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इंदौर में शराब के नशे में वॉटर पार्क के पूल में युवती से अश्लील हरकत, पहुंचे सलाखों के पीछे

 इंदौर  इंदौर शहर के बायपास स्थित एक वाटर पार्क में हिंदू युवती के साथ मुस्लिम युवकों ने आपत्तिजनक हरकतें की। पति के रोकने पर आरोपितों ने हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणी की और पूल में छलांग लगा दी। घटना के बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और दोनों की पकड़कर पिटाई कर दी। थाने का घेराव करने पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। घटना बिचौली स्थित मयंक ब्ल्यू वाटर पार्क की है। राऊ निवासी युवती पति के साथ पिकनिक मनाने आई थी। अश्लील इशारे किए पूल में नहाते वक्त तीन मुस्लिम युवकों ने युवती की तरफ अश्लील इशारे किए। आरोपितों ने करीब आने की कोशिश भी की। उस वक्त युवती का पति पूल में ही था। उसने इशारा कर युवती को दूर हटाया। दो चेंजिंग रूम में पकड़े गए आरोपितों ने हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और पूल में कूद गए। कुछ देर बाद हंगामा हो गया। पीड़िता के पति ने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को कॉल लगाकर बुलाया। आरोपितों ने भागने की कोशिश की, मगर दो को चेंजिंग रूम से पकड़ लिया। युवतियों को बनाते हैं निशाना आरोपितों की पहचान कटकटपुरा निवासी सोहेल खान और सादिक खान के रूप में हुई है। एक आरोपित फैजान फरार हो गया। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि आरोपित शराब के नशे में थे। उनका आरोप है कि ऐसे कई मुस्लिम युवा हैं, जो पिकनिक स्पॉट, वाटरपार्क, होटलों में हिंदू युवतियों को निशाना बनाते हैं। इधर…13 वर्षीय बच्चे से हरकत, गिरफ्तार इंदौर की एमआइजी पुलिस ने 13 वर्षीय बच्चे से अश्लील हरकतें करने के आरोप में हाउसिंग बिल्डिंग रोड नेहरूनगर निवासी अनिल गायकवाड़ को गिरफ्तार किया है। टीआइ सीबी सिंह के मुताबिक आरोपित ने बच्चे को रूम में बंद कर लिया था। करीब 15 मिनट बाद छूटकर बच्चे ने मां को घटना बताई। रविवार को बच्चे के कथन लेकर अनिल को गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध पाक्सो एक्ट में केस दर्ज किया है।

नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे की गिरफ्तारी पर बवाल, हीरानगर थाने के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेसी

इंदौर इंदौर नगर निगम के विपक्षी नेता चिंटू चौकसे को हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई चौकसे और उनके परिवार के बीजेपी नेता कपिल पाठक के परिवार के बीच हुए झगड़े के बाद हुई. चिंटू चौकसेकी गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने मध्य प्रदेश  सरकार पर अपने सदस्यों को गलत तरीके से निशाना बनाने का आरोप लगाया. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने बताया कि बीती शनिवार रात चौकसे और बीजेपी नेता कपिल पाठक के बच्चों के बीच झगड़ा हुआ था. उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों के बीच झगड़ा हुआ, जिसमें पाठक के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उसे अस्पताल ले जाया गया. पुलिस को दिए गए अपने बयान में पाठक ने चौकसे पर रॉड से हमला करने का आरोप लगाया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में भी डॉक्टर ने पाठक के सिर पर गहरे घाव की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि चौकसे के अलावा 7 अन्य लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि चिंटू चौकसे और सुभाष यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य – रोहन चौकसे, ईशान चौकसे, राधेश्याम चौकसे, गौरव चौधरी, सुमित ठक्कर, रवि प्रजापति और एक अज्ञात व्यक्ति फरार हैं. इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे असंवैधानिक और राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा बताया. पटवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने सत्ता के इस दुरुपयोग को उठाने के लिए डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) से मिलने की मांग की है.” गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता इंदौर पुलिस कमिश्नर के कार्यालय के बाहर एकत्र हुए, जबकि चौकसे समर्थकों ने हीरानगर पुलिस स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन किया. आगे की अराजकता को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए बीजेपी समर्थकों ने दावा किया कि पाठक की शिकायत सही थी.

28 साल बाद कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की मौत की दोबारा जांच, हैंडराइटिंग से खुल सकता हैं हत्या का राज

