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मुंबई के थाणे इलाके में एक ऐसा रेलवे स्‍टेशन बनाया जा रहा है, जिसमें 11 मंजिल होगी, प्रोजेक्ट को 30 जून, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य.

मुंबई मुंबई के थाणे इलाके में एक ऐसा रेलवे स्‍टेशन बनाया जा रहा है, जिसमें 11 मंजिल होगी. यह रेलवे स्‍टेशन सिर्फ कनेक्टिविटी को ही नहीं, बल्कि लोगों के मनोरंजन को ध्‍यान में रखकर बनाया जा रहा है. रेलवे स्‍टेशन के ऊपर ही मॉल, ऑफिस स्‍पेस और रिटेल शॉप भी होंगी. यह प्रोजेक्‍ट रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ सरकार के लिए मोटा राजस्‍व भी पैदा करेगा. थाणे रेलवे स्‍टेशन के प्‍लेटफॉर्म 10ए के पास 9,000 वर्गमीटर एरिया में इस प्रोजेक्‍ट को डेवलप किया जाएगा. इसके साथ ही 24,280 वर्गमीटर का लीज स्‍पेस भी रहेगा. इस जगह को 60 साल की लीज पर दिया जा सकता है. प्रोजेक्‍ट को 30 जून, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्‍य रहेगा. इस रेलवे स्‍टेशन के पास कनेक्टिविटी का पूरा ख्‍याल रखा गया है, जिसे बस और मेट्रो से भी जोड़ा जाएगा. क्‍या-क्‍या सुविधाएं होंगी रेलवे स्‍टेशन के बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा दी जाएगी. इसके साथ ही रेलवे की सुविधाएं भी यहां दी जाएंगी. इससे जुड़ा ही बस का डेक बनाया जाएगा, जहां से लोकल बस पकड़ी जा सकेगी. नीचे के 2 फ्लोर पर यह सभी सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जाएंगी. ऊपर के फ्लोर को कॉमर्शियल यूज के लिए इस्‍तेमाल किया जाएगा. इन फ्लोर पर शॉपिंग और रिटेल शॉप बनाई जाएंगी. यह रेलवे स्‍टेशन सिर्फ कनेक्टिविटी को ही बढ़ावा नहीं देगा, बल्कि लोगों को सुविधाएं भी उपलब्‍ध कराएगा. ऊपर के फ्लोर पर फूड कोर्ट और रेस्‍तरां भी बनाए जाएंगे. यहां बच्‍चों के लिए गेमिंग जोन होगा, जबकि ऑफिस के लिए भी बड़ा स्‍पेस तैयार किया जा रहा है. होटल और सर्विस अपार्टमेंट के अलावा इस पर कोचिंग इंस्‍टीट्यूट भी बनाया जाएगा. किन जगहों के लिए होगी कनेक्टिविटी इस स्‍टेशन पर ट्रेन के अलावा अन्‍य साधनों की कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराई जाएगी. इस पर 2.24 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा, जो ईस्‍टर्न एक्‍सप्रेसवे को सीधे रेलवे स्‍टेशन से जोड़ेगा. प्‍लेटफॉर्म 10 के पास से बस मूवमेंट के लिए डेक बनाया जाएगा, ताकि यात्रियों को ट्रेन से उतरकर बस पकड़ने के लिए दूर न जाना पड़े. इस प्रोजेक्‍ट को रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी और थाणे म्‍यूनिसिपल कॉरपोरेशन मिलकर बना रहे हैं.

रतलाम-महू-खंडवा-अकोला रूट पर डाली जा रही नई लाइन के साथ ही एक और लाइन डाली जाएगी, सर्वे की मंजूरी

 रतलाम मध्यप्रदेश में रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट में एक और लाइन का प्रस्ताव रेलवे ने किया है। इस रूट पर डाली जा रही नई लाइन के साथ ही एक और लाइन डाली जाएगी। इसके सर्वे की मंजूरी रेलवे ने दे दी है।  इंदौर से खंडवा के बीच अब डबल लाइन होगी। इससे इंदौर का रेल नेटवर्क और मजबूत होगा। मुख्य लाइन का काम पहले से ही चल रहा है। डबल ट्रैक के सर्वे लिए रेलवे ने 2.24 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। 2 हजार करोड़ से ज्यादा लागत मालूम हो, रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के जरिए इंदौर का डेड एंड खत्म हो सकेगा। महाराष्ट्र से सीधा जुड़ाव होगा। इससे 13 गांव कनेक्ट होंगे। बजट में पिछले साल इस प्रोजेक्ट को 910 करोड़ मिले थे। 2008 में प्रोजेक्ट को विशेष दर्जा मिला है। इसकी लागत 2 हजार करोड़ से ज्यादा है। रेलवे ने पातालपानी से बलवाड़ा तक डायवर्टेड रेल लाइन के 468.65 करोड़ के टेंडर जारी किए हैं। इसमें सबसे प्रमुख दो बड़ी सुरंगें भी हैं। इसके पहले 4 किमी की टनल का टेंडर भी किया जा चुका है। मिलेंगी ज्यादा ट्रेनें वन विभाग की जमीन को छोड़कर कई हिस्सों में काम चल रहा है। सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर से खंडवा तक एक लाइन और डालने की मांग रेलवे से की थी। सर्वे के बाद ही आगे की प्रक्रिया हो सकेगी। डबल लाइन होने से इंदौर को ज्यादा ट्रेनें मिल सकेंगी। 2 हजार करोड़ से अधिक खर्च ज्ञात होता है कि रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज परियोजना से इंदौर का डेड एंड समाप्त हो सकेगा। सीधा महाराष्ट्र से जुड़ाव होगा। इससे 13 गांव जुड़ेंगे। पिछले साल बजट में इस परियोजना को 910 करोड़ रुपये मिले थे। 2008 में योजना को विशिष्ट दर्जा दिया गया है। इसका खर्च दो हजार करोड़ से अधिक है। पातालपानी से बलवाड़ा तक विस्तृत रेल लाइन के 468.65 करोड़ के टेंडर रेलवे ने बनाए हैं। इसमें दो सबसे महत्वपूर्ण सुरंगें भी हैं। इससे पहले चार किमी की एक टनल भी टेंडर की गई है। अतिरिक्त लाइन बनाने की मांग वन विभाग की जमीन के अलावा कई स्थानों पर काम चल रहा है। सांसद शंकर लालवानी ने रेलवे से इंदौर से खंडवा तक एक अतिरिक्त लाइन बनाने की मांग की थी। सर्वे के बाद ही अगले कदम उठाया जा सकेगा। डबल लाइन बनाने से इंदौर अधिक ट्रेनें पा सकेगा।

