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नाबालिग से रेप और हत्या के आरोपी ने तलोजा केंद्रीय जेल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली

मुंबई महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण शहर में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के आरोपी विशाल गवली ने जेल में ही खुदकुशी कर ली। आरोपी ने रविवार तड़के तलोजा केंद्रीय जेल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी विशाल गवली (35) सुबह करीब साढ़े तीन बजे जेल के टॉइलट में लटका हुआ पाया गया। खारघर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि गवली शौचालय गया और कथित तौर पर एक तौलिये का इस्तेमाल करके उसने फांसी लगा ली। बाद में जेल अधिकारियों को गवली का शव मिला। स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचित किया गया और पंचनामा किया गया। अधिकारी ने बताया कि मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंबई के सरकारी जेजे अस्पताल में भेज दिया गया है। गवली पर 12 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार और उसकी हत्या करने का आरोप था। अधिकारियों ने पहले बताया था कि लड़की 24 दिसंबर को कोलसेवाड़ी इलाके से लापता हो गई थी और बाद में उसका शव पडघा के बापगांव में मिला था। कोलसेवाड़ी पुलिस द्वारा की गई जांच के बाद गवली और उसकी पत्नी साक्षी को फिरौती के लिए अपहरण, बलात्कार, हत्या, सबूतों को गायब करने और भारतीय न्याय संहिता तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत अन्य अपराधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कल्याण पुलिस ने इस साल फरवरी में दंपति के खिलाफ 948 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था। पुलिस ने पहले एक बयान में कहा था, ‘विशाल गवली ने लड़की के साथ बलात्कार किया और उसकी हत्या कर दी, जबकि साक्षी ने लड़की के शव को बापगांव में फेंकने में मदद की।

यशस्वी जायसवाल ने आरसीबी के गेंदबाजों के खिलाफ हल्ला बोला, खेली तूफानी पारी

नई दिल्ली राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे, लेकिन ओपनर यशस्वी जायसवाल को धीमी पिच से कोई फर्क नहीं पड़ा। यशस्वी जायसवाल ने आरसीबी के गेंदबाजों के खिलाफ हल्ला बोला। यशस्वी जायसवाल ने पहले तो 35 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और फिर ताबड़तोड़ 75 रनों की पारी खेलकर वे पवेलियन लौटे। उन्हीं की इस दमदार पारी की बदौलत टीम ने एक अच्छा स्कोर जयपुर की इस धीमी रहती पिच पर बनाया। आरसीबी के सामने जीत के लिए राजस्थान ने 174 रनों का लक्ष्य रखा है। यशस्वी ने 7 चौके और 1 छक्के की मदद से अपना सीजन का दूसरा अर्धशतक पूरा किया था। इस पारी को उन्होंने आगे बढ़ाया। अर्धशतक तक उनका स्ट्राइक रेट 142.86 का था, जो पारी के अंत में 159.57 का हो गया। वे 47 गेंदों में 10 चौके और 2 छक्कों की मदद से 75 रन बनाने में सफल रहे। अन्य कोई बल्लेबाज राजस्थान रॉयल्स के लिए 35 से ज्यादा रन नहीं बना पाया। संजू सैमसन ने यशस्वी के साथ मिलकर सधी शुरुआत तो दिलाई, लेकिन वे भी नीची रहती गेंद पर स्टंप आउट होकर पवेलियन लौट गए। राजस्थान के लिए 35 रनों की पारी ध्रुव जुरेल ने खेली। वे भी शुरुआत में संघर्ष कर रहे थे और उनका कैच भी छूटा। वहीं, रियान पराग ने 30 रन बनाए। शिमरोन हेटमायर से उम्मीद थी, लेकिन वे 8 गेंदों में 9 ही रन बना सके। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू यानी आरसीबी की ओर से एक-एक विकेट क्रुणाल पांड्या, जोश हेजलवुड, भुवनेश्वर कुमार और यश दयाल को मिला। अन्य गेंदबाज खाली हाथ रहे। आरसीबी के सामने जीत के लिए 174 रनों का लक्ष्य है, जो इस पिच पर काफी मुश्किल होगा। जैसी पिच पहली पारी में रही है। वैसी ही रहती है तो फिर राजस्थान के गेंदबाज कहर बरपा सकते हैं।

