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भारतीय अंतरिक्ष यात्रा का एक नया अध्याय मई 2025 में शुरू होने जा रहा, शुभांशु शुक्ला भरेंगे उड़ान

नई दिल्ली भारत के लिए एक और ऐतिहासिक पल आने वाला है। जहां एक समय सुनिता विलियम्स ने भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी, वहीं अब भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 2025 में NASA के साथ एक अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा बनने जा रहे हैं। बता दें कि भारतीय अंतरिक्ष यात्रा का एक नया अध्याय मई 2025 में शुरू होने जा रहा है, जब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरेंगे। वे Axiom Mission 4 (Ax-4) का हिस्सा होंगे, जो भारतीय अंतरिक्ष यात्री के लिए एक ऐतिहासिक मिशन साबित होने जा रहा है। यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लिए भी एक अहम कदम है, जो भारत की अंतरिक्ष यात्रा में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। मिशन Ax-4 का उद्देश्य Axiom Mission 4 (Ax-4) एक 14 दिवसीय मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन होगा, जिसमें अंतरिक्ष यात्री वैज्ञानिक प्रयोग, शैक्षिक पहलों और व्यावसायिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस मिशन के तहत, शुभांशु शुक्ला भारत की समृद्ध संस्कृति को अंतरिक्ष में प्रदर्शित करेंगे। वे विभिन्न भारतीय राज्यों से जुड़ी सांस्कृतिक कलाकृतियां अपने साथ ले जाएंगे और माइक्रोग्रैविटी (Microgravity) वातावरण में योग करने का प्रयास भी करेंगे। शुभांशु शुक्ला का परिचय शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। वे भारतीय वायुसेना के एक अनुभवी पायलट हैं और Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier और An-32 जैसे लड़ाकू विमानों के पायलट रहे हैं। 2006 में भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त करने के बाद, उन्होंने 2,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव प्राप्त किया है। मार्च 2024 में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया। इसके अलावा, वे भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए भी अंतरिक्ष यात्री चुने गए हैं। मिशन की महत्वपूर्ण जानकारी कमांडर: इस मिशन का नेतृत्व पूर्व NASA अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन करेंगी, जो अब Axiom Space में मानव अंतरिक्ष उड़ान की निदेशक हैं। पायलट: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला इस मिशन के पायलट होंगे। अंतरिक्ष यात्री: मिशन में अन्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री भी शामिल होंगे, जिनमें पोलैंड और हंगरी के प्रतिनिधि शामिल हैं। मिशन के प्रभाव Ax-4 मिशन, न केवल भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा, बल्कि यह भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और मानव अंतरिक्ष मिशन की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। शुभांशु शुक्ला का यह अंतरिक्ष मिशन भारत के लिए गर्व की बात है और यह इस बात को भी प्रमाणित करता है कि भारत अब अंतरिक्ष यात्रा में पूरी तरह से आत्मनिर्भर है।  इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे, जिनमें: पेगी व्हिटसन: मिशन की कमांडर, पूर्व NASA अंतरिक्ष यात्री और Axiom Space की मानव अंतरिक्ष उड़ान निदेशक। शुभांशु शुक्ला: भारतीय अंतरिक्ष यात्री और मिशन के पायलट। स्लावोज़ उज़्नांस्की-विश्निव्स्की: पोलैंड के अंतरिक्ष यात्री, जो यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी से जुड़े हैं। टिबोर कपु: हंगरी के अंतरिक्ष यात्री, जो HUNOR मिशन का हिस्सा हैं। यह मिशन न केवल भारत के लिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक नया अध्याय है, और शुभांशु शुक्ला के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनना सचमुच गर्व की बात है।

RBI इस महीने जारी करेगा 50 रुपये का नया नोट, क्या है नए नोट की खासियत?

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 50 रुपए के नए नोट को लेकर एक अहम घोषणा की है, जिससे इस नोट को लेकर जनता में हलचल मच गई है। नए 50 रुपए के नोट में गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे, और इसे जल्द ही सर्कुलेशन में लाया जाएगा। RBI ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे पहले जारी किए गए सभी 50 रुपए के नोट वैध बने रहेंगे, यानी पुराना नोट चलन से बाहर नहीं होगा। साथ ही, यह नया नोट महात्मा गांधी (NEW) सीरीज के डिज़ाइन के अनुरूप होगा, जो पहले से जारी किए गए 50 रुपए के नोटों जैसा ही होगा। नए नोट का आकार और डिज़ाइन भी पहले जैसे होंगे, जिसमें फ्लोरोसेंट नीला रंग और हम्पी के रथ का चित्र शामिल होगा, जो भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है। क्या है नए नोट की खासियत?- इस नोट के पीछे हम्पी के रथ का चित्र है, जो भारतीय संस्कृति की समृद्धि और इतिहास को प्रदर्शित करता है। महात्मा गांधी (नई) सीरीज में जारी होने वाले इस नोट में कुछ नई सुरक्षा विशेषताएं भी होंगी, जो इसे और अधिक सुरक्षित बनाएंगी। पुराने नोट भी रहेंगे वैध- RBI ने यह भी कहा कि पुराने 50 रुपए के नोट जो पहले जारी किए गए थे, वे वैध मुद्रा बने रहेंगे और उनका कोई भी असर नए नोट पर नहीं पड़ेगा। 2000 रुपये के नोट की वापसी का अपडेट- वहीं, 2000 रुपए के नोटों को लेकर भी हाल ही में एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। रिजर्व बैंक ने बताया कि 31 जनवरी 2025 तक 98.15% 2000 रुपए के नोट वापस बैंकिंग सिस्टम में लौट चुके हैं, और अब भी कुछ पुराने नोट लोगों के पास हैं। नए नोट के जारी होने से पहले, यह एक अहम वक्त है जब जनता को पुराने और नए नोटों के बीच अंतर समझने और उनका इस्तेमाल सही तरीके से करने की आवश्यकता है।

दिल्ली में अब मुफ्त बस सफर करना है तो दो अहम शर्तों का करना होगा पालन, रजिस्ट्रेशन भी जल्द

नई दिल्ली दिल्ली में मुफ्त बस सफर की सुविधा पर रेखा गुप्ता सरकार दो अहम शर्तें लगाने जा रही है। राजधानी में मुफ्त बस यात्रा का लाभ अब उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जो दिल्ली की निवासी हैं। दूसरी शर्त यह है कि दिल्ली महिलाओं को भी इस सुविधा का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसका मतलब है कि यदि अन्य किसी राज्य की महिला दिल्ली में घूमने या अन्य किसी काम से आई है तो उसे बस में सफर के लिए टिकट का भुगतान करना होगा। यदि आप दिल्ली की रहने वाली हैं और रजिस्ट्रेशन करवाकर स्मार्ट कार्ड हासिल नहीं किया है तो आपको भी टिकट खरीदकर यात्रा करनी होगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने के लिए ‘स्मार्ट कार्ड’ जारी किया जाएगा, जो ‘लाइफटाइम’ वैध रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार बसों में मुफ्त यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड पाने की इच्छुक महिलाओं के लिए जल्द ही रजिस्ट्रेशन शुरू करेगी। यह कदम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र में पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर गुलाबी टिकट योजना के तहत भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। गुप्ता ने कहा था, ‘हम महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं… भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम महिलाओं के लिए डिजिटल यात्रा कार्ड शुरू करेंगे, जो उन्हें सरकारी बसों में कभी भी स्वतंत्र रूप से मुफ्त यात्रा करने की सुविधा देगा, जिससे टिकट से जुड़ा ‘गुलाबी भ्रष्टाचार’ खत्म हो जाएगा।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि दक्षता बढ़ाने के लिए टिकट प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल किया जाएगा। गुप्ता ने कहा था कि संपूर्ण प्रणाली का आधुनिकीकरण किया जाएगा और पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा त्रुटिपूर्ण योजनाओं में सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा था, ‘हमारा लक्ष्य दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, विश्वसनीय और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त बनाना है।’ ‘आप’ ने 2019 में भाई दूज के अवसर पर गुलाबी टिकट योजना पेश की थी, जिसके तहत महिलाओं को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती है। महिलाओं को गुलाबी टिकट के रूप में एकल यात्रा पास मिलते हैं, जिसमें दिल्ली सरकार प्रति टिकट 10 रुपये की लागत वहन करती है और जारी किए गए कुल टिकट के आधार पर बस कंपनियों को भुगतान करती है। अधिकारियों के अनुसार, भाजपा सरकार के अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर स्मार्ट कार्ड पहल पर काम शुरू करने की उम्मीद है। उन्होंने पात्रता मानदंड के बारे में बताया कि स्मार्ट कार्ड केवल दिल्ली में रहने वाली महिलाओं को जारी किया जाएगा, जिससे उन्हें बिना किसी पाबंदी के कहीं भी, कभी भी यात्रा करने की सुविधा मिलेगी।

उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीश घोषित करेंगे अपनी संपत्ति, ‘सभी जज पब्लिक करेंगे अपनी संपत्ति का ब्योरा’

नई दिल्ली  न्यायपालिका में पारदर्शिता और लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों ने पदभार ग्रहण करने के दौरान ही अपनी संपत्ति का ब्योरा पब्लिक करने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से यह फैसला 1 अप्रैल को की गई फुल कोर्ट मीटिंग में लिया गया है। इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया और यह भावी जजों पर भी लागू होगा। जजों ने यह भी कहा कि संपत्तियों से जुड़ी जानकारी सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। हालांकि, वेबसाइट पर संपत्ति की घोषणा करना स्वैच्छिक होगा। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर कहा गया है, ‘सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर संपत्ति की घोषणा करना स्वैच्छिक आधार पर होगा।’ रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना समेत सुप्रीम कोर्ट के 30 जजों ने अपनी संपत्ति का घोषणा पत्र कोर्ट में दिया है। वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत वरिष्ठ वकील आदिश अग्रवाल ने समाचार न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ‘मैं सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत करता हूं जिसमें जजों को अपनी संपत्ति आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित करने को कहा गया है। इसकी वजह से जनता का भरोसा बहाल होगा, जो पिछली घटनाओं के कारण थोड़ा कम हुआ है। मुझे उम्मीद है कि हाई कोर्ट के जज भी इसका अनुसरण करेंगे। इससे न्यायपालिका में पारदर्शिता और विश्वास सुनिश्चित होगा। जबकि 1977 में इसी तरह के प्रस्ताव पर विचार किया गया था, लेकिन इसे पूरी तरह से लागू नहीं किया गया था।’ जस्टिस वर्मा का इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े विवाद के बाद में आया है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बिल्कुल साफ किया कि जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज के तौर पर अपना नया पदभार संभालने के बाद कोई ज्यूडिशियल काम नहीं सौंपा जाएगा। बता दें कि भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पहले जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने की सिफारिश की थी। कॉलेजियम ने साफ किया कि यह ट्रांसफर उनके खिलाफ चल रही जांच से बिल्कुल अलग है। कमेटी ने पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज किए पिछले हफ्ते सीजेआई खन्ना ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यों की कमेटी का गठन किया है। टॉइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आयोग ने कथित तौर पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा और कुछ अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का बयान दर्ज किया है। ऐसा माना जा रहा है कि अरोड़ा ने आयोग को बताया कि स्टोर रूम एक गार्ड रूम से सटा हुआ था, जहां सीआरपीएफ के जवान तैनात थे और स्टोर रूम को बंद रखा जाता था। अरोड़ा ने आयोग को यह भी बताया कि उन्होंने 15 मार्च को शाम करीब 4.50 बजे सुप्रीम कोर्ट को घटना के बारे में सूचित किया था। उन्होंने आयोग को बताया कि जस्टिस वर्मा के निजी सचिव ने दिल्ली हाई कोर्ट के नाम से रजिस्टर फोन नंबर से पीसीआर कॉल की थी और सचिव ने कहा कि उन्हें जज के आवास पर मौजूद एक नौकर ने आग के बारे में सूचित किया था।

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के परिणाम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, इससे छात्रों में गहरा असंतोष

मेरठ चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से घोषित सेमेस्टर परीक्षाओं के आनलाइन परिणामों में व्यापक स्तर पर विसंगतियां सामने आई हैं। इससे छात्रों में गहरा असंतोष है। एक चौंकाने वाले मामले में, एक छात्र के पूर्व में जारी परिणाम में एक विषय में बाहरी परीक्षा में 26 और आंतरिक मूल्यांकन में 10 अंक दर्शाए गए थे, जिसके कुल 36 अंकों के साथ उसे उत्तीर्ण घोषित किया गया था। वहीं, हाल ही में जारी संशोधित परिणाम में उसी सेमेस्टर और विषय कोड के लिए अन्य छात्र को बाहरी परीक्षा में 23 और आंतरिक मूल्यांकन में 10 अंक दिए गए हैं, जिससे उसके कुल प्राप्तांक 33 हो गए हैं और उसे अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया है। पीजी सेमेस्टर परिणामों में भी गड़बड़ी इसी तरह, स्नातकोत्तर (पीजी) सेमेस्टर के परिणामों में भी गड़बड़ी देखने को मिली है। एक छात्र को थ्योरी परीक्षा में 17 अंक प्राप्त होने पर फेल कर दिया गया है, जबकि उसी परीक्षा में दूसरे छात्र को मात्र 11 अंक प्राप्त होने पर उत्तीर्ण घोषित किया गया है।   इसके अतिरिक्त, एक अन्य अनियमितता में, एक छात्र के पूर्व में घोषित परिणाम में उल्लिखित विषय कोड को नई एजेंसी की ओर से जारी परिणाम में पूरी तरह से बदल दिया गया है। इस तरह की गलतियां विश्वविद्यालय के बहुत से छात्रों के परीक्षा परिणामों में की है जिससे उनकी शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है। 20 फरवरी को जारी रिजल्ट में एक छात्र के सभी विषयों में पास दिखाते हुए फाइनेंसियल एकाउंटिंग में 26 प्लस 10 को मिलाकर कुल 36 अंक मिले। अब दोबारा परिणाम निकालने पर उसी छात्र के फाइनेंसियल एकाउंटिंग के अंक 23 प्लस 10 अंक मिलाकर 33 अंक दिख रहा और फेल दिखाया गया है। छात्रों ने इन अनियमितताओं पर कड़ी आपत्ति जताई है।   उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और परीक्षा परिणाम के लिए अधिकृत एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। छात्रों के अनुसार इस प्रकार की लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और विश्वविद्यालय प्रशासन को इन त्रुटियों को तुरंत सुधारना चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। छात्रों ने जानबूझकर किए कृत्य की आशंका से निष्पक्ष जांच कराने और संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की है।

वक्फ का सरकारी संपत्तियों और धार्मिक स्थलों पर भी गलत तरीके से उनका दावा और कब्जा होता गया: जांच रिपोर्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड जहां मुस्लिम समाज के गरीब लोगों की मदद के लिए वक्फ की गई बेशकीमती जमीनों की हेराफेरी करने का माध्यम बन गए, वहीं, सरकारी संपत्तियों और धार्मिक स्थलों पर भी गलत तरीके से उनका दावा और कब्जा होता गया। प्रदेश में दोनो वक्फ बोर्ड में कुल 1.32 लाख संपत्तियां दर्ज हैं। शासन स्तर से करायी गयी एक जांच की रिपोर्ट के अनुसार इसमें भी करीब 11712 एकड़ की 57792 संपत्तियां सरकारी हैं। हालांकि वक्फ काउंसिल के रिकार्ड की मानें तो संपत्तियों के पंजीकरण में भी दोनों वक्फ बोर्ड ने गोलमाल किया है। काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार दोनों वक्फ बोर्ड के पास 1.32 लाख नहीं, 2.15 लाख संपत्तियां पंजीकृत हैं। उत्तर प्रदेश में सरकारी जमीनों पर गलत तरीके से अवैध वक्फ के मामले की जांच पिछले साल करायी गयी थी। पिछले साल संसद में पेश हुए वक्फ संशोधन विधेयक के बाद गठित हुई संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) जब लखनऊ पहुंची तो यह रिपोर्ट साझा की गई थी।   इस रिपोर्ट के अनुसार सार्वजनिक उपयोग की भूमि और शत्रु संपत्ति पर अवैध तरीके से वक्फ बोर्ड अपना दावा कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदेश के 40 ऐसे जिले हैँ जिनकी सैकड़ों संपत्तियां शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड के रिकार्ड में तो दर्ज हैं नहीं, लेकिन तहसील रिकार्ड में उनका नामांतरण नहीं किया गया है। इन जिलों में फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़, एटा, कासगंज, अयोध्या, आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, जालौन, ललितपुर, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, हरदोई, रायबरेली, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़,बलिया, बदायूं, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, भदोही, मीरजापुर, सोनभद्र, बिजनौर,कौशांबी, प्रयागराज, चंदौली, जौनपुर, वाराणसी और महोबा शामिल हैं। वक्फ के रिकार्ड में भी हेराफेरी उत्तर प्रदेश में दोनों वक्फ बोर्ड के पास पंजीकृत संपत्तियों को लेकर ही सवाल उठ रहे हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास 1.24 लाख और शिया वक्फ बोर्ड के पास आठ हजार संपत्तियां पंजीकृत हैं। वक्फ काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास दो लाख और शिया वक्फ बोर्ड में 15 हजार संपत्तियां पंजीकृत हैं। इसकी पुष्टि शासन स्तर से हुई जांच की रिपोर्ट करती है। वक्फ बोर्ड के रिकार्ड के मुताबिक महोबा में एक भी संपत्ति दर्ज नहीं है। वहीं सोनभद्र में एक संपत्ति दर्ज है। जिलास्तर के गजट के अनुसार महोबा में 245 और सोनभद्र में 171 वक्फ संपत्तियां हैँ। दोनों वक्फ बोर्ड की दर्ज सपंत्तियों की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराने के लिए एक निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी गई थी। कंपनी ने पूरा डाटा ही फीड नहीं किया है। नहीं हो पा रहा आडिट वक्फ बोर्ड की कार्यशैली को लेकर पहले भी सवाल उठे हैँ। वर्ष 1976 में केंद्र की कांग्रेस की सरकार ने वक्फ संपत्तियों की जांच करायी थी, जिसमें मुतव्वली को अनावश्यक रूप से अधिक अधिकार को लेकर सवाल उठाए थे। वर्ष 2005 में सच्चर कमेटी ने भी वक्फ संपत्तियों का आडिट कराने की सिफारिश की थी। वर्ष 2017 में मेरठ-दिल्ली रोड पर अब्दुल्लापुर और कंकरखेड़ा में वक्फ की डेढ़ लाख बीघा जमीन को गलत तरीके से बेच दिया गया था। तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने तब इस मामले में एफआइआर दर्ज कराने के साथ वक्फ बोर्ड की सीएजी जांच कराने के लिए पत्र लिखा था। उस पर सीएजी की ओर से प्रदेश के दोनों वक्फ बोर्ड को आडिट में सहयोग करने के लिए बार-बार पत्र भेजे गए। हालांकि दोनों वक्फ बोर्ड ने आडिट में सहयोग ही नहीं किया।

कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हैदराबाद को दिया 201 रनों का टारगेट

कोलकाता कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच आईपीएल 2025 का 15वां मुकाबला गुरुवार को खेला जा रहा है। कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 200 रन बनाए हैं। टीम के लिए वेंकटेश अय्यर ने सर्वाधिक 60 रन बनाए। कोलकाता ने 20 ओवर में बनाए 200 रन कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुरुवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 200 रन बनाए हैं। टीम के लिए रघुवंशी और वेंकटेश अय्यर ने सबसे ज्यादा रन बनाए। वेंकटेश अय्यर की 60 रन की आतिशी पारी खत्म वेंकटेश अय्यर की आतिशी पारी खत्म हो चुकी है। उन्होंने 29 गेंदों में 7 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 60 रन बनाए। 19वें ओवर में 21 रन बटोरने के बाद उन्होंने आखिरी ओवर की पहली गेंद पर छक्का और दूसरी पर चौका जड़ा। लेकिन हर्षल पटेल के ओवर की तीसरी गेंद पर वह आउट हो गए। वेंकटेश अय्यर ने पूरा किया अर्धशतक वेंकटेश अय्यर ने 19वें ओवर में अपने बल्ले से रनों की बारिश कर दी। उन्होंने 3 चौकों और एक छक्के की मदद से इस ओवर में 21 रन बटोरे। पैट कमिंस की पहली गेंद पर अय्यर ने चौका, दूसरी पर छक्का, तीसरी पर चौका, चौथी पर चौका, पांचवीं पर 2 और आखिरी गेंद पर एक रन बटोरे।

बीएसएनल से जुड़े एक प्रश्न पर चर्चा चल रही थी, तभी धनखड़ ने मजेदार टिप्पणी की, बदल गया माहौल

Tiramahu firing case accused arrested

नई दिल्ली राज्यसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान सभापति जगदीप धनखड़ ने ऐसी बात कह दी, जिसने सदन का माहौल में हल्का कर दिया। सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनल से जुड़े एक प्रश्न पर चर्चा चल रही थी, तभी सभापति धनखड़ ने मजाकिया अंदाज में बीएसएनल का नया नामकरण कर दिया। उन्होंने कहा, बीएसएनल मतलब- “भाई साहब निश्चित लगेगा”। दरअसल, इससे पहले सदन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सांसद प्रफुल्ल पटेल ने कह रहे थे देश के दूर-दराज के इलाकों में निजी टेलीकॉम कंपनियों का नेटवर्क अक्सर काम नहीं करता, लेकिन बीएसएनएल वहां भी मौजूद रहता है और सेवाएं देता है। पटेल की इस टिप्पणी का समर्थन करते हुए सभापति धनखड़ ने कहा कि बीएसएनएल के कनेक्शन को लेकर लोगों के मन में भरोसा बना रहता है। इसी संदर्भ में उन्होंने बीएसएनएल को नया नाम देते हुए कहा, “भाई साहब निश्चित लगेगा,” यानी इस नेटवर्क पर भरोसा किया जा सकता है। बता दें कि बीएसएनएल एक सरकारी टेलीकॉम कंपनी है, जो मुख्य रूप से दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में संचार सेवाएं उपलब्ध कराती है। राज्यसभा में आज वक्फ बिल पर चर्चा राज्यसभा में बृहस्पतिवार को सरकार की तरफ से मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल पेश किया। रिजिजू ने कहा कि वक्फ़ संशोधन विधेयक को लेकर पहले सरकार और फिर संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) ने विभिन्न पक्षों से व्यापक विचार विमर्श किया और इसके जरिये वक्फ़ बोर्ड को समावेशी बनाया गया है। इससे पहले देर रात लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल बहुमत के साथ पास हो गया है। बिल के पक्ष में 288 मत पड़े थे। वहीं, विपक्ष के 232 सांसदों ने विरोध में मतदान किया।

विकास के साथ औद्योगिक गतिविधियों और जन हितैषी कार्यों का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में डबल इंजन की सरकार जनहितैषी संकल्पों के साथ अग्रसर है। उद्योग-व्यापार से लेकर खेलों तक राज्य में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और नीति आयोग के निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक विभाग में सुशासन के मूल भाव के साथ गतिविधियों की मॉनिटरिंग जारी है। राज्य सरकार के हर विभाग ने अपने-अपने क्षेत्र में श्रेष्ठतम कार्य करने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर अपनी पुरानी देनदारी चुका कर, नई दृष्टि से विकास के पैमानों पर आगे बढ़ रही है।विकास के साथ औद्योगिक गतिविधियों और जन हितैषी कार्यों का विस्तार इन्हीं दृढ़संकल्पों की परिणीती है। राज्य सरकार, प्रदेशवासी और अधिकारी- कर्मचारी एकजुट होकर एक भावना के साथ प्रगति पर अग्रसर हों, इसी मंशा के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया, बावजूद इसके गत वर्ष की तुलना में बजट में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई। कुशल वित्तीय प्रबंधन और सभी के सहयोग से सरकार हर क्षेत्र में अपने तय लक्ष्यों को प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के हित में लगभग 10-15 वर्ष तक पुराने भत्तों की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए वर्ष 2025-26 के बजट में राशि आवंटित की गई है, जिससे सरकार पर करीब 1500 करोड़ रुपए का व्यय भार आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर ही अपने अधिकारी-कर्मचारियों की बेहतरी का ध्यान रख पा रही है। उन्होंने कहा कि विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में प्रदेश को प्राप्त हो रही उपलब्धियों का श्रेय अधिकारी-कर्मचारियों को जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पुरानी सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया। हमारी सरकार ने एमएसएमई और हैवी इंडस्ट्रीज सहित सभी प्रकार की इकाइयों को गत एक वर्ष में लगभग 5 हजार 225 करोड़ रुपए की राशि देने का काम किया है। हमारी सरकार नवीन पहलों के माध्यम से उद्योगों के लिए निरंतर सकारात्मक वातावरण बना रही है। राज्य सरकार विकास के लिए प्रदेश से जुड़ने वाले उद्योगों से किये गये अपने सभी संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर सभी केंद्रीय कोयला कंपनियों की देनदारियों का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। जेनरेशन कंपनी के चारों ताप विद्युत गृहों के कुशल प्रबंधन के फलस्वरूप अब तक का सर्वाधिक 11.73 लाख मैट्रिक टन कोयले का भंडारण किया गया है। ताप विद्युत गृहों में उपयोग के लिए कोयला भंडारण का अग्रिम भुगतान भी सरकार की ओर से किया जा चुका है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को लोकसभा में वक्फ़ बिल पारित होने पर बधाई देकर धन्यवाद ज्ञापित किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरूवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में मध्यप्रदेश वक्फ़ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सनवर पटेल के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने लोकसभा में वक्फ़ बिल पारित होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई और शुभकामनाएं देकर एक स्वर में कहा कि बिल से मुस्लिम समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को उनका जायज़ हक मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि बिल के पारित होने से मुस्लिम समाज की संपत्तियों को कानूनी सुरक्षा प्राप्त होगी। इससे समाज के कमजोर तबके को न्याय मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वक्फ़ संपत्तियों के उचित संरक्षण, नियोजन और उनके न्यायोचित उपयोग के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए समुचित कदम उठाए हैं। उसी में वक्फ बोर्ड के नियम में इस प्रकार के संशोधन/प्रावधान करना जरूरी थे। वास्तविक गरीब से गरीब आदमी को वक्फ बोर्ड से लाभ मिले, खासतौर पर जरूरतमंद लोगों को। उन्होंने कहा कि कुछ शक्ति सम्पन्न लोगों ने अपने हित में वक्फ की सम्पत्ति पर अवैध कब्जे कर लिए थे, ताकि उनका आधिपत्य और वक्फ की सम्पत्ति पर दखल हमेशा बना रहे। यह ठीक किया जाना जरूरी था। इन सब व्यवस्थाओं में बदलाव के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बड़ी शुरूआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वक्फ़ समिति के अध्यक्ष, सभी पदाधिकरियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने भोपाल शहर के मुस्लिम समाजजनों के बीच इस तथ्य को मजबूती के साथ सबके सामने रखा है। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण और गरीबों को उनका वाजिब हक़ दिलाने के लिए सबके साथ खुले मन से चर्चा करके सबके हित में निर्णय लेना जरूरी था और यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा में यह बिल पारित हो गया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य सभा खुलकर चर्चा कर नियम-कानून और व्यवस्था बनाने के लिए ही जानी जाती है। लोकसभा में बहुमत से यह बिल पारित हुआ है। वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के मूल में महिलाओं, गरीबों, जरूरतमंदों और सही अर्थ में वक्फ की ताकत अपने जरूरतमंद मुस्लिम बंधुओं को देने का भाव निहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के सदस्यों ने भोपाल शहर में जो जन आंदोलन चलाया, इसका एक अच्छा संदेश पूरे देश में प्रसारित हुआ कि हमारे यहां कानून को मानने और पालन करने वाली जनता रहती है। वक्फ़ बिल के समर्थन में इस सहयोग से हर वर्ग के मन में केन्द्र सरकार और इसकी रीति-नीति के प्रति जनविश्वास सुदृढ़ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुस्लिम समाज के सभी जनप्रतिनिधियों को वक्फ़ बिल के समर्थन के लिए बधाई और साधुवाद दिया। प्रतिनिधि मंडल में श्री एम. एजाज खान, श्री शहरयार अहमद, श्री इरशाद अंसारी, श्री असलम इलियास, श्री अब्दुल रज्जाक खान, श्री यावर खान, श्री सैफ खान, श्री लियाकत खान सहित भोपाल शहर के मुस्लिम संगठनों के पदाधिकारी एवं समाज के वरिष्ठजन उपस्थित थे।  

हर आदमी एयर प्यूरीफायर नहीं खरीद सकता, सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा बैन पर ढील से इनकार

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लगी रोक पहले की तरह बरकरार रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के उत्पादन, भंडारण और और बिक्री में ढील देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वायु प्रदूषण का स्तर लंबे समय तक चिंताजनक स्थिति में था। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा कि आबादी का एक बड़ा हिस्सा सड़कों पर काम करता और प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित है। बेंच ने कहा कि प्रदूषण का मुकाबला करने के लिए हर आदमी घर या कार्यस्थल पर एयर प्यूरीफायर नहीं खरीद सकता है। कोर्ट ने कहा,’इस अदालत से पिछले 6 महीने में पास किए गए कई ऑर्डर दिल्ली में बहुत अधिक प्रदूषण की वजह से उत्पन्न भयानक स्थिति को रिकॉर्ड पर रखा है। स्वास्थ्य का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 का अहम हिस्सा है, इसी तरह प्रदूषणमुक्त वातावरण में जीने का अधिकार भी।’ बेंच ने कहा कि अदालत जब तक इस बात से संतुष्ट नहीं होती कि कथित ग्रीन पटाखों से न्यूनतम प्रदूषण होता है, पिछले आदेश पर विचार का सवाल पैदा नहीं होता है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि समय-समय पर दिए गए आदेशों से यह पता चलता है कि पटाखों के उपयोग पर प्रतिबंध दिल्ली में उत्पन्न असाधारण स्थिति की वजह से जरूरी थे।

चिराग और पशुपति पारस में खींचतान!, रामविलास पासवान के 2 मंजिला घर के बहाने सीट की लड़ाई

खगड़िया शहरबन्नी स्थित एक दो मंजिला मकान को लेकर शुरू हुआ पासवान परिवार (चिराग पासवान और पशुपति पारस) का विवाद राजनीतिक रंग ले चुका है। इस मकान में दशकों से चिराग पासवान की बड़ी मां राज कुमारी देवी रह रही हैं। फिलहाल, राज कुमारी देवी पासवान परिवार की राजनीतिक विवाद में केंद्र बिंदु के रूप में उभरी हैं।   अपनी दोनों देवरानियों (पशुपति पारस की पत्नी शोभा देवी और स्व. रामचंद्र पासवान की पत्नी सुनैना देवी) के बहाने रालोजपा सुप्रीमो पशुपति पारस पर हमलावर हैं। चिराग ने इस पर अभी कुछ नहीं कहा है, लेकिन माना जा रहा है कि यह अलौली विधानसभा सीट की लड़ाई है।   अलौली सीट पर चाचा-भतीजे की नजर अलौली और खगड़िया की राजनीति पर नजर रखने वाले कहते हैं- घर के बहाने सीट (अलौली सुरक्षित विधानसभा) पर लोजपा (रामविलास) सुप्रीमाे चिराग पासवान और राष्ट्रीय लोजपा सुप्रीमो पशुपति पासवान की नजर है। बताते चलें कि यह सीट पासवान परिवार से वर्षों से दूर हैं और अब चाचा-भतीजा दोनों की नजर इस सीट पर गड़ी हुई है। चिराग हर हाल में यह सीट अपनी पार्टी के नाम करना चाहते हैं। दूसरी ओर, यहां से सात बार एमएलए रहे पशुपति कुमार पारस अपने पुत्र यशराज पासवान उर्फ मुस्कान को यहां से चुनावी मैदान में उतारना चाह रहे हैं।यशराज की फिल्डिंग महीनों से जारी है। इधर, राष्ट्रीय लोजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने दैनिक जागरण से कहा है कि चिराग पासवान अपने खास व्यक्ति को अलौली से चुनाव लड़ाना चाह रहे हैं, इसलिए बड़ी मां राज कुमारी देवी को आगे कर षड्यंत्र रच रहे हैं। चिराग पासवान को राजनीति में इमोशनल कार्ड का इस्तेमाल करने में महारथ हासिल है। वहीं, सूत्रों की माने तो चिराग पासवान अपने एक निकटतम रिश्तेदार को चुनाव लड़ाना चाह रहे हैं। यशराज के सवाल पर रालोजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता कहते हैं कि यशराज पासवान के खून में ही राजनीति है और एक बड़े राजनीतिक परिवार से आते हैं। वे कहते हैं- यशराज पासवान का गांव-घर शहरबन्नी है। वे यहां घूम नहीं सकते? यह तो उनकी पारंपरिक सीट है। इधर, श्रवण अग्रवाल ने कहा है कि शहरबन्नी असामाजिक तत्व पहुंच रहे हैं। राज कुमारी देवी को बिहार सरकार और खगड़िया एसपी सुरक्षा प्रदान करे।     वहीं, लोजपा(रा) के खगड़िया जिलाध्यक्ष शिवराज यादव ने कहा है कि जो लोग श्रद्धेय रामविलास पासवान को अपना ‘राम’ कहते रहे, उनके द्वारा उनके परिवार के खिलाफ अनर्गल टिप्पणी करना गलत है। उन्होंने कहा कि लोजपा (रा) भी राज कुमारी देवी की सुरक्षा की मांग पुलिस-प्रशासन से करती है। हमारी यह भी मांग है कि पुलिस-प्रशासन असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई करे। इधर, गुरुवार को राज कुमारी देवी की छोटी बेटी आशा पासवान और दामाद साधु पासवान भी शहरबन्नी पहुंचे। साधु पासवान ने कहा कि यह पारिवारिक मामला है। घर के बड़े बुजुर्ग बैठ जाएं और फैसला करे लें। सुलह कर लें। चिराग जी, माता जी (राज कुमारी देवी) और चाचा जी (पशुपति पारस) आपस में बैठें। उन्होंने कहा, घर में ताला नहीं लगना चाहिए। राज कुमारी देवी सबसे बड़ी हैं और उनका सम्मान होना चाहिए। मालूम हो कि दोनों देवरानियों ने राजकुमारी देवी का सामान घर के कमरों से बाहर निकालकर ताला लगा दिया था। इस मामले को लेकर राजकुमारी देवी ने थाने में केस भी किया है। गुरुवार काे राज कुमारी देवी ने कहा कि चिराग आ रहा है। उनके आने के बाद ही आगे की कोई बात होगी।

