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हमने लाखों को दोबारा हिंदू बनाया, पैर धोकर कराते थे घर वापसी, सीएम साय ने धर्मांतरण को लेकर बड़ा खुलासा किया

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धर्मांतरण को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि वह खुद घर वापसी अभियान में शामिल रहे हैं जिसमें लाखों लोगों को दोबारा हिंदू बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इन लोगों के पैर धोकर दोबारा हिन्दू बनाया जाता था। ये वे लोग होते थे जिन्हें मिशनरी बहना फुसलाकर क्रिश्चन से हिंदू बना देते थे। विचार फॉर विकसित छत्तीसगढ़ कॉलक्लेव में बात करते हुए सीएम विष्णु देव साय धर्मांतरण को छत्तीसगढ़ के लिए कलंक बताया। उन्होंने कहा, मैं जशपुर जिले से आता हूं, जहां मिशनरी हावी हैं। पहले वे आदिवासी समाज का खूब धर्मांतरण करते थे। जब भुखमरी और गरीबी होती थी, तो उसका फायदा उठाकर वे अमेरिका से आने वाले रिजेक्टेड गेहूं और पुराने कपड़े आदिवासियों को मुहैया कराते थे। सीएम ने आगे कहा, जब हम सत्ता में आए, तो यह भुखमरी भाग गई। उन्होंने कहा, अब ये लोग धर्मांतरण के लिए चंगाई सभा करते हैं। इसके जरिए वे थोड़ा पानी देकर बड़ी-बड़ी बीमारियों को ठीक करने का झूठा दावा करते हैं। उन्होंने कहा, मैं जिस क्षेत्र से आता हूं वहां स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी ने घर वापसी कार्यक्रम चलाया था। वह राजपरिवार से होते हुए भी लाखों लोगों के पैर धोकर हिन्दू बनाया जाता था। सीएम ने कहा कि उन्होंने 25 साल उनके साथ काम किया और उस क्षेत्र को बचाया। उन्होंने बताया कि वह भी कैंपों में जाते थे और घर वापसी कार्यक्रम में हिंदू से क्रिश्चन बने लोगों को दोबारा हिंदू बनाते थे। सीएम बताया कि दिलीप सिंह जूदेव जी के जिंदा रहने तक वह इस काम में रहे और लाखों लोगों को क्रिश्चन से दोबारा हिंदू बनाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के पितृ पर्वत पर हनुमान जी के दर्शन कर की पूजा-अर्चना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हनुमान जयंती पर इंदौर के प्रसिद्ध पितृ पर्वत पर हनुमान जी की विशाल प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने गौ-माता का पूजन भी किया। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव,विधायकद्वय श्री रमेश मेंदोला तथा श्री मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर की परिक्रमा कर हनुमान जी की विशाल मूर्ति के दर्शन किए।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा परिक्रमावासी अवधूत दादा गुरु जी के दर्शन भी किये । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पितृ पर्वत परिसर में श्री जी इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों की भजन मंडली द्वारा किये जा रहे हनुमान चालीसा के पाठ में शामिल विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी सराहना की और हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पितृ पर्वत में अशोक का पौधा भी लगाया।  

अब माइकल क्लार्क CSK को दी अपनी राय, खेल में आत्मविश्वास की कमी है, अब क्लार्क की सलाह पर काम करेंगे धोनी के धुरंधर?

चेन्नई आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की हालत ठीक नहीं है। लगातार हार के चलते अब तो सीएसके लिए प्लेऑफ में क्वॉलीफाई करने पर भी सवाल उठने लगे हैं। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने भी अपनी राय दी है। माइकल क्लार्क का मानना ​​है कि आईपीएल की पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के खेल में आत्मविश्वास की कमी है। यह टीम मौजूदा समय की जरूरत के मुताबिक नहीं खेल पा रही है। कोलकाता नाइट राइडर्स ने चेन्नई की टीम को शुक्रवार को एकतरफा मैच में आठ विकेट से हराया। चेन्नई ने इस दौरान अपने घरेलू मैदान पर सबसे कम स्कोर बनाने के बाद छह मैचों में लगातार पांचवीं हार का सामना किया। गलत योजना का इस्तेमाल ‘जियो स्टार’ पर विशेषज्ञ के रूप में शामिल क्लार्क ने कहाकि यह पिच बल्लेबाजी के लिए काफी कठिन लग रही थी। नई गेंद से थोड़ी हरकत कर रही थी और गेंद निश्चित रूप से कुछ स्पिन भी हो रही थी। मुझे लगता है कि चेन्नई सुपर किंग्स की टीम गलत योजना के साथ मैदान पर उतरी थी। उन्होंने कहाकि जिस तरह से यह टीम खेल रही थी उसमें आत्मविश्वास और जज्बे की कमी स्पष्ठ रूप से महसूस की जा सकती है। उनका रवैया आज के दौर के क्रिकेट जैसा नहीं दिख रहा है। उनकी कोशिश बस जीत के करीब पहुंचने या बड़ी हार को टालने की रहती है। सबकुछ लगा दें दांव पर क्लार्क ने कहाकि चेन्नई सुपर किंग्स इस तरह की सोच की जगह सब कुछ दांव पर लगाना चाहिए। सब कुछ जोखिम में डाल कर मैच जीतने की कोशिश करनी चाहिए। इस तरह के बदलाव के बारे कहना जितना आसान है, करना उतना आसान नहीं है। उन्होंने कहाकि जिस तरह जीतने वाले ड्रेसिंग रूम में खुशी का माहौल और आत्मविश्वास भरी भावना हो सकती है, उसी तरह जब आप हार रहे हों तो नकारात्मक भावना बनी रहती है और कभी-कभी इससे छुटकारा पाना मुश्किल होता है।

ट्रंप प्रशासन ने अवैध रूप से रह रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा, आज आखिरी दिन, रजिस्टर हो या भुगतो

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन यूएस में रहने वाले विदेश नागरिकों पर और सख्ती बरतने जा रहा है। अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने के अपने अभियान के तहत अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के सचिव क्रिस्टी नोएम ने 30 दिनों से ज्यादा समय से अमेरिका में रह रहे लोगों को एलियन रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत खुद को रजिस्टर कराने का कहा है। उन्होंने अवैध रूप से रह रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि 11 अप्रैल रजिस्टर कराने की आखिरी तारीख है। अगर वह आदेश को नहीं मानते हैं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। इससे पहले अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने विदेशी नागरिकों के लिए एक प्रेस रिलीज जारी करके कहा था कि ऐसे सभी विदेशी नागरिकों, जो 30 दिन से ज्यादा समय से अमेरिका में रह रहे हैं उन्हें सरकार के साथ एलियन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो इसे अपराध माना जाएगा और कानून के अनुसार इसके लिए उन पर जुर्माना या जेल भेजा जा सकता है। इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर उनका वीजा रद्द कर उन्हें डिपोर्ट भी किया जा सकता है। नोएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और मेरे पास अमेरिका में रह रहे सभी अवैध प्रवासियों के लिए बस एक ही संदेश है कि अभी चले जाओ.. यदि आप अभी चले जाते हैं तो आपको वापस लौटने और अपनी स्वतंत्रता आनंद लेने के साथ-साथ अमेरिकी सपने को जीने का एक नया अवसर मिल सकता है। अगर नहीं, तो यकीन मानिए आपको गिरफ्तार किया जाएगा, जुर्माना लगाया जाएगा, निर्वासित किया जाएगा और आप फिर कभी भी हमारे देश में वापस नहीं आ पाएंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने भी नोएम की बात को दोहराते हुए कहा कि आज आखिरी दिन है। राष्ट्रपति ट्रंप और नोएम पहले ही अपनी बात को साफ कर चुके हैं। सभी लोगों को 11 अप्रैल तक अपने आप को सरकार के साथ एलियन रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्टर करा लेना चाहिए नहीं तो.. इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। लैविट के मुताबिक 11 अप्रैल या उसके बाद आने वाले लोगों को आगामी 30 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। वैध रूप से रह रहे भारतीयों पर क्या होगा असर? अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग भी रह रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग अमेरिका में वैध वीजा लेकर प्रवेश करते हैं उनके पास ग्रीन कार्ड, रोजगार दस्तावेज, बॉर्डर पार करने का कार्ड या l-94 रिकॉर्ड होता है। ऐसे में वह पहले से ही सरकार के साथ पंजीकृत हैं उन्हें इस प्रक्रिया से कोई फर्क नहीं पडेगा। हालांकि ट्र्ंप प्रशासन के मुताबिक ऐसे लोगों को चौबीसों घंटे अपने साथ अपने ऐसे दस्तावेज रखने होंगे। इतना ही नहीं ऐसे नागरिकों के बच्चों को भी अपने 14वें जन्मदिन के 30 दिनों के भीतर अपना रजिस्ट्रेशन कराना और अपने फिंगरप्रिंट देने होंगे।

राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी शिक्षकों के 6297 पदों को भरने की मंजूरी दी, र्ती इसी महीने होगी शुरू

शिमला नियम व विवादों की उधेड़बुन में फंसी प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी शिक्षकों के 6297 पदों को भरने की मंजूरी दे दी है। प्री नर्सरी कक्षाओं वाले स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों को सरकार ने प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षक का पदनाम दिया है। इसी महीने इसके लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। भर्तियों को लेकर अब कोई विवाद नहीं हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक निगम के माध्यम से यह भर्तियां की जाएगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में बीते रोज आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में भर्तियों के मामले पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि भर्तियों को लेकर कोर्ट ने जो रोक लगाई थी वह हट गई है। अब इसमें कोई विवाद नहीं है। इलेक्ट्रानिक निगम ने बताया कि कंपनियों का चयन कर लिया गया है। विभाग से अधिकारिक आदेश आने का इंतजार है। आदेश आते ही वह इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर देंगे। शिक्षा मंत्री ने प्रक्रिया शुरू कराने के दिए निर्देश  शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली को निर्देश दिए हैं कि इसके लिए प्रक्रिया जल्द शुरू करवाए। अब प्रारंभिक शिक्षा विभाग स्कूल वाइज वैकेंसी देगा। बुधवार को सरकारी अवकाश खत्म होते ही इसके लिए फाइल मूवमेंट शुरू हो जाएगी। इस महीने के अंतिम सप्ताह तक इसके लिए आवेदन मांग लिए जाएंगे। हालांकि यह भर्तियां कंपनियों के माध्यम से ही करवाई जाएगी। दो साल का डिप्लोमा होगा अनिवार्य इस भर्ती में नर्सरी टीचर एजुकेशन डिप्लोमा, प्री स्कूल एजुकेशन या अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन प्रोग्राम में दो साल का डिप्लोमा जरूरी है। यह डिप्लोमा नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन से मान्यता प्राप्त संस्थान से हासिल किया हुआ होना चाहिए। आवेदकों के डिप्लोमा और अन्य कागजातों की जांच स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डिवेलपमेंट कारपोरेशन करेगा। जो भी शिक्षक नियुक्त होंगे, प्रारंभिक शिक्षा विभाग पर उनका कोई दायित्व नहीं होगा। 12वीं कक्षा में 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए योग्यता अंकों में पांच प्रतिशत की छूट रहेगी। 21 से 45 वर्ष की आयु वाले इसके लिए पात्र होंगे। उम्मीदवारों को वास्तविक हिमाचली होना आवश्यक रहेगा। जयराम सरकार में शुरू हुई थी प्रक्रिया, विवादों में फंसी रही पूर्व जयराम सरकार ने इसके लिए सबसे पहले भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी। मामला विवादों में उलझ गया। उसके बाद चुनावी आचार संहित लगने के चलते प्रक्रिया रूक गई। सत्ता परिवर्तन के बाद नए सिरे से प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन मामला कोर्ट पहुंचा और प्रक्रिया रोकनी पड़ी। 10 हजार होगा पारिश्रमिक, बिना सरकार की अनुमति के नहीं निकाले जा सकेंगे विद्यालयवार रिक्तियां प्रारंभिक शिक्षा निदेशक निर्धारित करेंगे। करों और सेवा प्रदाता शुल्क सहित 10 हजार का मासिक पारिश्रमिक तय किया गया है। इसमें एजेंसी चार्जेज, जीएसटी, अन्य खर्च भी शामिल हैं। प्रत्येक जिले में प्राथमिक शिक्षा के उपनिदेशक के समग्र नियंत्रण में रहते हुए प्रशिक्षक स्कूल के सबसे वरिष्ठ शिक्षक की देखरेख में काम करेंगे। सरकार की मंजूरी के बिना किसी भी प्रशिक्षक को वियोजन से मुक्त नहीं किया जा सकेगा। नामांकन भिन्नता या प्रशासनिक कारणों से प्राथमिक शिक्षा निदेशक के परामर्श से स्थानांतरण हो सकेंगे।

लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुजरात टाइटन्स को चटाई धूल, पूरन और मारक्रम दोनों ने दमदार अर्धशतक जड़े

लखनऊ लखनऊ सुपर जायंट्स वर्सेस गुजरात टाइटन्स मैच लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। इस मैच को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 6 विकेट से जीता। निकोलस पूरन और एडेन मारक्रम ने अपना पराक्रम दिखाया और टीम को जीत दिलाई। दोनों ने दमदार अर्धशतक जड़े। हालांकि, मैच आखिरी ओवर तक गया, लेकिन नतीजा तीसरी गेंद पर ही निकल आया, क्योंकि 6 रनों की दरकार आखिरी ओवर में थी, जिसे साई किशोर ने फेंका। इस मुकाबले में लखनऊ की टीम के कप्तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। हालांकि, उनका ये फैसला सही साबित नहीं हुआ, क्योंकि गुजरात को इस मैच में अच्छी शुरुआत मिली। स्कोर 100 के पार हो गया था, लेकिन कोई विकेट नहीं गिरा था। हालांकि, बीच में कुछ विकेट मिले और थोड़ी सी रनों पर लगाम लगी। बावजूद इसके अच्छे स्कोर तक गुजरात पहुंचने में सफल रही। कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने अर्धशतक जड़े। रवि बिश्नोई और शार्दुल ठाकुर ने 2-2 विकेट निकाले। हालांकि, निकोलस पूरन और एडेन मारक्रम के तूफानी अर्धशतकों के दम पर लखनऊ ने इस मुकाबले को 6 विकेट से जीत लिया।

सीएम रेखा गुप्ता ने हनुमान जयंती के अवसर पर झुग्गीवालों और कंस्ट्रक्शन वर्करों के लिए करेंगी 100 करोड़ की योजना

