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प्रदेश में ‘फाइबर से फैशन तक’ के विजन के साथ प्रदेश में ‘राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी-2025’ लागू की: सीएम

जयपुर राजस्थान राज्य से होने वाले कुल निर्यात की शीर्ष पांच वस्तुओं में शामिल वस्त्र उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ है। प्रदेश में ‘फाइबर से फैशन तक’ के विजन के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेश में ‘राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी-2025’ लागू की है। यह नीति प्रदेश को आधुनिक टेक्सटाइल एवं अपैरल विनिर्माण के नये केन्द्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। अमेरिका द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ लागू किए जाने के बाद बदलते वैश्विक परिदृश्य में राजस्थान के वस्त्र निर्यातकों के लिए यह नीति गेम चेंजर भी साबित होने जा रही है। राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी-2025 में निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी शामिल किया गया है। साथ ही इस नीति में प्राकृतिक एवं कृत्रिम फाइबर के उत्पादन को बढ़ाने से लेकर तकनीकी टेक्सटाइल्स और वस्त्र विनिर्माण, हैण्डलूम, ऊन प्रसंस्करण, चमड़े के उत्पाद, फुटवियर जैसे संबंधित क्षेत्रों को भी समाहित किया गया है। इस नीति में टेक्सटाइल उद्यमियों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता, कुशल कार्यबल, पर्यावरणीय चुनौतियां के समाधान व लॉजिस्टिक्स सहित आधारभूत सुविधाओं के विकास और निर्यात प्रोत्साहन के लिए पर्याप्त और आकर्षक वित्तीय इन्सेंटिव्स के प्रावधान किए गए हैं। नई राजस्थान टेक्सटाइल एवं अपैरल पॉलिसी के तहत जहां एक ओर वस्त्र व परिधान क्षेत्र के उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए 10 वर्षों तक 80 करोड़ रूपये वार्षिक तक का एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, भूमि/भवन क्रय या लीज पर स्टांप ड्यूटी व पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट, बिजली उपभोग पर 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी छूट प्रदान की जाएगी। वहीं पर्यावरणीय समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस नीति में ग्रीन सॉल्यूशन इंसेंटिव के तहत 12.5 करोड़ रूपये तक 50 प्रतिशत, अक्षय ऊर्जा संयंत्रों के लिए बैंकिंग, व्हीलिंग व ट्रांसमिशन शुल्क का 100 प्रतिशत, पेटेंट/कॉपीराइट लागत का 50 प्रतिशत एवं भूमि रूपांतरण शुल्क का 100 प्रतिशत पुनर्भरण के प्रावधान किए गए हैं। इसी तरह निर्यात इकाइयों को फ्रेट चार्ज पर 25 प्रतिशत तथा कार्मिक प्रशिक्षण लागत का 50 प्रतिशत पुनर्भरण का प्रावधान किया गया है। हाल ही में अमेरिका द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर आर्थिक परिदृश्य लगातार बदलावों से गुजर रहा है। भारतीय कपड़ा आयात पर लगभग 27 प्रतिशत पारस्परिक (त्मबपचतवबंस) टैरिफ अमेरिका द्वारा लगाया गया है जो इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी देशों जैसे बांग्लादेश (37 प्रतिशत), वियतनाम (46 प्रतिशत), कंबोडिया (49 प्रतिशत), पाकिस्तान (29 प्रतिशत) और चीन (34 प्रतिशत) की तुलना में कम है। राजस्थान देश का चौथा सबसे बड़ा कपास उत्पादक राज्य है और यहां भीलवाड़ा, जयपुर, पाली एवं बालोतरा जैसे टेक्सटाइल हब के वस्त्र निर्माताओं के लिए लंबी अवधि में यह स्थिति अमेरिका को वस्त्र निर्यात बढ़ाने के लिए अनुकूल साबित हो सकती है। राजस्थान में टेक्सटाइल और गारमेंट क्षेत्र से जुड़े कुशल कार्यबल की भी पर्याप्त उपलब्धता है। इस परिदृश्य में प्रदेश में लागू की गई टेक्सटाइल एवं अपैरल पॉलिसी-2025 उद्यमियों एवं निर्यातकों के लिए सोने पर सुहागा साबित होगी। इस नीति का उद्देश्य आधुनिक अवसंरचना एवं तकनीकी उन्नयन के माध्यम से टेक्सटाइल वैल्यू चेन को मजबूती देना है। नीति के अंतर्गत समावेशी विकास पर विशेष ध्यान देते हुए इस क्षेत्र में 10 हजार करोड़ रूपये के निवेश तथा 2 लाख रोजगार के सृजन पर भी जोर दिया गया है। इस नीति के माध्यम से 5 नए टेक्सटाइल पार्क विकसित करने के साथ ही, नई व विस्तारित हो रही परिधान निर्माण इकाइयों को सहायता दी जाएगी।

भोपाल के कॉलेज छात्रों ने वन विभाग और नगर निगम के साथ चलाया स्वच्छता अभियान

भोपाल भोपाल में पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। वन विभाग, तिंसा फाउंडेशन और नगर निगम ने मिलकर जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू किया है। इस अभियान का लक्ष्य कलियासोत को पॉलीथीन से मुक्त करना है। शहर के विभिन्न कॉलेजों के छात्र स्वेच्छा से इस अभियान में जुटे हैं। नगर निगम के कर्मचारी और वन विभाग का फ्रंटलाइन स्टाफ भी इस अभियान में सक्रिय है। यह कदम शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार और भोपाल की सुंदरता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। उप वन मंडलाधिकारी श्री धीरज सिंह चौहान के अनुसार कलियासोत डैम क्षेत्र एक बाघ भ्रमण क्षेत्र है। यह इलाका प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है। स्थानीय लोग इसे भोपाल की ऑक्सीजन बेल्ट कहते हैं। यह अभियान क्षेत्र के इकोसिस्टम और शहर के पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद करेगा। अभियान में नगर निगम अपर आयुक्त श्री देवेंद्र चौहान, बीएनएस कॉलेज के डायरेक्टर श्री विपिन धोटे, उप वन मंडलाधिकारी श्री धीरज सिंह चौहान और वन परिक्षेत्राधिकारी श्री शिवपाल पिपर्दे सहित वन विभाग के कई कर्मचारी मौजूद रहे।

