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इंदौर : रिंग रोड बेटमा, सांवेर और तराना से होकर गुजरेगा, 48 हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता

 इंदौर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अगस्त-सितंबर के बीच पश्चिमी रिंग रोड का काम शुरू कर सकता है, क्योंकि जून में निर्माण कार्यों पर खर्च किए जाने वाला बजट आवंटित होगा। इस दौरान 48 हेक्टेयर वनभूमि को स्वीकृत मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। एनएचएआई के प्रस्ताव को इंदौर वनमंडल ने वन विभाग मुख्यालय को भेजा दिया है, जो पर्यावरण समिति के पास पहुंच चुका है। जून-जुलाई में वनभूमि का सर्वे किया जाएगा। जमीन देने की प्रक्रिया जिला प्रशासन करेगा। अधिकारियों के मुताबिक वनभूमि पर पौधे लगाने और रखरखाव का खर्च एनएचएआई देगा। सड़क महू से हातोद होते हुए क्षिप्रा तक जाएगी 1500 करोड़ की लागत से 64 किमी लंबी पश्चिमी रिंग रोड बनाया जाएगा। 638 हेक्टेयर जमीन से सड़क गुजरेगी, जिसमें इंदौर और धार वनमंडल से 48 हेक्टेयर वनभूमि आएगी। इंदौर में 40 और धार में 8-10 हेक्टेयर वन भूमि चिह्नित की गई है। सड़क महू से हातोद और फिर क्षिप्रा तक जाएगी। यह मार्ग बेटमा, सांवेर और तराना से होकर गुजरेगा। एनएचएआई ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि वह वन विभाग को बदले में देने के लिए जमीन उपलब्ध कराए। जब तक यह जमीन तय नहीं होती, तब तक आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ सकती। वनक्षेत्र में खोदाई की जाएगी, जिसमें निकलने वाली मिट्टी और मुरम का निपटान एनएचएआई को वनक्षेत्र में करना है। पेड़ों की गिनती बाकी जंगल में लगे पेड़ों की गिनती और नई जगह पौधारोपण की योजना भी बनेगी। पेड़ों की कटाई, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण शुरू होगा। वहीं एक और बड़ी चिंता यह है कि जिन क्षेत्रों से सड़क निकलेगी, वहां नीलगाय, तेंदुआ, सियार जैसे कई वन्यप्राणी रहते हैं। करेंगे राशि जमा सड़क निर्माण का काम     अगले कुछ महीनों में शुरू किया जाएगा। प्रोजेक्ट को लेकर बजट आवंटित होगा। वैसे वनभूमि को लेकर प्रस्ताव वन विभाग की पर्यावरण समिति को भेजा है। पर्यावरण व वन मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद पौधोरोपण को लेकर राशि जमा करेंगे। – सुमेश बांझल प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई  

836 करोड़ की लागत से भोपाल के 16 KM लंबे अयोध्या बाइपास मार्ग के चौड़ीकरण का काम 1 जून से

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रत्नागिरी इलाके से लेकर आशाराम तिराहे तक 16 किलोमीटर लंबे अयोध्या बाइपास मार्ग के चौड़ीकरण का काम 1 जून 2025 से शुरू होने जा रहा है। काम की लागत 836 करोड़ रुपए आने की संभावना है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंयक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने इस संबंध में मंत्रालय में निर्माण एजेंसी एनएचएआई के अधिकारियों और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारियों निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की।  इस दौरान प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवांश नरवाल ने बताया कि, सबसे पहले सर्विस रोड बनाई जाएगी, ताकि यातायात बाधित न हो। चौड़ीकरण में आने वाले पेड़ों को हटाया जाएगा। साथ ही, इनके बदले में इसी सड़क पर चार गुना से ज्यादा पेड़ लगाए जाएंगे। सड़क चौड़ीकरण में आने वाले बिजली पोल- पाइप लाइन को शिट करने के लिए भी समय सीमा तय की गई है। 6 प्लस 2 यानी 8 लेन होगी सड़क राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि, करीब 2 साल में इस परियोजना को पूरा किया जाएगा। निर्माण कार्य का दायित्व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंपा गया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 836 करोड़ रुपए है। चौड़ीकरण का काम 1 जून से शुरू होगा। मुख्य सड़क निर्माण से पहले सर्विस रोड बनाई जाएगी, ताकि शहर का यातायात बाधित न हो। यह बायपास वर्तमान में 6 लेन है। 2 सर्विस रोड निर्माण के बाद यह 8 लेन हो जाएगा। आनंद नगर में बनेगा फ्लाई ओवर बैठक में आनंद नगर लाई ओवर निर्माण, रत्नागिरी तिराहे पर मैट्रो रेल लाई ओवर निर्माण व अन्य निर्माण कार्यों उकी समीक्षा की गई। आनंद नगर फ्लाई ओवर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण अगले एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश दिए गए। मेट्रो के लिए भी यहां काम होगा और एलिवेटेड लेन बनेगी। उन्होंने बायपास चौड़ीकरण के दौरान 8 हजार पेड़ों की कटाई के बदले 4 गुना अधिक पौधों का रोपण करने का दावा किया हैं। इस बायपास के दोनों ओर 8 हजार पेड़ काटे जाएंगे। यह प्रदेश की आदर्श सड़क बनेगी राज्यमंत्री गौर ने स्पष्ट कहा हैं कि निर्माण में किसी भी प्रकार की अड़चन को जल्द रूप से हल किया जाएं। कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो जल्द से जल्द कार्य को पूरा करना हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रदेश की एक आदर्श सड़क बनेगी, जिसमें फ्लाईओवर और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी शामिल होंगी।

