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उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ते प्रदेश के कदम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एम्स भोपाल के चिकित्सकों ने मध्यप्रदेश में शासकीय क्षेत्र का पहला ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (टीएवीआई) सफलतापूर्वक किया है। यह प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर इस गौरवशाली सफलता के लिए एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह सहित सम्पूर्ण चिकित्सा दल को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  

क्या है CCTV और 7 करोड़ की रिश्वत वाला केस, सत्येंद्र जैन पर एक और मुसीबत

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे सत्येंद्र जैन की मुसीबतें लगातार बढ़ रही हैं। वरिष्ठ ‘आप’ नेता के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हो गया है। दिल्ली की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 571 करोड़ रुपए के सीसीटीवी प्रॉजेक्ट में कथित धांधली से जुड़े मामले में जैन पर 7 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। दिल्ली सरकार ने सभी 70 विधानसभा सीटों में कुल 1.4 लाख सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए 571 करोड़ के प्रॉजेक्ट को मंजूरी दी थी। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को इसका ठेका दिया गया था। लेकिन सीसीटीवी इंस्टॉल करने में देरी की वजह से कंपनी पर 16 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था। आरोप है कि सत्येंद्र जैन ने 7 करोड़ रुपए की रिश्वत लेकर यह जुर्माना माफ कर दिया। एसीबी के जॉइंट कमिश्नर मधुर वर्मा की ओर से बताया गया कि आरोप सबसे पहले एक न्यूज आर्टिकल से सामने आया था जिसमें बताया गया था कि प्रॉजेक्ट के नोडल ऑफिसर सत्येंद्र जैन को देने के लिए 7 करोड़ रिश्वत की व्यवस्था की गई थी। एसीबी ने इसके सत्यापन के लिए बीईएल के एक अधिकारी से पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने आरोपों का समर्थन करते हुए इस मामले में विस्तृत शिकायत भी दी। 23 अगस्त 2019 को मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सीसीटीवी कैमरा लगाने में हुई देरी को लेकर तबकी दिल्ली सरकार ने बीईएल पर 16 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। हालांकि, शिकायत के मुताबिक, ना सिर्फ 16 करोड़ रुपए माफ किए गए, बल्कि 1.4 लाख और कैमरे लगवाने के लिए बीईएल से ही समझौता किया गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि 7 करोड़ की रिश्वत उसी ठेकेदार के जरिए दी गई जिसे 1.4 लाख अतिरिक्त कैमरे लगाने का ठेका मिला। एसीबी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने कहा कि पूरे प्रॉजेक्ट को घटिया तरीके से अंजाम दिया गया और पीडब्ल्यूडी को सौंपे जाने के वक्त ही बहुत से कैमरे खराब हो चुके थे। एसीबी ने कहा है कि केस चलाने के लिए मंजूरी पहले ही ली जा चुकी है।

आज से शुरू हुए यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन

प्रयागराज उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आज से शुरू हो गया। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि प्रदेशभर में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए कुल 261 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं जहां मूल्यांकन आज शुरू हो गया। यह मूल्यांकन कार्य 2 अप्रैल 2025 को संपन्न होगा। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी ना हो इसके लिए यहां यूपी बोर्ड परिसर में बने कंट्रोल रूम से मूल्यांकन कार्य पर पैनी नजर रखी जा रही है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में जारी किए जाएंगे परीक्षाओं के परिणाम मिली जानकारी के मुताबिक, सिंह ने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया पर कई स्तर पर निगरानी की जा रही है। जिला स्तर पर, मंडल स्तर पर और यूपी बोर्ड के 5 क्षेत्रीय कार्यालयों में मूल्यांकन पर ऑनलाइन नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, यूपी बोर्ड और लखनऊ स्थित कैंप कार्यालय के जरिए भी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के परिणाम अप्रैल के अंतिम सप्ताह में जारी किए जाएंगे। 15 दिनों में पूरी होगी 3 करोड़ कॉपियों की जांच बताया जा रहा है कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में 1,63,22,248 लिखित उत्तर पुस्तिकाओं के लिए 84,122 परीक्षक और 8,437 उप प्रधान परीक्षक नियुक्त किए गए हैं, जबकि इंटरमीडिएट में 1,33,71,607 लिखित उत्तर पुस्तिकाओं के लिए 50,601 परीक्षक और 5,471 उप प्रधान परीक्षक नियुक्त किए गए हैं। प्रदेश में कुल 8,140 परीक्षा केंद्रों में 24 फरवरी से 12 मार्च, 2025 तक यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं संपन्न कराई गईं जिसमें हाईस्कूल की परीक्षा में कुल 25,56,992 छात्र-छात्राएं और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 25,77,733 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। 

