाम

हरारे . भारतीय अंडर-19 टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया और छठी बार विश्व कप का खिताब जीत लिया। भारत पूरे टूर्नामेंट के दौरान अजेय रहा और ग्रुप चरण से लेकर फाइनल मुकाबले तक कोई टीम आयुष म्हात्रे की अगुआई वाली टीम को हरा नहीं सकी। भारत के लिए वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और अभिज्ञान कुंडू ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड को 100 रन से रौंदा भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 100 रनों से हराया। भारत ने इंग्लैंड के सामने 412 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में इंग्लिश टीम 40.2 ओवर में 311 रन रन पर सिमट गई। टीम इंडिया के लिए वैभव सूर्यवंशी फाइनल के सुपरस्टार रहे। उन्होंने 80 गेंद में 175 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली। वहीं, इंग्लैंड की ओर से कैलब फाल्कनर ने शतक जड़ा, लेकिन टीम को नहीं जिता पाए। फाल्कनर ने 67 गेंद पर 115 रन की पारी खेली।  टूर्नामेंट में अजेय रही भारतीय टीम भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान अजेय रही। भारत ने पहले मैच में अमेरिका को छह विकेट से हराया। इसके बाद बांग्लादेश को 18 रन से मात देकर सुपर सिक्स चरण में प्रवेश किया। ग्रुप चरण के आखिरी मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को डीएलएस प्रणाली से सात विकेट से हराया। ग्रुप चरण में दमदार प्रदर्शन के बाद भारत ने सुपर सिक्स चरण में जिम्बाब्वे को 204 रनों के बड़े अंतर से हराया। फिर चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 58 रन से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और पाकिस्तान को बाहर का रास्ता दिखाया। भारत ने सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को सात विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई। अब इंग्लैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। सर्वाधिक बार खिताबी मुकाबले खेलने का है रिकॉर्ड  इसमें कोई शक नहीं है कि भारत का अंडर-19 विश्व कप में हमेशा ही दबदबा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि भारत अंडर-19 विश्व कप के 16 सत्र में से 10 बार खिताबी मुकाबले में पहुंच चुका है जो सर्वाधिक है। भारत ने लगातार छठी बार खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था। टीम ने 2016, 2018, 2020, 2022, 2024 और 2026 में खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। यह आंकड़ा ये बताने के लिए अपने आप में काफी है कि भारतीय टीम का अंडर-19 में कोई सानी नहीं है। यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया टीम भी भारत से काफी पीछे है। ऑस्ट्रेलिया ने छह बार अंडर-19 टीम के फाइनल में जगह बनाई है और चार बार खिताब जीता है। अंडर-19 विश्व कप का किया था सबसे बड़ा रन चेज भारत के नाम अंडर-19 विश्व कप में सबसे बड़ा रन चेज का रिकॉर्ड भी है। टीम ने यह उपलब्धि अफगानिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में हासिल की थी। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में चार विकेट पर 310 रन बनाए। जवाब में भारत के लिए आरोन जॉर्ज ने शतक लगाया, जबकि वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे ने अर्धशतक लगाए जिससे टीम ने 41.1 ओवर में तीन विकेट पर 311 रन बनाकर मैच अपने नाम किया था। भारत ने इस तरह अंडर-19 विश्व कप का सबसे बड़ा रन चेज बनाया था। इससे पहले ये रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम था जिन्होंने 2006 में आयरलैंड के खिलाफ 305 रनों का लक्ष्य हासिल किया था। भारत ने इस तरह 20 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था।    

