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किंग कोबरा के बदले मध्य प्रदेश सरकार वन विहार से बाघ और बाघिन का जोड़ा कर्नाटक को देगी

भोपाल प्रदेश में किंग कोबरा की आबादी बढ़ाने की दिशा में कर्नाटक से लाए गए दो मेल किंग कोबरा को वन विहार भोपाल में रखा गया है। इसके बदले में प्रदेश सरकार वन विहार से बाघ और बाघिन का जोड़ा कर्नाटक को देगी। इसके लिए पहले ही अनुबंध कर लिया गया था। वर्षाकाल के बाद बाघ का जोड़ा कर्नाटक भेजा जाएगा। वहीं वन विहार में दो मेल किंग कोबरा में से एक किंग कोबरा इंदौर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। इंदौर चिड़ियाघर में एक मादा किंग कोबरा है। प्रदेश सरकार कर्नाटक के साथ ही छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा को भी बाघ देगी। राज्य सरकार इन तीनों राज्यों को 15 बाघ देगी। इनमें छत्तीसगढ़ को आठ बाघ (दो बाघ, छह बाघिन), राजस्थान को चार बाघिन एवं ओडिशा को तीन (एक बाघ, दो बाघिन) दिए जाएंगे। इसको लेकर सहमति बन गई है। बांधवगढ़, पेंच एवं कान्हा टाइगर रिजर्व से ये बाघ भेजे जाएंगे। इसके लिए यह शर्त भी रखी गई है कि बाघ एवं बाघिन को भेजने की प्रक्रिया पशु चिकित्सकों की टीम की देखरेख में की जाए। बाघों के जीवन को किसी प्रकार का खतरा न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। बाघों को भेजने का पूरा खर्च संबंधित राज्य को ही उठाना होगा और इसकी विधिवत अनुमति भारत सरकार से लेनी होगी। वन विहार से मेल किंग कोबरा इंदौर चिड़ियाघर भेजने या वहां से मादा किंग कोबरा वन विहार लाने को लेकर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। हमारा प्रयास अन्य राज्य से एक मादा किंग कोबरा लाने का भी है।  एल कृष्णमूर्ति, एपीसीसीएफ वन्यप्राणी मुख्यालय, भोपाल।

भारत ने बांग्लादेश में ₹5,000 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट पर लगाई रोक, भूटान और नेपाल के रास्ते वैकल्पिक रास्तों की तलाश

नई दिल्ली  इस समय पड़ोसी देश बांग्लादेश (Bangladesh) से रिश्ते कुछ सहज नहीं हैं। इसलिए भारत ने वहां चल रहे कुछ रेलवे प्रोजेक्ट (Railway Project) रोक दिए हैं। वहां हो रही राजनीतिक उथल-पुथल और वहां काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भारत को चिंता है। एक खबर के अनुसार, लगभग ₹5,000 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट का इस समय काम रुक गया है। कई प्रोजेक्ट पर काम ठप  एक रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम तीन प्रोजेक्ट पर पहले काम चल रहा था, जिसे अब रोक दिया गया है। इसके अलावा, पांच अन्य प्रोजेक्ट के लिए सर्वे का काम भी बंद कर दिया गया है। ये रेलवे प्रोजेक्ट पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश के रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए बहुत जरूरी थे। इनका मकसद सिलिगुड़ी कॉरिडोर पर निर्भरता को कम करना था। सिलिगुड़ी कॉरिडोर एक पतला सा रास्ता है जो पूर्वोत्तर भारत को बाकी भारत से जोड़ता है। कौन कौन से प्रोजेक्ट रुके जिन रेलवे प्रोजेक्ट को रोका गया है, उनमें अखौरा-अगरतला क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक, खुलना-शाहबाजपुर रेल लाइन, खुलना-मोंगला पोर्ट रेल लाइन और ढाका-टोंगी-जयदेबपुर रेल एक्सटेंशन प्रोजेक्ट शामिल हैं। अखौरा-अगरतला क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक प्रोजेक्ट पर भारत बांग्लादेश को लगभग ₹400 करोड़ की मदद दे रहा था। यह 12.24 किलोमीटर लंबा है। इसमें बांग्लादेश में 6.78 किलोमीटर और त्रिपुरा में 5.46 किलोमीटर की दोहरी रेल लाइन बननी थी। खुलना-शाहबाजपुर रेल लाइन, जो अखौरा-अगरतला प्रोजेक्ट का हिस्सा है, असम के लिए कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बनाई जा रही थी। खुलना-मोंगला पोर्ट रेल लाइन प्रोजेक्ट को रियायती लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत बनाया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत $388.92 मिलियन (₹3,300 करोड़) है। इसमें बांग्लादेश के मोंगला पोर्ट और खुलना में मौजूदा रेल नेटवर्क के बीच लगभग 65 किलोमीटर का रेल मार्ग बनाया जाना था। काम बहुत धीरे ‘बिजनेस लाइन’ की रिपोर्ट के अनुसार, ढाका-टोंगी-जयदेबपुर रेलवे एक्सटेंशन प्रोजेक्ट जून 2027 तक पूरा होना था। लेकिन, पिछले साल तक इसका 50% से भी कम काम हो पाया था। मतलब, काम बहुत धीरे चल रहा था। प्रोजेक्ट पर काम क्यों धीमा था, इस बारे अभी तक कुछ खास सामने नहीं आया है। भारत विकल्प देख रहा है अब भारत भूटान और नेपाल के रास्ते वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रहा है ताकि उत्तर तथा पूर्वोत्तर भारत में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा सके। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, “‘₹3500 – 4000 करोड़ की कनेक्टिविटी योजना भूटान और नेपाल के माध्यम से तलाशी जा रही है, लेकिन भारतीय क्षेत्रों में निर्माण कार्य योजना के अनुसार चल रहा है।” इसके साथ ही, भारत उत्तर प्रदेश और बिहार में सिंगल रेल लाइनों को डबल और जहां डबल रेल लाइन है, वहां चार लाइनें बिछाने की संभावना भी तलाश रहा है।

पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला, भारत के साथ दृढता के साथ खड़े हैं कई मुस्लिम मुल्क, अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों की गोलीबारी में 26 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं। यह 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला है। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है। अमेरिका, रूस और चीन समेत दुनियाभर के देशों ने इस कायराना हमले की निंदा की है। अरब जगत ने भी कश्मीर में आतंकी हमले की निंदा की है और कहा है कि वह भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। कुवैत के क्राउन प्रिंस सबा खालिद अल-हमद अल-सबाह ने बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को “पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले में हुई दुखद मौत पर” संवेदना व्यक्त की। बयान में कहा गया कि क्राउन प्रिंस ने पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। कुवैत के अलावा सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने भी पहलगाम हमले पर एक बयान जारी किया है और कहा है कि वह दुख की घड़ी में भारत के साथ खड़ा है। सऊदी अरब भी भारत के साथ सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है, “हम हिंसा, उग्रवाद और नागरिकों को निशाना बनाने के सभी कायराना हरकतों को अस्वीकार करते हैं और भारत के साथ दृढता के साथ खड़े हैं। सऊदी अरब पीड़ित परिवारों और भारत सरकार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता है।” बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सऊदी अरब यात्रा में भारत और सऊदी पक्षों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की है। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि आतंकवाद को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। बयान में कहा गया, “दोनों पक्षों ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। इस संदर्भ में, दोनों पक्षों ने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में निंदा की और इस बात पर जोर दिया कि यह मानवता के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है।” बयान में कहा गया, “वे इस बात पर भी सहमत हुए कि किसी भी कारण से किसी भी आतंकवादी कृत्य को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने आतंकवाद को किसी विशेष जाति, धर्म या संस्कृति से जोड़ने के किसी भी प्रयास को भी अस्वीकार कर दिया।” संयुक्त अरब अमीरात ने भी की कड़ी निंदा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश मंत्रालय ने भी मंगलवार को एक बयान में हमले की “कड़ी निंदा” की। वहां के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “यूएई इन आपराधिक कृत्यों की कड़ी निंदा करता है और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन में सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करने के उद्देश्य से हिंसा और आतंकवाद के सभी रूपों को स्थायी रूप से अस्वीकार करता है।” यूएई ने भारत सरकार और लोगों तथा इस जघन्य हमले के पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान दूसरी तरफ, पाकिस्तान अलग सुर अलाप रहा है। पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि इस हमले से पाकिस्तान का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, “यह सब उनके ही घर में ही शुरू हुआ है। भारत के खिलाफ कथित राज्यों में क्रांति चल रही है। एक या दो नहीं, बल्कि दर्जनों चल रहे हैं। नगालैंड से कश्मीर, छत्तीसगढ़ में, मणिपुर में ऐसा हो रहा है। इन सभी स्थानों पर भारत सरकार के खिलाफ क्रांति हो रही है।” इससे पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने कुछ दिन पहले कश्मीर को पाकिस्तान की ‘गले की नस’ बताया था, जिस पर नयी दिल्ली की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई थी। जनरल मुनीर ने 15 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले प्रवासी पाकिस्तानी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था, ‘‘हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है, यह हमारी गले की नस थी, यह हमारी गले की नस रहेगी और हम इसे नहीं भूलेंगे। हम अपने कश्मीरी भाइयों को उनके वीरतापूर्ण संघर्ष में अकेला नहीं छोड़ेंगे।’’ अब सहमा पाकिस्तान इस हमले के बाद देश में जहां भारी गुस्सा और रोष है, वहीं केंद्र सरकार आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। आज शाम प्रधानमंत्री मोदी के आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक हो रही है। माना जा रहा है कि सरकार आतंकियों के खात्मे के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकती है। इससे पाकिस्तान सहमा हुआ है। उसने सीमा पर अपनी वायुसेना को अलर्ट कर दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने CCS की मीटिंग से पहले सेना के तीनों प्रमुखों के साथ करीब ढाई घंटे की बैठक की है।

जन-सामान्य को जल के महत्व की दी जा रही है जानकारी, जागरूकता के साथ जल संरचनाओं की हो रही है सफाई