भारतीय रेलवे ने कहा है कि मध्य प्रदेश में उत्पादित सभी बिजली को हम खरीदेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश बिजली के मामले में सरपल्स स्टेट है। अब रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में भी मध्य प्रदेश में जबरदस्त काम हो रहा है। मध्य प्रदेश से उत्पादित बिजली को भारतीय रेलवे खरीदेगी। यहां से रेलवे को सबसे सस्ती बिजली मिल रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गत वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेज गति से वृद्धि हुई है। अब यह हमारी कुल ऊर्जा उत्पादन का 15% हो गई है। सस्ती बिजली बनाने का रेकॉर्ड उन्होंने कहा कि साथ ही मध्यप्रदेश ने सबसे सस्ती बिजली बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया है। प्रदेश के नीमच जिले में स्थापित सोलर परियोजना में 02 रुपए 14 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। यह सस्ती बिजली हमारी सरकार भारतीय रेलवे को बेच रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। सोलर उर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। रीवा में 750 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क स्थापित किया गया है। इसी प्रकार नीमच में 500 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट और भारत का सबसे बड़ा पम्पड हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट लगाया गया है। यह सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन कर रहा है। ओंकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है। बाबई में पहला मैन्युफैक्चरिंग जोन नर्मदापुरम जिले के मुहासा बाबई में भारत का पहला पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन बनाया गया है। पहले इसके क्षेत्र को बढ़ाकर 884 एकड़ किया गया था, अब इसमें 1000 एकड़ क्षेत्र और बढ़ाया जा रहा है। मध्यप्रदेश भारत के 500 गीगावॉट के नवकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। भारतीय रेल खरीदेगी बिजली वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक भारतीय रेल ऊर्जा के क्षेत्र में “नेट जीरो” हो जाएगी, अर्थात शत-प्रतिशत बिजली पर चलेगी। अभी 97% रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन कर लिया गया है। आज मध्यप्रदेश के साथ 170 मेगावाट का पावर परचेज एग्रीमेंट किया गया है, जो अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश जितनी भी अतिरिक्त बिजली उत्पादित करेगा हम खरीदेंगे। वैष्णव ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का ऐतिहासिक कार्य चल रहा है। इस क्षेत्र में 01 लाख 4 हजार करोड रुपए का निवेश किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 के बाद 2456 किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार किया गया है। गौरतलब है कि प्रदेश में 10 वर्ष पहले मात्र 500 मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादित होती थी जो अब 7000 मेगावाट हो गई है। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर जल, जमीन, वायु और सूर्य का प्रकाश है, वे यहां इन्वेस्ट करें।

रेलवे सुरक्षाकर्मियों ने यात्री को लौटाया, राजस्थान-सिरोही के एसी वेटिंग रूम में मिले दो मोबाइल और नकदी व सामान

सिरोही। सिरोही में आबूरोड रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों द्वारा शुक्रवार को गत 25 दिसंबर 2024 को प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित एसी वेटिंग रूम में लावारिस हालत में मिले दो मोबाइल, नकदी और अन्य सामान को संबंधित यात्री को लौटा दिया। खोया सामान पाकर यात्री ने रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों की प्रशंसा की। इस मामले में गत 25 दिसंबर 2024 को रेलवे सुरक्षाबल को प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित एसी वेटिंग रूम में लावारिस हालत में लेडीज पर्स पड़े होने की सूचना मिली। इस पर प्लेटफॉर्म पर तैनात हेड कांस्टेबल अशरफ अली और कांस्टेबल हजारीलाल वहां पहुंचे तथा पर्स को खोलकर देखा तो उसमें सैमसंग कंपनी के दो मोबाइल व 11,245 रुपये की नकदी मिली। रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों द्वारा वहां मौजूद यात्रियों से इस बारे में पूछताछ की गई तो किसी ने भी अपना नहीं होना बताया। इसके बाद संबंधित यात्री से संपर्क किया गया तो उसके सवारी गाड़ी आला अलहजरत एक्सप्रेस में सफर करने एवं एसी वेटिंग रूम में प्रतीक्षा करने के दौरान ये सामान भूलवश छूटने की जानकारी दी गई। शुक्रवार को गांव मवा कहोलन, तहसील अम्ब बस स्टाॅप मावा कहोलन के पास जिला उना मावा काहोला उप्पेरली (126) उना, हिमाचल प्रदेश निवासी रवि कुमार शर्मा पुत्र अशोक कुमार शर्मा रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट पर उपस्थित हुआ। तस्दीक के बाद रेलवे सुरक्षा बल के उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिहं एवं सहायक उपनिरीक्षक सोहन सिंह द्वारा सामान को संबंधित यात्री को सुपर्द कर दिया गया। यात्री के सामान की कीमत 72 हजार रुपये बताई गई है। रक्तदान कर मनाया जन्मदिन भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष मनीष परसाई ने बताया कि युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष एवं आबूरोड नगर मंडल महामंत्री दीपेश अग्रवाल के जन्मदिन पर रक्तदान करके मनाया। भाजपा हमेशा से ही सेवा वाली राजनीति करती है और रक्तदान से बड़ा सेवा कार्य कोई हो ही नहीं सकता। रक्तवीर एवं महामंत्री दीपेश अग्रवाल ने बताया कि वो हर शुभ प्रसंग पर रक्तदान देने का प्रयत्न करते हैं। इसी क्रम में आज अपने 40वें जन्मदिन और 32वीं बार रक्तदान किया और कहा कि रक्तदान जीवन में बहुत जरूरी है। इससे व्यक्ति स्वस्थ रहता है और रक्तदान देने से लोग प्रेरित भी होते हैं। इस दौरान मंडल अध्यक्ष मनीष परसाई, पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सम्बरीया, ब्लड बैंक प्रभारी धर्मेंद्र सिंह, महामंत्री राधेश्याम शाक्य, हरेंद्र सिंह एवं मीडिया प्रभारी पुलिन छंगाणी मौजूद रहे।