बदनावर से टिमरवानी तक नया हाई-वे बनाया जाएगा, जो सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा

इंदौर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे( Delhi-Mumbai Expressway) से इंदौर भी जुड़ने जा रहा है। पिछले दिनों बदनावर आए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इंदौर को इस हाई-वे से जोड़ने का ऐलान किया था। इसके बाद एनएचएआइ इसकी डीपीआर बनाने में जुटा है। एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल ने बताया कि इंदौर का इंदौर-अहमदाबाद हाई-वे से घाटा बिल्लौद, लेबड़ होते हुए बदनावर से जुड़ाव हो जाएगा। बदनावर से टिमरवानी तक नया हाई-वे बनाया जाएगा, जो सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। इंदौर-अहमदाबाद रोड के अलावा उज्जैन रोड से भी नई सड़क के जरिए जुड़ा जा सकता है। इसके लिए तीन हजार करोड़ में करीब 90 किमी की फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। अभी डीपीआर बनाई जा रही है। साथ ही इसे नेशनल हाई-वे का दर्जा देने पर भी काम किया जा रहा है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण और टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी। काम शुरू होने में करीब डेढ़ साल लगेंगे। दिल्ली-मुंबई की दूरी घटेगी इंदौर से मुंबई और दिल्ली जाने के लिए वर्तमान रूट के अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे(Delhi-Mumbai Expressway) से जुड़ने पर वाहनों की बड़े शहरों से आवाजाही आसान हो सकेगी। दूरी भी घटेगी।

BDA रेलवे लाइन के समानांतर दोनों तरफ 60-60 फीट चौड़ी रोड विकसित करेगा

भोपाल  भोपाल विकास प्राधिकरण इस साल बावड़िया रेलवे ओवरब्रिज से मिसरोद के बीच रेलवे लाइन के दोनों तरफ नई बसाहट के लिए अधोसंरचना विकसित करेगा। रेलवे लाइन के नर्मदापुरम रोड की तरफ विद्यानगर फेस दो के साथ अब विद्यानगर फेज तीन के तहत करीब 11 हेक्टेयर में काम होगा, जबकि बावडिय़ा की ओर दानापानी से मिसरोद और बावड़िया गांव के चारों तरफ 51 हेक्टेयर में काम होगा। दोनों तरफ 60-60 फीट चौड़ी रोड सबसे खास ये कि लोगों को रेलवे लाइन के समानांतर दोनों तरफ 60-60 फीट चौड़ी रोड मिलेगी। आशिमा मॉल (MP News) से बावड़िया गांव को पार कर सेज अपोलो अस्पताल की ओर उतरने वाला रेलवे ओवरब्रिज भी इस पूरी योजना में मददगार होगा। बीडीए ने इस योजना के लिए सिविल अधोसंरचना विकसित करने 122.09 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान लगाया है। अन्य खर्च मिलाकर ये राशि 249 करोड़ रुपए बन रही है। बावड़ियाकलां गांव के आसपास रेलवे लाइन तक का क्षेत्र नई योजना में शामिल है। इस पर जल्द ही काम शुरू होगा।–संजीव सिंह, प्रशासक बीडीए ऐसे समझें स्थिति ● विद्यानगर फेस दो के तहत 39.96 हेक्टेयर क्षेत्र में योजना विकसित हो रही है। ● 84.14 करोड़ रुपए लागत है। 701 प्लॉट इसमें विकसित होंगे। ● विद्या नगर फेस तीन के तहत 10.60 हेक्टेयर क्षेत्र में योजना प्रस्तावित है। ● 28.27 करोड़ रुपए की लागत है। 34 प्लॉट विकसित होंगे। ● बावड़ियाकलां योजना- 51 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तय है।  

इंदौर में केंद्र सरकार की मदद से 23 सड़कों का निर्माण, सड़कों के चौड़े होने से नहीं होगा ट्रैफिक जाम

इंदौर  केंद्र की मदद से बनाई जा रही मास्टर प्लान की 23 सड़कों में शामिल छावनी सड़क और सुभाष मार्ग सड़क का काम 15 अप्रैल के बाद ही शुरू होगा। नगर निगम ने इन दोनों सड़कों के चौड़ीकरण में बाधक निर्माण चिह्नित कर उनके बाधक हिस्सों पर निशान लगा दिए हैं। 15 अप्रैल से इन बाधक हिस्सों को हटाने का काम शुरू होगा। इसके बाद निर्माण एजेंसी का काम शुरू होगा। नगर निगम ने मास्टर प्लान की 23 सड़कों को सिंहस्थ से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा है। शहर की इन सड़कों के लिए केंद्र शासन ने 468 करोड़ रुपये नगर निगम को आवंटित किए हैं। नगर निगम हटाएगा बाधक हिस्सों को छावनी और सुभाष मार्ग सड़कें इन्हीं 23 सड़कों में शामिल हैं। छावनी सड़क 80 फीट और सुभाष मार्ग 100 फीट चौड़ी बनाई जानी है। वर्तमान में छावनी सड़क 40 फीट तो सुभाष मार्ग कहीं 40 तो कहीं 50 फीट चौड़ा है। चौड़ीकरण में बाधक मकानों को हटाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। नगर‍ निगम ने तैयार की सूची बाधाओं को हटाने के बाद निगम साइट निर्माण एजेंसियों को सौंपेगा। इसके बाद सड़क निर्माण शुरू होगा। नगर निगम ने इन दोनों प्रमुख सड़कों पर बाधक मकानों की सूची पूर्व में ही तैयार कर ली थी। अब निगम ने बाधक हिस्सों पर निशान लगाना शुरू कर दिया है। 15 अप्रैल से बाधक हिस्सों को हटाने का काम शुरू होगा। 600 से ज्यादा मकान होंगे प्रभावित छावनी और सुभाष मार्ग के चौड़ीकरण में 600 से ज्यादा मकान बाधक हैं। छावनी सड़क पर 328 तो सुभाष मार्ग पर 304 मकान चिह्नित किए गए हैं। दोनों जगह मिलाकर 100 से ज्यादा मकान पूरे खत्म हो रहे हैं। दोनों ही जगह रहवासी सड़कों की चौड़ाई कम रखने की मांग कर रहे हैं। हालांकि नगरीय प्रशासन मंत्री चौड़ाई कम करने की संभावना से इन्कार कर चुके हैं।

कानपुर-सागर सिक्सलेन रोड को सागर रोड पर चौका गांव से लेकर चंद्रपुरा तक लाया जाएगा, चार दिशाओं के लिए अलग-अलग होगी लेन

छतरपुर शहर में आने वाले समय में यातायात व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। झांसी-खजुराहो फोरलेन और कानपुर-सागर सिक्सलेन अब चंद्रपुरा में एक-दूसरे से जुडऩे जा रहे हैं। इस परियोजना के तहत चंद्रपुरा में एक विशेष चंद्राकार फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिससे चारों दिशाओं की लेनें अलग-अलग मार्गों पर आसानी से मुड़ सकेंगी। यह निर्माण कार्य न केवल यातायात को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि छतरपुर शहर को दुर्घटना और जाम की समस्या से भी निजात दिलाएगा। क्या है योजना? कानपुर-सागर सिक्सलेन रोड को सागर रोड पर चौका गांव से लेकर चंद्रपुरा तक लाया जाएगा। चंद्रपुरा में विशेष चंद्रकार जंक्शन बनेगा, जो ग्वालियर जैसे मॉडल पर आधारित होगा। इससे एक लेन से वाहन झांसी की ओर, दूसरी से सतना-रीवा की ओर (पन्ना रोड से),तीसरी से कानपुर की ओर और चौथी से छतरपुर शहर में प्रवेश कर सकेंगे। रिंगरोड का बदला गया प्रस्ताव पहले छतरपुर शहर में दो राष्ट्रीय राजमार्गों को जोडऩे के लिए रिंगरोड बनाए जाने की योजना थी, लेकिन व्यावहारिक समस्याओं और भारी लागत को देखते हुए अब बाइपास का विकल्प चुना गया है। कानपुर-सागर सिक्सलेन को झांसी-खजुराहो फोरलेन से जोडकऱ सीधा संपर्क बाइपास मार्ग विकसित किया जाएगा। 43 कलोमीटर लंबा होगा बाइपास छतरपुर से गुजरने वाला प्रस्तावित सिक्सलेन बाइपास कुल 43.44 किलोमीटर लंबा होगा। यह चौका, चंद्रपुरा, निवाड़ी, गढ़ीमलहरा, उजरा होते हुए कैमाहा तक जाएगा। परियोजना पर कुल 982 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके अतिरिक्त सागर रोड से साठिया घाट तक 55 किलोमीटर फोरलेन बनाया जाएगा, जिसकी लागत 1671 करोड़ रुपए तय की गई है। शहर को मिलेगी दुर्घटना और जाम से राहत छतरपुर शहर दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के चौराहे पर स्थित है। बाइपास न होने के कारण यहां आए दिन भारी जाम और सडक़ दुर्घटनाएं होती रही हैं। अब यह सिक्सलेन बाइपास दोनों राजमार्गों को शहर के बाहर जोड़ देगा, जिससे भारी वाहनों का शहर में प्रवेश रुकेगा और ट्रैफिक लोड घटेगा। 6 लेन के लिए तैयार होगी सडक़ संरचना प्रस्तावित फोरलेन हाइवे को भविष्य में सिक्सलेन में परिवर्तित किया जा सके, इसके लिए डीपीआर इस प्रकार तैयार की जा रही है कि अंडरपास और फ्लाईओवर पहले से ही सिक्सलेन मानकों पर बने। छतरपुर से गुजरने वाला यह मार्ग भोपाल-लखनऊ इकॉनोमिक कॉरिडोर का हिस्सा भी बनेगा। छतरपुर बनेगा केंद्रीय कनेक्टिविटी हब यह हाइवे बुंदेलखंड के झांसी, महोबा, हमीरपुर, छतरपुर और सागर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को भोपाल और कानपुर से जोड़ेगा। छतरपुर, जो अब तक केवल पर्यटन के लिए जाना जाता था, अब लॉजिस्टिक्स और यातायात नेटवर्क का केंद्रीय हब बनने की ओर अग्रसर है। गठेवरा के पास जुड़ेंगे सिक्सलेन व फोरलेन बाइपास शहर में पहले दोनों नेशनल हाइवे को जोड़ते हुए रिंगरोड बनाए जाने का प्रस्ताव था। लेकिन इसके लेकर आ रही परेशानियों को देखते हुए अब कानपुर सागर सिक्सलेन को झांसी खजुराहो फोरलेन से जोडक़र बाइपास बनाया जाएगा। सिक्सलेन के लिए जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हो चुकी है। अब इसी जमीन पर बाइपास बनाया जाएगा। सिक्सलेन बाइपास होने से अलग-अलग लेन के वाहन अलग-अलग आ-जा सकेंगे। चंद्रपुरा से अलग-अलग हो जाएंगे सभी लेन सागर कानपुर सिक्सलेन सागर रोड पर चौका गांव से पन्ना रोड पर चंद्रपुरा तक सिक्सलेन बाइपास बनाया जाएगा। चंद्रपुरा में ग्वालियर जैसा चंद्रकार कनेक्शन देकर सभी लेनों को अलग-अलग जोड़ा जाएगा। सागर से आ रही सिक्सलेन की एक लेन के वाहन झांसी -खजुराहो मार्ग से झांसी की ओर निकल सकेंगे। वहीं, दूसरी लेन के वाहन पन्ना रोड पर सतना-रीवा की ओर निकल जाएंगे। जबकि तीसरी लेन के वाहन कानपुर के लिए निकल सक ेंगे। एक अन्य लेन के जरिए वाहन छतरपुर शहर में आ पाएंगे। 43 किलोमीटर लंबा होगा छतरपुर शहर का बाइपास कानपुर-सागर फोरलेन प्रोजेक्ट पर छतरपुर शहर से गुजरने वाला बाइपास 43.44 किलोमीटर लंबा होगा। जो चौका से होकर चंद्रपुरा, निवाड़ी, गढ़ीमलहरा, उजरा होते हुए कैमाहा तक बनाया जाएगा। इसके लिए 982 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। चुनाव बाद इसके लिए टेंडर भी होंगे। इसके अलावा सागर रोड पर चौका से छतरपुर जिले की सीमा में साठिया घाट तक 55 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण किया जाएगा। इस पर 1671 करोड़ रुपए की लागत आएगी। छतरपुर से गुजरेगा भोपाल-लखनऊ इकॉनोमिक कॉरिडोर बुंदेलखंड के झांसी, महोबा, हमीरपुर, छतरपुर, सागर नेशनल हाइवे के रूटों से भोपाल और कानपुर महानगर से सडक़ मार्ग से जुड़ा हैं। अब इन दोनों महानगरों को फोरलेन सडक़ से जोड़ा जा रहा है। डीपीआर कुछ इस तरह तैयार की गई है कि भविष्य में इसे छह लेन भी किया जा सके। ये फोरलेन हाइवे छतरपुर से होकर गुजरेगा। कबरई से भोपाल के बीच अलग-अलग सेक्टर में भोपाल-कानपुर हाइवे की डीपीआर तैयार की गई है। प्रस्तावित फोरलेन हाइवे में अंडरपास और एलीवेटेड पुलों का निर्माण 6 लेन के अनुसार होगा, ताकि भविष्य में विस्तार होने पर हाइवे को 6 लेन किया जा सके।

मध्यप्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए एक और बड़ी सौगात मिली, नेशनल हाईवे होगा अपग्रेड

भोपाल मध्यप्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए एक और बड़ी सौगात मिल गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मध्यप्रदेश से गुजर रहे नेशनल हाईवे-34 के हिस्से को अपग्रेड करने का प्रस्ताव पास कर दिया है। इसकी जानकारी उन्होंने खुद एक्स पर साझा की है। 531.84 करोड़ रुपए की स्वीकृति केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी साझा करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के शाहगढ़-बक्सवाहा-नरसिंहगढ़-दमोह से 63.50 किमी लंबाई के खंड को पेव्ड शोल्डर के साथ 2-लेन में अपग्रेड करने के लिए 531.84 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है। बनाए जाएंगे 4 बाईपास आगे जानकारी देते हुए लिखा है कि नेशनल हाईवे-34 उत्तराखंड के गंगोत्री धाम को मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर) पर लखनादौन से जोड़ता है। शाहगढ़-दमोह खंड के उन्नयन में 5 प्रमुख पुल, बक्सवाहा, भटेरा, नरसिंहगढ़ और पिपरिया चंपत में 4 बाईपास और दमोह के निर्मित क्षेत्रों में सर्विस/स्लिप रोड (दोनों तरफ 1.3 किलोमीटर) शामिल हैं। इस राजमार्ग के जुड़ने से कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी और आर्थिक विकास को भी तेजी से बढ़ावा मिलेगा। लंबे समय से चल रही थी मांग नेशनल हाईवे 34 प्रदेश के नरसिंहपुर, सागर, दमोह और राजगढ़ से निकलता है। इस मार्ग को लंबे समय से अपग्रेड करने की मांग की जा रही थी। बता दें कि, 63.50 किलोमीटर का हिस्सा एमपी से गुजरता है। इस मार्ग के अपग्रेड होने से कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए प्रदेश की शत-प्रतिशत बसाहटों को सड़कों से जोड़ने की समय-सीमा निर्धारित

भोपाल एमपी सरकार अगले तीन साल में प्रदेश की सभी बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए काम कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश की शत-प्रतिशत बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई करें।  सभी जिलों में सड़कों की आवश्यकता का वैज्ञानिक आधार पर सर्वे कर कार्य-योजना बनाई जाए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की बैठक में पीएम ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में मंत्री प्रहलाद पटेल, सीएस अनुराग जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। एआइ का करें उपयोग सीएम ने कहा, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्त, उन्नयन के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। सड़कों के रखरखाव, निरीक्षण में ऐप, जियो टैगिंग और एआइ का उपयोग कर और प्रभावी बनाया जाए। बैठक में बताया गया कि 89 हजार बसाहटों में से 50,658 बसाहटें सड़क मार्ग से जुड़ चुकी हैं। ग्राम सड़क योजना-4 के तहत बनने वाली 11,544 बसाहटों के लिए सर्वे कर लिया गया है। शेष 26,798 बसाहटों की कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है। 89 हजार में से 50 हजार बसाहटों में सड़कें अधिकारियों ने सीएम को बताया कि जनमन योजना के अंतर्गत पाण्डाटोला से बीजाटोला तक देश की पहली सड़क का निर्माण बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र में किया गया है। मेंटेनेंस और उन्नयन के लिए भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में मध्यप्रदेश प्रथम रहा है। मार्गों के संधारण के लिए 2015-16 से लागू ई-मार्ग पोर्टल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई तथा केंद्र द्वारा इसे पूरे देश में नेशनल ई-मार्ग के रूप में लागू किया गया है। सीएम ने कहा कि सड़कों पर वर्तमान यातायात का सर्वे कर उन्नयन और लेन विस्तारीकरण का कार्य प्राथमिकता से किया जाए।

भोपालवासियों को बड़ी राहत मिलने वाली, जिले में बनेंगी 12 नई सड़कें, जाम की समास्या से मिलेगी निजात

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। जानकारी के लिए बता दें कि पीडब्ल्यूडी ने अपने बजट में नगर निगम के वार्डों की अंदरूनी सड़क को भी शामिल किया है। करीब 12 सड़कों के लिए पीडब्ल्यूडी ने प्रस्ताव तैयार किए हैं। इनका काम इसी माह शुरू किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी ने करीब 50 करोड़ रुपए का बड़ा बजट इनके लिए तय किया है। शासन स्तर से ये राशि मंजूर कराई जाएगी। बजट में हैं नगर निगम की ये सड़कें शामिल 05 करोड़ रुपए बरखेड़ी फाटक से महामाई का बाग, शंकराचार्य नगर, पुष्पानगर, चांदबड़ की सड़कों के लिए 05 करोड़ रुपए अशोका गार्डन समेत वार्ड 69-70 के एप्रोच रोड के लिए 4.80 करोड़ रुपए वार्ड क्रमांक 26 बरखेड़ी खूर्द सीसी रोड 05 करोड़ रुपए चेतक ब्रिज से वार्ड 45 व 47 में गौतम नगर होते हुए रचना नगर अंडरब्रिज से सुभाष नगर विश्राम घाट तक रोड के लिए 14.75 करोड़ रुपए सलैया से बावडिया खुर्द तक वार्ड 52 की पर रोड 2.20 किमी लंबाई 3.79 करोड़ रुपए वार्ड 82-84 में दशहरा मैदान स्टेडियम से अमरनाथ कॉलोनी गेट तक सीसी रोड 1.20 किमी लंबाई 4.50 करोड़ रुपए में वार्ड 54-55 में आशिमा मॉल से कटारा रोड जाटखेड़ी से बाग मुगालिया क्षेत्र की सड़कें 3.18 करोड़ रुपए वार्ड 83 में गिरधर परिसर से श्यामाप्रसाद मुखर्जी कॉलेज निर्मलादेवी मार्ग कोलार रोड तक 1.80 करोड़ रुपए वार्ड 26 में रातीबड़ हनुमान मंदिर से जवाहर नवोदय विद्यालय

मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ रहा है सड़कों का नेटवर्क, 405 करोड़ की लागत से बनेगी नर्मदापुरम-हरदा सड़क

नर्मदापुरम  एमपी में नर्मदापुरम-हरदा सड़क का निर्माण 405 करोड़ की लागत से होगा। विधायक प्रेमशंकर वर्मा ने स्थानीय रेस्ट हाउस में हुई प्रेस वार्ता में बताया कि नर्मदापुरम से हरदा तक 10 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। इसकी लागत 405 करोड़ रुपए होगी। सड़क निर्माण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा। लोगों के समय की बचत होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।  उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। किसानों को पर्याप्त वोल्टेज और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण किया गया है। जिन ग्रामों में सड़कें नहीं थीं, उन्हें भी बजट में शामिल कर स्वीकृति दी है। डोलरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन किया है। प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों का भी निर्माण किया जा रहा है। शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए पीएम श्री महाविद्यालय और पीएम श्री स्कूलों की स्थापना की गई है। साथ ही नए विद्यालयों का निर्माण कार्य भी पूरा किया गया है। इन सभी विकास कार्यों से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। सड़क व पुल निर्माण की मिली स्वीकृति सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण की विधायक विजयपाल सिंह ने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त की है। स्वीकृति लोक निर्माण विभाग की वित्तीय व समिति की बैठक में ली। भाजपा मंडलाध्यक्ष अश्वनी सरोज ने बताया विधायक विजयपाल सिंह ने लोनिवि वित्तीय व्यय समिति की 108 वीं बैठक में विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति ली है। जिसमें सोहागपुर से निभौरा, पंचवटी, रैनीपानी, पाठई, उरदौन, मगरिया, कामठी-घोघरी तथा घोघरी से सारंगपुर मार्ग स्वीकृत कराया है। जिसकी लंबाई 24.30 किमी है और लागत 33 करोड़ 14 लाख 91 हजार रुपए है। इसी प्रकार बाबई-नसीराबाद मार्ग में बाकुड़ नदी पर सेतु निर्माण होगा। जिसकी लागत छह करोड़ छह लाख 82 हजार रुपए है। सूकरी से मनकवाडा मार्ग भी स्वीकृत कराया है, जिसकी लंबाई एक किमी व लागत 3 करोड़ 5 लाख रुपए है।

सड़क चौड़ीकरण के लिए पांच पोकलेन और चार जेसीबी के साथ 100 से ज्यादा श्रमिक मौके पर

इंदौर इंदौर में मास्टर प्लान की सड़कों के लिए केंद्र की योजना से 200 करोड़ रुपये की राशि मिली है। इसके चलते अब शहर में सड़कों का काम शुरू हो गया है। फिलहाल पूर्व में अधूरी सड़कों को चौड़ा करने के लिए बाधक निर्माण हटाए जा रहे है। मंगलवार को चंद्रभागा से कलालकुई मस्जिद के बीच बड़ी कार्रवाई की गई। सड़क की चौड़ाई में बाधक 15 से ज्यादा निर्माण तोड़े गए थे। भवन मालिकों को नगर निगम ने एक माह पहले नोटिस जारी कर दिया था, लेकिन स्वेच्छा से निर्माण नहीं टूटे तो नगर निगम ने उन्हें तोड़ा। सुबह पांच पोकलेन और चार जेसीबी के साथ 100 से ज्यादा श्रमिक मौके पर पहुंचे। अफसरों ने मकानोें में रखे सामान को हटाने के लिए कहा। इस काम में नगर निगम के अमले ने भी मदद की। रहवासी विरोध न करे, इसके लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था। दो घंटे में निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया। 18 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी चंद्रभागा से मस्जिद तक 18 मीटर चौड़ी सड़क बनना है। यह मध्य क्षेत्र की सड़क है। यहां ट्रैफिक का दबाव काफी अधिक रहता है। नगर निगम गंगवाल बस स्टैंड से सरवटे बस स्टैंड तक भी सड़क चौड़ी कर रहा है। यह सड़क उस मार्ग की फीडर रोड है। 18 मीटर चौड़ाई की सड़क बनने के बाद ट्रैफिक जाम की स्थिति नहीं रहेगी। निगमायुक्त शिवम वर्मा ने कहा कि अब जल्दी ही सड़क निर्माण शुरू हो जाएगा। कुछ बाधाएं और शेष है। उन्हें भी हटाया जाएगा।  

भिंड के करीब 45 किलोमीटर लंबे पांच बायपास बनाए जाएंगे, नए बायपास से इन ग्रामीण क्षेत्रों को फायदा पहुंचेगा

 भिंड मध्य प्रदेश से गुजरने वाले बड़े ग्वालियर-इटावा नेशनल हाइवे पर लगातार सड़क दुर्घटनाओं बढ़ रही। इसी को देखते हुए भिंड के पास प्रशासन ने लगभग 45 किलोमीटर लंबे पांच बायपास बनाने का निर्णय लिया है। इसे अंतिम रूप देने के लिए भिंड कलेक्ट्रेट में जनप्रतिनिधियों के साथ अनुमोदन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह, हेमंत कटारे, केशव देशाई और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव की उपस्थिति रही। जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया, अपर कलेक्टर एलके पांडेय, नपा अध्यक्ष वर्षा वाल्मीक और विधायक प्रतिनिधि अरविंद बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। बायपास के निर्माण का प्रारूप बायपास का निर्माण रेत, गिट्टी की खदानों, रेलवे लाइनों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। एलईडी स्क्रीन पर बायपास का पूरा नक्शा दिखाकर जनप्रतिनिधियों से अनुमोदन मांगा गया। हालांकि, अटेर विधायक हेमंत कटारे ने आपत्ति जताई कि उनके क्षेत्र की उपेक्षा की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेत और गिट्टी की खदानें नेशनल हाइवे की बाईं ओर स्थित हैं और दूसरी तरफ रेलवे लाइनें हैं। ऐसे में अंडरपास और आरओबी बनाने से समय और लागत में बढ़ोतरी होती है। निर्माण के चरण और लागत सूत्रों के अनुसार, बायपास का निर्माण दो चरणों में किया जा सकता है। पहले चरण में 1500 करोड़ रुपये की लागत से हाईब्रिड एन्युटी मोड के तहत काम किया जाएगा। दूसरे चरण में 2500 करोड़ रुपये की लागत सामान्य प्रक्रिया के तहत होगी। कुल मिलाकर इस परियोजना पर चार हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। कहां बनेगा कितना लंबा बायपास     भिण्ड:18 किमी     मेहगांव: 10 किमी     गोहद: 5.5 किमी     मालनपुर: 8.0 किमी     फूप: 3.0 किमी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया इन बायपासों के निर्माण के लिए लगभग 400 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। परियोजना का प्रस्ताव पहले भोपाल, फिर दिल्ली भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। जनप्रतिनिधियों की उम्मीद जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इन बायपासों के बनने से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि आवागमन भी सुगम होगा। क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

इंदौर में मास्टर प्लान की सड़कों के जल्द निर्माण के निर्देश

इंदौर  एमपी के इंदौर शहर में स्मार्ट सिटी मास्टर प्लान की 8 ऐसी सड़कों का काम करेगा जो अधूरी है या उनका काम शुरू ही नहीं हुआ है। सड़कों के निर्माण के साथ अन्य विकास कार्य भी होंगे। यह सभी काम समय सीमा में पूरे किए जाएंगे। कलेक्टर आशीष सिंह के मुताबिक  स्मार्ट सिटी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक हुई।  बैठक में निगम आयुक्त शिवम वर्मा, स्मार्ट सिटी सीईओ दिव्यांक सिंह सहित अन्य सदस्य व विभागों के अधिकारी मौजूद थे। प्रोजेक्ट चिन्हित किए गए हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बाधाओं को चिन्हित कर निराकरण कर लिया जाए। इनका निर्माण शीघ्र ही स्मार्ट सिटी के माध्यम से कराया जाएगा। बैठक में निर्देश दिए गए कि इन सड़कों का निर्माण जल्द ही प्रारंभ किया जाएगा। सड़कों में आने वाली बाधाओं को भी चिह्नित कर इनके निराकरण की समुचित व्यवस्था भी कर ली जाए। यहां होगा काम -एमआर-5 रोड, इंदौर वायर फैक्ट्री से बड़ा बांगड़दा तक। -वायर फैक्ट्री से सुपर कॉरिडोर तक स्टॉर्म वाटरलाइन डालने का कार्य। -नेमावर रोड-पालदा तिराहा से आरई-2 आइएसबीटी होते हुए बायपास तक मास्टर प्लान सड़क का विकास कार्य। -एमआर-9 रोबोट चौराहा से बायपास एवं अनूप टॉकीज के पास सड़क। धार रोड चंदन नगर चौराहा से एयरपोर्ट रोड तक सड़क। -एमआर-3 पीपल्यापाला रीजनल पार्क से बायपास तक सड़क। -नायता मुण्डला से एमआर-10 तक आरई-2 का शेष भाग। एमआर-6 रिंग रोड से महू नाका रोड।

भारतमाला घोटाले में ईओडब्ल्यू और एसीबी ने तेज की जांच, कई अधिकारियों पर दर्ज होगी FIR

 रायपुर रायपुर-विशाखापत्तनम भारतमाला रोड परियोजना में हुए घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू और एसीबी ने तेज कर दी है। घोटाले में शामिल अधिकारियों से जल्द ही पूछताछ करने की तैयारी है। वहीं, इन पर भ्रष्टाचार के तहत अपराध भी दर्ज किया जाएगा। भारतमाला प्रोजेक्ट में सरकार की जांच में सामने आया कि 43.18 करोड़ रुपये के मुआवजे का गलत तरीके से भुगतान किया गया है। इस मामले में अब तक दो तहसीलदार समेत तीन पटवारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इसके अलावा घोटाले में संलिप्त अन्य बड़े अधिकारियों को जांच के दायरे में लिया गया है। रायपुर जिले के अभनपुर में तैनात पूर्व एसडीएम निर्भय कुमार साहू पर गलत तरीके से मुआवजा देने का आरोप है। बताजा जा रहा है कि उन्होंने रायपुर-विशाखापत्तनम भारतमाला रोड परियोजना के लिए कुछ भूस्वामियों को गलत तरीके से मुआवजे का भुगतान किया है। जमीन को टुकड़ों में बांटा, 80 नए नाम चढ़ाए सूत्रों ने बताया कि मुआवजा करीब 29.5 करोड़ रुपए का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफियाओं ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया। मुआवजे के लिए 80 नए नाम रिकार्ड में चढ़ा दिया गया। इससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 78 करोड़ रुपए पहुंच गई। अभनपुर क्षेत्र में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई, जिसमें से 246 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं, 78 करोड़ रुपये का भुगतान अभी रोक दिया गया है। पिछली तिथि में दस्तावेजों में हुई गड़बड़ी अभनपुर इलाके में पदस्थ अधिकारियों ने पिछली तिथि में जाकर दस्तावेजों में गड़बड़ी की और जमीन मालिक को नुकसान पहुंचाया। अभनपुर के ग्राम नायक बांधा और उरला में चार एकड़ जमीन जो सर्वे से पहले एक परिवार के पास थी। वो सर्वे होने के ठीक कुछ दिन पहले एक ही परिवार के 14 लोगों के नाम पर बांट दी गई। इसके बाद एक ही परिवार के सदस्यों को 70 करोड़ रुपये की मुआवजा का भुगतान कर दिया गया। जांच अधिकारियों ने तत्कालीन अफसरों की इस कार्यप्रणाली का सीधा जिक्र अपनी जांच रिपोर्ट में किया है। इन पर घोटाले में शामिल होने का आरोप तत्कालीन अनुविभागीय और सक्षम अधिकारी निर्भय कुमार साहू, तत्कालीन तहसीलदार अभनपुर शशिकांत कुर्रे, तत्कालीन नायब तहसीलदार गोबरा नवापारा लखेश्वर प्रसाद किरण, तत्कालीन हल्का पटवारी नायकबांधा जितेंद्र साहू, तत्कालीन हल्का पटवारी नायकबांधा दिनेश पटेल और तत्कालीन हल्का पटवारी टोकरो लेखराम देवांगन समेत अन्य अधिकारियों के घोटाले में शामिल होने के सुबूत मिले हैं।

मध्य प्रदेश में 5 साल में बनेंगी 1 लाख KM सड़कें, शहरों से गांवों तक मिलेगी नई रफ्तार; बजट में क्या-क्या ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश में इस बार वित्त वर्ष 2025-26 का बजट शहरों से लेकर गांवों तक पूरे प्रदेश को नई रफ्तार देने वाला है। इसमें नई सड़कों से लेकर फ्लाईओवर बनाने तक के लिए बजट रखा गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री के साथ ही वित्त मंत्री का प्रभार संभाल रहे जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4.21 लाख करोड़ रुपयों से अधिक का बजट पेश किया। इस बार के बजट में ग्रामीणों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना प्रारंभ की जा रही है, इसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री देवड़ा ने अपने बजट भाषण में कहा कि प्रदेश में अगले 5 सालों में 1 लाख किलोमीटर सड़क बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह प्रदेश में आगामी 5 वर्षों में 500 रेल ओवर ब्रिज एवं फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इस वर्ष 3500 किलोमीटर नई सड़कें तथा 70 पुल बनाए जाने का लक्ष्य है। वहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 1 हजार किलोमीटर सड़कों के निर्माण एवं लगभग 5200 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य पूर्ण होगा। 8631 गांवों को बारहमासी मार्ग से जोड़ा गया मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अब तक 8631 गांवों को 19,472 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाकर, बारहमासी मार्ग से जोड़ा जा चुका है। हालांकि, अब भी कुछ गांवों में मेन रोड से ग्राम पंचायतों में पहुंचने के लिए सड़क उपलब्ध नहीं है। अतः ग्रामवासियों को सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध कराने के लिए नई योजना “मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना” प्रारंभ की जा रही है। इस योजना के लिए वर्ष 2025-26 में रुपये 100 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके अलावा एक नई योजना ‘क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण योजना’ प्रारम्भ की जा रही है। इस योजना के लिए वर्ष 2025-26 में रुपये 100 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। वहीं, सड़कों एवं पुलों के निर्माण एवं रखरखाव के लिए वर्ष 2025-26 में रुपये 16,436 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है, जो वर्ष 2024-25 से 34 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि रोड नेटवर्क, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी अनेक परियोजनाओं के साथ प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर, सतना और इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उज्जैन-जावरा 4 लेन सड़क के निर्माण से उज्जैन, इंदौर एवं आसपास के क्षेत्र, दिल्ली-मुंबई 8 लेन कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे। वहीं, 1692 करोड़ की अनुमानित लागत वाले उज्जैन-इंदौर 6 लेन रोड का भूमि पूजन हो चुका है। 116 नए रेलवे ओवरब्रिज बनाने का काम प्रगति पर देवड़ा ने कहा कि रेलवे क्रॉसिंग पर यातायात बाधित होने से समय एवं ईंधन की बर्बादी रोकने के लिए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) एवं रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) के निर्माण कार्य रेलवे के साथ मिलकर प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 4251 करोड़ रुपये की लागत के कुल 116 नए रेलवे ओवरब्रिज बनाने का काम प्रगति पर हैं।

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