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अब भारत सीमा पार जाकर भी आतंकवाद का सफाया करता है: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

भोपाल कुशाभाऊ ठाकरे फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक दिवसीय वैचारिक महाकुंभ में विभिन्न विचारकों और विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। इस कार्यक्रम में देशभर से 20 से अधिक प्रमुख वक्ताओं ने पांच सत्रों में अहम विषयों पर विचार प्रस्तुत किए, जिससे यह कार्यक्रम राष्ट्रवाद, सनातन धर्म, और समृद्ध भारत की दिशा में महत्त्वपूर्ण संवाद का केंद्र बन गया। उद्घाटन सत्र से लेकर अन्य सत्रों तक, यह कार्यक्रम राष्ट्रवाद, सनातन धर्म, और समृद्ध भारत की दिशा में महत्त्वपूर्ण संवाद का केंद्र बन गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य स्थिति के रूप में उपस्थित उप मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश राजेंद्र शुक्ल, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी,  भगवान दास सबनानी विधायक दक्षिण पश्चिम भोपाल,  और वरिष्ठ भाजपा नेता ध्रुव नारायण सिंह उपस्थित रहे कार्यक्रम के आयोजक अंशुल तिवारी ने कार्यक्रम की रुपरेखा रखते हुआ शुरुआत की। राजेंद्र शुक्ल ने कहा कुशाभाउ ठाकरे एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन एक ऐसे मिशन में लगा दिया जिसकी कल्पना भी उसे समय से आगे की थी. विदेश के अनसुलझे मामलों को सुलझाने का मिशन की तरह काम करने वाले चुनिंदा लोगों में से थे। वर्तमान भारत में ऐसे जागरूक आयोजन भारत के विकास में बाधा बनने वाली तथाकथित लिबरल मानसिकता को एक्सपोज करने का काम कर रहे हैं। विश्वास सारंगजी ने अपने वक्तव्य में कहा भारत का इतिहास तो समृद्ध रहा लेकिन आक्रांताओं और अंग्रेजों ने जो हमारे देश की दशा की और गुलामी के बाद जब स्वतंत्र हुए गुलामी की मानसिकता कहीं ना कहीं देश में रह गई स्वतंत्रता के पश्चात हमने आधारभूत ढांचे पर काम किया सड़के बनाई  पुल बनाएं उद्योगों को बल देने पर चर्चा है कि किंतु “व्यक्ति निर्माण” इस पर कोई चर्चा नहीं एक आदर्श व्यक्ति कैसा हो जों देश को विकसित बनाने में अपनी भूमिका का निर्वाह कर सके। उद्घाटन सत्र में ही 4 विभूतियों को कुशाभाऊ ठाकरे राष्ट्ररत्न सम्मान दिए गये जिनमे कारगिल युद्ध में देश की अखंडता के लिए अपना हाथ और दोनों पैर गावाने वाले और ऑपरेशन रक्षक, विजय, पराक्रम में सहभागिता करने वाले रिटायर्ड लांस नायक दीपचंद जी, प्रभु श्री राम लाल अयोध्या के वस्त्रों को डिजाइन करने वाले ड्रेस डिजाइनर मनीष त्रिपाठी जी, जन्म से ही दृष्टिहीन पर एक मिनट में 52 वाद्य यँत्र बजाने का रिकॉर्ड बनाने वाली राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, संगीत शिक्षिका योगिता तांबे, दिव्यांग अधिकार समर्थक, यूफेलिटी प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक टेडेक्स वक्ता एवं तकनीक परामर्शदाता श्री अनंत वैश्य जिन्होने प्रधनमंत्री द्वारा उन्नत कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है जो स्वयं दिव्यांग होने के नाते दिव्यांगों के अधिकारों के समर्थन का नेक कार्य भी करते है। साध्वी सरस्वती देवी ने “सनातन धर्म: भारत की आत्मा और विश्व पर प्रभाव” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और धर्म का वैश्विक प्रभाव अब बढ़ता जा रहा है, और यह समय की आवश्यकता है कि हम अपने मूल्यों और धरोहरों को संरक्षित रखें। हमारे सनातन धर्म में विविधता इसलिए है क्योंकि मानव जीवन का स्वाभाव ही कुछ ऐसा है। अगर आप शास्त्रों को पढ़ेंगे तो यह विविधता  की समझ स्वयं अनुभव करेंगे कि यह लोक हितार्थ बनाया गया है। लेकिन दुःख तो तब होता है जब लोग इतनी विराटता को छोड़कर पीर फकीर के पास अपनी पीड़ा लिए जाते है, आखिर इन्हें अपने इष्ट से ज्यादा विश्वास उन पर हो जाता है। आज हमारे सामने दो चुनौती है पहला कि अपने टूटे 33 हजार मंदिरों का पुनः स्थापना और सरकार के अधीन मंदिरों की व्यवस्था का स्वतंत्र संचालन करना, इसके लिए आवश्यक है हिन्दुओं का एकत्रीकरण। वरिष्ठ लेखक एवं राजनीतिक विश्लेषक शांतनु गुप्ता ने कहा अभी विश्व का सबसे बड़ा जनसमागम सनातन एकता का महाकुम्भ सकुशल सम्पन्न हुआ। यहाँ मैं तो पहले एक पर्यटक के रूप में एक सप्ताह के लिए गया किन्तु एक महीने बाद श्रद्धालु बनकर लौटा और निश्चित ही वहाँ की अनुभूति से लगा कि हम इतनी वैज्ञानिकता का बोध होने के बाद भी जब अपने धर्मस्थलों पर जाते है तो यह दृष्टिकोण स्पष्ट होता है, भारतीय को पाप से डर लगता है यही भारत की सनातन आत्मा है।प्रसिद्ध फैशन डिजायनर एवं श्री रामलला के वस्त्र निर्माता मनीष त्रिपाठी ने कहा कि जब मैंने पढ़ाई पूर्ण की तो देश के कई लोकप्रिय एवं अतिविशिष्ट लोगों के वस्त्र डिजायन किया और भारतीय क्रिकेट टीम सहित इस तरह के कई प्रकार कम्पनियों के वस्त्र डिजाइन करते हुए काम किया किन्तु जो अनुभूति एवं सौभाग्य का सहज आभास प्रभु श्री राम लला के हेतु वस्त्र तैयार करने में हुई वह जीवन का सबसे अविस्मरणीय एवं अतुलनीय क्षण था। पहले सत्र की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि इस वैचारिक मंथन से निकले हुए अमित को पूरे भारत ही नहीं अपितु पूरे विश्व को ग्रहण करना चाहिए

