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मध्‍य प्रदेश में कई वेदर सिस्‍टम सक्रिय, मुरैना, सागर में ओले गिरे, खंडवा में गर्म रात रही, कई शहरों में बारिश की संभावना

भोपाल अलग-अलग स्थानों पर छह मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से मध्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शनिवार को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल, शहडोल संभाग के जिलों में वर्षा होने की संभावना है। इस और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। इसी क्रम में शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक ग्वालियर में 0.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। सबसे अधिक 42.5 डिग्री सेल्सियस तापमान खंडवा में दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक रहली में 16.3, मवई में 6.8, पुष्पराजगढ़ में 4.2, जयतपुर में 4.0, बिजुरी में 3.8, जयसिंहनगर में 2.0, वारासिवनी में 1.3, वेकटनगर, नौगांव, अमानगंज,देवरी, सागर में एक मिलीमीटर वर्षा हुई। मुरैना और सागर में ओले गिरे। इस दौरान सागर में सर्वाधिक 65 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चलीं। खंडवा में गर्म रात्रि रही। शनिवार को प्रदेश के कई शहरों में वर्षा होने की संभावना है। ये मौसम प्रणालियां हैं सक्रिय पश्चिमी राजस्थान से लेकर पूर्वी राजस्थान से होकर आंध्र प्रदेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसके अतिरिक्त एक अन्य द्रोणिका पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से लेकर झारखंड होते हुए बांग्लादेश तक बनी है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अभी तीन-चार दिन तक मौसम का इस तरह का मिजाज बना रह सकता हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता भी होंगी शामिल

भोपाल महान सम्राट विक्रमादित्य, विक्रम संवत् और देश के गौरवशाली इतिहास में उनके योगदान से देश को अवगत कराने के लिए सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य का मंचन 12 से 14 अप्रैल तक नई दिल्ली के लाल किले में माधवदास पार्क में होगा। उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ शाम को 7 बजे “विक्रमोत्सव” में सांस्कृतिक उत्सव का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नई दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य के साथ साथ लाल क़िले पर विक्रमादित्य और अयोध्या, विक्रमादित्य क़ालीन पुरातात्विक मुद्रा मुद्रांक, वृहत्तरभारत के सांस्कृतिक वैभव, मध्यप्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं, प्रदेश में निवेश तथा रोज़गार सृजन के अवसरों में लोकव्यापीकरण के प्रयासों पर केंद्रित प्रदर्शनियाँ भी लगाई जा रही हैं। साथ ही दिल्ली के निवासी फूड कोर्ट में मध्यप्रदेश के स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी चख सकेंगे। इस तीन दिवसीय उत्सव में भारतीय इतिहास और संस्कृति के महान नायक के योगदान को जीवंत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में संस्था विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति ने महानाट्य की परिकल्पना को साकार किया है। महानाट्य में विक्रमादित्य के जन्म से लेकर सम्राट बनने तक की सभी गाथाएँ अंकित की गई है। सम्राट विक्रमादित्य के विराट स्वरूप को प्रस्तुत करने के लिये कलाकारों का विशाल दल लगभग 125 कलाकारों और 50 अन्य सहयोगियों के माध्यम से इसे प्रस्तुत किया जायेगा। नाटक के दृश्यों का सजीव बनाने के लिए अश्व, रथ, पालकी एवं ऊँट आदि का इस्तेमाल किया गया है। मंचीय प्रस्तुतिकरण को प्रभावी बनाने के लिये तीन मंच एवं एलईडी ग्राफिक्स के स्पेशल इफेक्ट का प्रयोग किया गया है। मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, धरोहरों, कला–कौशल और पर्यटन को वैश्विक पटल पर प्रमुखता से प्रदर्शित करने का यह प्रमुख मंच हैं। इसी तारतम्य में महान नायक सम्राट विक्रमादित्य के स्वर्णिम काल से जन मानस को अवगत कराने के लिए “विक्रमोत्सव- 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह न केवल सम्राट विक्रमादित्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को जन मानस तक पहुंचाएगा, बल्कि मध्यप्रदेश की समृद्ध परंपराओं और पर्यटन संभावनाओं को भी राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा। विक्रमोत्सव-2025 में मध्यप्रदेश पर्यटन द्वारा प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों के फूड स्टॉल्स लगाए जाएंगे, जिसका दिल्लीवासी आनंद ले सकेंगे। मध्यप्रदेश में पर्यटन विभाग की प्रमुख पहल, नवाचारों और पर्यटन सर्किट की जानकारी दी जाएगी। तकनीक की सहायता से नागरिकों को ऐतिहासिक कथाओं को जानने का अवसर भी प्राप्त होगा। यहां AR/VR अनुभव के लिए पैवेलियन होगा, साथ ही बाबा महाकाल का होलोग्राफिक भी प्रदर्शित किया जाएगा। मध्यप्रदेश की हस्तकला व कौशल को मंच प्रदान किया जाएगा, जिसमें हस्त शिल्पकार गोंड कला, बाग प्रिंट, टेराकोटा शिल्प, खजूर पत्ती शिल्प, पारंपरिक शिल्प और पेपर मैशी कला व चित्रकला के साथ अन्य उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे।  