भोपाल प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में जन-भागीदारी के साथ आम नागरिकों को जल के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। इसी के साथ जल संरचनाओं की सफाई कार्य में अधिक से अधिक जन-भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नन्हेश्वर धाम कुंड के आसपास साफ-सफाई खरगौन जिले में मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में विकासखंड भगवानपुरा के ग्राम नन्हेश्वर धाम में बने कुंड की गाद निकालने के लिये स्वच्छता अभियान चलाया गया है। जन-अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री विजय शर्मा ने बताया कि 30 जून तक चलने वाले अभियान में कुंड की गाद निकाल कर जल स्रोत की सफाई की जा रही है। सभी को जल को सहेजने की शपथ भी दिलाई गई। गोमुख से नदी का साफ-स्वच्छ निर्मल जल बहे यह सन्देश ग्रामीणों को दिया गया। जल स्त्रोतों के आसपास हैंडपम्प पर पानी के सॉफ्ट गड्डे भी बनाये जा रहे है। अभियान को इस तरह से नियोजित किया जा रहा है, कि इसमें अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जा सके। जल गंगा संवर्धन अभियान में संगोष्ठी श्योपुर जिले में कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। ग्राम पंचायत अगरा में जल गंगा संवर्धन पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें जलाशयों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण की चर्चा की गई। साथ ही जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। श्योपुर जिले में तालाबों, बावड़ियों और नहरों की साफ-सफाई को प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। अभियान में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन कार्य रायसेन जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य तेजी से किये जा रहे हैं। अभियान में जन-सामान्य को भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर जल संरचनाओं के संरक्षण किये जाने की शपथ भी दिलाई जा रही है। बाड़ी जनपद के ग्रामों में स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा जल स्त्रोतों के आसपास साफ-सफाई की गई और ग्रामीणों को जल संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया। जिले के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों को शिक्षकों द्वारा जल संरक्षण व जल संचयन हेतु शपथ दिलायी गई। शालाओं में “जल शपथ“ का आयोजन किया गया। नूरगंज विद्यालय में “जल ही जीवन है“ और “जल संरक्षण“ विषय पर स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा चित्र बनाकर नागरिकों को जल संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया गया। रिठौरा तालाब की सफाई का कार्य मुरैना जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में नदी-नालों की साफ-सफाई कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्राम पंचायत रिठौरा में बाबा वाला तालाब की साफ-सफाई का कार्य किया गया। यह कार्य जल संसाधन विभाग ने जन-भागीदारी से किया। विश्व पृथ्वी दिवस पर तालाब गहरीकरण से दिया जल संरक्षण का संदेश रतलाम जिले में जल गंगा सवर्धन अभियान में विश्व पृथ्वी दिवस पर जावरा में श्रीमती सरोज वेलफेयर सोसायटी ने ग्राम तालाब गहरीकरण का कार्य किया। जल गंगा संवर्धन अभियान में सरपंच श्रीमती तेजूबाई पटेल ने कहा कि जल ही जीवन है, हमें इसे बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। अभियान में ग्रामीणों ने मिलकर श्रमदान करते हुए तालाब गहरीकरण किया। अभियान में जन-सामान्य को जल चौपाल लगाकर पानी के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभ्रियान में किये जा रहे हैं विभिन्न कार्य उज्जैन जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। इसी कड़ी में उज्जैन तहसील की ग्राम पंचायत मंगरोला में हैंडपंप और कुंए के जल के पुनर्भरण के लिये समीप गड्डे का निर्माण किया गया। इसी प्रकार महिदपुर तहसील के ग्राम सरवनखेड़ा में स्थित आंगनवाडी भवन पर रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाया गया। ग्राम पंचायत बरूखेड़ी में भी हैंडपंप के समीप सोक-पिट का निर्माण करवाया गया। खेत तालाब बना आय का जरिया नरसिंहपुर जिले के कई ऐसे किसान हैं, जो राज्य शासन की खेत-तालाब योजना का लाभ लेकर अपने खेत में तालाब बना रहे हैं और अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। रोजगार गारंटी स्कीम (मनरेगा) से ग्रामीण क्षेत्र के किसानों का जीवन बदल रहा है, जो जरूरत के समय रोजगार मिलने के साथ ही आजीविका के साधनों को भी मजबूत कर रहा है। ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में रोजगार के वैकल्पिक साधन भी निर्मित हो रहे हैं। जिले में किसानों को तालाबों के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के संरक्षण के बारे में शपथ दिलायी जा रही है।

भारत ने अफगानिस्तान को 4.8 टन टीके भेजे, स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मदद के लिए भारत का आभार व्यक्त किया

