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1.5 लाख पदों पर रेलवे में भर्ती का मौका, युवाओं के लिए जानें पूरी डिटेल

 नई दिल्ली भारतीय रेल में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा ऐलान किया है. राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में भारतीय रेलवे की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है. उन्होंने यह भी बताया कि सभी खर्च पूरे करने के बाद भी अब रेलवे के पास साल के अंत में छोटा राजस्व अधिशेष बच भी रहा है. ये न केवल आर्थिक मजबूती लेकर आया है बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके भी लेकर आया है.  राशियों का दिया जायजा  रेल मंत्री ने बताया कि साल 2024-2025 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियों 99.22 फीसदी रहा. इसका साफ मलतब यही है कि रेलवे अपने खर्चों को अच्छी तरह से बैलेंस कर रहा है. इस बीच रेलवे की ग्रॉस ट्रैफिक रेवेन्यू 2 लाख 65 हजार करोड़ से ज्यादा रही, जिसमें से 2,660 करोड़ रुपये अधिशेष रहे.  पिछले 10 सालों में दी इतनी नौकरी  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 10 सालों में यानी 2024 से 2024 के बीच रेलवे में करीब 5 लाख से अधिक भर्ती की गई हैं. इनमें ट्रैक मेंटेनेंस, लोको पायलट, टेक्नीशियन, क्लर्क, इंजीनियर और ग्रुप-डी समेत कई पद शामिल हैं.  इस साल 1.5 लाख नौकरियों पर फोकस  उन्होंने आगे बताया कि तीसरे कार्यकाल में रेलवे में 1.5 लाख नौकरियां देने की प्रोसेस जारी है. मंत्री के मुताबिक, कई भर्तियों की परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. हालांकि, कई पदों के लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा.  इस तरह से बढ़ेगा रोजगार  पूर्वोत्तर राज्यों में रेलवे बजट को बढ़ाकर 11,486 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इससे नई लाइनें, स्टेशन और परियोजनाओं की शुरुआत होगी. इनसे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा. पंजाब, केरल, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में भी नई रेल परियोजनाओं से आने वाले समय में नौकरियों के मौके बढ़ने की उम्मीद है.      

रेल यात्रियों को राहत: RAC टिकट पर रिफंड की संभावना, जानें कैसे मिलेगा फायदा

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को आने वाले समय में एक बड़ी राहत मिल सकती है। संसद की एक शक्तिशाली समिति ने रेल मंत्रालय को सुझाव दिया है कि आरएसी (RAC) टिकट पर यात्रा करने वाले वैसे यात्रियों को किराये का कुछ हिस्सा वापस करना चाहिए जिन्हें पूरा किराया देने के बावजूद ट्रेन में पूरी बर्थ नहीं मिल पाती है। संसद में 4 फरवरी को पेश की गई लोक लेखा समिति (PAC) की रिपोर्ट ‘भारतीय रेलवे में ट्रेनों के संचालन की समयबद्धता और यात्रा समय’ में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है। वर्तमान नियमों के अनुसार, आरएसी श्रेणी के यात्रियों को कंफर्म टिकट के बराबर ही पूरा किराया देना पड़ता है, लेकिन यात्रा के दौरान उन्हें केवल बैठने के लिए आधी सीट (बर्थ) ही मिलती है। समिति ने इस व्यवस्था पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि बिना बर्थ सुविधा के पूरा किराया वसूलना न्यायोचित नहीं है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा, “समिति का मानना है कि चार्ट तैयार होने के बाद भी यदि यात्री आरएसी श्रेणी में ही रहता है और उसे पूरी बर्थ नहीं मिलती है तो उससे पूरा किराया लेना गलत है। मंत्रालय को एक ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए जिससे ऐसे यात्रियों को किराये का आंशिक हिस्सा वापस मिल सके।” फिलहाल, आईआरसीटीसी (IRCTC) के नियमों के मुताबिक यदि आरएसी ई-टिकट को ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक कैंसिल नहीं किया जाता या ऑनलाइन टीडीआर (TDR) फाइल नहीं की जाती। ऐसे में कोई रिफंड नहीं मिलता है। समिति का तर्क है कि जब यात्री आधी सीट पर सफर करने को मजबूर है तो उसे सर्विस भी आधी ही मिल रही है, इसलिए भुगतान भी उसी अनुपात में होना चाहिए। यह सिफारिश अगर लागू होती है तो यह रेलवे के दशकों पुराने किराये ढांचे में एक बड़ा बदलाव होगा। इन 13 ट्रेनों में RAC पर पाबंदी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेलवे ने इस साल की शुरुआत से आरएसी नियमों में कुछ कड़े बदलाव किए हैं। अब वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी 13 आधुनिक ट्रेनों में आरएसी टिकट धारकों को बोर्डिंग यानी ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इन ट्रेनों में केवल कंफर्म टिकट वाले यात्री ही सफर कर सकते हैं। गुवाहाटी (कामाख्या)-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस डिब्रूगढ़-लखनऊ (गोमती नगर) अमृत भारत एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस अलीपुरद्वार – एसएमवीटी बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस अलीपुरद्वार-मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस कोलकाता (संतरागाछी) – ताम्बरम अमृत भारत एक्सप्रेस कोलकाता (हावड़ा)-आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस कोलकाता (सियालदह)-बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस तिरुवनंतपुरम सेंट्रल-तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस तिरुवनंतपुरम उत्तर-चार्लापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस नागरकोइल जंक्शन-मंगलुरु जंक्शन अमृत भारत एक्सप्रेस संसदीय समिति की सिफारिश के बाद अब गेंद रेल मंत्रालय के पाले में है। मंत्रालय को अब यह तय करना है कि वह इस पार्शियल रिफंड की गणना कैसे करेगा और इसे यात्रियों के खातों में डिजिटल रूप से वापस भेजने के लिए अपने सॉफ्टवेयर (CRIS/IRCTC) में क्या बदलाव करेगा।

