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ग्वालियर से घंटों उड़ान नहीं भर सका PM Modi का विमान, सामने आई ये बड़ी वजह

ग्वालियर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के दूसरे सबसे बड़े एयरबेस महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन पर शुक्रवार को करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ गया। दिल्ली में खराब मौसम होने के कारण पीएम मोदी के विमान को क्लियरेंस नहीं मिल सका था, इस वजह से पीएम मोदी काफी देर तक प्लेन में बैठे रहें। अलर्ट पर रही पुलिस व सुरक्षा एजेंसिया पीएम मोदी अशोकनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे और इस दौरान ग्वालियर में उनकी ट्रांजिट विजिट थी। दोपहर दो बजे के करीब उनका विशेष विमान महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा था। अशोकनगर में कार्यक्रम खत्म होने के बाद पीएम मोदी शाम करीब साढ़े छह बजे दिल्ली के लिए रवाना होने वाले थे। लेकिन खराब मौसम की वजह से लगभग एक घंटे के बाद क्लियरेंस मिल सका, जिसके बाद शाम साढ़े सात बजे उनके विमान ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी। जितनी देर तक पीएम मोदी महाराजपुरा एयरबेस स्टेशन पर मौजूद रहे, इस दौरान पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसिया हाई अलर्ट पर रहीं। अधिकारियों ने बताया कि पीएम मोदी करीब एक घंटे तक विमान के अंदर ही बैठे रहे। प्रभारी मंत्री सहित नेताओं ने की पीएम मोदी की अगवानी प्रधानमंत्री की अगवानी जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, उद्यनिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर व महापौर डॉ. शोभा सिकरवार, जिपं अध्यक्ष दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव, मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाना, कलेक्टर रुचिका चौहान व पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने की। क्यों खास है ग्वालियर एयरबेस? पीएम मोदी ने जिस एयरबेस पर क्लियरेंस के लिए एक घंटे तक इंतजार किया, वह महाराजपुरा एयरबेस देश में सामरिक दृष्टि से एक खास महत्व रखता है। भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान ग्वालियर एयरबेस से भी लड़ाकू विमानों ने भाग लिया था। वहीं एयर टू एयर वायुसेना के विमानों में रि-फ्यूलिंग का इतिहास भी ग्वालियर एयरबेस के आसमान में रचा गया था। इंडियन एयरफोर्स के मिराज एयरक्राफ्ट का ग्वालियर स्थित महाराजपुरा एयरबेस सबसे बड़ा स्टेशन है। पहले भी मिराज कारगिल युद्ध में इतिहास लिख चुका है। कारगिल युद्ध के समय मिराज ने ग्वालियर से उड़ान भरकर तीस हजार फीट की ऊंचाई से दुश्मनों पर हमला किया था।  

योगी सरकार के आठ साल पूरे होने के बाद पहली बार वाराणसी आ रहे पीएम मोदी

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र के 50वें दौरे पर आज काशी आएंगे। वहीं, यूपी की योगी सरकार के आठ साल पूरे होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला वाराणसी दौरा होगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री काशी से जनहित की 3,884.18 करोड़ रुपए की 44 विकास योजनाओं की सौगात पूर्वांचल को देंगे। प्रधानमंत्री मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लगभग ढाई घंटे का प्रवास करेंगे। पीएम राजा तालाब के मेहदीगंज में जनसभा को भी संबोधित करेंगे। भाजपा का दावा है कि जनसभा में 50 हजार से ज्यादा जनमानस उमड़ेगा। पीएम की अगवानी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे। दोनों डिप्टी सीएम भी सभास्थल पर मौजूद रहेंगे। बनास डेयरी के चेयरमैन और गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी भी मंच पर रहेंगे। काशी और उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों के लिए विकास और कानून व्यवस्था का पैमाना बनता जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में काशी विकास के नए आयाम छू रहा है। सरकार के विकास कार्यों को जनता को समर्पित करने के लिए प्रधानमंत्री शुक्रवार को वाराणसी पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी सुबह तकरीबन 10:30 बजे पहुंचेंगे। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से ही हेलीकाप्टर द्वारा मेहंदीगंज के लिए उड़ान भरेंगे। प्रधानमंत्री 1,629.13 करोड़ की 19 योजनाओं का उद्घाटन और 2,255.05 करोड़ की 25 योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही पीएम मोदी बनास (अमूल) से जुड़े प्रदेश के लाखों दुग्ध उत्पादक किसानों को 106 करोड़ रुपए का बोनस भी ट्रांसफर कर सकते हैं। साथ ही तीन जीआई को सर्टिफिकेट और 70 वर्ष से अधिक आयु के तीन बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड देने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पित और शिलान्यास होने वाली 3,884.18 करोड़ की परियोजनाएं- लोकार्पित होने वाली 1,629.13 करोड़ की 19 योजनाएं (लागत करोड़ में) 1- जल जीवन मिशन के अंतर्गत 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का निर्माण- 345.12 2- उमरहा से अटेसुवा तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 43.85 3- बाबतपुर से जमालापुर तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 32.73 4- वाराणसी-भदोही मार्ग से सेवापुरी ब्लॉक तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 21.98 5- रामनगर-पंचवटी तिराहा से एनएच-19 तक किला कटरिया सड़क मार्ग का सुदृढ़ीकरण कार्य – 5.79 6- वाराणसी पुलिस लाइन परिसर में ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य – 24.96 7- पीएसी रामनगर परिसर में सुरक्षाकर्मी बैरक का निर्माण कार्य – 10.02 8- वाराणसी नगर के 6 वार्डों का सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य – 27.33 9- वाराणसी में सामने घाट का पुनर्विकास कार्य – 10.55 10- रामनगर, वाराणसी में शास्त्री घाट का पुनर्विकास कार्य -10.55 11- रोहनिया में मांडवी तालाब का पर्यटन विकास कार्य – 4.18 12- राजकीय पॉलिटेक्निक, ग्राम कुरु, पिंडरा का निर्माण कार्य – 10.60 13- सरदार वल्लभ भाई पटेल राजकीय महाविद्यालय, ग्राम बरकी सेवापुरी का निर्माण कार्य – 7.60 14- वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्र में 100 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य – 12.00 15- वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्र में 356 पुस्तकालयों का स्थापना कार्य – 7.12 16- वाराणसी शहर में महत्वपूर्ण स्थलों पर स्कल्पचर स्थापित किए जाने का कार्य – 9.34 17- 400 केवी सब स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइनें, साहूपुरी, चंदौली – 493.97 18- 400 केवी सब स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइन, मछलीशहर जौनपुर – 428.74 19- 400 केवी सब स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइनें, भदौरा गाजीपुर – 122.70 शिलान्यास होने वाली 2,255.05 करोड़ की योजनाएं (लागत करोड़ में) 1- लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट वाराणसी के समीप एनएच-31 पर अंडर पास टनल का निर्माण – 652.64 2- वाराणसी में विद्युत तंत्र प्रणाली के उन्नयन व आधुनिकीकरण के कार्य – 584.41 3- वाराणसी नगर में एमएसएमई यूनिटी मॉल का निर्माण कार्य – 154.71 4- वाराणसी रिंग रोड तथा सारनाथ के मध्य सड़क सेतु का निर्माण कार्य – 161.36 5- भिखारीपुर तिराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण – 118.84 6- मंडुवाडीह चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण – 56.73 7- काजीसराय से गैरहा मुर्दहा सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 23.66 8- कुरु कोइलर से धौकलगंज सरावां सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 18.08 9- हाथीवार चुरापुर बाबतपुर सड़क मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य – 6.62 10- बाबतपुर से चौबेपुर तक सड़क मार्ग का नवीनीकरण कार्य – 9.85 11- पुलिस लाइन वाराणसी में आवासीय छात्रावास का निर्माण कार्य – 76.42 12- वाराणसी में थाना शिवपुर के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य – 10.60 13- वाराणसी में थाना मिर्जामुराद के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य – 7.99 14- वाराणसी में थाना लालपुर पांडेयपुर के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य – 7.31 15- वाराणसी में थाना बड़ागांव के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य – 7.14 16- वाराणसी शहर में विभिन्न पार्कों का सौंदर्यीकरण कार्य – 25.00 17- वाराणसी मोहनसराय स्थित ट्रांसपोर्ट नगर योजना के विकास कार्य – 12.00 18- शिवपुर वाराणसी में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य – 6.15 19- भेलूपुर वाराणसी में ग्रिड से जुड़ा ग्राउंड/रूफटॉप डब्ल्यूटीपी पर 1 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र – 9.26 20- वाराणसी शहर में स्मार्ट क्लास के साथ 77 प्राथमिक विद्यालय भवनों का नवीनीकरण – 12.60 21- उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी में सिंथेटिक हॉकी टर्फ मैदान, फ्लड लाइट, दर्शक दीर्घा और खिलाड़ियों की सुविधाओं का निर्माण – 8.37 22- वाराणसी की 40 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवनों का निर्माण कार्य – 30.50 23- कस्तूरबा गांधी विद्यालय, चोलापुर, वाराणसी के भवन का निर्माण कार्य – 4.17 24- 220 केवी सब स्टेशन का निर्माण कार्य संपूर्णानंद विश्वविद्यालय वाराणसी – 191.14 25- 132 केवी सबस्टेशन का निर्माण कार्य, गाजीपुर – 59.50