नई दिल्ली दिल्ली के झुग्गीवालों और कंस्ट्रक्शन वर्करों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेखा गुप्ता सरकार उनके लिए 100 करोड़ रुपए की योजना शुरू करने जा रही है। इसका मकसद है कि कोई भी भूखा नहीं रहे। सीएम रेखा गुप्ता ने हनुमान जयंती के अवसर पर अपने शालीमार बाग निर्वाचन क्षेत्र में एक मंदिर में भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि यह सुनिश्चित करना उनकी सरकार का कर्तव्य है कि शहर में कोई भी भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार झुग्गी बस्तियों और निर्माण स्थलों के पास 100 अटल कैंटीन खोलने की योजना बना रही है। सीएम ने हनुमान जयंती के अवसर पर अपने शालीमार बाग निर्वाचन क्षेत्र में एक मंदिर में भगवान हनुमान की पूजा अर्चना की। इस दौरान उन्होंने एक स्वचालित रोटी बनाने वाली मशीन का उद्घाटन किया जो एक घंटे में 1200 रोटियां बना सकती है। उन्होंने कहा कि हमें 100 अटल कैंटीन खोलनी हैं, ताकि दिल्ली में कोई भी भूखा न रहे। हम झुग्गी-झोपड़ियों और निर्माण स्थलों के पास ये कैंटीन खोलने की योजना बना रहे हैं, जहां भोजन उपलब्ध कराने के लिए ऐसी स्वचालित मशीनें लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने इससे पहले मार्च में दिल्ली का 2025-26 का बजट पेश किया था, जिसमें शहर में अटल कैंटीन खोलने के लिए 100 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए थे। अटल कैंटीन में गरीबों और जरूरतमंदों को मामूली शुल्क पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अटल कैंटीन कई अन्य भाजपा शासित राज्यों में भी चलाए जा रहे हैं। गुप्ता ने कहा कि शालीमारबाग स्थित सिद्ध कात्यायनी देवी मंदिर में स्वचालित रोटी बनाने वाली मशीन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट उपलब्ध कराकर रोजाना ‘अन्न सेवा’ चलाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि यह सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास की दृष्टि से गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने में समाज को साथ लेने का कदम है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि अगर समाज आगे बढ़ेगा तो देश हर रोज कई कदम आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भगवान हनुमान से प्रार्थना की है कि वे ‘विकसित दिल्ली’ के लिए उनकी सरकार के प्रयासों को आशीर्वाद दें। कहा कि जब समाज के सभी वर्ग आगे आएंगे और अपनी भूमिका निभाएंगे तो चीजें सही दिशा में आगे बढ़ेंगी। सीएम ने करोल बाग स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में भी दर्शन किए। गुप्ता ने कहा, “मैंने प्रार्थना की कि राक्षसी शक्तियां वापस अपने मूल स्थान पर लौट जाएं और दिल्ली के लिए काम करने की सकारात्मक ऊर्जा सभी में भर जाए।” उन्होंने कहा कि हमें एक बेहतर दिल्ली, एक स्वस्थ, शिक्षित और समृद्ध दिल्ली के लिए मिलकर काम करना होगा। हमारी सरकार भगवान हनुमान के आशीर्वाद से उस दिशा में काम करना जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और दिल्ली की प्रगति के लिए काम करने में सक्षम होने के लिए भगवान हनुमान से आशीर्वाद भी मांगा।

वक्फ संशोधन कानून बंगाल में लागू ही नहीं होगा, फिर बवाल क्यों? हिंसा के बीच वक्फ कानून को लेकर हमलावर ममता

कोलकाता वक्फ संशोधन कानून को लेकर पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में फैली हिंसा और तनाव के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को साफ शब्दों में कहा कि जब यह कानून राज्य में लागू ही नहीं होगा तो फिर हिंसा क्यों हो रही है? उन्होंने राज्यवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “जिस कानून की बात हो रही है, वह केंद्र सरकार ने बनाया है, राज्य सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं। हमने उस कानून का समर्थन नहीं किया और यह बंगाल में लागू नहीं होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इस मुद्दे को लेकर लोगों को भड़का रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। धर्म के नाम पर गुमराह किया जा रहा: ममता बनर्जी ममता ने अपने संदेश में कुछ राजनीतिक दलों पर धर्म के नाम पर राजनीति करने और लोगों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “कुछ पार्टियां धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग कर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती हैं। लेकिन धर्म का असली मतलब है इंसानियत, करुणा, सभ्यता और आपसी भाईचारा।” मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की। उनकी इस अपील से ठीक पहले राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार और कानून-व्यवस्था के एडीजी जावेद शमीम ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। जावेद शमीम ने कहा कि कई जगहों पर गलत जानकारी की फैक्ट्री चल रही है, जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है। उन्होंने बताया कि जो भी लोग हिंसा या उकसावे में शामिल हैं, उन्हें चिन्हित कर गिरफ्तार किया जा रहा है। पहले भी कर चुकी हैं वक्फ कानून का विरोध तृणमूल कांग्रेस शुरू से ही वक्फ संशोधन बिल का विरोध करती आई है। संसद की संयुक्त समिति में तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने इसका कड़ा विरोध किया था, वहीं सुप्रीम कोर्ट में इस कानून के खिलाफ याचिका तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने किया। कुछ दिन पहले ममता बनर्जी ने साफ कहा था कि बंगाल में किसी को वक्फ संपत्ति हथियाने नहीं दी जाएगी। उन्होंने अल्पसंख्यकों को भरोसा दिलाते हुए कहा था, “जब तक दीदी हैं, आपकी संपत्ति कोई नहीं ले सकेगा।”

