LATEST NEWS

सरकार ने सागर रेंज के आईजी को दो दिन में ही बदल दिया, आठ IPS अफसरों के तबादले

  भोपाल  मध्य प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की गई है। राज्य सरकार ने आठ IPS अफसरों के तबादले किए हैं। इसमें राजगढ़ और बालाघाट के पुलिस अधीक्षक (SP) भी शामिल है। साथ ही सागर रेंज के आईजी का भी तबादला कर दिया गया है। जबकि उन्हें दो दिन पहले ही यह जिम्मेदारी दी गई थी। बुधवार को गृह विभाग ने 8 अफसरों के तबादले के आदेश जारी किए। प्रतिनियुक्ति से लौटे अमित तोलानी को राजगढ़ का नया एसपी बनाया गया है। वे 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल सेनानी जावरा रतलाम में पदस्थ थे। वहीं, राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा को बालाघाट एसपी पदस्थ किया है। बालाघाट एसपी नागेंद्र सिंह को सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल भोपाल पदस्थ किया है। राज्य सरकार ने सागर रेंज के आईजी को दो दिन में ही बदल दिया है। बुधवार रात जारी आदेश में आईजी महिला सुरक्षा हिमानी खन्ना को आईजी सागर बनाया है। उन्हें डायरेक्टर जेएनपीए का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इससे पहले 1 जून को जारी आदेश में चंद्रशेखर सोलंकी को इंदौर रेंज के एसएएफ आईजी के पद से आईजी सागर के पद पर पदस्थ किया था। बुधवार देर रात जारी आदेश में यह तबादला निरस्त कर दिया गया है। सुनील कुमार पांडे को डीआईजी सागर बनाया डीआईजी प्रबंध पुलिस मुख्यालय सुनील कुमार पांडे को डीआईजी सागर बनाया है। डी कल्याण चक्रवर्ती को डीआईजी एसएएफ मुख्यालय पुलिस मुख्यालय से डीआईजी छिंदवाड़ा रेंज में पदस्थ किया है। बालाघाट एसपी नागेंद्र सिंह को सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल भोपाल पदस्थ किया है। अमित तोलानी बने राजगढ़ एसपी 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल सेनानी जावरा रतलाम में पदस्थ आईपीएस अमित तोलानी को पुलिस अधीक्षक राजगढ़ और राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा को बालाघाट एसपी पदस्थ किया है। इसके साथ ही सोनाली दुबे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर को एआईजी पीएचक्यू पदस्थ किया है।  

मंत्री विजय शाह केस में SIT का गठन, टीम में इकलौती महिला IPS अधिकारी वाहिनी सिंह को शामिल किया