छात्रा से 23 लड़कों ने गैंगरेप मामले में पीएम मोदी की फटकार के बाद एक्शन में पुलिस, तीन और आरोपी अरेस्ट

वाराणसी वाराणसी में 19 साल की छात्रा के साथ छह दिनों तक गैंगरेप को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फटकार के बाद वाराणसी पुलिस फास्ट हो गई है। पीएम मोदी की फटकार के कुछ घंटे में ही ताबड़तोड़ छापेमारी कर गैंगरेप के आरोपी तीन और युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। छात्रा का आरोप है कि 23 लड़कों ने उसके साथ रेप किया है। छात्रा की मां की तरफ से कराई गई एफआईआर में 12 नामजद और 11 अज्ञात लड़कों पर केस हुआ है। आज गिरफ्तार तीन लड़कों को मिला लें तब भी केवल 12 लड़कों की ही गिरफ्तारी हो सकी है। अब भी 11 लड़के फरार हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी पहुंचते ही सबसे पहले गैंगरेप के मामले में ही अधिकारियों से पूछताछ की थी। प्लेन से उतरने के बाद रनवे पर ही वाराणसी के मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी एस राजलिंगम से घटना की विस्तृत जानकारी ली थी। पीएम मोदी ने दोषियों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था। अभी तक आधे से ज्यादा आरोपियों के फरार होने पर फटकार लगाई और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो इसे लेकर व्यवस्थाएं करने का निर्देश भी दिया था। पीएम मोदी के निर्देश और फटकार के बाद ही आरोपियों की धरपकड़ में जुटी टीमों ने छापेमारी तेज की और प्रधानमंत्री की वाराणसी से रवानगी के कुछ घंटे के अंदर ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली। पुलिस ने मोहम्मद रजा उर्फ जैब, रेहान और जाहिद खान को गिरफ्तार किया है। तीनों वाराणसी शहर के ही सिगरा और चेतगंज थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। जैब व जाहिद की उम्र 19-19 साल और रेहान 27 साल का है। छात्रा के साथ 29 मार्च को दरिंदगी की शुरुआत हुई थी। सबसे पहले उसे हुक्का बार में ले जाकर रेप किया गया। इसके बाद होटल और अन्य स्थानों पर नशा देकर अलग अलग युवकों ने रेप किया। इस दौरान चलती गाड़ी में भी छात्रा से रेप किया जाता रहा। चार अप्रैल को छात्रा को नशे की हालत में ही सड़क किनारे छोड़कर युवक फरार हो गए थे।

लोक निर्माण विभाग में नवीन एसओआर का हुआ विमोचन-पर्यावरण संरक्षण और नवीन तकनीकों की ओर बड़ा कदम

