गुणों का बखान पूजन है,गुणों को प्राप्त करना भक्ति है: मुनिश्री विनत सागर जी
Describing virtues is worship, attaining virtues is devotion: Munishri Vinat Sagar Ji हरिप्रसाद गोहेआमला। वाणी महत्वपूर्ण नहीं वाणी को व्यक्त करने वाला वक्ता वाणी को महत्वपूर्ण बनाता है। किसी को बुरा मत बोलो,कोई बोले तो मध्यस्थ हो जाओ निराकरण स्वतः ही हो जाता है उक्त आशय के विचार 108 मुनिश्री विनत सागर जी ने चतुर्मास के अंतर्गत जैन संत निवास आमला में प्रवचन के दौरान व्यक्त किए,मुनिश्री ने कहा कि अध्यात्म से राग और भक्ति से द्वेष समाप्त होता है। उच्चारणाचार्य वर्षायोग के अंतर्गत आमला में पहली बार किसी मुनिश्री का चातुर्मास आमला में हो रहा है।मुनिश्री विनत सागर के मुखारबिंद से आध्यात्म ज्ञान दर्शन की बयार प्रवाहित हो रही है जिसका पुण्य लाभ लोग प्राप्त कर रहे है।आमला में सकल जैन समाज के तत्वाधान में यह आयोजन सम्पन्न हो रहा है। संत निवास आमला में प्रतिदिन सुबह 8 से 10 बजे तक और दोपहर में 2 बजे से 4 बजे तक मुनिश्री विनत सागर जी का प्रवचन हो रहा है जिससे सुनने बड़ी संख्या में न केवल जैन समाज के बल्कि अन्य समाज के लोग भी पहुंच रहे है। मुनिश्री विनत सागर जी महाराज के चातुर्मास के अंतर्गत चार माह तक ज्ञान भक्ति अध्यात्म की बयार पूरे आमला में प्रवाहित होगी। इसके अंतर्गत मंगलवार से भक्तामर शिविर भी प्रारंभ हुआ जिसमें जैन धर्म दर्शन,अध्यात्म,भक्ति,पूजन आदि के महत्व को बताया जावेगा।शिविर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पुरुष महिलाएं पहुंच रहे है। मुनिश्री विनत सागर जी का यह चतुर्मास आमला के लिए कल्याणकारी होगा। इसी के अंतर्गत रविवार को भवानी लान आमला में रजत कलश स्थापना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जिसमें बड़ी संख्या में लोग जिले ही नहीं बल्कि दूसरे प्रदेश से भी पहुंचे। इस वृहद आयोजन में क्षेत्रीय विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे भी पहुंचे और उन्होंने भी मुनिश्री का आशीर्वाद लिया। कलश स्थापना के कार्यक्रम में लोगो का उत्साह चरम पर दिखा सभी ने भक्ति भाव से इस आयोजन को सफल बनाया। भक्तामर शिविर में ज्ञान का लाभ लेकर लोग धन्य हो रहे है।सभी का कल्याण हो इस भाव से यह आयोजन चल रहा है।आयोजन समिति ने बताया कि आमला के इतिहास में पहली बार मुनिश्री का चर्तुमास हो रहा है। यह आमला के लोगों के लिए कल्याणकारी होगा। सब सुखी हो सबका कल्याण हो इसी भाव से यह आयोजन सम्पन्न हो रहा है।