अयोध्या में रामनवमी को लेकर सुरक्षा की सारी तैयारियां जोरों पर हैं, हर महत्वपूर्ण जगह सीसीटीवी लगाए गए

अयोध्या उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामनवमी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। श्रीराम जन्मोत्सव पर देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) प्रवीण कुमार ने बताया कि अयोध्या में रामनवमी को लेकर सुरक्षा की सारी तैयारियां जोरों पर हैं। हर महत्वपूर्ण जगह सीसीटीवी लगाए गए हैं। सुरक्षा के लिए कई जगह कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। अयोध्यावासी भी हमारी सुरक्षा का हिस्सा हैं। मल्लाह और वेंडर सभी की सुरक्षा के पहलुओं को देख रहे हैं और कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग अयोध्या आते हैं। उनके प्रबंधन का इंतजाम किया जा रहा है। गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के साथ तालमेल करके सारे इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी लोग मिलकर टीम भावना के साथ काम कर रहे हैं। भीड़ प्रबंधन का बेहतर इंतजाम किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। राम मंदिर, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, रामपथ तक जोन में बंटे हुए हैं। आवश्यकता पड़ने पर इंटरनल डायवर्जन भी किए जाएंगे। अयोध्या में जिला प्रशासन ने रामनवमी पर्व को लेकर बेहद खास तैयारियां की हैं। रामकथा पार्क में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। विभिन्न विभागों की ओर से प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। रामनवमी के दिन मंदिर में होने वाले ‘सूर्य तिलक’ अनुष्ठान की विशेष महिमा होगी, जिसे विश्व भर के श्रद्धालु लाइव देख सकेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि रामनवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और वैज्ञानिक परंपराओं का अद्वितीय उदाहरण है। रामनवमी के दिन सुबह 6 बजे श्रीरामलला का पवित्र जल, पंचामृत और औषधियों से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद, 9:30 से 10:30 बजे तक विशेष श्रृंगार और भोग अर्पण होगा। दोपहर 12 बजे, जब श्रीराम जन्मोत्सव मनाया जाएगा, विशेष आरती और छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा- यूपी से तीन साल में खत्म कर देंगे गरीबी, प्रदेश को बनाएंगे नंबर वन

महाराजगंज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर महाराजगंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रोहिन बैराज के लोकार्पण सहित 654 करोड़ रुपए की 629 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने संकल्प लिया कि अगले 3 साल में यूपी से गरीबी खत्म कर इसे देश का नंबर एक राज्य बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में देश की संसद में वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम पारित किया गया है, जिससे वक्फ के नाम पर जमीनों की लूट खसोट और अवैध कब्जे पर रोक लगेगी। अब कोई चौराहों की जमीनों पर कब्जा नहीं कर सकेगा। सरकारी संपत्ति का उपयोग विद्यालय, चिकित्सालय, कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, बैराज और आवास निर्माण जैसे जनकल्याणकारी कार्यों में होगा। सीएम योगी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में लाखों एकड़ भूमि वक्फ बोर्ड के नाम पर नाजायज तरीके से कब्जाई गई थी, जिससे गरीबों का कल्याण नहीं हो रहा था। अब इस मनमानेपन पर लगाम लगेगी। मुख्यमंत्री ने वासंती नवरात्रि की अष्टमी के अवसर पर मां बनैलिया देवी को नमन करते हुए कहा कि उन्हें नौतनवा विधानसभा क्षेत्र में रोहिन नदी पर बैराज के लोकार्पण का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस बैराज से 16 हजार अन्नदाता किसानों और 54 सौ हेक्टेयर से अधिक भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। यह बैराज मां बनैलिया देवी के नाम से जाना जाएगा। रोहिन नदी का पानी मीठा है और यह नेपाल से गोरखपुर तक बहती है। इस बैराज से किसानों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा। 25 साल से इसकी मांग थी, लेकिन पहले की सरकारें अपने परिवार की जेब भरने और जमीन की लूट में व्यस्त थीं। अब यह बैराज बाढ़ से बचाव और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएगा। इसके आसपास वाटर बॉडी, पर्यटन, नौकायन और रेस्टोरेंट बनने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सीएम योगी ने बताया कि पिछले 8 साल में उत्तर प्रदेश ने नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। 2017 में यूपी देश में सातवें नंबर की अर्थव्यवस्था था, आज यह देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। मुसहर, वनटांगिया और थारू जैसी जनजातियों के गांवों को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम मंदिर और महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि यह विकास और विरासत का अनूठा समन्वय है। उन्होंने सरयू नहर परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि 1972 में बनी परियोजना को पूरा होने में 49 साल लग गए, वो भी तब पूरा हुआ, जब भाजपा की सरकार आई। प्रदेश में फोरलेन सड़कों का जाल बिछ गया है। गोरखपुर-नौतनवा-सोनौली मार्ग और फरेंदा-नौतनवा मार्ग फोरलेन बन रहे हैं। गांवों के 3 मीटर के रास्ते अब 7 से 10 मीटर चौड़े हो रहे हैं। सिंचाई के क्षेत्र में अर्जुन सहायक, बाणसागर और सरयू नहर परियोजनाओं से लाखों हेक्टेयर भूमि को लाभ मिला है। पिछले 8 साल में प्रदेश में 23 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा और 14 लाख किसानों को मुफ्त ट्यूबवेल कनेक्शन दिए गए हैं। सीएम योगी ने कहा कि श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय और हर विकासखंड में ‘मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय’ बनाए जा रहे हैं। पहले की सरकारों में ‘एक जनपद, एक माफिया’ का दौर था, अब ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ दिया जा रहा है। 2017 से पहले त्योहारों पर डर का माहौल रहता था, लेकिन अब दंगाइयों ने दंगा करना छोड़ दिया। एक ओर किसानों का विकास, नौजवानों को रोजगार, बेटी को सुरक्षा और स्वावलंबी बनाने का कार्य हो रहा है तो वहीं इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां नियंत्रित हो गई हैं। मधवलिया में गोशाला और डेयरी उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। महाराजगंज में केंद्रीय विद्यालय और स्पोर्ट्स स्टेडियम का शुभारंभ भी जल्द होगा। उन्होंने बताया कि महाराजगंज मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में प्रदेश में पहले स्थान पर है। 1,000 युवाओं को ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। काला नमक चावल, श्रीअन्न, प्राकृतिक खेती, डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन काम करेगा। यह नया भारत है, जहां बिना भेदभाव के विकास कार्य हो रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश नए भारत का दर्शन कर रहा है। 10 साल पहले भारत दुनिया की 11वीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में आज यह पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। अगले दो साल में भारत तीसरी आर्थिक महाशक्ति बन जाएगा। हाईवे, एक्सप्रेसवे, ड्राईपोर्ट, रेलवे, वॉटरवे, मेट्रो और रोपवे जैसी परियोजनाएं साकार हो रही हैं। सोनौली में ड्राईपोर्ट बन रहा है। हर घर बिजली के बाद अब हर घर नल योजना भी पूरी हो रही है। कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, टैबलेट, चाबी, आयुष्मान कार्ड, पोषण पोटली, पग मशीन, खेल प्रोत्साहन सामग्री एवं किट का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया। साथ ही चिकित्सकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

