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26 ट्रेनें अप्रैल और मई में रहेंगी कैंसल, तीसरी लाइन के इंटरलाकिंग कार्य के चलते ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा

भोपाल उत्तर पूर्व रेलवे के गोरखपुर मंडल के अंतर्गत तीसरी लाइन के इंटरलाकिंग कार्य के चलते ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा। इस कारण भोपाल मंडल से गुजरने वाली 26 ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में निरस्त किया है। रेलवे प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार ये ट्रेनें 17 अप्रैल से 7 मई तक अलग-अलग दिनों में निरस्त रहेंगी। प्रभावित ट्रेनों में पुणे, कोचुवेली, सिकंदराबाद, यशवंतपुर, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, ओखा, पनवेल, बांद्रा टर्मिनस तथा लोकमान्य तिलक टर्मिनस जैसे गंतव्यों से चलने वाली प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेनें शामिल हैं।   ये ट्रेनें रहेंगी कैंसल पुणे-गोरखपुर तीन मई, गोरखपुर-कोचुवेली 27 अप्रैल, 1, 2, 4 मई, कोचुवेली-गोरखपुर 30 अप्रैल, 4, 6, 7 मई, गोरखपुर-सिकंदराबाद 30 अप्रैल। सिकंदराबाद-गोरखपुर एक मई। गोरखपुर-यशवंतपुर 26 अप्रैल। सिकंदराबाद-गोरखपुर 28 अप्रैल। गोरखपुर-एलटीटी 22 एवं 29 अप्रैल। एलटीटी-गोरखपुर 23, 30 अप्रैल। एलटीटी-गोरखपुर 27 अप्रैल से तीन मई। गोरखपुर-एलटीटी 27 अप्रैल से तीन मई। गोरखपुर-यशवंतपुर 22 व 29 अप्रैल। यशवंतपुर-गोरखपुर 24 अप्रैल व एक मई। गोरखपुर-पुणे 24 अप्रैल व एक मई। पुणे-गोरखपुर 26 अप्रैल व तीन मई। गोरखपुर-ओखा 24 अप्रैल व एक मई। ओखा-गोरखपुर 27 अप्रैल व चार मई तक निरस्त रहेगी। इधर… मौसम साफ, फिर भी देरी से चल रहीं ट्रेनें भोपाल में गुरुवार को रेलवे यात्री मौसम साफ होने के बावजूद परेशान हुए। कई प्रमुख ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 2 घंटे तक की देरी से भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचीं। वहीं, कुछ ट्रेनों की लेटलतीफी तो 3 से 6 घंटे तक दर्ज की गई, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। स्टेशन पर यात्रियों की खासी भीड़ देखने को मिली, लेकिन जानकारी के अभाव और ट्रेनों के अनिश्चित आगमन समय ने उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया। यात्रियों ने शिकायत की कि प्लेटफार्म पर ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के संबंध में समय पर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की जा रही थी, जिससे उन्हें घंटों तक दुविधा में रहना पड़ा।   ट्रेनें देरी से पहुंची भोपाल     12138 पंजाब मेल : एक घंटा     12406 गोंडवाना : 24 मिनट     11058 अमृतसर : डेढ़ घंटा     12920 मालवा : 2 घंटे 06 मिनट     12156 भोपाल एक्स : आधा घंटा     12722 दक्षिण एक्स: 28 मिनट     18237 छत्तीसगढ़ : 28 मिनट     12853 अमरकंटक : 30 मिनट     22537 कुशीनगर : 35 मिनट यात्री भी हो रहे परेशान भोपाल स्टेशन पर ट्रेनों की लेटलतीफी से परेशान यात्री जब वेटिंग एरिया में बैठे तो वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। प्लेटफार्म एक पर बने छह नंबर वेटिंग एरिया में वाशरूम की हालत खस्ता है। वाशरूम में पानी की व्यवस्था नहीं है।

पीथमपुर के भस्मक संयंत्र परिसर में रखे 307 टन कचरे को नष्ट करने का अंतिम चरण दो सप्ताह बाद शुरू होगा