भोपाल लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा जारी नवीन एस.ओ.आर. (दर अनुसूची) केवल एक तकनीकी दस्तावेज नहीं, बल्कि यह “विजन 2047” की दिशा में विभाग के सुनियोजित प्रयासों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण के कार्यों में गुणवत्ता, नवीन तकनीकों का समावेश और पर्यावरणीय संतुलन को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे निर्माण कार्यों के माध्यम से नागरिकों के जीवन में वास्तविक सुधार लाया जा सके। मंत्री श्री सिंह निर्माण भवन में सड़क एवं पुल कार्यों की नवीन एस.ओ.आर.(दर अनुसूची) के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग का यह नवीन एस.ओ.आर. “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की भावना को और अधिक मजबूत करेगा। तकनीक के साथ पारदर्शिता, गुणवत्ता के साथ गति और निर्माण के साथ जनकल्याण इन्हीं मूल सिद्धांतों पर आधारित यह दस्तावेज प्रदेश को अधोसंरचना विकास के नए मानदंडों की ओर अग्रसर करेगा। राज्य में अधोसंरचना विकास को अधिक सक्षम, पारदर्शी और पर्यावरण-मित्र बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों के लिए यह नवीन एस.ओ.आर. जारी किया गया है। यह दस्तावेज विभागीय तकनीकी प्रक्रियाओं को न केवल अद्यतन करता है, बल्कि इसमें कई ऐसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं जो प्रदेश की जलवायु, पर्यावरणीय परिस्थितियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं। मंत्री श्री सिंह ने कहा, “यह नई एस.ओ.आर. केवल निर्माण दरों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह मध्यप्रदेश के विकास, पर्यावरण संतुलन और तकनीकी आधुनिकीकरण का एक विजन है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश की हर सड़क और हर पुल न केवल टिकाऊ और सुरक्षित हो, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी मजबूती से प्रतिबिंबित करे।” मंत्री श्री सिंह ने कहा नई एस.ओ.आर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। यह न केवल मध्यप्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रदेश को एक आधुनिक, पर्यावरण-संवेदनशील और तकनीकी रूप से उन्नत निर्माण विभाग के रूप में स्थापित करेगा। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री भरत यादव ने कहा कि नई एस.ओ.आर के माध्यम से मध्यप्रदेश में सड़क और पुल निर्माण में तकनीकी उन्नयन, पर्यावरण संरक्षण और गुणवत्ता का अभूतपूर्व समन्वय देखने को मिलेगा। प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता भवन श्री एस.आर. बघेल, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के प्रमुख अभियंता श्री ध्रुवकर सहित विभाग और एमपीआरडीसी के सभी वरिष्ठ अभियंता और अधिकारी उपस्थित रहे। नई एस.ओ.आर के प्रमुख प्रावधान नई एस.ओ.आर में पुरानी सूची के 309 आइटम की तुलना में 817 से अधिक नए आइटम शामिल किए गए हैं, जो आधुनिक तकनीकों, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। केवल सरकारी रिफाइनरियों से डामर आपूर्ति सड़क निर्माण में डामर की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब यह अनिवार्य किया गया है कि डामर केवल सरकारी रिफाइनरियों-हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम से ही लिया जाएगा। इस कदम से न केवल सामग्री की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सकेगा। पेड़ों की शिफ्टिंग और प्लांटेशन की दरें निर्धारित पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए नई एस.ओ.आर में सड़क निर्माण के दौरान पेड़ों को काटने के बजाय उनकी शिफ्टिंग की दरें निर्धारित की गई है। प्रत्येक शिफ्ट किए गए या रोपे गए पेड़ की 3 से 5 वर्ष तक निगरानी की जाएगी, जिससे हरियाली को बनाए रखा जा सके। यह कदम प्रदेश में वनों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। भूजल संरक्षण के लिए रिचार्ज बोर भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए सड़क परियोजनाओं में रिचार्ज बोर और रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। सड़कों के किनारे वर्षा जल के पुनर्भरण से न केवल भूजल स्तर में सुधार होगा, बल्कि कृषि और स्थानीय समुदायों के लिए जल उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। प्लास्टिक कचरे का उपयोग प्लास्टिक कचरे की बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए, नई एस.ओ.आर में इसे सड़क निर्माण सामग्री में उपयोग करने के तकनीकी प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे पर्यावरणीय नुकसान को कम करने के साथ-साथ निर्माण लागत में भी बचत होगी। आधुनिक तकनीकों का समावेश व्हाइट टॉपिंग तकनीक को अपनाकर पुरानी डामरी सड़कों को सुधारने के लिए कम मोटाई में सीमेंट कंक्रीट की परत चढ़ाई जाएगी, जिससे सड़कों की आयु बढ़ेगी और रखरखाव आसान होगा। जीएफआरपी (ग्लॉस फाइबर रिइंफोर्ड पॉलिमर) पारंपरिक स्टील के विकल्प के रूप में यह तकनीक अधिक मजबूती और लागत-प्रभावी बनाएगी। इसमें एम-150 ग्रेड कंक्रीटः उच्च गुणवत्ता वाले कंक्रीट का उपयोग कर निर्माण को और टिकाऊ बनाया जाएगा। रीसाइक्लिंग और पुनः उपयोगः पुराने डामर और कंक्रीट को मिलिंग और फुल डेप्थ रिक्लेमेशन के माध्यम से पुनः उपयोग में लाया जाएगा, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन होगा। निर्माण स्थलों पर प्रयोगशालाएं गुणवत्ता नियंत्रण को और बेहतर करने के लिए महत्वपूर्ण परियोजना स्थलों पर प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी। इससे निर्माण सामग्री की जांच त्वरित और सटीक होगी। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता

अमित शाह ने कहा- AIADMK और भाजपा के नेताओं ने मिलकर तय किया है कि एक साथ लड़ेंगे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव

चेन्नई तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा फेरबदल होते हुए नजर आ रहा है.भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई को पद से हटाए जाने के तुरंत बाद, राज्य की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी AIADMK (अन्नाद्रमुक) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में वापसी का ऐलान भी हो गया है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “आज AIADMK और भाजपा के नेताओं ने मिलकर तय किया है कि आने वाला तमिलनाडु विधानसभा चुनाव AIADMK, भाजपा और सभी साथी दल मिलकर NDA के रूप में एक साथ लड़ेंगे तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए एनडीए गठबंधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “ये चुनाव राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और राज्य स्तर पर AIADMK नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में लड़े जाएंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, NEET और परिसीमन का मुद्दा ये(विपक्ष) लोग ध्यान भटकाने के लिए खड़ा कर रहे हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए NDA गठबंधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, AIADMK की कोई शर्त और मांग नहीं है… AIADMK के आंतरिक मामलों में हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं होगा… यह गठबंधन NDA और AIADMK दोनों के लिए फायदेमंद होने वाला है। शाह ने कहा, “हम जनता के असली मुद्दों को लेकर जनता के बीच में जाएंगे और मैं मानता हूं कि तमिलनाडु की जनता असली मुद्दों को जानती है और DMK से जवाब भी चाहती है.

12 संगठनों ने अलगाववाद से तोड़ा नाता, पीएम मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ सपने की जीत: अमित शाह

नई दिल्ली कश्मीर घाटी में अलगाववादी संगठन हुर्रियत को बड़ा झटका लगा है। जम्मू-कश्मीर मास मूवमेंट ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से खुद को अलग कर लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दी। उन्होंने दावा किया कि अब 12 संगठनों ने अलगाववाद से नाता तोड़ लिया है। इसके साथ ही उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के दृष्टिकोण की जीत बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”मोदी सरकार के तहत जम्मू-कश्मीर में एकता की भावना व्याप्त है। हुर्रियत से जुड़े एक अन्य संगठन जम्मू-कश्मीर मास मूवमेंट ने अलगाववाद को खारिज करते हुए भारत की एकता के लिए पूरी प्रतिबद्धता जताई है। मैं उनके इस कदम का तहे दिल से स्वागत करता हूं।” उन्होंने आगे बताया, ”अब तक हुर्रियत से जुड़े 12 संगठन अलगाववाद से अलग हो चुके हैं और भारत के संविधान पर भरोसा जता रहे हैं।” अमित शाह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के सपने की जीत है। इससे पहले घाटी में तीन बड़े संगठनों ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से नाता तोड़ लिया था। गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा था, ”जम्मू-कश्मीर इस्लामिक पॉलिटिकल पार्टी, जम्मू कश्मीर मुस्लिम डेमोक्रेटिक लीग और कश्मीर फ्रीडम फ्रंट जैसे तीन और संगठनों ने हुर्रियत से खुद को अलग कर लिया है। यह घाटी के लोगों में भारत के संविधान के प्रति विश्वास का एक प्रमुख प्रदर्शन है। पीएम मोदी का एकजुट और शक्तिशाली भारत का सपना आज और भी मजबूत हो गया है, क्योंकि अब तक 11 ऐसे संगठनों ने अलगाववाद को त्याग दिया है और इसके लिए अटूट समर्थन की घोषणा की है।” कुछ दिनों पहले गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के दौरे पर थे, जहां उन्होंने शहीद डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट के परिवारवालों से मुलाकात भी की थी। उन्होंने इस मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा था, ”जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट ने 2023 में जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में आतंकवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन में सर्वोच्च बलिदान देकर वीरता और देशभक्ति की अमर मिसाल कायम की। आज श्रीनगर में शहीद के परिवार से मुलाकात की और अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की।”

अजित पवार ने कहा- अब तहव्वुर राणा बताएगा, कौन है 26/11 हमलों का मास्टरमाइंड

पुणे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को भारत लाए जाने पर कहा कि उस हमले के पीछे का मास्टरमाइंड कौन है? अजित पवार ने शुक्रवार को पुणे में मीडिया से बात करते हुए कहा, “जब 26/11 हमला हुआ था, तब हम भी मुंबई में थे। उस दौरान हमने घटनास्थल का भी जायजा लिया था। हमने यह पता लगाने की कोशिश की थी कि घटना के पीछे का असली मास्टरमाइंड कौन था। अब हमने तहव्वुर राणा को पकड़ लिया है और वह बताएगा कि घटना के पीछे का असली कारण क्या था और इसके पीछे का मास्टरमाइंड कौन है, जिसने उसे इस तरह की घटना को अंजाम देने का निर्देश दिया था।” तहव्वुर हुसैन राणा को गुरुवार शाम अमेरिका से भारत लाया गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नई दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर पहुंचते ही उसे हिरासत में लिया। इसके बाद राणा को पटियाला हाउस स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 18 दिन की हिरासत में भेज दिया गया। एनआईए अब राणा से 2008 के मुंबई हमलों की साजिश के बारे में विस्तार से पूछताछ करेगी, जिसमें 166 लोग मारे गए थे और 238 लोग घायल हुए थे। राणा को लॉस एंजेलिस से एनआईए और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की टीमों के साथ एक विशेष विमान से भारत लाया गया। अमेरिका में राणा ने अपने प्रत्यर्पण को रोकने के लिए कई कानूनी कोशिश की, जिसमें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में आपातकालीन याचिका भी शामिल थी। हालांकि, सभी याचिकाएं खारिज होने के बाद प्रत्यर्पण संभव हो सका। भारत के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर इस प्रक्रिया को पूरा किया। मिडिया ने राणा के प्रत्यर्पण के लिए वर्षों तक प्रयास किए। एजेंसी ने अमेरिका की एफबीआई, न्याय विभाग (यूएसडीओजे) और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया। राणा पर आरोप है कि उसने मुंबई हमलों की साजिश में अहम भूमिका निभाई थी।