बीजेपी, शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के बीच अहम मंत्रालयों को लेकर खींचतान चल रही है, शाह ने खुद संभाला मोर्चा

मुंबई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने दो दिवसीय महाराष्ट्र दौरे के दौरान एनसीपी के वरिष्ठ सांसद और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के निवास पर दोपहर का भोजन किया। इस मुलाकात ने प्रदेश की राजनीतिक हलचलों को एक नई दिशा दे दी है, खासकर जब बीजेपी, शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के बीच अहम मंत्रालयों को लेकर खींचतान चल रही है। यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब रायगढ़ और नाशिक जिलों में संरक्षक मंत्री (Guardian Minister) पद को लेकर सहयोगी दलों में तनाव बना हुआ है। इस साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाशिक और रायगढ़ के लिए बीजेपी के गिरीश महाजन और एनसीपी की अदिति तटकरे (सुनील तटकरे की बेटी) को संरक्षक मंत्री नियुक्त किया था, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही यह आदेश रद्द कर दिए गए। जिले पर दावेदारी शिवसेना का दावा है कि रायगढ़ जिले में उसके विधायक अधिक हैं, इसलिए उसे वहां संरक्षक मंत्री पद मिलना चाहिए। साथ ही, पार्टी नाशिक के लिए भी अपने प्रतिनिधि की मांग कर रही है। दूसरी ओर, एनसीपी अपने पक्ष पर कायम है, जिससे गठबंधन के भीतर शक्ति संघर्ष की स्थिति बन गई है। शाह की चुपचाप राजनीतिक चाल? सुनील तटकरे के घर अमित शाह का भोजन केवल औपचारिकता नहीं माना जा रहा है, बल्कि गठबंधन की अंदरूनी राजनीति को सुलझाने या नए समीकरण बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ऐसे समय पर शाह की यह मुलाकात साफ संकेत देती है कि बीजेपी संभावित असंतुलन को संतुलित करने की कोशिश में जुटी है।

सीधी जिले में भी एक पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति के कत्ल की रची साजिश, अस्पताल में मौत से संघर्ष कर रहा पति

रीवा सीधी जिले में उत्तर प्रदेश के मेरठ कांड जैसा सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मेरठ में जिस तरह से मुस्कान नाम की महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की हत्या की थी ठीक उसी तरह सीधी जिले में भी एक पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति के कत्ल की साजिश रच डाली। इस साजिश का शिकार होते-होते पति बाल बाल बच गया, लेकिन पत्नी द्वारा कराए गए हमले में वह अभी भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। दरअसल अपने आशिक के प्रेम में पागल पत्नी ने पति को मौत के घाट उतार देने की साजिश रची और पति के शरीर पर चाकू से बेवफाई की तहरीर लिख दी। रीवा के अस्पताल में भर्ती कराया पति के शरीर पर चाकू से एक दर्जन से अधिक हमले किए गए, इसके बाद भी जब जी नहीं भरा तो गाड़ी चढ़ाकर उसे करने का प्रयास किया गया। फिलहाल घायल की हालत गंभीर है और उसका उपचार रीवा के संजय गांधी अस्पताल में जारी है। सीधी के ककरहा झार की घटना दरअसल यह सनसनीखेज घटना सीधी जिले के ककरहा झार की बताई जा रही है, परिजनों ने आरोप लगाया कि घायल रईस साकेत की पत्नी फोन पर अपने आशिक से बात किया करती थी। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच हमेशा विवाद होता था। बताया गया कि शादी के अभी 2 वर्ष भी पूरे नहीं हुए थे कि पति-पत्नी के रिश्तों में दरार आने लगी।   पहले रईस साकेत के शरीर पर चाकू से ताबड़तोड़ हमले किए गए, इसके बाद लोडर वाहन चढ़ाकर उसे मारने का प्रयास किया गया। फिलहाल गंभीर हालत में रईस साकेत को उपचार के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां आईसीयू वार्ड में उसका इलाज चल रहा है।

