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महिलाओं के सहारे आतंक फैलाने की कोशिश, लश्कर-ए-तैयबा की रणनीति उजागर

नई दिल्ली पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा महिलाओं के लिए दो नए ट्रेनिंग सेंटर बनाने की तैयारी कर रहा है. इन सेंटर को ‘मरकज’ के रूप में डेवलप किया जाएगा, जहां महिलाओं को संगठन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए ट्रेनिंग दिया जाएगा. यह कदम इस संगठन की रणनीति में संभावित बदलाव को दर्शाता है, क्योंकि अब तक लश्कर-ए-तैयबा अपने महिला विंग का उपयोग मुख्य रूप से राजनीतिक लामबंदी और प्रचार से जुड़े कामों के लिए करता रहा है. महिला विंग की प्रमुख इफ्फत सईद की हालिया टिप्पणियां इस बदलाव की तरफ इशारा करती हैं. माना जा रहा है कि आने वाले समय में महिलाओं को ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) जैसी भूमिकाओं में शामिल किया जा सकता है.  OGW नेटवर्क वे लोग होते हैं जो सीधे हथियारबंद गतिविधियों में शामिल नहीं होते, लेकिन संगठन के लिए जमीन पर सहयोग, सूचना को इकट्ठा और अन्य सहायता प्रदान करते हैं. महिलाओं को इस नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश लश्कर के रणनीतिक विस्तार के रूप में देखी जा रही है. इस क्रम में संगठन के वरिष्ठ आतंकी अब्दुर रऊफ ने इस्लामाबाद स्थित मरकज कुबा अल इस्लाम का दौरा किया है. जानकारी के अनुसार, इस केंद्र का विस्तार किया जा रहा है और इसमें महिलाओं के लिए ख़ास ट्रेनिंग सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं. सुरक्षा एजेंसियां इस पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और सतर्कता बरत रही हैं. महिलाओं के लिए इन नए कैम्पों के जरिए लश्कर-ए-तैयबा अपने नेटवर्क को नए और व्यापक तरीकों से मजबूत करने की कोशिश कर सकता है. यह विकसित होती स्थिति क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. भारत में सुरक्षाबल लश्कर-ए-तैयबा की हर नए कदम पर खास नजर बनाई हुई है.   

भारत के कदम से पाकिस्तान में हड़कंप, कहा– अब भूख-प्यास का खतरा बढ़ा

इस्लामाबाद पलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसे रणनीतिक कदम उठाए हैं जो कि उसकी टेंशन बढ़ाते ही चले जा रहे हैं। झेलम और चिनाब के बहाव कम करने को लेकर शहबाज सरकार एकदम से बिलबिला गई है। हाल ही में पाकिस्तान में प्रांतीय स्तर की एक बड़ी बैठक हुई और इसमें वॉटर ऐंड पावर डिवेलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन मोहम्मद सईद ने कहा कि भारत झेलम और चिनाब प्रोजेक्ट पर 60 अरब डॉलर खर्च कर रहा है और इससे पाकिस्तान में हाहाकार मचने वाला है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद इन निदियों के जल रोकने की कैपिसीटी 15 दिन से बढ़कर सीधे 60 दिन हो जाएगी। घबरा गया पाकिस्तान पाकिस्तान भारत के इस प्रोजेक्ट से बुरी तरह घबराया हुआ है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान को सूखे का डर सताने लगा है। पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि जब फसलों की पानी की जरूरत होगी तो नदियों का बहाव बेहद कम हो जाएगा। वहीं मॉनसून में भारत ज्यादा पानी छोड़ सकता है इससे पाकिस्तान का बड़ा हिस्सा डूब जाएगा। भारत के इस कदम से परेशान पाकिस्तान के अधिकारियों ने सरकार को सलाह दी है कि वहां भी बड़े बांध बनाने की जरूरत है जिससे पानी को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि समस्या यही है कि ये नदियां भारत से ही होकर पाकिस्तान में जाती हैं। ऐसे में बांध बनाने के बाद भी उसकी मुसीबत कम होने वाली नहीं है। पाकिस्तान का जल मंत्रालय नदियों के पानी को लेकर बेहद परेशान है। महीने भर पहले पाकिस्तान ने इसको लेकर भारत से जवाब मांगने शुरू कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने बगलिहार डैम पर पानी रोक लिया है दिसंबर महीने में देखा गया था कि बगलिहार में पानी की कमी हो गई है। झेलम और चिनाब में कम हआ पानी पाकिस्तान का कहना है कि भारत झेलम और चिनाब का पानी कभी रोकता है और कभी छोड़ता है। इससे पाकिस्तान में पानी की कमी देखी जा रही है। सिंधु जल पर पाकिस्तान के एक अधइकारी ने कहा कि पाकिस्तान में मंगला बांध तक पानी का बहाव काफी कम हो गया है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक शहबाज सरकार झेलम के बहाव पर नजर रख रही है। परेशान पाकिस्तान बार-बार पत्र भेजकर भारत के आगे गिड़गिड़ा रहा है। बता दें कि पहलगाम महले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता निलंबित करदिया था। यह पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा घाव साबित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक भारत अब रावी का पानी भी रोकने का प्लान बना रहा है। जानकारी के मुताबिक शहपुर कंडी डैम का काम भी जल्द पूरा होने वाला है। इससे रावी का पानी रोककर इसे कठुआ और सांबा भेजा जाएगाय़ पाकिस्तान को जाने वाला ज्यादातर पानी रोक लिया जाएगा। पाकिस्तान की लगभग 90 फीसदी खेदी सिंदु नदी सिस्म पर ही निर्भर है। पाकिस्तान के पास पानी रोकने की क्षमता ना के बराबर है।

वर्ल्ड कप में भारत से हार के बाद पाकिस्तान के हर खिलाड़ी पर 50 लाख का जुर्माना, नकवी के बयान ने मचाई हलचल