पाकिस्तानी सेना छोड़ने के बाद भी वर्दी पहनता रहा तहव्वुर राणा, ISI और लश्कर संग बैठकें, खुले राज

नई दिल्ली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा से पूछताछ कर रही है। अब तक के सवाल-जवाब में कई सारे नए खुलासे हुए हैं। पता चला कि पाकिस्तानी सेना का मेडिकल कोर छोड़ने के बाद भी वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े लोगों से मिलते वक्त सैन्य वर्दी पहना रहता था। रिपोर्ट के अनुसार, राणा पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के चिचावटनी गांव का रहने वाला है और उसके पिता स्कूल प्रिंसिपल थे। तहव्वुर राणा को लेकर तीन भाई हैं। उसका एक भाई पाकिस्तानी सेना में साइकोलॉजिस्ट है, जबकि दूसरा पत्रकार है। उसने कैडेट कॉलेज हसनाबदल में पढ़ाई की, जहां उसकी मुलाकात डेविड कोलमैन हेडली (दाऊद सईद गिलानी) से हुई, जो 26/11 हमलों से जुड़ा है और फिलहाल अमेरिकी जेल में बंद है। तहव्वुर हुसैन राणा साल 1997 में अपनी पत्नी समरज राणा अख्तर के साथ कनाडा चला गया, जो डॉक्टर है। यहां उसने इमिग्रेशन कंसल्टेंसी शुरू की और बाद में हलाल मांस का कारोबार करने लगा। कंसल्टेंसी ही उसकी आतंकी गतिविधियों का मुखौटा बनी, जिसमें हेडली ने सलाहकार की भूमिका निभाई। मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मेडिकल डिग्री रखने वाला राणा ने सर्विस छोड़ने के बाद भी सैन्य वर्दी पहनता था। यूनिफॉर्म में उसने आतंकी शिविरों का दौरा किया और लश्कर-ए-तैयबा व आईएसआई से जुड़े गुटों के संपर्क में रहा। तहव्वुर राणा ग्लोबल आतंकी साजिद मिर के भी टच में था, जो भारत का मोस्ट वांटेड भगोड़ा है। मिर ने ही 26/11 हमलों के दौरान मुंबई के चबाड हाउस पर हमले की साजिश रची थी, जिसमें 6 बंधकों की मौत हुई थी। तहव्वुर राणा का मेजर इकबाल से कनेक्शन अमेरिका ने साजिद मिर की गिरफ्तारी के लिए 50 लाख डॉलर का इनाम रखा है। साल 2022 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र को एक ऑडियो सौंपा था, जिसमें मिर हमलावरों से बातचीत करता सुनाई देता है। एनआईए सूत्रों के अनुसार, तहव्वुर राणा पाकिस्तानी सेना की वर्दी पहनकर मेजर इकबाल से मिला था, जो एक संदिग्ध ISI अधिकारी है। इकबाल पर हेडली की ओर से टोही मिशनों के लिए फंड देने, निगरानी रखने और निर्देश देने का आरोप है। रिपोर्ट में कहा गया कि हेडली ने 2010 में मृत्युदंड से बचने के लिए अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने उस व्यक्ति के साथ 20 से अधिक ईमेल शेयर करने का खुलासा किया, जिसे वह चौधरी खान के नाम से जानता था और जिसका मेजर इकबाल उपनाम था।

वास्तविक आय में ठहराव अब साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, खासकर वेतनभोगी और सफेदपोश वर्ग के लिए: जयराम रमेश