दिसम्बर महीने में दूसरी बार डाउन हुई आईआरसीटीसी की साइट, क्या है इसकी वजह

मुंबई ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा देने वाली IRCTC की वेबसाइट एक बार फिर डाउन हो गई है. इस बार आईआरसीटीसी की तरफ से इसे लेकर कोई भी अपडेट नहीं दिया गया है. तमाम लोग सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे हैं कि वो तत्काल टिकट बुक नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि IRCTC की वेबसाइट डाउन है. बता दें कि IRCTC की वेबसाइट से लोग सिर्फ टिकट ही बुक नहीं करते हैं, बल्कि अपना स्टेटस और पीएनआर जैसी चीजों के लिए भी यहां जाते हैं. ऐसे में तमाम लोगों को वेबसाइट और ऐप डाउन होने से परेशानी हो रही है. सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस क्योंकि लाखों लोग IRCTC ऐप और वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में अगर ये डाउन हो जाए तो सोशल मीडिया पर लोग अपना गुस्सा जाहिर करने लगते हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है. लोगों ने सोशल मीडिया पर आकर अपनी परेशानी बताई और कहा कि तत्काल टिकट बुक कराने के वक्त ही ऐसा क्यों होता है. लोगों ने आईआरसीटीसी को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए. मेंटेनेंस की वजह से डाउन होती है साइट ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप डाउन हुआ हो, इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है. कई बार आईआरसीटीसी की तरफ से पहले से ही जानकारी दी जाती है कि मेंटेनेंस की वजह से आधे या एक घंटे के लिए साइट में दिक्कत आ सकती है. हालांकि इस बार ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई. क्योंकि लोगों ने सोशल मीडिया पर IRCTC को टैग कर सवाल पूछे हैं, ऐसे में जल्द ही इस बार के आउटरेज को लेकर भी जवाब आ सकता है. हालांकि करीब एक घंटे तक ही ये समस्या लोगों को हुई, उसके बाद वेबसाइट ने वापस काम करना शुरू कर दिया. फिलहाल आप आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर अपना पीएनआर चेक कर सकते हैं या फिर टिकट बुक करा सकते हैं.

टिकट है तो सफर आसान: भोपाल मंडल का व्यापक टिकट चेकिंग अभियान

 भोपाल भोपाल,रानी कमलापति,संत हिरदाराम नगर, गुना,बीना,इटारसी,हरदा,विदिशा,नर्मदापुरम स्टेशनों पर चला अभियान अनियमित एवं बिना टिकट यात्रा करते 1549 यात्री पकड़ कर, रूपये 866985/- का जुर्माना वसूला गया| मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के निर्देशन में भोपाल मंडल द्वारा अधिकृत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने तथा रेल राजस्व में वृद्धि करने हेतु सतत प्रयास किये जा रहे है | इसी क्रम में आज दिनांक 19.12.2024  को  भोपाल मंडल के नौ स्टेशनों जैसे भोपाल,रानी कमलापति,संत हिरदाराम नगर, गुना, बीना, इटारसी, हरदा,विदिशा, नर्मदापुरम स्टेशनों पर एक साथ सुबह 06 बजे से दोपहर 02 बजे तक वाणिज्य विभाग के 10 पर्यवेक्षक ,104 टिकट चेकिंग स्टाफ  के सहयोग से किलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। पर्यवेक्षक टिकट चेकिंग स्टॉफ की निगरानी में चलाये गए इस टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशन के बाहर निकलने वाले रास्ते की घेराबंदी की गई, ताकि कोई भी यात्री बिना जाँच के स्टेशन के बाहर न जा सकें। इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशनों  पर आने-जाने वाली कुल 153 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 730 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 468395/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 806 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 396190/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए  13 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 2400/- बतौर जुर्माना/किराया वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार सभी नौ स्टेशनों  पर एक साथ चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 1549 मामलों से कुल रुपये 866985/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 1.भोपाल स्टेशन  : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान भोपाल स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 21 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 203 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 137470/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 161 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 81150/- बतौर जुर्माना/किराया वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार भोपाल स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 364 मामलों से कुल रुपये 218620/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 2.इटारसी स्टेशन: इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान इटारसी स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 39 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 140 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 105145/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 212 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 106820/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 3 यात्रियों से 600/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार इटारसी स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 355 मामलों से कुल रुपये 212565/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 3.रानी कमलापति स्टेशन: इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान रानी कमलापति स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 15 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 28 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 10460/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 7 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 3200/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 4 यात्रियों से 700/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार रानी कमलापति स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 39 मामलों से कुल रुपये 14360/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 4.संत हिरदाराम नगर स्टेशन : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान संत हिरदाराम नगर  स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 11 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 47 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 30850/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 21 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 9950/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 3 यात्रियों से 600/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार संत हिरदाराम नगर  स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 71 मामलों से कुल रुपये 41400/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 5.गुना स्टेशन : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान गुना स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 10 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 46 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 27405/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 58 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 28320/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 1 यात्रियों से 200/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार गुना … Read more

प्रयागराज महाकुंभ में बिलासपुर जोन से यात्री सुविधा के लिए बिलासपुर रायपुर तथा दुर्गा प्रमुख स्टेशनों से स्पेशल ट्रेन चलाएगा

