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फिल्म से सीखा नकली नोट छापना, मास्टरमाइंड निकला 8वीं पास, 5 गिरफ्तार, मास्टर चाबी ने खोला राज

इंदौर इंदौर के एक होटल के कमरे में पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक नकली नोटों की फैक्ट्री चला रहे थे। खुलासा तब हुआ, जब होटल स्टाफ को शक हुआ और उसने मास्टर चाबी से रूम खोला। जो नजारा दिखा, वह चौंकाने वाला था। छिंदवाड़ा का अब्दुल शोएब उर्फ छोटू (25) आर्ट एंड डिजाइन से ग्रेजुएट है। वह लंबे समय से बेरोजगार था। पिता पर बड़ा कर्ज था। उसने ऑनलाइन फर्जी करेंसी से जुड़े ग्रुप्स खंगालना शुरू किए और यहीं उसकी पहचान द्वारका (गुजरात) के मयूर चम्पा (25) से हुई, जिसने फिल्म ‘फर्जी’ देखने के बाद नकली नोट छापने का आइडिया सोचा था। मयूर ने शोएब को एक खास सॉफ्टवेयर मुहैया कराया, जो असली नोट की हूबहू कॉपी तैयार कर सकता था। इसमें वाटरमार्क, सीरियल नंबर और रंगों तक का मिलान था। सोशल मीडिया से जोड़े बेरोजगार साथी शोएब ने रहीश खान (32), प्रफुल्ल कोरी (19) जैसे साथियों को जोड़ा, जो या तो मामूली काम करते थे या बिल्कुल बेरोजगार थे। बाद में भोपाल के आकाश घारु (30) और मेडिकल स्टोर संचालक शंकर चौरसिया (42) भी इस रैकेट से जुड़ गए। सारा नेटवर्क फेसबुक के जरिए जुड़ा था। सॉफ्टवेयर, हाई क्वालिटी प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, बटर पेपर, कटिंग टूल्स और अन्य उपकरण खरीदे गए। जल्दी अमीर बनना चाहते थे डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया- 13 अप्रैल को सूचना मिली कि इंदौर के अनुराग नगर स्थित होटल इंटरनिटी में तीन युवक नकली नोट छाप रहे हैं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए होटल के रूम नंबर 301 में दबिश दी। यहां से अब्दुल शोएब, रहीश खान और प्रफुल्ल कुमार कोरी को गिरफ्तार किया। कमरे की तलाशी के दौरान उनके बैग से 500-500 रुपए के 100 नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि जल्दी अमीर बनने की नीयत से उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से होटल में छिपकर नकली नोट छापने का ठिकाना बनाया था। इन्हें अपने अन्य साथियों के माध्यम से बाजार में खपाने की योजना बना रखी थी। केस दर्ज कर तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। ‘मास्टर की’ ने खोला नकली नोट फैक्ट्री का राज डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी ने  बातचीत में बताया- आरोपी होटल के दो कमरों में नकली नोट छाप रहे थे। होटल स्टाफ के एक मेंबर को शक हुआ। जब आरोपी कमरे में नहीं थे, उसने मास्टर की से रूम का ताला खोला। वीडियो बनाकर क्राइम ब्रांच को भेजा। जिस पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी त्रिपाठी ने बताया कि यदि क्राइम ब्रांच ने समय रहते कार्रवाई नहीं की होती, तो यह गैंग नकली नोटों को बड़े पैमाने पर बाजार में चला देता।

पति पर अप्राकृतिक संबंध बनाने का आरोप, हाईकोर्ट ने खारिज की पत्नी की याचिका, कोर्ट-भारत में वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं

इंदौर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के न्यायमूर्ति बिनोद कुमार द्विवेदी ने पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध (Unnatural sexual relations) बनाने के आरोप से एक पति को बरी कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले में दो महत्वपूर्ण बिंदु उभर कर सामने आए हैं। हाईकोर्ट ने टिप्पणी में कहा हैं भारत में वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं है। ये एक विशेष मामलों का फैसला रिपोर्ट में कोर्ट (MP High Court) ने वैवाहिक बलात्कार (Marital Rape) को अभी तक कानूनी मान्यता नहीं मिलने की बात कही है। कोर्ट का कहना हैं कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। जिस पर भारत में लगातार बहस हो रही है। यह फैसला भारतीय कानून (Indian law) में सहमति और अप्राकृतिक यौन संबंधों की परिभाषा को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह एक विशेष मामले का फैसला है। सह​मति से सेक्स IPC में नहीं कोर्ट ने कहा कि यदि एक पत्नी वैध विवाह के दौरान अपने पति के साथ रह रही है तो किसी पुरुष द्वारा पंद्रह वर्ष से कम उम्र की अपनी पत्नी के साथ कोई भी सेक्स बलात्कार नहीं होगा। यह भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 के दायरे में नहीं आता। यह धारा, जो पहले समलैंगिक संबंधों को अपराध माना जाता था। दहेज प्रताड़ना का भी था आरोप याचिकाकर्ता पत्नी का आरोप है कि उसके साथ पति ने क्रूरता की। दहेज की मांग की। अप्राकृतिक सेक्स किया। इस प्रकार IPC की धारा 498-ए (क्रूरता), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए दंड), 294 (अश्लील कृत्य) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए दंड) के साथ धारा 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 (दहेज देने या लेने के लिए दंड) के साथ धारा 4 (दहेज मांगने के लिए दंड) के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए एक FIR दर्ज की गई। जिला कोर्ट ने भी कर दिया बरी 3 फरवरी 2024 को इंदौर की एक अतिरिक्त सत्र की अदालत ने अपनी पत्नी के साथ अप्राकृतिक सेक्स के आरोप से बरी किया था। यह आरोप भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन कृत्य) के तहत लगाया गया था। याचिकाकर्ता महिला के वकील की ओर से कहा गया कि पर्याप्त साक्ष्य के बावजूद पति को आरोप से मुक्त कर दिया, जो कानून की दृष्टि से गलत है। जिला कोर्ट ने भी कर दिया था बरी, फिर पत्नी हाईकोर्ट पहुंची उच्च न्यायालय का रुख करने वाली महिला के पति को इंदौर की एक अतिरिक्त सत्र अदालत ने अपनी पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन कृत्य के आरोप से तीन फरवरी 2024 को बरी कर दिया था। यह आरोप भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन कृत्य) के तहत लगाया गया था। याचिकाकर्ता महिला के वकील की ओर से उच्च न्यायालय में कहा गया कि पर्याप्त सबूत के बावजूद निचली अदालत ने पति को भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत लगाए गए आरोप से मुक्त कर दिया जो कानून की दृष्टि से गलत है। महिला ने उच्च न्यायालय से गुहार लगाई थी कि निचली अदालत के इस आदेश को रद्द किया जाए। पति के वकील ने कहा पत्नी से संबंध बनाना धारा 377 के तहत अपराध नहीं महिला के पति के वकील ने उच्च न्यायालय में दलील पेश की कि शीर्ष अदालत भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को ‘असंवैधानिक’ घोषित कर चुकी है। महिला के पति के वकील ने उच्च न्यायालय में बहस के दौरान यह भी कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के तहत ‘‘बलात्कार’’ की संशोधित परिभाषा के अनुसार वैवाहिक संबंध बरकरार रहने के दौरान पत्नी के साथ यौन संबंध बनाना आईपीसी की धारा 377 के तहत अपराध नहीं माना जाता है। कोर्ट ने कहा- आईपीसी के तहत वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं पक्षकारों को सुनने के बाद न्यायालय ने पति और पत्नी के बीच अप्राकृतिक यौन संबंध के पहलू पर विचार-विमर्श करने वाले कुछ निर्णयों का उल्लेख किया और IPC की धारा 375 के तहत बलात्कार की संशोधित परिभाषा का उल्लेख किया। न्यायालय ने यह भी कहा कि आज तक आईपीसी के तहत वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं दी गई। न्यायालय ने मनीष साहू पुत्र ओंकार प्रसाद साहू बनाम मध्य प्रदेश राज्य के फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें यह देखा गया। हालांकि, यह न्यायालय IPC की धारा 375 के तहत परिभाषित बलात्कार की संशोधित परिभाषा पर विचार करने के बाद पहले ही इस निष्कर्ष पर पहुंच चुका है कि यदि एक पत्नी वैध विवाह के दौरान अपने पति के साथ रह रही है तो किसी पुरुष द्वारा पंद्रह वर्ष से कम उम्र की अपनी पत्नी के साथ कोई भी संभोग या यौन क्रिया बलात्कार नहीं होगी। इसलिए IPC की धारा 375 के तहत बलात्कार की संशोधित परिभाषा के मद्देनजर, जिसके द्वारा एक महिला के गुदा में लिंग का प्रवेश भी बलात्कार की परिभाषा में शामिल किया गया। पति द्वारा पंद्रह वर्ष से कम उम्र की अपनी पत्नी के साथ कोई भी संभोग या यौन क्रिया बलात्कार नहीं है तो इन परिस्थितियों में अप्राकृतिक कृत्य के लिए पत्नी की सहमति का अभाव अपना महत्व खो देता है। वैवाहिक बलात्कार को अब तक मान्यता नहीं दी गई। IPC की धारा 377 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद हाई कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। पत्नी ने दहेज प्रताड़ना का भी लगाया था आरोप याचिकाकर्ता पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके साथ क्रूरता की गई दहेज की मांग की गई और अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए गए। इस प्रकार IPC की धारा 498-ए (क्रूरता), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए दंड), 294 (अश्लील कृत्य और गीत) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए दंड) के साथ धारा 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 (दहेज देने या लेने के लिए दंड) के साथ धारा 4 (दहेज मांगने के लिए दंड) के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए एक FIR दर्ज की गई।

सीधी में बरस रही आग, तापमान 44 डिग्री के पार, इंदौर-ग्वालियर और रीवा संभाग में लू का अलर्ट; जानें अपने शहर का मौसम

भोपाल  मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी रीवा और सागर संभाग में जबरदस्त गर्मी पड़ रही है। खासकर, सीधी, सतना, सिंगरौली, टीकमगढ़ और छतरपुर जिले सर्वाधिक गर्म रहे। सोमवार को सीधी जिले का अधिकतम तापमान 44 डिग्री के पार रहा। जबकि, एमपी के 27 शहरों में यह 40 डिग्री या इससे अधिक है। मंगलवार को भी इंदौर भोपाल सहित पूरे प्रदेश में तेज धूप है। यहां हीटवेव का अलर्ट मौसम विभाग ने इंदौर, ग्वालियर, रीवा और चंबल संभाग के 9 जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है। जबकि, भोपाल, उज्जैन, सागर और जबलपुर संभाग में तेज गर्मी पड़ेगी। मंगलवार को अलीराजपुर, बड़वानी, भिंड, शिवपुरी, सीधी, सिंगरौली, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले में हीटवेव चल सकती हैं। 9 जिलों में 42 डिग्री के पार पारा भोपाल में सोमवार को अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री से 0.5 डिग्री लुढ़ककर 40.1 डिग्री पर रहा। दिन में 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलीं। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि तेज हवा के चलते तपिश कम थी। जबकि, रात के तापमान में अपेक्षाकृत 0.4 डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। सीधी और टीकमगढ़ सहित 9 जिलों में तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया।   अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार रैकवार ने बताया कि मंगलवार का राजस्थान-गुजरात से आने वाली गर्म हवाओं का असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। भोपाल, ग्वालियर और इंदौर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में अगले पांच दिन तापमान में बढ़ोतरी संभव है। प्रदेश के 9 सबसे गर्म शहर     सीधी 44.6     सतना 43.6     टीकमगढ़ 3.5     नौगांव 43.2     रीवा 43.0     दमोह 42.5     मंडला 42.5     शिवपुरी 42.2     उमरिया 42.1 अगले 3 दिन कैसा रहेगा MP का मौसम?     23 अप्रैल: मंदसौर नीमच अलीराजपुर बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चलेगी। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में तेज गर्मी पड़ेगी।     24 अप्रैल: मंदसौर नीमच, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हीटवेव चलेंगी। अन्य जिलों में भी गर्मी पड़ेगी।     25 अप्रैल: मंदसौर, नीमच, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चलेगी। प्रदेश के अन्य जिलों में भी भीषण गर्मी पड़ सकती है। गर्म हवाएं चलने की वजह से सीधी में पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले रविवार को यहां तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया था। सीधी के बाद सतना और टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा गर्मी रही। सतना में 43.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 43.5 डिग्री, नौगांव में 43.2 डिग्री, रीवा में 43 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, मंडला, शिवपुरी, उमरिया, मलाजखंड, सागर, खरगोन, खजुराहो, सिवनी, नरसिंहपुर, गुना, रतलाम, नर्मदापुरम, रायसेन, खंडवा, बैतूल, धार और छिंदवाड़ा में भी तेज गर्मी रही। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में पारा सबसे ज्यादा 41.9 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में 40.7 डिग्री, भोपाल में 40.1 डिग्री, उज्जैन में 40 डिग्री और इंदौर में पारा 39.6 डिग्री रहा। पारे में बढ़ोतरी का दौर रहेगा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी का असर तेज रहेगा। मंगलवार को लू का अलर्ट भी है।  

रेलवे के भोपाल मंडल ने जारी किया विशेष नंबर, संदेश सुरक्षित रहेगा और सही समय पर पहुंचेगा

भोपाल लोको पायलट  ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर सकते। इस वजह से कई बार उनके स्वजन आपातकाल में भी उनसे संपर्क नहीं कर पाते हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे ने एक नई पहल की है। अब रनिंग स्टाफ के परिजन इमरजेंसी स्थिति में विशेष फोन सुविधा के जरिए अपना संदेश कंट्रोल रूम को बताएंगे। कंट्रोल रूम वॉकी टॉकी के माध्यम से यह सूचना संबंधित कर्मचारी तक पहुंचाएगा। (बड़ी संख्या में महिला लोको पायलट भी सेवाएं दे रही हैं।) पश्चिम मध्य रेलवे में सबसे पहले भोपाल मंडल में सुविधा     रेलवे अब प्रत्येक जोन और मंडल स्तर पर एक विशेष इमरजेंसी नंबर शुरू कर रहा है। पश्चिम मध्य रेलवे में सबसे पहले भोपाल मंडल ने इस सुविधा को लागू किया है। भोपाल मंडल में इसका हेल्पलाइन नंबर 07552470031 है, जो सभी रनिंग स्टाफ और उनके परिवारों को उपलब्ध कराया गया है।     बताया गया है कि कोई जरूरी बात बताने के लिए इस नंबर पर बात कर संदेश छोड़ा जा सकता है। रेलवे ने इस प्रक्रिया को इस प्रकार डिजाइन किया है कि संदेश सुरक्षित और समय पर संबंधित लोको पायलट तक पहुंचे।     इसके लिए रनिंग स्टाफ की ड्यूटी और वर्तमान लोकेशन से जुड़े डेटा का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे सही व्यक्ति तक संपर्क साधना आसान हो सके। इस तरह पहुंचेगा संदेश यह कॉल संबंधित कंट्रोल ऑफिस तक में दर्ज की जाएगी। संबंधित स्टेशन मास्टर या कंट्रोल अधिकारी उस संदेश को लोको पायलट तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे। संदेश अगले पड़ाव स्टेशन पर या ट्रेन के ब्रेक प्वाइंट पर मौजूद अधिकारी द्वारा लोको पायलट को व्यक्तिगत रूप से दिया जाएगा।     हमारे लोको पायलट और गार्ड रनिंग ड्यूटी में होते हैं, जहां उनका नेटवर्क बंद रहता है। ऐसे में उनके परिवार को कोई संदेश देने में परेशानी होती है। इस आपातकालीन नंबर के जरिये ऐसे जरूरी संदेश उन तक आसानी से पहुंच जाएंगे। इससे उनकी मानसिक शांति भी बनी रहेगी। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल रेल मंडल  

डाॅ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी को भारत सरकार ने बड़ी सौगात, 434 करोड़ से होगा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट

सागर  डाॅ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी को भारत सरकार ने बड़ी सौगात दी है और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 434 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि की मंजूरी दी है. इस राशि से यूनिवर्सिटी में अकादमिक भवन, अस्पताल, आईटी लैब, कन्वेंशन सेंटर और लड़के और लड़कियों के लिए छात्रावास के साथ यूनिवर्सिटी के नए कैंपस, वैली कैंपस का निर्माण होगा. भारत सरकार की इस सौगात पर यूनिवर्सिटी के शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता के प्रयासों की सराहना की है. यूनिवर्सिटी की प्रगति की नई उड़ान डॉ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने बड़ी सौगात दी है. यूनिवर्सटी के अकादमिक भवनों, छात्रावासों और अन्य सुविधाओं के लिए 434.77 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं. यूनिवर्सटी में इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के नवीन भवन के निर्माण के लिए 99.71 करोड़ रुपए, होटल एंड कैटरिंग मैनेजमेंट, इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटलिटी एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, वाणिज्य विभाग और प्रबंधन विभाग के एकीकृत भवन के लिए 67.60 करोड़ रुपए, बालक और बालिकाओं के लिए एक-एक हजार सीट की क्षमता वाले दो नए छात्रावास के लिए 194.50 करोड़ रुपए, यूनिवर्सटी के नए अस्पताल भवन के लिए 15.42 करोड़, कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र, प्रयोगशाला, आईटी सेल एवं ऑनलाइन सेंटर के लिए 33.58 करोड़ और इसके अलावा मल्टीपर्पस कन्वेंशन सेंटर के लिए 23.96 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं. खास बात ये है कि इन सभी भवनों का निर्माण सागर रहली मार्ग पर वैली कैम्पस में किया जाएगा. कुलपति के प्रयासों की सराहना दरअसल, यूनिवर्सिटी की इन जरूरतों को लेकर कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने बैठक में यूनिवर्सिटी के मौजूदा संसाधनों, छात्रों और छात्रावास की संख्या, सुविधाओं का उल्लेख करते हुए विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया था और यूनिवर्सिटी में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की आवश्यकताओं पर भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय का ध्यान खींचा था. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के शास्त्री भवन में हुई इस बैठक में सागर यूनिवर्सिटी के सभी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. बैठक में कुलपति ने वर्ष 2023 में यूनिवर्सिटी को नैक से मिली ए प्लस ग्रेड, यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या, संचालित कोर्स, शिक्षक और कर्मचारियों की संख्या, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट के क्रियान्वयन में अग्रणी रहने और भारतीय सेना के महार रेजीमेंट के साथ अकादमिक समझौता कर अग्निवीरों के लिए डिग्री प्रदान करने जैसी उपलब्धियों को रेखांकित किया. यूनिवर्सिटी के विशाल परिसर में बनेंगी इमारतें गौरतलब है कि सागर यूनिवर्सिटी का क्षेत्रफल करीब 1400 एकड़ है. यहां फिलहाल वैली कैंपस में विस्तार की संभावनाएं है. कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा है कि “यूनिवर्सटी लगातार परिसर का विस्तार कर रहा है. यहां कई नवीन अकादमिक भवन, इंटीग्रेटेड लैब और कई विभागों के विस्तारित भवन बनकर तैयार हो चुके हैं. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने 434.77 करोड़ रुपए की नवीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है. यूनिवर्सटी प्रगति की दिशा में नई उड़ान भरने जा रही है. 2 नए छात्रावासों के बनने से छात्र-छात्राओं को सुविधा होगी. हमारा विश्वविद्यालय एक तरह से पूर्णतः आवासीय विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर है. आधुनिक अस्पताल, आई टी सेंटर और कम्प्यूटर लैब बनाया जाएगा. कॉमर्स एवं मैनेजमेंट डिपार्टमेंट बड़े भवन में संचालित होगा.”

प्रधानमंत्री मोदी 24 अप्रैल को देश की तीसरी अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखयेंगे, सतना से खंडवा होकर गुजरेगी

जबलपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को देश की तीसरी अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने वाले हैं. यह ट्रेन मध्य प्रदेश में सतना से खंडवा होकर गुजरेगी. इस बीच में यह कटनी जबलपुर और इटारसी रेलवे स्टेशन से भी जाएगी, लेकिन फिलहाल यह तय नहीं है कि इसका स्टॉपेज कहां होगा. वंदे भारत के बाद यह दूसरी महत्वाकांक्षी ट्रेन है, जो मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. एमपी से गुजरेगी तीसरी अमृत भारत एक्सप्रेस 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की तीसरी अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने वाले हैं. यह ट्रेन बिहार के सहरसा से शुरू होकर मुंबई जाएगी. सहरसा से अमृत भारत एक्सप्रेस शाम 4:00 बजे निकलेगी और 24 घंटे में 1956 किलोमीटर का सफर तय करके यह मुंबई पहुंचेगी. अमृत भारत एक्सप्रेस सहरसा से खगड़िया, हसनपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पाटलिपुत्र और दानापुर होते हुए वाराणसी के दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचेगी. दीनदयाल जंक्शन से ये ट्रेन मध्य प्रदेश में इंटर करेगी और सतना, कटनी जबलपुर से होती हुई यह इटारसी, खंडवा और भुसावल के रास्ते मुंबई जाएगी. जल्द तय होंगे मध्य प्रदेश के स्टॉपेज पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारी अभी यह बताने की स्थिति में नहीं है कि यह जबलपुर से कितने बजे गुजरेगी और मध्य प्रदेश के कौन से स्टेशन पर रुकेगी, क्योंकि इस ट्रेन का पूरा नियंत्रण ईस्ट सेंट्रल रेलवे के पास में है. अभी यह भी तय नहीं है कि यह मध्य प्रदेश के किस स्टेशन पर रुकेगी. इसके पहले भी बिहार के दरभंगा से नई दिल्ली के बीच में पहली अमृत भारत एक्सप्रेस चलाई गई थी. यह ट्रेन लगभग 1137 किलोमीटर की यात्रा 21 घंटे में पूरी करती है. दूसरी अमृत भारत एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल की मालदा टाउन से बेंगलुरु के लिए चलती है. वहीं इस बारे में पश्चिम मध्य रेलवे के सीपीआरओ हर्षित श्रीवास्तव ने बताया है कि “अमृत भारत एक्सप्रेस के मध्य प्रदेश में सतना और जबलपुर स्टॉपेज होने की संभावना है, क्योंकि अभी इसके स्टॉपेज का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है.” अमृत भारत एक्सप्रेस की बढ़ी स्पीड अमृत भारत एक्सप्रेस 2247 किलोमीटर की यात्रा 42 घंटे में पूरी करती है. इन ट्रेन की अधिकतम स्पीड 130 किलोमीटर प्रति घंटा है, लेकिन फिलहाल यह 106 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पर चल पा रही है. बता दें अमृत भारत एक्सप्रेस में वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ही सुविधाएं हैं, लेकिन इसमें अभी तक एसी कोच शामिल नहीं किया गया है. हालांकि इस ट्रेन में बाकी सारी सुविधा पुरानी ट्रेनों की अपेक्षा अपग्रेड कर दी गई हैं. साथ ही इसकी स्पीड भी बढ़ा दी गई है. इसकी वजह से यात्रा करने वाले लोगों का समय बच रहा है.

आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन बोले- विकसित राष्ट्र के लिए भारत को हर साल 80 लाख Jobs पैदा करने की जरूरत

नई दिल्ली भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि भारत को 2047 तक विकसित देश बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अगले 10-12 वर्षों तक प्रति वर्ष कम से कम 80 लाख नौकरियां पैदा करनी होंगी तथा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में विनिर्माण की हिस्सेदारी बढ़ानी होगी। नागेश्वरन ने  यहां कहा, “हमारा दृष्टिकोण 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल करना है। भारत के आकार के अलावा सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अगले 10-20 वर्षों तक बाहरी वातावरण उतना अनुकूल नहीं रहने वाला है, जितना 1990 के बाद पिछले 30 वर्षों में रहा होगा।” उन्होंने कहा, “लेकिन इस संदर्भ में यह तो तय है कि आप एक सीमा से आगे अपना बाह्य वातावरण नहीं चुन सकते – हमें कम से कम अगले 10 से 12 वर्षों तक प्रति वर्ष 80 लाख नौकरियां पैदा करनी होंगी और जीडीपी में विनिर्माण का हिस्सा बढ़ाना होगा। हमें यह देखना होगा कि चीन ने विनिर्माण में, खासकर कोविड महामारी के बाद जबरदस्त प्रभुत्व हासिल कर लिया है।” नागेश्वरन कोलंबिया विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स’ में भारतीय आर्थिक नीतियों पर ‘दीपक और नीरा राज केंद्र’ द्वारा आयोजित ‘कोलंबिया भारत शिखर सम्मेलन-2025’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई), प्रौद्योगिकी और रोबोटिक्स ऐसी चुनौतियां हैं जिनका सामना आज के कुछ विकसित देशों को अपनी वृद्धि यात्रा में नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “…लेकिन भारत को अपने आकार के हिसाब से इस विशाल, जटिल चुनौती से निपटना होगा और इसका कोई आसान जवाब नहीं है। अगर आप उन नौकरियों की संख्या देखें जिन्हें हमें बनाने की ज़रूरत है, तो यह हर साल लगभग 80 लाख नौकरियां हैं। …और शुरुआती स्तर की नौकरियों को खत्म करने में एआई की बड़ी भूमिका हो सकती है, या कम आईटी-सक्षम सेवाओं वाली नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।”  

कनाथ शिंदे किसान अवतार के लिए सुर्खियों में, खेत में फावड़ा चलाने की तस्वीरें सामने आई

मुंबई  महाराष्ट्र में मनसे चीफ राज ठाकरे और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे के एक होने की अटकलों से जहां राजनीति गर्म है तो वहीं दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे साथ छोड़कर अलग हुए एकनाथ शिंदे किसान अवतार के लिए सुर्खियों में हैं। तीन दिन के लिए अपने सतारा स्थित अपने दरे गांव पहुंची डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की खेतों में फावड़ा चलाने की तस्वीरें सामने आई हैं। शिंदे ने अपने गांव के खेतों में इस बार विदेशी पौधे को लगाया। शिंदे ने इस एवोकाडो नाम के इस विदेशी पौधे के फायदे भी गिनाए हैं। एवोकाडो, जिसे हिंदी में रूचिरा या मक्खनफल भी कहा जाता है। शिंदे ने किया नया प्रयोग शिवसेना प्रमुख और राज्य के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने रविवार को अपने गांव में सहकर्मियों के साथ मिलकर नए पेड़ लगाए। शिंदे ने पिछले दौरों में स्ट्रॉबेरी, हल्दी, चीकू और बांस के पौधे लगाए थे। इस साल उन्होंने पहली बार एक विदेशी फल एवोकाडो, लगाने का निर्णय लिया। शिंदे ने उन्होंने फावड़े और कुदाल का उपयोग करके स्वयं एक एवोकाडो का पेड़ लगाया। उन्होंने अपने खेत में यह प्रयोग इस आशा के साथ किया है कि यदि यह प्रयोग स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी एवोकाडो फल की खेती में सफल होता है, तो यह स्थानीय किसानों को भी वैकल्पिक फसल के रूप में एवोकाडो की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। नए प्रयोग से नई फसल उगेगी डिप्टी सीएम शिंदे इससे पहले सतारा जिले के महाबलेश्वर तालुका में कोयना नदी के तट को काफी उपजाऊ बता चुके हैं। वह कहते आए हैं कि दरे गांव के आसपास की मिट्टी बहुत अच्छी है। इसमें उगाई जाने वाली कोई भी फसल अच्छी तरह से उगती है। इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि यहां एवोकाडो की खेती का यह प्रयास अवश्य सफल होगा। यदि ऐसा होता है, तो उनका मानना है कि इस क्षेत्र के किसान, जो स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी जैसे जामुन उगाते हैं, एवोकाडो की खेती के माध्यम से एक और नई नकदी फसल पा सकेंगे। इसीलिए उन्होंने अपने खेतों में इस प्रयोग को सफल बनाने का प्रयास किया है। इस अवसर पर उनके साथ दरे गांव के ग्रामीणजन और शिंदे के सभी साथी उपस्थित थे। एवोकाडो के क्या हैं फायदे? एवोकाडो का तेल त्वचा और बालों के लिए अच्छा होता है। एक बहु-उपयोगी फल है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। यह स्वस्थ वसा, फाइबर, और विटामिन से भरपूर होता है जो हृदय स्वास्थ्य, पाचन, और आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। एवोकाडो में पोटेशियम, मैग्नीशियम, और अन्य महत्वपूर्ण खनिज भी पाए जाते हैं। इतना ही नहीं एवोकाडो में अनसैचुरेटेड फैट होता है जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है और हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करता है। इसके अलावा यह फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और कब्ज से राहत दिलाता है।

दुनियाभर की सड़कों पर दौड़ती ‘मेड इन इंडिया’ गाड़ियां, FY25 में रिकॉर्ड निर्यात

मुंबई भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर वैश्विक बाजारों में फिर से रफ्तार पकड़ चुका है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश का कुल वाहन निर्यात 19% की दमदार छलांग लगाते हुए 53 लाख यूनिट्स के पार पहुंच गया। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते वित्त वर्ष में कुल 53.63 लाख (53,63,089) वाहनों का निर्यात हुआ, जो 2023-24 के 45 लाख (45,00,494) यूनिट्स की तुलना में उल्लेखनीय बढ़त है। वैश्विक स्तर पर ‘मेड इन इंडिया’ वाहनों की मांग में उछाल SIAM ने बताया कि भारत में बनने वाले वैश्विक मॉडल्स की क्वालिटी और परफॉर्मेंस की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इनकी डिमांड तेजी से बढ़ी है। यही नहीं, कई भारतीय कंपनियों ने अब विकसित देशों में भी वाहन निर्यात की शुरुआत कर दी है। यात्री वाहन (Passenger Vehicles): 2024-25 में 15% की वृद्धि के साथ यात्री वाहनों का निर्यात बढ़कर 7,70,364 यूनिट्स हो गया, जो 2023-24 में 6,72,105 यूनिट था। इसमें यूटिलिटी वाहनों (Utility Vehicles) की हिस्सेदारी भी काफी बढ़ी और 3,62,160 यूनिट्स निर्यात हुईं, जो पिछले साल के 2,34,720 यूनिट्स से 54% ज्यादा हैं। दोपहिया वाहन (Two-Wheelers): दोपहिया वाहन निर्यात में 21% की तेजी रही। 41,98,403 यूनिट्स का निर्यात हुआ, जबकि पिछले साल 34,58,416 यूनिट्स भेजे गए थे। अफ्रीका में आर्थिक स्थिरता और लैटिन अमेरिका में मजबूत मांग ने इस ग्रोथ को सहारा दिया। नए मॉडल्स और नए बाजारों की खोज ने भी एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिया। तिपहिया वाहन (Three-Wheelers): इस कैटेगरी में हल्की मगर स्थिर बढ़ोतरी हुई। 2024-25 में 3.1 लाख यूनिट्स निर्यात हुईं, जो 2023-24 की तुलना में 2% ज्यादा है। वाणिज्यिक वाहन (Commercial Vehicles): वाणिज्यिक वाहनों के निर्यात में 23% की मजबूती देखी गई। बीते वित्त वर्ष में 80,986 यूनिट्स विदेश भेजे गए, जबकि इससे पिछले वर्ष यह आंकड़ा 65,818 यूनिट्स था। ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांड की वैश्विक पकड़ मजबूत SIAM के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा, “निर्यात के मोर्चे पर सभी क्षेत्रों, खासकर यात्री और दोपहिया वाहनों में अच्छा पुनरुद्धार देखा गया है। यह भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और वैश्विक बाजारों में बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि अफ्रीका और पड़ोसी देशों जैसे प्रमुख बाजारों में भारतीय वाहनों की मांग बनी रहने की उम्मीद है।

नीरज चोपड़ा क्लासिक भाला फेंक स्पर्धा अब 24 मई को पंचकूला से बेंगलुरु स्थानांतरित

बेंगलुरू नीरज चोपड़ा क्लासिक जैवेलिन थ्रो इवेंट का पहला चरण पर्याप्त रोशनी की कमी के कारण 24 मई को पंचकुला की बजाय बेंगलुरू में कराया जाएगा.कांतिरावा स्टेडियम में होने वाली भाला फेंक प्रतियोगिता में कई स्टार एथलीट हिस्सा लेंगे. एंडरसन पीटर्स और थॉमस रोहलर ने भागीदारी की पुष्टि कर दी है. ग्रेनेडा के पीटर्स दो बार के विश्व चैम्पियन हैं और रोहलर 2016 ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता हैं. चोपड़ा ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तानी ओलंपिक चैम्पियन अरशद नदीम को भी आमंत्रित किया है, जिन्होंने अभी तक भागीदारी की पुष्टि नहीं की है. चोपड़ा ने ‘वर्चुअल मीडिया’ बातचीत में पत्रकारों से कहा, ‘मैंने अरशद को आमंत्रण भेजा है और उन्होंने कहा है कि वह अपने कोच से चर्चा करने के बाद मुझसे संपर्क करेंगे. अभी तक उन्होंने भागीदारी की पुष्टि नहीं की है.’ विश्व एथलेटिक्स द्वारा इस प्रतियोगिता को श्रेणी-ए का दर्जा दिया गया है. चोपड़ा ने कहा, ‘मैं चाहता था कि यह प्रतियोगिता पंचकुला में आयोजित हो, लेकिन वहां स्टेडियम में रोशनी की व्यवस्था से संबंधित कुछ मुद्दे हैं. विश्व एथलेटिक्स 600 ‘लक्स’ (प्रकाश की तीव्रता का माप) चाहती थी, लेकिन पंचकुला में इतनी रोशनी उपलब्ध नहीं थी और इसे तैयार करने में समय लगेगा.’ 27 साल के खिलाड़ी ने कहा, ‘इसलिए हमने प्रतियोगिता को बेंगलुरु के कांतिरावा स्टेडियम में स्थानांतरित करने का फैसला किया है. हमारे पास वहां एक टीम है और वहां इसका आयोजन करना बहुत आसान होगा.’ इस कार्यक्रम का आयोजन चोपड़ा और जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स द्वारा भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) और विश्व एथलेटिक्स के सहयोग से संयुक्त रूप से किया जाएगा, जिसमें शीर्ष वैश्विक और भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी भाग लेंगे. पीटर्स ने 2024 पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था और रोहलर के अलावा कीनिया के जूलियस येगो (2016 रियो ओलंपिक में रजत पदक विजेता और 2015 विश्व चैम्पियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता भी हैं) और अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन (87.76 मीटर से मौजूदा सत्र में शीर्ष पर) की भागीदारी की भी पुष्टि की गई है. चोपड़ा ने नाम बताए बिना कहा, ‘पेरिस ओलंपिक में फाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाले एक ब्राजीलियाई एथलीट ने भी भागीदारी की पुष्टि की है.’ हालांकि यह लुइस दा सिल्वा हो सकते हैं जो पेरिस में 80.67 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ 11वें स्थान पर रहे थे.

साउथ एक्टर यश आज महाकालेश्वर के मंदिर पहुंचे, बाबा महाकाल के न सिर्फ दर्शन-पूजन किए

उज्जैन  मध्य प्रदेश में स्थित महाकाल की नगरी उज्जैन में सोमवार तड़के बाबा के भक्तों में उस समय उत्साह और भी बढ़ गया, जब उनके बीच साउथ की सुपरहिट फिल्म केजीएफ फेम रॉकी भाई उर्फ अभिनेता यश भी बाबा के दर्शन-पूजन करते नजर आए। जी हां, साउथ एक्टर यश आज उज्जैन स्थित महाकालेश्वर के मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा महाकाल के न सिर्फ दर्शन-पूजन किए, बल्कि भस्म आरती में भी शामिल हुए। वहीं, मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने महाकाल के दरबार में आने का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा- यहां आना अविश्वसनीय रहा।  भस्म आरती में शामिल होने के बाद यश ने चांदी द्वार से बाबा महाकाल के दर्शन-पूजन किए, साथ ही माथा टेका। पूजन आकाश पुजारी ने संपन्न कराया। मंदिर के नंदी हॉल में बैठकर अभिनेता शिव साधना करते नजर आए। चांदी द्वार से उन्होंने माथा टेककर बाबा का आशीर्वाद लिया। दर्शन के बाद पुजारी ने अभिनेता को प्रसाद स्वरूप लाल रंग का महाकाल नाम का छपा पटका भेंट किया। बोले- दर्शन करने का अनुभव अविश्वसनीय रहा वहीं, मीडिया से चर्चा के दौरान सुपरस्टार यश ने कहा, महाकाल का दर्शन करके बहुत अच्छा लगा। यहां दर्शन करने का अनुभव अविश्वसनीय रहा। मैं यहां की व्यवस्थाएं देखकर बेहद खुश हूं। सभी श्रद्धालुओं को देखकर बहुत अच्छा लगा।

उत्कृष्ट नवाचार पर राज्य सरकार का बड़ा सम्मान, 14 अधिकारियों को मिलेगा एक लाख नकद पुरस्कार

भोपाल  मध्य प्रदेश के तेजतर्रार आईएएस अधिकारियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा पूरे देश में मनवाया है। सिविल सर्विस डे पर मध्य प्रदेश के चार दिग्गज आईएएस अधिकारियों के बारे में बताएंगे, जिनकी सोच ने देश को एक नई गति दी है। यही नहीं, इनकी योजनाओं को दूसरे राज्यों ने भी कॉपी किया है। ये चारों अफसर आज भी मध्य प्रदेश की सरकार में स्तंभ हैं। मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन जब केंद्र में थे तो पीएम मोदी भी उनके मुरीद थे। उन्हें गति शक्ति प्रोजेक्ट के लिए पीएम मोदी से सम्मान मिल चुका है। आइए इन चार अफसरों की कहानी आपको बताते हैं। एमपी में 382 आईएएस अफसर मध्य प्रदेश कैडर में अभी 382 आईएएस अफसर हैं। यह प्रदेश के साथ-साथ देश के लिए भी काम कर रहे हैं। प्रदेश के कई सीनियर अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। देश के अहम मंत्रालयों में सचिव पद को संभाल रहे हैं। सभी अपनी प्रतिभा का लोहा राष्ट्रीय स्तर पर मनवा रहे हैं। वहीं, प्रदेश में रहकर भी आईएएस अधिकारी कई नवाचार के साथ बेहतरीन काम कर रहे हैं। चार दिग्गजों ने मनवाया अपना लोहा सिविल सर्विस डे पर मध्य प्रदेश के चार आईएएस अफसरों की योजनाओं की चर्चा हो रही है। इन अफसरों ने ऐसे काम किए, जिन्हें देश और दुनिया ने सराहा। लाड़ली लक्ष्मी योजना को 15 राज्यों ने अपनाया। पीएम गतिशक्ति ने प्रोजेक्ट्स को रफ़्तार दी। ‘ज्ञानदूत’ से गांव-गांव ऑनलाइन सेवाएं पहुंचीं। इन अफसरों को प्रतिष्ठित अवॉर्ड भी मिले। अनुराग जैन ने पीएम गतिशक्ति पोर्टल को प्लानिंग का टूल बनाया। डॉ. राजेश राजौरा ‘ज्ञानदूत’ लेकर आए। पी. नरहरि ने लाडली लक्ष्मी योजना को आकार दिया। दीपक सक्सेना ने निजी स्कूलों पर एनसीईआरटी की किताबें चलाने का दबाव बनाया। अनुराग जैन गति शक्ति प्रोजेक्ट को दी रफ्तार मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पीएम गतिशक्ति योजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने इस योजना को प्लानिंग का एक शानदार टूल बनाया। प्रोजेक्ट्स में देरी होने का एक बड़ा कारण विभागों में तालमेल की कमी है। सड़क, रेल, मेट्रो, बिजली जैसे कामों में तालमेल जरूरी है। इसी को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पीएम गतिशक्ति पोर्टल को प्लानिंग का टूल बनाया गया। अनुराग जैन ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया। जीआईएस बेस्ड पोर्टल से विभागों और सरकारों को जरूरी डेटा एक साथ मिलने लगा। इस काम के लिए उन्हें पीएम एक्सीलेंस अवॉर्ड मिला। ज्ञानदूत से गांव-गांव तक पहुंची सूचना डॉ. राजेश राजौरा ने ई-गवर्नेंस का पहला प्रोजेक्ट ‘ज्ञानदूत’ शुरू किया। साल 2000 में वे धार के कलेक्टर थे। तब उन्होंने यह प्रोजेक्ट शुरू किया। उन्होंने मॉडम को सर्वर से जोड़कर ज्ञानदूत सूचना के 28 सेंटर सिर्फ 51 दिनों में अलग-अलग गांवों में खोल दिए। इसमें खसरा-खतौनी की नकल से लेकर 20 तरह की सेवाएं दी गईं। राजौरा को आईटी का सबसे बड़ा ‘स्टॉकहोम चैलेंज’ अवार्ड मिला। लाडली लक्ष्मी योजना बनी मिसाल एमपी के सीनियर आईएएस अधिकारी पी. नरहरि ने लाडली लक्ष्मी योजना को लिंगानुपात सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2006-07 में एक बैठक में शिशु लिंगानुपात गिरने पर चिंता जताई गई। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऐसी योजना लाएं, जो जन्म के लिए प्रोत्साहित करे। उस समया महिला बाल विकास विभाग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहे पी. नरहरि ने तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा का दौरा किया। एक साल की मेहनत के बाद योजना ने आकार लिया। इसका नाम ‘लाडली लक्ष्मी’ रखा गया। यह योजना 1 अप्रैल 2007 को शुरू हुई। स्कूलों की मनमानी पर कसा शिकंजा दीपक सक्सेना ने निजी स्कूलों पर एनसीईआरटी की किताबें चलाने का दबाव बनाया। वे जबलपुर के कलेक्टर हैं। निजी स्कूल महंगी किताबें बेच रहे थे। वे एनसीईआरटी की जगह प्राइवेट पब्लिशर की किताबें चला रहे थे। स्कूलों का कहना था कि उनका कंटेंट बेहतर है। कलेक्टर सक्सेना ने जांच की तो यह दावा गलत निकला। उन्होंने आदेश दिया कि अगर प्राइवेट किताबें चलानी हैं तो उनकी खासियत बताओ। सख्ती बढ़ने पर स्कूल एनसीईआरटी की किताबें चलाने लगे। जहां पहले किताबों पर 6-7 हजार खर्च होते थे, अब 800-900 में काम चलने लगा।

मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने वाहनों की जांच के लिए नए दिशा-निर्देश जारी, जांच प्रक्रिया में निजी व्यक्तियों की उपस्थिति भी प्रतिबंधित

इंदौर  मध्य प्रदेश में परिवहन जांच चौकियों को बंद किए जाने के बावजूद वाहनों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार परिवहन विभाग के पास पहुंच रही थीं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें परिवहन चेक प्वाइंट और संभागीय परिवहन सुरक्षा स्क्वाड(MP transport squads) को 15 मिनट में वाहन की जांच पूरी करना होगी। बगैर वाजिब कारण के वाहन को इससे अधिक समय तक नहीं रोका जा सकेगा। अधिक समय तक रोके जाने पर इसका कारण बताना होगा। एक वाहन की जांच पूरी होने के बाद ही दूसरे वाहन को उड़नदस्ते रोक सकेंगे। जांच के दौरान बॉडी वार्न कैमरे भी अनिवार्य किए गए हैं। वर्दी पर नाम की प्लेट भी अनिवार्य परिवहन आयुक्त के नए आदेश के अनुसार(New Vehicle Inspection Rule) अब जांच केवल अधिकृत वर्दीधारी अधिकारियों की उपस्थिति में ही की जा सकेगी। जांच के दौरान कम से कम एक सहायक परिवहन उप निरीक्षक का मौजूद होना अनिवार्य होगा। कर्मचारियों को वर्दी में रहना होगा और वर्दी पर नाम की प्लेट भी अनिवार्य होगी। निर्देशों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई जांच प्रक्रिया के दौरान किसी भी निजी व्यक्ति की उपस्थिति को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। रात में जांच करने के दौरान ऐसे स्थान का चयन अनिवार्य होगा, जहां पर पर्याप्त रोशनी हो। स्टाफ को एलईडी बैटन और रिफ्लेक्टिव जैकेट उपलब्ध कराए जाएंगे। परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पीओएस मशीन से ही बनेंगे चालान नए निर्देशानुसार जांच के दौरान परिवहन चेक प्वाइंट और संभागीय परिवहन सुरक्षा स्क्वाड के पास प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन की उपलब्धता अनिवार्य की गई है। इन मशीनों के माध्यम से ही वाहनों के चालान बनाने होंगे। नकद का लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। जहां मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां प्राथमिकता से मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। दो बॉडी वार्न कैमरे चालू रखने होंगे परिवहन विभाग के परिवहन चेक प्वाइंट और संभागीय उड़नदस्तों द्वारा की जाने वाली जांच की पूरी रिकार्डिंग की जाएगी। जांच दल को बॉडी वार्न कैमरे लगाने होंगे। जांच के दौरान दो कमरे चालू रहेंगे। इनमें से एक लाइव मोड में होगा। अन्य कैमरे स्टैंड बाय मोड में रहेंगे। कैमरों की निगरानी और रिकार्डिंग की जिम्मेदारी संबंधित यूनिट प्रभारी पर होगी। जांच की रिकॉर्डिंग संभालकर रखना होगी और कैमरों को पूरी तरह से चार्ज रखना होगा। 45 चेक प्वाइंट कर रहे जांच करीब एक साल पहले मध्य प्रदेश में गुजरात माडल को लागू करते हुए परिवहन चौकियों को बंद कर दिया गया था। इसके स्थान पर अंतरराज्यीय सीमा पर 45 चेक प्वाइंट बनाए गए हैं, लेकिन यहां पर ट्रकों और वाहनों से अवैध वसूली की शिकायतें आने लगी थीं। शिकायतों को देखते हुए परिवहन आयुक्त ने जांच में पारदर्शिता के लिए नए निर्देश जारी किए गए। जांच में पारदर्शिता आएगी     कुछ समय से वाहनों को रोककर वसूली की जाने लगी थी। इसे लेकर परिवहन आयुक्त को शिकायत भी की गई थी। इस मामले में नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इससे जांच में पारदर्शिता आएगी और वाहन मालिक को बेवजह की वसूली से मुक्ति मिलेगी। वसूली की शिकायत के बाद विगत दिनों चेक प्वाइंट सागर-1 के प्रभारी परिवहन उप निरीक्षक को हटाया भी जा चुका है। – सीएल मुकाती, अध्यक्ष, इंदौर ट्रक आपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन  

छतरपुर में 3 बच्चों की मां अपने भतीजे के साथ फरार हो गई, अपने साथ 50 हजार कैश और 2 लाख के जेवरात भी लेकर गई

छतरपुर  रिश्तों के मायने और उसकी दुनिया आजकल तेजी से बदल रही है. प्यार, मोहब्बत और इश्क के नाम पर लोग कुछ ऐसा करने लगे हैं, जिसे जानकर सच में हैरानी होती है. उनके किस्से सुनकर आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि ये क्या हो रहा है. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से हालही में सास और दामाद की लव स्टोरी सामने आई थी. फिर बदायूं से समधी और समधन के प्यार के किस्से ने खूब सुर्खियां बटोरी. अब कुछ ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के छतरपुर से सामने आया है. ये किस्सा जिसने भी सुना वो दंग रह गया. पूरा मामला नौगांव इलाके के एक गांव का है. यहां 3 बच्चों की मां और रिश्ते में बुआ लगने वाली महिला अपने ही भतीजे के साथ फरार हो गई. जाते-जाते वो अपने घर से 50 हजार कैश और 2 लाख के जेवरात भी लेकर भागी. अब मासूम बच्चों को बेसहारा छोड़कर भागी पत्नी की तलाश में पति दर-दर भटक रहा है. पति ने की कार्रवाई की मांग पत्नी का घर से गायब होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. अब बेबस पिता अपने तीन बच्चों को लेकर पुलिस से पत्नी और भतीजे के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है. बताया जा रहा है कि गांव के लोग महिला को ‘चाची जी’ कहते थे. महिला अपने भतीजे के प्यार में इस कदर चूर हो गई कि उसने घर छोड़कर अपने भतीजे के साथ भागने का फैसला कर दिया. सुबह बच्चे स्कूल जाने की तैयारी कर रहे थे. तब घर पर उनकी मां नजर नहीं आई. मां के अचानक गायब होने से घर वालों के साथ आस-पास के लोग भी हैरान रह गए. पति का कहना है कि मेरी 25 साल की पत्नी राजकुमारी मेरे भतीजे के साथ शुक्रवार की सुबह घर से 50 हजार रुपये और 2 लाख के जेवरात लेकर भाग गई. जब मेरी नींद खुली तो देखा पत्नी घर में नहीं थी. उसकी सभी जगह तलाश की गई, लेकिन पत्नी का कोई पता नहीं चला. जब घर में देखा तो रुपये और गहने गायब थे और भतीजा भी नहीं था. भतीजे पर मुझे काफी दिनों से शक था, लेकिन यह नहीं पता था कि एक दिन वो ऐसा करेगा. फिलहाल पुलिस ने पीड़ित पति की शिकायत दर्ज करते हुए पत्नी की तलाश शुरू कर दी है. इस पूरे मामले को लेकर SDOP अमित मेशराम ने कहा कि 16 अप्रैल को महिला नहीं मिली. फिर रिश्तेदारों से पूछा गया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला. पति ने शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस महिला की तलाश कर रही है.

इंदौर में 22 अप्रैल के बाद से गर्म हवाओं की वजह से और बढ़ेगा तापमान, चलेगी लू

इंदौर उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी हुई है। वहीं हरियाणा सहित कुछ हिस्सों में बारिश भी हुई। इसके प्रभाव से हवा का रुख अभी उत्तर पश्चिमी होने के कारण इंदौर में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद 22 अप्रैल के बाद राजस्थान से लगे पश्चिमी व उत्तरी मप्र से जुड़े इलाकों में लू चलने की संभावना है। दोपहर में धूप के तीखे तेवर होने से सड़कों पर आम लोगों की कम आवाजाही दिखी। हालांकि पिछले दो दिन के मुकाबले रविवार को दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य था। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 23.6 डिग्री रहा। इंदौर में सोमवार को दिन व रात का तापमान सामान्य के आसपास रहेगा। दोपहर में गर्मी के कारण घर से बाहर निकलने वालों को परेशान होना पड़ेगा। सीधी, शिवपुरी, टीकमगढ़ में चली लू गुजरात एवं राजस्थान भीषण गर्मी की चपेट में हैं। वहां से लगातार आ रही गर्म हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में भी गर्मी के तीखे तेवर बरकरार हैं। इसी क्रम में रविवार को प्रदेश में सबसे अधिक 44.2 डिग्री तापमान सीधी में दर्ज किया गया। देश के 10 सबसे गर्म शहरों में सीधी छठे क्रम पर रहा। वहीं टीकमगढ़ और शिवपुरी में भी लू का प्रभाव रहा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार मंगलवार से अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की और वृद्धि होने की आशंका है। पिछले चार दिन में इस तरह गिरा पारा     17 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री     18 अप्रैल को अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री     19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री     20 अप्रैल को अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री  

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