इंदौर धार जिले के पीथमपुर में विगत दिनों ट्रायल रन के तहत यूनियन कार्बाइड  के 30 टन कचरे को जलाकर नष्ट किया जा चुका है। अब पीथमपुर के भस्मक संयंत्र परिसर में रखे 307 टन कचरे को नष्ट करने का अंतिम चरण दो सप्ताह बाद शुरू होगा। यह संभावना जताई जा रही है कि 1 मई से संयंत्र में 270 किलो प्रति घंटे की दर से यूका के कचरे को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस संबंध में 21 अप्रैल को भोपाल में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भस्मक संयंत्र संचालित करने वाली कंपनी एनर्जी एनवायरो के प्रतिनिधियों की बैठक भी होने वाली है।   72 दिन में नष्ट करना है पूरा कचरा हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, 72 दिन में इस पूरे कचरे को नष्ट करने का कार्य पूर्ण किया जाएगा। गौरतलब है कि पीथमपुर के भस्मक संयंत्र में 28 फरवरी से 9 मार्च के बीच 30 टन यूका के कचरे को ट्रायल रन के तहत नष्ट किया जा चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने एनर्जी इन्वयारों कंपनी को 307 टन यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने से पूर्व अपने प्लांट में आटोमेशन सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत यूका के कचरे को तौलकर निर्धारित मात्रा में भस्मक में डालने की प्रक्रिया ऑटोमेटिक वजन मापी यंत्र लगाने के लिए कहा गया है। पिछले ट्रायल रन में कचरे को मैन्युअली तौलकर कर्मचारी भस्मक संयंत्र में डाल रहे थे। वही भस्मक संयंत्र में ऑटोमेटिक मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि अभी भस्मक संयंत्र की चिमनी पर ही ऑटोमेटिक मॉनिटरिंग सेंसर के माध्यम से निगरानी की गई थी। इसके माध्यम से कचरा जलने के बाद उत्सर्जित होने वाली गैसों की मात्रा का पता चलता था। 900 टन निकलेगी राख, लैंडफिल के लिए अनुमति लेने का प्रयास अभी 30 टन कचरा नष्ट करने के बाद 75 टन राख निकली है। 307 टन यूका का कचरा जलाने के बाद करीब 900 टन राख निकलेगी। ऐसे में इस राख को लैंडफिल में सुरक्षित तरीके से दबाया जाएगा। वर्तमान में भस्मक संयंत्र का संचालन करने वाली कंपनी के पास पांच लैंडफील साइट है। यूका के कचरे के जलाने के बाद बची राख को जमीन में दबाने के लिए अलग से लैंडफिल तैयार किया जाना है। ऐसे में कंपनी इस संबंध के नया लैंडफिल तैयार करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लेने का प्रयास कर रही है। अनुमति मिलने के बाद लैंडफिल तैयार करने के लिए खुदाई की जाएगी। तब तक एनर्जी इनवायरो कंपनी अपने परिसर में ही शेड में यूका कचरा जलाने के बाद बची हुई राख को रखेगी।

स्कूल शिक्षा विभाग ने लोकेशन आधारित उपस्थिति की तैयारी की शुरू, अब टीचर्स की अटेंडेंस चेहरा दिखाकर लगेगी

भोपाल अब सरकारी स्कूलों से शिक्षक गायब नहीं रह पाएंगे। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। प्रदेश के करीब चार लाख शिक्षकों की उपस्थिति सार्थक एप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज होगी। यह एप शिक्षकों की लोकेशन दर्ज करेगा साथ ही आनलाइन चेहरा दिखाई देने पर ही उपस्थिति लगेगी। गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलेंगे तो जुलाई से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य कर दी जाएगी। प्रदेश के 99,145 स्कूलों में से केवल 8,051 स्कूलों में ही शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति एम शिक्षा मित्र एप से दर्ज की जा रही है यानी 91,094 स्कूलों में इसका उपयोग ही नहीं हो रहा है। जबकि यह व्यवस्था अनिवार्य की गई थी। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सवाल खड़े होते रहते हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी इस बात को कई बार स्वीकार कर चुके हैं कि प्रदेश में कुछ जिलों में शिक्षक स्कूल नहीं जाते हैं। उनके स्थान पर दूसरे लोग पढ़ाने जाते हैं। वहीं कुछ शिक्षक स्कूलों के निर्धारित समय पर नहीं पहुंचते हैं। तीन बार व्यवस्था बनाई गई लेकिन फेल हो गई। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2017, वर्ष 2020 और वर्ष 2022 में प्रयास किया। ऑनलाइन उपस्थिति एम शिक्षा मित्र एप के जरिए शुरू की गई थी। लेकिन शिक्षकों ने इस प्रक्रिया का विरोध किया।    कभी स्मार्ट फोन न होने तो कभी नेटवर्क न मिलने का बहाना बनाया गया। ऑनलाइन उपस्थिति से कन्नी काटी जाती रही। कई कारणों से यह प्रक्रिया ठीक से लागू नहीं हो पाई।   नए एप में गड़बड़ियों को किया गया दूर एम शिक्षा मित्र एप से उपस्थिति लगानी अनिवार्य की गई थी लेकिन इसके माध्यम से नेटवर्क मिलने पर ही उपस्थिति लगती थी। इसमें लोकेशन व चेहरा पहचान कर उपस्थिति लगाने का विकल्प नहीं होने से बहुत गड़बड़ियां होती थीं। सार्थक एप में इन्हें दूर कर लिया गया है। अवकाश के लिए भी कर सकेंगे आवेदन सार्थक एप की नई व्यवस्था में कर्मचारी व शिक्षक छुट्टी के लिए भी आवेदन कर सकेंगे और शासन से किसी भी प्रकार का कार्यालयीन पत्राचार इस एप से हो जाएगा। दरअसल, सार्थक एप मध्य प्रदेश सरकार के पोर्टल से जुड़ा नवीनतम मोबाइल एप्लीकेशन है।  