सोना 1300 रुपए महंगा हुआ, 95 हजार प्रति 10 ग्राम के पार, हालांकि चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोने (Gold) की कीमतों में एक बार फिर से लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सोने की कीमतें ऑल टाइम हाई पर पहुँच गई हैं। बीते दिन सोने में 2700 रुपए की बढ़त देखने को मिली थी, लेकिन शुक्रवार को एक बार फिर सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है। शुक्रवार को सोना 1300 रुपए महंगा हुआ, हालांकि चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को जयपुर सर्राफा बाजार की ओर से जारी सोने और चांदी की कीमतों की बात करें तो बीते दिन के मुकाबले 24 कैरट सोने की कीमतों में 1300 रुपए का उछाल देखने को मिला, जिसके बाद 24 कैरेट सोने की कीमत 95 हजार 550 रुपए प्रति 10 ग्राम रही। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमतों में भी 1200 रुपए प्रति 10 ग्राम का उछाल देखने को मिला और 22 कैरेट सोने के दाम 87 हजार 450 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किए गए। इस बीच, भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में जून डिलीवरी वाला सोना 11 अप्रैल को ₹93,736 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। चांदी में गिरावट सोने में तेजी के रुख के बाद चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को चांदी की कीमतों में 200 रुपए प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद जयपुर सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 95 हजार 300 रुपए प्रति किलो पहुंच गई। जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि अमेरिका में ट्रंप के सत्ता में आने के बाद सोने की कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है और इसका कारण है ट्रंप की नीतियाँ। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी रिसर्च विश्लेषक मानव मोदी ने बताया, “सोने की कीमतों ने $3,200 का नया रिकॉर्ड पार कर लिया है, जो पिछले सप्ताह की थोड़ी स्थिरता के बाद देखने को मिला। यह तेजी बाजार में अस्थिरता और अमेरिका-चीन के बीच व्यापारिक तनाव के चलते है। भले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ पर 90 दिन की राहत दी है, लेकिन कुल मिलाकर चीनी आयात पर अब 145% तक शुल्क लगाया गया है, जिसमें 125% बेस रेट और अन्य जवाबी शुल्क शामिल हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इस बार अमेरिका और चीन के बीच तनाव की रफ्तार 2016 के मुकाबले कहीं ज्यादा है। अगर जल्दी समाधान नहीं निकला, तो यह बाजार में और अनिश्चितता पैदा कर सकता है।” 22 कैरेट और 24 कैरेट में क्या अंतर है? 24 कैरेट सोना 99.9% शुद्धता वाला होता है और इसमें किसी अन्य धातु की मिलावट नहीं होती। जबकि 22 कैरेट सोना लगभग 91.67% शुद्ध होता है, जिसमें थोड़ी मात्रा में तांबा या चांदी जैसी मिश्रित धातुएं मौजूद होती हैं। यही कारण है कि 22 कैरेट सोना ज्यादातर गहनों में इस्तेमाल किया जाता है।

गूगल ने जनवरी में इसी यूनिट के कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव दिया था, अब की छंटनी

नई दिल्ली टेक दिग्गज गूगल ने अपने प्लेटफॉर्म और डिवाइस डिवीजन से सैकड़ों कर्मचारियों की छंटनी की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह टीम एंड्रॉयड सॉफ्टवेयर, पिक्सल फोन और क्रोम ब्राउजर के लिए काम करती थी। यह छंटनी ऐसे समय में की गई है, जब गूगल ने इस साल जनवरी में इसी यूनिट के कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, गूगल के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि पिछले साल अपने प्लेटफॉर्म और डिवाइस टीमों के विलय के बाद, कंपनी अधिक कुशलता और तेजी से काम कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है, “इस प्रयास के तहत, इसने पहले की पेशकश की गई स्वैच्छिक निकास कार्यक्रम के अलावा कुछ नौकरियों में कटौती भी की है।” कंपनी ने कहा, “हालांकि, प्रभावित भूमिकाओं की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन यह कदम संचालन को सुव्यवस्थित करने और खर्चों को कम करने की गूगल की व्यापक रणनीति को दर्शाता है।” कई दूसरे टेक दिग्गजों की तरह, कंपनी बदलती व्यावसायिक जरूरतों और बाजार की स्थितियों को देखते हुए अपनी टीम संरचनाओं की समीक्षा कर रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच अमेजन, इंटेल और गोल्डमैन सैक्स सहित कई वैश्विक कंपनियां भी नौकरियों में कटौती कर रही हैं। पहले आई रिपोर्टों के अनुसार, अमेजन सालाना 3 बिलियन डॉलर बचाने के लिए लगभग 14,000 प्रबंधकीय पदों में कटौती करने की योजना बना रहा है, जबकि इंटेल 2024 में महत्वपूर्ण वित्तीय नुकसान के बाद बड़े पुनर्गठन की तैयारी कर रहा है। एआई अपनाने में तेजी से वृद्धि के साथ, कंपनियां तेजी से लागत अनुकूलन और स्वचालन पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियों में कटौती हो रही है। पहले आई एक रिपोर्ट ने संकेत दिया कि गोल्डमैन सैक्स भी नौकरियों में कटौती की तैयारी कर रहा है, जिसमें वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा के बाद अपने कर्मचारियों की संख्या में 3-5 प्रतिशत की कटौती करने की योजना है। बैंक ऑफ अमेरिका ने हाल ही में लगभग 150 जूनियर बैंकर पदों को समाप्त कर दिया है, हालांकि अधिकांश प्रभावित कर्मचारियों को निवेश बैंकिंग के बाहर की भूमिकाएं दी गई हैं। वैश्विक आर्थिक स्थितियों के बारे में अनिश्चितता के साथ, आने वाले महीनों में और भी फर्म ऐसा कर सकती हैं।

कोलकाता ने चेन्नई के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया

चेन्नई चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच आईपीएल 2025 का 25वां मुकाबला खेला जा रहा है। एमए चिदंबरम स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में एमएस धोनी पहली बार जारी सीजन में चेन्नई की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे। क्योंकि नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ कोहनी में फ्रेक्चर के कारण आईपीएल के बचे हुए सीजन से बाहर हो गए। चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है, टीम ने 5 मैच खेले हैं और सिर्फ एक में जीत हासिल की है। वहीं दूसरी तरफ कोलकाता की टीम ने 5 मैच खेलते हुए दो में जीत दर्ज की है। कोलकाता ने जीता टॉस कोलकाता ने चेन्नई के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। पॉइंट्स टेबल में कौन आगे चेन्नई सुपर किंग्स की टीम पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर मौजूद है। टीम ने पांच खेलते हुए चार गंवाए हैं और सिर्फ एक जीत सकी है। वहीं कोलकाता की टीम पांच मैच खेलते हुए दो जीती है और तीन गंवाए हैं।

अखिलेश का बड़ा हमला- भाजपा बाबा साहब के संविधान को भी नहीं मान रही, भाजपा समय-समय पर बदलाव कर रही है

अलीगढ़ अलीगढ़ पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, भाजपा बाबा साहब के संविधान को भी नहीं मान रही। संविधान हमारा ढाल है, हमारा सम्मान है, हमारी पहचान है, हमें हक, अधिकार दिलाता है। उसे संविधान में भाजपा समय-समय पर बदलाव कर रही है। कानून व्यवस्था की की आज पोल खुल रही है। मुख्यमंत्री को साइड लाइन कर दिया गया। दिल्ली वाले अधिकारियों से सीधे घटनाओं की जानकारी ले रहे है। शुक्रवार को अखिलेश यादव पटियाली की पूर्व विधायक की बेटी की शादी में शामिल होन पहुंचे। तालानगरी एक रिसार्ट में अखिलेश भाजपा पर खूब बरसे। कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में महिला, बेटी असुरक्षित हैं। भेदभाव की राजनीति हो रही है। जाति देखकर देखकर भेदभाव हो रहा है। विपक्ष को कैसे दबाया जाए। इस पर काम किया जा रहा है। अर्थव्यवस्था का खेल यह कि यह विश्व गुरु बनना चाहते थे यह लोग अपने जुमले से बताते थे कि हम विश्व में दूसरे तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। सच्चाई यह कि मंहगाई सै जनता परेशान है ।‌ किसान को गेहूं का भाव नहीं मिल रहा अखिलेश यादव नै कहा कि किसानों को सुविधा नहीं मिल रही है ।गेहूं का ऐसा समर्थन मूल्य लागू किया है।जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। प्राइवेट लोग भी किसान का गेहूं महंगा नहीं खरीद सकते हैं । यह इसीलिए काला कानून ला रहे हैं ताकि किसान को फसल की सही कीमत ना मिले। यह प्राइवेट कंपनियों को गेहूं खरीदवा रहे है। जीएसटी ने व्यापार को बर्बाद कर दिया। जो व्यापारियों को लाभ मिलना चाहिए। वह लाभ व्यापारी सरकार नहीं दे पा रहा है। रामजीलाल सुमन के बयान पर रखी सफाई अखिलेश यादव ने कहा कि सांसद रामजीलाल सुमन ने जो कुछ कहा उसके बाद राज्यसभा के रिकॉर्ड से वह बात हटा दी गई। रिकॉर्ड से हटाई जाने वाली बात खत्म हो जाती है । लेकिन भाजपा का रवैया तानाशाह है। यह हिटलर की तरह कार्य करना चाह रहे हैं। इतिहास को इतिहास रहना चाहिए। सरकार के इसारे पर किसी को भी दोषी बनाया जा रहा है। समाजवादी पार्टी वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल को किसी भी कीमत पर नहीं मानती है।

ब्यावरा शहर में एक चौंकाने वाला सामने आया, 70 वर्षीय महिला करीब 35 साल पहले गायब हो गई थी, जो अचानक मिली

