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यात्रीगण कृपया ध्यान दें, भोपाल मंडल से गुजरने वाली 26 ट्रेनें इन तारीख को रहेंगी कैंसिल

नर्मदापुरम  उत्तर पूर्व रेलवे के गोरखपुर मंडल के गोरखपुर जंक्शन–गोरखपुर कैंट खंड के मध्य तीसरी लाइन के इंटरलॉकिंग कार्य के कारण भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली निम्नलिखित गाड़ियाँ अपनी निर्धारित तिथियों में निरस्त रहेंगी.     गाड़ी संख्या 11037 पुणे–गोरखपुर एक्सप्रेस 17 अप्रैल एवं 02 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 11038 गोरखपुर–पुणे एक्सप्रेस 19 अप्रैल एवं 03 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12511 गोरखपुर–कोचुवेली एक्सप्रेस 27 अप्रैल, 01, 02 एवं 04 मई 2025 को रद्द रहेगी.     गाड़ी संख्या 12512 कोचुवेली–गोरखपुर एक्सप्रेस 30 अप्रैल, 04, 06 एवं 07 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12589 गोरखपुर–सिकंदराबाद एक्सप्रेस 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12590 सिकंदराबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12591 गोरखपुर–यशवंतपुर एक्सप्रेस 26 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12592 सिकंदराबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस 28 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12597 गोरखपुर–छत्रपति शिवाजी महाराज ट. एक्सप्रेस 22 एवं 29 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12598 छत्रपति शिवाजी महाराज ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 23 एवं 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी     गाड़ी संख्या 15017 लोकमान्य तिलक ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 27 अप्रैल से 03 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15018 गोरखपुर–लोकमान्य तिलक ट. एक्सप्रेस 27 अप्रैल से 03 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15023 गोरखपुर–यशवंतपुर एक्सप्रेस 22 एवं 29 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15024 यशवंतपुर–गोरखपुर एक्सप्रेस 24 अप्रैल एवं 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15029 गोरखपुर–पुणे एक्सप्रेस 24 अप्रैल एवं 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15030 पुणे–गोरखपुर एक्सप्रेस 26 अप्रैल एवं 03 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15045 गोरखपुर–ओखा एक्सप्रेस 24 अप्रैल एवं 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15046 ओखा–गोरखपुर एक्सप्रेस 27 अप्रैल एवं 04 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15065 गोरखपुर–पनवेल एक्सप्रेस 15, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 24, 25, 27, 28, 29 अप्रैल एवं 01, 02, 04 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15066 पनवेल–गोरखपुर एक्सप्रेस 16, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 25, 26, 28, 29, 30 अप्रैल एवं 02, 03, 05 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15067 गोरखपुर–बांद्रा ट. एक्सप्रेस 16, 23 एवं 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15068 बांद्रा ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 18, 25 अप्रैल एवं 02 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 20103 गोरखपुर–लोकमान्य तिलक ट. एक्सप्रेस 19 अप्रैल से 02 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 20104 लोकमान्य तिलक ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 20 अप्रैल से 03 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 22533 गोरखपुर–यशवंतपुर एक्सप्रेस 28 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 22534 यशवंतपुर–गोरखपुर एक्सप्रेस 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी. गर्मियों में समर स्पेशल ट्रेन में यात्री लें मजा, रेलवे ने चलाई वापी-दानापुर-वलसाड ट्रेन यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें. उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें.

18 अप्रैल का दिन आईपीएल के लिए है बेहद खास, आज के ही दिन हुआ था आगाज, ब्रैंडन मैक्कुलम की चली थी आंधी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के दशकों पुराने इतिहास में 18 अप्रैल का दिन बेहद खास है. इसी दिन साल 2008 में दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग यानी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत हुई थी. आईपीएल का उद्घाटन मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच खेला गया था. बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित उस पहले ही मैच में न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रैंडन मैक्कुलम का जलवा देखने को मिला था. मैक्कुलम की आंधी में ढह गई थी आरसीबी ब्रैंडन मैक्कुलम कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए ओपनिंग करने उतरे और रनों का अंबार लगा दिया. मैक्कुलम ने सिर्फ 73 गेंदों पर नाबाद 158 रनों की धुआंधार पारी खेली थी. इस दौरान उनके बल्ले से 13 छक्के और 10 चौके निकले. मैक्कुलम की यादगार पारी के दम पर सौरव गांगुली की अगुवाई वाली केकेआर ने तीन विकेट पर 222 रनों का स्कोर खड़ा किया. जवाब में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पूरी टीम 15.1 ओवर्स में महज 82 रनों पर ढेर हो गई और उसे 140 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा. उस मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी राहुल द्रविड़ कर रहे थे, जो आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स (RR) के मौजूदा हेड कोच हैं. मैक्कुलम को उनकी ऐतिहासिक इनिंग्स के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया था. आईपीएल का पहला सीजन राजस्थान रॉयल्स ने जीता था. ऑस्ट्रेलिया के महानतम स्पिनर शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स चैम्पियन बनने में कामयाब रही थी. तब राजस्थान रॉयल्स ने फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को 3 विकेट से शिकस्त दी थी. वह मुकाबला 1 जून 2008 को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में खेला गया. उस मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में थी. धोनी मौजूदा आईपीएल सीजन में भी ऋतुराज गायकवाड़ के बाहर होने के बाद सीएसके की कप्तानी कर रहे हैं. राजस्थान रॉयल्स बनी थी आईपीएल की पहली चैम्पियन, फोटो: X आईपीएल का पहला ही सीजन बेहद सफल एवं रोमांचक रहा. आगे चलकर फैन्स का रुझान क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट की ओर इस कदर बढ़ा कि यह लीग लोकप्रियता के शीर्ष पर जा पहुंचा. आईपीएल ललित मोदी की सोच थी. ग्लैमर और चकाचौंध के तड़के के बीच इस लीग में इतना पैसा बरसा कि दुनिया देखती ही रह गई. आईपीएल ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की रेवेन्यू में चार चांद लगा दिया. ऐसे में बाकी देशों के बोर्ड आर्थिक तौर पर बीसीसीआई से कोसों पीछे छूट गए. विवादों से भी रहा है आईपीएल का नाता आगे चलकर बाकी देशों ने भी आईपीएल के मॉडल को अपनाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें उतनी कामयाबी नहीं मिली. आईपीएल के अबतक 17 सीजन हो चुके हैं और 18वां सीजन जारी है. खास बात यह है कि आईपीएल में आज बेंगलुरु के ही एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और पंजाब किंग्स (PBKS) की टक्कर होनी है. एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में ही आईपीएल का आगाज हुआ था. आईपीएल के मुकाबले तो हिट होते चले गए, लेकिन दूसरी तरफ कई विवादों में भी यह लीग घिरी रही. आईपीएल 2010 फाइनल के बाद ललित मोदी को बीसीसीआई से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. ललित मोदी पर पैसे की हेराफेरी सहित कई आरोप लगे थे. बता दें कि ललित मोदी 2008 से 2010 तक यानी पहले तीन सीजन में आईपीएल के चेयरमैन और कमिश्नर रहे थे. फिर सबसे बड़ा विवाद साल 2013 में सामने आया, जब राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ियों पर स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा. उस समय बीसीसीआई के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद को अवैध सट्टेबाजी में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