इस्लामाबाद  आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खराब प्रदर्शन का खामियाजा अब पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों को सीधे अपनी जेब से भुगतना पड़ेगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने सख्त रुख अपनाते हुए टीम के हर खिलाड़ी पर जुर्माना लगाने का फैसला किया है. वर्ल्ड कप के सुपर-8 से बाहर होने और टीम इंडिया से ग्रुप स्टेज में मिली करारी हार के बाद यह कार्रवाई की गई है. हर खिलाड़ी पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टी20 विश्व कप खेलने वाले पाकिस्तान के हर खिलाड़ी पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये (करीब 16 लाख भारतीय रुपये) का जुर्माना लगाया गया है. यह रकम खिलाड़ियों की सैलरी या मैच फीस से काटी जाएगी. यानी पीसीबी खुद यह पैसा वसूल करेगा. लगातार चौथे आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाई है. ऐसे में बोर्ड ने साफ संदेश दिया है कि खराब प्रदर्शन अब सीधे आर्थिक नुकसान में बदलेगा. पाकिस्तान क्रिकेट में पहले भी नतीजों को लेकर सख्ती हुई है, लेकिन इस बार इतनी बड़ी रकम का जुर्माना चर्चा का विषय बन गया है. टूर्नामेंट में कैसा रहा प्रदर्शन पाकिस्तान ने अपने सभी मैच श्रीलंका में खेले, लेकिन घरेलू जैसे हालात का भी फायदा नहीं उठा सका. शुरुआत में उसने नीदरलैंड्स को 3 विकेट से हराया, हालांकि वह मैच भी काफी करीबी था. इसके बाद अमेरिका को 32 रन से हराया. लेकिन भारत के खिलाफ 61 रन की बड़ी हार ने टीम की कमजोरियां उजागर कर दीं. इसके बावजूद पाकिस्तान किसी तरह सुपर-8 में पहुंच गया. सुपर-8 में भी मुंह की खाई  सुपर-8 में कहानी पूरी तरह बदल गई. न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबला बारिश में रद्द हो गया. फिर इंग्लैंड ने 2 विकेट से हरा दिया. श्रीलंका के खिलाफ जीत जरूर मिली, लेकिन खराब नेट रन रेट के कारण टीम अगले दौर में जगह नहीं बना सकी. कुल मिलाकर, टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और अब खिलाड़ियों को इसकी सजा आर्थिक रूप से भी झेलनी पड़ेगी.  भारत से हार ने बना दिया नकवी का मजाक दरअसल, इस वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान ने जमकर ड्रामेबाजी की थी. पाकिस्तान ने टीम इंडिया के साथ अपने मुकाबले के बायकॉट का ऐलान किया था. कई दिनों तक पीसीबी चीफ नकवी की नौटंकी चली. लेकिन आखिरकार पाकिस्तान मान गया और जब भारत से भिड़ा तो टीम इंडिया ने उसे बुरी तरह से हरा दिया. पाकिस्तान की इस हार ने उसे अपने ही देश में मजाक का पात्र बना दिया. इसलिए पीसीबी अपने खिलाड़ियों से बुरी तरह से खिसियाया हुआ है. 

सीमेंट सूखा नहीं, अफगानियों ने फिर से हमला कर खोदा PAK का नूर खान बेस

लाहौर  पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण नूर खान एयरबेस की हालत इस समय बहुत खराब हो गई है. सोशल मीडिया पर लोग मजाक उड़ा रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन हमले के बाद अभी सीमेंट भी सूखा नहीं था कि अफगानों ने फिर खोद दिया. यह मजाक इसलिए बन रहा है क्योंकि मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान पर सटीक हमले किए थे. उस समय नूर खान एयरबेस को भी निशाना बनाया गया था. बेस पर काफी नुकसान हुआ था.  पाकिस्तान की सेना दिन-रात मेहनत करके उसे ठीक कर रही थी. लेकिन अब मार्च 2026 में अफगानिस्तान की तालिबान सेना ने अचानक हवाई हमला कर दिया. अफगान रक्षा मंत्रालय ने साफ कहा कि यह हमला पाकिस्तान के हाल के हवाई हमलों का जवाब था. नतीजा यह हुआ कि नूर खान बेस की मरम्मत अधूरी रह गई और उसकी हालत पहले से भी ज्यादा खराब हो गई. आम पाकिस्तानी नागरिक भी डर रहे हैं कि उनकी सेना अब कितने दिनों तक टिक पाएगी. नूर खान एयरबेस पर अफगान हमला, रावलपिंडी का दिल दहल गया नूर खान एयरबेस रावलपिंडी शहर के पास स्थित है. यह पाकिस्तान एयर फोर्स का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण बेस माना जाता है. यहां कमांड सेंटर, फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट प्लेन और कई गोला-बारूद के गोदाम हैं. 2 मार्च 2026 को अफगान एयर फोर्स ने सटीक हवाई हमले किए. अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनके पायलटों ने बिना किसी गलती के निशाना साधा. हमले में बेस के कई हिस्से पूरी तरह तबाह हो गए. स्थानीय लोगों ने रात भर विस्फोटों की तेज आवाजें सुनीं. पाकिस्तान की तरफ से अभी तक पूरा नुकसान बताना बाकी है लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें धुआं और आग दिख रही है. यह हमला इसलिए ज्यादा चौंकाने वाला है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने दावा किया था कि बेस को जल्दी ठीक कर लिया जाएगा. लेकिन अफगानों ने इतनी जल्दी जवाब दे दिया कि पाकिस्तानी सेना हैरान रह गई. अब बेस की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है लेकिन लोग कह रहे हैं कि हालत पूरी तरह से बेहाल है. क्वेटा में 12वीं डिवीजन मुख्यालय पर हमला, बलूचिस्तान में अफरा-तफरी अफगान हमलों का दूसरा बड़ा निशाना बलूचिस्तान प्रांत का क्वेटा शहर है. यहां पाकिस्तान आर्मी की 12वीं डिवीजन का मुख्यालय है. यह मुख्यालय पूरे बलूचिस्तान की सुरक्षा देखता है. यहां हजारों सैनिक तैनात रहते हैं. अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके ड्रोन और हवाई हमलों ने इस मुख्यालय को भी सीधा नुकसान पहुंचाया. हमला इसलिए किया गया क्योंकि पाकिस्तान ने पहले काबुल और कंधार पर बमबारी की थी. क्वेटा में हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर दौड़ने लगे. 12वीं डिवीजन का मुख्यालय बलूच अलगाववादियों से भी लड़ता है इसलिए इसका नुकसान पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका है. अफगान पक्ष कह रहा है कि यह हमला सिर्फ बदला है और वे आगे भी पाकिस्तानी ठिकानों पर नजर रख रहे हैं. पाकिस्तान सरकार ने क्वेटा में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी हैं ताकि खबरें ज्यादा न फैलें. मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई मिलिट्री कैंप पर हमला, सीमा पर तनाव चरम पर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई मिलिट्री कैंप भी अफगान हमलों का शिकार बना. यह कैंप अफगानिस्तान की सीमा से सिर्फ कुछ किलोमीटर दूर है. यहां पाकिस्तान की फौज की कई यूनिट्स तैनात रहती हैं जो सीमा पर निगरानी करती हैं. अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हमला पाकिस्तान के सीमा उल्लंघन का सीधा जवाब था. हमले में कैंप के कई टेंट और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. दोनों तरफ से गोलीबारी भी हुई. स्थानीय आदिवासी लोग अब डर के मारे घरों में छिपे बैठे हैं। स्कूल और बाजार बंद हैं. ख्वाजाई कैंप का महत्व इसलिए ज्यादा है क्योंकि यहां से टीटीपी जैसे समूहों पर कार्रवाई होती है. अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान इन समूहों को मदद देता है. इस हमले के बाद सीमा पर तनाव और बढ़ गया है. दोनों देशों की फौजें अलर्ट पर हैं और हर घंटे नई खबरें आ रही हैं. पेशावर एयरबेस और अन्य सीमा ठिकानों पर भी हमले  अफगान सेना ने सिर्फ तीन ठिकानों तक हमले नहीं रोके. उनके बयान के मुताबिक पेशावर एयरबेस और सीमा के पास कई छोटे-बड़े मिलिट्री पोस्ट भी निशाने पर आए. पेशावर एयरबेस पाकिस्तान एयर फोर्स का दूसरा बड़ा केंद्र है जहां कई लड़ाकू विमान रखे जाते हैं. अफगानों ने यहां भी ड्रोन हमले किए जिससे कुछ इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं. इसके अलावा बन्नू और वाना जैसे इलाकों के कैंपों पर भी गोलीबारी हुई.  अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ये सब हमले पाकिस्तान के काबुल और कंधार पर किए गए हमलों का बदला हैं. पिछले छह महीनों में दोनों देशों के बीच झड़पें बढ़ गई हैं. इन सब हमलों से पाकिस्तान की पूरी रक्षा व्यवस्था चरमरा गई है. सेना को अब कई मोर्चों पर एक साथ लड़ना पड़ रहा है. तनाव क्यों बढ़ रहा है और आगे क्या हो सकता है? अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पुरानी दुश्मनी अब खुलकर सामने आ गई है. दोनों देशों की सीमा को डूरंड लाइन कहते हैं लेकिन इसे लेकर बहुत विवाद है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान से टीटीपी आतंकी आकर हमले कर रहे हैं. तालिबान सरकार पाकिस्तान पर आरोप लगाती है कि वह उनके खिलाफ ग्रुपों को मदद देता है.  अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पुरानी दुश्मनी अब खुलकर सामने आ गई है. दोनों देशों की सीमा को डूरंड लाइन कहते हैं लेकिन इसे लेकर बहुत विवाद है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान से टीटीपी आतंकी आकर हमले कर रहे हैं. तालिबान सरकार पाकिस्तान पर आरोप लगाती है कि वह उनके खिलाफ ग्रुपों को मदद देता है.  मई 2025 के भारतीय हमले के बाद पाकिस्तान कमजोर हुआ तो अफगानिस्तान ने इसका फायदा उठाते हुए जवाबी हमले शुरू कर दिए. अब मार्च 2026 में स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि दोनों तरफ से हवाई हमले हो रहे हैं. आम लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं. हजारों परिवार सीमा से भाग रहे हैं.      

पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास पर किया हंगामा, 23 मौतें, तनाव बढ़ा

 कराची इजरायली-अमेरिकी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में जमकर हंगामा हुआ. कराची में शिया संगठनों ने अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास तोड़फोड़ और आगजनी की थी, जिसके बाद यूएस मिलिट्री ने फायरिंग कर दी थी. इस झड़प में मारे जाने वाले पाकिस्तानियों का आंकड़ा 10 पहुंच गया है. प्रदर्शनकारी सुल्तानाबाद से माई कोलाची होते हुए कॉन्सुलेट की ओर बढ़ रहे थे. भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर जमकर पथराव किया. कराची के अलावा पाकिस्तान के स्कार्दु और लाहौर में भी खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन हुए. स्कार्दू में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कार्यालय में आग लगा दी थी, इस दौरान 11 लोगों की मौत हो गई. वहीं, इस्लामाबाद में भी प्रदर्शनकारियों में से दो लोगों की जान चली गई. कराची में कड़ी सुरक्षा हिंसा के बाद कराची प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है. पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है. एमटी खान रोड और माई कोलाची रोड को पूरी तरह बंद कर दिया है. ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता को प्रभावित इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है.  खामेनेई की मौत के बाद जगह-जगह प्रदर्शन ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत से कई जगहों पर शोक का माहौल है. कराची में मस्जिदों और इमामबाड़ों में खामेनेई की मौत का मातम मनाने के लिए शोक सभाएं आयोजित की गईं. ईरान की राजधानी तेहरान और इस्फहान में भी खामेनेई समर्थक सड़कों पर उतरे और अमरिका-इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

खामेनेई के निधन पर उबाल, कराची में भीड़ का तांडव, अमेरिकी दूतावास जलाया, 9 लोगों की गई जान

ईरान यूएस-इजरायल हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची शहर में अमेरिकी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। अमेरिका के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी लाठी डंडे लेकर जमा हो गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद लोकल पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और चेतावनी के तौर पर गोलियां चलानी पड़ीं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इसमें कम से कम 9 प्रदर्शनकारियों की मौत की खबर है।   आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े प्राप्त जानकारी के अनुसार हालात को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके अलावा, पुलिस ने एहतियातन चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग भी की। यातायात प्रभावित, लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने सुल्तानाबाद को माई कोलाची से जोड़ने वाली सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। जिन्ना ब्रिज से आने वाले ट्रैफिक को I.I. चुंदरीगर रोड की ओर डायवर्ट किया गया, ताकि स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके और जाम की स्थिति न बने। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल उस क्षेत्र से दूर रहें, क्योंकि सुरक्षा बल विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भीड़ एंट्रेंस पर तोड़-फोड़ करती और कथित तौर पर बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में आग लगाती दिख रही है। ईरान ने बदला लेने की कसम खाई बता दें कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका के समर्पण तक कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को फिर दी चेतावनी वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमला किया गया तो अमेरिका, ऐसा जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान ने हमारी रेड लाइन पार की, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।

सुपर-8 का गणित और रोमांचक, अगर पाकिस्तान नामीबिया से हारा तो क्या होगा T20 वर्ल्ड कप में?

