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घरों और होटल में शराब पार्टी करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई

Police action against those having liquor parties in homes and hotels ग्वालियर ! नए साल पर घरों और होटल में बिना लाइसेंस शराब पार्टी करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है इस बीच पुलिस ने एक होटल पर दबिश देकर अवैध रूप से शराब का सेवन करा रहे मैनेजर व पीने वालों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए होटल से अंग्रेजी शराब बरामद की है. दरअसल सीएसपी विश्वविद्यालय हिना खान को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शिवपुरी लिंक रोड पर स्थित होटल नीलश्री में अवैध रूप से शराब पिलाई जा रही है। उक्त सूचना पर टीम बनाकर मुखबिर के बताये होटल शिवपुरी लिंक रोड पर दबिश दी गई। पुलिस टीम को शिवपुरी लिंक रोड पर स्थित नीलश्री होटल पर 15-20 लोग शराब का सेवन करते हुए पाये गये। पुलिस द्वारा सभी पर धारा 36 आबकारी एक्ट एवं अवैध रूप से शराब का सेवन कराने वाले होटल मैनेजर पर 34 आबकारी एक्ट की कार्यवाही की गई है. बाईट,,, निरंजन शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर

पुलिस ने फरार चल रहे दो शातिर चोरों को पकड़ा

Police caught two vicious thieves who were absconding ग्वालियर ! बहोड़ापुर थाना पुलिस ने फरार चल रहे दो शातिर चोरों को पकड़कर उनके कब्जे से लाखों रुपए का चोरी का माल बरामद किया है दोनों चोर टीपी नगर की पार्किग नम्बर-5 हनुमान मंदिर के पास बैठे हुये थे ! और मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम यहां पहुंचाई गई थी इस दौरान पुलिस टीम को देखकर उन्होंने भागने का प्रयास भी किया, परन्तु पुलिस टीम द्वारा उन्हेे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पकड़े गये दोनो बदमाश इमाम बाडा शंकरपुर एवं नौगांव कम्पू का रहने वाला था । पकड़े गये दोनों व्यक्तियों ने बताया कि उनके द्वारा अपने अन्य तीन साथियों के साथ मिलकर किशनबाग कॉलोनी स्थित गोदाम से जनरेटर व डीजे की पेटियां चोरी की थी । पकडे गये दोनों चोरों की निशादेही पर उनके घर से चोरी का 1 जनरेटर, 1 डीजे और अन्य सामान बरामद किया गया है. यह माल 21.10.2023 को फरियादी साहब मोहम्मद के किशनबाग कॉलोनी स्थित मकान से चोरी हुआ था. ” निरंजन शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर

डीजीपी ने भारतीय पुलिस सेवा के पदोन्नत अधिकारियों को लगाई रैंक

DGP ranks promoted officers of Indian Police Service –कहा, आपका कार्य व्यवहार बनेगा अन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत  भोपाल । मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है। इसी अनुक्रम में साेमवार को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना ने पदोन्नत अधिकारियों को रैंक लगाई। इस दौरान डीजीपी श्री सक्सेना ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को शुभकामना देते हुए कहा कि यह पदोन्नति आपकी समर्पित और निष्ठापूर्ण सेवा का प्रतिफल है। प्रदेश में कानून एवं शांति व्यवस्था बरकरार रखने में आपने उत्कृष्ट कार्य किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में भी आप प्रदेश की प्रगति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देंगे। आप अपनी कार्यप्रणाली को ऐसा रखें कि वह अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बने। उन्होंने कहा कि समय पर पदोन्नति प्रदान की जाना सदैव सरकार की प्राथमिकता रही है, इसका परिपालन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है।   डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय में इन्हें लगाई रैंक :- डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना ने पुलिस मुख्यालय में एडीजी श्रीमती दीपिका सूरी, आईजी श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र, आईजी श्रीमती हिमानी खन्ना, आईजी श्री विनीत खन्ना, आईजी श्री अनुराग शर्मा, डीआईजी श्री तुषारकांत वि‌‌द्यार्थी, डीआईजी श्री सत्येन्द्र कुमार शुक्ला, डीआईजी श्री प्रशांत खरे, डीआईजी श्री अतुल सिंह, डीआईजी डॉ. विनीत कपूर और डीआईजी श्री हेमंत सिंह चौहान को रैंक लगाई।  इन अधिकारियों को किया गया पदोन्नत  :- उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग द्वारा 29 दिसंबर 2023 को जारी आदेशानुसार 1 जनवरी 2024 से भारतीय पुलिस सेवा (मध्यप्रदेश कैडर) के 33 अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है। इनमें श्री राकेश गुप्ता और श्रीमती दीपिका सूरी को आईजी से एडीजी पद पर पदोन्नत किया गया है। श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र, श्री चंद्रशेखर सोलंकी, श्री चैत्रा एन., श्री अनिल सिंह कुशवाहा, श्री आर.आर. एस. परिहार, श्री आर. के. हिंगणकर, श्री अंशुमन सिंह, श्री मनीष कपूरिया, श्री अरविंद कुमार सक्सेना, श्री विनीत खन्ना, श्रीमती हिमानी खन्ना, श्री मिथिलेश शुक्ला और श्री अनुराग शर्मा को डीआईजी से आईजी के पद पर पदोन्नत किया गया है। इसी प्रकार श्री साकेत प्रसाद पाण्डे, श्री अमित सांघी, श्री तुषारकांत विद्यार्थी, श्री सत्येन्द्र कुमार शुक्ला, श्री बीरेंद्र कुमार सिंह, श्री प्रशांत खरे, श्री अतुल सिंह, श्री मनीष कुमार अग्रवाल, श्री आबिद खान, श्री आशुतोष प्रताप सिंह, श्री मोहम्मद यूसुफ कुरैशी, श्री निमिष अग्रवाल, श्री सिद्धार्थ बहुगुणा, श्री पंकज श्रीवास्तव, श्री राजेश कुमार सिंह, डॉ. विनीत कपूर, श्री धर्मेंद्र सिंह भदौरिया और श्री हेमंत चौहान डीआईजी के पद पर पदोन्नत किए गए हैं।

चौराहों पर खड़े ई रिक्शा चालकों पर पुलिस ने लगाया जुर्माना

Police imposed fine on e rickshaw drivers standing at intersections नगर पालिका चौराहे पर जाम लगने के कारण हुई कार्रवाई अम्बाह ! अम्बाह नगर पालिका चौराहे पर बिना किसी अनुमति के घंटों तक खड़े रहकर जाम लगा रहे 11 ई-रिक्शा शनिवार को न केवल जब्त किए गए, बल्कि इनके चालकों से 500-500 रुपए का जुर्माना भी लिया गया। यह कार्रवाई नगर निरीक्षक अलोक परिहार के नेतृत्व में की गई। यहां बता दें कि नगर में बिना अनुमति के चल रहे ई-रिक्शा आमजन के लिए मुसीबत बने हुए हैं। क्योंकि इनके खड़े होने का स्थान निर्धारित नहीं होने के कारण यह लाइन लगाकर सड़क पर खड़े रहते हैं। जिससे आमजन का आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहीं जाम लगने से नगर की ट्रेफिक व्यवस्था बिगड़ रही है। इसी ध्यान में रखते हुए शनिवार को थाना प्रभारी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई से ई-रिक्शा चालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर, युवक चढ़ा मोबाइल टावर पर

महाराजपुर पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर,आत्महत्या करने के लिए युवक चढ़ा मोबाइल टावर पर छतरपुर । लगातार विवादों में रहने वाली महाराजपुर पुलिस का एक और कारनामा आया सामने,महाराजपुर पुलिस की प्रताड़ना के चलते एक युवक आत्महत्या करने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ गया इतना ही नहीं युवक के बच्चों ने यह भी बताया है कि उनके पिता को रात्रि में महाराजपुर पुलिस पकड़ कर ले गई थी और उनको बेरहमी से पीटा गया, युवक भारत चौरसिया टावर पर चढ़कर चिल्ला चिल्ला कर कह रहा है कि महाराजपुर पुलिस ने मुझे पीटा है और खाली कागज में हस्ताक्षर करवा लिए और फर्जी केस में फसाने की धमकी दे रही है,मौके पर टीआई महाराजपुर सुरभि शर्मा और पुलिस बल पहुंच गया है और उस व्यक्ति को मानने का काम पुलिस कर रही है, युवक अपने हाथों में ज्वलंतशील पदार्थ लिए हैं आत्महत्या करने की धमकी दे रहा है।

6 साल से दो थानों की पुलिस को चकमा देने वाले बदमाश को किया गिरफ्तार

The criminal who had been dodging the police of two police stations for 6 years was arrested कटनी ! कोर्ट से जमानत मिलने के बाद लगातार 6 साल तक दो थानों की पुलिस को चकमा देने वाले एक शातिर बदमाश को आज कोतवाली पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए शातिर बदमाश के खिलाफ माननीय न्यायालय ने पांच बार गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी। कोतवाली पुलिस ने शातिर बदमाश राजा मद्रासी को खिरहनी फाटक क्षेत्र से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। प्रकरण के संबंध में जानकारी देते हुए शहर कोतवाल आशीष शर्मा ने बताया कि बालाघाट निवासी 37 वर्षीय राजा मद्रासी पिता रामू मद्रासी माधव नगर एवं कोतवाली क्षेत्र में वारदातों को अंजाम देता था। दोनों ही थानों की पुलिस इसकी पिछले 6 साल से तलाश कर रही थी। शातिर बदमाश राजा के खिलाफ माननीय न्यायालय के द्वारा पांच बार स्थाई वारंट भी जारी किए गए थे लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। आज कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर खिरहनी फाटक क्षेत्र में शातिर बदमाश राजा मद्रासी को गिरफ्तार कर कार्यवाही करते हुए उसे जेल भेज दिया है। शातिर बदमाश की गिरफ्तारी में खिरहनी चौकी एवं कोतवाली थाने के स्टाफ ने अहम भूमिका अदा की।

युवक के साथ मारपीट करने वाले आरोपीयों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Police arrested the accused who assaulted the youth युवक को बंधक बनाकर मारपीट करने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार राहुल रैकवारछतरपुर । फरियादी पीड़ित उम्र 25 साल निवासी ग्राम गठेवरा थाना सिविल लाइन द्वारा थाना आकर रिपोर्ट की गई की गांव के कुछ व्यक्तियों द्वारा गाली देते हुए फार्म हाउस ले जाकर बंधक बनाकर मारपीट की है। रिपोर्ट पर थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 924/23 धारा 147, 148, 149, 294, 323, 365, 506 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अमित सांघी के संज्ञान में आते ही घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाइन प्रभारी निरीक्षक कमलेश साहू को आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक कमलेश साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा सभी आरोपियों से संबंधित स्थान में दबिश दी गई। पुलिस टीम द्वारा पांचो आरोपी जो ग्राम गठेवरा थाना सिविल लाइन छतरपुर के निवासी हैं को प्रथक प्रथक स्थान से गिरफ्तार कर अभिरक्षा में लिया गया। दौरान विवेचना घटना में प्रयुक्त लाठी, डंडा एवं मोटरसाइकिल जप्त कर कब्जे पुलिस लिया गया। विवेचना कार्यवाही जारी है।

सवारी वाहनों पर की गई कार्यवाही, एक्शन में परिवहन विभाग।

Action taken on passenger vehicles, Transport Department in action. उमरिया, प्रदेश के गुना जिले में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद उमरिया जिले में जिला परिवहन अधिकारी के द्वारा सभी मार्गो में बिना वैध दस्तावेजों के दौड़ रहे सवारी बसों का चेकिंग अभियान चलाया एवं कार्यवाही की गई है उमरिया से चंदिया एवं मानपुर मार्ग में आरटीओ संतोष पाल और उनकी टीम के द्वारा दो दर्जन बसों की चेकिंग की गई जिसमे दो बसों के पास आवश्यक फिटनेस और परमिट न होने से जब्ती की कार्यवाही की गई साथ ही वाहन संचालकों को पूरे दस्तावेजों के साथ वाहन चलाने को समझाइश दी गई है।19000 वसूला गया जुर्माना।गुरुवार से शुरू हुई परिवहन विभाग की कार्यवाही में जांच के दौरान बिना वैध दस्तावेजों के मार्गो में चल रहे वाहनों विभाग द्वारा कुल ₹19000 का जुर्माना वसूला गया है, आरटीओ संतोष पाल ने बताया है विभाग की चेकिंग की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।

मोहन सरकार की रडार पर 50 IAS-IPS अफसर, भोपाल से दिल्ली तक स्कैनिंग.

50 IAS-IPS officers on Mohan government’s radar, scanning from Bhopal to Delhi उदित नारायण भोपाल। मप्र में नयी सरकार आने के बाद से नौकरशाह खुद को नये सेटअप में ढालने की कोशिश में जुटे हैं। इन नौकरशाहों के सामने दुविधा यह है कि वे पुरानी सरकार के बहुत करीब होने का खतरा भी झेल रहे हैं ! और चुनाव के दौरान तटस्थ होने की कोशिशों के सामने आने से घबरा भी रहे हैं। माना जा रहा है कि कई नए-पुराने अफसरों का ट्रेक रिकार्ड चैक किया जा रहा है। करीब पैंतीस ऐसे आईएएस अफसर और पंद्रह आईपीएस अफसरों के बीते छह महीने के काम और रूझान को रडार पर लिया गया है। यह स्कैनिंग भोपाल से दिल्ली तक चल रही है। इसे नये प्रशासनिक सेटअप की तैयारी और नये प्रशासनिक मुखिया के आगमन से भी जोड़ा जा रहा है।बताया जाता है कि मप्र में कई वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने चुनाव के पहले हवाओं का रूख भांपने की कोशिश की थी और कांग्रेस के प्रति भी अचानक नरम रुख अख्तियार कर लिया था। अब इन अफसरों के बारे में अब यह बातें ‘ऊपर’ तक पहुंची हैं। इनमें अपर मुख्यसचिव से लेकर सचिव व कलेक्टर स्तर तक और एडीजी से लेकर एसपी स्तर तक के कुछ अफसरों के बारे में ब्योरा इकट्ठा किया गया है। गौरतलब है कि चुनाव के दौरान कभी भाजपा की हवा को कमजोर तो कभी कांग्रेस को मजबूत माना जाने लगा था। कुछ अफसरों ने कांग्रेस नेताओं से भी संबंध सहज बनाने की कोशिश की थी और कामकाज के दौरान ‘तटस्थ’ नजर आने लगे थे। भाजपा नेताओं ने भी इसे लेकर अपने ‘अनुभव’ संगठन को बताए थे। मार्च से पहले करना है प्रशासनिक बंदोबस्तदरअसल मप्र की मोहन यादव सरकार को मार्च के पहले पखवाड़े तक तमाम प्रशासनिक बंदोबस्त पूरे करने हैं। क्योंकि दूसरे पखवाड़े तक लोकसभा चुनाव का ऐलान व इसकी आचार संहिता लग जाने के आसार हैं। इसलिये वरिष्ठ स्तर पर मंत्रालय व पीएचक्यू से लेकर मैदानों जिलों तक अफसरों को नये सिरे से तैनात किया जाना है। कई अफसरों की मैदानों से मुख्यालयों में वापसी और कुछ की मुख्यालयों से मैदानों में रवानगी का प्राथमिक ड्राफ्ट भी बन रहा है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री, उनका सचिवालय के अलावा पार्टी संगठन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण राय रखने वाले चेहरे इस काम में अलग अलग जुटे हैं। अभी मप्र की प्रशासनिक बुनावट विधानसभा चुनाव के मुताबिक पूर्ववर्ती शिवराज सरकार के समय की गई थी, इसमें पूर्व मुख्यसचिव की ‘कसीदारकारी’ भी शामिल थी, अब बदले हुए माहौल में बदला हुआ सेटअप बन रहा है।

डीपफेक्स तकनीक क्या है, कैसे बचा जा सकता है.

What is Deepfake technology, how can it be avoided. डीपफेक्स क्या है? डीपफेक्स एक तकनीक है जिसमें कंप्यूटर द्वारा व्यक्ति की छवि या वीडियो को मिथ्या रूप में तैयार किया जाता है, ताकि यह असली देखने वाले को धोखा देने में सक्षम हो। इस तकनीक का उपयोग सामाजिक मीडिया या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर खुद को दूसरे व्यक्ति बताने वाले वीडियोज़ में किया जा सकता है। डीपफेक्स से कैसे बचा जा सकता है? सतर्क रहें: अगर आप किसी सोशल मीडिया पोस्ट या वीडियो को देखते हैं और आपको उसमें कुछ अजीब लगता है, तो सतर्क रहें। डीपफेक्स को पहचानने के लिए सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सतर्कता बढ़ाएं। वीडियो की प्रमाणित करें: जब भी आप किसी आदमी के वीडियो को देखते हैं, खासकर अगर वह कुछ महत्वपूर्ण कह रहा है, तो उसकी प्रमाणितता को सत्यापित करें। अधिकतम समय व्यक्ति की ऑडियो और वीडियो की साइट्स पर चेक करने में लगा सकता है। सुरक्षित साइट्स से वीडियो डाउनलोड करें: अगर आप किसी ऑनलाइन साइट से वीडियो डाउनलोड कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि वह सुरक्षित और विश्वसनीय है। अनाधिकृत स्रोतों से वीडियो डाउनलोड करना डीपफेक्स का खतरा बढ़ा सकता है। टेक्नोलॉजी के साथ समर्थ रहें: तकनीकी सुरक्षा उपायों का अनुसरण करें, जैसे कि एंटी-डीपफेक्स टूल्स और सॉफ़्टवेयर। कुछ ऐप्लिकेशन और साइट्स वीडियो की विश्वसनीयता को जांचने में मदद कर सकते हैं। सरकार और प्लेटफ़ॉर्मों से मांग करें: सरकार और सामाजिक मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स से डीपफेक्स और उससे बचाव के लिए उचित कदम उठाने की मांग करें। अगर आप किसी आदमी या संस्था को जानते हैं जो इस समस्या के खिलाफ लड़ाई कर रहा है, तो उनका समर्थन करें। यदि लोग इन सुरक्षा उपायों का पालन करें, तो वे खुद को डीपफेक्स और इसके हानिकारक प्रभावों से बच सकते हैं।

2006 बैच के 13 आईपीएस बने आईजी.

13 IPS of 2006 batch became IG, Home Department issued promotion orders. गृह विभाग ने जारी किए पदोन्नति आदेश गृह विभाग ने 2006 बैच के 13 आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नत कर आईजी बनाए जाने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ अंशुमान सिंह, रुचिवर्धन मिश्रा समेत कई अधिकारी पदोन्नत हुए हैं। इन अधिकारियों को पदोन्नति के बाद अभी यथावत पदस्थ रखा गया है। इनकी नवीन पदस्थापना के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।

दुकानों पर बिक रही पैक्ड खाद्य सामग्री पर न पैकिंग की तारीख न एक्सपायरी डेट, अफसर भी नहीं करते कार्रवाई.

The officers also do not take action on packed food items being sold in shops without packaging and without a manufacturing or expiration date. मलखान सिंह परमार मुरैना ! अम्बाह शहर सहित ग्रामीण अंचल में अमानक और मिस ब्रांडेड खाद्य सामाग्री बेची जा रही है। पैक बंद कई ऐसे उत्पाद हैं जिस पर न तो कंपनी का नाम है और न ही एक्सपायरी डेट लिखी हुई है। बिना नियम कानून के गली गूंचों से लेकर हाइवे तक पर बेची जा रही खाद्य सामाग्री जानलेवा साबित हो सकती है। जबकि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के मैदानी अमले द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से यह सामग्री धड़ल्ले से बिक रही है। शहर से लेकर नगर में कई छोटे-बड़े दुकानदार विभिन्न प्रकार के खाद्य सामाग्री बेच रहे हैं। इन पैकिंग खाद्य सामग्रियों पर न तो पैकिंग डेट है और न ही इन पर एक्सपायरी अंकित है। खास बात यह है कि स्नैक्स व टोस्ट पपड़ी बनाने वाले व्यापारी जो पैक बंद सामान बच्चों के लिए तैयार करते हैं। जगह-जगह होटलों एवं किराना दुकानों पर साधारण पॉलीथिन में नमकीन के पैकेट बिक रहे है। पैकेट पर न मेन्यूफेक्चरिंग ओर न ही एक्सपायरी डेट अंकित है। जब विक्रेताओं से उक्त सामग्री बनाने वाली कंपनी और उसकी निर्माण की डेट पूछी जाती है तो दुकानदार का कहना था कि फेरी वालों से लेते है। लंबे समय से ग्रामीण अंचल में पपड़ी लड्डू डिब्बे में बंद ऐसे कई उत्पाद बेचे जा रहे हैं जो कि जानलेवा साबित हो सकते हैं। शहर की एक दुकान पर रखी खाद्य सामाग्री, जिनमें अधिकांश पर पैकिंग और एक्सपायरी डेट अंकित नहीं

खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा हटा नगर की मीट मार्केट स्थित मांस, मछली विक्रय दुकानों का किया गया निरीक्षण.

Inspections were conducted by the Food Security Administration to remove meat and fish retail shops located in the Nagar Meat Market. दमोह ! कलेक्टर मयंक अग्रवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत डी.ओ. खाद्य सुरक्षा प्रशासन राकेश अहिरवाल के मार्गदर्शन में सी.एम.ओ. नगर पालिका हटा राजेंद्र कुमार खरे के साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा अधिकारी माधवी बुधौलिया ने निरीक्षण कार्यवाही करते हुए हटा नगर के शास्त्री वार्ड स्थित मीट मार्केट में मांस, मछली विक्रय दुकानों का औचक निरीक्षण किया। शास्त्री मार्केट स्थित उक्त कवर्ड परिसर में 22 चिकिन विक्रेता, 5 बकरे के मांस के विक्रेता एवं 13 मछली विक्रेता की दुकानें पाई गई। मौके पर फोस्कोरिस एप्प के माध्यम से मांस, मछली विक्रेताओं का ऑनलाइन निरीक्षण किया गया। कार्यवाही में निरीक्षण में मौके पर मांस, मछली विक्रेताओं के खाद्य पंजीयन की जांच की गई एवं परिसर में फ़ुड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए गए।

बगैर परमिट चल रहे वाहनों के लिए परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव.

For vehicles operating without a permit, the responsibility will be assigned to the senior officials of the Transport Department: Chief Minister Dr. Yadav. सभी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक रहें सतर्क, सुनिश्चित करें कि गुना जैसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने गुना से लौटकर मुख्य सचिव को दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुना हादसे में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्तर से सभी कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि यदि उनके क्षेत्र में बगैर परमिट के वाहन चलते हैं तो सतर्कता बरती जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाएं। परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ यादव गुना दुर्घटना के प्रभावितों से भेंट के बाद गुना से लौटकर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि गुना हादसे के लिए दोषी आरटीओ गुना और सीएमओ गुना को निलंबित किया गया है। गुना हादसे के बाद समय पर फायर ब्रिगेड उपलब्ध न कराए जाने के कारण नगर पालिका अधिकारी के निलंबन का कदम उठाया गया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियो का दायित्व निर्धारित करते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो यह भी ध्यान रखा जाएगा। यह संवेदनशील विषय है। इस संबंध में राज्य सरकार ने सजगता से ऐसी दुर्घटनाओं पर अंकुश के लिए भी निर्देश दिए हैं। सभी जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध राज्य सरकार आवश्यक रूप से सख्त कार्रवाई करेगी।

जिसका सीएम ने मंच से तबादला किया उसके हाथ जबलपुर का उपार्जन.

The one whose transfer was announced by the Chief Minister, has been assigned to Jabalpur. विशेष संवाददाता, सहारा समाचार, जबलपुर.  जबलपुर धान उपार्जन में मुख्यमंत्री के निर्देश पर फूड कंट्रोलर कमलेश टांडेकर की बर्खास्त्गी के बाद निलंबन का क्रम जारी है।इस सनसनीखेज मामले में लगातार भोपाल स्तर पर कठोर कार्यवाही से हड़कंप मचा हुआ है।इस बीच यह चर्चा भी गर्म है कि उपार्जन समिति के सदस्य होते है उपायुक्त सहकारिता। जब नियमानुसार सहकारी समितियों को केंद्र बनाया जाना था या एक समिति को दो केंद्र दिए जाने थे तो देरी सहकारिता विभाग से हुई है।उपार्जन और कमीशन से सहकारी समितियों के आर्थिक हित जुड़े होते है।अब फूड कंट्रोलर के सस्पेंड होने के बाद दो केंद्र बनाने की कार्यवाही हो रही जबकि सहकारिता विभाग को शुरू से ही सहकारी संस्थाओं को आगे बढ़ाना था।सहकारी संस्थाओं को केंद्र बनाने के प्रस्ताव तो सहकारिता विभाग की होती है। सूत्रों के अनुसार वर्तमान उपायुक्त सहकारिता निगम उपार्जन में गड़बड़ी के चलते केवलारी विधायक के तत्कालीन मुखमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंच से सिवनी से भोपाल ट्रांसफर किए गए थे।जबलपुर का घोटाला सहकारिता विभाग की शिथिलता का मामला है।ऐसी नव निर्मित संस्थाओं को उपार्जन दिया गया है जिनके कार्यालय और निर्वाचन की जानकारी भी नही मिलती।अखिलेश निगम की भूमिका की जांच होनी चाहिए।इस संबंध में कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के शिव चौबे ने जिला कलेक्टर को संबोधित एक ज्ञापन बुधवार को संयुक्त आयुक्त सहकारिता को सौंपा।उन्होंने आयुक्त सहकारिता और प्रमुख सचिव से उचित कार्यवाही की मांग की है।

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