नई दिल्ली कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि देश में लोगों की वास्तविक क्रय शक्ति घटती जा रही है, लेकिन मोदी सरकार इस संकट को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यदि सरकार इस संकट को स्वीकार करती है, तो उसे पिछले 11 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था को हुए “संरचनात्मक नुकसान” को भी स्वीकार करना होगा। रमेश ने इस विषय पर अपनी चिंता ‘एक्स’ पर साझा की और महंगाई और वेतन वृद्धि के संदर्भ में महत्वपूर्ण बिंदु उठाए। वास्तविक आय में ठहराव का मुद्दा जयराम रमेश ने कहा कि वास्तविक आय में ठहराव अब साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, खासकर वेतनभोगी और सफेदपोश वर्ग के लिए। उनका दावा था कि पिछले कुछ वर्षों में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति औसतन 6 प्रतिशत के आसपास रही है, जबकि इस दौरान सफेदपोश नौकरियों में वेतन वृद्धि महज 3-4 प्रतिशत तक सीमित रही। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के मुकाबले वेतन में बहुत कम वृद्धि हुई है, जिसका परिणाम यह हुआ है कि लोगों की जेब में पैसा बचा नहीं है। रमेश का निवेश बैंकर के हवाले से बयान रमेश ने निवेश बैंकर कनिष्क कर का हवाला देते हुए कहा कि वास्तविक क्रय शक्ति खत्म हो रही है। उन्होंने उदाहरण दिया कि हॉस्टल की रसोई में मैगी का पैकेट भी अब महंगा हो गया है। उनका कहना था कि घटती क्रय शक्ति भारत में उपभोग से जुड़ी एक प्रमुख कहानी के अंत का कारण बन रही है। यही कारण है कि निजी निवेश में मंदी भी आ रही है। उनका कहना था कि उपभोग की गिरावट ही आर्थिक संकट का एक प्रमुख कारण है। मोदी सरकार पर हमला: संकट स्वीकारने से इनकार कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यह भी कहा कि मोदी सरकार इस संकट को स्वीकार करने से इनकार करती है, क्योंकि इसके लिए उसे पिछले 11 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था को हुए संरचनात्मक नुकसान को स्वीकार करना होगा। रमेश ने कहा, “सरकार ने न केवल महंगाई और वेतन वृद्धि के मुद्दे को नजरअंदाज किया है, बल्कि उसने इस तथ्य को भी नकारा है कि देश की वास्तविक क्रय शक्ति लगातार घट रही है।” वर्तमान स्थिति पर कांग्रेस की चिंता रमेश ने बताया कि आर्थिक असमानता और वृद्धि की दर में कमी देश की मुख्य समस्याएं बन चुकी हैं। उनका कहना था कि वर्तमान सरकार इस संकट से निपटने के बजाय सच्चाई से मुंह मोड़े बैठी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार इस संकट को सही तरीके से स्वीकारे, तो देश को भविष्य में आर्थिक स्थिति को सुधारने का अवसर मिलेगा। लेकिन इसके लिए सरकार को सच्चाई का सामना करना होगा। सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस की आलोचना कांग्रेस ने इस आरोप के साथ यह भी कहा कि देश में वृद्धि और विकास के मुद्दों पर सरकार की नीतियां असफल साबित हो रही हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि आर्थिक असमानता और सामाजिक न्याय की दिशा में कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। कांग्रेस का कहना है कि क्रय शक्ति में गिरावट की स्थिति से निपटने के लिए सरकार को ठोस आर्थिक सुधारों की दिशा में कदम उठाने होंगे।  

पिच का आज कैसा रहेगा मिजाज और किसे मिलेगा फायदा, एसआरएच वर्सेस पीबीकेएस की होगी भिड़ंत

हैदराबाद सनराइजर्स हैदराबाद वर्सेस पंजाब किंग्स आईपीएल 2025 का 27वां मुकाबला आज यानी शनिवार, 12 अप्रैल को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाना है। एसआरएच वर्सेस पीबीकेएस मैच भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -पैट कमिंस और श्रेयस अय्यर- आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे। पंजाब की नजरें इस मैच को जीतकर वापस आईपीएल 2025 पॉइंट्स टेबल के टॉप-4 में अपनी जगह बनाने पर होगी। वहीं हार का चौका लगा चुकी सनराइजर्स हैदराबाद वापस जीत के ट्रैक पर लौटना चाहेगी। हैदराबाद फिलहाल सबसे नीचे 10वें पायदान पर है। आईए एक नजर डालते हैं एसआरएच वर्सेस पीबीकेएस पिच रिपोर्ट पर- SRH vs PBKS पिच रिपोर्ट- राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम हाईस्कोरिंग मुकाबलों के लिए मशहूर है, मगर इस सीजन यहां जैसे-जैसे मैच खेले जा रहे हैं वैसे-वैसे स्कोरबोर्ड पर रनों की कमी देखने को मिल रही है। एसआरएच ने राजस्थान के खिलाफ सीजन के पहले ही मुकाबले में 286 रन बोर्ड पर लगाए थे, मगर उसके बाद लखनऊ के खिलाफ 200 रन भी नहीं बने और गुजरात के खिलाफ तो टीम के 150 तक पहुंचने में पसीने छूट गए। हालांकि आज के मैच में फैंस को एक बार फिर हाईस्कोरिंग मुकाबला मिलने की उम्मीद है। यहां टॉस जीतकर पहले टीमें बैटिंग करना पसंद करती है। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम IPL रिकॉर्ड और आंकड़े मैच- 80 पहले बल्लेबाजी करते हुए जीते गए मैच- 35 (43.75%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 45 (56.25%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 30 (37.50%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 50 (62.50%) हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 160/3 प्रति विकेट औसत रन- 27.18 पहले बल्लेबाजी करते हुए औसत स्कोर- 162.56 SRH vs PBKS हेड टू हेड सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स की भिंड़त अभी तक 23 बार हुई है जिसमें 16 मैच जीतकर एसआरएच ने अपना दबदबा बनाया हुआ है। वहीं पंजाब को हैदराबाद के खिलाफ 7 जीत मिली है। इस सीजन पंजाब की टीम अलग दिखाई दे रही है। ऐसे में उनकी नजरें इस रिकॉर्ड को सुधारने पर होगी।