भोपाल मध्य प्रदेश की दिवंगत कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की 1997 में हुई संदिग्ध मौत के मामले में भोपाल की एक अदालत ने नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं. न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पलक राय ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को अधूरा बताते हुए टीटी नगर पुलिस को मामले की दोबारा जांच करने का निर्देश दिया. इस फैसले से सरला मिश्रा के परिवार को 28 साल बाद न्याय की उम्मीद जगी है. 14 फरवरी 1997 को सरला मिश्रा भोपाल के साउथ टीटी नगर स्थित अपने सरकारी आवास में गंभीर रूप से जली हुई अवस्था में पाई गई थीं. 5 दिन बाद यानी 19 फरवरी को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या करार देते हुए साल 2000 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी. हालांकि, सरला के भाई अनुराग मिश्रा ने इस रिपोर्ट को चुनौती दी और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया. हाईकोर्ट के निर्देश पर भोपाल जिला अदालत ने मामले की फिर से जांच का आदेश दिया. अनुराग मिश्रा ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा, “यह मामला पहली बार अदालत में आया और हमारे तर्कों को स्वीकार किया गया. पुलिस ने इस मामले को दबाने की कोशिश की और इसे आत्महत्या के रूप में पेश किया. हम अदालत के फैसले से बहुत संतुष्ट हैं.” उन्होंने दावा किया, “मेरी बहन ने आत्महत्या नहीं की, उसकी हत्या की गई थी. मुझे पूरा विश्वास है कि अब न्याय मिलेगा.” प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था और केस बंद करने के लिए कोर्ट में आवेदन किया था। वहीं, सरला मिश्रा के भाई ने कोर्ट में इसे हत्या बताते हुए तत्कालीन दिग्विजय सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया था। परिजन के आपत्ति दर्ज करने के बाद 16 अप्रैल को कोर्ट ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि कोर्ट ने जिन बिंदुओं को लेकर जांच के आदेश दिए हैं, क्या उन बिंदुओं की नए सिरे से जांच की जा सकती है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए  फॉरेंसिक साइंस और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स के अलावा कानून के जानकारों से बात की। अनुराग ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने के अदालत के फैसले को गड़बड़ी का सबूत बताया. उन्होंने कहा कि 90% जली हुई अवस्था में कोई व्यक्ति मृत्यु पूर्व बयान या हस्ताक्षर कैसे दे सकता है, जैसा कि पुलिस ने दावा किया था. इस मामले ने उस समय राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था, क्योंकि 1997 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे. अनुराग मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके भाई लक्ष्मण सिंह पर हत्या के आरोप लगाए हैं, जिसे उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़ा. बुधवार के अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, “जितनी जांच करनी है, करा लें. मैं हर जांच का स्वागत करता हूं.” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भाजपा सरकार के दौरान सीबीआई ने भी इस मामले की जांच की थी. सरकार से लगाई गुहार अनुराग मिश्रा ने वर्तमान सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाए और जो सफेद पोश लोग हैं, उनके नाम भी सामने आने चाहिए. कोर्ट में दोबारा सरला के मौत की फाइल दोबारा खुलने से उनके परिवार को राहत मिली है और उन्हें न्याय की आशा जगी है.  

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस चार दिन के भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंचे, Vice President ताजमहल और अक्षरधाम मंदिर की करेंगे यात्रा, जानें कहां रुकेंगे

 नई दिल्ली अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। अमेरिका के उपराष्ट्रपति, उनकी पत्नी उषा और उनके तीन बच्चे इवान, विवेक और मीराबेल चार दिवसीय भारत यात्रा पर सोमवार सुबह करीब 10 बजे पालम एयरपोर्ट पर पहुंचे। उनके साथ अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ सदस्य भी हैं। एयरपोर्ट के बाद वे अक्षरधाम मंदिर जाएंगे। वहां पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प देखने किसी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी जाएंगे। वे सोमवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी वेंस के साथ व्यापार, शुल्क, क्षेत्रीय सुरक्षा और समग्र द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों सहित कई प्रमुख मुद्दों पर सोमवार को बातचीत करेंगे। फिर शाम को उनके एवं उनकी पत्नी उषा के लिए रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि पीएम मोदी और वेंस की बैठक में प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार संधि के अलावा दोनों देशों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने के तरीके पर चर्चा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाले भारतीय दल का संभवत: हिस्सा होंगे। जेडी वेंस का पूरा शेड्यूल वेंस के यात्रा कार्यक्रम की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि दिल्ली पहुंचने के कुछ घंटों बाद वेंस और उनका परिवार स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर जाएगा। फिर वे पारंपरिक भारतीय हस्तनिर्मित सामान बेचने वाले एक ‘शॉपिंग कॉम्प्लेक्स’ भी जा सकते हैं। वेंस के भारत आगमन पर केंद्र का कोई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री पालम एयरबेस पर उनका स्वागत करेगा। वेंस अपने परिवार के साथ दिल्ली के अलावा जयपुर और आगरा की भी यात्रा करेंगे। इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय के अधिकारियों सहित कम से कम पांच वरिष्ठ अधिकारियों के वेंस के साथ भारत आने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को शाम साढ़े छह बजे अपने 7 लोक कल्याण मार्ग निवास पर वेंस और उनके परिवार का स्वागत करेंगे जिसके बाद आधिकारिक वार्ता होगी। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार संधि साथ-साथ दोनों देशों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने के तरीके पर चर्चा होने की संभावना है। कहां रुकेंगे? – अमेरिकी उपराष्ट्रपति और उनका परिवार दिल्ली में आईटीसी मौर्य शेरेटन होटल में ठहरेगा। अधिकारियों ने बताया कि वेंस और उनका परिवार सोमवार रात जयपुर रवाना होगा। वेंस 22 अप्रैल को आमेर किले सहित कई ऐतिहासिक स्थलों पर जाएंगे। यह किला यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) विश्व धरोहर स्थल है। वेंस दोपहर में जयपुर स्थित राजस्थान अंतरराष्ट्रीय केंद्र में एक सभा को संबोधित करेंगे। – वेंस अपने भाषण में अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के शासनकाल में भारत-अमेरिका संबंधों के व्यापक पहलुओं पर बात कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में राजनयिकों, विदेश नीति विशेषज्ञों, भारत सरकार के अधिकारियों और शिक्षाविदों के भाग लेने की संभावना है। – अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति और उनका परिवार संभवत: 23 अप्रैल की सुबह आगरा जाएगा। वे वहां ताजमहल और शिल्पग्राम जाएंगे। शिल्पग्राम विभिन्न भारतीय कलाकृतियों को दर्शाने वाला एक खुला एम्पोरियम है। आगरा की यात्रा के बाद वेंस 23 अप्रैल को जयपुर लौटेंगे। – अधिकारियो ने बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति और उनका परिवार 24 अप्रैल को जयपुर से अमेरिका रवाना होंगे। जयपुर में वेंस भव्य रामबाग पैलेस में ठहरेंगे, जो एक आलीशान होटल है। कभी शाही लोगों का अतिथि गृह हुआ करता था। वेंस इटली की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद दिल्ली आएंगे।