भारत से यूरोप तक बनेगा सीधा रास्ता, अब इस प्रोजेक्ट पर तेजी लाने को लेकर पीएम मोदी की सऊदी अरब के नेताओं से होगी बात

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी अप्रैल के तीसरे सप्ताह में सऊदी अरब जा सकते हैं। अभी तारीखों पर अंतिम फैसला होना बाकी है, लेकिन उनका दौरा करीब-करीब तय हो गया है। दो दिनों का उनका यह दौरा होगा, जिसमें वह सऊदी अरब के नेताओं के साथ कारोबार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा संबंधों को लेकर बात करेंगे। इसके अलावा एक बड़ा एजेंडा IMEC यानी इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकनॉमिक कॉरिडोर भी होगा। इस पर जी-20 समिट के दौरान सहमति बनी थी और अब इस प्रोजेक्ट पर तेजी लाने को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी की सऊदी अरब के नेताओं से बात होगी। भारत से यूरोप तक बनने वाले रास्ते में सऊदी अरब भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो दुनिया का सबसे ताकतवर इस्लामिक मुल्क है। चार सालों के अंतराल के बाद पीएम नरेंद्र मोदी सऊदी अरब पहुंचने वाले हैं। दिल्ली में 2023 में जी-20 समिट का आयोजन हुआ था। इसी दौरान IMEC को लेकर सहमति बनी थी। यह कॉरिडोर भारत के लिए भू-राजनीतिक और आर्थिक तौर पर बेहद अहम है। इस प्रोजेक्ट के तहत भारत से मिडल ईस्ट होते हुए यूरोप तक जो गलियारा जाएगा, उसमें रेल, रोड नेटवर्क शामिल होगा। इसके अलावा सड़क परिवहन भी शामिल रहेगा। पहले चरण में यह भारत से मध्य पूर्व तक होगा। इसके अलावा दूसरा हिस्सा मध्य पूर्व से यूरोप के बीच होगा। पहले पार्ट को पूर्वी कॉरिडोर कहा गया है, जो भारत के मुंबई से होते हुए मिडल ईस्ट तक जाएगा। फिर मिडल ईस्ट से सऊदी अरब तक के रास्ते को नॉदर्न कॉरिडोर कहा जाएगा। IMEC कॉरिडोर में इलेक्ट्रिसिटी केबल, हाइड्रोजन पाइपलाइन और हाईस्पीड डेटा केबल भी शामिल होंगे। इस कॉरिडोर में भारत, अमेरिका, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, इटली, फ्रांस और जर्मनी शामिल होंगे। इसके अलावा यूरोपियन यूनियन भी इसका हिस्सा है। इस रूट पर भारत के तीन पोर्ट शामिल होंगे- गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह। इसके अलावा नवी मुंबई का जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट भी इसका हिस्सा होगा। फिर मध्य पूर्व देश फुजैराह, जेबेल अली और अबू धाबी बंदरगाह भी इसमें शामिल होंगे। सऊदी अरब के दम्मम और रास अल खैर भी इस कॉरिडोर का हिस्सा होंगे। दिलचस्प बात है कि रेलवे लाइन भी इस कॉरिडोर में होगी और इसका हिस्सा इजरायल भी होगा। रेलवे लाइन संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह पोर्ट से गुजरेगी। इसके अलावा इजरायल के हाइफा पोर्ट को भी रेलवे लाइन कनेक्ट करेगी। फिर सऊदी अरब और जॉर्डन भी इस रेल लाइन का हिस्सा होंगे। अब यूरोप की बात करें तो ग्रीस का पिराएस पोर्ट, साउथ इटली का मेसिना और फ्रांस का मार्सिले पोर्ट भी इसी रूट पर आएगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए भारत से यूरोप तक सस्ता और सुगम सफऱ होगा। इसके अलावा मालवाहक जहाजों का सफऱ भी आसान होगा। खासतौर पर पाकिस्तान के भू-राजनीतिक महत्व को भी भारत कमतर कर पाएगा। इसके अलावा चीन के बेल्ट ऐंड रोड प्रोजेक्ट को भी यह गलियारा टक्कर दे सकेगा। खासतौर पर यूरेशिया क्षेत्र में चीन के बीआरआई को इससे टक्कर मिलेगी। अमेरिका भी इस परियोजना में खास दिलचस्पी है क्योंकि वह इसके माध्यम से एशिया से यूरोप तक चीन को टक्कर देने की कोशिश में है।

‘नवकार महामंत्र दिवस’: पीएम बोले- सरकार इस प्राचीन धर्म की विरासत और शिक्षाओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘नवकार महामंत्र दिवस’ पर आयोजित ‘नवकार महामंत्र’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बिना जूते के पहुंचे। इसके अलावा उन्होंने मंच पर नहीं बल्कि आम लोगों के साथ बैठकर कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक धोती और कुर्ता धारण किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि जैन धर्म ने भारत की पहचान स्थापित करने में अमूल्य भूमिका निभाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके मूल्य आतंकवाद, युद्ध और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों से पार पाने में मददगार हैं। पीएम मोदी ने ‘नवकार महामंत्र दिवस’ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार इस प्राचीन धर्म की विरासत और शिक्षाओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तीर्थंकरों की शिक्षाओं और मूर्तियों के जरिए इस धर्म का प्रभाव संसद भवन पर दिखाई देता है। क्यों मनाया जाता है नवकार महामंत्र दिवस? नवकार महामंत्र दिवस आध्यात्मिक सद्भाव और नैतिक चेतना का एक महत्वपूर्ण उत्सव है, जो जैन धर्म में सबसे अधिक पवित्र है। इस नवकार महामंत्र के सामूहिक जप के माध्यम से लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया जाता है। इस दौरान 108 से अधिक देशों के लोग शांति और एकजुटता के लिए वैश्विक जप में शामिल हुए। अनेकांतवाद के सिद्धांत का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि दुनिया को इसकी बहुत जरूरत है क्योंकि इसके तहत विभिन्न दृष्टिकोणों की सराहना की जाती है। अनेकांतवाद जैन धर्म में गैर-निरपेक्षता को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख सिद्धांत है। इसके तहत यह माना जाता है कि अंतिम सत्य को अलग-अलग तरीके से देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म में जीवन की पारस्परिक निर्भरता का खासा महत्व है और इसलिए इसमें मामूली हिंसा पर भी रोक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शांति, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के लिए सबसे अच्छा सबक है। मोदी ने कहा कि जैन साहित्य भारत की आध्यात्मिक भव्यता की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इसे संरक्षित करने के लिए कई कदम उठा रही है, जिसमें इसके प्राचीन ग्रंथों का डिजिटलीकरण और पाली व प्राकृत को शास्त्रीय भाषा घोषित करने की हालिया योजना भी शामिल है। मोदी ने लोगों से जल संरक्षण, अपनी मां की याद में एक पेड़ लगाना, स्वच्छता को बढ़ावा देना, स्थानीय लोगों के लिए मुखर होना, देश में यात्रा करना, प्राकृतिक खेती को अपनाना, मोटे अनाजों का अधिक सेवन कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और खाद्य तेल के उपयोग में 10 प्रतिशत की कटौती करना, गरीबों की मदद करना और खेल तथा योग को दिनचर्या में सम्मिलित करने समेत नौ प्रतिज्ञाएं लेने का अनुरोध किया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से देश भर में एकता का संदेश ले जाने और “भारत माता की जय” कहने वाले किसी भी व्यक्ति को गले लगाने को कहा।

पीएम मोदी ने कहा- हजारों साल पुराने शहर को 21वीं सदी के इंजीनियरिंग चमत्कार से जोड़ा जा रहा है

