LATEST NEWS

सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के हाथ परमाणु बम लगने जैसा है, आर्टिकल 142 पर बोले धनखड़

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संविधान के अनुच्छेद 142 में प्रदत्त सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों पर सवाल खड़े किए हैं और कहा है कि यह सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के हाथ परमाणु बम लगने जैसा है। गुरुवार को उपराष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के हाल ही में दिए गए फैसले पर सवाल उठाया, जिसमें राज्यों द्वारा भेजे गए विधेयकों पर हस्ताक्षर करने के लिए राष्ट्रपति से समयसीमा तय करने को कहा गया है। उन्होंने अदालतों द्वारा सुपर संसद के रूप में काम करने पर चिंता जताई है। उपराष्ट्रपति ने कहा, “अनुच्छेद 142 लोकतांत्रिक ताकतों के खिलाफ एक परमाणु मिसाइल बन गया है, जो न्यायपालिका के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध है।” राज्यसभा के प्रशिक्षुओं के एक समूह को संबोधित करते हुए धनखड़ ने कहा, ‘‘हाल ही में एक फैसले में राष्ट्रपति को निर्देश दिया गया है। हम कहां जा रहे हैं? देश में क्या हो रहा है? हमें बेहद संवेदनशील होना होगा। यह कोई समीक्षा दायर करने या न करने का सवाल नहीं है। हमने इसके लिए लोकतंत्र से कभी समझौता नहीं किया। राष्ट्रपति को समयबद्ध तरीके से फैसला करने के लिए कहा जा रहा है।’’ राष्ट्रपति का पद बहुत ऊंचा: धनखड़ तमिलनाडु राज्य बनाम राज्यपाल के मामले में सुप्रीम कोर्ट के 8 अप्रैल के फैसले का जिक्र करते हुए धनखड़ ने कहा, “तो..हमारे पास ऐसे जज हैं जो कानून बनाएंगे, जो कार्यकारी कार्य करेंगे, जो सुपर संसद के रूप में कार्य करेंगे फिर भी उनकी जवाबदेही नहीं होगी क्योंकि देश का कानून उन पर लागू नहीं होता।” उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि भारत में राष्ट्रपति का पद बहुत ऊंचा है और राष्ट्रपति संविधान की रक्षा, संरक्षण एवं बचाव की शपथ लेते हैं, जबकि मंत्री, उपराष्ट्रपति, सांसदों और न्यायाधीशों सहित अन्य लोग संविधान का पालन करने की शपथ लेते हैं। आप राष्ट्रपति को निर्देश नहीं दे सकते: धनखड़ उन्होंने आगे कहा, “हम ऐसी स्थिति नहीं बना सकते, जहां आप भारत के राष्ट्रपति को निर्देश दें और किस आधार पर? संविधान के तहत आपके पास एकमात्र अधिकार अनुच्छेद 145(3) के तहत संविधान की व्याख्या करना है। जिन न्यायाधीशों ने राष्ट्रपति को वस्तुतः आदेश जारी किया और एक परिदृश्य प्रस्तुत किया कि यह देश का कानून है, वे संविधान की शक्ति को भूल गए हैं।”

बंगाल सरकार पर हाई कोर्ट का सख्त रुख, केंद्रीय बल तैनात रहें और भड़काऊ भाषणों पर कसें लगाम

कोलकाता कलकत्ता हाई कोर्ट का कहना है कि हिंसा प्रभावित पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में केंद्रीय बलों की तैनाती अभी बनी रहेगी। अदालत ने गुरुवार को कहा कि अभी फोर्सेज तैनात रहनी चाहिए। इसके अलावा भड़काऊ भाषणों पर भी नियंत्रण की जरूरत है। अदालत ने कहा कि वक्फ संशोधन ऐक्ट के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण न दिए जाएं, जिनसे हिंसा भड़कने की आशंका बनी रहती है। इस तरह उच्च न्यायालय ने हिंसा के मामलों में राज्य सरकार को सख्त नसीहत दी है। इसके अलावा अदालत ने माना है कि अब भी मुर्शिदाबाद जिले में हालात सामान्य नहीं हैं। इसलिए केंद्रीय बलों की तैनाती कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रहनी चाहिए। मुर्शिदाबाद में वक्फ ऐक्ट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। इस घटना में कई लोग मारे गए तो वहीं सैकड़ों परिवारों को पलायन करना पड़ा है। करीब ढाई सौ परिवार पड़ोस के मालदा जिले में पलायन कर गए हैं और वहां कैंपों में गुजर करने को मजबूर हैं। मुर्शिदाबाद के बवाल को लेकर राजनीति भी तेज है। बंगाल का यह जिला सांप्रदायिक लिहाज से संवेदनशील है। यहां से टीएमसी के युसूफ पठान सांसद हैं, जिन्होंने 2024 के चुनाव में अधीर रंजन चौधरी को मात दी थी, जो कांग्रेस से यहां से लगातार जीतते थे। इस बीच सूबे के राज्यपाल सीवी आनंद बोस का कहना है कि वह जमीनी हालात जानने के लिए मुर्शिदाबाद जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं जमीनी हालात जानने के लिए मुर्शिदाबाद जा रहा हूं। मैं इस मामले में हर पहलू को देखूंगा। फिलहाल स्थिति कंट्रोल में लाई जा रही है। हमें कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न होने पाएं। मैं निश्चित तौर पर मुर्शिदाबाद जाऊंगा। उस इलाके के लोगों ने अपील की है कि फिलहाल बीएसएफ के जवानों को वहां बने रहने दिया जाए।’ बता दें कि ममता बनर्जी का कहना है कि इसमें बीएसएफ और भाजपा के ही लोगों का हाथ है। दरअसल पश्चिम बंगाल में वक्फ ऐक्ट को लेकर भी ममता बनर्जी कह रही हैं कि हम इसे लागू नहीं करेंगे। वहीं भाजपा का कहना है कि ममता बनर्जी के रुख से कट्टरपंथी ताकतों को बढ़ावा मिल रहा है और वे हिंसा कर रही हैं।