उमरिया जिले के विश्वविख्यात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बाघ बना रहे लोगो को निशाना, आज महिला पर किया हमला

उमरिया उमरिया जिले के विश्वविख्यात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर परिक्षेत्र से समीपी ग्राम ग्राम सेमरिया से लगे जंगल में महुआ बीनने गई एक महिला को बाघ ने हमला कर घायल कर दिया है। घटना रविवार सुबह की है जब 38 वर्षीय रीना बैगा महुआ बीनने घर से लगे जंगल की ओर गई थी। जहां झाड़ियों में छिपे बाघ ने उस पर हमला कर घायल कर दिया है। घटना की जानकारी के बाद पार्क प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची।   अस्पताल में चल रहा महिला का इलाज घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार कराया जा रहा है। वहीं पार्क प्रबंधन की टीम ने घायल महिला का संपूर्ण उपचार कराने की जिम्मेदारी ली है। परिक्षेत्राधिकारी विजय शंकर श्रीवास्तव ने बताया है कि शनिवार को ग्राम पिपरिया निवासी 14 वर्षीय बालक विजय कोल के ऊपर हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। उसी बाघ के द्वारा महिला के ऊपर हमले की आशंका है। दो अप्रैल को भी एक महिला की ले ली थी जान बांधवगढ़ के पंपदा रेंज में 2 अप्रैल को कुशवाहा कोठिया गांव के करीब बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई थी। उस दौरान भी महुआ बीन रही महिला पर बाघ ने हमला किया था। बार-बार बाघ के हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।   महुआ बीनने का समय इस मौसम में महुए नीचे गिर जाते हैं, इन्हें बीनने के लिए ग्रामीण जंगल में जाते हैं। महुआ ही यहां ग्रामीणों की आय का सबसे बड़ा स्त्रोत है। ऐसे में वे अपनी जान जोखिम में डालकर महुआ बीनने के लिए जंगल में जाते हैं।

गुना में शोभायात्रा पर पथराव में वीडियो के आधार पर 9 गिरफ्तार, पुलिस अधिकारियों ने हंगामा कराया शांत

गुना गुना शहर में एक मस्जिद के सामने हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा पर शनिवार को पथराव किया गया तो इसके विरोध में गुस्साए हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। उन्होंने उपद्रवियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बाजार बंद करा दिया। चक्काजाम के साथ ही थाने का भी घेराव भी किया गया। देर रात तक हंगामे के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने उपद्रवियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब हंगामा शांत हुआ। पुलिस ने दंगा, हत्या के प्रयास और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, मारपीट जैसे मामलों में केस दर्ज किया गया है।   5 नामजद और 20 अज्ञात आरोपी पांच नामजद और 15-20 अज्ञात पर मामला दर्ज हुआ है। एएसपी मानसिंह ठाकुर ने बताया कि उपद्रव के वीडियो फुटेज के आधार पर नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, शेष की तलाश जारी है। शहर में माहौल शांतिपूर्ण है और यहां भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। डीजे बजाने पर हुआ विवाद दरअसल, शहर के कोल्हूपुरा से निकलकर हाट रोड रपटा की ओर जा रही थी शोभायात्रा पर कर्नलगंज मस्जिद के सामने डीजे बजाने पर कुछ लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई। उन लोगों का शोभायात्रा के आयोजकों से विवाद हो गया। पुलिस भी दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश करती रही। विवाद के बीच किसी अराजक तत्व ने शोभायात्रा पर पत्थर फेंक दिए तो अफरातफरी के साथ ही दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और बड़ी संख्या में बल तैनात कर दिया गया। इसके बाद हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने दूसरे पक्ष पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाजार बंद करा दिया। रात्रि करीब 11 बजे जयस्तंभ चौराहा पहुंचकर नारेबाजी की, वहां उन्हें पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिया तो वह माने। एएसपी मानसिंह ठाकुर ने बताया कि विवाद की वजह पथराव बताया जा रहा है।

ट्रैविस हेड ने कर दिया खुलासा- कितने दिन से इस पर्ची को जेब में लिए घूम रहे थे अभिषेक शर्मा?