अब बुढ़ार में बदमाशों ने गोलीकांड के आरोपित की तलाश में गई महिला आरक्षक समेत तीन पुलिसकर्मियों पर हुआ पथराव

शहडोल ऊगंज और दमोह में पुलिस बल पर हमले के बाद अब शहडोल जिले के बुढ़ार में बदमाशों ने गोलीकांड के आरोपित की तलाश में गई महिला आरक्षक समेत तीन पुलिसकर्मियों पर पथराव कर घायल कर दिया। घटना ईरानी बाड़े की है। पुलिस ने आरक्षक बालभद्र सिंह की रिपोर्ट पर फिरोज अली जाफरी समेत 11 पुरुष, सात महिलाओं और चार अन्य पर एफआईआर दर्ज की है। शहडोल के पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव के मुताबिक 20 मार्च की रात बुढ़ार पुलिस कुछ संदिग्धों की तलाश में गई थी। बुढ़ार थाने में आरक्षक बालभद्र सिंह की रिपोर्ट पर 20 मार्च की रात सवा तीन बजे दर्ज एफआईआर में उल्लेख है कि सब इंस्पेक्टर उमाशंकर चतुर्वेदी के निर्देश पर प्रधान आरक्षक शंकर प्रजापति, आरक्षक आशीष तिवारी, कृष्ण नारायण मिश्रा, सुशील सिंह, सरिता सिंह, श्रुति सिंह के साथ ईरानी मोहल्ले में एक बाइक की तलाश में गए थे। गली संकरी होने के कारण पुलिस के वाहन के जाने की जगह नहीं थी। इस कारण पैदल उतरकर मोहल्ले के अंदर गए और वहां फिरोज अली जाफरी से बाइक के बारे में पूछताछ किया तो वह भड़क गया और अभद्रता करने लगा। विवाद होते सुनकर पुलिसकर्मी बचाव में आए तो फिरोज अली के स्वजन व मोहल्ले के लोगों ने मारपीट कर पथराव कर दिया। पुलिस स्टाफ वापस होने लगा तो पीछे आते हुए लोगों ने कहा कि यह ईरानी मोहल्ला है यहां दोबारा कोई पुलिस वाला आया तो वह लौटकर जिंदा नहीं जाएगा। चार राज्यों की पुलिस कर रही है तलाश करीब 16 दिन पहले शहडोल के केशवाही क्षेत्र में साप्ताहिक बाजार से लौट रहे सराफा कारोबारियों पर बाइक सवार बदमाशों ने गोली चला दी थी। पुलिस इस मामले के आरोपित की तलाश में ही ईरानी बाड़ा पहुंची थी। बाड़े में रहने वाले आरोपितों की तलाश में उत्तर प्रदेश की महराजगंज पुलिस लूट के आरोपित यूसुफ अली को गिरफ्तार करने आ चुकी है। बाड़े में रहने वाले आरोपितों की तलाश में छत्तीसगढ़ पुलिस भी पहुंची थी। यहां रहने वाला तौहिद अली बिलासपुर में हुई 65 लाख रुपये की लूट के मामले का आरोपित है। इन्हीं आरोपितों ने राजस्थान में भी अपराध किया है। इन पर एफआईआर पुलिस ने फिरोज अली जाफरी उसकी दो पुत्रियों कशिश, सूफिया, उसकी बहन फरीदा बेगम के अलावा गुलहसन, सितारा, निगार सुल्ताना, रेश्मा, अरफा, खुशरूबा, मनोहर अली, फिजा बेगम, हुसैन, अशरफी, साबर, साबिर, खानू हुसैन, समेत चार अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सात दिन में तीसरी बार वर्दी पर हमला महाकोशल-विंध्य के जिलों में सात दिन के अंदर तीसरी वार वर्दी पर हमले का मामला सामने आया है। 15 मार्च को मऊगंज जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम गड़रा में ग्रामीणों ने विवाद के चलते एएसआइ रामचरण गौतम और एक युवक सनी द्विवेदी की हत्या कर दी थी। दमोह के देहात थाना क्षेत्र में हथियार जब्त करने गई पुलिस पर आरोपित कासिम खान ने एएसआई को गोली मारकर घायल कर दिया था। जवाबी कार्रवाई में कासिम को भी पैर में गोली लगी थी।

कैश कांड: जस्टिस यशवंत वर्मा को दिल्ली HC ने फोन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के दिए निर्देश

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा अपने सरकारी आवास में आग लगने के दौरान मिले कैश को लेकर घिरते दिख रहे हैं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजेआई) के निर्देश पर जस्टिस वर्मा को अपने फोन के सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा है। इसमें बातचीत, मैसेज और डेटा शामिल हैं, क्योंकि उनके इर्द-गिर्द विवाद लगातार सामने आ रहा है। जस्टिस वर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय को दिए गए एक बयान में नकदी बरामदगी की घटना में उन पर लगे आरोपों का खंडन किया। जस्टिस वर्मा ने बताया, ”उनके स्टाफ में से किसी को भी मौके पर मौजूद कैश या मुद्रा के कोई अवशेष नहीं दिखाए गए। उन्होंने अपने बयान में कहा, “मैंने पर्सनली अपने स्टाफ के साथ इस मामले की जांच की, जिन्होंने पुष्टि की कि घर में कथित रूप से पाए गए नोटों को हटाया नहीं गया था। केवल मलबा और बचाए जा सकने वाले सामान ही हटाए गए थे। ये घर में अलग से रखे हैं और निरीक्षण के लिए उपलब्ध हैं।” इस बीच, पुलिस कमिश्नर ने कथित तौर पर दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को सूचित किया है कि जस्टिस वर्मा के आवास पर तैनात सुरक्षा गार्ड के अनुसार, 15 मार्च की सुबह कुछ मलबा और आंशिक रूप से जली हुई वस्तुएं हटा दी गई थीं। जस्टिस वर्मा ने किसी भी तरह के गलत काम के आरोपों को खारिज करते हुए जवाब दिया। हालांकि, जब हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने उन्हें घटना का वीडियो दिखाया, तो जस्टिस वर्मा ने उनकी प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाकर उन्हें बदनाम वाली संभावित गहरी साजिश की आशंका जताई। सुप्रीम कोर्ट ने एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है और दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने हाल की घटना की गहन जांच की मांग की है। अपने जवाब में जस्टिस यशवंत वर्मा ने कहा कि न तो उन्हें, न ही उनकी बेटी को और ना ही उनके घर के स्टाफ को कभी भी जली हुई नकदी की बोरियां दिखाई गईं, जो कथित तौर पर मौके पर पाई गई थीं। जस्टिस वर्मा ने मीडिया को लेकर भी निराशा जताते हुए कहा कि उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाले मानहानिकारक दावे फैलाने से पहले उचित जांच की जानी चाहिए थी।

सुपर सन्डे में आज IPL के दो मुकाबले, जाने हैदराबाद और चेन्नई में कैसा होगा पिच का मिजाज?

नई दिल्ली IPL 2025 के आज दो मुकाबले खेले जाने हैं। इनमें एक सनराइजर्स हैदराबाद वर्सेस राजस्थान रॉयल्स मैच है, जो हैदराबाद में खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स वर्सेस मुंबई इंडियंस है, जो चेन्नई में खेला जाएगा। इन दोनों मैदानों की पिच रिपोर्ट क्या कहती है, उसे जान लीजिए। चेन्नई में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों की ज्यादा जीत मिलती है, जबकि हैदराबाद में रन चेज में टीमों को फायदा मिलता है। इसके अलावा हैदराबाद में पेसर हावी रहते हैं, लेकिन चेन्नई में स्पिनर भी मुकाबले में अहम होते हैं। हैदराबाद पिच रिपोर्ट हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की बात करें तो यहां अब तक आईपीएल के 77 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से 34 मुकाबले पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम जीती है और रन चेज करते हुए 42 मैचों में टीम जीती हैं। पहली पारी का औसत स्कोर यहां 163 है। हालांकि, तेज गेंदबाजों का यहां दबदबा देखने को मिलता है, क्योंकि 70.58 प्रतिशत विकेट तेज गेंदबाजों को मिलते हैं, जबकि स्पिनरों को 29.42 फीसदी विकेट ही मिलते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां पेसर्स का बोलबाला होगा और टीमें टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनेंगी। चेन्नई पिच रिपोर्ट बात अगर चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की करें तो यहां आईपीएल के 85 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम 47 मुकाबले जीती है और 36 मैच दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है। यहां भी तेज गेंदबाजों को ज्यादा विकेट मिलते हैं, लेकिन स्पिनरों का भी विकेट पर्सेंटेज ज्यादा है। पेसर्स यहां 61.57 और स्पिनर 38.43 प्रतिशत विकेट निकालते हैं। ऐसे में मुकाबला यहां बहुत टक्कर का होने वाला है। पांच-पांच बार की आईपीएल विजेता टीमों के बीच लड़ाई होनी है। एक तरफ मेजबान चेन्नई सुपर किंग्स होगी और उनके सामने मुंबई इंडियंस होगी।

आईपीएल 2025 में पहला सुपर संडे आज, फैंस को मिलेगा मैचों का डबल डोज, रोहित और धोनी होंगे मैदान में

नई दिल्ली आईपीएल 2025 में आज पहला सुपर संडे है, जहां फैंस को मैचों का डबल डोज मिलने वाला है। आज यानी रविवार 23 मार्च को एक नहीं, बल्कि दो मुकाबले खेले जाने हैं। एक मैच में रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी की टीम आमने-सामने होगी। दोनों पांच-पांच बार आईपीएल ट्रॉफी जीत चुके हैं। हालांकि, दोनों ही कप्तान इस बार नहीं हैं। पिछले सीजन दोनों ने कप्तानी छोड़ दी थी। वहीं, एक और मैच आईपीएल के पहले सीजन की चैंपियन और 2016 के सीजन की चैंपियंस टीम की भिड़ंत होगी। आईपीएल 2025 का दूसरा और सुपर संडे का पहला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला जाएगा। वहीं, दिन का दूसरा और टूर्नामेंट का तीसरा मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेला जाएगा। हैदराबाद वर्सेस राजस्थान मैच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि सीएसके वर्सेस एमआई मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। ये आईपीएल का एलक्लासिको कहा जाता है। दोनों टूर्नामेंट की सबसे सफल टीमें हैं। आईपीएल 2025 के एसआरएच वर्सेस आरआर मैच की शुरुआत भारतीय समय के अनुसार दोपहर साढ़े 3 बजे होगी, जबकि टॉस तीन बजे होगा। वहीं, सीएसके वर्सेस एमआई मैच शाम को साढ़े सात बजे शुरू होगा और मैच में टॉस सात बजे होगा। आज जो दो मुकाबले होने हैं और उनमें जो चार टीमें खेल रही हैं, उन्होंने कुल 12 ट्रॉफी पिछले 17 सीजन में जीती हैं। 10 ट्रॉफी अकेले चेन्नई और मुंबई ने जीती हैं। ऐसे में आज के मुकाबले काफी दिलचस्प होने वाले हैं। राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी पहले कुछ मैचों में रियान पराग करने वाले हैं। संजू सैमसन सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर खेलेंगे। आईपीएल के आगाज मैच में कोलकाता और बेंगलुरु की टक्कर देखने को मिली थी, जिसमें आरसीबी ने शानदार जीत दर्ज की थी। विराट कोहली ने अर्धशतकीय पारी खेली थी।

प्रदेश के नवीनतम टाइगर रिजर्व रातापानी में गिद्ध की एक दुर्लभ प्रजाति को देखा गया, इतिहास काफी दिलचस्प

रायसेन  मध्य प्रदेश के नवीनतम टाइगर रिजर्व रातापानी में गिद्ध की एक दुर्लभ प्रजाति को देखा गया है, जिसकी तस्वीरें टाइगर रिजर्व द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई हैं. सफेद रंग का यह गिद्ध विलुप्त हो रही गिद्ध की प्रजातियों में से एक है. इस गिद्ध को अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ ने संकटग्रस्त घोषित किया है. पहली बार है जब विलुप्त होती गिद्ध की इस प्रजाति को यहां देखा गया है. इसे पवित्र पक्षी मानते थे मिस्र के क्रूर राजा इस गिद्ध की बनावट अपने आप में आकर्षक होती है, क्योंकि ये उम्र के अनुसार अपना रंग बदलता है. जब यह गिद्ध युवा होता है, तो गहरे भूरे रंग के होता है. जैसे-जैसे उसकी उम्र बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे इनके पंखों का रंग भी सफेद होता जाता है. जब ये गिद्ध अपने परिपक्व उम्र के पास पहुंचते हैं तब इनके पंखों का रंग एकदम सफेद दिखने लगता है और इनकी चोंच पीले रंग की दिखाई देती है. यह दुर्लभ प्रजाति का गिद्ध मिस्र के अलावा उत्तर भारत, पकिस्तान, नेपाल और पश्चिम अफ्रीका में मिलते हैं. यह एक जमाने में मिस्र के क्रूर राजा का पवित्र पक्षी हुआ करता था. बता दें कि प्राचीन मिस्र में राजा सफेद गिद्ध को देवी नेखबेट के रूप में पूजते थे, जो मिस्र की संरक्षक देवी थी और जिसे अक्सर शाही प्रतीक के रूप में चित्रित किया जाता था. 5000 किलोमीटर तक यात्रा करने में सक्षम मिस्र के गिद्ध यूरोप के चुनिंदा पक्षियों में से एक हैं, जो लंबी दूरी का प्रवास करते हैं. प्रतिदिन यह 640 किलोमीटर तक की उड़ान भरकर अपने प्रजनन स्थलों पर पहुंचते हैं. ये अपने यूरोपीय प्रजनन स्थलों और शहर के दक्षिणी किनारे पर अपने शीतकालीन मैदानों के बीच प्रवास करते समय 5000 किलोमीटर तक की यात्रा कर सकते हैं. प्रजनन के मौसम के समय यह दक्षिण यूरोप उत्तरी अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्सों में चट्टानों और पहाड़ियों पर अपने घोसला बनाते हैं. यह प्रवासी पक्षी के तौर पर जाना जाता है इनका लैटिन नाम नियोफ्रॉन पर्कनॉप्टेरस है, जो पहले पश्चिमी अफ्रीका से लेकर उत्तर भारत पाकिस्तान और नेपाल में काफी तादाद में पाया जाता था पर अब इसकी तादात में बहुत ज्यादा गिरावट आई है. जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ ने इसकी प्रजाति को संकटग्रस्त घोषित कर दिया है. उत्तर भारत के अलावा भारत के अन्य राज्यों में यह प्रवासी पक्षी के तौर पर जाना जाता है. मिस्र गिद्ध गर्म हवाओं में भरता है ऊंची उड़ान मिस्र गिद्ध जिसे सफेद मेहतर गिद्ध या फिरौन का चिकन के तौर पर भी जाना जाता है. यह लंबी ऊंचाई पर उड़ान भरने के लिए गर्म हवाओं का सहारा लेता है. दिन के समय जब तापमान अधिक होता है तो यह ऊंची उड़ान भरता है, जिससे कि इस उड़ाने के दौरान ज्यादा बाल का उपयोग न करना पड़े. यह एक अवसरवादी पक्षी होता है, जो छोटे स्तनधारी पक्षियों और सांपों का शिकार करता है. साथ ही यह पक्षियों के अंडों को भी अपना शिकार बनाता है. इसका यहां दिखना आनोखी बात है रातापानी टाइगर रिजर्व के अधीक्षक सुनील भारद्वाज ने कहा, “4 मार्च को सुबह के समय इस गिद्ध को यहां देखा गया था. पूरे विश्व में विलुप्त हो रहे पक्षियों में से यह गिद्ध एकहै, जिसे संरक्षण की आवश्यकता है. रातापानी टाइगर रिजर्व में प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और उन्हें बेहतर पर्यावास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कि यहां आने वाले प्रवासी पक्षी स्वतंत्र विचरण कर सकें. मिस्र के गिद्ध का यहां पर दिखना अपने आप में अनोखी बात है.”

हॉटलाइन मेंटेनेन्स करने वाले कर्मियों का भत्ता 40 रुपये के स्थान पर मिलेगा अब 80 रुपए प्रति ऑपरेशन

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश पर मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी (एम.पी. ट्रांसको) में  एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइनों एवं सब-स्टेशनों का हॉटलाइन पद्धति से बिना शट-डाउन लिये मेंटेनेन्स जॉब/ऑपरेशन करने वाले कर्मियों के भत्ते में दोगुनी बढ़ोतरी की गई है। साथ ही प्रति ऑपरेशन के लिये दिये जाने वाले भत्ते में भी दोगुनी वृद्धि कर दी गई है। 40 रुपये के स्थान पर मिलेगा अब 80 रुपए प्रति ऑपरेशन भत्ता अब दोगुना मिलेगा। पहले यह 6 रुपये से 40 रुपये के मध्य मिलता था, अब यह 12 रूपये से 80 रुपये तक प्रति जॉब/ऑपरेशन के हिसाब से मिलेगा। हॉटलाइन पद्धति के माध्यम से बिना शट-डाउन लिये एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइनों का मेंटेनेन्स जॉब करने के लिये कार्मिक की सहमति आवश्यक होती है। एम.पी. ट्रांसको द्वारा उन कार्मिकों को बैंगलुरु के केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण से प्रशिक्षण दिलवाने के बाद ही वह जॉब/ऑपरेशन के लिये पात्र होता है। जॉब/हॉटलाइन ऑपरेशन अत्यंत जोखिम भरा होने के कारण कार्मिकों को यह भत्ता दिया जाता है। आदेश हुए जारी ऊर्जा मंत्री तोमर की पहल पर एम.पी ट्रांसको के कार्मिकों को हॉट लाइन मेंटेनेंस भत्ते में 2013 के बाद बढ़ोतरी की गई। मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिये हैं। संविदा कार्मिको को भी मिलता है हॉट लाइन भत्ता इसके पहले ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर ही एम.पी. ट्रांसको में कार्यरत संविदा कार्मिकों को भी हॉटलाइन मेंटेनेन्स प्रशिक्षण देकर उन्हें भी हॉटलाइन भत्ता दिया जाता है। पहले यह सिर्फ नियमित कार्मिकों के लिए लागू था।  

2040-जेट… एक किलो सोने में क्या खरीद सकते हैं आप?1990-मारुति, 2000-एस्टीम, 2025-बीएमडब्ल्यू

नई दिल्ली  सोने की कीमत रोज-रोज नए रेकॉर्ड बना रही है। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 91,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई। यानी एक किलो सोने की कीमत 91 लाख रुपये के पार पहुंच गई है। इतने पैसों में आप आप एक BMW या Audi जैसी गाड़ी खरीद सकते हैं। 1990 मेंएक किलो सोने की कीमत में सिर्फ एक मारुति 800 आती थी। BMW X1 की शुरुआती कीमत लगभग 50.80 लाख रुपये है। वहीं नई X3 पेट्रोल/डीजल मॉडल की कीमत 97.80 लाख रुपये है। एक किलो सोने की कीमत में आप Audi A4, S5, A6 और Q3 जैसे मॉडल भी खरीद सकते हैं। SEBI में रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट ए के मंधान ने 16 मार्च को एक ट्वीट किया था। उन्होंने बताया कि कैसे सोने की कीमतें कारों की तुलना में बदल गई हैं। 1990 में 1 किलो सोना Maruti 800 खरीदने के लिए काफी था। साल 2000 तक इससे Maruti Suzuki Esteem खरीदी जा सकती थी। 2005 में यह एक Toyota Innova खरीदने के लिए पर्याप्त था। 2010 तक एक Toyota Fortuner खरीदी जा सकती थी। 2019 तक 1 किलो सोना BMW X1 खरीदने के लिए काफी था। कहां तक जाएगी कीमत उन्होंने ट्वीट किया, ‘1 किलो सोना रखिए और 2040 तक इंतजार कीजिए… शायद आप एक प्राइवेट जेट खरीद सकें।’ पिछले तीन साल से सोने की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। 2024 में इसने पिछले दस साल में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। बीते साल सोने की कीमत में 26% की बढ़ोतरी हुई है। सेंट्रल बैंकों की खरीदारी और दुनिया में तनाव से सोने की चमक बढ़ी। 2025 में अब तक सोने की कीमत में 15% की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 11,735 रुपये बढ़ गई है। सोने की ताकत लगातार बढ़ रही है। यह हर साल ऊपर जा रहा है। जानकारों का कहना है कि सोने की कीमतें अभी और बढ़ेंगी। दुनिया में तनाव के कारण लोग सोना खरीदना पसंद कर रहे हैं। मध्य पूर्व में अस्थिरता और चीन की अतिरिक्त आर्थिक प्रोत्साहन योजनाओं ने सोने की सुरक्षित ठिकाने की मांग को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, गाज़ा संकट और ट्रेड टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाकर सोने में निवेश कर रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।   1947: ₹8,000 1948: ₹9,587 1949: ₹9,417 1950: ₹9,918 1951: ₹9,805 1952: ₹7,681 1953: ₹7,306 1954: ₹7,775 1955: ₹7,918 1956: ₹9,081 1957: ₹9,062 1958: ₹9,538 1959: ₹10,256 1960: ₹11,187 1961: ₹11,935 1962: ₹11,975… बता दें कि बीते 3 वर्षों में सेंट्रल बैंकों की खरीद और वैश्विक तनाव के चलते इसकी कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। 2024 में भी यह रैली जारी है, और विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक प्रोत्साहन उपायों के कारण सोने की कीमतें और ऊंचाई छू सकती हैं।  

मध्य प्रदेश में डेढ़ माह में सड़क दुर्घटनाओं में 1656 मौतें, तेज रफ्तार बना बड़ा कारण

भोपाल  मध्य प्रदेश में पिछले ड़ेढ माह में सड़क हादसों में 1656 लोगों ने जान गंवाई। वहीं, प्रयागराज महाकुंभ के दौरान एमपी बॉर्डर पर सड़क हादसों में 202 लोगों की मौत हुई। विधायक दिनेश राय मुनमुन के प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह जानकारी दी।  डॉ. मोहन यादव ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों में 144 पुरुष, 50 महिलाएं और 8 बच्चे शामिल थे। उन्होंने कहा कि राज्यभर में कुल 1,656 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई, जिनमें 152 लोगों ने हेलमेट न पहनने के कारण और 26 लोगों ने सीट बेल्ट न पहनने की वजह से जान गंवाई। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने में एमपी बॉर्डर पर कुल 552 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 944 लोग घायल हुए। इस दौरान  शराब पीकर गाड़ी चलाने से केवल एक हादसा हुआ, लेकिन इसमें कोई मौत नहीं हुई। 2022 के आकड़े के अनुसार सड़क हादसो में मध्य प्रदेश का देश में दूसरा स्थान है। 1,026 लोगों की मौत ओवरस्पीडिंग के कारण मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार है। 1,026 लोगों की मौत ओवरस्पीडिंग के कारण हुई, जबकि 40 लोगों की मौत ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की वजह से हुई। इसके अलावा, 56 लोगों की मौत ब्लैक स्पॉट्स पर हुई।   सड़क सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों का पालन अनिवार्य है। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे है। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, गति सीमा का पालन और यातायात नियमों का सही तरीके से अनुपालन करने से हादसों को रोका जा सकता है।

23 मार्च रविवार चमकेगा इन राशियों का भाग्य, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- मेष राशि वालों को आज घर-परिवार में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचना होगा। पारिवारिक जीवन में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। ऑफिस में दी गई कार्यों की जिम्मेदारी को नजरअंदाज न करें और सभी कार्यों को डेडलाइन से पहले कंपलीट करें। वृषभ राशि- नौकरी की तलाश करने वाले जातकों के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। कुछ जातक नई प्रॉपर्टी में निवेश कर सकते हैं, लेकिन आर्थिक मामलों में एक्सपर्ट की सलाह लेने में संकोच न करें। ऑफिस में सीनियर्स के सुझाव से कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। मिथुन राशि- मिथुन राशि वाले आज लग्जरी आइटम पर धन खर्च कर सकते हैं। आय में वृद्धि के योग बनेंगे। कुछ जातक नया घर या नई प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई का स्ट्रेस हो सकता है। कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कर्क राशि- आज आपका काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। नए बदलावों को लेकर थोड़ा सतर्क रहें। किसी दूसरे पर निर्भर न रहें। इससे कार्यों में देरी हो सकती है। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे स्ट्रेस लेवल कम होगा। सिंह राशि- ऑफिस पॉलिटिक्स से दूरी बनाएं। पारिवारिक जीवन में थोड़ा तनाव रह सकता है। पुरानी गलतियों से सीख लेकर लाइफ में आगे बढ़ें। आज आपकी लंबे समय से चली आ रही समस्या दूर होगी। परिजनों का आशीर्वाद मिलेगा। कन्या राशि- आपके सभी विवाद सुलझ जाएंगे। प्रोफेशनल लाइफ में कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धन का आवक बढ़ेगा। परिजनों के आशीर्वाद से रुके हुए कार्य सफल हो जाएंगे। तुला राशि- तुला राशि वालों के आज सभी सपने साकार होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। माता-पिता के सहयोग से धन लाभ के नए मौके मिलेंगे। व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखें। वृश्चिक राशि- पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को इग्नोर न करें। अगर जरुरत हो, तो परिजनों की सलाह लें। कोई बड़ा रिस्क न लें। आज आपको अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। पार्टनर के सपोर्ट से मन प्रसन्न रहेगा। धनु राशि- करियर में तरक्की के नए मौके मिलेंगे। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धि हासिल होगी। सहकर्मियों के साथ मिलकर किए गए कार्यों के बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। जल्दबाजी में कोई काम न करें। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कोई फैसला लें। मकर राशि- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। सभी कार्य के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। परिजनों से अपने इच्छाओं के बारे में चर्चा करें। आर्थिक मामलों में कोई रिस्क न लें। करियर से जुड़े फैसले होशियारी से लें। अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नई रणनीति बनाएं। कुंभ राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आनंददायक जीवन गुजारेंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। भौतिक सुख-सुविधाओं में जीवन व्यतीत करेंगे। मीन राशि- आज मीन राशि वालों का दिन सामान्य रहेगा। ऑफिस में कार्यों का बिजी शेड्यूल रहेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। बिजनेस के मामले में थोड़ी सावधानी बरतें। सोच-समझकर कोई डिसीजन लें।

आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है, उसकी शाखाओं में गलत बातें सिखाई जाती :हुसैन दलवई

मुंबई  महाराष्ट्र के संभाजी नगर स्थित औरंगजेब की कब्र को लेकर सियासत गरमाई है। दक्षिणपंथी दल कब्र को हटाने की लगातार मांग कर रहे हैं। नागपुर में इसे लेकर हिंसा तक हुई। राजनीतिक बयानबाजी जारी है। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हुसैन दलवाई का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि हिम्मत है तो सरकार औरंगजेब की कब्र को हटाकर दिखाए। हुसैन दलवई ने तुषार गांधी, असदुद्दीन ओवैसी और संजय राउत के हालिया बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने औरंगजेब की तारीफ करने वाले सपा नेता अबू आजमी को पर भी टिप्पणी की है। आरएसएस को बताया आतंकवादी संगठन हुसैन दलवई ने तुषार गांधी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने आरएसएस को ‘कैंसर’ कहा था। दलवाई ने कहा कि तुषार गांधी ने जो कहा, वह सही कहा है। मैं पहले भी कह चुका हूं और आज भी कहता हूं कि आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है। उसकी शाखाओं में गलत बातें सिखाई जाती हैं। तुषार गांधी के लिए मांगी सुरक्षा दलवई ने कहा कि तुषार गांधी ने कोई गलत नहीं बोला है। उन्होंने आगे कहा कि तुषार गांधी की जान को खतरा है और सरकार को उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। यह सरकार का कर्तव्य है कि वह तुषार गांधी के परिवार की रक्षा करे, क्योंकि गांधी जी के खिलाफ हिंसा की कोशिशें जारी हैं। वक्फ संशोधन बिल का विरोध वक्फ संशोधन बिल पर असदुदीन औवासी के बयान का हुसैन दलवाई ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह बिल इसलिए लाया जा रहा है ताकि मुसलमानों से उनकी मस्जिदें और संपत्ति छीन ली जाए। इस बिल के माध्यम से सरकार मुसलमानों की भूमि और संपत्ति हड़पना चाहती है। कई विरोधी पार्टियों ने इस बिल का विरोध किया है। इंडिया गठबंधन भी इसके खिलाफ है। हम इस बिल का विरोध करते हैं। ‘RSS शिवाजी को मानती थी पेशेवर’ वहीं, वीर सावरकर को लेकर दलवाई ने कहा कि यह सही है कि वीर सावरकर ने छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में कई गलत बातें लिखी थीं और उनके बारे में गलत टिप्पणियां की थीं। इसके अलावा, उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में भी नकारात्मक बातें कहीं थीं। जब नेहरू जी को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने सावरकर की किताबों को हटवा दिया। लेकिन अब देवेंद्र फडणवीस क्यों नहीं वही काम कर रहे हैं? आरएसएस के लोग छत्रपति शिवाजी महाराज को राजा नहीं मानते थे, बल्कि पेशेवर मानते थे। यह अत्यंत शर्मनाक है। संजय राउत के बयान का समर्थन संजय राउत के औरंगजेब से संबंधित बयान पर हुसैन दलवाई ने भी अपनी सहमति दी। राउत ने बीजेपी सरकार की तुलना औरंगजेब से करते हुए कहा था कि मौजूदा शासन उससे भी बदतर है। इस पर हुसैन दलवाई ने कहा कि औरंगजेब का शासन क्रूर था, लेकिन बीजेपी का शासन उससे भी खराब है। बीजेपी मनमानी करती है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन करती है। औरंगजेब की तारीफ करने के लिए उन्होंने सपा नेता अबू आजमी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने अबू आजमी को औरंगजेब की तारीफ न करने की सलाह देते हुए कहा कि औरंगजेब एक क्रूर शासक था और हमें उसकी तारीफ नहीं करनी चाहिए। अबू आजमी को इतिहास पढ़ने की जरूरत है।

चयन सूची और परीक्षा परिणाम न्यायालय की अनुमति के बिना घोषित नहीं किए जाएं :हाईकोर्ट

 जबलपुर असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में गेस्ट फैकल्टी को एससी-एसटी वर्ग के तहत मिलने वाली आयु सीमा छूट का लाभ नहीं दिए जाने के खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने एससी-एसटी वर्ग को 5 साल की अतिरिक्त आयु सीमा छूट का लाभ प्रदान करने के आदेश जारी किए हैं। युगलपीठ ने यह भी निर्देश दिया है कि चयन सूची और परीक्षा परिणाम न्यायालय की अनुमति के बिना घोषित नहीं किए जाएं। अतिथि शिक्षकों को मिलेगा नौकरी में 25% रिजर्वेशन, जबलपुर हाईकोर्ट का फैसला अतिथि शिक्षकों के लिए जबलपुर हाईकोर्ट ने राहत देने वाला आदेश जारी किया है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने स्वाशासकीय व जनभागीदारी कॉलेज में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को आरक्षण का लाभ देने का अंतरिम आदेश जारी किया है. युगलपीठ ने एमपीपीएससी के माध्यम से निकाली गई असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में इन कॉलेज में कार्यरत गेस्ट फैकल्टी को भी 25 प्रतिशत आरक्षण की श्रेणी में रखने के अंतरिम आदेश जारी किए हैं. क्या है गेस्ट फैकल्टी और आरक्षण का मामला? दरअसल, स्वाशासकीय यानी ऑटोनॉमस व जनभागीदारी कॉलेज में कार्यरत 33 गेस्ट फैकल्टी की ओर से ये याचिका दायर की गई थी. तीन याचिका में कहा गया था कि उच्च शिक्षा विभाग ने MPPSC के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर और खेल अधिकारियों के लिए 2 हजार 117 पदों पर भर्ती निकाली है. वहीं सभी याचिकाकर्ता स्वाशासकीय व जनभागीदारी कॉलेज में रिक्त पदों पर वर्षों से कार्यरत हैं. याचिका में इसके साथ मांग की गई कि इस भर्ती में गेस्ट फैकल्टी होने के नाते उन्हें भी 25 प्रतिशत आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाए, जो उन्हें नहीं दिया जा रहा है. अब मिलेगा आरक्षण का लाभ अतिथि शिक्षकों की याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने स्वाशासकीय व जनभागीदारी कॉलेज में कार्यरत गेस्ट फैकल्टी को भी आरक्षण का लाभ देने के अंतरिम आदेश जारी किए हैं. युगलपीठ ने नियुक्ति याचिका के अंतिम आदेश के अधीन रहते हुए एमपीपीएससी को रिजल्ट फिलहाल जारी नहीं करने के आदेश दिए हैं. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एस डी मिश्रा ने पैरवी की.  हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती में दी राहत, 2018 की टीईटी मान्य, आयु सीमा में छूट, अनुभव प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में अभ्यर्थियों को राहत प्रदान की है। हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश के तहत उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में शामिल करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि इन अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम इस याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। चयन प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश बुरहानपुर निवासी आकांक्षा व अन्य की ओर से कोर्ट को बताया गया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा 2023 की नियम पुस्तिका के अनुसार, 2018 के बाद आयोजित किसी भी शिक्षक पात्रता परीक्षा की वैधता आजीवन होगी। इसके बावजूद कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2024 में टीईटी 2020 पास अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को चयन प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश दिए। भर्ती परीक्षा में आवेदन करने और भाग लेने की अनुमति विदिशा निवासी अरविंद रघुवंशी व अन्य की ओर से 2024 के भर्ती विज्ञापन की कंडिका 6.2 को चुनौती दी थी, जिसमें अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष तय की गई थी। दलील दी गई कि सामान्य प्रशासन विभाग ने 18 सितंबर 2022 को आदेश जारी कर अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट का प्रावधान दिया है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भर्ती परीक्षा में आवेदन करने और भाग लेने की अनुमति दी। वहीं हाईकोर्ट ने टीकमगढ़ निवासी शैलेन्द्र यादव व अन्य को बिना अनुभव प्रमाण पत्र के आवेदन करने की अनुमति प्रदान की।  

अप्रैल और मई की गर्मी में बिजली कटौती के तैयार रहे ग्वालियरवासी, एक फिक्स समय पर बिजली सप्लाई बंद रखने का निर्णय

ग्वालियर  गर्मी आ गई है। हर साल की तरह बिजली कंपनी प्री मानसून मेंटेनेंस में जुटने वाली है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से खबर है कि इस बार यह मेंटेनेंस हर साल जैसा न होकर कुछ अलग होगा। इस बार मेंटेनेंस के लिए एक फिक्स समय पर बिजली सप्लाई बंद रखने का निर्णय लिया जा सकता है। वह फिक्स समय सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक होगा। यानी अप्रैल से मई तक अलग-अलग इलाकों में जो कटौती होगी, वह इन्हीं चार घंटों में होगी। लोगों की सहूलियत के लिए बनाया शेड्यूल     बिजली कंपनी के शहर वृत्त के महाप्रबंधक नितिन मांगलिक ने बताया कि भीषण गर्मी के पूर्वानुमान को देखते हुए इस बार लोगों की सहूलियत के लिए मेंटेनेंस का ऐसा शेड्यूल तैयार किया जाएगा।     दोपहर दो बजे के बाद जब तापमान ज्यादा रहता है, तब शटडाउन नहीं लिया जाए। दो माह तक अलग-अलग इलाके की करीब तीस से पचास हजार की आबादी रोज चार घंटे घोषित बिजली कटौती झेलेगी। शनिवार को पांच फीडर पर गुल रहेगी बिजली नगर संभाग पूर्व के पांच फीडर क्षेत्रों में शनिवार को बिजली गुल रहेगी। मेला फीडर, इंद्रमणी नगर, सुरेश नगर फीडर पर दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक बिजली गुल रहेगी। इससे इंद्रमणी नगर, न्यू विवेक नगर, दुल्लपुर गांव, पंचशील नगर, नदीपार टाल, तृप्ती नगर तरुण बिहार कालोनी सहित अन्य क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। गुलमोहर व विवेकानंद फीडर पर सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक बिजली गुल रहेगी। इससे गुलमोहर सिटी, ग्रीन पार्क, ओहदपुर, यशोदा रेजीडेंसी, लोटस विला, विवेकानंद नीडम सहित अन्य क्षेत्र प्रभावित रहेंगे।

Trump ने कर दिया अमेरिकी शिक्षा विभाग को बंद करने वाले आदेश पर हस्ताक्षर, क्या है मामला

वाशिंगटन  अमेरिका में एजुकेशन डिपार्टमेंट यानी शिक्षा विभाग पर ताला लग गया है. डोनाल्ड ट्रंप ने उस आदेश पर अपनी कलम भी चला दी है. जी हां, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिक्षा विभाग को ‘खत्म’ करने के उद्देश्य से एक आदेश पर हस्ताक्षर किए. यह अमेरिकी दक्षिणपंथियों का दशकों पुराना लक्ष्य रहा है. वो चाहते हैं कि अलग-अलग राज्य संघीय सरकार से मुक्त होकर खुद स्कूलों का संचालन करें. व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में डेस्क पर बैठे स्कूली बच्चों से घिरे डोनाल्ड ट्रंप एक खास समारोह में हस्ताक्षर करने के बाद आदेश दिखाते हुए मुस्कुरा रहे थे. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह आदेश संघीय शिक्षा विभाग को हमेशा के लिए खत्म करने की शुरुआत करेगा. हम इसे बंद करने जा रहे हैं और जितनी जल्दी हो सके इसे बंद कर देंगे. यह हमारे लिए कुछ नहीं कर रहा है. हम शिक्षा को वापस राज्यों को सौंपने जा रहे हैं, जहां यह होना चाहिए.’ हालांकि, यह भी सच है कि 1979 में बनाए गए अमेरिकी शिक्षा विभाग को कांग्रेस की मंजूरी के बिना बंद नहीं किया जा सकता है. लेकिन ट्रंप के आदेश में इसे फंड और स्टाफ से वंचित करने की शक्ति होने की संभावना है. यह कदम डोनाल्ज ट्रंप के एक चुनावी वादे को पूरा करता है. यह सरकार के क्रूर बदलाव के अब तक के सबसे कठोर कदमों में से एक है जिसे ट्रंप टेक टाइकून एलन मस्क की मदद से अंजाम दे रहे हैं. आदेश में शिक्षा सचिव लिंडा मैकमोहन को ‘शिक्षा विभाग को बंद करने और शिक्षा प्राधिकरण को राज्यों को वापस करने की सुविधा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने’ का निर्देश दिया गया है. शिक्षा विभाग को आखरि ट्रंप ने क्यों किया ‘बंद’? ट्रंप ने राष्ट्रपति की कुर्सी पर वापसी के लिए अपने चुनावी कैंपेन में एक वादा किया था- वादा था कि शिक्षा का विकेंद्रीकरण करने का. यानी केंद्र सरकार के हाथ में शिक्षा की बागड़ोर नहीं होगी. उन्होंने कहा था कि वह विभाग की शक्तियों को राज्य सरकारों को सौंप देंगे, जैसा कि कई रिपब्लिकन दशकों से चाहते थे. बता दें कि परंपरागत रूप से, अमेरिका में शिक्षा में फेडरल सरकार (केंद्रीय सरकार) की सीमित भूमिका रही है. प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों के लिए केवल 13 प्रतिशत फंड केंद्र के खजाने से आता है. बाकी राज्यों और स्थानीय समुदायों द्वारा वित्त पोषित किया जाता है. लेकिन कम आय वाले स्कूलों और विशेष जरूरतों वाले छात्रों के लिए केंद्र से आने वाला फंड अमूल्य है, उनके चलने का जरीया है. अब तक फेडरल सरकार छात्रों के लिए प्रमुख नागरिक अधिकार सुरक्षा लागू करने में आवश्यक रही है.

मुख्यमंत्री मोहन यादव की दो विदेश यात्राओं पर 18 करोड़ रुपये से ज़्यादा का खर्च आया

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव की दो विदेश यात्राओं पर 18 करोड़ रुपये से ज़्यादा का खर्च आया। यह जानकारी सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में दी। कांग्रेस MLA पंकज उपाध्याय ने इस बारे में सवाल पूछा था। मुख्यमंत्री यादव, जो उद्योग नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख भी हैं, ने लिखित में इसका जवाब दिया। जवाब के अनुसार, मुख्यमंत्री यादव 24 से 30 नवंबर 2024 के बीच UK और जर्मनी गए थे। वहां उन्होंने निवेशकों के साथ बातचीत की। इस यात्रा का अस्थायी खर्च 1,075.55 लाख रुपये (10 करोड़ रुपये से ज़्यादा) था। उनकी दूसरी यात्रा 27 जनवरी से 1 फरवरी तक जापान की थी। इस पर 731.72 लाख रुपये (7 करोड़ रुपये से ज़्यादा) खर्च हुए। दोनों यात्राओं का कुल खर्च 1,807.27 लाख रुपये (18 करोड़ रुपये से ज़्यादा) था। एडवांस में भी मिले थे रूपए सरकार ने बताया कि यात्राओं के लिए 1,244.27 लाख रुपये (12 करोड़ रुपये से ज़्यादा) एडवांस में दिए गए थे। मुख्यमंत्री की इन दो विदेश यात्राओं का मकसद ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 को सफल बनाना था। यह समिट भोपाल में 24 और 25 फरवरी को हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। निवेश के लिए की थी यात्राएं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच UK, जर्मनी और जापान की यात्राएं कीं। इन यात्राओं का मकसद प्रदेश में निवेश लाना था। इन यात्राओं पर कुल 18 करोड़ रुपये से ज़्यादा का खर्च आया। यात्राओं के दौरान निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ बैठकें हुईं। निवेशकों से निवेश के प्रस्ताव भी मिले। जवाब में यह भी बताया गया कि जर्मनी और UK की यात्रा में मुख्यमंत्री के साथ 15 लोग गए थे। जापान की यात्रा में 12 लोग साथ थे। इनमें एक पत्रकार, एक वीडियो पत्रकार, MPIDC के सलाहकार, MPIDC के नॉलेज पार्टनर, IAS अधिकारी और अन्य सरकारी अधिकारी शामिल थे। दोनों यात्राओं के सफल रहने का दावा UK और जर्मनी से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी यात्रा बहुत सफल रही। उन्होंने कहा था कि इस यात्रा से लगभग 78,000 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। इसी तरह, जापान से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान-मध्य प्रदेश औद्योगिक सहयोग मंच बनाने का प्रस्ताव मंजूर हो गया है। इससे मध्य प्रदेश में जापानी इंडस्ट्रियल पार्क, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब बनेंगे। इसके अलावा, जापानी निवेशकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने के लिए एक जापान प्लस सेल भी बनाया जाएगा। जीआईएस में मिले 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के बाद मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि दो दिन का GIS राज्य की तरक्की में एक सुनहरा अध्याय था। सरकार ने बताया कि GIS में 26.61 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं।

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