रामेश्वरम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामेश्वरम में विशाल जनसमूह के समक्ष प्रदेश के मुखिया एमके स्टालिन से अपील की। ये अपील ‘भाषा’ को लेकर थी। उन्होंने आग्रह किया कि गरीब बच्चों की सुविधा को ध्यान में रख प्रदेश सरकार मेडिकल कोर्स तमिल भाषा में कराए। पीएम मोदी ने तमिलनाडु सरकार से एक अपील की। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में 1400 से ज्यादा जनऔषधि केंद्र हैं। यहां 80 फीसदी डिस्काउंट पर दवाएं मिलती हैं। इससे भी तमिलनाडु के लोगों की 7 हजार करोड़ रुपए की बचत हुई। देश के नौजवानों को डॉक्टर बनने के लिए विदेश जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। इसके लिए बीते सालों में तमिलनाडु को 11 मेडिकल कॉलेज मिले हैं। अब गरीब से गरीब बेटा-बेटी भी डॉक्टर बन सकते हैं। मैं तमिलनाडु सरकार से कहना चाहता हूं कि वे तमिल भाषा में मेडिकल कोर्स जारी करें, ताकि अंग्रेजी न जानने वाले गरीब परिवार के बेटे-बेटी भी डॉक्टर बन सकें।” इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हजारों साल पुराने शहर को 21वीं सदी के इंजीनियरिंग चमत्कार से जोड़ा जा रहा है। मैं अपने इंजीनियरों और श्रमिकों को उनकी कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद देता हूं। यह पुल भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे समुद्री पुल है। इसके नीचे से बड़े जहाज गुजर सकेंगे। इस पर ट्रेनें भी तेजी से चल सकेंगी। नई ट्रेन सेवा से रामेश्वरम से चेन्नई और देश के अन्य हिस्सों तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे तमिलनाडु में व्यापार और पर्यटन दोनों को लाभ होगा। युवाओं के लिए नई नौकरियां और अवसर भी पैदा होंगे। बीते 10 वर्षों में, भारत ने अपनी इकोनॉमी का साइज दोगुना किया है। इतनी तेज ग्रोथ का एक बड़ा कारण हमारा शानदार मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर भी है। बीते 10 वर्षों में हमने रेल, रोड, एयरपोर्ट, पानी, पोर्ट, बिजली, गैस पाइपलाइन, ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट करीब 6 गुना बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में बड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं। उत्तर में, जम्मू और कश्मीर में, दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुलों में से एक, चेनाब ब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका है। पश्चिम में, मुंबई में, भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल, अटल सेतु का निर्माण किया गया है। पूर्व में, असम में, आप बोगीबील ब्रिज देख सकते हैं और दक्षिण में, दुनिया के कुछ वर्टिकल लिफ्ट ब्रिजों में से एक, पंबन ब्रिज का निर्माण किया गया है। आज देश में बहुत तेजी से मेगा परियोजनाओं पर काम हो रहा है। तमिलनाडु विकसित भारत की ओर बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि मेरा मानना है कि तमिलनाडु की क्षमता का एहसास होने पर देश का समग्र विकास बेहतर होगा। साल 2014 से पहले रेल प्रोजेक्ट के लिए हर साल सिर्फ 900 करोड़ रुपये ही मिलते थे। इस वर्ष तमिलनाडु का रेल बजट 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है और भारत सरकार यहां के 77 रेलवे स्टेशनों को मॉडर्न भी बना रही है। इसमें रामेश्वरम का रेलवे स्टेशन भी शामिल है। विकसित भारत के सफर में तमिलनाडु का बहुत बड़ा रोल है। मैं मानता हूं, तमिलनाडु का सामर्थ्य जितना ज्यादा बढ़ेगा, भारत की ग्रोथ उतनी तेज होगी। पीएम मोदी ने प्रदेश सरकार को पहुंचाई जा रही मदद का जिक्र किया। उन्होंने कहा, बीते दशक में, तमिलनाडु के विकास के लिए 2014 की तुलना में तीन गुना ज्यादा पैसा केंद्र सरकार की ओर से दिया गया है। तमिलनाडु का बुनियादी ढांचा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले एक दशक में राज्य का रेल बजट सात गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। इस महत्वपूर्ण वृद्धि के बावजूद, कुछ लोग बिना किसी औचित्य के शिकायत करना जारी रखते हैं। 2014 से पहले हर साल सिर्फ 900 करोड़ रुपये आवंटित किए जाते थे। हालांकि, इस साल तमिलनाडु का रेल बजट 6000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इसके अलावा, भारत सरकार 77 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण कर रही है, जिसमें रामेश्वरम का स्टेशन भी शामिल है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि आज राम नवमी का पावन पर्व है, अब से कुछ समय पूर्व अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला का सूर्य की किरणों ने भव्य तिलक किया है। भगवान श्रीराम का जीवन, उनके राज्य से मिलने वाली सुशासन की प्रेरणा राष्ट्र निर्माण का बड़ा आधार है। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे रामनाथस्वामी मंदिर में प्रार्थना करने का अवसर मिला। इस विशेष दिन पर मुझे 8300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को सौंपने का अवसर मिला। ये रेल और सड़क परियोजनाएं तमिलनाडु में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगी। मैं इन परियोजनाओं के लिए तमिलनाडु के अपने भाइयों और बहनों को बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने भाजपा स्थापना दिवस को लेकर कहा कि आज रामनवमी है, रामेश्वरम की पवित्र भूमि है, तो मेरे लिए कुछ भावुक पल भी हैं। आज भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस है। सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत के जिस लक्ष्य को लेकर हम चल रहे हैं, उसमें भाजपा के हर एक कार्यकर्ता का परिश्रम है। तीन-तीन, चार-चार पीढ़ियां मां भारती के जय जयकार के लिए खप गई हैं। मेरे लिए गर्व की बात है कि भाजपा के उस विचार ने, भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं के परिश्रम ने आज हमें देश की सेवा का अवसर दिया है। आज देश के लोग भाजपा सरकारों का गुड गर्वनेंस देख रहे हैं, राष्ट्रहित में लिए जा रहे निर्णय देख रहे हैं और हर हिंदुस्तानी का सीना चौड़ा हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में 8300 करोड़ रुपये के रेल और सड़क प्रोजेक्ट्स का किया लोकार्पण

तमिलनाडु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रामनवमी के अवसर पर तमिलनाडु में 8300 करोड़ रुपये के रेल और सड़क प्रोजेक्ट्स का रविवार को लोकार्पण किया गया. इनमें पंबन ब्रिज, नई ट्रेन सेवा और रामेश्वरम से चेन्नई तक बेहतर कनेक्टिविटी शामिल है. पंबन ब्रिज एशिया का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे समुद्र पुल है. प्रधानमंत्री मोदी ने देश में चल रहे भाषा विवाद के बीच तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन पर तंज कसा है. पंबन ब्रिज का लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी ने रामेश्वरम में पंबन ब्रिज का उद्घाटन किया. उन्होंने तमिलनाडु को सड़क और रेल से जुड़ी कई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया. प्रधानमंत्री ने रामनाथ स्वामी मंदिर में दर्शन किए और रामनवमी की शुभकामनाएं दीं. भाषा विवाद के बीच प्रधानमंत्री मोदी का तंज भाषा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर तंज कसा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तमिलनाडु के कई नेताओं से उन्हें पत्र मिलते हैं, लेकिन कभी भी उनपर तमिल में हस्ताक्षर नहीं किए हुए होते हैं. अगर तमिल भाषा पर इतना गर्व है तो तमिल में हस्ताक्षर करना चाहिए. तमिल भाषा और तमिल विरासत को दुनिया को हर कोने में पहुंचाने के लिए सरकार इस दिशा में काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज राम नवमी का पावन पर्व है. इस खास मौके पर रामनाथस्वामी मंदिर में प्रार्थना करने का सौभाग्य मिला. अब से कुछ समय पूर्व अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला का सूर्य की किरणों ने भव्य तिलक किया है. भगवान श्रीराम का जीवन, उनके राज्य से मिलने वाली सुशासन की प्रेरणा राष्ट्र निर्माण का बड़ा आधार है. रामनवमी के अवसर पर तमिलनाडु में ₹8300 करोड़ की विकास परियोजनाओं को समर्पित करने का अवसर मिला. बीते 10 वर्षों में, भारत ने अपनी इकोनॉमी का साइज दोगुना किया है. इतनी तेज ग्रोथ का एक बड़ा कारण हमारा शानदार मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर भी है. बीते 10 वर्षों में हमने रेल, रोड, एयरपोर्ट, पानी, पोर्ट, बिजली, गैस पाइप लाइन जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट करीब 6 गुना बढ़ाया है. ऐसा नगर (रामेश्वरम) जो हजारों साल पुराना है, अब वह 21वीं सदी की इंजीनियरिंग के चमत्कार से जुड़ रहा है. पंबन ब्रिज भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे सी ब्रिज है. अब इसके नीचे से बड़ी-बड़ी जहाज गुजरेंगी और ट्रेन अब और अधिक तेजी से गुजरेंगी. आज देशभर में कई मेगा प्रोजेक्ट्स का निर्माण चल रहा है. जम्मू-कश्मीर में दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुलों में से एक चिनाब ब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका है. मुंबई में अटल सेतु बनकर तैयार हो गया है. यह भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल है . असम का बोगीबील ब्रिज ब्रह्मपुत्र नदी पर बना है. यह देश का सबसे बड़ा रेल रोड ब्रिज है. ये सब भारत के विकास की रफ्तार और हमारे इंजीनियरों की क्षमता का प्रमाण हैं. तमिलनाडु में जब इंडिया गठबंधन की सरकार थी तो केंद्र सरकार प्रदेश को पहले की तुलना में तीन गुना अधिक फंड मुहैया कराया. जिससे प्रदेश की आर्थिक प्रगति रुकी नहीं. आज  औद्योगिक केंद्रों में तमिलनाडु देश का सबसे अग्रणी राज्य बन गया है.  