नई दिल्ली अभिषेक शर्मा के बारे में उन्हीं के ओपनिंग पार्टनर ट्रैविस हेड ने एक बड़ा खुलासा किया है। सनराइजर्स हैदराबाद के इस ओपनर ने शनिवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ तूफानी शतक जड़ा। सेंचुरी का सेलिब्रेशन करते हुए अभिषेक शर्मा ने अपनी जेब से एक नोट यानी पर्ची निकाली, जिस पर लिखा था, “This one is for Orange Army” यानी ये शतक सनराइजर्स हैदराबाद के फैंस के लिए है। अब ट्रैविस हेड ने इस पर्ची को लेकर खुलासा किया है कि अभिषेक शर्मा इस पर्ची को लंबे समय से जेब में लेकर घूम रहे थे। अभिषेक शर्मा ने 55 गेंदों में 141 रनों की पारी खेली। उन्होंने 40 गेंदों में शतक पूरा किया था और इसी पारी की बदौलत सनराइजर्स हैदराबाद ने 246 रनों का टारगेट 2 ओवर पहले ही चेज कर लिया था। इससे पहले टीम चार मैच लगातार हारी थी। इस जीत से एसआरएच का मनोबल बढ़ेगा और ऑरेंज आर्मी यानी सनराइजर्स हैदराबाद के फैंस भी अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड की तूफानी 171 रनों की साझेदारी हुई। जब शतक अभिषेक ने जड़ा तो उन्होंने फैंस को पर्ची दिखाई, लेकिन इस पर्ची के बारे में ट्रैविस हेड ने हैरान करने वाला खुलासा किया। खेल के बाद ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत में ट्रैविस हेड ने बताया कि यह नोट यानी पर्ची सीजन की शुरुआत से ही अभिषेक की जेब में थी, लेकिन छठे गेम में ही उसे इसे बाहर निकालने का मौका मिला। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने बताया, “यह नोट अभिषेक शर्मा की जेब में 6 मैचों से था, मुझे खुशी है कि आज रात यह बाहर आ गया।” अभिषेक शर्मा इस सीजन अभी तक खामोश थे, लेकिन अब एक ही मैच में उन्होंने पिछली भरपाई कर ली है। आने वाले मैचों में उनका ऐसा ही रौद्र रूप देखने को मिलने वाला है। अभिषेक शर्मा ने अपनी इस तूफानी पारी को लेकर बताया, “यह मैच बहुत खास है, क्योंकि मैं हार के सिलसिले को तोड़ना चाहता था। लगातार चार मैच हारना बहुत मुश्किल था, लेकिन हमने टीम में इस बारे में कभी बात नहीं की। युवी पाजी (युवराज सिंह) और सूर्यकुमार (यादव) का भी विशेष उल्लेख है। वे मेरे संपर्क में हैं।” पंजाब किंग्स के गेंदबाजों की जमकर धुनाई इस मैच में हुई। हालांकि, उनको लॉकी फर्ग्यूसन की कमी इस मैच में खली, जो दो गेंद फेंकने के बाद चोटिल हो गए थे।

बीयू ने सत्र 2025-26 में यूटीडी में संचालित 70 से अधिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की तैयारी शुरू