अंबेडकर परिसर निर्माण हेतु विधायक ने 15 लाख देने की घोषणा की

संविधान की प्रति हाथों में लहराने वालो की कांग्रेस ने ही बाबा साहब को दो बार चुनाव में हराने का किया था कार्यगोपालसिंह इंजीनियर सिद्दीकगंज में मनाई गई अंबेडकर एवं ज्योतिबा फुले जी की संयुक्त जयंती अंबेडकर परिसर निर्माण हेतु विधायक ने 15 लाख देने की घोषणा की आष्टा  जो कांग्रेस के युवराज,उनकी पार्टी के नेता दिनरात,सोते बैठते,खाते पीते हर जगह,हर स्थान पर बाबा साहब के लिखे संविधान की प्रति लहराते दिखते है,संविधान,संविधान चिल्लाते है,जरा उनसे केवल इतना पूछा जाये की संविधान की रक्षा की इतनी इतनी बड़ी बड़ी बातें चिल्ला चिल्ला कर करते हो तो आजादी के बाद देश मे हुए लोकसभा के चुनाब में उस ही संविधान के निर्माता,रचियता बाबा साहब भीमराव जी अंबेडकर के खिलाफ कांग्रेस ने,कांग्रेस का उम्मीदवार खड़ा करके उनेह हरवाने का काम एक बार नही दो बार क्यो किया था.? ये कांग्रेस का दोहरा ओर दोगला चरित्र है । बाबा साहब ने जो संविधान हमे दिया आज उस संविधान के कारण ही आज गरीब,पिछड़े,अनुसूचित जाति,जनजाति,गरीब का देश का,समाज का उत्थान,विकास हुआ है । उक्त उदगार आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने आज सिद्दीकगंज में डॉ बीआर अंबेडकर समिति द्वारा अंबेडकर जी एवं ज्योतिबा फुले जी की संयुक्त जयंती समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किये । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा कि कांग्रेस के दोहरे चेहरे को हम सब को पहचानना होगा,कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहब को धोखा दिया है । पहले उनेह दो बार चुनाव में हरवाया,फिर उनेह कांग्रेस के शासन के होते हुए भारत रत्न नही दिया गया । जब भाजपा के समर्थन वाली केंद्र में सरकार आई तब बाबा साहब को भारत रत्न दिया,आज पूरे देश मे पंचतीर्थ का विकास आपके सामने है जो भाजपा की ही देन है। कांग्रेस की निगाह हमेशा आपके वोट पर ही रहती है,अब आपको कांग्रेस को पहचानना होगा और यह भी तय करना होगा । भाजपा ने बाबा साहब के लिये देश मे ओर विदेश में क्या क्या किया उसको भी आपको देखना समझना होगा । इस अवसर पर विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने समिति की मांग पर अंबेडकर परिसर के साथ धर्मशाला भवन निर्माण हेतु 15 लाख की राशि देने की घोषणा की जिसका उपस्तिथ सभी नागरिको ने स्वागत किया । इस अवसर पर ग्राम में विशाल रैली निकाली गई । विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने आयोजित कार्यक्रम के दौरान अंबेडकर परिसर में लगाई गई बाबा साहब की प्रतिमा का लोकार्पण किया । कार्यक्रम में जोरावरसिंह दूधी,आत्माराम पचलासिया,बुलचन्द मालवीय,बलवंतसिंह बगाना,प्रेमनारायण सोलंकी महेंद्रसिंह काजले,विजय नागेश्वरी,राजाराम दूधी,सोहन देलमी,सुनील चौहान सहित समिति के सभी सदस्यो ने विधायक का स्वागत सम्मान किया

मध्‍य प्रदेश में सरकार तबादला नीति घोषित करने की तैयारी में है, मई से हो सकते हैं तबादले, नीति जल्द कैबिनेट में आएगी

भोपाल प्रदेश में तीन वर्ष से लगा तबादले पर से प्रतिबंध मई में हटाया जा सकता है। सरकार तबादला नीति घोषित करने की तैयारी में है। इसमें जिले के भीतर स्थानांतरण करने का अधिकार प्रभारी मंत्री को दिया जाएगा। किसी भी संवर्ग में 20 प्रतिशत से अधिक तबादले नहीं होंगे। गंभीर बीमारी, पति-पत्नी को एक स्थान पर पदस्थ करने, प्रशासनिक और स्वैच्छिक आधार पर स्थानांतरण किए जा सकेंगे। आदिवासी क्षेत्रों में तबादला उसी स्थिति में होगा, जब वहां दूसरी पदस्थापना सुनिश्चित हो जाए। प्रदेश में चार लाख से अधिक नियमित कर्मचारी हैं। अभी मंत्रियों को विशेष परिस्थिति में तबादला करने के अधिकार दिए गए हैं। लेकिन विधानसभा का बजट सत्र आने के कारण इसका भी अधिक उपयोग नहीं हो सका। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रशासनिक और स्वैच्छिक आधार पर तबादला करने की छूट देने की नीति तैयार करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि तीन वर्ष से सामान्य प्रकृति वाले तबादले नहीं हुए हैं। मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री समन्वय में वे प्रकरण ही आते हैं, जो गंभीर और अति आवश्यक प्रकृति के होते हैं। विभागों के मैदानी कार्यालयों में कई अधिकारी लंबे समय से पदस्थ हैं।  प्रशासनिक दृष्टि से परिवर्तन आवश्यक होता है। इसे देखते हुए नीति जल्द घोषित की जाएगी। इसमें उन अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले मुख्यमंत्री समन्वय की अनुमति के बिना नहीं होंगे। जिन्हें मुख्यमंत्री की नोटशीट के आधार पर दूसरे स्थान पर पदस्थ किया गया था।  