धार में ट्रेलर की टक्कर से महिला की मौत, कार सवार लोग हुए घायल

बाकानेर  धार जिले के बाकानेर के पास बारात लेकर बड़दा पुनर्वास जा रही एक बस अचानक पलटी खा गई। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई। वहीं धार के नागेश्वर के पास ट्रेलर की टक्कर से एक महिला की मौत हो गई। बस के नीचे दब गई महिला जानकारी के मुताबिक नागदा जंक्शन से बारात लेकर बड़दा पुनर्वास जा रही बस सुबह 5 बजे मान नदी के किनारे रुकी थी। इसके बाद बारात में शामिल कुछ महिलाएं बस में बैठ गईं और पुरुष बस को धक्का लगाकर स्टार्ट करने की कोशिश करने लगे। सड़क पर ढलान होने की वजह से बस पीछे की ओर आ गई और टीन शेड के ढाबे को तोड़ती हुई पलट गई। घटना में वहां खड़ी एक महिला बस के नीचे आ गई और उसकी वहीं मौत हो गई। घटना के बाद बारातियों में चीख-पुकार मच गई। अंदर बैठी महिलाए जैसे-तैसे बाहर निकलीं। घटना के बाद बाकानेर के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और क्रेन को बुलवाकर नीचे दबी महिला बबीता पति रामुसिंह को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यहां ट्रेलर की टक्कर से महिला की मौत उज्जैन से राजगढ़ जा रहे जैन परिवार के नयन पिता मुकेश अम्बोर जैन निवासी राजगढ़ धार की कार को नागेश्वर के पास ब्रिज पर तेज रफ्तार से आ रहे ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मारी। ट्रेलर कार को 50 फीट तक घसीटकर ले गया। इसमें महिला पूजा पति नयन जैन 30 वर्ष की स्पॉट पर ही मृत्यु हो गई और नयन जैन 32 वर्ष गंभीर घायल हो गए। नयन को इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया। कार में पांच लोग सवार थे। इनमें दो छोटी जुड़वा बच्चियां भी शामिल हैं।

मंच टूटने के बाद एमपी कांग्रेस ने कार्यक्रमों को लेकर जो गाइडलाइन बनाई

भोपाल भोपाल में पिछले महीने यानि 10 मार्च को रंगमहल चौराहे पर किसान कांग्रेस द्वारा आयोजित विधानसभा घेराव के कार्यक्रम का मंच टूट गया था। इस घटना में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव सिंह, महेन्द्र सिंह चौहान, महेन्द्र जोशी सहित आधा दर्जन नेता गंभीर घायल हुए थे। कांग्रेस ने पार्टी के सभी विधायकों, सांसदों, जिला अध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिला प्रभारी, सह प्रभारी, संगठन मंत्रियों और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ पूर्व सांसद, पूर्व विधायकों को पार्टी के कार्यक्रमों की मंच व्यवस्था, स्वागत, भाषण, वाहन व्यवस्था और बैकड्रॉप की गाइडलाइन भेजी है। जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों पर इसे पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। दिल्ली से मंजूरी मिली, भोपाल में चर्चा बाकी एमपी कांग्रेस ने कार्यक्रमों को लेकर जो गाइडलाइन बनाई है, उसकी दिल्ली में ऑल इंडिया कांग्रेस कमीटी (एआईसीसी) से सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। प्रदेश स्तर पर 20 अप्रैल को होने वाली बैठक में सहमति के बाद इसे जारी कर दिया जाएगा। प्रदेश के जिन नेताओं पदाधिकारियों को यह गाइडलाइन भेजी गई है, उनसे यह कहा गया है कि यदि कोई सुझाव हो तो 19 अप्रैल तक भेज दें ताकि जरूरी सुझावों को शामिल करते हुए इसे फाइनल मंजूरी मिल सके। कार्यक्रमों के पहले की तैयारियां     कार्यक्रमों में महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर की फोटो अनिवार्यतः: रखवाई जाएं। और अतिथियों द्वारा सूत की माला से माल्यार्पण किया जाए।     कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के गायन से किया जाए।     कार्यक्रम के समापन में जन-गण-मन अनिवार्य रूप से कराया जाए।     मंच संचालक द्वारा सभी को इस संबंध में कार्यक्रम के दौरान इन बातों को बार-बार दोहराया जाए। ताकि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के दौरान अनुशासन का पालन हो। जिला स्तर के कार्यक्रम के लिए प्रोटोकॉल जिला स्तरीय मंच- जिला स्तर के संगठन के ऐसे कार्यक्रम जिसमें बडे़ नेताओं, प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश प्रभारी शामिल हों। उस कार्यक्रम में सिर्फ 12 बाय 12 फीट और 3 फीट ऊंचाई का मंच वक्ताओं के लिए बनाया जाएगा, जिसमें बोलने के लिए बीचों बीच डायस रखी जाएगी। इस मंच पर बैकड्रॉप में 16 बाय 16 फीट का होर्डिंग लगाया जाएगा। यानि मंच पर कोई नेता नहीं बैठेगा। नाम बुलाने पर नेता डायस पर जाकर स्पीच देंगे और नीचे कार्यकर्ताओं के साथ बैठेंगे।

अमित शाह बोले- जवानों ने नक्सलियों को चार जिलों तक समेट कर रख दिया

नीमच गृह मंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ की पीठ ठोकते हुए कहा कि नक्सलियों का पशुपतिनाथ से तिरुपति तक का सपना टूट गया है। उन्होंने कहा कि नक्सली नेपाल से लेकर आंध्र प्रदेश तक अपना दबदबा कायम करना चाहते थे लेकिन अब वे केवल चार जिलों में सिमटकर रह गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह नीमच में सीआरपीएफ स्थापना दिवस के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के योगदान से कुछ ही दिनों में देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन से खूंखार नक्सली भी खौफ खाते हैं। कोबरा बटालियन की अगुआई में सीआरपीएफ ने नक्सलवाद को खत्म करने में बड़ा योगदान दिया है। 21 मार्च 2026 तक इस देश से नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा। शाह ने कहा कि माओवाद प्रभावित इलाकों में 400 से ज्यादा फॉरवर्ड बेस बनाए गए हैं। इसके चलते 10 साल के अंदर ही माओवादी घटनाओं में 70 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद शांति बहाल करना हो या फिर शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न करवाना, सीआरपीएफ के जावान देश की सेवा में लगे ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में चुनाव से पहले बूथ पर हमले और लूट की आशंका जताई गई थी। लेकिन सीआरपीएफ के जवानों की मुस्तैदी की वजह से एक भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। कश्मीर में चुनाव के दौरान एक भी गोली नहीं चली। गुरूवार को शाह ने सिरोही जिले के आबूरोड स्थित ब्रह्मकुमारीज हैडक्वार्टर शांतिवन में आयोजित सुरक्षा बल के कर्मियों के लिए आंतरिक जागृति के माध्यम से आत्म-सशक्तीकरण विषयक राष्ट्रीय संवाद के शुभारम्भ के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के मन, आत्मा और शरीर को शांति का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में कार्य करने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ संस्था को साधुवाद दिया। शाह ने कहा है कि सशस्त्र बलों के सुरक्षाकर्मी माइनस 46 डिग्री सेल्सियस से लेकर 46 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में अपने जीवन का स्वर्णकाल देकर हमारी सीमाओं की सुरक्षा करते हैं और उनके त्याग-तप और बलिदान के कारण आज हम सुरक्षित हैं।

छत्तीसगढ़ चार खिलाड़ियों ने नेपाल में बॉडीबिल्डिंग एवं वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन करते हुए देश का परचम लहराया