भोपाल बरकतउल्ला विश्वविद्यालय(बीयू) ने सत्र 2025-26 में यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट्स (यूटीडी) में संचालित 70 से अधिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार बीयू से बीएएलएलबी और बीएससीें एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम के लिए सीयूईटी (कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) देना अनिवार्य होगा। वहीं यूटीडी में संचालित अधिकतर पाठ्यक्रमों में सीयूईटी और नाॅन सीयूईटी (ऐसे छात्र जो सीयूईटी-यूजी व पीजी में शामिल नहीं होंगे) दोनों तरह के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इस बार 75 फीसद सीट पर नान सीयूईटी और 25 फीसद सीयूईटी के लिए आरक्षित होंगी।   12वीं के परिणाम के तुरंत बाद शुरू होगी प्रक्रिया अधिकारियों ने बताया कि 12वीं के परिणाम घोषित होते ही पंजीयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। खासतौर पर यूजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए मप्र बोर्ड 12वीं का रिजल्ट आने के बाद पंजीयन शुरू किए जाएंगे। पीजी पाठ्यक्रमों में भी नान सीयूईटी को प्राथमिकता रहेगी पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) पाठ्यक्रमों में बीते वर्षों में सीयूईटी स्कोर के आधार पर पर्याप्त प्रवेश नहीं हो सके। विवि में अधिकत्तर विद्यार्थी नान सीयूईटी श्रेणी से ही आवेदन करते हैं, इसलिए पीजी पाठ्यक्रम के लिए भी 75 प्रतिशत सीटें नान सीयूईटी विद्यार्थियों के लिए आरक्षित की गई हैं। यूजी तीसरे वर्ष का परिणाम समय पर देना होगी विवि के सामने यूजी तीसरे वर्ष का परिणाम समय पर घोषित करना सबसे बड़ी चुनौती है, ताकि नान सीयूईटी विद्यार्थी समय पर आवेदन कर सकें।यदि यह प्रक्रिया देरी से होती है, तो प्रवेश में परेशानी आ सकती है।

उत्तराखंड में आगामी 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है, इसे लेकर प्रशासन अलर्ट

देहरादून उत्तराखंड में आगामी 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है। चारधाम यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसे लेकर प्रशासन अलर्ट है। सीएम पुष्कर सिंह धामी खुद नियमित तौर पर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुलभ बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और इसे और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम धामी ने देहरादून में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में चार धाम यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बिना किसी परेशानी के चार धाम के दर्शन कराए जाएं। इसके लिए यात्रा से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है।” उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्गों की मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था, और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस यात्रा को और सरल बनाने के लिए अगर कोई अतिरिक्त कार्य करने की आवश्यकता होगी, तो उसे तत्काल पूरा किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न रहे और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान किया जाए। सीएम धामी ने चारधाम यात्रा को सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता से जोड़ते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि राज्य में आने वाला हर व्यक्ति यहां की संस्कृति और आतिथ्य को अनुभव करे। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने भारतीय संविधान के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया और सामाजिक समानता के लिए अथक प्रयास किए। सीएम ने कहा, “डॉ. अंबेडकर ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए देश को एक मजबूत संवैधानिक ढांचा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सपनों को साकार करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। बाबा साहेब के विचार दोनों ही देश की एकता और अखंडता को मजबूत करते हैं।” उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक पूरे उत्तराखंड में डॉ. अंबेडकर को सम्मानित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सांस्कृतिक आयोजन, सेमिनार, और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। सीएम ने लोगों से अपील की कि वे इन आयोजनों में हिस्सा लें और बाबा साहेब के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं। चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले पंजीकरण कराएं और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

दुष्कर्म पीड़िता के नाम की तरह दुष्कर्म के आरोपी का नाम क्यों नहीं गुप्त रखते: MP हाई कोर्ट

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने राज्य शासन से पूछा कि दुष्कर्म पीड़िता के नाम की तरह दुष्कर्म के आरोपी का नाम क्यों नहीं गुप्त रखते। शासन को चार सप्ताह में हर हाल में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही साफ शब्दों में हिदायत दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो 15 हजार रुपये जुर्माने के साथ ही जवाब स्वीकार किया जाएगा। यह राशि हाई कोर्ट विधिक सहायता कमेटी में जमा कराई जाएगी। इसे लैंगिक भेदभाव बताया गया याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी डॉ. पीजी नाजपांडे व डॉ. एमए खान की ओर से अधिवक्ता अजय रायजादा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि आपराधिक नियम के अंतर्गत दुष्कर्म पीड़िता का नाम गुप्त रखने का प्रविधान है। ऐसा करना लैंगिक भेदभाव है, जो कि संविधान की मंशा के विपरीत है। कानून में यह कहा गया है कि जब तक आरोप साबित नहीं हो जाता, तब तक आरोपी निर्दोष होता है। ऐसे गंभीर प्रकरणों में आरोपी का नाम सार्वजनिक करने से उसकी छवि प्रभावित होती है। सार्वजनिक प्रतिष्ठा धूमिल होती है याचिका में कहा गया कि फिल्मी हस्ती मधुर भंडारकर जैसे कई ऐसे नाम हैं, जो ऐसे आरोपों से बरी हुए हैं, लेकिन सार्वजनिक प्रतिष्ठा धूमिल हो गई। इसीलिए याचिका के जरिए मांग की गई है कि उक्त अधिनियम के तहत ट्रायल पूरी होने तक दुष्कर्म के मामलों में आरोपी का नाम भी गुप्त रखा जाए।