ग्राम पंचायत सचिवों तथा ग्राम रोजगार सहायकों के स्थानांतरण की नीति शीघ्र घोषित होगी: मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम एवं रीवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में गुरूवार को जिला योजना समिति की बैठक हुई। बैठक में शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम कल्पना चावला पॉलिटेक्निक कालेज करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मेसर्स गोकुलदास एक्सपोर्ट लिमिटेड बैंगलोर के सहयोग से शासकीय कन्या महाविद्यालय के छात्रावास में सिलाई एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों तथा ग्राम रोजगार सहायकों के स्थानांतरण की नीति शीघ्र घोषित होगी। इसके अनुसार ही स्थानांतरण किए जाएंगे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन” अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन करें। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में इस अभियान में जल संरक्षण के कार्य कराएं। गत वर्षों में जिन गांवों में पानी का संकट रहा, वहाँ हैण्डपंप तथा कुओं में रिचार्ज पिट प्राथमिकता से बनाएं। अभियान में शामिल जल संरक्षण कार्यों की तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति तत्काल जारी करके निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराएं। अभियान के तहत मनरेगा से मंजूर सभी अधूरे कार्य 15 मई तक पूरे कराएं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान से 50 हजार से अधिक खेत तालाबों का निर्माण कराया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री पटेल ने कहा कि इस योजना से रीवा जिले ही नहीं पूरे विन्ध्य में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। नए पात्र परिवारों को योजना का लाभ देने के लिए एक लाख 72 हजार परिवार चिन्हित किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना से प्रदेश में 27 लाख गरीब परिवारों को आवास मंजूर किए गए हैं। इसके शेष 6 लाख 50 हजार आवास शीघ्र स्वीकृत किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि ग्रामीण क्षेत्र में गरीब परिवारों को पक्के आवास के लिए सभी एसडीएम प्राथमिकता से जमीन उपलब्ध कराएं। इस योजना से मल्टी स्टोरी आवास भी बनाए जा सकते हैं। पेयजल की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष जिले में औसत से कम वर्षा हुई है। जिले की सभी बसाहटों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में पेयजल संकट की आशंका हो वहाँ वैकल्पिक स्त्रोत से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करें। ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से स्पॉट सोर्स पर पानी की टंकी रखकर भी पेयजल की आपूर्ति कराएं। जहाँ जरूरत हो वहाँ तत्काल हैण्डपंपों में सिंगल फेज मोटर लगाकर पानी की आपूर्ति करें। जल जीवन मिशन की समूह नल जल योजना से जिन गांवों में पानी दिया जा रहा है, उनमें पाइप की मरम्मत तथा अन्य कमियाँ दूर कर नियमित रूप से पानी की सप्लाई करें। बैठक में पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन को भी मंजूरी दी गई। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में ग्राम पंचायतें नल जल योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। जल संवर्धन और संरक्षण के कार्य में सामाजिक संगठनों तथा आम जनता की भी भागीदारी आवश्यक है। विधायक गुढ़ श्री नागेन्द्र सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र में पानी का संकट दूर करने के लिए बाणसागर बांध की नहरों से तालाबों और नदियों में पानी छोड़ने का सुझाव दिया। विधायक देवतालाब श्री गिरीश गौतम ने जिला योजना समिति के पुनर्गठन तथा जब तक मऊगंज जिले में जिला पंचायत का गठन नहीं हो जाता तब तक वहाँ के जिला पंचायत सदस्यों को रीवा की योजना समिति की बैठक में सदस्य के रूप में शामिल करने का सुझाव दिया। विधायक श्री गौतम ने नल जल योजना तथा पेयजल व्यवस्था के भी मुद्दे उठाए। विधायक सेमरिया श्री अभय मिश्रा ने पेयजल व्यवस्था, बसामन मामा में तीन करोड़ 21 लाख रुपए की लागत से एनिकट निर्माण, कौआढान में सड़क निर्माण तथा जिला योजना समिति के पुनर्गठन की बात कही। बैठक में महापौर रीवा नगर निगम श्री अजय मिश्रा ने बाणसागर बांध की नहरों की साफ-सफाई तथा गाद निकालने का सुझाव दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण, समिति सदस्य डॉ. अजय सिंह ने मतदाता सूची संबंधित बातें कही। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन एवं “जल गंगा संवर्धन” अभियान की प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, विधायक मनगवां श्री नरेन्द्र प्रजापति तथा समिति के सदस्यगण सहित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रभारी मंत्री ने आमजनों की समस्यायें सुनीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री व श्रम एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री सिंह पटेल ने रीवा में स्थानीय लोगों से भेंट कर आमजनों की समस्यायें सुनीं। उन्होंने प्राप्त आवेदनों में संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिये। प्रभारी मंत्री ने डॉ. योगानंद गिरी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।  

भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र में राज्यपाल पटेल ने सिकल सेल एनीमिया मशीन का लोकार्पण किया