हार के बाद महेंद्र सिंह धोनी निशाने पर, सिर्फ सिम्पैथी और अटैंशन के लिए खेल रहे हैं आईपीएल, फूटा फैंस का गुस्सा

नई दिल्ली चेन्नई सुपरकिंग्स को अपने घर में चेपॉक में एक और हार झेलनी पड़ी है। दिल्ली कैपिटल्स ने शनिवार को चेन्नई को 25 रनों से हरा दिया। ये दिल्ली की चेपॉक में 15 साल बाद मिली पहली जीत है। इस हार के बाद चेन्नई के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी निशाने पर हैं। फैंस सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि माही अब सिर्फ सिम्पैथी और अटैंशन के लिए खेल रहे हैं। धोनी इस मैच में 12वें ओवर में बल्लेबाजी करन आए और फिर भी मैच नहीं जिता सके। वह 26 गेंदों पर 30 रन बनाकर नाबाद रहे। दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट खोकर 183 रन बनाए थे। चेन्नई पूरे ओवर खेलने के बाद पांच विकेट खोकर 158 रन ही बना सकी।

श्रीलंका ने दूर की चीन वाली टेंशन, पहली बार भारत के साथ किया रक्षा समझौता, ऐसा कभी नहीं होने देंगे

कोलंबो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें एक ऐतिहासिक रक्षा सहयोग समझौता भी शामिल है। यह पहली बार है जब भारत और श्रीलंका ने रक्षा क्षेत्र में ऐसा कोई औपचारिक समझौता किया है। इस दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार अपनी धरती का इस्तेमाल कभी भी भारत की सुरक्षा हितों के खिलाफ नहीं होने देगी। यह बयान चीन के बढ़ते प्रभाव और निवेशों को लेकर भारत की चिंताओं को दूर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। दोनों पक्षों ने त्रिंकोमाली को ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। श्रीलंका के पूर्वी क्षेत्र में नई दिल्ली की बहु-क्षेत्रीय अनुदान सहायता पहुंचाने के लिए एक और समझौता किया गया। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति दिसानायके ने सामपुर सौर ऊर्जा परियोजना का भी डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया। मोदी बैंकॉक की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद शुक्रवार शाम कोलंबो पहुंचे थे। उन्होंने बैंकॉक में बिम्सटेक (बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) के शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। विदेश मंत्री विजीथा हेराथ, स्वास्थ्य मंत्री नालिंदा जयतिसा और मत्स्य मंत्री रामलिंगम चंद्रशेखर समेत पांच शीर्ष श्रीलंकाई मंत्रियों ने मोदी का स्वागत किया। दिसानायके के साथ वार्ता से पहले, मोदी का श्रीलंका की राजधानी के मध्य में स्थित ऐतिहासिक ‘इंडीपेंडेंस स्क्वायर’ (स्वतंत्रता चौक) पर औपचारिक स्वागत किया गया। किसी अन्य देश के नेता को यहां संभवत: पहली बार इस प्रकार सम्मानित किया गया है। दिसानायके ने ‘स्क्वायर’ पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। ‘इंडीपेंडेंस स्क्वायर’ राष्ट्रीय दिवस समारोहों का स्थल है। इसका नाम स्वतंत्रता स्मारक सभागार से लिया गया है जिसे 1948 में ब्रिटिश शासन से श्रीलंका की आजादी के उपलक्ष्य में बनाया गया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘राष्ट्रपति दिसानायके ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कोलंबो के ‘इंडीपेंडेंस स्क्वायर’ पर भव्य स्वागत किया।’’ अधिकारियों ने कहा कि यह पहला मौका है जब किसी अन्य देश के नेता का ‘स्क्वायर’ पर इस तरह से स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री ने ऐसे समय में यह यात्रा की है जब श्रीलंका आर्थिक संकट से उबरने के संकेत दे रहा है। श्रीलंका तीन साल पहले बड़े आर्थिक संकट में घिर गया था और भारत ने उसे 4.5 अरब अमेरिकी डॉलर की आर्थिक सहायता दी थी। इसके बाद राष्ट्रपति दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी को श्रीलंका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘मित्र विभूषण’ प्रदान किया। मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “भारत हर कठिन समय में श्रीलंका के साथ खड़ा रहा है – चाहे 2019 का आतंकी हमला रहा हो, कोविड महामारी हो या हालिया आर्थिक संकट। हमारी मित्रता भरोसे पर टिकी है।” महत्वपूर्ण समझौते: रक्षा सहयोग समझौता: यह समझौता दोनों देशों की सैन्य क्षमताओं और सुरक्षा साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। त्रिंकोमाली को ऊर्जा हब के रूप में विकसित करना: दोनों देशों ने इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। भारत की पूर्वी श्रीलंका में बहु-क्षेत्रीय सहायता: एक और समझौते के तहत भारत श्रीलंका के पूर्वी क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक विकास हेतु अनुदान सहायता देगा। संपूर सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन: प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डिसानायके ने संयुक्त रूप से इस परियोजना की शुरुआत की, जो दोनों देशों के ऊर्जा सहयोग का प्रतीक है। यह दौरा भारत-श्रीलंका संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाला माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को और गहराने में जुटा है। श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने कहा कि श्रीलंका को भारत द्वारा दी गई सहायता दुनिया के किसी भी देश को दी गई भारतीय सहायता के संदर्भ में ‘‘अभूतपूर्व’’ है। झा ने कहा, ‘‘यह बहुत बड़ी सहायता थी और हम विभिन्न क्षेत्रों में सहायता प्रदान करने के लिए श्रीलंका के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसकी यहां बहुत सराहना की जाती है।’’

अब वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीनों पर कोई डकैती नहीं डाल सकता है. लूट-खसोट नहीं हो सकती है: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को संसद से वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने की सराहना करते हुए कहा कि अब कोई भी वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीन नहीं लूट सकेगा और सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग स्कूल, कॉलेज, अस्पताल या गरीबों के लिए आवास बनाने के लिए होगा. उन्होंने कहा, ‘पिछली सरकारों के पास अपने परिवार का पेट भरने के अलावा किसी चीज के लिए फुर्सत ही नहीं थी. जमीन लुटवाने से फुर्सत मिलती तब तो विकास करते. देश की संसद ने वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम पारित किया है. अब वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीनों पर कोई डकैती नहीं डाल सकता है. लूट-खसोट नहीं हो सकती है.’ योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘अब चौराहे की जमीनों पर कोई कब्जा नहीं कर सकता है. अब जो भी सार्वजनिक जमीन होगी, राजस्व की जमीन होगी, उसका उपयोग विद्यालय बनाने में, चिकित्सालय बनाने में, महाविद्यालय बनाने में गरीबों के लिए आवास बनाने में होगा. केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड के नाम पर होने वाली लूट-खसोट पर हमेशा के लिए लगाम लगाने का काम किया है.’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. क्योंकि उत्तर प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड के नाम पर लाखों एकड़ लैंड पर नाजायज कब्जा करने का काम किया गया था. इसमें किसी गरीब का कल्याण नहीं हो रहा था बल्कि चंद लोगों के लिए लूट का एक माध्यम बन गया था. इस लूट पर अब सख्ती से लगाम लगेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महराजगंज जिले के रतनपुर में 654 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने उपरोक्त टिप्पणियां कीं. उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत दुनिया की पांचवीं अर्थव्यवस्था बन गया है. दो वर्ष के अंदर तीसरी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. हर घर बिजली के बाद अब हर घर नल-जल योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है. यूपी के सीएम ने कहा कि महराजगंज अब पिछड़ा जिला नहीं है. विकास व विरासत का समन्वय कैसे होना चाहिए काशी व अयोध्या इसके उदाहरण हैं. महाकुंभ का आयोजन देखकर तो पूरी दुनिया भौचक्की रह गई. सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी में कोई भूखा नहीं मरता है. नौजवाओं के लिए शिक्षा, बेटी की सुरक्षा, व्यापारियों का सम्मान व अन्नदाता की खुशहली के लिए सरकार कार्य कर रही है. रोहिन बैराज इसका उदाहरण है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा. केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी, पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया, सिसवां विधायक प्रेम सागर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल व भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी और लोग इस कार्यक्रम में उपस्थित थे.  

महेंद्र सिंह धोनी के माता-पिता मैदान पर आए नजर, मैच में कुछ ऐसे संकेत मिले जो संन्यास के हो सकते है, फैंस में हलचल