रायपुर छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के चार होनहार खिलाड़ियों ने नेपाल के पोखरा शहर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बॉडीबिल्डिंग एवं वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ और देश का परचम लहराया है। अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त भारतीय खेल संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, पाकिस्तान, भूटान, श्रीलंका, बांग्लादेश और म्यांमार समेत सात देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। भारत की ओर से छत्तीसगढ़ के कवर्धा से सूरज राजपूत, दीपाली सोनी, अभिषेक तिवारी और अनुराग जांगड़े ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग लेकर स्वर्ण पदक हासिल किए। ज्ञात हो कि बॉडीबिल्डिंग स्पर्धा में कबीरधाम के सूरज राजपूत ने सात देशों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए इंटरनेशनल मिस्टर ओवरऑल का खिताब अपने नाम किया। सूरज पूर्व में मिस्टर छत्तीसगढ़, सीनियर नेशनल बॉडीबिल्डिंग चौंपियनशिप और पावरलिफ्टिंग में भी पदक जीत चुके हैं। वर्तमान में वे कवर्धा के “भारत हेल्थ क्लब” में कोच की भूमिका निभा रहे हैं और लगभग 50 युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। दीपाली सोनी, जो कि जिले की पहली महिला स्वर्ण विजेता वेटलिफ्टर बनीं, उन्होंने 76 किलोग्राम वर्ग में जीत दर्ज की। वे इससे पहले राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। पुरुषों की 67 किलोग्राम श्रेणी में सब-जूनियर वर्ग के अभिषेक तिवारी ने स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके पहले स्कूल नेशनल गेम्स में भी पदक जीत चुके हैं। वहीं 14 वर्षीय अनुराग जांगड़े, जिन्होंने 109 किलोग्राम वर्ग में सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया, पहले भी जिला और स्कूल स्तरीय कई प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे हैं। गौरतलब है कि इन चारों खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने का श्रेय भी सूरज राजपूत को जाता है, जो वर्षों से समर्पण भाव से निःशुल्क प्रशिक्षण देकर जिले के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार कर रहे हैं। सूरज राजपूत ने अपनी सफलता और टीम की उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खेल मंत्री टंक राम वर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले के साथ-साथ राज्य के हर युवा की प्रेरणा बनेगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में दुबई में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसकी तैयारी भी वे कवर्धा से ही पूरी निष्ठा के साथ करेंगे। नेपाल की धरती पर खिलाड़ियों द्वारा किया गया यह प्रदर्शन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। बॉडी बिल्डिर सूरज राजपूत – बॉडीबिल्डिंग की दुनिया में सूरज राजपूत का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। नेपाल की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने सात देशों के धुरंधरों को पछाड़ते हुए इंटरनेशनल मिस्टर ओवरऑल का खिताब अपने नाम किया। सूरज राजपूत कहा कि यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ की है। छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन अगर मन में जुनून हो और मार्गदर्शन सही हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं। सूरज ‘भारत हेल्थ क्लब’ में बतौर कोच लगभग 50 खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। वे मिस्टर छत्तीसगढ़, सीनियर नेशनल और पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में भी मेडल जीत चुके हैं। वेटलिफ्टर दीपाली सोनी 76 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली कबीरधाम जिले की दीपाली सोनी कबीरधाम की पहली महिला वेटलिफ्टर बनी हैं। जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर इतिहास रच दिया। दीपाली सोनी  अपना अनुभव साझा करती हुए कहती है कि नेपाल की यात्रा मेरे लिए बेहद प्रेरणादायक रही। पहली बार विदेश जाकर खेलना और तिरंगा लहराना एक सपना था, जो पूरा हुआ। मुझे खुशी है कि अब जिले की अन्य बेटियां भी वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा लेंगी।” दीपाली पहले भी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। वेटलिफ्टर अभिषेक तिवार 67 किलोग्राम वर्ग के सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में अभिषेक तिवारी ने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी कड़ी मेहनत का शानदार उदाहरण पेश किया। अभिषेक तिवारी कहते हैं कि जब मेरे गले में मेडल आया, तो मुझे अपने माता-पिता, गुरुजी और पूरे जिले की मेहनत याद आई। नेपाल में रहना, वहां के खिलाड़ी और माहौल सभी कुछ नया था, लेकिन हमने भारत का झंडा ऊंचा रखने का संकल्प लिया था। वेटलिफ्टर अनुराग जांगड़े सिर्फ 14 वर्ष की उम्र में 109 किलोग्राम वर्ग में सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग में गोल्ड जीतने वाले अनुराग जांगड़े ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। अनुराग जांगड़े ने अपनी कैरियर की पहली विदेश यात्रा में मिले उपलब्धियों की खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “मैं बहुत खुश हूं कि इतनी छोटी उम्र में देश के लिए स्वर्ण पदक जीत पाया। यह सब मेरे कोच सूरज सर की वजह से संभव हुआ, जिन्होंने हमें दिन-रात निःस्वार्थ भाव से मुझे तैयार किया।” विदेश में राष्ट्रीय ध्वज लहराने की खुशी में शब्दों में बयां नही कर सकता।

बीईएमएल के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट संयंत्र को मंजूरी, स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए शिखर पर ले जाने की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी मंत्रालय भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र के स्थापना की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इस संयंत्र के लिए बिलासपुर, चांपा के समीप नेशनल हाईवे से लगी 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय रोजगार सृजन और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देना है। छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30, जो एक नवंबर 2024 से लागू हुई, ने राज्य को निवेशकों के लिए अनुकुल बना दिया है। इस नीति का मूल मंत्र न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन है, जिसके तहत उद्योगों को स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ऑनलाइन आवेदन, और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी सुविधाओं ने उद्यमियों के लिए छत्तीसगढ़ में कारोबारी माहौल को आसान किया है। नीति में फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इस नीति के तहत उद्योगों को 30-50 प्रतिशत सब्सिडी, 5 से 12 वर्ष तक की कर छूट और ब्याज अनुदान जैसे आकर्षक प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा, 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों के लिए बी-स्पोक पॉलिसी और प्रति व्यक्ति 15,000 रुपये तक का प्रशिक्षण अनुदान भी शामिल है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 5 लाख नए रोजगार सृजित करना है, जो स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बीईएमएल के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना से न केवल छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इस संयंत्र के लिए 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आवंटित करने का निर्णय निवेशकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कदम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को सभी स्वीकृतियां एक ही मंच पर प्रदान की जा रही हैं, जिससे समय और लागत की बचत हो रही है। ऑनलाइन सुविधाओं के विस्तार ने भी उद्योगों की स्थापना को गति दी है। उद्यमी अब घर बैठे विभिन्न स्वीकृतियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने निवेश को आकर्षित करने के लिए सार्थक पहल की है। दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में देश-विदेश के उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप 4 लाख 40 हजार  करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुंबई समिट में 6,000 करोड़ रुपये, दिल्ली में 15,184 करोड़ रुपये, और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की सहमति ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया है। प्रोजेक्ट टूडे सर्वे के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में 218 नई परियोजनाओं में 1,63,749 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को देश के टॉप टेन निवेश वाले राज्यों में शामिल कर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल नीतियों के साथ हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति न केवल उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देती है, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि पर भी जोर देती है। हमारा लक्ष्य अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 नवा अंजोर के तहत विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि राज्य अब नक्सल प्रभावित छवि से बाहर निकलकर एक औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में उभर रहा है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने ग्रामीणों से किया जन संवाद, ग्रामसभा में हुए सम्मिलित