महाकुंभ में भक्तों को ट्रेन बिलासपुर से मिले,पूर्व विधायक ने रेल महाप्रबंधक से मिलकर रखी माँग बिलासपुर रेलवे जोन के मुख्य स्टेशनों से महाकुंभ के लिए जल्द ही स्पेशल ट्रेन चलेगी प्रयागराज महाकुंभ में बिलासपुर जोन से यात्री सुविधा के लिए बिलासपुर रायपुर तथा दुर्गा प्रमुख स्टेशनों से स्पेशल ट्रेन चलाएगा रेल महाप्रबंधक ने शीघ्र करेंगे दिया आश्वासन कुलियों की समस्याओं को लेकर पूर्व विधायक ने रेल महाप्रबंधक से की चर्चा,कुलियों की स्वास्थ्य सेवा,रोजी और बच्चों की पढ़ाई और यूनिफार्म की समस्या प्रमुख थी बिलासपुर बिलासपुर रेलवे जोन के मुख्य स्टेशनों से महाकुंभ के लिए जल्द ही स्पेशल ट्रेन चलेगी । आज पूर्व विधायक शैलेश पांडे की मांग पर रेलवे जोन महाप्रबंधक नीनु इटियेरा ने कहां है कि प्रयागराज में जो महाकुंभ होने वाला है उसमें बिलासपुर रेलवे जोन से यात्री सुविधा के लिए बिलासपुर रायपुर तथा दुर्गा प्रमुख स्टेशनों से स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी, इसके लिए जल्द ही रेलवे बोर्ड से नोटिफिकेशन जारी होने वाला है। जनवरी माह से प्रयागराज में महाकुंभ शुरू होने जा रहा है उसके पहले ही छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए महाकुंभ में स्नान करने तथा यात्री सुविधा को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने आज दक्षिण पूर्वी मध्य रेलवे जोन महा प्रबंधक नीनु इटियेरा से मुलाकात की और महाकुंभ के लिए स्पेशल ट्रेन की मांग रखी । अब बिलासपुर जून के अंतर्गत बिलासपुर मुख्य स्टेशन,  सहित रायपुर, दुर्ग ,छत्तीसगढ़ के लगभग सभी प्रमुख स्टेशनों से महाकुंभ स्पेशल ट्रेन की सुविधा लोगों कोमिलेगी। इससे कटनी मार्ग में गौरेला पेंड्रा मरवाही के भी श्रद्धालुओं को महाकुंभ जाने के लिए सीधे यात्री सुविधा मिलेगी।  पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने जोन महाप्रबंधक के प्रति आभार जताया और कहा है कि  प्रयागराज में महाकुंभ जो जनवरी माह में शुरू होने जा रहा है यहां के लोगों की आस्था है और यात्री सुविधा का लाभ यहां के लोगों को मिले इसके लिए ज़ोन महाप्रबंधक के द्वारा रेलवे बोर्ड के माध्यम से प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेन चलाकर अच्छी पहल की जा रही है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने यह भी कहा है कि उनके कार्यकाल में बिलासपुर जोन में यात्री सुविधा का विस्तार हो रहा है और आने वाले समय में यात्री सुविधा का लाभ बिलासपुर के लोगों को मिलेगा ।पूर्व विधायक ने भरोसा दिलाया है कि नए साल में बिलासपुर के लोग जो महाकुंभ में स्नान करने जाएंगे स्पेशल ट्रेन चलने से उन्हें लाभ मिलेगा। वे खुद महाकुंभ में जाने की तैयारी कर रहे हैं। आज जोन महाप्रबंधक से पूर्व विधायक ने यात्री सुविधा विस्तार को लेकर,कई मुद्दों पर चर्चा की। पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने आज कुलियों की समस्याओं को लेकर ज़ोन महाप्रबंधक नीनु इटियेरा से मुलाकात की। शैलेश पांडे ने महाप्रबंधक को बताया कि बिलासपुर रेलवे स्टेशन तथा उसलापुर रेलवे स्टेशन में काम करने वाली कुलियों को रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। रेलवे स्कूल में उनके बच्चों को  प्रवेश नहीं मिल रहा है ‌ । यहां के लगभग 200  कुलियों को वर्दी भी प्राप्त नहीं हो रही है। कुलियो के लिए कॉमन रूम भी उपलब्ध कराया जाए। बिलासपुर रेलवे स्टेशन तथा उसलापुर में 200 कुली  काम कर रहे हैं यह सभी गरीब परिवार से हैं।  रेलवे महाप्रबंधक मीनू इटियारा ने पूर्व विधायक शैलेश पांडे के द्वारा कुलियों के संदर्भ में लाई गई समस्याओं को गंभीरता से लिया है। और जल्द ही कुलियों की समस्याओं का समाधान जो महाप्रबंधक के द्वारा किया जाएगा। । पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने जोन महाप्रबंधक को बताया किबिलासपुर रेलवे जोन मुख्यालय के स्टेशन का सौंदरीकरण किया जा रहा है जिसमें कुलियों के लिए एक रूम की सुविधा दी जाये। कुलियों को साल में तीन बार वर्दी उपलब्ध कराई जाए। उनके परिवार को रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा तथा रेलवे स्कूल में बच्चों की पढ़ाई का प्रबंध रेलवे के द्वारा किए जाने की मांग पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने महाप्रबंधक के समक्ष रखी है। जोन महाप्रबंधक नीनु इटियेरा ने पूर्व विधायक शैलेश पांडे से कहा है कि   कुलियों की समस्याओं को लेकर जल्द में वे निर्णयक लेगी ‌ कुलियों को समय पर वर्दी मिलनी चाहिए और कुलियों के बच्चों के लिए रेलवे स्कूल तथा स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्रवेश के लिए हुए पहल करेंगे।  साथ ही कुलियों के परिवार को रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पहल करेंगे। रेलवे कुली कल्याण समिति के सदस्यों से जल्द ही बातचीत होगी। महाप्रबंधक नहीं अभी कहां है कि कुली हमारे रेलवे परिवार के सदस्यहैं। उनके बच्चों को चिकित्सा सुविधा एवं शिक्षा का लाभ मिलना चाहिए।  दक्षिण पूर्वी मध्य रेलवे कुली कल्याण समिति के  अध्यक्ष सुभाष कुमार यादव ,अनिल कश्यप, अनुपा यादव,  जितेंद्र भारद्वाज, राजकुमार मनहर, नवरंगी जयकुमार, मुकेश कुमार बंजारे,विक्रम ध्रुव,रामचरण वस्त्रकर,  रामा राव, पूर्व विधायक शैलेश पांडे से मिलकर समस्या रखी थी और आज पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक नीनु इटियेरा से मुलाकात कर बिलासपुर रेलवे स्टेशन तथा उसलापुर के 200 से अधिक कार्यरतकुलियों की समस्या रखी।

चेन पुलिंग समस्या को समाप्त करने RPF ने विशेष अभियान शुरू किया, रेलवे लेगा मोटा जुर्माना

 भोपाल बिना किसी वैध कारण के ट्रेन की चेन खींचना अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है. पश्चिम मध्य रेलवे ने चेन पुलिंग करने पर जुर्माने के साथ अब ट्रेन जितनी देर रुकेगी उसका खर्चा भी अवैध रूप से चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा. पश्चिम मध्य रेलवे में भोपाल मंडल के रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने बताया, अक्सर देखा गया है कि कुछ यात्रियों द्वारा बिना उचित कारण अलार्म चेन पुलिंग करने से न केवल गाड़ियां देरी से चलती हैं, बल्कि रेलवे को भारी नुकसान का सामना भी करना पड़ता है. इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए 06 दिसंबर 2024 से रेल सुरक्षा बल (RPF) द्वारा एक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है. इसमें अवैध अलार्म चेन पुलिंग पर जुर्माने के साथ ट्रेन रोकने का खर्च वसूला जाएगा. अब अगर किसी यात्री ने बिना उचित कारण के अलार्म चेन खींचीं तो उसे ₹1000 का जुर्माना ही नहीं बल्कि ट्रेन को रोकने (डिटेंशन) का खर्च भी चुकाना होगा. रेलवे ने यह लागत ₹8,000 प्रति मिनट निर्धारित की है. उदाहरण के तौर पर अगर ट्रेन 5 मिनट के लिए रुकी तो जुर्माना ₹8,000x 5=₹40,000 और इसमें चेन पुलिंग का ₹1000 जोड़ने पर कुल जुर्माना ₹41000 होगा. अगर ट्रेन 10 मिनट के लिए रुकी तो कुल जुर्माना ₹1000+₹8,000×10=₹81000. यह लागत और भी बढ़ सकती है, क्योंकि चेन पुलिंग से प्रभावित अन्य गाड़ियों का भी डिटेंशन चार्ज चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा जो ₹1 लाख तक पहुंच सकता है. इन दो कारणों पर मान्य होगी अलार्म चेन पुलिंग भोपाल मंडल के मुताबिक, केवल दो विशेष परिस्थितियों में अलार्म चेन पुलिंग मान्य मानी जाएगी. पहला, अगर यात्री की जान को खतरा हो जैसे गिरने की स्थिति में दुर्घटना टालने के लिए. दूसरा मान्य कारण होगा, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों या 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति का छूट जाना जैसे अगर वह चढ़ नहीं पाए और ट्रेन चल पड़ी. इनके अलावा हर अन्य कारण को अवैध माना जाएगा.  