भोपाल  मध्य प्रदेश डीजीपी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मंत्री विजय शाह मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी एसआईटी में इकलौती महिला IPS अधिकारी वाहिनी सिंह को शामिल किया गया है। वाहिनी सिंह की गिनती मध्य प्रदेश में तेजतर्रार अधिकारी के रूप में होती है। अभी वह डिंडोरी जिले में एसपी हैं। कौन हैं आईपीएस अफसर वाहिनी सिंह वाहिनी सिंह 2014 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। 2013 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की थी। पहले ही अटेम्पट में वाहिनी सिंह को 173वीं रैंक आई थी। एक इंटरव्यू के दौरान वाहिनी सिंह ने कहा था कि इसकी उम्मीद मुझे नहीं थी। वाहिनी ने ग्रेजुएशन बॉयोटेक में किया है। इसके बाद फायनेंस में एमबीए किया है। उनका जन्म 19 मार्च 1988 में हुआ था। बचपन में बनना चाहता था डॉक्टर आईपीएस वाहिनी सिंह ने कहा था कि ऐसा नहीं था कि मैं शुरू से ही आईएएस या आईपीएस बनना चाहती थी। बचपन में मैं डॉक्टर बनना चाहती थी, फिर पायलट बनने की भी चाहत हुई। साथ ही लगता था कि मैं अच्छे से पढ़ाई कर विदेश में जाकर नौकरी करूं। मेरे पिता राजस्थान स्टेट सर्विस के अधिकारी हैं। उनका सम्मान मैंने लोगों में देखा है। इसके बाद मेरे मन में यह जरूर था कि मैं एक दिन परीक्षा दूंगी। पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद ही मैंने यूपीएससी देने का मन बनाया। इसके बाद दिल्ली जाकर तैयारी शुरू कर दी। चयन के बाद मिला पंजाब कैडर वहीं, आईपीएस बनने के बाद वाहिनी सिंह को पंजाब कैडर मिला था। उन्होंने कुछ दिनों तक पंजाब में काम भी किया। दिसंबर 2015 में शादी के नाम पर वाहिनी सिंह का कैडर ट्रांसफर हो गया। इसके बाद वह एमपी कैडर की आईपीएस अधिकारी बन गईं। वाहिनी सिंह ने कुछ साल पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि यह जॉब नाइन टू फाइव की नहीं है। हमेशा चुनौती भरा काम रहता है। पति भी हैं आईपीएस अफसर डिंडोरी एसपी वाहिनी सिंह की शादी मध्य प्रदेश में हुई है। उनके पति आईपीएस नागेंद्र सिंह हैं। नागेंद्र सिंह 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। अभी वह बालाघाट के एसपी हैं। डिंडोरी और बालाघाट आसपास ही हैं। पति के कारण पड़ चुकी है डांट वहीं, आईपीएस वाहिनी सिंह को कुछ साल पहले तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान से पति के कारण डांट पड़ चुकी है। तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान सभी कलेक्टर्स और एसपी की मीटिंग ले रहे थे। उस समय वाहिनी सिंह निवाड़ी की एसपी थीं और उनके पति नागेंद्र सिंह भिंड एसपी थे। तब शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि आपके लाइफ पार्टनर आपके सरकारी काम में इंटरफियर करते हैं। नागेंद्र सिंह पर रेत माफिया से सांठगांठ के आरोप लगे थे। हालांकि फटकार की बात पर वाहिनी सिंह ने चुप्पी साथ ली थी। वाहिनी सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मुझे हसबैंड से बहुत सपोर्ट मिलता है। डिंडोरी में एसपी रहते हुए उन्होंने एक अलग मिसाल पेश की है। वाहिनी सिंह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जागरूक भी करती हैं। साथ ही उन्हें मोटिवेट करती हैं। 8 दिन में सौंपना होगी जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को 28 मई तक जांच करने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने शाह को गिरफ्तारी से राहत देते हुए जांच में सहयोग करने के लिए भी कहा है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को फटकार लगाई है. कोर्ट ने सरकार और पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि एफआईआर के बाद आपने क्या किया? जांच कहां पहुंची? पीठ ने कहा कि राज्य सरकार को कुछ और ठोस कदम उठाने चाहिए थे. इस बयान से बढ़ीं विजय शाह की मुश्किलें मंत्री विजय शाह की मुश्किलें 11 मई को उनके द्वारा दिए गए बयान से बढ़ी हैं. उन्होंने महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मंच से बयान दिया था. उन्होंने नाम लिए बिना कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बता दिया था. उन्होंने कहा था कि, उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी तैसी करने उनके घर भेजा.” हाई कोर्ट ने लिया था संज्ञान मंत्री का वीडियो वायरल हुआ तो जबलपुर हाईकोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया. हाईकोर्ट ने 14 मई को 4 घंटे में मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए. हालांकि मामले में FIR तो दर्ज हुई, लेकिन हाईकोर्ट ने FIR को खाना पूर्ति बताया था. हाईकोर्ट ने कहा था कि अब इस मामले में कोर्ट ही पुलिस जांच की निगरानी करेगी. हाईकोर्ट ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी कैविएट दायर की है. यानी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के मामले को भी सुना जाएगा. विजय शाह मामले में कब क्या हुआ     11 मई को मंत्री विजय शाह, महू के रायकुंडा गांव पहुंचे और यहां एक कार्यक्रम में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान दिया. बयान में मंत्री ने कर्नल सोफिया को अतंकियों की बहन बता दिया.     13 मई को मंत्री का विवादित बयान वाला वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमाता देख मंत्री विजय शाह ने बयान को लेकर माफी मांगी.     13 मई को वायरल वीडियो बीजेपी नेताओं तक पहुंचा. इसको लेकर पार्टी संगठन ने मंत्री विजय शाह को कड़ी फटकार लगाई. शाम 7 बजे मंत्री विजय शाह बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मिलने उनके बंगले पर पहुंचे.     14 मई को कांग्रेस नेताओं ने इसको लेकर विरोध जताया. कांग्रेस ने बीजेपी से मंत्री पर मामला दर्ज कराने और बर्खास्त करने की मांग की.     14 मई को मंत्री विजय शाह के विवादित बयान को लेकर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 4 घंटे में FIR दर्ज करने के आदेश दिए.     14 मई की रात करीबन सवा 11 बजे इंदौर के मानपुर थाने में विजय शाह के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया.     15 मई को मंत्री की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई. सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें फटकार मिली. उधर जबलपुर हाईकोर्ट ने दर्ज की गई एफआईआर पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे कमजोर और असंतोषजनक बताया. कोर्ट ने अपने आदेश को … Read more

UPSC ने DGP के चयन के लिए तीन IPS के नामों का किया चयन, अरुण देव सहित तीनों के नाम शामिल…

रायपुर छत्तीसगढ़ में अब जल्द ही पूर्णकालिक डीजीपी (Director General of Police) की नियुक्ति होने वाली है। इसको लेकर आज यूपीएससी (UPSC) की सलेक्शन कमेटी की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने भाग लिया।छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी के लिए UPSC से 3 अधिकारियों के नाम काे क्लीयरेंस मिल गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ के स्थायी डीजीपी बनने की रेस में IPS अरुण देव गौतम के अलावा, IPS पवन देव और IPS जीपी सिंह का नाम शामिल है। वर्तमान में DGP की जिम्मेदारी IPS अरुण देव गौतम के पास है। सरकार ने गौतम को डीजीपी पद की अस्थायी जिम्मेदारी दी है। बताया जा रहा है कि IPS अरुण देव गौतम के लिए प्रदेश के नेताओं की लॉबी लगी हुई है। वहीं IPS पवन देव के लिए बिहार के राजनेता लॉबी कर रहे हैं। इसी तरह से IPS जीपी सिंह के लिए प्रदेश के राजनेताओं के अलावा दिल्ली के राजनेता और अफसर लॉबी कर रहे हैं। इन तीनों में से कोई एक छत्तीसगढ़ पुलिस का स्थायी मुखिया होगा। हालांकि सूत्रों का कहना है कि अरुण देव का नाम सबसे टॉप पर है। UPSC से छत्तीसगढ़ वापस आ गई फाइल गृह विभाग के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, यूपीएससी से सीएम सचिवालय फाइल और लेटर आ चुका है। राज्य सरकार के जिम्मेदारों ने यूपीएससी से आए पत्र पर अंतिम निर्णय लेने की कवायद शुरू कर दी है।जून माह तक नए डीजीपी का नाम सार्वजनिक किया जाएगा। 4 फरवरी को IPS गौतम को मिली थी डीजीपी की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने 4 फरवरी को आईपीएस अरुण देव गौतम को डीजीपी की अस्थायी जिम्मेदारी दी थी। इस संबंध में गृह विभाग के विशेष सचिव ने निर्देश जारी किया था। जिस समय आईपीएस गौतम को डीजीपी बनाया गया था, उस समय उनके पास नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा नवा रायपुर के महानिदेशक, लोक अभियोजन नवा रायपुर के संचालक की भी जिम्मेदारी थी। स्थायी DGP की रेस में शामिल IPS वर्तमान में यहां हैं पदस्थ     IPS अरुण देव गौतम: अस्थायी डीजीपी, नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा नवा रायपुर के महानिदेशक, लोक अभियोजन नवा रायपुर के संचालक     IPS पवन देव: चेयरमेन पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन     IPS जीपी सिंह: डीजी पीएचक्यू पहले मुख्यमंत्री सीधे करते थे डीजीपी की नियुक्ति छत्तीसगढ़ में पहले मुख्यमंत्री खुद ही डीजीपी की नियुक्ति करते थे। इस प्रक्रिया को लेकर कोई निर्धारित नियम नहीं था। 2011 में एएन उपध्याय की नियुक्ति के बाद तक यूपीएससी को नाम भेजने का नियम लागू नहीं हुआ था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा गाइडलाइन जारी की गई, जिसमें कहा गया था कि डीजीपी की नियुक्ति कम से कम दो साल के लिए की जानी चाहिए। साथ ही अगर नियुक्ति के बाद छह महीने से कम समय में रिटायरमेंट का समय बचा हो, तो भी उन्हें दो साल का कार्यकाल पूरा करना होगा। छत्तीसगढ़ में इस गाइडलाइन का पालन करते हुए, अशोक जुनेजा को इसका लाभ मिला था। अब इस नियम के तहत छत्तीसगढ़ को जल्द ही अपना नया और पूर्णकालिक डीजीपी मिलेगा, जो राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूती से संभालेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय को तीन नामों का पैनल: यूपीएससी सलेक्शन कमेटी केंद्रीय गृह मंत्रालय को तीन नामों का पैनल तैयार कर भेजेगा। वहां से छत्तीसगढ़ सरकार को फिर पेनल आएगा। जिस पर मुख्यमंत्री को अधिकार होगा कि वह इन तीन नामों के पेनल में से किसी एक नाम पर वे टिक लाएंगे, हालांकि, पहले डीजीपी की नियुक्ति मुख्यमंत्री सीधे करते थे। और एएन उपध्याय की नियुक्ति होने तक यूपीएससी को नाम भेजने का कोई नियम नहीं बना था। मुख्यमंत्री उस समय सीधे डीजीपी अपाइंट करते थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट इसके बाद गाइडलाइन आ गया, जिसके अब कम-से-कम दो साल के लिए डीजीपी की नियुक्ति होगी। अशोक जुनेजा को इसका लाभ : इसके साथ ही अगर उनकी नियुक्ति के बाद रिटायरमेंट में छह महीने भी टाईम बचा हो तो भी उन्हें दो साल का नियुक्ति के बाद अवसर दिया जाएगा। इसका लाभ छत्तीसगढ़ में अशोक जुनेजा को मिला है।छह महीने से छत्तीसगढ़ के डीजीपी के लिए मामला यूपीएससी में लटका था। वहीं इससे पहले डीपीसी हुई भी मगर जीपी सिंह की इंट्री के बाद एक बार फिर से कई तरह की जानकारियां राज्य सरकार से  यूपीएससी ने मंगवाई थी। ज्ञात हो कि डीजीपी सलेक्शन के लिए  सरकार ने दिसंबर 2024 में प्रस्ताव भेज दिया था। लेकिन अब यह समझा जाता है कि भारत सरकार को यूपीएससी जल्द अब पेनल बनाकर भेज सकती है।

मध्य प्रदेश को मिले 13 नए IPS अधिकारी, 5 को मिला होम कैडर, देखें पूरी लिस्ट

भोपाल देश की कानून व्यवस्था में सबसे अहम माने जाने वाली इंडियन पुलिस सर्विस से मध्य प्रदेश को बड़ा तोहफा मिला है. भारतीय पुलिस सेवा के 2024 बैच से 13 अधिकारी मध्य प्रदेश से हैं, जिनमें से 5 को मध्य प्रदेश यानी होम कैडर ही दिया गया है. पूरे देश में 2024 बैच के कुल के 200 आईपीएस अधिकारियों को कैडर अलॉट किए गए हैं. मध्‍य प्रदेश के 13 तो वहीं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के 5 नए आईपीएस अफसरों को कैडर अलॉट हुए हैं. मध्य प्रदेश के 13 IPS अधिकारी, 5 को मिला होम कैडर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार 11 अप्रैल को कैडर अलॉटमेंट का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस नोटिफिकेशन के मुताबिक आईपीएस रितु यादव, माधव अग्रवाल, काजल सिंह, अर्णव भंडारी और माही शर्मा को होम कैडर मध्य प्रदेश मिला है. वहीं, मध्य प्रदेश से चयनित अन्य आईपीएस अधिकारी अमित कुमार को बिहार, मनोज कुमार को दिल्ली, लेखराज मीणा को राजस्थान, राजीव अग्रवाल को उत्तर प्रदेश, दीपांशु को हरियाणा, समीक्षा सरवरी को हरियाणा, अंशुल चौधरी को दिल्ली और माधव गुप्ता को राजस्थान कैडर अलॉट हुआ है. गौरतलब है कि यह कैडर अलॉटमेंट राज्यों की विभिन्न तरह की जरूरतों, स्थितियों और आईपीएस अधिकारियों के होम कैडर आदि को देखकर किया गया है. वहीं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ को अनुषा पिल्लै, यश केवट, प्रतीक बंसोड़, आदित्य कुमार और पूर्वा अग्रवाल नए आईपीएस के रूप में मिले हैं.

एलजी वीके सक्सेना ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में तैनात 28 IPS अफसरों का ट्रांसफर

नई दिल्ली दिल्ली में बजट खत्म होने के बाद बड़ा प्राशसनिक फेरबदल हुआ है। एलजी वीके सक्सेना ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में तैनात 28 आईपीएस/डैनिप्स अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिशों के बाद एक पत्र जारी कर ट्रांसफर का आदेश लागू कर दिया गया। ट्रांसफर के आदेश में लिखा है कि दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल,पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में वर्तमान में तैनात निम्नलिखित आईपीएस/डैनिप्स अधिकारियों के स्थानांतरण/पदस्थापन का आदेश देते हैं,जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

नौकरशाही में सुलेमान पर चर्चा : क्या वीआरएस या ‘वी फोर्स्ड रिटायरमेंट’?

Debate on Suleman in bureaucracy: Is it VRS or ‘We are Forced Retirement’? भोपाल। मध्यप्रदेश की नौकरशाही में इन दिनों सुगबुगाहट तेज है। आईएएस मोहम्मद सुलेमान ने अपने सेवा जीवन के आखिरी मोड़ पर ऐसा मोड़ लिया कि सरकारी गलियारों में कानाफूसी शुरू हो गई। सुलेमान, जिन्हें नौकरशाही के ‘चाणक्य’ का दर्जा प्राप्त था, ने अपनी सेवानिवृत्ति से महज पांच माह पहले ही वीआरएस ले लिया। अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि एक ‘पावरफुल’ अधिकारी को समय से पहले ही ‘विश्राम’ लेना पड़ा?कहने को तो इसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कहा जा रहा है, लेकिन सरकार के गलियारों में इसे ‘स्वैच्छिक से अधिक विवश सेवानिवृत्ति’ कहा जा रहा है। शिवराज सरकार में सुलेमान का दबदबा ऐसा था कि विभागों के सचिव भी उनके आगे ब्रीफकेस उठाने को तैयार रहते थे। 15 साल तक सत्ता के गलियारों में उनकी गूंज थी, लेकिन जैसे ही सत्ता बदली, उनकी गूंज कम और उनके ट्रांसफर ज्यादा होने लगे। पहले उन्हें अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य से हटाकर कृषि विभाग भेजा गया, फिर कर्मचारी चयन मंडल की कुर्सी थमा दी गई। यह संकेत काफी था कि ‘अब आपको अपना भविष्य खुद देखना होगा’। मुख्य सचिव की कुर्सी से दूरी बनी ‘दूरी’ का कारण? मोहम्मद सुलेमान की नजर प्रदेश के मुख्य सचिव की कुर्सी पर थी, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही तय कर रखा था। उनके बैचमेट अनुराग जैन को मुख्य सचिव बना दिया गया और सुलेमान को किनारे कर दिया गया। बस, यहीं से शुरू हुआ सुलेमान का ‘प्लान बी’। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव की रेस में पिछड़ने के बाद उन्होंने ही सोचा कि अब सरकारी सेवा में समय बर्बाद करने से अच्छा है कि कुछ नया किया जाए। अब नौकरशाही से ‘फ्री’, लेकिन जिंदगी में ‘बिजी’! सुलेमान ने वीआरएस के बाद की योजना भी बना रखी है। वे दिल्ली स्थित ‘द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट’ से पीएचडी करने जा रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि इतने वर्षों तक सरकारी फाइलों में मग्न रहने के बाद अचानक ‘अकादमिक’ दुनिया में जाने का ख्याल क्यों आया? दरअसल, यह भी ‘ट्रांजिशन प्लान’ का हिस्सा हो सकता है। जैसे ही सरकारी कूलिंग-ऑफ पीरियड खत्म होगा, सुलेमान किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी में मोटे पैकेज पर नज़र आ सकते हैं। ‘पावर’ में थे, पर ‘पावर’ चला गया! शिवराज सरकार में सुलेमान की पावर का आलम यह था कि बड़े-बड़े मंत्री भी उनकी ‘कृपा’ के लिए लाइन लगाए खड़े रहते थे। लेकिन सत्ता परिवर्तन होते ही उनकी यह ‘कृपा’ कम होने लगी। मोहन यादव सरकार के आते ही उनका मंत्रालय से बाहर होना यह साफ संकेत था कि अब वे ‘विशेषाधिकारी’ नहीं, बल्कि ‘सामान्य अधिकारी’ रह गए हैं। शायद यही बात उन्हें सबसे ज्यादा चुभ गई और उन्होंने फाइलों के ढेर से निकलकर ‘स्वतंत्रता’ का रास्ता चुना। वीआरएस: एक ट्रेंड या मजबूरी? मध्यप्रदेश की नौकरशाही में यह पहला मामला नहीं है, जब किसी वरिष्ठ अधिकारी ने समय से पहले वीआरएस लिया हो। पहले भी कई बड़े अधिकारी जब ‘दरबार’ से दूर कर दिए गए, तो उन्होंने समय से पहले ही ‘दरवाजे’ से बाहर निकलना बेहतर समझा। मोहम्मद सुलेमान का मामला भी कुछ ऐसा ही है।अब देखना यह होगा कि सुलेमान की यह ‘नई पारी’ कितनी लंबी चलती है और वे किस बहुराष्ट्रीय कंपनी में अपनी सेवाएं देते हैं। फिलहाल, नौकरशाही में यह चर्चा जोरों पर है कि ‘जो कल तक सरकार के ‘रणनीतिकार’ थे, आज वे नई रणनीति बनाने में जुट गए हैं!’

IPS अधिकारियों को भाया ज्योतिष का शौक, भविष्य को जानने की इच्छा ही मनुष्य को कर्म की ओर प्रेरित करती है: ऋषि कुमार शुक्ला

भोपाल मध्य प्रदेश के कई पुलिस अधिकारियों में इन दिनों ज्योतिष के अध्ययन का शौक लगा है। सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला हों या डीजी पुलिस रहे एसएस लाल। डायरेक्टर स्पोर्ट्स के पद से सेवानिवृत्त हुए आईपीएस अधिकारी शैलेंद्र श्रीवास्तव को भी ज्योतिष खूब पसंद है। सितंबर में एडीजी (अजाक) के पद से सेवानिवृत्त हुए राजेश गुप्ता का भी बचपन से ज्योतिष का शौक पुलिस सेवा में आने के बाद भी कम होने की जगह बढ़ता ही गया। ऋषि कुमार शुक्ला तो ज्योतिष में शोध को बढ़ाने में लगे हैं। उनका कहना है, ज्योतिष भविष्य बताने के नाम पर डराने और उपाय बताने का विषय नहीं है। एसएस लाल ने ज्योतिष पर पुस्तकें भी लिखी हैं। कई आईएएस अधिकारियों को भी इसी तरह का शौक रहा है। इनमें डीएस माथुर, जेएस माथुर का नाम शामिल हैं। ऋषि कुमार शुक्ला बोले- ज्योतिष में कई भ्रांतियां फैली ऋषि कुमार शुक्ला बताते हैं, ‘काल को समझने का प्रयास, तो समस्त मानवीय तलाशों में सबसे ऊपर रहा है। भविष्य को जानने की इच्छा ही मनुष्य को कर्म की ओर प्रेरित करती है। भविष्य को कैसे सुधारा जाए, इसमें पूरा विज्ञान लगा है।’ उनके मुताबिक, ‘ज्योतिष में आज कई भ्रांतियां फैली हैं। किसे क्या समस्या हो सकती है, उसके उपाय क्या होंगे? यह सब ज्योतिष में चल रहा है। इन भ्रांतियों को कैसे दूर करें। कैसे शोध कर सही दिशा में पहुंचें।’ ‘ज्योतिष की सही विवेचना हो। यही प्रयास हमारा है। इसके लिए हमने एक संस्था भी बनाई है। मेरे परिवार में पीढ़ियों से ज्योतिष और आयुर्वेद को माना जाता रहा है। मेरी भी रुचि शुरू से ही रही। लगभग 25 वर्ष पहले खोजबीन की तो जिज्ञासा और बढ़ गई।’ ज्योतिष के प्रति जिज्ञासा के साथ बढ़ी सीखने की ललक ज्योतिष में रुचि को लेकर सेवानिवृत्त डीजीपी एसएस लाल बताते हैं, ‘कुछ जिज्ञासा होती है बचपन से। कोई संगति मिल जाती है तो उसमें आगे बढ़ जाते हैं। आईआईटी कानपुर में जब इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था, तो वह कुछ विद्यार्थी हाथ देखकर भविष्य बताते थे। हमें भी जिज्ञासा हुई।’ ‘सेवा में आने पर मैं भिंड में एएसपी था। वहां, हिंदी के प्राध्यापक डॉ. एसएस शर्मा ने मेरे विवाह और ट्रांसफर को लेकर जो संभावना जताई, वह सही निकली। इसके बाद मैंने उनसे सीखना प्रारंभ किया। राकेश साहनी के साथ बिजली विभाग में काम किया। वह भी इस विषय को लेकर जिज्ञासु थे। मैंने भी ज्योतिष शास्त्र को लेकर दो पुस्तकें भी लिखी हैं।  

मध्य प्रदेश में फिर प्रशासनिक फेरबदल , 10 IPS का हुआ तबादला, 9 माह में बदला छिंदवाड़ा SP

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने कमलनाथ के गृह जिले छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक को एक बार फिर बदल दिया है. अब 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय पांडे को एसपी बनाया गया है. इसके पहले 19 फरवरी को मनीष खत्री को छिंदवाड़ा का एसपी बनाया गया था. मनीष खत्री को अब सिंगरौली जिले का एसपी बनाया गया है. छिंदवाड़ा, सिंगरौली, शहडोल जिले के एसपी सहित 10 आईपीएस अधिकारियों को बदल दिया गया है. इन आईपीएस अधिकारियों के हुए तबादले एडीजी, पुलिस मुख्यालय मीनाक्षी शर्मा को सामुदायिक पुलिसिंग एवं आरटीआई पुलिस मुख्यालय एडीजी बनाया गया. आईजी नर्मदापुरम इरशाद वली को आईजी विशेष सशस्त्र पुलिस बल बनाया गया. आईजी विशेष सशस्त्र पुलिस बल ग्वालियर मिथिलेश कुमार शुक्ला को आईजी होशंगाबाद बनाया गया. डीआईजी जबलपुर रेंज तुषार कांत विद्यार्थी को मुख्यालय भेजा गया. जबलपुर डीआईजी अतुल सिंह को डीआईजी जबलपुर रेंज के अलावा विशेष सशस्त्र पुलिस बल जबलपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया. ये अधिकारी भी हुए यहां से वहां वहीं शहडोल एसपी कुमार प्रतीक को 23वीं बटालियन का कमांडेंट बनाया गया. 8वीं बटालियन के कमांडेंट रामजी श्रीवास्तव को शहडोल जिले का एसपी बनाया गया. सिंगरौली जिले के एसपी निवेदिता गुप्ता को 8वीं बटालियन का कमांडेंट बनाया गया. छिंदवाड़ा एसपी मनीष खत्री को सिंगरौली जिले का एसपी बनाया गया. 23वीं बटालियन के कमांडेंट अजय पांडे को छिंदवाड़ा जिले का पुलिस अधीक्षक बनाया गया.    

झारखंड चुनाव में ड्यूटी पर लगाये IPS किशन सहाय मीणा को ड्यूटी छोड़कर राजस्थान लौटने पर चुनाव आयोग हुआ सख्त

जयपुर राजस्थान कैडर के आईपीएस किशन सहाय मीणा को चुनाव आयोग ने सस्पेंड कर दिया है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। चुनाव आयोग की ओर से आईपीएस किशन सहाय मीणा की ड्यूटी झारखंड विधानसभा चुनाव में लगाई थी। पिछले दिनों वे झारखंड पहुंच गए थे लेकिन बाद वे बिना किसी को सूचना दिए राजस्थान लौट आए। चुनाव आयोग को बिना सूचना दिए ड्यूटी छोड़कर राजस्थान लौटने पर आयोग ने उनके खिलाफ एक्शन लिया है। आयोग की ओर से अब उन्हें चार्जशीट भी थमाई जाएगी। प्रमोटी आईपीएस हैं किशन सहाय मीणा आईपीएस किशन सहाय मीणा राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले हैं। वे पहले राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) के रूप में भर्ती हुए थे। वर्ष 2013 में उनका प्रमोशन हुआ। वे आरपीएस से आईपीएस बन गए। उन्हें वर्ष 2004 का बैच अलॉट किया गया। पिछले दस साल में विभिन्न पदों पर उन्होंने सेवाएं दी। अब ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर उन्हें निलंबित किया गया है। दस साल में अमूमन नॉन फील्ड ही रहे वर्ष 2013 से लेकर अब तक अमूमन वे नॉन फील्ड ही रहे। आईपीएस बनने के बाद अगस्त 2013 में उन्हें टोंक जिले का एसपी लगाया गया। टोंक एसपी के पद पर वे करीब पांच महीने ही रहे। इसके बाद जनवरी 2014 में टोंक एसपी पद से हटाकर जीआरपी अजमेर लगाया दिया गया। इसके बाद करीब छह महीने तक वे एपीओ रहे। बाद में सीआईडी सीबी, जेल और आरएसी में पदस्थ रहे। वर्तमान में वे ह्युमन राईट सेल के आईजी पद पर कार्य कर रहे थे।  

प्रदेश में देर रात IPS अफसरों के तबादले: इंदौर पुलिस कमिशन बने CM के ओएसडी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मंगलवार की आधी रात को मुख्यमंत्री के ओएसडी समेत 7 आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया गया। रात एक बजे गृह विभाग ने तबादले के आदेश जारी किए। इंदौर के पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता को मुख्यमंत्री का ओएसडी बनाया गया है। वहीं उज्जैन के आईजी संतोष सिंह को इंदौर का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। इसके अलावा 3 जिलों के एसपी भी बदले गए हैं। उज्जैन के आईजी अब इंदौर के कमिश्नर इंदौर के पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता अब मुख्यमंत्री के नए ओएसडी होंगे। उनकी जगह उज्जैन के आईजी संतोष सिंह इंदौर के नए पुलिस कमिश्नर बनाए गए हैं। इसके अलावा उमेश जोगा, जो कि अभी तक अपर परिवहन आयुक्त, ग्वालियर के पद पर थे, उन्हें उज्जैन जोन का एडीजी बनाया गया है। जबलपुर के एसपी भी बदले जबलपुर के एसपी आदित्य प्रताप सिंह को पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया है। देवास के एसपी संपत उपाध्याय को जबलपुर का नया एसपी बनाया गया है। बड़वानी के एसपी पुनीत गहलोत को देवास का एसपी बनाया गया है। इंदौर के पुलिस उपायुक्त जगदीश डाबर को बड़वानी का नया एसपी बनाया गया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक़ ये तबादले तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं। यहां सभी तबादलों की सूची दी गई है: 1. उमेश जोगा: अपर परिवहन आयुक्त, मप्र, ग्वालियर से एडीजी, उज्जैन जोन 2. राकेश गुप्ता: पुलिस कमिश्नर, इंदौर से ओएसडी, मुख्यमंत्री 3. संतोष कुमार सिंह: पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन जोन से पुलिस कमिश्नर, इंदौर 4. आदित्य प्रताप सिंह: एसपी, जबलपुर से एआईजी, पुलिस मुख्यालय, भोपाल 5. जगदीश डाबर: पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय), इंदौर से एसपी, बड़वानी 6. संपत उपाध्याय: एसपी, देवास से एसपी, जबलपुर 7. पुनीत गेहलोत: एसपी, बड़वानी से एसपी, देवास ओएसडी बदलने के पीछे की वजह साफ नहीं राकेश गुप्ता को मुख्यमंत्री का ओएसडी बनाए जाने के पीछे की वजह अभी साफ़ नहीं है। हालांकि माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री उन्हें अपनी टीम में शामिल कर क़ानून व्यवस्था को और बेहतर बनाना चाहते हैं। उमेश जोगा को मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र उज्जैन जोन का एडीजी बनाया गया है। वे इससे पहले फरवरी 2024 में अपर आयुक्त के पद पर नियुक्त हुए थे। यह पहली बार था जब एडीजी रैंक के किसी अधिकारी को अपर आयुक्त परिवहन के पद पर नियुक्त किया गया था। इससे पहले इस पद पर डीआईजी रैंक के अधिकारी ही तैनात होते रहे हैं। संतोष सिंह के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी संतोष सिंह को इंदौर का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा शहर है और यहां अपराध पर नियंत्रण एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में संतोष सिंह के कंधों पर बड़ी ज़िम्मेदारी होगी। गौरतलब है कि इससे पहले 10 अगस्त को भी मध्य प्रदेश सरकार ने आधी रात को 47 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया था। इस तबादले में 8 जिलों के कलेक्टर और 7 जिलों के एसपी शामिल थे।

जल्दी ही बदले जा सकते हैं, एक दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टर व एसपी.

Collectors and SPs of more than a dozen districts will be changed soon. 21 दिसंबर से पहले तबादला नहीं होने पर कलेक्टरों को बदलना होगा मुश्किलIt will be difficult to change collectors if the transfer does not take place before December 21st. उदित नारायणभोपाल। नई सरकार में जल्दी ही एक दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। ऐसा इसलिए है कि 21 दिसंबर से चुनाव आयोग कलेक्टरों को लोकसभा चुनाव के लिए नई दिल्ल्ाी में प्रशिक्षण देने जा रहा है। इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है। प्रशिक्षण तीन चरणों में होगा। तबादला भी विधानसभा सत्र के दौरान संभावित है। जिन जिलों में अगले एक दो महीने में कलेक्टरों को तीन वर्ष पूरा होने वाले हैं या फिर नए मुख्यमंत्री की पसंद अनुरूप कलेक्टर जिलों में पदस्थ नहीं हैं। इन कलेक्टरों को जल्दी ही बदलने का आदेश जारी हो जाएगा। सूत्रों ने बताया कि प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी वैसे मंत्रिमंडल के गठन के बाद होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन जिस तरह से चुनाव आयोग ने लोकसभा की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में कलेक्टर व एसपी समेत मैदानी अधिकारियों के तबादले पर रोक लग जाएगी। इसी 21 दिसंबर से कलेक्टरों का दो दिनी प्रशिक्षण नई दिल्ल्ाी में शुरू होने जा रहा है। जबकि 18 दिसंबर से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। संभावना जताई जा रही है कि इसी सत्र के दौरान ही तबादले के आदेश जारी कर दिए जाएंगे। इसके लिए भी हालांकि चुनाव आयोग की अनुमति लेनी होगी, चूंकि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य शुरू कर दिया है। इस स्थिति में तबादले पर बैन लगी होती है। सूत्रों ने बताया कि जल्दी ही इस पर निर्णय ले लिया जाएगा। तबादले के जद में एक दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टर व एसपी आ रहे हैं। दूसरी तरफ कानून व्यवस्था से लेकर सरकार चलाने तक के लिए मुख्यमंत्री अपने अनुसार तबादले करेंगे। इसे भी जल्द ही अमलीजामा पहना दिया जाएगा।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live