नई दिल्ली भारतीय टीम के स्टार कप्तान और देश को तीन आईसीसी ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अब सिर्फ आईपीएल खेलते हैं। हर आईपीएल में धोनी के संन्यास को लेकर खबरें उठती हैं, लेकिन ऐसा होता नहीं है। हालांकि, शनिवार को दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जिससे लगने लगा है कि ये धोनी की आखिरी मैच हो सकता है। दिल्ली और चेन्नई के बीच आईपीएल-2025 का मैच चेपॉक स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस मैच के दौरान 12वें ओवर की शुरुआत से पहले धोनी के माता-पिता को दिखाया गया। पहले कभी ऐसा देखने को नहीं मिला है। उनके माता-पिता को कभी भी मैच में नहीं देखा गया है। इसी कारण ये सवाल उठ रहे हैं क्या आज धोनी आखिरी आईपीएल मैच खेल रहे हैं। धोनी ने कही थे ये बात धोनी ने एक बार कहा था कि वह अपना आखिरी आईपीएल मैच चेन्नई के घरेलू मैदान पर खेलेंगे क्योंकि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो फ्रेंचाइजी के फैंस के लिए ये अच्छा नहीं होगा जो उन्हें बहुत प्यार करते हैं। आज का मैच चेन्नई के चेपॉक में ही है। धोनी हमेशा से जो करते हैं उसके बारे में किसी को भनक भी नहीं लगने देते। 2020 में जब उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था तब भी किसी को उम्मीद नहीं थी, लेकिन उन्होंने ये फैसला किया था। टीम इंडिया के लिए टेस्ट से संन्यास भी धोनी ने साल 2014 में अचानक ही लिया था। टीम इंडिया की सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ने का फैसला भी धोनी ने एकदम से लिया था। पुराने रंग में नहीं हैं धोनी धोनी विकेट के पीछे से अभी भी उसी फुर्ती से विकेटकीपिंग कर रहे हैं जिस तरह से पहले करते थे। हालांकि, उनकी बैटिंग में वो पैनापन नहीं दिखा है जिसके लिए वो जाने जाते थे। इसी कारण वह इस बार नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए भी दिखे हैं और अपने से पहले उन्होंने रविचंद्रन अश्विन को भेजा था। उनके इस फैसले की आलोचना भी हुई थी।

स्कूल संचालक अखिलेश मेबन को पुलिस ने केरल से गिरफ्तार किया, भगवान श्रीराम पर की आपत्तिजनक टिप्पणी

जबलपुर.  भगवान श्रीराम पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले अखिलेश मेबिन को पुलिस ने केरल से गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी अखिलेश मेबन विजय नगर स्थित जॉय स्कूल का संचालक है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मेबिन काफी वक्त से फरार चल रहा था. लगातार उसकी गिरफ्तारी को लेकर मांग की जा रही थी. अब केरल में गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे जबलपुर लेकर आएगी. फिर आगे की पूछताछ की जाएगी. मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर मेबिन की गिरफ्तारी हुई है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी अखिलेश मेबन अपने एक दोस्त से संपर्क करने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान उसका लोकेशन ट्रेस हो गया. बताया जा रहा है कि जबलपुर पुलिस आरोपी अखिलेश मेबन को केरल से जबलपुर लेकर रवाना हो गई है. लगातार उठ रही थी गिरफ्तारी की मांग इससे पहले जबलपुर पुलिस को मेबन के बांधवगढ़ में होने की सूचना मिली थी. इतना ही नहीं उसके नागपुर भागने का भी इनपुट मिल रहा था. इसके बाद पुलिस की एक दर्जन टीमें अलग-अलग जगहों पर गिरफ्तारी के लिए रवाना हुी थी. बताया जाता है कि अपने रसूख के दम पर फरारी काटने में आरोपी मेबन माहिर है. आरोपी मेबन ने कुछ दिन पहले अपने WhatsApp स्टेटस पर हिंदुओं और प्रभु श्री राम को लेकर अपशब्द थे. जॉय स्कूल के मालिक के व्हाट्सएप पर लगाए गए स्टेटस को लेकर जमकर आक्रोश भड़का था. मेबन की गिरफ्तारी को लेकर संत समाज, हिन्दू संगठन, कांग्रेस से लेकर कई संगठनों ने सड़कों पर उतरकर पुलिस को ज्ञापन देते हुए गिरफ्तारी की मांग की थी.  

बैतूल में कलेक्टर आकस्मिक निरीक्षण से कर्मचारियों में हड़कंप, काम छोड़ ताश खेलते मिला कर्मचारी

बैतूल  सरकारी दफ्तर अपने आराम से काम करने वाले वर्क कल्चर के फेमस तो हैं ही इसी बीच में कई कर्मचारी जनता का काम करने की जगह ताश भी खेलने लगते हैं। ऐसा करते हुए बैतूल में कुछ कर्मचारी कलेक्टर के हाथ चढ़ गए। फिर क्या नाप दिए गए। कलेक्टर के अचानक निरीक्षण में एक कर्मचारी ताश खेलते पकड़ा गया। उसे सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, तीन अन्य कर्मचारियों का वेतन भी काटा गया है। बैतूल के कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को हड़कंप मच गया। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी अचानक कार्यालयों का निरीक्षण करने निकल गए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ट्राइबल ऑफिस में एक कर्मचारी को कंप्यूटर पर ताश खेलते हुए पाया। ऑफिस के समय में ताश खेलते देखकर कलेक्टर ने उन पर कार्रवाई की। इसके बाद उन्होंने तुरंत कर्मचारी को सस्पेंड करने का आदेश दे दिया। तीन कर्मचारियों के वेतन कटे कलेक्टर के अचानक पहुंचने से कर्मचारी चौंक गए। लापरवाही मिलने पर तीन कर्मचारियों का वेतन काटने का भी आदेश दिया गया। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी दोपहर में सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिस के काम का निरीक्षण करने पहुंचे थे। वे कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित अलग-अलग कार्यालयों में गए। ताश खेलते मिला कर्मचारी निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर आदिम जाति कार्य विभाग के कार्यालय में पहुंचे। वहां उन्होंने कर्मचारी जगदीश कुबड़े को कंप्यूटर पर ताश खेलते हुए पाया। यह देखकर कलेक्टर ने सीधा एक्शन लिया और तुरंत कर्मचारी को सस्पेंड करने का आदेश दे दिया। कलेक्टर ने ऑफिस टाइम में काम की जगह ताश खेलने पर कर्मचारी की जमकर क्लास ली। उन्होंने कहा कि ऑफिस टाइम में काम करना चाहिए, ताश नहीं।

UPSRTC में महिला कंडक्टरों को उनके अपने जिले में ही कंडक्टर की नौकरी दी जाएगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार राज्य की रोडवेज बसों में अब 5000 महिलाएं कंडक्टर की भर्ती करने का फैसला लिया है. यह भर्ती उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के तहत संविदा के आधार पर होगी. इस फैसले से न सिर्फ महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक मिसाल बनेगा. महिलाओं को मिलेगी गृह जनपद में नियुक्ति महिलाओं की सुविधा के लिए सरकार ने खास इंतजाम किया है. इन महिला कंडक्टरों को उनके अपने जिले में ही नौकरी दी जाएगी. इससे उन्हें घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा और वे अपने परिवार के साथ रहकर काम कर सकेंगी. यह कदम महिलाओं को सुरक्षित माहौल में नौकरी करने का मौका देगा और उनके लिए काम व घर के बीच तालमेल बनाना आसान होगा. यूपी परिवहन निगम के नियमों के हिसाब से मिलेगा वेतन इन कंडक्टरों को यूपी परिवहन निगम के नियमों के हिसाब से वेतन मिलेगा. साथ ही, उन्हें काम करने के लिए जरूरी सारी सुविधाएं भी दी जाएंगी. सरकार का मकसद है कि महिलाएं सम्मान और सुरक्षा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें. 8 अप्रैल से शुरू होंगे रोजगार मेले भर्ती प्रक्रिया को तेजी और पारदर्शिता से पूरा करने के उद्देश्य से, राज्य के विभिन्न जिलों में रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है. परिवहन मंत्री ने बताया कि ये मेले निम्नलिखित तिथियों और स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे: 08 अप्रैल 2025: गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, अयोध्या, वाराणसी 11 अप्रैल 2025: मेरठ, इटावा, हरदोई, देवीपाटन, आजमगढ़ 15 अप्रैल 2025: सहारनपुर, झांसी, कानपुर, चित्रकूटधाम, बांदा, प्रयागराज 17 अप्रैल 2025: नोएडा, आगरा, मुरादाबाद, लखनऊ, गोरखपुर वहां मौके पर ही शुरुआती प्रक्रिया पूरी होगी. इसके अलावा, ऑनलाइन आवेदन का भी ऑप्शन है. महिलाएं यूपीएसआरटीसी की वेबसाइट www.upsrtc.com पर जाकर फॉर्म भर सकती हैं. सरकार उठाएगी ट्रेनिंग का पूरा खर्च चयन के बाद महिलाओं को काम सीखने के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी. यह ट्रेनिंग यूपी कौशल विकास मिशन के तहत होगी. अगर कोई खास ट्रेनिंग चाहिए होगी, तो परिवहन निगम उसका इंतजाम करेगा. ट्रेनिंग से संबंधित सभी खर्चे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) द्वारा उठाए जाएंगे. यह कदम महिलाओं को नौकरी के लिए तैयार करेगा और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा.

वक्फ विधेयक पर इंडिया ब्लॉक में शामिल दलों के बीच ही एक राय नहीं बन पा रही,शिवसेना-यूबीटी नहीं जाएगी SC

मुंबई वक्फ (संशोधन) विधेयक पर इंडिया ब्लॉक में शामिल दलों के बीच ही एक राय नहीं बन पा रही कि उन्हें इसका विरोध करना है या समर्थन. जहां एक ओर कांग्रेस और डीएमके ने संसद से पारित इस विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, वहीं इंडिया ब्लॉक में शामिल उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना-यूबीटी ने विधेयक के खिलाफ सर्वोच्च अदालत नहीं जाने की बात कही है. हालांकि, उद्धव सेना ने इस बिल का लोकसभा और राज्यसभा में पुरजोर विरोध किया था. लेकिन अब पार्टी का कहना है कि उसके लिए यह फाइल अब बंद हो चुकी है. बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने वक्फ (संशोधन) विधेयक की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. वह इस बिल को लेकर बनीं जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) के सदस्य भी थे. इस बारे में पूछे जाने पर शिवसेना-यूबीटी के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, ‘हम सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे. हमने हमारा काम कर दिया है. जो कहना था, जो बोलना था वो सब संसद के दोनों सदनों में हो गया. हमारे लिए ये फाइल अब बंद हो गई है.’ वक्फ बिल उद्योगपतियों के फायदे के लिए: राउत शिवसेना-यूबीटी नेता संजय राउत ने वक्त बिल को लेकर भाजपा की आलोचना की थी और इसे उद्योगपतियों के फायदे के लिए बनाया गया एजेंडा बताया था. अपना पक्ष रखते हुए संजय राउत ने कहा था, ‘वक्फ बिल का हिंदुत्व से कोई लेना-देना नहीं है. यह एक सामान्य बिल है. अगर कोई इसे हिंदुत्व से जोड़ रहा है तो वह मूर्ख है. अगर इस बिल से कोई संबंध है तो इसका साफ मकसद है कि भविष्य में कुछ उद्योगपतियों के लिए वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर कब्जा करना आसान हो जाए.’ बता दें कि वक्फ (संशोधन) विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा की मंजूरी मिल गई है और इसे राष्ट्रपति के पास उनके अनुमोदन के लिए भेजा गया है. राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा और केंद्र सरकार द्वारा गजट अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह पूरे देश में लागू हो जाएगा. लोकसभा में वक्फ बिल के समर्थन में 288 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 232 वोट. वहीं, राज्यसभा में इस बिल के समर्थन में 128 वोट पड़े, जबकि विरोध में 95 वोट. राज्यसभा में वक्फ बिल के विरोध में बोलने को लेकर एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत पर कटाक्ष भी किया था. प्रफुल्ल पटेल ने किया था संजय राउत पर कटाक्ष प्रफुल्ल पटेल जब वक्फ बिल पर राज्यसभा में भाषण दे रहे थे, उस वक्त संजय राउत सदन में नहीं थे. एनसीपी सांसद की बात पर शिवसेना-यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कुछ कहना चाहा तो उन्होंने कहा-यूबीटी आप मत बोलिए, क्योंकि आप दूसरी पार्टी में थीं. तब तक संजय राउत सदन में आ गए. उनके आते ही प्रफुल्ल पटेल ने बाबरी मस्जिद विध्वंस और बंबई धमाकों का जिक्र करके उन पर तंज कसा. प्रफुल्ल पटेल ने संजय राउत की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘…आ गए, हमारे दोस्त आ गए. बाला साहेब ठाकरे  कहते थे कि उन्हें अभिमान है कि शिव सैनिकों ने बाबरी मस्जिद गिराई….और 92-93 के मुंबई दंगों में मेरे शिव सैनिकों ने हिंदुओं की रक्षा की. हमारे संजय भैया पहले टक…टक…टक…टक बोलते थे, लेकिन आज उन्हें समझ नहीं आ रहा है क्या बोलूं क्या नहीं.’ उनके इस बयान पर संजय राउत ने संसद के बाहर मीडिया से बातचीत में पलटवार किया. राउत ने कहा कि प्रफुल्ल पटेल को बाबा साहेब की याद आनी नहीं चाहिए. अपने पिता समान शरद पवार को खंजर घोंप कर भाग गए और अब निष्ठा की बात करते हैं. उन्होंने कहा, ‘प्रफुल्ल पटेल के किसके साथ संबंध थे, इकबाल मिर्ची और दाउद से…? ये आरोप मैं नहीं लगा रहा हूं, नरेंद्र मोदी ने ये आरोप लगाए थे और आप नहीं मानते तो ईडी की चार्जशीट पढ़ लें. ये चाटुकारिता करके वहां चले गए और बच गए, पर हम लोग डरने वाले नहीं हैं. इस तरह के लोगों को मैं वॉर्न करना चाहता हूं कि फिर से हमारे साथ कुछ करेंगे तो हमारे पास भी आपका पूरा कच्चा चिट्ठा है. ये लोग हमको क्लीन चिट दे रहे हैं. आप बीजेपी में जाइए और क्लीन चिट खरीद लीजिए.’ उनके इस बयान के बाद प्रफुल्ल पटेल ने संजय राउत को एक्स पर टैग करते हुए लिखा, ‘अंगूर खट्टे हैं…’. उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘बेहतर होता कि मेरे चरित्र और इतिहास के बारे में बात करने से पहले पवार साहब से जानकारी ले लेते.’  

विवेकानंद नीडम रेलवे ओवर ब्रिज आम जनता के लिए नहीं खुला, हाई कोर्ट में याचिका दायर

ग्वालियर जनता के वोट से चुनकर “माननीय” बनने वाले जनप्रतिनिधि जनता के कितने फिक्रमंद हैं इसकी चर्चा इन दिनों ग्वालियर में जोरों पर है, बड़ी बात ये है कि ये चर्चा भाजपा की अंदरूनी सियासत को बाहर ला रही है, मामला सिर्फ एक रेलवे ओवर ब्रिज को जनता के लिए खोलने का है यानि उसके लोकार्पण का है, अब कौन माननीय इसका उद्घाटन करेगा ये अभी तय नहीं है लेकिन जनता का सब्र टूट गया है क्योंकि पुल तैयार है, जनता अब और परेशान होना नहीं चाहती इसलिए उसने 12 अप्रैल तक का समय दे दिया है वर्ना 13 को जनता खुद उदघाटन कर देगी इस मामले में हाई कोर्ट में भी एक जनहित याचिका दाखिल कर दी गई है। ग्वालियर शहर में बनकर तैयार एक रेलवे ओवर ब्रिज पिछले लंबे समय से उद्घाटन की बाट जोह रहा है, भाजपा की अंदरूनी सियासत के चलते ये तय नहीं हो पा रहा कि पुल का फीता काटने का श्रेय किसके खाते में जाए, दर असल ये ROB यानि विवेकानंद नीड़म रेलवे ओवर ब्रिज का कम 2017 में शुरू हुआ था इसे दो साल में बन जाना था लेकिन कभी रेलवे की आपत्ति कभी चुनाव कभी कोई और कारण के चलते ये आठ साल बाद तैयार हो पाया लेकिन कई महीनों से तैयार ब्रिज अभी भी जनता के लिए नहीं खोला जा रहा। जनता ने निकलना शुरू किया, प्रशासन ने बंद कराया पिछले दिनों शहर के लोगों ने इसपर से निकलना शुरू कर दिया था, जैसे ही इसकी जानकारी प्रशासन को लगी तत्काल इसपर बैरिकेड लगाकर आवागमन बंद कर दिया गया, आदेश जारी किया गया कि पुल पर स्ट्रीट लाईट का काम जारी है इसलिए अभी इसपर यातायात संभव नहीं है इसका उपयोग न किया जाए। शहर की जनता ने खोला मोर्चा अब जिन करीब 15 कॉलोनियों और कई गांवों के हजारों लोगों को इस पुल का लाभ मिलने वाला था और उनका करीब 4 किलोमीटर का चक्कर बचने वाला था वो आक्रोशित हो गए, उनको साथ मिला सामाजिक संस्थाओं का , शहर के प्रबुद्ध लोगों का और भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राज चड्ढा का , इन सभी ने मिलकर विरोध में मोर्चा खोल दिया। BJP नेता ने जनता के साथ मिलकर दिया अल्टीमेटम राज चड्ढा ने अपने फेसबुक एकाउंट पर पोस्ट लिखी जिसमें शहर के सभी बड़े भाजपा नेताओं के नाम लिखे जिसमें सांसद, मंत्री , वरिष्ठ नेता शामिल हैं और उन्हें अल्टीमेटम दिया कों 12 अप्रैल तक जिसे श्रेय लेना है ले ले वर्ना किसी बुजुर्ग से 13 अप्रैल को नारियल फुडवा कर पुल क उद्घाटन करवा दिया जायेगा। हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर इतना ही नहीं आज शुक्रवार को इस मामले में एडवोकेट अवधेश तोमर ने ग्वालियर हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर दी और अर्जेंट हियरिंग की मांग कर दी , याचिका में कहा गया है कि जब ROB बनकर तैयार है तो सिर्फ नेता जी से उदघाटन का समय नहीं मिल पाने के कारण जनता परेशानी क्यों झेले? BJP के पूर्व जिला अध्यक्ष ने दिखाया आइना   बहरहाल भाजपा के एक पूर्व  जिला अध्यक्ष ने जनता का पक्ष रखते हुए अपनी ही पार्टी के नेताओं को आइना दिखा दिया है और ये बताने की कोशिश की है कि उन्हें जनता के वोटों ने ही माननीय बनाया है इसलिए उन्हें जनता की परेशानी पहले समझने की जरुरत है ना कि श्रेय लेने की सियासत करने की। अब देखना होगा कि 13 अप्रैल को इस ROB पर क्या होता है ?

जबलपुर में फ्लाईओवर निर्माण को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर, कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर 3 हफ्ते में मांगा जवाब

 जबलपुर जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जबलपुर के हाईकोर्ट चौराहा से रद्दी चौकी-आधारताल तक बन रहे फ्लाईओवर निर्माण को लेकर जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते के अंदर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर निवासी अधिवक्ता मुनीश सिंह की ओर से दायर इस याचिका की प्रारंभिक सुनवाई हाईकोर्ट चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत एवं जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बैंच ने की। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि आधारताल रोड पर प्रतिदिन जाम की स्थिति बनती है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। जाम का खामियाजा अस्पताल जाने वाले मरीजों को भी भुगतना पड़ता है। स्कूल जाने या घर लौटने वाले बच्चों को भी परेशानी होती है। ऐसे में कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि यह मामला जनसुविधा और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, और इसमें टालमटोल अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने पक्ष रखते हुए सभी तथ्यों से कोर्ट को अवगत कराया। एडिशनल एडवोकेट जनरल ने जताई आपत्ति राज्य सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल भरत सिंह ठाकुर ने याचिका पर आपत्ति जताते हुए इसे “सुनवाई के योग्य नहीं” बताया। उनका तर्क था कि यह एक प्रशासनिक विषय है और इसके लिए सरकार को बाध्य करना न्यायालय का कार्यक्षेत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि जबलपुर से ही लोक निर्माण विभाग के मंत्री हैं, जिनसे जनता संपर्क कर सकती है। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि इस याचिका को ‘कष्टकारक’ मानते हुए निरस्त कर दिया जाए। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद जबलपुर के नागरिकों को उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दी है। वर्षों से लोग इस रूट पर ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे हैं, आपको बता दें कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर के ठीक बाहर मुख्य सड़क पर यह आलम होता है कि अधिवक्ताओं सहित मुवक्किलों के वाहन खड़े करने के लिए भी जगह नहीं है, जिसके कारण लगभग आधी सड़क पार्किंग की तरह इस्तेमाल होती है। लेकिन अब तक इस पर कोई स्थायी समाधान नहीं आया। हाईकोर्ट के इस हस्तक्षेप से अब उम्मीद है कि प्रशासन इस दिशा में ठोस और समयबद्ध कदम उठाएगा।

भोज विश्वविद्यालय में नियुक्तियों के मामले में HC ने नियुक्तियां कीं निरस्त का दिए आदेश

भोपाल मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में की गई नियुक्तियों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ ने मनमानी और दूषित करार देते हुए निरस्त कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने चयनित अभ्यर्थियों के पक्ष में जारी एकलपीठ के आदेश को रद्द करते हुए नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश शासन और भोज मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा दायर अपील में कहा गया था कि वर्ष 2015 में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर समेत अन्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। अपील में यह भी बताया गया कि चयन समिति में संबंधित विषयों के विशेषज्ञों को शामिल नहीं किया गया था, बल्कि अन्य विषयों के विशेषज्ञों से चयन कराया गया, जो नियमों के खिलाफ था। इसके अलावा, चयन समिति ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया। अपील में यह भी उल्लेख किया गया कि अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों की न तो ठीक से जांच की गई और न ही उनका निष्पक्ष मूल्यांकन किया गया। अंकों के कई कॉलम बिना किसी स्पष्टीकरण के खाली छोड़ दिए गए थे। साक्षात्कार में कुछ अभ्यर्थियों को अत्यधिक अंक देकर अन्य अधिक योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी की गई, जिससे चयन प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती है। इसके साथ ही, विज्ञापनों में महिलाओं और दिव्यांगों के लिए आरक्षण का उल्लेख नहीं किया गया था और न ही आरक्षण रोस्टर उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार तैयार किया गया था। इन अनियमितताओं के कारण चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था। इसके विरुद्ध चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर एकलपीठ ने उनके पक्ष में राहतकारी आदेश दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए यह अपील दायर की गई थी।

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