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मध्य प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी और राजनीतिक मामलों की बैठक पीसीसी में आयोजित की गई, कई नेता रहे नदारत

भोपाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी और राजनीतिक मामलों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व सीएम कमलनाथ पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह समेत कई दिग्गज नेता नदारद रहे। इस बैठक मेंसंगठन को मजबूत बनाने की रणनीतिक पर चर्चा की गई। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी और राजनीतिक मामलों की बैठक मंगलवार को पीसीसी में आयोजित की गई। इस बैठक में  पूर्व सीएम कमलनाथ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, डॉ. गोविंद सिंह समेत कई दिग्गज नेता नदारद रहे। इस बैठक में संगठन को मजबूत बनाने, जनसमस्याओं को प्राथमिकता देने, एवं आगामी आंदोलनों एवं अभियानों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूत रहे। बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि संविधान पर हो रहे हमलों को रोकने और जनता को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए यह अभियान निर्णायक साबित होगा।  जीतू पटवारी ने कहा किहर कार्यकर्ता इस आंदोलन को अपनी जिम्मेदारी माने और हर गांव, हर वार्ड तक संविधान का संदेश लेकर जाए। कांग्रेस को मजबूत करने सभी को जुटना होगा  हरीश चौधरी ने कहा कि सबको साथ मिलकर कांग्रेस को मजबूत करने में जुटना चाहिए। आज कांग्रेस को अर्जुन सिंह जैसे नेताओं की जरूरत है। जिस तरह अर्जुन सिंह सबको साथ लेकर चलते थे। उस तरह हर स्तर के नेता को काम करना चाहिए। अपने जिले के नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की कोशिश सबको करना चाहिए। संविधान बचाओ अभियान पर विशेष चर्चा बैठक का प्रमुख फोकस आगामी संविधान बचाओ अभियान पर रहा। निर्णय लिया गया कि 25 से 30 अप्रैल के बीच पूरे देश में संविधान बचाव रैली आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश में इस अभियान को 28 अप्रैल से ग्वालियर में एक भव्य रैली के साथ किया जाएगा। 1- जिला स्तरीय संविधान बचाओ रैलियां 3 मई से 10 मई प्रदेश के प्रत्येक जिले में समस्त DCC द्वारा PCC के समन्वय से रैलियाँ आयोजित की जाएँगी। इन रैलियों में मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियाँ – बढ़ती बेरोजगारी, महँगाई, कृषि संकट, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बदहाली आदि मुद्दों को उजागर किया जाएगा। युवाओं, किसानों, मजदूरों और दलित समुदायों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। 2- विधानसभा स्तरीय संविधान बचाओ रैलियां-11 मई से 17 मई हर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता जनजागरण करेंगे। ED, CBI, और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग, संवैधानिक संस्थाओं की अवहेलना, महिलाओं, दलितों और आदिवासियों के अधिकारों पर हमलों को उजागर किया जाएगा। 3- घर-घर संपर्क अभियान-20 मई से 30 मई हर घर तक पहुंचने के लिए कार्यकर्ता द्वार-द्वार जाकर संवाद स्थापित करेंगे। विशेष रूप से महंगाई, बेरोजगारी, संविधानिक अधिकारों के हनन जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। अभियान साहित्य वितरित कर, सोशल मीडिया के माध्यम से भी संवाद को सशक्त किया जाएगा।

मैं पीएम मोदी से कहता हूं कि प्रिंस सलमान से पूछिए, क्या मदीना वक्फ की जमीन पर बना है: असदुद्दीन ओवैसी

नई दिल्ली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा, “जब आपका जहाज सऊदी अरब की फिजाओं में दाखिल हुआ था, तब सऊदी के फाइटर जेट्स ने उसे एस्कॉर्ट किया, ये एक दोस्ताना इशारा था। लेकिन मैं पीएम मोदी से कहता हूं कि जब आप सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मिलें, तो उनसे पूछिए क्या मदीना वक्फ की जमीन पर बना है या नहीं?” गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय सऊदी अरब की यात्रा पर हैं और जेद्दा पहुंचे हैं। ये उनकी तीसरी सऊदी यात्रा है, लेकिन पहली बार जेद्दा आए हैं। उनके स्वागत में सऊदी एयरफोर्स के एफ-15 विमान ने उनकी फ्लाइट को एयरस्पेस में एस्कॉर्ट किया। हर मुस्लिम देश में वक्फ मौजूद: ओवौसी मंगलवार को दिल्ली के टॉकाटोरा स्टेडियम में आयोजित ‘सेव वक्फ कॉन्फ्रेंस’ में ओवौसी ने हालिया संसद में बीजेपी सांसद के उस बयान का जवाब दिया जिसमें कहा गया था कि कुछ मुस्लिम देशों में वक्फ की कोई व्यवस्था नहीं है। ओवैसी ने कहा कि वक्फ हर मुस्लिम देश में होता है, चाहे वो लोकतंत्र हो या सल्तनत हो। ओवैसी ने आगे कहा कि वक्फ का अस्तित्व हर मुस्लिम देश में है और भारत में भी इसे संविधान और संसद का समर्थन मिला है। उन्होंने याद दिलाया कि वक्फ एक्ट 2013 को दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से पास किया था। उन्होंने यह भी कहा, “संविधान के अनुसार कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका स्वतंत्र हैं। अगर सरकार संविधान का दुरुपयोग करती है, तो न्यायपालिका ही हमारी आखिरी उम्मीद होती है।” सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर क्या बोले ओवैसी ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा वक्फ एक्ट में किए गए 40 से ज्यादा संशोधनों पर अंतरिम आदेश को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “ये कानून काले कानून जैसा है जो वक्फ की जायदाद को बचाने के लिए नहीं, बल्कि खत्म करने के लिए लाया गया है। अगर केंद्र सरकार ऐसे नियम बनाती है जो वक्फ को कमजोर करते हैं, तो ये संघीय ढांचे के भी खिलाफ होगा।” उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस कानून का विरोध जारी रखेंगे और कानूनी लडाई भी लडते रहेंगे।