राजगढ़ मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में एक चौंकाने वाला सामने आया है। एक 70 वर्षीय महिला करीब 35 साल पहले गायब हो गई थी। मृत समझकर परिवार के लोगों ने यूपी के प्रयागराज में पिंडदान भी कर दिया था। अब वह महिला अचानक जिंदा मिली है। जब वह अपने घर लौटी तो परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दरअसल, राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के जगात चौक पर रहने वाले गोपाल सेन की पत्नी गीता सेन करीब 35 साल पहले अपने मायका शाजापुर जिले के कालापीपल तहसील के खोखरा गांव गई हुई थी। वह अचानक से गायब हो गई थी। इसके बाद परिवार के लोगों ने गीता बाई की खूब तलाश की, लेकिन गीताबाई का कोई सुराग नहीं मिला। करीब 5 साल पहले परिवार के लोगों ने मरा समझकर प्रयागराज जाकर गीता बाई का पिंडदान कर दिया। हर साल श्राद्ध पक्ष में नवमी के दिन श्राद्ध करने लग गए थे। लेकिन अचानक महाराष्ट्र के नागपुर के मेंटल हॉस्पिटल से एक फोन जिसके बाद परिवार को लोगों को पैरों तले जमीन खिसक गई। फोन पर गीता बाई के जिंदा होने की खबर मिली। नागपुर मेंटल हॉस्पिटल की समाजसेवा अधीक्षक कुंडा बिडकर और कालापीपल सहित ब्यावरा पुलिस के सहयोग से परिवार नागपुर पहुंचा और गीताबाई को सुरक्षित घर लेकर आए। 19 महीने तक एड्रेस किया सर्च नागपुर के क्षेत्रीय मेंटल हॉस्पिटल की समाजसेवा अधीक्षक कुंडा बिडकर ने बताया कि महिला को कोर्ट के आदेश पर बीमारी के हालत में भर्ती किया गया था। महिला को परिवार और एड्रेस के बारे में कुछ जानकारी नहीं थी। इस दौरान बायोमेट्रिक से भी एड्रेस पता लगाने की कोशिश की गई, लेकिन उसमें भी सफलता नहीं मिली। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई गांव और पुलिस स्टेशनों और सरपंचों सहित किराना दुकानदारों से संपर्क ट्रेस किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 19 महीने के बाद ब्यावरा के बारे में जानकारी मिली तो राजगढ़ एसपी कार्यालय में संपर्क किया। इसके बाद पुलिस के सहयोग से परिवार के बारे में जानकारी ली गई। घर लौटने पर परिवार के लोगों ने किया भव्य स्वागत गीताबाई के 35 साल बाद पहली बार घर लौटने पर पति, बेटे, बेटी और पोते- पोतियों ने फूल मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान पति-पत्नी ने एक दूसरे को माला भी पहनाई।

पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत और सक्रिय बनाने की दिशा में पार्टी ने बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए

जयपुर  गुजरात में हाल ही में संपन्न हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन (Congress National Adhiveshan) के बाद संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत और सक्रिय बनाने की दिशा में पार्टी ने बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. राजस्थान इस दिशा में सबसे पहला मॉडल स्टेट बना है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) के निर्देश पर 58 हजार से अधिक मंडल, ब्लॉक, जिला और बूथ पदाधिकारियों का डिजिटल डाटा तैयार कर लिया गया है. कौन पदाधिकारी सक्रिय है, कौन निष्क्रिय, और किस स्तर पर कौन-कौन सी संगठनात्मक गतिविधियां चल रही हैं, इससे पूरी डिटेल ऑनलाइन हो गई है. यह डाटा अब सीधे AICC और प्रदेश नेतृत्व की निगरानी में रहेगा और निष्क्रिय नेताओं की पहचान कर उनके स्थान पर नए ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है. निष्क्रिय नेताओं की उलटी गिनती शुरू इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से पार्टी उन नेताओं की लिस्ट तैयार कर रही है जो वर्षों से पदों पर जमे हैं, लेकिन संगठनात्मक रूप से निष्क्रिय बने हुए हैं. ये वह चेहरे हैं जिन पर अब तक पार्टी के पास निगरानी की कोई सटीक व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब एक क्लिक में पता चलेगा कि किसने कितनी बैठकें अटेंड कीं, कितने कार्यकर्ता जोड़े और संगठन के लिए जमीनी स्तर पर कितना काम किया. ‘परफॉर्मेंस ही प्रमोशन का आधार बनेगा’ राजस्थान कांग्रेस का यह डिजिटलाइजेशन मॉडल अब राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद पूरे देश में लागू किया जा सकता है. अधिवेशन में “संगठन निर्माण” को लेकर जिस विचार को बल दिया गया था, वह अब धरातल पर उतरता नजर आ रहा है. डोटासरा ने कहा, यह कदम केवल डेटा एंट्री नहीं, बल्कि कांग्रेस संगठन की रीब्रांडिंग है, जहां परफॉर्मेंस ही प्रमोशन का आधार बनेगा. एक क्लिक में प्रदेश का संगठनात्मक ब्लूप्रिंट इस डिजिटलीकरण के बाद कार्यकर्ताओं की ट्रैकिंग अब आसान होगी. मंडल, ब्लॉक और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति, सक्रियता और सहभागिता का ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार किया जा सकता है. प्रशिक्षण शिविरों, बैठकों और अभियानों में भागीदारी का डिजिटल विश्लेषण होगा. निष्क्रिय पदाधिकारियों की तत्काल पहचान और रिपोर्टिंग हो सकेगी. एक क्लिक में पूरे प्रदेश का संगठनात्मक ब्लूप्रिंट सामने आ जाएगा. संगठन में व्यापक फेरबदल की तैयारी सूत्रों के मुताबिक, इस डिजिटल डाटा के आधार पर जल्द ही संगठन में व्यापक फेरबदल की तैयारी है. कई वर्षों से पदों पर जमे नेताओं को हटाकर युवाओं, महिलाओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाने की योजना बनाई जा रही है. इस पूरी प्रक्रिया का डाटा कांग्रेस की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा और राष्ट्रीय नेतृत्व इसे सीधा देख सकेगा. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संगठन के किसी भी स्तर पर निष्क्रियता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद कांग्रेस की बड़ी सर्जरी, ब्लॉकों में नए पदाधिकारी होंगे नियुक्त