कचरे और धातु स्क्रैप से थीम पार्क के निर्माण का सफल प्रयोग अब श्रीराम और श्रीकृष्ण की नगरी में भी आजमाया जाएगा

लखनऊ संगमनगरी में कचरे और धातु स्क्रैप से थीम पार्क के निर्माण का सफल प्रयोग अब श्रीराम और श्रीकृष्ण की नगरी में भी आजमाया जाएगा। प्रयागराज में बना शिवालय पार्क महाकुंभ में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा था। अब उसकी तर्ज पर मथुरा में कृष्ण लोक पार्क और अयोध्या में लवकुश पार्क व श्रीपुरुषोत्तम दर्शन अनुभव केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इनमें प्रभु श्रीराम और कृष्ण की लीलाओं को दर्शाया जाएगा। नगर विकास विभाग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने इन थीम पार्क की कार्ययोजना प्रस्तुत की है। प्रभु के प्रसंगों को दिखाया जाएगा मथुरा-वृदांवन क्षेत्र में बनने वाले कृष्ण लोक पार्क में 3-डी इमेजिंग, इंटरेक्टिव मॉडल और लाइट एंड साउंड के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को दिखाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ पूतना, बकासुर और कंस वध की लीला को दर्शााया जाएगा। कान्हा के युवाकाल, चीर हरण से द्रौपदी की रक्षा की लीला से लेकर महाभारत में गीता का उपदेश देते हुए उनके विराट स्वरूप को भी प्रस्तुत किया जाएगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए बांसुरी और मयूर आकृति के झूले, द्वापर युगीन मथुरा-वृदांवन का परिदृश्य भी बनाया जाएगा। वहीं अयोध्या के लव-कुश पार्क में प्रभु श्रीराम और लव-कुश के जीवन प्रसंगों को दर्शाया जाएगा। इंटरेक्टिव तकनीक के प्रयोग से रामकथा के प्रेरक प्रसंग दिखाए जाएंगे। बच्चों के मनोरंजन की भी होंगी सुविधाएं बच्चों के मनोरंजन के लिए एंटरटेनमेंट जोन में सेल्फी प्वाइंट, धनुष-बाण का मैदान, घोड़े की सवारी, आब्सटेकल मार्ग, लर्निंग एरिया आदि बनाया बनाया जाएगा। जबकि श्रीपुरुषोत्तम दर्शन अनुभव केंद्र में एलईडी डिस्प्ले, इंटरेक्टिव एलईडी वाल, म्यूरल वाल, प्रोजेक्शन और टच कियोस्क जैसी आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। नगर विकास विभाग अपनी कचरे से कंचन की नीति के तहत शहर के वेस्ट मटेरियल और धातु स्क्रैप से इन पार्कों का निर्माण कराएगा। विभाग के अनुसार ये पार्क मथुरा और अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र बनेंगे और इससे नगरीय निकाय के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

लॉकडाउन के चलते विवाह स्थगित, होटल संचालक ने एडवांस नहीं लौटाने पर आयोग ने नाराजगी जताई

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने एक शिकायतकर्ता के होटल बुकिंग के पूरे पैसे वापस करने का आदेश दिया है। आयोग ने कहा कि Covid-19 लॉकडाउन एक आपदा थी। यह ऐसी परिस्थिति थी, जिस पर उपभोक्ता का कोई नियंत्रण नहीं था। इस फैसले के साथ, राज्य आयोग ने बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के आदेश के खिलाफ एक उपभोक्ता की अपील को स्वीकार कर लिया। पहले, जिला आयोग ने केवल 50,000 रुपये वापस करने का आदेश दिया था। यह एडवांस राशि का आधा हिस्सा था। भाई की शादी के लिए बुक किया था होटल दरअसल, पूरा मामला होटल इंटरसिटी इंटरनेशनल, बिलासपुर से जुड़ा है। विकास कुमार गुप्ता नाम के एक व्यक्ति ने अपने भाई की शादी के लिए 21-22 अप्रैल 2021 को होटल बुक किया था। कुल बुकिंग राशि 4,91,000 रुपये थी। इसके लिए 1,00,000 रुपये का एडवांस दिया गया था, लेकिन Covid-19 महामारी के कारण सरकार ने लॉकडाउन लगा दिया। इस वजह से शादी तय तारीखों पर नहीं हो सकी। शादी की तारीख बदलने की कोशिश की गई, लेकिन होटल ने बुकिंग को मानने या एडवांस वापस करने से इनकार कर दिया। जिला आयोग ने सुनाया था फैसला जिला आयोग ने जून 2024 के अपने आदेश में माना कि लॉकडाउन एक अप्रत्याशित घटना थी। लेकिन, उन्होंने केवल 50% रिफंड की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि होटल प्रशासनिक शुल्क के रूप में कुछ राशि रखने का हकदार है। हालांकि, राज्य आयोग ने कहा कि जिला आयोग का 50% कटौती करने का तर्क सही नहीं है। आयोग ने कहा कि कलेक्टर ने 14 अप्रैल से 6 मई, 2021 तक पूरे बिलासपुर जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया था। इसका मतलब है कि शादी की तारीखों के दौरान भी जिले में पाबंदी थी। आयोग ने जोर देकर कहा कि सरकारी पाबंदियों को देखते हुए, होटल उस दौरान कोई भी कार्यक्रम नहीं कर सकता था। इसलिए, होटल को नुकसान होने की संभावना नहीं है, जैसा कि उन्होंने दावा किया था। राज्य आयोग के अध्यक्ष जस्टिस गौतम चौरड़िया और सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा की बेंच ने कहा, “लॉकडाउन की अवधि के दौरान, प्रतिवादी न तो व्यवस्था कर सकता था और न ही अन्य बुकिंग ले सकता था। प्रशासनिक शुल्क के नाम पर 50% की कटौती सही नहीं है। पूरा रिफंड देना ही न्यायसंगत है।” जिला आयोग के आदेश को बदला इसलिए, राज्य आयोग ने जिला आयोग के आदेश को बदल दिया। उन्होंने होटल को शिकायतकर्ता को 1,00,000 रुपये की पूरी एडवांस राशि वापस करने का आदेश दिया। मानसिक पीड़ा (5,000 रुपये) और मुकदमेबाजी के खर्च (2,000 रुपये) के लिए मुआवजे के पहले के आदेश को बरकरार रखा गया। यह पैसा 45 दिनों के भीतर देना होगा।  

जल संकट से जूझ रहे उफरी गांव में पीएम जनमन योजना के साथ जल जीवन मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया

भोपाल डिंडोरी जिले के करंजिया ब्लॉक का उफरी गांव, जहां कभी जल संकट विकराल रूप ले लेता था, अब स्वच्छ पेयजल की सुविधा से आत्मनिर्भर हो चुका है। यह वही गांव है, जहां पानी की एक-एक बूंद के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जहां महिलाओं और बच्चों का बड़ा हिस्सा अपने दिन का अधिकांश समय पानी की व्यवस्था करने में ही गंवा देता था। अब यह सब बीते समय की बात हो गई है। गांव के बुजुर्ग गंगाराम बैगा बताते हैं, “गर्मियों में पानी की इतनी दिक्कत थी कि कई बार हमें रात में भी पानी भरने जाना पड़ता था। कई बार तो ऐसा हुआ कि झिरियों से गंदा पानी पीने के कारण गांव के कई लोग बीमार पड़ गए। हमें कभी उम्मीद नहीं थी कि हमारे गांव में भी नल से पानी मिलेगा। अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। यह हमारे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।” पीएम जनमन योजना बनी संजीवनी जल संकट से जूझ रहे इस गांव में पीएम जनमन योजना के साथ जल जीवन मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा यहां एक बड़ी पेयजल टंकी का निर्माण कराया गया, जिससे पाइपलाइन के माध्यम से हर घर तक पानी पहुंचाया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जनजातीय परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, ताकि उन्हें जल संकट से मुक्ति मिल सके। गांव की महिला श्रीमती सुकली बाई कहती हैं, “पहले हमें रोज सुबह जल्दी उठकर पानी के लिए निकलना पड़ता था। कई बार रात में भी पानी भरना पड़ता था, क्योंकि सुबह भीड़ अधिक होती थी। हमारी पूरी दिनचर्या पानी पर निर्भर थी, खेती-किसानी और बच्चों की देखभाल भी पीछे छूट जाती थी। अब हमें यह चिंता नहीं रहती, अब समय बचता है और हम अन्य कामों पर ध्यान दे सकते हैं।” नल से जल, 110 परिवारों के जीवन में बदलाव लगभग 530 जनसंख्या वाले उफरी गांव में जल जीवन मिशन के तहत 110 परिवारों को घर-घर नल कनेक्शन दिए गए। अब ग्रामीणों को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध है, जिससे कई समस्याएं हल हो गई हैं। सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि अब बीमारियों का खतरा कम हो गया है। पहले दूषित पानी पीने के कारण गांव में डायरिया, पीलिया जैसी बीमारियां आम थीं, लेकिन अब स्वास्थ्य केंद्र में ऐसे मामलों में काफी कमी आई है। गांव के बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि उनके जीवन को सरल और सुखद बनाने वाली क्रांतिकारी पहल है। ग्रामीणों ने इस बदलाव को हृदय से स्वीकार किया है और प्रधानमंत्री जनमन योजना को विकास का वह स्रोत माना है, जिसने उफरी को नई पहचान दी है। पानी की हर बूंद के साथ अब यहां विकास की नई लहर बह रही है। विकास की ओर बढ़ता उफरी अब गांव में महिलाएं पानी भरने की चिंता से मुक्त होकर अपने घर-परिवार और आजीविका पर ध्यान दे सकती हैं। बच्चे बिना किसी रुकावट के स्कूल जा रहे हैं, और सबसे बड़ी राहत यह है कि गंदे पानी से होने वाली बीमारियों का डर अब नहीं सताता। गांव के कई परिवार अब आजीविका के नए साधनों की ओर बढ़ रहे हैं। पीएम जनमन योजना जल जीवन मिशन से हुए इस सकारात्मक बदलाव से पूरा गांव उत्साहित है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री मोदी और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है और कहा है कि यह योजना उनके लिए केवल जल उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। अब उफरी गांव विकास की एक नई राह पर आगे बढ़ रहा है, जहां हर घर जल है और हर घर खुशहाली की ओर अग्रसर है।  