मध्यप्रदेश की ऊर्जा तस्वीर अब बदलने वाली, लगेगा 2800 मेगावाट की क्षमता वाले न्यूक्लियर पावर प्लांट, चार यूनिट लगाई जाएंगी

भोपाल मध्यप्रदेश की ऊर्जा तस्वीर अब बदलने वाली है। केंद्र सरकार ने शिवपुरी जिले के नरवर तहसील स्थित भीमपुर गांव में देश के एक बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र (nuclear power plant) को हरी झंडी दे दी है। न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) को भेजे गए आधिकारिक पत्र के मुताबिक, 2800 मेगावाट की क्षमता वाला यह संयंत्र मडीखेड़ा डैम के पास स्थापित किया जाएगा, जिसमें 700-700 मेगावाट की चार यूनिट लगाई जाएंगी।  यह परियोजना न सिर्फ प्रदेश, बल्कि पूरे देश की ऊर्जा ज़रूरतों को नई शक्ति देगी। भीमपुर क्षेत्र में ठंडा मौसम, स्थिर वातावरण और पर्याप्त जलस्रोत जैसे प्राकृतिक संसाधन पहले से ही मौजूद हैं, जिससे इस हाई-टेक प्लांट को पंख मिलेंगे। मडीखेड़ा का पानी करेगा न्यूक्लियर यूनिट को पॉवरफुल इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए जरूरी जल आपूर्ति मडीखेड़ा डैम से की जाएगी। इसके लिए 120 एमसीएम वाटर बैराज और 40 एमसीएम बैलेंसिंग रिजर्व वेल की भी योजना तैयार हो चुकी है। जमीन की पहचान और तकनीकी सर्वेक्षण का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। प्रदेश को मिल रही है पहली न्यूक्लियर पहचान गौरतलब है कि अभी मध्यप्रदेश में कोई सक्रिय परमाणु संयंत्र नहीं है। लेकिन भीमपुर प्रोजेक्ट के साथ मप्र का नाम अब देश की न्यूक्लियर मैप पर चमकने को तैयार है। केंद्र सरकार की योजना के तहत राज्य के चार जिलों—शिवपुरी, मंडला, देवास और नीमच—में परमाणु परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। अधिकारियों की प्रतिक्रिया में संशय हालांकि शिवपुरी के कलेक्टर रविन्द्र चौधरी का कहना है कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर चल रहे पत्र की जांच करवाई जा रही है। अगर भोपाल स्तर से कोई पत्र आया हो, तो उसकी जानकारी मुझे फिलहाल नहीं है।”

ऑर्डनेंस फैक्ट्री ने पांच महीने में ही 250 किग्रा और 120 किग्रा एयर बम के डेढ़ हजार से अधिक खोल की ढलाई का रिकॉर्ड बनाया

जबलपुर जबलपुर की ऑर्डनेंस की फैक्ट्री(ओएफजे) से तैयार ढाई क्विंटल के बम से भारतीय वायुसेना(एयरफोर्स) को बड़ा दम मिलने वाला है। एयरफोर्स के सबसे ताकतवर बमों में शामिल 250 किग्रा और 120 किग्रा एयर बम के खोल की ढलाई में इस बार ऑर्डनेंस फैक्ट्री जबलपुर (ओएफजे) ने बड़ी उपलिब्ध हासिल की है। नवंबर में इनकी ढलाई का ऑर्डर फैक्ट्री को मिला था। गत वित्तीय वर्ष के पांच महीने में ही दोनों एयर बम के डेढ़ हजार से अधिक खोल की ढलाई का रिकॉर्ड बनाया है। इसका फायदा यह हुआ कि ऑर्डनेंस फैैक्ट्री खमरिया में इन बमों में बारूद की फिलिंग तेज हो गई है। ऐसे में एयरफोर्स को समय पर सप्लाई हो रही है। ओएफजे को मिला है बड़ा लक्ष्य, पांच महीने में तैयार कर दिए 1500 शेल ओएफजे को लंबे समय के बाद एयरफोर्स से एयरबम के लिए बड़ा ऑर्डर मिला था। निगम अभी तक ओएफजे के अलावा दूसरी आयुध निर्माणियों से बम बॉडी तैयार करवाती है। कुछ निजी कंपनियां भी यह काम कर रही हैं। लेकिन ओएफजे अकेले दम ही रेकॉर्ड उत्पादन की ओर बढ़ रहा है। जो ऑर्डर मिला है, उसके पूरा होने से एयरफोर्स के भंडारण में बढ़ोत्तरी हो जाएगी। ओएफजे को एक वित्तीय में 60 से 80 करोड़ रुपए कीमत का वर्कलोड मिलता है। दिया गया है। दरअसल, ओएफजे को ढलाई का काम ओएफके की ओर से दिया गया है। जो सालभर के वर्कलोड के बराबर है। उसे तीन हजार से ज्यादा बम के खोल तैयार करना है। इसके लिए इस साल नवंबर तक का समय दिया गया है। लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष के वित्तीय वर्ष समाप्त होते-होते फैक्ट्री ने 250 किग्रा बम बॉडी का 70 तो 120 किग्रा एरियल बम का लक्ष्य पूरा ही कर दिया है। अभी भी इसमें निरंतरता बनी हुई है। अब ओएफके की बारी बता दें, ऑर्डनेंस फैक्ट्री जबलपुर जहां खोल का निर्माण करता है, वहीं ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया (ओएफके) इसमें बारूद की फिलिंग कर पूर्णता प्रदान करता है। ओएफजे से खोल तैयार होते ही अब बारी ओएफके की है, जिसे बम के खोल की फिलिंग काम शुरू कर दिया है।  भारी मात्रा में रहता है विस्फोटक 250 किग्रा एयर बम का इस्तेमाल सुकोई या जगुआर एयक्राफ्ट के जरिए किया जाता है। दुश्मन के इलाके में गिरने से हुए विस्फोट में आठ से 10 फीट का गहरा गड्ढा बन जाता है। जानकारों ने बताया कि इसमें 6 से 7 किलो अति विस्फोटक बारूद भरा होता है। बारूद के साथ छोटी स्टील की बॉल रहती है जो कि काफी घातक साबित होती हैं। इसी प्रकार 120 किग्रा एयर बम भी सबसे विश्वसनीय हथियारों में शामिल है। यह दुश्मन के बंकर, पुल और इमारतों केा तबाह कर देता है।

आगरा नगर निगम ने अपने पहले नगरपालिका बॉन्ड के माध्यम से सफलतापूर्वक 50 करोड़ रुपये जुटाए

आगरा शहरी बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण में मिसाल पेश करते हुए आगरा नगर निगम ने अपने पहले नगरपालिका बॉन्ड के माध्यम से सफलतापूर्वक 50 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस बॉन्ड को 3.5 गुना अधिक सब्सक्राइब किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के इलेक्ट्रॉनिक मंच के माध्यम से कुल 174 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं। निगम के बॉन्ड को दो क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों की तरफ से एए का दर्जा दिया गया था। तीन परिवर्तनकारी परियोजनाओं ने निगम को 7.5 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना सहित उम्मीदों को पार करने में मदद की। इसी तरह, निगम द्वारा प्रदान की गई सह-कार्य स्थल, उच्च मांग में एक शहरी सुविधा, लोगों को उच्च गति इंटरनेट कनेक्टिविटी, सम्मेलन कक्ष और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे के साथ एक सुरक्षित और अनुकूल स्थान में काम करने का विकल्प देगी। सरकारी सेवा वितरण को बदलने के लिए एक मनोरंजन केंद्र के साथ एक नागरिक सुविधा केंद्र इनडोर खेलों, एक व्यायामशाला, एक योग हॉल और एक पुस्तकालय के साथ नगरपालिका सेवाओं तक पहुंचने के लिए एक-स्टॉप समाधान प्रदान करेगा। सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए धन लगाया जा रहा प्रधान सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि यूपी सरकार का ध्यान राज्य भर में शहरी सेवाओं को मजबूत करने पर रहा है। सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए धन लगाया जा रहा है, और आगरा ने राज्य के अन्य शहरी स्थानीय निकायों के लिए एक उदाहरण स्थापित किया है। ये जिले भी जारी कर चुके हैं बॉन्‍ड निगम के नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि हमारे बॉन्ड को जबरदस्त प्रतिक्रिया आगरा नागरिक निकाय के वित्तीय प्रबंधन में निवेशकों के विश्वास को दर्शाती है। इस धन का उपयोग शहरी सेवाओं को और उन्नत करने और परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए अतिरिक्त राजस्व स्रोत बनाने के लिए किया जा रहा है। जहां गाजियाबाद और लखनऊ ने अतीत में नगरपालिका बांड जारी किए थे, वहीं आगरा, वाराणसी और प्रयागराज को पिछले साल बॉन्ड के माध्यम से धन जुटाने के लिए सरकार से मंजूरी मिली थी, जिसमें से आगरा सबसे आगे रहा।  