उज्जैन  कांग्रेस में संगठनात्मक स्तर पर जिले में बड़े फेरबदल की तैयारी है। इसमें ब्लॉकों में नए पदाधिकारी नियुक्त करने सहित ग्रामीण जिलाध्यक्ष बदला जा सकता है। संभावना है कि इस बार पार्टी युवा, निर्विवादित और किसी ग्रुप विशेष का न हो, संगठन समर्पित ऐसे नेता को जिले की कमान सौंप सकती है। शहर सहित जिले में कांग्रेस लगातार चुनाव हो रहे हैं। इसमें नगर निगम, विधानसभा और लोकसभा चुनाव भी शामिल है। कोर्ट के आदेश के बाद हाल ही में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में तो कांग्रेस अपना समर्थित प्रत्याशी खड़ा नहीं कर पाई थी। ऐसे में संगठन में फेरबदल की लगातार अटकलें जारी हैं। अब संभावना जताई जा रही है कि गुजरात में पार्टी के बैठक का असर पार्टी में विभिन्न पदों पर सर्जरी के रूप में देखने को मिलेगा। इसमें उज्जैन जिले में भी विभिन्न पदों पर बदलाव की तैयारी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, शहर अध्यक्ष पद पर परिवर्तन नहीं होगा लेकिन जिलाध्यक्ष का चेहरा बदलना लगभग तय है। इसके पीछे अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के साथ ही वर्तमान अध्यक्ष कमल पटेल का कार्यकाल पहले ही पूर्ण होना मुख्य कारण है। कांग्रेस के जिला प्रभारी अमित शर्मा ने बताया कि जिले के संगठनात्मक स्तर पर कई बदलाव होंगे। ऐसे कार्यकर्ता जो लंबे समय से पार्टी के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं, उन्हें नई व महत्वपूर्ण जिमेदारियां दी जाएगी। युवा, उर्जावान लोगों को अवसर दिया जाएगा। शर्मा के अनुसार, नई नियुक्तियों को लेकर प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। अब नए ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति शीघ्र होगी शहर व जिले में नए ब्लॉक स्तर पर भी बदलाव होंगे। लगभग सभी ब्लॉकों में नए अध्यक्ष नियुक्त करने की तैयारी है। अप्रेल अंत या मई की शुरुआत में यह परिवर्तन देखे जा सकते हैं।

सीएसके वर्सेस केकेआर हेड टू हेड मुकाबलों की बात करें तो चेन्नई की टीम कोलकाता पर भारी, आज भिड़ेंगी दोनों टीमें

नई दिल्ली चेन्नई सुपर किंग्स वर्सेस कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल 2025 का 25वां मुकाबला आज चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाना है। सीएसके वर्सेस केकेआर हेड टू हेड मुकाबलों की बात करें तो चेन्नई की टीम कोलकाता पर भारी नजर आ रही है, मगर पूर्व सलामी बल्लेबाज और मौजूदा एक्सपर्ट वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि आज के मैच में केकेआर सीएसके पर भारी पड़ सकती है। इसके पीछे उन्होंने बड़ी वजह कोलकाता के स्पिनर्स को बताया है। केकेआर की टीम में वरुण चक्रवर्ती और सुनील नरेन के रूप में दो बड़े स्पिनर है। चेपॉक की धीमी पिच को देखते हुए अजिंक्य रहाणे तीसरे स्पिनर के रूप में मोइन अली को भी मौका दे सकते हैं, जो पहले सीएसके के लिए इस मैदान पर खेल चुके हैं। मोइन अली का अनुभव केकेआर के काफी काम आ सकता है। वीरेंद्र सहवाग से जब स्टार स्पोर्ट्स के एक शो पर यह पूछा गया कि आज CSK vs KKR मैच में कौन फेवरेट है तो उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि केकेआर। चेन्नई उस तरह का क्रिकेट नहीं खेल रही है जैसा केकेआर खेल रही है। इसलिए मुझे लगता है कि पलड़ा केकेआर के पक्ष में झुका रहेगा क्योंकि उनके पास अच्छे स्पिनर हैं और उनके बल्लेबाज स्पिन को बेहतर तरीके से खेलेंगे। चेन्नई की बल्लेबाजी अब तक अच्छी नहीं रही है। अगर बल्लेबाजी अच्छी रही तो कुछ हो सकता है, नहीं तो केकेआर।” वहीं पूर्व भारतीय बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि एमएस धोनी की कप्तानी में वापसी के कारण सीएसके को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा, “आशा के रूप में एक मशाल जलाई गई है। जब 24 या 25 रन प्रति ओवर की जरूरत थी, तब जो भीड़ इस स्टेडियम से जा रही थी, वह सब वापस आ जाएगी, क्योंकि धोनी की वापसी से आत्मविश्वास आया है। असंभव शब्द मूर्ख लोगों के शब्दकोष में है। यह संभव है, अगर एमएस धोनी वहां हैं।” बता दें, ऋतुराज गायकवाड़ चोटिल होने की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं, उनकी जगह एमएस धोनी अब पूरे सीजन सीएसके की कप्तानी करेंगे। चेन्नई के लिए यह सीजन अभी तक अच्छा नहीं रहा है। टीम को 5 में से 4 मैचों में हार मिली है और पॉइंट्स टेबल में वह 9वें पायदान पर है।

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