पीएम मोदी की थाइलैंड यात्रा : ‘रामकियेन’ भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है

बैंकॉक प्रधानमंत्री मोदी की थाईलैंड यात्रा के दौरान एक विशेष डाक टिकट जारी किया गया है। यह डाक टिकट 18वीं सदी की रामायण के भित्ति चित्रों पर आधारित है। पीएम मोदी ने कहा, मैं थाईलैंड सरकार का आभारी हूं कि मेरी यात्रा के उपलक्ष्य में 18वी शताब्दी की ‘रामायण’ भित्ति चित्रों पर आधारित एक विशेष डाक-टिकट जारी किया गया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बैंकॉक पहुंचने पर रामायण के थाई संस्करण ‘रामकियेन’ को देखा। ‘रामकियेन’ भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘एक अद्वितीय सांस्कृतिक जुड़ाव! थाई रामायण, रामकियेन का एक आकर्षक प्रदर्शन देखा। यह वास्तव में समृद्ध अनुभव था जिसने भारत और थाईलैंड के बीच साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को खूबसूरती से प्रदर्शित किया।’ उन्होंने लिखा, “रामायण एशिया के इतने सारे हिस्सों में दिलों और परंपराओं को जोड़ता है।” द्विपक्षीय चर्चा के बाद थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने पीएम मोदी को एक बेहद खास गिफ्ट दिया। उन्होंने पीएम मोदी को पवित्र ग्रंथ ‘द वर्ल्ड तिपिटका : सज्जया फोनेटिक एडिशन’ भेंट किया। तिपिटका (पाली में) या त्रिपिटक (संस्कृत में) भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का एक प्रतिष्ठित संकलन है, जिसमें 108 खंड हैं और इसे प्रमुख बौद्ध धर्मग्रंथ माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया गया संस्करण पाली और थाई लिपियों में लिखा गया है, जो नौ मिलियन से अधिक अक्षरों का सटीक उच्चारण सुनिश्चित करता है। यह विशेष संस्करण 2016 में थाई सरकार ने ‘विश्व तिपिटका परियोजना’ के हिस्से के रूप में राजा भूमिबोल अदुल्यादेज (राम IX) और रानी सिरीकित के 70 साल के शासनकाल की स्मृति में प्रकाशित किया था। पीएम मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री शिनावात्रा ने मुझे त्रिपिटक भेंट किया और मैंने भगवान बुद्ध की भूमि भारत की ओर से हाथ जोड़कर इसे स्वीकार किया। पिछले वर्ष भारत ने भगवान बुद्ध और उनके दो प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेष थाईलैंड भेजे थे। यह जानकर बहुत खुशी हुई कि करीब चार मिलियन लोगों ने इन अवशेषों को नमन किया।” विश्लेषकों का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री मोदी को त्रिपिटक भेंट करना भारत के आध्यात्मिक नेतृत्व और बौद्ध देशों के साथ उसके स्थायी संबंधों का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट अमेरिका में भारत का ‘महत्वपूर्ण मित्र और साझेदार’

नई दिल्ली पीएम मोदी ने मंगलवार को चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट और उनके उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का भारत में उनके पहले राजकीय दौरे पर स्वागत किया। उन्होंने चिली को लैटिन अमेरिका में भारत का ‘महत्वपूर्ण मित्र और साझेदार’ बताया। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों पर प्रकाश डाला और सहयोग को अधिक बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “लैटिन अमेरिका में चिली भारत का एक महत्वपूर्ण मित्र और साझेदार देश है। आज की चर्चाओं में हमने आने वाले दशक में सहयोग बढ़ाने के लिए कई नई पहलों की पहचान की। हम आपसी व्यापार और निवेश में बढ़ोतरी का स्वागत करते हैं। हम इस बात पर सहमत हैं कि इसमें और अधिक सहयोग की क्षमता भी है।” प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों पक्षों ने अपनी टीमों को ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ पर चर्चा शुरू करने का निर्देश दिया, जिससे व्यापार संबंधों को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे और अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी में चिली के साथ अपनी विशेषज्ञता साझा करने का इच्छुक है। उन्होंने अंटार्कटिका के प्रवेश द्वार के रूप में चिली के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित आशय पत्र का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने चिली की स्वास्थ्य सुरक्षा में भारत के योगदान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। राष्ट्रपति बोरिक ने कहा, “चिली की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत एक विश्वसनीय भागीदार रहा है। हम इस सहयोग को और गहरा करने पर सहमत हुए।” सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए, पीएम मोदी ने 4 नवंबर को राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में अपनाने के चिली के फैसले की सराहना की और इसे एक ‘प्रेरक’ संकेत बताया। वैश्विक स्तर पर, दोनों नेताओं ने बातचीत के माध्यम से संघर्षों को हल करने की जरुरत पर सहमति जताई और समकालीन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) और अन्य वैश्विक संस्थाओं में सुधारों का समर्थन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत और चिली इस बात पर सहमत हैं कि सभी तनावों और विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। हम इस बात पर एक राय रखते हैं कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अन्य संस्थाओं में सुधार जरूरी हैं। हम मिलकर वैश्विक शांति और स्थिरता में योगदान देना जारी रखेंगे।”

छत्तीसगढ़ को 33,700 करोड़ रुपये की सौगातें देने आज आएंगे PM मोदी

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे, जहां वे राज्य को 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद उनका यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा है। इस यात्रा के दौरान वे, प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। उनका यह कार्यक्रम बिलासपुर जिले के मोहभट्टा गांव में आयोजित होगा, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री का शेड्यूल – 2:30 बजे: वायुसेना के विमान से रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। – 2:35 बजे: हेलिकॉप्टर से बिलासपुर के मोहभट्टा के लिए रवाना। – 3:30 – 4:30 बजे: विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण। – 4:45 बजे: रायपुर के लिए प्रस्थान। – 5:30 बजे: दिल्ली के लिए रवाना। बिजली परियोजनाओं की आधारशिला – एनटीपीसी सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना (800MW) – 9,790 करोड़ रुपये की लागत से। – सीएसपीजीसीएल सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660MW) – 15,800 करोड़ रुपये की लागत से। – पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) – 560 करोड़ रुपये की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन। तेल और गैस क्षेत्र में बड़े कदम – सिटी गैस वितरण (CGD) परियोजना – 1,285 करोड़ रुपये की लागत से 200 किमी हाई-प्रेशर पाइपलाइन और 800 किमी एमडीपीई पाइपलाइन। – विशाखापट्टनम-रायपुर पाइप लाइन (VRPL) परियोजना – 2,210 करोड़ रुपये की लागत से 540 किमी लंबी पाइपलाइन। रेलवे क्षेत्र में नई सौगातें – 108 किमी लंबी सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला। – 2,690 करोड़ रुपये की लागत से 111 किमी लंबी तीन रेलवे परियोजनाओं का राष्ट्र को समर्पण। – अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा की शुरुआत। – छत्तीसगढ़ रेलवे नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण का उद्घाटन। सड़क बुनियादी ढांचे में सुधार – एनएच-930 (37 किमी) झलमला-शेरपार खंड का उन्नयन। – एनएच-43 (75 किमी) अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड का 2-लेन में उन्नयन। – एनएच-130डी (47.5 किमी) कोंडागांव-नारायणपुर खंड का उन्नयन। शिक्षा और आवास क्षेत्र में सुधार – राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूलों का उद्घाटन। – रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) की स्थापना। – प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश। छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई दिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा छत्तीसगढ़ के आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा देगा। 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की इन परियोजनाओं से राज्य की बिजली, रेल, सड़क, गैस और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

मैं महाकुंभ को देखता हूं, हमने करीब डेढ़ महीने तक उत्साह देखा और लोगों की उमंग को महसूस किया: पीएम मोदी

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के आयोजन की संसद में सराहना की और कहा कि इससे देश की एकता का संदेश मिला है। यही नहीं उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारत के इतिहास में ऐसा ही क्षण था, जैसा 1857 की क्रांति, भगत सिंह का बलिदान और गांधी का डांडी मार्च था। इन घटनाओं ने देश को एक नया मोड़ दिया और ऐसा ही महाकुंभ के विशाल आयोजन से भी हुआ है। पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं यूपी और खासतौर पर प्रयाग की जनता का आभार व्यक्त करता हूं। गंगाजी को धरती पर लाने के लिए भगीरथ प्रयास हुआ था। ऐसा ही महाप्रयास महाकुंभ के भव्य आयोजन में भी हमने देखा है। मैंने लालकिले से सबका प्रयास पर जोर दिया था। पूरे विश्व ने भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। सबका प्रयास का यही साक्षात स्वरूप है।’ उन्होंने कहा कि महाकुंभ ने उन शंकाओं को भी जवाब दिया है, जो कुछ लोगों के मन में रहती है। अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर हमने देखा था कि कैसे देश अगले एक हजार साल के लिए तैयार हो रहा है। फिर इस बात को हमने महाकुंभ में देखा। किसी भी राष्ट्र के जीवन में अनेक ऐसे मोड़ आते हैं, जो सदियों के लिए उदाहरण बन जाते हैं। हमारे देश के इतिहास में भी ऐसे पल आए हैं, जिन्होंने नई दिशा दी या झकझोर कर सबको जागृत कर दिया। हमने देखा कि भक्ति आंदोलन के दौर में कोने-कोने में आध्यात्मिक चेतना हो गई। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में जो भाषण दिया, वह भारत की चेतना का जयघोष हो। ऐसा ही स्वतंत्रता संग्राम में भी हुआ। 1857 की क्रांति, सुभाष जी का दिल्ली चलो का नारा और गांधी जी का डांडी मार्च। इन सबने हमें प्रेरणा दी। ‘त्रिवेणी का जल लेकर मॉरीशस गया तो उत्सव जैसा माहौल था’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे ही मैं महाकुंभ को देखता हूं। हमने करीब डेढ़ महीने तक उत्साह देखा और लोगों की उमंग को महसूस किया। करोड़ों लोग सुविधा और असुविधा के भाव से ऊपर उठते हुए श्रद्धा से जुटे। यह उमंग और उत्साह यहीं तक सीमित नहीं थी। बीते सप्ताह मैं मॉरीशस में था। मैं महाकुंभ के समय का जल त्रिवेणी से लेकर गया था। उस जल को जब मॉरीशस के गंगा तालाब में अर्पित किया गया तो वहां आस्था और उत्सव का माहौल देखते ही बन रहा था। भारत का युवा आज अपनी आस्था को गर्व के साथ अपना रहा है। जब एक समाज की भावनाओं में अपनी विरासत पर गर्व का भाव बढ़ता है तो हम ऐसी ही तस्वीरें देखते हैं, जो महाकुंभ के दौरान आईं। इससे भाईचारा बढ़ता है। हर भाषा के लोग संगम पर बोले- हर हर गंगे और लगाई डुबकी लोकसभा में पीएम ने कहा कि यह विश्वास होता है कि हम एक देश के रूप में बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। यहां पहुंचे लोग अहं त्याग कर वयं के भाव में आ गए। मैं नहीं हम के भाव में आए। अलग-अलग राज्यों से आए लोग त्रिवेणी का हिस्सा बने। जब करोड़ों लोग राष्ट्रीयता के भाव को मजबूती देते हैं तो देश की एकता बढ़ती है। जब हर भाषा के लोग संगम तट पर हर हर गंगे का उद्घोष करते हैं तो एकता की भावना बढ़ती है। हमने देखा कि वहां छोटे-बड़े का कोई भेद नहीं था। यह भारत का बहुत बड़ा सामर्थ्य है। एकता की यही भावना भारतीयों का सौभाग्य है। आज पूरे विश्व में बिखराव की स्थिति है और ऐसे में हमारी एकजुटता बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि हमें कुंभ से प्रेरणा लेते हुए नदी उत्सव के कार्यक्रम को नया स्वरूप देना होगा। इससे नई पीढ़ी को जल और नदी का महत्व समझ आएगा। नदियों की साफ-सफाई के लिए लोगों को प्रेरणा मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने शहडोल दौरे को किया याद, कहा चार पीढ़ियों से लोग खेल रहे फुटबाल

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकन पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ विस्तार से बातचीत में मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के दौरे की स्मृतियों को साझा की। पॉडकास्ट में पीएम श्री मोदी ने शहडोल जिले के जनजातीय बाहुल्य गांव विचारपुर की चर्चा की। उन्होंने कहा कि शहडोल जिले की यात्रा में उन्हें उस जगह के बारे में पता चला, जहां के निवासियों में फुटबॉल के प्रति अटूट प्रेम है। वे अपने क्षेत्र को मिनी ब्राजील कहते हैं। अमेरिकन पॉडकास्ट में पीएम श्री मोदी ने कहा कि हमारे यहां सेंट्रल पार्ट ऑफ इंडिया में मध्यप्रदेश एक स्टेट है, वहां शहडोल एक जिला है, शहडोल जिला बहुत बड़ा ट्राइबल बेल्ट है, जहां काफी ट्राइबल लोग रहते हैं वहां ट्राइबल महिलाएं स्व-सहायता समूह चलाती हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शहडोल यात्रा में स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों और शहडोल संभाग की फुटबाल क्रांति के प्रणेता खिलाड़ियों से मिलकर चर्चा की और उनका उत्साह बढ़ाया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शहडोल जिले के भ्रमण की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि मैं उनसे बातचीत कर रहा था। शहडोल में देखा कि स्पोर्ट्स की ड्रेस पहने हुए वहां 80 से 100 के करीब नौजवान, छोटे बच्चे, सभी लोग एक ही प्रकार से बैठे थे। मैं उनके पास गया, उनसे पूछा कि आप लोग कहां से हैं? जवाब मिला, हम मिनी ब्राजील से हैं। मैंने खिलाड़ियों से पूछा कि मिनी ब्राजील क्या है? तो खिलाड़ियों ने बताया कि हमारे गांव विचारपुर को लोग मिनी ब्राजील कहते हैं। मैंने फिर पूछा कैसे मिनी ब्राजील कहते हैं? खिलाड़ियों ने बताया कि हमारे गांव में हर परिवार में चार पीढ़ियों से लोग फुटबॉल खेलते आ रहे हैं। गाँव से 80 से अधिक नेशनल प्लेयर निकले हैं। पूरा गाँव फुटबॉल को समर्पित है और वो कहते हैं कि हमारे गांव का इंडिविजुअल मैच जब होता है, तो 20 से 25 हजार दर्शक तो आसपास के गांव से ही आ जाते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत में फुटबॉल का क्रेज इन दिनों बढ़ रहा है, मैं उसके लिए शहडोल के मिनी ब्राजील को शुभ संकेत मानता हूं। इससे टीम स्पिरिट पैदा होती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रोत्साहन के लिये आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे शहडोल ही नहीं पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में फुटबाल को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिये राज्य सरकार की ओर से हरसंभव मदद दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। हमारी खेल अकादमियों के खिलाड़ियों राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। पूर्व कमिश्नर श्री शर्मा ने भी किया प्रोत्साहित शहडोल संभाग में फुटबाल को प्रोत्साहित करने के लिए शहडोल संभाग के पूर्व कमिश्नर श्री राजीव शर्मा की पहल पर फुटबाल खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के प्रयास किये गए है। इसके अपेक्षित परिणाम मिल रहे हैं। शहडोल जिले के ग्राम विचारपुर गांव सहित शहडोल संभाग के लगभग सभी गांवों में फुटबाल क्लबों का गठन किया गया है तथा फुटबाल खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मन की बात में भी हो चुका है जिक्र प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूर्व में भी “मन की बात” कार्यक्रम में भी शहडोल संभाग की फुटबाल क्रांति के संबंध में चर्चा की जा चुकी है, जिससे शहडोल संभाग के फुटबाल खिलाड़ियों में नया उत्साहवर्धन हुआ है।  

पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख भागवत इस महीने एक ही मंच पर नजर आ सकते है !

नागपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्मृति मंदिर जा सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, 30 मार्च को मराठी नव वर्ष गुड़ी पड़वा पर पीएम मोदी के नागपुर जाने की संभावना है. वहां पीएम मोदी एक कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं और संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ मंच साझा कर सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी माधव नेत्रालय की आधारशिला के कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं. पीएम मोदी स्मृति मंदिर जा सकते हैं. राम मंदिर कार्यक्रम के बाद पहली बार पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख भागवत एक ही मंच पर नजर आएंगे. कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी आरएसएस के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को स्मृति मंदिर में श्रद्धासुमन अर्पित करने जा सकते हैं. पीएम मोदी के दीक्षाभूमि जाने की भी संभावना है. एक दिन पहले ही पीएम मोदी ने अपने पॉडकास्ट में आरएसएस की जमकर प्रशंसा की थी. पीएम मोदी ने कहा था कि आरएसएस से उन्हें जीवन का उद्देश्य मिला. माधव नेत्रालय 5.83 एकड़ पर 517 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा. इसमें 250 बेड होंगे और एक चेरिटी वार्ड भी होगा, जहां नाम मात्र शुल्क पर लोगों को वर्ल्ड क्लास आई केयर की सुविधा दी जाएगी. इसका काम अगले तीन साल में पूरा करने की संभावना है.  

पीएम मोदी ने गंगा तालाब में प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन भी किया

पोर्ट लुईस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस की यात्रा के दौरान बुधवार को पवित्र गंगा तालाब के दर्शन किए। उन्होंने इसे एक भावानात्मक अनुभव बताया। प्रधानमंत्री ने हिंद महासागर द्वीपसमूह में सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थल माने जाने वाले गंगा तालाब में पूजा-अर्चना की और प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन भी किया। पीएम मोदी ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया, “मॉरीशस में पवित्र गंगा तालाब के दर्शन कर भावविभोर हो गया। इसकी पावन जलधारा के किनारे दोनों देशों के बीच के आध्यात्मिक संबंधों को आसानी से महसूस किया जा सकता है। यह सीमाओं से परे है और हमारी कई पीढ़ियों को उनकी जड़ों से जोड़ता है।” गंगा तालाब, जिसे मॉरीशस में ग्रैंड बेसिन के नाम से भी जाना जाता है, एक क्रेटर झील है, जो समुद्र तल से लगभग 550 मीटर ऊपर है। यह सावेन के पहाड़ी दक्षिण-पश्चिमी जिले में स्थित है। इसके तट पर मंदिर भी स्थित है। स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि इस स्थान की खोज 1897 के आसपास एक हिंदू पुजारी ने की थी। 1970 के दशक में, भारत से एक अन्य पुजारी गंगा से पवित्र जल लेकर आए और पवित्र जल को झील में डाला, इस प्रकार इसका नाम ‘गंगा तालाब’ रखा गया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में दूसरी बार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के दौरान उन्हें मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में भाग लेने के बाद एक्स पर लिखा, “मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मॉरीशस के लोगों को निरंतर समृद्धि और सफलता की शुभकामनाएं देता हूं, साथ ही हम अपने देशों के बीच गहरे संबंधों को भी मजबूत करते हैं।” यह दूसरी बार है जब पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल हुए। वह इससे पहले 2015 में इस समारोह में शामिल हो चुके थे। समारोह के दौरान मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने प्रधानमंत्री मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ (जीसीएसके) से सम्मानित किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय नेता को यह सम्मान मिला। यह किसी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया जाने वाला 21वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी है।

पीएम मोदी को मॉरीशस सरकार ने अपना सबसे बड़ा नागरिक सम्मान दिया, सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय बने

मॉरीशस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मॉरीशस सरकार ने अपना सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ से नवाजा है। पीएम मोदी इस प्रतिष्ठित सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय बने हैं। गौरतलब है कि यह पीएम मोदी को किसी देश द्वारा दिया गया 21वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। सम्मान पर क्या बोले पीएम मोदी इस सम्मान को स्वीकार करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैं इसे विनम्रता से स्वीकार करता हूं। यह सम्मान भारत और मॉरिशस के गहरे रिश्तों का सम्मान है। यह उन भारतीयों का भी सम्मान है, जिन्होंने पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस धरती की सेवा की और इसे ऊंचाइयों तक पहुंचाया। मैं मॉरिशस की जनता और सरकार का तहेदिल से आभार व्यक्त करता हूं।” पीएम मोदी ने याद किया कि 10 साल पहले इसी तारीख को वे मॉरिशस आए थे। उन्होंने कहा, “तब भारत में होली बीते हफ्ता भर हुआ था, और मैं अपने साथ भगवा की उमंग लेकर आया था। इस बार होली के रंग अपने साथ लेकर जाऊंगा।” उन्होंने अपने अंदाज में होली का जिक्र करते हुए कहा, “राम के हाथे ढोलक सोहे, लक्ष्मण हाथ मंजीरा, भरत के हाथ कनक पिचकारी, शत्रुघ्न हाथ अबीरा… जोगीरा!” पीएम मोदी ने भारत और मॉरिशस के ऐतिहासिक संबंधों को मिठास से जोड़ा और बताया कि एक जमाने में भारत में मिठाई बनाने के लिए चीनी मॉरिशस से आती थी। इसी वजह से गुजरात में चीनी को मॉरस भी कहा जाता है। उन्होंने कहा, “समय के साथ भारत और मॉरिशस के रिश्तों में यह मिठास और बढ़ती जा रही है।” मॉरिशस में भारत की खुशबू हर तरफ: पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि जब भी वे मॉरिशस आते हैं, उन्हें अपनों के बीच होने का एहसास होता है। उन्होंने कहा, “यहां की हवा, मिट्टी और पानी में अपनापन महसूस होता है। गीत-गवाई में, ढोलक की थाप में और गातो पिमा (मॉरिशस की पारंपरिक डिश) में भारत की खुशबू है।” पीएम मोदी ने मॉरिशस के प्रधानमंत्री नवीनराम गुलाम और उनकी कैबिनेट का आभार जताते हुए मॉरिशस की जनता को राष्ट्रीय दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा, “हम सब एक परिवार हैं, और यह रिश्ता हमेशा मजबूत रहेगा।”

मॉरीशस में भोजपुरी भाषा की महत्वपूर्ण मौजूदगी पर भी खुशी जाहिर की, पीएम मोदी ने बताया-गौरव की बात

पोर्ट लुईस पीएम मोदी ने कहा कि वह मॉरीशस में अविस्मरणीय स्वागत से बहुत अभिभूत है। उन्होंने मॉरीशस में भोजपुरी भाषा की महत्वपूर्ण मौजूदगी पर भी खुशी जाहिर की। पीएम मोदी ने पोर्ट लुईस पहुंचने के बाद एक्स पर हिंदी और भोजपूरी भाषा में पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “मॉरीशस में अविस्मरणीय स्वागत से बहुत अभिभूत हूं। यहां की संस्कृति में भारतीयता किस तरह रची-बसी है, उसकी पूरी झलक ‘गीत-गवई’ में देखने को मिली। हमारी भोजपुरी भाषा मॉरीशस में जिस तरह से फल-फूल रही है, वह हर किसी को गौरवान्वित करने वाली है।” वहीं भोजपुरी भाषा में उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “मॉरीशस में यादगार स्वागत भइल। सबसे खास रहल गहिरा सांस्कृतिक जुड़ाव, जवन गीत – गवई के प्रदर्शन में देखे के मिलल। ई सराहनीय बा कि महान भोजपुरी भाषा मॉरीशस के संस्कृति में आजुओ फलत-फूलत बा और मॉरीशस के संस्कृति में अबहियो जीवंत बा।” इससे पहले सर शिवसागर रामगुलाम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने पीएम मोदी का माला पहनाकर स्वागत किया। भारतीय समुदाय की तरफ से पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। समुदाय की महिलाओं ने ‘गीत गवई’ नामक पारंपरिक बिहारी सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से उनका सम्मान किया। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “मॉरीशस में भारतीय समुदाय द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत से मैं बहुत प्रभावित हूं। भारतीय विरासत, संस्कृति और मूल्यों से उनका गहरा जुड़ाव वाकई प्रेरणादायक है। इतिहास और दिल का यह बंधन पीढ़ियों से चला आ रहा है।” प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को देश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारतीय नौसेना के एक जहाज के साथ भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी भी समारोह में भाग लेगी। यह प्रधानमंत्री मोदी की 2015 के बाद पहली मॉरीशस यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी की वर्तमान यात्रा से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।  

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