भविष्य के लिए जल को संरक्षित करना आवश्यक है, क्योंकि जल के बिना कुछ भी संभव नहीं है: मंत्री सिलावट

भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ईंटखेड़ी में बाणगंगा नदी के विसर्जन घाट पर सफाई, सौंदर्यीकरण एवं जल संरक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने बलिदान स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके त्याग और बलिदान को याद किया। कार्यक्रम में विधायक श्री विष्णु खत्री,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहन सिंह जाट, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमोद राजपूत,सरपंच श्री हरि सिंह सैनी, श्री तीरथ सिंह मीणा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती इला तिवारी एवं अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री सिलावट ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जल संरक्षण के संकल्प को पूरा करने के लिए अभियान में सहयोग करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में 13 मिनट तक जल गंगा संवर्धन और संरक्षण की आवश्यकता बताई थी। भविष्य के लिए जल को संरक्षित करना आवश्यक है, क्योंकि जल के बिना कुछ भी संभव नहीं है। मंत्री श्री सिलावट ने जन-आंदोलन के साथ इस कार्य को करने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि गांव, जिले, राज्य और देश में श्रमदान को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। बैरसिया विधानसभा में 70 अमृत सरोवर हैं, जिनका संवर्धन करना है। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने का भी आग्रह किया। श्री सिलावट ने 30 मार्च से 30 जून तक चलने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। उन्होंने सभी वर्गों से जल संरक्षण कार्यों में सहभागिता करने को कहा। उन्होंने ऐतिहासिक, धार्मिक स्थलों पर जल स्रोतों के संरक्षण के लिए श्रमदान का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि धरातल पर काम की प्रगति दिखनी चाहिए और काम में कोताही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जल स्रोतों में अतिक्रमण को पूरी तरह से हटाने के भी निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की धरती पर जन्में चीतों की शिफ्टिंग पर व्यक्त की प्रसन्नता

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर स्थित गांधीसागर अभयारण्य में मध्यप्रदेश की धरती पर जन्में चीतों की शिफ्टिंग को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह अभयारण्य प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। मध्यप्रदेश में चीतों के आवास एवं विचरण के लिए सर्वाधिक अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। कूनो नेशनल पार्क से राज्य में दूसरे स्थान पर चीतों को ले जाकर पुनर्वास करना वन्य-प्राणी संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। गांधी सागर अभयारण्य में छोड़े गए चीते पावक और प्रभाष को यहाँ की आबो-हवा और नया परिवेश पसंद आया है और दोनों आनंद के साथ जंगल में स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को वन्य जीवों के संरक्षण में अग्रणी बनाने के लिए विशेष ईको सिस्टम विकसित करने के लिए संकल्पित है। मध्यप्रदेश बाघों की संख्या में शीर्ष पर है और इसे टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है। इसी के साथ राज्य में लेपर्ड (तेंदुए) भी सर्वाधिक हैं। राज्य सरकार सभी विलुप्तप्राय जीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में चीतों के पुनर्वास को एशिया महाद्वीप की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से वन्य-प्राणियों के संरक्षण में साझेदार बनने के साथ ‘जियो और जीने दो’ की भावना से कार्य करने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत 20 अप्रैल 2025 को मध्यप्रदेश में कूनो नेशनल पार्क में जन्में दो चीते पावक और प्रभास को उनके नए घर गांधीसागर अभयारण्य में मुक्त विचरण के लिए छोड़ा है। मई महीने में मध्यप्रदेश को बोत्सवाना से चार चीते मिल सकते हैं।  

पाकिस्तान के ‘आसिम मुनीर’ का बयान, जो उन्होंने 16 अप्रैल को दिया था, उस पर गौर करने की जरूरत है: अनिल गौर

पहलगाम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को बड़ा आतंकी हमला हुआ है। इस हमले में मारे गए लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं जम्मू कश्मीर के सुरक्षा से जुड़े मामलों के विशेषज्ञ कैप्टन अनिल गौर (रिटायर्ड) कहते हैं, इस कायराना हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ तो है ही। मुनीर के बयान को गंभीरता से लेना चाहिए था- अनिल गौर पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल ‘आसिम मुनीर’ का वह बयान, जो उन्होंने 16 अप्रैल को दिया था, उस पर गौर करने की जरूरत है। क्या हमने उस बयान को हल्के में लिया है। ऐसे कई सवाल उठना लाजिमी है। जनरल मुनीर ने 144 घंटे पहले इस्लामाबाद में आयोजित ओवरसीज पाकिस्तानी कन्वेंशन 2025 में कहा था, ‘कश्मीर पर हमारा (पाकिस्तानी सेना) और सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। हम इसे नहीं भूलेंगे। हम भारत के कब्जे के खिलाफ संघर्ष करने वाले अपने कश्मीरी भाइयों को नहीं छोड़ेंगे। बतौर सुरक्षा विशेष गौर, यह सामान्य बयान नहीं था। इसकी गंभीरता को समझना चाहिए था। जम्मू कश्मीर में बढ़ानी चाहिए थी सुरक्षा- अनिल गौर कैप्टन (रिटायर्ड) अनिल गौर ने कहा, मुनीर के बयान के बाद जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा देनी चाहिए थी। हालांकि खुफिया एजेंसियों ने अपने स्तर पर कुछ न कुछ किया ही होगा। पाकिस्तानी सेना के चीफ मुनीर ने जो कुछ कहा था, उसका असर पहलगाम के आतंकी हमले के तौर पर दिख रहा है। मुनीर ने बयान से स्पष्ट था कि कश्मीर में हमारे बंदे हैं। पहलगाम में आतंकियों ने टारगेट भी हिंदुओं को किया है। गोली मारने से पहले लोगों का धर्म पूछा गया था। अनिल गौर बताते हैं, जम्मू और कश्मीर में पर्यटन के लिए आने वाले अधिकांश लोगों में तो हिंदू ही होते हैं। आतंकी संगठन चाहते हैं जम्मू-कश्मीर में न आएं पर्यटक यह हमला, कुछ अन्य बातों की तरफ भी इशारा करता है। जैसे आतंकियों को अब पहले के मुकाबले लोकल सपोर्ट नहीं मिल पा रही है। दूसरा, आतंकियों की नई भर्ती अब तकरीबन बंद हो चुकी है। उन्हें अब लोकल सपोर्ट भी नहीं मिल रही है। वे पहाड़ों पर छिपे हैं। इस हमले का मकसद वहां आने वाले हिंदुओं में दहशत फैलाना है। आतंकी संगठन चाहते हैं कि जम्मू और कश्मीर में पर्यटक न आएं। अगर पर्यटक नहीं आएंगे तो बिजनेस प्रभावित होगा। जब बिजनेस प्रभावित होगा तो सरकार की विकास नीति भी पटरी से उतर सकती है। आतंकी यह संदेश भी देना चाह है कि उन्हें लोकल सपोर्ट नहीं मिलेगी तो ऐसे हमले आगे भी देखने को मिल सकते हैं।

पहलगाम आतंकी हमले में 26 टूरिस्ट की मौत, नाम पूछकर मारी गोली, NIA करेगी जांच

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले 26 टूरिस्ट की मौत हुई है। मृतकों में सभी पुरुष हैं। आतंकियों के हमले का निशाना बने पर्यटकों में दो विदेशी नागरिक हैं। बड़े आतंकी हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर के लिए रवाना हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निर्देश मिलने के बाद गृह मंत्री नई दिल्ली से पहलगाम के लिए रवाना हुए हैं। आतंकी हमले में काफी टूरिस्ट घायल हुए हैं हालांकि अभी तक दो टूरिस्ट की मौत की पुष्टि हुई है। नई दिल्ली में हाईलेवल बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर में भी उच्चस्तरीय बैठक कर सकते हैं। पीएम मोदी और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आतंकी हमले में मारे गए लोगों के लिए शोक व्यक्त किया है। किसी को नहीं छोड़ेंगे: शाह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं। इस जघन्य आतंकी हमले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और हम अपराधियों पर कठोरतम कार्रवाई करेंगे। अमित शाह ने आगे लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को घटना के बारे में जानकारी दी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। सभी एजेंसियों के साथ तत्काल सुरक्षा समीक्षा बैठक करने के लिए जल्द ही श्रीनगर के लिए रवाना होऊँगा।   बैसरन वैली में हुआ आतंकी हमला पहलगाम यह आतंकी हमला मशहूर बेताब वैली से 10 किमी दूर स्थित बैसरन वैली में उस वक्त हुआ जब टूरिस्ट का एक ग्रुप घास पर घुड़सवारी का आनंद ले रहा है। आतंकी हमले के बाद सामने आए वीडियो में इस बात की पुष्टि हुई है कि हथियारबंद हमलावरों ने नाम पूछकर गोली मारी। हमले के बाद सामने आए वीडियो में आतंकवादियों की क्रूरता बयां हुई है। महिला ने वीडियो में बताया है कि महिला ने बताया कि आतंकियों ने नाम पूछा और गोली मार दी। इसी वीडियो में एक और महिला महिला बुरी तरह रो रही हैं और ये कह रही हैं कि भगवान के लिए मेरे पति को बचा लो। वीडियो में एक शख्स कहता है कि आप टेंशन मत लो, आप यहां पर रहो। ठीक है ठीक है हम बचा देंगे। मैं आ रहा हूं।   कुछ साल पहले बना था टूरिस्ट प्वाइंट पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी लश्कर के समर्थित टीआरएफ  संगठन ने ली है। यह संगठन लश्कर ए तैयबा का हिजबुल मुजाहिद्दीन और जैश-ए-मोहम्मद जैसा ही संगठन है। जम्मू कश्मीर इसके सबूत मिले हैं कि इस आतंकी संगठन के पीछे लश्कर ए तैयबा ही है। आतंकियों ने दूसरे राज्यों के जिन टूरिस्ट पर हमला किया वह बैसरन घाटी का टूरिस्ट प्वाइंट चार-पांच साल पहले ही बना था। घाटी में माहौल बदलने के बाद बड़ी संख्या में टूरिस्ट इस प्वाइंट पर पहुंच रहे थे। पहलगाम के इस आतंकी हमले में सामने आया है कि कुछ आतंकी पुलिस की वर्दी में थे। इसलिए वे पर्यटकों के पास तक आसानी से पहुंच गए। पहलगाम हमले की चौतरफा निंदा पहलगाम के बैसरन टूरिस्ट प्वाइंट पर पर्यटकों के हमले को लेकर जहां केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है ताे वहीं दूसरी तरफ जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सीएम उमर अब्दुल्ला ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आर्मी चीफ से बात की है। जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने इस कायरतापूर्ण कृत्य करार दिया है। घायलों को एयरलिफ्ट किए जाने की संभावना पर भी विचार हो रहा है।

भविष्य में ड्राइवर का काम एआई से होगा, इसके खतरनाक परिणाम होंगे, लोग बेरोजगार हो सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से हो रहे आविष्कार से तमाम सुविधाएं मिल रही हैं तो रोजगार से जुड़ी चिंताएं भी लोगों को सता रही हैं। इस चिंता में अब सुप्रीम कोर्ट भी शामिल हो गया है। अदालत ने मंगलवार को एक केस की सुनवाई के दौरान कहा कि भविष्य में ड्राइवर का काम एआई से होगा। इसके खतरनाक परिणाम होंगे और बड़े पैमाने पर लोग बेरोजगार हो सकते हैं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही, जिसमें मांग की गई थी कि सरकार को इलेक्ट्रिकल वीकल्स की खरीद और उनके इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने वाली नीति बनाने को को कहा जाए। इसी दौरान अदालत ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण ड्राइवरों के रोजगार पर भी असर पड़ेगा। अदालत ने कहा, ‘हमारी चिंता यह है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से इन ड्राइवरों का रोजगार नहीं जाना चाहिए। भारत में ड्राइवर की नौकरी भी रोजगार का एक बड़ा माध्यम है।’ मजाकिया अंदाज में जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि एआई से तो वकीलों को भी टक्कर मिल रही है। ऐसे टूल आ गए हैं, जिनसे आप कोई भी कानूनी राय ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से बढ़ती हुई तकनीक है। कुछ महीनों में ही कोई एक अच्छा मॉड्यूल आ जाता है। फिलहाल हम देख रहे हैं कि AI आधारित एडवोकेट टूल हैं। अमेरिका में तो इनका खूब इस्तेमाल हो रहा है। हमें भी वकीलों को लेकर चिंता होती है। बता दें कि भारत में भी बड़े-बड़े उद्योगपति इसे लेकर चिंता जताते रहे हैं। कॉन्टेंट राइटिंग, कंसल्टेंसी समेत कई ऐसे बिजनेस हैं, जिन पर AI के चलते विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इलेक्ट्रिक कारों की खरीद की नीति को लेकर दायर पीआईएल के लिए प्रशांत भूषण पक्ष रख रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिकल वीकल्स को तेजी से बढ़ावा देना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में 14 तो भारत के ही हैं। उन्होंने कहा कि मेरी मांग है कि सरकार खुद ऐसी नीति लागू करे। उन्होंने कहा कि सरकार यदि आगे नहीं बढ़ेगी तो फिर दूसरे विभाग कैसे आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को बेसिक इन्फ्रा मुहैया कराना चाहिए। प्रशांत भूषण ने कहा कि 400 किलोमीटर की दूरी पर इलेक्ट्रिक वीकल्स की चार्जिंग सेंटर मिलते हैं। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमानी ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि हमें कुछ समय दिया जाए। फिर हम बताएंगे कि आखिर सरकार की इसे लेकर क्या नीति है। अदालत ने अब इस मामले की सुनवाई के लिए 14 मई की तारीख तय की है।

कोई भी विवेकशील वकील संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत ऐसी तुच्छ याचिका दायर नहीं करेगा, सुप्रीम कोर्ट भड़का

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका के जरिए मांगी गई राहत को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने मंगलवार को वकील पर याचिकाकर्ता के रूप में याचिका दायर करने के लिए 5 लाख रुपये का जुर्माना लगा दया और कहा कि उसने कोर्ट का माहौल खराब किया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने वकील संदीप टोडी को चार सप्ताह का समय दिया है। इस समयसीमा के भीतर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के खातों में राशि जमा करने को कहा है। साथ ही, यह पता लगाने के लिए 6 सप्ताह बाद याचिका को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया कि क्या पैसा जमा किया गया था। जस्टिस नाथ ने कहा, ‘आपने इस अदालत का माहौल खराब कर दिया है। कोई भी विवेकशील वकील संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत ऐसी तुच्छ याचिका दायर नहीं करेगा।’ संविधान का अनुच्छेद 32 संवैधानिक उपचारात्मक तरीकों के अधिकार की गारंटी देता है। साथ ही, यह सुनिश्चित करता है कि व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होने पर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। पीठ ने कहा, ‘अगर हम याचिका को साधारण तरीके से वापस लेने की अनुमति देते हैं तो इससे गलत संदेश जाएगा।’ याचिका में क्या रखी गई थी मांग पीठ ने वकील पर जुर्माना लगाते हुए उन्हें याचिका वापस लेने की अनुमति दी। वकील की याचिका में पारिवारिक विवाद में एक व्यक्ति को दी गई राहत पर रोक लगाने की मांग की गई थी। बीते 25 मार्च को दायर याचिका में कुटुंब न्यायालय, मुंबई के 25 सितंबर 2019 के आदेश को चुनौती दी गई। इसके मद्देनजर वर्तमान प्रतिवादी संख्या 4 (नेहा टोडी जिन्हें नेहा सीताराम अग्रवाल के नाम से भी जाना जाता है) के पक्ष में दी गई सभी राहतों पर एकपक्षीय रोक लगाने का आदेश देने की मांग रखी गई। याचिका में केंद्र, मुंबई की एक कुटुंब अदालत और बंबई उच्च न्यायालय को प्रतिवादी बनाया गया है।

गर्मी से बच्चों को मिली राहत, 15 जून तक अवकाश घोषित, सरकार ने घोषित की ग्रीष्मकालीन छुट्टी

रायपुर प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों में ग्रीष्कालीन अवकाश की छुट्टी देने का फैसला लिया है। अब 25 अप्रैल 2025 से 15 जून 2025 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। पहले ये ग्रीष्मकालीन अवकाश एक मई से घोषित किया जाता रहा है। गर्मी के कारण छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने पांच दिन पहले ही छुट्टी घोषित करने का आदेश जारी किया है। राज्य सरकार का ये निर्णय प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों के लिए लागू होगा। हालांकि ये अवकाश केवल बच्चों के लिए है। शिक्षकों को अभी भी स्कूल में उपस्थिति देनी होगी। बतादें कि रायपुर में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। गर्म हवा के थपेड़ों से हर कोई बेहाल है। इस निर्णय से प्रदेश के 60 लाख बच्चों ने राहत की सांस ली है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि एकल पाली वाले स्कूल सुबह सात से 11 बजे तक संचालित हो रहे हैं, लेकिन दो पालियों वाले स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई सुबह सात से 11 बजे तक और हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी की कक्षाएं 11 बजे से दोपहर दो बजे तक चल रही थीं। इससे लगभग एक हजार स्कूलों के करीब पांच लाख छात्रों को लू के बीच स्कूल जाना पड़ रहा था। नईदुनिया की चेतावनी और जनहित में की गई रिपोर्टिंग का असर साफ नजर आया। जब सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए राहत भरा निर्णय लिया। अब छात्र न केवल गर्मी से बच सकेंगे, बल्कि इस अवकाश के दौरान घर पर रहकर अपने मनपसंद रचनात्मक कार्यों में भी समय बिता सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को किया सतर्क,कहा- आनंद से मनाएं छुट्टी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा, “प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसलिए सभी शासकीय एवं गैर शासकीय स्कूलों में 25 अप्रैल से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है। सभी बच्चों से आग्रह है कि वे तेज धूप से बचें, खूब पानी पिएं, घर पर रहें और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लें और छुट्टियों का आनंद लें बच्चे।” बता दें कि छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गर्मी की छुट्टियों की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि बच्चों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है और ऐसे मौसम में स्कूल संचालन खतरनाक साबित हो सकता है।  

प्रदर्शनकारी शिक्षकों से बोलीं ममता बनर्जी, शिक्षकों से स्कूलों में लौटने का आग्रह किया, वेतन की व्यवस्था हम करेंगे

कोलकाता पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती विवाद बढ़ता ही जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद करीब 26 हजार शिक्षक और अन्य कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द हो गई है। इसके बाद शिक्षक प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जीन ने शिक्षकों से स्कूलों में लौटने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सरकार उनके वेतन की भी व्यवस्था करेगी। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद अपनी नौकरी गंवा चुके हजारों शिक्षक प्रदर्शन कर रहे हैं। साल्ट लेक में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) मुख्यालय के बाहर मंगलवार को उनका प्रदर्शन जारी है। ममता बनर्जी ने कहा, “आपको इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है कि कौन दागी है और कौन नहीं। आपको केवल इस बात की चिंता करने की जरूरत है कि क्या आपके पास नौकरी है या नहीं और क्या आपको समय पर वेतन मिल रहा है या नहीं। दागी और बेदाग शिक्षकों की पहचान करने वाली सूची सरकार और अदालतों के पास है।’ बनर्जी ने मिदनापुर में एक प्रशासनिक कार्यक्रम में कहा, ‘हम आश्वासन देते हैं कि आपकी नौकरी अभी सुरक्षित है और आपको आपका वेतन मिलेगा। कृपया अपने स्कूलों में वापस जाएं और कक्षाएं फिर से शुरू करें। मैंने कल रात से कई बार इस बारे में बात की है। हम आपके साथ हैं।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकरी गंवाने वाले ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ के कर्मचारियों के लिए एक पुनर्विचार याचिका भी उच्चतम न्यायालय में दायर की जाएगी और “तब तक हम पर अपना विश्वास बनाए रखें”। बनर्जी ने यह भी कहा कि वह मई के पहले सप्ताह में मुर्शिदाबाद के अशांत क्षेत्रों का दौरा करेंगी। बता दें कि पश्चिम बंगाल में एक तरफ शिक्षकों का प्रदर्शन चल रहा है तो दूसरी तरफ मुर्शिदाबाद के दंगों को लेकर भी विपक्षी ममता सरकार को घेर रहे हैं। बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी ही कट्टरपंथियों को बढ़ावा दे रही है। वक्फ कानून को लेकर प्रदर्शन के बाद मुर्शिदाबाद में हुए दंगों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई थी।

भारत की विकास क्षमता को विश्व बैंक और आईएमएफ संस्थाओं ने स्वीकार किया: मंत्री निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत की विकास क्षमता को विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) जैसी वैश्विक संस्थाओं ने भी स्वीकार किया है। उन्होंने भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत वैश्विक आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सीतारमण ने कहा, “जब हम कहते हैं कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और जब आईएमएफ या विश्व बैंक यह मानते हैं कि भारत अपनी विकास क्षमता के कारण नकारात्मक या लगभग सकारात्मक क्षेत्र में चल रहे विश्व व्यापार को आगे बढ़ाने का इंजन बन सकता है तो वे भारत में मौजूद क्षमता को पहचान रहे हैं।” वित्त मंत्री सीतारमण इस समय अमेरिका और पेरू की यात्रा पर हैं जहां वे प्रमुख फंड प्रबंधन फर्मों और आईटी फर्मों के सीईओ के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें करेंगी। उन्होंने आगे कहा, “इस क्षमता के साथ आगे बढ़ने से, हम वैश्विक स्तर पर विभिन्न अनिश्चितताओं के कारण देखी जा रही गिरावट को सुधार सकेंगे। इन अनिश्चितताओं में कम वृद्धि, कम व्यापार और कुछ स्थानों पर उच्च मुद्रास्फीति शामिल है।” सीतारमण ने वैश्विक व्यापार के मौजूदा परिदृश्य पर भी बात की और टैरिफ युद्ध के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि पर प्रकाश डाला। उन्होंने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र या “विकसित भारत” में बदलने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रधानमंत्री मोदी का यह दृष्टिकोण चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित है: महिलाएं, वंचित, युवा और किसान। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का ध्यान ‘उभरते क्षेत्रों’ पर है, जो हमारी क्षमता निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं, और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) जैसे क्षेत्रों पर भी है, जहां भारत वैश्विक नेता के रूप में उभरा है। 22-25 अप्रैल तक अमेरिका के वाशिंगटन में अपनी यात्रा के दौरान, सीतारमण अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वसंत बैठकों, दूसरी जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की बैठक, विकास समिति पूर्ण बैठक, आईएमएफसी पूर्ण बैठक और वैश्विक संप्रभु ऋण गोलमेज (जीएसडीआर) बैठक में भाग लेंगी।  

22 अप्रैल तक की बात करें तो आईपीएल के 18वें सीजन में चार टीमों की हालत ज्यादा ही खराब

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल 2025 के सीजन का आधा सफर समाप्त हो चुका है। दूसरा हाफ शुरू हो चुका है और 22 अप्रैल तक की बात करें तो आईपीएल के 18वें सीजन में चार टीमों की हालत ज्यादा ही खराब है। इनमें चेन्नई सुपर किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का नाम शामिल है। इन टीमों ने इस सीजन कम से कम 5-5 मैच गंवाए हैं। इन टीमों के लिए प्लेऑफ्स में पहुंचना बहुत ज्यादा कठिन हो गया, खासकर उन टीमों के लिए जो 6-6 मैच हार चुकी है। सबसे पहले बात पॉइंट्स टेबल में सबसे आखिरी पायदान पर चल रही चेन्नई सुपर किंग्स की करते हैं, जो 8 में से 6 मुकाबले हार चुकी है। टीम प्लेऑफ्स की रेस में है, लेकिन इसके लिए टीम को बाकी के 6 मुकाबले जीतने होंगे। अगर टीम एक भी मैच हार जाती है तो प्लेऑफ्स की रेस से लगभग बाहर हो जाएगी। वहीं, नौवें नंबर पर विराजमान सनराइजर्स हैदराबाद ने अब तक खेले सात मैचों में से 5 मुकाबले गंवाए हैं। इस तरह एसआरएच के पास अभी भी खुद के दम पर प्लेऑफ्स में पहुंचने का मौका है। इसके लिए टीम को बाकी बचे सात मैचों में से कम से कम 6 मुकाबले जीतने होंगे और नेट रन रेट का भी ख्याल रखना होगा। राजस्थान की भी हालत खराब पॉइंट्स टेबल में आठवें नंबर पर चल रही राजस्थान रॉयल्स की बात करें तो इस सीजन टीम 8 में से 2 ही मैचों में जीत दर्ज कर कर पाई है। अभी भी टीम के 6 मुकाबले बाकी हैं और 6 मैचों को जीतकर टीम के खाते में 16 अंक हो सकते हैं और इस तरह टीम प्लेऑफ्स के लिए क्वॉलिफाई कर जाएगी, लेकिन पहले हाफ की परफॉर्मेंस को देखकर लगता नहीं है कि आरआर इस बार टॉप 4 में फिनिश कर पाएगी। मौजूदा चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स की भी हालत इस सीजन पतली लग रही है। टीम 8 मैचों में से सिर्फ तीन मुकाबले ही जीत पाई है। पांच मैचों में हार मिल चुकी है। टीम अभी भी 18 अंकों तक पहुंच सकती है, लेकिन जिस तरह का प्रदर्शन उसके मध्य क्रम और निचले क्रम के बल्लेबाज कर रहे हैं, उसे देखते हुए कहा नहीं जा सकता कि केकेआर टॉप 4 में बने रहने लायक है। हालांकि, क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, यहां कुछ भी हो सकता है तो किसी भी टीम को कमतर नहीं आंका जा सकता।

जसप्रीत बुमराह और स्मृति मंधाना बने दुनिया के सर्वश्रेष्‍ठ क्रिकेटर, 5 और खिलाड़ियों को भी सम्मान

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेटर स्मृति मंधाना और जसप्रीत बुमराह को 2024 के लिए विजडन ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर चुना है। मंधाना को महिला और बुमराह को पुरुष कैटेगरी में यह सम्मान मिला है। यह घोषणा विजडन क्रिकेटर्स अलमानैक के 2025 एडिशन में की गई। मंधाना ने दूसरी बार यह अवॉर्ड जीता है और वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला हैं। इससे पहले 2018 में भी उन्हें यह अवॉर्ड मिला था। स्मृति मंधाना का 2024 में प्रदर्शन स्मृति मंधाना को यह खिताब इसलिए मिला क्योंकि उन्होंने 2024 में 1659 इंटरनेशनल रन बनाए। यह महिला क्रिकेट में एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने वनडे में चार शतक भी लगाए। उन्होंने टी20I में 763 रन बनाए और वनडे में 747 रन बनाए। साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने तीन वनडे में 117, 136 और 90 रन बनाए। यह एक द्विपक्षीय सीरीज में 343 रन का रिकॉर्ड है। उन्होंने एक टेस्ट में 149 रन भी बनाए। टी20 वर्ल्ड कप जीते के हीरो रहे बुमराह जसप्रीत बुमराह को पुरुषों का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर इसलिए चुना गया क्योंकि उन्होंने हर फॉर्मेट में कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने 2024 में 14.92 की औसत से 71 टेस्ट विकेट लिए। यह किसी भी गेंदबाज का एक साल में सबसे कम औसत है। उन्होंने कई मैचों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशाखापत्तनम में उन्होंने इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया। टी20 वर्ल्ड कपके फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच जिताऊ गेंदबाजी की। वह 20 से कम की औसत से 200 टेस्ट विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज भी बने। रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में पर्थ में बुमराह की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था। टी20 वर्ल्ड कप में उन्होंने 4.17 की इकोनॉमी रेट से 15 विकेट लिए। उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। विजडन ने बेस्ट 5 क्रिकेटर भी चुने विजडन ने जिन पांच क्रिकेटरों को साल का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर चुना है। इसमें गस एटकिंसन, लियाम डॉसन, सोफी एक्लेस्टोन, जेमी स्मिथ और डैन वॉरॉल शामिल हैं। ये सभी इंग्लैंड के खिलाड़ी है। सोफी महिला टीम के प्रमुख स्पिनर हैं तो वॉरॉल ने अभी तक इंग्लैंड के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला है। 2016 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलता था लेकिन 2018 में इंग्लैंड आ गए। बुमराह को बताया ‘स्‍टार ऑफ द ईयर’ 2024 में 20 से कम औसत से 200 विकेट लेने वाले इतिहास के पहले टेस्ट गेंदबाज बने जसप्रीत बुमराह को विजडन के संपादक लॉरेंस बूथ ने ‘स्‍टार ऑफ द ईयर’ बताया है। बुमराह ने 15 से कम औसत से 71 टेस्ट विकेट लिए और जून में कैरिबियन में टी20 विश्व कप में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में बुमराह ने अकेले ही 13.06 की औसत से 32 विकेट चटकाए थे। बूथ ने लिखा कि वह बहुत घातक था। उन्‍होंने बुमराह को सभी समय का सबसे महान खिलाड़ी माने जाने का दावा भी किया। स्‍मृति मंधाना दुनिया की बेस्‍ट महिला खिलाड़ी भारतीय महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना को विजडन ने दुनिया की बेस्‍ट महिला खिलाड़ी माना है। मंधाना ने 2024 में सभी फॉर्मेट में 1659 रन बनाए, जो कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के एक कैलेंडर वर्ष में किसी महिला खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सबसे अधिक रन हैं। इसमें उनके बल्‍ले से निकले चार एकदिवसीय शतक भी शामिल हैं, जो एक और रिकॉर्ड है। मंधाना ने जून में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दस विकेट की जीत में दूसरा टेस्ट शतक (149) लगाया था। निकोलस पूरन बने सर्वश्रेष्ठ टी20 खिलाड़ी वहीं, वेस्टइंडीज के स्‍टार बल्लेबाज निकोलस पूरन को वर्ष का सर्वश्रेष्ठ टी20 खिलाड़ी घोषित किया गया। वर्ष के पांच क्रिकेटर में सर्रे का दबदबा इस बार विजडन के वर्ष के पांच क्रिकेटर में सर्रे काउंटी के तीन खिलाड़ी गस एटकिन्सन, जेमी स्मिथ और डैन वॉरल को शामिल किया है। इनके अलावा हैम्पशायर के लियाम डॉसन और इंग्लैंड की खिलाड़ी सोफी एक्लेस्टोन को भी इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। मिचेल सैंटनर को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का सम्मान भारत के खिलाफ खेले पुणे टेस्ट में न्‍यूजीलैंड के मिचेल सैंटनर के 13 विकेट ने कीवी टीम को सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त दिलाई थी। इस कारण भारत 2012 के बाद पहली घरेलू टेस्ट सीरीज हार गया था। इस प्रदर्शन के लिए सैंटनर को विजडन ट्रॉफी से सम्मानित किया गया है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना का एक नया मामला सामने आया, इलाज के दौरान महिला की मौत, डॉक्टर्स पॉजिटिव युवक का इलाज कर

इंदौर  मध्य प्रदेश में एक बार फिर कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी. इंदौर के एक प्राइवेट अस्पताल में एक महिला पेट दर्द की शिकायत लेकर आई थी, उसका किडनी से संबंधित बीमारी का इलाज किया जा रहा था, लेकिन जांच में वह कोरोना पॉजिटिव मिली. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना से स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मच गया. अन्य दो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. डॉक्टर्स कोरोना वायरस के लौटने से हैरान हैं. मध्य प्रदेश के इंदौर में लंबे समय बाद कोविड के दो मरीज मिले हैं. इनमें एक युवक है जबकि, दूसरी बुजुर्ग महिला है. दोनों को एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था. दोनों को अलग-अलग बीमारियां हैं. इनमें से महिला की अन्य बीमारियों के चलते सोमवार को मौत हो गई जबकि युवक का इलाज चल रहा है. बताया जा है कि दोनों मरीज इंदौर के हैं. इनमें से युवक को दो-तीन दिनों से सर्दी खांसी थी. उसने पहले दूसरे अस्पताल में दिखाया, लेकिन फर्क नहीं पड़ने पर अरबिंदो अस्पताल में दिखाया. यहां उसकी कई प्रकार की जांचें हुईं, जिनमें कोविड की पुष्टि हुई. ऐसे भर्ती हुई महिला प्राप्त जानकारी के मुताबिक, महिला इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र की रहने वाली थी. 74 वर्षीय महिला को किडनी की बीमारी के कारण एडमिट किया गया था, उसे सीवियर सेप्टिक था. वह कोमार्बिट पैसेंट थी. उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसकी भी फ्लू पैनल जांच की गई. जिसमें वह भी कोविड पॉजिटिव पाई गई. सोमवार को उसकी मौत हो गई. डॉक्टर्स का कहना है कि महिला को किडनी में समस्या के साथ अन्य बीमारियां थीं साथ ही वह कोरोना पॉजिटिव भी पाई गई थी, जिसकी से उसकी मौत हुई. युवक का इलाज जारी डॉक्टर्स ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला के बाद एक युवक भी काफी दिनों से सर्दी खांसी की समस्या से परेशान था. उसके इलाज के लिए उसकी कई प्रकार की जांच की गई. जिसमें कोरोना का जांच भी शामिल थी. उसे कोरोना की जांच में पॉजिटिव मिलने पर सावधानियां बरती गईं. फिलहाल युवक ठीक है. उसका इलाज जारी है.

बड़ा हादसा : महादेव घाट पुल पर तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर सूखी नदी में गिरी, 6 लोगों की मौत

दमोह  मध्य प्रदेश के दमोह जिले में स्थित महादेव घाट के पास दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है। यहां सड़क पर दौड़ती तेज रफ्तार बोलेरो जीप महादेव घाट के पुल पर अनियंत्रित होकर पलटी और सीधे करीब 50 फीट नीचे आ गिरी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में वाहन में सवार 6 से 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को दमोह जिला अस्पताल एवं जबेरा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया जा रहा है। इनमें से कुछ को जबलपुर भी रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।  दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बनवार चौकी के समीप महादेव पुल घाट के पास ये हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि, तेज रफ्तार दौड़ती बेलोरो जीप अनियंत्रित होकर पलटी, फिर पुल से नीचे आ गिरी, जिससे जीप सवार करीब 6 से 7 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि, इतने ही लोग गंभीर रूप से घायल हुए है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, वाहन तेज गति से आ रहा था, जिसे बोलेरो वाहन चालक पुल पर नियंत्रित नहीं कर सका और वाहन पुल से नीचे सूखी नदी में आ गिरा। हादसे की भीषणता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि पुल से नीचे गिरी बोलेरो जीप पूरी तरह से चकनातूर हो गई है। जीप में दबने से यात्रियों की मौत जीप के उसके चारों पहिए ऊपर हो गए तथा सवारियां उसी के नीचे दब गईं। घटना में 6 से 7 लोगों की मृत्यु होने की जानकारी सामने आ रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने वाहन को पलटते देखा तो तुरंत ही घटना की सूचना पुलिस को दी तथा स्वयं घायलों को बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर एसडीएम सौरभ गंधर्व, तहसीलदार, थाना प्रभारी नोहटा और वनवार चौकी प्रभारी मनीष यादव सहित पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। घायलों का रेस्क्यू कर उपचार के लिए रवाना कर दिया गया है। जबकि, शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। शुरुआती तौर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार यात्री जबलपुर जिले के बेलखेड़ा के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

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