 कोलंबो आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 61 रनो से हराकर सुपर-8 में आधिकारिक तौर पर जगह पक्की कर ली. रविवार (15 फरवरी) को कोलंबो के आर. प्रेमदासा में खेले गए इस मुकाबले में 176 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तानी टीम 114 रन पर सिमट गई. भारत से पहले वेस्टइंडीज की टीम ने नेपाल को मात देकर सबसे पहले सुपर-8 का टिकट कटाया था. चारों ग्रुप से शीर्ष दो-दो टीमें सुपर-8 में जगह बनाने वाली हैं. भारतीय टीम के हाथों मिली हार के बाद पाकिस्तान के लिए सुपर-8 की राह कठिन हो गई है. अब उसे अपने आखिरी ग्रुप मुकाबले में नामीबिया को हराना ही होगा. जीत की स्थिति में वो 6 अंकों के साथ सुपर-8 में पहुंच जाएगा, जबकि हार की सूरत में वो टूर्नामेंट से आउट हो जाएगा. वैसे भी नामीबिया सुपर-8 की रेस से बाहर हो चुका है, ऐसे में उसके लिए खोने को कुछ नहीं बचा है. कुल मिलाकर देखा जाए तो पाकिस्तान के लिए अब अगला मुकाबला वर्चुअल नॉकआउट बन गया है. ग्रुप-ए में भारत 6 अंकों के साथ शीर्ष पर है और सुपर-8 में उसकी जगह पूरी तरह सुनिश्चित हो चुकी है. भारत का नेट रनरेट (NRR) +3.050 है. भारत से हार के बाद पाकिस्तानी टीम तीसरे नंबर पर आ गई है, वहीं संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) दूसरी पोजीशन पर आ चुका है. यूएसए और पाकिस्तान दोनों के ही 4-4 अंक हैं, लेकिन नेट रनरेट पाकिस्तानी टीम का उससे खराब है. पाकिस्तानी टीम का नेट रनरेट -0.403 है, जबकि यूएसए का नेट रनरेट +0.787 है. अब पाकिस्तान यदि नामीबिया से हारता है तो उसके 4 ही अंक होंगे. ऐसे में  यूएसए बेहतर नेट रनरेट के चलते सुपर-8 के लिए क्वालिफाई कर सकता है. यदि नामिबिया के खिलाफ मुकाबला धुलता है, तो पाकिस्तानी टीम 5 अंकों के साथ सुपर-8 में जाएगी.  उधर नीदरलैंड्स भी सुपर-8 की रेस से पूरी तरह बाहर नहीं हुआ है, लेकिन उसे अपने आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम पर बहुत बड़ी जीत दर्ज करनी होगी, ताकि उसका नेट रनरेट यूएसए से अच्छा हो जाए. साथ ही उसे दुआ करनी होगी कि नामीबियाई टीम पाकिस्तान को हरा दे. नीदरलैंड्स के 3 मैचों से 2 अंक हैं और उसका नेट रनरेट -1.352 है. ग्रुप-ए में अब केवल दो मुकाबले बचे हैं. भारत-नीदरलैंड्स के बीच 18 फरवरी (बुधवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मुकाबला होना है. वहीं पाकिस्तान-नामीबिया का मुकाबला 18 तारीख को ही कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में होगा. ग्रुप A की मौजूदा स्थिति इस प्रकार है भारत (IND)- 3 मैच, 3 जीत, 6 अंक, NRR +3.050 (सुपर 8 के लिए क्वालिफाई) संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)-4 मैच, 2 जीत, 4 अंक, NRR +0.787 पाकिस्तान (PAK)- 3 मैच, 2 जीत, 4 अंक, NRR -0.403 नीदरलैंड्स (NED)- 3 मैच, 1 जीत, 2 अंक नामीबिया (NAM)- 3 मैच, 0 जीत, 0 अंक, NRR -2.443 (बाहर) भारत के खिलाफ मुकाबले में लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही. हार्दिक पंड्या ने साहिबजादा फरहान को डक पर आउट किया, जबकि जसप्रीत बुमराह ने एक ही ओवर में सैम अयूब और कप्तान सलमान अली आगा को पवेलियन भेज दिया. इसके बाद बाबर आजम भी जल्दी आउट हो गए और टीम दबाव से उबर नहीं सकी. इससे पहले भारतीय टीम ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 7 विकेट पर 175 रन बनाए थे. सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 77 रन की शानदार पारी खेली और मैच का रुख तय कर दिया. उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया. देखा जाए तो टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की पाकिस्तान पर 9 मैचों में ये 8वीं जीत रही. यानी स्कोर अब भारत ने 8-1 कर दिया है.

ना ड्रामा काम आया, ना दांव… करारी हार के बाद आफरीदी का गुस्सा फूटा, टीम PAK की खुलकर लगाई क्लास

 नई दिल्ली/ इस्लामाबाद    भारतीय टीम के खिलाफ करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल आ गया है. रविवार (15 फरवरी) को कोलंबो में खेले गए आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अहम मुकाबले में 61 रनों से मिली शिकस्त के बाद पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शाहिद आफरीदी ने अपनी टीम के सीनियर खिलाड़ियों पर खुलकर निशाना साधा है. आफरीदी ने अपने दामाद शाहीन आफरीदी को भी नहीं बख्शा.  शाहिद आफरीदी ने साफ तौर पर कहा कि अब बार-बार नाकाम हो रहे वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम देकर युवाओं को मौका दिया जाना चाहिए. उन्होंने बाबर आजम, शाहीन आफरीदी और शादाब खान को बेंच पर बैठाने की बात कही. शाहिद का मानना है कि इन खिलाड़ियों को लगातार मौके मिले हैं, लेकिन बड़े मैचों में ये नाकाम हो जाते हैं. शाहिद आफरीदी ने समा टीवी पर कहा, ‘अगर फैसला मुझे लेना हो तो मैं शाहीन, बाबर और शादाब तीनों को बैठा दूं. नए लड़कों को मौका दूं, उन पर भरोसा दिखाऊं. नामीबिया के खिलाफ मैच में युवाओं को खिलाकर आत्मविश्वास देना चाहिए. हम इतने अरसे से इन खिलाड़ियों को मौके देते आ रहे हैं. जहां उम्मीद रहती है कि वो इस टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करेंगे. अगर सीनियर खिलाड़ी डिलीवर नहीं कर रहे, तो बेंच पर बैठे जूनियर खिलाड़ियों को क्यों नहीं आजमाया जाए.’   मैदान पर शिकस्त के साथ PAK का घमंड भी हुआ चकनाचूर  टीम इंडिया ने एक बार फिर वर्ल्ड कप के मुकाबले में पाकिस्तान को आसानी से पटखनी दे दी. इस जीत के साथ ही भारत ने पाकिस्तान को ये भी बता दिया कि मैदान पर जवाब प्रदर्शन से दिया जाता है. कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने हर विभाग में पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया. लेकिन ये हार केवल पाकिस्तान के लिए एक मैच की हार तक सीमित नहीं है. बल्कि इस जीत से भारत ने पाकिस्तान की तमाम रणनीतियों, ड्रामेबाजी और प्लान की धज्जियां उड़ा दी.   दरअसल, इस मैच से पहले माहौल कुछ और था. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ और गृहमंत्री  मोहसिन नकवी की ओर से इस मैच का बायकॉट किया गया. पाकिस्तानी सरकार ने इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और बांग्लादेश को मोहरा बनाया. बीसीसीआई को बदनाम करने की नापाक साजिश रची. करीब दो हफ्ते तक पाकिस्तान ने ड्रामेबाजी की. लगातार बयानबाजी की. हालांकि, बाद में पाकिस्तान ने पलटी मारी और मैच खेलने के लिए राजी हो गया.   इसके साथ ही पाकिस्तान ने उस्मान तारिक की मिस्ट्री स्पिन को लेकर भी बड़ा हाइप बनाया. कप्तान सलमान आगा ने उन्हें टीम का ‘ट्रंप कार्ड’ बताया था. लेकिन मैदान पर कहानी अलग निकली. नकवी ने अपनी ड्रामेबाजी के जरिए इस मैच को सियासी संग्राम बनाया. कई देशों को साधने की कोशिश की. लेकिन नकवी की एक न चली और आखिरकार मेदान पर जब पाकिस्तान भारत के सामने आया तो हर बार की तरह एक बार फिर उसे धूल चाटनी पड़ी. सूर्या की कप्तानी, भारत की समझदारी भारतीय कप्तान सूर्यकुमार ने मैच को शांत दिमाग से संभाला. शुरुआती झटके के बाद भारतीय बल्लेबाजों ने जल्दबाजी नहीं की. जोखिम भरे शॉट्स से बचते हुए टीम ने मजबूत स्कोर खड़ा किया. जिस उस्मान तारिक को लेकर इतनी चर्चा थी, वह असर छोड़ने में नाकाम रहे. भारतीय बल्लेबाजों ने उन्हें संभलकर खेला और कोई बड़ा मौका नहीं दिया. उनकी मिस्ट्री गेंदबाजी भारत के खिलाफ बेअसर साबित हुई. गेंदबाजी में भी भारत भारी जब पाकिस्तान लक्ष्य का पीछा करने उतरा तो भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा. पावरप्ले में विकेट गिरे और पाकिस्तान संभल नहीं सका. बड़े शॉट खेलने की कोशिश में बल्लेबाज लगातार आउट होते गए. भारत ने दिखाया कि बड़े मैच सिर्फ बयानबाजी से नहीं, बल्कि संयम और रणनीति से जीते जाते हैं. पाकिस्तान की तरफ से बनाए गए माइंडगेम मैदान पर टिक नहीं सके. बयान बनाम प्रदर्शन मैच से पहले जो शोर था, वह मैदान पर शांत हो गया. न तो बायकॉट की चर्चा काम आई और न ही मिस्ट्री स्पिन का दांव. भारत ने एक बार फिर साबित किया कि दबाव में खेलने का अनुभव और मैच की समझ ही असली ताकत है. इस जीत के साथ टीम इंडिया ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली, जबकि पाकिस्तान के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई. भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा खास होता है, लेकिन इस बार संदेश साफ था-ड्रामा नहीं, प्रदर्शन मायने रखता है. शाहीन की जमकर हुई धुनाई, बाबर-शादाब फेल भारत के खिलाफ मुकाबले में शाहीन आफरीदी सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए. उन्होंने सिर्फ दो ओवर में 31 रन लुटाए. इनिंग्स के आखिरी ओवर में शाहीन ने 16 रन खर्च किए, जिससे भारत को 170 प्लस स्कोर बनाने का मौका मिला. बता दें कि शाहीन का निकाह 3 फरवरी 2023 को पूर्व ऑलराउंडर शाहिद आफरीदी की बेटी अंशा से हुआ था. शादाब खान का भी दिन खराब रहा. गेंदबाजी में एक ओवर में 17 रन दिए और बल्लेबाजी में 14 रन बनाकर आउट हो गए. कप्तान बाबर आजम भी टीम को संभालने में नाकाम रहे. कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान पर अपना दबदबा साबित किया. इस जीत के साथ टी20 वर्ल्ड कप में भारत का पाकिस्तान पर हेड टू हेड रिकॉर्ड 8-1 हो गया है. भारत की जीत के हीरो ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ ईशान किशन रहे, जिन्होंने 40 गेंदों पर 77 रनों की तूफानी पारी खेली. गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट लेकर पाकिस्तान को 114 रनों पर समेट दिया. इस शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान में सीनियर खिलाड़ियों को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं. शाहिद आफरीदी के बयान ने यह साफ कर दिया है कि अब टीम चयन को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है…  

टीम कॉम्बिनेशन पर मंथन, भारत मुकाबले के लिए नई प्लेइंग XI ला सकता है पाकिस्तान

कोलंबो. पाकिस्तान रविवार को कोलंबो में चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप के बड़े मुकाबले में चार विशेषज्ञ गेंदबाजों ( दो स्पिनर और दो तेज गेंदबाज) के साथ उतर सकता है। टीम के करीबी एक सूत्र ने बताया कि मुख्य कोच माइक हेसन और कप्तान सलमान अली आगा इस मैच में दोनों विशेषज्ञ स्पिनरों अबरार अहमद और उस्मान तारिक के साथ-साथ दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों शाहीन शाह अफरीदी और सलमान मिर्जा को खिलाने के इच्छुक हैं। टीम प्रबंधन शादाब खान, मोहम्मद नवाज और फहीम अशरफ में से एक ऑलराउंडर को बाहर करने पर भी विचार कर सकता है। सूत्र ने कहा, ”टीम प्रबंधन के सामने एकमात्र समस्या यह है कि यदि वे चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ जाते हैं तो फहीम, शादाब और नवाज में से किसे बाहर बिठाना है, इस पर फैसला लेना होगा। ” उन्होंने बताया कि सईम अयूब, साहबजादा फरहान, सलमान अली आगा, बाबर आजम और उस्मान खान बल्लेबाजी क्रम में शीर्ष पांच स्थान पर हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन को छठे और सातवें नंबर के लिए खिलाड़ियों का चयन करना होगा जिसके बाद चार गेंदबाज होंगे। सूत्र ने कहा कि नवाज के बाहर बैठने की संभावना है क्योंकि वह बाएं हाथ के स्पिनर हैं और भारत के पास अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दूबे, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और अर्शदीप सिंह जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। सूत्र ने कहा, ”माहौल यह है कि फहीम को खिलाना बेहतर होगा क्योंकि वह अच्छी फॉर्म में हैं और जरूरत पड़ने पर तीसरे तेज गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही शादाब की लेग स्पिन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ उपयोगी होगी। ” उन्होंने कहा कि अबरार, उस्मान, शादाब और सईम अयूब स्पिन विकल्प के रूप में उपलब्ध हैं इसलिए टीम प्रबंधन को भरोसा है कि इस ‘हाई-प्रोफाइल’ मैच में नवाज के बिना भी काम चलाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि रविवार को आर प्रेमदासा स्टेडियम की पिच का अंतिम मुआयने और मौसम की स्थिति देखने के बाद अंतिम फैसला बदल भी सकता है। पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में पहली बार प्रेमदासा स्टेडियम में खेलेगा। पिछले महीने पाकिस्तान ने श्रीलंका में टी20 सीरीज जीती थी लेकिन सभी मैच दांबुला में खेले गए थे जबकि टीम ने अपने दोनों टी20 विश्व कप मुकाबले नीदरलैंड और अमेरिका के खिलाफ सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान में खेले हैं। पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग इलेवन: सईम अयूब, साहबजादा फरहान, सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, उस्मान खान, शादाब खान, फहीम अशरफ, शाहीन शाह अफरीदी, सलमान मिर्जा, अबरार अहमद, उस्मान तारिक।

पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ डबल खेला: पहले बायकॉट, फिर खुद लिया यू-टर्न!

 नई दिल्ली    भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का ताजा यू-टर्न सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं है, बल्कि उसकी विफल राजनीति की खुली स्वीकारोक्ति है. 2026 टी20 विश्व कप से पहले जिस बायकॉट की धमकी को सिद्धांत, स्वाभिमान और सुरक्षा का मुद्दा बनाकर उछाला गया, वही अंततः पाकिस्तान की कमजोरी बन गई. मैच अब खेला जाएगा- बिना शर्त, बिना रियायत…. और यही इस पूरे प्रकरण का सबसे बड़ा सच है. धमकी की शुरुआत, लेकिन दिशा विहीन PCB ने जिस आक्रामक भाषा में भारत के खिलाफ खेलने पर आपत्ति जताई, उसने शुरू से यह संकेत दे दिया था कि यह फैसला कम और दबाव की राजनीति ज्यादा है. सुरक्षा जैसे पुराने तर्क दोहराए गए, लेकिन कोई नई परिस्थिति, कोई नया खतरा या कोई ठोस रिपोर्ट सामने नहीं रखी गई यह बायकॉट कोई अंतिम निर्णय नहीं था, बल्कि सौदेबाजी का औजार था और यही इसकी सबसे बड़ी कमजोरी भी बनी. सीधे टकराव से बचने की चाल भारत के खिलाफ सीधे खड़े होने की हिम्मत PCB में नहीं दिखी. इसकी बजाय बांग्लादेश की मांगों को आगे कर दिया गया, ताकि विवाद को क्षेत्रीय सहमति का रूप दिया जा सके. यह एक सोची-समझी रणनीति थी- खुद पीछे रहो, माहौल दूसरों के जरिए बनाओ और ICC पर दबाव डालो. … लेकिन यह चाल ज्यादा देर नहीं चल सकी. ICC के भीतर यह स्पष्ट हो गया कि बांग्लादेश का नाम केवल ढाल है, असली एजेंडा पाकिस्तान की अपनी राजनीतिक जिद है. बांग्लादेश के साथ ‘डबल गेम’ यही वह मोड़ था, जहां पाकिस्तान की राजनीति पूरी तरह बेनकाब हो गई.जिस बांग्लादेश को PCB ने बायकॉट की मुहिम में आगे किया, उसी को यू-टर्न के वक्त पूरी तरह किनारे कर दिया गया. न कोई साझा बयान, न कोई संयुक्त विरोध, न कोई नैतिक जिम्मेदारी.दबाव बनाने के लिए बांग्लादेश का इस्तेमाल हुआ, लेकिन जब ICC के सामने चाल नाकाम हुई, तो पाकिस्तान ने अकेले पीछे हटना बेहतर समझा. यह ‘साझा चिंता’ नहीं, बल्कि सुविधाजनक साझेदारी थी- काम निकलते ही खत्म. यहीं PCB का दोहरा चरित्र उजागर होता है.पहले बांग्लादेश को ढाल बनाना और फिर हालात बिगड़ते ही उसे मैदान में अकेला छोड़ देना. क्रिकेट नहीं, आर्थिक हकीकत ने तोड़ा भ्रम PCB शायद यह भूल बैठा कि आधुनिक क्रिकेट भावनाओं और नारों से नहीं चलता. भारत–पाक मुकाबला किसी भी ICC टूर्नामेंट की आर्थिक रीढ़ है. इस एक मैच से जुड़े प्रसारण अधिकार, विज्ञापन, प्रायोजन और वैश्विक दर्शक संख्या पूरे आयोजन की दिशा तय करते हैं. इस मैच के न होने से ICC को झटका जरूर लगता, लेकिन सबसे बड़ा नुकसान पाकिस्तान को ही उठाना पड़ता- आर्थिक रूप से भी और क्रिकेटिंग प्रासंगिकता के लिहाज से भी. ICC के सामने नहीं चलीं शर्तें PCB की उम्मीद थी कि हाइब्रिड मॉडल, विशेष प्रावधान या राजनीतिक सहानुभूति के जरिए वह ICC को झुका लेगा. लेकिन परिषद ने इस बार साफ कर दिया कि टूर्नामेंट किसी एक बोर्ड की जिद से नहीं चलेगा. जब यह संदेश स्पष्ट हो गया कि न तो ढांचा बदलेगा और न ही भारत पर कोई दबाव बनेगा, PCB का सख्त रुख अचानक पिघल गया. भारत–पाक मैच खेलने पर सहमति बन गई, लेकिन यह सहमति किसी समझौते की जीत नहीं, बल्कि मजबूरी की स्वीकारोक्ति है. PCB न तो कोई शर्त मनवा सका, न किसी तरह की नैतिक या कूटनीतिक बढ़त हासिल कर पाया. जिस बायकॉट को ‘सिद्धांत’ बताया गया था, वह अंततः खोखली बयानबाजी साबित हुआ. … साख पर गहरा दाग इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा नुकसान पाकिस्तान क्रिकेट की विश्वसनीयता को हुआ. बार-बार राजनीतिक दबाव की रणनीति अपनाकर PCB ने यह संदेश दिया कि वह क्रिकेट को खेल की बजाय मंच के रूप में इस्तेमाल करता है. इसका असर सिर्फ बोर्ड की छवि पर नहीं, बल्कि खिलाड़ियों, प्रशंसकों और अंतरराष्ट्रीय भरोसे पर भी पड़ता है. नतीजा पहले से तय था भारत-पाक मुकाबले को लेकर PCB की रणनीति हर मोर्चे पर विफल रही. बायकॉट की धमकी बेअसर रही, बांग्लादेश की आड़ बेनकाब हुई और ICC पर दबाव नहीं बन सका.अंततः वही हुआ, जो शुरू से तय था- मैच खेला जाएगा, नियम ICC तय करेगी और झुकना पाकिस्तान को ही पड़ा.

मैच से पहले राजनीति: PAK की 3 शर्तों पर भारत से भिड़ंत, ICC का क्या होगा फैसला?

 इस्लामाबाद आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में मुकाबला खेला जान है. पाकिस्तान सरकार ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम को मैदान पर उतरने की परमिशन नहीं दी, जिसके चलते विवाद गहरा गया. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को वॉर्निंग देते हुए कहा था कि यदि वो इस मैच का बायकॉट करता है, तो उसे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि टूर्नामेंट में चयनात्मक भागीदारी स्वीकार नहीं की जाएगी और किसी भी टीम को समझौते के तहत सभी मैच खेलने होंगे. आईसीसी ने चेताया था कि अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से पीछे हटता है, तो उसे भारी आर्थिक नुकसान और संभावित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. आईसीसी की सख्ती के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बैकफुट पर आया. पूरे मुद्दे को सुलझाने के लिए लाहौर में रविवार देर शाम आईससी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई. पाकिस्तान ने बांग्लादेश को भी इस बैठक में आमंत्रित किया था. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ‘बुलबुल’ ने इस बैठक में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया. अब जल्द ही कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए  तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं… 1. पीसीबी की पहली और सबसे बड़ी मांग आईसीसी के रेवेन्यू मॉडल से जुड़ी है. पाकिस्तान चाहता है कि उसे आईसीसी की कमाई में ज्यादा हिस्सा मिले. हालांकि आईसीसी का रेवेन्यू वितरण पहले से तय नियमों के तहत होता है, इसलिए इस मांग पर तुरंत फैसला आसान नहीं माना जा रहा. 2. पाकिस्तान की दूसरी शर्त भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट को फिर से शुरू करने की है. लेकिन यह मामला आईसीसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता क्योंकि दोनों देशों के बीच सीरीज का फैसला संबंधित क्रिकेट बोर्ड और सरकारों के स्तर पर होता है. ऐसे में इस मांग को मानना बेहद मुश्किल माना जा रहा है. 3. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैचों के दौरान खिलाड़ियों के बीच अनिवार्य हैंडशेक प्रोटोकॉल लागू करने की भी बात कही है. हालांकि मौजूदा नियमों के मुताबिक हैंडशेक अनिवार्य नहीं है और यह पूरी तरह टीमों की आपसी सहमति पर निर्भर करता है. इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम के मैचों के वेन्यू बदलने की मांग की थी. हालांकि आईसीसी ने इस मांग को खारिज कर दिया और बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया. इसके बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ कोलंबो में होने वाला ग्रुप मैच नहीं खेलने की बात कही थी. इस विवाद पर श्रीलंका ने भी नाराजगी जताई थी. श्रीलंका क्रिकेट का कहना है कि अगर पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करता है तो इससे पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भारी नुकसान होगा. साथ ही श्रीलंका ने पाकिस्तान को उस दौर की याद भी दिलाई कि जब उसे अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार का सामना करना पड़ा और कैसे श्रीलंकाई टीम ने पाकिस्तान में इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी में मदद की. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि वर्ल्ड कप की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है. हालांकि आईसीसी ने बातचीत के दरवाजे खुले रखे थे. अब सबकी नजर इस अहम बैठक के नतीजे पर टिकी हुई हैं.

नीदरलैंड्स के खिलाफ पाकिस्तान की मुश्किल जीत, आखिरी ओवर में पसीने छूटे

 कोलंबो आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में बड़ा उलटफेर होते-होते बचा. पाकिस्तान और नीदरलैंड के बीच ये मुकाबला कोलंबो में खेला गया. जिसमें पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. नीदरलैंड्स की टीम ने 148 का लक्ष्य रखा था. लेकिन इसके जवाब में उतरी पाकिस्तान एक समय पर बेहद मुश्किल स्थिति में आ गई थी. लेकिन फहीम अशरफ की ताबड़तोड़ पारी के चलते पाकिस्तान ने ये मैच 3 विकेट से जीत लिया. ऐसे रही पाकिस्तान की बल्लेबाजी 148 के जवाब में उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद आक्रामक रही. साहिबजादा फरहान और सैम अयूब ने तेज शुरुआत की. लेकिन तीसरे ही ओवर में पाकिस्तान को पहला झटका लगा, जब सैम अयूब आउट हुए. अयूब ने 24 रन बनाए. लेकिन कप्तान सलमान आगा भी ज्यादा नहीं चल सके. उनके बल्ले से केवल 12 रन आए. इसके बाद साहिबजादा फरहान और बाबर आजम के बीच अच्छी साझेदारी हुई. 10 ओवर में पाकिस्तान का स्कोर 90-2 था. लेकिन इसके बाद नीदरलैंड्स ने कमाल की वापसी की. बैक-टू-बैक पाकिस्तान को 3 झटके दिए. आलम ये हुआ की 13 ओवर में पाकिस्तान के 103 रन पर 5 विकेट गिर गए. बाबर आजम 18 गेंद में 15 रन बनाकर आउट हुए. फरहान भी फिफ्टी से चूक गए. और उस्मान खान खाता भी नहीं खोल सके. 16वें ओवर में पाकिस्तान को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब मोहम्मद नवाज 13 गेंद में 6 रन बनाकर आउट हो गए. तब पाकिस्तान को 4 ओवर में 34 रन चाहिए थे. लेकिन 17वें ओवर की पहली ही गेंद पर शादाब भी चलते बने. इसके बाद पाकिस्तान को 3 ओवर में 33 रन चाहिए थे. लेकिन 19वें ओवर में फहीम अशरफ ने 24 रन ठोक दिए और मैच पाकिस्तान की ओर मोड़ दिया. आखिरी ओवर में केवल 5 रन चाहिए थे. पाकिस्तान ने ये मैच 3 विकेट से जीत लिया. फहीम पाकिस्तान के लिए गेम चेंजर बने, जिन्होंने 11 गेंद में 29 रन ठोके. जिसमें 3 छक्के शामिल थे. ऐसे रही नीदरलैंड्स की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने उतरी नीदरलैंड्स की शुरुआत अच्छी रही. पहले विकेट के लिए 28 रनों की साझेदारी हुई. चौथे ओवर में पहला विकेट मैक्स का गिरा. इसके बाद अगले ही ओवर में माइकल भी चलते बने. लेकिन इसके बाद नीदरलैंड्स ने अच्छी बल्लेबाजी. खास बात ये रही की रनों की गति नहीं रुकी. 13वें ओवर में जब नीदरलैंड्स को चौथा झटका लगा जब उसका स्कोर 105 था.  नीदरलैंड्स की ओर से सबसे ज्यादा रन स्कॉट एडवर्ड्स ने बनाए. उन्होंने 37 रन बनाए. उनकी इस पारी के दम पर नीदरलैंड्स ने 147 रन बनाए. वहीं, पाकिस्तान की ओर से सलमान मिर्जा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके. वहीं, सैम अयूब, अबरार और नवाज को 2-2 विकेट मिले. शाहीन आफरीदी को 2 ओवर में 28 रन पड़े और केवल 1 विकेट मिला.  

PAK में कंगाली का आलम, गटर के ढक्कन तक चोरी, सरकार सख्त कानून लाने को मजबूर

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में खुले मैनहोल का मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर ट्रेंड कर रहा है. दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक कराची और लाहौर से कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग सड़क पर चलते-चलते अचानक ‘गायब’ होते दिखते हैं. ये कोई मैजिक या ट्रिक वीडियो नहीं, बल्कि खुले मैनहोल और चोरी हुए ढक्कनों की वजह से हो रहे खतरनाक हादसे हैं. 3 साल के बच्चे का दर्दनाक वीडियो वायरल पाकिस्तान के कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसे कई मामलों का जिक्र है, जहां ढक्कन चोरी या गायब होने के कारण लोगों की जान पर बन आई है. सबसे ज़्यादा वायरल वीडियो कराची के निपा चौरंगी का है, जहां 3 साल का बच्चा इब्राहिम दुकान से बाहर निकलकर दौड़ता है और अचानक खुले मैनहोल में गिर जाता है. यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से फैली और पूरे पाकिस्तान में गुस्से की लहर दौड़ गई. लोगों ने नगरपालिका पर लापरवाही का आरोप लगाया और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए. मां-बेटी की मौत ने हिला दिया पंजाब लाहौर के भत्ती गेट इलाके में भी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. यहां एक मां और उसकी 10 महीने की बच्ची खुले मैनहोल में गिरकर डूब गईं. यह वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ और पूरे पंजाब में हड़कंप मच गया. इसके अलावा शहर में बच्चों और महिलाओं के अचानक सड़क के भीतर गिरने के कई अन्य वीडियो भी सामने आए, जिन्होंने आम जनता में डर और नाराजगी दोनों बढ़ा दी. डेली पाकिस्तान के मुताबिक, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने इन हादसों के बाद कड़ा कदम उठाया है. उन्होंने घोषणा की कि अब मैनहोल ढक्कन चुराने, खरीदने या बेचने वालों को 1 से 10 साल की जेल और भारी जुर्माना लगेगा. मरियम ने अफसरों को फटकारते हुए कहा कि वे हर रात यह जांचती हैं कि कहां-कहां ढक्कन गायब हैं, क्योंकि यह लोगों की जान का मामला है.मरियम नवाज ने पूरे पंजाब में ऐसे नए ढक्कन लगाने का आदेश दिया है जिन्हें बेचा न जा सके. कुछ जिलों में GPS ट्रैकर वाले कवर लगाने की योजना भी चर्चा में है, ताकि चोरी की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके. ढक्कन चोरी का बढ़ता रैकेट ढक्कन चोरी की घटनाओं ने पाकिस्तान की सड़कों को और असुरक्षित बना दिया है. कई वायरल क्लिप्स में देखा गया कि कुछ लोग महंगी कारों से उतरकर मैनहोल के ढक्कन चुरा रहे हैं. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि इस्लामाबाद में 1600 से ज्यादा मैनहोल कवर गायब होने की रिपोर्ट सामने आई है. सोशल मीडिया पर लोग तंज कसते दिखे-पाकिस्तान में अब गटर के ढक्कन भी सुरक्षित नहीं! पाकिस्तान में (खासकर लाहौर, कराची जैसे बड़े शहरों में) गटर के ढक्कन की चोरी का मुख्य कारण आर्थिक संकट और स्क्रैप (कबाड़) में लोहे की ऊंची कीमत है.इस लोहे को चुराकर कबाड़ी बाजार, फैक्ट्रियों या हार्डवेयर दुकानों में बेच दिया जाता है, जिससे चोरों को तुरंत कुछ सौ से हजार रुपये मिल जाते हैं.

FATF ने पाकिस्तान को फिर से ग्रे लिस्ट में नहीं डाला, भारत की कोशिश हुई नाकाम !

इस्लामाबाद  मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग पर नजर रखने वाली संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में नहीं डाला है। इस फैसले पर पाकिस्तान में जश्न का माहौल है। पाकिस्तान का दावा है कि एफएटीएफ ने उसे ग्रे लिस्ट में डालने के भारत के प्रयासों को नजरअंदाज किया है। ऐसे में पाकिस्तान इसे खुद की जीत के तौर पर प्रस्तुत कर रहा है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तो सार्वजनिक तौर पर इसे पाकिस्तान की जीत और भारत की हाल के रूप में प्रस्तुत किया है। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में तनाव बढ़ गया है। मई के शुरुआती हफ्तों में दोनों देशों के बीच सीमित संघर्ष भी देखने को मिला था। पाकिस्तान ने क्या दावा किया था पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत ने जून में हुए एफएटीएफ की बैठक के दौरान पाकिस्तान को फिर से अपनी ग्रे लिस्ट में डालने के लिए काफी दबाव डाला था। FATF की ग्रे लिस्ट में किसी देश को तब तक निगरानी में रखा जाता है, जब तक कि वह अपनी वित्तीय प्रणाली में पहचानी गई खामियों को ठीक नहीं कर लेता। पाकिस्तान को 2022 में FATF की ग्रे लिस्ट से हटा दिया गया था। हालांकि, इसके बावजूद पाकिस्तान ने कोई सुधार नहीं किया है और आतंकवादियों को न सिर्फ सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध करा रहा है,बल्कि टेरर फाइनेंसिंग जैसे आपराधिक कामों में भी शामिल है। रेडियो पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ उगला जहर पाकिस्तान के सरकारी प्रसारक रेडियो पाकिस्तान ने शनिवार को बताया, “वित्तीय कार्रवाई कार्य बल ने शनिवार को हुई अपनी बैठक में पाकिस्तान को ग्रे सूची में नहीं डालने का फैसला किया है।” उसने आगे यह भी कहा, “एफएटीएफ के फैसले के बाद, भारत अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में पूरी तरह विफल रहा है, क्योंकि भारतीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल ने एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान को एक बार फिर ग्रे सूची में शामिल कराने के लिए पुरजोर प्रयास किया।” भारत और एफएटीएफ ने नहीं दी प्रतिक्रिया एफएटीएफ या भारत सरकार ने अभी तक इस घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह निगरानी संस्था आमतौर पर प्रत्येक वर्ष अक्टूबर, फरवरी और जून में अपनी पूर्ण बैठकें आयोजित करती है। रेडियो पाकिस्तान ने बताया कि चीन ने एफएटीएफ की बैठक में इस्लामाबाद के पक्ष में “स्पष्ट रुख” अपनाया, जबकि तुर्की और जापान ने भी पाकिस्तान को ग्रे सूची में नहीं डालने के लिए “पूरी तरह से समर्थन” दिया। सरकारी प्रसारक ने इसे पाकिस्तान के राजनयिक मिशन की जीत बताते हुए कहा, “भारत इजरायल की मदद से पाकिस्तान के खिलाफ एफएटीएफ का इस्तेमाल करने की पूरी कोशिश कर रहा था।” ख्वाजा आसिफ ने बताया पाकिस्तान की जीत पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत और इजरायल के ठोस प्रयासों के बावजूद वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) द्वारा पाकिस्तान को फिर से अपनी “ग्रे लिस्ट” में न डालने का फैसला एक बड़ी जीत है। रविवार को एक्स पर एक पोस्ट में, आसिफ ने कहा कि एफएटीएफ ने एक दिन पहले अपने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह की बैठक के बाद पाकिस्तान को फिर से सूचीबद्ध न करने का फैसला किया है। उन्होंने लिखा, “यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी जीत है कि भारत और इजरायल की तमाम साजिशों के बावजूद पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है।” उन्होंने इस फैसले का श्रेय प्रमुख सहयोगियों के मजबूत समर्थन को दिया। आसिफ ने कहा, “चीन ने स्पष्ट रुख अपनाया और पाकिस्तान को राहत देने का समर्थन किया, जबकि तुर्की ने चीन के रुख का समर्थन किया।” “जापान ने भी पाकिस्तान का पूरा समर्थन किया क्योंकि वह एशिया प्रशांत समूह (एपीजी) का सह-अध्यक्ष है।”

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों स्टार पीसीबी के T20I प्लान में ही नहीं

कराची पाकिस्तानी क्रिकेट के तीन मौजूदा सुपर स्टार के टी-20 इंटरनेशनल करियर पर ग्रहण सा लगता दिख रहा है। बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और शाहीन शाह अफरीदी अब पीसीबी के T20I प्लान में ही नहीं हैं। एक पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ये दावा किया गया है। अगर उनकी जगह लेने वाले नए खिलाड़ी खुद को स्थापित करने में कामयाब हुए तो पाकिस्तान के इन तीनों सुपर स्टार का टी-20I करियर खत्म भी हो सकता है। जंग अखबार ग्रुप के स्पोर्ट्स टीवी चैनल ‘जियो सुपर टीवी’ ने अपनी ऑनलाइन पब्लिश रिपोर्ट में बताया है कि आगामी श्रृंखलाओं के लिए इन तीनों खिलाड़ियों के नाम पर विचार नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने हालिया टी-20 स्क्वॉड के लिए जिन नामों पर चर्चा की उनमें मोहम्मद रिजवान, बाबर आजम और शाहीन अफरीदी के नाम नदारद थे। बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान तो पहले ही टी-20 इंटरनेशनल के लिए नजरअंदाज किए जा चुके हैं। दोनों ने अपना आखिरी T20I पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में खेला था। शाहीन शाह अफरीदी ने पाकिस्तान सुपर लीग में जबरदस्त प्रदर्शन किया था। इसलिए उन्हें पाकिस्तान के टी-20 इंटरनेशनल के सेटअप से बाहर रखना हैरान करता है। हालांकि, जियो सुपर टीवी ने पीसीबी सूत्रों के हवाले से बताया है कि समस्या अफरीदी के एटिट्यूड से है। उनके रवैये और व्यवहार की वजह से चयनकर्ता सख्त रुख के लिए मजबूर हुए हैं। जियो सुपर ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि चयनकर्ता पाकिस्तान के आगामी विदेश दौरों के लिए संभावित खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट कर रहे हैं। जुलाई में पाकिस्तान बांग्लादेश के खिलाफ 3 टी-20 मैच की सीरीज खेल सकता है। इस बीच मोहम्मद रिजवान, शाहीन अफरीदी, हारिस रऊफ और शादाब खान ने बिग बैश लीग के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।

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