भोपाल मंडल वातानुकूलित ट्रेनों में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान किए जा रहे

भोपाल भारतीय रेलवे (Indian Railways) अपने यात्रियों को स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता के बेडरोल (Railway Bedroll) देने के मामले में इन दिनों चर्चा में है. वहीं भोपाल रेल मंडल (Bhopal Railway Division) की ओर से बताया गया है कि पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में संचालित होने वाली सभी वातानुकूलित ट्रेनों (AC Train) में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान किए जा रहे हैं. सभी चादरों और पिलो कवर को प्रत्येक उपयोग के बाद मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में धुलाई और इस्त्री (प्रेस) की जाती है ताकि यात्रियों को स्वच्छ बेडरोल देकर उनकी आरामदायक, हाइजीनिक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके. अधिकारियों का क्या कहना है? भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) देवाशीष त्रिपाठी ने कहा, “हम अपने यात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं. स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले लिनन की आपूर्ति हमारी प्राथमिकताओं में से एक है.” भोपाल मंडल पर्यावरण के प्रति जागरूक है. जल संरक्षण के लिए आधुनिक वॉटर रीसाइकलिंग सिस्टम (ETP) का उपयोग किया जाता है और बायोडिग्रेडेबल डिटर्जेंट्स का प्रयोग किया जाता है जो पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं हैं. लिनन धुलाई की प्रक्रिया ऐसी है :     छंटाई और निरीक्षण: उपयोग किए गए लिनन को लॉन्ड्री में पहुंचने पर छांटा जाता है और किसी भी क्षतिग्रस्त या फटे हुए लिनन को अलग किया जाता है.     प्री-ट्रीटमेंट: दाग-धब्बों को हटाने के लिए लिनन पर प्री-ट्रीटमेंट किया जाता है. यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि धुलाई के बाद लिनन पूरी तरह से साफ हो.     स्वचालित धुलाई: लिनन को बड़े औद्योगिक वॉशिंग मशीनों में डाला जाता है, जहां उच्च गुणवत्ता वाले डिटर्जेंट और सैनेटाइज़र का उपयोग किया जाता है. पानी के तापमान और धुलाई के समय का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि बैक्टीरिया और विषाणुओं का नाश हो सके.     सुखाने की प्रक्रिया: धुले हुए लिनन को टंबल ड्रायर में सुखाया जाता है, जिससे अतिरिक्त सैनेटाइजेशन होता है.     प्रेसिंग और फोल्डिंग: सुखाने के बाद, लिनन को प्रेस किया जाता है और सही तरीके से पैकेजिंग साइज के अनुसार मोड़ा एवं पैक किया जाता है.     गुणवत्ता नियंत्रण: हर लिनन की स्वच्छता, सफेदी की जांच की जाती है एवं व्हाइट नेस मीटर द्वारा धुले हुए लिनेन की गुणवत्ता को जांच जाता ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके. स्वच्छ और पैक किए गए लिनेन को फिर से ट्रेनों में भेजा जाता है. यहां इन्हें यात्रियों के उपयोग के लिए सेट किया जाता है, जिससे उन्हें स्वच्छ और आरामदायक अनुभव मिलता है. इन ट्रेनों में की जाती है भोपाल मंडल से आपूर्ति वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि वर्तमान में भोपाल मंडल में यात्रियों को लगभग 20 ट्रेनों में लिनन की आपूर्ति की जाती है. इन ट्रेनों में प्रमुख रूप से शान ए भोपाल एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, रीवांचल एक्सप्रेस, उर्जाधानी एक्सप्रेस, भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस, रानी कमलापति-अगरतला एक्सप्रेस, सहरसा एक्सप्रेस, भोपाल-रीवा एक्सप्रेस आदि शामिल हैं. वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर आर पी खरे ने बताया, “हम स्वच्छता और हाइजीन पर विशेष ध्यान देते हैं और यात्रियों की संतुष्टि के लिए हर संभव कदम उठाते हैं.” यात्री लिनन से संबंधित किसी भी शिकायत या सुझाव के लिए रेल मदद पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं. इन शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित किया जाता है. इन सभी प्रयासों के माध्यम से भारतीय रेल यह सुनिश्चित कर रही है कि यात्रियों को यात्रा के दौरान साफ, स्वच्छ और आरामदायक लिनन मिले, जिससे उनकी यात्रा का अनुभव और भी सुखद हो सके.

जबलपुर रेलवे विभाग दिव्यांगों को आनलाइन जारी करेगा रेल यात्रा पास

 जबलपुर जबलपुर रेल मंडल में दिव्यांगों के रियायती रेल यात्रा पास जल्द ही घर में बैठे-बैठे बन जाएंगे। उन्हें रेल यात्रा रेल यात्रा कार्ड प्राप्त करने के लिए पास के प्रमुख रेलवे स्टेशन या मंडल कार्यालय तक आने की आवश्यकता नहीं होगी। रेल यात्रा पास को वह ऑनलाइन अपलोड भी कर सकेंगे दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए उनके रेल यात्रा पास बनाने की व्यवस्था को डिजिटल किया जा रहा है। आवेदन से लेकर सत्यापन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। रेल यात्रा पास को वह ऑनलाइन अपलोड भी कर सकेंगे। पार्सल काउंटर को भी डिजिटल भुगतान के नए फीचर से जोड़ा रेल उपभोक्ता सेवाओं का विस्तार करते हुए पार्सल काउंटर को भी डिजिटल भुगतान के नए फीचर से जोड़ने की तैयारी की गई है। जहां, पर पेमेंट वालेट से भुगतान के लिए क्यूआर (बार) कोड स्कैनर लगाए जाएंगे। पार्सल बुकिंग के लिए आने वाले लोगों को डिजिटल भुगतान का सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा। आईआरसीटीसी की वेबसाइट से मिलेगी लिंक     रियायती रेल यात्रा प्रमाण पत्र बनाने के लिए पोर्टल तैयार रहा है।     इस पोर्टल की लिंक आईआरसीटीसी की वेबसाइट में रहेगी।     लिंक पर क्लिक करके दिव्यांगजन आवेदन की प्रक्रिया करेंगे।     आवेदन के साथ पात्रता संबंधी समस्त आवश्यक अभिलेखों देंगे।     दिव्यांगजनों को सेल्फ अटेस्टेड प्रति को अपलोड करना होगा। मंडल कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर रेल पास जारी करेगा ऑनलाइन आवेदन पर मंडल कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर रेल पास जारी करेगा, जिसकी प्रति पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। उसे डाउनलोड कर आवेदक रेल यात्रा में उपयोग कर सकेंगे। किराया एवं सीट संबंधी सुविधा का लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे। पोर्टल पर नए रेल यात्रा पास के साथ ही कार्ड रिनुअल के लिए भी ऑनलाइन आवेदन होंगे। रेल यात्री में दिव्यांगों को रियायत …     दृष्टिबाधित, मानसिक एवं पूर्ण रुप से दिव्यांग को यात्री किराया में 75 प्रतिशत तक छूट प्राप्त होती है।     यह रियायत अनारक्षित टिकट के साथ ही स्लीपर एवं तृतीय वातानुकूलित श्रेणी के लिए पात्र है।     ट्रेन के प्रथम एवं द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी में यात्रा पर दिव्यांग को 50 प्रतिशत किराया कम लगता है।     शताब्दी जैसी ट्रेनों में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी में यात्रा पर किराए में 25 प्रतिशत की छूट मिलती है।     रेल यात्रा के दौरान दिव्यांग यात्री के साथ यात्रा करने वाले अटेंडर को भी रियायत का लाभ मिलता है। हर काउंटर पर होगा स्कैनर पेमेंट का विकल्प जबलपुर मंडल की पार्सल विभाग में क्यूआर कोड आधारित भुगतान व्यवस्था के बाद रेल उपभोक्ता संबंधी समस्त काउंटर पर डिजिटल पेमेंट संभव होगा। रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर अभी रेल टिकट काउंटर में क्यूआर कोड से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा है। पार्सल बुकिंग पर आनलाइन भुगतान के लिए एटीएम कार्ड स्वैप स्टेशन में फूड स्टाल में भी क्यूआर कोड से डिजिटल भुगतान हो रहा है। पार्सल बुकिंग पर अभी नकद के साथ ही ऑनलाइन भुगतान के लिए एटीएम कार्ड स्वैप करने की व्यवस्था है। उपभोक्ता को मोबाइल एप से सीधे भुगतान की सुविधा अब क्यूआर कोड से स्कैन कर भुगतान की सुविधा से उपभोक्ता को मोबाइल एप से सीधे भुगतान की सुविधा मिल जाएगी। अभी जबलपुर जंक्शन, मदनमहल, कटनी, रीवा, सतना, पिपरिया, सागर सहित प्रमुख स्टेशनों पर पार्सल बुकिंग में डिजिटल भुगतान का नया फीचर जोड़ा जा रहा है।