अमेरिका में काम करने वाले मजदूरों को अच्छा वेतन मिलता है, खासकर कंस्ट्रक्शन मजदूरों को, जानकर हो जाएंगे हैरान

वाशिंगटन अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है, जिसकी कुल अर्थव्यवस्था लगभग 28 ट्रिलियन डॉलर की है। यह दुनिया की हर बड़ी कंपनी का घर भी है और यहां की कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री भी काफी विकसित है। अमेरिका में काम करने वाले मजदूरों को अच्छा वेतन मिलता है, खासकर कंस्ट्रक्शन मजदूरों को, जो अपने दिन-प्रतिदिन के काम से अमेरिका के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती प्रदान करते हैं। अगर हम अमेरिका में कंस्ट्रक्शन मजदूर की सैलरी की बात करें तो एक औसत मजदूर को हर महीने लगभग $4000 (लगभग 3 लाख रुपये) तक सैलरी मिलती है। हालांकि, यह आंकड़ा अलग-अलग राज्यों और काम के प्रकार के अनुसार भिन्न हो सकता है। कंस्ट्रक्शन मजदूर के काम की प्रकृति कंस्ट्रक्शन मजदूरों का काम कई प्रकार का होता है। ये वे लोग होते हैं जो घरों, बिल्डिंगों, दुकानों और अन्य संरचनाओं को बनाने का काम करते हैं। अमेरिका में लगभग 10 लाख लोग कंस्ट्रक्शन मजदूरी के तौर पर काम करते हैं। इनमें से कुछ मजदूर भवन निर्माण, सड़क निर्माण, पेंटिंग, और दूसरी असंरचित श्रेणियों में काम करते हैं। कंस्ट्रक्शन मजदूर को प्रति घंटा कितनी सैलरी मिलती है? एक कंस्ट्रक्शन मजदूर को औसतन $23.69 प्रति घंटा की दर से वेतन मिलता है। इसका मतलब यह है कि यदि कोई कंस्ट्रक्शन मजदूर सप्ताह में 40 घंटे काम करता है तो वह एक महीने में लगभग $4000 (लगभग 3 लाख रुपये) कमा सकता है। इसके अलावा, कंस्ट्रक्शन मजदूर का औसतन सलाना वेतन लगभग $49,280 (लगभग 37 लाख रुपये) होता है। यह वेतन अमेरिकी कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री के लिए एक आम आंकड़ा है, लेकिन इसमें कई भिन्नताएं हो सकती हैं जैसे कि व्यक्ति की कौशल स्तर, अनुभव, और काम की कठिनाई के आधार पर। अमेरिका में कंस्ट्रक्शन मजदूर के फायदे अमेरिका में कंस्ट्रक्शन मजदूरों को कई प्रकार के लाभ मिलते हैं, जैसे कि: स्वास्थ्य बीमा: कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करती हैं। पेंशन और रिटायरमेंट फंड: कामकाजी जीवन के अंत में कर्मचारियों के लिए पेंशन और रिटायरमेंट योजनाएं होती हैं। अवकाश लाभ: छुट्टियों और स्वास्थ्य अवकाश का लाभ भी दिया जाता है।  