भोपाल मंडल का बड़ा कदम: 9 महीनों में ट्रैक कायाकल्प से सुरक्षित सफर की तैयारी

भोपाल  पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल में अधोसंरचना विकास के साथ-साथ अनुरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ट्रैक नवीनीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। पंकज त्यागी के मार्गदर्शन में इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से ट्रैक अनुरक्षण से जुड़े संरक्षा-आधारित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। भोपाल मंडल में कंप्लीट ट्रैक रिन्यूअल (सीटीआर), थ्रू रेल रिन्यूअल (टीआरआर), थ्रू स्लीपर रिन्यूअल (टीएसआर), थ्रू टर्नआउट रिन्यूअल (टीटीआर) तथा डीप स्क्रीनिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य आवश्यक ट्रैफिक ब्लॉक लेकर उच्च संरक्षा मानकों के अनुरूप निष्पादित किए जा रहे हैं। नौ माह में हुआ व्यापक ट्रैक नवीनीकरण वित्तीय वर्ष 2025-26 के अप्रैल से दिसंबर तक नौ माह की अवधि में 100.741 ट्रैक किलोमीटर में सीटीआर, 121.23 ट्रैक किलोमीटर में टीआरआर, 80.245 ट्रैक किलोमीटर में टीएसआर तथा 80.250 समतुल्य यूनिट्स में टीटीआर का कार्य पूर्ण किया गया है। इसके अतिरिक्त 55 टर्नआउट्स एवं 168.391 ट्रैक किलोमीटर प्लेन ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग भी की गई।  

भोपाल स्टेशन पर खुला MP का पहला और देश का दूसरा होटल, सिर्फ 200 रुपए में मिलेगी AC रूम की सुविधा

भोपाल  रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए एक नई सुविधा शुरू हो गई है। अब यहां यात्री कम दाम में आराम से ठहर सकेंगे। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर प्रदेश का पहला पॉड होटल खुल गया है। इस होटल में यात्रियों को 200 रुपए प्रति घंटे से ठहरने की सुविधा मिलेगी। यह होटल जापान से प्रेरित है और इसमें छोटे-छोटे कैप्सूल जैसे कमरे बने हैं। IRCTC की वेबसाइट और स्टेशन पर ही इसकी बुकिंग की जा सकती है। देश का दूसरा सबसे बड़ा होटल यह पॉड होटल उन यात्रियों के लिए बहुत अच्छा है जो कम पैसे में आरामदायक जगह ढूंढ रहे हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे भोपाल स्टेशन पर यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा। मुंबई सेंट्रल के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा पॉड होटल है। मुंबई में यह होटल 2021 में शुरू हुआ था। पॉड होटल क्या होता है? पॉड होटल को कैप्सूल होटल भी कहते हैं। यह जापान से आया ट्रेंड है। इसमें छोटे-छोटे कैप्सूल जैसे कमरे होते हैं। इन कमरों में यात्रियों को ठहरने की सुविधा मिलती है। कम जगह में भी यहां अच्छी सुविधाएं दी जाती हैं। भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। इसे देखते हुए यह सुविधा शुरू की गई है। इसकी योजना 20 अक्टूबर 2019 को बनी थी। लगभग 6 साल बाद यह यात्रियों के लिए उपलब्ध हो रहा है। बुकिंग के लिए यात्री के पास पीएनआर नंबर होना जरूरी है। कमरों का किराया हुआ तय रेलवे ने उद्घाटन से पहले होटल को पूरी तरह से तैयार कर लिया है। कमरों का किराया भी तय कर दिया गया है। भोपाल रेलवे स्टेशन पर दो तरह के पॉड रूम हैं: सिंगल और फैमिली पॉड। पहले खबर आई थी कि इसका उद्घाटन अप्रैल में होगा। उस समय रेलवे के जीएम शोभना बंदोपाध्याय और डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी भी आने वाले थे। क्या क्या मिलेंगी सुविधाएं रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पॉड होटल में यात्रियों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। पूरे होटम में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहेंगे। गर्मी से बचने के लिए AC लगा है। इंटरनेट के लिए हाई-स्पीड वाई-फाई भी है। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय हैं। सर्दियों में गर्म पानी के लिए गीजर भी लगा है। सामान रखने के लिए लॉकर और लगेज रूम भी हैं। मोबाइल और दूसरे डिवाइस चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट भी दिए गए हैं। किसी भी खतरे से निपटने के लिए होटल में फायर फाइटिंग सिस्टम भी है। मनोरंजन के लिए हर पॉड में टीवी भी लगा है। तैयार होने के लिए मेकअप मिरर भी है।

वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के मार्गदर्शन में भोपाल से बीना के बीच विशेष चैकिंग अभियान चलाया

भोपाल वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के मार्गदर्शन में भोपाल से बीना के बीच विशेष चैकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और यात्रा के दौरान स्वच्छता एवं टिकटिंग प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इस विशेष चैकिंग अभियान का नेतृत्व मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री पंकज कुमार दुबे द्वारा किया गया। अभियान के तहत प्लेटफॉर्म और गाड़ियों में सघन टिकट जांच की गई, साथ ही बीना स्टेशन पर कैटरिंग स्टॉल्स की गुणवत्ता और स्वच्छता की भी गहनता से जांच की गई। इस कार्रवाई में कुल 88 यात्रियों से 38,440 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इनमें 39 यात्री बिना टिकट यात्रा कर रहे थे, जबकि 42 यात्री अनियमित पाए गए। इसके अतिरिक्त 7 यात्रियों को गंदगी फैलाने के आरोप में 1,300 रुपये का चालान भी किया गया। जांच के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, जनता खाने की उपलब्धता और अन्य यात्री सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा यात्रियों को एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) से क्यूआर कोड स्कैन कर डिजिटल माध्यम से टिकट लेने के लिए जागरूक किया गया, जिससे टिकटिंग प्रक्रिया और सरल और पारदर्शी हो सके। इस विशेष अभियान में मुख्य टिकट निरीक्षक मुख्यालय श्री अरुण कुमार श्रीवास्तव, मुख्य टिकट निरीक्षक बीना श्री आर. के. गोस्वामी, स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) श्री आशीष अवस्थी, मंडल वाणिज्य निरीक्षक श्री मधुकर निगम, मुख्य पार्सल पर्यवेक्षक श्री सुशील पांडेय सहित टिकट चैकिंग स्टाफ, आरपीएफ एवं सीएचआई की टीम शामिल रही। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि “रेलवे यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। बिना टिकट यात्रा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करके न केवल राजस्व की हानि को रोका जा रहा है, बल्कि ईमानदार यात्रियों को भी एक सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल प्रदान किया जा रहा है।”

इटारसी-बुदनी-खातेगांव होकर बन रही नई रेल लाइन, इंदौर -देवास रेल लाइन में मांगलिया गांव के पास जुड़ेगी, रास्ते में भोपाल नहीं पड़ेगा

जबलपुर जबलपुर से इंदौर के बीच नई रेल लाइन गाडवारा-बुदनी होकर नहीं इटारसी-बुदनी-खातेगांव होकर बन रही। ये लाइन इंदौर-देवास रेल लाइन में मांगलिया गांव के पास जुड़ेगी। इस रास्ते में भोपाल नहीं पड़ेगा। इस नई लाइन के बनने के बाद जबलपुर से इंदौर के सफर का समय दो घंटे तक कम हो जाएगा। जबलपुर-इंदौर (गाडरवारा एवं बुदनी होकर) नई रेल लाइन की प्रगति पर नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी द्वारा पूछे गए सवाल पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में ये जानकारी दी। रेल मंत्री ने बताया कि बुदनी से इंदौर के बीच नई रेल लाइन निर्माण कार्य प्रक्रिया में है। इस परियोजना के गाडरवारा-बुदनी रेलखंड के दोनों अंतिम स्टेशन पूर्व से इटारसी होकर रेलमार्ग से जुड़े हुए हैं। आठ साल पुरानी परियोजना दोनों के मध्य नवीन रेल लाइन से उनकी दूरी में ज्यादा अंतर नहीं आ रहा है। इसलिए गाडरवारा-बुदनी के मध्य नई रेल लाइन बिछाना तर्कसंगत नहीं है। आठ वर्ष पुरानी परियोजना- जबलपुर(गाडरवारा)-इंदौर (मांगलियागांव) नई रेल लाइन की घोषणा वर्ष 2016-17 के बजट में हुई थी। उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में था। वर्ष 2021-22 के बजट में एक हजार रुपये के आवंटन से परियोजना की बंद फाइल फिर खुल गई। उसके बाद के बजट में भी परियोजना को आवंटन जारी हुए। गत दो बजट में आवंटन बढ़ने के बाद परियोजना के इंदौर-बुदनी रेलखंड में रेल लाइन निर्माण प्रक्रिया ने गति पकड़ी। इंदौर-बुदनी का कार्य जारी लोकसभा में रेल मंत्री ने बताया कि इंदौर (मांगलियागांव) और बुदनी के बीच (205 किलोमीटर) नई रेल लाइन का कार्य 3261.82 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत किया गया है। मार्च-2024 तक 948.37 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। वर्ष 2024-25 के लिए इस परियोजना को 1107.25 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। रेल लाइन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है। चार किमी का अंतर इटारसी होकर गाडरवारा से बुदनी रेल मार्ग से जुड़ा है, जिसकी दूरी 141 किमी है। इंदौर नई रेल लाइन परियोजना में प्रस्तावित गाडवारा-बुदनी रेलखंड की दूरी 137 किमी है। मात्र चार किलोमीटर की दूरी कम करने के लिए अलग से लाइन बिछाना रेलवे को अब खर्चीला लग रहा है।

रेलवे के इंजीनियरों का कमाल: खराब मदरबोर्ड की मरम्मत कर बचाए लाखों रुपये

रेलवे के इंजीनियरों का कमाल: खराब मदरबोर्ड की मरम्मत कर बचाए लाखों रुपये आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम: रेलवे कर्मचारियों ने किया इन-हाउस समाधान भोपाल मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन में पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल के अंतर्गत इलेक्ट्रिक लोको शेड, इटारसी ने एक अभिनव पहल करते हुए रेलवे के संसाधनों का न केवल कुशलतापूर्वक उपयोग किया, बल्कि उल्लेखनीय आर्थिक बचत भी सुनिश्चित की है। वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता(कर्षण चल स्टॉक) इटारसी शेड  श्री नीरज कुमार शर्मा के अनुसार इलेक्ट्रिक लोको शेड, इटारसी में वर्तमान में 269 थ्री-फेज इलेक्ट्रिक इंजनों का रखरखाव किया जाता है, और प्रत्येक लोकोमोटिव में लगा स्पीडोमीटर ट्रेन की वर्तमान गति दर्शाकर चालक दल को सुरक्षित परिचालन में मदद करता है। वर्ष 2024-25 के दौरान, गलत तरीके से मेमोरी कार्ड लगाने के कारण कुल 65 स्पीडोमीटर (55 AAL मेक एवं 10 Laxven मेक) के मदरबोर्ड के पिन क्षतिग्रस्त हो गए थे। इन कार्डों की बाजार से नई खरीद के बजाय, शेड के अनुभवी तकनीकी दल ने इन-हाउस मरम्मत का सराहनीय निर्णय लिया। इस महत्वपूर्ण पहल का नेतृत्व इलेक्ट्रिक लोको शेड इटारसी के E-5 सेक्शन के एसएसई श्री दीपक यादव, जेई श्री अनुराग बढ़खने, टेक्निशियन-I श्री नितिन पटेल एवं टेक्निशियन-II श्री धर्मेंद्र चौरे ने किया। शेड अधिकारियों के निर्देशन में इस टीम ने अपने तकनीकी ज्ञान और उपलब्ध संसाधनों का श्रेष्ठ उपयोग करते हुए क्षतिग्रस्त मदरबोर्ड की सफल मरम्मत की। इस अभिनव प्रयास से भारतीय रेलवे को ₹13,22,675/- की उल्लेखनीय बचत हुई है। बाजार में AAL मेक के एक मदरबोर्ड की कीमत ₹18,685 और Laxven मेक की कीमत ₹29,500 है। टीम ने अपने कुशल प्रबंधन, तकनीकी दक्षता और संसाधनों के समुचित उपयोग से रेलवे की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने कहा कि भोपाल मंडल की यह पहल न सिर्फ तकनीकी नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि रेलवे कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, लगन और कर्तव्यनिष्ठा का परिचायक भी है। पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल मंडल, इलेक्ट्रिक लोको शेड इटारसी के इस उल्लेखनीय प्रयास की सराहना करता है।  

अमृत स्टेशन योजना के तहत विदिशा एवं साँची रेलवे स्टेशनों का होगा कायाकल्प, बनेगें देश के आधुनिक स्टेशन

 विदिशा / साँची विदिशा एवं साँची रेलवे स्टेशनों का अधिकारियों ने निरीक्षण किया। ये दोनों स्टेशन “अमृत स्टेशन योजना” के तहत पुनर्विकास के अंतर्गत हैं, और इस निरीक्षण का उद्देश्य निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेना था। विदिशा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण – यात्री सुविधाओं एवं पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा निरीक्षण के दौरान डीआरएम एवं पीसीई ने विदिशा रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने प्लेटफार्म विस्तार, यात्री प्रतीक्षालय, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट एवं एस्केलेटर की प्रगति का मूल्यांकन किया। इसके अलावा, स्टेशन पर यात्री सूचना प्रणाली, पेयजल सुविधाओं एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया गया। डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ने बताया कि अमृत स्टेशन योजना के तहत विदिशा स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। साँची रेलवे स्टेशन का निरीक्षण – ऐतिहासिक शहर में उन्नत रेलवे सुविधाओं की दिशा में कदम इसके बाद निरीक्षण दल साँची रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया गया। साँची, जो अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, यहां स्टेशन को विश्व स्तरीय सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माणाधीन यात्री हॉल, स्वच्छता सुविधाएं, टिकट काउंटर, पार्किंग एरिया और स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रमुख मुख्य अभियंता अशुतोष ने कहा कि साँची रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के साथ-साथ इसकी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखते हुए सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कार्यों में पर्यावरणीय पहलुओं एवं यात्रियों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। जल्द पूरा होगा काम विदिशा एवं साँची स्टेशन के पुनर्विकास कार्य प्रगति पर हैं और निर्धारित समयसीमा में इन्हें पूरा किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि सभी कार्यों को उच्च गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के अनुसार संपन्न किया जाए ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक रेल यात्रा का अनुभव मिल सके।