कानपुर एयरपोर्ट पर एक 72-सीटर हवाई जहाज में बम रखा गया, अफवाह से मचा हड़कंप, दो घंटे की हुई जांच

कानपुर कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट पर शुक्रवार को बम की अफवाह से हड़कंप मच गया। घटना तब हुई जब किसी सिरफिरे ने फोन करके एयरपोर्ट अधिकारियों को जानकारी दी कि एयरपोर्ट पर एक 72-सीटर हवाई जहाज में बम रखा गया है। यह जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल सक्रियता दिखाई। एयरपोर्ट पर तुरंत सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया और एयरपोर्ट के हर कोने को खंगालने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि कानपुर एयरपोर्ट पर सामान्यतः 72 सीटर हवाई जहाजों का संचालन नहीं होता है, जिससे बम की सूचना के होने की संभावना पर सवाल उठने लगे। हालांकि, पूरे एयरपोर्ट परिसर को सुरक्षा बलों ने सर्च किया, ताकि किसी भी प्रकार के खतरे से बचा जा सके। बम की अफवाह को लेकर पुलिस ने चकेरी थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। इसी बीच, पुलिस ने मामले में सख्ती से कार्रवाई करते हुए सिरफिरे की पहचान करने के लिए मोबाइल सर्विलांस का सहारा लिया। सर्विलांस के जरिए पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे मोहित नाम के किसी अज्ञात व्यक्ति ने टर्मिनल ड्यूटी सेल न्यू चकेरी एयरपोर्ट पर फोन किया और कहा कि कानपुर एयरपोर्ट पर 72 सीटर फ्लाइट में बम है। इस सूचना पर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट कानपुर नगर और पुलिस उपायुक्त (पूर्वी), अपर पुलिस उपायुक्त (पूर्वी), सहायक पुलिस आयुक्त चकेरी और कमिश्नरेट कानपुर नगर को अवगत कराया गया और तत्काल प्रभाव से थाना चकेरी पुलिस बल व सर्विलांस टीम की मदद से त्वारित कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि कॉल करने वाले व्यक्ति को दो घंटे के अंदर हिरासत में लिया गया। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

यमुना जल समझौते के संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लेंगे बैठक

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा शनिवार (19 अप्रेल) से जयपुर, सीकर, झुंझुनूं और चूरू के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान श्री शर्मा आमजन से संवाद करेंगे और विभिन्न क्षेत्रों के संबंधित विषयों पर अधिकारियों की बैठकें लेंगे। श्री शर्मा शनिवार को सड़क मार्ग से टांटियावास, चौमूं, गोविन्दगढ़, सरगोठ, रींगस, पलसाना, बाजौर होते हुए सीकर सर्किट हाउस पहुंचेंगे। यहां वे जनसुनवाई करेंगे और अधिकारियों की बैठक भी लेंगे। इसके पश्चात वे धोद, लक्ष्मणगढ़ होते हुए फतेहपुर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री रविवार (20 अप्रेल) को मण्डावा और मुकुन्दगढ़ के रास्ते झुंझुनूं सर्किट हाउस पहुंचकर जनसुनवाई करेंगे और अधिकारियों की बैठक लेंगे। यहां से वे गुढ़ा मोड़, बगड़, चिड़ावा के रास्ते पिलानी पहुंचेंगे। सोमवार (21 अप्रेल) को श्री शर्मा बिट्स पिलानी में अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। यहां से वे हवाई मार्ग से मलसीसर पहुंचेंगे, जहां पीने के पानी के डैम का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे चूरू पुलिस लाईन में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। चूरू से मुख्यमंत्री हिण्डाला फार्म हाउस, प्रेमपुरा (सीकर) पहुंचेंगे, जहां वे स्व. ईश्वर राम हिण्डाला की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद वे चौरू, फागी (जयपुर) पहुंचेंगे और भक्त शिरोमणी श्री धन्ना भगत की 610वीं जयन्ती महोत्सव में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री लेंगे संयुक्त टास्क फोर्स की बैठक मुख्यमंत्री श्री शर्मा 20 अप्रेल को पिलानी में यमुना जल समझौते की डीपीआर को लेकर गठित संयुक्त टास्क फोर्स की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान वे नक्शे एवं अलाइमेंट की डिजाइन पर विस्तृत चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि यमुना जल समझौते के प्रथम चरण में ताजेवाला हैड से प्रदेश में जल लाने के लिए प्रवाह प्रणाली हेतु संयुक्त डीपीआर बनाने पर सहमति बनी है। डीपीआर के लिए गठित संयुक्त टास्क फोर्स की पहली बैठक 7 अप्रेल को यमुनानगर में हो चुकी है।  

संजय निरुपम ने कहा- सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर ट्रस्टों के समानांतर वक्फ बोर्ड को देखने की कोशिश की, जो गलत है