काबुल भारत ने अफगानिस्तान को 4.8 टन टीके दान किए। इन टीकों में रेबीज, टेटनस, हेपेटाइटिस बी और इन्फ्लूएंजा से लड़ने के लिए टीके शामिल हैं। अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को, इस मदद के लिए भारत का आभार व्यक्त किया। मंत्रालय के बयान में कहा गया, “अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय को रेबीज, टेटनस, हेपेटाइटिस बी और इन्फ्लूएंजा से निपटने में मदद करने के लिए भारत से टीकों की एक महत्वपूर्ण खेप मिली है।” इसमें कहा गया, “सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के नेतृत्व ने उदार समर्थन के लिए भारत को धन्यवाद दिया और इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे देश भर में हजारों लोगों की जान बच सकती है।” मंत्रालय ने आगे कहा कि टीकों के दान से अफगानिस्तान को मदद मिलेगी, जहां लंबे समय से अस्थिरता और आर्थिक चुनौतियों के कारण जरूरी मेडिकल सप्लाई तक पहुंच सीमित बनी हुई है। जनवरी में, दुबई में विदेश सचिव विक्रम मिस्री की अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्तकी के साथ बैठक हुई थी। इस दौरान भारत ने इस्लामी राष्ट्र को मानवीय सहायता जारी रखने का वचन दिया, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र में भौतिक सहायता और शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए सहायता शामिल थी। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, विदेश सचिव ने अफगान लोगों के साथ भारत की ऐतिहासिक मित्रता और दोनों देशों के बीच मजबूत लोगों के बीच संपर्क को रेखांकित किया। उन्होंने अफगान लोगों की विकास संबंधी जरूरतों को तत्काल पूरा करने के लिए भारत की तत्परता से अवगत कराया। अफगान मंत्री ने बैठक के दौरान अफगानिस्तान के लोगों के साथ संपर्क बनाए रखने और उन्हें समर्थन प्रदान करने के लिए भारतीय नेतृत्व की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया। इस वर्ष की शुरुआत में विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “विकास गतिविधियों की मौजूदा जरुरत को देखते हुए, यह फैसला लिया गया कि भारत चल रहे मानवीय सहायता कार्यक्रम के अलावा, निकट भविष्य में विकास परियोजनाओं में शामिल होने पर विचार करेगा।” विदेश मंत्रालय के अनुसार, जनवरी तक भारत ने अफगान लोगों की जरूरतों को तेजी से पूरा करते हुए पिछले कुछ वर्षों में 50,000 मीट्रिक टन गेहूं, 300 टन दवाइयां, 27 टन भूकंप राहत सहायता, 40,000 लीटर कीटनाशक, 100 मिलियन पोलियो खुराक, 1.5 मिलियन कोविड वैक्सीन खुराक, नशा मुक्ति कार्यक्रम के लिए 11,000 यूनिट स्वच्छता किट, 500 यूनिट सर्दियों के कपड़े और 1.2 टन स्टेशनरी किट सहित कई खेपें भेजी हैं।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद टूरिस्ट के लौटने में बढ़ोतरी हुई, 6 घंटे में 3337 तो सिर्फ फ्लाइट से लौटे

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बड़े आतंकी हमले टूरिस्ट का लौटना शुरू हो गया है। जम्मू कश्मीर के श्रीनगर हवाई अड्‌डे से एक दिन पहले 10 हजार लोगों ने आवाजाही की थी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद टूरिस्ट के लौटने में बढ़ोतरी हुई है। नागर विमान मंत्री राममोहन नायडू के अनुसार सिर्फ छह घंटे में 3,337 यात्री श्रीनगर हवाई अड्‌डे से अपने गंतव्यों को रवाना हुए हैं। पहलगाम आतंकी हमले में कुल 28 टूरिस्ट की मौत हुई है। इसमें सर्वाधिक पांच लोग महराष्ट्र के हैं। दूरिस्ट के जम्मू-कश्मीर से लौटने पर राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी है। घाटी से मेहमानों को जाता देखना दुखद है। पर्यटकों को इस तरह वापस जाते देख मेरा दिल टूट रहा लेकिन हम यह भी अच्छी तरह समझते हैं कि लोग क्यों जाना चाहते हैं। हम डीजीसीए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय अतिरिक्त उड़ानों की व्यवस्था करने के लिए काम कर रहे हैं। टूरिज्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका पहलगाम आतंकी हमले के बाद होटल इंडस्ट्री को तगड़ा झटका लगा है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के नासिर शाह ने बताया कि मंगलवार रात से ही टूरिस्ट होटलों की एडवांस बुकिंग कैंसल करा रहे हैं। होटलों और टूर ऑपरेटरों के पास कैंसल कराने वाले फोन कॉल का तांता लगा है। उन्होंने कहा कि समर सीजन में ऐसे हालात को काफी नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि गुलमर्ग के खैबर में एक रात का किराया 70,000 रुपये और श्रीनगर की फाइव स्टार प्रॉपर्टी में वन नाइट स्टे की कीमत 30,000 रुपये से 50,000 रुपये के बीच है। कैंसल होने से होटल संचालकों का सीधा नुकसान हो रहा है। टूरिस्टों के अचानक लौटने से भी होटल इंडस्ट्री की टेंशन बढ़ गई है। लगातार रद्द हो रही हैं बुकिंग श्रीनगर के एक ट्रैवल ऑपरेटर ऐजाज अली ने कहा कि हम जानते हैं कि कश्मीर में पर्यटक सुरक्षित हैं, लेकिन यहां ऐसी घटना होने के बाद, उनसे यहीं रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती। लगातार बुकिंग रद्द की जा रही है, करीब 80 प्रतिशत बुकिंग रद्द हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने तक के पैकेज रद्द किये जा रहे हैं। अली ने कहा कि बरसों की मेहनत पर पानी फिर गया। पर्यटकों को कश्मीर फिर से लाने के लिए बहुत कुछ करना होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जर्मनी के इनएविया एविएशन के मैनेजिंग पार्टनर माइकल हॉवेल ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जर्मनी के इनएविया एविएशन के मैनेजिंग पार्टनर श्री माइकल हॉवेल ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। उन्होंने प्रदेश में विमानन क्षेत्र में अत्याधुनिक एमआरओ (मेंटेनेंस रिपेयर एंड ऑपरेशंस) सुविधा की शुरुआत करने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा की। इनएविया एविएशन समूह, सेवा मुक्त विमानों को रिसाइकल करके उन्हें इच्छुक एयरलाइंस को प्रदान करने के क्षेत्र में गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रदेश में आरंभिक रूप से 500 करोड रुपए के निवेश का इच्छुक है। चरणबद्ध रूप से 2000 करोड़ रुपए तक का निवेश किया जाएगा। एमआरओ के अंतर्गत कंपोनेंट निर्माण, सीएनडी चैक और इंजन मरम्मत भी शामिल होंगे।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- सैनिक कल्याण कार्यों में सेवा और सम्मान का भाव रहना चाहिए

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सैनिक कल्याण कार्यों में सेवा और सम्मान का भाव रहना चाहिए। इसी के अनुरूप सैनिक कल्याण कार्यों का विस्तार और स्वरूप निर्धारित किया जाना चाहिए। कार्य संचालन में सैनिकों के प्रति सम्मान और सेवा के भाव और भावनाएं आदर्श रूप में प्रतिध्वनित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सैनिकों के लिए किए जाने वाले निर्माण कार्य की डिजाइनिंग, आकार और सुविधाएं पूर्व सैनिकों की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप बनाई जाए। कार्य की समय सीमा और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्यपाल श्री पटेल राजभवन में समामेलित विशेष निधि प्रबंध समिति की 24वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री जे. एन कंसोटिया राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता, जनरल आफिसर कमांडिंग मध्य भारत एरिया लेफ्टिनेंट जनरल पी.एस. शेखावत और जनरल ऑफिसर कमांडिंग पश्चिम मध्यप्रदेश सब एरिया मेजर जनरल सुमित कबथियाल उपस्थित थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा है कि सैनिक कल्याण संबंधी भवनों और निर्माण कार्यों की डिजाइनिंग में उपयोगकर्ता और आगंतुकों की जरूरतों के साथ सामंजस्य पर विशेष बल दिया जाए। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण विश्राम गृह भोपाल के नवीनीकरण का प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए। प्रस्ताव केन्द्र सरकार को समय सीमा में भेजना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर के सैनिक विश्राम गृहों के नवीनीकरण की रूपरेखा पर अपर मुख्य सचिव गृह, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव और सचिव वित्त की समिति द्वारा प्रस्ताव का परीक्षण करने के निर्देश दिए है। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार ने शहीदों के माता-पिता को दी जाने वाली अनुदान राशि में वृद्धि की है। अब शहीद के माता-पिता को अनुदान की राशि 10 हजार रुपए दी जाएगी। मध्यप्रदेश के निवासी ऐसे माता-पिता, जिनकी पुत्री सशस्त्र सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष की गई है। बैठक में पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर खड़की पुणे को प्रदेश के मूल निवासी दो सैनिक को दवाई और देख-रेख के लिए प्रति पूर्व सैनिक एक लाख रुपए की राशि को बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। वीर नारी पुत्री के विवाह के लिए अनुदान राशि को 45 हजार से बढ़ाकर 1 लाख करने का निर्णय किया गया है। इस अवसर पर समामेलित विशेष निधि प्रबंध समिति सदस्य मेजर जनरल सेवानिवृत्त निश्चय राउत, मेजर जनरल सेवानिवृत्त पी.के. त्रिपाठी, संयुक्त संचालक केंद्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल श्री प्रशांत मिश्रा एवं संचालक राज्य सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर सेवानिवृत्त श्री अरुण नायर सहित प्रशासन और सेना के अधिकारी मौजूद थे।

आतंकवादियों को ऑन द स्पॉट मार दिया जाना चाहिए, चाहे उनका धर्म या जाति कुछ भी हो, जान गंवाने वालों के परिजनों की मांग