आज आप पार्टी और बीजेपी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी, मेयर चुनाव 25 अप्रैल को होना है

नई दिल्ली दिल्ली में आज मसीडी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के नामांकन का आखिरी दिन है. दिल्ली में मेयर चुनाव 25 अप्रैल को होना है, ऐसे में नामांकन के आखिरी दिन आम आदमी पार्टी और बीजेपी की तरफ से मेयर और डिप्टी मेयर के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी. उम्मीदवार अपना नामांकन सुबह 10 बजे से शाम 5 के बीच नगर निगम सेक्रेटरी के पास सिविक सेन्टर में करेंगे. दरअसल, दिल्ली नगर निगम में पिछले तीन सालों से आम आदमी पार्टी की सरकार है. पहले साल आम आदमी पार्टी ने अपना मेयर शैली ओबेरॉय और डिप्टी मेयर अली मोहम्मद इकबाल को बनाया था, इसके बाद दूसरे साल भी यही लोग मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर रहे. तीसरे साल में रिजर्व सीट होने की वजह से इस सीट पर महेश कुमार खींची मौजूदा वक्त में मेयर है जो कि आम आदमी पार्टी से ही है. आप के लिए मुश्किल रहा साल हालांकि एमसीडी में यह साल आम आदमी पार्टी के लिए कुछ मुश्किल भरा रह सकता है क्योंकि इस बार विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की दिल्ली में हर के बाद सत्ता से आम आदमी पार्टी की सरकार चली गई है और एमसीडी में भी पार्षदों के नंबर बीजेपी के मुकाबले काफी कम हो गए हैं. 3 साल से विपक्ष में बीजेपी अगर बीजेपी की बात करें तो पिछले तीन सालों से बीजेपी विपक्ष के तौर पर एमसीडी में थी लेकिन इस बार एमसीडी चुनाव में बीजेपी का पडला भारी दिखाई दे रहा है. जिसकी दो मुख्य वजह हैं एक यह की बीजेपी के पार्षद नंबर में ज्यादा हैं और दूसरी वजह मेयर चुनाव के लिए पार्षदों के अलावा विधायक और एमपी भी वोट करते हैं जिसे हिसाब से दिल्ली में बीजेपी के विधायक को और एमपी की संख्या भी ज्यादा है. किसका नंम्बर कितना? एमसीडी चुनाव में नंबरों का आंकड़ा बेहद दिलचस्प है और यही आंकड़ा किसी एक पार्टी को जीत की ओर ले जाएगा और एमसीडी में सत्ता दिलाएगा. मौजूदा वक्त में आम आदमी पार्टी के 113 पार्षद हैं बीजेपी के 117 और कांग्रेस के 8 पार्षद हैं. इसके इलावा विद्यायक और सांसद भी वोट करते हैं जिसके हिसाब से आंकड़ा देखा जाए तो वोट के लिए आम आदमी पार्टी के पास वोट के लिए 3 विधायक और 3 सांसद हैं. बीजेपी के पास 11 विधायक और 7 सांसद हैं.  

बीजेपी सरकार ओबीसी वर्ग के अधिकारों का हनन कर रही है, सरकार पर नियुक्ति में भेदभाव का आरोप: जीतू पटवारी

भोपाल मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण न दिए जाने को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता जा रहा है. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर संविधान की अवहेलना का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति से प्रदेश में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है. पटवारी ने कहा कि बीजेपी सरकार ओबीसी वर्ग के अधिकारों का हनन कर रही है और विधायिका द्वारा पारित कानून को लागू करने में विफल रही है, जो एक गंभीर संवैधानिक संकट है. 27 प्रतिशत आरक्षण पर ऐतिहासिक पृष्ठभूमि जीतू पटवारी ने बताया कि वर्ष 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए अध्यादेश जारी किया था. हालांकि इस अध्यादेश को एक मेडिकल छात्रा स्मृति दुबे द्वारा हाई कोर्ट में चुनौती दी गई, जिसके चलते कोर्ट ने मेडिकल पीजी में बढ़े हुए आरक्षण के अमल पर रोक लगा दी थी. इसके बावजूद, जुलाई 2019 में इस अध्यादेश को विधानसभा द्वारा पारित कर कानून का रूप दे दिया गया. पटवारी ने स्पष्ट किया कि यह कानून आज तक किसी भी अदालत द्वारा निरस्त नहीं किया गया है और न ही इस पर कोई स्थगन आदेश (स्टे) लागू है. फिर भी राज्य सरकार इसे मनमाने ढंग से लागू कर रही है, कभी 14 प्रतिशत और कभी 27 प्रतिशत. सरकार पर नियुक्ति में भेदभाव का आरोप कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने जिन विभागों में 27 प्रतिशत आरक्षण के तहत चयन प्रक्रिया पूरी कर ली, वहां भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए. उन्होंने बताया कि कई उम्मीदवार बीते चार से पांच सालों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं. इसके अलावा जनवरी 2025 में शिक्षक भर्ती के लिए मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी विज्ञापन में भी केवल 14 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का उल्लेख किया गया है, जो कि विधानसभा द्वारा पारित कानून का खुला उल्लंघन है. संविधान की भावना के खिलाफ कार्य कर रही सरकार: पटवारी जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य की कार्यपालिका संविधान की मूल भावना और कानून का उल्लंघन कर रही है. उन्होंने बताया कि स्वयं राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में स्वीकार किया है कि मध्य प्रदेश में ओबीसी की जनसंख्या 50 प्रतिशत से अधिक है. इसके बावजूद सरकार ओबीसी समाज को उनके हक से वंचित रखे हुए हैं. राष्ट्रपति शासन की मांग और कांग्रेस का एलान पटवारी ने इस पूरे प्रकरण को संवैधानिक संकट करार देते हुए महामहिम राष्ट्रपति से अपील की है कि मध्य प्रदेश में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार चुनावों के समय ओबीसी समाज को बहलाने के लिए बड़े वादे करती है, लेकिन हकीकत में उनके अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है. कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ओबीसी वर्ग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनके हक की लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक लड़ा जाएगा.

तीन बार विधायक रह चुके थोपटे ने अपने समर्थकों के साथ बैठक के बाद छोड़ी कांग्रेस पार्टी, अब उठाएंगे ‘कमल’

मुंबई महाराष्ट्र में कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस नेता और तीन बार के पूर्व विधायक संग्राम थोपटे ने बीजेपी में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। पुणे जिले के भोर निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके थोपटे ने अपने समर्थकों के साथ बैठक के बाद इस निर्णय की घोषणा की। उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है।   संग्राम थोपटे ने स्पष्ट कहा कि यह कदम उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया है। थोपटे ने कहा कि उनके समर्थक लगातार यह महसूस कर रहे थे कि सत्ता में शामिल हुए बिना क्षेत्र के विकास की गति को तेज करना संभव नहीं है। इसी के चलते उन्होंने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा उन्हें नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया।   पूर्व विधायक संग्राम थोपटे ने बताया कि 22 अप्रैल को वे मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रवींद्र चव्हाण की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल होंगे। इस दौरान उनके साथ विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी बीजेपी का दामन थामेंगे। कांग्रेस नेतृत्व से नाखुश! मीडियाकर्मियों से बातचीत में थोपटे ने कांग्रेस नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वे 2019 से ही पार्टी में खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा, पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई वरिष्ठ नेताओं से समर्थन में रैली करने की अपील की थी, लेकिन कोई उनके निर्वाचन क्षेत्र में नहीं गया। चुनाव हारने के बाद पार्टी के किसी भी नेता ने मुझे एक बार फोन तक नहीं किया। इस बीच, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया है कि जब महाविकास आघाड़ी (MVA) सरकार सत्ता में थी और नाना पटोले ने विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था, तब पार्टी थोपटे को इस पद के लिए आगे लाना चाहती थी। लेकिन उस समय विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर दबाव बनाकर ऐसा नहीं होने दिया। गौरतलब है कि संग्राम थोपटे का परिवार कांग्रेस पार्टी से दशकों से जुड़ा रहा है। वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनंतराव थोपटे के बेटे हैं, जिन्होंने छह बार भोर से विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया था। लेकिन अब, राजनीति के इस पुराने रिश्ते को तोड़ते हुए संग्राम थोपटे ने बीजेपी की ओर कदम बढ़ा दिया है। आगामी नगर निगम चुनावों को देखते हुए उनका बीजेपी में जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

भारत और ब्राजील के बीच कृषि व्यापार, तकनीक-नवाचार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

भोपाल/नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी ब्राजील यात्रा से 21 अप्रैल, सोमवार को सुबह लौट रहे है। उनकी यह यात्रा कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। 15वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी के साथ-साथ यह दौरा भारत और ब्राजील के बीच कृषि व्यापार, तकनीक-नवाचार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ब्राजील प्रवास के दौरान शिवराज सिंह का भारत में सोया उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर रहा। वहीं उनकी मंशा भारतीय किसानों को वैश्विक स्तर की तकनीक का लाभ दिलाने के साथ उन्नत करने की है। उनका कहना है कि विभिन्न देशों के संयुक्त प्रयासों से वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्राजील यात्रा के दौरान भी मुख्य रूप से भारत के छोटे किसानों की चिंता की। उनका कहना रहा कि जब तक छोटे किसानों को संरक्षित और सशक्त नहीं किया जाएगा, तब तक वैश्विक खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य अधूरा रहेगा। भारत समावेशी, न्यायसंगत और टिकाऊ कृषि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के भाव के साथ सभी देशों के साथ विश्वास और सहयोग का संदेश दिया। केंद्रीय मंत्री ने किया ये आह्वान उन्होंने कृषि तकनीक, नवाचार, क्षमता निर्माण और व्यापार सुलभता में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया, जिससे विभिन्न देशों के किसान और कृषि उद्यम लाभान्वित हो सके। भारत ने ब्रिक्स मंच के माध्यम से कृषि तकनीक हस्तांतरण, अनुसंधान, फूड प्रोसेसिंग, और व्यापार में सहयोग को और मजबूत करने की बात कही। शिवराज सिंह चौहान का उद्बोधन भारत की ओर से वैश्विक खाद्य सुरक्षा, छोटे किसानों के सशक्तिकरण, कृषि नवाचार व तकनीकी सहयोग और ब्रिक्स देशों के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहा। कुल मिलाकर, शिवराज सिंह चौहान की ब्राजील यात्रा सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि भारतीय कृषि के लिए तकनीकी नवाचार, उत्पादन बढ़ोतरी और वैश्विक साझेदारी की दिशा में ठोस पहल है, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। ब्रासीलिया में हुई 15वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में भारत के साथ ही मेजबान ब्राजील तथा रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, यूएई, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान सहित ब्रिक्स सदस्य देशों के कृषि मंत्री/वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य विषय ‘ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग, नवाचार और न्यायसंगत व्यापार के माध्यम से समावेशी और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना’ था। भारत-ब्राजील कृषि सहयोग को नई दिशा शिवराज सिंह चौहान की यह यात्रा 15वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में भागीदारी के साथ-साथ भारत और ब्राजील के बीच कृषि सहयोग को नई दिशा देने वाली है। इससे दोनों देशों के बीच कृषि व्यापार को बढ़ावा मिल सकेगा। केंद्रीय मंत्री ने ब्राजील के साथ जलवायु अनुकूल सोयाबीन किस्मों, यंत्रीकरण, प्रिसिजन फार्मिंग और सतत कृषि पद्धतियों पर ज्ञान साझाकरण की इच्छा जताई। उन्होंने ब्राजील के कृषि मॉडल, मैकेनाइजेशन, सिंचाई और रिसर्च से सीखने व भारतीय कृषि में लागू करने की इच्छा भी व्यक्त की, ताकि अपने किसानों को अधिकाधिक लाभान्वित किया जा सके। तकनीकी नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला बैठकों में बायोफ्यूल, बायोएनर्जी, सप्लाई चेन एकीकरण और कृषि मशीनरी के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई है, जिससे भारतीय किसानों को वैश्विक स्तर की तकनीक मिल सकेगी। वैश्विक खाद्य सुरक्षा में योगदान दोनों देशों के संयुक्त प्रयासों से वैश्विक खाद्य सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी, क्योंकि ब्राजील ने 50 वर्षों में कृषि निर्यात में जबरदस्त वृद्धि की है, जो भारत के लिए भी प्रेरणादायक है। शिवराज सिंह ने द्विपक्षीय बैठकें की शिवराज सिंह ने ब्राजील के कृषि एवं पशुधन मंत्री कार्लोस हेनरिक बैकेटा फेवरो और कृषि विकास एवं पारिवारिक कृषि मंत्री लुईज पाउलो टेक्सेरा के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी की। इन बैठकों में कृषि, कृषि-प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। वहीं उन्होंने साओ पाउलो में ब्राजील के कृषि व्यवसाय समुदाय के 27 सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान कृषि व्यापार, उत्पादन तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, जैव ईंधन, तकनीकी नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण पर सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। आधुनिक कृषि तकनीकों का अवलोकन केंद्रीय कृषि मंत्री ने ब्राजील के सोयाबीन उत्पादन प्लांट, टमाटर के खेत और अन्य संस्थानों का दौरा कर मैकेनाइजेशन, सिंचाई और फूड प्रोसेसिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को करीब से देखा। ब्राजील में लगभग 100 प्रतिशत मैकेनाइजेशन है, जिससे भारतीय कृषि को भी प्रेरणा मिल सकती है। सोयाबीन और फूड प्रोसेसिंग में साझेदारी अभी भारत सोया तेल का आयात करता है, लेकिन अब दोनों देश मिलकर सोयाबीन उत्पादन और प्रोसेसिंग में निवेश, तकनीक और प्लांट लगाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इससे भारत में सोया उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने बताया कि भारत में सोयाबीन उत्पादन और प्रोसेसिंग को बढ़ाने के लिए ब्राजील के साथ मिलकर काम करने की योजना है। साथ ही, मैकेनाइजेशन और बीज अनुसंधान में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। ‘एक पेड़ मां के नाम’ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह का प्रतिदिन पौधरोपण का सिलसिला ब्राजील में भी जारी रहा। उन्होंने ब्रासीलिया स्थित भारतीय दूतावास में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व के सम्मान को बढ़ावा मिला। भारतीय प्रवासियों से मुलाकात ब्राजील के साओ पाउलो में वहां के भारतीय प्रवासियों से भी शिवराज सिंह ने मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों में उनकी भूमिका की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह हमारी आजादी का अमृतकाल है। 2047 में हमें आजाद हुए 100 साल हो जाएंगे और तब संपूर्ण विकसित भारत बनाना ही हमारा लक्ष्य है। शिवराज सिंह बोले- कई तरह के अनुभवों और तकनीकों से समृद्ध होने का मिला अवसर केंद्रीय मंत्री शिवराज का कहना है ‘ब्राजील प्रवास के दौरान कई तरह के अनुभवों और तकनीकों से समृद्ध होने का अवसर मिला है। हम भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए इन तकनीकों का उपयोग करने की दिशा में कार्य करेंगे। मुझे विश्वास है कि भारत और ब्राजील के परस्पर सहयोग से हमारे किसान सशक्त होंगे और वैश्विक खाद्य सुरक्षा को नई दिशा मिलेगी।’ यह यात्रा भारत-ब्राजील कृषि सहयोग, ब्रिक्स देशों के साथ साझेदारी और भारतीय कृषि में नवाचार व टिकाऊ विकास को … Read more

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व मे विश्व का सबसे सफल चीता पुनर्वास अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मालवा क्षेत्र के मंदसौर में गाँधी सागर अभयारण्य की भूमि पर प्रभास और पावक चीतों को खुले बाड़े में छोड़ा। चीतों के फर्राटे के साथ 20 अप्रैल, रविवार का दिन मालवा की भूमि के लिए ऐतिहासिक दिवस के रूप मे दर्ज हो गया। देश में पहली बार अंतर्राज्यीय स्तर पर चीतों का पुनर्वास हुआ है। यह दोनों चीते आज श्योपुर कूनो से मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह पूर्वक इन चीतों को खुले बाड़े में छोड़ा। यहां पर्याप्त संख्या में चीतल चिंकारा और छोटे जानवर हैं। दोनों 6 वर्षीय युवा चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में खुले में ही घूम कर शिकार कर रहे थे। इसलिए इन्हें सीधे खुले बाड़े में छोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीता प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में सबसे अधिक सफल मध्यप्रदेश में हुआ है। पुनर्वास के बाद श्योपुर के कूनो में दुनिया में सबसे अधिक चीतों का जन्म हुआ है। मालवा की भूमि पर हम चीतों का स्वागत करते हैं। चीतों के आने से मंदसौर और नीमच जिलों मे पर्यटन की संभावनाओं को पंख लग जायेंगे। राजस्थान और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों को रोजगार के नये अवसर मिलेंगे, उनके जीवन स्तर में भी सुधार होगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा। वन्य पर्यावरण की दृष्टि से मध्यप्रदेश की धरा पर चीतों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया गया है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक श्री अनिरुद्ध मारू, श्री हरदीप सिंह डंग, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सत्य नारायण जटिया, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्नवाल, संभाग आयुक्त श्री संजय गुप्ता और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी श्री असीम श्रीवास्तव के साथ बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रभास और पावक का कूनो से गाँधी सागर अभयारण्य का सफर श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क से गांधीसागर अभयारण्य के लिए दो नर चीते प्रभास और पावक को 20 अप्रैल, रविवार की सुबह रवाना किया गया था। सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा और डॉक्टर ओंकार अचल सहित 20 लोगों की टीम चीतों के साथ गाँधी सागर अभयारण्य पहुंची। यह टीम गांधी सागर में 7 दिन रुकेगी। इस दौरान वह स्थानीय स्टाफ को चीतों की देख-रेख के गुर सिखाएगी। इन चीतों को अलग-अलग वाहनों में लाया गया है, जो श्योपुर, बारां, कोटा और झालावाड़ होते हुए मंदसौर पहुंचे। वाहन और पिंजरे को कूनो नेशनल पार्क में सैनिटाइज किया गया था। गांधी सागर अभयारण्य में 37 किमी का एक बाड़ा बनाया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी सुविधाओं वाला वाहन और मेडिकल टीम भी साथ रहीl  

रामबन में हुए दुखद भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से बेहद दुखी हूं, राहत और बचाव कार्य तेज करने के दिए निर्देश

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में रविवार सुबह भारी बारिश के बाद सेरी बागना इलाके में बादल फटने की दुखद घटना सामने आई। इसमें जनहानि की भी खबरें आ रही हैं। इस आपदा के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय पुलिस और राहत दलों ने तेजी से मोर्चा संभाला और करीब 100 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा, “रामबन में हुए दुखद भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से बेहद दुखी हूं, जिससे जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं।” उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जहां भी जरूरत हो, वहां तत्काल बचाव और राहत कार्य पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वे जल्द ही बहाली, राहत और मरम्मत योजनाओं की समीक्षा करेंगे। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान जमीनी स्तर पर हालात को संभालने पर है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम और यात्रा संबंधी सलाहों का पालन करें तथा संवेदनशील और जोखिम भरे क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से आवाजाही से बचें। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक 20 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। पूरे दिन आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे, जबकि देर शाम तक कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश या बर्फबारी भी हो सकती है। वहीं, 21 अप्रैल को भी कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और गर्जन के साथ बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। 22 से 28 अप्रैल के बीच मौसम सामान्य रूप से शुष्क रहेगा, हालांकि 25 अप्रैल को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। मौसम विभाग ने सभी संबंधित विभागों और आम जनता से अपील की है कि वे अपने कार्यक्रम मौसम पूर्वानुमान के अनुसार तय करें और प्रशासन या यातायात विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। खासतौर पर किसानों को सलाह दी गई है कि वे 21 अप्रैल तक कोई भी कृषि कार्य स्थगित रखें, ताकि मौसम जनित जोखिम से बचा जा सके।

पाकिस्तान में हिंदू राज्य मंत्री पर प्रदर्शनकारियों ने किया हमला, हिंदू मंत्री भी सुरक्षित नहीं, पीएम शहबाज ने की हमले की निंदा

इस्लामाबाद पाकिस्तान में हिंदुओं के खिलाफ बर्बरता की खबरें लगातार आती रहती हैं। अब तो हिंदू मंत्री भी पाकिस्तान में सुरक्षित नहीं हैं। पाकिस्तान के सिंध में हिंदू राज्य मंत्री पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। हमलावर सरकार की विवादास्पद सिंचाई नहर परियोजनाओं का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इससे दक्षिणी प्रांत में सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण नदियों का बहाव कम हो जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अगुवाई वाली सरकार में धार्मिक मामलों के राज्य मंत्री खील दास कोहिस्तानी शनिवार को प्रांत के थट्टा जिले से गुजर रहे थे, तभी उनके काफिले पर टमाटर और आलू फेंके गए। अधिकारियों ने बताया कि हमले में खील दास को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। प्रधानमंत्री शहबाज ने हमले की कड़ी निंदा की और उन्हें घटना की गहन जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “जनप्रतिनिधियों पर हमला अस्वीकार्य है। घटना में शामिल लोगों को कड़ी सजा दी जाएगी।” कोहिस्तानी सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सदस्य हैं और प्रदर्शनकारियों ने पार्टी की संघीय सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। संघीय सूचना मंत्री अत्ता तरार ने भी घटना का संज्ञान लिया और इसे हमला घोषित किया। उन्होंने सिंध के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) गुलाम नबी मेमन से घटना का ब्योरा मांगा और संघीय आंतरिक सचिव से रिपोर्ट मांगी। सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने भी इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की। अपने बयान में उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने हैदराबाद क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक को हमले में शामिल बदमाशों को तुरंत गिरफ्तार करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। नेशनल असेंबली की वेबसाइट पर उपलब्ध व्यक्तिगत विवरण के अनुसार, कोहिस्तानी सिंध के जामशोरो जिले से हैं और वह पहली बार 2018 में पीएमएल-एन के टिकट पर संसद सदस्य चुने गए थे। पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद, उन्हें 2024 में फिर से चुना गया और उन्हें राज्य का मंत्री बनाया गया। सरकार ने घोषणा की है कि ग्रीन पाकिस्तान पहल के तहत चोलिस्तान क्षेत्र में भूमि की सिंचाई के लिए पंजाब प्रांत में छह नहरों के निर्माण का प्रस्ताव है। यह एक ऐसी परियोजना है जिसे शक्तिशाली सेना, संघीय सरकार और पंजाब प्रांतीय प्रशासन का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, सिंध में विभिन्न दल और राष्ट्रवादी समूह इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं और दलील दे रहे हैं कि नहरों के कारण पानी का बहाव कम हो जाएगा और प्रांत में सिंचाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। हमलावर प्रस्तावित नहरों का विरोध कर रहे थे।

बांग्लादेश दक्षिण त्रिपुरा में मुहुरी नदी के पास एक और तटबंध बना रहा है, अब भारत के खिलाफ नई साजिश रच रहा

नई दिल्ली सत्ता परिवर्तन के बाद से ही बांग्लादेश और भारत के बीच संबंध खराब होते जा रहे हैं। अब बांग्लादेश ने भारत के खिलाफ एक और साजिश रची है। वह दक्षिण त्रिपुरा में मुहुरी नदी के पास एक और तटबंध बना रहा है। इसकी वजह से सीमा से सटे शहरों में बाढ़ की आशंकाएं बढ़ गई हैं। बेलोनिया के सीपीएम विधायक दीपांकर सेन ने इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय से तुरंत इसमें हस्तक्षेप करने की मांग क है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नदी पर बन रहा यह तटबंध डेढ़ किलोमीटर लंबा और 20 फीट ऊंचा है। सेन ने कहा कि इंदिरा-मुजीब समझौते के अनुसार, किसी भी देश को बॉर्डर के 150 गज के अंदर किसी भी तरह का निर्माण करने की अनुमति नहीं है। इस समझौते के बाद भी बॉर्डर से 50 गज की दूरी और कुछ जगह 10 गज की दूरी पर इस तटबंध का निर्माण किया जा रहा है। इसी समझौते के चलते दक्षिणी त्रिपुरा के इलाकों में बांग्लादेश की आपत्ति के बाद कई प्रोजेक्ट्स भी रोक दिए गए। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि वे इस मामले में रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, एसपी साउथ त्रिपुरा ने कहा, ”हमारे नोटिस में मामला सामने आया है और हम इसकी जांच कर रहे हैं। फिलहाल अभी कोई दिक्कत वाली बात नहीं है।” भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के पास मुहुरी नदी के नजदीक स्थित शहरों में रहने वाले कम से कम 500 परिवारों को इस तटबंध के निर्माण की वजह से मॉनसून में बाढ़ आने का डर है। बता दें कि तटबंध नदी के पानी के बहाव को रोकता है और इसकी वजह से ही बेलोनिया में बाढ़ आने की आशंका बढ़ गई है। भारत के खिलाफ साजिश रच रहा बांग्लादेश शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से ही भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते खराब हो गए। मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल में बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित नहीं हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के बिराल उपजिला में भाबेश चंद्र रॉय नामक शख्स को पहले अगवा किया गया और फिर उसे पीट-पीटकर मार डाला गया। इससे दोनों देशों में टेंशन बढ़ गई। भारत ने बांग्लादेश को मुंहतोड़ जवाब दिया। रॉय शतग्राम संघ के अंतर्गत बसुदेबपुर गांव के निवासी थे और बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद की बिराल इकाई के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। स्थानीय हिंदू समुदाय में उनका काफी सम्मान था।