मुंबई शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सुप्रीम कोर्ट में वक्फ बोर्ड से संबंधित सुनवाई पर शुक्रवार को अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर ट्रस्टों के समानांतर वक्फ बोर्ड को देखने की कोशिश की, जो “गलत” है। निरुपम ने मिडिया से बात करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सवाल किया कि क्या मंदिर ट्रस्टों में गैर-हिंदुओं को सदस्य बनाया जा सकता है। उनका कहना है कि मंदिर प्रबंधन समितियां और मस्जिद की इंतजामिया कमेटियां समान हैं। शिवसेना नेता ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट का यह दृष्टिकोण संविधान में दी गई धार्मिक स्वतंत्रता का गलत विश्लेषण करता है। मंदिर ट्रस्ट में गैर-हिंदुओं को शामिल करने का कोई कानून या परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड कोई धार्मिक संगठन नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को वक्फ बोर्ड में नई नियुक्तियों और वक्फ संपत्तियों के डीनोटिफिकेशन पर 5 मई को होने वाली अगली सुनवाई तक रोक लगा दी थी। निरुपम ने कहा कि कुछ लोग गलतफहमी फैला रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून पर पूरी तरह रोक लगा दी है, जो गलत है। जब कोई मामला कोर्ट में विचाराधीन होता है, तो सरकार उस पर कोई कदम नहीं उठाती। इसे “सब ज्यूडिस” यानी न्यायिक प्रक्रिया में होने वाला मामला कहते हैं। केंद्र सरकार को सात दिन के भीतर कोर्ट में जवाब देना है। निरुपम ने जोर देकर कहा कि वक्फ कानून बनाते समय संविधान में दी गई धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित नहीं किया गया। बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार स्पष्ट है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ के नाम पर कुछ लोग लूट मचा रहे हैं और इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड का उद्देश्य गरीब मुस्लिम विधवाओं और बच्चों को लाभ पहुंचाना है, लेकिन इसका दुरुपयोग हो रहा है। केंद्र सरकार अदालत में इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करेगी। निरुपम ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने की बजाय संवैधानिक दायरे में रहना चाहिए।”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा- ईडी द्वारा चार्जशीट दाखिल किया जाना, घोटाले में पूरी तरह से उनकी संलिप्तता को दर्शाता

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस और गांधी परिवार पर जुबानी हमले किए। उन्होंने कहा कि इस मामले में ईडी द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया जाना, घोटाले में पूरी तरह से उनकी संलिप्तता को दर्शाता है। सीएम विष्णु देव साय ने गांधी परिवार पर तंज कसते हुए कहा कि अब उन्हें यह मान लेना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। ऐसे मामलों में बचाव की कोशिश कोर्ट में करना चाहिए, न कि सड़क पर। वैसे भी सबको यह पता है कि नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार अभी भी जमानत पर है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”करप्शन और कांग्रेस, ये पर्यायवाची शब्द जैसे हैं। नेशनल हेराल्ड मामले में भी जिस तरह के संस्थागत घोटाले और धोखाधड़ी किए गए, उसका सच जनता के सामने आ चुका है। मामले में ईडी द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया जाना, घोटाले में पूरी तरह से उनकी संलिप्तता को दर्शाता है। भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों के काम में बाधा डालने की कोशिश या इसके विरुद्ध सड़क पर आना यह साबित करता है कि कोर्ट में इनके पास अपनी सफाई में कहने को कुछ नहीं है। कांग्रेस को यह पता है कि आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्य पुख्ता हैं।” सीएम विष्णु देव साय ने आगे लिखा, ”गांधी परिवार को अब यह मान लेना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। ऐसे मामलों में बचाव की कोशिश कोर्ट में करना चाहिए, न कि सड़क पर। वैसे भी सबको यह पता है कि नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार अभी भी जमानत पर है। उन्हें कानूनी उपचार का सहारा लेना चाहिए। अनावश्यक प्रोपेगेंडा करने से कुछ हासिल होने वाला नहीं है।” बता दें कि नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इस मामले को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने है। दोनों दलों के बीच वार-पलटवार भी देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रही है। दूसरी तरफ भाजपा, कांग्रेस को घेर रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव ने मामले को लेकर कांग्रेस को फिर से घेरा।

सीलमपुर हत्या मामला: CM रेखा गुप्ता ने कहा, जल्द पकड़े जाएंगे आरोपी, मृतक परिवार के साथ होगा पूरा न्याय

नई दिल्ली उत्तर पूर्वी दिल्ली में न्यू सीलमपुर के जे-ब्लॉक में 17 वर्षीय एक लड़के की बेरहमी से चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई है। हत्या के बाद से आरोपी फरार हैं। इस घटना पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मृतक के परिवार के साथ पूरा न्याय होगा। उत्तर पूर्वी दिल्ली में सीलमपुर के जे-ब्लॉक में 17 वर्षीय एक लड़के की गुरुवार शाम को चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मृतक की पहचान उसी इलाके के कुणाल के रूप में हुई है। नाबालिग लड़के पर गुरुवार शाम करीब 7.38 बजे हमला हुआ था। सीएम रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए सीलमपुर में युवक की हत्या पर कहा, “मैंने खुद पुलिस कमिश्नर से बात की है। कुणाल पर चाकुओं से हमला हुआ था। परिवार के लोग गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हत्या के दोषियों को पुलिस गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। हमें पूरी उम्मीद है कि पुलिस दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर लेगी। मृतक के परिवार के साथ पूरा न्याय होगा। इसमें किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह बताया था कि चाकू घोंपने की घटना की सूचना सीलमपुर थाने को मिली थी। इसके बाद तुरंत पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि, तब तक कुणाल को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद, गहन जांच के लिए क्राइम टीम को भी मौके पर भेजा गया था। सीलमपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने हमलावरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए कई टीमें तैनात की हैं। वरिष्ठ अधिकारी जांच की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। हत्या के पीछे का मकसद अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। परिजनों की मांग है कि आरोपियों को फांसी होनी चाहिए। वे मांग कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे।

ऑनलाइन होगा सारा डाटा, एक क्लिक में सीधे खाते में आएंगे पैसे, अब नहीं रुकेगी बच्चों की पढ़ाई!

कानपुर बाल सेवा योजना का पोर्टल बनाया जा रहा है। सभी डाटा ऑनलाइन हो जाएगा। अभी मैनुअल तरीके से लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जाती है। डाटा ऑनलाइन होने पर लखनऊ मुख्यलाय से प्रदेशभर के सभी लाभार्थियों के खाते में एक साथ धनराशि भेजने की सुविधा रहेगी। पूरी व्यवस्था पारदर्शी हो जाएगी। यह सुविधा इसी माह के आखिर तक चालू करने की तैयारी है। बाल सेवा योजना और स्पांसरशिप योजना का ब्योरा अभी तक ऑफलाइन है। इस कारण मैनुअल तरीके से लाभार्थियों के खातों में धनराशि भेजी जाती है। इसके लिए अलग-अलग बिल बनाने पड़ते हैं। डाटा संग्रह में भी दिक्कत रहती है। लाभार्थी के बारे में किसी तरह की जानकारी में काफी समय लगता है। इसी माह के आखिर तक बन जाएगा पोर्टल अब इन दोनों योजना का इसी माह के आखिर तक पोर्टल बन जाएगा। इस पर सभी डाटा अपलोड होगा। बाल सेवा योजना में शहर में 189 और स्पांरशिप योजना में 1075 लाभार्थी हैं। पिता या मां अथवा दोनों के निधन पर बच्चों को पढ़ाई के लिए धनराशि दी जाती है। बाल सेवा योजना में ढाई हजार और स्पांसरशिप योजना में चार हजार रुपये प्रतिमाह पढ़ाई के लिए दिए जाते हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह का कहना है कि इन दोनों योजना का पोर्टल इसी माह तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद कई तरह की दिक्कतें दूर हो जाएंगी। डीएम ने पात्र बच्चे चिह्नित करने के लिए कहा जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न हो। किसी भी बच्चे के पिता, मां या दोनों के निधन के बाद पढ़ाई प्रभावित हुई है तो ऐसे बच्चे चिह्नित किए जाएं। बीएसए और डीआइओएस को पत्र लिखकर ऐसे बच्चे चिह्नित करने के लिए कहा है जिनके पिता या मां का निधन होने पर वह पढ़ाई न कर पा रहे हो। इन्हें इन दोनों योजनाओं के तहत पढ़ाई के लिए धनराशि दिलाई जाएगी।

वक्फ यह संवैधानिक कानून है, धार्मिक नहीं, यह मुल्क का कानून है: मुख्तार अब्बास नकवी

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को वक्फ कानून का विरोध करने वालों पर तंज कसा। उन्होंने कहा है कि वक्फ कानून किसी मजहब का कानून नहीं है। भाजपा नेता ने वीडियो बयान में कहा कि वक्फ की लूट पर वैधानिक छूट चाहने वाली लूट की लंपट लामी लामबंद हुई है। उन्होंने कहा कि वक्फ कानून धार्मिक कानून नहीं है। यह संवैधानिक कानून है, यह मुल्क का कानून है। यदि आप मुल्क के कानून में भी मजहब के हिसाब से एंट्री और नो एंट्री का बोर्ड लगाएंगे, तो यह न समाज के लिए अच्छा है और न ही संवैधानिक सिद्धांत के लिए अच्छा है, बल्कि समाज के बिखराव और टकराव की भावनाओं को बढ़ाने वाला है। उन्होंने आगे कहा कि अफसोस की बात है कि कुछ लोग हर सांप्रदायिक फसाद में सियासी मफाद की तलाश करते हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ का जो संशोधन हुआ है, यह धार्मिक आस्था के संरक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था के सुधार का है। यह मजहब का नहीं, मुल्क का कानून है। बता दें कि मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को वक्फ कानून को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस पार्टी पर जुबानी हमला बोला था। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए ममता सरकार पर आरोप लगाया था कि वह राज्य में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा को नजरअंदाज कर रही हैं और क्रिमिनल-कम्युनल-क्रूर कारीगरों के हाथों की कठपुतली बन चुकी हैं। नकवी ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर भी जुबानी हमला बोला था। नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद कांग्रेस की ओर से किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर भी नकवी ने टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस कुनबे की करतूतों को क्रांति का ताबूत बनाकर पेश करने की कोशिश कर रही है। यह जो कार्रवाई हो रही है, वह किसी राजनीतिक द्वेष का हिस्सा नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार पर आधारित वैधानिक प्रक्रिया है। कोर्ट ने पहले ही इस पर निर्देश दिए हुए हैं।

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