65 जमीन मालिकों के चलते रुका बिलासपुर-उरगा राष्ट्रीय राजमार्ग

बिलासपुर केंद्र सरकार के भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बिलासपुर-उरगा राष्ट्रीय राजमार्ग -130 ए भूमि बटांकन विवाद के कारण अधर में लटका हुआ है। 1,520 करोड़ रुपये की इस परियोजना का काम वर्ष 2022 में शुरू हुआ था और इसे 2025 जून तक पूरा किया जाना है। बटांकन विवाद और प्रशासनिक ढिलाई के चलते अब तक काम ठप है। प्रधानमंत्री कार्यालय इस पर लगातार नजर रखे हुए है। बिलासपुर के ढेका गांव से उरगा तक 70 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना का काम ढेका की लगभग आधा किलोमीटर की भूमि पर बटांकन विवाद के चलते रुका हुआ है। कमिश्नर कोर्ट से नहीं आया है फैसला लगभग 65 जमीन मालिकों की भूमि योजना के चलते प्रभावित हो रही है। यही जमीन बटांकन में विभाजन को लेकर असहमति बनी हुई है। कई लोगों ने बटांकन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होने और अनियमितता के आरोप लगाए हैं। मामला आयुक्त न्यायालय में चल रहा है। कमिश्नर कोर्ट से अंतिम फैसला आने तक काम शुरू नहीं हो सकता। जमीन बटांकन को लेकर चल रहे विवाद की जानकारी लगते ही कलेक्टर अवनीश शरण लगभग दो माह पूर्व ढेका-उरगा नेशनल हाइवे 130 ए परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण किया था। उन्होंने एसडीएम को जल्द से जल्द बटांकन विवाद को सुझाने व प्रोजक्ट को तय समय सीमा में पूरा करने निर्देश दिए थे। जून 2025 तक पूरा करना था प्रोजेक्ट का काम बिलासपुर-उरगा एनएच 130 ए परियोजना 2022 में शुरू हुई थी और 2025 जून तक पूरी होने की समय-सीमा है। प्रोजेक्ट बटांकन विवाद व आयुक्त न्याय प्रशासन की सुस्ती के चलते काम अधर में लटका है। प्रशासन ने समय रहते विवाद सुलझाया होता, तो यह सड़क अब तक बनकर तैयार होने की कगार पर होती। इस देरी के कारण न सिर्फ लागत बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास भी प्रभावित होगा। भारतमाला परियोजना के फायदे     बिलासपुर से कोरबा सिर्फ एक घंटा में पहुंच सकेंगे।     बेहतर परिवहन से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।     स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।     पिछड़े क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।  

आतंकियों को पनाह देने वालों पर गिरी गाज, NIA ने जम्मू में 12 ठिकानों पर मारी रेड

नई दिल्ली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों की घुसपैठ की घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए बड़ा एक्शन लिया है। बीते दिनों सीमा पार से घुसपैठ की घटनाओं में इजाफा होने के बाद NIA ने जम्मू में 12 ठिकानों पर रेड किया है। अधिकारियों ने बताया है कि जिन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया गया है उनमें आतंकवादी समूहों को मदद करने वाले ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) शामिल हैं जो भारत में आने वाले आतंकवादियों को लॉजिस्टिक्स, सुरक्षित ठिकाने और रास्ता मुहैया कराने में मदद करते हैं। इससे पहले NIA ने पिछले साल 24 अक्टूबर को हुए घुसपैठ से संबंधित घटनाओं में इन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा और LOC के जरिए भारत में लश्कर और जैश से जुड़े सक्रिय आतंकवादियों को मदद पहुंचाई थी। एनआईए के एक अधिकारी के मुताबिक, “जम्मू क्षेत्र के गांवों में रहने वाले ओजीडब्ल्यू और अन्य आतंकी गुटों ने इन घुसपैठियों की मदद की थी। इन्होंने आतंकवादियों को खाना पीना, शरण और पैसे भी दिए थे।” अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध हाइब्रिड आतंकवादी और ओजीडब्ल्यू प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की शाखाओं से जुड़े हुए हैं। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस साल अब तक जम्मू-कश्मीर पर केंद्रित तीन सुरक्षा समीक्षा बैठक कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया है।

देश अपने हितों की रक्षा के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं, पसंद हो या न हो, टैरिफ वॉर पर जयशंकर की दो टूक