हिमांशु जाखड़ ने अंडर-18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया

झज्जर हरियाणा के झज्जर हिमांशु जाखड़ सऊदी अरब के दम्मम में चल रही एशियन अंडर-18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया। हिमांशु की इस उपलब्धि पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है।  हमांशु जाखड़ पुत्र दलबीर जाखड़ गांव साल्हावास के रहने वाले है। हिमांशु ने एशियन अंडर-18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 67.57 मीटर भाला फेंककर भारत के लिए पहला और एकमात्र स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय, क्षेत्र और जिले बल्कि पूरे हरियाणा को गौरवान्वित किया है। इससे पहले भी हिमांशु ने नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024 में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। हिमांशु की इस असाधारण उपलब्धि पर उसे ग्रामीणों की तरफ से सम्मानित किया जाएगा। हिमांशु ने जेवलिन थ्रो में अपने आदर्श नीरज चोपड़ा को बताया। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले हिमांशु जाखड़ ने यह सिद्ध कर दिया कि सपने केवल देखने से नहीं बल्कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से पूरे होते हैं।

मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया

बेंगलुरु मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच आईपीएल 2025 का 38वां मुकाबला खेला जा रहा है। मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। चेन्नई सुपर किंग्स ने एक बदलाव किया है। राहुल त्रिपाठी की जगह आयुष को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली है। मुंबई की टीम बिना बदलाव के उतरी है। हार्दिक पांड्या के नेतृत्व में मुंबई इंडियंस की टीम ने जारी सीजन में सात मैच खेलते हुए तीन जीते हैं और चार में उसे हार मिली है। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ चोटिल हो गए हैं, उनकी जगह एमएस धोनी टीम की कमान संभाल रहे हैं। चेन्नई ने जारी सीजन में सात मैच खेले हैं सिर्फ दो जीते हैं, जबकि पांच में उसे हार का सामना करना पड़ा है। मुंबई इंडियंस प्लेइंग इलेवन मुंबई इंडियंस (प्लेइंग इलेवन): रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), विल जैक्स, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या (कप्तान), नमन धीर, मिशेल सेंटनर, दीपक चाहर, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, अश्विनी कुमार चेन्नई सुपर किंग्स प्लेइंग इलेवन चेन्नई सुपर किंग्स (प्लेइंग इलेवन): शेख रशीद, रचिन रवींद्र, आयुष म्हात्रे, रविंद्र जड़ेजा, शिवम दुबे, विजय शंकर, जेमी ओवरटन, एमएस धोनी (विकेटकीपर/कप्तान), नूर अहमद, खलील अहमद, मथीशा पथिराना मुंबई इंडियंस ने जीता टॉस मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। चेन्नई की टीम पहले बैटिंग करेगी।

गाँधी सागर अभयारण्य में 2 चीते छोड़े जाने का अवसर प्रसन्नता का विषय है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य में चीतों के छोड़े जाने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गाँधी सागर अभयारण्य में 2 चीते छोड़े जाने का अवसर प्रसन्नता का विषय है। इस लुप्त प्रायः प्रजाति के वन्य प्राणी को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से सितंबर 2022 में मध्यप्रदेश में पहली बार लाया गया था। अब इन चीतों का कुनबा बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंदसौर जिले के गाँधी सागर अभयारण्य में 2 चीतों को छोड़ा जाना एक महत्वपूर्ण कदम है। “चीता प्रोजेक्ट” मध्यप्रदेश की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य भारत में चीतों की संख्या बढ़ाना और उनकी प्रजाति को बचाना है। इसमें हमें सफलता भी मिल रही है। गाँधी सागर अभयारण्य प्रदेश का दूसरा ऐसा स्थान है, जहाँ चीतों को बसाया जा रहा है। वन्य जीव पर्यटन की दृष्टि से आज एक ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीतों की संख्या बढ़ाने के लिए दक्षिण अफ्रीका, केन्या और बोत्सवाना से चीतों को लाकर मध्यप्रदेश के जंगलों में बसाया जा रहा है। श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में 26 चीते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया के अन्य देशों में भी चीता पुनर्स्थापन के प्रयास हुए लेकिन उतनी सफलता नहीं मिल सकी। भारत में यह प्रोजेक्ट सफल हो रहा है। यहां चीतों की सर्वाइवल की दर अन्य देशों की अपेक्षा सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश के वन और वातावरण चीतों के अनुकूल है। प्रदेश में कूनो के बाद गांधी सागर भी इनका घर बन रहा है। गाँधी सागर पश्चिमी मध्यप्रदेश में स्थित एक वन्य अभयारण्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभयारण्य प्रदेश के उज्जैन संभाग में मंदसौर और नीमच जिले में फैला हुआ है। कई सौ साल पहले क्षेत्र में जरूर चीते रहे भी होंगे। विलुप्त होने के वर्षों बाद अब उनका पुनः आगमन वन्य जीव पर्यटन के लिए भी शुभ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गांधी सागर अभयारण्य शैल चित्रों के लिए विश्व प्रसिद्ध चतुर्भुज नाला का हिस्सा है। निश्चित ही क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में विरासत के संरक्षण के साथ-विकास के मंत्र पर मध्यप्रदेश कार्य कर रहा है।  

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