भोपाल भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में 17 अप्रैल को मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने अस्पताल के सिकल सेल एनीमिया सक्षमता केंद्र में स्थापित आनुवंशिक विश्लेषण प्रयोगशाला एवं डीएनए सीक्वेंसर मशीन का लोकार्पण किया। साथ ही “सिकल सेल एनीमिया के प्रबंधन में आनुवंशिक विश्लेषण और एकीकृत दृष्टिकोण” विषय पर संगोष्ठी का शुभारंभ भी किया। माननीय राज्यपाल ने इस दौरान सिकल सेल से पीड़ित कुछ बच्चों से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जााना।       कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री श्री कुँवर विजय शाह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. सलोनी सिडाना, आईसीएमआर- राष्ट्रीय प्रतिरक्षा रुधिर विज्ञान संस्थान, मुंबई की निदेशक डॉ. मनीषा मडकईकर, और बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव उपस्थित रहीं।     भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े। साथ ही सिकल सेल से पीड़ित कई मरीज व उनके अभिभावक भी कार्यक्रम में शामिल थे।     इस दौरान ‘सिकल सेल रोग: जानकारी, बचाव और देखभाल’ शीर्षक दिग्दर्शिका का लोकार्पण विमोचन किया गया तथा सिकल सेल पीड़ितों को स्वास्थ्य किट एवं पोषण आहार वितरित किए गए।     ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकल सेल को भारत से खत्म करने का लक्ष्य रखा है।     इस लक्ष्य को हासिल करने की जिम्मेदारी हम सभी की है। जहां भी लोगों के सिकल सेल से प्रभावित होने की आशंका है, वहां लोगों की जांच कराओ। जो बीमारी से ग्रसित पाए जाते हैं, उनको दवा दिलाओ।     सिकल सेल उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बीएमएचआरसी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि चूंकि सिकल सेल एक अनुवांशिक बीमारी है।     इसलिए इसका उन्मूलन जटिल और चुनौतीपूर्ण कार्य है। हमारे वैज्ञानिकों ने जीन स्तर के विश्लेषण द्वारा रोग की जड़ तक पहुंचकर रोग उन्मूलन के लिए कार्य करने का अभूतपूर्व अवसर उपलब्ध कराया है।     उन्होंने कहा कि सिकल सेल के उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों में डीएनए सीक्वेंस मशीन की स्थापना एक सकारात्मक पहल है।     यह मशीन सिकल सेल रोग से संबंधित चुनौतियों और जटिलताओं को समझने और समाधान खोजने में सहायक सिद्ध होगी।     सिकल सेल बीमारी के बारे में जनजागरूकता लाने के लिए राज्यपाल मंगुभाई पटेल के प्रयासों को अभूतपूर्व बताते हुए जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि सिकल सेल एक अद्भुत और अनोखी बीमारी है, लेकिन पहले बीमारी से ग्रस्त बच्चों और उनके माता—पिता को इसके बारे में पता ही नहीं था।     महामहिम राज्यपाल के प्रयासों से लोगों में काफी जागरूकता आई है। सिकल सेल से चल रही लड़ाई को जीतने के लिए हम काफी कुछ कर सकते हैं। राज्यपाल महोदय से प्रेरणा लेकर हम इस दिशा में काम करते रहेंगे।  

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं हो इस वजह से उन्हें अपने पद पर बने रहने की इजाजत दी

कोलकाता सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में अपनी नौकरी गंवाने वाले बेदाग सहायक शिक्षकों को अपने पद पर बने रहने की अनुमति दी है। देश की सर्वोच्च अदालत ने छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं हो इस वजह से उन्हें अपने पद पर बने रहने की इजाजत दी है। हालांकि, राज्य सरकार को कड़ी शर्तों के तहत 31 मई 2025 तक नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू करनी होगी और 31 दिसंबर 2025 तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह आदेश भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने बेदाग अध्यापकों द्वारा शैक्षणिक वर्ष के अंत तक या नई भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक सेवा में बने रहने के लिए दायर आवेदन पर पारित किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल कक्षा 9-10 और 11-12 के सहायक शिक्षकों पर लागू होगा। साथ ही यह भी कहा गया कि यह आदेश भविष्य में उन्हें कोई विशेष अधिकार नहीं देगा और नई नियुक्ति में उन्हें कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा। ममता सरकार को सख्त निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) और प्राथमिक शिक्षा बोर्ड को निर्देश दिया है कि वे 31 मई तक नई भर्ती का विज्ञापन जारी करें और इसकी पुष्टि करते हुए हलफनामा कोर्ट में दाखिल करें। आपको बता दें कि 3 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने 2016 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि यह प्रक्रिया घोटाले और हेराफेरी से पूरी तरह दूषित थी, जिसे सुधारना संभव नहीं है। कोर्ट ने सभी चयनित शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मियों को सेवा से हटाने का आदेश दिया था। इस मामले में सीबीआई ने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी सहित कई तृणमूल नेताओं को गिरफ्तार किया था। जांच में यह भी पाया गया कि कई उम्मीदवारों ने खाली OMR शीट जमा की थी फिर भी उन्हें चयनित किया गया। कुछ उम्मीदवारों को योग्यता के आधार पर स्थान न मिलने के बावजूद ऊंची रैंकिंग दी गई।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और तीखे होने की संभावना, रेवाड़ी में 42 डिग्री तक पहुंचा तापमान

रेवाड़ी मौसम में फिर तल्खी बढ़ने लगी है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा। अप्रैल माह में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तीसरी बार पहुंचा है। इससे पहले आठ व नौ अप्रैल को भी अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा है। अप्रैल माह का पहला पखवाड़ा उतार चढ़ाव भरा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और तीखे होने की संभावना है। बृहस्पतिवार को जिले में सुबह तेज धूप के बीच हल्की हवा चलने के बाद भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही थी। अधिकतम तापमान 42 डिग्री पहुंचा वहीं, बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 42 तो न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बुधवार को अधिकतम 39.5 और न्यूनतम 22.5 डिग्री सेल्सियस था। गर्मी के चलते बाजार में ठंडे पेय और खाद्य पदार्थों की दुकानों पर लोग पहुंच रहे हैं। कहीं आइसक्रीम खाने में तो कोई नींबू पानी, गन्ने का रस और अन्य पेय पदार्थों का सेवन कर गर्मी से बचाव का प्रयास करते नजर आए। दोपहर के समय तेज धूप होने से लोग सिर पर तौलिया, टोपी पहने नजर आए। बताया गया कि पिछले दो दिनों से रेवाड़ी में गर्मी के तेवर तीखे बने हुए हैं। पंखा कूलर की हवा में ठंडक गायब है। घरों और प्रतिष्ठानों में एसी और पंखे कूलर लगातार चलने लगे हैं। इस माह का तुलनात्मक तापमान दिनांक इस साल पिछले साल अधिकतम/ न्यूनतम अधिकतम/ न्यूनतम 17 अप्रैल 42.0/24.5 36.0/21.5 16 अप्रैल 39.5/22.5 36.0/23.6 15 अप्रैल 37.5/22.0 37.0/23.0 14 अप्रैल 38.0/20.0 31.2/22.5 13 अप्रैल 36.5/20.5 38.5/20.5 12 अप्रैल 34.0/17.0 40.0/17.5 11 अप्रैल 37.0/22.5 39.5/17.6 10 अप्रैल 40.5/26.5 40.2/17.5 नौ अप्रैल 42.0/22.5 39.0/17.0 आठ अप्रैल 42.0/22.5 38.0/16.0 जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी इन दिनों स्वास्थ्य विशेषज्ञों के पास ज्यादातर मरीज सिरदर्द, चक्कर आना, वायरल, खांसी आदि के साथ एलर्जी से संबंधित पहुंच रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी की हुई है। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डा. गौरव यादव का कहना है कि गर्मी के मौसम में हवा के गर्म थपेड़ों और बढ़े हुए तापमान से लू (हीट वेव) लगने का खतरा बढ़ जाता है। धूप में घूमने वालों, खिलाड़ियों, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को लू लगने का डर ज्यादा रहता है। लू लगने पर उसके इलाज से बेहतर है, हम लू से बचे रहें यानी बचाव इलाज से बेहतर है। गर्मी में हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, अपना सिर ढककर रखें, कपड़े, हैट अथवा छतरी का उपयोग करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं भले ही प्यास न लगी हो। ओआरएस (ओरल रीहाइड्रेशन सोल्यूशन), घर में बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का मांड), नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन कर तरोताजा रहें। पार्किंग के समय बच्चों को वाहनों में छोड़कर न जाएं उन्हें लू लगने का खतरा हो सकता है। नंगे पांव बाहर न जाएं, गर्मी से राहत के लिए हाथ का पंखा अपने पास रखना चाहिए। गर्मी के मौसम में जंक फूड का सेवन नहीं करना चाहिए। ताजे फल, सलाद तथा घर में बना खाना खाना चाहिए।

महाकाल मंदिर में नियुक्ति से पहले पुलिस वेरिफेक्शन आवश्यक

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थापित महाकालेश्वर मंदिर देश ही नहीं विदेशों में भी फेमस है. महाकाल मंदिर में हर दिन बड़ी हस्तियों से लेकर आम श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है. वहीं महाकाल मंदिर के दर्शन और प्रसाद को लेकर भी नए-नए नियम आते रहते हैं. इसी तरह खबर है कि ठगी से बचने के लिए महाकालेश्वर मंदिर में अब कोई भी नई नियुक्ति बिना पुलिस वेरिफिकेशन के नहीं हो सकेगी. नियुक्ति से पहले चेक होगा पुलिस रिकॉर्ड एसपी प्रदीप शर्मा ने इस संबंध में महाकाल मंदिर के प्रशासक को एक आधिकारिक पत्र भेजा है. पत्र में कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति की नियुक्ति से पहले उसका पुलिस रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से जांचा जाएगा. यह कदम हाल ही में सामने आए ठगी और अवैध वसूली के मामलों के बाद उठाया गया है. एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि “ठगी को देखते हुए पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है.” मंदिर में ठगी के मामलों के बाद लिया फैसला कुछ समय पहले दर्शन और भस्म आरती के नाम पर श्रद्धालुओं से धोखाधड़ी के मामलों में 14 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी. इन आरोपियों में मंदिर के कर्मचारी भी शामिल थे. वहीं भस्म आरती बुकिंग और दर्शन के नाम पर भी फर्जीवाड़ा सामने आया था. जिसमें मंदिर की आउटसोर्स कंपनी के कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई. इन मामलों में शामिल कर्मचारियों को हाल ही में 90 दिनों बाद जमानत मिली है. मंदिर प्रशासन को सतर्क रहने की अपील इन घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मंदिर समिति को सतर्क रहने की सलाह दी है. अब हर नई नियुक्ति से पहले पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है, क्योंकि लगातार देखने में आ रहा था कि महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ ठगी हो रही थी. इसी के साथ अब महाकालेश्वर मंदिर में नई भर्ती होने से पहले पुलिस सत्यापन करना जरूरी होगा. इसको लेकर उज्जैन एसपी ने पत्र लिखकर महाकाल प्रबंधन समिति को कहा है.

ग्राम गबोद अब “हर घर जल ग्राम“ घोषित, महिलाओं को स्वच्छ जल मिलने से स्वास्थ्य में सुधार हुआ

रायपुर हर घर जल योजना के तहत् महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखण्ड का ग्राम गबोद, में तस्वीर बदल गई है। उल्लेखनीय है कि ग्राम गबोद हरियाली और स्वच्छता के लिए “ग्रीन गाँव” के नाम से प्रसिद्ध है। जल जीवन मिशन के द्वारा हर घर नल हर घर जल योजना से हुए सफलता पूर्वक कार्यों के कारण अब गबोद एक और बड़ी उपलब्धि के साथ नई पहचान बना रहा है। यह गांव अब “हर घर जल ग्राम“ घोषित हो चुका है। 14 जनवरी 2025 को गबोद गांव को यह उपाधि तब मिली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना के तहत यहां हर घर में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई। यहां गांववासियों का अनुशासन और देशभक्ति भी तारीफे काबिल है। हर सुबह 7ः30 बजे गांव का हर नागरिक अपने घर के बाहर आकर राष्ट्रगान में भाग लेता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 89.39 लाख रुपये की लागत से गांव में 40 किलोलीटर की उच्चस्तरीय जलागार और 760 मीटर पाइपलाइन के साथ 138 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए। इस योजना के तहत अब गांव के हर घर तक शुद्ध जल पहुंच रहा है। इससे पहले महिलाओं और बच्चों को गांव के 5 हैंडपंप और कुछ कुओं से पानी लाना पड़ता था। बरसात के समय पानी लाने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था, और कभी-कभी विवाद भी हो जाते थे। अब यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। महिलाओं को स्वच्छ जल मिलने से स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और समय की बचत होने से वे अब आर्थिक गतिविधियों में भाग ले रही हैं। बच्चों को पढ़ाई का समय मिलने लगा है और गर्भवती महिलाओं को भी विशेष लाभ मिला है, जिससे गर्भपात जैसी समस्याएं कम हुई हैं। गांव के लोग अब जल संरक्षण और पौधारोपण जैसे कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। ग्रीन गाँव का यह उदाहरण अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन रहा है। गांव की महिला श्रीमति पूजा सिंह ठाकुर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, “अब पानी की वह समस्या नहीं रही जो पहले होती थी। हम सब सरकार के आभारी हैं।” गबोद ग्राम के समस्त नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस उपलब्धि के लिए धन्यवाद दिया है।

शेयर मार्केट ने भरी उड़ान, सेंसेक्स 1500 अंक उछलकर हुआ बंद, निवेशकों के लौट रहे अच्छे दिन

मुंबई शेयर मार्केट तेजी के ट्रैक पर सरपट दौड़ रहा है। ऐसा लग रहा मार्केट के अच्छे दिन लौट रहे हैं। सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को सेंसेक्स 1,508.91 अंक उछलकर 78,553.20 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 414.45 अंक चढ़कर 23,851.65 अंक पर ठहरा। शेयर मार्केट आज उड़ान भर रहा है। सुबह की गिरावट के बाद मार्केट में गजब की खरीदारी दिख रही है। सेंसेक्स में 1300 से अधिक अंकों की बंपर उछाल है। सेंसेक्स अब 78,349 पर है। जबकि, एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 352 अंकों की उछाल के साथ 23789 पर पहुंच गया है। बैंकिंग स्टॉक्स उड़ान भर रहे हैं। शेयर मार्केट लगातार चौथे दिन भी बमबम बोल रहा है। सेंसेक्स में 78160 पर पहुंच गया है। इसमें अभी 1116 अंकों की बंपर उछाल है। जबकि, एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 314 अंकों की उछाल के साथ 23751 पर पहुंच गया है। एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, रिलायंस, एचडीएफसी बैंक के दम पर सेंसेक्स में 77,629.43 पर पहुंच गया है। इसमें अभी 585.14 अंकों की उछाल है। जबकि, एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 161 अंकों की उछाल के साथ 23598 पर पहुंच गया है। एनएसई पर 48 स्टॉक्स 52 हफ्ते के हाई और 11 लो पर हैं। 1821 शेयरों में तेजी और 782 में मंदी है। जबकि, 73 स्टॉक्स में अपर सर्किट लगा है। शेयर मार्केट खराब शुरुआत के बाद तेजी के ट्रैक पर आ गया है। सेंसेक्स में 486 अंकों की उछाल है और बीएसई का यह प्रमुख सूचकांक 77530 पर पहुंच गया है। जबकि, एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 166 अंकों की उछाल के साथ 23602 पर पहुंच गया है। शेयर मार्केट खराब शुरुआत के बाद कभी हरा तो की ला हो रहा है। सेंसेक्स अभी 10 अंकों फायदे के साथ 77054 पर है। जबकि, निफ्टी 13 अंक नीचे 23423 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स टॉप गेनर्स में आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, इटर्नल, बजाज फिनसर्व, स्टेट बैंक, एयरटेल, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक और नेस्ले हैं। शेयर मार्केट की लगातार तीन कारोबारी दिनों की तेजी पर आज ब्रेक लगा है। सेंसेक्स आज गुरुवार 17 अप्रैल को 76 अंकों के नुकसान के साथ 76968 पर खुला। जबकि, निफ्टी ने बुधवार के बंद के मुकाबले 35 अंकों की गिरावट के साथ 23402 के लेवल से आज के दिन की शुरुआत की। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की चेतावनी के बाद एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हुआ, जबकि अमेरिकी शेयर मार्केट रातोंरात तेज गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, गिफ्ट निफ्टी 23,343 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 90 अंकों की छूट है, जो भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए नकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है। ऐसे में घरेलू शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50, मिश्रित वैश्विक बाजार संकेतों के बाद गुरुवार को गिरावट के साथ खुलने के आसार हैं। बता दें बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन भी रैली रही। सेंसेक्स 309.40 अंक या 0.40 प्रतिशत बढ़कर 77,044.29 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 108.65 अंक या 0.47 प्रतिशत बढ़कर 23,437.20 पर बंद हुआ।

शराब माफिया ने रायसेन में किया आबकारी टीम पर हमला, महिला अफसर और ड्राइवर को आई चोटें

रायसेन  एक तरफ जहां सरकार मध्य प्रदेश में शराब की अवैध बिक्री पर नकेल कसने के तमाम दावे कर रही है। यहां तक की धार्मिक क्षेत्रों के आसपास लीगल शराब कारोबार तक को बंद करा रही है तो वहीं दूसरी तरफ सूबे के शराब माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। आलम ये है कि, ये बेखौफ शराब माफिया अब आबकारी विभाग की टीम पर भी हमला करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। इसकी ताजा बानगी रायसेन जिले में देखने को मिली, जहां अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी टीम पर इन शराब माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने न सिर्फ सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की, बल्कि पथराव किया, जिसमें टीम के कुछ सदस्य गंबीर घायल हुए हैं।  बता दें कि जिला मुख्यालय के पास ग्राम पठारी में बुधवार को अवैध शराब बिक्री की सूचना मिलने पर छापामार कार्रवाई करने पहुंची आबकारी विभाग की टीम पर शराब माफिया ने हमला कर दिया। आबकारी टीम ने शराब माफिया महिला की दुकान से बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त कर ली थी। महिला शराब माफिया को जब मेहसूस हुआ कि, वो बुरी तरह फंस चुकी है तो उसने कार्रवाई के बीच मौका पाकर योजना बद्ध तरीके से उसके साथियों और ग्रामीणों के साथ मिलकर टीम पर हमला और पथराव कर दिया। सहायक आबकारी अधिकारी भोपाल रेफर शराब माफियाओं के हमले में आबकारी अधिकारी सरिता चंदेल और उनके ड्राइवर को गंभीर चौटें आई हैं। महिला अधिकारी की हालत देखते हुए उन्हें रायसेन जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद भोपाल रेफर कर दिया गया है। महिला समेत 5 गिरफ्तार,11 पर केस दर्ज वहीं, दूसरी तरफ मामले में कारर्वाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने एक महिला सामेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं, जबकि आबकारी टीम पर हमला करने वाले 11 आरोपियों के खिलाफ बलवा, पथराव आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस मामले को लेकर एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि, एसडीओ सरिता चंदेल आबकारी टीम के साथ छापा मारने पहुंची थीं। ग्राम पठारी में रहने वाली मुख्य आरोपी काशीबाई के ठिकाने से टीम ने 75 क्वार्टर अवैध शराब जब्त की थी। कार्रवाई के दौरान काशीबाई को जब ये स्पष्ट हो गया कि, अब वो नहीं बच सकेंगी तो उसने अपने साथियों, परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों के साथ मिलकर टीम पर पथराव शुरु कर दिया। आरोप है कि, इस दौरान आबकारी टीम के साथ मारपीट भी की गई। हमले में सरिता चंदेल और उनके ड्राइवर घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए भोपाल रेफर किया गया है। फिलहाल, मामले के सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। अबतक दो आरोपियों के अपराधिक रिकॉर्ड मिले हैं, अन्य के भी खंगाले जा रहे हैं।

आगर मालवा में पराली जलाने वाले 770 किसानों पर 16.71 लाख रुपये का अर्थदंड

आगर मालवा खेतों में नरवाई जलाने वाले किसानों पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की सख्त नजर है। उन्होंने ऐसे किसानों पर अर्थ दंड लगाए जाने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर का रुख देखते हुए कृषि और राजस्व अमला भी सक्रिय हो गया है। ऐसे में कृषि और राजस्व अमले की ओर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खेतों में जली नरवाई का सर्वे करते हुए किसानों को चिन्हित किया है। अब इन पर अर्थ दंड की कार्रवाई होगी। गेहूं अवशेष (नरवाई) जलाने से पशु-पक्षी, मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को होने वाली हानि को रोकने हेतु आगर-मालवा जिले में कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है। प्रतिबंध के बाद भी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नरवाई जलाने वाले कृषकों पर नियमानुसार अर्थदंड लगाने हेतु बुधवार को राजस्व एवं कृषि विभाग के अमले द्वारा गांवों में पहुंचकर मौका मुआयना कर पंचनामा तैयार किया गया है। जिन पर नियमानुसार अर्थदंड लगाकर वसूलने तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित करने की कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार तहसील आगर के ग्राम तनोडिया में कृषक भगवती पिता गंगाराम, बलवंत सिंह पिता निर्भय सिंह, कृष्णपाल सिंह पिता उमराव सिंह, गंगाराम पिता भागीरथ सहित 26 कृषकों द्वारा नरवाई जलाने पर पंचानामा बनाया गया। इसी तरह तहसील सुसनेर के ग्राम भवानीपुरा में कृषक इरफान खां पिता रहमान खां, मेहरबानसिंह पिता रामलाल सहित 05 कृषक, ग्राम मोडी, बाजना, कड़िया में कृषक श्री रामनारायण पिता देवीलाल, ललताबाई पति रामप्रसाद, अंजली पति गौर कुल 4 कृषक, तहसील नलखेडा के ग्राम हिरनखेडी में कृषक बद्रीलाल पिता बालुजी, प्रभुलाल पिता बालुजी, प्रभुलाल पिता रोडमल मालवीय द्वारा नरवाई जलाना पाया गया है। नरवाई नहीं जलाने की अपील कृषकों से अपील नरवाई नहीं जलाएं जिला प्रशासन की कृषकों से अपील है कि गेहूं अवशेष (नरवाई) नहीं जलाएं, नरवाई का प्रबंधन करें, जिससे की मिट्टी और अधिक उपजाऊ बनें। नरवाई जलाने की सैटेलाइट से निगरानी रखी जा रही है, नरवाई जलाने पर 2500 से 15 हजार रुपए तक जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। 770 किसानों पर 16.71 लाख रुपये का अर्थदंड इंदौर जिले में फसल अवशेष (नरवाई) जलाने वालों के विरुद्ध कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देशन में सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार को तीन किसानों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। अभियान चलाकर की जा रही इस कार्रवाई में नरवाई जलाने पर अभी तक 770 किसानों के विरुद्ध 16 लाख 71 हजार 500 रुपये का अर्थदंड किया गया है। जनसम्पर्क अधिकारी महिपाल अजय ने बताया कि जिले में बुधवार को एक दिन में ही 102 किसानों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करते हुए तीन लाख 9 हजार 500 रुपये का अर्थदंड किया गया है। यह कार्यवाही आगामी दिनों में भी निरन्तर जारी रहेगी। जिले में आज कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर हातोद क्षेत्र में एक, जूनी इंदौर क्षेत्र में एक तथा भिचोलीहप्सी क्षेत्र में एक एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिले में ग्राम पंचायत मुख्यालय पर कृषि से संबंधित मैदानी अधिकारियों एवं राजस्व विभाग के पटवारियों द्वारा पंचायत सचिवों के साथ समन्वय कर कृषक संवाद कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं तथा किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसानों से किसानों को अवगत कराया जा रहा है। किसानों से अपील की जा रही है कि नरवाई न जलाएँ, नरवाई जलाने से पर्यावरण को नुकसान होता है। किसान यदि नरवाई जलाता है तो राज्य शासन के नोटिफिकेशन प्रावधान अनुसार पर्यावरण विभाग द्वारा उक्त अधिसूचना अंतर्गत नरवाई में आग लगाने के विरुद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि दण्ड का प्रावधान निर्धारित किया गया है। ऐसा कोई व्यक्ति/निकाय/कृषक जिसके पास 2 एकड़ तक की भूमि है तो उनको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 2500 रुपये प्रति घटना के मान से आर्थिक दण्ड भरना होगा। जिसके पास 2 से 5 एकड़ तक की भूमि है तो उनको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 5 हजार रुपये प्रति घटना के मान से आर्थिक दण्ड भरना होगा तथा जिसके पास 5 एकड़ से अधिक भूमि है तो उनको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 15 हजार प्रति घटना के मान से आर्थिक दण्ड भरना होगा।