UPI की सर्विस अचानक ठप पड़ गईं थीं, कुछ समय के बाद ये सर्विस दोबारा शुरू हो गईं

मुंबई भारत के दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में शनिवार दोपहर को Unified Payments Interface (UPI) की सर्विस अचानक ठप पड़ गईं, जिसके कुछ समय बाद वे सर्विस दोबारा शुरू हो गईं. इस दौरान बहुत से लोग UPI से पेमेंट नहीं कर पा रहे थे और कुछ समय बाद ये सर्विस दोबारा पटरी पर लौट आईं. आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Downdetector ने भी इस आउटेज की जानकारी दी थी. इस आउटेज का असर Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स पर नजर आया. Downdetector से पता लता है कि इस आउटेज की शुरुआत करीब शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास हुई. इस दौरान Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स UPI पेमेंट नहीं कर पाए. इस दौरान कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया. बताते चलें कि भारत में UPI सर्विस देने वाले कई ऐप मौजूद हैं. जिसमें बैंकिंग ऐप से लेकर Paytm और PhoePe जैसे नाम भी शामिल हैं. शनिवार दोपहर से UPI की सर्विस प्रभावित हुईं Downdetector पर UPI प्रोब्लम को लेकर शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास से लोगों ने रिपोर्ट करना शुरू किया. इस दौरान यूजर्स को UPI QR Code स्कैन करने के बाद पेमेंट का प्रोसेस तो नजर आ रहा है, लेकिन 5 मिनट बाद भी पेमेंट प्रोसेस कंप्लीट नहीं हो रहा है. हालांकि अभी इस आउटेज को लेकर ये जानकारी सामने नहीं आई है कि इससे भारत के कौन-कौन से राज्य प्रभावित हुए हैं. सोशल मीडिया पर छाटा ट्रेंड UPI की सर्विस प्रभावित होने के बाद बहुत से यूजर्स को पेमेंट करने में परेशानी आ रही हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करना शुरू कर दिया. Elon Musk के X प्लेटफॉर्म पर कुछ ही मिनट में #upidown ट्रेंड करने लगा. इसका हैशटैग का इस्तेमाल करके बहुत से लोगों ने इंटरनेट पोस्ट किया और कई लोगों ने तो UPI Down दिखाने के लिए स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए.   कई बैंकिंग सर्विस भी प्रभावित Downdetector ने अपने पोर्टल पर बताया है कि SBI, Google Pay, HDFC Bank और ICICI बैंकिंग की UPI सर्विस भी प्रभावित हुई हैं. UPI भारत में एक पॉपुलर सर्विस है, जिसकी मदद से यूजर्स चाय की दुकान से लेकर रेल टिकट बुकिंग तक में पेमेंट करते हैं. ऐसे में अगर ये सर्विस ठप पड़ जाती है, तो उसकी वजह से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. UPI क्या है? यूपीआई (UPI) एक शॉर्ट नेम है, जिसका फुल फॉर्म Unified Payments Interface है. यह भारत में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा डेवलप किया है और एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम है. यह सिस्टम तुरंत और सुरक्षित बैंक खातों के बीच रुपये ट्रांसफर करने की सुविधा देती है.  

बगैर धान खरीदे हो गई फर्जी एंट्री! शासन को लगाई गई करोड़ों रुपए की चपत, अब होगी संपत्ति सीज

 जबलपुर  धान खरीदी गड़बड़ी के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें फर्जी तरीके से भुगतान लेने वालों की संपत्ति कुर्क की जाएगी. इसके अलावा फर्जीवाड़े में शामिल सोसाइटियों के कमीशन से भी रिकवरी की जाएगी. जो लोग फर्जीवाड़े में शामिल हैं, उनकी संपत्ति को कुर्क कर किसानों को भुगतान किया जाएगा. दरअसल, कई किसानों ने फर्जी खरीदी पर्ची दिखाकर पैसे ले लिए हैं. ऐसे में अभी भी कई किसानों को गड़बड़ी के चलते उनके हक का पैसा नहीं मिल पा रहा है. कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने ऐसे लोगों की संपत्तियों का ब्यौरा जुटाने के आदेश दिए हैं. ताकि जल्दी से जल्दी रिकवरी की जा सके. उधर, अभी भी कई किसान भुगतान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं. कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना का कहना है कि हमारी कोशिश है कि पोर्टल पर जिस किसी भी की भी खरीदी चढ़ी है, उसे पेमेंट हो जाए. शासन ने गड़बड़ी करने वालों से वसूली के निर्देश दिए गए हैं. ताकि रुके हुए किसानों को पेमेंट किया जा सके. शासन को लगाई गई करोड़ों रुपए की चपत जबलपुर में धान खरीदी के दौरान करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया। कहीं कम धान तौलकर तो कहीं बिना धान खरीदे फर्जी एंट्री करके शासन को चपत लगाई गई। इस फर्जीवाड़े में दोषी पाए गए 70 से अधिक जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों पर FIR दर्ज कराई गई लेकिन अब इस फर्जीवाड़े का दंश जिले के दो सौ से अधिक किसानों को झेलना पड़ रहा है। ये वो किसान हैं जिनका धान फर्जीवाड़ा करने वाले वेयरहाउसों में बेचा गया था और इस फर्जीवाड़े की जांच चलने की वजह से जिले में दो सौ से अधिक किसानों का 5 करोड़ से अधिक का भुगतान रुका हुआ है जिससे किसानों के सामने रोजमर्रा के खर्च और घरेलू समस्याओं का संकट गहराया हुआ है। मामले को लेकर बड़ी संख्या में किसानों ने कलेक्टर से धान का भुगतान करने की मांग की है। वहीं कलेक्टर दीपक सक्सेना का कहना है कि जिन किसानों का भुगतान रुका है उनका धान शॉर्ट पाया गया था और जिन कर्मचारियों ने यह फर्जीवाड़ा किया है उनकी संपत्ति कुर्क करवाकर पैसे की वसूली की जाएगी और किसानों का भुगतान किया जाएगा और इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, उम्मीद है जल्द ही किसानों का भुगतान हो जाएगा।

दिग्विजय सिंह के आपत्तिजनक टिप्पणी वाले पोस्टर पर हंगामा, लगे आपत्तिजनक पोस्ट

भोपाल/इंदौर वक्फ कानून में बदलाव का विरोध करने को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल व इंदौर में पोस्टर लगाए गए हैं। जिनमें उन्हें वतन का, धर्म का और पूर्वजों का गद्दार बताया गया है। अब इन पोस्टरों को लेकर विवाद छिड़ गया है और कांग्रेस पार्टी ने इन पोस्टरों को लेकर अपनी आपत्ति भी जताई है। शुक्रवार को इस बारे में पुलिस से शिकायत करते हुए कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि वह इन पोस्टरों को लगाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। दरअसल दिग्विजय सिंह के खिलाफ जो पोस्टर लगाए हैं, उनमें छपा है – ‘वक्फ बिल का विरोध करने वाले दिग्विजय सिंह’। पोस्टर में दिग्विजय सिंह की तस्वीर पर एक सील से ठप्पा भी लगाया गया है जिस पर छपा है- ‘वतन के, धर्म के, पूर्वजों के गद्दार।’ इंदौर में लगे इन पोस्टर के नीचे छपवाने वाले के रूप में ‘भारतीय जनता युवा मोर्चा, इंदौर महानगर’ का नाम छपा है। जबकि भोपाल में छापने वाले के बारे में नहीं लिखा गया है। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा ने इस मामले को लेकर बताया कि महू नाका चौराहा पर लगाए गए इस पोस्टर के खिलाफ उन्होंने छत्रीपुरा पुलिस थाने में शिकायत की है। उन्होंने कहा, ‘पुलिस को दिग्विजय सिंह के खिलाफ ऐसे आपत्तिजनक पोस्टर लगाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।’ भारतीय जनता युवा मोर्चा की शहर इकाई के अध्यक्ष सौगात मिश्रा ने कहा,‘वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025, देश का ऐतिहासिक कानून है। इस विषय में दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के दूसरे नेताओं के रुख को लेकर आम लोगों और हमारे कार्यकर्ताओं में आक्रोश है क्योंकि ये नेता राष्ट्रहित की कभी बात नहीं करते हैं।’

हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर और मंदिर की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जबलपुर स्थित पचमठा मंदिर में विशेष आयोजन किया जा रहा

जबलपुर हनुमान जयंती के पावन अवसर और मंदिर की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जबलपुर स्थित पचमठा मंदिर में विशेष आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए हनुमान मंदिर सेवा समिति और महिला मंडल की ओर से तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव को भव्य और यादगार बनाने के लिए 56 भोग की विशेष महा थाली और पांच हजार किलोग्राम का विशाल लड्डू तैयार किया गया है। वहीं थाली में देश के विभिन्न हिस्सों के पारंपरिक व्यंजन शामिल किए गए। इसका उद्देश्य “विविधता में एकता” का संदेश देना था। महाथाली में शामिल सामग्री इस महा थाली में कश्मीर के ड्राई फ्रूट्स, गुजरात के फाफड़ा, जलेबी और ढोकला, उत्तर प्रदेश का लइया, बनारस का पान, लस्सी और बेल शरबत, तथा बिहार की प्रसिद्ध लिट्टी-चोखा जैसे व्यंजन शामिल किए गए हैं। हनुमान जी से जुड़ने का माध्यम जगद्गुरु राघव देवाचार्य ने इस अवसर पर कहा कि यह हनुमान जी की शक्ति है जो हमें याद दिलाती है कि हम कौन हैं। जिस तरह उन्होंने भगवान राम के साथ चलकर अपना उद्देश्य पाया, उसी तरह हम भी उनकी (हनुमान जी) आत्मा से जुड़े रहकर अपनी हिंदू पहचान को समझ और व्यक्त कर सकते हैं। हनुमान जयंती भगवान हनुमान के जन्म का प्रतीक है और यह हिंदू महीने चैत्र की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। इसे चैत्र पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस शुभ अवसर पर, दुनिया भर के भक्त उपवास रखते हैं और देवता की पूजा करते हैं।

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