कोरोना के बाद AC कोचो का बड़ा चलन, रेलवे ने जारी किया आकड़ा

नई दिल्ली भारतीय रेलवे के जरिए रोजाना करोड़ों की संख्या में यात्री सफर करते हैं. यात्रियों के लिए रेलवे हजारों की संख्या में ट्रेन चलाता है. भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है. सामान्य तौर पर बात की जाए तो अगर कोई कहीं जाना चाहता है और दूर का सफर तय करना चाहता है. तो ऐसे में ज्यादातर लोगों की पहली पसंद ट्रेन होती है. बीते कुछ सालों में ट्रेन में सफर करने वालों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. लेकिन जब पूरी दुनिया की तरह भारत भी कोविड-19 की चपेट में था. तो महामारी के बाद जब चीजें सामान्य हुईं. तो ट्रेन से जाने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बदलाव देखने को मिला. थर्ड एसी में ट्रैवल करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है. हैरान कर देंगे रेलवे के जारी किए गए आंकड़े. कोरोना के बाद बढ़े थर्ड एसी के यात्री साल 2019 में जब कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था. तब से ही लोग साफ सफाई को लेकर सजग रहने लगे. इसके बाद लोगों की जिंदगी में कई आदते पूरी तरह से बदल गईं. वहीं कोरोना महामारी के बाद बात की जाए तो भारतीय रेलवे में सफर करने वालों यात्रियों की संख्या में भी काफी बदलाव हुआ. हाल ही में रेलवे की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में यह बात सामने निकल कर आई कि कोरोना महामारी के बाद ट्रेनों में पहले जो यात्री स्लीपर में सफर करते थे. वह यात्री थर्ड एसी में सफर करने लगे हैं. कोविड के बाद थर्ड एसी पैसेंजर्स की संख्या में तगड़ा उछाल देखने को मिला है. आंकडे कर देंगे हैरान कोरोना महामारी के बाद से लेकर अब तक के 5 सालों में एसी थर्ड से सफर करने वाले मुसाफिरों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. साल 2019-20 में 11 करोड़ यात्री थर्ड एसी से सफर करते थे. यानी कुल यात्रियों का 1.4% ही. वहीं साल 2024-25 की बात की जाए तो इसमें 19% का इजाफा हुआ है. और यात्रियों की संख्या 26 करोड़ हो गई है. साल 2019-20 में जहां थर्ड एसी से भारतीय रेलवे ने 12,370 करोड रुपये का राजस्व कमाया था. तो वहीं साल 2024 25 में यह बढ़कर 30,089 करोड़ हो गया है. यह आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं. बता दें कोरोना महामारी से पहले यानी 2019-20 तक रेलवे के राजस्व में सबसे ज्यादा योगदान स्लीपर क्लास के यात्रियों में हुआ करता था. लेकिन इस बार थर्ड एसी के यात्रियों का राजस्व सबसे ज्यादा है.

मुंबई के थाणे इलाके में एक ऐसा रेलवे स्‍टेशन बनाया जा रहा है, जिसमें 11 मंजिल होगी, प्रोजेक्ट को 30 जून, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य.

मुंबई मुंबई के थाणे इलाके में एक ऐसा रेलवे स्‍टेशन बनाया जा रहा है, जिसमें 11 मंजिल होगी. यह रेलवे स्‍टेशन सिर्फ कनेक्टिविटी को ही नहीं, बल्कि लोगों के मनोरंजन को ध्‍यान में रखकर बनाया जा रहा है. रेलवे स्‍टेशन के ऊपर ही मॉल, ऑफिस स्‍पेस और रिटेल शॉप भी होंगी. यह प्रोजेक्‍ट रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ सरकार के लिए मोटा राजस्‍व भी पैदा करेगा. थाणे रेलवे स्‍टेशन के प्‍लेटफॉर्म 10ए के पास 9,000 वर्गमीटर एरिया में इस प्रोजेक्‍ट को डेवलप किया जाएगा. इसके साथ ही 24,280 वर्गमीटर का लीज स्‍पेस भी रहेगा. इस जगह को 60 साल की लीज पर दिया जा सकता है. प्रोजेक्‍ट को 30 जून, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्‍य रहेगा. इस रेलवे स्‍टेशन के पास कनेक्टिविटी का पूरा ख्‍याल रखा गया है, जिसे बस और मेट्रो से भी जोड़ा जाएगा. क्‍या-क्‍या सुविधाएं होंगी रेलवे स्‍टेशन के बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा दी जाएगी. इसके साथ ही रेलवे की सुविधाएं भी यहां दी जाएंगी. इससे जुड़ा ही बस का डेक बनाया जाएगा, जहां से लोकल बस पकड़ी जा सकेगी. नीचे के 2 फ्लोर पर यह सभी सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जाएंगी. ऊपर के फ्लोर को कॉमर्शियल यूज के लिए इस्‍तेमाल किया जाएगा. इन फ्लोर पर शॉपिंग और रिटेल शॉप बनाई जाएंगी. यह रेलवे स्‍टेशन सिर्फ कनेक्टिविटी को ही बढ़ावा नहीं देगा, बल्कि लोगों को सुविधाएं भी उपलब्‍ध कराएगा. ऊपर के फ्लोर पर फूड कोर्ट और रेस्‍तरां भी बनाए जाएंगे. यहां बच्‍चों के लिए गेमिंग जोन होगा, जबकि ऑफिस के लिए भी बड़ा स्‍पेस तैयार किया जा रहा है. होटल और सर्विस अपार्टमेंट के अलावा इस पर कोचिंग इंस्‍टीट्यूट भी बनाया जाएगा. किन जगहों के लिए होगी कनेक्टिविटी इस स्‍टेशन पर ट्रेन के अलावा अन्‍य साधनों की कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराई जाएगी. इस पर 2.24 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा, जो ईस्‍टर्न एक्‍सप्रेसवे को सीधे रेलवे स्‍टेशन से जोड़ेगा. प्‍लेटफॉर्म 10 के पास से बस मूवमेंट के लिए डेक बनाया जाएगा, ताकि यात्रियों को ट्रेन से उतरकर बस पकड़ने के लिए दूर न जाना पड़े. इस प्रोजेक्‍ट को रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी और थाणे म्‍यूनिसिपल कॉरपोरेशन मिलकर बना रहे हैं.

रतलाम-महू-खंडवा-अकोला रूट पर डाली जा रही नई लाइन के साथ ही एक और लाइन डाली जाएगी, सर्वे की मंजूरी

 रतलाम मध्यप्रदेश में रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट में एक और लाइन का प्रस्ताव रेलवे ने किया है। इस रूट पर डाली जा रही नई लाइन के साथ ही एक और लाइन डाली जाएगी। इसके सर्वे की मंजूरी रेलवे ने दे दी है।  इंदौर से खंडवा के बीच अब डबल लाइन होगी। इससे इंदौर का रेल नेटवर्क और मजबूत होगा। मुख्य लाइन का काम पहले से ही चल रहा है। डबल ट्रैक के सर्वे लिए रेलवे ने 2.24 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। 2 हजार करोड़ से ज्यादा लागत मालूम हो, रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के जरिए इंदौर का डेड एंड खत्म हो सकेगा। महाराष्ट्र से सीधा जुड़ाव होगा। इससे 13 गांव कनेक्ट होंगे। बजट में पिछले साल इस प्रोजेक्ट को 910 करोड़ मिले थे। 2008 में प्रोजेक्ट को विशेष दर्जा मिला है। इसकी लागत 2 हजार करोड़ से ज्यादा है। रेलवे ने पातालपानी से बलवाड़ा तक डायवर्टेड रेल लाइन के 468.65 करोड़ के टेंडर जारी किए हैं। इसमें सबसे प्रमुख दो बड़ी सुरंगें भी हैं। इसके पहले 4 किमी की टनल का टेंडर भी किया जा चुका है। मिलेंगी ज्यादा ट्रेनें वन विभाग की जमीन को छोड़कर कई हिस्सों में काम चल रहा है। सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर से खंडवा तक एक लाइन और डालने की मांग रेलवे से की थी। सर्वे के बाद ही आगे की प्रक्रिया हो सकेगी। डबल लाइन होने से इंदौर को ज्यादा ट्रेनें मिल सकेंगी। 2 हजार करोड़ से अधिक खर्च ज्ञात होता है कि रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज परियोजना से इंदौर का डेड एंड समाप्त हो सकेगा। सीधा महाराष्ट्र से जुड़ाव होगा। इससे 13 गांव जुड़ेंगे। पिछले साल बजट में इस परियोजना को 910 करोड़ रुपये मिले थे। 2008 में योजना को विशिष्ट दर्जा दिया गया है। इसका खर्च दो हजार करोड़ से अधिक है। पातालपानी से बलवाड़ा तक विस्तृत रेल लाइन के 468.65 करोड़ के टेंडर रेलवे ने बनाए हैं। इसमें दो सबसे महत्वपूर्ण सुरंगें भी हैं। इससे पहले चार किमी की एक टनल भी टेंडर की गई है। अतिरिक्त लाइन बनाने की मांग वन विभाग की जमीन के अलावा कई स्थानों पर काम चल रहा है। सांसद शंकर लालवानी ने रेलवे से इंदौर से खंडवा तक एक अतिरिक्त लाइन बनाने की मांग की थी। सर्वे के बाद ही अगले कदम उठाया जा सकेगा। डबल लाइन बनाने से इंदौर अधिक ट्रेनें पा सकेगा।

भारतीय रेलवे ने कहा है कि मध्य प्रदेश में उत्पादित सभी बिजली को हम खरीदेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश बिजली के मामले में सरपल्स स्टेट है। अब रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में भी मध्य प्रदेश में जबरदस्त काम हो रहा है। मध्य प्रदेश से उत्पादित बिजली को भारतीय रेलवे खरीदेगी। यहां से रेलवे को सबसे सस्ती बिजली मिल रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गत वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेज गति से वृद्धि हुई है। अब यह हमारी कुल ऊर्जा उत्पादन का 15% हो गई है। सस्ती बिजली बनाने का रेकॉर्ड उन्होंने कहा कि साथ ही मध्यप्रदेश ने सबसे सस्ती बिजली बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया है। प्रदेश के नीमच जिले में स्थापित सोलर परियोजना में 02 रुपए 14 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। यह सस्ती बिजली हमारी सरकार भारतीय रेलवे को बेच रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। सोलर उर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। रीवा में 750 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क स्थापित किया गया है। इसी प्रकार नीमच में 500 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट और भारत का सबसे बड़ा पम्पड हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट लगाया गया है। यह सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन कर रहा है। ओंकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है। बाबई में पहला मैन्युफैक्चरिंग जोन नर्मदापुरम जिले के मुहासा बाबई में भारत का पहला पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन बनाया गया है। पहले इसके क्षेत्र को बढ़ाकर 884 एकड़ किया गया था, अब इसमें 1000 एकड़ क्षेत्र और बढ़ाया जा रहा है। मध्यप्रदेश भारत के 500 गीगावॉट के नवकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। भारतीय रेल खरीदेगी बिजली वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक भारतीय रेल ऊर्जा के क्षेत्र में “नेट जीरो” हो जाएगी, अर्थात शत-प्रतिशत बिजली पर चलेगी। अभी 97% रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन कर लिया गया है। आज मध्यप्रदेश के साथ 170 मेगावाट का पावर परचेज एग्रीमेंट किया गया है, जो अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश जितनी भी अतिरिक्त बिजली उत्पादित करेगा हम खरीदेंगे। वैष्णव ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का ऐतिहासिक कार्य चल रहा है। इस क्षेत्र में 01 लाख 4 हजार करोड रुपए का निवेश किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 के बाद 2456 किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार किया गया है। गौरतलब है कि प्रदेश में 10 वर्ष पहले मात्र 500 मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादित होती थी जो अब 7000 मेगावाट हो गई है। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर जल, जमीन, वायु और सूर्य का प्रकाश है, वे यहां इन्वेस्ट करें।

रेलवे सुरक्षाकर्मियों ने यात्री को लौटाया, राजस्थान-सिरोही के एसी वेटिंग रूम में मिले दो मोबाइल और नकदी व सामान

सिरोही। सिरोही में आबूरोड रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों द्वारा शुक्रवार को गत 25 दिसंबर 2024 को प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित एसी वेटिंग रूम में लावारिस हालत में मिले दो मोबाइल, नकदी और अन्य सामान को संबंधित यात्री को लौटा दिया। खोया सामान पाकर यात्री ने रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों की प्रशंसा की। इस मामले में गत 25 दिसंबर 2024 को रेलवे सुरक्षाबल को प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित एसी वेटिंग रूम में लावारिस हालत में लेडीज पर्स पड़े होने की सूचना मिली। इस पर प्लेटफॉर्म पर तैनात हेड कांस्टेबल अशरफ अली और कांस्टेबल हजारीलाल वहां पहुंचे तथा पर्स को खोलकर देखा तो उसमें सैमसंग कंपनी के दो मोबाइल व 11,245 रुपये की नकदी मिली। रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों द्वारा वहां मौजूद यात्रियों से इस बारे में पूछताछ की गई तो किसी ने भी अपना नहीं होना बताया। इसके बाद संबंधित यात्री से संपर्क किया गया तो उसके सवारी गाड़ी आला अलहजरत एक्सप्रेस में सफर करने एवं एसी वेटिंग रूम में प्रतीक्षा करने के दौरान ये सामान भूलवश छूटने की जानकारी दी गई। शुक्रवार को गांव मवा कहोलन, तहसील अम्ब बस स्टाॅप मावा कहोलन के पास जिला उना मावा काहोला उप्पेरली (126) उना, हिमाचल प्रदेश निवासी रवि कुमार शर्मा पुत्र अशोक कुमार शर्मा रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट पर उपस्थित हुआ। तस्दीक के बाद रेलवे सुरक्षा बल के उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिहं एवं सहायक उपनिरीक्षक सोहन सिंह द्वारा सामान को संबंधित यात्री को सुपर्द कर दिया गया। यात्री के सामान की कीमत 72 हजार रुपये बताई गई है। रक्तदान कर मनाया जन्मदिन भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष मनीष परसाई ने बताया कि युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष एवं आबूरोड नगर मंडल महामंत्री दीपेश अग्रवाल के जन्मदिन पर रक्तदान करके मनाया। भाजपा हमेशा से ही सेवा वाली राजनीति करती है और रक्तदान से बड़ा सेवा कार्य कोई हो ही नहीं सकता। रक्तवीर एवं महामंत्री दीपेश अग्रवाल ने बताया कि वो हर शुभ प्रसंग पर रक्तदान देने का प्रयत्न करते हैं। इसी क्रम में आज अपने 40वें जन्मदिन और 32वीं बार रक्तदान किया और कहा कि रक्तदान जीवन में बहुत जरूरी है। इससे व्यक्ति स्वस्थ रहता है और रक्तदान देने से लोग प्रेरित भी होते हैं। इस दौरान मंडल अध्यक्ष मनीष परसाई, पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सम्बरीया, ब्लड बैंक प्रभारी धर्मेंद्र सिंह, महामंत्री राधेश्याम शाक्य, हरेंद्र सिंह एवं मीडिया प्रभारी पुलिन छंगाणी मौजूद रहे।

दिसम्बर महीने में दूसरी बार डाउन हुई आईआरसीटीसी की साइट, क्या है इसकी वजह

मुंबई ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा देने वाली IRCTC की वेबसाइट एक बार फिर डाउन हो गई है. इस बार आईआरसीटीसी की तरफ से इसे लेकर कोई भी अपडेट नहीं दिया गया है. तमाम लोग सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे हैं कि वो तत्काल टिकट बुक नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि IRCTC की वेबसाइट डाउन है. बता दें कि IRCTC की वेबसाइट से लोग सिर्फ टिकट ही बुक नहीं करते हैं, बल्कि अपना स्टेटस और पीएनआर जैसी चीजों के लिए भी यहां जाते हैं. ऐसे में तमाम लोगों को वेबसाइट और ऐप डाउन होने से परेशानी हो रही है. सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस क्योंकि लाखों लोग IRCTC ऐप और वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में अगर ये डाउन हो जाए तो सोशल मीडिया पर लोग अपना गुस्सा जाहिर करने लगते हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है. लोगों ने सोशल मीडिया पर आकर अपनी परेशानी बताई और कहा कि तत्काल टिकट बुक कराने के वक्त ही ऐसा क्यों होता है. लोगों ने आईआरसीटीसी को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए. मेंटेनेंस की वजह से डाउन होती है साइट ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप डाउन हुआ हो, इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है. कई बार आईआरसीटीसी की तरफ से पहले से ही जानकारी दी जाती है कि मेंटेनेंस की वजह से आधे या एक घंटे के लिए साइट में दिक्कत आ सकती है. हालांकि इस बार ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई. क्योंकि लोगों ने सोशल मीडिया पर IRCTC को टैग कर सवाल पूछे हैं, ऐसे में जल्द ही इस बार के आउटरेज को लेकर भी जवाब आ सकता है. हालांकि करीब एक घंटे तक ही ये समस्या लोगों को हुई, उसके बाद वेबसाइट ने वापस काम करना शुरू कर दिया. फिलहाल आप आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर अपना पीएनआर चेक कर सकते हैं या फिर टिकट बुक करा सकते हैं.

टिकट है तो सफर आसान: भोपाल मंडल का व्यापक टिकट चेकिंग अभियान

 भोपाल भोपाल,रानी कमलापति,संत हिरदाराम नगर, गुना,बीना,इटारसी,हरदा,विदिशा,नर्मदापुरम स्टेशनों पर चला अभियान अनियमित एवं बिना टिकट यात्रा करते 1549 यात्री पकड़ कर, रूपये 866985/- का जुर्माना वसूला गया| मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के निर्देशन में भोपाल मंडल द्वारा अधिकृत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने तथा रेल राजस्व में वृद्धि करने हेतु सतत प्रयास किये जा रहे है | इसी क्रम में आज दिनांक 19.12.2024  को  भोपाल मंडल के नौ स्टेशनों जैसे भोपाल,रानी कमलापति,संत हिरदाराम नगर, गुना, बीना, इटारसी, हरदा,विदिशा, नर्मदापुरम स्टेशनों पर एक साथ सुबह 06 बजे से दोपहर 02 बजे तक वाणिज्य विभाग के 10 पर्यवेक्षक ,104 टिकट चेकिंग स्टाफ  के सहयोग से किलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। पर्यवेक्षक टिकट चेकिंग स्टॉफ की निगरानी में चलाये गए इस टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशन के बाहर निकलने वाले रास्ते की घेराबंदी की गई, ताकि कोई भी यात्री बिना जाँच के स्टेशन के बाहर न जा सकें। इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशनों  पर आने-जाने वाली कुल 153 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 730 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 468395/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 806 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 396190/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए  13 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 2400/- बतौर जुर्माना/किराया वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार सभी नौ स्टेशनों  पर एक साथ चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 1549 मामलों से कुल रुपये 866985/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 1.भोपाल स्टेशन  : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान भोपाल स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 21 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 203 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 137470/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 161 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 81150/- बतौर जुर्माना/किराया वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार भोपाल स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 364 मामलों से कुल रुपये 218620/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 2.इटारसी स्टेशन: इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान इटारसी स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 39 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 140 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 105145/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 212 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 106820/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 3 यात्रियों से 600/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार इटारसी स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 355 मामलों से कुल रुपये 212565/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 3.रानी कमलापति स्टेशन: इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान रानी कमलापति स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 15 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 28 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 10460/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 7 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 3200/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 4 यात्रियों से 700/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार रानी कमलापति स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 39 मामलों से कुल रुपये 14360/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 4.संत हिरदाराम नगर स्टेशन : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान संत हिरदाराम नगर  स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 11 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 47 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 30850/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 21 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 9950/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 3 यात्रियों से 600/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार संत हिरदाराम नगर  स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 71 मामलों से कुल रुपये 41400/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 5.गुना स्टेशन : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान गुना स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 10 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 46 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 27405/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 58 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 28320/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 1 यात्रियों से 200/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार गुना … Read more

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