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मऊगंज जिले के खैरा ग्राम में बिछिया नदी के उद्गम स्थल में पूजा-अर्चना की। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में आयोजित कार्यक्रम में नदी के उद्गम स्थल पर पुष्प अर्पित कर दुग्ध अभिषेक किया। जन भागीदारी से जल संचयन के संकल्प के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में मंत्री श्री पटेल ने ग्रामीणजनों से संवाद करते हुए ग्रामसभा का शुभारंभ किया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि बिछिया नदी के उद्गम स्थल में फेंसिंग कराकर वर्षाकाल में पौध-रोपण करें। उन्होंने कहा कि खैरा की पुण्य भूमि नदी का उद्गम स्थल है। यहाँ के निवासियों को भू-जल स्तर बनाये रखने के लिए इसे हरा-भरा बनाना होगा। पौध-रोपण से आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवरेगा। भू-जल स्तर में आ रही कमी व जल संकट को चुनौती के तौर पर स्वीकार करते हुए इससे निपटने के लिए समवेत होने का उन्होंने आहवान किया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि इस वर्ष तीन माह तक जल गंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जा रहा है। जल संरक्षण व संवर्धन के कार्य प्राथमिकता से कराए जाकर पौध-रोपण की तैयारी व पुराने जल स्त्रोतों के संरक्षण व पुनर्रुद्धार के कार्य इस दौरान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतों में भवन बनाने, सामुदायिक भवन निर्माण व जनपद पंचायतों के भवन निर्माण के कार्य कराए जाएंगे। श्री पटेल ने कहा कि पंचायतों के कार्य की प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। विभिन्न मदों से प्राप्त होने वाली राशि से पंचायतों में आवश्यकतानुसार कार्य कराए जाएं तथा आवास प्लस की सूची में पात्र हितग्राहियों के नाम शामिल कराएं। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक देवतालाब श्री गिरीश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, डीआईजी श्री राजेश सिंह चंदेल, कलेक्टर मऊगंज संजय कुमार जैन, एसपी दिलीप सोनी सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।  

प्रदेश में मोहन यादव सरकार जल्द कर सकते है मंत्रिमंडल विस्तार, कुछ मंत्रियों की पद से हो सकती है छुट्टी

भोपाल प्रदेश में मोहन यादव सरकार को डेढ़ वर्ष होने जा रहा है, लेकिन राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हुई हैं। उधर, मंत्रिमंडल विस्तार का भी नेताओं को इंतजार है। पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, जयंत मलैया, हरिशंकर खटीक, ब्रजेंद्र प्रताप सिंह और संजय पाठक को अपना नंबर आने की संभावना दिख रही है। दरअसल, पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट है, तो मध्य प्रदेश में भी इस बात की चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव मंत्रियों के प्रदर्शन के आधार पर मंत्रिमंडल विस्तार कर सकते हैं।   क्षेत्रीय संतुलन साधने की होगी कोशिश इसमें क्षेत्रीय संतुलन साधने के हिसाब कुछ पूर्व मंत्रियों को फिर मौका दिया जा सकता है। उनके अलावा कांग्रेस से भाजपा में आए छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा सीट से विधायक कमलेश शाह भी प्रतीक्षारत हैं। रामनिवास रावत के मंत्रिमंडल से त्याग पत्र देने के बाद मोहन कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित 31 मंत्री हैं। नियम के अनुसार 35 मंत्री हो सकते हैं। कुछ मंत्रियों की पद से हो सकती है छुट्टी मंत्री बनने के लिए पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह, संजय पाठक, ब्रजेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य पूर्व मंत्री सत्ता और संगठन में अपने संपर्कों के माध्यम से प्रयासरत भी हैं। संभावना जताई जा रही है कि रिक्त स्थानों की पूर्ति हो सकती है। कुछ मंत्रियों को खराब प्रदर्शन के आधार पर विश्राम भी दिया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि अभी प्राथमिकता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति है, इसलिए यह काम इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले हो सकता है। उधर, राजनीतिक नियुक्तियां भी अब की जाएंगी। इसको लेकर संगठन स्तर पर कई बार चर्चा भी हो चुकी है। इसमें कुछ पूर्व विधायकों को समायोजित भी किया जाएगा। अभी इनके पास कोई काम नहीं है। जयंत मलैया को बनाया जा सकता है वित्त आयोग का अध्यक्ष सूत्रों के अनुसार पूर्व वित्त और वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत मलैया को छठवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। पांचवें वित्त आयोग की अनुशंसाएं अप्रैल 2026 तक के लिए हैं। आयोग विभिन्न स्तरों पर चर्चा के बाद स्थानीय निकायों को दी जाने वाली राशि के संबंध में अनुशंसा करेगा। ये विधायक कर रहे इंतजार गोपाल भार्गवः नौ बार के विधायक। उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सरकार में लगातार मंत्री रहे। बुंदेलखंड के कद्दावर नेता। भूपेंद्र सिंहः एक बार के सांसद और पांच बार के विधायक। शिवराज सरकार में लगातार आठ वर्ष मंत्री रहे। बुंदेलखंड क्षेत्र में पकड़। जयंत मलैयाः बुंदेलखंड क्षेत्र से आते हैं। आठ बार के विधायक। सुंदरलाल पटवा से लेकर शिवराज सरकार तक में मंत्री रहे। वित्त, वाणिज्यिक कर और जल संसाधन विभाग में काम करने का लंबा अनुभव। ब्रजेंद्र प्रताप सिंहः पांच बार के विधायक। दो बार मंत्री रह चुके हैं। हरिशंकर खटीकः भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष रहने के साथ संगठन में काम कर चुके हैं। चार बार के विधायक। शिवराज सरकार में मंत्री भी रहे।  

भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्रियों को बड़ी राहत, 2 स्लीपर कोच बढ़ाए, बढ़ती भीड़ के चलते रेलवे ने किया फैसला

भोपाल भोपाल और ग्वालियर के मध्य चलने वाली इंटरसिटी गाड़ी क्रमांक 12197 और 12198 में दो स्लीपर कोच जोड़े जाने से रेल यात्रियों को लाभ हो रहा है। यह व्यवस्था दिनांक 10 अप्रैल से प्रभावी हो चुकी है। इस परिवर्तन के बाद अब ट्रेन में 14 सामान्य श्रेणी, 2 स्लीपर श्रेणी, 2 कुर्सीयान, 1 वातानुकूलित कुर्सीयान समेत कुल 21 कोच हो गए हैं। भाजपा नेता और  पूर्व प्रदेश प्रवक्ता धैर्यवर्धन शर्मा ने बताया कि इंटरसिटी ट्रेन दो कोच बढ़ाए जाने से में शिवपुरी, गुना, अशोकनगर के नागरिकों को ग्वालियर और भोपाल आना-जाना अब अधिक सुविधाजनक हो गया है। पश्चिम मध्य जोन की सलाहकार समिति के सदस्य रहे धैर्यवर्धन ने इस निर्णय पर यात्रियों को बधाई देते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेल विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। भाजपा नेता धैर्यवर्धन ने बुधवार और रविवार के दिनों को जोड़कर सातों दिन इंटरसिटी चलाए जाने के लिए क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री सिंधिया का भी आभार माना है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने अवगत कराया है कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन संख्या 12197/12198 ग्वालियर-भोपाल-ग्वालियर एक्सप्रेस में दो स्लीपर श्रेणी के कोच स्थायी रूप से जोड़े जा रहे हैं। इस संबंध में भोपाल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि ग्रीष्मकालीन भीड़ और बढ़ती हुई यात्रियों की संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था दिनांक 10 अप्रैल से प्रभावी हो चुकी है। इस परिवर्तन के बाद अब इस ट्रेन में 14 सामान्य श्रेणी, 2 स्लीपर श्रेणी, 2 कुर्सीयान, 1 वातानुकूलित कुर्सीयान सहित कुल 21 कोच होंगे।

इंदौर-खंडवा रोड पर बना ब्रिज, निकलने लगे वाहन, मार्ग पर बनेंगे एनिमल कॉरिडोर, वन्यजीवों की सुरक्षा

इंदौर  इंदौर-खंडवा राजमार्ग का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण कार्य के चलते वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इसी कारण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पहला ब्रिज वाहनों के लिए खोल दिया है। बीते कुछ दिनों से वाहन ब्रिज के माध्यम से निकाले जा रहे हैं, ताकि चमेली देवी कालेज के सामने बने ब्रिज के आसपास की सड़क को दुरुस्त किया जा सके। वर्तमान में यहां अंडरपास का कार्य भी प्रगति पर है। अधिकारियों के मुताबिक मई माह में दतोदा वाले ब्रिज से भी वाहन निकल सकेंगे। 216 किलोमीटर लंबे इस राजमार्ग पर तीन सुरंगों के साथ सात ब्रिज और अंडरपास बनाए जा रहे हैं। ये ब्रिज और अंडरपास चमेली देवी कालेज, उमेरीखेड़ा, चोखी ढाणी, सिमरोल, भेरूघाट, बाईग्राम और बड़वाह में बन रहें हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचने के लिए इन स्थानों पर अंडरपास की सुविधा रहेगी। इन सभी ब्रिजों को जनवरी तक तैयार किया जाना था, लेकिन कार्य की धीमी गति के कारण निर्धारित समयसीमा से छह महीने की और मोहलत दी गई है। अब तैयार होगी सर्विस लेन चमेली देवी ब्रिज का कार्य अप्रैल के पहले सप्ताह में पूर्ण कर लिया गया है। अब वाहनों को इस ब्रिज से निकाला जा रहा है, ताकि सर्विस लेन का निर्माण शुरू किया जा सके। निर्माण एजेंसी आने वाले दिनों में सर्विस लेन को बंद कर कार्य शुरू करेगी। इसके साथ ही ब्रिज के नीचे बन रहे दो अंडरपास का कार्य अंतिम चरण में है। मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेश्वर राव का कहना है कि मई के अंतिम सप्ताह तक अंडरपास और सर्विस लेन का निर्माण पूर्ण किया जाएगा। जानवरों के लिए बनेंगे एनिमल कॉरिडोर वाहनों के साथ इस राजमार्ग के निर्माण में वन्यजीवों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जंगलों से गुजरने वाले मार्गों पर पांच से छह स्थानों पर ‘एनिमल कॉरिडोर’ यानी अंडरपास बनाए जाएंगे, जो केवल जानवरों के लिए होंगे। इनकी मदद से वन्यप्राणी एक ओर से दूसरी ओर आसानी से जा सकेंगे। वन विभाग ने इन स्थानों की पहचान कर ली है और इनका निर्माण कार्य आगामी कुछ सप्ताहों में शुरू होने की संभावना है। सिमरोल ब्रिज शुरू करने की योजना     चमेली देवी कॉलेज के बाद दतोदा ब्रिज से वाहन गुजर सकेंगे। मई तक लोगों को थोड़ा इंतजार करना होगा। वैसे एनएचएआई ने जून तक सिमरोल ब्रिज शुरू करने की योजना बनाई है। इसके लिए निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए हैं। – सुमेश बांझल प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई  

भोपाल में 60 हजार बकायादारों से बिजली कंपनी को 300 करोड़ वसूलना, अब कटेगा कनेक्शन!