दिल्ली में डबल डेकर बसों की वापसी, 37 साल बाद शुरू होंगे नए रूट और किराया

  नई दिल्ली राजधानी दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर इतिहास अंगड़ाई लेने जा रहा है. करीब तीन दशक पहले दिल्ली की पहचान रही दो-मंजिला यानी डबल डेकर बसें एक बार फिर अपनी रफ्तार भरने के लिए तैयार हैं. 1989 के बाद ओझल हुई ये बसें अब बिल्कुल नए रंग-रूप और आधुनिक सुविधाओं के साथ वापसी कर रही हैं. दिल्ली सरकार ने पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए इस प्रतिष्ठित बस सेवा को फिर से जीवित करने का फैसला किया है.  37 साल बाद पुरानी यादों के साथ नई शुरुआत दिल्ली के परिवहन इतिहास में डबल डेकर बसों का एक सुनहरा दौर रहा है. 1989 से पहले ये बसें दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के बेड़े का अहम हिस्सा हुआ करती थीं, लेकिन तकनीकी कारणों और पुराने बेड़े की वजह से इनका संचालन बंद कर दिया गया था. अब लगभग 37 साल बाद, ये प्रतिष्ठित बसें एक बार फिर दिल्ली की शान बढ़ाने आ रही हैं. इस नई शुरुआत के साथ पुरानी यादें तो ताजा होंगी ही, साथ ही दिल्ली दर्शन का अनुभव भी और रोमांचक हो जाएगा. फरवरी से शुरू होगी खास पर्यटन बस सेवा सैलानियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई यह बस सेवा फरवरी के तीसरे हफ्ते यानी करीब 20 फरवरी से सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है. यह बस सेवा न केवल पुराने ऐतिहासिक स्मारकों को कवर करेगी, बल्कि भारत मंडपम, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक और प्रधानमंत्री संग्रहालय जैसे नए टूरिस्ट स्पॉट्स को भी जोड़ेगी. इतना ही नहीं, जो लोग दिन की भीड़भाड़ से बचना चाहते हैं, उनके लिए शाम के समय भी स्पेशल टूर चलाने की योजना है ताकि लोग ढलती शाम में दिल्ली की खूबसूरती निहार सकें. इन बसों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पूरी तरह से इलेक्ट्रिक हैं. इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि यात्रियों को शोर-शराबे से मुक्त एक आरामदायक सफर भी मिलेगा. यही नहीं, बस के भीतर एक गाइड भी मौजूद रहेगा जो यात्रियों को लाल किला, कुतुब मीनार और जामा मस्जिद जैसी जगहों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देगा. बस में एक साथ 63 यात्री बैठकर सफर का आनंद ले सकेंगे. बच्चों के लिए किराए में विशेष छूट सफर के किराये को बेहद संतुलित रखा गया है ताकि हर कोई इस शाही सवारी का लुत्फ उठा सके. बड़ों के लिए इसका टिकट 500 रुपये तय किया गया है, इसके अलावा 6 से 12 साल तक के बच्चों के लिए 300 रुपये का किराया निर्धारित है. डबल डेकर बसों को प्रमुख पर्यटन स्थलों की आकर्षक तस्वीरों से सजाया गया है, जो इन्हें देखने में और भी भव्य बनाता है. यह सेवा उन पर्यटकों के लिए वरदान साबित होगी जो कम समय में दिल्ली के प्रमुख केंद्रों को सुविधा के साथ घूमना चाहते हैं.  

कांग्रेस ने तय किया, बंगाल में ममता के खिलाफ अकेले चुनाव लड़ेगी, लेकिन एजेंडा क्या रहेगा?

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव अप्रैल-मई में होने वाले हैं. लेकिन, अभी से ही संकेत मिलने लगे हैं कि बंगाल की लड़ाई भी लगभग दिल्ली और बिहार जैसी ही हो सकती है – बंगाल में भी कांग्रेस करीब करीब उसी भूमिका में नजर आ सकती है, जैसा कांग्रेस का रवैया दिल्ली और बिहार में देखा जा चुका है. पश्चिम बंगाल में चल रहे SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ अपनी मुहिम को धार देने के लिए ममता बनर्जी दिल्ली में हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिल चुकी हैं, और सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के सामने अपने केस की पैरवी भी कर चुकी हैं. साथ ही, ममता बनर्जी चाहती हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस संसद में महाभियोग का प्रस्ताव लाए, और तृणमूल कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल उसको सपोर्ट करें – लेकिन, सपोर्ट के बदले में वो कुछ भी शेयर नहीं करना चाहती हैं.  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो पहले से ही तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बंगाल चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर रखा है. अब तो कांग्रेस ने भी पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है – ऐसी सूरत में बंगाल के चुनाव नतीजे दिल्ली और बिहार से कितने अलग होंगे, देखना महत्वपूर्ण होगा. पश्चिम बंगाल की संभावित चुनावी जंग ये तो अब पूरी तरह साफ हो गया है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को चुनावी लड़ाई सिर्फ बीजेपी के खिलाफ नहीं लड़ना है. 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी बहुत ज्यादा सीटें तो नहीं जीत पाई थी, लेकिन मुख्य विपक्षी दल तो बन ही गई. कांग्रेस का तो खाता भी नहीं खुल पाया था.  मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग के मुद्दे पर विपक्ष का साथ चाह रहीं ममता बनर्जी से दिल्ली में जब कांग्रेस के बारे पूछा गया तो उनका जवाब था कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी. कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के चुनावी गठबंधन की संभावना को नकारते हुए ममता बनर्जी पहले भी कह चुकी हैं, तृणमूल कांग्रेस की रणनीति साफ है, जबकि बाकी पार्टियां टीएमसी के खिलाफ लड़ने की रणनीति बनाती हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर अब कांग्रेस का रुख भी सामने आ गया है. कांग्रेस का कहना है, प्रदेश संगठन और कार्यकर्ताओं की लंबे समय से मांग रही है कि पार्टी राज्य में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान के साथ चुनावी मैदान में उतरे. पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने आलाकमान के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल कांग्रेस की भावनाओं का सम्मान किया और अकेले चुनाव लड़ने के फैसले को मंजूरी दी. बंगाल कांग्रेस की तरफ से एक बयान में कहा गया है, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी, सांसद ईशा खान चौधरी सहित सूबे के सीनियर नेताओं की मौजूदगी में व्यापक विमर्श हुआ – और तय हुआ कि पार्टी 2026 का विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी. बीजेपी के खिलाफ ममता बनर्जी की लड़ाई में कांग्रेस की ही तरह एक और मोर्चा खड़ा हो रहा है. सीपीएम की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम ने हाल ही में टीएमसी से सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर से मुलाकात की थी. मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनवाने की घोषणा करके चर्चा में आए हुमायूं कबीर ने जनता उन्नयन पार्टी बनाई है, और ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल करने का दावा कर रहे हैं.  बंगाल चुनाव में कांग्रेस की भूमिका 2025 के शुरू में दिल्ली विधानसभा चुनाव और आखिर में बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही. पश्चिम बंगाल के 2021 के चुनाव में तो राहुल गांधी की भूमिका रस्मअदायगी जैसी थी. राहुल गांधी एक दिन के लिए पश्चिम बंगाल में कैंपेन करने गए थे, और कोविड के कारण आगे के कार्यक्रम रद्द कर दिए गए थे.  2025 के पश्चिम बंगाल चुनाव में कांग्रेस की भूमिका का अंदाजा कैसे लगाया जाए? क्या राहुल गांधी दिल्ली और बिहार की तरह बंगाल में भी कांग्रेस को चुनाव लड़ाने वाले हैं या 2021 की ही तरह रस्मअदायगी निभाने की तैयारी है?  दिल्ली में हुई कांग्रेस की मीटिंग में ममता बनर्जी के सबसे बड़े विरोधी अधीर रंजन चौधरी भी शामिल थे, जो 2024 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद से हाशिये पर भेजे जा चुके हैं. और, ये भी ममता बनर्जी के फेवर में ही जाता है. 2024 के चुनाव से पहले ही ममता बनर्जी ने घोषणा कर डाली थी कि वो अकेले चुनाव लड़ेंगी. पहले तो सुनने में आया था कि वो कांग्रेस को दो सीटें गठबंधन के तहत देने के तैयार भी थीं, लेकिन बाद में मना कर दिया. और, भारत जोड़ो न्याय यात्रा के साथ राहुल गांधी के पश्चिम बंगाल में प्रवेश की पूर्व संध्या पर ही ‘एकला चलो रे’ घोषणा कर दी थी. फिर कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से ममता बनर्जी के प्रति बयानों में सम्मान के भाव ही प्रकट किए जा रहे थे.  दिल्ली और बिहार चुनावों में राहुल गांधी के तेवर को देखें तो अंदाज बिल्कुल अलग था. दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल के खिलाफ राहुल गांधी उतने ही आक्रामक नजर आते थे, जितना बीजेपी के नेता. शीशमहल से लेकर दिल्ली शराब घोटाले तक, राहुल गांधी ने एक एक मामला गिनाकर अरविंद केजरीवाल को कठघरे में खड़ा कर दिया था.  ये भी था कि अरविंद केजरीवाल का भी कांग्रेस के प्रति ममता बनर्जी जैसा ही रवैया था. ममता बनर्जी ने तो विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक में रहते हुए भी अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया था. मतलब, कांग्रेस के खिलाफ. जैसे समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने चुनाव कैंपेन भी किया था.  बिहार चुनाव राहुल गांधी दिल्ली की तरह तो नहीं लड़ रहे थे, लेकिन कोई कमी भी नहीं छोड़ी थी. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ वोटर अधिकार यात्रा करते हुए उनको मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं बताया. तेजस्वी यादव के बड़े भाई और प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बता देने के बाद भी. बाद में जो हुआ, न होता तो भी नतीजे शायद ही अलग होते.  तृणमूल कांग्रेस के लिए बंगाल … Read more

जनजातीय संस्कृति को नई पहचान: बस्तर में ‘जनजातीय गौरव वाटिका’ की सौगात

रायपुर. उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप और विधायक  किरण सिंह देव ने किया लोकार्पण शहर की आपाधापी, धूल और शोर-शराबे से दूर, बस्तरवासियों को प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिताने के लिए शुक्रवार को एक भव्य और अनमोल ठिकाना मिल गया। बस्तर की समृद्ध जनजातीय विरासत, परंपरा और नैसर्गिक सौंदर्य को एक सूत्र में पिरोने के उद्देश्य से कुम्हड़ाकोट में निर्मित ‘जनजातीय गौरव वाटिका’ का लोकार्पण छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप और विधायक  किरण सिंह देव ने किया। लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई यह वाटिका अब जनता के लिए समर्पित कर दी गई है, जो न केवल पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभरी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक अनूठी मिसाल पेश कर रही है। शुक्रवार शाम आयोजित समारोह में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  किरण देव के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप और छत्तीसगढ़ बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष  निवास मद्दी, सीसीएफ  आलोक तिवारी, स्टायलो मंडावी, संचालक कांगेर वैली सहित अन्य प्रमुख स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। लोकार्पण के पश्चात उपमुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने वाटिका का अवलोकन किया। वन मंडलाधिकारी  उत्तम कुमार गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान अतिथियों को अवगत कराया कि करीब 25 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट को शुरुआत में एक हेल्थ पार्क के रूप में परिकल्पित किया गया था, जिसे बाद में एक भव्य वाटिका का रूप दिया गया। उपमुख्यमंत्री ने यहाँ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों के लिए बनाए गए 1700 मीटर लंबे वॉकिंग ट्रेल, योगा शेड, योगा ज़ोन और ओपन जिम जैसी आधुनिक सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने वॉकिंग ट्रेल के बीच-बीच में बनाए गए ‘गपशप ज़ोन’ और पारिवारिक आयोजनों के लिए निर्मित पाँच सुंदर पगोड़ा को भी देखा, जो अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। वाटिका भ्रमण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने यहाँ की ‘इको-फ्रेंडली’ नीति और ‘प्लास्टिक फ्री ज़ोन’ के नियम को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। वाटिका के बीच में निर्मित तालाब और आइलैंड ने सभी का मन मोह लिया। आगंतुकों की सुविधाओं के लिए प्रवेश द्वार पर भव्य पार्किंग और प्रसाधन की व्यवस्था भी सुचारू रूप से शुरू हो गई है। वन विभाग द्वारा भविष्य में यहाँ ट्री-हाउस बनाने और एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू करने की योजना की जानकारी भी दी गई। उपमुख्यमंत्री  शर्मा द्वारा किए गए इस लोकार्पण के साथ ही अब ‘जनजातीय गौरव वाटिका’ बस्तर के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थल के रूप में अंकित हो गई है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा तथा वन मंत्री  केदार कश्यप द्वारा विभिन्न स्व-सहायता समूहों और हितग्राहियों को कुल 1 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक की राशि के चेक वितरित किए। इस पहल के माध्यम से शासन ने वनांचल में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और वन आश्रित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने ‘वृत्त स्तरीय चक्रीय निधि’ के तहत महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1 करोड़ 20 लाख 13 हजार रुपये का ऋण वितरित किया। इसमें सबसे बड़ी राशि बकावण्ड के ‘मां धारणी करणी स्व-सहायता समूह’ को प्रदान की गई, जिन्हें काजू प्रसंस्करण और विपणन जैसे बड़े कार्यों के लिए 50 लाख रुपये का चेक सौंपा गया। इसी कड़ी में, आसना के ‘गोधन स्व-सहायता समूह’ को गाय पालन के लिए 34 लाख रुपये की राशि दी गई। इसके अतिरिक्त,  शर्मा ने घोटिया और भानपुरी के समूहों को इमली संग्रहण व प्रसंस्करण के लिए क्रमशः 13.13 लाख और 13 लाख रुपये तथा कोलेंग की समिति को दोना-पत्तल निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की राशि वितरित कर स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित किया।   कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को संबल भी प्रदान किया। उन्होंने ‘राजमोहनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना’ के तहत कुरंदी निवासी कमलोचन नाग को 2 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक सौंपा। यह सहायता राशि उनकी पत्नी स्वर्गीय भारती नाग के आकस्मिक निधन के पश्चात स्वीकृत की गई थी। उप मुख्यमंत्री द्वारा किया गया यह वितरण न केवल लाभार्थियों के लिए आर्थिक मदद है, बल्कि बस्तर के सुदूर वनांचलों में रोजगार और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। इस दौरान उपस्थित महिला समूहों के सदस्यों से इमली, काजू के प्रोसेसिंग की गतिविधियों का संज्ञान लेकर बाजार की उपलब्धता एवं मार्केटिंग की व्यवस्था के संबंध चर्चा किए ।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती: मनेंद्रगढ़ में पीएम राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम से मरीजों को लाभ

रायपुर. अब नहीं जाना पड़ता अन्य जिलों में, पांच हजार से अधिक मरीजों को मिला निःशुल्क उपचार का लाभ प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (जीवनधारा) के अंतर्गत एमसीबी जिले में किडनी रोगियों को निःशुल्क हेमोडायलिसिस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अब तक पांच हजार से अधिक मरीजों को लाभ मिल चुका है। यह सुविधा विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिन्हें पहले उपचार के लिए अन्य जिलों अथवा राज्य के बाहर जाना पड़ता था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि जिले में 01 अक्टूबर 2024 से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम प्रारंभ किया गया था, जिसका उद्घाटन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा किया गया था। बीते डेढ़ वर्ष में अब तक 5,210 से अधिक मरीजों का सफल डायलिसिस किया जा चुका है। इनमें नेगेटिव 3503, पॉजिटिव (सी) 1474 तथा पॉजिटिव (बी) 232 मरीज शामिल हैं। वर्तमान में मनेन्द्रगढ़ स्थित 220 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय में यह सुविधा पूर्णतः निःशुल्क प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि डायलिसिस उन मरीजों के लिए आवश्यक होती है जिनकी किडनी की कार्यक्षमता 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावित हो चुकी होती है। विशेष रूप से स्टेज-5 क्रोनिक किडनी रोग, अचानक किडनी फेल्योर, अनियंत्रित मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप जैसी जटिलताओं से पीड़ित मरीजों को इस उपचार की आवश्यकता पड़ती है।  डायलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से शरीर से अपशिष्ट पदार्थ एवं अतिरिक्त तरल को बाहर निकालकर मरीजों को राहत दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जब किडनी शरीर की आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हो जाए, शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होने लगें, अत्यधिक थकान, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ अथवा फेफड़ों में पानी भरने जैसी स्थिति उत्पन्न हो, तब डायलिसिस आवश्यक हो जाती है। यह प्रक्रिया मरीज की स्थिति के अनुसार अस्थायी या स्थायी दोनों प्रकार की हो सकती है। जिला अस्पताल में उपलब्ध इस निःशुल्क सुविधा से मरीजों का आर्थिक बोझ कम हुआ है तथा उन्हें समय पर उपचार मिल रहा है, जिससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।

राज्य स्तरीय पण्डूम 2026 को लेकर तैयारियां तेज, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया निरीक्षण

रायपुर. उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने लिया जायजा संभागीय मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले संभाग स्तरीय बस्तर पण्डूम 2026 कार्यक्रम की तैयारियों का उप मुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने आज निरीक्षण कर जायजा लिया। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कार्यक्रम स्थल का भ्रमण कर आयोजन की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों में प्रदर्शित बस्तर की पारंपरिक कला, संस्कृति एवं स्थानीय उत्पादों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि आयोजन भव्य, सुव्यवस्थित और जनसहभागिता से परिपूर्ण हो। निरीक्षण के दौरान स्कूली छात्रों द्वारा की जा रही सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों का अभ्यास देखकर उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बस्तर पण्डूम जैसे आयोजन बस्तर की लोकसंस्कृति, परंपरा और प्रतिभाओं को व्यापक पहचान दिलाने का सशक्त मंच हैं। इस अवसर पर कमिश्नर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी., कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ  प्रतीक जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अस्पताल में घूसखोरी का आरोप: नवजात देने के बदले ₹4 हजार की मांग, ₹1500 लेकर बच्चा सौंपा

बुधनी. शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद जहां आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद थी, वहीं अब यहां से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसूता के परिजनों से 4 हजार की मांग आरोप है कि सिविल अस्पताल में डिलीवरी के बाद प्रसूति दाइयों द्वारा प्रसूता के परिजनों से खुलेआम पैसों की मांग की गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात दाई ने नवजात शिशु को देने से पहले 4 हजार रुपये की मांग की। जब परिवार ने अपनी आर्थिक मजबूरी बताई और पूरी राशि देने में असमर्थता जताई, तो दाई ने कथित तौर पर बच्चा देने से इनकार कर दिया। 1500 रुपये की ‘वसूली’ के बाद मिला बच्चा बताया जा रहा है कि मजबूर गरीब परिवार ने जैसे-तैसे 1500 रुपये की व्यवस्था की, तब जाकर उन्हें उनका नवजात शिशु मिला। इस घटना से आक्रोशित परिवार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। जब इस पूरे मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी. बड़ोदिया से बात की गई, तो उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सरकारी योजनाओं की साख पर बट्टा यह घटना न केवल अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि किस तरह निम्न श्रेणी के कुछ कर्मचारी अपनी मनमानी से सरकारी योजनाओं की साख पर बट्टा लगा रहे हैं। सरकार जहां जननी सुरक्षा जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीब परिवारों को निःशुल्क प्रसव सुविधा देने का दावा करती है, वहीं इस तरह की वसूली गरीबों के लिए दोहरी मार साबित हो रही है।

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा में विद्यार्थियों के साथ सुने प्रधानमंत्री मोदी के परीक्षा मंत्र

लेसन प्लान विद्यार्थियों के साथ पूर्व से ही साझा करें प्रधानमंत्री  मोदी ने जबलपुर के छात्र आयुष के प्रश्न पर दिया जवाब स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा में विद्यार्थियों के साथ सुने प्रधानमंत्री  मोदी के परीक्षा मंत्र प्रदेश के विद्यालयों में हुआ परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण, शासकीय सुभाष स्कूल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में विद्याथिर्यों से संवाद कर परीक्षा से जुड़े तनाव और शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट विद्यालय, जबलपुर के छात्र  आयुष तिवारी ने प्रधानमंत्री  मोदी से प्रश्न किया कि कई बार वे शिक्षकों की पढ़ाने की गति से तालमेल नहीं बिठा पाते हैं, उसे कैसे मैच करें? इस पर प्रधानमंत्री  मोदी ने विद्यार्थियों को समझाते हुए शिक्षकों से भी आग्रह किया कि अपने अध्‍यापन की स्‍पीड विद्यार्थियों के सीखने की गति के अनुरूप रखें। लेसन प्‍लान विद्याथिर्यों के साथ पूर्व से ही साझा करें। विद्यार्थी वह चेप्‍टर पहले से पढें, अध्‍ययन करें जो शिक्षक भविष्‍य में कक्षा में पढाने वाले हैं। उन्‍होंने कहा कि शिक्षकों की गति से सामंजस्‍य बैठाने का सबसे अच्‍छा तरीका यह है कि पहले अपने को जोड़ो, फिर मन को जोड़ो। उसके बाद पढाई के विषय शुरू करो। प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि मन को जोड़ने का अर्थ है, विषय की तमाम जानकारियां जुटाना और जोड़ने का अर्थ है, एकाग्रता बनाए रखना। इससे आपकी समझ मजबूत होगी और आप एक कदम आगे चलेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी ने विद्यार्थियों के साथ आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में तनावमुक्त जीवन, समय प्रबंधन, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यवसायिक विकास के महत्वपूर्ण मंत्र दिए। इसके साथ ही उन्‍होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। 2018 से लगातार हो रहा आयोजन प्रधानमंत्री  मोदी वर्ष 2018 से परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष यह कार्यक्रम का 9 वां संस्करण था। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  मोदी ने देश भर से आये विद्यार्थियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर किया गया। जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता- शिक्षा मंत्री  सिंह परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में स्‍कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा कन्या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री  मोदी के परीक्षा मंत्र सुने। मंत्री  सिंह ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से प्रधानमंत्री के द्वारा दिए गए सूत्रों और विचारों को आत्‍मसात कर परीक्षाओं की तैयारी करने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुशासन को मजबूत करने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता। समय अनुशासन सिखाता है और अनुशासन के साथ जिया गया जीवन ही सफलता की सच्ची पहचान है। जब तक असंभव को करने का प्रयास नहीं किया जाएगा, तब तक असाधारण उपलब्धियां संभव नहीं हैं। शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय भोपाल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का भोपाल के शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम हुआ। यहां पर स्‍कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल ने विशिष्‍ट जनों, वरिष्‍ठ अधिकारी, अभिभावक और विद्यार्थियों के साथ सजीव प्रसारण में सहभागिता की। संचालक लोक शिक्षण  केके द्व‍िवेदी सहि‍त कार्यक्रम के नोडल अधिकारी संयुक्‍त संचालक  एच.एन. नेमा भी उपस्थित रहे। प्रदेश में राज्य शैक्षिक अनुसंधान, प्रशिक्षण परिषद (SCERTS), सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों (DIETS) और प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्‍त विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को समारोह पर्वूक आयोजित किया गया। उक्‍त कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में विद्यार्थियों ने उत्‍साहपूर्वक सहभागिता की। प्रदेश के स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा स्‍थापित की गई थी। 9 फरवरी को होगा अगला प्रसारण परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का अगला प्रसारण 9 फरवरी 2026 को होगा। जिसमें प्रधानमंत्री  मोदी देश के विभिन्‍न अंचलों के विद्यार्थियों के साथ चर्चा करेंगे। यह कार्यक्रम विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर सुबह 10 बजे से प्रसारित किया जायेगा। प्रदेश के विद्यालयों में उक्‍त कार्यक्रम के सजीव प्रसारण की व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।  

यूपी SIR से संबंधित दावे-आपत्तियों का समय एक महीने बढ़ा, 27 मार्च तक होगी नोटिस पर सुनवाई

लखनऊ यूपी एसआईआर को लेकर बड़ा अपडेट है। राज्य निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियों का समय एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब छह मार्च तक दावे और आपत्तियों की जा सकेंगी। वहीं नोटिस पर सुनवाई 27 मार्च तक की जाएगी। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिनवा ने बताया कि अब अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 अप्रैल को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बूथ पर बैठेंगे। कुल 8990 एईआरओ सुनवाई करेंगे। उन्होंने बताया, मतदाता सूची से 2.89 करोड़ लोगों के नाम काटे गए हैं। कुल 12.55 करोड़ मतदाताओं की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई है। अभी प्रतिदिन ढाई लाख से तीन लाख लोग मतदाता बनने को फॉर्म-6 भर रहे हैं। उन्होंने बताया, कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जानी है। अब तक 2.37 करोड़ लोगों को नोटिस जारी हुई है। जिसमें से 86.27 लाख को नोटिस दी जा चुकी है । 30.30 लाख वोटरों की सुनवाई हो चुकी है । 16.18 लाख लोगों ने 6 जनवरी तक फॉर्म 6 भरे थे मतदाता बनने को। 6 जनवरी से 4 फरवरी तक 37.80 लाख ने फॉर्म भरे हैं। 5 फरवरी को सर्वाधिक 3.51 लाख लोगों ने मतदाता बनने को फॉर्म 6 भरा है। बड़ी संख्या में महिला व युवा अभी भी वोटर बनने से बाकी हैं। ऐसे में यह लोग अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो इसका भी पूरा प्रयास किया जा रहा है। ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियां लोग ढंग से कर सकें इसके लिए उन्हें और समय दिया गया है। नोटिस पाने वाले सिर्फ 13 प्रतिशत मतदाताओं की सुनवाई यूपी की मतदाता सूची में शामिल ऐसे मतदाता जिनके नाम का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है, उन्हें नोटिस भेजा गया है। अभी तक 1.72 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है और अभी तक 23 लाख मतदाताओं की सुनवाई की जा सकी है। यानी नोटिस पाने वालों में 13 प्रतिशत मतदाताओं की ही सुनवाई हो सकी है। जिन्हें नोटिस जारी होगी उनमें 3.26 करोड़ लोग हैं। जिसमें पुरानी सूची से मिलान न हो पाने वाले और तार्किक विसंगति वाले वोटर हैं। ऐसे में अभी 1.53 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी होना बाकी है। यही कारण है कि मतदाता सूची में दावे-आपत्तियों व सुनवाई का समय बढ़ाया गया है।

मितानिनों के स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन में मंत्री राजेश अग्रवाल की सहभागिता, रामगढ़ में आयोजन

रायपुर रामगढ़ में मितानिनों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन में शामिल हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल सरगुजा जिले में उदयपुर ब्लॉक के रामगढ़ में मितानिनों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने मितानिनों को सम्मानित करते हुए कहा कि मितानिन बहनें ग्रामीण एवं शहरी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे सशक्त और भरोसेमंद कड़ी हैं। शासन की स्वास्थ्य एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचा रही मितानिन बहनें ग्रामीण स्वास्थ्य की धुरी हैं। सरकार आपके हर प्रयास के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। सम्मेलन में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। उदयपुर विकासखंड की 59 ग्राम पंचायतों से 389 मितानिन, 20 मितानिन ट्रेनर, दो ब्लॉक को-आर्डिनेटर और पांच विकासखंड समन्वयक शामिल हुए। कार्यक्रम का लक्ष्य पंचायत स्तरीय स्वास्थ्य समस्याओं को उजागर कर संबंधित विभागों तक पहुंचाना था। मितानिनों ने अधिकारियों को क्षेत्रीय चुनौतियों से अवगत कराया, पंचायत प्रतिनिधियों को स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ा तथा ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता व पोषण समिति को सक्रिय बनाने पर बल दिया। जिला समन्वयक अर्चना कुशवाहा ने बताया कि मितानिनें मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण व स्वच्छता के माध्यम से समुदाय सशक्त कर रही हैं। विकासखंड समन्वयक गायत्री वास्तव व मानकुंवर प्रजापति ने उनकी भूमिका को स्वास्थ्य तंत्र की मजबूत कड़ी बताया। इस वर्ष 85 स्वास्थ्य विभाग, 26 महिला-बाल विकास, 12 पीएचई, 12 खाद्य, 25 जनपद स्तर, 8 पुलिस, 5 विद्युत, 5 शिक्षा, 5 सेंट्रल बैंक व 7 विधायक स्तर के आवेदन प्राप्त हुए। मंत्री  राजेश अग्रवाल ने सभी पर तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिलाया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों की उपस्थिति ने आयोजन को और प्रभावी बनाया।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों को दी बधाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। जशपुर स्थित सरना एथनिक रिसॉर्ट को रिसॉर्ट एवं परिसर में स्वच्छता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के मानकों पर पूर्णतः उपयुक्त पाए जाने पर वर्ष 2025-26 हेतु प्रतिष्ठित ग्रीन लीफ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस पुरस्कार को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य को प्रदान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की अथक मेहनत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।  ग्रीन लीफ अवॉर्ड पर्यटन क्षेत्र में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने वाला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है। यह भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग का हिस्सा है। यह अवॉर्ड होटलों, रिसॉर्ट्स, होमस्टे और अन्य पर्यटन इकाइयों को प्रदान किया जाता है जो उच्च स्वच्छता मानकों, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा निर्देशों का पालन करते हैं।  छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने हाल के वर्षों में पर्यटन विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है। बोर्ड ने इको-फ्रेंडली रिसॉर्ट्स, होमस्टे और ट्रेकिंग रूट्स विकसित कर पर्यटन राजस्व में वृद्धि दर्ज की। जशपुर के सरना एथनिक रिसॉर्ट को मिला यह सम्मान बोर्ड की स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदाय सशक्तिकरण की नीतियों का जीवंत प्रमाण है। इससे राज्य में पर्यटन को नई गति मिलेगी।

स्वीकृत विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

रायपुर. स्वीकृत विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक जिला मुख्यालय दुर्ग स्थित लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख विकास कार्यों, प्राधिकरण मद से निर्माणाधीन कार्यों के अनुमोदन, प्रावधानित बजट तथा नवीन स्वीकृत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान हेतु संचालित योजनाओं की प्रगति का आकलन करना तथा भावी विकास रणनीतियों का निर्धारण करना था, ताकि विकास का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुँच सके। मुख्यमंत्री  साय ने प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का समय पर एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ सीधे आमजन तक पहुँचना चाहिए और इसके लिए सभी स्तरों पर सतत निगरानी आवश्यक है। मुख्यमंत्री  साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के अंतर्गत स्वीकृत सभी विकास कार्यों, सेवाओं एवं कार्यक्रमों का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के हित को प्राथमिकता में रखते हुए सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को अविलंब पूर्ण किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 से लेकर वित्तीय वर्ष 2024-25 तक स्वीकृत निर्माण एवं विकास कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगति की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐसे विकास कार्य जो अब तक अप्रारंभ हैं अथवा प्रगतिरत हैं, उन्हें चिन्हित करते हुए दो माह की समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलेक्टरों से प्रत्यक्ष संवाद कर कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत क्षेत्रीय नेतृत्व से परामर्श लेकर अल्पकालिक योजनाओं का निर्माण, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तथा जन अपेक्षाओं के अनुरूप छोटे-छोटे निर्माण कार्यों की त्वरित स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। प्राधिकरण के अंतर्गत राज्य के 35 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं के विकास, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन, शैक्षणिक सुविधाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही शिक्षा एवं छात्रावासों के विकास पर प्रमुख रूप से जोर दिया गया है और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, अनुसूचित जाति विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  ललित चंद्राकर सहित अन्य विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  बसवराजू एस, शासन के विभिन्न विभागों के सचिव, आईजी, कमिश्नर, कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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