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक व्यापार में बढ़ते शुल्क (टैरिफ) और प्रतिबंधों की प्रवृत्ति को एक सच्चाई बताते हुए कहा कि विभिन्न देश अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “चाहे हमें यह पसंद हो या न हो, टैरिफ और प्रतिबंध आज एक हकीकत हैं, और देश अपने हितों की रक्षा के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं।” उनके इस बयान को हाल के वैश्विक घटनाक्रमों के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां व्यापार और वित्त को रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। जयशंकर ने यह टिप्पणी नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग के दौरान “कमिसार्स एंड कैपिटलिस्ट्स: पॉलिटिक्स, बिजनेस एंड न्यू वर्ल्ड ऑर्डर” नामक पैनल चर्चा में की। आर्थिक गतिविधियों का बढ़ता सैन्यीकरण जयशंकर ने कहा, “टैरिफ और प्रतिबंध आज की हकीकत हैं, देश इनका उपयोग करते हैं। यदि हम पिछले एक दशक पर नजर डालें, तो हमने देखा है कि किसी भी प्रकार की क्षमता या आर्थिक गतिविधि का बड़े पैमाने पर सैन्यीकरण किया गया है। इसमें वित्तीय प्रवाह, ऊर्जा आपूर्ति और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यापार केवल लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार और समग्र राष्ट्रीय शक्ति से भी जुड़ा हुआ है। जयशंकर ने कहा, “आप अपने व्यवसाय के लिए लड़ते हैं, क्योंकि यह आपके रोजगार और समग्र राष्ट्रीय शक्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।” अंतरराष्ट्रीय संबंधों में आ रही “कम प्रतिबंधित संस्कृति” जयशंकर ने बताया कि आज अंतरराष्ट्रीय संबंध पहले की तुलना में कम प्रतिबंधित हो गए हैं। उन्होंने कहा, “आज विभिन्न डोमेन के बीच विभाजन की रेखाएं मिट रही हैं। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी यह बदलाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। यदि हम एक दशक पहले की स्थिति देखें, तो आज की तुलना में वह ज्यादा संतुलित थी।” अमेरिका-भारत व्यापारिक तनाव पर व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने भारत सहित विभिन्न देशों से आयातित वस्तुओं पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इससे पहले, 13 मार्च को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने अमेरिका पर विभिन्न देशों द्वारा लगाए गए टैरिफ पर चिंता जताई थी। उन्होंने भारत द्वारा अमेरिकी शराब और कृषि उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ का विशेष रूप से उल्लेख किया। प्रेस वार्ता के दौरान लेविट ने कहा, “मेरे पास विभिन्न देशों द्वारा लगाए गए टैरिफ का एक चार्ट है। अगर आप कनाडा की बात करें तो अमेरिकी पनीर और मक्खन पर लगभग 300% शुल्क है।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप निष्पक्ष और संतुलित व्यापार नीति में विश्वास रखते हैं और जवाबी (रेसिप्रोसिटी) के सिद्धांत का पालन करना चाहते हैं। वैश्विक व्यापार में शक्ति संतुलन की नई दिशा जयशंकर के बयान इस बात की ओर संकेत करते हैं कि आज के दौर में व्यापार केवल आर्थिक गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भू-राजनीतिक और राष्ट्रीय शक्ति समीकरण का भी अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

सऊदी अरब ने इस टी20 लीग के लिए 500 मिलियन यूएस डॉलर का निवेश करने का फैसला किया, शुरू करना चाहता है मेगा T20 लीग

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल की लोकप्रियता को देखते हुए दुनियाभर में टी20 लीग शुरू हो गई हैं। हालांकि, जो औहदा इस समय आईपीएल का है, उसका कोई तोड़ नहीं है। ऐसे में एक नई सोच के साथ सऊदी टी20 लीग की नींव रखी जा रही है। खुद सऊदी अरब ने इस टी20 लीग के लिए 500 मिलियन यूएस डॉलर का निवेश करने का फैसला किया है। जिस तरह टेनिस में ग्रैंड स्लैम खेले जाते हैं। उसी तरह की ये लीग बनाने की योजना है। फाइनल सऊदी अरब में खेला जाएगा। चार अलग-अलग स्थानों पर मैच आयोजित कराने का प्लान है। हालांकि, इस पर इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी अड़ंगा डाल सकता है। सऊदी अरब की एसआरजे स्पोर्ट्स इन्वेस्टमेंट्स ने इस लीग में निवेश करने का फैसला किया। ये देश के 1 ट्रिलियन डॉलर सॉवरेन वेल्थ फंड (पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड) की सहायक कंपनी है। यह कॉन्सेप्ट नील मैक्सवेल के दिमाग की उपज है, जो एक पूर्व फर्स्ट क्लास क्रिकेटर हैं, जिन्होंने न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया का प्रतिनिधित्व किया है और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस के वर्तमान प्रबंधक हैं। मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स एसोसिएशन और क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स के बोर्ड में भी प्रमुख पदों पर कार्य किया है। इस लीग का मुख्य उद्देश्य है कि इससे जो कमाई होगी, वह उन देशों को सपोर्ट करेगी, जो टेस्ट क्रिकेट में पीछे हैं। इस लीग में सबसे बड़ी समस्या खिलाड़ियों की उपलब्धता होगी, क्योंकि खिलाड़ी पहले से ही बिजी शेड्यूल का हिस्सा हैं। इस टूर्नामेंट के लिए शेड्यूल और स्लॉट निकालना सभी के लिए चुनौती भरा होगा। बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों को किसी भी ओवरशीज लीग में खेलने की अनुमति नहीं देती है। इसके अलावा इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने इस लीग से अपना समर्थन वापस ले लिया है। सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड को ईसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड गॉल्ड ने कहा है कि इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड लीग का समर्थन नहीं करेगा। इसका कारण है कि इसके लिए समय नहीं है। उन्होंने कहा, “व्यस्त इंटरनेशनल कैलेंडर, दुनिया भर में स्थापित फ्रेंचाइजी लीगों की मेजबानी और खिलाड़ियों के कार्यभार के बारे में मौजूदा चिंताओं को देखते हुए, इस तरह के विचार की कोई गुंजाइश या मांग नहीं है। यह ऐसी बात नहीं है जिसका हम समर्थन करेंगे।” रिपोर्ट के अनुसार, ईसीबी द हंड्रेड लीग को बचाने के लिए उत्सुक है, जिसने हाल ही में निजी निवेशकों को फ्रेंचाइजी हिस्सेदारी बेची है। बीसीसीआई और सीए भी अपनी-अपनी टी20 लीग को सुरक्षित रखने के लिए उत्सुक होंगे।

भाषण ने इलाके में सांप्रदायिक तनाव को भड़काया, जिससे हिंसा भड़क उठी, फहीम खान निकला मास्टरमाइंड

नागपुर नागपुर में सोमवार रात हुई हिंसा के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन शहर के कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू जारी है। इस बीच नागपुर पुलिस ने बुधवार को फहीम शमीम खान की पहली फोटो जारी की है। फहीम 17 मार्च को शहर में हुए सांप्रदायिक हिंसा का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इस हिंसा में कई लोग घायल हो गए थे।फहीम खान एमडीपी का नगर अध्यक्ष है और नागपुर के यशोधरा नगर में संजय बाग कॉलोनी में रहता है। सांप्रदायिक झड़पों के सिलसिले में दर्ज की गई एफआईआर में उसका नाम आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि फहीम खान ने झड़प शुरू होने से कुछ समय पहले कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि उनके भाषण ने इलाके में सांप्रदायिक तनाव को भड़काया, जिससे हिंसा भड़क उठी। गडकरी के खिलाफ लड़ा था चुनाव फहीम खान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में नागपुर सीट से अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से 6.5 लाख से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हार गया था। नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंद्र कुमार सिंघल ने बताया कि दोपहर बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में दो हजार से अधिक सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और दंगा नियंत्रण पुलिस (आरसीपी) द्वारा पुलिस उपायुक्त रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में गश्त की जा रही है। औरंगजेब की कब्र को लेकर हुई थी झड़प सोमवार रात साढ़े सात बजे के करीब मध्य नागपुर में हिंसा भड़क गई थी और पुलिस पर पथराव किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि यह हिंसा इस अफवाह के बाद फैली कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान एक समुदाय के धार्मिक ग्रंथ को जला दिया गया। हिंसा में 34 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया, जिससे लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लग गई। पुलिस के अनुसार, अब कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकडगंज, पाचपावली, शांति नगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाडा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्र में आने वाले इलाकों में कर्फ्यू प्रभावी है। पुलिस के द्वारा कहा गया कि कर्फ्यू के दौरान संबंधित इलाकों के पुलिस उपायुक्त सड़कों पर वाहनों की आवाजाही के बारे में निर्णय लेंगे। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार रात हुई हिंसा में तीन पुलिस उपायुक्तों समेत 12 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पथराव और आगजनी के सिलसिले में अब तक करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पत्नी की गला घोंटकर हत्या, रातभर हत्या को आत्महत्या दर्शाने की करता रहा कोशिश , पुलिस से बोला- पंखे में फंस गई थी साड़ी

इंदौर लसूड़िया थाना क्षेत्र में पति ने विवाद के बाद पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर डाली। रातभर हत्या को आत्महत्या दर्शाने की कोशिश करता रहा। छोटे बच्चों को भी उसने झूठे बयान रटाए। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने बच्चे से अकेले में पूछताछ की, तो टूट गया। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। चौकीदारी करता था परिवार, झोपड़ी में रहता था टीआई तारेश सोनी के मुताबिक, 46 वर्षीय शीला निवासी सिद्ध विहार कॉलोनी की मौत हुई है। शीला और उसका पति मदन ज्ञानशीला कॉलोनी में चौकीदारी करते है। दोनों झोपड़ी बनाकर दो बच्चों के साथ कॉलोनी में ही रहते हैं। शीला मजदूरी भी करती थी। सोमवार रात रुपयों को लेकर विवाद हो गया। ठेकेदार से रुपए न लेने की बात पर मदन ने शीला के साथ मारपीट कर डाली। गुस्से में उसने शीला का गला घोंट दिया। दम घुटने से शीला की मौत हो गई। मदन रात भर हत्या को आत्महत्या बताने में जुट गया। सबसे पहले वह खुद ऑटो रिक्शा से एक डॉक्टर के पास दिखाने ले गया। मृत बताने पर घर लेकर आया और शव को पलंग पर लिटा दिया। मदन के दो बेटे हैं। एक की उम्र 8 साल और दूसरे की 5 साल है। उसने बच्चों से कहा कि पुलिस पूछताछ करेगी। तुम बता देना कि मम्मी की साड़ी पंखे में अटक गई थी। उजाला होने पर मदन ने कॉलोनी के रहवासियों को बुलाया और कहा कि उसकी पत्नी मर गई। झोपड़ी में पंखा नीचे है। गलती से साड़ी पंखे में अटक गई और दम घुटने से शीला की मौत हो गई।  

PM मोदी ग्रेट लीडर हैं, पुतिन ने उनसे बात करने के बाद ही रोकी जंग, मुरीद हुए पोलैंड के नेता

मॉस्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच दो घंटे लंबी वार्ता हुई। इसके बाद यूक्रेन और रूस के बीच तीन सालों से चली आ रही जंग में सीजफायर पर सहमति बन गई। इस तरह एक जंग के रुकने के पीछे पीएम नरेंद्र मोदी को भी वजह माना जा रहा है। पोलैंड के उप-विदेश मंत्री व्लादिस्लॉ बारतोसज्विस्की ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के रुख के चलते ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा, ‘व्लादिमीर पुतिन लगातार परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे रहे थे। उनका कहना था कि यूक्रेन पर इन हथियारों का इस्तेमाल किया जाएगा। अमेरिकी लगातार उनसे कह रहे थे कि ऐसा न किया जाए। व्लादिमीर पुतिन को इस हमले के अंजाम के बारे में बचाया जा रहा था। लेकिन वह नहीं माने।’ पोलैंड के लीडर ने कहा, ‘फिर व्लादिमीर पुतिन के पास दो फोन कॉल आए। एक चीन से और दूसरा भारत से पीएम नरेंद्र मोदी का। चीन और भारत दोनों ने ही परमाणु जंग करने को मंजूरी नहीं दी। दोनों देशों ने कहा कि ऐसा करना गलत होगा। हम ऐसी जंग का समर्थन नहीं करते हैं। रूस इन दोनों देशों को अपना दोस्त मानता है। इसके बाद भी उनकी ओर से जंग के लिए मना करने से उन्हें पीछे हटना ही सही लगा। इसलिए पीएम मोदी ने यूक्रेन और रूस की जंग को रुकवाने में अहम भूमिका अदा की। वह एक महान राजनेता हैं।’ बता दें कि यूक्रेन के नेता वोलोदिमीर जेलेंस्की भी कह चुके हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी इसमें अहम भूमिका अदा कर सकते हैं। उनका कहना था कि व्लादिमीर पुतिन से अच्छे संबंधों का इस्तेमाल करते हुए वह जंग रुकवा सकते हैं। मंगलवार की शाम को दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद क्रेमलिन ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर 30 दिनों के लिए हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने के पांच दिनों बाद दुनियाभर के कई नेताओं से बात की थी, जिनमें रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी शामिल थे। तभी से माना जा रहा था कि ट्रंप अब पुतिन के साथ अपने रिश्तों का इस्तेमाल करते हुए जंग रुकवा सकते हैं। इसके लिए उन्होंने पहले यूक्रेनी नेता वोलोदिमीर जेलेंस्की को राजी किया और फिर व्लादिमीर पुतिन को भी सहमत किया गया। इसके लिए सऊदी अरब ने मध्यस्थ की भूमिका अदा की और वहीं पर यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधियों की बात भी हुई।

महिला पुलिस की वर्दी उतारने की कोशिश, हिंसा के 19 आरोपियों को 21 मार्च तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया

नागपुर नागपुर में हुई हिंसा की जांच जारी है। इसी बीच खबर है कि हिंसा के दौरान एक उपद्रवी ने ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी की गई है। खबर है कि उनकी वर्दी भी उतारने की कोशिश की गई। फिलहाल, इसे लेकर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। फिलहाल, हिंसा के 19 आरोपियों को 21 मार्च तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक आरोपी ने कथित तौर पर महिला पुलिस कर्मी की वर्दी और शरीर को आपत्तिजनक तरीके से छुआ, अश्लील इशारे किए और बदसलूकी की। इस संबंध में गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में FIR भी दर्ज कराई गई है। महिला पुलिस अधिकारी RCP स्क्वॉड में शामिल थीं। खबरें ये भी हैं कि आरोपी ने उनकी वर्दी उतारने की भी कोशिश की थी। फिलहाल, यह साफ नहीं है कि आरोपी की पहचान हो चुकी है या नहीं और उसे गिरफ्तार किया गया है या नहीं। हिंसा के लगातार दूसरे दिन भी नागपुर शहर का माहौल पूरी तरह से शांत नहीं है। 11 पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू के साथ भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात रहा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे साजिश करार दिया था। साथ ही उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा जताया था। शिकायत में यह भी बताया गया है कि उसी आरोपी ने वहां मौजूद अन्य महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी बदसलूकी की थी। कहा जा रहा है कि भीड़ ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को डराने कि लिए उनकी ओर देखकर गंदे इशारे किए और अभद्र टिप्पणियां की थीं। अब क्या हैं नागपुर के हाल पुलिस आयुक्त रविंद्र कुमार सिंघल ने बताया कि दोपहर बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में दो हजार से अधिक सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और दंगा नियंत्रण पुलिस (आरसीपी) द्वारा पुलिस उपायुक्त रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में गश्त की जा रही है। सोमवार रात साढ़े सात बजे के करीब मध्य नागपुर में हिंसा भड़क गई थी और पुलिस पर पथराव किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि यह हिंसा इस अफवाह के बाद फैली कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान एक समुदाय के धार्मिक ग्रंथ को जला दिया गया। हिंसा में 34 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया, जिससे लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लग गई।

प्रदेश के 13 जिलों में आंधी व वर्षा होने की संभावना, 30 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से चल सकती है हवा

भोपाल वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर दो मौसम प्रणालियां सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदलने लगा है। बुधवार को बादल छा सकते हैं। प्रदेश के 13 जिलों छतरपुर, पन्ना, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, बालाघाट, मंडला, सीधी एवं सिंगरौली में आंधी व वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। सबसे अधिक 37 डिग्री सेल्सियस तापमान धार एवं रतलाम में दर्ज किया गया। रात का सबसे कम 14.5 डिग्री सेल्सियस तापमान नौगांव में रिकार्ड हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 13.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञानी अभिजीत चक्रवर्ती ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ दक्षिण-पूर्वी ईरान एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है।    मध्य छत्तीसगढ़ से लेकर कर्नाटक तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसके प्रभाव से 13 जिलों में वर्षा व आंधी की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि बुधवार से छत्तीसगढ़ एवं उससे लगे पूर्वी मध्य प्रदेश में असर होगा। बंगाल की खाड़ी से आने वाली दक्षिण-पूर्वी एवं अरब सागर से उत्तर-पश्चिमी हवा का सम्मिलन होगा।  इस वजह से 19 से 22 मार्च तक बादल बने रहने के साथ-साथ कुछेक स्थानों पर वर्षा होने के आसार हैं। दिल्ली का मौसम अपडेट दिल्ली में इस समय मौसम सुहाना है और दिन गर्म हो रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में ठंड का दौर खत्म हो गया है और मौसम अब हल्का हो गया है। अधिकतम तापमान में वृद्धि देखी गई है, जिसके मार्च के अंत तक और बढ़ने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस सप्ताह अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। यह डेटा संकेत देता है कि महीने के अंत तक दिल्ली 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, देश के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का प्रकोप शुरू हो गया है।  

आगामी 22 मार्च किया जायेगा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

जयपुर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आगामी 22 मार्च, शनिवार को किया जायेगा। राजस्व मंडल में लोक अदालत के तहत आपसी समझाइश योग्य राजस्व प्रकरणों का निस्तारण करने को लेकर राजस्व मंडल स्तर पर बैंच का गठन किया गया है। अतिरिक्त निबंधक (न्याय) श्री हेमन्त स्वरूप माथुर ने बताया कि  लोक अदालत के लिए राजस्व मण्डल स्तर से सदस्य श्री राजेश कुमार दड़िया (न्यायिक अधिकारी) व सदस्य श्री मदनलाल नेहरा की बैंच का गठन किया गया है। राजस्व मण्डल, अजमेर में 22 मार्च, शनिवार को प्रातः 10:30 बजे दीप प्रज्वलन कर लोक अदालत का शुभारम्भ किया जायेगा, जिसमें पक्षकारों के मध्य आम सहमति व समझाइश के आधार पर अधिक से अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया जायेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अजमेर के द्वारा जारी निर्देशों की पालना में राजस्व मण्डल में सेवानिवृत्त आर.ए.एस अधिकारी श्री सुरेश कुमार सिन्धी के स्तर से मार्गदर्शक के रूप में पक्षकारों के साथ समझाइश / काउन्सलिंग का कार्य किया गया। बड़ी संख्या में प्रकरणों की निस्तारण के प्रयास किये जा रहे हैं। राजस्व मंडल प्रशासन के स्तर से राष्ट्रीय लोक अदालत को पूर्ण सफल बनाने की दिशा में सभी स्तर से तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।

यूपीएससी परीक्षा में ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को झटका, उम्मीदवारों को आयु सीमा में नहीं मिलेगी छूट

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानि ईडब्ल्यूएस को आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट दिए जाने की मांग के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद पूर्व में सुरक्षित किया गया आदेश सुना दिया। कोर्ट ने 20 याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की बहस के मूलभूत बिंदुओं को अभिलेख पर लिया था। इसी के साथ अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया था। जिसे सार्वजनिक करते हुए मांग अस्वीकार कर दी।   दरअसल, सतना निवासी आदित्य नारायण पांडे सहित 20 ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों की ओर से याचिकाएं दायर की गई थीं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल सहित अन्य ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पक्ष रखा था। इन्होंने रखा पक्ष आशुतोष चौबे व काशी प्रसाद शुक्ला एवं अन्य और प्रदीप कुमार मिश्रा सहित अन्य की याचिकाओं में वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह, रमेश प्रजापति, एस कौल ने पक्ष रखा था। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि जिस तरह पूर्व में माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में ईडब्ल्यूएस को पांच वर्ष की आयु सीमा की छूट का लाभ दिया गया था, उसी तरह संघ लोक सेवा आयोग यानि यूपीएससी की सिविल सर्विसेज परीक्षा-2025 के ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को भी मिलना चाहिए।   ऐसा इसलिए भी क्योंकि ईडब्ल्यूएस भी एससी, एसटी व ओबीसी की भांति आयु सीमा में छूट के लाभ के अधिकारी हैं। केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह केंद्रीय भर्तियों में अन्य वर्गों की भांति ईडब्ल्यूएस को भी आयु सीमा में छूट का प्रविधान करे।  

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