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मुख्यमंत्री यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से वारिस से बात की और कुशलक्षेम पूछी, उन्होंने कहा कि आप मध्यप्रदेश के गौरव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ जिले के ब्यावरा निवासी प्लंबर वारिस खान को एबी रोड हाई-वे पर कार पलटने की घटना में शिवपुरी के परिवार के सात लोगों की जान बचाने पर एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से वारिस से बात की और उसकी कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने कहा कि आप मध्यप्रदेश के गौरव हैं। वारिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह बाइक से बीनागंज जा रहे थे, तभी सामने आ रही कार दुर्घटनावश खंती में गिर गई। मैंने बिना देरी किये अपने हाथों से कार के कांच तोड़े और एक-एक कर के सभी यात्रियों को बाहर निकाला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वारिस के इस साहसी कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि वारिस आपने बहुत अच्छा कार्य किया है। मुसीबत के समय में एक दूसरे की सहायता करना ही सच्ची मानवता है। आपके इस कार्य से सभी लोगों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को 15 अगस्त के अवसर पर लोगों की मदद करने वाले साहसी लोगों को सम्मानित करने के निर्देश दिए।  

मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मनुष्य के रूप में जीते जी जिन्हें भगवान का दर्जा मिला, ऐसे भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती प्रति वर्ष मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अतीत में इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण बिहार, झारखंड की धरती से उन्होंने अंग्रेजों का प्रबल प्रतिरोध स्थापित किया, जहां से आदिवासी अंचल में दो स्वतंत्रता आंदोलन की भूमिका बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का राज्य स्तरीय कार्यक्रम शहडोल और धार में आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों से स्वतंत्रता आंदोलन में भगवान बिरसा मुंडा के उन पक्षों को भी सामने रखा जायेगा, जिससे स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूती मिली।  

प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का करेंगे लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवम्बर को बिहार के जमुई में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का वर्चुअली लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी छिंदवाड़ा के बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2016 को देश के विभिन्न प्रदेशों में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित संग्रहालय के निर्माण की घोषणा की गई थी। बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा शहर में स्थित बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन का निर्माण 40 करोड़ 69 लाख रूपये की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है। यहां क्यूरेशन का कार्य जनजातीय कार्य विभाग के अधीन वन्या संस्थान द्वारा किया गया है। इसका निर्माण पुराने जनजातीय संग्रहालय की उपलब्ध भूमि पर ही किया गया है। यह स्थल पेंच-पचमढ़ी मार्ग पर स्थित है। संग्रहालय के आस-पास कई दर्शनीय तथा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित महत्वपूर्ण स्थल भी हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन में 6 गैलरी, एक कार्यशाला कक्ष तथा एक लाइब्रेरी के अलावा कार्यालय के लिये समुचित स्थान भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 800 दर्शकों की क्षमता वाले ओपन एयर थिएटर, शिल्प बाजार (शिल्पग्राम) एवं ट्राइबल कैफेटेरिया का निर्माण भी यहां किया गया है। इसी परिसर में स्थित पुराने जनजातीय संग्रहालय का नवीनीकरण भी किया गया है, जिसमें जनजातीय संस्कृति से संबंधित विभिन्न प्रादर्श रखे हुए हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में प्रदेश के 9 मुख्य जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम तथा 16 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का वर्णन एवं जीवंत चित्रण किया गया है। प्रथम गैलरी रानी दुर्गावती को समर्पित की गई है, जिसमें रानी दुर्गावती के जीवन, उनके शासन और उनके बाहरी आक्रमणकारियों से संघर्ष को प्रदर्शित किया गया है। ब्रिटिश शासन काल में अंग्रेज सरकार द्वारा गोंड राज्यों को अपने अधीन लेने के खिलाफ गोंड राजाओं द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-2 में किया गया है। ब्रिटिश सरकार द्वारा वर्ष 1927 में इंडियन फारेस्ट एक्ट लागू किया गया था, जिसके विरोध में जनजाति समाज द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-3 में “जंगल सत्याग्रह” के रूप में प्रदर्शित किया गया है। चौथी गैलरी में भील-भिलाला जनजाति, जो गोरिल्ला युद्ध में बेहद पारंगत थी उनका ब्रिटिश सरकार के विरूद्ध किया गया संघर्ष चित्रित किया गया है। इस गैलरी में भीमा नायक, खाज्या नायक और टंट्या भील जैसे वीरों का संघर्ष चित्रित है। गैलरी-5 एवं 6 समय-समय पर पेंटिंग एवं फोटो एग्जीबिशन के लिए आरक्षित की गई हैं। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, जबलपुर अद्वितीय वीरता और अदम्य साहस के प्रतीक राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के सम्मान में राज्य सरकार और केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से वर्ष 2021 में जबलपुर में संग्रहालय का निर्माण किया गया। इसका नामकरण राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय किया गया है। एक एकड भूमि पर निर्मित इस संग्रहालय में 14 करोड़ 26 लाख रूपये की लागत से भारतीय सांस्कृतिक निधि (इनटेक, नई दिल्ली) द्वारा संग्रहालय भवन का जीर्णोद्वार एवं क्यूरेशन का कार्य किया गया है। यह संग्रहालय परिसर ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यहीं पर राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को उनके बलिदान से चार दिन पहले कैद करके रखा गया था। इस ऐतिहासिक महत्व की इमारत को पारम्परिक संरक्षण विधि से उसके मूल स्वरूप में पुन: र्निमित किया गया है, ताकि राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान का प्रतीक यह स्थल भावी पीढियों के लिए प्रेरणा और गर्व का स्थायी स्रोत बना रहे। संग्रहालय की पहली दीर्घा में गोंड जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। दूसरी दीर्घा 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले मध्यप्रदेश के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को समर्पित है। तीसरी दीर्घा को राजा शंकरशाह के दरबार हाल के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जिसमें राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान की कहानी को फिल्म के जरिये प्रदर्शित किया गया है। राजा एवं कुंवर के बलिदान के बाद उनकी रानियों के एवं 52वीं रेजीमेंट के विद्रोह को अगली गैलरी में प्रदर्शित किया गया है। अंतिम गैलरी में थ्री-डी होलोग्राम के माध्यम से राजा एवं कुंवर को श्रृद्धांजलि दी गयी है। जिस परिसर में राजा एवं कुंवर को कैद करके रखा गया था, उस जेल भवन में उनकी प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। जनजातीय समुदाय के लोग इस स्थल को पवित्र मानते हैं और नियमित रूप से यहां श्रृद्धांजलि अर्पित करने आते हैं।  

महाराष्ट्र में CM Mohan Yadav ने सरकार बनाने जनमत साधने की अपील की

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव महाराष्ट्र चुनाव में जमकर प्रचार कर रहे हैं। बुधवार को नागपुर में उन्होंने चार विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित किया और केंद्र सरकार के कामकाज और उपलब्धियों का बखान किया। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र में सरकार बनाने जनमत साधने की अपील भी की। सीएम मोहन यादव आज 14 नवंबर को भी महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार करेंगे। इस दौरान वो अमरावती और चंद्रपुर जिलों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। सीएम मोहन का चुनाव प्रचार कार्यक्रम महाराष्ट्र चुनाव के प्रचार प्रसार में सीएम मोहन आज 14 नवंबर को विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। महाराष्ट्र की मेलघाट और अचलपुर विधानसभा में करेंगे पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन जनसभा करेंगे। इसके बाद 11.45 बजे भोपाल से चिखलदरा जिला अमरावती महाराष्ट्र रवाना होंगे। दोपहर 12.45 बजे अमरावती जिले की मेलघाट विधानसभा के चिखलदरा में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। दोपहर 1.00 बजे – चुर्नी, चिखलदरा, जिला अमरावती में सार्वजनिक बैठक में शामिल होकर जनमत को साधेंगे। इसके बाद दोपहर 2.00 बजे चंदूरबाजार, अचलापुर में जनसभा संबोधित करेंगे। फिर शाम 5.15 बजे भोपाल आगमन शाम 6.30 बजे समत्व भवन में वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की 125 वीं बैठक में शामिल होंगे। महायुति सरकार के लिए कही बड़ी बात नागपुर में अपनी रैलियों में सीएम मोहन यादव ने कहा कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार छत्रपति शिवाजी महाराज के सपनों को पूरा कर रही है। साथ ही सनातन धर्म को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में विकास की गति लगातार बढ़ती रहे इसके लिए महायुति गठबंधन को भारी बहुमत से समर्थन देने का करें। कांग्रेस पर साधा निशाना इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को भगवान राम और कृष्ण से दिक्कत है। इसलिए कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दल भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करते हैं। बहुमत से विजयी बनाने की अपील सीएम मोहन यादव ने जनता से अपील की कि वो भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं। उनके दमदार भाषणों से महाराष्ट्र की सियासत भी गरमाने लगी है।

इस्कॉन ने “मूल्य आधारित शिक्षा प्रतियोगिता” की आयोजित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता महोत्सव हमारे महान सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का उत्सव है। यह एक अद्भुत अवसर है कि हम श्रीमद्भागवत गीता के अमूल्य ज्ञान और प्रेरणा को अपने जीवन में आत्मसात करें। देश में पहली बार गीता पर आधारित विशेष प्रतियोगिता का आयोजन मध्यप्रदेश में होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस्कॉन के सहयोग से आयोजित “मूल्य आधारित शिक्षा प्रतियोगिता” की जा रही है। यह विद्यार्थियों को गीता की अमूल्य शिक्षाओं और जीवन मूल्यों को गहराई से समझने और उन्हें अपने जीवन में उतारने का अद्भुत अद्भुत अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की महान कला सिखाने वाला मार्गदर्शन है। इसमें निहित ज्ञान से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रतियोगिता न केवल विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास में सहायक होगी, बल्कि धैर्य, आत्म-नियंत्रण और सही निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान करेगी। यह प्रतियोगिता गीता के गहन संदेशों को आत्मसात करने और जीवन को नई दिशा देने में स्कूली बच्चों को मदद करेगा। विद्यार्थियों की भागीदारी इस आयोजन को सफल बनाकर एक नई सोच और दृष्टिकोण से परिचित कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा की है कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रोत्साहन से इस प्रतियोगिता में शामिल होकर इसे अविस्मरणीय बनायेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दी है।  

प्रदेश में अगली आरआईसी आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में हो रही : मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के संतुलित विकास के लिये निरंतर सभी अंचलों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहे हैं। अगली आरआईसी आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में हो रही है। नर्मदापुरम् क्षेत्र में मुख्य रूप से कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्र-संस्करण इकाइयां और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग बहुतायत में हैं। नर्मदापुरम्, हरदा, और होशंगाबाद में पहले से स्थापित उद्योगों के साथ-साथ कृषि प्र-संस्करण, सोयाबीन तेल, मसाला उत्पादन और दुग्ध प्र-संस्करण जैसे उद्योग यहाँ की आर्थिक गतिविधियों का मुख्य आधार हैं। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र की खनिज संपदा का उपयोग कर निर्माण और अन्य उद्योगों से भी स्थानीय विकास को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं। छठवीं आईआईसी का आयोजन 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम् के डिवीजनल आईटीआई में किया जाएगा। पिछली पांच रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के अनुभवों से प्रेरित होकर, इस कॉन्क्लेव का नर्मदापुरम् क्षेत्र में आयोजन उद्योगों की वृद्धि, निवेश की संभावनाओं और रोजगार सृजन के अवसरों को बढ़ाने के लिये किया जा रहा है। नर्मदापुरम आरआईसी में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, MSME और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से प्रदेश में एक उद्योग-हितैषी वातावरण बना है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रगति हो रही है। नर्मदापुरम् और इसके आसपास के क्षेत्र जैसे होशंगाबाद, हरदा में एमएसएमई, कृषि आधारित उद्योग, और पर्यटन के क्षेत्र में कई संभावनाएं हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। कॉन्क्लेव का उद्देश्य सभी क्षेत्रों का संतुलित और समन्वित आर्थिक विकास करना है। इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम् और इसके आस-पास के क्षेत्रों में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। यह आरआईसी नर्मदापुरम् और आसपास के क्षेत्रों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि यहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती और सांस्कृतिक धरोहर को उद्योगों के साथ जोड़ा जाएगा। पचमढ़ी, जो न केवल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है बल्कि यहाँ की अनूठी जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधन, अब निवेशकों के लिये नया आकर्षण बनेंगा। साथ ही नर्मदा नदी तट पर औद्योगिक और पर्यटन दोनों क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएँ हैं। इस कॉन्क्लेव में कृषि, MSME, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन और खनिज जैसे क्षेत्रों में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। नर्मदापुरम् और पचमढ़ी, जो पहले से ही प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हैं, अब औद्योगिक दृष्टिकोण से भी नई ऊँचाइयों को छुएंगे। इस कॉन्क्लेव से औद्योगिक, पर्यटन और सामाजिक विकास के बीच एक सामंजस्यपूर्ण संतुलन स्थापित होगा।  

महाकवि कालिदास की अमर कृतियां मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंधों का अनुपम उदाहरण : उप राष्ट्रपति धनखड़

उज्जैन उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि अद्भुत प्रतिभा के धनी महाकवि कालिदास की अमर कृतियां मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंधों का अनुपम उदाहरण है। महाकवि की रचनाएं देश की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर हैं। अखिल भारतीय कालिदास समारोह के गरिमामय आयोजन द्वारा म.प्र. शासन हमारी संस्कृति एवं विरासत को सहेजने और संरक्षित करने का सराहनीय कार्य कर रहा है। महाकवि कालिदास की रचनाएं हमारे जीवन मूल्यों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी। उप राष्ट्रपति धनखड़ मंगलवार को उज्जैन में अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ कर मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित कर रहे थे। उप राष्ट्रपति धनखड ने 66 वें भव्य अखिल भारतीय कालिदास समारोह का विद्वतजनों की उपस्थिति में गरिमामय शुभारंभ किया। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की समारोह में गरिमामय उपस्थिति रही। इस अवसर पर सारस्वत अतिथि के रुप में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरीजी महाराज उपस्थित थे। सांसद अनिल फिरोजिया, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल भी मंचासीन थे। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि महाकवि कालिदास की अमर कृतियां मानवीय भावों को अद्भुत रूप से प्रदर्शित करती है और मानवीय मूल्य के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत है। महाकवि कालिदास की रचनाओं में मानव तथा प्रकृति के बीच अद्भुत एवं अटूट संबंध देखने को मिलता है। महाकवि कालिदास ने अपनी रचनाओं में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है जो सदैव प्रासंगिक है। मेघदूतम जैसी उनकी कालजयी रचनाओं से प्रेरणा लेकर हमें अपनी पृथ्वी को बचाना होगा। पर्यावरण-संरक्षण, जलवायु-संरक्षण की दिशा में गंभीरता से प्रयास करने होंगे, क्योंकि रहने के लिए कोई दूसरी पृथ्वी उपलब्ध नहीं है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस गरिमामय आयोजन के लिए मध्यप्रदेश शासन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव साधुवाद के पात्र हैं। राज्य शासन द्वारा कला, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दिया जा रहा है। उप राष्ट्रपति ने देश की सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने का आहवान करते हुए कहा कि हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत और धरोहरों को सदैव संभालकर रखना होगा। देश की सांस्कृतिक विरासत अत्यन्त प्राचीन है, हमारी संस्कृति की जड़े अत्यंत गहरी हैं जो जीवन के उद्देश्य को बताती हैं। उप राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कुटुंब प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि कुटुंब प्रबंधन पर ध्यान देने से ही राष्ट्र का भी ध्यान हमारे मन-मस्तिष्क में सदैव रहेगा। अपने बच्चों के चारित्रिक एवं नैतिक विकास के लिए भी सदैव गंभीर रहना होगा। हमारे बच्चे अच्छे नागरिक बने, राष्ट्र निर्माण के साथ अपने कर्तव्यों का पूर्णता से निर्वहन करें। हम सबको मिलकर नागरिक दायित्वों का निर्वहन करना होगा। भारतीयता हमारी पहचान है, राष्ट्र सर्वोपरि है, इसके लिए नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्रत्येक नागरिक को अपनी आहुति देना होगी। नारी सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि महाकवि कालिदास की रचनाएं नारी सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उनकी रचना अभिज्ञान शाकुंतलम् को संदर्भ के रूप में देखा जा सकता है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश में प्रत्येक व्यक्ति के पास अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर है। देश में तकनीक का विकास सारी दुनिया को अचंभित कर रहा है। पर्यावरण-संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री द्वारा “एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान संचालित किया गया है। यह अभियान वैसी ही क्रांति लाएगा जैसी स्वच्छता के क्षेत्र में आई है। आने वाले वर्ष 2047 में हमारा भारत दुनिया का सिरमौर बनेगा। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कालिदास सम्मान से अलंकृत होने वाली प्रतिभाओं को बधाई देते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि इन प्रतिभाशाली व्यक्तियों के द्वारा हमारी संस्कृति के श्रेष्ठ तत्वों को सहेजने के साथ प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। उप राष्ट्रपति ने अवंतिका नगरी के पौराणिक, आध्यात्मिक, धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उज्जैन में भगवान कृष्ण ने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की है। यहां कालिदास और भृतहरि को ज्ञान का प्रकाश मिला है। सम्राट विक्रमादित्य के जग प्रसिद्ध न्याय का आदर्श उदाहरण उज्जैन है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि वे स्वयं उज्जैन आकर धन्य हुए हैं। यहां से प्राप्त अद्भुत अनुभव को जीवनभर संजोकर रखेंगे, यहां से एक नवीन ऊर्जा मिली है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आध्यात्मिक चेतना के केंद्र उज्जैन में उप राष्ट्रपति धनखड़ का हृदय से स्वागत है। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक भव्यता प्रदान की है। राज्यपाल ने कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह के माध्यम से महाकवि कालिदास की महान रचनाओं तथा सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एक महत्वपूर्ण गौरवशाली परंपरा के रूप में उज्जैन में अखिल भारतीय कालिदास समारोह का आयोजन किया जाता रहा है। आज इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की जिन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया है वे बधाई की पात्र हैं। उज्जैन आगमन पर उप राष्ट्रपति का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि महाकवि कालिदास और विक्रमादित्य की उज्जयैनी नगरी का प्रत्येक काल एवं युग में सदैव अस्तित्व रहा है। कई जन्मों के पुण्य, फलों के बाद हमें यह गौरव मिला है कि यहां आकर कुछ समय बिताएं। उप राष्ट्रपति ने आज अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारम्भ कर समारोह के गौरव में अभिवृद्धि की है। हम सबका यह सौभाग्य है कि इस समारोह के आयोजन का अवसर उज्जैन को सदैव मिलता है। मुख्यमंत्री ने समारोह के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में स्वामी गोविंददेव गिरी ने अपने उद्बोधन में महाकवि कालिदास के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का वर्णन करते हुए कहा कि ऐसा कोई अन्य कवि विश्व में नहीं हो सकता जिसकी महाकवि कालिदास से तुलना की जा सके, कालिदास अद्भुत एवं अनुपम है। स्वामीजी ने अपने उद्बोधन में कालिदास की विभिन्न रचनाओं का वर्णन करते हुए महाकवि द्वारा रचित साहित्य को अमूल्य बताया। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने दीप प्रज्ज्वलन तथा महाकवि कालिदास के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। समारोह में राष्ट्रगान भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव … Read more

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को, धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विजन डॉक्यूमेंट @ 2047 होगा विकसित मध्यप्रदेश का आधार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले किया सदस्यों को संबोधित कहा – शहरी विकास और प्लानिंग पर मंत्रीगण दें अपने सुझाव भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को, धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वंदे-मातरम गान के साथ आरंभ हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विजन डॉक्यूमेंट @ 2047 विकसित मध्यप्रदेश का आधार होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से ‘विकसित मध्यप्रदेश @ 2047 विज़न डॉक्यूमेंट’ तैयार किया जा रहा है। पिछले सप्ताह इस संबंध में नीति आयोग के सीईओ बी.वी. आर. सुब्रमण्यम ने राज्य के प्रमुख अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने विभागों में विजन डॉक्यूमेंट की तैयारी की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी तीन माह में डॉक्यूमेंट का प्रारूप मंत्रि-परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे-मातरम् के गान साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सहयोगियों को प्रदेश में शहरी विकास और शहरी प्लानिंग के संबंध में अपने सुझाव नगरीय विकास एवं आवास विभाग से साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के शहरों को झुग्गी मुक्त किए जाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी सहित अन्य घटकों में कार्य जारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में 9 लाख 50 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सितम्बर 2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 लागू की गई,‍जिसमें पहले की तरह स्वयं की भूमि पर 2 लाख 50 हजार रूपए तक का अनुदान प्राप्त करना प्रमुख घटक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई जाने वाली भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर धार और शहडोल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होंगे,‍जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली संबोधित करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देवउठनी ग्यारस पर मालवीय नगर युवा सदन में तुलसी शालिग्राम विवाह में शामिल हुए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देवउठनी ग्यारस पर मालवीय नगर युवा सदन में तुलसी शालिग्राम विवाह में शामिल हुए। उन्होंने हरि और माँ तुलसी से प्रदेशवासियों के जीवन को सुख, समृद्धि और खुशहाली से परिपूर्ण बनाए रखने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माता तुलसी की मंत्रोच्चार के साथ पूजा कर धूप, सिंदूर, चंदन, पुष्प अर्पित कर नैवैद्य का भोग लगाया। इस अवसर पर विधायक रामेश्वर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि देवउठनी ग्यारस भगवान विष्णु के 4 महीने की निद्रा से जागरण का प्रतीक है। यह त्यौहार कार्तिक शुक्ल ग्यारस तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता तुलसी की पूजा की जाती है और उनके विवाह का आयोजन किया जाता है। देवउठनी ग्यारस के दिन विशेष मंत्रों का जाप कर भगवान विष्णु और माता तुलसी की आराधना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।  

तुलसी-शालिग्राम विवाह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी सम्मिलित हुए

भोपाल  देवउठनी ग्यारस के शुभ उपलक्ष्य में बीजेपी के विधायक रामेश्वर शर्मा ने युवा सदन कार्यालय पर तुलसी-शालिग्राम विवाह का आयोजन कराया। इस तुलसी-शालिग्राम विवाह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी सम्मिलित हुए। उन्होंने तुलसी पूजन कर सभी को तुलसी विवाह की शुभकामनाएं दी। तुलसी विवाह के लिए युवा सदन कार्यालय को विवाह स्थल की तरह सजाया गया, जहां हुजूर सहित भोपाल के सैकड़ों लोग सम्मिलित होकर तुलसी-शालिग्राम विवाह के साक्षी बने। सीएम ने की रामेश्वर शर्मा की तारीफ, बताया समाज का गौरव मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि – आज का दिन हम सभी सनातनियों के लिए गौरव का दिन है। ऐसा माना जाता है कि आज ही के दिन देवोत्थान एकादशी पर भगवान श्रीहरि विष्णु जी नींद से जागकर संसार की व्यवस्था का कार्यभार भगवान शिव से अपने हाथों में लेते हैं। इसलिए आज के दिन को हरिहर मिलन के दिन के रूप में भी मनाया जाता है। इसलिए मैं इस शुभ घड़ी में सभी प्रदेश और देशवासियों को देवोत्थान एकदशी की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने आगे कहा कि – मेरे मित्र पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा को बधाई, जिन्होंने तुलसी विवाह का इतना सुंदर आयोजन कराया और मुझे इसमें आमंत्रित कर तुलसी विवाह में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। रामेश्वर शर्मा हमारे सनातन धर्म के ध्वजवाहक हैं, ये राजधानी में हमारे सनातन धर्म के सभी आयोजनों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हैं। मैं इसके लिए इन्हें बधाई देता हूं। रामेश्वर जी हमारे समाज के गौरव हैं। उपचुनाव पर बोले सीएम सीएम डॉ मोहन ने कहा कि ये हमारा परंपरागत त्योहार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनानी यज्ञ चल रहा है। ये मिलन का त्योहार है। वहीं एमपी उपचुनाव को लेकर कहा कि मैं सभी से अपील करता हूं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार कदम से कदम मिलाकर चल रही है। सरकार विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि उपचुनाव में हमारे दोनों प्रत्याशी को विजयी बनाएं। देवों के जागने के साथ मांगलिक कार्यों का शुभारंभ वहीं आयोजन को लेकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – यह सनातन धर्म की महानता है। जहां हर पर्व लोक में खुशियों का संचार करता है। आज देवउठनी ग्यारस है, सभी देवों को हम सेवक निंद्रा से जगाते हैं। देवों के जागने के साथ ही आज से सभी मांगलिक कार्यों का शुभारंभ होता है। हम इन्हीं देवों को साक्षी मानकर, इन्हीं की आराधना कर के अपने जीवन के शुभ उपलक्ष्यों की शुरुआत करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दी देवउठनी ग्यारस की शुभकामनाएं  हिंदू मान्यतानुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक भगवान विष्णु योग-निद्रा में रहते हैं, जिसे ‘चतुर्मास’ कहा जाता है। इस अवधि के दौरान विवाह, शुभ कार्यों और मांगलिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध रहता है। देवउठनी ग्यारस पर भगवान विष्णु के जागने के साथ ही सभी शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। आज देवउठनी ग्यारस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी को शुभकामनाएँ दी है। वे विधायक रामेश्वर शर्मा के निवास पर तुलसी-शालिग्राम के विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। आज से बाद शादी-ब्याह, गृह-प्रवेश और अन्य सभी शुभ कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। जनता से बीजेपी के पक्ष में वोट देने की अपील इसी के साथ मुख्यमंत्री ने विजयपुर और बुधनी विधानसभा सीटों पर भारी संख्या में मतदान की अपील की है। उन्होंने जनता से आह्नान किया कि वे बीजेपी को वोट करें। बता दें कि  दोनों सीटों पर 13 नवंबर को उपचुनाव होना है। बुधनी में बीजेपी के रमाकांत भार्गव और कांग्रेस के राजकुमार पटेल के बीच सीधी टक्कर है। इस सीट से कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच। बुधनी विधानसभा को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गढ़ माना जाता है, इसलिए कांग्रेस के लिए यहां कड़ी चुनौती है। वहीं, विजयपुर में बीजेपी ने वन मंत्री रामनिवास रावत को उम्मीदवार बनाया है, जो कुछ समय पहले कांग्रेस से बीजेपी में आए थे। रावत के कांग्रेस छोड़ने के कारण ही यह सीट खाली हुई है, क्योंकि वे इसी सीट से कांग्रेस के विधायक थे। उनके सामने कांग्रेस की ओर से मुकेश मल्होत्रा चुनावी मैदान में हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, स्व. पटवा की जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में हुए शामिल

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की स्मृति में होगी सुशासन पर केंद्रित व्याख्यान माला नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर के साथ अन्य गतिविधियाँ भी होंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव, स्व. पटवा की जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित स्व. सुंदरलाल पटवा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क सहित अनेक योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में अमूल्य सहयोग दिया। भोपाल में वीआईपी मार्ग के निर्माण में उन्होंने दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए कार्य पूर्ण करवाया। सुशासन स्थापित करने के लिये उन्होंने विशेष योगदान दिया। स्व. पटवा की स्मृति में उनके जन्म-शताब्दी वर्ष पर विभिन्न प्रकल्प संचालित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत सुशासन पर आधारित व्याख्यान माला और स्मारिका के प्रकाशन के कार्य होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को स्व. सुंदरलाल पटवा के जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक सुरेंद्र पटवा के निवास पर जाकर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर स्व. सुंदरलाल पटवा की धर्मपत्नी श्रीमती फूलकुंवर पटवा से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सुन्दरलाल पटवा की स्मृति में आगामी एक वर्ष तक विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह स्व. पटवा के कृतित्व, व्यक्तित्व और कार्यशैली से प्रभावित रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा “प्रजामंडल’’ और “राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ’’ से जुड़े रहे। वे वर्ष 1957 में पहली बार विधायक बने। उन्होंने निर्वाचनों में निरंतर विजय प्राप्त की। प्रतिपक्ष के नेता रहते हुए सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बस्तर से झाबुआ तक लगभग तीन हजार किलोमीटर की पद यात्रा तय की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि मेरी यादें उनके साथ जुड़ी हैं। कई बातें उनसे सीखने को मिलीं। उनका आत्मविश्वास माउंट एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा था। उन्होंने अपनी धाक और साख बनाई। वे प्रखर वक्ता थे। स्वाध्याय का ध्यान रखते थे। कार्य में डूबे रहना उन्हें पसंद था। उनका मानना था कि क्षेत्रीय विकास पर निरंतर ध्यान देना चाहिए, साथ ही अपने निर्वाचन क्षेत्र के अलावा व्यापक स्तर पर जन कल्याण के कार्यों में भी संलग्न रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए राजनीति व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा है। स्व. सुंदरलाल पटवा का मानना था कि राजनैतिक क्षेत्र में भी बेहतर कार्य करते हुए स्वयं को परिष्कृत करते रहना चाहिए। वे निडर, परमार्थी और पुलिस सहित प्रशासनिक अमले का मनोबल बनाए रखने में विश्वास रखते थे। वर्ष 1992 के सिंहस्थ के लिए उन्होंने 100 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की थी, जबकि इसके पहले 1980 के सिंहस्थ में मात्र एक करोड़ रुपए की राशि तत्कालीन सरकार ने मंजूर की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में मंदसौर और नीमच में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हुए हैं जिनका नामकरण 2 दिग्गज नेताओं स्व. सुंदरलाल पटवा और स्व. वीरेंद्र कुमार सखलेचा के नाम पर किया गया है। इस अवसर पर सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने भी स्व. सुंदरलाल पटवा को श्रद्धांजलि दी और उनसे जुड़े संस्मरण सुनाए। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा ने राजनीति में अमिट छाप छोड़ी है। प्रदेश के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। विधायक सुरेंद्र पटवा ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा ने भोजपुर क्षेत्र के विकास के लिए भी कई योजनाएं संचालित कीं। आज की पीढ़ी उनके बताए मार्ग पर चले, यह आवश्यक है। सुरेंद्र पटवा ने नागरिकों और कार्यकर्ताओं की ओर से भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्व. सुंदरलाल पटवा के जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में पधारने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्व. सुंदरलाल पटवा की स्मृति में भजन संध्या का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, मत्स्य विकास राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार और अन्य अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

रीजनल इंडस्ट्रीज कान्क्लेव के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल बना, MP निवेश बढ़ाने के लिए नवंबर में CM का विदेश दौरा

भोपाल फरवरी, 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट से पहले संभाग स्तर पर रीजनल इन्वेस्टर्स कान्क्लेव का क्रम पूरा हो जाएगा। सात दिसंबर को नर्मदापुरम में कान्क्लेव होगी, जिसमें देशभर के उद्योगपति जुटेंगे। इसके लिए आइटी, स्वास्थ्य, एजुकेशन, टूरिज्म, भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु कुटीर उद्योग सहित सभी क्षेत्र के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है। प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री प्रतिनिधि मंडल के साथ इसी माह जर्मनी और इंग्लैंड जाएंगे। यह बतौर मुख्यमंत्री उनका पहला विदेश दौरा होगा। उन्होंने मीडिया संदेश में बताया कि रीजनल इंडस्ट्रीज कान्क्लेव के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल बना है। उद्योग मित्र नीतियां तैयार की जा रही हैं तो ऐसे रोजगारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिनमें रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं। प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नवंबर में विदेश का दौरा भी किया जाएगा। इसमें वहां के उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सरकार की नीतियों के साथ औद्योगिक वातावरण से अवगत कराकर आमंत्रित करेंगे। नर्मदापुरम में होने वाले कान्क्लेव से क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे। 2.76 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 3.28 लाख से अधिक लोगों मिलेगा रोजगार प्रदेश में अब तक उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव के साथ मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरू और कोलकाता में रोड-शो एवं इंटरेक्टिव सेशन हो चुके हैं। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के दो लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे तीन लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाएगा। इस वर्ष सात-आठ फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन होगा।

प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिये इसी माह मुख्यमंत्री विदेश भी जायेंगे, बदलेगी राज्य की तस्वीर?

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के संतुलित औद्योगिक विकास और रोजगार संवर्धन के लिए संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और प्रदेश के बाहर महानगरों में निवेश के लिये हुए रोड-शो से देशभर से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट तक यह क्रम जारी रहेगा। आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में संभाग स्तरीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगी, जिसमें निवेशकों को नर्मदापुरम क्षेत्र की संभावनाओं से जोड़ते हुए, प्रदेश की आर्थिक बेहतरी के लिए गतिविधियां प्रस्तावित हैं। कॉन्क्लेव में सभी सेक्टर्स के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है, जिससे आईटी, हेल्थ, एजुकेशन, टूरिज्म, भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु कुटीर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योग धंधों के माध्यम से राज्य के लोगों के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकें। राज्य सरकार के इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिये इसी माह हम विदेश भी जाने वाले हैं। जहाँ विदेशी उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिये राज्य सरकार की नीतियों और यहाँ के औद्योगिक वातावरण से अवगत करा कर आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण बने, लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर काम मिलें, उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही। निवेशकों के लिये उद्योग मित्र नीतियाँ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। औद्योगिक निवेश को प्रोत्सहन देने के लिये प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रोत्सहन और कस्टमाइज पैकेज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। नये निवेशकों को उद्योग मित्र नीतियों के साथ सरल और सुगम निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। कई जिलों में शुरू भी हो चुके हैं। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये इन सेंटर में जिला कलेक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिये पिछले 8 माह में जो प्रयास हुए, उसमें उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो के साथ हुए इंटरेक्टिव सेशन के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इनमें विभिन्न सेक्टर्स में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3 लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाएगा। इस वर्ष 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा। निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है म.प्र. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ औद्योगिक हब बन रहा है बल्कि हर क्षेत्र में उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है। प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग अनुकूल नीतियों और मजबूत अधोसंरचना से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।

CM यादव ने जेसी मिल ग्वालियर का लिया जायजा, जिलों में लम्बे समय से खाली पड़ी आवंटित भूमि का करेंगे उचित निराकरण

जेसी मिल श्रमिकों की देनदारियों के भुगतान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर की हुकुमचंद मिल की तर्ज पर करायेंगे जेसी मिल ग्वालियर के श्रमिकों का भुगतान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव CM यादव ने जेसी मिल ग्वालियर का लिया जायजा, जिलों में लम्बे समय से खाली पड़ी आवंटित भूमि का करेंगे उचित निराकरण मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर अभिभूत हुए जेसी मिल श्रमिक और उनके परिजन श्रमिकों ने कहा अब हमें भरोसा है कि जल्द हमारी सभी देनिदारियां मिल जायेंगीं ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मजदूरों के हित के लिये प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। इंदौर की हुकुमचंद मिल और उज्जैन की विनोद मिल की तर्ज पर जल्द ही ग्वालियर की जेसी मिल के श्रमिकों और प्रदेश की अन्य बंद मिलों की देनदारियों के भुगतान की कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 30-40 साल से बंद पड़ी ग्वालियर की जेसी मिल के मजदूरों के प्रकरणों में 8 हजार से ज्यादा मजदूरों को उचित न्याय दिलाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को ग्वालियर की जेसी मिल का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जेसी मिल परिसर का भ्रमण किया, साथ ही नक्शे के माध्यम से जेसी मिल की जमीन और अन्य परिसम्पत्तियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर जेसी मिल श्रमिक और उनके परिजन अभिभूत हो गए। सभी ने पुष्पाहारों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। साथ ही कहा पहली बार कोई मुख्यमंत्री हमारी दुख-तकलीफ सुनने जेसी मिल तक आया है। अब हमें पूरा भरोसा है कि जेसी मिल पर लंबित हमारी वर्षों पुरानी देनदारियों का भुगतान हो जाएगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जेसी मिल श्रमिकों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार जताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेसी मिल श्रमिकों के हितों की रक्षा की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा सरकार मुकदमा नहीं समाधान चाहती है। इसी भावना के साथ सरकार न्यायालय में श्रमिकों के हित मे अपना पक्ष रखेगी, जिससे श्रमिकों की देनदारियों के भुगतान का रास्ता साफ हो सके। उन्होंने कहा कि जेसी मिल श्रमिकों के स्वत्वों के भुगतान के सिलसिले में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मिल की जमीन और परिसम्पत्तियों के सर्वे का काम कर लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब, महिला, युवा और किसानों को देश के चार स्तम्भ के रूप में रेखांकित किया है। प्रदेश सरकार इन सभी के उत्थान के लिये कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है। ग्वालियर में आईटी इकाइयों को बढ़ावा दिया जायेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ के आईटी विशेषज्ञ युवाओं को बाहर न जाना पड़े, इसके लिये ग्वालियर में सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित इकाइयों को विशेष बढ़ावा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिये रीजनल कॉन्क्लेव की श्रृंखला चलाई जा रही है। उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और रीवा में रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हो चुकी हैं। इसी कड़ी में 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम संभाग एवं जनवरी माह में शहडोल में रीजनल कॉन्क्लेव का आयोजन होने जा रहा है। उन्होंने कहा संभाग स्तर पर रीजनल कॉन्क्लेव की श्रृंखला पूरी होने के बाद फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन होगा। प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये विश्व भर के उद्यमियों को आमंत्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कड़ी में वे जल्द ही जर्मनी व ब्रिटेन के दौरे पर निवेशकों को आमंत्रित करने के लिये जायेंगे। उन्होंने कहा इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव जैसे आयोजन से प्रदेश में उद्योग फ्रेंडली माहौल बना है, जिससे वृहद स्तर पर औद्योगिक निवेश हो रहा है। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न से सम्मानित, देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर उन्हें सादर नमन किया है एवं प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस की बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आइए, संकल्प लें कि कोई भी अमृत रूपी शिक्षा से अछूता न रहे, और हम पूरे देश को शिक्षा के प्रकाश से आलोकित करने में सहभागी बनें।  

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