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में 60 हजार बकायादारों से बिजली कंपनी को 300 करोड़ वसूलना है। बीते वित्तीय वर्ष के आखिरी दिनों में एमडी मध्यक्षेत्र क्षितिज सिंघई ने बताया कि अब बिल जमा न करने वालों के बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे। उन्होंने बताया कि शहर में 1900 से ज्यादा बकायादार 1 लाख से अधिक राशि वाले हैं, जबकि दस हजार रुपए से अधिक व एक लाख से कम बकाया राशि वाले 56 हजार के करीब बिजली उपभोक्ता हैं। सूची से हटाए बड़े नाम कंपनी की सूची में शामिल करीब 60 हजार नाम वो हैं जो कहीं कोई बड़ा रसूख नहीं रखते। हालांकि कंपनी जो सूची अपडेट कर रही है उसमें राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यालयों का ध्यान में रखा जा रहा। इन्हें भी शामिल कर लें तो बकाया राशि 450 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। कंपनी की सूची में 2.90 लाख उपभोक्ताओं पर दस हजार से कम का बकाया है। वसूली के लिए ये प्रयोग -बंदूक लाइसेंस रद्द करने को पत्र। -बैंक खातों को ब्लॉक करने बैंकों को पत्र। -वरिष्ठ इंजीनियर्स, अफसरों को फील्ड में उतारा। -हर बकायादार के घर कंपनी की टीमें भेंजी। बिजली के बकायादारों की सूची अपडेट की जा रही है। काफी बकायादार हैं। वसूली के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है।- क्षितिज सिंघई, एमडी मध्यक्षेत्र

जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रदेश में 50 हजार खेत तालाब बनाए जाएंगे: मंत्री पटेल

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रदेश के सभी 52 जिलों में 50 हजार खेत तालाब बनाने का लक्ष्य रखा है। ये खेत तालाब प्रदेश के किसानों की सिंचाई में मदद करने के साथ जल संरक्षण को मजबूती देने का काम करेंगे। यह पहल वर्तमान जल संचयन संरचनाओं की मरम्मत के साथ नई संरचनाओं के निर्माण पर आधारित है। खेत तालाब निजी खेत पर बनी जल भंडारण की संरचना होती है। ये तालाब कृषि से जुड़े कई कार्यों में काम आते हैं, जैसे रबी और खरीफ फसलों की सिंचाई, मछली पालन, सिंघाड़े की खेती, पशुओं के लिए पीने का पानी आदि। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी जिला पंचायतों के सीईओ को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इन 50 हजार खेत तालाबों के निर्माण के लिए विशिष्ट जिलाों के हिसाब से लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इस बड़े पैमाने की परियोजना के लिए वित्तीय संसाधन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) – वाटरशेड विकास घटक से रणनीतिक रूप से तैयार किए जाएंगे।   इस अभियान के तहत कई कारकों को ध्यान में रखकर इंदौर में कम से कम 55 तालाब और नीमच में कम से कम 57 तालाब खोदने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, बालाघाट को अधिकतम 3,900 तालाब खोदने का लक्ष्य दिया गया है। इसी तरह शहडोल जिले में 3,746 तालाब खोदने का लक्ष्य दिया गया है। खेत तालाबों के निर्माण के लिए सही जगह का चयन अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू होगा। इस अभियान के तहत तालाबों के निर्माण के लिए खेतों के निचले हिस्सों को प्राथमिकता दी जाएगी। खेत के निचले हिस्से में प्राकृतिक प्रवाह के कारण सबसे अधिक पानी जमा होता है। इसी तरह तालाब वहीं बनाए जाएंगे जहां उनके ऊपर की तरफ (अपस्ट्रीम) से इतना पानी आ सके जो तालाब की जरूरत को पूरा कर सके। राज्य में जितनी औसतन बारिश होती है और जो खेती के तरीके हैं उन्हें देखते हुए सरकार ने तय किया है कि कुल खेती योग्य जमीन में से करीब 10% जमीन पर ही फार्म पोंड बनाए जाएंगे। कुशल जल प्रबंधन सुनिश्चित करने और केंद्रित जल प्रवाह को रोकने के लिए तालाब खोदने की जगह चयन प्रक्रिया एक चरणबद्ध तरीके का पालन करेगी। इस तरीके में विभिन्न खेतों में प्रस्तावित जगहों को एक सीधी रेखा के बजाए जिग-जैग पैटर्न में चुना जाएगा। सबसे उपयुक्त स्थानों के चयन में सहायता के लिए एक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भी किया जाएगा। मनरेगा के तहत किसानों की जरूरतों के आधार पर 400 क्यूबिक मीटर, 800 क्यूबिक मीटर, 1000 क्यूबिक मीटर और 3600 क्यूबिक मीटर की भंडारण क्षमता वाले खेत तालाबों का निर्माण किया जा सकता है। इन तालाबों के आकार के लिए डिजाइन और परियोजना अनुमान प्रदान किए गए हैं। पीएमकेएसवाई-वाटरशेड विकास योजना के तहत निर्मित खेत तालाबों की न्यूनतम भंडारण क्षमता 3600 क्यूबिक मीटर होगी। खेत तालाबों से अत्यधिक रिसाव को नियंत्रित करने के उपाय लागू किए जाएंगे। इन तालाबों से निकली मिट्टी का उपयोग तटबंध बनाने में किया जाएगा। ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा के इंजीनियर (कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता) इन खेत तालाबों के निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी के लिए जिम्मेदार होंगे। 50 हजार खेत तालाब बनाने की घोषणा आयोजित पंच-सरपंच सम्मेलन में मंत्री पटेल ने ग्राम पंचायतों के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने सभी ग्राम पंचायतों को ई-ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत पंचायतों के लिए सुविधायुक्त भवनों का निर्माण प्राथमिकता पर किया जा रहा है। जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रदेश में 50 हजार खेत तालाब बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में कई पंचायत भवन आज भी अधूरे हैं या उपर नहीं हैं, जबकि अन्य राज्यों में दो से तीन मंजिला पंचायत भवन बन रहे हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए अब नए मॉडल के अनुसार पंचायत भवनों का निर्माण किया जाएगा। आयोजन में मौजूद लोग बलिदान गाथाओं का हुआ स्मरण- कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों द्वारा रानी अवंती बाई लोधी के बलिदान को याद करते हुए उनके साहस और समर्पण की कहानियों का उल्लेख किया गया। सभी ने बुजुर्ग दानदाता बेटी बाई लोधी के योगदान की सराहना की और पुष्पमालाएं अर्पित कर सम्मानित किया। इस दौौन बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत सदस्य कविता राय, अजय गोटिया, राकेश सिंह लोधी, जनपद अध्यक्ष सुनीता दुबे, जनपद उपाध्यक्ष दुर्गा पटेल, मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी, आशीष चौरसिया, जिला पंचायत सीईओ शिशिर गेमावत, एसडीएम विंकी सिंहमारे, जनपद सीईओ यजुर्वेद्र कोरी, पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रकाश सिंह बागरी, शंकर महतो, पूर्व मंडल अध्यक्ष डॉ. प्रशांत राय, पंकज राय, सरपंच कैलाश चंद्र जैन आदि मौजूद रहे।

शुक्रवार18 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- मन परेशान रहेगा। आत्मसंयत रहें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। परंतु सेहत का ध्यान रखें। खर्चों की अधिकता रहेगी। वृषभ राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। मन परेशान भी हो सकता है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। रहन सहन कष्टमय हो सकता है। खर्च बढ़ेंगे। मिथुन राशि- मन परेशान हो सकता है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। संतान सुख में वृद्धि होगी। कर्क राशि- मन अशांत रहेगा। आत्मसंयत रहें। अपनी भावनाओं के वश में रखें। बातचीत में संतुलित रहें। शैक्षिक कार्यों में कठिनाई आ सकती है। सचेत रहें। सिंह राशि- मन अशांत रहेगा। मानसिक शांति बनाए रखने के प्रयास करें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। परिवार से दूर रह सकते हैं। कन्या राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। नौकरी में बदलाव हो सकता है। कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन की संभावना बन रही है। भागदौड़ अधिक रहेगी। तुला राशि- मन अशांत रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। वृश्चिक राशि- आत्मविश्वास में कमी रहेगी। संयत रहें। क्रोध से बचें। सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन हो सकता है। किसी रुके धन की प्राप्ति हो सकती है। धनु राशि- मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। सचेत रहें। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए प्रयास करें। मकर राशि- मन परेशान हो सकता है। अपनी भावनाओं को वश में रखें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। माता का साथ मिलेगा। आय में कमी व खर्च अधिक की स्थिति हो सकती है। कुंभ राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। मीन राशि- आपके लिए स्थिति पहले से अच्छी होगी। लवलाइफ में समस्याएं कम होगी। नौकरी में आप ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार हो सकते हैं।

भारतीय रेलवे श्रीनगर तक चलने वाली वंदे भारत ट्रेन के लिए क्या किराया और शेड्यूल होगा, इसकी जानकारी जल्द देगा

जम्मू जम्मू के कटरा से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन को 19 अप्रैल को हरी झंडी दिखाई जानी थी, लेकिन पीएम मोदी का दौरा टलने से अब थोड़ा और समय लगेगा। हालांकि, इस ट्रेन के लिए टिकट बुकिंग इसी हफ्ते से शुरू हो जाएगी। चेन्नई स्थित इंटिग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में वंदे भारत के कोच बनाए गए हैं। इससे पूरे देश से कश्मीर की यात्रा आसान हो जाएगी। हालांकि, यात्रियों को सुरक्षा की दृष्टि से पहले जम्मू के कटरा तक किसी ट्रेन से आना होगा और फिर यहां से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन मिलेगी। रेलवे की ओर से एक खुशखबरी सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि अन्य ट्रेनों की ही तरह कश्मीर जाने वाली इस वंदे भारत में भी पांच साल से कम उम्र के बच्चों का टिकट नहीं लगेगा। भारतीय रेलवे श्रीनगर तक चलने वाली वंदे भारत ट्रेन के लिए क्या किराया और शेड्यूल होगा, इसकी जानकारी जल्द देगा। माना जा रहा है कि 19 अप्रैल तक इसे जारी किया जा सकता है। इसका रखरखाव उत्तरी रेलवे (एनआर) करेगा। हालांकि, माना जा रह है कि एसी चेयर कार का टिकट 1600 रुपये और एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया 2500 रुपये तक हो सकता है। किराए को लेकर आधिकारिक जानकारी जल्द दी जाएगी। इस ट्रेन में अन्य ट्रेनों की ही तरह पांच साल के बच्चों के लिए यात्रा फ्री होगी। ‘ईटी नाऊ’ से बात करते हुए भारतीय रेलवे के सीनियर अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि पांच साल से कम उम्र वाले बच्चों के लिए वंदे भारत ट्रेन से यात्रा करना फ्री होगा। हालांकि, अगर उसे सीट की जरूरत होगी तो वह उसे पूरा किराया देना होगा। सिर्फ तीन घंटे में पहुंच सकेंगे कश्मीर जम्मू से कश्मीर पहुंचने में सड़क के जरिए आमतौर पर सात से आठ घंटे का समय लगता है, लेकिन वंदे भारत के जरिए यह समय आधा हो जाएगा। कटरा से श्रीनगर महज तीन घंटे में ही वंदे भारत के जरिए लोग यात्रा कर सकेंगे। इससे न सिर्फ कश्मीर जाने वाले पर्यटकों को फायदा मिलेगा, बल्कि स्थानीय विकास के लिए भी यह ट्रेन फायदेमंद साबित हो सकती है। कश्मीर यात्रा के दौरान यह ट्रेन रियासी सेक्टर में चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज से भी गुजरेगी।

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