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कह नहीं सकते क्या होगा – पूर्व सेना प्रमुख नरवणे को लेकर संजय राउत का बड़ा दावा

नई दिल्ली उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के नेता संजय राउत अपने आक्रामक अंदाज के लिए चर्चा में रहते हैं। अब उन्होंने एक और चौंकाने वाला बयान देते हुए पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की सुरक्षा को ही खतरा होने की बात कह दी है। संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि जिस तरह से राहुल गांधी ने संसद में पूर्व आर्मी चीफ का हवाला देकर बात की और सरकार ने उन्हें रोक दिया। वह सही नहीं था। इस घटनाक्रम के चलते मुझे नरवणे की सुरक्षा की चिंता हो रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एक ऐसा मुद्दा लाने की कोशिश की, जो राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला है।   संजय राउत ने कहा कि जब देश पर संकट आता है या पड़ोसी मुल्क हमला करने की तैयारी में भारत की सीमा पर पहुंचता है तो उस वक्त राजनीतिक नेतृत्व को निर्णय लेना चाहिए। जनरल नरवणे बार-बार कोशिश कर रहे थे कि हमें आदेश दीजिए। उनका पूछना था कि चीन के इस अतिक्रमण के जवाब में हमें आदेश दीजिए। लेकिन 56 इंच का सीना रखने वाले भाग गए। उन्होंने कहा कि अब मुझे मनोज मुकुंद नरवणे की सुरक्षा की चिंता हो रही है। उनके साथ क्या होगा, यह मैं कह नहीं सकता। उनकी सिक्योरिटी बढ़ जानी चाहिए। इससे पहले ऐसे कई हादसे हो चुके हैं। इसलिए सुरक्षा दी जानी जरूरी है। संजय राउत का सवाल- आखिर सोनम वांगचुक के साथ क्या हुआ था उन्होंने कहा कि आखिर सोनम वांगचुक के साथ क्या हुआ था। उन्होंने भी तो सीमा की सुरक्षा का मसला उठाया था। दरअसल सोमवार को लोकसभा में उस वक्त काफी हंगामा हुआ था, जब मनोज मुकुंद नरवणे की गैर-प्रकाशित पुस्तक का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी बोलने लगे थे। उन्होंने डोकलाम में भारतीय सीमा के पास चीनी टैंकों के पहुंचने का कथित प्रकरण उठाया था। इस पर विवाद तब बढ़ गया, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऐतराज जताया। उनका कहना था कि संसद में ऐसी किसी पुस्तक को कोट नहीं किया जा सकता, जो प्रकाशित ही नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि यदि पुस्तक तथ्य सही होते तो वह प्रकाशित ही हो जाती। उस पर किसी तरह की रोक लगाने की जरूरत नहीं थी।  

विमान क्रैश पर रहस्य गहराया! संजय राउत का तंज– मौसम ठीक था, फिर गड़बड़ कहां हुई?

मुंबई शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने अजित पवार की मौत को लेकर बड़े सवाल उठाए हैं। बजट सत्र में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे संजय राउत ने कहा कि अजित दादा के प्लेन क्रैश पर सवाल उठने लाजमी हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना उन्हें जस्टिस लोया केस की याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना में कुछ तो गड़बड़ है और इसकी ठीक से जांच होनी चाहिए। इसी तरह के सवाल राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी उठाए हैं। देशमुख ने कहा कि मौसम एकदम साफ था, दृश्यता अच्छी थी फिर अचानक विमान टिल्ट कैसे हो गया। इस घटना की जांच ठीक से होनी चाहिए।   संजय राउत ने कहा कि अजित पवार की मौत सामान्य नहीं बल्कि संदिग्ध है। बीजपी के लोग उन्हें सिंचाई घोटाले की फाइल से धमका रहे थे। वहीं वह घर वापसी की तैयारी कर रहे थे। एनसीपी के विलय की तारीख तय हो गई थी। इसी बीच इतनी बड़ी घटना हो जाती है। अनिल देशमुख ने की जांच की मांग अनिल देशमुख ने कहा कि विमान दुर्घटना की वजह बताई गई कि विजिबिलिटी कम थी। लेकिन जो वीडियो लिए गए, वे इतनी दूर से लिए जाने के बाद भी एकदम साफ थे। विमान जाते-जाते लैंड होने से पहले अचानक कैसे झुक गया और क्रैश हो गया। बहुत सारे लोगों को शंका है कि इस तरह कैसे विमान क्रैश हो गया। ब्लैक बॉक्स की जांच होगी तो सब चीजें सामने आएंगी। देखकर मामला संदिग्ध लगता है इसलिए इसकी ठीक से जांच होनी चाहिए और सच सामने आना चाहिए। बीजेपी को निशाने पर लेते हुए संजय राउत ने कहा कि सिंचाई घोटाले की फाइलों को लेकर जवाब दिया गया और उसके 10 दिन के अंदर ही इतना बड़ा हादसा हो गया। इसके पीछे क्या समझा जाए? बता दें कि विमान दुर्घटना के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सवाल उठाए थे। हालांकि शरद पवार ने उनकी बात को खारिज कर दिया था।  

वक्फ विधेयक पर इंडिया ब्लॉक में शामिल दलों के बीच ही एक राय नहीं बन पा रही,शिवसेना-यूबीटी नहीं जाएगी SC

मुंबई वक्फ (संशोधन) विधेयक पर इंडिया ब्लॉक में शामिल दलों के बीच ही एक राय नहीं बन पा रही कि उन्हें इसका विरोध करना है या समर्थन. जहां एक ओर कांग्रेस और डीएमके ने संसद से पारित इस विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, वहीं इंडिया ब्लॉक में शामिल उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना-यूबीटी ने विधेयक के खिलाफ सर्वोच्च अदालत नहीं जाने की बात कही है. हालांकि, उद्धव सेना ने इस बिल का लोकसभा और राज्यसभा में पुरजोर विरोध किया था. लेकिन अब पार्टी का कहना है कि उसके लिए यह फाइल अब बंद हो चुकी है. बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने वक्फ (संशोधन) विधेयक की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. वह इस बिल को लेकर बनीं जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) के सदस्य भी थे. इस बारे में पूछे जाने पर शिवसेना-यूबीटी के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, ‘हम सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे. हमने हमारा काम कर दिया है. जो कहना था, जो बोलना था वो सब संसद के दोनों सदनों में हो गया. हमारे लिए ये फाइल अब बंद हो गई है.’ वक्फ बिल उद्योगपतियों के फायदे के लिए: राउत शिवसेना-यूबीटी नेता संजय राउत ने वक्त बिल को लेकर भाजपा की आलोचना की थी और इसे उद्योगपतियों के फायदे के लिए बनाया गया एजेंडा बताया था. अपना पक्ष रखते हुए संजय राउत ने कहा था, ‘वक्फ बिल का हिंदुत्व से कोई लेना-देना नहीं है. यह एक सामान्य बिल है. अगर कोई इसे हिंदुत्व से जोड़ रहा है तो वह मूर्ख है. अगर इस बिल से कोई संबंध है तो इसका साफ मकसद है कि भविष्य में कुछ उद्योगपतियों के लिए वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर कब्जा करना आसान हो जाए.’ बता दें कि वक्फ (संशोधन) विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा की मंजूरी मिल गई है और इसे राष्ट्रपति के पास उनके अनुमोदन के लिए भेजा गया है. राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा और केंद्र सरकार द्वारा गजट अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह पूरे देश में लागू हो जाएगा. लोकसभा में वक्फ बिल के समर्थन में 288 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 232 वोट. वहीं, राज्यसभा में इस बिल के समर्थन में 128 वोट पड़े, जबकि विरोध में 95 वोट. राज्यसभा में वक्फ बिल के विरोध में बोलने को लेकर एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत पर कटाक्ष भी किया था. प्रफुल्ल पटेल ने किया था संजय राउत पर कटाक्ष प्रफुल्ल पटेल जब वक्फ बिल पर राज्यसभा में भाषण दे रहे थे, उस वक्त संजय राउत सदन में नहीं थे. एनसीपी सांसद की बात पर शिवसेना-यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कुछ कहना चाहा तो उन्होंने कहा-यूबीटी आप मत बोलिए, क्योंकि आप दूसरी पार्टी में थीं. तब तक संजय राउत सदन में आ गए. उनके आते ही प्रफुल्ल पटेल ने बाबरी मस्जिद विध्वंस और बंबई धमाकों का जिक्र करके उन पर तंज कसा. प्रफुल्ल पटेल ने संजय राउत की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘…आ गए, हमारे दोस्त आ गए. बाला साहेब ठाकरे  कहते थे कि उन्हें अभिमान है कि शिव सैनिकों ने बाबरी मस्जिद गिराई….और 92-93 के मुंबई दंगों में मेरे शिव सैनिकों ने हिंदुओं की रक्षा की. हमारे संजय भैया पहले टक…टक…टक…टक बोलते थे, लेकिन आज उन्हें समझ नहीं आ रहा है क्या बोलूं क्या नहीं.’ उनके इस बयान पर संजय राउत ने संसद के बाहर मीडिया से बातचीत में पलटवार किया. राउत ने कहा कि प्रफुल्ल पटेल को बाबा साहेब की याद आनी नहीं चाहिए. अपने पिता समान शरद पवार को खंजर घोंप कर भाग गए और अब निष्ठा की बात करते हैं. उन्होंने कहा, ‘प्रफुल्ल पटेल के किसके साथ संबंध थे, इकबाल मिर्ची और दाउद से…? ये आरोप मैं नहीं लगा रहा हूं, नरेंद्र मोदी ने ये आरोप लगाए थे और आप नहीं मानते तो ईडी की चार्जशीट पढ़ लें. ये चाटुकारिता करके वहां चले गए और बच गए, पर हम लोग डरने वाले नहीं हैं. इस तरह के लोगों को मैं वॉर्न करना चाहता हूं कि फिर से हमारे साथ कुछ करेंगे तो हमारे पास भी आपका पूरा कच्चा चिट्ठा है. ये लोग हमको क्लीन चिट दे रहे हैं. आप बीजेपी में जाइए और क्लीन चिट खरीद लीजिए.’ उनके इस बयान के बाद प्रफुल्ल पटेल ने संजय राउत को एक्स पर टैग करते हुए लिखा, ‘अंगूर खट्टे हैं…’. उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘बेहतर होता कि मेरे चरित्र और इतिहास के बारे में बात करने से पहले पवार साहब से जानकारी ले लेते.’  

संजय राउत ने महायुति सरकार पर साधा निशाना, पुणे में बस में दुष्कर्म के आरोपी को बख्शेंगे नहीं

मुंबई पुणे में स्वारगेट बस अड्डे पर खड़ी बस में 26 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गई है। शिवसेना (उबाटा) के नेता संजय राउत ने घटना को 2012 में दिल्ली में हुए सामूहिक दुष्कर्म जैसा करार दिया है। पुणे की कानून व्यवस्था को लेकर जिले के संरक्षक मंत्री अजित पवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ अपराध में काफी तेजी से इजाफा हुआ है।   पुणे में स्वारगेट बस अड्डे पर खड़ी बस में 26 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गई है। शिवसेना (उबाटा) के नेता संजय राउत ने घटना को 2012 में दिल्ली में हुए सामूहिक दुष्कर्म जैसा करार दिया है। साथ ही पुणे की कानून व्यवस्था को लेकर जिले के संरक्षक मंत्री अजित पवार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ अपराध में काफी तेजी से इजाफा हुआ है। संजय राउत ने कहा कि अगर राज्य में विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी की सरकार के समय यह घटना हुई होती तो अब तक भाजपा की महिला कार्यकर्ता मंत्रालय के बाहर हंगामा कर रहीं होतीं। उन्होंने कहा कि क्या भाजपा नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने लाडकी बहिन योजना के तहत 1500 रुपये देकर महिलाओं का आत्म सम्मान खरीद लिया है? मुख्यमंत्री फडणवीस को इस मामले में डिप्टी सीएम और पुणे के संरक्षक मंत्री अजित पवार से जवाब मांगना चाहिए। संजय राउत ने कहा कि यह घटना दिल्ली के निर्भया कांड जैसी है। सौभाग्य से इस मामले में महिला बच गई। पुणे में गैंगस्टरों को कानून का कोई डर नहीं है। गृह मंत्रालय राजनीतिक उद्देश्यों और राजनीतिक विरोधियों पर शिकंजा कस रहा है। अगर गृह मंत्रालय राज्य की महिला और लड़कियों की सुरक्षा के लिए काम करे तो यह बड़ा उपकार होगा। आरोपी फरार है, बख्शेंगे नहीं: शिंदे घटना को उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निंदनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी फरार है, लेकिन उसे बख्शा नहीं जाएगा। मैंने पुणे के पुलिस आयुक्त से बात की है। उनको आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार आरोपी को मौत की सजा देने की मांग करेगी। उन्होंने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से भी बात की। उनको खराब खड़ी बसों को नीलाम करने के लिए कहा है। शिंदे ने कहा कि परिवहन मंत्री के निर्देश पर तीन सुरक्षा कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।  एमएसआरटीसी आरोपी को बख्शेगी नहीं। सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस और आप पार्टी ने चुनाव लड़ा, लेकिन अलग-अलग थे: संजय राउत

मुंबई दिल्ली विधानसभा चुनाव के रुझानों में भाजपा को सत्ता मिलती दिख रही है। इस बीच INDIA अलायंस में भी खलबली है और आरोपों का दौर शुरू हो गया है। उद्धव सेना और उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसे AAP के साथ एकजुट होकर लड़ना चाहिए था। वहीं चुनाव में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए जाने लगे हैं। उद्धव सेना के नेता संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री की आखिरी इच्छा रही होगी कि मेरे कार्यकाल में एक बार दिल्ली में भी जीत मिल जाए। उद्धव ठाकरे सेना के नेता संजय राउत ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को मिलकर लड़ना चाहिए था। उन्होंने कहा कि दिल्ली में भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने चुनाव लड़ा, लेकिन अलग-अलग थे। संजय राउत ने कहा कि यदि ये लोग मिलकर चुनाव लड़ते तो काउंटिंग के शुरुआती एक घंटे में ही भाजपा की हार तय हो जाती। यही नहीं संजय राउत ने भले ही ईवीएम का नाम लेकर सवाल नहीं उठाया, लेकिन इशारों में गड़बड़ी के आरोप लगा दिए। उन्होंने कहा कि शायद पीएम की आखिरी इच्छा थी कि मेरे कार्यकाल में एक बार दिल्ली में जीत मिल जाए तो इसलिए हर मुमकिन कोशिश हुई और किसी भी तरह जीत पाने के प्रयास हुए। इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद भी संजय राउत, उद्धव ठाकरे जैसे लीडर्स ने सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि ईवीएम के साथ धांधली की गई है। यही नहीं उनका कहना था कि आखिर वोट प्रतिशत में इलेक्शन के अगले दिन क्यों इतना ज्यादा इजाफा किया गया।  

चुनाव आयोग में ही गड़बड़ी… EVM का बचाव करने पर राजीव कुमार पर भड़के संजय राउत

sanjay raut said on evm hack election commission महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए हैं. संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूरी दुनिया कहती है कि ईवीएम में गड़बड़ी है. चुनाव आयोग कहता है कि इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है. उन्होंने कहा कि हमें तो लगता है कि आयोग में ही सारी गड़बड़ी है. मुख्य चुनाव आयुक्त का नाम लेते हुए संजय राउत ने कहा कि राजीव कुमार रिटायर होंगे, इसके बाद भी उनके पास बढ़िया काम रहेगा. रिटायरमेंट के बाद मोदी-शाह उन्हें किसी राज्य का राज्यपाल बना देंगे. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में ईवीएम में गड़बड़ी हुई है. चुनाव आयोग को गांवों में जाकर बैठना चाहिए, तभी उन्हें ईवीएम और बैलेट पेपर की सच्चाई उन्हें वाकई में समझ आएगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने लोकतंत्र का अपहरण कर लिया है. हजारों नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए. चुनाव आयोग अब बीजेपी के ‘ताट के नीचे बैठा बिल्ली’ बन गया है. दिल्ली विधानसभा चुनाव के तिथियों के ऐलान के समय उन सभी सवालों का जवाब दिया, जिसके लेकर इलेक्शन कमीशन पर सवाल उठाए जा रहे थे. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव में वोट देने वाले किसी वोटर का नाम किसी भी तरीके से हटाया ही नहीं सकता है. उन्होंने कहा कि अगर फॉर्म साथ में न हो. यहां तक कि अगर किसी की मौत हो गई हो तो उसका रिकॉर्ड भी इलेक्शन कमीशन की तरफ से रखा जाता है. इसके लिए सभी मृतकों के डेथ सर्टिफिकेट को रिकॉर्ड में रखा जाता है. उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी किसी का नाम गलती से हट जाता है तो हमारी तरफ से उसे नोटिस भेजा जाता है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक शायरी के जरिए कहा कि आरोपों और इल्जामातों का दौर चले कोई गिला नहीं…हर परिणाम में प्रमाण देते है…शक का इलाज तो हकिम लुकमान के पास भी नहीं है.

,,,, में नहीं रहेगी केंद्र में मोदी सरकार… संजय राउत के बयान से मची खलबली

,,,, Modi government will not remain at the center… Sanjay Raut’s statement created panic उद्धव शिवसेना सांसद संजय राउत ने मोदी सरकार को लेकर बड़ा दावा किया है, उन्होंने कहा कि मेरे मन में संदेह है कि साल 2026 के बाद केंद्र सरकार बचेगी या नहीं. मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेंगे. केंद्र सरकार अस्थिर हो गई, तो इसका असर महाराष्ट्र पर भी पड़ेगा. राज्यसभा सांसद और उद्धव शिवसेना के नेता संजय राउत अपने बयानों को लेकर खासे चर्चा में रहते हैं, आज यानी कि गुरुवार को उन्होंने एक बयान में दावा किया कि केंद्र की मोदी सरकार 2026 में नहीं बचेगी. संजय राउत ने कहा कि मुझे संदेह है कि केंद्र सरकार 2026 के बाद बचेगी या नहीं, मुझे लगता है कि मोदी अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेंगे. और केंद्र सरकार अस्थिर हो जाएगी. उन्होंने कहा कि इसका असर महाराष्ट्र पर भी पड़ेगा. महाराष्ट्र में कैसे पड़ेगा असर? महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 132 सीटों पर जीत दर्ज की है, तो वहीं शिवसेना ने 57 एनसीपी ने 41 पर जीत दर्ज की है. इन तीनों दलों ने मिलकरमहाराष्ट्र में सरकार बनाई है. संजय राउत का दावा अगर सही साबित होता है तो महाराष्ट्र में भी बीजेपी मुश्किल में पड़ सकती है. यही कारण है कि राउत ने दावा किया कि केंद्र के अस्थिर होने के बाद महाराष्ट्र पर भी असर पड़ेगा. सियासी बयानबाजी के बीच राउत का दावा बिहार में भी आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने कहा कि नीतीश के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं, नीतीश को भी खोलकर रखना चाहिए. लालू ने कहा कि नीतीश कुमार साथ में आएं, मिलकर काम करें. नीतीश कुमार ही हमेशा भाग जाते हैं, हम माफ कर देंगे. लालू के इस बयान के पहले भी नीतीश को लेकर कई तरह के बयान सामने आए हैं. इन बयानों के बाद ऐसा कहा जा रहा है कि राजनीतिक गलियारों में कुछ तो पक रहा है. जिसके कारण ये बयान सामने आ रहे हैं.

संजय राउत ने महायुति और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला, कहा- ‘EVM का मंदिर बने, मोदी-शाह की मूर्तियां लगें’

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद सियासी दल बौखलाए हुए हैं। विपक्ष एमवीए की हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रहा है। इसी बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नेता संजय राउत ने महायुति और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। उनका कहना है कि ईवीएम का एक मंदिर बनना चाहिए और एक तरफ पीएम मोदी और दूसरी तरफ अमित शाह की मूर्तियां होनी चाहिए।   यह ईवीएम का कमाल संजय राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”महाराष्ट्र में महायुति की जीत के बाद से सरकार के सभी फैसले राज्य के बजाय दिल्ली में लिए जाएंगे।” राउत ने एक बार फिर ईवीएम पर संदेह जताते हुए दावा किया कि गठबंधन ”ईवीएम के कमाल” की वजह से खुश है। उन्होंने कहा, ”आजकल उनके चेहरों पर काफी खुशी है, लोकसभा चुनाव के बाद उनके चेहरों की चमक गायब हो गई थी, जो अब लौट आई है, यह ईवीएम का कमाल है। ईवीएम का एक मंदिर बनना चाहिए, इसमें तीन मूर्ति होनी चाहिए। एक तरफ पीएम और दूसरी तरफ अमित शाह और बीच में ईवीएम।” महाराष्ट्र के फैसले दिल्ली में लिए जाएंगे- राउत राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “गर्व, जो अब नहीं रहा। एकनाथ शिंदे और अजित पवार को अपने मुद्दे रखने के लिए बार-बार दिल्ली आना पड़ेगा। भले ही वे अलग-अलग पार्टियों से हैं, लेकिन उनका हाईकमान दिल्ली में है, मोदी और शाह उनके हाईकमान हैं।” उन्हें (एकनाथ शिंदे और अजित पवार) महाराष्ट्र में जो कुछ भी करवाना है, उसे दिल्ली से मंजूरी लेनी होगी, कल भी वे (दिल्ली में) मिले थे। तो अब महाराष्ट्र में बैठक कर वे क्या करेंगे? इसलिए मोदी और शाह जो भी आदेश दे रहे हैं, उन्हें सुनना होगा।” आत्मसम्मान जैसी कोई चीज नहीं बची उन्होंने आगे देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नेताओं की राजनीतिक यात्रा काफी घटनापूर्ण रही है, क्योंकि वे मुख्यमंत्री से उपमुख्यमंत्री (डीसीएम) तक बदलते रहे हैं। “पहले भी देवेंद्र फडणवीस सीएम थे, वे डीसीएम बन गए, एकनाथ शिंदे उनसे काफी जूनियर थे। एकनाथ शिंदे ने फडणवीस के मंत्रिमंडल में भी काम किया है, अचानक फडणवीस शिंदे के मंत्रिमंडल में काम करने लगे। महाराष्ट्र में जिस तरह की राजनीति हो रही है, उसमें अब आत्मसम्मान जैसी कोई चीज नहीं बची है।”

संजय राउत ने कहा- भाजपा को जितना बहुमत मिला है, उसे देखते हुए लगता है कि देवेंद्र फडणवीस ही मुख्यमंत्री बनेंगे

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्यपाल से मुलाकात कर इस्तीफा सौंप दिया है। उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार भी राजभवन पहुंचे थे। इस इस्तीफे के साथ ही महाराष्ट्र की विधानसभा भंग हो गई है और अब राज्यपाल ने नई सरकार के गठन तक एकनाथ शिंदे से कार्य़वाहक सीएम बने रहने को कहा है। इस बीच नई सरकार के गठन को लेकर कोशिशें तेज हो गई हैं, लेकिन सीएम पद को लेकर रस्साकशी का दौर जारी है। इस बीच उद्धव ठाकरे सेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत का कहना है कि ज्यादा संभावना है कि देवेंद्र फडणवीस ही मुख्यमंत्री बनेंगे। संजय राउत ने कहा कि भाजपा को जितना बहुमत मिला है, उसे देखते हुए लगता है कि देवेंद्र फडणवीस ही मुख्यमंत्री बनेंगे। यही नैतिकता भी कहती है। इसके साथ ही उन्होंने तंज भी कसा कि ये लोग तो पार्टियां तोड़ने में भी माहिर हैं। ऐसा भी हो सकता है कि ये लोग एकनाथ शिंदे या फिर अजित पवार की पार्टी को ही तोड़ दें। इन लोगों को दलों को तोड़ने में महारत ही हासिल है। इसलिए ऐसा नहीं हो सकता कि भाजपा वाले एकनाथ शिंदे को फिर से मुख्यमंत्री बनने दें। संजय राउत ने कहा कि ऐसा होना मुश्किल है और देवेंद्र फडणवीस ही रेस में आगे हैं। इस बीच एकनाथ शिंदे गुट का बयाम भी आया है, जिससे लग रहा है कि मसला शायद मिल-बैठकर सुलझ जाएगा। शिंदे गुट की ओर से कहा गया है कि सीएम पद को लेकर भाजपा से कोई नाराजगी नहीं है। ऐसी खबरें गलत हैं। शिवसेना के सीनियर लीडर दीपक केसरकर ने कहा कि एकनाथ शिंदे कह चुके हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह की ओर से जो भी तय किया जाएगा, जो उसे माना जाएगा। केसरकर ने नए सीएम को लेकर कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह जो फैसला लेंगे, उसे लेकर भी सभी लोग राजी हो जाएंगे।

राउत ने दावा किया अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय नहीं करके चंद्रचूड़ ने दलबदल के लिए दरवाजे और खिड़कियां खुली रखीं

नई दिल्ली शिवसेना नेता संजय राउत ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ पर रविवार को जमकर निशाना साधा। राउत ने आरोप लगाया कि उन्होंने महाराष्ट्र में दल-बदल करने वाले नेताओं के मन से कानून का डर खत्म कर दिया था। राउत ने दावा किया कि अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय नहीं करके चंद्रचूड़ ने दलबदल के लिए दरवाजे और खिड़कियां खुली रखीं। शिवसेना (यूपीटी) के नेता राउत का यह बयान राज्य विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की करारी हार के बाद आया है, जहां महा विकास आघाडी (MVA) के तहत उसने 95 सीट पर चुनाव लड़ा था लेकिन केवल 20 सीट पर ही जीत हासिल कर सकी। एमवीए के अन्य गठबंधन सहयोगियों का प्रदर्शन भी कुछ बेहतर नहीं रहा। कांग्रेस ने 101 में से केवल 16 सीट जीतीं और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने 86 सीट में से केवल 10 सीट जीतीं। संजय राउत ने पत्रकारों के साथ बातचीत में आरोप लगाया, ‘चंद्रचूड़ ने दलबदलुओं के मन से कानून का डर खत्म कर दिया। उनका नाम इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा।’ वर्ष 2022 में अविभाजित शिवसेना में विभाजन के बाद, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले पार्टी के गुट ने एकनाथ शिंदे के साथ दलबदल करने वाले पार्टी विधायकों की अयोग्यता पर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की। एससी ने अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करने का दायित्व विधानसभा अध्यक्ष पर छोड़ था। विधानसभा अध्यक्ष ने शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को ‘असली राजनीतिक दल’ घोषित किया था। राउत ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के नतीजे पहले से तय थे। उन्होंने कहा कि अगर तत्कालीन पूर्व न्यायाधीश ने अयोग्यता याचिकाओं पर समय पर फैसला किया होता, तो परिणाम अलग होते। ICU में हैं अदालतें, बोले संजय राउत संजय राउत ने कहा, ‘हम दुखी हैं, लेकिन निराश नहीं हैं। हम लड़ाई को अधूरा नहीं छोड़ेंगे। मतों का विभाजन भी एक कारक था और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जहरीले अभियान ने हम पर नकारात्मक प्रभाव डाला।’ राउत ने कहा कि नई सरकार का शपथग्रहण समारोह पड़ोसी गुजरात में होना चाहिए। इस बीच, पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में अपने साप्ताहिक स्तंभ ‘रोखठोक’ में शिवसेना नेता राउत ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग के प्रति संवेदना व्यक्त करने का समय आ गया है, जिसने धनबल के इस्तेमाल पर आंखें मूंद लीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालतें लंबे समय से आईसीयू में हैं।

संजय राउत ने भारी मन से स्वीकारी हार, ‘हम बालासाहेब के शिवसैनिक हैं, निराश नहीं होते’

मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों से विपक्षी इंडिया गठबंधन सदमे में है। उसके घटक दल नतीजों को मानने को तैयार नहीं हैं। शिवसेना उद्धव गुट के संजय राउत ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने तो यहां तक कह दिया था कि ये नतीजे न तो पार्टी और न ही महाराष्ट्र की जनता को स्वीकार हैं। वहीं, आज उन्होंने कहा है कि हम निराश नहीं हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम पर शिवसेना(UBT) नेता संजय राउत ने कहा कि हम निराश नहीं हैं। हम लड़ने वाले लोग हैं। हम बाला साहेब ठाकरे के शिव सैनिक हैं। बाला साहेब ठाकरे साहब ने भी उनके जीवन में ऐसी बहुत हार-जीत देखी। हम चुनाव हारे या हमने सत्ता गवाई लेकिन उसको लेकर हमें कोई दुख नहीं है। हम लड़ते रहेंगे और महाराष्ट्र के खिलाफ जा काम हो रहे हैं, हम उसका विरोध करते रहेंगे। संजय राउत ने आगे कहा कि इन नतीजों से महाराष्ट्र की जनता भी दुखी है, वे खुश नहीं हैं, जश्न कहां है? भाजपा कार्यालय या एकनाथ शिंदे के आवास पर कुछ हुआ होगा, लेकिन जो नतीजे आए हैं, लोग अभी भी आश्चर्यचकित हैं कि यह कैसे हुआ। रुझान आ रहे थे तब भी राउत ने किया था विरोध इससे पहले संजय राउत ने रुझानों पर भी कहा था कि जय पराजय, हार जीत होती रहती है। लोकशाही में ये सब होता है लेकिन आज जो हो रहा है वह जनता का फैसला नहीं है। नतीजों में कुछ तो गड़बड़ है। संजय राउत ने जनादेश को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने गौतम अडाणी और उनके भतीजे पर अमेरिका में लगे आरोपों पर भी बयान दिए थे। उन्होंने कहा था, ‘दो दिन पहले गौतम अडाणी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में एक अरेस्ट वारंट निकला। दो हजार करोड़ के रिश्वत के केस से भाजपा की पोल खुल गई है और उसी को छिपाने के लिए अब चुनाव में खेल किए जा रहे हैं। महाराष्ट्र अब गौतम अडानी की जेब में जा रहा है। हम इसे अडाणी राष्ट्र नहीं होने देंगे।’ एक नजर चुनावी नतीजों पर महाराष्ट्र चुनाव में महायुति गठबंधन ने 288 में से 230 सीटों पर जीत दर्ज की। जिसमें भाजपा ने 132, शिंदे की शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटें जीतीं। वहीं महाविकास आघाड़ी ने सिर्फ 46 सीटें जीतीं। जिसमें कांग्रेस ने 16 और शिवसेना ने 20 सीटें जीतीं। शिंदे की सेना ने 36 सीटों पर उद्धव गुट को दी मात अब इस बात को ऐसे समझिए कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने महाराष्ट्र चुनावों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को 36 सीटों पर हराया। जिससे इस बात पर जनता का रूख सामने आता हुआ दिखा कि असली शिवसेना वही है जिसे दिवंगत बाल ठाकरे ने स्थापित किया था या नहीं। एक नजर जीत हार के समीकरण पर एक तरफ महायुति गठबंधन का हिस्सा एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 81 सीटों पर चुनाव लड़ी जिसमें 57 सीटों पर अपना कब्जा जमाया। दूसरी ओर महाविकास अघाड़ी गठबंधन का हिस्सा उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने 95 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे जिसमें केवल 20 सीटें ही जीती।  देखा जाए तो केवल 14 सीटों पर उसने शिंदे के उम्मीदवारों को हराया।

संजय राउत ने कहा- एग्जिट पोल साबित होंगे गलत, महाविकास अघाड़ी दर्ज करेगी बड़ी जीत

मुंबई एग्जिट पोल के रुझानों को शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत ने कहा कि जिस ने भी सर्वे किया है वो अपने पास रखे। यह सब फेक एग्जिट पोल है। इसे पैसे देकर करवाया जाता है। महाविकास अघाड़ी बड़ी जीत दर्ज करने जा रही है। उन्होंने कहा कि सारे एग्जिट पोल गलत दिखा रहे है, एमवीए जीत रहा है और हम सरकार बनाने जा रहे है। नतीजे कल सुबह तक आ जाएंगे। हमें विश्वास है कि हम बहुमत हासिल करेंगे। 160-165 सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ हमने चुनाव लड़ा है। जयंत पाटिल, बालासाहेब थोराट हम सभी कल बैठे और आकलन किया तो 160 सीटें हम जीत रहे है। सरकार गठन के लिए निर्दलीयों को साथ लाने को लेकर भी चर्चा हुई। सीएम पद को लेकर उन्होंने कहा कि अभी कोई फार्मूला नहीं बना है। हम सब मिलकर मुख्यमंत्री का चेहरा चुनेगे। अभी कोई फार्मूला तय नहीं हुआ है। एमवीए बैठ कर निर्णय करेगी कि सरकार का नेतृत्व कौन करेगा। शरद पवार, कांग्रेस पार्टी और उद्धव ठाकरे आगे की योजना पर विचार करेंगे। महाराष्ट्र में और हमें सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता। हमारे 160 लोग चुनकर आ रहे हैं। हमारे 160 विधायक चुनकर आने के बाद विधायक दल की बैठक में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं ने अगर ज्यादा वोटिंग किया है तो उनका स्वागत करना चाहिए। अगर युवा और महिला वोटिंग के लिए आगे आते है तो उनका स्वागत किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र सीएम योगी का राज्य नहीं है कि पुलिस वाले रिवाल्वर उठाकर महिलाओं को वोट देने से रोकते हैं। यह महाराष्ट्र है और यहां महिलाओं को वोट करने का पूरा अधिकार है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के धर्मयुद्ध वाले बयान पर राउत ने कहा कि जब भाजपा को हार का सामना करना पड़ता है तब वे धर्मयुद्ध की बातें करते हैं। महाराष्ट्र में केवल एक धर्म है और वह है छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत। नरेंद्र मोदी, अमित शाह, देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र को लूटने का जो बीड़ा उठाया है, उसके खिलाफ धर्मयुद्ध करेंगे।  

संजय राउत ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र चुनाव में पैसा बांटा जा रहा है, चुनाव आयोग को भी लपेटा

महाराष्ट्र महाराष्ट्र चुनाव को लेकर राज्य में सियासी परा बढ़ा हुआ है. दोनों गठबंधन के नया एक-दूसरे पर हमलावर हैं. इसी बीच अब सामान की चेकिंग को लेकर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत का बयान सामने आया है. उन्होंने  चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि ईसी पर्यवेक्षकों द्वारा हमारे सामान की जांच हो रही है. क्या वो इकनाथ शिंदे, अजीत पवार, देवेंद्र फडणवीस, नरेंद्र मोदी, अमित शाह के हेलीकॉप्टरों, कारों की भी जांच कर रहे हैं, वहां पर क्या है? इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र चुनाव में पैसा बांटा जा रहा है. लगाए चुनाव में पैसे बांटने के आरोप शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आगे कहा, “क्या चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक यह नहीं देख पा रहे हैं कि महाराष्ट्र में पैसा कैसे बांटा जा रहा है? हम बार-बार उन्हें इसकी जानकारी दे रहे हैं. चुनावी सर्वों पर भी उठाए थे सवाल इससे पहले संजय राउत ने महाराष्ट्र चुनाव को लेकर आ रहे सर्वे के नतीजों पर भी बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था, “आप इन चुनावी सर्वो पर भरोसा ना करें. ऐसा ही एक सर्वे लोकसभा चुनाव में आया था. तब PM मोदी ने 400 पार की बात की थी. चुनाव में एमवीए 160-170 सीटें जीतेगी. 175 सीटें जीतेगा महायुति गठबंधन वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सोमवार को दावा किया कि 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन 175 सीटें जीतेगा. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख ने यह भी दावा किया कि वह बारामती सीट से एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जीतेंगे. अजित पवार का मुकाबला भतीजे और शरद पवार की अगुवाई वाली राकांपा (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवार युगेंद्र पवार से है. उपमुख्यमंत्री 1991 से इस सीट से विधायक हैं.  

उन्हें बालासाहेब ठाकरे का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं है, हमको पता है कि बाला साहेब ठाकरे क्या हैं और आप क्या हैं?: संजय राउत

मुंबई शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से राज्यसभा सांसद एवं दिग्गज नेता संजय राउत ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा। पीएम मोदी और अमित शाह ने शिवसेना (यूबीटी) को कांग्रेस से बालासाहेब ठाकरे की तारीफ कराने की बात पर संजय राउत ने कहा क‍ि पीएम मोदी और अमित शाह एक जमाने में बहुत तारीफ करते थे, लेकिन अब उन्होंने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना के साथ जो विश्वासघात किया है, उसके बारे में बताना चाहिए। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना को बेचने का काम किया है। पहले खरीदा और फिर शिंदे को बेच दिया। उन्होंने कहा कि उनको बालासाहेब ठाकरे का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं है। हमको पता है कि बाला साहेब ठाकरे क्या हैं और आप क्या हैं? एकनाथ शिंदे जैसे व्यक्ति, जिसका शिवसेना के निर्माण से कोई संबंध नहीं रहा, उसको आपने हमारी पार्टी को बेच दिया। तो ऐसे में अब उन लोगों को बालासाहेब ठाकरे को लेकर झूठा प्यार दिखाने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के इस बयान पर की भाजपा की फसल तैयार हो गई है, अब सिर्फ कीटनाशकों को मारने की जरूरत है, पर संजय राउत ने कहा कि तो वो कीटनाशक को मारते क्यों नहीं हैंं, हम उनको दवा भी दे देंगे। जम्मू-कश्मीर पर भाजपा को घेरते हुए संजय राउत ने कहा क‍ि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद भी वहां आतंकवादी घटनाएं होती हैं और हमारे सुरक्षाकर्मी जान गंवा रहे हैं। वहीं, हमारे गृहमंत्री अमित शाह और पीएम मोदी महाराष्ट्र में डेरा डालकर बैठे हैं। उन्‍होंने जम्मू-कश्मीर और मणिपुर को हवा में छोड़ दिया है। बता दें कि महाराष्ट्र में कुल 288 विधानसभा सीटें हैं। इनके लिए एक ही चरण में 20 नवंबर को मतदान प्रस्तावित है। सभी निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे एक साथ 23 नवंबर को सामने आएंगे। विपक्षी महागठबंधन महाविकास अघाड़ी में शामिल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी), सत्ता पर काबिज महायुति सरकार को हटाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। वहीं, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भाजपा और अजित पवार की एनसीपी के गठबंधन वाली महायुति सरकार के सामने सत्ता में बने रहने की चुनौती है।

मोदी और शाह के नेतृत्व में देश की राजनीति का स्तर गिर गया : संजय राउत

मुंबई शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों के नेतृत्व में देश की राजनीति का स्तर नीचे चला गया है। शायद इसी वजह से बीते दिनों शरद पवार ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। लेकिन, हम जैसे लोग जो उन्हें चाहते हैं, उनसे आग्रह करना चाहेंगे कि वह राजनीति से अभी संन्यास ना लें। उन्होंने कहा, “शायद यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि शरद पवार भारतीय राजनीति के सर्वाधिक वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उनके जैसा वरिष्ठ नेता भारतीय राजनीति में मौजूदा समय में कोई नहीं है। हम सभी लोगों ने उनसे राजनीति का पाठ सीखा है। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा के दौरान अमिट छाप छोड़ी है। ऐसे में उनकी उपेक्षा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती है। लेकिन, इस बात को भी खारिज करना गवारा नहीं रहेगा कि मौजूदा समय में जिस तरह से राजनीति का स्तर नीचे चला गया है, वो निंदनीय है। शायद इसी वजह से पवार ने बीते दिनों चुनाव ना लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। लेकिन, हम चाहेंगे कि वो राजनीति में बने रहे।” उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “वह छत्रपति शिवाजी महाराज के विरोधी हैं। लेकिन, मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि उनका विरोध करने से कुछ होने वाला नहीं है। उद्धव ठाकरे स्पष्ट कर चुके हैं कि हर जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज का मंदिर बनेगा। लेकिन, ना जाने क्यों कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।” राउत ने कहा, “जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो सकता है, तो हमारे महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज का मंदिर क्यों नहीं बन सकता है। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज का मंदिर बनवाकर रहेंगे।” उन्होंने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज के दौरान भी कई फडणवीस थे, जिन्होंने उनका विरोध किया था। लेकिन, उनके वजूद पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं आई थी। इसलिए मैं कहना चाहूंगा कि कोई उनका कितना भी विरोध क्यों ना करें। लेकिन, उनकी अस्मिता पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं लग सकती है।”

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