तेज रफ्तार कार सड़क से उतरकर गहरी खाई में गिरने के बाद नदी में समा गई, एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत

देवप्रयाग उत्तराखंड के टिहरी जिले में स्थित देवप्रयाग में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि कार सड़क से उतरकर गहरी खाई में गिरने के बाद नदी में समा गई, जिसके कारण यह घातक दुर्घटना हुई। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के समय कार में छह लोग सवार थे। एक महिला को मलबे से बचाकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाकी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में घायल महिला का अस्पताल में इलाज जारी है। स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को भी मौके पर बुलाया गया। एसडीआरएफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बचाव अभियान शुरू किया। टीमों ने क्षतिग्रस्त कार को नदी से बाहर निकालने के लिए क्रेन और अन्य भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया, लेकिन दुर्गम इलाके के कारण इस प्रक्रिया में कई घंटे लग गए। अधिकारियों ने बताया कि वाहन में फंसे सभी शवों को निकाल लिया गया है। एसडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया, “कार को बाहर निकाल लिया गया है। इसमें कई घंटे लगे। शवों को भी निकाल लिया गया है। पुलिस जांच कर रही है कि दुर्घटना कैसे हुई।” पुलिस के अनुसार, सभी पांचों मृतक एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारण की अभी भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चलता है कि तेज गति के कारण चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिस कारण कार नदी में गिर गई और पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों के रिश्तेदार भी दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए।

नागपुर की एल्युमीनियम फॉयल बनाने वाली फैक्ट्री में हुआ बड़ा हादसा, आग लगने से 5 लोगों की मौत

नागपुर महाराष्ट्र के नागपुर में मौजूद एल्युमीनियम फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। इस लोग इस आग की चपेट में आ गए। खबरों की मानें तो इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। 9 लोग आग में झुलसे मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नागपुर जिले की एल्युमीनियम फैक्ट्री अचानक से आग की चपेट में आ गई। इस आग में 9 लोग बुरी तरह से झुलस गए। इनमें से 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 6 गंभीर रूप से घायल थे। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इस दौरान 2 अन्य लोगों ने भी दम तोड़ दिया। 4 घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। विस्फोट के बाद लगी आग नागपुर ग्रामीण के एसपी हर्ष पोद्दार ने बताया कि उमरेर में स्थित एल्युमीनियम फैक्ट्री में भयंकर विस्फोट हुआ। इसी दौरान फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 5 लोगों की जान चली गई है। मृतकों में मौजूद 2 लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं 3 मृतकों का पहले कुछ पता नहीं चला। हालांकि बाद में उनके शवों की भी शिनाख्त हो गई है। कई घंटे बाद बुझी आग मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह हादसा बीती शाम तकरीबन 7 बजे का है। फैक्ट्री में अचानक विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर तक सुनने को मिली। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। वहीं फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच कर आग बुझाना शुरू कर दिया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है।

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