पहलगाम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके अलावा, 17 लोग हमले में घायल हो गए। दहशतगर्दों ने पहलगाम घूमने आए पर्यटकों को धर्म पूछकर गोली बरसाई। इस हमले से देशभर में गुस्सा है और जल्द बदला चाहता है। पीड़ितों के परिजनों ने भी इस नृशंस कृत्य के दोषियों के लिए कठोर सजा की मांग की है। हमले में मारे गए नीरज उधवानी के चाचा भगवान दास ने कहा कि आतंकवादियों को ऑन द स्पॉट मार दिया जाना चाहिए, चाहे उनका धर्म या जाति कुछ भी हो। मीडिया से कहा, “आतंकवादी हमले में उनकी मृत्यु हो गई। उनकी पत्नी भी वहां थीं, वह सुरक्षित हैं। वे वहां छुट्टियां मनाने गए थे। हम सरकार से मांग करते हैं कि दोषियों को मार दिया जाए… मैं कहता हूं कि आतंकवादी को, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो, मौके पर ही मार दिया जाना चाहिए।” पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ित अतुल मोने की भाभी राजश्री अकुल ने भी मांग की कि सरकार बिना देरी किए आतंकवादियों को कड़ी सजा दे। आतंकवादियों ने सुशील नथानियल (58) की भी गोली मारकर हत्या कर दी, जो ईस्टर मनाने के लिए अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के साथ जम्मू-कश्मीर गए थे। उनके चचेरे भाई संजय कुमरावत ने ‘पीटीआई’ को बताया, ”हमने सुशील नथानिएल की पत्नी और बेटे से फोन पर बात की है। उन्होंने हमें बताया कि आतंकवादियों ने सुशील का नाम पूछा और उसे घुटने टेकने के लिए मजबूर किया, फिर उन्होंने उससे कलमा पढ़ने के लिए कहा। जब सुशील ने कहा कि वह कलमा नहीं पढ़ सकते, तो आतंकवादियों ने उसे गोली मार दी।” उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुमरावत ने कहा, “कश्मीर में कायराना हमला कर 26 निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि यह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बने।” राजनाथ सिंह ने उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद बुधवार को जम्मू कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। सूत्रों ने बताया कि करीब ढाई घंटे चली बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. के. सिंह शामिल थे। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सैन्य अभियान महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई भी बैठक में शामिल हुए।

पहलगाम में 26 पर्यटकों के कत्ल पर पूरे देश में उबाल, पूरा कश्मीर गुस्से में बंद, आतंकियों के खिलाफ बोल रहे इमाम: आजाद

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों के कत्ल पर पूरे देश में उबाल है। यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक समेत कई राज्यों के लोगों को आतंकियों ने मजहब पूछकर मार डाला। आतंकियों ने हर उस शख्स को मौत के घाट उतार दिया, जो कलमा नहीं पढ़ पाए और अपना धर्म इस्लाम से अलग बताया। कश्मीर में लंबे समय बाद ऐसा हुआ, जब पर्यटकों पर आतंकवादियों ने इस तरह हमला कर दिया। इससे कश्मीर में टूरिजम इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा सरकार की ओऱ से बीते एक दशक में जो भरोसा कायम करने की कोशिश हुई है, उसे भी बौखलाए आतंकियों ने कमजोर करने की कोशिश की है। इस बीच पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद ने हमले की निंदा की है तो वहीं यह भी कहा कि कश्मीर अब काफी बदल चुका है। उन्होंने कहा कि अब कश्मीर में लोगों को आतंकवादियों का कोई डर नहीं है। सब लोग खुलकर उनकी निंदा करते हैं। गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘पहले कश्मीर में ऐसी घटनाओं की निंदा किया जाना दुर्लभ बात थी। ऐसा शायद इसलिए होता था क्योंकि कश्मीर के लोगों को उग्रवादियों का डर होता था कि यदि उनके खिलाफ बोले तो जान खतरे में आ जाएगी। लेकिन ऐसा पहली बार मैं देख रहा हूं कि आतंकी हमले से पूरे कश्मीर में लोग सदमे और शोक में है। हर गांव, जिला और शहर में बंद का आयोजन किया गया है। सन्नाटा पसरा है।’ गुलाम नबी आजाद ने कहा कि एक समय तो ऐसा था कि जम्मू-कश्मीर की कुछ मस्जिदों से उग्रवादियों के समर्थन में भाषण दिए जाते थे। उन्हें सहयोग करने की माइक पर अपील की जाती थी। लेकिन पहली बार देख रहा हूं कि मस्जिदों से इमाम आतंकियों के खिलाफ बोल रहे हैं। वे आतंकियों की खुलकर निंदा कर रहे हैं। बता दें कि हमले को लेकर गुलाम नबी आजाद ने दुख जताया है। उन्होंने मंगलवार को ही कहा था कि नरेंद्र मोदी सरकार के दौर में आतंकी घटनाओं पर लगाम कसने में मदद मिली है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के हालात भी काफी बदले हैं। उनका कहना था कि यह हमला देश और जम्मू-कश्मीर के बीच कायम हुए भरोसे को तोड़ने वाला है।

पहलगाम आतंकी हमले पर राजनाथ सिंह की दो टूक, भारत को डराया नहीं जा सकता, करारा जवाब देंगे

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर दो टूक कहा कि भारत को डराया नहीं जा सकता है और जिम्मेदार लोगों को करारा जवाब मिलेगा। उन्होंने साफ किया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस की नीति है। इसके अलावा, जिन्होंने पर्दे के पीछे बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रची है, उन तक भी पहुंचा जाएगा। एक कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा, ”आप जानते हैं कि कल पहलगाम में धर्म को निशाना बनाते हुए आतंकवादियों द्वारा किए गए कायरतापूर्ण हमले में हमारे देश ने अनेक निर्दोष नागरिकों को खोया है। इस घोर अमानवीय कृत्य से हम सभी गहरे शोक में हैं। सबसे पहले उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपनों को खोया है। दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए परमात्मा से प्रार्थना करता हूं। यहां मैं भारत के दृढ़ संकल्प को दोहराना चाहूंगा, आतंक के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है।” रक्षा मंत्री ने आगे कहा, ”भारत का एक-एक नागरिक इस कायरतापूर्ण हरकत के खिलाफ एकजुट है। मैं इस मंच से देशवासियों को आश्वस्त करता हूं कि घटना के मद्देनजर भारत सरकार वह हर कदम उठाएगी जो जरूरी होगा। हम सिर्फ उन लोगों तक नहीं पहुंचेंगे जिन्होंने घटना को अंजाम दिया है, हम उन तक भी पहुंचेंगे जिन्होंने पर्दे के पीछे बैठकर भारत के खिलाफ नापाक साजिश रची है। भारत पुरानी सभ्यता और इतना बड़ा देश है, जिसको ऐसी किसी भी आतंकी गतिविधियों से डराया नहीं जा सकता है। ऐसी हरकतों का जिम्मेदार और इसके जिम्मेदार लोगों को आने वाले समय में जोरदार तरीके से नजर आएगा। मैं देशवासियों को आश्वस्त करता हूं।” जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बेसरन घाटी में बीते दिन आतंकियों ने गोलीबारी करके 26 पर्यटकों की हत्या कर दी। इसके अलावा 17 अन्य घायल हुए हैं। हमले के बाद सामने आया कि आतंकियों ने लोगों के धर्म पूछकर उनकी जान ली। लोगों से कलमा पढ़ने को कहा गया और जिन्होंने पढ़ लिया, उन्हें छोड़ दिया गया, जबकि अन्य को सिर के नजदीक से गोली मार दी गई।

‘सिंधु जल संधि को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित करने का आ गया है समय, पहलगाम आतंकी हमला पर बोले- पूर्व राजदूत कंवल सिब्बल

नई दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कुलाधिपति और रूस में भारत के पूर्व राजदूत कंवल सिब्बल ने पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर पाकिस्तान के साथ हुए सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को अनिश्चित काल के लिए निलंबित करने की वकालत की है. दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में भारत के विदेश सचिव रहे सिब्बल ने एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान द्वारा उकसाए गए पहलगाम में नवीनतम आतंकवादी हमले के लिए वास्तव में सार्थक प्रतिक्रिया के रूप में सिंधु जल संधि को अनिश्चित काल के लिए निलंबित करने का समय आ गया है. हमने पहले भी कहा है कि खून और पानी एक साथ नहीं चल सकते. आइए हम अपनी घोषित स्थिति पर काम करें. यह एक रणनीतिक प्रतिक्रिया होगी.” लेकिन सिब्बल आईडब्ल्यूटी को निलंबित करने के लिए क्यों दबाव डाल रहे हैं? दरअसल, सिंधु नदी और उसकी 5 सहायक नदियों के पानी के उपयोग को नियंत्रित करने वाली सिंधु जल संधि पर भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हस्ताक्षर किए गए थे. इस संधि के अनुसार, भारत रावी, ब्यास और सतलुज के पानी का उपयोग कर सकता है जबकि पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब का पानी आवंटित किया गया है. भले ही वितरण समान लगता हो, लेकिन संधि पाकिस्तान के पक्ष में है क्योंकि देश को सिंधु नदी प्रणाली के कुल जल प्रवाह का लगभग 80 प्रतिशत प्राप्त होता है. पाकिस्तान का कृषि क्षेत्र सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी पर बहुत अधिक निर्भर है, खासकर पंजाब और सिंध में. सिब्बल ने पोस्ट में आगे कहा कि व्हाइट हाउस में ट्रम्प प्रशासन के साथ, भारत अमेरिका के साथ इस मुद्दे पर अनुकूल स्थिति में है, क्योंकि हमला अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की भारत यात्रा के दौरान हुआ था. उनका मानना ​​है कि इस कार्रवाई से बांग्लादेश को भी कड़ा संदेश जाएगा. “ट्रंप और वेंस के इस्लामी चरमपंथ और आतंकवाद पर कड़े विचार हैं. इस कदम से बांग्लादेश को भी अच्छा संदेश जाएगा.” बता दें कि 2019 के पुलवामा हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में हुए सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक में 2 विदेशी नागरिकों सहित कम से कम 26 लोगों की जान चली गई है. हमलावर आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े हैं.

पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया, विराट कोहली समेत कई क्रिकेटरों ने इस घटना पर दुख जताया

नई दिल्ली भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और उनकी वाइफ अनुष्का शर्मा ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले मारे गए लोगों के लिए शोक व्यक्त किया है। पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले में कम से कम 26 नागरिक मारे गए। इनमें ज्यादातर पर्यटक थे। 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में यह सबसे घातक हमला है। हमला बैसरन में हुआ, जो एक घास का मैदान है और वहां पैदल या टट्टू से ही पहुंचा जा सकता है। विराट और अनुष्का ने इंस्टाग्राम पर पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उम्मीद जताई कि इस घटना के अपराधियों को सजा दी जाएगी। कोहली के अलावा, केएल राहुल और शुभमन गिल सहित कई अन्य क्रिकेटरों ने भी पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस हमले में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई। विराट कोहली समेत कई क्रिकेटरों ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही, उन्होंने इस हमले के दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है।   विराट कोहली ने सोशल मीडिया पर लिखा- पहलगाम में निर्दोष लोगों पर हुए जघन्य हमले से बहुत दुखी हूं। पीड़ितों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना। उन सभी परिवारों को शांति और शक्ति के लिए प्रार्थना करता हूं जिन्होंने अपनी जान गंवाई और इस क्रूर कृत्य के लिए न्याय मिले। दूसरी ओर, अनुष्का ने लिखा- कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष लोगों पर हुए निर्दयी आतंकी हमले के बारे में सुनकर दिल टूट गया। उनके परिवारों के प्रति हार्दिक प्रार्थनाएं और संवेदनाएं। यह एक जघन्य हमला है जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकेगा विराट कोहली के इस ट्वीट के बाद कई अन्य क्रिकेटरों ने भी इस घटना पर दुख जताया। केएल राहुल ने लिखा- कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बारे में सुनकर दुख हुआ। मेरी प्रार्थनाएं पीड़ितों के परिवारों के साथ हैं। शांति और शक्ति के लिए प्रार्थना करता हूं। शुभमन गिल ने कहा- पहलगाम में हुए हमले के बारे में सुनकर दुख हुआ। मेरी प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। हमारे देश में इस तरह की हिंसा का कोई स्थान नहीं है। अनिल कुंबले ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा- पहलगाम में हुए दुखद हमले के बारे में सुनकर दुख हुआ। निर्दोष लोगों की जान चली गई। प्रभावित परिवारों के लिए शक्ति और शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। आइए, नफरत के खिलाफ एक साथ खड़े हों।

कलेक्टर रोशन कुमार ने जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं, बैठते ही बोले – सामने चेयर लगवाइए

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने जनसुनवाई में आते ही कहा समस्याएं लेकर आने वाले लोगों के लिए सामने चेयर लगाइए। कलेक्टर ने जनसुनवाई में आए सभी लोगों की बातें ध्यान से सुनी और उनकी समस्याओं का निराकरण किया । एक विकलांग व्यक्ति ने नौकरी करने की इच्छा जाहिर करने पर उसे संबंधित विभाग को उसकी पात्रता अनुसार नौकरी देने के लिए कहा अभी तक देखा गया था कि हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में व्यक्ति खड़े रहकर ही अपनी बात करता था। कलेक्टर रोशन कुमार ने सभी लोगों से एक-एक कर चर्चा की और उनकी समस्याओं को सुनकर निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस जनसुनवाई में नागरिकों ने बुनियादी सुविधाओं, भूमि विवाद, बिजली-पानी की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं, और सरकारी योजनाओं से संबंधित मुद्दों को उठाया।​

बड़वानी के रहने वाले अमर बघेल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 592वीं रैंक हासिल की है

बड़वानी/धार संघ लोक सेवा आयोग  की सिविल सेवा परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट (Final Result) मंगलवार यानी 22 अप्रैल की दोपहर में घोषित कर दिया गया। इसी बीच मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में धार के यतीश अग्रवाल ने अपने सपने को साकार करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। वहीं बड़वानी के रहने वाले अमर बघेल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 592वीं रैंक हासिल की है।  बड़वानी के रहने वाले अमर बघेल ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 592वीं रैंक हासिल की है। यह अमर का पांचवां प्रयास था, जिसमें उन्होंने सफलता प्राप्त की। अमर बघेल ने बताया कि वे वर्ष 2020 से यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। 2023 में उनका चयन ईपीएफओ (EPFO) विभाग में अकाउंटेंट पद के लिए हुआ था। इस दौरान वे नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी करते रहे। वहीं अब उन्हें उम्मीद है कि उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) या आयकर विभाग (IRS) में हो सकता है। अमर की सफलता की खबर सुनते ही उनके परिवार और पूरे शहर में खुशी की लहर दौड़ गई। बता दें कि, अमर की पढ़ाई बड़वानी में हुई है। उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई बड़वानी से पूरी कर आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की। इसके बाद आईएएस बनने के लिए उन्होंने आठ महीने दिल्ली में कोचिंग की, जिसके बाद इंदौर में रहकर तैयारी जारी रखी। अमर बघेल के पिता रुमाल सिंह बघेल सिंचाई विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। उनके बड़े भाई दीपक बघेल ने भी वन विभाग की परीक्षा दी। जिसमें उनका चयन रेंजर के लिए हुआ। यतीश ने की 761वीं रैंक हासिल इधर धार जिले के धामनोद नगर के निवासी यतीश अग्रवाल ने देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC में सफलता हासिल की है। मंगलवार को घोषित हुए UPSC के फाइनल परिणामों में यतीश ने 761वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। इस सफलता के बाद उनके घर में जश्न का माहौल है। परिजनों, मित्रों और नगरवासियों ने मिठाई खिलाकर उन्हें बधाइयां दीं। यतीश ने इस सफलता का पूरा श्रेय अपनी दादी को दिया है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनकी दादी ने उन्हें संस्कृत भाषा से जोड़ा, जिससे इस विषय के प्रति उनकी गहरी रुचि बनी। यतीश ने पिछले ढाई वर्षों से UPSC की तैयारी की, जिसमें उन्होंने स्व-अध्ययन के साथ-साथ ऑनलाइन कोचिंग का सहारा लिया। कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।

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