Railway का बड़ा ऐलान, 650 ट्रेनों में जोड़े जाएंगे 1000 डिब्बे, 1 लाख यात्रियों को होगा फायदा

भोपाल  रेलवे ने बीते तीन माह में ही विभिन्न ट्रेनों में सामान्य श्रेणी (जीएस) के लगभग छह सौ नए अतिरिक्त कोच जोड़े हैं। ये सभी कोच नियमित ट्रेनों में जोड़े गए हैं। नवंबर माह में जीएस श्रेणी के एक हजार से ज्यादा कोच लगभग साढ़े छह सौ नियमित ट्रेनों में जोड़े जाएंगे। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना व प्रचार) दिलीप कुमार ने बताया कि सामान्य श्रेणी के यात्री रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इस श्रेणी के यात्रियों को अधिकतम सुविधा मुहैया कराने की दिशा में रेलवे विभिन्न दिशाओं में कार्य कर रहा है। इसके तहत जुलाई से अक्टूबर के तीन माह के दौरान जीएस श्रेणी के कुल 583 नए कोचों का निर्माण किया गया। साथ ही इन नवनिर्मित कोचों को 229 नियमित ट्रेनों में जोड़ा गया है। इससे रोजाना हजारों अतिरिक्त यात्रियों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस नवंबर माह तक जीएस श्रेणी के कुल एक हजार से ज्यादा नए कोच तैयार होकर रेलवे के बेड़े में जुड़ जाएंगे। इन्हें 647 नियमित ट्रेनों में जोड़ा जाएगा। इन डिब्बों के शामिल होने से रोजाना करीब एक लाख अतिरिक्त सवारी रेल यात्रा के सफर का लाभ उठा पाएंगे। नए जीएस कोचों का निर्माण तेजी से चल रहा कार्यकारी निदेशक ने बताया कि सामान्य श्रेणी के यात्रियों की सुविधाओं के मद्देनजर नए जीएस कोचों का निर्माण तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में रेलवे के बेड़े में ऐसे गैर-वातानुकूलित सामान्य श्रेणी के दस हजार से ज्यादा जीएस कोचों को शामिल कर लिया जाएगा। इनमें छह हजार से ज्यादा जीएस कोच होंगे, जबकि बाकी डिब्बे स्लीपर श्रेणी के होंगे। इतनी बड़ी संख्या में नान एसी कोचों के शामिल होने से सामान्य श्रेणी के करीब आठ लाख अतिरिक्त यात्री रोजाना रेल यात्रा का सफर कर पाएंगे। जीएस श्रेणी के ये नवनिर्मित तमाम कोच एलएचबी के होंगे। हादसे की स्थिति में इन कोचों में नुकसान भी कम से कम होगा। यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार सर्वोच्च प्राथमिकता रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना और प्रचार) दिलीप कुमार ने सामान्य श्रेणी के यात्रियों की नई सुविधाओं को लेकर जानकारी दी है। कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि सामान्य कोच में यात्रा करने वाले यात्री रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में रेलवे लगातार कार्य कर रहा है। इसके तहत जुलाई से अक्टूबर तीन महीने में 583 नए जनरल कोच का निर्माण किया गया। इन कोचों को नियमित 229 ट्रेनों में जोड़ा गया है। ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या बढ़ने से यात्रियों का सफर आसान हुआ है। साथ ही हर दिन अतिरिक्त यात्रियों की यात्रा सुखद हो रही है। एक हजार से ज्यादा नए सामान्य कोच होंगे तैयार     रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना और प्रचार) दिलीप कुमार ने आगे योजनाओं को लेकर बताया कि बताया कि नवंबर तक सामान्य श्रेणी के एक हजार से ज्यादा नए कोच तैयार होंगे। ये नए कोट जल्द रेलवे के बेड़े में शामिल हो जाएंगे। इन कोचों को नियमित 647 ट्रेनों में लगाया जाएगा। इन कोच के ट्रेनों में लगने से रोजाना करीब 1 लाख अतिरिक्त यात्री सफर का लाभ उठा पाएंगे। सामान्य कोच के यात्रियों का सफर होगा आसान कार्यकारी निदेशक ने आगे बताया कि सामान्य कोच से सफर करने वाले यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नए जनरल कोच का निर्माण तेजी से किया रहा है। अगले दो साल में रेलवे के बेड़े में गैर-वातानुकूलित सामान्य श्रेणी के 10 हजार से ज्यादा जनरल कोच शामिल होंगे। इनमें छह हजार से ज्यादा सामान्य कोच और बाकी डिब्बे स्लीपर श्रेणी के होंगे। इतनी बड़ी संख्या में नॉन एसी कोचों के शामिल होने से सामान्य श्रेणी के करीब आठ लाख अतिरिक्त यात्री रोजाना रेल यात्रा का सफर कर पाएंगे। LHB डिजाइन के नए जनरल कोच रेलवे के बेड़े में शामिल नए जनरल कोच LHB डिजाइन के होंगे। इन डिब्बों से सफर आरामदायक और सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ सुरक्षित बनाने में भी मदद करेगी। पारंपरिक आईसीएफ रेल बोगी के मुकाबले ये नए LHB कोच हल्के और बेहद मजबूत हैं। हादसे की स्थिति में इन बोगियों को नुकसान कम होगा।

अब रतलाम-चंदेरिया, नागदा-भोपाल सेक्शन में कवच लगने से नीमच, मंदसौर, उज्जैन, भोपाल तक ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी

रतलाम  ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के साथ ही सुरक्षा को लेकर रेलवे संसाधन मजबूत कर रहा है। दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग के साथ ही रतलाम रेल मंडल में रतलाम से चंदेरिया और नागदा से भोपाल तक का सेक्शन भी कवच युक्त होगा। इसके लिए रेल मंडल से टेंडर जारी हो गए हैं। काम पूरा करने के लिए दो साल की समय सीमा रखी गई है। इससे नीमच, मंदसौर के साथ ही उज्जैन, भोपाल तक ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जा सकेगी। रतलाम-चंदेरिया और नागदा-भोपाल सेक्शन पर कवच संस्करण 4.0 का प्रावधान किया जाएगा। इसमें 120.72 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रतलाम रेल मंडल के 427.83 किलोमीटर के पूर्ण ब्लाक सेक्शन में यह प्रणाली लगाई जाएगी। चार दिसंबर तक टेंडर भरे जा सकेंगे। मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग के 789 किमी में से 503 में ट्रायल पूरा     इधर मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रति घंटा करने के लिए मिशन रफ्तार में ब्रिजों के मरम्मत, ओएचई का रख-रखाव, सिगनलिंग सिस्टम में सुधार, कर्व का री-अलाइनमेंट, एचबीम स्लीपर लगाए गए हैं।     वर्तमान में वडोदरा-अहमदाबाद खंड सहित मुंबई सेंट्रल-नागदा खंड पर 90 लोको के साथ 789 किलोमीटर पर कवच का काम चल रहा है। इसमें से 503 किलोमीटर तक लोको परीक्षण हो चुका है।     90 में से 73 लोकोमोटिव पहले ही कवच प्रणाली से लैस किया जा चुका है। वडोदरा-रतलाम-नागदा सेक्शन के 303 किलोमीटर में 173 पर लोको ट्रायल पूरा हो चुका है। मार्च 2025 तक काम पूरा होने की संभावना है। क्या है कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा तकनीक ‘कवच’ ट्रेन सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ाती है। इसमें इंजन पर लगे सेंसर, जीपीएस सिस्टम से एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों के आमने-सामने आने पर स्वचालित ब्रेक लग जाते हैं। आरडीएसओ द्वारा विकसित कवच को ट्रेन टकरावों को रोकने, खतरे में सिगनल पासिंग से बचने में लोको पायलटों को सहायता मिलती है। इससे 200 किमी प्रति घंटे तक की गति को समायोजित किया जा सकता है। ट्रेनें तय गति सीमा के भीतर चले और इसकी रियल टाइम निगरानी भी होगी। यह काम भी किए ट्रैक पर पशु आदि न आए, इसके लिए नागदा-गोधरा खंड में लगभग 56 करोड़ की लागत से रेलवे ट्रैक के दोनों ओर कुल 160 किलोमीटर बाउंड्रीवाल का निर्माण होना है। करीब 100 किमी की बाउंड्रीवाल बनाई जा चुकी है।

5647 अप्रेंटिस पदों पर रेलवे में भर्ती, जानें योग्यता, आवेदन की पूरी प्रक्रिया

मुंबई पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने अप्रेंटिस पदों पर बंपर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह सुनहरा मौका उन युवाओं के लिए है जो रेलवे में करियर बनाना चाहते हैं और तकनीकी क्षेत्र में कौशल सीखना चाहते हैं। NFR की इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 5647 पद भरे जाएंगे, जो देशभर के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। योग्य उम्मीदवार NFR की ऑफिशियल वेबसाइट nfr.indianrailways.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 4 नवंबर, 2024 से शुरू हो चुकी है और इसके लिए अंतिम तिथि 3 दिसंबर, 2024 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन पूरा करने की सलाह दी जाती है, ताकि वे इस बड़े अवसर का लाभ उठा सकें और रेलवे में अपने करियर की शुरुआत कर सकें। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आवेदन की शुरुआत 4 नवंबर, 2024 से हो चुकी है और अंतिम तिथि 3 दिसंबर, 2024 है। वैकेंसी डिटेल्स     कटिहार (KIR) और टिंधारिया (TDH) कार्यशाला: 812 पद     अलीपुरद्वार (APDJ): 413 पद     रंगिया (RNY): 435 पद     लुमडिंग (LMG): 950 पद     तिनसुकिया (TSK): 580 पद     न्यू बोंगाईगांव कार्यशाला (NBQS) और इंजीनियरिंग कार्यशाला (EWS/BNGN): 982 पद     डिब्रूगढ़ कार्यशाला (DBWS): 814 पद     NFR मुख्यालय (HQ)/मालिगांव: 661 पद आयु सीमा आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु 15 से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए (नोटिफिकेशन में दी गई अंतिम तिथि के अनुसार)। सेलेक्शन प्रोसेस सेलेक्शन यूनिट, ट्रेड और कम्युनिटी-वाइज मेरिट पोजीशन के आधार पर किया जाएगा। मेरिट लिस्ट मैट्रिक में प्राप्त अंकों (कम से कम 50% अंक) और संबंधित ट्रेड में ITI के अंकों के औसत पर आधारित होगी। आवेदन शुल्क आवेदन शुल्क ₹100/- है। SC, ST, PwBD, EBC और महिला उम्मीदवारों को शुल्क में छूट दी गई है। एप्लीकेशन में सुधार यदि आवेदन जमा करने के बाद किसी जानकारी में बदलाव या सुधार करना चाहते हैं, तो ₹50/- का शुल्क प्रति अवसर देना होगा। हालांकि, रजिस्ट्रेशन की जानकारी में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार NFR की ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं।

राज्य वन्यजीव विभाग ने बरखेड़ा – बुधनी रेलवे लाइन के निर्माण को पर कई तरह की चिंता जताई

भोपाल मध्य प्रदेश में 2015 से अब तक 14 तेंदुए, सात बाघ और एक भालू की मौत हो चुकी है। अब राज्य वन्यजीव विभाग ने बरखेड़ा और बुधनी के बीच रेलवे लाइन परियोजना के निर्माण को लेकर कई तरह की चिंता जताई है। जिससे पता चलता है कि वन्यजीवों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए किए गए उपायों को ठीक से लागू नहीं किया गया है। 2011-12 में स्वीकृत बरखेड़ा-बुदनी खंड 26.50 किलोमीटर लंबा ट्रैक है जिसे 991.60 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह रातापानी वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर रिजर्व में आता है। यह रेलवे लाइन तब जांच के घेरे में आई जब 14-15 जुलाई की रात को भोपाल से करीब 70 किलोमीटर दूर मिडघाट के एक फॉरेस्टेड एरिया में ट्रेन की चपेट में आने से तीन बाघ शावक घायल हो गए। चोट लगने की वजह से आखिरकार उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड से पता चलता है कि वन्यजीव विभाग ने इस साल 6 सितंबर को एक समीक्षा बैठक में रेलवे लाइन के निर्माण के संबंध में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा लगाई गई कुछ शर्तों के अनुपालन में खामियों को उजागर किया था। विभाग ने कहा कि ‘भारत सरकार से प्राप्त सशर्त अनुमति के तहत लगाई गई शर्तों का एजेंसी (भारतीय रेलवे) द्वारा पूरी तरह से पालन नहीं किया गया।’ बैठक के दौरान उठाया गया एक मुख्य मुद्दा अंडरपास का अनुचित निर्माण था, जिसका मकसद वन्यजीवों के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करना था। विभाग ने कहा कि यह ‘अंडरपास लोकल ड्रेनेज सिसटम्स के ऊपर बना हुआ है जो मॉनसून के दौरान पानी से भर जाते हैं, जिससे जानवरों को वैकल्पिक रास्ते तलाशने पड़ते हैं, जो अक्सर उन्हें रेलवे पटरियों पर ले जाते हैं।’ रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ‘खराब जल निकासी के कारण पटरियों के पास जलभराव वाले क्षेत्र पानी की तलाश में जानवरों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं’, जिससे रेल से उनके टकराव का खतरा और बढ़ गया है। बैठक में रेलवे पटरियों से दूर वैकल्पिक जल स्रोतों को विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बैठक में गति सीमा विवाद भी एक मुद्दा था। विभाग ने कहा कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों के लिए स्वीकृत गति सीमा ’60 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई थी, वहीं रेलवे अधिकारियों द्वारा लगाए गए बोर्ड 75 और 65 किमी प्रति घंटे की गति सीमा दर्शाते हैं’, जो निर्धारित सुरक्षा उपायों का स्पष्ट उल्लंघन है। ट्रैक के रखरखाव के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। फील्ड स्टाफ, वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों द्वारा संयुक्त निरीक्षण से पता चला कि ‘ट्रैक के बीच की घास विजिबिलिटी में बाधा डालती है, जिससे ट्रेन के पायलटों के लिए वन्यजीवों को देखना और जानवरों के लिए आने वाली ट्रेनों से बचना मुश्किल हो जाता है।’

नवंबर 2024 में आने वाले त्योहारों के लिए रेलवे सीमाओं के भीतर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई

अंबाला दिपावली, छठ पूजा और गुरुपर्व के दौरान रेलवे ट्रैक, ट्रेन, स्टेशन, पुल और रेलवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहेगी। आगामी त्योहारों को देखते हुए रेलवे ने एडवाइजरी जारी की है। इसी कड़ी में आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त द्वारा अंबाला मंडल के सभी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नवंबर 2024 में आने वाले त्योहारों के लिए रेलवे सीमाओं के भीतर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की काफी भीड़ लगी रहती है। इसलिए त्योहारों के दौरान धार्मिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, ट्रेन और संवेदनशील स्थानों पर असामाजिक तत्व शरारत करके तोड़फोड़ कर सकते हैं। त्योहारों के मद्देनजर पूरे मंडल में पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार की तरफ जाने वाली ट्रनों में भी अधिक भीड़ बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इसलिए अपेक्षित भारी भीड़ को देखते हुए उचित सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाए। लगातार जारी रहे पेट्रोलिंग रेलवे ट्रैक की सुरक्षा एवं ट्रेनों के सुचारु संचालन के लिए प्रत्येक ड्यूटी पर तैनात स्टाफ एवं अधिकारी पूरी तरह से आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और लगातार पेट्रोलिंग जारी रखें। रेलवे स्टेशन एवं ट्रेनों में अगर कहीं भी कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आता है तो उसकी निगरानी रखें और सूचना उच्चाधिकारियों को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। अतिरिक्त कर्मचारी तैनात इसके अलावा ट्रेन में तैनात सुरक्षा स्टाफ को भी पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, कहीं भी कोई शक की वस्तु व्यक्ति नजर आए तो इसकी जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम पर साझा की जाए। वहीं, ट्रेनों में पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए भी संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मचारी तैनात रहें। स्टेशन एवं ट्रेनों की संयुक्त चेकिंग त्योहारों के दिनों में कोई अप्रत्याशित घटना नहीं होनी चाहिए और इसकी जिम्मेदारी संबधित प्रभारी की होगी। शक होने पर ट्रेन में चढ़ने व उतरने वाले और रेलवे स्टेशन पर आने वाले व्यक्तियों और उनके सामान की जांच गहनता से की जाए। त्योहारों के मद्देनजर जीआरपी, जिला पुलिस और आरपीएफ की ओर से स्टेशन एवं ट्रेनों की संयुक्त चेकिंग की जाए। इस दौरान खुफिया एजेंसियों से भी संपर्क साधा जाए ताकि यदि कोई विशेष सूचना प्राप्त हो तो तत्काल कार्रवाई करके अप्रिय घटना को रोका जा सके। भीड़भाड़ के दौरान रेलवे स्टेशन पर बने रेलवे पुल यानी फुट ओवरब्रिज खाली होने चाहिएं ताकि यात्री आराम से चढ़-उतर सकें और भगदड़ की नौबत न आए। चप्पे-चप्पे की सीसीटीवी से निगरानी स्टेशन के चप्पे-चप्पे की निगरानी सीसीटीवी कैमरों की मदद से की जाए और कर्मचारी लगातार इस पर नजर जमाए रहे। इस दौरान यात्रियों को जहरखुरानी व सामान चोरी की घटनाओं से बचाने के लिए लगातार जागरूक करते रहें। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर काम करने वाले कुलियों, ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों तथा सफाई करने वाले कर्मचारियों से भी संपर्क में रहें। रेलवे स्टेशन पर लगी स्वचालित सीढि़यों के संचालन में कोई अवरोध उत्पन्न न हो, अनारक्षित डिब्बों में यात्रियों को व्यवस्थित रूप से बैठाना तथा ट्रेन में सीट बेचने वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। सुरक्षा को लेकर डॉग दस्ते की भी मदद ली जाए।

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