चिकित्सालय में आवश्यक सभी चिकित्सा उपकरण, तकनीकी संसाधन, और मरीजों की सुविधाओं की उपलब्धता को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए: मंत्री जायसवाल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याण के संकल्प के साथ काम कर रही है, और हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय नवा रायपुर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिशानिर्देश देते हुए यह बात कही। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अस्पताल की संरचना और सेवाओं को आधुनिक और जनसुलभ बनाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। बैठक में मंत्री जायसवाल ने निर्देश दिए कि चिकित्सालय में आवश्यक सभी चिकित्सा उपकरण, तकनीकी संसाधन, और मरीजों की सुविधाओं की उपलब्धता को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने  कहा कि अस्पताल में  विस्तारीकरण और विद्युतीकरण के कार्यों में विभागीय समन्वय मजबूत किया जाए, ताकि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम प्राप्त हो सकें। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा सुकिरण कौशल, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के डीन, अस्पताल प्रबंधन प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

चांदी की कीमत 96,000 रुपये प्रति किलो पहुंची, सोना 1100 रुपये बढ़कर 98,983 रुपये प्रति 10 ग्राम

 इंदौर और दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखी गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना 1100  रुपये की बड़ी बढ़त के साथ 98,983 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते सोने की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। दिल्ली में गोल्ड में ऐतिहासिक बढ़त चांदी 1,900 रुपये उछलकर 99,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का पिछला बंद भाव 96,450 रुपये था। इस साल की शुरुआत में यानी 1 जनवरी 2025 को सोने का भाव 79,390 रुपये था, जो अब तक 18,710 रुपये या करीब 23.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर चुका है। क्यों आ रही है सोने में तेजी यह तेजी अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध बढ़ने, अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद के चलते आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 3,318 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। वहीं, हाजिर चांदी भी करीब दो प्रतिशत की बढ़त के साथ 32.86 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। इंदौर में भी सोना मजबूत इंदौर के स्थानीय सर्राफा बाजार में भी बुधवार को सोने और चांदी की मांग में इजाफा देखने को मिला। व्यापारियों के अनुसार मंगलवार की तुलना में बुधवार को ग्राहकों की संख्या और खरीदारी दोनों में बढ़ोतरी हुई। इंदौर में सोने का औसत भाव 93,150 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं चांदी 97,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी के सिक्के का भाव 1,100 रुपये प्रति नग दर्ज किया गया। निवेशकों की नजर एक्सपर्ट का मानना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति और आर्थिक आंकड़ों के कारण आने वाले समय में सोने-चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर आने वाले बयानों और आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, डिजिटल माध्यमों जैसे ऑनलाइन गोल्ड ईटीएफ, डिजिटल गोल्ड और गोल्ड म्युचुअल फंड्स में भी निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा दौर में सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग और बढ़ सकती है। कुल मिलाकर वैश्विक हालात और निवेशकों की सोच में बदलाव के चलते सर्राफा बाजार में सोना और चांदी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं।

मुनीर ने कहा दो कौमी नजरिये को ध्यान में रखकर हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, पाक मुल्क को बनाया

लाहौर पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर ने ओवरसीज पाकिस्तानियों के एक जलसे में मौलानाओं की तरह तकरीरें की है. उनके भाषण में हिन्दू धर्म के प्रति नफरत खूब झलका. उन्होंने इकबाल का जिक्र किया, ओवरसीज पाकिस्तानियों के डॉलर पर लालची निगाह दौड़ायी और कश्मीर-ब्लूचिस्तान की चर्चा छेड़कर विदेशों में कमा रहे पाकिस्तानियों की वफादारी खरीदने की कोशिश की. ओवरसीज पाकिस्तानियों का पहला सालाना जलसा 13-16 अप्रैल 2025 तक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुआ. इस सम्मेलन में असीम मुनीर का संबोधन 16 अप्रैल को हुआ. इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत पाकिस्तान के सभी बड़े नेता मौजूद थे. भारत के दुखद बंटवारे का जिक्र करते हुए जनरल मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान की कहानी अपने बच्चों को जरूर बताएं. ताकि वे पाकिस्तान की कहानी न भूलें. एक बिलियन डॉलर का कर्ज मांगने के लिए वर्ल्ड बैंक के सामने दर्जनों बार हाथ फैला चुके पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने अपनी तकरीर में उसी मुद्दे को उठाया जिसे पाकिस्तानी हमेशा से करते आए हैं. वो मुद्दा था हिन्दुओं से नफरत. पाकिस्तान में ‘मुल्ला जनरल’ के नाम से सुर्खियां बटोरने वाले असीम मुनीर ने कहा, “हमारे पूर्वजों ने सोचा कि हम जीवन के हर मुमकिन पहलू में हिंदुओं से अलग हैं. हमारे धर्म अलग हैं, हमारे रीति-रिवाज अलग हैं, हमारी परंपराएं अलग हैं, हमारे विचार अलग हैं, हमारी महत्वाकांक्षाएं अलग हैं. यहीं से दो-राष्ट्र सिद्धांत की नींव रखी गई. हम दो राष्ट्र हैं, हम एक राष्ट्र नहीं हैं.” मुनीर ने कहा कि, ‘इसी दो कौमी नजरिये को ध्यान में रखकर हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, लगातार संघर्ष किया और इस मुल्क को बनाया. इस मुल्क के लिए कुर्बानियां दीं.” दो कौमी नजरिये की पैरवी करने वाले मुनीर ये बताना भूल गए कि पाकिस्तान बनने के कुछ सालों बाद ही इससे टूटकर बांग्लादेश कैसे बन गया. जनरल असीम मुनीर विदेशों में कमा रहे पाकिस्तानियों की कमाई को देखकर खूब गदगद दिखे. उन्होंने कहा, “जिस तरह आप अपने मुल्क के लिए योगदान दे रहे हैं, पैसे भेजकर, निवेश कर, अलग-अलग माध्यमों से इससे ये पता चलता है कि आप अपने मुल्क से कितना मोहब्बत करते हैं. प्रवासी पाकिस्तानियों को आइडियोलॉजी का चूरन देते हुए असीम मुनीर ने कहा कि, ‘जो ओवरसीज हैं वो एक अलग तहजीब में रहते हैं, लेकिन आप ये कभी मत भूलिए कि आप एक सुपीरियर आइडियोलॉजी से ताल्लुक रखते हैं.” असीम मुनीर ने बड़े ही भावुक अंदाज में कहा, “मेरे भाई-बहन, बेटे-बेटियों कृपया पाकिस्तान की इस कहानी को कभी भूलना मत. इसे अपनी आने वाली जेनेरेशन को जरूर बताइएगा. जिससे वह पाकिस्तान के साथ अपने जुड़ाव को महसूस कर सकें. यह कभी कमजोर न हो, चाहें यह तीसरी पीढ़ी हो, चौथी पीढ़ी हो या फिर पांचवीं पीढ़ी. वे जानें कि पाकिस्तान उनके लिए क्या है.” पाकिस्तान बनने की कहानी में हिंसा और दंगों की कहानी को दबाते हुए और पूरे इतिहास को शुद्ध मजहबी रंग देते हुए असीम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान कलमे की बुनियाद पर बना है. उन्होंने कहा, “आजतक इंसानियत की तारीख में सिर्फ दो रियासतें हैं जो कलमें की बुनियाद पर बनी हैं. पहली जो थी उसका नाम है रियासत-ए-तैयबा… आज उसको मदीना कहा जाता है. और जो दूसरी रियासत है, वो उसके 1300 साल के बाद अल्लाह ने आपकी (पाकिस्तान) बनाई है, कलमे की बुनियाद के ऊपर.” मुनीर ने गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई से प्रभावित फिलिस्तीनियों के प्रति भी समर्थन व्यक्त किया और कहा, “पाकिस्तानियों के दिल गाजा के मुसलमानों के साथ मिलकर धड़कते हैं.” बता दें कि तंगहाली और कंगाली के कगार पर पहुंच चुके पाकिस्तान में इस समय ओवरसीज पाकिस्तानी डॉलर भेजकर वहां की इकोनॉमी में ऑक्सीजन देने की कोशिश कर रहे हैं. असीम मुनीर ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान का वही पुराना रोना रोया और इसे पाकिस्तान के गले की नस बताया.  

देश में बंद हुआ एक और बैंक, जमाकर्ताओं के पैसों का क्या होगा, जानिए RBI ने क्यों रद्द किया लाइसेंस

अहमदाबाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 16 अप्रैल, 2025 को अहमदाबाद स्थित कलर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक (Colour Merchants Co Operative Bank) का लाइसेंस रद्द कर दिया। यह निर्णय बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति और कमाई की संभावनाओं की कमी के कारण लिया गया है। आरबीआई ने कहा कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है और यह बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहा है। जमाकर्ताओं को मिलेगी बीमा सुरक्षा लाइसेंस रद्द होने के बाद, बैंक बुधवार को अपने सभी बैंकिंग कार्य बंद कर देगा। बैंकिंग कारोबार में जमा स्वीकार करना और उसका पुनर्भुगतान शामिल होता है। परिसमापन की प्रक्रिया शुरू होने पर, डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत जमाकर्ताओं को उनकी जमा राशि पर अधिकतम ₹5 लाख तक की बीमा राशि प्राप्त होगी। 98.51% जमाकर्ताओं को पूरी राशि मिलने की उम्मीद आरबीआई द्वारा जारी बयान के अनुसार, बैंक के द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, लगभग 98.51% जमाकर्ता DICGC बीमा के अंतर्गत अपनी पूरी जमा राशि पाने के हकदार हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि अधिकांश जमाकर्ताओं की रकम बीमा के दायरे में आ जाती है। अब तक 13.94 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका DICGC पहले ही 31 मार्च 2024 तक बैंक के जमाकर्ताओं को ₹13.94 करोड़ का भुगतान कर चुका है। इससे यह स्पष्ट है कि बीमा प्रणाली सक्रिय रूप से कार्य कर रही है और जमाकर्ताओं की सुरक्षा प्राथमिकता है। जनहित में लिया गया फैसला आरबीआई ने स्पष्ट किया कि बैंक की वर्तमान स्थिति उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक है। अगर बैंक को आगे कारोबार जारी रखने की अनुमति दी जाती, तो इससे जनहित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। इसलिए, बैंकिंग कार्यों को समाप्त करना आवश्यक हो गया था। यह निर्णय भारत के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में नियामक निगरानी की गंभीरता और जमाकर्ताओं की सुरक्षा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet