LATEST NEWS

मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर की कुल आय 133 करोड़ तक पहुंची, तोड़े सारे रिकॉर्ड

मुंबई मुंबई का प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक कमाई को लेकर चर्चा में है। मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 में मंदिर की कुल आय 133 करोड़ तक पहुंच गई, जो पिछले वित्तीय वर्ष (2023-24) की तुलना में 16% अधिक है। मंदिर की कमाई में सबसे बड़ा योगदान श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे का रहा। इसके अलावा, पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों से 20 करोड़ की आय हुई। मंदिर को विभिन्न स्रोतों से आय प्राप्त होती है, जिनमें दान पेटियां, ऑनलाइन भुगतान, धार्मिक अनुष्ठान, प्रसाद बिक्री और सोना-चांदी की नीलामी शामिल हैं। ट्रस्ट के एक अधिकारी के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले लड्डू और नारियल वड़ी की बिक्री में 32% की वृद्धि दर्ज की गई। मंदिर प्रशासन रोजाना करीब 10,000 लड्डू भक्तों को वितरित करता है। गुड़ी पड़वा पर सोना-चांदी से रिकॉर्ड कमाई ट्रस्ट के अनुसार, इस वर्ष गुड़ी पड़वा के अवसर पर सोना-चांदी की नीलामी से रिकॉर्ड 1.33 करोड़ की कमाई हुई, जो पिछले वर्ष के 75 लाख की तुलना में लगभग दोगुनी है। श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट की मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीणा पाटिल ने बताया कि मंदिर में भक्तों की बढ़ती संख्या और प्रशासनिक सुधारों के कारण आय में यह उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी अनुमान लगाया कि चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) में मंदिर की कुल आय 154 करोड़ तक पहुंच सकती है। दान का समाज कल्याण में उपयोग मंदिर ट्रस्ट अपनी आय का 20% सामाजिक कल्याण कार्यों पर खर्च करता है। इसमें मेडिकल सहायता, डायलिसिस सेंटर का संचालन, 18 प्रकार की गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा, ट्रस्ट कॉलेज के छात्रों के लिए बुक बैंक सुविधा प्रदान करता है और मंदिर परिसर के पास एक अध्ययन कक्ष भी संचालित करता है। ट्रस्ट उन किसानों के बच्चों की शिक्षा का खर्च भी उठाता है, जिनके परिवार के सदस्य आत्महत्या कर चुके हैं। वीणा पाटिल ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करते हैं कि भक्तों द्वारा दिया गया दान और चढ़ावा समाज के कल्याण के लिए उपयोग किया जाए।” भविष्य में और बढ़ेगी कमाई मंदिर ट्रस्ट को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भक्तों की संख्या में और अधिक वृद्धि होगी, जिससे आय में और भी इजाफा होगा। इसके साथ ही, प्रशासनिक सुधारों और तकनीकी सुविधाओं के विस्तार से मंदिर की सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा रहा है।

वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट पर अचानक जमीन धंसी, जमीन के साथ ही दुकानें भी एक तरफ लुढ़क गईं

वाराणसी वाराणसी के सबसे प्रसिद्ध नमो घाट पर बुधवार की शाम जमीन धंसने से हड़कंप मच गया। जिस जगह पर जमीन धंसी वहां कई दुकानें भी लगीं थीं। जमीन के साथ ही दुकानें भी एक तरफ लुढ़क गईं। इससे दुकानदार और ग्राहक भाग खड़े हुए। अचानक हुए हादसे से अफरातफरी मच गई। फिलहाल वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने रस्सी की बैरिकेडिंग लगाकर लोगों का आना-जाना बंद कर दिया है। हादसे की जानकारी मिलते ही कार्यदायी संस्था और नगर निगम के अधिकारी भी घटना का जायजा लेने के लिए रवाना हो गए हैं। इस समय वाराणसी में पर्यटकों को सबसे ज्यादा नमो घाट ही लुभा रहा है। बनारस के किसी भी घाट पर जाना हो तो वीवीआईपी भी इसी घाट से स्टीमर और क्रूज की सवारी करते हैं। यही एकमात्र घाट है जहां गंगा के सबसे करीब तक वाहन आ जा सकते हैं। घाट पर है दर्जनों कारों और दो पहिया वाहनों के लिए पार्किग भी बनाई गई है। यहां बने नमस्ते वाले स्कल्पचर काशी के सबसे बड़े सेल्फी प्वाइंट भी हैं। देश-विदेश से बनारस आने वाले पर्यटक इस घाट का नजारा लेने जरूर आते हैं। यहां से सुबह-ए-बनारस का अलौकिक नजारा देखने को मिलता है। यह बनारस का इकलौता घाट है जहां पर हेलीपैड भी बनाया गया है। बहुत जल्द यहां से अयोध्या और अन्य जिलों के लिए हेलीकाफ्टर सेवा भी शुरू करने की योजना है।

सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन विधेयक को सहिष्णुता और विविधता के खिलाफ बताया

नई दिल्ली सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बिल सहिष्णुता और विविधता के खिलाफ है। इस बिल के जरिए संविधान को कमजोर किया जा रहा है, जो सबको संरक्षण की गारंटी देता है। इमरान मसूद ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए काशी विश्वनाथ ट्रस्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड में 22 मेंबर होंगे और उनमें से 10 ही मुसलमान होंगे। इस तरह गैर-मुस्लिम भाइयों का वक्फ बोर्ड में बहुमत होगा। अभी काशी विश्वनाथ ट्रस्ट को लेकर नियम है कि डीएम पदेन अधिकारी होगा। लेकिन यदि मौके पर डीएम कोई मुस्लिम होगा तो उससे नीचे या फिर ऊपर कोई और अधिकारी पदेन अध्यक्ष होगा। इमरान मसूद ने कहा कि भीमराव आंबेडकर के संविधान में सभी नागरिकों के संरक्षण का वादा किया था। उनका कहना था कि राजनीतिक लोकतंत्र तब तक नहीं टिक सकता, जबकि उसकी बुनियाद में सामाजिक लोकतंत्र न हो। संविधान सभी को समानता की गारंटी देता है। वक्फ बिल को जिन लोगों ने ड्राफ्ट किया था, उनमें से ज्यादातर वही थे, जिन्हें उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। 90 फीसदी लोग नहीं बता पाएंगे कि पाकी और नापाकी क्या होता है। यह बात सिर्फ मुसलमान ही बता पाएंगे। मुसलमान ही बता पाएंगे कि उनकी क्या जरूरत है। वक्फ का मैनेजमेंट तो सरकार के ही हाथ में है। वक्फ बिल के एक-एक प्रावधान पर जमकर बोले इमरान मसूद विभिन्न राज्यों के बोर्डों द्वारा बताया गया कि कितनी वक्फ संपत्तियों पर विवाद है। अब जो वक्फ बिल है, उसमें लिखा है कि वही संपत्ति बोर्ड के दायरे में होगी, जो पूरी तरह विवाद से मुक्त हो। यूपी में 11,5000 हेक्टेयर भूमि को सरकारी घोषित कर दिया गया है और विवाद है। अब नए बिल के अनुसार यह संपत्ति वक्फ की नहीं रह जाएगी। वक्फ की संपत्ति के विवादों को सुनने की ताकत अब ट्राइब्यूनल से बाहर की जा रही है। लेकिन यह नहीं बताया जा रहा है कि सक्षम अधिकारी कब तक फैसला देंगे। इस तरह से संपत्ति पर जब तक विवाद समाप्त नहीं होगा, तब तक उस पर अधिकार सरकार का होगा। अब जो स्थिति है, उसमें वक्फ संपत्ति पर अतिक्रमण करने वाले लोग भी जाकर दावा कर सकेंगे। इस तरह उनके सामने खुला मैदान होगा कि वे चाहें तो कब्जा ही जमा लें। ‘कोई और ट्रस्ट बताएं, जिसमें दूसरे धर्मों के लोगों की एंट्री हो’ कांग्रेस नेता ने कहा कि आप कोई और दूसरा ट्रस्ट बताइए, जो धर्म के नाम पर हो और उनके साथ ऐसा हो रहा हो। आपकी नजर दूसरे समुदायों की जमीन पर भी है। उन्होंने कहा कि हमें अभी सौगात-ए-मोदी मिली, जिसमें ईद की सेवाइयां थीं। हमें ऐसी सौगात नहीं चाहिए बल्कि वह सौगात दीजिए, जिससे हमारे सीने पर गोलियां न मारी जाएं। हमें समानता का अधिकार मिले। ऐसा कानून लाएं और हमारी रक्षा की जाए।

पार्थ योजना और खेलो-बढ़ो अभियान को करें क्रियान्वित : मंत्री सारंग

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने पार्थ (पीएआरटीएच) योजना और खेलो-बढ़ो अभियान के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये है। उन्होंने कहा है कि पार्थ योजना और खेलो-बढ़ो अभियान के जरिये ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी इससे लाभान्वित हो, इसकी तैयारी की जाये। मंत्री श्री सारंग बुधवार को तात्या टोपे स्टेडियम स्थित मेजर ध्यान चंद हॉल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने दोनों योजना और अभियान को मूर्तरूप से धरातल पर उतारने को कहा। उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 9-10 संभाग में इसको त्वरित गति से अग्रसर किया जाये। इसकी विभाग और शासन स्तर की कार्रवाई पूर्ण करें और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो-बढ़ो अभियान 1 मई से शुरू हो। प्रारंभ में इसके लिये 37 जिले चयनित किये गये है। सोशल मीडिया से भी इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाये, जिससे प्रदेश का टैलेन्ट सामने आये। इसका कैलेण्डर तैयार कर लिया जाये। साथ ही बच्चों के पालकों के साथ भी मोटिवेशन वार्तालाप हो। मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिये कि सितम्बर से खेलो एम.पी. गेम्स की शुरूआत की जाये, जिससे मध्यप्रदेश की टीम तैयार हो और वही नेशनल चैम्पियनशिप में भाग ले। बैठक में भेल स्पोर्टस कॉम्पलेक्स, खेलो एम.पी. यूथ गेम्स, प्रकाश तरूण पुष्कर, फिट इंडिया क्लब और नेशनल चैम्पियनशिप पर भी चर्चा की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक श्री राकेश गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव सहित खेल अधिकारी उपस्थित थे।  

दिल्ली के द्वारका सेक्टर-24 इलाके में तड़के एक गैराज में आग लगने से 11 कारें जलकर हुई खाक