भाजपा द्वारा मुसलमानों के प्रति दिखाई गई ‘चिंता’ मुहम्मद अली जिन्ना को भी शर्मिंदा कर देगी: उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र वक्फ बिल को मुसलमानों के लिए हितैषी बताने वाली भाजपा की दलीलों पर उद्धव ठाकरे ने तंज कसा है। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा मुसलमानों के प्रति दिखाई गई ‘चिंता’ मुहम्मद अली जिन्ना को भी शर्मिंदा कर देगी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा मुसलमानों के हित की बात कर रही है और हम उसके खिलाफ हैं तो फिर बताइए कि हिंदुत्व किसने छोड़ा है। वे तो हम पर आरोप लगाते रहे हैं कि हम लोग हिंदुत्व के सिद्धांतों से भटक गए हैं और समझौता कर लिया है। अब सच्चाई यह है कि भाजपा कह रही है कि वह सेकुलर कानून लेकर आई है, जिससे मुसलमानों का हित होगा। उन्होंने गुरुवार को अपने आवास मातोश्री पर मीडिया से बात की। उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा केंद्र में तीसरी बार जीत चुकी है और सब कुछ ठीक चल रहा है, फिर भी वह हिंदू-मुस्लिम मुद्दे उठा रही है। इससे पता चलता है कि शायद सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति क्या है। वह खुद ही बता दे। कभी हमसे कहती है कि हम हिंदुत्व से भटक गए हैं और फिर उसी की तरफ से उनको सौगात-ए-मोदी की भेंट दी जाती है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर भाजपा को मुसलमान नापसंद हैं तो उसे अपनी पार्टी के झंडे से हरा रंग हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने पहले ईद का सेलिब्रेशन किया और फिर संसद में वक्फ बिल लेकर आ गए। उद्धव ठाकरे ने वक्फ बिल के विरोध की वजह बताते हुए कहा कि हम इसलिए खिलाफ रहे क्योंकि भाजपा इसके जरिए जमीन हथियाना चाहती है। उनकी नीयत साफ नहीं है। इसलिए हम बिल के खिलाफ रहे। उन्होंने कहा कि अमित शाह बिल के पक्ष में बात करते हुए कहते हैं कि यह मुस्लिमों की बेहतरी के लिए है। हम पर इसका विरोध करने के लिए गुस्सा होते हैं। फिर बताएं कि हिंदुत्व किसने छोड़ दिया है। यही नहीं उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार तो इस बिल को अमेरिकी ऐक्शन से ध्यान भटकाने के लिए लाई है। उद्धव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश को अमेरिकी शुल्क के आसन्न खतरे और इसे कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताना चाहिए था।

दिल्ली को साफ और सांस लेने लायक बनाने के लिए दिल्ली की रेखा सरकार ने 70 लाख नए पौधे लगाने का किया दावा

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली पलूशन से आए दिन दो चार होती है। राहत दिलाने के लिए और दिल्ली को साफ और सांस लेने लायक बनाने के लिए दिल्ली की रेखा सरकार ने 70 लाख नए पौधे लगाने का दावा किया है। इसके साथ ही रेखा गुप्ता ने बीती सरकार पर जमकर निशाना भी साधा। उन्होंने बीती सरकार (आप) में पौधे लगाने के नाम पर बर्बाद हुए पैसों का भी जिक्र किया। सीएम रेखा ने तंज भरे लहजे में कहा कि इससे पहले की सरकारें पौधे लगाती थीं, लेकिन कागजों में। इसके लिए उन्होंने आप की विधायक के कार्यकाल में पौधे लगाने के नाम पर किस तरह का रवैया अपनाया गया, इसका जिक्र भी किया। सीएम ने कहा कि मैं आपको अपनी विधानसभा शालीमार बाग का हाल बताती हूं। पिछली सरकार की पिछली विधायक ने 8 करोड़ रुपये का टेंडर उठाया कि पौधे लगाएंगे। सीएम ने दावा करते हुए कहा कि एक भी पौधा कहीं नहीं लगाया गया। ऐसा हर जगह हुआ है। पूरी दिल्ली में ऐसा हुआ है। सीएम ने दावा करते हुए कहा कि कागजों पर पौधे लगे, उगे और जो फल लगे उन्हें सरकार के ये लोग खा गए। सरकार ने जो कुछ किया उसका एक भी पर्सेंट लाभ जनता को नहीं मिला। इसके बाद सीएम ने विधानसभा में जनता से वादा किया कि हमारी सरकार में 70 लाख नए पौधे लगाने का काम करेंगे। ऐसा हमने प्रण किया है। सीएम ने इसे हरित दिल्ली, ग्रीन दिल्ली के तहत करने की बात कही है। बीती दो बार से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी। इस बार जनता ने बदलाव का रास्ता चुना और 27 साल बाद विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी की वापसी हुई और आप विपक्ष की भूमिका में आ गई। आप की हार के बाद दोनों दलों में खींचतान तेज हो गई है। आए दिन एक नया मामला सामने आता है। इस कड़ी में सबसे बड़ा उदाहरण कैग रिपोर्ट हैं। इनमें आप सरकार के सही-गलत कामों का जिक्र किया गया है।

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