नई दिल्ली दिल्ली के द्वारका सेक्टर-24 इलाके में बुधवार तड़के एक गैराज में आग लगने से 11 कारें जलकर खाक हो गईं। यह घटना द्वारका के धूलसिरस स्थित एक गैराज में हुई। आग लगने की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग (डीएफएस) के कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गए। इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। यह घटना दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में गैराज में लगी आग के बाद हुए भारी नुकसान को दर्शाती है। हालांकि किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा और आग से संबंधित प्रबंधन की अहमियत को फिर से उजागर किया है। अब इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जरूरी उपाय किए जा सकें। आग लगने की सूचना और दमकल की कार्रवाई दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग के अधिकारी ने बताया कि आग लगने की सूचना बुधवार तड़के 2.58 बजे मिली। जैसे ही यह सूचना मिली, दमकल विभाग ने घटनास्थल पर तुरंत नौ दमकल गाड़ियों को भेजा। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के लिए संघर्ष किया और अग्निशमन अभियान सुबह 4.05 बजे तक जारी रहा। अधिकारियों ने बताया कि आग में 11 कारें पूरी तरह से जल गईं, साथ ही कुछ कल पुर्जे और स्पेयर पार्ट्स भी जलकर राख हो गए। आग की लपटें बहुत तेज थीं, जिससे गैराज के अंदर खड़ी कारों और अन्य सामान को भारी नुकसान हुआ। कारणों की जांच हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, यह शॉर्ट सर्किट की वजह से हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी। आग के कारणों का पता लगाने के लिए एक टीम घटनास्थल पर मौजूद है और जांच जारी है। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं गैराज के अंदर उस वक्त कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, इस वजह से किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। आग की तीव्रता को देखते हुए अधिकारियों ने यह कहा कि अगर समय पर दमकल गाड़ियां न पहुंची होतीं, तो स्थिति और भी खराब हो सकती थी। आग बुझाने में हुई कठिनाइयाँ दमकल अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के दौरान उन्हें बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि गैराज के अंदर गाड़ी के तेल और अन्य ज्वलनशील सामग्री थी, जिससे आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। बावजूद इसके, दमकल कर्मचारियों ने अपनी तत्परता और पेशेवर तरीके से आग पर काबू पाया। आगे की कार्रवाई अब पुलिस और दमकल विभाग की टीम जांच कर रही है कि आग किस कारण से लगी और इसके पीछे किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं थी। इसके अलावा, गैराज मालिक से भी पूछताछ की जा रही है। यह घटना द्वारका इलाके के निवासियों के लिए चिंताजनक है, क्योंकि इस तरह की घटनाओं से स्थानीय सुरक्षा को लेकर सवाल उठ सकते हैं।

मंत्री पटेल ने कहा- दीदी कैफे से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ बढ़ रही है सामाजिक प्रतिष्ठा

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्म-निर्भर एवं स्वावलंबी बनाना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित आजीविका स्वाद संगम (दीदी कैफे) ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि करने का साधन बन रहे हैं। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि स्व-सहायता समूह न केवल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति को बेहतर कर रहे हैं बल्कि उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी बढ़ा रहे हैं। मंत्री श्री पटेल ने बुधवार को विकास भवन एवं भोपाल हाट बाजार ने समूहों द्वारा संचालित आजीविका स्वाद संगम (दीदी कैफे) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, सीईओ एसआरएलएम श्रीमती हर्षिका सिंह, सीईओ आरआरडीए श्री दीपक आर्य, आयुक्त मनरेगा श्री अवि प्रसाद सहित अधिकारी-कर्मचारी और स्व-सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रही। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि शास्त्रों एवं परंपरागत ज्ञान में उल्लेख है कि भोजन में स्वाद भोजन सामग्री के साथ ही बनाने वाले के भाव का भी होता है। दीदी कैफे में भोजन स्वादिष्ट है क्योकि इसे तैयार करने वाली महिलाओं का अपनापन इसमें शामिल है। उन्होंने भोपाल हाट बाजार में मिलेट से तैयार व्यंजनो के लिए कैफे स्थापित करने की पहल की सराहना की। उन्होंने दोनों कैफे का अवलोकन कर व्यवस्थाएं देखी। उन्होंने समूह की महिलाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। मंत्री श्री पटेल ने कैफे में सफाई व्यवस्था एवं कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विकास भवन स्थित कैफे का संचालन संगम सीएलएफ के आठ समूह सदस्यों एवं हाट बाजार मिलेट कैफे का संचालन उड़ान सीएलएफ की पांच समूह सदस्यों द्वारा किया जा रहा है। आजीविका स्वाद संगम (दीदी कैफे) मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के क्लस्टर डवलपमेंट के तहत एक पहल है, जिसमें स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाता है और उन्हें तकनीकी समर्थन एवं वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाता है। इससे वे स्वयं के द्वारा संचालित कैन्टीन, केटरिंग ऑपरेशन, “कियोस्क और फूड ट्रक जैसे खाद्य आधारित उद्यम स्थापित कर सकें। राज्य में आजीविका स्वाद संगम के विभिन्न खाद्य उद्यम स्थापित किए गए हैं जिसमें, स्व-सहायता समूह की प्रशिक्षण प्राप्त उद्यमी अपने स्वाद के आधार पर आजीविका के नये आयाम विकसित कर रही हैं। इन दीदीयों द्वारा प्यार से तैयार किया गया, प्रत्येक व्यंजन कौशल, परंपरा और अटूट समर्पण का प्रमाण हैं। दीदी के हाथों से बने पकवानों का स्वाद, उनके स्वावलंबन, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का अनुभव कराता है। अपने प्रयासों से, ये दीदीयाँ अपनी उद्यमशीलता की भावना और सामुदायिक उत्थान के प्रति प्रतिबद्धता से भी प्रेरित करती हैं। दुनिया में भारत मोटे अनाजों का सबसे बड़ा उत्पादक है। मोटे अनाज प्राचीन अद्भुत अनाज है, यह बेहतर स्वास्थ्य के लिए पोषण का भंडार है। वर्ष 2018 में भारत ने मोटे अनाजों को “न्यूट्री- सेरेल्स” घोषित किया है। गेहूँ और चावल की तुलना में मोटे अनाजों में उच्च प्रोटीन, फाइबर और खनिज पाए जाते हैं, मोटे अनाज अत्याधिक पौष्टिक होते हैं। मोटे अनाज माइग्रेन और दिल के दौरे के प्रभाव को कम करने में मदद करता हैं। मोटे अनाजों में नियासिन (विटामिन-बी 3) पाया जाता है, जो कि कॉलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। मोटे अनाजों का सेवन हृदय रोग और मधुमेह को रोकने में कारगर है। मोटे अनाज ग्लूटेन फ्री और नॉन-एलर्जिक होते हैं।  

जफर अली की जमानत याचिका पर सुनवाई केस डायरी उपलब्ध ना होने के कारण 4 अप्रैल तक के लिए टली

संभल संभल स्थित शाही जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष जफर अली की जमानत याचिका पर सुनवाई केस डायरी उपलब्ध ना होने के कारण 4 अप्रैल तक के लिए टाल दी गई। एक वकील ने बुधवार को बताया कि शाही जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष जफर अली को 23 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और उनकी जमानत याचिका पर पहले 27 मार्च को सुनवाई होनी थी। उस दिन चंदौसी में न्यायाधीश निर्भय नारायण राय की एडीजे-2 अदालत ने अली की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी और उनकी स्थायी जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए दो अप्रैल की तारीख तय की थी। उन्होंने बताया कि हालांकि, केस डायरी उपलब्ध न होने के कारण मामले को अब चार अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश सैनी ने बताया कि आज की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने केस डायरी नहीं होने का हवाला देते हुए जफर अली को अंतरिम जमानत देने का अनुरोध किया। हालांकि, मैंने दलील दी कि उनकी अंतरिम जमानत पहले ही खारिज हो चुकी है, इसलिए याचिका को फिर से खारिज किया जाना चाहिए। न्यायालय ने इस दलील को स्वीकार करते हुए अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। 4 अप्रैल तक केस डायरी उपलब्ध कराई जाए और तब स्थाई जमानत याचिका पर होगी सुनवाई उन्होंने कहा कि अदालत ने अब निर्देश दिया है कि 4 अप्रैल तक केस डायरी उपलब्ध कराई जाए और तब स्थाई जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। अली को मुगलकालीन मस्जिद के न्यायालय द्वारा आदेशित सर्वेक्षण के विरोध में 24 नवंबर को हुई हिंसा के संबंध में पूछताछ के बाद 23 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उसी दिन चंदौसी की एक अदालत ने अली की जमानत याचिका खारिज कर दी और उसे दो दिन की न्यायिक हिरासत में मुरादाबाद जेल भेज दिया। अली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अली ने आरोपों से इनकार किया है और दावा किया है कि उन्हें फंसाया गया है। 4 नवंबर को हुई हिंसा में 4 लोग मारे गए थे और कई अन्य हो गए थे घायल बताया जा रहा है कि अली के बड़े भाई ताहिर अली ने आरोप लगाया कि पुलिस ने न्यायिक समिति द्वारा गवाही दर्ज किए जाने से पहले ही उनके भाई को ‘‘जानबूझकर” जेल भेज दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्वेक्षण को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए समिति गठित की है। 24 नवंबर को हुई हिंसा में 4 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को 4 सड़क परियोजनाओं की मंजूरी देने के लिए मंत्री गडकरी का जताया आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को 4 सड़क परियोजनाओं की मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश को सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को सड़क अधोसंरचना निर्माण और क्षेत्रीय विकास में एक बड़ी सौगात दी गई है। उन्होंने कहा कि ये सड़कें प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी और औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने बुधवार को मध्यप्रदेश के लिए 4 महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 4302.93 करोड़ रुपये है। उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर मध्यप्रदेश को मंजूर की गई इन परियोजनाओं की जानकारी साझा की है। केन्द्र सरकार के इस अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा जताई है कि ये सड़क परियोजनाएं प्रदेश में यातायात व्यवस्था को सहज एवं सुगम बनाने के साथ आर्थिक विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि देश में सड़क अधोसंरचना नेटवर्क को दिनों-दिन मजबूत किया जा रहा है और मध्यप्रदेश को भी इसका भरपूर लाभ मिल रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के लिए स्वीकृत की गईं सड़क परियोजनाएं भोपाल जिले में संदलपुर से नसरुल्लागंज बायपास तक (राष्ट्रीय राजमार्ग-146बी) के 43.200 किमी खंड को 4-लेन में बदलने के लिए 1535.66 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। विदिशा और सागर जिले में राहतगढ़ से बेरखेड़ी तक (राष्ट्रीय राजमार्ग-146) के 10.079 किमी हिस्से को 4 लेन बनाने के लिए 731.36 करोड़ रुपये मंजूरी दी गई है। सागर जिले में लहदरा गांव जंक्शन से बेरखेड़ी गुरु गांव जंक्शन तक (राष्ट्रीय राजमार्ग-146 से राष्ट्रीय राजमार्ग-44) ग्रीनफील्ड 4-लेन सागर पश्चिमी बायपास (20.193 किमी) के निर्माण के लिए 688.31 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। ग्वालियर शहर के पश्चिमी हिस्से में 28.516 किमी लंबाई के एक्सेस कंट्रोल्ड 4-लेन बायपास के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 1347.6 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।  

आसाराम को फिलहाल राहत नहीं, अटक गया रोड़ा, तरिम जमानत बढ़ाने को लेकर दायर याचिका पर हुई सुनवाई, लगा झटका

जोधपुर यौन उत्पीड़न के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को फिलहाल राजस्थान हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने को लेकर दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई, लेकिन मामला अधूरा रह गया। अब इस पर अगली सुनवाई 7 अप्रैल को होगी। इधर, बीते मंगलवार को अंतरिम जमानत अवधि खत्म होने के बाद दोपहर में आसाराम ने जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर किया था। यहां करीब 10 घंटे रुकने के बाद रात 11:30 बजे पाली रोड स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल (आरोग्यम) में शिफ्ट किया गया था। बताया जा रहा है कि आसाराम की तबियत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाया गया है। कोर्ट में पीड़िता ने जताई आपत्ति दरअसल, हाईकोर्ट ने आसाराम और पीड़िता, दोनों से एफिडेविट मांगा है। पीड़िता के अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि आसाराम ने पहले भी अदालत की शर्तों का उल्लंघन किया है, इसलिए उसकी अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाना सही नहीं होगा। कोर्ट ने आसाराम के वकील से पूछा कि क्या उन्होंने प्रवचन देकर सुप्रीम कोर्ट की शर्तों का उल्लंघन किया है? इस पर कोर्ट ने शपथ पत्र (अफिडेविट) देने के निर्देश दिए। जस्टिस दिनेश मेहता और विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। 31 मार्च को खत्म हुई थी जमानत गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 जनवरी 2025 को आसाराम को अंतरिम जमानत दी थी, जिसे जोधपुर हाईकोर्ट ने 31 मार्च 2025 तक के लिए बढ़ा दिया था। अब जब यह अवधि समाप्त हो गई है, तो उनकी ओर से इसे और आगे बढ़ाने के लिए याचिका दाखिल की गई थी। इससे पहले, गुजरात हाईकोर्ट ने सूरत रेप केस में आसाराम को तीन महीने की अंतरिम जमानत दी थी। हालांकि, जब तक राजस्थान हाईकोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिलती, तब तक वह जेल से बाहर नहीं आ सकते। दो मामलों में आजीवन कारावास आसाराम पर दो गंभीर यौन उत्पीड़न के मामले दर्ज हैं, जिनमें उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। पहला मामला जोधपुर का है, जहां 2013 में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। दूसरा मामला गुजरात का है, जहां सूरत की एक महिला ने उन पर गांधीनगर आश्रम में बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था। जनवरी 2023 में इस मामले में भी उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने वक्फ बिल की वकालत करते हुए बताया कि ‘बाबा साहब का संविधान चलेगा, मुगलिया फरमान नहीं’

नई दिल्ली लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 (Waqf Amendment Bill) पेश हो गया है। बिल पर चर्चा करते हुए भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने वक्फ बिल की वकालत करते हुए बताया कि आखिर सरकार की ओर से ये बिल क्यों लाया गया। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, “यह विधेयक नहीं बल्कि उम्मीद (एकीकृत वक्फ प्रबंधन सशक्तिकरण, दक्षता और विकास) है। इस उम्मीद में सशक्तिकरण, दक्षता और विकास है। इसे देखते हुए देश के लोग इसका समर्थन कर रहे हैं। कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया, चर्च ऑफ भारत, केरल काउंसिल ऑफ चर्चेज और केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल, ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जैसे कई संगठनों ने इसका समर्थन किया है। मैं इन सभी संस्थानों को धन्यवाद देता हूं। वक्फ भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है: अनुराग ठाकुर अनुराग ठाकुर ने आगे कहा,” वक्फ में संशोधन करने का समय आ गया है क्योंकि यह अत्याचार और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। इसे खत्म करने और संशोधित करने का समय आ गया है। भारत को वक्फ के डर से मुक्ति चाहिए क्योंकि कांग्रेस के शासन में बने वक्फ कानून का मतलब था ‘खाता न बही, जो वक्फ कहे वही सही”। अनुराग ठाकुर ने कहा कि आपको तय करना है कि वक्फ के साथ रहना है या बाबा साहब के संविधान के साथ। ये वक्फ बिल इस बात का साफ संदेश है कि यहां बाबा साहब का संविधान चलेगा, मुगलिया फरमान नहीं। ये बिल तुष्टिकरण की राजनीति का अंतिम संस्कार करने वाला है। ये बिल मुस्लिम विरोधी नहीं: ललन सिंह बता दें कि एनडीए के सभी सांसदों ने इस बिल की पैरवी की है। जेडीयू सांसद ललन सिंह ने कहा कि ये बिल मुसलमान विरोधी नहीं है। ऐसा नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है। मोदीजी को कोस रहे हैं, उनका चेहरा पसंद नहीं आ रहा है तो मत देखिए उनकी तरफ। 2013 में आपने जो पाप किया था, उसे समाप्त करके पारदर्शिता लाने का काम किया है।

RBI को मिल गया चौथा डिप्टी गवर्नर, इकोनॉमिस्ट पूनम गुप्ता को किया नियुक्त, तीन साल का रहेगा कार्यकाल

नई दिल्ली सरकार ने प्रतिष्ठित शोध संस्थान नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लॉयड इकनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) की महानिदेशक पूनम गुप्ता को तीन साल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का डिप्टी गवर्नर नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। माइकल देबव्रत पात्रा के जनवरी में पद छोड़ने के बाद आरबीआई में डिप्टी गवर्नर का पद खाली हो गया था। सूत्रों ने कहा कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने गुप्ता की आरबीआई में डिप्टी गवर्नर पद पर नियुक्ति को उनके कार्यभार संभालने की तारीख से तीन साल के लिए मंजूरी दी है। वर्तमान में, गुप्ता एनसीएईआर की महानिदेशक हैं। वह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य और 16वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद की संयोजक भी हैं। वाशिंगटन में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक में लगभग दो दशक तक वरिष्ठ पदों पर काम करने के बाद वह 2021 में एनसीएईआर में शामिल हुईं। गुप्ता ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स, यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड (अमेरिका) में पढ़ाया और आईएसआई (भारतीय सांख्यिकी संस्थान), दिल्ली में ‘विजिटिंग फैकल्टी’ के रूप में काम किया। वह राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (एनआईपीएफपी) में आरबीआई चेयर प्रोफेसर और आईसीआरआईईआर में प्रोफेसर भी रही हैं। गुप्ता के पास अमेरिका के मैरीलैंड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नात्कोत्तर डिग्री और पीएचडी तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र पर पीएचडी के लिए 1998 में एक्जिम बैंक पुरस्कार जीता था।

घरेलू क्रिकेट में मुंबई टीम का साथ छोड़ेंगे यशस्वी, अब मुंबई के बजाए गोवा के लिए खेलने की इच्छा जताई

मुंबई मुंबई क्रिकेट संघ ने यशस्वी की इस मांग को स्वीकार कर लिया है। यशस्वी आखिरी बार मुंबई के लिए जम्मू कश्मीर के खिलाफ 23-25 जनवरी के बीच रणजी ट्रॉफी के लीग मैच में खेले थे। भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने घरेलू क्रिकेट में मुंबई टीम का साथ छोड़ने का फैसला लिया है। यशस्वी इसी टीम की बदौलत राष्ट्रीय टीम में अपनी पहचान स्थापित कर सके हैं। उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए मुंबई टीम छोड़ने का फैसला लिया है। यशस्वी ने मंगलवार को मुंबई क्रिकेट संघ को पत्र लिखा और मुंबई के बजाए गोवा के लिए खेलने की इच्छा जताई। मुंबई क्रिकेट संघ ने मांग स्वीकार की मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने यशस्वी की इस मांग को स्वीकार कर लिया है। 23 वर्षीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी अब 2025-26 सीजन में गोवा के लिए खेलेंगे। मुंबई क्रिकेट संघ के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा, हां, यह आश्चर्यजनक है। उसने कुछ सोचकर ही यह कदम उठाया होगा। उसने हमने कहा कि उसे रिलीज कर दिया जाए और हमने उसका अनुरोध मान लिया।   जम्मू कश्मीर के खिलाफ खेले आखिरी मैच यशस्वी आखिरी बार मुंबई के लिए जम्मू कश्मीर के खिलाफ 23-25 जनवरी के बीच रणजी ट्रॉफी के लीग मैच में खेले थे। उन्होंने चार और 26 रन बनाए, जबकि मुंबई को टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार जम्मू कश्मीर ने पांच विकेट से हराया था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सभी भारतीय खिलाड़ियों से राष्ट्रीय जिम्मेदारी से मुक्त रहने पर घरेलू क्रिकेट में खेलने के लिए कहा था जिसके बाद यशस्वी मुंबई के लिए खेले थे। यशस्वी जायसवाल ने जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था और तभी से वह ओपनर के तौर पर पहली पसंद बने हुए हैं। यशस्वी ने डेब्यू करने के बाद से भारत के लिए 19 मैच खेले हैं और बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन किया है। टेस्ट में उनका 52 से ज्यादा का है और उन्होंने इस प्रारूप में भारत के लिए खेलते हुए चार शतक और 10 अर्धशतक लगाए हैं।  

सीएम योगी बने शिक्षक: विद्यालय के लोकार्पण पर बच्चों को अनुशासन और मेहनत की दी सीख, सेल्फी भी ली

बरेली नवाबगंज क्षेत्र के अधकटा नजराना स्थित अटल आवासीय विद्यालय के लोकार्पण पर सीएम योगी का अलग अंदाज दिखा। वह स्कूली बच्चों से घुल-मिल गए। उन्हें अनुशासन और मेहनत की सीख दी। बच्चों के साथ सेल्फी भी ली। बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नवाबगंज क्षेत्र के अधकटा नजराना में 73 करोड़ की लागत से तैयार अटल आवासीय विद्यालय का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में अटल आवासीय विद्यालय बनाए जा रहे हैं। नई पीढ़ी को इन विद्यालयों से राष्ट्रवाद की शिक्षा मिलेगी। ये विद्यालय राष्ट्रभक्त तैयार करने के साथ ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। आवासीय विद्यालय में कुछ देर के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक बन गए। उन्होंने बच्चों से सवाल किए। जवाब सुनकर मुस्कुराए और पुरस्कार में टॉफी दी। बच्चों को दुलारते हुए मेहनत करने की सीख दी। मंच पर पांच बच्चों को शैक्षिक किट दी। अभिभावकों को भी नसीहत दी। सीएम ने बच्चों संग सेल्फी भी ली।   मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में 100 अटल आवासीय विद्यालयों के निर्माण की योजना शुरू की थी। 16 विद्यालय बनकर शुरू हो गए हैं। बरेली में 17वां विद्यालय बनकर तैयार है। यहां श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा मिलेगी। अभी तक यहां के बच्चे लखनऊ में पढ़ रहे थे। इस वर्ष से छठवीं और नौवीं कक्षा के बच्चे यहां पढ़ने आ गए हैं। जो बच्चे छठवीं से सातवीं और नौवीं से दसवीं में गए हैं, उनको 15 अप्रैल को यहां शिफ्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों-अभिभावकों से दोतरफा संवाद किया। बरेली की नौवीं कक्षा की दुर्गेश कुमारी से सीएम ने पहले नाम पूछा, फिर बोले- अच्छे से पढ़ाई करना। दुर्गेश ने अपने जवाब से सीएम को आश्वस्त किया। बदायूं के अंशदेव गौतम ने सीएम से कहा कि उन्हें यहां का वातावरण बहुत अच्छा लगा। बदायूं के ही शिवांश ने बताया कि सीएम ने नाम-पता पूछने के साथ ही कक्षा की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से कहा कि सरकार पर विश्वास रखें। बच्चों को बार-बार घर न बुलाएं। बच्चों से कहा कि अनुशासन में रहिएगा। समय पर जागिए, भोजन लीजिए, खेलकूद और पढ़ाई कीजिए। इसके अलावा कोई और एजेंडा नहीं होना चाहिए।   सीएम ने रोपा रुद्राक्ष का पौधा अटल आवासीय विद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री ने रुद्राक्ष का पौधा लगाया। विद्यालय प्रांगण में मित्रवन, वेटलैंड संरक्षण वन, विरासत वन, मियावाकी पद्धति का प्रचार करने के लिए वन विभाग ने प्रदर्शनी भी लगाई।  

मेरठ हत्याकांड मामले के आरोपी 14 दिन बाद एक दूसरे से मिले मुस्कान और साहिल, एक दूजे को देख हुए भावुक

मेरठ मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में आरोपी साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी जेल में बंद हैं. इस बीच खबर है कि उनकी न्यायिक हिरासत और बढ़ गई है. दोनों को अभी 14 दिन और न्यायिक हिरासत में जेल में रहना होगा. उनकी अगली पेशी 15 अप्रैल को होगी. आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुस्कान-साहिल की पेशी हुई. खास बात ये रही कि एक ही कमरे में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा ये पेशी हुई. ऐसे में करीब दो हफ्ते बाद सौरभ के ‘कातिल’ एक दूसरे से मिले. मेरठ जिला जेल प्रशासन के मुताबिक, 14 दिन बाद साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी एक दूसरे से मिले. उन्होंने एक दूसरे को देखा लेकिन उनके बीच कोई बात नहीं हुई. लगभग दो मिनट तक वे साथ रहे. इस दौरान दोनों भावुक नजर आ रहे थे. पेशी के बाद उन्हें अलग-अलग बैरक में डाल दिया गया. बता दें कि मुस्कान और साहिल को जेल नियमों के तहत अलग-अलग बैरकों में रखा है. दोनों ने एक ही बैरक में रहने की इच्छा जताई थी, लेकिन जेल मैन्युअल के नियमों के कारण यह संभव नहीं हो सका. जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जेल के नियमों के अनुसार ही कोई निर्णय लिया जाता है और फिलहाल दोनों को अलग-अलग बैरकों में ही रहना होगा. इसके अलावा मेरठ जेल प्रशासन ने दोनों को उनकी रुचि के अनुसार जेल में कार्य करने की अनुमति दी है. मुस्कान ने सिलाई-कढ़ाई का काम सीखने की इच्छा जताई, जबकि साहिल ने खेती-किसानी में रुचि दिखाई. जेल प्रशासन ने उनकी मांग स्वीकार कर ली और दोनों को उनके कार्यों में शामिल कर दिया गया है. इससे न केवल वे जेल में समय व्यतीत कर सकेंगे, बल्कि उनके आचरण का भी मूल्यांकन किया जाएगा. वहीं, मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल नियमों के तहत किसी भी बंदी को 10 दिन पूरे होने के बाद कार्य आवंटित किया जाता है. मुस्कान और साहिल दोनों 1 अप्रैल से अपने-अपने चुने हुए कार्यों को शुरू कर चुके हैं. यह प्रक्रिया जेल सुधार प्रणाली का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कैदियों को कौशल प्रदान करना और उन्हें व्यस्त रखना है. साहिल को मिलेगा प्रतिदिन 50 रुपये का मेहनताना, मुस्कान को नहीं साहिल को खेती के काम में लगाया गया है, जिसे जेल नियमों के तहत ‘नॉन-स्किल्ड वर्कर’ माना जाता है. इसके बदले उसे प्रतिदिन 50 रुपये की मजदूरी मिलेगी. अगर वह खेती करने में असमर्थ रहता है, तो उसे किसी अन्य कार्य में लगाया जाएगा. दूसरी ओर, मुस्कान ने सिलाई-कढ़ाई सीखने का विकल्प चुना है. चूंकि यह प्रशिक्षण कार्य की श्रेणी में आता है, इसलिए उसे इसके लिए कोई मजदूरी नहीं मिलेगी. हालांकि, जब वह पूरी तरह से सिलाई कार्य में दक्ष हो जाएगी और वस्त्रों की सिलाई करने लगेगी, तब उसे वेतन देने की व्यवस्था की जा सकती है. मालूम हो कि मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में 3 मार्च की रात को सौरभ राजपूत की हत्या उसकी पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल ने कर दी थी. दोनों हत्यारोपियों ने कई बार सौरभ के सीने में चाकू से वार किया था, इसके बाद उसकी गर्दन काट दी थी. फिर शव को ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट का घोल भर दिया था. ये सब करने के बाद दोनों मौज-मस्ती के लिए हिमाचल चले गए थे. लौटने पर जब मुस्कान ने परिजनों को पति की हत्या की बात बताई तो मामले का खुलासा हुआ. पुलिस के मुताबिक, हत्या प्रेम प्रसंग में अंजाम दी गई थी.  

पति हाथ जोड़ता रहा, पत्नी उसे चांटे मारती रही…हिडन कैमरा लगाकर रिकॉर्ड कर ली सारी करतूत

सतना मध्य प्रदेश के सतना जिले में घरेलू हिंसा से पीड़ित पति की दास्तान सीसीटीवी वीडियो से उजागर हुई है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें पत्नी अपने पति के साथ जमकर मारपीट करती हुई नजर आ रही है। पति हाथ-पैर जोड़कर उसे छोड़ने की गुहार लगा रहा है। यह वीडियो भी देखिए… जानकारी के अनुसार, यह घटनाक्रम 20 मार्च की दोपहर का बताया जा रहा है, जिसमें सतना रेल विभाग में लोको पायलट के पद पर पदस्थ लोकेश माझी को उसकी पत्नी हर्षिता रैकवार, अपनी मां और भाई के साथ मिलकर प्रताड़ित कर रही है। पीड़ित पति का आरोप है कि उसकी पत्नी उसे मारती-पीटती है। झूठे मुकदमे दर्ज करवा रही है, और मारपीट करने के बाद आत्महत्या की धमकी भी देती है। मामला सुनने में थोड़ा अजीब है, लेकिन अपनी पत्नी से लंबे समय से प्रताड़‍ित पति ने पत्नी के द्वारा की जाने वाली मारपीट के संबंध में साक्ष्यों को जोडने के लिए अपने कमरे में एक छुपा हुआ कैमरा लगाया और वीडियो रिकॉर्डिंग कर सारे सबूत पन्ना पुलिस अधीक्षक को दिए। वीडियो में साफ तौर से उसकी पत्नी एवं सास के द्वारा बेरहमी से पति के साथ मारपीट की जा रही है और पति हाथ जोड़कर अपनी जिंदगी की भीख मांग रहा है। युवक ने एसपी से की गई शिकायत में लिखा है कि उसकी शादी हर्षित रैकवार के साथ जून 2023 में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार हुई थी। शारीरिक रूप से प्रताड़‍ित कर रहे थे शादी के बाद से उनकी पत्नी, सास व साला रुपये और सोने-चांदी की मांग को लेकर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़‍ित कर रहे थे। लोकेश कुमार का कहना है कि उसकी बहन भी शादी लायक है। पत्नी माता-पिता की कोई मदद नहीं करने देती। शरीर में कई जगह चोटे आईं युवक का कहना है कि मेरे घर मे कमाने वाला व्यक्ति मैं ही हूं। घर वालों की कोई भी मदद करने पर मेरी पत्नी मारपीट करती है, इसका वीडियो रिकॉर्डिंग भी है। उसका कहना है मेरे साथ लड़ाई करने के बाद पत्नी ने अपनी मां और भाई को बुलाया फिर 20 मार्च को सभी ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। इससे उसके शरीर पर कई जगह चोटे आई थीं। उसने थाना अजयगढ़ में भी आवेदन पत्र दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण यह आवेदन देने की नौबत आई है। आवेदक ने पुलिस अधीक्षक से उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet